ABHI -- THE WARRIOR (Completed) - Page 6 - SexBaba
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ABHI -- THE WARRIOR (Completed)

अपडेट - 46

अब तक आपने देखा की कैसे अभी ने रिम्पी को बचाया

अब आगे.....


फिर में अपने रूम में आकर रेडी हुआ .......डीडू hi मेरे हर बर्थडे पर मेरे लिए कपडे सेलेक्ट करती थी.....

फिर हम सब शिव मंदिर पहुंचे...

मंदिर पर भी तैयारियां जोर शोर से चल रही thi.....ek और यज्ञ शाला थी

तोह एक और भादर घर (किचन) जहा भंडारे का प्रसाद तैयार हो रहा था.

मंदिर क चारो और गोपुरम ( पत्थर की प्राचीन कलाकारी से बने द्वार)

यह शिव मंदिर हमारे पूर्वजो ने बनाया था ....जो दक्षिण भारतीय शिल्पकला का अद्भुत नमूना था...

और मंदिर पर विशाल स्वर्ण कलश

उस्सकी शोभा बड़ा रहा था...

और भीतर गर्भगृह में विशाल शिवलिंग.......

पुजारी जी ने मेरे हाथो भगवन का रुद्राभिषेक कराया....

फिर हम यज्ञ शाला क और बड़े hi थे कोई मुजह्से takarai.......woh गिरने hi वाली थी क मैंने उससे पकड़ लिया....

मेरा ध्यान माँ की तरफ था ...वह मुज़हे कुछ बता रही थी ज यह टक्कर हो गयी....

माँ - betu...dhyan से....

और मेरे कानो में उस लड़की की धीमी सी सुरीली आवाज आयी ....

जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाये मेरे जानू...


जब मैंने उसस्के तरफ देखा ...तोह शॉक रह gaya.....Yeh तोह शालू थी..

हम जल्दी से संभल गए ....

माँ और डैड शालू को पहचानते थे

शालू ने आगे बढ़कर डैड क पाऊँ छुए ...डैड जीते रहो बच्चे...

कैसे हो ........

शालू - ठीक हु अंकल.....

डैड - बीटा आज तोह तुम्हारा भी जन्मदिन hai.....Bahut बहुत शुभकामनाये beti.....Chalo तुम भी अभी क साथ हवन में बैठो..

अब शालू भी हमारे साथ हवन में बैठ gayi........mein बार बार उससे hi देख रहा tha......Mom और डैड मुज़हे देखकर जाने क्यों मुस्कुरा रहे थे.....

ऋतू दी ...aadu....bhi उससे hi देख रहे थे और पचंने की कोशिश का रहे थे .....

खैर हवन समाप्त हुआ और भंडारा शुरू हुआ .......भंडारे में आये हुए सभी लोगो को भोजन करने में हमारी पूरी फॅमिली लग गयी .....

भंडारे क बाद हम गरीबो को कपडे और पैसे बांटने लगे......

तभी लाइन में खड़े एक 10 साल क लड़के की तरफ मेरा ध्यान गया....

जो दिखने में बहुत मासूम था

और श्री पर फाटे पुराने कपडे......

उसकी उदास आंखों से ..उस क दिल का दर्द छलकता tha......muzhe वह असंखें कुछ जानी पहचानी सी लगी

तोह में उसस्के मंद में जहाँककर उस्का पास्ट पता करने की कोशिश करने laga.........aur जब पता चला

तोह बहुत दुःख हुआ .........वह दीपू था पप्पू भाई का ladka......jisne ने मयासुर क फैलाये हुए ड्रग्स क विनाश को रोकने क लिए हमारी बहुत मदत की

थी .......

उसस्के मंद में जहाँककर मुज़हे यह भी दिखा क कैसे ुसदकए सामने hi

मयासुर क लोगो ने पापु भाई की हत्या की थी......

