- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 138,074
अपडेट - 122
वह एल्फ नेशन में इतना कुछ हो रहा tha....wahi दूसरी taraf.....Fumos पे लूसिफ़ेर की मुलाकात उसके बेटे से हो गयी थी......
उस इम्मोर्टल ने पहले तो कुछ वक़्त तक कोशिश kari......ki लूसिफ़ेर को पावर्स की लालच देके उसको रोकक के रखा jaaye......par अच्चानक पता नहीं उसके दिम्माग में क्या aaya......usne खुद से एक पोर्टल खोल दिया लूसिफ़ेर के saamne......aur लूसिफ़ेर के ऊपर से अपने सारे जादू वापस ले liye......haa पर लूसिफ़ेर के ऊपर फोमोस पे जो उसके जादू करे गए थे वो सब के सब काम कर hi रहे the....usme कोई अंतर नहीं आया था......
मतलब उसके पास अभी भी फोमोस पे आने पे जो ताक़त मिली थी वो सब तो थी hi उसके पास......
अब जब पोर्टल खुला तो लूसिफ़ेर को समझ कुछ आ नहीं रहा tha......ye एकदम अच्चानक से हो गया tha.......abhi कुछ वक़्त तक वो क्या कर रहा tha.....usko ये सब याद आते hi वो सन्न रह गया tha.......wo उस पोर्टल को देख रहा tha.....saath hi अस्स पास की चीज़ज़ों को.....
एक बात उसको अच्छे से समझ आ चुक्की thi.....ye jagah......ye बहुत बदल चुक्की hai......wo यहाँ पे पहले भी आ चुक्का thaa......par उसने कभी कुछ ऐसा महसूस नहीं किया tha.....aur इस baar....iss बार ये जगह एकदम se.....ekdum से बदल गयी थी उसके हिसाब से....
ऊपर से वो इम्मोर्टल देख रहा था लूसिफ़ेर को ध्यान se......aur हर एक पहलु पे गौर कर रहा था वो.....
अब पोर्टल भी तो एक दरवाजे के तरह hi होता hai.....darwaja जिसके दोनों तरफ से hi आया जाय जा सकता hai......aur ठीक यही हुआ भी.....
लूसिफ़ेर उस तरफ जा नहीं रहा था क्यूंकि उसको इस जगह पे अब सब कुछ hi अजीब लग रहा tha.....aur वो ये नहीं चाहता था की जो वो यहाँ पे आने के बाद इतने वक़्त से कर रहा था वापस से कुछ वैसा hi kare.......Par दूसरी तरफ जो tha......usko उस जगह से बहार निकलना tha.....aur अभी उसके सामने एक पोर्टल आ गया tha.....wo कैसे इस मौके को छोड़ देता......
वो उस पोर्टल से बहार आ gaya.......aur जब आया तो उसने अपने सामने लूसिफ़ेर को पाया.......
ये कोई और नहीं tha.......Slayer के बॉडी में जस्टिन tha......iss वक़्त ध्रुव का पूरी तरह से काबू नहीं था उस बॉडी पे.....
अब जस्टिन तो जानता था अपने पिता ko.....to वो एकदम से खुश हो गया ये देख के की उसके पिता वह पे hai......par इससे पहले की वो कुछ कह पता.......
लूसिफ़ेर ने उसपे हमला कर दिया.......
लूसिफ़ेर कोई आम बाँदा था nahi......wo डेमोस का राजा tha......usne ना जाने कितनी लड़ाइयां लड़ी हुई thi.......wo जानता tha......ki पहली नज़र में किसी को भी दोस्त तो नहीं कहा जा sakta......aur जो दोस्त नहीं hai.....usse अगर आप किसी अनजान सी और अजीब सी जगह पे मिलो to.....hamla करना और उसके ऊपर काबू पाना hi सबसे सही तरीका है.....
ये हर तरह के जीवों में होता है......
तो लूसिफ़ेर ने कर दिया hamla.....aur जस्टिन इस बात को समझ नहीं पाया.......
अब जस्टिन ठीक है राजकुमार है डेमोस ka......par ये बाँदा पैदा होने के बाद से hi बीमार रहा hai.......Lucifer ने इसको ट्रेनिंग दिलवाई thi.....khud से भी दी thi.....par एक लिमिट में दी thi.......Justin कभी bhi.....ek कड़ी ट्रेनिंग के लिए तैयार hi नहीं tha......uska सरीर इतना कमज़ोर था की अगर उसको ट्रेनिंग दी जाती अच्छे से तो वो मर जाता....
