अब तक आपने पढ़ा की विक्रम और ास्मोडियस के बीच का खेल उसके फाइनल काउंटडाउन तक पहुँच चूका है
अब आगे:-
लास्ट CHAPTER
(डेविल्स डेमोलिशन)
फाइनल अपडेट
फाइनल सीन्स
स्टार्ट ऑफ़ थे एन्ड:-
तेरे पराक्रम के साथ जब
तेरा दिमाग सजग होगा
तभी पुण्य से पाप अलग होगा
पर..........
असली युद्ध में मुश्किल है
तेरा जीत का स्वाद चखना
अपने प्रथम गुरु को और,
उसके पहले उपहार को याद रखना
मेरा पराक्रम तोह सभी के सामने था और उस काले धुंए को देख मैंने अपने दिमाग की सजगता भी साबित कर दी थी...
और अब बारी थी भविष्यवाणी के दिए उस इशारे को समझने की जिससे माध्यम से पाप पुण्य से अलग होने वाला था..
और वो इशारा मई बोहोत पहले hi समझ चूका tha...maine अपना पूरा ध्यान ास्मोडियस पर केंद्रित किया....
ास्मोडियस की आँखें भी इस वक़्त दर्द की अधिकता के बावजूद मुझपर hi तिकी हुई थी...
एक रहस्यमयी मुस्कराहट के साथ जिसका भेद सिर्फ ास्मोडियस hi जानता था मैंने अपने सीने पर हाथ रखा...
मेरे ऐसा करते hi मेरे अंदर चुप्पी सुपरगुप्त बुक से एक रौशनी निकली जिसने धीरे धीरे मेरे पुरे शरीर को घेर लिया था....
वैसे तोह मई अपने वाइट एनर्जी के प्रभाव की वजह से पहले से hi हल्का हल्का चमक रहा था पर अब अपनी ेंचन्त्मेन्त बुक की ऊर्जा जो की असल में गोड्स टेअर thi,uski वजह से मई किसी सितारे की तरह चमकने लगा था....
ये सब दृश्य मेरे dost,DEFENDER,BHUVIKA सभी आखें फाड़े देख रहे थे...
और यहाँ तक की जिससे सब कुछ पता tha,meri AV,uski भी आँखें बड़ी हो चुकी थी....
पर इन सब चीज़ों को नज़रअंदाज़ कर अपने लक्ष्य पर ध्यान लगा मई धड़कते दिल से आगे बढ़ने लगा....
जैसे जैसे मई आगे बढ़ रहा tha,ASMODEUS की चीख और बढ़ रही थी...
इतना hi nahi,wo थोड़ा थोड़ा अदृश्य भी होने लगा था...
थोड़ा थोड़ा इसीलिए क्यूंकि ऐसा लग रहा था मानो असमदोटूस गायब तोह होना छह रहा है पर हो नहीं पा रहा...
khair,in सब उधेड्बुनो के बीच मई ास्मोडियस के पास पहुँच गया....
ास्मोडियस के ठीक सामने पहुँच....
MAI-WAQT आ गया मेरे भाई......
ये बोल मई तुरंत आगे बढ़ा और जो कुछ समय पहले मांसलिकेल में हुआ tha,wo अभी फिर हुआ....
नहीं samjhe,yaad होगा आपको की भुविका को लेकर जब मई मांसलिकेल से लौटने वाला था उससे पहले ास्मोडियस और मई गले लगे थे...
अभी भी वही हो रहा tha....maine आगे बढ़ ास्मोडियस को गले से लगा liya.....aur फिर.....
पापिएम मोक्साइटी
डेविल देतच
बूम.............................................................
NAHI..............................................................AAAAHHHHHHHHHHHH..................................
पहली आवाज़ जो की एक धमाका tha,uske बारे में जानते hain..ye धमाका क्यूब से हुआ था...
जिस वक़्त मैंने स्पेल bola,ye वही पल था जब क्यूब एक झटके में खुल गया था....
और उसके यूँ अचानक खुलते hi उसके अंदर की छुपी वाइट एनर्जी भी एक झटके में बाहर आयी जिसकी वजह से ये धमाका हुआ था...
इस धमाके के इम्पैक्ट से मेरे दोस्त और डिफेंडर उड़ते हुए पीछे मेरी ाव और भुविका के पास जा गिरे...
पर क्यूंकि उन्हें धक्का वाइट एनर्जी की वजह से लगा था इसीलिए किसी को भी कोई नुक्सान नहीं पहुंचा था...
गिरते hi वो सब खड़े हो चुके थे और खड़े होते hi उनके कानो में दूसरी और तीसरी आवाज़ गुंजी...
दूसरी आवाज़ जिसमे "नहीं" कहा गया tha,ye आवाज़ ास्मोडियस के मुँह से निकलने के बावजूद उसकी नहीं थी....
पर इस आवाज़ को सुन सभी एक बार फिरसे शॉकेड हो गए थे.....
reason.....is आवाज़ के गूंजते hi ास्मोडियस के शरीर को एक झटका लगा पर ये झटका पीछे की तरफ नहीं बल्कि आगे की तरफ लगा था..
पर क्यूंकि मैंने ास्मोडियस को ज़ोर से गले लगाया हुआ tha,isiliye उस झटके का असर हम दोनों पर हुआ और हम दोनों मेरी बैक के तरफ उड़ते हुए गिरे थे....
पर मेरे दोस्तों और डिफेंडर की चौंकने की वजह का असली कारण क्कुह और था....
और वो ये था की मेरे स्पेल बोलते hi "नहीं" शब्द के साथ एक काला धुआं ास्मोडियस के शरीर के पीछे की तरफ से बाहर निकला था और उसके यूँ एक झटके में निकलने की वजह से hi असमदोटूस को भी झटका लगा था.....
वो काला धुआं भी हमारी hi तरह कुछ पीछे की तरफ चला गया था पर जैसे hi वो रुका तोह उसके अगले hi पल उसने वापस आगे आने की कोशिश की पर नाकामियाब रहा...
रीज़न......
उस काले धुंए के साथ साथ मेरी ऊर्जा भी ास्मोडियस के अंदर से बाहर आयी थी और जो इस वक़्त उस काले धुंए के पास hi थी...
और जैसे hi उस काले धुंए ने आगे बढ़ने की कोशिश की तोह मेरी ऊर्जा ने एक पिंजरे का रूप ले लिया जिसने उस काले धुंए को चारों तरफ से घेर लिया था...
ऐसा होने पर वो काले धुआं लगातार कोशिश करने लगा ताकि वो मेरी ऊर्जा के बनाये पिंजरे को तोड़ आज़ाद हो सके पर वो कामियाब नहीं हो पा रहा था...
वहीँ उस काले धुंए और मेरी ऊर्जा के शरीर से निकलने की वजह से hi ास्मोडियस के मुँह से वो तीसरी आवाज़ मतलब चीख निकली थी...
जैसा की मैंने बताया की मई और ास्मोडियस एक साथ मेरे पीछे की तरफ उड़ते हुए गिरे थे..
जहाँ मुझे कुछ भी नहीं हुआ था वहीँ असमदोटूस एक बार फिरसे बेहोश हो चूका था और इसीलिए......
विगवेसना
रेगें क्योंकियस्नेस्स
मई तुरंत ास्मोडियस को साइड में लेता उसके बाजू में बैठ गया और उसके सर पर हाथ रख इस स्पेल को उच्चरित किया और अगले hi पल...
मेरे हाथों से वाइट रे निकली और ास्मोडियस के सर में समां गयी और ऐसा होते hi ास्मोडियस की आँखें खुल गयी....
अब तक मेरे dost,DEFENDER और मेरी ाव मेरे पास वापस आ गयी थी...
डिफेंडर और मेरे दोस्तों को तोह कुछ भी समझ में hi नहीं आ रहा था और जैसे hi उन्होंने अपने सवाल को मेरे सामने रखनी की sochi,unhe एक और झटका लगा..
ऐसा झटका जो आज से पहले उन्हें कभी नहीं लगा tha..aur ये झटका उन्हें मेरी ाव ने दिया था....
kaise??aayiye खुद जान लीजिये...
जैसे hi मेरे दोस्तों ने मुझसे इन साड़ी घटनाओ के बारे में पूछने की सोची तभी....
AV-BHAI की वापसी मुकबारक़ हो V.J....AAKHIR तुमने अपने भाई को बचा HI लिया....
ाव की इसी बात को सुन सबको झटका लगा था इसीलिए....
RONIT-BHAI की WAAPSI...BACHA LIY???SAALA हो क्या रहा HAI???KYA बोले जा रही है अवनि...
ास्मोडियस हमारा दुश्मन है जिससे मारने के लिए hi V.J का जन्म हुआ है....
मई- NAHI...MERA जन्म ास्मोडियस को मारने के लिए NAHI,BALKI उससे बचने के लिए हुआ है.....
धमाका...............
धमाका हुआ मेरी बातों को सुनकर डिफेंडर और मेरे दोस्तों के ज़हन me....aur ऐसा होना लाज़मी भी था.....
अंजलि- क्या बकवास कर रहा hai???dimag ठिकाने पर तोह hai..tera जन्म ास्मोडियस को बचने के लिए हुआ hai...par किस्से???
RONIT-arre भाड़ में जाए kisse???abbe तू उससे बचा रहा है जिसने तेरे माँ डैड को मारा है....
मई- किसने kaha....????udhar देखो........
मैंने उस तरफ इशारा करते हुए अपनी बात कही जिस तरफ क्यूब tha...CUBE से हुए धमाके के बाद किसी की भी नज़र उस तरफ नहीं गयी थी...
और वैसे भी धमाके के असर से निकले वाइट एनर्जी की वजह से वो जगह पुरे वाइट धुंए से घिरी हुई थी और वो धुआं अब भी वहीँ था....
रोनित- अब्बे वहां क्या है जो दिखा रहा है?? मैंने तुझसे जो पूछा...........
ओह सहित.........................
इससे आगे रोनित कुछ कह नहीं paaya....wo क्या कोई भी कुछ कहने की हालत में नहीं था...
reason...WHITE धुआं छत चूका था और उसके चाटते hi कुछ आकृतियां दिखने लगी थी जिससे देख सभी शॉकेड हुए थे....
ये आकृतियां और कोई नहीं बल्कि मेरे माँ DAD,ALESENDRA और उनके साथ 4 लोग और थे......
और इस वक़्त उन सबके चेहरे पर मुस्कान थी और उसी मुस्कान को लिए वो सब हमारी तरफ आने लगे.....
वहीँ मेरे दोस्तों और डिफेंडर की तोह शॉक की वजह से हालत hi ख़राब हो गयी थी.....
वो फटी आँखों से इस नामुमकिन दृश्य को देख रहे थे....
अब तक माँ डैड हमारे पास आ चुके थे और साथ hi अलेसेन्द्र और उनके साथ के चारों लोग भी...
अलेसेन्द्र और वो तीनो मेरे पास आकर झुकने को हुए पर मैंने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया.....
