अपडेट------- 12 हार्ट
नम्रता इतने जोर से चिल्लाती हैं की सावला की पूरी हवस उतर जाती हैं ........
नम्रता भी अब अपनी गांड आगे लेके स्टूल पे चुप चाप कड़ी थी और अपनी कमीज को हैट लगाती hain....voh पूरी गीली हो चुकी थी ......
सावला दर के मरे पीछे हैट जाता हैं .......
पर ये उसके लिए बोहोत बड़ी बात थी .... एक हाई क्लास जवान लड़की के गांड पर कमीज़ के ऊपर से जबान रखना वोह भी उसके घर मैं .......ये एक 65 साल के गंदे कचरेवाले को जन्नत जैसा था ....पररर.....
अब्ब्ब क्या होगा ......कैसे करेगी नम्रता सावला का सामना ....
या फिर सावला को नम्रता का सामना करना पड़ेगा ......
क्या ...इस चीज का अंजाम बुरा होगा या फिर अच्छा ..........
क्या नम्रता के बदन में सच में आग लगी थी या फिर वोह बास फ्लो में दुब गई थी.........
अब्ब्ब आएगी --------
नम्रता की ससे ऊपर निचे हो रही थी मनो कोई तूफान आने वाला हो ....वोह बोहोत दरी हुवी भी थी ......उसको समझ नहीं आ रहा था की अब्ब क्या करे .............उसके ठीक थोड़ी दूर पीछे सावला खड़ा था ......
फिलाल तोह सावला को बोहोत दर लग रहा था ....उसे लग रहा था कही उसने जल्द बजी मैं गड़बड़ तोह नहीं किए ......क्या ये गलती की उसको भोत बड़ी कीमत भरनी पड़ेगी ..........दर के वजह से सावला की फटी पड़ी थी.....
नम्रता भी स्टूल पे कड़ी होकर जो कुछ हुवा उसके बारे मैं सोच रही ...थी उसके काँमेज़ के ऊपर से गांड का गिला पैन उसे महसूस हो रहा tha........savla ने उसकी काँमेज़ इतनी गीली कर दिए थी की ... नम्रता की कमीज उसके गांड से पूरी तरह चिपक गयी थी ....और नम्रता को भी वोह गिला पैन अलग हे फीलिंग दे रहा था .....
पर थोड़ी देर सोचने के बाद नम्रता को सबकुछ बोहोत गन्दा लगा ....कैसे एक बुड्ढे कचरेवाले ने उसके घर मैं उसे ऐसा किया ...और माँ डैड क्या सोचेंगे अगर पता चला तोह .....इन सब इमोशनल फीलिंग्स के वजह से उसके आँख से एक असू टपकता हैं ....और
अगले हे पल नम्रता .
स्टूल्स से उतर जाती हैं और हॉल की तरफ निकल पड़ती हैं .....सावला उसके तरफ देखता हे रहता हैं ...
नम्रता चलते वक्त भी कुछ सोच रही थी ........
किचन से हॉल में जाने तक उसको बोहोत बुरा लगता हैं वह सोचती हैं सही यार कितना गन्दा था एक गरीब बदबुद्दार इंसान का मुँह मेरे कमज पैन सही कितना गन्दा नहाये भी नहीं होंगे कितने दिनों से .
यार इतने बड़े हैं वोह क्यों किया उन्होंने ऐसा सही में माँ पापा को नाम hi बताउंगी इनका
और नम्रता सोफे पैन जेक बैठ के रोने लगती हैं...
अपनी गीली गांड वोह सोफे पे टिकती हैं और अपने दोनों हैट मुँह पे लगाके रोने लगती हैं ..... उसको बोहोत हे गिलटी फील हो रहा था मनो उससे बोहोत बड़ा पाप हो गया हो ......
सावला को भी क्या करे और क्या नहीं समझ नहीं आ रहा था ....उसकी भी फटी पड़ी थी ....वोह इस ख्याल मैं था की कही नम्रता उसके हाट से न निकल जाये .....और यही सोचते हुवे वोह नम्रता की तरफ बढ़ता hainnn...aur लम्बी साँस लेकर ......
वोह नम्रता के पास खड़ा हो जाता हैं ....और धीरे से .......
अपना कला गन्दा हैट नम्रता के गोर नाजुक ......
