बससससस.. करो ..(नम्रता एक पहेली) - Page 4 - SexBaba
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बससससस.. करो ..(नम्रता एक पहेली)

हार्ट अपडेट- 24

दोनों लिफ्ट के यहाँ पोहच जाते हैं....

और दोनों अंदर अस जाते हैं...

बिरजू पीछे जेक खड़ा हो जाता हैं....

नम्रता अपनी गांड लिए बिरजू के आगे कड़ी हो जाती हैं....

नम्रता की बड़ी बड़ी गांड देख के बिरजू .....अपना लुंड पीछे हिलने लगता हैं...

वोह नम्रता के ट्रांस्फेरेंट गांड को देख पागल हो जाता हैं...

वोह उसकी गांड को पूरा निहारता हैं

और वोह देख

उसके दिमाग में कुछ बोहत कमीना चल रहा था ....

अब्बब्बब आएगी ..............

रूम मैं पूरा सन्नाटा चाय हुवा था.......

हर तरफ बस सुचिता के बदन की खुस्भु .घूम रही थी ....मनो पुरे रूम में सुचिता के छूट का रास छिड़क दित्य हो .

अगर कोई बहार का आदमी रूम मैं आया तोह उसका वोह स्मेल लेके हे लुंड कड़क हो जायेगा ......

हॉल के सोफे पैन सुचिता का पूरा रास गिर चूका था जिस से सोफे के ऊपर की शीट पूरी गीली हो चुकी थी ....

और अभी भी सुचिता के गंगा से काम रास बहे जा रहा tha.....itna रास बह रहा था मनो उससे ...10 आदमी ो की प्यास भुज जाया ..

अब्दुल सुचिता के नंगे पैन को एकटक देख रहा tha.....usee अभी भी .....अपने कुसमट पे यकीं नहीं आए रहा था...

सुचिता और अब्दुल की ये पहली फिजिकल मुलाकात थी .....और पहले हे मुलाकात मैं..

उसी सुचिता की काम रास से भरी हुवी ....छूट देखने को मिली और चखने को मिलने वाली थी ......

सुचिता अपने छूट को अब्दुल को ऐसा देख वोह अपने छूट को .अपने दोनों उंगलियों को ढकने की कोशिश करती हैंन....

अपने जवानी मैं लड़को के तरफ कभी भी न देखने वाली सुचिता ......शादी शुदा होते हुवे भी ......एक

गैर मर्द बुड्ढे के सामने अपने टंगे फैला के ...सोई थी .......

अब्दुल दूर से हे छूट के खुशबु से पागल हो रहा था.....

छूट से निकलता हुवा काम रास उसे सुचिता के तरफ ाआकर्षित कर रहा था.....

सुचिता की छूट के अजु बाजु की स्किन ऐसे उचार के अब्दुल के सामने नाच रही थी..

बाजु से अपने होल से गिलावट बढ़ रही थी .सफ़ेद सफ़ेद गधा रंग का छूट का रंग लगातार बहे जा रहा tha...Komal लाल और गुलाबी रंग का मिश्रण और उसमे ....ज्यादा गीलापन ....सुचिता के छूट को ....काम देवी का दर्जा दे रहा tha......agar कोई होता तोह सीधा सुचिता के छूट में अपना लुंड घुसा देता ........

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अब्दुल बुड्ढे की और सुचिता के आपस मैं नजरो की भिडान होती हैं दोनों के नजरो में हवस साफ दिखाई दे रही थी ......

सुचिता के मन में ऑक्वर्ड के फीलिंग तोह थी मगर उसके हवस को हरये उतनी नहीं थी .........

दोनों एक दूसरे से कुछ नहीं कहते .......

सुचिता की साड़ी उसके कमर तक थी .......

और निचे नंगी उसकी ....पंतय .....सोफे के एक कोने मैं लटक रही थी ......

अब्दुल. धीरे से उसके छूट को देख निचे झुकतीअ हैं.

सुचिता भी अपनी छूट उसके आगे कर देती हैं...

अब्दुल ाअब सुचिता के छूट के एकदम मुँह लेके करीब था....

दोनों में ाकाहिर की ....नजर मिले होती हैं...

हॉट होने के कारन सुचिता अब्दुल के सर पे अपना हैट रख देती हैं.

..

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अब्दुल अपनी लाल सुचिता के छूट पे टपकने हे वाला होता हैं की .....तभी ....

तभी ....

सुचिता झट से अब्दुल का सर पकड़ लेती hainn......aur एक झटके मैं.....

सुचिता अब्दुल का. .....गन्दा muhhh.....Apne छूट पे दबा देती हैं....

अब्दुल को ये अनएक्सपेक्टेड था......

इस्सलिये वोह भी जोश मैं आजके .......अपना मुह्ह पूरा खोल देता हैं......

और

..

कुत्ता जैसे कुट्टी का चाटने के लिए टूट पड़ता हैं....

वैसे हे अपने मुह्ह से अपनी गन्दी लाल tapkate.....huve....Abdul सुचिता के छूट पे टूट पड़ता हैं.....

अपनी गन्दी पान की जांबां वोह सुचिता के नंगे कोमल छूट के अजु बाजु वाले स्किन पे फेरना चालू करता हैं...

वोह एकदम से टूट पड़ता hainn.....pure जोश के साथ ....जिस से सुचिता का सुख सातवे आसमान पे जाता हैं...

सुचिता: अह्ह्ह्हह ुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अब्दुल .....ाऊऊऊ......

अब्दुल ये आवाज सुन के और जोश मैं आए जाता हैं....

सुचिता ाअब और काम रास बहाना चालू करती हैं....

उसकी बड़ी से छूट और फूल जाती हैं......

अब्दुल सूचि के छूट का पूरा ..... पोरशन अपने मुह्ह में ले लेता हैं....

और उसको चाटने लगता हैं....

सुचिता अब्दुल के जबान से हो रहे सुख को ....महसूस करते हुवे अपने हटो से उअका सर जोर जोर से अपने छूट पे दबती हैं......

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सुचिता:- ओह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्हह्हह अम्म्मम्म नाहा

अब्दुल रुकने माँ नाम नहीं ले रहा था......

वोह अब ओने सेक् के लिया रुकता हैं....

सुचिता ायकः बंद का के प्रेशर से अपना सारा रास बहार फेकती हैं .....

अब्दुल उस गड़े रंग के रास को देखते रहता हैं...

आज उसको जन्नत नसीब होने वाली थी .....वोह रास चख के ..

वोह अपनी जबान उस रास की तरफ बढ़ता हैं...

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थोड़ा थोड़ा कर के ......वोह उस उस रास को अपने गंदे जबान से चाटता हैं.....

सुचिता अपने छूट पे अब्दुल की जबान महसूस कर के मध् जोशी में जा चुकी थी .......

अब्दुल पूरा पुर अपने जबान से चाट के साफ कर देता हैं....

सुचिता .....मनो निढाल होक .......नंगी पड़ी रहती हैं...

और आआँख बंद कर के ....अब्दुल को रुकने का इशारा करती हैं....

अब्दुल सुचिता ke.....chut के यहाँ मुह्ह रख के रुक जाता हैं........

और थोड़े देर के लिए हॉल मैं सन्नाटा च जाता हैं ...

इधर लिफ्ट मैं...........

नम्रत और बिरजू दोनों अंदर घुस जाते हैं ......

नम्रता सामने कड़ी हो जाती हैं......

बिरजू जेक पीछे खड़ा हो जाता हैं...

बिरजू झट से .... लास्ट फ्लोर का बटन दबा देता हैं.....

नम्रता:- अरे बाबा मुझे ........11तह फ्लोर पे जाना हैं.....

बिरजू :- अरे बीटा ....... टेरेस पे मुझे छोटा सा काम hainn.........ek मिनट का फिर तुम निचे साथ मैं. आए जायेंगे ....

नम्रता:- ठीक हैं बाबा ...

.

और बिरजू बटन प्रेस कर के पीछे खड़ा हो जाता हैं..

.

नम्रता को थोड़ा ऑक्वर्ड फील होता हैं ...पर कोई बात नहीं ......वोह तैयार हो जाती हैं.....

नम्रता बिरजू के ठीक आगे कड़ी थी .....

पुरे लिफ्ट मैं ....... नम्रता के अंग के महक घूम जाती हैं.......

जोह की बोहत कातिलाना थी.......

बिरजू वोह महक अपने जेहन में उतर लेता हैं..

और बुड्ढे बिरजू का लुंड अपने औकात पे आजके सलामी देने लगता हैंन...

बुड्ढा लगा तर .....नम्रता के गांड को उसके लेग्गिंग्स के ऊपर से ताड़े जा रहा था. ....

नम्रता के उभरी हुवी जवान गांड ....बहार निकल के .....बिरजू को मनो .....दर्शन दे रही थी.....

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नम्रता की उभरी हुवी गांड और रौशनी मैं उसकी खूबसूरती देख बिरजू का बुद्धा लुंड पूरा टाइट हो जाता हैं..

नम्रता के पुरे फिगर को वोह अपने आँखों से जी भर के देखता हैं

नम्रता भी थोड़ी तिरछी नजर से बिरजू के तरफ देख रही थी ....

नम्रता के मन में बड़ी जल्दी बिरजू के लिए हंडारडी भर गयी थी .........और उसको थोड़ा बुरा भी लग रहा था..... क्यू की कितनी बार नम्रता के डैड ने उसके सामने बिरजू को थप्पड़ मरे थे ......वोह भी छोटी गलतियों के लिए ........

नम्रता को उसके लिए बुरा फील होता हैं..

लेकिन नम्रत के इधर 36 के गांड को देख कर बिरजू की हालत ख़राब हो रही थी ......

उसको सब अपने लुंड को काबू मैं रखना मुश्किल हो रहा था....

बिरजू अपने यूनिफार्म वाले पंत के ऊपर से नम्रता के गांड को देख के ....अपने .

लुंड को दबाने लगता हैं....

पर उससे भी उसको ....कुछ फायदा नहीं होता ..

जन्नत के बूत की पारी सामने होते हुवे ......ऐसा कैसे संभव था......

बिरजू .....abb.......pura ...... कॉंफिडेंट मैं आए जाता हैं.....

वोह धीरे से अपना हैट आगे बढ़ाता ..है.

पर फिरसे दर जाता hainn....used ये सही टाइम नहीं लगता ...

पर उसका लुंड कहा मन्सने को तैयार था...

और बिरजू का बैकग्राउंड भी यही था...

उसने सोसाइटी के कही औरतो पे तरय मारा था..

और पकड़ा भी गया था ......पर हरभर ......अब्दुल की वजह से बच जाता था...

बिरजू एकदम बेधड़क बुद्धा tha.....aur अगर उसने दारू पीई होती तोह ....अब तक नम्रता के गांड को कबका नंगा कर के रखा होता.....

पर अपने अनुभव से उसने अब सिख लिए थी .....वोह नम्रता के बारे में रिस्क नहीं लेना चाहता था......

पर उसका लुंड कुछ और कह रहा था ..

नम्रता के उछली गांड के तरफ

बिरजू का हाट धीरे से जाता हैं..

..

नम्रता एकदम .....अनजान thi.....aur कड़ी कड़ी ......वेट कर रही थी कब लिफ्ट पोहच jaye....Abhi तोह सिर्फ 7तह फ्लोर क्रॉस हुवे थे .

बिरजू का नम्रता के जांघ की तरफ बढ़ता हैं....

गंदे बुड्ढे का .....गन्दा haat.....namrata के जांघो को टच करता हैं.....

और धीरे से वोह जांघ के बिच हाट रख देता हैं.....

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अपने जांघो पे हैट महसूस होते हे नम्रता सावधान हो जाती हैं.....

और दर जाती हैं लेकिन कुछ रिएक्शन नहीं देती न कुछ बोलती हैं...

साला बुद्धा बिरजू भी शातिर था..

....

बिरजू .:- नम्रत बीटा ....

नम्रता:- है बबब ( धीमी आवाज मैं)

बिरजू ...:- तुम निचे बैठी ....थी तोह बोहत गन्दी चीज tumhare......idhar लगी हुवी हैं..

नम्रता:- क्या लगा हैं बबब

बिरजू :- बता नहीं सकता देखना पड़ेगा .

नम्रता कुछ नहीं बोलती .....

और उससे सिक्योर फील होता हैं.

इस्सलिये वोह कुछ नहीं रियेक्ट करती ...

बिरजू धीरे से जांघ को सहलाता हैं...

और थोड़ा ऊपर बढ़ता हैं.....

नम्रता:- निकला क्या बबब.

बिरजू :- नहीं बास हिलो मत तुम ...निकल देता हु.

बिरजू ......धीरे से अपनी कामिनी मुस्कान देते हुवे नम्रत के जांघो को सहलाते हुवे अपना हैट गांड के ऊपर हैट रख देता हैं ..

..और धीरे से सहलाता हैं......

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इस्सस की वजह से नम्रता थोड़ी सेहर जाती हैं.

बिरजू धीरे से अपना गन्दा कला हाट ....

नम्रता के गांड के दरार के यहाँ ....ले जाता हैं....

नम्रता:- बबब रहने दो ......में घर जेक निकल दूंगी ....

बिरजू :- बीटा .....बोहत गन्दी चीज हैं...

नम्रता:- तोह निकालो न जल्दी ....

बिरजू ाब्ब सवाल में और परेशानी मैं पद जाता हैं....

पर उसके दिमाग मैं कुछ सूझता हैं...

वोह बुद्धा अपने मुह्ह ने रखे तम्बाकू के .....कुछ गीले टुकड़ो को एक हैट से .....

निकल के ..... नम्रता के गांड के यहाँ लगा देता हैं.....

नम्रता को वोह महसूस होने हे वाला था की

बिरजू:- बीटा देख के बैठा करो कही भी ....

नम्रता:- है लेकि. लगा क्या हैं .....

बिरजू:- किसी ने तम्बाकू का थूका हुवा .....लगा hain....udhar ....

नम्रता:- चींईईईई........

बिरजू :- हआ.. नम्रता....

नम्रता:- ऐसे कैसे लोक होते हे गंदे सीई

बिरजू फायदा लेके........... नम्रता के बड़े गांड को धीरे से दबाते हुवे .....अपने गंदे हटो को ....ुसस्स तम्बाकू ...को नम्रता के गांड पे रगड़ता हैं....

नम्रता को कुछ गिला गिला .....उसके गांड पे फील होता हैं......

बिरजू ......झट से अपना हैट हटा देता हैं.....

नम्रता:- निकल गया .....

बिरजू :- नहीं .....

नम्रता:- फिर .......

बीजू ..:- टेरेस आ गया

और लिफ्ट खुल टी हैं.......

नम्रता लिफ्ट के बहार आके ......कड़ी हो जाती हैं..

बिरजू :- बास एक मिनट में आया ......

नम्रता खड़ा हो के ......डेक्टि hainn.....Birju टेरेस पे जाता हैं.

और नम्रता झट से अपने गांड के यहाँ अपना हाट लेके जाती हैं.....

उससे कुछ गिला गिला महसूस होता हैं......

वोह चीज उसके हाट पे लग जाती हैं ....

अपने उंगलियों पे कुछ लगा देख नम्रता अपने उंगलियों को देखती हैं.....

और इन् तम्बाकू के पार्टिकल्स को देखने लगती हैं...

नम्रता:- शिज्जी ये कब Laga......chi.... नम्रता को बोहत गन्दा फील होता हैं....

नम्रता वोह उंगलियों को अपने नाक के यहाँ लेके जाती hainn.....aur थोड़ा सूंघती हैं.....

उससे बिरजू के गंदे सलीवा की .....और .....तम्बाकू की गन्दी बदबू आती हैंन....

बॉब सिंह के नम्रता को बड़ी घिन आयति हैं....

नम्रता वोह उंगलियों को अपने ड्रेस के रख के साफ कर देती हैं....

सामने से बिरजू अपना काम कर के वापस आता है न.

.

एंड फिरसे दोनों लिफ्ट मैं चल देते हैं......

बिरजू :- 11तह फ्लोर न ...

नम्रता:- जी बाबा

और लिफ्ट चल पड़ती हैं....

बिरजू ......अपने लुंड को दबाते हुवे .......

अपने जेब में से रुमाल निकलता हैं.....

बिरजू :- साफ करू बीटा वोह अच्छा नहीं लग रहा .....

नम्रता:- नहीं बाबा मैं कर लुंगी घर जेक ....

बिरजू उसकी नहीं सुनता .....और उसके गांड पे अपना रुमाल रख देता हैंन....

रुमाल जांघ के यहाँ लेके voh......apna हाट गांड पे रख के .....

नम्रता के बड़े गांड को ......जोर से दबाता हैंण्ण्ण्न.....

नम्रता:- अह्ह्ह्हह बस्बा क्या कर रहे हो ....

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नम्रता को ये बिलकुल एक्सेप्ट नहीं था...

वोह थोड़ा चौक जाती हैंन ......

नम्रता:- अह्ह्ह बाबा क्या हुवा

बिरजू :- कुछ नहीं

अब्ब्ब बिरजू थोड़ा सावधानी से ......नम्रत के गांड के दरार में ऊँगली दाल देता हैं....

नम्रता:- अह्ह्ह बाबा क्या कर रहे हो ..

बिरजू नम्रता को जवाब बही देता .....

वोह अपने हैट को ....थोड़ा पीछे कर के नम्रता के जांघो को दूर कर के उसके गांड के दरार में एक ऊँगली दाल देता हैंन..

नम्रता के मुहहह से सिसकारी निकलती हैं...

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह बाबा दुःख रहा हैं

और बिरजू झट से ऊँगली निकल देता हैं.....

और खड़ा होक नम्रता को रुमाल के ऊपर की .......गन्दी तम्बाकू दिखता हैं...

नम्रता को भी थोड़ा अच्छा फील होता हैं.....

और उसी लगता हैं उसे मिसुन्दरस्टण्डींग हो गई....

और वोह बिरजू को एक स्माइल देती हैं....

नम्रता का फ्लोर आता हैं...

नम्रता लिफ्ट से बहार निकलती हैं.....

बिरजू भी बहार आता है ....

बिरजू :- कल आओगी न निचे....... Namrata...baat करने ..

नम्रता मुस्कुराती hainn....aur बोलती हज़ींन...

नम्रता:- हआ बाबा......

बिरजू निकल पड़ता हैं.....

नम्रता ुसेड पीछे मूड के देखती hainn....Birju भी उससे देकता हैं...

नम्रता:- बाबा लेकिन जगह साफ रखना बैठ ने ले लिए ....

और दोनों एक दूसरे के निगाहो में देख के मुस्कुराते हैं..

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नम्रता को पूरा निहार निहार के बिरजू चला जाता हैं..

नम्रता दूर बेल्ल बजती हैं......

यहाँ अंदर सुचिता नंगी हे हडबडी हुवी उठती हैं..

अब्दुल की तोह हवा टाइट हो जाती हैं ....

सुचिता का पूरा बदन कपङे लगता हैं.....

सुचिता:- अगर नम्रता के पापा होंगे तोह हम मर जायेंगे ....

अब्दुल की तोह पूरी गांड फैट जाती हैं.....

अब्ब्ब क्या होगा नम्रता को सुचिता और अब्दुल के बारे मैं पता चल जायेगा ....

या फिर ......कुछ बता मोड़ आएगा इस कहानी मैं..

तो बे कॉन्टिनोएड.......

स्टे तुनेड.........

स्टे होम .......

स्टे सेफ ..........
 
अपडेट:- 25

नम्रता को पूरा निहार निहार के बिरजू चला जाता हैं..

नम्रता दूर बेल्ल बजती हैं......

यहाँ अंदर सुचिता नंगी हे हडबडी हुवी उठती हैं..

अब्दुल की तोह हवा टाइट हो जाती हैं ....

सुचिता का पूरा बदन कपङे लगता हैं.....

सुचिता:- अगर नम्रता के पापा होंगे तोह हम मर जायेंगे ....

अब्दुल की तोह पूरी गांड फैट जाती हैं.....

अब्ब्ब क्या होगा नम्रता को सुचिता और अब्दुल के बारे मैं पता चल जायेगा ....

या फिर ......कुछ बता मोड़ आएगा इस कहानी मैं..

अब्ब आएगी .........

नम्रता को पूरा निहार निहार के बिरजू चला जाता हैं..

नम्रता दूर बेल्ल बजती हैं......

यहाँ अंदर सुचिता नंगी हे हडबडी हुवी उठती हैं..

अब्दुल की तोह हवा टाइट हो जाती हैं ....

सुचिता का पूरा बदन कपङे लगता हैं.....

सुचिता:- अगर नम्रता के पापा होंगे तोह हम मर जायेंगे ....

अब्दुल की तोह पूरी गांड फैट जाती हैं.....

अब्ब्ब क्या होगा नम्रता को सुचिता और अब्दुल के बारे मैं पता चल जायेगा ....

या फिर ......कुछ बड़ा मोड़ आएगा इस कहानी मैं..

अब्ब्ब आएगी ................

इधर रूम मैं .......सुचिता और अब्दुल दोनों की भी फटी पड़ी थी .......

अगर नम्रता के पापा होंगे तोह अब्दुल मुसीबत मैं आए सकता हैं....

क्यू की अब्दुल का और नम्रता के पापा का जमता नहीं था ....और बोहत बार झगड़ा भी हो चूका था.......

सुचिता .:- जाओ देखो ......दूर ke...mini गिलास से कोण हैं..

अब्दुल सुचिता को देखते हुवे .....उठ जाता हैं....

और दूर के तरफ निकल पड़ता हैं.....

अब्दुल :- नम्रता हैं....

सुचिता .....:- ओह्ह्ह थैंक गॉड.....

और अब्दुल आजके अपना हुलिया ठीक करता हैं....

सुचिता :- तुम कुछ मत कहना सिर्फ बैठे रहना ...

अब्दुल :- ठीक हैं.....

सुचिता सोफे से जल्दी जल्दी मैं उठ जाती हैं......

और अपनी हालत ठीक करती हैं.....

अपने कमर तक लिए हुवे साड़ी को निचे कर देती हैं .....

और उसके छूट का रास और भीगे हुवे लेग्स को धक् देती हैं......

अपने खुल्ले बूब्स को .....अब्दुल के सामने ....अंदर ब्रा मैं दाल के .....ब्रा को बंद कर देती हैं .....

और अपना ब्लाउज पहन लेती हैंन......

और सुचिता पूरी तरह से ठीक करती हैं....

सुचिता :- ठीक हैं न सब ...

अब्दुल :- है है ठीक हैं.....

सुचिता :- ाचा ठीक hain....main डोर्स ओपन करती हैं..

और सुचिता दरवाजा ओपन करने निकल जाती हैं...

तभी अब्दुल सोफे पे देखता हैं......

कोने मैं सुचिता की एकदम गीली पंतय थी ......अब्दुल झट से उसे निकल के ........सोफे के एक कोने मैं छुपा देता हैं..

सुचिता दरवाजा ओपन करती हैं......

नम्रता:- क्या माँ इतनी देर ......

सुचिता:- है बीटा वोह मैं अंदर ...... किचन मैं थी ...

नम्रता अंदर आती hainn.....aur अंदर आते हे ....वोह अब्दुल को देखती हैं.....

और अब्दुल को देखते हे ....उसके मन मैं कुछ व्4 आना चालू होता हैं..

..

सुचिता:- अरे ये ..... सोसाइटी के मैनेजर अब्दुल हैं.....

नम्रता:- है पता हैं माँ ..

सुचिता:- इनको पापा से कुछ बात करनी थी .... इस्सलिये आये थे ..

नम्रता:- माँ मगर पापा तोह ...

सुचिता:- है है वही ....इनको पापा के साथ बात कर के सोल्वे करना हैं इस्सलिये....

ये सुनके नम्रता रिलैक्स हो जाती हैं.....

और अब्दुल को एक स्माइल देती हैं.......

सुचिता:- जाओ तुम जेक फ्रेश हो जाओ ....

नम्रता:- है माँ.

और नम्रता उसके रूम की तरफ बढ़ती हैं......

और अंदर चली जाती हैं......

इधर अब्दुल कुछ तोह सोच रहा था ....

तभी सुचिता उसको पुकारती हैं....

सुचिता :- अब्ब्ब तुम चले जाओ .... नम्रता के पापा का आने का टाइम हो रहा हैं.

सुचिता :- हआ जान...

सुचिता:- है नहीं तोह रुको नम्रता के सामने चले जाओ ...ऐसे अचानक जाओगे तोह .....

अब्दुल :- है है समाज गया ....

और अब्दुल सुचिता का हाट पकड़ लेता हैं....

अब्दुल :- जान आज आधे मैं छोड़ दिया तुमने ..

सुचिता :- है तोह मैं क्या कर सकती हु अब्ब

अब्दुल :- है यार ......चलो न कही घूमने चलते हैं..

सुचिता:- पागल हो गए हो क्या .....

अब्दुल :- नहीं सच बोल रहा हु ....

सुचिता :- नहीं ये पॉसिबल नहीं हैं....

अब्दुल :- ok ....

अब्दुल :- अगली बार कब मिले ..

सुचिता ..:- क्या पता .....बतावुंगी मैं तुम्हे ...

अब्दुल :- ठीक है जान .....

अब्दुल सुचिता को और पास खींच लेता हैं......

और अपने गोदी .ऐन बिठाता हैं.....

सुचिता :- अह्ह्ह क्या कर रहे हो ......

अब्दुल:- कुछ नहीं ....

सुचिता को भी अब्दुल के साथ अच्छा लग रहा था.....

आअज उन दोनों ने पहली बार एक दूसरे के साथ कुछ किया था ....

उन् दोनों की मुलाकात तोह होती रहती थी ...बहार ....पर

आअज पहली बार सुचिता ने अब्दुल को को घर बुलाने की रिस्क लिए थी ......

और ऐसा लग रहा tha.....dono एक दूसरे को चाहते थे ...

तभी सुचिता .....उधर से उठ जाती हैं.......

और किचन मैं चली जाती हैं ....

अब्दुल बैठा रहता हैं.....

और तभी अंदर से नम्रता फ्रेश हो के ...

बहार आए जाती हैं.....

नम्रता अपने नाईट के कपड़ो मैं बहार अति हैं ...

और अब्दुल उससे देख के पागल हो जाता हैं. ....

नम्रता:- माँ डैड कब आने वाले हैं.....

सुचिता:- आ रहे हैं......

नम्रता:- अच्छा ठीक हैं.....

नम्रता अब्दुल को देख के स्माइल देती हैं ....



अब्दुल तोह नम्रता को देखता हे रहता हैं ......

नम्रता की खूबसूरती देख वोह चौक जाता हैंन.....

वोह नम्रता के टाइट लेग्गिंग्स को देखते रहता हैं ....जिस मैं से नम्रता के छूट का शेप पूरा दिख रहा था...

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अब्दुल का मनो पूरा लुंड फिरसे खड़ा हो चूका था....

सुचिता किचन मैं .........टिया बना रही थी ......

नम्रता बाजु के सोफे मैं बैठ जाती हैं.....

अब्दुल :- कैसे हो बीटा ....

नम्रता:- फाइन ... अंकल.....

अब्दुल:- हॉलिडे कैसे चालू हैं....

नम्रता:- ठीक थक ....

अब्दुल बोलते वक्त नम्रता के बड़े बड़े बूब्स को देख रहा था...

टी शर्ट के अंदर वोह और भी बड़े लग रहे थे .....

नम्रता अपने मोबाइल मैं देखने लगती हैं......

अब्दुल अभी भी नम्रता को पूरी तरह से ताड रहा था ...

नम्रता के लेग्गिंग्स से उसके छूट का शेप पूरी तरह से देख अब्दुल का लुंड उसी तकलीफ देने लगता हैं.....