वहीँ डैड ने रोनित के सर पर एक तपली मारी जिससे रोनित हड़बड़ाते हुए होश में आया और होश में आते hi रोनित मेरी माँ के और अंजलि मेरे डैड के गले लग गयी....
और गले लगते hi उन्हें समझ में आ गया की ये कोई सपना नहीं है और हक़ीक़त को महसूस करते hi दोनों को इतनी ख़ुशी हुई की उनकी आँखों ने इस ख़ुशी में बरसात कर दी...
दोनों hi मेरे माँ डैड को ज़ोर से पकड़ रो रहे थे.....
DAD-bas कर gudiya..tujhe पता है ना की मई तुझे रट हुए नहीं देख सकता.....
MOM-RONIT,kya लड़कियों की तरह रो रहा hai...dekh अगर तूने रोना बंद नहीं किया ना तोह मई तुझे अपने हाथों से बना कुछ नहीं खिलाऊंगी....
माँ की बात सुन रोनित के साथ साथ अंजलि भी है दी...
कुछ देर तक माहौल यूँही सेंटी रहा और फिर...
अंजलि- काश हम तीनो के बाकी के फॅमिली मेंबर्स भी यहाँ होते तोह आंटी अंकल को ज़िंदा देख कितना खुश होते....
मई- पीछे देख....
मेरे ऐसा बोलते hi सबकी नज़र पीछे गयी और ऐसा होते hi वो सब फिरसे शॉकेड हो गए...
reason..hamare पीछे कुल दो वर्ल्ड दूर खुले हुए थे जिनमे से एक में हमारे सारे घरवाले खड़े थे जिन्हे मेरे एंगेल्स यहाँ लेकर आये थे.....
मेरे माँ डैड को ज़िंदा देख उन सब को भी ज़ोर का झटका लगा और सभी भागते हुए आये और मेरे माँ डैड के गले लग गए..
वहीँ दूसरे वर्ल्ड दूर से किंग सोलोमन उनकी पत्नी और उनके साथ लार्ड क्रूसेडर यहाँ पहुंचे थे...
किंग सोलोमन और उनकी पत्नी ये जानते थे की अलेसेन्द्र को अपनी कुर्बानी देनी थी और इसीलिए वो भी बेहद दुखी थे पर जैसे hi उन दोनों ने अलेसेन्द्र को ज़िंदा देखा तोह उनकी ख़ुशी का ठिकाना ना रहा..
और यही खुसिहि इस वक़्त लार्ड क्रूसेडर के आँखों और चेहरे पर भी दिख रही थी...
reason.....jo चार लोग मेरे माँ डैड और अलेसेन्द्र के साथ उस क्यूब से बाहर निकले the,wo और कोई नहीं बल्कि लार्ड क्रूसदार के माँ dad,patni ुर एक लौटा बीटा था...
आपको याद होगा की ास्मोडियस ने वारियर्स वर्ल्ड पर कब्ज़ा करते वक़्त लार्ड क्रूसेडर की फॅमिली को मार दिया था..
दरअसल उसने उन्हें मारा नहीं tha,balki उन्हें भी क्यूब में छुपा दिया था....
पर अब वो सब आज़ाद थे और लार्ड क्रूसेडर के सामने थे.....
khair,sabhi लोग अपने खोये हुओं से मिलने में व्यस्त हो चुके the..aur इसी बीच....
ास्मोडियस- तूने कर दिखाया bhai....aaj नजाने कितनी सदियों के बाद मई आज़ाद हुआ हूँ......
मई- अभी आप पूरी तरह आज़ाद नहीं हुए हैं भाई..
असमदोटूस- जानता hun..par जब इतनी दूरी तय की है तोह बची हुई दूरी भी पार हो जायेगी....
असमदोटूस ने अपनी बात कह मुझे गले से लगा liya..wahin अपनी अपनी बातों को पूरी कर सभी की नज़र हमारे ऊपर आकर ठहर गयी थी...
माँ DAD,ALESENDRA,aur लार्ड क्रूसेडर की फॅमिली जो क्यूब में thi,sirf उन्हें इस साड़ी असलियत के बारे में मालुम था इसीलिए वो शांत hi थे..
पर बाकियों की जिज्ञासा तोह शांत करनी hi थी....
रोनित- bhai,ab बताएगा की ये सब क्या चक्कर hai???ASMDOEUS और तू एक साथ hain,uncle आंटी अलेसेन्द्र सब ज़िंदा हैं...
वहां तेरी शक्ति से एक पिंजरा बना हुआ है जिसके अंदर एक काला धुआं फसा पड़ा है...
तू कहता है की तेरा जन्म ास्मोडियस को मारने के लिए नहीं बल्कि उससे बचने के लिए हुआ था...
आखिर ये सब चक्कर है kya????clear कर दे bhai..dimag फटा जा रहा है और सुन bhai,ek hi फ्लो में बता diyo...zyada देर का सस्पेंस झेल नहीं ापूंगा मई....
रोनित की बात सुन सभी है दिए....
मई- ज़्यादा वक़्त है भी नहीं हमारे पास....
सब- मतलब???
मई- पता चल jaayega,par फिलहाल के लिए सारा सच जान lijiye...BHAI,ye कहानी आपसे शुरू हुई thi,toh मेरे ख्याल से आपको hi सुननी चाहिए....
ास्मोडियस- zaroor....ye कहानी तभी शुरू हो गयी थी जब गॉड मतलब मेरे पितः ने मुझे हेवन से निकला था....
हेवन से निकले जाने के बाद मेरा मन बोहोत विचलित हो गया tha...mere साथ साथ मेरे 7 साथियों ने भी हेवन छोड़ दिया था जिन्हे आप सब थे सेवन ोपोस्टल्स के नाम से जानते हैं....
मई बोहोत ग़ुस्से में tha...aur ग़ुस्सा अक्सर नकारात्मकता को जन्म देता है और नकारात्मकता ब्लैक एनर्जी को....
ब्लैक ENERGY......jiska जन्म मनुष्य जाती के मन में पैदा होने वाले लोभ और नकारात्मकता से हुआ था....
जिसका गॉड की hi की तरह कोई रूप नहीं है पर जो बोहोत ज़्यादा शक्तिशाली थी पर फिर भी अनियंत्रित thi,uska खुदका कोई अस्तित्व hi नहीं था....
उससे कोई ऐसा चाहिए थे जिसके माध्यम से वो अपनी ऊर्जा को एक दिशा दे सके....
और जैसे hi मेरे दिमाग में नकारात्मकता ने जन्म liya,BLACK एनर्जी को इसके बारे में पता चल गया और वो मेरे सामने प्रकट हुई....
उसने मुझे अपने आप को उसके हवाले करने के लिए uksaaya..usne कहा की अगर मई ऐसा करता hun,toh वो मेरी शक्ति को लगातार बढ़ने में मेरी मदद करेगी...
मुझे ऐसी उच्चाइयों तक पहुंचाएगी जहाँ से मई पुरे ब्रम्हांड का राजा बन जाऊँगा...
मेरा दिमाग ब्लैक एनर्जी के इस ऑफर से बोहोत प्रभावित हुआ पर मेरा दिल मुझसे उसकी बात ना मानने को कह रहा था...
मेरा दिल hi नहीं बल्कि मेरे सातों साथी भी मुझे ऐसा करने से रोक रहे थे पर आखिर में मेरा दिमाग जीत गया...
मैंने ब्लैक एनर्जी की बात मानली और मेरे ऐसा करते hi ब्लैक एनर्जी मुझमे समां गयी.....
पर मई नहीं जानता था की जिस ब्लैक एनर्जी को मई अपना गुलाम बनाने की सोच रहा tha,usne मुझे hi अपना गुलाम बना लिया था..
पर एक नयी ऊर्जा को महसूस करने की वजह से मई इतना खुश था की मैंने इस तरफ ध्यान hi नहीं दिया....
मेरे सातों साथी मेरे फैसले से दुखी थे पर वो भी चुप hi rahe..khair,mere अंदर समाते hi ब्लैक एनर्जी ने मेरे दिमाग में कुछ बिंदुएं डाली जो किसी गृह की थी.....
उन बिंदुओं के माध्यम से मई उस गृह पर पहुँच gaya..ye गृह और कोई नहीं बल्कि वारियर्स वर्ल्ड था...
वहां पहुँचते hi मुझे पता चल गया की यहाँ असीमित शक्तियों का कोई श्रोत है....
और फिर ऑड्रिज माउंटेन में मुझे वो श्रोत मिल gaya..ek चट्टान नुमा पत्थर के आधे हिस्से में ब्लैक और दूसरे आधे हिस्से में वाइट एनर्जी का बाहव tha...(FIRST CHAPTER)
मैंने पहले ब्लैक एनर्जी को अपने अंदर लेने की सोची और बड़ी आसानी से उससे ग्रहण भी कर लिया....
पर जैसे hi मैंने ब्लैक एनर्जी के बाजू में बहती वाइट एनर्जी को chua,toh मुझे एक झटका लगा जिसकी वजह से मई उड़ता हुआ उस गुफा से बाहर जा गिरा और गिरते hi बेहोश हो गया...
उस वाइट एनर्जी का असर सिर्फ मुझपर hi नहीं हुआ tha,balki मेरे उससे छूटे hi कुछ देर के लिए मेरे अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी भी मुझसे अलग हो गयी थी...
और उस बेहोशी में मेरे आँखों के सामने मेरी गलतियां दिखने लगी....
मुझे साड़ी असलियत पता chali..mujhe पता चल गया की मनुष्य जाती का मेरा पतन वाला फैसला सही नहीं था...
मुझे ये भी पता चला की मनुष्यों को रूप देने से पहले गॉड बे मुझे रूप दिया tha..iska मतलब था की उन्होंने मेरे निर्माण से खुश होकर मनुष्य जाती बनायीं थी..
और जब मई एक परमेश्वर पुत्र होकर ब्लैक एनर्जी के बहकावे में आ सकता हूँ तोह फिर मनुष्यों का गलत रास्ते में जाना कोई बड़ी बात नहीं....
मुझे ये भी पता चल गया था की जिस ऊर्जा को छूकर मई बेहोश हुआ था वो मेरे पितः की hi ऊर्जा थी जो उनके दुःख की वजह से बाहर नीलकी थी और वो dukh,wo गम मैंने hi उन्हें दिया था...
ये सब जानकार मई खुदको बोहोत छोटा महसूस करने लगा था....
साड़ी हक़ीक़त जानने के बाद मेरी आँखें खुल गयी....
पर अब मई कुछ भी नहीं कर सकता tha..BLACK एनर्जी ने मुझे बुरी तरह अपनी जाल में फसा लिया tha..jis काली ऊर्जा को लेने मई यहाँ आया tha,aur जो अब मेरे अंदर दौड़ रही thi,usse मेरे अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी ने मेरी आत्मा को बंदी बना लिया था....
अब मई खुद कुछ भी नहीं कर सकता tha....mai होश में ज़रूर आ गया था पर अभी भी मेरे शरीर में वाइट एनर्जी को चुने की वजह से हलकी हलकी कम्पन हो रही थी और इसी वजह से ब्लैक एनर्जी अभी भी मुझसे दूर कड़ी थी...