कंधे पर रखता हैं ...
सावला:- बीटा क्या हुवा ....रो क्यू रही हो ....
( बोलते वक्त उसके मुह्ह से गन्दी बदबू आ रही थी ........और उसका हैट थोडासा कप रहा था)
नम्रता बीटा बताओ क्या हुवा ......
नम्रता: चाचा दूर रहो मुज़हे हैट मत लगाओ.......( नम्रता ग़ुस्से से बोलती हैं उसकी आँखे लाल हो चुकी थी ...और चेरे पर आंसू थे)
सावला पीछे हैट जाता हैं और उसे सिचुएशन जा पता चलता हैं ....और पीछे हैट कर वोह .......
निचे जमीं पैन .... नम्रता के सामने बैठ जाता हैं...... ... और निचे बैठ कर वोह सिचुएशन को जैसे संभाला जाये इसके बारे मैं सोचता हैं ......
सावला : क्या हुआ बीटा ऐसा क्यू कर रही हो माफ़ कार्डो मुझे .....
नम्रता: चाचा आप मुझे बीटा भी बोल रहे हो और ऐसे हरकत भी करते हो .......chiiii.....kya कर रहे थे आप .....मैं आपकी रेस्पेक्ट करती हु और आप ऐसे हरकत करते हो .....
सावला: बीटा मुज़हे माफ़ krdo.......mujh से गलती से हो गया ......मेहरबानी कार्डो मुझ पे बीटा ....
नम्रता: नहीं चाचा में माँ और डैड को आपका नाम बता दूंगी ...
.( बहुत hi ग़ुस्से में थी उसको बहुत गिलटी फील होता हैं)
चाचा: बीटा मुज़हे माफ़ krdo.....paav पड़ता हु तुम्हारे ...
( और मन में सोचता हैं ऐसे अमर लड़की को मुझे हैट से नहीं जाने देना नहीं तोह मेरा सब कुछ चला जायेगा कैसे तोह मानना पड़ेगा ....नहीं तोह इसका बाप मुझे मर मर के जेल में दाल देगा ....)
नम्रता निचे मुँह करके अपने घुटनो पर फेस रख कर रो रही थी ....... और इस वजह से निचे बैठे सावला को उसके ब्रा का और ऊपर के चुचो का दर्शन हो रहा था .......चाहते न चाहते हुवे सावला उसका भी मजा ले रहा था
.....
(सावला मन हे मन में अह्ह्ह्ह क्या बड़े बड़े हैं इसके 34 साइज के पूरा दिख रहा हैं साली ka.....ahhhh )
सावला : बीटा मुज़हे माफ़ करदो पर साहब को कुछ मत बताना मेरी नुकरि चली जाएगी .........
( नम्रता ऊपर सर उठती हैं रोने की वजह से उसकी गोरी गोरी स्किन पूरी लाल हो चुकी थी .....)
नम्रता: नहीं चाचा आप ऐसा कैसे क्र सकते हो में आपके लड़की के आगे की हु आपको शर्म नहीं आती ...सीई....
( अब्ब सावला को कुछ भी समझ नहीं आता क्या करे ....रभी उसी कुछ सूझता हैं जिससे नम्रता को इमोशनल किया जाये और वोह भी बच जाये ........सावला एक बड़ा हे हरामी बुद्धा था .....कैसे क्या करे उसे ....सब मालूम था .....)
सावला : बीटा है क्या बताऊ अब तुम्हे मेरी जीवन की ढक भरी कहानी.... जिससे मुझे बोहोत बड़ा नुकसान हुवा और मैं ऐसा गरीब बन गया .....
नम्रता सोच में पड़ती हैं और पूछती हैं क्या हुवा बोलिये......
सावला : बीटा मेरे शादी होने के बाद मेरे बीवी ने मुज़हे छोड़ दिया क्यू के उसे मुझसे ढेर सारा पैसा और .....सुख चाहिए था .....पर मैं गरीब था ...और एक जगह नौकरी कर ता था ......कुछ साल बाद मुझे दो बच्चे भी हुवे ....मैं बोहोत प्यार करता था. ....पर मेरे बीवी को मुझसे नफरत होने लगी .......और उसने मुझे छोड़ दिया .....वोह मेरे ...
छोटे छोटे बच्चो को लेके चली गयी वह...