आअज नम्रता की खूबसूरती देख अब्दुल गहरी सोच मैं पद जाता हैं....

वोह मन मैं सोचता हैं.....

( मा तोह आइटम हैं .....पर ये तोह आइटम बम हैं यार ....क्या जवानी निकल के आयी hainn....iski ........

इसके आगे तोह सुचिता भी फीकी hainn........itni काम उम्र मैं क्या फिगर हैं iski......ahhhh आज का तोह दिन हे बन गया यार .....)

और ऐसे हे सोचते सोचते कब टाइम निअक्ल गया समजा हे नहीं ......

अब्दुल टिया वैगेरा पाइक .....निकल जाता हैं.......

और थोड़ी देर के बाद.........

नम्रता;- माँ यू क्नोव न .......डैड और इस अंकल के कितने झगडे हैं .....

सुचिता:- यस बीटा ..ी क्नोव

नम्रता:- फिर भी अपने घर मैं लिया ..

सुचिता:- है बीटा अगर वोह सोल्वे करना चाहते हैं तोह हमें क्या ....पापा और वोह देख लेंगे .....

नम्रता:- ok माँ .

Aurr......thodi देर मैं ..... नम्रता के डैड घर आ जाते हैं......

एंड सब खाना खा के सो जाते हैं....

नेक्स्ट डे. ................

मॉर्निंग..............7 ऍम ..........

नम्रता के डैड काम पे जा चुके थे ..........

सुचिता अंदर काम कर रही थी ......

इधर ..... नम्रता मीठी नींद मैं सो रही थी .....

उसका बदन उस वक्त भी ....सेक्सी दिख रहा था ....

और तभी दूर बेल्ल बेल्ल बजती हैं......

सावला अपना रोज का काम करने आया था.....

सुचिता:- अरे .....chacha.....aap ...

सावला :- है......

सुचिता :- आओ अंदर. ...

सावला अंदर आ जाता हैं....

सुचिता किचन मैं चली जाती हैं...

और सावला को पानी देती हैं...

सुचिता:- किसी चल रही हैं आपकी दिवाली ....

सावला :- अब क्या दिवाली हमारे नसीब मैं तोह सिर्फ काम लिंकः हैं....

सुचिता :- अच्छा ठीक हैं चाचा. ...

और सुचिता इतना कह के किचन मैं चली जाती हैं....

सावला अपना झाड़ू पोछा मरने का काम चालू करता हैं....

सावला हॉल मैं अपना काम ख़तम करता हैं...

सुचिता सावला को चाय बना के लती hain....aur उसी चाय पिने देती हैं....

सावला :- नम्रत बेटी कहा हैं...

सुचिता :- सो रही रही ....

सावला :- अच्छा थी हियँ

सावला बाथरूम वैगेरा साफ कर के .......नम्रत के रूम की तरफ बढ़ता हैं....

तभी सुचिता सावला को आवाज देती हैं.....

सुचिता :- जाते वक्त नम्रता को उठा देना .....कहकह

सावला :- है.....

सावला नम्रता के रूम मैं एंटेरे करता हैं.....

और देखता हैं.....

नम्रता गहरी नींद मैं सोई थी .....

सावला नम्रत के सोये हुवे बदन को देखने लगता हैं. ...

नम्रता का टॉप थोड़ा शोल्डर के निचे आ चूका था. ...

और उसकी गांड ड्रेस मैं से बहार निकलती दिख रही थी ....

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नम्रता को सोता देख सावला का लुंड एकदम से धोती मैं टाइट हो जाता हैं .....

सावला नम्रता के गांड को देखता हैं उसे नम्रता के पंतय की झलक धिक्ति हैं ....

सावला अपने लुंड को नम्रता को देखते हुवे ऊपर से दबाने लगता हैं. .....वोह नम्रता को अपने आँखों से नंगा कर रहा था. ....

नम्रता घेरि नींद मैं सो रही थी.....

सावला जा के दूर क्लोज करता हैं.....

और नम्रता के सोये हुवे बदन की तरफ बढ़ता हैं ..

सावला नम्रता के गांड के करीब जाता hainn....aur करीब से नम्रता के गांड को देखने लगता हैं

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पसस से देखने से उसी नम्रता के गांड के अंदर की पंतय दिख जाती हैं .....और वोह अपने लुंड को हिलने लगता हैं....

एक बुड्ढे को और क्या चाहिए था.

वोह नम्रता के पुरे बदन को अपने हटो से चुना चाहता था .....लुंड को हिलने से उसकी हिम्मत बढ़ चुकी थी

..

सावला को पता था ...कल नम्रता उसपे ग़ुस्सा हुवी थी ....लेकिन उससे कोई पर्व नहीं थी .....उसी सिर्फ नम्रता का बदन दिख रहा था.....

सावला धीरे से सोये हुवे नम्रता के गांड पे अपना हैट रख देता हैं.....

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और हलके से उसके गांड को सहलाता हसीन. .....

नम्रता के गांड को सहलाते हुवे सावला एक हैट से खुद के लुंड को दबाता हैं.....

वोह धीरे धीरे नम्रत के पुरे गांड का शांति से दबाने लगता हैं....

अब्ब वोह धीरे से नम्रत के छूट की तरफ बढ़ता है ....

और लेग्गिंग्स के ऊपर से हलके से नम्रत के छूट के ऊपर हाट लेके जाता hain.....aur तभी उसको नम्रत के छूट की गर्मी उसके हाट के ऊपर महसूस होती हैं...

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वोह अपने हाट से नम्रत के छूट को दबाने की कोशिश करता हैं......

पर तभी नम्रत थोड़ी हिलती हैं......

और सावला दर जाता hainn....aur दूर हो जाता हैं...

वोह अब्ब नम्रत के पास जेक उसको उठताता हैं...

नम्रत उठ जाती हैं.....

और सावला को सामने देखती हैं...

सावला :- माँ ने तुम्हे उठाने के लिए बोलै था ...

नम्रता सावला को देख उसको स्माइल देती हैं....

नम्रत को भी उस दिन गिलटी फील हो रहा tha....q की वोह सावला पे चिल्लाना नहीं चाहती थी ....

नम्रता:- गुड मॉर्निंग चाचा.

सवाल :- है नम्रता...

नम्रता उठ जाती हैं.....

सावला :- नहाने जा रही हो ...

नम्रता:- नहीं बाद मैं जावूँगी क्यू ..

सावला :- मुझे बाथरूम साफ करना है बेटी ...

नम्रता:- ok फिर मैं नाहा के आयति हु ....

नम्रता माँ के यहाँ जाती hainn.....aur बात करती हैं..

सावला ....अपना काम करने लगता हैं....

सावला के मन में आज अलग हे विसहर आ रहे थे. ..उससे आज रहा नहीं जा रहा tha....usee नम्रता को पाना था ...

आज सावला अलग हे मूड मैं ....था ..ऐसा ऐसा लग रहा था प्लानिंग के साथ आया हैं...

नम्रता इधर सुचिता से बात कर रही थी .....

सुचिता:- बीटा आज हमें तुम्हारे आंटी ने दिवाली के लिए बुलाया हैं...

नम्रता:- सच ....

सुचिता:- हां....

नम्रता:- कब जाना हैं...

सुचिता:- अभी थोड़ी देर मैं निकलेंगे....

नम्रता:- और वापस कब आएंगे...

सुचिता:- इवनिंग तक आ जायेंगे बीटा ...

नम्रता खुश हो के तैयारी कर ने चली जाती हैं.....

सावला नम्रता के रूम को झाड़ू लगा रहा था ...

नम्रता अपने अलमारी से एक ड्रेस निकल के अपने बाथरूम मैं चली जाती हैं.....

और नहाने लगती हैं.....

वोह अपनी पंतय डायरेक्ट धोने के लिए दाल देती हैं....

और कुछ सोच के शर्मा जाती हैं....

नम्रता को उस दिन का पंतय वाला पल याद ात हैं...

और वोह खुद ले हे हसने लगती हैं....

कैसे उसने बहार अपनी पंतय निकल के सावला को दे दिए aaur....khyal में पद जाती hainn...ki ...

सावला ने उस पंतय के साथ क्या किया होगा .....

नम्रता का नाहा के हो जाता हैं....

और वोह अपना ड्रेस पहने लगती हैं....

आअज नम्रता ने बड़ा हे टाइट ड्रेस पहना था ...

उसके बदन से एकदम चिपक गया था ....

वोह ड्रेस पहन के बहार आ जाती हैं ....

और सावला उससे देख लेता हैंन....

नम्रता और सावला की नजर को नजर मिलती हैं...

और सावला उसी देखता हे रहता हैं. ....

नम्रता को थोड़ी शर्म आती हैं...

पर आजा सवाल एकदम नम्रता के सामने उससे ताड रहा रहा था.

नम्रता भी जानती थी आज उसने बोहत टाइट ड्रेस पहना हैं...

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उसकी गांड उस ड्रेस मैं टाइट और फूल के बहार आ रही थी ....

औरर बूब्स तोह एकदम टाइट हो चुके थे.....

सावला को तोह उससे अभी लिटा के छोड़ने का मन हो रहा रहा था....

नम्रता सावला को देख के मुस्कुराती हैं...

नम्रता:- क्या हुवा चाचा ..

सावला :- बोहत खूबसूरत लग रही हो बेटी ....

नम्रता:- शुक्रिया....

और नम्रता है के मेकअप करने लगती हैं....

सावला झाड़ू मरते मरते सिर्फ नम्रता के गांड को ताड रहा था.....

नम्रता भी नोटिस कर रही थी आज सावला उससे बोहत घर रहा था....

पर उससे भी अच्छा लग रहा था.....

आअज नम्रता भी खुश नजर आ रही थी .....

नम्रता जेक नाश्ता कर लेती हैं....

सावला नम्रता का बाथरूम साफ कर ने चला जाता हैं...

नम्रता और नम्रता की माँ बाटे करने लगते हैं...

और थोड़ी देर मैं नम्रता की माँ कुछ काम के लिए ....बाजु वाले अन्तय के यहाँ चली जाती हैं....

और जाते वक्त नम्रता को रेडी रहने को बोलती हैं....

नम्रता अपने रूम मैं आ जाती हैं.....

और बीएड पे बैठ जाती हैं....

नम्रता देख रही थी .....सावला .....उसका बाथरूम साफ कर रहा था.......

उससे सावला पे बोहत दया आती हैं... पर वोह भी क्या कर सकती थी .......

सावला का बाथरूम साफ कर के होता hainnn.....aur वोह बहार आ जाता हैंन.....

नम्रता उसको देख के स्माइल देती हैंन....

सावला भी मुस्कुराता. हैं..

सावला नम्रता के बदन को ......ताड रहा था....

नम्रता भी कुछ बोल नहीं रही थी .....

नम्रता:- अपने क्या किया मेरे उसका ....

सावला :- किसका .....

नम्रता:- वोह जो कल आप लेके गए .....

सावला :- वोह .....कुछ नहीं किया ....बीटा ...

नम्रता:- सच्चीई .....

सावला :- हा नम्रता....

नम्रता निचे देख के मुस्कुराती हैं....

नम्रता:- मुझे माफ़ करना चाचा मुझे आप पे चिल्लाना नहीं चाहिए था ...

सावला :- कोई बात नहीं बीटा हम गरीब बुड्ढे पे तोह कोई भी चिल्ला ता hainn....nayi बात नहीं हैं...

ये सुनके नम्रता को और गिलटी फील होता हैं....

और वोह सावला को अपने बाजु मैं बैठ ने को बोलती हैं ..

सावला नम्रता के बाजु मैं जा के बैठ जाता हैं....

नम्रता:- चाचा गलती हुवी लेकिन आप भी गलत कर रहे थे उस दिन ..

सावला :- मैंने तुमसे पूछा था बीटा .....

नम्रता:- है पर मैंने जब आपको रुकने को बोलै आप रुके नहीं ....

सावला :- वोह गलती से हुवा .......

तुम जैसे पारी सामने होते हुवे कोण रुक सकता हैं...

सामने रूप की अप्सरा है तुम कैसे कोई रुकेगा. ..

नम्रता को अपनी तारीफ सुन के अच्छा लगता हैं...

नम्रता:- पर चाचा आप बड़े हो मुझ से इस्सलिये

सावला :- है बेटी .....

और सावला नम्र के कंधे पे हाट रख देता हैं....

नम्रता को उनकंफर्टबले होता है ...पर वोह कुछ नहीं कहती ....

सावला उसके कंधे को शेहलाते हुवे बोलता हैं..

सावला :- देखो किती खूबसूरत हो तुम बेटी ......क्या करू मुझे तुम्हे देख के सेंट्र्ल नहीं होता ....और किसी को भी नहीं होगा तुम खूबसूरती की मिसाल हो .....

नम्रता ये सुन के और शर्मा जाती हैं.....

और गर्दन निचे करती हैं....

सावला अपना पंजा नम्रत के ऊपर कसता जा रहा था ....

....

वोह नम्रता के पीठ पे हैट लेके जाता हैं.....

और सहलाते हुवे बोलता हैं....

सावला :; बीटा क्या तुम अच्छा नहीं लगा उस दिनन....

नम्रता को कुछ समझता नहीं hain......usee अपने पीठ पे सावला का गन्दा हाट का अहसास अच्छा लगता हैं....

नम्रता:- है थोड़ा अच्छा लगा ......

सावला :- अच्छा बीटा .....क्या अच्छा लगा तुम बताओ ...

नम्रता:- नहीं नहीं बता सकती .....

सावला को पता था नम्रता अब सेंट्र्ल मैं आ सकती हैं...

इस्सलिये वोह नम्रता के और करीब आए जाता हैं......

और उसके कानो के पास अपना मुह्ह लेके जाता हैं .

और धीरे से उसके कान मैं कहता हैं....

सावला :- अब्ब्ब कैसा लग रहा हैं बीटा

नम्रता थोड़ा शर्मा जाती हैं....

नम्रता:- ठीक थक .....

सावला अब अपना हैट नम्रता के पुरे पीठ पर सहलाने लगता हैं......

जिस से नम्रता के बदन पे कटा आने लगता हैं...

और सावला अपना एक हैट नम्रता के जांघ के ऊपर रख देता हैं......

नम्रता को वोह भी अच्छा लगता hainn.....voh विरोध नहीं करती

....

सावला धीरे से नम्रता के जांघ को शेहलाते हुवे उसके कण मैं बोलता हैं....

सावला :- अब्ब. कैसा लग रहा हैं.....

नम्रता:- चाह .....लग रहा हैं चाचा.....

ये सुनते हे सावला को अच्छा लगत hainn....aur वोह और खुश हो जातः हैं.

एक गन्दा बुद्धा जोह अभी अभी ..... बाथरूम साफ कर के अय्या हैं...... उसके हाट मैं एक जवान काली थी .....क्या नसीब था बुड्ढे का. .....

नम्रता को सावला के हटो का अहसास तो अच्छा लग रहा था पर वोह अपने आप मैं कन्फ्यूज्ड थी उसे पता नहीं चल रहा था वोह क्या कर रही हैं....

नम्रता सोच मैं पद जाती hainn....aur एक बार सावला के और देखती हैं....

सावला जब नम्रता के और करीब आने की कोशिश करता hain.tab नम्रता को अजीब सी बदबू आने लगती हैं....

और नम्रता को सवका की घिन आती hainn....usee अहसास हो जाता हैं....

एक बुद्धा आदमी अभी अभी .....एक बाथरूम साफ कर के आया हैं घर के काम करता hainn..gandi से बस्ती मैं रहता हैं...

न जाने कितने दिनों से नहाया नहीं होगा .......

नम्रता को ये सोच के और घिन आने लगती हैं....

नम्रता एक बार सावला को पूरा देखती हैं....

उसके उम्र को देखती हैं ......

उसके गन्दी सूरत को देखती हैं....

नम्रता सावला के फटी धोती और मैली गंजी को देखती हैं....

बढ़ी हुवी दाढ़ी ......न जाने कितनी गंदगी थी सावला के शरीर पर ....

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नम्रता को ये सब सोच के खुद पे गिल्ट और सावला पे घिन आ रही थी ......

नम्रता को अपने स्टैण्डर्ड का रेअलीसाशन होता हैं....

है .....इस से पहले भी ...सावला ने नम्रता को चुवा tha.....par तब नम्रता के मन मैं ऐसी भावना नहीं थी .....वोह सिर्फ सावला की मदद करना चाहती थी ....पर अब्ब उसे ये सब गलत लगता हैं.....

और वोह सावला से अलग होने की कोशिश करती hain...aur थोड़ा बाजु हो जाती हैं....

सवाल :- क्या हुवा नम्रता बीटा .....

नम्रता:- चाचा आप प्ल्ज़ मुझ से दूर रहिएगा ....

सावला :- क्यू क्या हुवा नम्रता....

नम्रता:- मुझे अच्छा नहीं लगता ये sabb.....app काफी बड़े हो और आप मुझे छू नहीं सकते .....

( सावला अब अब इमोशनल हमला करता हैं)

सावला :- है यही औकात हैं हम लोगो की और एक बुड्ढे को पास रखेगा .....मुझे लगा तुम औरो जैसी नहीं हो ...पर तुम्हे भी मेरे जैसा बुद्धा गन्दा लगता hainn...aur कर भी क्या सकते है हम जैसे लोग ....

नम्रता:- वैसी बात नहीं ...पर आप पास मत आओ मेरे ज्यादा. .

सावला :- है बीटा तुम्हारी भी क्या गलती hain.....mere जैसे लोगो को पूछता हे कोण hainn....bass तुम अच्छी लगी थी ....

और ये कहते वक्त सावला नम्रता के कंधे पे हैट रख देता हैं.......

और शेहलाने लगता हैं.....

नम्रता को ये बिलकुल पसंद नहीं आता और वोह सावला की तरफ गुस्से से देखती हैं......

और कड़ी हो जाती हैं....

और सावला की तरफ देख के चिल्लाती हैं....

नम्रता:- चाचा बताया न आपको मेरे करीब मत आओ ज्यादा. ...मुझे ाचा नहीं लगता .....और अगर आप नहीं सुनने वाले तोह main....papa को बता दूंगी आप ....मेरे पापा को जानते hain..kon हैं वोह और क्या करते हैं....

सावला ये सुनके दर जाता hain....aur घबराते हुवे निचे बैठ के नम्रता के पेअर पकड़ लेता हैं....

नम्रता को ये एकदम अनएक्सपेक्टेड था....

सावला नम्रता के दोनों पैरो को पकड़ लेता हैं....

सावला :- ऐसा मत करो बीटा मेरी नौकरी चली जाएगी ....मर मिलेगी वोह अलग और ......कोई फिर से कम् पर भी नहीं रखेगा.......

नम्रता:- चाचा मैं बता रही हु आपको ...चिल्ला नहीं रही ....

सावला :- है बीटा .....समाज गया ...फिर से नहीं कुछ करूँगा ...

ये बोलते वक्त सावला के चेरे पे कामिनी मुस्कान ...थी ..

आज सावला पूरी तेरी के साथ आया tha.....aur ...वोह कुछ भी कर के नम्रता को पटना छठा था ....

सावला झट से नम्रता के पैरो को पकड़ के उसके ऊपर अपने हटो से प्रेशर देता हैं......

नम्रता को उनकंफर्टबले फील होता हैं....

वोह सावला का सर अपने हटो से पकड़ के हटाने की कोशिश करती हैं....

पर सावला नम्रता से माफ़ी मांगते जा रहा था ....

नम्रता का है सावला के गंदे सर पर था...

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सावला अपना सर ऊपर करता हैं.....

और उसका लुंड एकदुम खड़ा हो जाता हैं....

निचे से नम्रता का बदन और भी खूबसूरत दिख रहा था....

और एक अलग से खुस्भु नम्रता के बदन से आ रही थी ....

नम्रता के बूब्स निचे से बड़े बड़े और टाइट कैसे हुवे ामो की तरह लटके हुवे थे .....

ये देख के सावला और पागल हो जाता हैं....

वोह नम्रता के पैरो को निचे से सहलाना चालू करता हैं .....

नम्रता को समझ में नहीं आता सावला क्या कर रहा था....

सावला झट से नम्रता के जांघ को पकड़ लेता hain....aur जांघ को दबाने लगता हैं......

और निचे झुक के नम्रता के पैरो पे अपना माथा रख के कहता हैं....

सावला ,:- माफ़ कार्डो बेटी मुझे माफ़ कार्डो....

नम्रता:- है किया अब उठो आप ....

सावला उठता नहीं ....और अपनी ...

गन्दी जुबान निकलता हैं.....

जोह एकदम गन्दी थी .....

और उसे अपने मुह्ह से बहार निकल के .....

नम्रता के पैरो पे घूमने लगता हैं.....

नम्रता एकदम शॉकेड हो जाती हैं......

और ...कुछ नहीं कहती .....

उससे सावला के जबान का तोच अपने पैरो पे महसूस होने लगता हैं...

नम्रता सावला के सर को छोड़ देती है ....

और चुप चाप खड़ी रहती हैं....

सावला अपने जबान से नम्रता के दोनों पेअर गीले कर देता हैं.....

और एक हाट से नम्रता के जांघो को सहलाने लगता हैं.....

ये सब बोहत अनएक्सपेक्टेड था ... इस्सलिये नम्रता अभी भी शॉकेड थी .....

सावला झट से अपनी जबान को अब्ब लेग्गिंग्स पे घूमना चालू करता हैं.....

और बड़े आराम से नम्रता को अपने हटो से सहलाता हैं....

अब्ब सावला अपनी गन्दी जबान नम्रत के जांघ के ऊपर लता हैं...... लेग्गिंग्स पे अपनी जबान रख के सावला उससे गिला करता हैं....

नम्रता:- चाचा क्या कर रहे हो छोड़ो मुझे ....

सावला अपने जबान की स्पीड को बढ़ता हैं.....

और कुत्ते की तरह उसकी जानना की चाटने की आवाज आने लगती हैं....

और नम्रता के मुह्ह से सिसकारी बहार निकलती हैं...

नम्रता:- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह हहह कच्चा ...अहह छोड़ो ...

नम्रता को अपने जांघ पे बड़ा अच्छा फील होने लगता हैं ....और. .....

तभी सावला अपना एक हैट पीछे से नम्रता के गांड पे रख देता हैं..

और अपने हटो से नम्रता के गांड को सहलाने लगता हैं...

नम्रता सिर्फ खड़ी रहके महसूस कर रही थी .....

सावला झट से. नम्रता के जांघ से होक ऊपर बढ़ता हैं.....

नम्रता के छूट मैं अब बिजली कड़कने लगती हैं...

उसको अपने छूट के निचे गिला पैन महसूस होता हैं ... नम्रता अपनी आँखे बंद कर के अपने छूट का सुख महसूस करती हैं ....

उससे कुछ नहीं समझ रहा था ..हो क्या रहा hainn....aur अपने बदन के बदलो को वोह सुख को महसूस करने लगती हैं.....

सावला से अब्ब नम्रता की छूट दूर नहीं थी ...

उसकी जबान पुरे पेअर को चाटते हुवे नम्रता के छूट की तरफ बढ़ रही थी .....

सावला अपने घुटने पे बैठ जाता हैं......

नम्रता का विरोध काम हो गया tha...voh बस नाम के लिए नहीं ......रुको ....मत करो कह रही थी .......

उसको अपने शरीर मैं हो रहे हलचल से एक अलग हे सुख मिल लारा था.......

सावला का मुह्ह अब्ब नम्रता के टॉप के ऊपर से उसके वहुत पे पोहच जाता हैं .....और तभी सावला को नम्रता के छूट से आ रही गर्मी महसूस होती हैं....

नम्रता आँख बंद कर के कड़ी थी ....

नम्रता के छूट की गर्मी सावला को ऊपर से हे महसूस हो रही थी .....मनो कोई भड़कता ज्वालामुखी भड़क रहा हो ....

सावला के ऐसे चाट ने से नम्रता ने कबका अपने छूट से काम काम रास बहाना चालू कर दिया था ...

नम्रता बड़ी दुविधा मैं फास गयी थी अगर आज इस राक्षस को मुझ पे हमला करने दिया तोह ...ये कल हक़ से मुझसे सब लेगा .......

नम्रता का अंग अंग रोमांच से भर गया था.....

ऊपर से सावला के जबान के वर उसे मध् होश कर रहे थे ..ऊपर से छूट मैं बढ़ता गिला पैन ...उससे ....और रोमांचित कर रहा tha....aur ...

तभी सावला ....नम्रता का टॉप अपने हटो से ऊपर करता hainn.....aur ...अपना मुहहह.....

नम्रता के लेग्गिंग्स से ......छूट के करीब ले जाता हैं....

और तभी उसको नम्रता के छूट के रास की खुशबु आने लगती हैं......

और उस खुशबु से सावला का लुंड धोती मैं एकदम टाइट हो जाता हैंन.....

वोह नम्रता के छूट की खुशबु कुत्ते की तरह सूंघने लगता हैईज ..और ......अपना मुहहह नम्रत के लेग्गिंग्स के ऊपर से नम्रता के छूट पे टिका देता हैं...

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और सावला का मुह्ह वह टच होते हे नम्रता के शरीर मैं 440 वाल्ट की बिजली दौड़ पड़ती हैंन....

ऐसा अनुभव उसने लाइफ मैं कभी नहीं लिया tha....aur आज आजा वोह अपने शरीर का सुख को ..... एक्सपीरियंस कर रही थी

....

सावला को अपना मुह्ह टच करते हे जीत का अहसास होता हैं..

वोह जीत चूका था.... नम्रता का कोई विरोध नहीं था....

सावला अपना मुह्ह झट से छूट पे दबाता हैं....

नम्रता:- अह्ह्ह्हह्हह चाहहए .....उह्ह्ह

सावला को नम्रता का कोमल आवाज सुनते हे .....उसके बदन mainn.......ghode की रफ़्तार आ जाती हैं....

नम्रता अब्ब कोई विरोध नहीं कर रही थी ......

सावला अपना muhh...abb नम्रता के छूट के यहाँ रगड़ना शुरू करता hainn......aur तेजी से वोह नम्रता के छूट पे वर करना चालू करता हैं....

नम्रता:- अह्ह्ह चाचा अह्ह्ह धीरे ममम ..

सावला अब्ब अपनी गन्दी जबान बहार निकलता हैं....

और ऊपर से नम्रता के लेग्गिंग्स पे टच करता हैं...

तभी सावला नोटिस करता हैं....

नम्रता की छूट अंदर पूरी गीली हो चुकी हैं.....

सावला मन में ( छूट तोह गीली किए हैं... साली ने और नाटक करती hainn...aaj तोह उसके वहुत को चाट के हे रहूँगा )

नम्रता आँख बंद कर के अब्ब खुल के सिसकारियां ले रही थी .....

अब्ब ुसेड मटर नहीं कर रहा था ..सामने बुद्धा hainn...ya कचरे वाला ....सामने ....कोण hainn...kuch नहीं म..

उससे बास उसके सहरीर का सुख चाहिए था ....

और नम्रता भी सावला के सर पर अपना हैट रख देती हैं...

और तेजी से सावला का मुह्ह अपने छूट पे दबती हैं...

सावला ( अब्ब आयी औकात पैन .)

सावला अपना पूरा मुह्ह खोल के अपने मुह्ह के अंदर का थूक गिला पैन नम्रता के लेग्गिंग्स पे छोड़ देता हैं...

अपने मुह्ह के अंदर का सारा गन्दा पानी जबान से साफ करके कुत्ते की तरह चाटते हुवे .... नम्रता के छूट पे. ..लगा देता हैं...