कभी कभी हम आपने कास्मो में ऐसे ुलाज़ जाते है ....की मुश्किल वख्त में हमारे साथ खड़े रहने वालो की सुध hi बहुलजाते है

वही यहाँ हुआ था.....

में तोह सब कुछ भूल गया था लेकिन डैड......

मैंने उससे आवाज lagayi......Deepu..

वह अपनी hi सोच में गम था....

फिर में उसस्के पास जाकर उसके कंधे पर हाथ रखकर उससे पुकारा , तोह उसने मेरी तरफ देखा.....

मुज़हे पहचान ने की कोशिश करने laga.....jaha उससे सब गाली दे देकर बुलाते थे ...वह कौन है जो उससे नाम से पुकार रहा है..

दीपू - sahab....kya आप मुज़हे जानते ho.......maine कुछ नहीं किया sahab.......mein तोह बस यहाँ खाना खाने आया था ...लेकिन वह भी मुज़हे नहीं mila.......mandir क एक कर्मचारी की तरफ इशारा करते hue......uss अंकल ने धक्का देकर भगा दिया था........

मैंने उससे इशारे से बुलाया....

ऐसा करते हो तुम मंदिर में रहते हो और इस मासूम क साथ ऐसा सुलूक करते हो

वह - साब इस्सके कपडे बहुत गंदे और फाटे हुए थे ....और जिसने कितने दिनों से नहाया भी nahi...isiliye...

में - दीपू बीटा ...में तुम्हारा अभी भैया hu......yaad है कई साल पहले ....

मेरा नाम सुनकर वह मेरे गले लग गया और उस्का दर्द आंसूनो क साथ बहार आने लगा.....

ाद्दु ऋतू दी और माँ डैड भी तब तक पास आज्ञाएं और उनकी भी आंखें नाम हो गयी.....

डैड को भी अपनी गलती का अहसास हो गया

जिस पप्पू भाई ने लाखो लोगो की जान बचने में मदत की थी आज उनका

बीटा ....उनकी ..भूल क वजह से दर ...दर ...की ठोकरे खाने पर मजबूर हो गया है....

ऋतू दी दीपू को खाना खिलने और तैयार करने अपने साथ ले गयी...

और जब दीपू दी क साथ वापस आया तोह बिलकुल बदल चका था ..बिलकुल नन्हा राजकुमार लग रहा था...
...

मंदिर का कार्यक्रम निपटाकर हम शाम को घर पहुंचे ....

तब तक इवेंट मॅनॅग्मेंट क लोगो ने घर को खूब सजा दिया था...

पार्टी का ारंगमेंट बहार लॉन में किया गया tha......jo कुछ ऐसे सजाया हुआ था


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सजावट देखते देखते में अपने रूम में पहुंचा......

अभी शालू क बारे में सोच रहा था

की कितने दिन बाद मिली और ढंग से मुलाकात भी नहीं हुई

तभी उसस्के सामने अचानक गक प्रगट हुआ......

ऐसे अचानक किसी को सामने देखकर में थोड़ा हड़बड़ा गया था....

में - क्या मित्र तुम ने तोह मुज़हे डरा hi दिया था......

गक - ha...ha...ha... कप और हमसे दर गए ....

जन्मदिन की बहुत बहुत शुह्कमनाये मित्र

में - बड़े दिन बाद तुम्हे देखा अच्छा laga....Shivali क्सिसि है....

उस्सने कोई सन्देश नहीं भेजा.....


गक - Sandesh......woh तोह तुम्हे मिल hi जाएगा रात ko....jara सावधान रहना mitra.....mein अब चलता हु मिलते है आज रात को .....

और वह चला गया....

में सोचने लगा की किस्से सावधान रहना है और kyu......aakhir यह क्या कहकर गया........

चलो अब तोह रात को hi पता चलेगा

रिम्पी भी अपने डैड क साथ आगयी थी और एक रूम में रात की पार्टी क लिए ब्यूटिशियन क साथ तैयार होने चल दी

मैं भी तैयार हुआ ...और राकेश को याद kiya......aur राकेश मेरे सामने.......