हां पर दिम्माग तेज़ था इस जस्टिन ka......ye बाँदा प्लान्स बनाया करता tha.....aur प्लान्स अच्छे भी होते थे......
पर यहाँ pe....yaha पे कुछ अलग hi था.....
लूसिफ़ेर ने उसपे हमला कर diya......aur वो संभल नहीं पाया......
वैसे ज्यादा कुछ हुआ नहीं tha......Slayer की बॉडी में था wo.....bahar क्या hi होना tha.......haa बस 2-4 कदम पीछे को चला गया था वो.....
लेकिन वो अकेला तो था नहीं उस बॉडी में जो उस बॉडी को कण्ट्रोल कर paaye.....bahar कुछ नहीं hua......par बॉडी के अंदर एक अलग सी हलचल होने लग gayi.......Dhruv अब स्लेयर की बॉडी पे वापस से कण्ट्रोल लेने की कोशिश करने लग गया aur......aur वो धीरे धीरे कामियाब भी हो रहा था.....
यहाँ बहार लूसिफ़ेर ने देखा की उसके वार का ज्यादा कोई असर हुआ नहीं है उसके सामने वाले pe.....to उसने वापस से वार करने का सोचा......
जस्टिन - Dad......ye main...hu.....Justin....
उसने बोलने की कोशिश तो kari.....par वो कुछ बोल पाटा उससे pahle......uske मुँह के आधे हिस्से पे ध्रुव का कण्ट्रोल आ गया tha.....jis वजह से वो बोल नहीं paaya.....aur बस एक अजीब सी गुर्राहट निकली मुँह से.....
अब हालत ऐसे थे की बॉडी के कुछ पार्ट्स पे जस्टिन का तो कुछ पार्ट्स पे ध्रुव का कण्ट्रोल tha......Justin बॉडी को रोकने की कोशिश कर रहा था क्यूंकि सामने उसका अपना बाप खड़ा tha.....Dhruv लूसिफ़ेर को मारने की कोशिश कर रहा था क्यूंकि सामने wala......matlab लूसिफ़ेर उसपे हमला कर रहा था.....
लूसिफ़ेर इस बार वार कर पता उससे पहले hi....Dhruv ने उसको एक हाथ से पकड़ liya......aur वह से दुर्र फेंक diya.......aur Justin.....wo उस हाथ को कण्ट्रोल hi नहीं कर पा रहा था.....
लूसिफ़ेर ने जो वार किया था वो वाला भले hi ना लगा हो inko.....par ये जो फेंका था ध्रुव ने लूसिफ़ेर ko.......wo दूर तक गया tha....aur अकेला नहीं आस पास के कुछ पेड़ भी लेके गया था wo.....aur ध्रुव इसके बाद रुकने वाला नहीं tha.....wo आगे gaya.....aur उसने उसके बाद वापस से लूसिफ़ेर को उठाया और उसको मारने के लिए अपने दूसरे हाथ का उसे करने की कोशिश करने लग gaya......par....wo उसे नहीं कर पा रहा था....
जस्टिन का बॉडी पे जितना भी कण्ट्रोल इस वक़्त तक बच्चा हुआ tha.....wo उससे पूरी कोशिश कर रहा था की वो अपने पिता को बच्चा sakke.....par उसकी बारी ख़तम हो रही थी.....
ध्रुव से जब दूसरा हाथ उसे नहीं हो पा रहा tha....to लूसिफ़ेर को मौका मिल gaya.....aur उसने वापस से वार कर diya.....waar ठीक ठाक tha.....jiski वजह से ध्रुव के हाथ से वो छूट gaya.....aur छूटने के बाद किसी तरह दूर हट के खड़ा होने की कोशिश करने लग gaya.....par उससे नहीं हुआ जा रहा था.....
स्लेयर की बॉडी में हद्द से ज्यादा ताकत आ गयी थी इस वक़्त को..... यही तो कारन थी की वो ध्रुव जैसे को भी अपने सरीर के अंदर रख पा रही thi....aur Justin...jisko इतनी पावर दे दी गयी उसको भी अपने अंदर रख पा रही थी.