सावला की जबान की गर्मी .... नम्रता को महसूस होती hain...aur ...अंदर के गीले पैन से परेशां नम्रता अब्ब्ब

सावला के थूक वर सेवा के गीले पैन से और म... रोमांचित हो जाती हैं....

वोह सावला के सर को पकड़ के अपने वहुत पे दबती hain....aur अपने टॉप से सावला का सर धक् लेती हैं....

और जोर से खेती हैं....

अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह चाचा ......उम्मम्मम्म अह्ह्ह्ह

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अब्ब नम्रता अपने कामुक कोमल नेचुरल आवाज से सावला को उत्तेजित कर रही थी ....

सावला :- बीटा क्या खुस्भु हैं तेरी छूट की ....

अह्ह्ह छूट शब्द सुन के नम्रता को और रोमांच चढ़ जाता हैं...

नम्रता:- ahhhhh...uhhhh

सावला :- अह्ह्ह आज तो पूरी चाटूँगा .....

नम्रता:- अह्ह्ह्ह क्या ...

सावला :- तेरी छूट म...

नम्रता:- नहीं ....

तभी सावला एक हैट गगांद पे रख के जोर से गांड दबाता हैं...

नम्रता:- अह्हह्ह्ह ोुछः

सावला :- अह्ह्ह बेटी तू तोह काम की अप्सरा hainn..ahhh...kya नसीब है मेरे.....

तभी सावला जोर से नम्रता के छूट को काटता हैं अपने मुह्ह से. ..

नम्रता:- अह्हह्ह्ह्ह चाचा ....दुःख रहा हैं...

और सावला अपने दोनों हटो से नम्रता की लेग्गिंग्स खींचने लगता हैं....

वोह अपने दोनों हैट नम्रता के कमर पे रखता हैं...

और निचे खींचने हे वाला होता हैं की नम्रता सावला का हैट पकड़ लेती हैं...

और तभी सावला फिर से नम्रता के गांड के दरार और हमला करता हैं....

नम्रता:- ोुछहहह चाचा अह्ह्ह्ह

क्या आज नम्रता अपने इमां को बेचेगी .......

क्या एक गन्दा बुद्धा नम्रता के छूट तक पोहच पायेगा ...

क्या सावला की म्हणत रंग लाएगी ........

तो बे कॉन्टिनोएड...............

स्टे होम .........

सत्य ...सेफ .......
 
डिअर रीडर्स यर):

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थैंक यू सोऊ मच फॉर योर कोंग्रटुलतिओन्स........

सब रीडर्स बोहत अच्छे हैं .....मैं अक्सर देखता हु ..अगर कोई कहानी बड़ी होती hain...toh वह पे आर्ग्यूमेंट्स, मिसुन्दरस्टण्डींग चालू हो जाती hainn.....but...

आप सभी लोगो ने इस थ्रेड पे बोहत अच्छा माहौल बना के रखा हैं.....

बोहत लोग अच्छा रिस्पांस देते हैं कमैंट्स कर के मोटिवेटेड रखते हैं...

बिच मैं 3 मोनथस no उपदटेस थे .....पर तभी भी आप लोगो ने मुझे एक्सेप्ट किया ....और अच्छा वेलकम रिस्पांस दिया ...

और रही बात हिडन रीडर्स की जोह सिर्फ कहानी पढ़ते hainn..aur कमैंट्स नहीं karte.....unke लिए यही बोलना चाहूंगा ....की कोई बात nahi.....aap कहानी का मजा lijiye...jab मन हुवा तब कमेंट कर देना ..no प्रॉब्लम..

बस आपके कमैंट्स से मोटिवेशन मिलता हैं..

नेक्स्ट अपडेट ों थे वे ........ बनाना

कीप सपोर्टिंग......... हार्ट

थैंक यू वैरी मच ..... हार्ट

स्टे होम .......

स्टे सेफ ...........
 
अपडेट:-26

तभी सावला एक हैट गगांद पे रख के जोर से गांड दबाता हैं...

नम्रता:- अह्हह्ह्ह ोुछः

सावला :- अह्ह्ह बेटी तू तोह काम की अप्सरा hainn..ahhh...kya नसीब है मेरे.....

तभी सावला जोर से नम्रता के छूट को काटता हैं अपने मुह्ह से. ..

नम्रता:- अह्हह्ह्ह्ह चाचा ....दुःख रहा हैं...

और सावला अपने दोनों हटो से नम्रता की लेग्गिंग्स खींचने लगता हैं....

वोह अपने दोनों हैट नम्रता के कमर पे रखता हैं...

और निचे खींचने हे वाला होता हैं की नम्रता सावला का हैट पकड़ लेती हैं...

और तभी सावला फिर से नम्रता के गांड के दरार और हमला करता हैं....

नम्रता:- ोुछहहह चाचा अह्ह्ह्ह

अब्बब्बब आएगी ...............

नम्रता के रूम मैं माहौल बड़ा गरम हो चूका था......

एक तरफ जवानी मैं कदम राखी नम्रता थी ....तोह दूसरी तरफ एक कला गन्दा कचरेवाला बुद्धा सावला था.....

नम्रता अपने जवानी को महसूस कर रही थी ....

तोह ....

सावला अपने आखिर के कुछ बुढ़ापे में कुछ दिनों को मजे से काटना चाहता tha....par ....आज उसके हाट एक कमसिन पारी लग चुकी थी .....जी की फिलाल उसके इशारे पे नाच रही थी.......

नम्रता अपने आँखे बंद कर अपना काम वासना को अनादर दबाये कड़ी थी .....वो न सावला को खुला समर्थन कर रही थी ....न उसको विरोध कर रही थी ....ाआँखे बंद कर सिर्फ सावला के फिरते गंदे गीले जबान को अपने लेग्गिंग्स के ऊपर से महसूस होता हुवा सुन्दर सा अनुभव अपने शरीर में दबाये हुवे वोह सिसक रही थी .....नम्म के लिए सावला को अपने हटो से दूर कर रही थी पर कोई फायदा नहीं था.......

क्यू की नम्रता के शरीर ने हर मन लिए थी .....उसके शरीर को वोह अनुभव एक अलग प्रकार का सुख दे रहा था ..जो की नम्रता को चाहिए था.......

सावला की जबान अब. फिरते हुवे नम्रता के कमर तक चली जाती हैं ........

और अपने कातिल गोरी कमर पे जबान का स्पर्श होते हे नम्रता सेहर उठती हैं....

नम्रता:- ahhhhhhh.maaaaa

सावला को नम्रता की बेबसी अच्छी लग रही थी ......

सावला अपनी जबान अब.... नम्रता के लेग्गिंग्स के ऊपर से ...उसके छूट के जगह पे .... बेशरम की तरह जोर जोर से रगड़ रहा था..........

रगड़ने की वजह से .... नम्रता के शरीर में अलग हे सुख महसूस हो रहा था....

वोह मनो पागल होती जा रही तह

....

नम्रता:- ुह्ह्हह्ह चाचा ....अह्ह्ह मत ...अह्ह्ह्ह...

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अब्ब्ब नम्रता भी सावला का सर अपने छूट पे दबाके उसको समर्थन कर रही थी ......

और सावला को यही चाहिए था........

नम्रता के अंदर की ज्वाला अब्ब्ब भड़क चुकी thi.....abb नम्रत बेबस हो रही थी .....

उसने सावला की वजह से अपने जवानी की देहलीज देख चुकी थी ...abb....bas सावला को गरम लोहे पे हतोड़ा मरना था....

सावला अपने हटो से नम्रता की लेग्गिंग्स थोड़ी थोड़ी कर के निचे खींच रहा tha....aur उसी वक्त नम्रता के पीछे से सावला का नम्रता के गांड पे भी हमला चालू था....

अगर नम्रता कुछ बोलने की कोशिश करती तोह सावला झट से गांड को निचोड़ देता ....इस वजह से नम्रता की बात मुह्ह में हे रह जाती और ....लम्बी सिसकारी छोड़ती ......

और अब्ब भी वैसा हे हुवा ....... नम्रता को जब लगा सावला उसकी लेग्गिंग्स खींच रहा hainn....tabhi ..... नम्रता ने सावला का हैट पकड़ा ..

.और .

..

कुछ कह पति तभी ....

सावला ने अपने पूरा अन्घुता ....नम्रता के गांड में थुश दिया ....उसके वजह से नम्रता का पूरा बरन हिल गया .....

नम्रता:- ोुछःह maaaaaaa...ahhhhh

और इधर सामने सावला ..... नम्रता की लेग्गिंग्स उसके घुटने तक निकल देता हैं ..

अब्ब्ब उसके सामने रूप के पारी कड़ी थी ...जो अब्ब सिर्फ एक ....

..... ब्लैक कलर की panty......jo पूरी गीली हो चुकी थी ....सावला के ठीक सामने थी.....

नम्रता को पता हे नहीं चला क्या हुवा ....और जब उसने निचे देखा ....तोह ....उसे पता चला वोह अब्ब सावला के सामने अपने पंतय में कड़ी हैं.....

और वोह तुरंत हिलने की कोशिश करती hainn...par नाकाम होती हैं

वो देखती है .सावला कैसे उसके पंतय को घर रहा थान....

नम्रता की काम रास की गंगा बोहत बह चुकी थी इसलिए उसको सावला के ऐसे देखने से शर्म भी आती हैं.....

सावला अपना मुँह नम्रता के पंतय के पास ले जाता hain....aur अपना नाक लगाके

.

.सूंघने लगता हैं .

सावला ..:- ुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह उम् क्या खुशबु hain.....ahhh

नम्रता को ये देख के बड़ा अजीब फील होता हैं....

और तभी वोह पति hain...ki सावला का anghuta....uske गांड के दरार mainn...fas चूका हैं....

दोनों साइड से नम्रता हर रही थी ....और दोनों चीजों का संगम उसे जवान बना रहा था.....

तभी सावला अपना पूरा मुह्ह नम्रता के पंतय पे रख देता हैं....

और कुत्ते की तरह चाटने लगता हैं.....

नम्रता:- उह्ह्ह उह्ह्ह चाचा नहीं अह्ह्ह्हह....

सावला अब रुकने वाला नहीं था.......

और नम्रता और भी काम वासना के जल मैं फस्ती चाकी जा रही थी ..

सावला नम्रता के पंतय को मुह्ह में लिए पूरा निचोड़ देता है ....उसका रास .....पूरा ....अपने muhh....main

..निचोड़ के पी जाता हैं.

नम्रता:- ुह्ह्हह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

और तभी ......फाटक से ........सावला ...

नम्रता की पंतय उतरने के लिए ........ खींचता हैं....

पर नम्रता रेडी थी ......

वोह झट से......

सावला को दूर कर रही थी पर नाकाम हो जाती हैं....

और सावला नम्रता के पंतय के ऊपर से छूट को जोर से दबा देता हैं........

नम्रता जोर से चिल्ला उठती है

नम्रता:- ोुछहहह मर गयी ......

सावला ने दबाया हे इतने जोर से थान......

और तभी सावला बेशरम की तरह ....

नम्रता के पंतय के ऊपर से .....

उसके छूट को ....सहलाना चालू कर देता हैं.....

और जोर जोर से हैट घुमा देता हैं....

नम्रता का पूरा शरीर साथ दे रहा था ...सिवाय मन के ....

और सावला इतने जोर जोर से रगड़ रहा था की नम्रता को छूट के अंदर कुछ महसूस हो रहा था.....

कुछ आए रहा था....

नम्रता की ये पहली फीलिंग पहला .....छूट को सहलाना tha...aur वोह भी एक बुड्ढे के हटो .....

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नम्रता को अपने छूट से कुछ आने का अहसास हो रहा tha....kuch बड़ा सा ...उसके छूट main.....halla मचा रहा hain.....kuch गरम गरम उसके अंदर बह रहा hain.....kuch....hain ...जो बहार आने के लिए तरस रहा हैं. .....

नम्रता को वोह चीज अलग हे सुख दे रही थी ....और वोह और कुछ नहीं झड़ने की .... फीलिंग थी .....

सावला पुरे जोश मैं नम्रता के .....

छूट को रगड़ रहा था पंतय के ऊपर से ......

नम्रता सिसकारियां भरे जा रही थी .........

ाहहजज िहहहजजज chacha.....ahhhm.....ahhmmmm

और तभी .....दोनों ke.....irado पर पानी फिर जाता हैं......

और जोर से ..

दूर बेल्ल की आवाज दोनों के कानो मैं .....गूंज ते हैं....

टिंग dingggggggggggggggggg......

नम्रता झट से सावला को धकेल देती हैं......

और उसके सामने अपनी गीली लेग्गिंग्स पहन लेती हैं......

और अपने टॉप से सारा गिला पैन धक् लेती हैं.....

सावला आज भी जीत कर हर गया था.......

आज भी वोह काफी करीब था......

आज भी किस्मत ने उसका सहारा नहीं दिया......

नम्रता दरवा खोलती हैं.....

नम्रता:; आए गए माँ ....

सुचिता:- तुमने अभी तक तेरी नहीं किए चलो जल्दी तुम्हारे आंटी के यहाँ जाना हैं....

नम्रता के चेरे पे नाराजी साफ दिख रही थी......

और ......हो भी क्यू न पहली बार वोह झड़ने जो वाली थी .....

पर क्या करे किस्मत का खेल ....और आज सावला की किस्मत बड़ी ख़राब थी .....

सवाल :- ाःह साली आज भी हैट से निकल गयी .....

सावला उठ कर सब काम ख़तम कर लेता हैं....

सुचिता तैयारी करने लगती हैं....

इधर नम्रत रूम मैं जा कर दूर लॉक कर लेती हैं.....

वोह अपने गीले गंदे लेग्गिंग्स को देखती रहती हैं.....

और तभी अपना ड्रेस उतर कर चेंज कर लेती हैं....

पर वोह अपनी गीली पंतय नहीं उतरती ते ......

सावला हॉल मैं बैठ जाता हैं.....

नम्रता अपने कपट से .....

एक नया जीन्स और टॉप निकल लेती हैं....

और ब्लैक कलर का टॉप पहन लेती हैं.....

सुचिता की तैयारी भी हो चुकी थी ......

नम्रता अपने रूम से बहार आती हैं......

और सावला उससे जी भर के देख कर सुंनंन हो जाता हैं ...

आअज तक उसने कभी नम्रता को जीन्स और t-shirt मैं नहीं देखा था......

नम्रता की फिगर खुल कर आ गयी थी ........

नम्रता के बड़े बड़े दूध के टैंक देख कर सावला के मुह्ह मैं पानी छूट जाता हैं....

आज उससे अलग हे नम्रता दिख रही थी.....

नम्रता की जीन्स में गांड खुल कर बहार आ गयी थी ....

और t-shirt मैं बूब्स कयामत दिख रहे थे .....



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ऐसा लग रहा था मनो अभी t-shirt से बूब्स फाड् के बहार आके सावला के सामने नंगे हो जायेंगे.........

नम्रता भी अपनी कटलाना मुस्कान देके सावला को तरसा रही थी........

सावला सुचिता को बोलता हैं....

सावला :- मैं चलता हु मेमसाहब .....

सुचिता:- है बोलती हैं.......

सावला जब निकलता hain...tab वोह नम्रता को नजर भर के देख लेता hain.....q की अब्ब घर जा के मुठ मर के काम चला पड़ेगा .....

सावला चला जाता hainn......aur इधर नम्रता और उसकी माँ .... तेरी सब कर के .....आंटी के यहाँ जाने के लिए ....निकल पड़ते हैं....

उनको ट्रैन से जाना tha....so .....आअज बोहत लोगो को नम्रता के बदन और बूब्स का दर्शन होने वाला था....

कई सरे लोग नम्रता को नंगी आँखों से देख हे अपने खयालो मैं नंगा करने वके थे ....

और नम्रता को इन सब चीजों की ....आदत हो गयी थी .....

नम्रता और उसकी माँ आंटी के यहाँ पोहच जाते हैं....

बोहत देर तक बाते होती हैं ..

हसी मजाक होता हैं....

पर नम्रता का ध्यान कही और था.....

वोह सब यद् कर रही थी ....

और यद् कर के उसको गिल्ट फील नहीं हो रही थी .....बल्कि उससे वोह मूवमेंट यद् आता हैं .....जब कुछ आने का उससे अहसास हो रहा था ....वोह मूवमेंट उसे फिर से चाहिए था ...

मनो कोई बात उसे अंदर से कही जा रही थी .....

अब्ब वोह सही गलत का ख्याल नहीं कर रही थी .....उसी तोह बस वोह फील करना tha....jab कुछ अंदर से आ रहा था ..

नम्रता को उसके अंदर की गीली पंतय भी बार बार सत्ता रही थी .....

पंतय का विटनेस उसी बार बार वोह पल यद् दिला रही थी ....

उसको अपने छूट के यहाँ कुछ चिप छिपा सा महसूस होता हैं......

उसको अब्ब रहा नहीं जा रहा tha....usee बास ....वोह मूवमेंट चाहिए था....

बार बार उसका मन उसी कहाये जा रहा था...

उससे सावला के प्रति कोई भावना नहीं थी .....पर फीलिंग आ रही थी ...उसने जो किया उसकी ...और ....

तभी नम्रता उठती हैं.....

नम्रता:- माँ मैं वाशरूम जा रही हु...

आंटी:- बीटा सामने से दये लेना ......

नम्रता:- है आंटी.....

नम्रता वाशरूम मैं चली जाती hainn.....aur दूर लॉक कर लेती हैं.....

वोह अपने पुरे बदन को निहारती hainn....aaj अलग हे बदलाव उसको पुरे बदन में महसूस हो रहा tha....uske शरीर पे अलग हे मस्ती सवार थी .....

नम्रता को अपनी पंतय बड़ी तकलीफ दे रही थी .......

नम्रता को abb...alag हे दुनिया में लेके जाना चाहती थी ......

और तभी ......

अपना प्यारा कोमल गोरा हैट धीरे .....से अपने जीन्स पे

अपने छूट के यहाँ खड़े खड़े घूमने लगती हैं....

धीरे धीरे वोह अपने आप हे हैट को जीन्स के ऊपर से सेहला रही थी ......

अपने हैट को एकदम सॉफ्ट सोफ़्त्ल्य घुमा के वोह उस फील को महसूस करना चाहती थी .....



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अब्ब वोह अपने हैट से अपने जीन्स के ऊपर से ......जोर जोर से सेहला रही थी ......

अब्ब एक अलग हे मजा उसके बदन मैं आ रहा था ..वोह यही फील चाहती थी .....

और तभी उसी कुछ सूझता हैं....

वोह धीरे से अपना हैट अपने .... जीन्स के बटन के ऊपर लेके जाती हैं.....

और धीरे ....से अपने नाजुक हटो से अपने बटन को खोल देती हैं.....

और धीरे से अपना हैट अपने जीप पर ले जेक अपनी जीप खोल देती हैं.....

नम्रता की टाइट जीन्स मैं उसकी कमर और गांड और टाइट दिख रही थी .....

नम्रता धीरे से अपना कोमल नाजुक हैट अपने ......जीन्स के अंदर ले के जाती हैं.....

और धीरे ....से अपना हैट अपने पंतय के यहाँ लेके जाती हैं...

और तभी उसके बदन में अलग हे करंट बहने लगता हैं...

वोह अनादर धीरे से पंतय पे अपनी उंगलिया घूमना चालू करती हैं...

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अब्ब्ब उसको अलग हे अहसास अपने अंदर महसूस हो रहा था ....

वोह तेजी से अपने गीले पंतय के ऊपर उंगलियों को घूमना चालू करती हैं.....

और तभी उसके बूब्स उतेजना से टाइट होने लगते hainn...voh देख रही थी कैसे उसके स्तन ने पाना आकर बदल लिया ....उसके स्तन का भर वोह झेल रही थी .....

वोह देख प् रही थी कैसे उसके बड़े टैंक से एक छोटा सा निप्पल उसके t-shirt के ऊपर से दिख रहा हैं.....

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उससे वोह सब अच्छा लग रहा था........

नम्रता को अपने शरीर की कीमत पता चल चुकी थी और वोह अपने शरीर को जान चुकी थी ......

क्यू लोग ुसेड ऐसा देखते hainn.....q लोग उसको घूरते रहते हैं.....

नम्रता को अब्ब अलग हे फील हो रहा था ...

वोह ख़यालालो मैं और काम वासना मैं डूब रही थी ....

नम्रता अपने उंगलियों को अब्ब्ब जोर से तेज करती हैं...

पर सावला ने दबाया हुवा छूट के यहाँ उससे दर्द होता hainn...aur वोह जानती थी ...

की ये उसका घर नहीं ......

इस्सलिये वोह रूक जाती हैं....

और ...... टॉयलेट पे बैठ जाती हैं...

उसी अपने उंगलियों पे कुछ चिपचिपा ... महसूस होता हैं पर वोह धायणा नहीं देती .....

टॉयलेट करने के लिए वोह अपनी जीन्स निचे कर देती हैं....

और पंतय भी निचे करती हैं......

और तभी ....उसी कुछ दीखता हैं....

और वोह देख के नम्रता एकदम चौक जाती हैं....

उसे बोहत सारा चिप छिपा लिक्विड अपने पंतय पे दीखता हैं......

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वोह देख के नम्रता एक दम सरप्राइज हो जाती हैं...

इससे पहले इतना सारा लिक्विड कभी नहीं निकला था......

और इतना चिप छिपा तोह कभी नहीं ......

नम्रता वोह देख के एकदम हैरान हो जाती हैं....

उससे पता नहीं चलता ये किस वजह से हुवा

वोह सोचती हैं.....

कही सावला की वजह से तोह नहीं

...

क्या इतनी देर से ये मुझे अलग फीलिंग दे रहा था ....

.

नम्रता वोह घड़ा सफ़ेद रंग का छुम देख के फिरसे उत्तेजना के लहार से अपना बदन को झूम उठती हैं....

वोह धीरे से अपने दो उंगलियों से उस चिप छिपे छुम को हैट लगाती hainn....aur धीरे से मसल के देखती हैं...

नम्रता:- ये तोह काफी चिप छिपा hainn..ahhhh

नम्रता उस चीज से अब्ब खेलने लगी थी ....वोह धीरे से दोनों उंगलियों से अपना छुम मसल रही थी ......

उसको पुरे बाथरूम मैं अलग हे स्मेल आ रहा था...

जिस से वोह और उत्तेजित हो रही थी ...अपने हे खुस्भु से नम्रता पागल हो रही रही ......

पुरे बाथरूम मैं उसके छुम का स्मेल फ़ैल चूका tha....pura माहौल अब नशीला बन चूका था....

और नम्रता खुद के हे नशे मैं डूबता चली जा रही थी ....नम्रता को खुदका हे स्मेल आकर्षित कर रहा था ..

नम्रता अपना हे गदा सफ़ेद छुम देख के .... उत्तेजित हो रही थी और तभी .....वोह ....

अपने कोमल हटो के डॉन उंगलियों को आगे बढाती हैं...

और अपने पंतय के उस जगह रख देती हैं जहा उसका वीर्य गिरा हुवा था....

हलके से अपने जौक हटो के उंगलियों पर अपना हे वीर्य लेती हैं...

और उसको मसलती हैं....

अहह नम्रता को वोह काफी चिप छिपा लगता हैं...

नम्रता अपने हे ..... विश्व में डूब चुकी थी .....

और तभी नम्रता अपने दोनों उंगलियों को देखती हैं..

और उसके मन मैं कुछ व्4 ात है ...

वोह अपने दोनों चिप छिपी उंगलियों को अपने .....

नक् के पास लेके जाती हैंन...

और अपने हे वीर्य की खुसबू अपने जेहन में लेती हैं...

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अपने हे वीर्य के खुस्भु से नम्रता और उत्तेजित हो जाती हैं...

उससे समाज नहीं आ रहा था वोह क्या कर रही hainn...par उसको सब बड़ा अच्छा लग रहा था ....

और जो भी था ..उसी काम वासना में डूबा लिए जा रहा था. .

नम्रता वोह खुस्भु तब तक लेती हैं...

जब तक उसका मन नहीं भर जाता ....

और स्मेल लेने के बाद .....

वोह अपनी चिप छिपी छुम के उंगलियों को एकटक देखती रहती हैं....

उसके मन मैं कुछ अलग हे चालू था.......

वोह उस गड़े सफ़ेद वीर्य को देख मन में मुस्कुरा रही थी मनो उससे बड़ा मजा आने लगा था ....

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नम्रता धीरे से वोह उंगलियों को अपने कोमल ोठो को यहाँ ले जा रही थी .......

उसके रसीले लाल लिपस्टिक वाले oth.....ahhh

..

नम्रता के ोठो पे पानी छूट चूका था.....

नम्रता अब्ब उंगलियों को और करीब लेके जाती हैं....

और वोह वक्त आता हैं.....

नम्रता अपनी दोनों उंगलियों को अपने कोमल रसीले लाल होतो पे रख देती हैं.....

अहह क्या सन था ...एक जवान गर्ल अपने आंटी के बाथरूम मैं अपनी वासना को शांत कर रही थी ......

नम्रता धीरे धीरे दोनों उंगलियों को अपने अपने ोठो पे फेरती हैं.....

और लिपस्टिक जैसा पुरे ोठो को अपना वीर्य लगा देती हैं...

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अपने जबान से अपने ोठो को वोह चुटी हैं....

और उससे खट्टा सा टेस्ट लगता हैंन ...

जो की उससे और पागल कर देता हैं....

और नम्रता तेजी से अपने उंगलियों को चाटने लगती हैं....

अह्ह्ह्हह. अहह. उम्मम्मम

कर के नम्रता अपने उंगलियों को साफ कर देती हैं....

उससे मन तोह और हो रहा tha....apna वीर्य चाटने का ...

लेकिन वोह जानती थी ....वोह दूसरे के घर मैं हैं..

और झट से खुदको सवार लेती हैं....

और अपनी हालत ठीक कर के बहार आ जाती हैंन......

क्या नम्रता अपने काम वासना मैं डूब रही थी .....

क्या सावला ने नम्रता को अपने जवानी का अहसास दिखा दिया था.......

क्या नम्रता अपने काम वासना से बहार निकल पायेगी .....

तो बे कॉन्टिनोएड...............

स्टे होम .........

स्टे ... सेफ.......
 
अपडेट:- 27

जो की उससे और पागल कर देता हैं...

और नम्रता तेजी से अपने उंगलियों को चाटने लगती हैं....

अह्ह्ह्हह. अहह. उम्मम्मम

कर के नम्रता अपने उंगलियों को साफ कर देती हैं...

उससे मन तोह और हो रहा tha....apna वीर्य चाटने का ...

लेकिन वोह जानती थी ....वोह दूसरे के घर मैं हैं..

और झट से खुदको सवार लेती हैं....

और अपनी हालत ठीक कर के बहार आ जाती हैंन......

क्या नम्रता अपने काम वासना मैं डूब रही थी .....

क्या सावला ने नम्रता को अपने जवानी का अहसास दिखा दिया था.......

क्या नम्रता अपने काम वासना से बहार निकल पायेगी .....

अब्ब्ब्ब आएगी..........

अपने आंटी के घर वोह भी उसके बाथरूम मैं अपने काम वासना और अंदर चल रहे ज्वालामुखी को शांत करने के नाकाम कोशिश के बाद नम्रता बाथरूम से बहार आ जाती हैं.....

और अपने माँ और आंटी के साथ बाते करने लगती hainn...namrta के मन मैं यही चल रहा था की कब ये टाइम निकल जाये वोह अपने घर जाना छाती थी .....

माँ और आंटी के बाते उससे पका रही थी ...नम्रता का सारा ध्यान अपने बदन पे tha..uska सारा ध्यान अपने उभरे हुवे स्तनों पर था...