मई अपनी भूल के बारे में सोच hi रहा था की तभी मेरे अंदर गॉड की आवाज़ गुंजी..
उन्होंने मुझे बताया की जो गलती हो चुकी है उसके बारे में सोच कर कोई फायदा नहीं और जिसे चक्रव्यूह में मई फसा hun,usme से मई खुदको खुदसे नहीं निकल पाऊंगा पर चिंता करने की ज़रुरत नहीं है..
क्यूंकि सही वक़्त पर पृथ्वी में मेरे भाई का जन्म होगा और वही मुझे इस श्राप से मुक्त कराएगा पर उसके आने तक मुझे उसके लिए रास्ता बनाना होगा....
ये सब कह गॉड की आवाज़ बंद हो गयी पर जो बातें मैंने suni,wo मेरे बेचैन मन को शांत कर फिरसे मुझे अपनी बुद्धि इस्तेमाल में लाने के लिए काफी थी...
कहते हैं की कभी कभी सब कुछ सही करने के लिए पहले सब कुछ गलत करना पड़ता है.....
मैंने वही kiya...us वक़्त तक ब्लैक एनर्जी मुझसे दूर थी पर मई जानता था की किसी भी वक़्त वो मुझमे समां जायेगी और उसके बाद मई कुछ नहीं कर पाऊंगा और इसीलिए....
सबसे पहले मैंने अपने सातों साथियों को याद किया और साड़ी सचाई बताई...
मैंने उन्हें बताया की उन्हें एक ऐसा यन्त्र तैयार करना होगा जो पूरा वाइट एनर्जी से बना हो पर उसकी ऊपरी परत ब्लैक एनर्जी की हो जिससे की मेरे अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी को शक ना हो...
ये मैंने इसीलिए किया ताकि जब भी मुझे मेरे अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी को दिखने के लिए किसी बेक़सूर को मारना पड़े तोह मई केवल उसके शरीर को राख में बदलने ki.maaya दिखा उससे गायब कर दूँ और फिर उससे उस यन्त्र में दाल दूँ...
पुरे ब्रम्हांड में सिर्फ वो यन्त्र hi ऐसा होगा जहाँ वो ब्लैक एनर्जी उससे महसूस नहीं कर पाएगी....
और इसी सोच से बना ये CUBE....gufa से निकल मैंने ब्लैक एनर्जी को यकीं दिलाने के लिए की अब मई पूरी तरह से डेविल बन गया hun,LORD क्रूसेडर के परिवार को मारने का ढोंग किया...
उन्हें राख की माया में बदल मैंने उनके शरीर को वाइट एनर्जी से लपेट इस क्यूब में पहुंचा दिया....
पर अब मुझे वो करना था जिसका आदेश मुझे गॉड से मिला tha..apne भाई के जन्म से पहले मुझे उसके लिए रास्ता बनाना था और इसीलिए....
मैंने वही सिद्धांत अपनाया जिसकी उस वक़्त ज़रुरत थी....
सब कुछ ठीक करने के लिए मैंने सब कुछ बिगड़ना शुरू किया....
और इसकी शुरुआत हुई क्यूरियस se...COURIOUS hi एक ऐसा गृह था जहाँ ब्लैक एनर्जी के कण मौजूद नहीं थे इसीलिए मेरे अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी चाहती थी की मई क्यूरियस को hi ख़त्म कर दूँ...
पर मैंने उससे सुझाव दिया की क्यों ना क्यूरियस वासियों को तड़पाया jaaye...unhe ये एहसास कराया जाए की ब्लैक एनर्जी को ना चुन कर उन्होंने कितनी बड़ी भूल की है....
ब्लैक एनर्जी को मेरा ये ख्याल पसंद aaya....aur फिर मैंने क्यूरियस पर उस श्राप का चक्रव्यूह रचा..
ऐसा करते वक़्त मुझे बोहोत तकलीफ हुई थी पर अगर मई ऐसा नहीं करता तोह क्यूरियस वासियों को मरना पड़ता और ऐसा होने पर वाइट एनर्जी की हार होती..
गॉड की हार hoti...isiliye ना चाहते हुए भी मुझे वो करना pada..par फिर मुझे उस श्राप को ठीक करने की युक्ति भी सोचनी थी....
इसके बारे में सोचते समय मेरे दिमाग में एक ऐसी युक्ति ने जन्म लिया जिससे मई एक साथ बोहोत से काम कर सकता था...
मैंने भुविका और अनलिए जो की उस वक़्त गर्भ में thi,unhe अलग कर diya...aur मैंने भुविका को एक ऐसी औरत के गर्भ में डाला जिसकी एक पुत्री ब्लैक एनर्जी की गुलाम थी....
ब्लैक एनर्जी को लगा की मई ऐसा कर वाइट एनर्जी के साथ खिलवाड़ कर रहा हूँ पर असल में मई ब्लैक एनर्जी के साथ खेल रहा था....
पर ऐसा नहीं tha..mere इस काम ने भविष्य ंव घटने वाली बोहोत सी चीज़ों को जन्म दे दिया था..
साथ hi मई अपने भाई के लिए साड़ी कड़ियाँ जोड़ रहा था ताकि वो और मई बिना ब्लैक एनर्जी के शक के दायरे में आये उससे हरा सकें...
इस बीच मेरी मुलाकात अलेसेन्द्र से hui..mai उससे चाहने लगा पर मेरे अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी इसके खिलाफ थी...
पर ब्लैक एनर्जी ये भी जानती थी की अलेसेन्द्र इस्ला की राजकुमारी है जहाँ फाउंटेन ऑफ़ लाइट बहती है और इसीलिए उसने मुझे अलेसेन्द्र से विवाह करने से नहीं रोका...
पर विवाह के बाद पहले सम्भोग के समय ब्लैक एनर्जी ने अलेसेन्द्र के अंदर खुदके कानो को भी छोड़ दिया जिसकी वजह से हमारा पुत्र जिससे एक एंजेल होना tha,wo एक डेविल बनकर पैदा हुआ....
आगे चलकर मेरे हर निजी काम में भी ब्लैक एनर्जी अपनी टांग adayegi,ye मुझे पता था और पर मैंने ऐसा होने दिया क्यूंकि मई इस का तोड़ भुविका की शक्ल में पहले hi बना चूका था....
भुविका और मेरे पुत्र की शादी होगी और इसी वजह से मेरे बेटे के अंदर जो ब्लैक एनर्जी का बहाव hai,uske होते हुए उसके भीतर वाइट एनर्जी pahunchegi,yahi मेरी योजना थी.....
पर ये योजना अधूरी thi...mujhe बिल्जेबब के अंदर से पूरी ब्लैक एनर्जी बाहर निकालनी थी पर इसकी युक्ति मेरी समझ में नहीं आयी थी..
khair,is चीज़ को वक़्त पर छोड़ मई अपने मकसद में आगे बढ़ता गया....
जब मई इस्ला में फाउंटेन ऑफ़ लाइट के करीब पहुंचा तोह उसके ऊर्जा के प्रभाव से ब्लैक एनर्जी एक बार फिरसे मुझसे दूर हो गयी...
और इसीका फायदा उठाते हुए मैंने hi मेरे भाई के लिए भविष्यवाणियां उस फाउंटेन के अंदर छोड़ी...
ऐसा कर मेरा एक बोहोत बड़ा काम पूरा हुआ tha..aur ये राज़ राज़ hi रहे इसीलिए hi फाउंटेन गायब हो गयी थी....
khair,ISLA पर अपना काम ख़त्म करने के बाद मुझे एक विचार आया..
और वो विचार ये था की मैंने अपने भाई के लिए आगे का रास्ता तोह बना दिया है पर उस रास्ते तक पहुँचने के लिए भी एक मार्ग की ज़रुरत है...
मेरा भाई पृथ्वी पर पैदा होने वाला था जिसका अर्थ था की वो खुद भी ब्लैक एनर्जी के माहौल में घिरे रहने वाला था...
तोह ऐसे में उससे सच का पता चल पाना नामुमकिन था और इसीलिए मुझे पहले उससे सारा सच पता चल sake,iske बारे में बताना था पर सवाल था कैसे????
और इसका हल भी मुझे मिल गया और वो हल था स्पीयर.........
वो स्पीयर जो मेरे ब्लैक एनर्जी के धारक होने की वजह से कभी मेरी नहीं हो सकती थी पर ब्लैक एनर्जी को इस सत्य के बारे में नहीं पता था...
और जब मैंने उससे स्पीयर को हथियाने की बात कही तोह वो झट से मान गया..
और फिर जब हौली स्पिरिट्स से लड़ कर मई स्पीयर तक पहुंचा तोह मैंने ब्लैक एनर्जी से कहा की उसके रहते मई स्पीयर को नहीं छू सकता..
मेरी बात का ब्लैक एनर्जी ने विश्वास किया और मुझसे अलग हो gayi..aur ऐसा होते hi मैंने स्पीयर के अंदर अपना सारा सच छुपा दिया...
और साथ hi अपने वाइट एनर्जी के कुछ कण भी उसमे दाल दिए....
ये मैंने इसीलिए किया क्यूंकि मेरी hi तरह मेरे भाई के अंदर भी गोड्स सोन के कण होने वाले थे जिसका मतलब था की अगर मई अपने कुछ कण छोड़ दूँ तोह मेरा भाई अपने कानो को मेरे कानो में मिलकर एक बार बिना ब्लैक एनर्जी को पता लगने दिए मुझे सन्देश भेज सकता है...
ये मेरा सबसे महत्वपूर्ण काम था जिससे मैंने कर लिया tha..par अब एक नए विचार ने मेरे मन में जन्म लिया...
और वो ये की जो रास्ता मैंने बनाया hai,uspar चलने के बाद किसी न किसी मोड़ पर मेरा और मेरे भाई का दिमागी टकराव निश्चित है..
और अगर मई इस टकराव में हारा तोह कोई बात नहीं पर अगर जीता गया तोह मेरी योजना ख़राब हो सकती है
और इसीलिए मैंने एक नयी योजना बनायीं....
मेरे सातों साथी अब भी पुरे सोल the..maine उनकी मदद से एंगेल्स को एक सन्देश भेजा....
जिसमे मैंने कहा था की उन्हें मुझसे लड़ना होगा और उस युद्ध में मई दिखने के लिए उन्हें मार दूंगा पर असल में मई उनसे उनकी ऊर्जा लेकर उन सबको एक वाइट एनर्जी से बने शैल में भेज दूंगा..
और उनकी ऊर्जा में अपनी ऊर्जा मिलकर पृथ्वी में छोड़ दूंगा....
और जब मैंने एंगेल्स को मारने की बात अपने अंदर बेस ब्लैक एनर्जी को बताई तोह वो खुश हो गया...
और वो इसीलिए क्यूंकि वो चाहे भी तोह एंगेल्स को मारने की अनुमति उससे नहीं थी पर वो हमेशा से ऐसा करना चाहता था..