वही दूसरी taraf....Pankaj और मधु दोनों hi अभी तक नींद में the...aur ये अच्छा था उन् सब के liye...Prateek और बाकी सब वापस तो आ गए थे पर इनको समझ नहीं आ रहा था जब दोनों जागेंगे तो क्या होगा..
क्या उन् दोनों को वो सब याद होगा या फिर nahi...iske पीछे की भी वजह thi...Madhu जब उस महल में पहुंची तो वो एक तरफ पंकज को बचा रही थी अपने एक हाथ से उसको एक सुरक्षा घेरे में रख kar...bas यही वाली बात प्रतीक को समझ नहीं आ रही थी और परेशां किये जा रही थी.
उसके हिसाब से अभी भी मधु को कुछ भी याद नहीं hai...to जब भी वो गोल्डन पावर के कण्ट्रोल में होती है तो वो पूरी तरह से अपने अस्स पास के चीज़ज़ों को भूल के बस वही करती है जो इतने हज़ारों सालो में गोल्डन पावर ने उससे सीखा tha...apno की सुरक्षा करना और जो उनके लिए खतरा साबित हो रहे हो उनको ख़तम karna...aur उसके अपने कौन है ये बात भी उसको गोल्डन पावर को hi पता होती थी.
इस बार ये अलग था... प्रतीक के हिसाब से अगर मधु उसको बचने आती है जब वो मुसीबत में हो तो ये बात समझ आती भी hai....dono का रिश्ता बहुत पुराण है और उस समय से है जब मधु गोल्डन पावर को अच्छे से कण्ट्रोल कर लिया करती thi....lekin Pankaj...ye तो बस कुछ वक़्त पहले का मिला हुआ है....
इसके कारन hi उसके मैं में वो सवाल बार बार आ रहा था वापस se....kahi मधु को सब याद तो नहीं है.... और अगर ऐसा है तो इन् सब का क्या hi मतलब बनता hai.,...ye सब जो है.... वो यहाँ है अपने माता पिता को ढूंढने के लिए उनके साथ रहने के लिए अपने परिवार वालो की तलाश में...... ये सब बस ऐसे hi है....
और जैसा की पहले भी हुआ था..... इस पॉइंट पे आने के बाद प्रतीक को लगता है की वो hi गलत सोच रहा है...
रूपल - प्रतीक.... प्रतीक क्या हुआ... तू बोल क्यों नहीं रहा....
प्रतीक - कहा.... क्या हुआ... आप कुछ बोल रही थी.
K.Bua - अरे हम बात कर रहे थे की पंकज को तो किसी तरह से संभल hi लेंगे पर ये मधु का क्या....
प्रतीक - हमे उन् दोनों के उठने का इंतज़ार करना होगा उससे पहले हममे नहीं पता है की उनको क्या कुछ याद होगा और क्या नहीं.
रूपल - अरे घडी dekho...kuch hi देर में मम्मी वापस आ जाएंगी और जब वो उन् दोनों को यहाँ देखेंगी सोते hue....to फिर उनको बताना होगा...
चची - क्या बताना hoga.....tum सब के सब यहाँ pe....Nikita तुम्हे तो स्कूल में होना चाहिए था ना और तुम दोनों को भी...
P.Bua - वो भाभी वो क्लासेज ख़तम हो hi गए the....to हमने सोचा की यही पे आ जाए...
चची - मन्ना तुम सब को स्कूल से बहार निकलने का ख़ुफ़िया रास्ता पता है.... परए अच्छी बात नहीं है की रोज के रोज वह से निकल hi जाओ... और तुम दोनों तो वह पे पद्धति हो... ऐसे पढ़ने वाले होंगे तो पता नहीं पढ़ने वाले बच्चे कैसे होंगे.... कभी किसी नियम को मानेगे भी या नहीं...
चची ने आते hi लेक्चर देना शुरू कर दिया था पर अभी उनकी नज़र प्रतीक पे नहीं पड़ी थी... अभीतक तो नहीं
चची - तुम भी यहाँ आ गए... तुमको तो इस वक़्त वो मधु के पास होना चाहिए था... मधु से याद आया.... वो पंकज आया था यहाँ पे काम था सायद उसको कुछ...
कोई कुछ और बोलता उससे पहले hi रूम में से सामान गिरने की आवाज आयी....
नेक्स्ट अपडेट में देखते है पंकज और मधु के जागने पे क्या होता है साथ hi निकिता का लीडर से मिलना और लूसिफ़ेर की हालत..