नम्रता का अब किसी भी चीज मैं मन नहीं लग रहा थस ...वोह पूरी तबाह फिजिकली एंड मेंटली डिस्टर्बेद हो चुकी थी ...उसी कुछ समझ नहीं आ रहा था उससे क्या करना चषिये .....

ऐसा लग रहा था वोह एकदम अलग से दुनिया मैं रह रही थी ....उसको अपने आजु बाजु पैन जरा भी ध्यान नहीं था ...ऐसा क्या हो गया था नम्रता को ...क्या नम्रता को सपने जवानी को जीने का और अपने जवानी को शांत कैसे करे इसका जवाब चाहिए था या कुछ और चल रहा था ...

और ऐसे हे सोच मैं डूबता हुवे कब टाइम निकल जाता हैं पता हे नहीं चलता और नम्रता की माँ और नम्रता अपने आंटी के घर से निकलते हैं ..

आंटी:- आज नम्रता बीटा का ध्यान नहीं था...

माँ :- haa....beta क्या हुवा तबियत ठीक नहीं हैं.

नम्रता:- नहीं माँ ी म ok ...

आंटी:- ok बीटा फिर से जरूर आना ...

नम्रता:- है आंटी.....

और नम्रता की माँ और नम्रता वह से निकल पड़ती हैं...

नम्रता की माँ कैब बुक करती hain...aur दोनों अपने घर की तरफ निकल पड़ते hainn...cab सोसाइटी के बाहर आके कड़ी हो हटी हैं.

और नम्रता निचे उतरती hainnn...aur दोनों घर की तरफ निकल पड़ती हैंन ...

तभी नम्रता को महसूस होता है ...की दो आँखे उससे घूरे जा रही hainn....koi उसे एकदम ताड रहा हैं उसके बदन को देखे जा रहा हैं...

और वोह और कोई नहीं बिरजू tha.....aur नम्रता की नजर बिरजू पे जाती हैं .....नम्रता भी बिरजू के और देखने लगती हैंन.

बिरजू अपने आँखों से नम्रता के बदन को जीन्स और टॉप मैं घूरे जा रहा था. ....और उसके बदन के लुफ्त उठा रहा ...tha...namrta अपनी 36 की गांड हिलाते हुवे ...अपने भरे बदन को दिखते हुवे बिरजू को घायल कर के जाती हैं..

बिरजू का लुंड नम्रता को देखते हे खड़ा हो जाता hainn..aur वोह अपना लुंड नम्रता को देख के धीरे से सहलाता हैं ...

और तभी नम्रता को चलते चलते यद् आता हैं...

नम्रता:- अरे यार आज इवनिंग को बिरजू बाबा ने बुलाया था ... नार्मल अहह मैं तोह बोहत थकी हु ...पर कोई बात नहीं .....थोड़ा टाइम जावूँगी ....उतना हे उनको अच्छा लगेगा

और नम्रता पीछे मुद के बिरजू को एकदम प्यारी स्माइल देती हैं.......

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नम्रता की स्माइल देख बिरजू पागल हो जाता hainn...aur उसी भी यद् आता हैं आज इवनिंग को नम्रता निचे बैठने आने वाली hainn....aur नम्रता के आने की बात सोच के बिरजू खुश हो जाता hainn....aja वोह नम्रता को हैट से नहीं छोड़ने वाला था ...और न हे ये मौके वोह गवा सकता tha....q की बिरजू के पास वैसे भी काम समय था नम्रता को अपने काबू में करने के लिए ....

और बिरजू को क्या पता tha...savla नाम का राक्षस उसके पहले इस काली को फूलने की कोशिश कर रहा हैं ....और लघबघ ...ये फूल सावला तोड़ चूका tha...aab ...बस फूल का मध् और मिथ पैन निकलना बाकि था.....

नम्रता अपने घर मैं पोहच जाती है .....और जेक फ्रेश वैगेरा होक ...अपने रूम मैं सो जाती हैं...

उसे अपने बदन से खेलने का बोहत मन हो रहा था पर वोह अब थक चुकी थी इस्सलिये उससे नींद आ जाती हैं...

कुछ देर बाद .....

इवनिंग...... 6 पं ........

नम्रता की माँ नम्रता को टिया के लिए उठती हैं ....

नम्रता अपना टिया वैगेरा कर के ....अपने वाशरूम मैं चली जाती hain.......aur फ्रेश हो के अपने बदन को आयने मैं घूरने लगती हैं.....

आज नम्रता को अपने साथ बोहत अलग अलग फील हो रहा tha...usko अपने बदन मैं करंट जैसा फील हो रहा tha..usee क्या हो रहा tha..khud भी नहीं पता था...

नम्रता गहरी सोच मैं डूब जाती hainn...voh सोचने लगती हैं क्या ये सावला चाचा की वजह से हो रहा hain...kuya उनकी वजह से मुझे ...अपने बदन का सुख मिल रहा hain..ya .कुछ और हैं....

क्या उन्होंने जो किया वोह सही था ....क्या मुझे उन्हें ये नहीं करना देना चाइये tha...voh कितने बड़े हैं मुझसे ....नम्रता को अपने मॉर्निंग वाले इंसिडेंट पैन अब गिलटी फील हो रहा था .....

पर पर उनकी भी क्या गलती ....मुझे देख के तोह सलग के लड़के भी पागल हो जाते हैं ....वोह तोह अपने वाइफ को चोदे हुवे 30 साल हो गए ...ऊपर से ...उनका कोई अपना नहीं hainn..agar उन्होंने मुझे थोड़ा टच कर भी लिया तोह क्या होगा ..ट्रैन मैं कितने लोग करते hain..tab कुछ नहीं होता .पर अब ऐसा क्यू हो रहा हैं...

अहह भगवन मैं भी क्या सोच रही हु ...कितने गंदे रहते हैं वोह ...कितना बस आता हैं उनके बदन से ....ऊपर से बाथरूम भी साफ करते हैं.....

अगली बार से करीब भी नै आने दूंगी सावला चाचा की ...और आये थो डैड को बता दूंगी ......

ये सब सोच मैं नम्रता को पता हे नहीं चलता कब 7 बज गए और नम्रता थोड़ी तेरी करती हैं....

यहाँ बिरजू नम्रता के बुलिडिंग के यहाँ आस लगाए हुवे बैठा था कब नम्रता आती hain....aaj उसके दिमाग मैं कुछ शैतानी चल रहा tha...jo उसेस नम्रता के शरीर के करीब ले जा सकता था ...

देखा जाये तोह बिरजू बोहत बुद्धा था पर उसके लुंड की जवानी अभी गयी नहीं थी ....वोह काफी औरतो पे तरय कर चूका था लेकिन फास जाता था हिम्मत की कमी उसमे नहीं थी ...और दारू के नशे में तोह उसकी हिम्मत और बढ़ जाती ...

लेकिन दिवाली के कारन उसने दारू छोड़ दे थी ..5 दिन के लिए ...पर वोह नम्रता नाम के आग को अपने निचे लाने के लिए कुछ भी कर सकता था....

और नम्रता के बाप के ऊपर का ग़ुस्सा वोह नम्रता के गांड मैं उतरना चाहता tha.....aur इसी वजह से इस हरामी बुड्ढे वॉचमैन को सिक्योरिटी अफसर वाले के लड़की को अपने केबिन में लेक सुलाना छठा था .....

वही केबिन जिस में नम्रता के डैड ने ..बिरजू की इज्जत निकली थी ...कई बार थप्पड़ मरे थे ....वही ..थप्पड़ ...वोह नम्रता के गांड पे मरना चतता था ..

...

दिखने मैं तोह बुद्धा और गन्दा लेकिन खुब नम्रता के देख रहा था ....

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इधर नम्रता अच्छी तरह से रेडी होक ...अपने टाइट टॉप और टाइट जीन्स मैं निचे आने के लिए निकल पड़ती हैं..

नम्रता:- माँ मैं निचे जेक आती हु ....

सुचिता:- तुम तोह थक चुकी थी न और अब कहा जा रही हो ..

नम्रता:- ऐसे हे निचे गार्डन मैं ...

सुचिता:- ok जल्दी आना बीटा ..

नम्रता:- है माँ ...

और नम्रता निचे आ जाती हैं...

और वोह गार्डन की और निकल पड़ती hainn...aur तभी उससे बिरजू सामने दीखता हैं...

बिरजू ...चालाकी से गार्डन के एकदम कोने वाली जगह पे बैठा हुवा था ..और ..नम्रता को आता देख रहा था...

नम्रता ने पानी सिर्फ निचे वाली जीन्स चेंज की थी ....

बाकि वोह बवाल लग रही थाई....

नम्रता को आता देख बिरजू मन में कुछ सोचता हैं..

बिरजू :- अह्ह्ह्हह साली क्या बवाल लग रही हैं ..बदन तोह देखो इसका ....कोई भी साइड से लड़की नहीं लगती ahhh...kya मॉल हैं यार कब नसीब होगा ये ...अह्ह्ह.....

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नम्रता दूर से हे बिरजू को मुस्कान दे रही थी ...उसके टॉप से उसका पेट साफ दिख रहा था ...वोह गोरा गोरा पेट कोई भी देख के पागल हो जाये ....और टाइट जीन्स मैं गांड तोह बवाल ....अहह

नम्रता सीधे बिरजू के यहाँ जा के कड़ी हो जाती हैं...

नम्रता:- इतने कोने मैं बैठे हो बाबा और अँधेरा हो गया तोह कुछ नहीं दिखेगा ....यहाँ लाइट भी नहीं hainn...aur कोई ज्यादा आता भी नहीं ....

बिरजू :- है बीटा इसी लिए बैठा हु ...

नम्रता:- matlab.....samji नहीं ..

बिरजू ..:- अगर किसी ने देख लिया मुझे ऐसे खली बैठे हुवे तोह कॉम्पलिएंट कर देंगे ...और मुझे निकल देंगे नौकरी से इस्सलिये यहाँ बैठ ते हैं...

नम्रता रेडी हो जाती hainn.....aur वह के बेंच पे पानी गांड टिकरी हैं....

बिरजू उसके बड़े गांड को टिकते देख संतुष्ट हो जाता हैं....

नम्रता के आने से उस जगह पर अलग हे खुस्भु चट्यी थी .....

और अब बिरजू और नम्रता एक हे बेंच पे बैठे थे .......

बिरजू को नम्रता के गहरे बदन की खुशबु पागल कर रही थी और बिरजू उस खुस्भु मई. डूबता जा रहा था ....वोह मन मैं सोच रहा था....

बिरजू मन में :- ( अह्ह्ह माँ कसम ऐसे खुसबू रोज सूंघने को मिले तोह मैं दारू पीना छोड़ दूंगा ...यह दारू से भी ज्यादा नशा हे इस खुशबु मैं....)

नम्रता को आज ऐसे कोने में बैठने के लिए बोहत ऑक्वर्ड लग रहा tha..par थोड़े हे देर की बात थी इस्सलिये वोह बैठी थी .......

दोनों के बैठने के बाद .....5 मिनट्स के लिए शांतता थी ...पर ये सन्नाटा .बिरजू तोड़ देता हैं...

बिरजू :- बीटा ....ठीक से बैठी न आज कुछ भी लग जाता हैं पीछे ....गन्दा सा ...

नम्रता:- है बाबा ...देखा मैंने बैठते वक्त कुछ नहीं था...

बिरजू आज नम्रता को इंदिरेक्ट्ली फ़्लर्ट करना छठा tha...par वोह थोड़ा दर रहा था नम्रता का नेचर उससे पता नहीं tha..upar से दुश्मन की बेटी अगर पता चल गया तोह ..बोहत कुटेगा नम्रता का बाप ......

ये सब सोच में डूबा बिरजू .....नम्रता को घूरे जा रहा tha.....voh नम्रता के टॉप मैं कैद हुवे बड़े बड़े ामो को अपने आँखों से घर रहा था ....

आज पहली बार बिरजू ने नम्रता की खुली नैवेल देखि थी ....जो पसीने की वजह से भीग चुकी थी .....

हलके हलके पसीने के बुँदे नम्रता के लोअर टॉप से होते हुवे उसके नैवेल पे साफ दिख रहे थे ........

और जोह देख बिरजू कमल का पागल हो रहा tha....idhar उसके लुंड को पसीना छूट रहा था ....

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टाइट जीन्स के वजह से नम्रता के अंदर भी गर्मी बढ़ती जा रही थी .....उसको भी अंदर गिला गिला महसूस हो रहा tha...aur ऊपर से गर्मी ...यह नम्रता के बदन से गर्मी के पॉजिटिव वाइब्स बिरजू का लुंड महसूस कर रहा था ...आज लग रहा था बिरजू का दिन hain....upar से नम्रता मॉर्निंग से काम वासना के देहलीज पैन .....अपने बदन से ....अपना शरीर सुख ....को आजमा रही थी ....

बिरजू:- काफी खूबसूरत लग रही हो आज नम्रता बीटा ...

नम्रता:- थैंक्स बाबा ....

बिरजू:- कही गयी थी क्या आज तुम ....

नम्रता:- है माँ और मैं मेरे आंटी के यहाँ गए थे ..

बिरजू:- ठीक hainn...sach बोलू तोह तुम आज कोई पारी जैसे लग रही हो बिलकुल किसी फिल्म के एक्ट्रेस की तरह....

नम्रता अपनी ख़ुशी है के जताती हैं और उससे ये तारीफ अच्छी लगती हैं..

.

नम्रता:- कुछ भी babab...itni भी अच्छी नहीं दिखती मैं..

बिरजू :- अरे नहीं बीटा तुम बोहत खूबसूरत हो एकदम आइटम ...

आइटम वर्ड सुन के नम्रता को कुछ महसूस होता hain...aur उसे अच्छा भी लगता hainn..aise स्लैंग वर्ड्स उसने कभी नहीं सुने थे ...

नम्रता:- कुछ भी बाबा ..और हस्ती हैं..

बिरजू:- अरे बीटा तुम्हे पता नहीं तुम क्या लगती हो ... एकदम हुस्न की रानी ....और हुस्न की मलिक्का ....

नम्रता:- अब्ब ये ज्यादा हैं बाबा..( और हस्ती हैं)

नम्रता अब्ब खुल के बात कर रही थी ...उसका ऑक्वर्डनेस्स थोड़ा काम हो रहा tha....aur बिरजू भी नम्रता के करीब आ रहा था.....

बिरजू :- देखो एक बार कभी अपने बदन को फिर पता चलेगा तुम्हे मैं सच बोल रहा हु ..की नहीं ...

नम्रता:- है ठीक हैं बाबा. .

बिरजू नम्रता के थोड़ा करीब आयने की कोशिश करता हैं...

बिरजू:- ये ड्रेस तुम्हे अच्छा दीखता हैं मैंने पहली बार देखा तुम्हे इन् कपड़ो ...मैं...

नम्रता:- है मैं जीन्स टॉप ज्यादा नहीं पहनती बबब..

बिरजू :- है पर बोहत टाइट हैं....

नम्रता:- है..

बिरजू अपना एक हैट नम्रता के जांघ पे रखता hainn...aur बोलता हैं....

बिरजू :- ये देखो यहाँ कितना टाइट हुवा हैं....

बिरजू के ऐसे अचानक हैट रखने से नम्रता चौक जाती hain....voh एक दम से सरप्राइज होती hain.....par कुछ नहीं कहती ....

नम्रता:- है जीन्स टाइट होती हैं बाबा .

बिरजू ...धीरे से नम्रता के जांघ को सहलाता हैं...

बिरजू :- मगर इधर तोह पसीना छूटा hainn..itni टाइट होती हैं अंदर से ......और हस्ता हैं....

नम्रता:- है ....होती hainn...aur नम्रता भी हस्ती हैं..

बिरजू ...ab...pyar से नम्रता के एक जांघ को सहलाते सहलाते बात कर रहा था ....ऊपर से नम्रता को चिपकने की कोशिश मैं लगा था ......

नम्रता को बिरजू का जांघ को टच करना नार्मल लगा ...पर उसको अहसास हो चूका था ....की बिरजू ....क्या कर रहा हैं ...

थोड़ा ऑक्वर्ड होक नम्रता अपने दोनों पेअर जॉइंट कर लेती हैं ताकि बिरजू का हैट कही भी न जाये. ...

पर बिरजू भी चालक tha....voh जॉइंट का फायदा अब्ब दोनों जांघो को सेहलाके ले रहा था .....

बिरजू :- कितनी सुन्दर हो तुम यार काश .....

नम्रता:- क्या काश बाबा...

बिरजू :- काश मेरी बीवी मेरे पास होती इस दिवाली मैं तोह मजा आ ज्यादा ..

नम्रता:- अच्छा बाबा ....( नम्रता को थोड़ा तरस आता हैं)

बिरजू भी मजा हुवा खिलाडी था .. फिजिकल + इमोशनल वर एक साथ कर रहा था ......

और तभी बिरजू नम्रता के जांघ को जोर से दबा देता hainn....aur दबाके ....धीरे से सहलाता हैं...

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नम्रता:- ouchhh...baba ...क्या कर रहे हो ....

बिरजू:- कुछ नहीं बीटा ....

नम्रता डायरेक्टली नहीं बोल रही थी कुछ पर उसके अंदर से उससे थोड़ा अच्छा लग रहा था .....

और अब्ब बिरजू फुल स्पीड पकड़ लेता हैं.....

वोह अब्ब पुरे नम्रता की ग्रोपिंग स्टार्ट कर देता है. ...जो नम्रता को अब्ब जन्नत का सुख देने वाली थी ...

नम्रता को बिरजू का टच अच्छा लग रहा था..

नम्रता की गरम गरम जीन्स अनादर से पसीना छोड़ रही थी ....जो बिरजू को अपने हटो पे साफ महसूस हो रहा था ऊपर से नम्रता के जांघ की गर्मी बिरजू को और हॉट कर रही थी ......

बिरजू अब्ब बिन कुछ कहे सिर्फ फोकस कर रहा था नम्रता के जांघो पर ....और अब दोनों जांघो से अपने गंदे काळा हटो से दबा रहा था ....और स्मूच कर रहा था....

नम्रता बड़ी मुश्किल से अपने सिसकारी पे कण्ट्रोल कर रही थी ....अगर वोह अपने मुह्ह से सिसकारी निकलती तोह बिरजू को ग्रीन सिग्नल मिल जाता इस्सलिये वोह मुहहह को दबाके ...मजे ले रही थी .....

पर कितने देर तक कण्ट्रोल कर पति .....

बिरजू नम्रता के छूट के साइड से इतना ज्यादा स्मूच करता हैं और सहलाता हैं की नम्रता .....

नम्रता:- अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह बाबा .....मत करो ...

बिरजू अब्ब सुनने की हालत मैं नहीं था.....

वोह अब्ब नम्रता के छूट की तरफ तेजी से बढ़ता hainn...lekin लेकिन नम्रता ने दोनों पेअर जॉइंट कर ....उसका छूट का रास्ता लॉक किया था.......

पर बिरजू महा हिम्मत कर के वोह रास्ता तोड़ रहा tha....aur वोह पल आता हैं....

जहा बिरजू जीत के रास्ता तोड़ देता hainn....namrta के दोनों पेअर खुल जाते हैं.....

और बिरजू के गंदे बुड्ढे हैट नम्रता के पहाड़ jaise....khai में चले जाते हैं.....

बिरजू पहले नम्रता के छूट के बाजु मैं हमला कर देता hainn......aur धीरे धीरे सहलाता हैं ....

नम्रता:- ुह्ह्हह्ह बाबा मत करो ऐसा .....

बिरजू अब्ब तेजी बढ़के सीधा जीन्स के ऊपर से छूट को अपने मुठी मैं ....पकड़ लेता हैं...

और अपनी साडी शक्ति लगा के ...जोर से अपनी मुट्ठी दबा देता हैं....

नम्रता:- ुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह माँ मर गई ..अह्ह्ह्हह बाबा

नम्रता की चीख सुन बिरजू को और मजा आता hainn...aur अब्ब बरी थी दूसरे हमले की ....

और इस बार पूरा ....एरिया मुट्ठी मैं पकड़ के बुद्धा बिरजू .....नम्रता के छूट को रोड देता है. काफी राक्षस तरी के से .....

और काफी बुरे तरीके से हैट और जीन्स के वजह से नम्रता की नाजुक छूट इस राक्षस दबाव के दर्द से सेहर उठती हैं

नम्रता:- अह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह और नम्रता के आंख में असू आ जाते हैं.....

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दो हमलो मैं हे गर हुवी नम्रता अब्ब सेह नहीं सकती ..थी ..

और इधर बुद्धा तीसरे हमले के लिए रेडी होता हैं.....

और दर्द मैं लिपटी ....नम्रता ...बिरजू का छूट दबाने से पहले ..हैट पकड़ लेती हैं....

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और दर्द भरी नजरो से नम्रता अपने आँखों को बिरजू के आँखों में डालके देखती हैं.

और कहती हैं....

नम्रता:- नहीं baba..boht दुःख रहा हैं....

नम्रता के आँखों में दर्द और यातना और सुख दिखाई दे रहा था....

और बिरजू के आँखों में हवस और जंगली नजर ....जोह उसी इतना हिम्मत देती hainn...aur उसी वजह से वोह फास भी गया था ....काफी मैटर्स mainn...aur वही जंगली नेस आज नम्रता पे हो रहा था......

बिरजू:- बीटा तुम बोहत खूबसूरत हो क्या करू मैं भी कुछ नहीं कर सकता ....कुछ हो रहा हैं मुझे सम्भालो मुझे बीटा ...तुम हे बचा सकती हो मुझे ....

नम्रता अब्ब कुछ नहीं कर सकती थी वोह अटक चुकी थी फास चुकी थी राक्षस के चक्र व्यू मैं ......

बिरजू अब्ब अपनी अगली चल चलके ....बड़े आसानी से नम्रता के खुले पेट यानि नैवेल पे अपना नागा हैट रख देता हैं....

पहले हे नम्रता के नैवेल पे ढेर सारा पसीना tha.....upar से बिरजू के गंदे बुड्ढे हट उसकी गर्मी बढ़ा देती hainn...aur अगले हे पल पूरा हैट नम्रता के नैवेल पे चिपक जाता हैं.....

एक गन्दा बुद्धा हैट नम्रता के गोर नंगे नैवेल पे तन्हाई मचा रहा tha....pasine के वजह से उसमे और भी कामुक हॉटनेस मचा रही थी ......

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नम्रता:- ुह्ह्ह्हह्ह maa.....ahhhhhhhh

बिरजू को नम्रता का नेवेल टच बोहत हार्ड वाला फील देता हैं जिस से उसका लुंड पूरा का पूरा खम्बे जैसा खड़ा होता हैं......

नम्रता को बिरजू का हाट हटा न था पर उसका काम मन उससे ये करने नहीं दे रहा था ....

नम्रता पूरा गिव उप कर चुकी थी ...अब्ब बस अपना मजा वोह खुद ले रही थी ......और ये मजा ुसेड अब्ब बोहत महंगा पड़ने वाला था .....

एक टाइम सावला को वोह डरा धाम का के काबू कर सकती थी ....पर बिरजू बोहत पोह्ची चीज था ...और वोह राक्षस अब्ब सुनने वाला नहीं था.....

नम्रता:- ुह्ह्हह्ह बाबा मत करना ....अह्ह्ह

बिरजू:- अह्ह्ह्ह नम्रता क्या बदन हे बीटा तुम्हारा देखो क्या गोरा अंग hainn...ah देखो कैसा पसीना छूटा hainn...ahh ...देखो न ...मेरा हैट कैसे तुम्हारे ....बदन को सेहला रहा हैं....

नम्रता:- ुह्ह्हफ्फ बाबा बंद करो अह्ह्ह ....

बिरजू नम्रता के नैवेल को पूरा रगड़ के लाल कर देता hainn...jiss से नम्रता के बदन में बिजली दौड़ पड़ती हैं....

और अब्ब वक्त आया ब्रूटलिटी का डिस्ट्रॉय कर ने का ....

बुद्धा हवस से भरा बिरजू ....नम्रता के कोमल से नाजुक से नैवेल को बेल्ली को अपने हैट मैं पूरा पकड़ लेता हैं...

और मुट्ठी मैं स्किनी कोमल नम्रता का चमड़ा नैवेल हैट मैं पकड़ के जोर से कुत्ते की तरह दबा देता हैं....

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वोह दर्द अपने नम्रता को मजबूर कर देता हैं चीखने के लिए .....और ....नम्रता ....तबाह हो जाती हैं इस दर्द से ....वोह सेठ नहीं पति ये दर्द ......

नम्रता:- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ोुछःह बाबा ...हटो अह्हह्ह्ह्ह

और इतना चिल्लाने के बाद बिरजू ....वोह जगह अपने हटो से प्यार से सहलाता हैं......

इतने बड़े हमले से नम्रता की नेवल पूरी लाल हो जाती hainn....ganda कला हैट उसपे मंद रा रहा था.....

और अगले हे पल प्यार का अनुभव नम्रता महसूस करती हैं ...क्यू की बिरजू काफी प्यार से वोह जगह को सहलाता हैं ....

जिस से नम्रता को गुड़ गुड़ी होती हैं......

और हलकी से मुस्कान उसके फेस पे च जाती हैं.....

बिरजू भी आज रुकना नहीं चाहता था ...पर नम्रता का बदन उससे मजबूर कर रहा tha....par नम्रता अपने भवन पे काबू पके ..बिरजू के और ग़ुस्से से देख अपनी आंख मैं पानी लेट हुवे कहती हैं...

नम्रता:- मुझे छोड़ दो बाबा वार्ना मैं चिल्ला दूंगी ...नम्रता को अचानक क्या हुवा पता नहीं चला ...

बिरजू भी समय को और सिचुएशन को देख नम्रता को छोड़ देता हैं....

बिरजू :- माफ़ करो बीटा ...तुम. समझ लो मुझे मुझ पे क्या बीत रही हसीन .....तुम हे समज सकती हो इस बुड्ढे का दर्द

और बिरजू अपने आँखों से नकली आंसू निकलता हैं.....

नम्रता वोह ासु देख कुछ नहीं कहती वोह थोड़ा सा अंदर से अपने मन में मुस्कुराती हैं ....और

तभी नम्रता वह से झट से उठ जाती हैं....

नम्रता:- बाबा मैं जा रही हो घर ...

बिरजू:- क्या हुवा बीटा बुड्ढे को अकेली छोड़ के जाओगी ...

नम्रता:- थक गयी हु मैं.....

बिरजू:- ठीक हैं......

नम्रता आगे बढ़ टी हैं.....

बिरजू:- क्या मैं लिफ्ट मैं छोड़ने ावु ....

नम्रता:- आए जाओ बाबा .......

और दोनों लिफ्ट मैं चढ़ जाते hainn.....uss दिन की तरह बिरजू पीछे खड़ा हो जाता hainn....aur नम्रता आगे ...और ...

लिफ्ट मैं फिर से नम्रता की खुसबू तबाही मचा ते हैं...

आज शीतन जग चूका था ..कुछ अलग हे मकसद था बिरजू का ....

नम्रता की भरी भरी ....बड़ी 36 की गांड वोह आँखों से देख रहा था.....

टाइट जीन्स मैं बहार आयी गांड ....बड़ी होक मनो कह रही थी ...बिरजू के लुंड पे है रही थी .....नम्रता की बड़ी गद्देदार गांड देख बिरजू आज कुछ शैतानी कर ने वाला था ..

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जीन्स मैं मनो नम्रता की गांड उसको इन्विते कर रही थी .....और हवस मैं डूबा बिरजू अपने असली रूप मैं. आजके ..