में - क्या बात है दोस्त आज तोह तुमने मुज़हे विश भी नहीं किया..

राकेश - में तोह आपके भीतर अस्प्के hi साथ tha...jab से आप क दोनों रूप एक हुए ......

में - यार तू मेरे साथ hi रहो...

अकेले पार्टी में ऐसे जाना कुछ अजीब लग रहा hai.......tum दोस्त बनकर मेरे साथ hi चलो

और में राकेश क साथ रूम क बहार निकला hi था क.......

अभी क लिए इतना hi...

अगला अपडेट जल्द hi.....
 
अपडेट - 47

अब तक आपने देखा ....मंदिर क प्रोग्राम में शालू को dekha.....aur Deepu.....se मिलना

गक आना ........

अब आगे ........


जैसे hi में राकेश क साथ रूम से बहार aaya..toh देखा क रिम्पी भी पास क hi रूम से तैयार होकर ..ाद्दु क साथ आरही है.........

उफ़ ट्रेडिशनल ड्रेस में क्या खूबसूरत लग रही थी ....बिकुल किसी राजकुमारी की तरह.......

आज की पार्टी का थीम ट्रेडिशनल था

में तोह जैसे उससे देखकर खो गया ....उसस्के काजल लगी बड़ी बड़ी आंखों में अपने लिए बेशुमार प्यार देखकर ....उस्में दुब सा गया था

और गुलाबी hoth....dekhkar मुज़हे हॉस्पिटल में हुई हमारी पहली किश याद आगयी ....तोह मेरे अंदर एक हलचल सी मच गयी......

उस्सको देखकर ऐसे लग रहा था...

की उस्का भी वही हाल है जो मेरा है

निचे पार्टी शुरू हो गयी थी....

और वह म्यूजिक का प्रोग्रमम चल रहा tha...aur गाने की आवाज यहाँ तक आरही thi.....jo इस सिचुएशन पर फिट बैठ रहा था


जो हाल दिल का इधर हो रहा है

वह हाल दिल का उधर हो रहा है


तभी राकेश क हिलने से मुज़हे होश आया तोह देखा इवेंट मैनेजर मुज़हे एंट्री समझा रहा hai.......Rimpy की और मेरी एंट्री एक साथ होनेवाली थी.....

हम दोनों एक साथ आगे बड़े और हमारे पीछे pichhe....Rakesh ., श्रेयश ,ाद्दु और ऋतू दी

हम लॉन में पहुंचे तोह सभी लाइट्स ऑफ हो गयी और एक स्पॉट लाइट हमे स्टेज पर ले गयी......

ऐसे लग रहा था की हमारी शादी कही हमारी शादी तोह नहीं हो रही है...

जब हम स्टेज पर पहुंचे.....

तोह एक आवाज आयी.....

सो फ्रेंड्स हेरे केस बर्थडे बॉय

राणा अभिनव सिंह

एंड थे बर्थडे गर्ल

रिम्पी singh......applause...

और सभी लाइट्स ों हो गयी और जब में सामने देखा तोह कुछ आंखें मुज़हे गुर गुर कर देख रही थी..

और उनको देख कर मेरी हालत पतली हो रही थी सामने महागुरु क आश्रम क सारे आचार्य जिन्होंने मुज़हे शिक्षा di.....CT...Uday....kartik Vajrabaahu....aur शालू जो रिम्पी क साथ मुज़हे देखकर गुस्से में देख रही thi......aur सफारी सूट में GK....aur साथ में Shivali.....Shivali भी वैसे hi गुस्से से घर रही थी

एक साथ तीन ....और तीनो को hi बराबर दिल से प्यार करता था...

आज लग भी तीनो ऐसे थी ...मेरे तोह होश hi उड़ gaye......tabhi सिंगर ने गाना शुरू किया


किस को प्यार karu...kaise प्यार करू

यह भी वह भी ...वह भी है ..है...