वह एल्फ नेशन में इतना कुछ हो रहा tha....wahi दूसरी taraf.....Fumos पे लूसिफ़ेर की मुलाकात उसके बेटे से हो गयी थी......
उस इम्मोर्टल ने पहले तो कुछ वक़्त तक कोशिश kari......ki लूसिफ़ेर को पावर्स की लालच देके उसको रोकक के रखा jaaye......par अच्चानक पता नहीं उसके दिम्माग में क्या aaya......usne खुद से एक पोर्टल खोल दिया लूसिफ़ेर के saamne......aur लूसिफ़ेर के ऊपर से अपने सारे जादू वापस ले liye......haa पर लूसिफ़ेर के ऊपर फोमोस पे जो उसके जादू करे गए थे वो सब के सब काम कर hi रहे the....usme कोई अंतर नहीं आया था......
मतलब उसके पास अभी भी फोमोस पे आने पे जो ताक़त मिली थी वो सब तो थी hi उसके पास......
अब जब पोर्टल खुला तो लूसिफ़ेर को समझ कुछ आ नहीं रहा tha......ye एकदम अच्चानक से हो गया tha.......abhi कुछ वक़्त तक वो क्या कर रहा tha.....usko ये सब याद आते hi वो सन्न रह गया tha.......wo उस पोर्टल को देख रहा tha.....saath hi अस्स पास की चीज़ज़ों को.....
एक बात उसको अच्छे से समझ आ चुक्की thi.....ye jagah......ye बहुत बदल चुक्की hai......wo यहाँ पे पहले भी आ चुक्का thaa......par उसने कभी कुछ ऐसा महसूस नहीं किया tha.....aur इस baar....iss बार ये जगह एकदम se.....ekdum से बदल गयी थी उसके हिसाब से....
ऊपर से वो इम्मोर्टल देख रहा था लूसिफ़ेर को ध्यान se......aur हर एक पहलु पे गौर कर रहा था वो.....
अब पोर्टल भी तो एक दरवाजे के तरह hi होता hai.....darwaja जिसके दोनों तरफ से hi आया जाय जा सकता hai......aur ठीक यही हुआ भी.....
लूसिफ़ेर उस तरफ जा नहीं रहा था क्यूंकि उसको इस जगह पे अब सब कुछ hi अजीब लग रहा tha.....aur वो ये नहीं चाहता था की जो वो यहाँ पे आने के बाद इतने वक़्त से कर रहा था वापस से कुछ वैसा hi kare.......Par दूसरी तरफ जो tha......usko उस जगह से बहार निकलना tha.....aur अभी उसके सामने एक पोर्टल आ गया tha.....wo कैसे इस मौके को छोड़ देता......
वो उस पोर्टल से बहार आ gaya.......aur जब आया तो उसने अपने सामने लूसिफ़ेर को पाया.......
ये कोई और नहीं tha.......Slayer के बॉडी में जस्टिन tha......iss वक़्त ध्रुव का पूरी तरह से काबू नहीं था उस बॉडी पे.....
अब जस्टिन तो जानता था अपने पिता ko.....to वो एकदम से खुश हो गया ये देख के की उसके पिता वह पे hai......par इससे पहले की वो कुछ कह पता.......
लूसिफ़ेर ने उसपे हमला कर दिया.......
लूसिफ़ेर कोई आम बाँदा था nahi......wo डेमोस का राजा tha......usne ना जाने कितनी लड़ाइयां लड़ी हुई thi.......wo जानता tha......ki पहली नज़र में किसी को भी दोस्त तो नहीं कहा जा sakta......aur जो दोस्त नहीं hai.....usse अगर आप किसी अनजान सी और अजीब सी जगह पे मिलो to.....hamla करना और उसके ऊपर काबू पाना hi सबसे सही तरीका है.....
ये हर तरह के जीवों में होता है......
तो लूसिफ़ेर ने कर दिया hamla.....aur जस्टिन इस बात को समझ नहीं पाया.......
अब जस्टिन ठीक है राजकुमार है डेमोस ka......par ये बाँदा पैदा होने के बाद से hi बीमार रहा hai.......Lucifer ने इसको ट्रेनिंग दिलवाई thi.....khud से भी दी thi.....par एक लिमिट में दी thi.......Justin कभी bhi.....ek कड़ी ट्रेनिंग के लिए तैयार hi नहीं tha......uska सरीर इतना कमज़ोर था की अगर उसको ट्रेनिंग दी जाती अच्छे से तो वो मर जाता....