धीरे से पीछे हो के अपने पंत पे हैट रख अपने ज़िप को खोल के अपने गंदे पंत के चैन को आज़ाद कर के

..

नम्रता के गांड को देखते हुवे पाने 11इंच लुंड को आजाद कर देता हैं.......

और लुंड आज़ाद होते हे वोह गांड के डायरेक्शन में खड़ा होता हैं....

पुरे लिफ्ट मैं अब्ब बिरजू के लुंड की खुसबू फ़ैल जाती हैं....

अब्ब्ब आगे क्या होगा .......

नम्रता भी आज अपने बदन के अग्नि में भड़क रही थी और उस भड़कते अग्नि मैं कुछ देर पहले बिरजू ने तेल दाल हे दिया था ...

क्या इसका फायदा बिरजू को होगा .....

आखिर क्या चल रहा था बिरजू के मन main....kya करने जा रहा था बिरजू ....

और जोह कुछ बिरजू करेगा ....उसी नम्रता इतनी जल्दी सपोर्ट करेगी .....

आखिर क्या होने वाला था ...उस लिफ्ट के ....8 मिनट्स के सफर मैं .......

तो बे कॉन्टिनोएड..................

स्टे होम .........

स्टे सेफ ...........
 
अपडेट:- 28

टाइट जीन्स मैं बहार आयी गांड ....बड़ी होक मनो कह रही थी ...बिरजू के लुंड पे है रही थी .....नम्रता की बड़ी गद्देदार गांड देख बिरजू आज कुछ शैतानी कर ने वाला था ..

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जीन्स मैं मनो नम्रता की गांड उसको इन्विते कर रही थी .....और हवस मैं डूबा बिरजू अपने असली रूप मैं. आजके ..

धीरे से पीछे हो के अपने पंत पे हैट रख अपने ज़िप को खोल के अपने गंदे पंत के चैन को आज़ाद कर के

..

नम्रता के गांड को देखते हुवे पाने 11इंच लुंड को आजाद कर देता हैं.......

और लुंड आज़ाद होते हे वोह गांड के डायरेक्शन में खड़ा होता हैं....

पुरे लिफ्ट मैं अब्ब बिरजू के लुंड की खुसबू फ़ैल जाती हैं....

अब्ब्ब्ब ाआगेइये..........

पुरे लिफ्ट मैं बिरजू की लुंड की खुशबु फ़ैल गयी थी और उसी खुस्भु के साथ ....लिफ्ट चालू हो जाती हैं......

11 फ्लोर्स ..........8 minutes......ek जवान girl...aur एक बुद्धा आदमी ...एक सोसाइटी की लिफ्ट ...... आखिर क्या होने वाला था.....

बिरजू के फेस से तोह साफ कॉन्फिडेंस दिख रहा था ..इन सब चक्कर मैं वोह इतनी बार पद चूका था ...की एक्सपीरियंस नाम की चीज क्या होती हैं उससे साफ पता हैं कमी थी सिर्फ कण्ट्रोल की अगर वोह कमी सच मैं काम हो गयी तोह पहले दो मुलाकात मैं .....नम्रता ...उसके बोहत करीब थी ...

और आज बिरजू का चेरा कुछ और हे बता रहा था ..घडी मैं बजे थे ....बराबर 7 पं ...... एंड बिरजू के पास टाइम tha....ekdum ...8 मिनट्स यानि की ....7:8 मिनट्स पे नम्रता लिफ्ट के बहार होगी ...

पर बिरजू का कॉन्फिडेंस कुछ और हे कह रहा था ..नम्रता सब चीजों से बे खौफ .....आगे कड़ी थी ...वोह तोह घर जा के माँ को थोड़ी मदत करुँगी ...खाना बना ने main...iss बारे मैं सोच रही थी ....

और यहाँ पीछे बिरजू अपना तगड़ा लुंड हाट मैं लिए पीछे सैंड की तरह कुछ न करते हुवे ...नम्रता की जादू 36 की मोती गांड को घूरे जा रहा था......

बिरजू के चेरे पे कामिनी मुस्कान थी ...और ऐसे मुस्कान इंसान के चेरे पे तभी आती hain...jab चीजे अपने पक्ष मैं ho....par यहाँ बिरजू का टाइम निकलता जा रहा था.....

अब्ब्ब बाकि थे .....7 मिनट्स......

नम्रता को लिफ्ट मैं अब्ब्ब अजीब से स्मेल आ रही थी ....जो की उसको बोहत गन्दी लगी ....पर एक बात ...जरूर थी .....

नम्रता के बदन की स्मेल बिरजू के लुंड के सामने काम पद रही थी .....और पड़े भी क्यू न ....लुंड को टक्कर तोह छूट की स्मेल दे सकती हैं ....और वोह खजाना तोह बंद था ...एक टाइट जेनस के अंदर ....और प्रोटेक्शन के नाम पे गीली पंतय के अंदर ......

Abbb.....Birju ...खुदको गरम करने के लिए अपना तगड़ा बड़ा लुंड अपने गंदे हटो मैं लेता hainn....ohhh....and अपने तगड़े लुंड को ...अपने हटो से जोर जोर से हिलता हैं....

अह्ह्ह वोह तगड़ा लुंड ...11 इंच का बुद्धा लुंड. ..जिसका मास्स रेडे को भी ..शर्मा दे. ..यह ..वोह लुंड नम्रता के ठीक गांड के पीछे जोर जोर से नम्रता की ....गांड , छूट मांग रहा tha...agar कोई होता तोह ba***kar देता .... पर इसमें वोह वाला मजा नहीं था.........

बिरजू के लुंड के नस तन चुके थे ...अपने दिमाग मैं तोह वोह नम्रता को कब का नंगा कर चूका था ....उसके गांड को सामने देख सिर्फ अपना हिलाये जा रहा था .....

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इधर नम्रत सब चीजों से अनजान ....बस .सामने लिफ्ट का दरवाजा खुलने की रह देख रही थी ....लेकिन उससे क्या पता आज उसके किस्मत मैं ...जल्दी घर जाना लिखा था या नहीं ...

पीछे बिरजू अब्ब अपना लुंड खड़ा कर के थोड़ी देर के लिए फिर से अंदर दाल देता hain....apne चेरे पे फिर एक कामिनी स्माइल deke.....apne दिमाग की तारीफ करता हैं.....

नाउ ....ओनली ....5 मिनट्स लेफ्ट .....

लिफ्ट .....7 फ्लोर पे थी .....

और बिरजू का हाट नम्रता के गांड पर ....और हल्का सा बिरजू अपना हैट नम्रता के कमर पे लेके जाता हैं......

नम्रता बिरजू के हाट अपने कमर पे देख चौक जाती hainn.....aur ...अपनी गर्दन पीछे मुद हे रही थी की ......

बिरजू ...:- पीछे मत देखना ....

नम्रता:- क्यू .....

बिरजू:- कुछ होने वाला हैं....

नम्रता:- क्या होने वाला है. .बाबा

बिरजू:- बीटा 11 साल काम किया हैं इधर सब पता हैं....

और तभी बिरजू अपने हैट के घडी पे देखता हैं ....ठीक .....7 बज के ...5 मिनट्स हुवे थे ....और बड़ा सा आवाज आता hainn....aur

Khad.....khudddddd....khaddf....... लाइट्स स्पार्किंग इन लिफ्ट ..........ख्हहहहाड़ड़ड़फडफ़

लिफ्ट रूक जाती हैं......

ओह्ह्ह्हह्हू

बिरजू के चेरे पे स्माइल साफ झलक रही थी ......

नम्रता के कमर के ऊपर के हाट बिरजू वैसे हे रहने देता हैं ....लिफ्ट के गरजने के वक्त बिरजू ने नम्रता के गांड को

काफी कास के पकड़ के रखा था ....और दबाया भी ...

नम्रता पूरी दर गयी ये क्या हुवा उसके चेरे पे लिफ्ट बंद होने का दर साफ झलक रहा था.....

बिरजू:- नम्रता बीटा डरो मत हो जायेगा ठीक ...होता रहता है. ऐसा कभी कभी ....

नम्रता:- पर बाबा ....कितनी देर लगेगी ...और हम बिच मैं फास गए हैं baab...mujhe दर लग रहा हैं....

बिरजू नम्रता के कमर पे हैट रख के आगे होता hain....aur थोड़ा पास जा के बोलता हैं...

बिरजू :- देखि बीटा मैं हु न तुम्हारे साथ तोह डरो मत ज्यादा से ज्यादा अँधा घंटा लगेगा ....अगर मेंटनेंस रूम मैं पता चला तोह ..

नम्रता:- अगर नहीं पता चला तोह ...

बिरजू:- तोह बीटा कुछ नहीं कह सकते ...अगर किसी ने कंप्लेंट किए तोह ...हो जायेगा पर ...कोई भी ये लिफ्ट नहीं चल रही तोह दूसरी उसे कर लेगा....

नम्रता:- है बाबा ..अब्ब क्या करे ...

बिरजू :- टेंशन मत लोह बीटा हो जायेगा ठीक ....

नम्रता:- आपको कैसे पता चला लिफ्ट बंद पड़ने वाली hainn..apne पहले हे मुझे पकड़ लिया ...

बिरजू:- मुझे महसूस हो रहा था कुछ तोह गड़बड़ hainn...aur आवाज आ रहा था ... इस्सलिये....

दोनों भी कन्वर्सेशन कर रहे थे ...पर नम्रता ने शायद ऑब्सेर्वेद नहीं किया लेकि बिरजू के हाट दोनों भी नम्रता के कमर पे थे.....

और नम्रता ने भी कुछ कहा नहीं या हिली नहीं वोह भी बात कर रही थी ......

कुछ टाइम बाद नम्रता को अहसास हुवा की बिरजू ने उसकी कमर होल्ड कर के राखी hainn....aur उसकी गन्दी उंगलिया उसके कमर को टच कर के ....उसके कमर पे अपना राज जमा रहा था...

नम्रता :- बाबा अब्ब हैट निकालो न अपने ......

बिरजू :- रहने दो बीटा ......

नम्रता:- ये क्या कह रहे हो बाबा हैट निकालो अपने ....

बिरजू:- अभी हम ....8तह फ्लोर पे hainn...aur कभी भी ....लिफ्ट निचे जा सकती hainn...agar ...गयी तोह ..और तब बोहत बड़ा झटका बैठे गए..... इस्सलिये बीटा पकड़ के रकह हैं तुम्हे .....

आखिर तुम मुझे मेरे पोती ... जैसी हु.....

(और बोहत हरामी कामिनी मुस्कान अपने चेरे पे देता हैं )

नम्रता कुछ बोल हे नहीं सकती थी ...और बोलती भी क्या ...सावला ने गेम हे ऐसा खेला था......

नम्रता:- ठीक हैं बाबा ....पर थोड़ा ढिल्ला पकड़ो बोहत कास के पकड़ा हैं अपने .....

बिरजू :- कास के हे पानदान होगा बीटा अगर छूट गया तोह ....

नम्रता को बिरजू की भाषा बदली बदली लग रही thi....aur .....

कुछ देर के पहले जब वोह गार्डन मैं बैठे थे. ..तब ...नम्रता और बिरजू के बिच जोह ...कूल वॉर हुवा ....उससे दोनों भी नेक्स्ट लेवल पे थे .....नम्रता के छूट ने ाललरेअद्य तब पानी पानी छोड़ा था ..

और दोपहर के आंटी के घर के इंसिडेंट के बाद नम्रता का लोहा एकदम गरम tha.....aur क्या सही टाइम पे नम्रता बिरजू के हाट लगी थी ....रेडी मेड गरम लोहा......

और ये गर्मी बिरजू ने गार्डन मैं हे भाव लिए थी ....और आज बुद्धा कमीना पूरा प्लान ले के आया था ...फुल प्रूफ प्लान ......

अब्ब्ब बिरजू के उंगलिया नम्रता के कमर पे घिसती जा रही थी ...और नम्रता की गोरी गोरी कमर उस उंगलियों पे घिस रही थी......

नम्रता को बिरजू के काली उंगलिया अपने गोर gore...bada. पाई महसूस होने लगी thi....aur ये वाली फीलिंग कुछ अलग थी.....

और अब्ब बिरजू ने अपना हैट सीधा पीछे से पेट पे ले लिया tha.....aur अपना हैट पेट पे रख के प्यार से सेहला रहा था....

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नम्रता बेजान खड़ा हो के बस देख रही थी की क्या हो रहा हैं...

और बिरजू भी चालक tha.....usne अब्ब धीरज से काम लिया .....

वोह एक एक ऊँगली नम्रता के पेट पे घुमा रहा tha...aur वोह भी बड़े हे नजाकत से बड़े हे प्यार से और .... नम्रता......

नम्रता की अब्ब हालत खरब हो रही थी .....

एक प्यारी सी सिसकारी उसके मुह्ह ....मैं थी .....और वोह सिसकारी कभी भी बहार आ सकती thi.....aur तभी ....नम्रता ....का ...बदन ....की ...गर्मी उसका जवाब देती हैं...

नम्रता:- अह्ह्ह्हह्हह बाबा ....क्या कर रहे हो .

बिरजू:- अच्छा लग रहा हैं beta....tumhe.

नम्रता:- नहीं ....अह्ह्ह

बिरजू :- तोह मत करू....

नम्रता:- नहीं ....मत करो....

बिरजू:- पर बीटा मुझे अच्छा लग रहा हैं बोहत ..

नम्रता:- अहह मुझे नहीं ....

और तभी बिरजू अपना दूसरा हैट भी कमर पे रख देता hainn....aur

अब्ब दोनों हटो से नम्रता की कमर और पेट को बड़ी नाजुकता से सहलाता हैं.......

नम्रता अब्ब्ब सेहर रही थी .....

अह्ह्ह बिरजू के तगड़े तगड़े हाट ....और ऊपर से एकदम पत्तह्र जैसे कड़क हैट. ..उसके गोर गोर. .बदन पे ....मनो ऐसे घूम रहे ...थे जैसे कोई दूध main...kachra ....पर तभी भी दूध बड़ा ....सॉफ्ट tha....aur उसपे पत्थर का var...toh दूध को हर मनाए पड़ेगी .....

नम्रता:- अह्ह्ह बाबा ...धीरे....

बिरजू :- धीरे करू बीटा. ..

नम्रता:- ुहम्म

बिरजू:- बोलो न कैसे करू ....धीरे क्या...

नम्रता शर्मा के अपना मुह्ह निचे करती hainn...usko पता नहीं चला की कैसे वोह ऐसे बोल गयी और ....उसको बोहत शर्म आ रही थी ....अगर बिरजू सामने रहता तोह शायद वोह ये न बोलती पर बिरजू पीछे tha.....aur उसका बुद्धा शरीर नम्रता को दिख नहीं रहा था ... इस्सलिये नम्रता को घिन नहीं आयी ....क्यू की अब्ब नम्रता को सुख कोई बुद्धा नहीं ....एक बुड्ढे के हाट दे रहे थे जो नम्रता ...के बदन पे घूम रहे थे ......

और तभी नम्रता मध् जोशी मैं अपने बदन की गुलाबी फीलिंग मैं बिरजू का हैट अपने पेट के ऊपर पकड़ लेती हैं .....

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...और अपना हैट बिरजू के हाट के संग घूमना चालू करती हैं.....

नम्रता:- अह्ह्ह baba...aa

बिरजू मन मैं ( अह्ह्ह साली अब्ब आ रही हैं लाइन पे ...यह ..आज नहीं छोडूंगा इससे ....)

नम्रता अब्ब उस टच के फीलिंग मैं डूब चुकी थी ...अपनी आँख बंद कर वोह उस गुलाबी पालो को महसूस कर रही थी .....

नम्रता को कुछ पता नहीं था आखिर वोह क्या कर रही थी ....और क्यू कर रही थी ....उसी तोह बस बिरजू के कड़क बुड्ढे हटने ....मजबूर कर रखा था अपने शरीर को सहलाने के लिए .....अगर उससे थोड़ा भी होश होता तोह वोह ये नहीं होने देती ....

सुबह से फनकती हुवी ज्वालामुखी जैसी आग नम्रता के बदन से अब्ब्ब बहार आनन् चालू हो गयी थी ......

बिरजू पीछे से अपना काम बखूबी निभा रहा था ..उसी पता था ...कब क्या करना hainn...mano टाइम उसके मर्जी से चालू tha....aur ऐसा लग रहा था उसी पता हैं ...की कितना टाइम hainn...aur क्या करना हैं....

अब्ब्ब वोह धीरे से नम्रता के पीछे से उसके करीब जाता hainn....uski गन्दी यूनिफार्म पीछे से नम्रता को अब्ब टच होने वाली थी ....अब्ब नम्रता के बदन से बुड्ढे बिरजू का बदन पूरा टच होने वाला था.......

और अब्ब लग बाघ नम्रता को बिरजू पीछे से पकड़ लेता हैं ..

और अपने दोनों हैट नम्रता के पैट पे रख के सुकून की साँस लेता हैं

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. ...और अब्ब नम्रता की सांसे एकदम तेज हो जाती hain.....usko पता नहीं क्या फील हो रहा tha...par उसके 34 के संतरे ....बोहत तेजी से ऊपर निचे हो रहे थे ......और नम्रता की गरम गरम सांसे बिरजू अपने हैट पे महसूस कर रहा था....

और अब्ब बिरजू को सही वक्त का इंतज़ार था ... नम्रता को कास के उसने पकड़ रखा था ..और नम्रता भी कुछ नहीं कह रही थी ....और ऐसे पकड़ के 5 मिनट्स हो चुके थे ...और बिरजू समझ जाता हैं उसे क्या करना हैं.....

वोह नम्रता के पेट से अपना कड़क हैट धीरे से नैवेल को टच कर के नम्रता के बड़े बड़े सैंट्रो की तरफ बढ़ता hain.....aur हल्का सा हैट नम्रता के छाती पे रेख देता हैं....

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बिरजू का हैट अपने कोमल गिरी स्किन पे टच होते हे नम्रता को वोह सुख मिलता हैं जो वोह सुबह से ढूंढ रही थी ....पर क्या ये सुख उसके लिए फायदे मंद tha....kya ....

पर कुछ भी हो अब्ब बिरजू का हैट नम्रता के कोमल छाती पे घूम रहा था नम्रता ने अपने दोनों आँखे बंद कर लिए थे ....और वोह अब्ब सिर्फ बिरजू के हटो का मजा ले रही थी ....

बहार दिवाली का जश्न मनाया जा रहा था ...चारो और रोशनी थी ....हर तरफ ख़ुशी thi......aur यहाँ लिफ्ट मैं ....

एक 21 साल की सलग की लड़की एक वॉचमैन बुड्ढे के चंगुल मैं फास चुकी थी और वोह भी बोहत बुरी तरह .....

बिरजू वक्त देख नम्रता के टॉप के अंदर से अपना हैट डालने की कोशिश करता हैं और आधा कामयाब भी होता hain...par....

नम्रता बिरजू का हैट अंदर से निकल देती हैं....

बिरजू को थोड़ी जल्दबाजी लगती हैं ....और वोह टॉप के ऊपर से हे नम्रता के एक बड़े बूब्स पे अपना हैट रख देता हैं.....

और बिरजू का हैट अपने एक आम पे टच होते हे नम्रता के चेरे के भाव बदल जाते hainn...voh उस सुख को अपने अंदर महसूस कर सकती थी ....

और बिरजू हल्का सा वोह आजम पे अपना हैट रख धीरे धीरे सहलाता हैं...

नम्रता:- ुह्ह्ह्हह्ह बाबा .......

बिरजू को नम्रता का आवाज और उत्तेजित करता hainn...aur बिरजू के हैट से नम्रता का एक निप्पल पूरा खड़ा होता हैं.....

बिरजू अब्ब उस निप्पल को टॉप के ऊपर से सहलाता hainn...usee चढ़ता hain....auko अपने ऊँगली से मसलता हैं.....

और इन सब चीजों से नम्रता पागल हो जाती hain....aisa उसके साथ पहले कभी नहीं हुवा था...

अब्ब्ब बिरजू आगे बढ़ता हैं ...और नम्रता के टॉप में फूला हुवा ....बेदर्दी से तड़पता हुवा नम्रता का एक संतरा अपने एक पुरे हैट में ले लेता हैं ....और हल्का हल्का उसी सेहलाके प्रेस करने लगता हैं...

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नम्रता का बड़ा बड़ा संतरा अब्ब पूरा मसलने लगता हैं बिरजू के हटो और नम्रता और डूब जाती हैं अग्नि मैं...

नम्रता:- ुह्ह्ह्हह्ह ये क्या हो रहा हे ....अह्ह्ह्हह्हह

बिरजू को पता था उसके पास अब्ब ज्यादा टाइम नहीं hain...namrta कभी भी नार्मल हो सकती हैं... इसलिए वोह काफी संभल के अपने चले चल रहा tha...aur नम्रता का उस चल मैं फसता जा रहा था.....

और तभी बिरजू अपने पुरे हैट मैं ले लिया संतरा बोहत जोर से प्रेस करता hainn......aur नम्रता के मुहहह से एक तेज सिसकारी बहार निकलती हैं.....

नम्रता :- ouchhhhhhhh......baba....uhhhh

नम्रता को वोह बूब्स का अहसास पागल कर देता hainn.....aur उसका जवाब उसका चेरा दे देता hainn...voh चेरे के ऊपर की संतुष्टि साफ दिख रही थी .....

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नम्रता का मुह्ह पूरा खुल जाता hainn...aur वोह बूब्स का मसलना उसके लिए ...कोई सुख से काम नहीं था.....

नम्रता :- उफ्फफ्फ्फ़ बाबा. धीरे.... ुह्ह्ह्ह

बिरजू अब्ब्ब बिना रुके नम्रता के एक बूब्स की खिदमत कर रहा tha....par उसके मन मैं कुछ और हे चल रहा tha....use नम्रता को कुट्टी जैसा तड़पना था....

ऐसा तड़पना था की नम्रता अगली बार उसको मिलने के लिए बेताब हो .....उसको ऐसा खेल खेलना था ..की नेक्स्ट टाइम नम्रता खुद उसके पास चल के साये ...और ये तभी संभव tha...jab बिरजू कुछ ऐसा करे जिस से नम्रता के बदन की आएग ...और हवस पूरी बहार निकल के आये ...और उससे शांत करने के लिए. ...नम्रता को किसी की जरुरत पड़े .....

और उसका भी प्लान बिरजू के पास tha...voh नम्रता के किसी भी अंग को पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर रहा था.....

जैसे उसने नैवेल को आधा टच कर के छोड़ दिया ....बाद मैं ...उसने नम्रता को पास leke....boobs को मसला पर वोह भी आधा ......

और अब्ब बिरजू नम्रता के दूसरे संतरे को ....मसलता hainn...voh भी बड़े प्यार से ....और नम्रता ...उसी मध् जोशी मैं चली जाती हैं .....

और उसको लग रहा था ..अब्ब बिरजू इस संतरे को भी मसल dega.....par नहीं ........

उसका इमेजिनेशन रॉंग होता हैं......

बिरजू उस संतरे को खली टच कर के छोड़ देता ...hainn...aur नम्रता को सरप्राइज होता hainn....namrta की आग अब्ब भड़क चुकी थी......

उसके निचे उससे बोहत सारा गिला पैन महसूस होता hainn.....aur हो भी क्यू न ....आज बिरजू के मास्टर प्लान से उसकी पंतय उसके छूट के रास से धूल जो गयी thi.....aur अब्ब और भी पानी बहना बाकि था......

और अब्ब बिरजू .... नम्रता को छोड़ देता hainn...aur पूरा पीछे हो जाता hainn.....aur नम्रता को पीछे से देखता hainn....uske गांड को निहारता hainn...aur निहारे भी क्यू नहीं ....नम्रता का सबसे अमृत जैसा अंग था तोह वोह थी उसकी गांड .......

21 साल के उम्र में नम्रता को 36 के गांड की भेट नेचर ने दिए थी ........और अगर कोई नम्रता को अत्त्रक्ट होता वोह पहले गांड देखता .....

और आअज बिरजू वही करने वाला tha....namrta को गांड से गरम कर के छोड़ने वाला tha....namrta के गांड को वोह अहसास दिलाना चाहता था ..जोह नम्रता को आएगी जेक....

बेदर्द बनाये ...... हवस का ....नंगा नाच खेलने पर मजबूर करे....

नम्रता अभी सरप्राइज + हॉट + गिल्ट. तीनो भावनाओ के संगम मैं डूब चुकी थी .....

और वैसे मैं बिरजू का ऐसे पीछे जाना उससे सरप्राइज कर देता हैं.....

और वोह तभी पीछे मूड के देखती तभी बिरजू ....का पूरा बदन ...नम्रता को अपने अंग पे महसूस होता hainn......aur बिरजू अपना निचे वाला भाग नम्रता के गांड के ऊपर प्रेशर देके नम्रता को सरप्राइज कर देता हैं.....

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इस अचानक हुवे वर से नम्रता लिफ्ट के दूर को चिपक जाती hainn...aur लिफ्ट के दरवाजे पे उसके ....बड़े बड़े बूब्स डाब जाते हैं.....

पीछे से बिरजू हल्का सा अपना गन्दा बुद्ध बदन नम्रता के अंग के ऊपर घिसता हैं...

नम्रता लिफ्ट से पूरी सटी हुवी थी और नम्रता का बदन सामने से पूरा लिफ्ट को चिपक गया था....

नम्रता को बिरजू के गरम गरम बॉडी अपने बदन के ऊपर महसूस होती हैं और नम्रता को अलग से बदबू आने लगती हैं....

..

नम्रता को उस बदबू से बोहत घिन आती hainn..aur वोह अपना मुह्ह थोड़ा मोड़ लेती hainn.....par अब्ब सावला पीछे से अपने शरीर को नम्रता के शरीर पे घिस रहा tha....aur इस वजह से दोनों मैं भी गर्मी बढ़ रही थी ....

और तभी सावला का लुंड उसके यूनिफार्म के पंत मैं लोहे जैसा कड़क होता हैं और ऊपर से दोनों के शरीर घर्षण की वजह से बिरजू का लुंड हलचल मचा ता हैं....

और बिरजू अपना पूरा प्रेशर नम्रता के गांड पे देता hainn...aur अपना लुंड पंत मैं से नम्रता के गांड पे दबा देता हैं.....

इस प्रेशर की वजह से नम्रता के मुहहह से सिसकारियां निकलती हैं....

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नम्रता:- ोुछ उम्म्म

नम्रता को पता नहीं चल रहा था क्या हो रहा हैं मगर जो हो रहा था उसी अच्छा लग रहा था और वोह हिडन सपोर्ट भी कर रही थी ......

नम्रता को अपने गांड के ऊपर बोहत गरम गरम महसूस होता hain.....aur बिरजू के लुंड मैं मनो आज लावा दौड़ रहा था...... ज्वालामुखी जे अंदर का लावा ....जो अब्ब्ब सीधा नम्रता के ऊपर भड़क ने वाला था......

नम्रता को बिरजू का चेहरा न दिखने जी वजह से ये सब मुमकिन हो रहा tha...aur ऊपर से बिरजू सब हमले पीछे से कर रहा tha....aur खास बात ये हैं की उससे भी पता था अगर नम्रता उसका बुद्धा बदन देखेगी तोह दर जाएगी इस्सलिये वोह भी पीछे रह रहा था.....

उसका यही मकसद था की ......कुछ भी कर के नम्रता को तड़पना........

और तभी बिरजू नम्रता के कमर को अपने गंदे जले हटो को पीछे से पकड़ लेता hainn.....aur ....पूरा पीछे होक ....नम्रता के गांड को देख अपना ... शरीर पीछे लेके जोर से.............