लगता है इस्सके पास भी पावर्स है

जो सिचुएशन को समज़कर गए रहा है


तभी डैड माँ ाद्दु ..ऋतू दी ..पारी और सोना स्टेज पर आये और

डैड - फ्रेंड्स ठंकु तो आल ऑफ़ यू फॉर अटेंडिंग सुच ा प्रेसियस ोकशन फॉर me........Enjoy थे पार्टी

हैप्पी 18तह बर्थडे, सोन. It’s सो अमेजिंग तो सी यू ग्रो ईंटो ा वंडरफुल यंग मन. ी ब्लेस्स गॉड फॉर गिविंग यू तो में, माय डिअर बॉय. यू अरे थे स्वीटेस्ट चाइल्ड ों थिस प्लेनेट, एंड ी विल फॉरएवर चेरिश एंड लव यू विथ आल माय heart.......come माय बॉय

फिर डैड ने मुज़हे गले लगा लिया..

धीरे से डैड क कान में ....

डैड यह क्या शालू और Shivali...yaha

तभी माँ --- सारा प्यार सिर्फ डैड क लिए ...कुछ तोह मेरे लिए भी रख

और माँ ने मुज़हे गले लगा लिया ...

और धीरे से .....वैसे बीटा मेरी तीनो बहु बहुत ब्यूटीफुल है...

में- माँ आप भी ....

डैड - बेटे अभी तोह 14 में से 3 hi है आगे क्या होगा अब तोह भदवान hi मालिक hai....ha...ha....ha

तभी स्टेज पर शालू आयी और रिम्पी की तरफ देखकर मुज़हे गले लगाकर विश kiya......Aur कान में......

बड़े चलिए हो गए हो बलमा...

और और मेरी कमर पर चिकोटी काटते हुए अलग हुई....

तभी गक ने मेरी पीठ थपथपाई...

कोई नहीं मित्र होता ...है ..hota..hai


और जब में मुदा तोह सामने शिवली उससे तोह रिम्पी की तरफ देखकर और कसकर गले लगाया ....और कान में

तुम्हे तोह में रात में देखूंगी

और वह भी साइड में कड़ी हो गयी

मेरे सभी फ्रेंड्स स्टेज पर आगये और फिर मैंने केक काटा ...

....और शुरू हुआ गिफ्ट्स का सिसिला ...

जिस्सके लिए ाद्दु और पारी हमेशा आगे रहती thi....aur आज उनमें सोना भी शामिल हो गयी......

विनय चाचा ने लम्बोर्गिनी जो पूरी गोल्ड की बानी हुई थी मुज़हे गिफ्ट की...

और रिम्पी को एक डैमोंड नेकलेस..

दादू ने गाओं का महल और सारे खेत फारणम्हौसे वैगेर मेरे नाम कर दिया था....

ऐसे hi सब मुज़हे और रिम्पी को गिफ्ट्स दे रहे the.....Mera ध्यान बार बार शालू और शिवली की तरफ जा रहा था

जो रिम्पी की नज़र से चिप न सका

और मेरे मुँह से निकला ..Ouch...Rimpy ने अपना पेअर मेरे पेअर पर मारा...

मैंने उस्सकी तरफ देखकर इशारे से पूछा....

तोह धीरे से मेरे कान में ....

कौन है यह दोनों चुड़ैल ...जो तुमको चिपक रही थी ...देख रही हु तुम भी बड़े उनको घर घर कर देख रहे हो

में - अरे वह तोह डैड क फरडस की बेटियां है कई सालो बाद वह इंडिया आयी है इसीलिए ऐसे मिली ......तुम भी ने रिम्पी आजकल बहुत शक करने लगी ho.....man में ( हस्सस बच गया जयादा ड्रामा नहीं हुआ )...

कॉलेज क दोस्त और टीचर्स उस ग्रैंड पार्टी और डैड को देख कर समाज गए की जिस कॉलेज में वह पड़ते है वह हमारा hi है..