उससे लगा की मेरे ज़रिये उसका ये सपना पूरा होने वाला है और इसीलिए उसने इसके लिए ख़ुशी ख़ुशी हाँ कह दिया..
फिर मैंने उससे बताया की एंगेल्स को मारने के लिए उससे मेरे शरीर से बाहर जाना होगा क्यूंकि मई ये काम सिर्फ अपनी वाइट एनर्जी के दम पर hi कर सकता हूँ...
ब्लैक एनर्जी ने मेरी ये बात भी मान ली और मुझसे अलग हो गया..
फिर मैंने वही किया जो सोचा tha...maine एंगेल्स की ऊर्जा को उनसेनिकलल उस ऊर्जा में अपनी ऊर्जा को मिला दिया..
और ऐसा होते hi उस ऊर्जा ने अपना रंग बदल खुदको लाल कर लिया....
मेरा काम होते hi वाडे के मुताबिक उस ऊर्जा को फूल का रूप दे मैंने पृथ्वी भेज दिया और सारे एंगेल्स को एक शैल में कैद कर दिया..
उसके बाद मैंने वारियर्स वर्ल्ड के लोगों को काइआ का रास पिलाया जिसका काट वही लाल फूल (राखत फूल) थे जिनमे मेरी और एंगेल्स की ऊर्जा थी...
मुझे ये भी पता था की हेवन से निकलते वक़्त मेरी ऊर्जा का एक बोहोत बड़ा हिस्सा भी एअर्थ है और उस हिस्से ने भी एक फूल का रूप धरा hai..(SHWETH फूल)
ये मेरे लिए एक बोहोत अछि खबर थी क्यूंकि मई जानता था की किसी न किसी मोड़ पर मेरा और मेरे भाई का युद्ध भी ज़रूर होगा और तब वो फूल इस्तेमाल में आएगा...
और फिर जैसा मई चाहता tha,waisa hi hua....jaise hi विक्रम लार्ड ऑफ़ एंगेल्स बना और अपने सफर के पहले पड़ाव धवली झील को पूरा कर उसने स्पीयर को अपने हाथ में pakda,toh उस पल उसके दिमाग में मेरे साथ हुई साड़ी घटनाएं घूम गयी...
विक्रम को ये भी पता चल गया की डेविल लार्ड बनाने के बाद मैंने क्या क्या किया है और साथ hi उसके लिए किस तरह का रास्ता तैयार किया है....
और उसके बाद क्या क्या hua,ye सब तोह आप सब जानते hi हैं....
ास्मोडियस ने अपनी कहानी बता दी थी जिससे सुन रोनित के साथ साथ सभी के मुँह खुल गए थे....
रोनित- सॉरी bhai...par आज तक मई तुझे hi प्लानिंग का मास्टर समझता था पर तेरा बड़ा भाई तोह तेरा भी गुरु है.....
रोनित की बात सुन मई मुस्कुरा दिया पर...
ास्मोडियस- तुम गलत हो रोनित और वो इसीलिए क्यूंकि तुमने मेरी बात ठीक से सुनी नहीं....
याद है मैंने कहा था की मैंने स्पीयर के अंदर मेरे कण छोड़े थे ताकि मेरा भाई मुझे सन्देश भेज सके...
जानते हो विक्रम ने मुझे क्या सन्देश भेजा था???
तुम सबके साथ जो भी घटा hai,wo साड़ी चीज़ें विक्रम ने उन्ही कुछ पलों में सोच कर सन्देश के रूप में मुझे भेज दी थी...
मतलब जो कुछ भी हुआ hai,jo कुछ bhi..wo सब विक्रम की hi योजना thi.....ISLA में मुझसे युद्ध होना और उस युद्ध में उसका हारना ये उसीकी योजना के तहत हुआ था....
क्यूरियस में fasna,wahan के सौरिस वृक्ष के माध्यम से मेरे खून का उसके अंदर jaana.ye भी विक्रम की hi योजना थी...
मैंने परिवर्तक को चुराया tha...maine ये इसीलिए किया था ताकि अगर कभी मेरे भाई की कोई योजना विफल ho,toh मई परिवर्तक के सहारे उस समय में फेरबदल कर सकूँ....
किन्तु विक्रम ने मेरी योजना को एक नया रूप diya..usne मुझे डार्क एनर्जी की नज़रों में और बड़ा बनाने के लिए परिवर्तक का इस्तेमाल खुदके नुक्सान के लिए करने की योजना बनायीं....
विक्रम का अस्तित्व उससे दूर hona,BHUVIKA का डेविल banana,ANJALI को गायब karana,ye सब इसीकी योजना के अंतर्गत उठाये गए कदम थे....
अगर एक वाक्य में कहूं तोह इतनी सदियों की तड़प के बाद जो शांति मुझे आज मिली hai,ye विक्रम के कड़े निर्णय के वजह से hi हो पाया है...
इसने मुझे आज़ाद करने के लिए खुद को और उनको जिनसे ये प्यार करता hai,unhe तक दुःख पहुँचाया..
पर अगर ये ऐसा नहीं करता तोह मई कभी भी आज़ाद नहीं हो पाटा....
ास्मोडियस की बात सुन एक बार फिरसे सभी के मुँह खुल गए पर इस बार उनके ध्यान के केंद्र मई बन चूका था....
रोनित- bhai,mai अपने शब्द वापस लेता hun..tu गुरु tha,hai और हमेशा रहेगा...
मई- चुप बे नौटंकी......
यहाँ असमदोटूस सारे राज़ हमारे सामने खोल रहा था पर ये सब खुलासा सिर्फ हम hi नहीं कोई और भी सुन रहा था और वो था...
ब्लैक एनर्जी.......
और जैसे hi हमारी बात ख़त्म हुई....
मममनननममनंमंमंमंमंमंमंममनमनंमं.......
एक अजीब सी आवाज़ हमारे पीछे सी hui..ye आवाज़ और किसी की नहीं ब्लैक एनर्जी की hi थी जो हमारी बातें सुन बोहोत ज़्यादा ग़ुस्से में थी और अपनी पूरी शक्ति लगाकर खुदको आज़ाद करने की कोशिश कर रही थी....
हर पल उसकी हलचल बढ़ती hi जा रही थी और फिर अचानक........
बूम...........................
एक तेज़ धमाके के साथ मेरी ऊर्जा से बना पिंजरा ब्लास्ट हो गया और ऐसा होते hi....
ब्लैक एनर्जी तेज़ी से हमारी तरफ badhi....jahan ये नज़ारा देख सभी हड़बड़ा से गए थे वहीँ मई शांत hi था और नलक एनर्जी को अपनी और बढ़ता देख मई तुरंत सबके सामने आ गया था....
अब ये मेरी आखरी जुंग थी और इससे मुझे ताकत से नहीं बलकि बुद्धि से लड़ना था...
और इस जुंग में ास्मोडियस मेरा साथ नहीं दे सकता था क्यूंकि अभी भी ास्मोडियस की एंजेल फॉर्म के बाहर ब्लैक एनर्जी की परत थी जिसका मतलब था की वो अभी भी आज़ाद नहीं हुआ था..
अगर वो ब्लैक एनर्जी के सामने आ जाता तोह ब्लैक एनर्जी तुरंत उसके अंदर समां जाती.....
पर मई ऐसा होने नहीं दे सकता tha...aur मई ये भी अछि तरह से जानता था की मुझे क्या करना hai..maine इस पल के लिए भी सबकुछ पहले से सोच लिया था.....
और इसीलिए....
जैसे hi वो ब्लैक एनर्जी हमारे और थोड़ा करीब पहुंची,
मैंने अपना हाथ आगे कर diya..mere ऐसा करते hi मेरी वाइट एनर्जी सीधे जाकर उस ब्लैक एनर्जी से टकराई....
दोनों hi शक्तियां अपने पुरे दम ख़म से एक दूसरे से भिड़ी हुई थी पर ये क्या????
ब्लैक एनर्जी धीरे धीरे मेरी एनर्जी को पीछे धकेलते हुए मेरी तरफ आने लगी..
और ये सब देख मेरे सभी घरवाले घबरा से गए.....
पर वो इस बार कुछ भी नहीं कर सकते the..sabhi दम साढ़े इस दृश्य को देखे लगे...
वहीँ धीरे धीरे ब्लैक एनर्जी मेरी एनर्जी को धकेलते हुए मेरे काफी पास आ चुकी थी..
ऐसा लग रहा था की कुछ hi पलों में मई उसकी चपेट में आ जाऊँगा पर तभी......
MAI-BEWAKUF....AB तोह SAMAJH...JAB जब हम हारते हुए DIKHEN,TOH समझ जाना की हम जीतने वाले हैं.....
ब्लैक एनर्जी को देख मैंने ये बात कही जिससे वो समझने की कोशिश में लग गया और तभी......
MAI-AVANTIKA.............
ABHICHAARITA....ABSORBTANCE............
जैसे hi मैंने अवंतिका का नाम liya,AVANTIKA तुरंत मेरे पीछे आकर कड़ी हो गयी और उसके ऐसा करते hi मैंने स्पेल बोलै...
जिसके उच्चारित होते hi मेरी बैक से एक रे निकल अवंतिका पर पड़ी और अगले hi पल अवंतिका मुझमे समां चुकी थी...
और जैसा hi ऐसे hua,maine अपना हाथ जिससे आगे कर मैंने ब्लैक एनर्जी को रोका हुआ tha,usse हटा लिया और ऐसा होते hi...
ब्लैक एनर्जी सीधे मुझसे टकराई और अगले hi पल....
मममममनमननननमनननममनंमंमंमममम...
एक ेजीब सी आवाज़ उस ब्लैक एनर्जी से निकलने लगी जो की उसके छटपटाने की वजह से आ रही थी...
और reason....simple है yaar...is ब्रम्हांड की सबसे शक्तिशाली कवच थी मेरी AVANTIKA.......aur उसके मेरे अंदर सामने से वो कवच मुझमे ट्रांसफर हो गयी थी..
और जैसे hi ब्लैक एनर्जी ने मुझे भेदने की कोशिश की तोह उसकी टक्कर उसी कवच से हुई जिससे छूटे hi ब्लैक एनर्जी की हालत पतली हो चुकी थी और वो जल बिना मछली की तरह तड़प रही थी...
वहीँ अपना काम पूरा होते hi मैंने अवंतिका को खुदसे बाहर निकल दिया था....
MAI-mere भाई के अंदर से अपने कण बाहर निकाल......
मेरी बात सुननने के बाद भी ब्लैक एनर्जी ने कुछ नहीं किया और इसीलिए.....
MAI-AVANTIKA....jaakar इससे एक बार फिरसे छुओ ज़रा......
मेरे ऐसा कहते hi भूप............
इस आवाज़ के साथ ब्लैक एनर्जी गायब हो गयी और ऐसा होते देख मई मुस्कुरा उठा...
रोनित- अब्बे तू है रहा hai..wo गायब हो गयी है....
MAI-gayab होने का वक़्त तोह तुम सबका भी हो गया hai....apne अपने शील्ड के पास जाओ और जैसे hi मई kahun,usse एक्टिवटे कर देना....