बीटा मैंने फिर झोपड़े में hi अपनी पूरी जवानी निकली.... कुछ दिन गम में निकलने के बाद मुझे अपनी जिंदगी का गुजरा करने के लिए ..... जो भी काम मिले वोह काम मैं करने लगा ..........
धीरे धीरे जवानी ढलती गयी और .......कोई अच्छा काम भी नहीं मिला एक बुड्ढे को कोण काम देगा फिर मैं ...
जोह काम मिलता... जिधर का कचरा उठा न होता हैं उधर का उठता हु.... बीटा..... मुझे मजा नहीं अत बीटा कचरेवाला बनाने मैं लेकिन मज़बूरी हैं बीटा करना पड़ता हैं ...........
( सावला खुद भी इमोशनल होने की एक्टिंग करता हैं ......और अपना सर निचे झुकता हैं )
नम्रता:- चाचा अआप रो क्यू रहे हो उठो ......
सावला :-
अगर तुम अपने डैड को बता डौगी तोह मेरे नुकरि चली जाएगी mein.......bohot गरीब हु बीटा ......पाँव पड़ता हु तुम्हारे भगवन के लिए माफ़ कर दो.......
नम्रता को अभी थोड़ा बुरा लगता हैं .....उसे सावला के लिए बुरा फील होता हैं ......उसके दिल मैं बोहोत हमदर्दी थी ......पर वोह सावला ने किए हरकत भुला नहीं पाती .....
सावला :- बीटा मैं कचरेवाले का काम करके बहुत कम कमतता था पर अभी तुम्हारे घर में काम करके जयदा कमा रहा हु उसे मेरा खर्चा भी होजायेगा दिवाली ka(man hi मन में दारू का)
और वह बहुत hi धूकभरा मुँह बनता हैं
नम्रता मन hi मन में सोचती हैं की कितना बुरा हुआ हैं इनके saath......aise जिंदगी किसको भी न मिले ...
..
सावला: बीटा मैं बहुत अकेला हु
तभी अचानक सावला को बताते बताते खासी आती हैं ...............
नम्रता:- चाचा क्या हुवा रुका एक मिनट में आपके लिए पानी लती हु .....वेट
.....
और नम्रता किचन की तरफ चल पड़ती हैं .....सावला उसकी गीली गांड को देखता हैं ...जो अभी भी गीली थी .....ये देख कर सावला का लावड़ा फिरसे हलचल मचता हैं... नम्रता की 36 की गांड बहार आके तन गयी थी
सावला देख कर पागल हो जाता हैं ....
नम्रता पानी लती हैं...
और जब पानी देने के लिए ज़्हुकति हैं t.oh उसके ताने हुए 34 साइज के आम दिख रहे थे...... गोर गोर ..
उसको बहुत मस्त लगता हैं ...
नम्रता पानी देकर बैठ जाती हैं ....सोफे पर उसका बदन अब्ब खुलकर दिख रहा था ..
सावला उसके बदन के और खास कर उसके सैंट्रो को देख कर मजे ले रहा था...... नम्रता के बूब्स मस्त लग रहे थे पुरे टाइट मनो बहार आने के लिए नाचल रहे हो..........
वह नम्रता से बोलता हैं बीटा में जवानी से अकेला हु कोई नहीं हैं मेरा बहुत अकेला हु में
लोगो में आके मुज़हे अच्छा लगा बीटा
नम्रता: फिर चाचा आपने ऐसा क्यों किया.......
सावला: बीटा हवस की वजह से
नम्रता: क्या?? किस बात की हवस.
सावला: बीटा मेरी बीवी जाने के बाद अकेला हे हु में और आप को पता hi होगा की लड़का और लड़की के सम्बन्ध बहुत जयदा मायने रखते हैं उस चीज़ की तरफ हम जाते चले जाते हैं
और जब में तुझे देखा तब बीटा मैंने पहली बार ऐसे ब्यूटी dekhi.....bohot खूबसूरत हो तुम बीटा .....
नम्रता को थोड़ी शर्म आ जाती हैं ....हुए उसको अच्छा भी लगता हैं अपनी तारीफ सुनके...
सावला: ऐसा लगता हैं बीटा तुम्हे भगवन ने बोहोत फुर्सत से बनाया हैं ...और ... खूबसूरती की मिसाल हो बीटा तुम .....