रिंकू और संकु - हैप्पी बर्थडे सर

हैप्पी बर्थडे मैडम

में - अबे यह क्या हुआ तुम दोनों को

में कब से तुम्हारा सर हुआ बे...

रिंकू - अब यर जिस कॉलेज में हम जैसे मिडिल क्लास वालो को भी फ्री पढ़ने का मौका मिला ..उसस्के मालिक को हम सर नहीं कहे तोह क्या कहे....

में - में फ्रंड hi ठीक hu...samzha

ऐसे hi पार्टी क गेस्ट धीरे धीरे काम होने लगे ..हम सिर्फ फॅमिली वाले और कुछ खास दोस्त बाकी थे ....

अब हमारा डिनर शुरू हुआ...

मेरे सामने वाली चेयर पर तीनो

रिम्पी , शालू और शिवली बैठे हुए थे मेरे दोनों साइड ाद्दु और पारी...

सब खाने लगे लेकिन में सिर्फ अपने सामने देख रहा tha....aur आने वाली सहमत क बारे में सोच रहा था..

डैड - मुस्कुराते हुए.... बीटा खाना क्यों नहीं खा रहे हो.....

शालू - लगता अंकल ...इनका पेट ख़राब हो गया....

शिवली - या फाई सुबह कुछ मीठा ज्यादा खा लिया

तभी सोना ने मेरी जान बचायी

सोना - नाहीइ भाई मेले लिए लुका है ...है न भाई ..

में - हां मेरी एंजेल आजा

फिर में सोना को अपने गिअद में बिठा लिया और उसस्के साथ खाना खाने लगा.....

और ऐसे hi पार्टी ख़तम हो गयी...

रिम्पी अपने डैड क साथ चली गयी

आश्रम वाले सभी फ्रेंड्स शालू ..गक और शिवली जा चुके थे....

सभी फॅमिली मेंबर्स को मिलके

में भी अब अपने रूम में आगया

अभी क लिए इतना hi ....

अगला अपडेट रात को .....
 
अपडेट - 48

अब तक आपने अभी की बर्थडे पार्टी देखि ..........

अब आगे ........


अपने रूम में आकर मैंने चेंज किया और बीएड पर बैठकर आज क बारे में सोचने लगा ,की शिवली ने क्यों ऐसा कहा की रात को बताउंगी.....

अभी मेरा पह baja.....dekha तोह रिम्पी की कॉल थी......

रिम्पी - ही शोना क्या कर रहे हो....

में - बाद अपनी जान क बारे में सोच रहा हु.......

रिम्पी - अच्छा ji....ab यह और कौन आगयी तुम्हारी जान ......

में - कहो तोह आकर बताऊ......

रिम्पी - तोह आजाओ न किस ने मन किया hai......muaahhhh

में - ओह्ह्हो ...यह क्या था स्वीटू...

मुज़हे कुछ मीठा मीठा सा लगा

रिम्पी - कुछ नहीं......

में - ादच्चा जी .....किश करके बोल रही ho....kuch nahi.....love यू मेरी स्वीटू तुम्हारी एहि ऐडा तोह मुज़हे और घायल कर देती है...

रिम्पी - अच्छा मेरा बाबू घायल हो gaya......kaho तोह मरहम लगा दू...

में - उफ्फ्फ यह हुस्न वाले घ्याल भी करते है ...फिर मरहम का भी पूछते hai.......lagao लेकिन अपने प्यार का

जैसे सुबह लगाया था......

रिम्पी -- शह्ह्ह्ह मज़हे शर्म आती है न शोना............

में - स्वीटू ...मेरा दिल कर रहा है क अभी तुम्हारे पास aajaau...aur कसकर अपने बह्हो में भर लू....

रिम्पी - तोह आजाओ न baby.....aaj पार्टी में इतने लोगो क सामने तुम से ढंग से मिल भी नहीं सकीय......