मेरे ऐसा कहते hi DEFENDER,RONIT,ANJALI,AKSHAANT,SHAILA और मोकलसर गायब हो गए और सीधे पहुंचे अपने अपने शील्ड के पास..
सिर्फ वो तीनो hi nahi,balki उनके साथ साथ सारे एंगेल्स भी अपने अपने शील्ड के पास पहुचंह चुके थे....
AVANTIKA-V.J.....inhe क्या हुआ???
अब तक किसीका भी ध्यान मेरी उस ऊर्जा की तरफ नहीं गया था जिससे भेद कर ब्लैक एनर्जी आज़ाद हुई थी..
मेरी वो ऊर्जा अकेली नहीं थी बल्कि उसके साथ थे सेवन ोपोस्टल्स भी थे जो उस ब्लास्ट की वजह से नीचे बेहोश होकर गिरे हुए थे...
MAI-ye सब बेहोश hain...par ये सब तभी होश में आएंगे जब ास्मोडियस आज़ाद hoga..kyunki ास्मोडियस के जिस एंजेल फॉर्म को हमे आज़ाद करना hai,usse ये सातों भी जुड़े हैं..
जैसे hi वो part आज़ाद hoga,ye उठजाएँगे...
यहाँ हम बात कर रहे थे और वहां ब्लैक एनर्जी ने खुदके सभी अंशो को पुरे ब्रम्हांड के हर जीवन दायी गृह में विभाजित कर दिया था..
और वो सारे अंश बड़े बड़े काले बादलों सा रूप लिए हर गृह को बर्बाद करने चल पड़े थे....
और जैसे hi वो सारे अंश सभी प्लैनेट्स के ऑर्बिट के पास पहुंचे,
MAI-ABHI........
तेजसाते
एक्टिवटे
मेरे अभी कहते hi RONIT,ANJALI,DEFENDER,MOKALSAR,AKSHAANT,SHAIA और सारे एंगेल्स ने एक साथ अपने अपने शील्ड को छूकर इस स्पेल को उच्चरित किया और उनके ऐसा करते hi.....
सभी के शील्ड एक साथ एक्टिवटे हो gaye...sabhi शील्ड्स एक फार्मेशन बनाते हुए एक दूसरे के साथ जुड़ गए और जैसे hi ब्लैक एनर्जी के सारे अंश एंगेल्स के शील्ड से takraaye,SHIELD ने एक जाल का रूप ले लिया जिसमे सारे ब्लैक एनर्जी के कण फास गए......
रोनित- ओह तेरी ki...to साले ने इसीलिए हमे बोलै था अपने अपने शील्ड का कानो को यहाँ रखने के लिए...
इस साले को मई कभी भी समझ पाऊंगा भी की नहीं.....
मई- समझना छोड़ और वापस aa...parcel अपने आप यहाँ पहुँच जाएगा....
मेरे ऐसा बोलते hi RONIT,ANJALI, डिफेंडर और व्रीहाख वासी गायब होकर मेरे सामने प्रकट हुए वहीँ एंगेल्स शील्ड मचलती तड़पती ब्लैक एनर्जी को लिए हमारे पास आने के लिए निकल गयी और कुछ hi पलों में ब्लैक एनर्जी एक बार फिरसे मेरे सामने थी....
MAI-tujhe क्या लगा की तू मनमानी karegi???tera अस्तित्व इसीलिए ज़िंदा है क्यूंकि मनुष्य ने खुद की ख़ुशी से तेरा त्याग नहीं किया है...
जिस दिन ऐसा hua,tu हमेशा के लिए ख़त्म हो jaayegi..par फिलहाल के लिए अगर तू आज़ाद होना चाहती है तोह पहले मेरे भाई को आज़ाद कर...
मेरी बात सुन ब्लैक एनर्जी ने एक काली रे के सहारे हवा में कुछ लिखा जो था...
ब्लैक एनर्जी- कभी NAHI.........IS बंधन में भी मई सिर्फ कुछ HI देर के लिए कैद हूँ....
जैसे HI मई आज़ाद HUI,TERA भाई एक बार फिरसे मेरा गुलाम होगा......
ब्लैक एनर्जी ने जो लिखा tha,wo सच tha...ANGELS शील्ड भी उससे ज़्यादा देर तक सिन्ट्रोल में नहीं रख सकती thi...iska कोई परमेनन्ट सलूशन चाहिए था जो की फ़िलहाल मेरे पास नहीं था...
मई ये सब सोच hi रहा था की तभी.......
मेरे सामने एक तेज़ रौशनी हुई और ऐसा होते hi मेरी आँखें चमक uthi...is उधेड़ बून्द में मई ये भूल hi गया था की भविष्वाणी ने कहा था की वो आखिर में एक बार और सामने आएगी और वो आ गयी....
और इस बार भविष्यवाणी की चमक को सिर्फ मई hi nahi,balki सभी देख रहे थे...
कुछ देर तक चमकते रहने के बाद:-
वो ऐसे जुड़ा है जैसे
शरीर से आत्मा...
अलग कर HI हो सकता है
असली डेविल का खात्मा...
पर ये आसान नहीं है..
जो अब तक तूने किया है
आगे का रास्ता भी वही है...
जो उपहार तूने अपने दोस्तों
को दिए HAIN,UNHE तुझे
वापस लेना होगा....
जो तुझे मिला HAI,USSE भी
तुझे वापस देना होगा.....
ये बोल भविस्यवाणी आखरी बार चमकी और गायब हो गयी और छोड़ गयी मेरे चेहरे पर एक मुस्कान...
मई जान चूका था की भविष्यवाणी की कही बात का मतलब क्या है और मेरे साथ साथ ास्मोडियस भी समझ चूका था और इसीलिए...
ास्मोडियस- नहीं VIKRAM...aisa करने की ज़रुरत नहीं है...
MAI-zaroorat है BHAI..aur तू दिल छोटा मत kar..mai भी यही चाहता था....
RONIT,ANJALI,MOKALSAR,AKSHAANT,SHAILA...jo भविष्यवाणी में बताया गया है उसका मतलब है की....
सब- हमे मालाब पता है...
रोनित- bhai,tu याद कर की क्या कहा था humne..tere लिए तोह हम अपनी जान भी दे सकते हैं फिर ये चीज़ें तोह कोई मायने hi नहीं रखती......
अंजलि- हाँ V.J...aur देखा जाए तोह हम इसके बिना hi ठीक थे यार.....
AKSHAANT-hume बस इस बात की ख़ुशी है की हम तुम्हारे साथ मिलकर ये जुंग लड़ पाए....
SHAILA-bilkul और साड़ी उम्र हमे इस बात का गर्व रहेगा की हम तुम्हारे दोस्त हैं...
मोकलसर- भले hi तूने हमे खुदके आगे अपना सर झुकाने से मन किया hai,par हमारा दिल तेरे हर फैसले के आगे झुका हुआ है...
जो तेरे लिए सही hai,wo हमारे लिए भी सही होगा...
सब- और सबसे ख़ुशी की बात क्या है पता hai,ki इस आखरी डाव में हम सब एक साथ हैं......
किसीको भी मेरे दोस्तों की बात समझ में नहीं आयी पर वो सब चुप hi रहे वहीँ अपनी अपनी बात कह मेरे दोस्त मेरे बाजू में आकर खड़े हो गए...
रोनित- तोह शुरू करें???
MAI-ek साथ........
सब- एक साथ..........
समुपराहति सम्पूर्ण शक्तियम
सैक्रिफिकिंग आल पावर्स
जी हाँ doston.....yahi था भविष्वाणी में कहे गए आखरी बात का matlab..agar मुझे ास्मोडियस को बचाना था तोह मुझे और मेरे उन दोस्तों को जिन्हे मैंने शक्ति दी thi,unhe अपनी अपनी शक्ति का बलिदान देना था...
जो हम दे रहे थे...........
हमारे एक साथ अपने अपने इस ज़िन्दगी के आखरी स्पेल को उच्चारित करते hi एंगेल्स की शील्ड टूट गयी..
उसके टूटते hi ब्लैक एनर्जी फिरसे गायब होने को हुई पर इससे पहले की वो ऐसा कर पाती हम सब के पुरे शरीर से हमारी ऊर्जा बाहर निकली और सीधे जाकर ब्लैक एनर्जी से टकरा गयी और अगले hi पल......
बूम्म्म्म..............
एक तेज़ धमाके के बीच ब्लैक एनर्जी के सारे कण एक जगह अकड़ से गए....
वो बिलकुल हिल भी नहीं पा रहे the.....aur धीरे धीरे उन सारे कानो में कम्पन होने लगी.....
वहीँ अपनी साड़ी ऊर्जा बाहर निकलने की वजह से हम सब नीचे ज़मीं पर गिरने लगे पर इससे पहले की हम नीचे girte,hume हमारे घरवालों ने थाम लिया...
पर हम 6 दोस्त बेहोश हो चुके the...hamare सभी घरवाले बोहोत घबराये हुए थे पर बस ास्मोडियस शांत खड़ा था मानो वो जानता है की क्या होने वाला है...
इन सबसे अलग अब ब्लैक एनर्जी के कानो में और ज़्यादा कम्पन होने लगी थी जिसका मतलब था की अगर जल्दी hi वो ठीक नहीं हुई तोह वो अपनी शक्ति हमेशा के लिए खो देगी...
उसका अस्तित्व तोह इंसानो के बीच rahega,par जैसे हर दिन उसकी शक्ति बढ़ती जा रही hai,wo फिर कभी नहीं होगा...
और ऐसा ब्लैक एनर्जी भला कैसे होने देती और इसीलिए...
उन जकड़े हुए ब्लैक एनर्जी के कानो के बीच से एक काली रे निकल सीधा ास्मोडियस के सीने के बीच लगी और ऐसा होते hi....
असमदोटूस का शरीर ऊपर हवा में उठ gaya.....aur देखते hi देखते उसका काला लिबास सफ़ेद होने लगा जिसका मतलब था की उसकी आत्मा जिसपर ब्लैक एनर्जी ने कब्ज़ा कर लिया tha,wo अब वापस अपने एंजेल फॉर्म में आ रही थी.....
कुछ देर तक ास्मोडियस का शरीर यूँही ऊपर उठा रहा और जैसे hi ब्लैक एनर्जी ने अपने सारे कण उसके शरीर से वापस kheenche,ASMODEUS का शरीर वापस ज़मीन में आ गया था....
असमदोटूस के वापस एंजेल बनते hi सारे डेविल्स जो जड़ हुए अभी तक एक जगह पर खड़े the,wo गायब हो गए....
इतना hi nahi,ASMODEUS को आज़ाद करने की वजह से ब्लैक एनर्जी भी आज़ाद हो गयी और अगले hi पल वो भी गायब हो चुकी थी...
दरअसल बात ये थी की ब्लैक एनर्जी ने ास्मोडियस की ऊर्जा से hi डेविल्स बनाये थे और अगर सारे डेविल्स एक साथ मर जाते तोह ास्मोडियस भी एक अनंत नींद में चला जाता..