तो बे कॉन्टिनोएड..........
 
अपडेट :- 29

और तभी बिरजू नम्रता के कमर को अपने गंदे काळा हटो को पीछे से पकड़ लेता hainn.....aur ....पूरा पीछे होक ....नम्रता के गांड को देख अपना ... शरीर पीछे लेके जोर से.............

जोर से नम्रता के कमर पे अपने हैट दबोचते हुवे नम्रता को कास लेता हैं और अपना शरीर पीछे लेते हुवे तेजी से नम्रता के गांड पे एक झटका देता हैं......

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और नम्रता वही के वही ......ahhhhhh...baba उह्ह्ह........

नम्रता को वोह धक्का मदहोशी में ले जाता हैं.

उस धक्के के वजह से नम्रता का पूरा शरीर कप उठता hainn...aur शरीर की रोम रोम जग जाती हैं......

बिरजू को अब्ब पता था जैसे खेलना हैं और क्या करना hainn....aaj सोसाइटी के लिफ्ट मैं क्या चल रहा हैं किसी ने सोचा भी नहीं होगा ....

और दोनों ऐसी जगा अटके थे ....( या अटकाया था बिरजू ने ) की कोई देख भी नहीं सकता tha....upar से नम्रता की गर्मी जो सुख ढूंढ रही thi....voh अब्ब्ब कोई भी विरोध नहीं कर रही थी ....वोह तोह भूल भी गयी थी....

जो आदमी पीछे चिपका हैं सॉरी बुद्धा चिपका hainn...usko वोह बाबा कहती हैं. ...और रोज दारू पिने वाला ....गन्दा किड्स है . जो नम्रता को सिर्फ छोड़ना चाहता tha...uske शरीर के मजे लेना चाहता था.......

अब्ब्ब बिरजू नम्रता के ......गांड के ऊपर से उसके जीन्स पे पूरा सात के ....उसके कण के यहाँ अपना मुह्ह लेके जाता hainn....aur धीरे से कण मैं बोलता हैं....

बिरजू:- बेटी दर नहीं लग रहा न ......

नम्रता:- उम्म्म बाबा.....

बिरजू:- बोलो न बीटा ...दर लग रहा हैं...

नम्रता:- नहीं नहीं दर नहीं लग रहा बाबा.

बिरजू:- तोह क्या हो रहा हैं....

नम्रता:- कुछ nai....am

बिरजू:- अच्छा लग रहा हैं या बुरा ....

नम्रता:- पता नहीं ...मुझे ...

बिरजू:- तोह मैं बंद कर दू ....

नम्रता:- आपकी मर्जी .....कर दो बंद ...

बिरजू:- पर मेरी मर्जी कुछ और हैं..

नम्रता:- क्या हैं आपकी मर्जी .....बाबा

बतावु तुम्हे ......

नम्रता:- है बताओ .....

बिरजू:- लेकिन तुम्हे मेरे साथ देना होगा बीटा .

नम्रता:- कैसा साथ बाबा ....

बिरजू :- मैं जो पीछे से बतावुंगा वोह तुम करोगी ....

नम्रता:- क्या करना हैं बाबा ...

बिरजू :- ज्यादा कुछ नहीं बस मैं जहा तुम्हे प्रेशर दूंगा तुम भी वह प्रेशर ले लेना और अपना मजा लेना .....(और हस्ता हैं)

नम्रता:- नहीं बाबा मैं ऐसा कुछ नहीं करुँगी.

बिरजू :- अरे बीटा अच्छा लगेगा तुम्हे ...

नम्रता:- नहीं कोई जरुरत नहीं .... और आप भी दूर हो जाओ थोड़ा ....

ये सुनते हे बिरजू को लगता हैं नम्रता अभी रेडी नहीं hainn....aur वोह बोलता हैं

बिरजू:- ठीक हैं बीटा मत करो ....

नम्रता:- है .....और आप दूर हो जाओ ....

बिरजू:- रहने दो न अच्छा लग रहा हैं बीटा मुझे बोहत गरम गरम ....ऐसा लग रहा हैं किसी कम्बल की पकड़ा हैं मैंने ....

नम्रता:- अहंम तोह ...जाओ घर और कम्बल पकड़ो .....( थोड़ा हस्ती हैं)

बिरजू:- पर तुम कम्बल से कही गुना अच्छी हो और थोड़ी देर की तोह बात हैं....

नम्रता:- अच्छा अच्छा ठीक हैं बाबा ....

और नम्रता थोड़ी मुस्कुराती hainn.....aur उसकी हालत भी कुछ खास नहीं thi.....ha पर अब्ब वोह सीधा कड़ी थी ....उसको पता था उसकी छूट निचे से पूरी गीली हो चुकी hainn....aur वोह अपने आप मैं हे मुस्कुराती हैं....

अब्ब बिरजू सिर्फ नम्रता के गांड के पीछे रहके कुछ तोह इंतज़ार कर रहा था .....कुछ चालू था .उसके मन मैं...

बिरजू मन में ( अभी मैं इसके ठीक पीछे हु अगर ये भी थोड़ी पीछे हो गयी और मुझ से चिपकना चाहती होगी तोह ....में समाज जावूंगा दिल्ली अभी दूर नहीं )

और नम्रता इधर उसके मन मैं कुछ चालू था ..उसके अंदर की आग शांत नहीं हो रही थी ....छूट का गिला पैन उसी उत्तेजित कर रहा था. ऊपर से बिरजू भी कुछ नहीं कर रहा था .....

और तभी वही होता हैं जो बिरजू सोच रहा था ...

नम्रता थोड़ा हिलने की कोशिश करती hainn....thoda पीछे होती hainn.....voh शायद बिरजू का बदन ढूंढ रही थी .....जो इतनी देर से उसी उत्तेजित कर रहा था.....

और नम्रता की कमर सावला के शरीर को टच होती hainn....aur सावला समझ जाता हैं नम्रता को क्या चाहिए...........

बिरजू फिर से नम्रता को पकड़ लेता hainn....aur इस बार नम्रता को बोहत कास कर और जंगली तरीके से पकड़ता हैं.....

..

नम्रता को आगे धक्का देके लिफ्ट के दरवाजे पे दबोचता hainn....aur पूरा शरीर को नम्रता के ऊपर टिका देता हैं.....

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. और हलके से नम्रता के कण के यहाँ जाता हैं और बोलता हैं........

बिरजू:- बीटा अगर चाहिए तोह बोलो न..... शर्मा क्यू रही हो

नम्रता:- नम्रता शर्मा जाती हैं...... बिरजू जब कण के यहाँ आता hain...tab नम्रता को अलग हे स्मेल आता हैं बोहत गन्दा ....पर अब वोह मायने नहीं रखता था ....

बिरजू :- बोलो चाहिए न तुम्हे. ...

नम्रता:- यह उम् थोडासा ....

बिरजू:- तोह मैं जो कहूंगा वोह करेगी ...

नम्रता:- देखूंगी....

बिरजू:- अच्छा ठीक हैं....

अब्ब्ब बिरजू को लघबघ पूरा सिग्नल मिल चूका था...... नम्रता ने मधहोइसही main....jo कहा ....वोह अब्ब आने वके समय मैं उससे बोहत महंगा पड़ने वाला था....

और अब्ब्ब बिरजू पागल जैसे नम्रता के गांड को उसके पंत के ऊपर से घिस रहा था ...अपने लोहे से ....नम्रता को भी नहीं पता था ...वोह क्या कर रही hainn....aur किस चीज से घिस रही हैं......

बिरजू अब नम्रता को पकड़ के उसके ....हर एक अंग को निहार के टटोलता जा रहा था ...उसके हटो को अब्ब लगाम नहीं थी ...

अब्ब नम्रता को पूछे से पकड़ के बिरजू अपना मोर्चा नम्रता के नैक पे ले जाता हैं....

और हलके से अपने गंदे बदबूदार यह नम्रता के गोर चित्ते .....नैक पे रख देता ...हैं...

नम्रता:- ुह्ह्ह्ह baba....ye मत ...

बिरजू:- ले बीटा अच्छा lagega....uhh...

बिरजू हलके से नम्रता के नैक को चूमता hainn...aur पीछे से थोड़ा प्रेशर देता hainn...aur नम्रता के अब्ब गिरे नैक पे चुम्मा की बारिश करता हैं.....

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इन हमलो से नम्रता पूरी सेहर जाती hainn...uske मुह्ह से कुछ निकल रहा था तोह वोह थी सिर्फ सिसकारियां लम्बी लम्बी सिसकारियां.......

नम्रता:- अह्ह्ह्हह ुह्ह्हह्ह उम्म्म

मनो नम्रता को बिरजू के जबान ने पागल कर दिया था ...और हैरानी बिरजू ...नम्रता के नैक को कहते हे जा रहा था .....

हरामी ने नम्रता के ब्रा के स्ट्रिप्स को भी नहीं छोड़ा उसी भी अपने गंदे जबान से गिला कर दिया. ....और सरे नैक पे अपनी सलीवा से नम्रता के नैक को भिगो दिया

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नम्रता के शरीर मैं उससे एयर भी काम वासना की अग्नि दौड़ने लगी ......वोह अब्ब बेकाबू हो रही थी .....उससे अब्ब ये सब. ...सेहन नहीं हो रहा था ....वोह खुलना चाहती thi.....apne फीलिंग्स बताना चाहती थी .....

और तभी इस बार बिरजू सरप्राइज होता hainn...usse यकीं नहीं आ रहा था.....

खुद नम्रता ने अपनी गांड पीछे कर बिरजू के बदन को अपनी गांड टिका दिए और हल्का सा प्रेशर दिया. .....

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बिरजू को तोह यकीं नहीं आ रहा था नम्रता ने ऐसा किया ...इतनी देर से वोह घिस रहा था ...तभी उससे कुछ नहीं हुवा पर अभी नम्रता ने खुद से ये किया ...तोह उसका ....11 इंच का लावड़ा फाटक से टाइट हो gaya....aur नम्रता के गांड पे अपने पंत के ऊपर से टिका दिया .........

नम्रता को अपने गांड के ऊपर कुछ बोहत हे गरम गरम महसूस हो रहा था ...और नम्रता को वोह चीज और उत्तेजित कर रही थी....

बिरजू नम्रता के गांड पे अपना हैट रख के ... खुश होता हैं ...और मन में बोलता हैं..( ये हुवी ना बात आखिर कर म्हणत रंग लायी)

और बिरजू अपना खड़ा पंत ने से लुंड ...नम्रता के जीन्स पे घिसते हुवे नम्रता के जीन्स के लाइन के दरार मैं रख देता हैं.....

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जिस मैं बिरजू का लुंड खड़ा होक बुनेर बना लेता hainn...aur नम्रता के गांड को सेलुटे देता hainn......ahhh क्या सन था.....

नम्रता उस मदहोशी मैं डूबती चली जा रही थी अब नम्रता को सिर्फ अपने गांड में कुछ महसूस हो रहा tha.....aur उससे कुछ नहीं पता था ुसस्स तूफान को कैसे शांत किया जाये ......

पर बिरजू का गरम गरम लवडे का अहसास नम्रता को हो चूका था ..नम्रता के अंदर बिजली कड़कने लगती hainn....usee बस वोह गरम अहसास चाहिए tha....aur उसके लिए अब्ब्ब ...नम्रता .....खुद ....

बिरजू के पंत के ऊपर से अपनी गांड घिसना चालू करती hainn......namrta अब पागल हो चुकी थी ....बिरजू की वोह चीज उसके गांड के सही जगह लगे ..... issliye....voh अपनी गांड को तेजी से घिस रही थी........

सावला को नम्रता के बेबसी पर तरस आता hainn....aise हे वोह नम्रता को तड़पना चाटता था ...और वोह लघबघ कामयाब हो चूका था.....

गांड के अहसास और लुंड के संगम ने नम्रता को इतना गरम कर दिया tha.....ki नम्रता उस टच के लिए अपनी गांड पूरी ऊपर निचे कर रही थी .......

और आखिर कर बिरजू उसकी मदत कर देता hainn....namrta निचे होती hainn....aur ...Birju....pura ....टाइट .....लुंड ....उसके जीन्स के ऊपर रगड़ देता हैं.....

नम्रता वोह लुंड अपने ....अंदर महसूस करने के लिए ....जोर jor.....se निचे होती हैं....

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नम्रता:- अह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्ह्हह्ह उम्मम्मम

नम्रता किसी हवस की प्यासी और ... संतुष्टि के लिए मनो कुछ भी करने वाली औरत की तरह ......पेश आए रही थी ...मनो उत्तेजना मैं वोह खो के पाने वजूद को भूलकर पूरा मजा ले रही थी.

नम्रता .....पुरे लुंड की गरमी .... अपने गांड पे महसूस करती हैं.

और इस चीज का सटिस्फैक्शन उसके चेहरे पे साफ दिखाई दे रहा था .....

बिरजू अब्ब्ब ढके देके नम्रता की गांड हिलता hainn...aur जोर से लुंड को गांड के ऊपर घिसता हैंन.....

नम्रता इतनी गरम हो चुकी thi.....ki वोह अपने आप ....मुह्हह्ह..... से सिसकारियां निकल कर अपनी गांड को बिरजू के लुंड पे तकए जा रही थी ........

आखिर उसके अंदर की हवस बहार निकल रही थी ....आखिर कर नम्रता को पता चल गया था ..अपने अंदर के गर्मी को कैसे मिटाना hainn....abb...bas कोई ऐसा चाइये tha...jo ये काम कर सके ....और फिलाल तोह बिरजू ये काम बखूबी निभा रहा था. .....

और गांड का भी part अब बिरजू आधा ादुरा रहने देता हैं. और एक धक्का देके .....वोह अपना मोर्चा ...नम्रता के शरीर को टटोलता hainn......namrta के गोर गोर पेट और कमर को टटोलता हुवा बिरजू का हैट नम्रता के ......

और तभी बिरजू अपना हाट आगे ले जेक नम्रत के सैंट्रो को अपने हैट में कास लेता hainn.....namrta का एक संतरा बिरजू के हैट main....feet बैठ जाता हैं.....

बिरजू उस मुलायम संतरे को होने हटो से टटोलता हैंन और उसको होने हटो से थोड़ा थोड़ा प्रेस करता hainn...piche से गांड की घिसाई तोह चालू thi.....abb आगे से संतरे की घिसाई चालू होने वाली थी ......

नम्रता को ये फीलिंग अलग हे थी ....लाइफ मैं अभी तक किसी ने नम्रता के बड़े बड़े ायमो को टच नहीं किया था ...और अब्ब ये मुका उसके वॉचमैन को मिल रहा था ...

बिरजू नम्रत का पूरा आम ग्रुप करके .....पीछे से ...एकदम जोर से जंगली की तरह मसल के ....दबा देता हैं ....और नम्रता को वोह परम दर्द होता हैं....

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नम्रता का बड़ा बड़ा आम दर्द से सेहर उठता hainn....aur वोह दर्द नम्रता के मुह्ह से बहार आता हैं.....

नम्रता:- uhhhhhhhhh.....baba.....nahi..... ोुछहहहह

नम्रता को ये दर्द सुख भी दे रहा रहा ..tha..aur बोहत ज्यादा दर्द भी ..... नम्रता को ये दर्द बर्दाश्त नहीं होता ..और वोह..... तेजी से नम्रता बिरजू का हैट apne......badan और संतरे से हटा देती हैं ....

नम्रता दर्द मैं...:- उह्ह्ह पागल हो गए हो क्या बाबा कितना दुःख रहा हैं.....

बिरजू:- बीटा वही तोह मजा hainn...tujhe बाद मैं पता chalega....ahh..

नम्रता abb....aage देख ...अपने दर्द को सेहन कर रही थी ....उसका बूब्स बोहत दुःख रहा था ...क्या मसला था ..बिरजू ने एक हे वॉर main....komal काली जैसे नम्रता मुरझा gayi.......aur ....यहाँ बिरजू....

बिरजू अपने घडी मैं देखता हैं .....और कामिनी मुस्कान देके मुस्कुराता hainnn.......dono को लिफ्ट मैं ादके हुवे 45 मिनट्स हो गए थे ....लिफ्ट मैं मोबाइल को बिलकुल रेंज नहीं thi.....aur अब्ब्ब .....

बिरजू तप चूका tha....aaj ...उसको नम्रता को ओइसे हे नहीं ....जाने देना था.

और तभी Birju......apna लुंड पंत के ऊपर से आखरी बार नम्रता के गांड को घिसते हुवे ...जोर जोर ....से गरम कर देता हैं.....

नम्रता:- uhhhhh...ahhhhhh...

इससे नम्रता को अपन दर्द भूलने मैं ...मदत मिलती हैं......

और सावला अपने अगले गंदे खेल के लिए ... तैयार होता hainn...akhri खेल .........

सवाल नम्रता से हैट जाता hainn....aur पीछे हो जाता हैं ....

नम्रता को सरप्राइज होता हैं ..पर उसकी पीछे देखने की हिम्मत नहीं थी......

बिरजू अपने गंदे खेल की शुरुवात करता हैं....

इस बार वोह अपना यूनिफार्म के अंदर अपनी पंत खोल देता hainn......aur अपना फुअलदी 11 इंच का लुंड बहार निकलता hainn....vahi लुंड जो नम्रता को सेलुटे देके तड़प रहा था. नम्रता के बदन को चुने के लिए उछाल रहा था.

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बिरजू अपना कला मोटा लुंड आजाद कर देता hain....aur देखती हे देखते ुसस्स लुंड का बस पुरे लिफ्ट मैं. घूम जाता hainn..namrta को भी वोह बस आटा hainn...aur वोह सोचती hainn...kesi स्मेल हैं ये. ...

और हवस मैं खोयी नम्रता वोह स्मेल अपने नक् से लेती hainn...aur उसके चेहरे पे मुस्कान आ जाती हैं......

बिरजू का लुंड न जाने कितने दिन

से नहाया नहीं hoga...kala बदबूदार लुंड ....गटर जैसी khusbhu....nahi नहीं ..बस्स्स. आ रही थी .......

मेल जमा हुवा था पूरा ....उसके लुंड pe....aur वोह लुंड हाट मैं पकडे ....वोह नम्रता को देख ...कुछ सोच के कामिनी मुस्कान देता hainn....aur सोचता हैं...

बिरजू मन मैं ( चल बीटा बोहत हुवा घिसना ...और तड़पना ....अब्ब्ब तेरी बरी ...आज इस पारी के अंग का स्वाद तुझे चखा ता हु ....कितने दिनों से भूका hainn...tu मेरे Lal....ahh..dekh कैसा उछाल रहा hainn..iss जवान अप्सरा को dekh....aaj इस अप्सरा का ..... स्पर्श तुझे होगा....)

और ....Birju....apna लुंड लिए .... नम्रता के पीछे चला जाता हैं......

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अपना खुल्ला आजाद लावड़ा वोह नम्रता के गांड के पास ले जाता हैं......

1कम जे दुरी थी अब .... बिरजू अपने लुंड को नम्रता के गांड की बॉस देता hainn...jaise भूके शेर के मुह्ह के khun....vaise अपने लुंड को नम्रता की जीन्स मैं 36 की टाइट गांड दिखता hainn.......aur ....

बिरजू का लुंड आज नम्रता के बदन के लपेट mainn...aane के खयालो से ....सेहर उठता हैं... टाइट होक सलामी देता हैं....

होने मास्टर प्लान पे गुरुर करते हुवे. ...नम्रता ke...piche ...एक बार घडी को देख के .....तस्सली करता hainn...uske चेहरे पे कमीना गन्दा पैन ..देख लग रहा था. नम्रता के साथ बोहत बुरा होने वाला हैं.....

और बिरजू तेजी से खुल्ले सैंड की तरह नम्रता के पीछे लपेट जाता हैं...........................

अब्ब्ब बिरजू का लुंड नंगा था .....और नम्रता की काम अग्नि ....क्या इन दोनों का संगम होक ....लिफ्ट main....namrta जैसी जवानी के देहलीज पे कदम राखी लड़की .....एक बुड्ढे वॉचमैन के हटो....

क्या नम्रत बिरजू को गिरफ्त मैं आके .... खुदको बेच देगी.......

क्या बिरजू का मास्टर plan...namrta के हैट मैं लुंड थमा पायेगा. ....

ये बिरजू की बड़ी साजिश नम्रता के आने वाले जिंदगी मैं क्या तूफान लाएगी .........

तो बे कॉन्टिनोएड.............

स्टे होम ............

स्टे सेफ...........
 
अपडेट:30

1कम जे दुरी थी अब .... बिरजू अपने लुंड को नम्रता के गांड की बॉस देता hainn...jaise भूके शेर के मुह्ह के khun....vaise अपने लुंड को नम्रता की जीन्स मैं 36 की टाइट गांड दिखता hainn.......aur ....

बिरजू का लुंड आज नम्रता के बदन के लपेट mainn...aane के खयालो से ....सेहर उठता हैं... टाइट होक सलामी देता हैं....

होने मास्टर प्लान पे गुरुर करते हुवे. ...नम्रता ke...piche ...एक बार घडी को देख के .....तस्सली करता hainn...uske चेहरे पे कमीना गन्दा पैन ..देख लग रहा था. नम्रता के साथ बोहत बुरा होने वाला हैं.....

और बिरजू तेजी से खुल्ले सैंड की तरह नम्रता के पीछे लपेट जाता हैं...........................

अब्ब्ब बिरजू का लुंड नंगा था .....और नम्रता की काम अग्नि ....क्या इन दोनों का संगम होक ....लिफ्ट main....namrta जैसी जवानी के देहलीज पे कदम राखी लड़की .....एक बुड्ढे वॉचमैन के हटो....

Abbbbb.........aaaaageeeeeee..........

लिफ्ट मैं पूरी तरफ ख़ामोशी का माहौल चाय tha....agar सूईई भी गिरे तोह उसकी आवाज हो जाये. .ऐसा सन्नाटा चाय था......

नम्रता की सांसे ऊपर निचे हो रही थी ....वोह लिफ्ट के अगले part को चिपकी हुवी थी ....और. अपने सांसो को काबू करने की कोशिश मैं लग गयी थी ....

बिरजू का खड़ा लुंड नम्रता के गांड के पीछे तांडव करने के लिए ...रेडी हो रहा था ...

नम्रता को भी अपने गलती का अहसास होने की शुरवात हो चुकी thi....ki वोह अब्ब किस भवर मैं फसने वाली थी .....

अगले 30 मिनट्स लिफ्ट मैं क्या होने वाला था ...वोह सिर्फ दो हे लोग जानते थे ....एक खुद Birju...aur एक भगवान........

और .....लिफ्ट .मैं फांसी नम्रता के जवानी को न ....बिरजू बचा सकता था ...न bhagwan...agar उससे बचना होगा तोह खुद से ....पर

नम्रता के बचने के चान्सेस न के बारे बार थे. .अब्ब तक वोह सावला के गिरफ्त से ....बोहत बार 3-4 बार चुटी थी ....मगर यहाँ सावला नहीं ....शीतनी दिल का बिरजू ...अपना बम्बू जैसा लुंड लेके खड़ा था...

न उसको नम्रता के बाप का दर था ..न नम्रता का ....वोह तोह अपने मर्जी का मालिक tha....ha पर पकड़ा गया तोह ....उसके ऊपर निचे से लवडे लग सकते थे. ....

पर तभी भी उसने इस हुस्न के महारानी के लिए .. शतरंज का .न जितने वाले ....गेम पे देव लगाया tha....aur इस देव ...मैं बिरजू ...अपने प्रॉपर प्लानिंग और करेक्ट मूव्स के वजह से लग बाघ जीत चूका tha....abb ...बस गरम गांड पे लावड़ा मरना था .....और वोह भी गरम छूट वाली लड़की पानी .....

नम्रता ने अपने आप की लग बाघ पूरा सरेंडर कर दिया था ...अब्ब बाकि था तोह सिर्फ इज़्ज़त ...aur...hawas के बिच की लकीर ....और बेशक हवस ने मजबूत पकड़ बना लिए थी......

टाइट जीन्स मैं घायल पर कामवासना से भरी नम्रता अपनी गांड पीछे कर के मनो बिरजू को फिर से दावत दे रही थी ......नम्रता खो चुकी thi....usko नहीं पता था वोह क्या कर रही थी ....उसी तोह ये भी ख्याल नहीं tha....ki पीछे एक बुद्धा वॉचमैन hainn....uses सिर्फ अपने शरीर को शांत करना था .......

और इसी मौके के गिरफ्त मैं इंतज़ार करता हुवा बिरजू का लुंड जुंग का ऐलान कर देता हैं....

बिरजू अपने लुंड को अपने हैट से ऐसा झटका देता hainn..ki ....11 इंच का लुंड आप जैसा खड़ा होक ...फुसकार मरता hainn....kale ...गंदे लुंड की नसे टाइट हो जाती hain....aur नम्रता के उभरी गांड को देख फुसफुसाने ....लगती हैं.....

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नम्रता के गांड को बिरजू के लुंड की गर्मी ...दुर्र से हे महसूस होने लगती hainn...aur ...उसकी गांड उस महसूस से हे सिहर उठती hainn....aur ...आने वाले तूफान का अंदाज़ा लगा के ....कपङे लग जाती हैं...

बिरजू अपना खड़ा खुल्ला सैंड जैसा लुंड नम्रता के जीन्स के लाइन पे उसके गांड के जीन्स के ऊपर रख देता hainn.....ahhh

नम्रता को बिरजू का बड़ा लुंड अपने गांड पे टच होते हे ...उसके बदन मैं आएग आग दौड़ने लगती हैं .....

और उसी .main....Birju ....अपना खुल्ला लावड़ा ात का के नम्रता के गांड के ऊपर खड़ा कर देता हैं... मनो नम्रता के गांड को वोह .... ट्रिब्यूट दे रहा हो ...और सलामी दे रहा हो .....

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नम्रता को पता हे नहीं चल रहा था ...उसके साथ क्या हो रहा हैं. ....वोह किस के साथ ये गन्दा खेल खेल रही hainn...voh क्यू ऐसा कर रही hainn...usse क्या हो रहा hain....usse क्या मिल रहा हैं.....

है. है ....उसी मजा मिल रहा था ....वोह मजा ...जिससे लड़की पाना चाहती hainn.....voh मजा जोह हर जवान लड़की को अपने लाइफ मैं ....पाना होता hainn....voh मजा ....जिस के liye...jawani ...फुंकरति हैं.....

और आज नम्रता को वोह मजा कोई अपने उम्र का लड़का nahi...ek badjat....ganda ..हरामी .... watchmen...buddha दे रहा था .....और ....नम्रता ...उस मजे के ..लिए ...अपने ब्राइट फ्यूचर को ...मजे से सौदा कर रही थी .....

Ahhhh.....uhhh.....baba ...ahhh.....kya....ahuuhhhhhhhh

....इसी बिच ुस्ससी पोजीशन main....apna फौलाद lavda...Birju ..नम्रता के गांड के ऊपर घिसना चालू कर देता हैं......

बिरजू का लोहे jaisa.....lund ... नम्रता के गांड के प्रेशर को ....पूरा झेल के ...उसपे अपना प्रेशर दाल रहा था ....नम्रता ...के muhhhhhhb......se कुछ निकल रहा था तोह वोह था..... siskaria......boht साडी ...

क्यू की खुद आप नम्रता के पीछे वाले ...

बिल पानी तांडव मचा रहा था ...वोह ...भी सब हाडे पर कर ...नम्रता ....को तोड़ता घिसता ...मसलता जा रहा था....

नम्रता:- uhhhhhh....ahh...dhire......