हां पर दिम्माग तेज़ था इस जस्टिन ka......ye बाँदा प्लान्स बनाया करता tha.....aur प्लान्स अच्छे भी होते थे......
पर यहाँ pe....yaha पे कुछ अलग hi था.....
लूसिफ़ेर ने उसपे हमला कर diya......aur वो संभल नहीं पाया......
वैसे ज्यादा कुछ हुआ नहीं tha......Slayer की बॉडी में था wo.....bahar क्या hi होना tha.......haa बस 2-4 कदम पीछे को चला गया था वो.....
लेकिन वो अकेला तो था नहीं उस बॉडी में जो उस बॉडी को कण्ट्रोल कर paaye.....bahar कुछ नहीं hua......par बॉडी के अंदर एक अलग सी हलचल होने लग gayi.......Dhruv अब स्लेयर की बॉडी पे वापस से कण्ट्रोल लेने की कोशिश करने लग गया aur......aur वो धीरे धीरे कामियाब भी हो रहा था.....
यहाँ बहार लूसिफ़ेर ने देखा की उसके वार का ज्यादा कोई असर हुआ नहीं है उसके सामने वाले pe.....to उसने वापस से वार करने का सोचा......
जस्टिन - Dad......ye main...hu.....Justin....
उसने बोलने की कोशिश तो kari.....par वो कुछ बोल पाटा उससे pahle......uske मुँह के आधे हिस्से पे ध्रुव का कण्ट्रोल आ गया tha.....jis वजह से वो बोल नहीं paaya.....aur बस एक अजीब सी गुर्राहट निकली मुँह से.....
अब हालत ऐसे थे की बॉडी के कुछ पार्ट्स पे जस्टिन का तो कुछ पार्ट्स पे ध्रुव का कण्ट्रोल tha......Justin बॉडी को रोकने की कोशिश कर रहा था क्यूंकि सामने उसका अपना बाप खड़ा tha.....Dhruv लूसिफ़ेर को मारने की कोशिश कर रहा था क्यूंकि सामने wala......matlab लूसिफ़ेर उसपे हमला कर रहा था.....
लूसिफ़ेर इस बार वार कर पता उससे पहले hi....Dhruv ने उसको एक हाथ से पकड़ liya......aur वह से दुर्र फेंक diya.......aur Justin.....wo उस हाथ को कण्ट्रोल hi नहीं कर पा रहा था.....
लूसिफ़ेर ने जो वार किया था वो वाला भले hi ना लगा हो inko.....par ये जो फेंका था ध्रुव ने लूसिफ़ेर ko.......wo दूर तक गया tha....aur अकेला नहीं आस पास के कुछ पेड़ भी लेके गया था wo.....aur ध्रुव इसके बाद रुकने वाला नहीं tha.....wo आगे gaya.....aur उसने उसके बाद वापस से लूसिफ़ेर को उठाया और उसको मारने के लिए अपने दूसरे हाथ का उसे करने की कोशिश करने लग gaya......par....wo उसे नहीं कर पा रहा था....
जस्टिन का बॉडी पे जितना भी कण्ट्रोल इस वक़्त तक बच्चा हुआ tha.....wo उससे पूरी कोशिश कर रहा था की वो अपने पिता को बच्चा sakke.....par उसकी बारी ख़तम हो रही थी.....
ध्रुव से जब दूसरा हाथ उसे नहीं हो पा रहा tha....to लूसिफ़ेर को मौका मिल gaya.....aur उसने वापस से वार कर diya.....waar ठीक ठाक tha.....jiski वजह से ध्रुव के हाथ से वो छूट gaya.....aur छूटने के बाद किसी तरह दूर हट के खड़ा होने की कोशिश करने लग gaya.....par उससे नहीं हुआ जा रहा था.....
स्लेयर की बॉडी में हद्द से ज्यादा ताकत आ गयी थी इस वक़्त को..... यही तो कारन थी की वो ध्रुव जैसे को भी अपने सरीर के अंदर रख पा रही thi....aur Justin...jisko इतनी पावर दे दी गयी उसको भी अपने अंदर रख पा रही थी.