इसीलिए डेविल्स को मारने से पहले ास्मोडियस का एंगेल्स फॉर्म में लौटना ज़रूरी था और इसीलिए hi मैंने मेरे दोस्तों को डेविल्स को मारने से रोका था....
ये सारा दृश्य हम सबके घर वाले और डिफेंडर देख रहे थे.....
और वो सब भी ास्मोडियस के लिए बोहोत खुश the....aur जैसे hi ास्मोडियस वापस ज़मीन पर utra,toh उसके अगले hi पल सारे एंगेल्स और गोड्स मैसेंजर उसके सामने प्रकट हुए और आज नजाने कितनी सदियों के बाद वो सब ास्मोडियस थे क्रेअटुरे ऑफ़ जजमेंट के आगे झुक गए थे...
और ये सब देख ास्मोडियस मुस्कुरा utha..wo चलता हुआ मेरे पास पहुंचा और नीचे बैठ प्यार से मेरे बाल को सहलाया..
उसके हाथों से एक रौशनी निकल मेरे सर में समां गयी और ऐसा होते hi मेरी आखें खुल गयी...
ये रौशनी सिर्फ मेरी hi नहीं बल्कि मेरे सभी दोस्तों के अंदर भी गयी थी जिसकी वजह से उन सब की भी आँखें खुल चुकी थी.....
आखें खुलने पर जैसे hi मेरी नज़र ास्मोडियस पर गयी तोह मई मुस्कुरा utha..mera भाई अपने असली रूप में tha..issi दिन के लिए hi तोह मेरा जन्म हुआ तोह....
मई बता नहीं सकता था की मई आज कितना खुश tha..kuch वक़्त तक उसके इस रूप को देखने के बाद मई खड़ा hua..mere साथ साथ मेरे दोस्त भी खड़े हो गए थे...
मैंने देखा की सारे एंगेल्स भी वहां मौजूद हैं और इस वक़्त ास्मोडियस के सम्मान में झुके हुए हैं...
इतना hi nahi,THE SEVEN.OPOSTLES भी अब होश में आ चुके थे और वो भी ास्मोडियस के सम्मान में झुके हुए थे...
ये देख मेरी ख़ुशी और बढ़ gayi..dekha जाए तोह अब मुझे भी उसके आगे झुकना था और इसीलिए...
मई उसके आगे झुकने को हुआ पर ास्मोडियस तुरंत आगे बढ़ा और उसने मुझे ऐसा करने से रोक दिया....
ASMODEUS-koi भी अपने ओहदे और अपने नाम से बड़ा नहीं hota,kaam से होता hai..aur तेरे काम के आगे मेरा नाम बोहोत छोटा है मेरे भाई....
इसीलिए तू मेरे आगे नहीं बल्कि मई तेरे आगे झुकूंगा...
ये बोल ास्मोडियस मेरे आगे सच में झुक गया पर मैंने भी तुरंत उससे ऊपर उठा दिया.....
MAI-mai आपके ओहदे की वजह से नहीं बल्कि हमारे रिश्ते की वजह से झुका tha..ek छोटे भाई की तरह....
ास्मोडियस- तेरी जगह मेरे पैरों में नहीं बल्कि मेरे दिल में है भाई....
ये बोल ास्मोडियस ने मुझे गले लगा liya.....hum सबको यूँ गले लगते देख सभी बोहोत खुश थे....
हम दोनों भाई यूँही गले लगे हुए hi थे की तभी....
ASMODEUS-FATHER............
ास्मोडियस के ये कहते hi मई उससे अलग hua..mai उससे कुछ कहता की तभी.....
हम सब ले सामने हवा में एक रौशनी चमक uthi....is रौशनी का तेज बोहोत ज़्यादा था पर फिर भी आँखों को सुकून दे रहा tha..aur इसका सिर्फ एक hi मतलब हो सकता था और वो ये की.....
ये रौशनी और कोई नहीं बल्कि खुद गॉड थे..
GOD-TUMHARI नियति पूरी हुई PUTR....MUJHE गर्व है तुमपर....
जैसे hi ये awaagujinji,sabhi के हाथ आपस के जुड़ gaye...sabhi एक तक उस रौशनी को महसूस करने में लग गए थे.....
GOD-ASMODEUS,AAJ तुम वापस अपने पुराने रूप में लौटे हो...
उम्मीद है की तुम्हारे भाई की HI तरह तुम भी अपने इस रूप और ओहदे का मान रखोगे....
असमदोटूस- जी फादर....
हम दोनों से बात करने के बाद अब बारी थी हमारी फैमिलीज़ की या फिर ये कहूं की मनुष्य की...
GOD-MAI देख रहा हूँ की आप सब के मन में मुझसे आशीर्वाद प्राप्त करने की इच्छा जागृत हो रही है...
ये अच्छी बात है पर मेरा एक प्रश्न है...???
और वो ये की क्या सच में तुम मनुष्यों को मेरा आशीर्वाद चाहिए???
क्या तुम्हे सचमे इसकी ज़रुरत है....?????
गॉड के सवाल का मतलब किसीको भी समझ में नहीं आया और इस बात को गॉड भी जानते थे और इसीलिए....
GOD-SAMJHATA HUN...VISTAAR से समझाता हूँ...
मनुष्य JAATI.....MERE द्वारा बनायीं गयी योनियों में श्रेष्ठा योनि.....
एक ऐसी योनि जिससे मैंने एक ऐसा मस्तिष्क दिया है जिससे वो कुछ भी प्राप्त कर सकता HAI....KUCH भी बन सकता है...
और साथ HI एक ऐसा दिल भी दिया है जिससे वो हर एहसास को महसूस कर सकता है....
पर इन दोनों HI आशीर्वादों का उपयोग उल्टा HI किया है मनुष्यों ने...
जिस दिमाग को सकारात्मक चीज़ों को सोचने एवम कार्य में लाने के लिए दिया गया था उससे मनुष्य विध्वंशी चीज़ों के बारे में सोच कार्य में लाता है....
मनुष्य को मैंने एक गृह दिया रहने के LIYE,AUR उस एक गृह को मनुष्यों ने मिलकर अलग अलग हिस्सों में बात दिया...
एक नियम था जो मनुष्य जाती पर लागू होता था और वो ये की एक साथ मिलजुल कर रहे पर तुमने क्या KIYA,KHUD HI खुदको सबसे अलग करते चले गए...
कितनी अजीब बात है NAA,KI मनुष्यजाति को मैंने बनाया और फिर बाद में जब मनुष्य समझदार BANA,TOH उसने मुझे HI बना दिया...
अपने हिसाब से रूप DIYA,NAAM दिया और मेरी HI आड़ लेकर अलग अलग समुदाय BANAYE,MAANYATAAYE BANAYI,DHARM बनाये....
किन्तु देखा जाए तोह धर्म की नीव जिस चीज़ पर राखी गयी वो गलत नहीं थी..
क्यूंकि हर धर्म का श्रोत और मुख्या उद्देशःया एक HAI...AUR वो श्रोत है इंसानियत.....
पर इस श्रोत को छोड़ बाकी सबका पालन किया मनुष्य ने....
हर धर्मग्रन्थ में मनुष्य के सही जीवन यापास का मार्ग दिखाया गया है...
किन्तु हर व्यक्ति उस ग्रन्थ के उन्ही नियमो का पालन करता HAI,JO उसकी सुविधा अनुसार होते हैं..
बाकी हर बात को जो ज़्यादा ज़रूरी HAI,USSE वो नज़रअंदाज़ कर देता है....
तुम जिस देश में रहते हो उसीमे नजाने कितने HI धर्म हैं और हर धर्म की अपनी अपनी विशेषता है..
कोई राम को मानता है
कोई अल्लाह को मानता है
कोई गुरु गोविन्द सिंह को मानता है
तोह कोई ईसा मसीह को मानता है
पर वही लोग राम की नहीं मानते,
अल्लाह की नहीं मानते,
गुरु गोविन्द सिंह की नहीं मानते,
ईसा मसीह की नहीं मानते
तोह फिर फायदा HI क्या???
और इसीलिए मैंने पूछा था की क्या सच में तुम्हे मेरा आशीर्वाद चाहिए....
तुम मनुष्यों के साथ जब भी कुछ ाचा या बुरा होता HAI,TOH तुम मुझे याद करते हो...
पर मई तोह तुम्हारे कर्मो के रास्ते में हूँ HI नहीं तोह फिर मेरा नाम बीच में आया कहाँ से???
ना HI मई तुम्हारे अचे कर्मो में तुम्हारा बाधक बन सकता हूँ और नाही तुम्हारे बुरे कर्मो में तुम्हारा सहायक हो सकता हूँ....
तुम्हारे जीवन का फैसला तुम्हारे कर्म तय करते HAIN,MAI नहीं....
KARM...JAIRAJ......TUM इस कर्म शब्द के सबसे बड़े उदहारण HO...TUM आज जो कुछ भी HO,USKE पीछे सिर्फ तुम्हारी HI म्हणत HAI,MERA आशीर्वाद नहीं.....
मनुष्य जाती में पैदा होने वाले हर व्यक्ति का जीवन एक महँ लक्ष्य की तरफ अग्रसर होना चाहिए...
मुझे एक बात BATAO,AAJ जो ज़िन्दगी तुम जी रहे HO,KYA उससे महान कहा जा सकता है???
तुम अपनी कमाई का 10व हिस्सा दान देते HO..KYA तुम्हे लगता है की इतना काफी HAI..YA फिर ये बताओ की जितना हिस्सा तुम अपने पास रखते HO,KYA उतना HI तुम्हारे लिए काफी नहीं है???
मेरे कहने का ये अर्थ है की रात को जब तुम अपने परिवार के साथ भोजन करते HO,TOH क्या तुम्हे इस बात का एहसास होता है की उसी वक़्त दूर कहीं कोई बच्चा भूक से तड़प रहा होगा...
कोई माँ अपने हिस्से का खाना अपने परिवार में किसी को परोस रही होगी....
जब तुम अपने आलिशान महल जैसे घर के कमरे में सोते HO,TOH क्या तुम्हे ये ख्याल कभी आता है की दूर कहीं कोई खुले ासंकं के नीचे लेता ठण्ड से ठिठुर रहा होगा....
इतनी दौलत का क्या लाभ पुत्र जब वो किसीके काम HI ना आ सके...
तुम तोह खुद एक अनाथ THE....BOHOT बुरा वक़्त देखा है TUMNE....TOH तुम्हे नहीं लगता की अब जब तुम सक्षम HO,TOH तुम्हे तुम्हारे HI तरह बचपन गुजरने वाले बच्चों के लिए कुछ करना चाहिए...
तुम्हारे HI तरह ना जाने कितने HI बचे अनाथ HONGE,TUMHE उनका पितः बन उनकी ज़िन्दगी सावर्णि चाहिए...
जितना तुमने अभी तक कमाया HAI,UTNA HI तुम्हारे साथ पुश्तों के लिए काफी है पर शायद तुम ऐसा नहीं सोचते..