नम्रता के जीन्स मैं इतनी ताकद नहीं thi....ki ...बिरजू के लुंड को झेल पाए. ....वोह कड़क लुंड जैसे लोहे ...को गांड पे रगड़ रहा हो ...ऐसा लग रहा था .....

नम्रता toh.....uss ...स्पर्श से पागल हो चुकी thi....itna हार्ड और ....ब्रूटल ...उसने ... इमेजिन नहीं kiya....toh...usee तोह लग रहा tha....koi ....बड़े पत्थर को ....उसके गांड पे रगड़ रहा हैं....

नम्रता:- अह्हह्ह्ह्ह चुभ रहा hainn..ahh....

बिरजू को अब बोहत मजा आ रहा था ...वोह पुरे ...जोर से नम्रता के गांड को अपने लुंड से मजबूती से तोड़ने की पिघलने की कोशिश कर रहा था .....

नम्रता भी अब thoda...dard को सेहन कर के ...अपने ..गांड को को उछाल के सपोर्ट कर रही थी ...नम्रता को अब्ब थोड़ा थोड़ा इस खेल मैं मजा आने लगा था...

नम्रता:- ुह्ह्ह्ह baba...ahhh....ummm...

नम्रता को क्या पता था ..आज ...नहीं तोह कुछ दिन main...uski ये सिसकारियां चीख मैं बदलने वाली thi....ye काली ...अब्ब फूल बनाने वाली थी.....

और बिरजू को पीछे अपने किस्मत पैन गुरूर ...हो रहा था ..पर वोह फोकस था ...उसी क्या करना हैं....

बिरजू अब्ब्ब अपना ...लुंड नम्रता ....के गांड के ठीक ...jeans...ke और ..डोह ..पैरो ..के बिच घूमना चालू कर देता हैं....

जिस की गर्मी महसूस कर नम्रता ...को ...बोहत अच्छा लगता hainn...usko बिरजू ...के लुंड ...का स्पर्श ... मधहोइसही मैं दाल देता हैं....

नम्रता अपना बेबस हैट लिफ्ट पे चिपका देती hain...aur पीछे से बिरजू अपना हैट नम्रता के हैट पे रख देता hain..aur पास होता हैं..

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अब्ब आगे होक ...बिरजू नम्रता को लिफ्ट पे पूरा दबा देता hainn...aur पीछे से चिपक ...के उसके गरम शरीर पे अपना ..

बुद्धा सहरीर दाल देता hainn...aur ...

बिरजू क्र शरीर के प्रेशर से नम्रता के फेस पे अलग हे एक्सप्रेशन आते हैं मीठे दर्द के ...अह्ह्ह्हह्ह्ब

उसके मुह्ह के पास ...अपना मुह्ह ले जाता हैं...

और धीरे से अपना प्रेशर देते हुवे ..नम्रता के कण मैं कहता हैं....

बिरजू:- अब्ब्ब किसा लग रहा हैं बीटा ..

नम्रता:- अह्ह्ह्हह ठीकककक.....

बिरजू:- अच्छा अह्ह्ह्ह....

नम्रता की गोरी गोरी ...नैक देख ke...Birju फिर से पिघल जाता हैं....

नम्रता की नैक मोती की तरह चमक रही thi....aur...saf सूत्री नैक पे बिरजू को क्या पता क्या ख्याल ात हैं...

धीरे से अपना मुह्ह नैक के पास ले जेक ....अपना मुह्ह कोहलता hainn.....ahhh

और अपना गन्दा पैन वाला घुटका वाला .... बदबूदार muhh...khol के सोने जैसे ...नम्रता के नैक pe...apna गन्दा मुह्ह में इकट्ठा किया हुत्वा थूक पूरा थूक देता hainn......ahhhh

नम्रता के कोमल गर्दन पे बिरजू का गन्दा बदबूदार थूक पूरा फ़ैल जाता हैं....

नम्रता को तोह उसी देख के पूरी घिन आ जाती hainn...namrta को वोह बदबू सेहन नहीं होती और वोह अपने नाक पे हैट रख देती हैं..

नम्रता:- अहह बबब ची क्या ये हैं...

बिरजू;- क्या हुवा बीटा ....

नम्रता:- कितना गन्दा हैं निकालो इससे ....

बिरजू :- साफ़ करू ....

नम्रता:- haaaa....saf करो अभी ....

बिरजू ....के शरीर मैं जैसे शैतान च जाता हैं...

वोह नम्रता को और दबा hainn...aur अपने हे थूक को अपने जीभ से नम्रता के गर्दन पे रख देता hainn...aur साफ करने की वजय ...और फैलता हैं.....

अह्ह्ह बिरजू की गन्दी जुबान का स्पर्श नम्रता के रोंगटे खड़े कर देता hainn.....ahhh ....कहते हे न ...जबान सबसे मजबूत part होता hainn...uska दर्शन आज हो रहा tha....ek 21 साल की लड़की बूढ़े जबन की वजह से ....कम्प रही थी....

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अह्ह्ह बिरजू अपनी थूक नम्रता के गंदन से लेके हैट और कण तक गिला कर देता हैं....

नम्रता के गर्दन का सारा रास बिरजू पी जाता हैं. ....और उस वक्त नम्रता की जोह हालत थी वोह देखने लायक थी ....जब भी बिरजू नम्रता की गर्दन चाटने के लिए अपनी जबान पूरा घूमता नम्रता......

अपनी आआँख बंद कर के वोह चाटने का फील लेती ....ऐसा लग रहा था ....थोड़ी देर पहले ....जिस बदबू से नम्रता ने नक् बंद किया था ..वही ....गन्दगी ...abb....usee अपने गर्दन पे लगाने ...मजा आ रहा था ....

नम्रता:- uhhhhh....ummm....baba...uhhhh...

और तभी नम्रता पे ....पीछे से फिरसे अनएक्सपेक्टेड हमला होता ....हैं.....

इतनी देर जो लुंड शांत tha...abb फिर से नम्रता को ....तोड़ता hainn....aur ...तभी ....

Dhappppppl......ahhhh.... dhapppppp.....hhhhhhhhh

बिरजू ....नम्रता की कमर पकड़ के अपने खुल्ले लुंड का tandav....namrta की गांड पे ....करता hainn....namrta की जीन्स सिर्फ नाम के लिए thi....asli हमला तोह उसके गांड पे हो रहा tha....voh भी ....गरम लोहे से.....

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नम्रता:: ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh ुह्ह्ह्हह्ह

और अब्ब्ब नम्रता की गांड भी तैयार हो चुकी थी ....हमला jhelne..........namrta को वोह हमला नहीं अपनी काम वासना की छवि लग रही थी......

बिरजू का लुंड लोहा था ...तोह नम्रता की गांड faulad.....itna ...धक्का खाने के बाद .... नम्रता के अंदर की हवस ...और उसके गांड ...की वासना बहार आआ जाती hainn....aur ....abb.....voh होता hain.....jo नम्रता ....घर जा के सोचेगी ...तोह उसको यकीं नहीं आएगा .....

Namrta....niche झुकती hainn....aur अपनी ....गद्दे दर गांड खुद हे बिरजू के खुल्ले लुंड के ऊपर रगड़ना चालू करती hainn....ahhhhh.....

नम्रता अब्ब्ब.... जोर से बिरजू के लुंड को अपने गांड के ऊपर दबती hainn.....aur ....जोर जोर से खुल्ले लुंड ले अब्ब नम्रता तांडव करना चालू करती हैं.....

ऑरररररर.. बिरजू मन मैं हसने लगता hainn...yahi आएग तोह नम्रता की वोह निकलना चाहता था ...जोह हर जवान लड़की मैं ....होती hainn....yahi toh....hawas ...वोह निकलना छठा था ...जिससे नम्रता ....उसी दोबारा मिलने के लिए मजबूर हो जाये...

और नम्रता मजबूर दिख रही थी ...ऐसे मनो उससे लुंड को हराना था ....वोह बिरजू के लुंड को लरकर रही थी ....पर उस बेचारी को क्या पता अभी तक बिरजू ने अपनी आधी शक्ति भी नहीं लगायी ..........ये तोह सिर्फ ट्रेलर था ......बिरजू के तरफ से.

तभी बिरजू अपने घडी मैं देखता hainn...aur ..uske...face पे थोड़ा टेंशन आता hainn...aisa लग रहा था ..उससे पता हो कब क्या होने वाला हैं.....

और वोह तभी नम्रता ke.....boobs को आएगी से पकड़ लेता hainn....dono बूब्स को ग्रैब कर के ...piche...se नम्रता के गांड को जीन्स के ऊपर से ठोकना चालू करता हैं....

नम्रता के बूब्स वोह ऐसे ग्रैब करता हैं.. जैसे किसी बाजारू आओर्ट को को पकड़ा हो ..... नम्रता का टॉप पूरा सिकुड़ जाता hainn...namrta के चेहरे पे दर्द साफ दिख रहा था ...

और बिरजू नम्रता के बूब्स टॉप के ऊपर से और दबाता ...तोह नम्रता के आँख से पानी आए जाता ....इतनी मजबूत पकड़ बिरजू ने बना लिए थी......

बूब्स कुत्ते जैसे पकड़ के ...मनो बिरजू के पीछे भूत लग गया ho.....voh....kutti जैसा नम्रता को पकडत hainn...aur ...कुत्ते जैसा नम्रता के गांड पे शॉट देना चालू करता हैं......

नम्रता ....को इतना दर्द हो रहा था ...की वोह बेजान होक चीखती हैं.....

नम्रता:- ोुछहहहह मम्मी अह्ह्ह्हह्हह........

नम्रता लिफ्ट के दरवाजे पे इतना ....टकरा रही thi....ki उसकी ृहहहह ृहहहह कम्प रही थी......

उसकी छूट भी लिफ्ट के दरवाजे पे ....बोहत टकरा रही थी.....

धपपपपपप dhapppppp....ahhh....uhhh.....

बिरजू अपने सुखः को आजमाना छठा था ....उसको पता था नम्रता अभी तैयार नहीं होगी ... इस्सलिये काम टाइम mainn...voh अपना.... सटिस्फैक्शन ढूंढ रहा था ....

पर इससमे ....बिचारि नम्रता कुट्टी जैसी पिस्सस रही थी ....

पर par....tabhi नम्रता का फेस सटिस्फैक्शन से भर जाता hainn.....ahhh....unnn न झटको को वोह अपने अंदर ....सेहमा रही थी.....

झटके जीन्स पे थे ...पर ...असर गांड के छेद पे था. .झटके ...ऊपर ऊपर ...the....par कम्प रहा गांड का छेद था. ....जोह गरम होक ...लावा बने जा रहा था.....

और नम्रता के चेहरे पे वोह कामिनी मजे लेने वाली स्माइल साफ दिख रही थी ......

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नम्रता:- ुह्ह्ह्ह उह्ह्ह बाबा ouchhh...uhhh...ahhm..

बिरजू झटके देते वक्त बार बार अपने घडी को देख रहा था और और जोर बढ़ा रहा था.......

बिरजू के हैट के गिरफ्त मैं आये हुवे नम्रता के बूब्स चक्की के आते की तरह पइसस रहे थे ...निचे तोह नम्रता को मजा आ रहा था ...पर बूब्स के वजह से उसकी जान अटक गयी thi.....itna जंगली हमला बिरजू कर रहा था .......

औरर तभी बिरजू के muhhh.....se.....

बिरजू:- अह्ह्ह्हह्हह नामु .....ुह्ह्ह्ह .......

नम्रता को अपन नाम बिरजू के मुह्ह से सुनकर अलग सा फील हुवा ....

नम्रता:- ahhhhhh.....kya हुवा बाबा......

बिरजू:- ahhhh.......mera लावा आने वाला हैं.....

नम्रता को कुछ समाज नहीं आया.......

बिरजू:- अह्ह्ह्हह और घिसो ....पीछे हो जाओ न थोड़ा ......

नम्रता क्या पता बिरजू के ऑर्डर्स मन रही थी .....aur....namrta अपनी गांड पीछे करती hainn.....aur ...बिरजू के लुंड के टोपे को अपने गद्दे दर गांड से तड़पती hainn.....ahhhhj.......

और तभी ....namrta.....ahhhh....uhhh....kar के घिस हे रही thi.....ki ....बिरजू नम्रता ...को पूरा लपेट लेता हैं.

और ...उसके ...गांड को पकड़ के अपन्ना लुंड हिलके. ....

बिरजू के काळा कलूटे ....लुंड के द्वार ...से ...गन्दा. ..रास बेहटा hainn....aur बोहत सारा रास बेहटा hainn....namrta के जीन्स पे वोह रास टच होने हे वाला था......

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बिरजू के लुंड से सफ़ेद safed.....dher सारा ...काम रास निकलता hainn....aur बड़ी नजाकत से निकालता ..

Hainn.....aur ...लुंड को पूरा चीरते huve....voh नम्रता के जीन्स के ऊपर से नम्रता के गांड को लगता हैं...

अह्ह्ह

अब्ब्ब बिरजू के lundd....se lagatar....kam गंगा

...बेहहह रही thi....aur नम्रता के गांड पे जेक चिपक रही थी......

बिरजू के गरम गरम ....लावे ...का रास अपने गांड पे टच ....होते हे ....नम्रता ....को ...

अपने गांड पे ज्वालामुखी जैसा ...गरम ...गरम ... अहसास होता हैं .....

अह्ह्ह्ह

..क्या ..........गर्मी thi.....pure ....लिफ्ट मैं.....

बिरजू ...अपना लुंड झिड़क ....के नम्रता की ....पूरी ...गांड ... अपने बुड्ढे रास ....से ....भिगो ...देता ...हैं.....

नम्रता के गांड पे बिरजू का छुम ऐसा चिपक ...जाता hainn...mano ....दोनों भी एकदूसरे के sanyog...ke लिए ..बेकाबू थे ....

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बिरजू का मॉन्स्टर लुंड अभी भी लावा छोड़ रहा था ....और नम्रता की सिसक ....निकल रही थी......

पर इस वजह ...से नम्रता ....की aag....shant होने की vajay....aur बढ़ रही thi.....namrta अंदर से भड़क ...रही thi.....uska ...अंग अंग ...सेहर ...रहा था .....

अपने गांड ...पे गीलापन महसूस कर voh....aur ..गरम हो रही ....thi....aur ....ऊपर ...से...

Birju....ke लुंड ....की garmai......aur....uske....cum ...का .... आने वाला

...गन्दा ....smelll......iss....sab...se नम्रता और भड़क ...rahi...thi.....

और यही चाहिए था ..Birju.....ko....yahi चाहिए tha....usee ..नम्रता. ...भड़के ...बेकाबू hooke...uske pass....aaye....

Usse....namrta ...की मर्जी चाहिए थी.... चाहिए toh...voh नम्रता को नंगा ...अभी भी ...कर सकता ...tha...par Birju...bada shatir....tha....usse namrata...ko khud...se.. छुडवां था........

भड़की ...हुवी नम्रता ...अपनी ....बड़ी ...बड़ी ...गांड और पीछे कर ke....aisa ...मनो ...कह ...रही ...थी....

Ahh....dalo ...aur...dalo...shant karo....mujhe...ahh...dalo...

बिरजू ...भी ...अपने पुरे ..लुंड का ..lava...namrta ...के गांड पे खली कर रहा था...

और ...बिरजू के lund...se ...sab...lava निकल ..

जाता hainn....namrta की गांड ...और जीन्स ...पूरी चिप chipi...ho जाती हैं.....

नम्रता को अपने गांड ...के ऊपर का गीलापन अपने pure...gaand ...पे महसूस हो रहा था .

लिफ्ट main...pura... साइलेंस hota...hainn...Birju ...का ..लुंड ..शांत हो ...chuka...tha....

नम्रता की सिसकारियां बंद हो chuki...thi....abb नम्रता को होश आना ...चालू हो गया tha...voh ...सोच रही thi...ki...voh क्या कर रही हैजनं.

दोनों को लिफ्ट main...aatke huve...abb....1hr....45 mins...ho chuke..The....aur ..दोनों के बिच का tandav..abb...pura ..हो चूका था......

बिरजू ...अपने किस्मत पे है रहा था ...उसने नम्रता को छोड़ ...दिया ...tha..aur ..पीछे ..आके ... अपने लुंड को अंदर दाल रहा था.....

नम्रता भी कड़ी sidha...ho chuki...thi....par ..बिरजू ...का छुम का smell...aur...apne बदन ...की आग ...उसी ...sataye...ja रही ..थी....

नम्रता ...की पीछे ..देखने ..की हिम्मत ..नहीं .

हो रही ..thi....usse अपने आप ...पे शर्म ...aaa..rahi ..thi...par. काम वासना ..main..tadap.. रही नम्रता .अपने. आप .को सँभालने की कोशिश कर रही ..थी.....

Birju...ka प्लान ..क्या ..था ..पता nahi...par ..इतना ..जरूर था .की voh..safal ..हो गया ..था.....

नम्रता के बूब्स ..abb..dard करने लगे ..थे ..andar..se पुरे ..लाल .lall...ho...gaye. .थे ..upr....se ...बूब्स ..ऐसे. Thanak...mar रहे ...the...ki namrta...ka ..face...pe...ansu ..आने ..वाले. .थे ... बेरहमी से बिरजू ...ne...unnhe ..पिसा ..tha....aur...namrta ..को ..abb...boobs ..का .. dard..tadpa रहा था ......

Abb...Birju...apne घडी ..main..dekhta ...hain....aur... मुस्कुराता हैं.....

क्या कुछ बाकि ...tha...ye ...तूफान ...के पहले. की ...शांतता thi....kya....namrta ...को और सहना था. .

तभी ...लिफ्ट खाद खदाने. ..लगती hainn...aur ..आवाज ..होता ..hainn...aur....lift ...chalu...hone. ..के ..लिए ..तैयार ...होती ..हैं....

Birju...namrta ..को पीछे ..से पकड़ता ..हैं....

बिरजू:- इस्सस गीले .. जीन्स का क्या karogi...beta ...

नम्रता:- कुछ नहीं. ....

Birju...namrta ..को पीछे से hug...karta ..hain..aur..uske .pith..pe चूमता hainn..ummmm

नम्रता भी ..थोड़ा .. रिस्पांस देती हैं....

नम्रता:- लिफ्ट ...चालू ...हो ..गयी....

बिरजू...:- है .....हो ...गई......

Aur.....tabhi ...हरामी ...बिरजू ..नम्रता ..के गांड. के निचे ..se....namrta...ke dono...tango....ke बिच ..apna...ghutna...aur. .पूरा ..पेअर दाल ..देता hainn....aur . नम्रत के गांड का गीलापन अभी सुका नहीं tha...ki ...बिरजू. .का ...पूरा pair...namrta के गांड ..और ..chut...ko टच होता हैं.....

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अह्ह्ह्हह नम्रता ...को जरा भी आईडिया नहीं tha...ki ...5 मिनट्स के liye...uspe ...ये हमला ...होगा....

और यहाँ ..बिरजू.... कामिनी स्माइल देके. .अपने ..पुरे .पेअर. .से नम्रता को धक्का देता .हैं..

नम्रता:- ोुछहहह na....na ....नहीं ...

इतना दर्द था ..uss..pair ..mainn...aur ...उस ढके. Mainn..ki namrta....pura.....dard ...se....trast हो जाती हैं.

और Birju....namra...ke छूट ....को ..अपने पेअर ...से और ..एक ....धक्का ...देता हैं....

काम रास से बह रही नम्रता. ..की chut...dard ...से और तड़पते हुवे ..चिल्ला thi...hainn.....

ये हमला ... नम्रता ....को जरा. भी एक्सेप्ट नहीं tha......aur. ऊपर ..से Birju...ka तगड़ा. पेअर. .abb..namrta .के गांड को चिर रहा था.....

और बिरजू आखिर ...का बोहत bada...jhataka...mano ..लत हे मरी ...नम्रता के. ..छूट ..और गांड. ..को टारगेट कर. के ..ahh....jor ..से marta...hainn.....

नम्रता:- ोीीिज्ज. ोुछःह ouchhhhhhhh....maaaaaa...ahhhhhhhhh.ihhhhhhhhj

नम्रता की मुह्ह से इतनी लम्बी चीख निकलती hainn...iss बार नम्रता को boht...dard ...huva...tha....boht दर्द ....

उसके ..aankh...se aaasu...nikal ...aate....hainn...itna...dard था ..uss...hamle .मैं.

और बिरजू यही करना चाहता ..था ...

नम्रता दर्द. से tadap...uthh ...रही thi...aur नम्रता का .... फ्लोर आए जाता हैं....

बिरजू मुस्कुराता हैं......

बिरजू:- jao....beta घर. .आ गया ...

नम्रता की गर्दन झुकी हुवी ..और तड़पते दर्द ..को लापति हुवी .. कामवासना को लेके .. नम्रता लिफ्ट के बहार ..आ जाती हैं....

नम्रता बिरजू को देखने की हिम्मत नहीं करती....

पर बिरजू बहार ...अत hainn..aur.. नम्रता को कहता हैं....

बिरजू:- कल दिवाली का आखरी दिन hainn...beta ..

नम्रता:- यह तोह .....

बिरजू:- अभी तक माइन ...कोई दिवाली नहीं मनाई क्या. .तुम kal..iss garib...ke ..घर ..aaogi....diwali ...को .... बुलिडिंग के पीछे हे hain...mera घर.....

नम्रता:- नहीं. ..मुझे. .माँ डैड. के साथ .बहार जाना. हैं....

बिरजू:- ok....

नम्रता का दर्द बढ़ता जा रहा था ..उससे. ..बिरजू पे बोहत गुस्सा आता hainn....aur ....क्या पता रेहम भी.......

नम्रता आएगी बढ़ती hainn..apne घर की तरफ ....

बिरजू:- कल शाम को बैठने और मिलने तोह aaogi....kya..

नम्रता के muhh...pe स्माइल थी ...voh...piche मुड़ती hainn..aur ..हल्का सा स्माइल देते हुवे मुस्कुराती hainn...aur बिरजू को घायल करते हुवे कहती हैं....

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( पिछ क्रेडिट :- @सरवरोमन)

नम्रता:- है ावुंगी थोड़ी der...par...dard नहीं. देना ..

और नम्रता निकल जाती hainn........apna तड़पता दर्द लिए ..nmrata....ki आग अब्ब्ब भड़क चुकी थी ...दर्द बढ़ रहा था. गांड पे छुम लेके नम्रता ...निकल जाती hainn..man मैं वासना लिए....

बिरजू मन हे मन खुश होता हैं... नम्रता को देख और उसके शब्द सुन्न बिरजू थक्क हो जाता हैं ....Birju...jaise...asaman मैं उड़ने लगता हैं. ....

और बिरजू लिफ्ट मैं jake...niche जाता हैं .....

आखिर क्या हो रहा था. ....आखिर ... बिरजू ने क्या किया....

कुछ सवाल ..aaa...rahe ..हैं..

बिरजू अपने घडी को क्यू देख रहा था.

क्या बिरजू के इशारे. Pani...lift बंद हुवी थी. .और चालू भी.....

अगर ..हो रही thi...toh...lift बंद किसने kiyi.....aur चालू भी...

क्या बिरजू का साथ koi...de रहा था. और दे भी रहा होगा. तोह .उसको नम्रता के बारे मैं पता हैं....

आखिर कोण होगा ..अगर. कोई ...बिरजू को साथ दे रहा होगा तोह...

क्या बिरजू ने नम्रता पे पकड़ बना लिए थी .....

तो बे कॉन्टिनोएड.......................

स्टे सेफ.............
 
अपडेट :- 31............

और नम्रता निकल जाती hainn........apna तड़पता दर्द लिए ..nmrata....ki आग अब्ब्ब भड़क चुकी थी ...दर्द बढ़ रहा था. गांड पे छुम लेके नम्रता ...निकल जाती hainn..man मैं वासना लिए....

बिरजू मन हे मन खुश होता हैं... नम्रता को देख और उसके शब्द सुन्न बिरजू थक्क हो जाता हैं ....Birju...jaise...asaman मैं उड़ने लगता हैं. ....

और बिरजू लिफ्ट मैं jake...niche जाता हैं .....

आखिर क्या हो रहा था. ....आखिर ... बिरजू ने क्या किया....

कुछ सवाल ..aaa...rahe ..हैं..

बिरजू अपने घडी को क्यू देख रहा था.

क्या बिरजू के इशारे. Pani...lift बंद हुवी थी. .और चालू भी.....

अगर ..हो रही thi...toh...lift बंद किसने kiyi.....aur चालू भी...

क्या बिरजू का साथ koi...de रहा था. और दे भी रहा होगा. तोह .उसको नम्रता के बारे मैं पता हैं....

आखिर कोण होगा ..अगर. कोई ...बिरजू को साथ दे रहा होगा तोह...

अब्बब्बब ाआअगेईईई........

नम्रता अपने घर के दरवाजे के यहाँ कड़ी होती hainn.....piche देखती हैं तोह बिरजू जा चूका था ......

उसी पता था उसके पीछे बिरजू का बोहत सारा लगा था .....पर क्या कर सकती थी ....उसी दर सिर्फ इस्सस बात का था की कोई देख न ले उसके जीन्स के गांड के ऊपर का बिरजू का ढेर सारा छुम.......

और ऊपर से उसको उसके माँ का दर था ....अगर माँ ने देख लिया तोह ..क्यू की दरवाजा तोह माँ हे खोलने वाली थी.......

नम्रता को बोहत दर लग रहा tha....upar से उसके ....सैंट्रो का दर्द बढ़ता जा रहा था .....और .....बिरजू ने मरी लेथ की वजह से उसकी chut.....dard से चहल उठ रही थी.....

एक अलग हे सनक .....उसके ....बूब्स और छूट मैं से निकल रही thi.......aur उसका दर्द नम्रता को सहा नहीं जा रहा था......

....नम्रता की पूरी गीली गांड उसको ोारेषण कर रही thi....upar से माँ का दर ....उसको समझ नहीं आ रहा tha...kya करे ....जैसे taise....voh ....belll....baja देती hain....apna हुलिया एक बार देखती हैं......

नम्रता की माँ दरवाजा ओपन करती हैं.......

Suchita:-....kya beta....aaj....itna लेट.....

नम्रता की हालत टाइट thi.....aur वोह दरवाजे के यहाँ कड़ी होती हैं......

नम्रता:- है माँ वोह गार्डन मैं सांग सुन रही थी......

सुचिता:- तोह कॉल क्यू नहीं लग रहा था.....

नम्रता:- वोह माँ नेटवर्क नहीं था वह ......

सुचिता:- अच्छा अच्छा अब्ब अनादर आजाओ......

नम्रता:- है आती हु......

नम्रता थोड़ी अंदर आती hainn....aur ....पीछे होक माँ के आगे कड़ी हो जाती हैं......

सुचिता दरवाजा लगा लेती हैं ......

सुचिता:- जाओ फ्रेश हो जाओ ....अब्ब पापा भी aayenge....aur हम खाना ...कहते हैं साथ main...jao ...जल्दी .....

नम्रता:- haaa.......jati हु......

Suchita....ko ...कुछ स्मेल आता हैं....

सुचिता:- ये स्मेल kaisa....sss

नम्रता:- पता नहीं......

सुचिता:- तुम्हे नहीं आए था ....

नम्रता:- गैस पे कुछ हैं kya....jal रहा होगा.....

सुचिता:- ohhhhj....dekh टी हु.......

और नम्रता फाटक से अपने रूम मैं चली जाती हैं....

जल तोह नम्रता की गांड रही thi.....voh भी नम्रता के गांड के गर्मी se.....aur....usi गर्मी के साथ बिरजू ...का गधा ....छुम ...मिल के बास आए रही thi.....joh नम्रता अपने गांड पे लिए घूम रही थी........