वही दूसरी taraf....Pankaj और मधु दोनों hi अभी तक नींद में the...aur ये अच्छा था उन् सब के liye...Prateek और बाकी सब वापस तो आ गए थे पर इनको समझ नहीं आ रहा था जब दोनों जागेंगे तो क्या होगा..
क्या उन् दोनों को वो सब याद होगा या फिर nahi...iske पीछे की भी वजह thi...Madhu जब उस महल में पहुंची तो वो एक तरफ पंकज को बचा रही थी अपने एक हाथ से उसको एक सुरक्षा घेरे में रख kar...bas यही वाली बात प्रतीक को समझ नहीं आ रही थी और परेशां किये जा रही थी.
उसके हिसाब से अभी भी मधु को कुछ भी याद नहीं hai...to जब भी वो गोल्डन पावर के कण्ट्रोल में होती है तो वो पूरी तरह से अपने अस्स पास के चीज़ज़ों को भूल के बस वही करती है जो इतने हज़ारों सालो में गोल्डन पावर ने उससे सीखा tha...apno की सुरक्षा करना और जो उनके लिए खतरा साबित हो रहे हो उनको ख़तम karna...aur उसके अपने कौन है ये बात भी उसको गोल्डन पावर को hi पता होती थी.
इस बार ये अलग था... प्रतीक के हिसाब से अगर मधु उसको बचने आती है जब वो मुसीबत में हो तो ये बात समझ आती भी hai....dono का रिश्ता बहुत पुराण है और उस समय से है जब मधु गोल्डन पावर को अच्छे से कण्ट्रोल कर लिया करती thi....lekin Pankaj...ye तो बस कुछ वक़्त पहले का मिला हुआ है....
इसके कारन hi उसके मैं में वो सवाल बार बार आ रहा था वापस se....kahi मधु को सब याद तो नहीं है.... और अगर ऐसा है तो इन् सब का क्या hi मतलब बनता hai.,...ye सब जो है.... वो यहाँ है अपने माता पिता को ढूंढने के लिए उनके साथ रहने के लिए अपने परिवार वालो की तलाश में...... ये सब बस ऐसे hi है....
और जैसा की पहले भी हुआ था..... इस पॉइंट पे आने के बाद प्रतीक को लगता है की वो hi गलत सोच रहा है...
रूपल - प्रतीक.... प्रतीक क्या हुआ... तू बोल क्यों नहीं रहा....
प्रतीक - कहा.... क्या हुआ... आप कुछ बोल रही थी.
K.Bua - अरे हम बात कर रहे थे की पंकज को तो किसी तरह से संभल hi लेंगे पर ये मधु का क्या....
प्रतीक - हमे उन् दोनों के उठने का इंतज़ार करना होगा उससे पहले हममे नहीं पता है की उनको क्या कुछ याद होगा और क्या नहीं.
रूपल - अरे घडी dekho...kuch hi देर में मम्मी वापस आ जाएंगी और जब वो उन् दोनों को यहाँ देखेंगी सोते hue....to फिर उनको बताना होगा...
चची - क्या बताना hoga.....tum सब के सब यहाँ pe....Nikita तुम्हे तो स्कूल में होना चाहिए था ना और तुम दोनों को भी...
P.Bua - वो भाभी वो क्लासेज ख़तम हो hi गए the....to हमने सोचा की यही पे आ जाए...
चची - मन्ना तुम सब को स्कूल से बहार निकलने का ख़ुफ़िया रास्ता पता है.... परए अच्छी बात नहीं है की रोज के रोज वह से निकल hi जाओ... और तुम दोनों तो वह पे पद्धति हो... ऐसे पढ़ने वाले होंगे तो पता नहीं पढ़ने वाले बच्चे कैसे होंगे.... कभी किसी नियम को मानेगे भी या नहीं...
चची ने आते hi लेक्चर देना शुरू कर दिया था पर अभी उनकी नज़र प्रतीक पे नहीं पड़ी थी... अभीतक तो नहीं
चची - तुम भी यहाँ आ गए... तुमको तो इस वक़्त वो मधु के पास होना चाहिए था... मधु से याद आया.... वो पंकज आया था यहाँ पे काम था सायद उसको कुछ...
कोई कुछ और बोलता उससे पहले hi रूम में से सामान गिरने की आवाज आयी....
नेक्स्ट अपडेट में देखते है पंकज और मधु के जागने पे क्या होता है साथ hi निकिता का लीडर से मिलना और लूसिफ़ेर की हालत..