तभी में टेलिपोर्ट होक उस्सकी बालकनी में पहुँच जाता हु....

में - तोह अपने बालकनी का दूर तोह ओपन करो न .....तुम्हारे लिए सरप्राइज है.....

और जब उस्सने दूर खोला तोह मुज़हे वह देकर हैरान हो गयी......

रिम्पी - बाबू तुम यहाँ और वह भी नाईट ड्रेस में कैसे.....

रिमय से मिलने की जल्दी में मैं भूल गया था क में इस समय नाईट ड्रेस में हु....

में - वह सब छोड़ो ...क्या तुम खुश नहीं ho.....calo मुज़हे अंदर तोह आने दो......

और में अंदर आ गया .....

और उसस्के करीब जाकर उससे अपनी बाहू में भर लिया...

रिम्पी - शोना ........

में - शहहह .....और उसके हसीं चेरे का दहकने laga.....maasum सा chehra.....gore गालो पल लहराती जुल्फों की lat.....aur आंखों में पैर का सागर......

रिम्पी - क्या देख रहे हो जान

में -


आँखों की गहराई को समझ नहीं सकते,

होठो से कुछ कह नहीं सकते.

कैसे इज़हार करे हम आपको ये दिल का हाल,

की तुम Hi हो जिसके बिना हम रह नहीं सकते..


रिम्पी -

शब्दों को होठो पर रखकर दिल के भेद ना खोलो,

मैं आँखों से सुन सकता हु,

तू आँखों से बोलो..

मैंने उससे अपने और करीब कर लिए

हमारे दिल एक दूसरे की धड़कन को महसूस करने लगे.....

हमारी तेज़ चलती सांसी एक दूसरे से कुछ कहने lagi.....aur होंठ न जाने कब एक दूसरे से मिल गए.....

मैंने धीरे धीरे उसके ऊपर लिप को चूसने लगा ....उसस्के होंटो का मीठा सा रास मेरे मुँह में घुलने laga.....hum दोनों मदहोश होने लगे

मेरे हाथ उसके कमर पर चलने लगे ....अब वह भी रिस्पांस करने लगी और मेरे लिप को चूसने लगी....

अब हम दोनों क होंठो क रास को खूब चूस रहे the....meine अपनी जुबान उसस्के मुँह में डाली और जैसे hi उसस्के जुबान से तिउच्च हुए ...तोह हम डॉन के शेर को जैसे जहतका लगा....

जैसे कोई ऊर्जा ...श्री से निकलने को बेताब ho.....ab दोनों क बदन एक दूसरे को रगड़ रहे थे .....

मेरा हाथ अनजाने में hi उसस्के बूब्स पर चला गया ....और मुज़हे एक अद्भुत अहसास हुआ ....मेरे एक अंग एकदम सख्त हो गया.....

रिम्पी - सससस ...a...bhi.....Nahi...na bas...karo ...न

में - जान ....क्या तुम्हे मुजहपर भरोसा नहीं है

रिम्पी - तुम पर भरोसा hai....lekin दर hai....ki कही में hi बहक न जाओ

समज़ह करो न jaanu......abhi इससकेलिए देर है.....

में फिर से रिम्पी क होंठो को चुम ते हुए ......अब और इंतज़ार नहीं होता जान....

रिम्पी - समज़ह करो न जान ...अब तुम jaao......dekho मुज़हे कुछ चूब रहा है.....

मुज़हे तब अहसास हुआ की यह क्या

मेरा छोटा उस्ताद तोह पूरे फॉर्म में है....

मैंने भी रिम्पी की बात मानी और उससे गुड नाईट बोलकर ....बालकनी क रास्ते से बहार aagaya...woh मुज़हे वही बालकनी में कड़ी होकर देखने lagi.......meine उससे फ्लाइंग किश दिया और अंदर जाने का इशारा किया

जब वह चली गयी तोह ..में टेलिपोर्ट होकर.... अपने बाथरूम में pahuncha.......mera छोटू अब बड़ा होगया था और गुस्से से अकड़कर खड़ा tha.......toh में बोलै

थोड़ा इंतजार और कर le.....aur फिर ठन्डे पानी से नहाकर ....रूम में aaya.....aur बीएड पर लेट गया...