नम्रता अपने गांड को लेके ...अपने रूम मैं एंटर करती हैं .......

और पहल आएने मैं अपने जीन्स की हालत देखती hain......ahhh बिरजू सेल ने अपने 2 महीने ...के छुम की उसपे बारिश की thi......jo देख के नम्रता .....पागल हो जाती हैं .....

नम्रता:- अह्ह्ह्ह ये क्या गिराया हैं... बिरजू बाबा ने ...

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नम्रता अपने गांड को जीन्स मैं से आयने मैं देख घूरे जा रही थी .....उसको अपने गांड पे ...दूध जैसा सफ़ेद सफ़ेद..... लिक्विड बोहत सा गिरा हुवा ...दिख रहा tha....upar....se उसको गांड को जाता हुवा गिला गिला अहसास उससे लिफ्ट की मज़बूरी मैं यद् दिला रहा था ......

ऊपर से बिरजू ....ने जंगली की तरह दबाये ....हुवे नम्रता के बड़े बड़े सेंटर ....जो jor....se दुःख रहे थे.... जिस वजह से नम्रता को अपने बदन मैं थकन .... महसूस हो रही थी.....

पर उससे ये थकन मीठी लग रही थी .....ऐसा लग रहा था वोह अभी मनो लिफ्ट मैं hainn....aur अभी बिरजू आके उसी पीछे से पकड़ेगा ....और धक्के चालू karega.....aur नम्रता वोह धक्के अपने गांड पे लेगी ......

पर यहाँ नम्रता को अपने गीली गांड को देख कुछ अलग हे फीलिंग आ थाई thi......usee पता चल गया था ....उसके गांड पे क्या लगा हैं....

नम्रता अपने हे दुनिया मैं खो जाती हैं. उससे बार बार बिरजू और उसके साथ क्या हुवा .....सही हुवा या गलत huva....kya मुझे ऐसा करना चाहिए था ....या nahi.....ye सब सोच रही thi......aur तभी उसको उसके माँ का आवाज आता हैं.....

सुचिता:- बीटा चलो खाना खाने .....

नम्रता :- पापा आगये.......

सुचिता:- नहीं लेट आएंगे....

नम्रता:- मुझे भूक नहीं हैं माँ ....आप खा लो...

सुचिता:- मैं तोह अपाप आने के बाद खावूँगी.....

नम्रता:- ठीक hain...main थक गयी hu...ab सो जाती हु ....

सुचिता:- ok बीटा .....अगर भूक लगी तोह खा लेना ......

नम्रता:- ok माँ........

नम्रता को अलग हे फीलिंग आए रही thi.....kya पता उसी उसके साथ बिरजू का प्रजेंस महसूस हो रहा tha....aiasa लग रहा था जैसे बिरजू उसके साथ हैं. ...

नम्रता को कुछ समाज नहीं आ रह था ....वोह वैसे हे कड़ी थी...... दरवाजा लॉक tha....aur ....अपने अनादर के मन को पूछ रही थी......

Ahhhhh.....kya चाहिए तुझे नम्रता ...अहह ...ऐसा क्यू हो रहा hain....tujhe.....kal तक ....तोह ये सब अच्छा नहीं ...लग रहा tha.....magar ....abbb....ye क्या ....हो रहा hain....mujhe....ahhm....kya अलग अहसास है ...ammm...I'm ऑलराइट na.....amm....akhir ...कर ...ये क्या हावी हो रहा ...hain.mujhe.....ah...ye सब क्यू पसंद आ रहा hainnnn......ah...kitne गंदे दीखते hain....voh ..बिरजू baba.....ahhh....fir bhi....maine कैसे चिपकने diya....ye सब करने diya....ah....aur... उन्होंने कितना ...दर्द diya....aur....aur....mujhe पसंद भी आया ....ah....clg मैं toh...kabhi किसी लड़के के साथ aisa...feel नहीं huva....ah...agar ...कोई टच भी करता ...तोह मैं ...भड़क ...jati......door hi jati.....magar....magar ....yaha...kuch dino....se....savla ...chacha....aur abbb.....Birju...baba... डायरेक्ट टच करते hainn....aur मुझे ाचा भी लगता hain....ah...

Aisa...q...namrta....uhhhh..........

यही सब सोचते सोचते गर्मी मैं कब नम्रता का हैट उसके पीछे जीन्स पे गया उसी पता भी नहीं चला ....ahhh.....left मैं जैसे स्मेल आ रही thi....vaise हे स्मेल abb....usee उसके बैडरूम मैं आए रही थी.....

अह्ह्ह बिरजू के छुम की खुसबू ने उससे इतना मधहोइसही मैं दाल diya....jaise खुद बिरजू उसके साथ खेल रहा ho.....ahhh...kya प्लान tha....savla.... का.....

उसने जान बुज ....कर नम्रता के बूब्स को ऐसे निचोड़ा tha......ki......jab भी बूब्स दुखे दर्द कर. ..नम्रता को उसकी यद् आणि चाहिए.......

बिरजू ने ....नम्रता के छूट पे इस्सलिये घुटना रगड़ा था की जब bhi....chut sanke....toh...chut ...के पानी के साथ सिर्फ ...बिरजू का नाम बहना chahiye....ahhh......

और तभी नम्रता अपना कोमल ....हैट ...अपने जीन्स पे ले जाती हैजनं. उसी अंदर से इतनी एक्ससिटेमेंट आए रही thi...uss छुम को टच करने की .....

अह्ह्ह उसका हैट अपने गांड के पीछे पोहचता हैंन ....और अगले हे pal.....voh अपने उंगलियों voh....main...boht सा चिप छिपा .... लिक्विड पकड़ लेती हैं......

इहह्ह्ह्हज्ज अहह क्या hainnn..ahh....kitnna चिप छिपा ....

नम्रता अपना हैट आगे लेती hainn.....aur वोह. लिक्विड को अपने ....डोह.... उंगलियों पे घिसने लगती hainn.....uska चिप छिपा ...पैन देख नम्रता के फेस पे स्माइल आए जाती hainn....aur ...voh....usss छुम को अपने ...दोनों... उंगलियों से मसलने लगती हैं.................

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उसी बिरजू का रास अपने हटो के गोर गोर उंगलियों से मसलने मैं बोहत मजा आ रहा tha....har एक मसलने की टाइम पर उसे उस लिक्विड का चिप छिपा आवाज सुनाई दे रहा था ....बिरजू का वोह गन्दा ...छुम ...नम्रता ...बड़े मजे से ....उसके साथ खेल रही thi......aur....usee क्या पता था ...मसलते ....मसाले उसकी काम अग्नि भी बढ़ती जा रही thi.....gili गांड इसका संकेत दे रही थी......

छुम का वोह गन्दा बस ....उसके मन मैं घर का के baitha....tha......ahhhh.....nak ...से jaise....charsi...ganja का स्मेल भरते hain....vaise namrta....apne...jehan मैं ...Birju...ka....cum का स्मेल भर rahi....thi ...पागल कर रखा ....था.... उस छुम ने उसेइस......

अगले हे पल ....namrta....voh....doh... उंगलियों को ....सूंघने के लिए apna...hat... अपने नक् के और बढाती ...hainnnn....aur...uska हैट मनो कम्प रहा था .....

नम्रता के गुलाबी oth....aur....uska...nak.... इंतज़ार मैं tha....hato के उंगलियों का पास आने ka....ahhh.....

नम्रता दोनों उंगलियों को हल्का सा पास leke...uss रास का घेरा ....स्मेल लेती hainn....ahhhhh.....voh स्मेल उसी पागल कर देता hainn......voh अब्ब्ब बार बार अपने नक् के पास ले जेक ...खुदको तृप्त कर रही thi....ahhhhh

और तभी नम्रता की एक्ससिटेमेंट और बढ़ जाती hainn....voh भूल गयी thi.....ki जीसस चीज से वोह खेल रही hain....voh ..चीज एक गंदे काळा बुड्ढे गवर वॉचमैन की hainn.....aur वोह उसको बेटी बोलता हैं.....

नम्रता अपनी भरी हुवी उंगलियों को अपने नाजुक.... मुलायम होतो पे रख देती हैं ....उसके ोठो से मनो रास बह रहा था ...ऊपर ...से ये बिरजू का काम रास ..ahhh...kya मिलान था.....

और हलके से नम्रता वोह काम रास अपने भरे हुवे उंगलियों को चट्टी hainnn...ahh....aur वोह रास थोड़ा ोठो पे aur....lips पे लग जाता हैं.....

अह्ह्ह नम्रता को बड़ा खट्टा लगता hainn...aur ...सदा huva...test आता hainn...ahh....par तभी bhi....voh...test करती hainn...ahh....

अब्ब्ब नम्रता की अनादर जबान ...उस छुम को टच करती hainn...aur मनो नम्रता के बदन मैं... बिजली कड़कने लगती hai...ahh.....

नम्रता की जबान ....fatak....se voh....cum ...चाट लेती hainn....ahh...aur abb...namrta फिर गांड को हैट लगा के छुम लेती हैं ....और ...फिर से चाटती hainn...kya नशा tha...uske फेस पर..

..

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.मनो नम्रता कोई डेरी मिल्क की कैडबरी को चख रही हो वैसी हरकत कर रही thi.....namrta की रूह रूह चहक उठी thi.....badan मैं राण ragini.....tadap रही thi....andar से एक हे आवाज आए रही थी ....यह...

और नम्रता .....aur....ahh.......auurrrr......

नम्रता को कुछ समझ नहीं आ रहा tha....use Birju...ki कमी खलती hain....uske टच की कमी खलती hainn...uske हटो का कड़क पैन उसी यद् आता hainn......uske बदन का दर्द उसे बिरजू के बारे मैं सोचने के लिए मजबूर कर देता हैं......

और तभी नम्रता अपने गांड के दादर को पीछे से अपने हटो से दबाने लगती hainn....bar bar....voh....cum के लिए हाट पीछे करती hainn.....aur ....aur....takad लगाके अपने गांड को नोचती हैं...

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अह्ह्ह्ह गांड का वोह मीठा दर्द उसी और तड़पा रहा था .....और आगे से छूट बहे जा रही thi....apne छूट के निचे वोह महसूस कर सकती थी की कैसे काम पानी बह रहा hainnn......namrta ....एक आएग का गोला बन के अपने संस्कारी रूप को दूर कर एक काम अग्नि का रूप धारण कर रही thi.....aur इसमें उसकी छूट और गांड का मीठा दर्द मिलान उसी कुछ भी करने के लिए मजबूर कर रहा था.........

नम्रता जोर जोर से जीन्स के ऊपर से अपनी उंगलियों को गांड के दरार पे ठसा रही thi......ahhh अब्ब्ब उसेस अपनी जीन्स एक अड़चन लग रही थी......

पर वोह जीन्स निकल भी नहीं सकती thi.....q की जीन्स के ऊपर का गीलापन ....और सावला का छुम उसी जन्नत का सुख दे रहा tha.....aur उस सुख को वोह aur....ajmana ....चाहती थी........

अब्ब्बें नम्रता के मुहह्ह्ह्ह से मधहोइसही की सिसकरिअ निकलना चालू हो गया tha........ahhhhh

उसके बूब्स अब्ब्ब उछाल उछाल के बिरजू का दर्द मांग रहे थे ....ahhh.....tabhi नम्रता अपने बूब्स को शांत करने के लिए अपना टॉप निचे करती hainn....aur......apna....bra भी निचे कर अपने.....

नंगे लगे गोर गोर मोती jaise.....boobs बहार निकलती हैं..... दिवाली की ठंडी hawa....usss बूब्स पे jake....ek अलग hi कूल फीलिंग देते hainnnn....namrta के शरीर के ऊपर के बल ....फाटक से खड़े हो जाते हैंन.....

नमो नेचर भी नम्रता के काम रूप को सलामी दे रहा था ...ahhh....namrta का श्री खुल चूका था ...नम्रता ने अपने बूब्स के ऊपर का बंधन तोड़ दिया था ....

और तभी नम्रता अपने हे रूम main...apne गीली गांड पे निचे बैठ जाती hainn...aur अपने नंगे बूब्स को खोल के ...अपने पेअर फैला के बैठ जाती हैं .....

Ahhhh.....kya सन था......

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नम्रता का बदन मनो मन काम पारी की तरह लग रहा था ...बिरजू के इतने गंदे .... दर्द के बाद भी उसमे काम इच्छा अभी भी तप रही thi....isse ये पता चलता hain....ki नम्रता का स्टैमिना कितना हो सकता hain....aur उसकी काम अग्नि क्या हो सकती हैं...

अपने सुन्दर सुडौल श्री के बूब्स पे अपने मुलायम नाजुक हैट नम्रता फेरने लगती hainn....ahhh.....thanda ठंडा ख़ामोशी का अहसास और अपने खुद के बदन की खुस्भु उसी वोह सुख दे रही thi....joh...usee chahiye....ahh....

Ahhh....ouchhhh....ahh....uhhh....ahhh....ummm...

नम्रता खुद हे अपने बूब्स को मुलायम हटो से सेहला के शांत होने का आदेश दे रही thi....par ...बूब्स का है सुनाने वाले थे ...वोह ...toh...tight होक बंरता को मनो कह रहे थे ....

अह्ह्ह्ह.... मालकिन ahhhh...pyar करो हमें ...अप्प इतने दीं संस्कारी बन के रहे ...और हम यहाँ ... इंतज़ार main...the की kab...aap हमें संतुष्ट karegi....lagta हैं... मालकिन को किसी ने जगा diya.....ahhh....lo मालकिन हमें .....

और नम्रता भी अब्ब्ब जोर जोर से apne...santro को संतुष्टि की और लेके जा रही thi....ahhh.....

बूब्स का हुवा नहीं था की नम्रता की छूट जोर जोर से फूलने लगती hainn....ahhh...kam रास की नदिया नेहमी लगती हैं...

मनो उसकी छूट कह रही हो......

अह्ह्ह्हह.... मालकिन सैंट्रो को chodo.....aaapke संस्कारी पैन से मुझे सब से ज्यादा नुक्सान हुवा hainn...voh भी बार बार नुकसान हुवा hainn.....jab भी कोई लड़का आपको छूटा toh...aisa लगता अब्ब्ब मालकिन संतुष्टि degi....lekin...aapke.... संस्कारी पैन se...hamesha...udasi ...aaati.....jab आपकी saheliya...apko चूड़ी के बारे मैं बता te...toh आप वह से निकल जाती ....क्यू malkin...q...apko तोह अच्छा लगता tha...aaapa ....पानी भी छोड़ती thi....par फिर भी ... संस्कारी बनती ...क्यू .... मालकिन........

और मनो नम्रता को अपने छूट ....की आवाज ...सुनाई दे रही ho....aisa ..जान ke....namrta....halke से अपने जीन्स का बटन ओपन करती hainn....ahh....aur.....halka ...सा जीन्स के ऊपर से हे.... नम्रता अपने छूट को सहलाना ...चालू करती हैं.....

अपने छूट को गुला huva...tadpa हुवा ...देख नम्रता को शर्म आयति hain....aur ...वोह ..abb...jor jor...se छूट को घिसने लगती हैं....

Ahhhbb.....uhh....ahh......maja आए रहा hainn...ahhhh

अब्ब्ब नम्रता को मजा आने लगा था ..अह्ह्ह....10 मिनट्स तक नम्रता अपने ...छूट को ऊपर से घिसती hainn....jiss से नम्रता की काम pani....nikalna चालू होता hainn....aur...usee....jannat का सुख देता हैं.....

और तभी नम्रता की काम अग्नि और भड़क जाती hainn...uski छूट अब्ब्बें ....तड़प रही थी नम्रता के स्पर्श के liye....namrta भी अब्ब्ब पागलो की तरह ...मचल रही थी.....

नम्रता abbb..apne दोनों पैरो ...को ऊपर उठती hainn...aur...sidha जीन्स के अंदर से अपने ...जीन्स मैं हैट दाल देती hainn...ahhh.....

क्या .लग रही थी नम्रता apna....thanda ठंडा hat....angar बन के अंदर जाता हैं....

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नम्रता का अंगार बानी हुवी चाट को आखिर कर नम्रता के हैट का सुख प्राप्त होता hainn....namrta की रास से भरी हुवी पंतय नम्रता के हैट को चिपक जाती hain...aur नम्रता अपनी पंतय छूट से निकल के साइड करती हैं.....

नम्रता के हैट mainn...abb...apna ...चिप छिपा छुम लगता hainn....par वोह.... बिरजू jitna....ghda नहीं था..... एकदम transpernt...pani की तरह tha...ahh...namrta...abbb.. अलग हे जोन मैं thi....aur...apne वास्तविक रूप को ठुकरा के नम्रता ....abbb...kafi दूर चली गयी थीई......

अह्ह्ह नम्रता abb....uchal उछाल के अपने कोमल छूट को रगड़ रही thi.....ahh...namrta की chamdi....chut...ki aaaj...namrta के हटो संतुष्ट हो रही थी.....

नम्रता का छूट का होल आअज बोहत खुश था ...क्यू की नम्रता को जवानी का अहसास हो गया था ....आअज नम्रता का पूरा बदन झूम उठा था.......

और इसी ख़ुशी मैं तब चाट चाँद लगते hainn...jab नम्रता को अपने होल का रास्ता मिलता hainn...ahhh.....namrta झट से ुसस्स छेद main....apni एक ऊँगली ठसती hainn....ahh....aur...Adhi ऊँगली गयी नहीं की नम्रता चिल्लाती हैं....

Ahhhhhh.....kya....auuuhhhnnnnn

नम्रता अब्ब्ब अपनी पूरी ऊँगली छूट मैं घुसती hainn..ahhb....aur usee....maja इतना आए रहा था ..की कब ऊँगली का अनादर भर चालू हुवा उससे समाज भी नहीं आया ......

नम्रता की एक नंगी ऊँगली उसके एक नंगी छूट को नचा रही thi...ahh......

अब्ब्ब नम्रता जोर जोर से वोह ऊँगली अपने छूट mainn..ghusa रही thi.....ahhhhhh माआआआ..... ुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह

नम्रता को छूट का अहसास पागल कर रहा था ...अह्ह्ह्हह....

और तभी नम्रता को लगता हैं. की उसके छूट से जोर का कुछ आआ रहा haijnn.....aur वोह फिर भी.....15 मिनट्स तक ऊँगली अंदर बहार करती हैं.......

Ahhh....abbb...useee लगता hainn..uske छूट से कुछ बह रहा hainn....kuch गरम garam..lava निकल रहा हैं. और ...वोह अपना हैट छूट से निकल ke...apne जीन्स पे रख छूट को जोर जोर से दबती hainn....ahhhhhh.....

और वोह लावा अंगार बन के साफ नम्रता के छूट से निकल के नम्रता के पंतय को गिला कर ...नम्रता के जीन्स को गिला करने लगता hainn.....namrta ...छूट को दबाने का काम जारी रखती hainn....dekhte....dekhte...kam लावा नम्रता की जीन्स भिगो देता hainn.....ahhhhh

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अह्ह्ह.... लावा की गर्मी ...की वजह ...से नम्रता जोर जोर से सिसकरिअ भरने लगती हैंण्ण्ण्ण्न....

अह्ह्ह्ह ouchhhhhhh....uhhh...garmi ...अह्ह्ह्हह्हह

नम्रता की jeans....kam..ras से भर जाती हैं.....

पर नम्रता रुकना नहीं छाती thi....namrta को और लावा चाहिए था ...और ..गर्मी चाहिए thi....aur ..टॉपअप चाहिए thi....aur... संतुष्टि चाइये thi......ahhhhhh

नम्रता abbb....pura हैट छूट मैं दाल देती हैं. Ahaaah....aur ..जोर जोर से छूट को दबती hainn..ahhh...

अआपने छूट के छेद painn...jake ..abbb...apni हैट की ....दो उंगलियों को छेद mainn...ghusati hainn...ahhh...Dard तोह बोहत होता hainn...par सुख ज्यादा मिलता hainn..ahh...

रास से ....गीली हुवी छूट अब्ब्ब आसानी से दो उंगलियों को लेती hainn...ahhhh...aur नम्रता तेजी से दो उंगलियों को अनादर बहार करती hainnnnn....ahhhhh

अब्ब्बें हवस और बढ़ती hainn...aur 3 उंगलियों को डालने की कामना ....ahhh...aur वोह भी करती hainnn...ahh....3 उंगलियों पे नम्रता की छूट नाच रही थी ....अह्ह्ह्हह....

15 मिनट्स नम्रता की छूट 3 उंगलियों पे नाच रही thi....aur नम्रता का मुह्ह सिर्फ आअह्हह्हह.......

कर के चिल्ला रहा था ...ahhahhaha....uhhhhhhhhh

और ाअब इस्सस बार बोहत लावा आयने वाला था ...नम्रता को लगता hainn...chut मैं मनो समंदर बह रहा ho....ahh.........

और तभी अचानक काम रास का फव्वारा छूट से बहार पड़ता hainn...aur इस्सस बार ....पूरी जीन्स को गिला कर देता hainn...ahhhhbj......

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अआपने जीन्स को पूरा गिला गरम होता देख नम्रता के चेहरे पे कमी नई हसी thi.....aur ...वोह हसी हवस की thi....namrta को और चाहिए था.....

आपने हे छूट का गिला pan....uses.....hvas ...को मजबूर कर रहा था ...कह रहा था ...और तुझ mainn...aur ...hainn...ahhh....aur.....

Aurrf...usi हवस की तलाश मैं नम्रता पागल हो गयी thi...namrta का बदन ...कूट कूट ...के ... संतुष्टि का मजा ले रहा था. ..

नम्रता के एक हाट अपने सैंट्रो का रास निकल रहा था ..और एक हैट चूर का रास निअक्ल रहा था ...और ...इससमे हद्द तब होती hainn...jab नम्रता अपने छूट mainn...apni ...4 उंगलियों को डालती हैंन.....

Ahhh....namrta के 4 उंगलियों ने नम्रता की छूट लाल कर के रख दिए thi....aur ..abbb...pari thi....pure....kam रास को बहार निकलने ki....abbb...pari thi...kam अग्नि .मैं नाहा ने ki....abb...pari thi....kam वासना ...को संतुष्ट कर ने ki.....aUr ..तभी नम्रता ....के छूट से.....

दूध जैसा अनलिमिटेड पानी बेहटा hainn...ahh...mano इतने वर्ष से वर्जिन छूट आअज नम्रता के लिए फुट फुट के रो रही ho.....ahhhhh.....kya गर्मी थी.... ुसस्स lava...mainn....

नम्रता अपने काम रास mainn...pura डूब जाती hainn...ahhh....namrta ki.....nangi फूली chut...aaaj ...काम रास का रिकॉर्ड बनती hainn...ahhhhhh.....

नम्रता खुद अपने रास को अपने ाअंखो से देख सरप्राइज होती hainn....ahaahha....agar कोई मर्द देखा ता तोह नम्रता को ऊपर से निचे तक छोड़ डालता अह्ह्ह्हह्हह....

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अह्हह्ह्ह्ह नम्रता का काम रास पुरे फर्श के ऊपर फ़ैल जाता hainn....namrta तब भी थोड़ा थोड़ा छूट को सहलाती hainn...ahhhh.....

अब्ब्ब जेक नम्रता के मन को शांति मिलती hainn...ahhh ..वोह. Abbbn....jake संतुष्टि की सिमा को प्राप्त करती हैं. ...अह्ह्ह्हह्हह

और नम्रता का काम रास अब्ब्ब बहे जा रहा था ...पर तभी भी नम्रता नहीं रूकती आअह्हह्ह्ह्ह

अब्ब्ब नम्रता अपना काम रास अपने हतेली मैं liye...Apne मुहहह को खोल के चाटने लगती hainn...ahhh....

नम्रता अपना हे छुम पागलो की तरह चाटने लगती hainn...pane muhh...main अपन हे रास तुस्टी hainn...usse वोह पागल पैन.... संतुष्ट कर रहा था ..अह्ह्ह....

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अपने गुलाबी ...ोठो ...को खोल के ..अपने गुलबज लिप्स पे .namrta..apna...kam रास लगा रही थी....

वोह बस अपना रास कुट्टी के जैसा कहते जा रही thi....kutti की तरह चाटते चटाई कब voh....jamin पाई लेट गयी उससे भी पता नहीं चला ....अह्ह्ह ..अपने मुहहह mainn...apan ...रास लेके. नम्रता ...शांत होती हैं...

अह्ह्ह्ह नम्रता नाम का तूफान ाअब थम चूका था ...तभी उसके गांड मैं हलचल होती हैं. ....और मनो उसकी गांड नम्रता से कह रही हो.....

अह्ह्ह मालकिन सब का हो गया ...अब्ब्ब मुझे कब शांत karogi....ahhhh मालकिन मैं तड़प रही ho...uss बुड्ढे ने बोहत अच्छा दर्द दिया ...ahh...makin...boht दिनों बाद अपने किसी को टच करने दिया ...ahh..nahi तोह आप के संस्कारी पैन के वहज से कोई मुझे छुअत या दबाता ...आप निकल jati....ahhh... मालकिन मुझे भी दुःख दो na...ahhhh....

नम्रता के चेरे पे स्माइल आयति hainn...jaise गांड की दास्ताँ उससे समझ रही थी......

और नम्रता की मुस्कान ...गांड को जवाब देती हैं....

Ahhhh....rook थोड़ा तुझे कल ऐसा संतुष्ट karungi....ki tu....sehhhh भी नहीं payegi....ahh...itna दर्द dungi....ki tu....jhel नहीं payegi....ahhhhhhhhhhhhhh

और. नम्रता के चेहरे पर कमीना पैन झलकता hainn....ahhhh कामिनी स्माइल आयति hainn...kamina पैन आटा हैं.....

और काम अपने संस्कारी पैन को भूल कर काम अग्नि main..tadap कर नम्रता वही .....सो जाती हैं....................................

थे ......एन्ड...( ऑफ़ संस्कारी नम्रता)
 
अनाउंसमेंट बनाना

डिअर रीडर्स..........

पिछले 2-3 दिनों से कई लोगो के डीएम आए रहे हैं अबाउट नम्रता के सेडक्टिव सन एंड फंतासी सो थैंक यू ाल रीडर्स फॉर गिविंग में सुग्गेस्टियन्स .......

जैसे की पिछले अपडेट मैं थे एन्ड (ऑफ़ संस्कारी नम्रता) हुवा था तोह अफ़्कौर्स आगे बोहत कुछ बड़ा होने वाला hain....so आगे उपदटेस नहीं आएंगे....... नमस्कार

बल्कि आगे दिवाली एनकाउंटर के नाम से 5 लोंगगगग एपिसोड्स aayenge..........sach बता रहा हु बोहत मजा aayega.....and मैं रेडी हु मेरे तरफ से :शाय:

अब्ब आपका काम ये हैं की बोहत लोगो की कुछ फंतासी हैं रिलेटेड तो स्टोरी, रिलेटेड तो नम्रता की ऑउटफिट, रिलेटेड तो सपोर्टिंग चरक्टेर्स.............

सू आप अगले 2 दिन. मैं आपकी साडी फंतासी कमैंट्स कर के बता सकते होओओओ....

एंड किसीको... नम्रता की दिवाली की ऑउटफिट और इमेजिनेशन मैं जो भी नम्रता की पिक्टुरेस होगी वोह पोस्ट कर सकते हो.....

ऑउटफिट....( साड़ी / लेहेंगा चोली / सलवार कमीज और इतर रिलेटेड तो दिवाली थीम)

िन्न्न सब इमेजेज का मैं अपडेट मैं ....इस्तमाल करूँगा.....

थैंक यू.......... हार्ट

कीप सपोर्टिंग हार्ट
 
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