नम्रता और शर्माती हैं और अगले हे पल वोह नार्मल मोड़ में आती हैं ....और सावला को बोलती हैं
नम्रता:- ठीक हैं चाचा .....मैं आपका नाम डैड को नहीं बतावुंगी ....पर पर ...
सावला :- पर क्या बीटा ....
नम्रता:- आप मुझ से प्रॉमिस करो की मुझे फिरसे कुछ नहीं करोगे और बेटी जैसा मानोगे ....
सावला:- ठीक हैं बीटा ....( तुझे में बताता हु साली कैसी बेटी हैं तू मेरी )
नम्रता:- वादा करो चाचा....
सावला:- है बेटी लेकिन ....
नम्रता:- क्या लेकिन ....
सावला :- में बोहोत दिनों से तरय कर रहा हु भावनाओ पर काबू रखना .....मुझे पहले थोड़ी दिक्कत होगी .....पर बाद मैं ....में कण्ट्रोल कर लूंगा बीटा .....क्यू की तुम हो हे इतनी खूबसूरत.....
नम्रता:- क्या मैं कुछ सामजी नहीं चाचा ...
सावला :- बीटा तुम्हे मुझे थोड़ा सहना पड़ेगा .....अगर मैंने कुछ किया तोह मुझे माफ़ कर देना .....
नम्रता चौक जाती हैं......
नम्रता:- मतलब क्या करोगे अआप
सावला :- कुछ नहीं अगर गलती से कुछ हो गया तोह समझ लेना मुझे और माफ़ कर देना ......बीटा ......
नम्रता:- लेकिन करोगे क्या आप .... चाचा
सावला :- पता नहीं बीटा वोह फीलिंग पर देपेंद हैं........
नम्रता:- लेकिन चाचा ये गलत हैंन ... मैं ऐसा नहीं कर सकती ....
तभी सावला नम्रता के पेअर पकड़ लेता hain......aur उसे कहता हैं.....
प्लीज बीटा ऐसा मत करो ....नहीं तोह . मैं फिरसे अकेलेपन मैं दुब जावूंगा .....बीटा .......
नम्रता को भी उसके ऊपर तरस आ जाता हैं .....और वोह कहती हैंन
नम्रता:- ठीक हैं चाचा ........अगर आप कुछ गलत करोगे तोह मैं रोकूंगी .......और एक स्माइल देती है.....
सावला मन हे मन हस्ता हैं क्यू की उसको पता था ायबबब नम्रता फास चुकी हैं ..........उसका डाला हुवा मछली का जला सही जगह जेक गिरा tha.....abb बस मछली अटकने का इंतजार करना हैं.......
नम्रता भी सोच में डूबती हैं की उसने राइट किया........
सावला:- चलो बीटा जाता हु मैं कल से दिवाली हैं ........मुझे थोड़ा जल्दी आना पड़ेगा सुबह ......
नम्रता:- है चाचा....
नम्रता सोफे से उठती हैं सावला भी जाने के लिए निकलता हैं .....
नम्रता की कमीज अभी भी बोहोत गीली थी ....सावला उसके गीली कमीज़ को देखता हैं .....अह्ह्ह क्या लग रही हैंन
सावला:- नम्रता बीटा अपनी कमीज बदल लेना.....
नम्रता चौक जाती हैं और ..... शर्माती हुवी हाआआ बोलती हैं ....
सावला निकल जाता हैं........
इधर नम्रता अपने बैडरूम मैं चली जाती हैं ......
उसको उसके गांड के ऊपर का गिला पैन महसूस हो रहा था........
जिससे उसके अंदर अलग हे रोमांच दौंड रहा था .......पहली बार किसी मर्द वोह भी बुड्ढे ने उधर तक पोहचने की हिम्मत किए थी .....
वोह गिला पैन नम्रता को अलग हे फीलिंग दे रहा tha........mano उसे अत्तरस कर रहा था .....
उसको पता था ये कोई पानी नहीं ...............ये सावला चाचा के मुह्ह का पानी हैंन........
उसकी कैमेज़ गांड के अंदर फांसी हुवी थी ......जो की सावला ने पूरी अंदर घुसा दिए थी ......वोह भी अपने अंघूठे से .........सावला ने नम्रता के गांड को कमीज के ऊपर से बोहोत छठा था ...........उअसके मुह्ह के अंदर का घुटका उस कमीज़ पर कुछ जगह चिपक गया था....... उसके मुह्ह की गन्दी बदबू उस कमीज़ पे आए रही थी .....