ये ज़िन्दगी तुम सबकी अपनी HAI..ISPAR और किसीका हक़ NAHI...JO दिल में आये KARO.....BAS इतना याद रखो की जिस योनि में तुम सबने जन्म लिया है अगर उस योनि में भी तुम सिर्फ अपने बारे में HI सोच रहे HO,TOH तुममे और एक जानवर में कोई फर्क नहीं है.......
मेरी बातों को सुन तुम सभी को लग रहा होगा की मई मनुष्य जाती के खिलाफ हूँ..
पर ऐसा नहीं HAI..KYUNKI अगर ऐसा HOTA,TOH अब तक तुम सबकी हस्ती मिट चुकी होती....
जिस आशीर्वाद की लालसा लिए तुम सब खड़े HO,WO आशीर्वाद मैंने तभी दे दिया था जब तुम्हारी जाती KO.MAINE जन्म दिया था...
एक ऐसा आशीर्वाद जो अविषाप भी है...
AASHIRWAAD-AGAR अपने बुद्धि को अचे कामो के लिए प्रेरित कर उपयोग में LAAOGE,TOH तुम्हारा और तुम्हारे संसार का उद्धार निश्चित है..
AVISHAAP-AGAR अपनी बुद्धि को गलत कामो के लिए प्रेरित कर उपयोग में LAAOGE,TOH तुम्हारा और तुम्हारे संसार का विनाश निश्चित है...
VIKRAM.....PUTRA....TUMNE सही कहा THA...TUM जयराज सिंह के बेटे HO...PAR सिर्फ तक तक जब तक तुम्हारे मनुष्य जीवन का अंत नहीं हो जाता....
जिस दिन भी तुम्हारी आत्मा ने तुम्हारा ये शरीर TYAGA,US दिन से तुम सिर्फ मेरे पुत्र कहलाओगे....
और अपने भाई के साथ मिलकर अपने लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के ओहदे को संभालोगे...
RONIT,ANJALI,AKSHAANT,MOKALSAR,SHAILA..TUM सबने जो त्याग आज दिखाया है उसका फल तुम सब को मिलेगा...
विक्रम की HI तरह जिस दिन तुम्हारी आत्मा तुम्हारे शरीर से अलग HOGI,TOH तुम सबको भी एंगेल्स में स्थान मिलेगा...
ASMODEUS,BEELZEBUB को बाहर निकालो.....
बिल्जेबब को ास्मोडियस ने अपने अंदर hi रखा tha..kyunki उसीकी तरह बिल्जेबब को भी ब्लैक एनर्जी ने डेविल बनाया था...
भुविका के वाइट एनर्जी की वजह से बिल्जेबब के अंदर की ब्लैक एनर्जी कमज़ोर ज़रूर पढ़ गयी थी पर फिर भी वो उसके अंदर hi थी...
पर ास्मोडियस को आज़ाद करते वक़्त ब्लैक एनर्जी ने बिल्जेबब को भी आज़ाद कर दिया था....
गॉड के आदेश देते hi ास्मोडियस ने बिल्जेबब को अपने अंदर से बाहर निकला..
बिल्जेबब भी इस वक़्त एंगेल्स के कपड़ों में था और बोहोत खुश लग रहा tha..GOD को अपने सामने देख वो भी झुक गया.....
रोनित धीरे se-acha तोह इसीलिए hi इसने कहा था इस श्रापित ज़िन्दगी से निकालने के लिए धन्यवाद्.....
कुछ याद आया doston.BHUVIKA के द्वारा ख़त्म होने से पहले बिल्जेबब ने कुछ कहा था जिससे सुन सभी शॉकेड हुए the..wo यही बात थी....
GOD-DEFENDER.AAJ से आप सिर्फ इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड के HI नहीं बल्कि पुरे ब्रम्हांड के देफंदोहोँगे और इसमें आपका साथ
"थे हेयर ऑफ़ वाइट एनर्जी" बिल्जेबब देगा.....
गॉड की बात सुन डिफेंडर और अपना नया ओढ़ा जान बिल्जेबब खुश हो गए......
गॉड- ALESENDRA,AGAR TUM.CHAAHO तोह हेवन में ास्मोडियस की पत्नी का स्थान ले सकती हो...
अलेसेन्द्र- ये मेरा सौभाग्य होगा....
अलेसेन्द्र ने ास्मोडियस को देखते हुए कहा.....
GOD-TUM SAATH...(THE सेवन OPOSTLES)...TUMNE अपना दायित्व पूरी निष्ठा के साथ निभाया..
इसीलिए अब तुम सब भी मेरे मतलब गोड्स मेसेंजर्स कहलाओगे...
GOD-AVANTIKA.....VIKRAM HI HI तरह मनुष्य जीवन को त्यागने के पश्चात् तुम हेवन में भी मेरे बेटे की शक्ति के रूप में उसके साथ रहोगी...
गॉड की बात सुन अवंतिका का चेहरा खिल उठा....
GOD-VIKRAM...TUM और तुम्हारे दोस्तों की अलौकिक शक्तियां HI तुमसे ली GAYI.HAI तुम सबकी शारीरिक शक्तियां अब भी तुम सबके पास HI है...
और जैसा की मैंने कहा की तुम सब की असली शक्ति और ओहदा तुम सब का इंतज़ार करेगा.....
ये जो चीज़ें HUI,USKI वजह से आप सबके जीवन में उथल पुथल हुई....
इसीलिए मई समय को वापस पीछे ले जा रहा हूँ....
उसी समय पर जब आप सब लोनावला में अपने फार्म हाउस में थे.....
गॉड के ये बोलने के अगले hi पल हम सबके आखों के सामने एक फ़्लैश सा हुआ और फिर....
सबकी आखें एक बार फिरसे बड़ी हो gayi...kyunki अब हम सब पैरेलल वर्ल्ड के गुफा में नहीं बल्कि अपने फार्म हाउस के हॉल में खड़े थे....
GOD-WAQT घूम चूका HAI...JO भी उथल पुथल हुई THI,AB वो किस्सा मिट चूका है.....
इसके बाद गॉड की आवाज़ नहीं आयी जिसका मतलब था की वो जा चुके थे..
गॉड के जाते hi hi ास्मोडियस मेरे माँ डैड के पास गया और उनके पेअर छुए......
ास्मोडियस- मैंने कहने के लिए hi आप दोनों को माँ डैड नहीं कहा tha..maine दिल से आप दोनों को अपने माता पितः का दर्जा दिया है...
ास्मोडियस के सर पर हाथ रख मेरे ओह सॉरी हमारे माँ डैड ने उससे आशीर्वाद दिया...
रोनित- bhai,har सवाल का जवाब मिल गया बस दो रह गए हैं....
ास्मोडियस- यही ना की जब मैंने किसी बेकसूर को मारा नहीं तोह मैडोक्स और दिग्विजय की माँ जो की बेकसूर thi,unhe क्यों मैडोक्स के हाथों मरवाया और जब माँ डैड मरे hi नहीं थे तोह विक्रम इतना अपसेट क्यों था???
रोनित- जवाब भी एक साथ hi दे दे भाई
ASMODEUS-kyunki मैडोक्स और दिग्विजय डेविल्स the,isilye उन्हें जन्म देने की वजह से उनकी माँ भी उसी श्रेणी में चली गयी थी और अगर वो साधारण तरीके से मरती तोह उनकी आत्मा को भी उसी अंधकार और दर्द भरे दुनिया में जाना पड़ता जहाँ हर डेविल तड़पता था..
और इससे बचने का एक hi तरीका था और वो ये था की उन्हें खुद उनका बीटा मारे जिससे उनकी आत्मा शुद्ध हो जाए..
और मैंने वही करवाया.....
ऐसा hi कुछ अलेसेन्द्र के साथ भी हुआ tha...na चाहते हुए भी वो एक डेविल की माँ बानी थी पर खुदकी कुबानी देकर उसने भी अपने आप को उस पाप से मुक्त कर लिया...
और जहाँ तक बात विक्रम hi है तोह वो जवाब यही देगा...
मई- haan,ab तोह यही बोलोगे naa..arre यार सब प्लानिंग भले hi मेरी थी पर माँ डैड को मारने का ढोंग मैंने इससे करने को कहा था पर इसने मुझे hi फसा दिया था....
और अपसेट मई इसीलिए था क्यूंकि मई सोच रहा था की ास्मोडियस ने अगर हम इंसानो के बारे में गलत नहीं सोचा hota,HEAVEN से नहीं निकला होता तोह ये सब प्रपंच करने की ज़रुरत hi नहीं पड़ती पर फिर मई समझ गया की जो hua,usse होना hi था....
(आपको याद होगा दोस्तों की अपडेट नंबर 115 में गॉड ने विक्रम को कुछ सीन्स दिखाए the..wo इसीलिए hi दिखाए थे ताकि विक्रम समझे की ास्मोडियस क्यों इंसानो से नाराज़ हुआ था)
रोनित- ओह ऐसा....
मई- हाँ aisa..ab बिना खाये चुप खड़ा रह थोड़ी देर....
इसके बाद ास्मोडियस मेरे पुरे परिवार से मिला और ज़िन्दगी में पहली बार अलेसेन्द्र अपने बेटे बिल्जेबब से लिपटकर रोई...
आंसू बिल्जेबब के आँखों में भी थे पर वो ख़ुशी के थे.....
कुछ देर तक अपने बेटे के गले लगे रहने के बाद अलेसेन्द्र उससे अलग ास्मोडियस के गले लग गयी....
मई- तोह अब बानी आप हमारी ऑफिसियल भाभी.........
मेरी बात सुन अलेसेन्द्र ौस ास्मोडियस के चेहरे पर मुस्कान नाच गयी......
सबसे एक बार दोबारा मिल और मुझसे गले लग ASMODEUS,meri भाभी अलेसेन्द्र और मुझसे हज़ारों साल बड़ा मेरा भतीजा बिल्जेबब गायब हो गए.....
मई- chalo.........tention ख़त्म...
ahhhhh....mom कान क्यों पकडे हो मेरा aap??maine क्या किया????
माँ- कान क्यों पकड़ी hun,haan???itni बड़ी बात छुपाई तूने हमसे???
मई- कौन सी baat???sab तोह पता है आप सबको....
MOM-chup...tune हमे बताया क्यों नहीं की तू और अवंतिका एक दूसरे से प्यार करते हो???
व्हाट????
मई- लग गयी.....
व्हाट का रिस्पांस मेरे उन फॅमिली मेंबर्स से आया था जो इस बारे में कुछ भी नहीं जाते थे.....
वैसे तोह उन सबने गॉड की अवंतिका से कही बात सुनी थी पर वो समझ नहीं पाए थे पर माँ की बात सुन सभी सब समझ चुके थे...
रोनित- पर आंटी आपको कैसे पता चला...???
MOM-aur kaise??mere बड़े बेटे ने bataya....jab हम सब उस क्यूब की दुनिया में थे तोह इससे और उससे रिलेटेड साड़ी बाएं हमे पता चल गयी थी...
मई- अरे mom,aap कहाँ उसकी बातों में आ gaye..wo तोह है hi शकुनि बुद्धि वाला...
डैड- ोये चुप kar..shakuni बुद्धि का ठेका तुम दोनों ने hi लिया हुआ hai..aur वैसे bhi,usne तोह अभी अभी हमे ये सब bataya,par तुम दोनों तोह काफी टाइम से एक साथ हो...
अब मई क्या कहता...
MAI-arre मई सही टाइम का वेट कर रहा था???
माँ- acha..kaun से सही टाइम का???
MAI-ye abhi...issi टाइम का तोह वेट कर रहा था मई...
RONIT-chup बे noutanki...chupchaap सॉरी बोल और शादी का मुहूर्त nikalwa..issi बहाने तेरे साथ साथ हमारी भी हो जायेगी...
रोनित की बात सुन अंजलि और AVANTIKA,dono के hi गाल शर्म से लाल हो गए....
आकाश अंकल- कमल hai..ek लड़का कुछ कहता नहीं और दूसरा शादी तक पहुँच जाता है...
मई- अब नंगे को कैसी शर्म uncle....khair chhodiye,isse miliye,aapki बहु......
ये बोल मैंने अवंतिका का हाथ पकड़ा और सबके बीच उससे खड़ा कर दिया......
मेरे ऐसा करने से अवंतिका की शर्म और बढ़ गयी....
khair,meri बात सुन पहले सब हसे और उसके बाद सभी ने अवंतिका को घेर लिया और फिर शुरू हुई इनकी बातें जिन्हे सुना मई आप सबको बोर नहीं karunga....aur इसीलिए......
फ़ास्ट फॉरवर्ड सीन्स:-
हम सबकी ज़िन्दगी वापस ट्रैक पर आ gayi.AVANTIKA के घरवालों से भी मेरे घरवालों ने बात कर ली और थैंक गॉड उनके घर वाले भी हसी ख़ुशी हम दोनों के रिश्ते के लिए मान गए वर्ण खामख्वाह इसके ऊपर भी एक स्टोरी लिखनी पड़ती.....
मेरी अवंतिका की और रोनित अंजलि की शादी हमारे एजुकेशन कम्पलीट होने के बाद फिक्स कर दी गयी.....
अब डैड और अंकल की कंपनी से जो प्रॉफिट होता tha,uska 90 प्रॉफिट डोनेट किया जाता था....
व्रीहाक वासी वापस इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड लौट गए....
अपने बेटे के वापस आने के बाद भी लार्ड क्रूसेडर ने अपना शाशन मोकलसर और अक्षांत के हाथों में hi सौंपा और इस बात से उनकी फॅमिली वालों को भी कोई प्रॉब्लम नहीं हुई.....
भुविका तोह क्यूरियस वासी थी इसीलिए उससे वापस अपने गृह लौटना पड़ा...
डिफेंडर और बिल्जेबब गॉड के कहे मुताबिक पुरे ब्रम्हांड में शांति फैलाये रखने का दायित्व निभाने लगे...
और हम सबसे ऊपर......
ास्मोडियस अपनी पत्नी यानी मेरी भाभी अलेसेन्द्र के साथ अपने ओहदे क्रेअटुरे ऑफ़ जजमेंट को संभल रहा था..
पर उसकी नज़रें हर वक़्त मुझपर hi रहती थी...
इसी तरह वक़्त अपनी रफ़्तार से आगे बढ़ता raha....par.........
ऐसे HI एक रोज़.........
अवंतिका- कहाँ जा रहे हो????
MAI-paani ख़त्म हो गया hai...wo शॉप से एक बोतल लेकर आता हूँ...
संडे की एक सुबह मई और अवंतिका यूँही लॉन्ग ड्राइव पर निकले the..highway के साइड में मुझे एक जनरल स्टोर दिखी जिससे देख मैंने कार साइड में लगायी और पानी की बोतल लेने दुकान की तरफ चल पड़ा.....
ठीक उसी वक़्त हेवन में:-
ALESENDRA-kya बात hai???aap बड़ा मुस्कुरा रहे हैं????
ास्मोडियस- मई सोच रहा था की अब जब मेरे भाई के पास उसकी बेशुमार शक्तियां नहीं हैं..
और अब जब वो एक साधारण मनुष्य की ज़िन्दगी जी रहा है उन्ही कमज़ोरोयों के साथ जो एक मनुष्य में होती है....
तोह क्या ऐसे में आज भी उसका मन वैसा hi है जैसा लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के वक़्त हुआ करता था....
अलेसेन्द्र- ये तोह मुझे नहीं पता पर इतना ज़रूर बता सकती हूँ की आपके दिमाग में कुछ न कुछ मस्ती चल रही है.....
अलेसेन्द्र की बात सुन ास्मोडियस मुस्कुरा उठा.....
ास्मोडियस- देखती jaao...sab पता चल जाएगा....
ास्मोडियस की बात सुन उसके साथ साथ अलेसेन्द्र की भी नज़र नीचे मुझपर टिक गयी....
शॉप से पानी का बोतल लेकर मई जैसे hi पलटा तोह मेरी जान हलक पर आ गयी...
रीज़न.....
अवंतिका कार से उतर कर रोड के एक कार्नर पर अपने मोबाइल से बात कर रही थी...
और ठीक उसी रोड के दूसरे कोने में एक छोटा सा बचा अकेला खड़ा हुआ था...
पर मेरे अचानक डरने की वजह थी वो दो trucks...jinme से एक अवंतिका की तरफ बढ़ रही थी और दूसरी उस मासूम बचे की तरफ...
और उन ट्रक्स और AVANTIKA/BACHE की दूरी बस 5 सेकण्ड्स की थी...
मेरी शारीरिक शक्ति तोह अभी भी मेरे पास थी पर फिर भी मई इतना तेज़ नहीं था जो दोनों को एक साथ बचा लेता...
मई किसी एक को hi बचा सकता था और इसीलिए....
मैंने एक फैसला किया और फैसला करते hi मैंने दौड़ लगा दी और कुछ 4 सेकण्ड्स में hi मई उस बचे के पास था...
मेरे उससे उठाते तक hi दूसरी ट्रक अवंतिका के पास पहुँच चुकी थी....
और अब मई कुछ भी नहीं कर सकता tha..bache को अपने बाहों में समेत मैंने अपनी आखें बंद कर ली और.........
क्या HUA??AISE क्यों खड़े HO??AUR तुम इस तरफ भागे क्यों????
ये आवाज़ मेरे पीछे से आयी थी जिससे सुन मई जैसे hi palta,shocked रह गया..
reason...mere सामने अवंतिका कड़ी thi..usse दूसरी साइड देख मई तुरंत उस तरफ पलटा जहाँ पर मैंने अवंतिका और ट्रक को देखा था पर जैसे hi मई उस तरफ palta,mai फिरसे शॉकेड हो गया....
रीज़न...........
वहां पर कुछ भी नहीं tha..road पूरा खाली था....
AVANTIKA-kya hua???kya देख रहे ho??aur ये हाथ क्यों बाँध रखे हैं????
अवंतिका की बात सुन जब मैंने अपने हाथों को देखा तोह जहाँ कुछ देर पहले एक बचा tha,wo हाथ अब खाली थे....
कुछ नहीं था उनमे......
पर इस बार मई शॉकेड नहीं हुआ बस है दिया......
reason....mai जान गया था की ये सब मेरे बड़े भाई की कारस्तानी hai....saala मुझे टेस्ट कर रहा था....
AVANTIKA-ab है रहे ho???ho क्या रहा है?????
मई- कुछ नहीं yaar..wo मुझे लगा की यहाँ कोई है जिससे मई जानता हूँ इसीलिए दौड़ता हुआ यहाँ आया..
AVANTIKA-accha....aur हाथ क्यों बांधे हुए हैं तुमने...
मई- सोचा की जब तुम मेरे पास आओगी तोह ऐसे hi तिघ्टलय हुग करूँगा तुम्हे...
अवंतिका- हैं!!!!!!!
MAI-oh शर्लाक होल्म्स की maa..bas कर yaar..kitne सवाल पूछेगी..
AVANTIKA-waah..khudhi अजीबोगरीब हरकत करते हो और मुझे कहते हो...
MAI-hum तोह शुरू से hi अजीब hain..tumhe अभी पता chala..khair,chalen???
AVANTIKA-chalo....
मई अवंतिका को लिए कार की तरफ चल पड़ा....
चलते हुए मैंने जब ऊपर देखा तब मुझे आसमान में ास्मोडियस का हस्ता शरारती चेहरा दिखाई दिया...
MAI-AAP मुझसे मेरी शक्ति चीन सकते HAIN,MERA अस्तित्व छीन सकते HAIN,MERA ओहदा ले सकते हैं पर एक चीज़ आप मुझसे कभी नहीं ले SAKTE.........MERA............
ऐटिटूड........................
इस कहानी के लिए इतना HI पर.......
5000 साल बाद:-
आज पांच हज़ार सालों से मई बिना किसी रूप के घूम रहा हूँ और ये सब सिर्फ उसके कारण....
विक्रम ये तूने ाचा नहीं किया मेरे SAATH......AUR ASMODEUS,TU.......MAINE तुझे डेविल्स किंग के नाम से नवाज़ा..
तुझे बेहिसाब शक्तियां दी और तूने मुझे HI धोका DIYA....AUR वो भी उस गॉड के लिए.........
पर कोई बात NAHI,HAAR जीत तोह लगी रहती HAI...BEETA कल तुम्हारा THA,AANE वाला कल मेरा होगा......
मेरे साथ षड़यंत्र करते वक़्त तुम दोनों भाइयों को पता भी नहीं चला की तुम दोनों की शक्ति से कौन सी नयी मुसीबत जन्म ले रही है.....
पर मेरी नज़र उसपर पढ़ GAYI.....HAHAHAHAHAHAHAHAHAHAHA.....
अब DEKHNA,TUM दोनों की शक्ति को मई रूप DUNGA....AISA पहली बार होगा जब पितः कोई और होगा पर जन्म डाटा कोई और........
ये बोल एक मोती काली रे आगे बढ़ी और उसके सामने पड़ी एक बोहोत प्रकाशवान ऊर्जा पर पड़ी और जैसे hi ये hua,us ऊर्जा ने एक रूप लेना शुरू किया और देखते hi देखते उस ऊर्जा ने एक इंसानी रूप ले लिया....
एक बेहद hi ख़ूबसूरत इंसानी roop....par फ़िलहाल उसकी आँखें बंद थी....
HMM...ADHBHUDHHHHH....SHAKAL तोह अपने दोनों पितः पर HI गयी है तुम्हारी...
आधी विक्रम पर और आधी ास्मोडियस पर.....
जब सूरत पिताओं पर गयी है तोह नाम भी उनपर HI होना CHAHIYE,HAINA????
पर क्या????
VIKRAM.......ASMODEUS....
VI...........................DEUS....
अरे WAAH,ITNI जल्दी नाम भी मिल गया.....
तेरा नाम होगा ''विदेउस''........
एक ऐसा नाम जो बदल देगा पूरी कहानी और साथ HI बदल जाएगा सबका
ऐटिटूड..............
अलविदा दोस्तों......
आपका अपना V...J.......