नम्रता अपने बैडरूम मैं कड़ी थी और सोच रही थी ......
तभी वोह अपना एक हैट पीछे ले जाती ...hain......aur अपने गांड के अंदर घड़ी हुवी कमीज को धीरे से निकलती hainn......ahhh
कमीज जब गांड को घिसते हुवे बाहर निकलती हैं तोह नम्रता को बोहोत अच्छा फील होता हैंन और उसके मुहहह से हल्का सा आवाज आता हिनननन
अह्हह्ह्ह्ह ......
उअसके हाट पर गिला पैन महसूस होता hainnn.....aur हैट थोड़ा गिला भी हो जाता हैंण्ण्न
नम्रता हाट निकलती hain.....aur क्या पता वोह हाट अपने नाक के पास ले जाती हैंण्ण्ण्ण्न.
और धीरे से अपने उंगलियों को सूंघती हैंण्ण्ण्न
अहह वोह बदबूदार बुड्ढे के मुह्ह का पानी ...... नम्रता अपने नाक के पास लेके सूंघती हैंण्ण्ण्न
बोहोत गन्दी बदबू थी ....गटर जैसे वोह गन्दी बदबू नम्रता के जेहन में घुस जाती hainnnnn.....aur उसे गन्दा फील होता हैंन.
पर उसके बावजूद उसने सूंघना बंद नहीं किया था .......वोह अपने उंगलियों को और पास ले जाती हैं ........और फिरसे सूंघती हैं ......उसे ऐसा करने मैं अलग हे रोमांच आए रहा tha........mano वोह दुब गयी थी ........उसको वोह गन्दी बदबूदार खुसबू अच्छी लग रही थी ......वोह मधहोशी मैं जा रही थे ......उसे वोह खुसबू और चाहिए थे . .......
वोह अपना हाट फिरसे गांड पे लेके जाती हैं .....और और अपनी उंगलियों को कमीज के ऊपर से घूमती हैं .....और ...... उंगलियों को गिला कर के .......अहह
वोह अपना हाट फिरसे नाक पे लगाती हैं ....और जोर से ुसस्स गन्दी खुसबू को अपने अंदर लेती hai...ahhhh
एक अलग हे सटिस्फैक्शन उसके चेरे पर दिख रहा था ....क्या पता उसको वोह खुसबू मधहोशी मैं ले जा रही थी .......
सावला के मुह्ह की वोह बदबू ...और तम्बाकू के कुछ टुकड़े उस खुसबू मैं थे .....और एक हाई क्लास गिर वोह खुसबू सूंघ रही थी ........
और अगले हे पल नम्रता को कुछ अलग सा फील होता हैं .....उसको वोह खुसबू चाहिए थी .......सावला के मुह्ह की गंध उसके जेहन मैं घुस चुकी थे ..............और अगले हे पल वोह एक अनएक्सपेक्टेड हरकत करती हैं....
धीरे से वोह ऊँगली अपने गुलाबी लिप्स पे रखती hain.......ahhh क्या सन था....
और धीरे से वोह ऊँगली को अपने लिप्स पे घूमती हैं ........और हलकी से जबान भर निकलती हैं .....और उस ऊँगली को धीरे से चाटती हैं ....अह्ह्ह
उसको खट्टा सा टेस्ट लगता हैंण्ण्ना .........अहह अब्ब्ब वोह और चाटने लगती हैं ........उसको बोहोत इंटरेस्टिंग लगता हैं ....
अब्ब्ब धीरे से नम्रता अपनी पूरी ऊँगली को मुह्ह के अंदर लेती हैं .....और ऊँगली को अंदर बहार करती हैंण्ण्ण्न
वोह मधहोश हो रही थी उसको ऐसा करने मैं अकाज हे मजा आ रहा था ...........
सावला के मुँह की गांडू बदबूदार खुस्भु उसे अच्छी लग रही थी ......
और तभी उसे पता चलता हैं की .....उसके कमीज पे और गीला पैन हैं ....उसके दिमाग मैं कुछ सूझता हैं .....और अगले हे पल..........
तो बे कॉन्टिनोएड.............-------