अभी थोड़ी नींद hi आयी थी की ऐसा लगा क मुज़हे किसी ने ठन्डे पानी में दाल दिया हो ...में हड़बड़ा कर आंखें खोली तोह dekha....ki में एक ठन्डे पानी क तालाब में हु.....

में सोच hi रहा था क यहाँ कैसे आगया तोह देखा सामने शिवली....

मुज़हे देखकर मुस्कुरा रही थी

में - यह क्या है जान ....ऐसे भी कोई करता hai....agar में दुब जाता तोह..

और देखो तोह कितना ठंडा पानी है


शिवली - आपको आजकाल कुछ जयादा गर्मी चढ़ रही है ...तोह सोचा थोड़ा ठंडा कर दू.......

में - यह क्या तरीका है शिवली....

शिवली - तोह और क्या करू में.....

सोचा तुम्हरे जन्मदिन पर जब तुम मुज़हे देखोगे तोह खुश हो jaaoge......aur मुज़हे गले lagaaoge.....lekin तुम तोह परेशां हो gaye........kya यही है तुम्हारा pyar.......tumne तोह मुज़हे याद भी नहीं किया

तुम अब मुजह्से प्रेम नहीं करते....

लगता है में hi पागल थी जो इतने वर्षो से तुम्हारा इंतजार kar..rahi थी.....

और इतना कहकर वह रोने लगी.....

में - मैं में ( सच hi तोह कह रही hai.....jo बचपन से सिर्फ मेरे बारे में सोचते आयी hai.....muzhe hi अपना सब कुछ मन hai....usske लिए आज तक मैंने क्या किया है)

में उसस्के पास जाकर कान पकड़ते hue........sorry न जान मुज़हे माफ़ कार्डो .....में hi तुम्हरे प्यार क लॉयज नहीं हु.....


शिवली - यह क्या आप माफ़ी क्यों मांग रहे ho.......muzhe अच्छा नहीं लगता...

तुम्हे किसी और क साथ देखती हु तोह मुज़हे गुस्सा आजाता है....

बस इसीलिए यह गलती कर बैठी क असोको ठन्डे पानी में दाल दिया

मुज़हे माफ़ कार्डो...

में - माफ़ी ऐसे थोड़ी मिलेगी...

शिवली - तोह कैसे मिलेगी...

तोह मैंने उससे खींच कर बाहों में भर लिया .......ऐसे मिलेगी....

और अपने होंठ उसस्के गुलाबी होंठो पर रॉकग दिए और किश करने लगा....

अचानक हुए किश को पहले तोह वह समाज hi नहीं paayi...phir वह भी बरसो क इंतज़ार की कसार पूरी करने लगी और हम दोनों बस एक दूसरे क अधरों क रास को पि रहे थे...

तारो से भरा खुला आसमान .....तालाब क कमलो से आती हुई खुशबु और थड़ी ठंडी हवाईएन हमे और करीब ला रही thi.....maine उससे वही घास पर लिटाया और उसके ऊपर आगया ..हम दोनों क शरीर से ऊर्जा निकल रही थी....

अब मेरे हाथ उसस्के बूब्स को टच कर रहे the.....mere चुने से और मदहोश हो रही thi....Shivali क स्तनों का वह मख़मली अहसास मुज़हे पागल कर र्ष था .....और मैंने एक स्तन जोर से दबा दिया...

शिवली - ससससस ...ahhhh...dhere se...dard ..होता hai...na ....जानू

मेरा छोटू फिर बड़ा हो गया ...और शिवली की जाएंगे से टकराने लगा ....

शिवली ने यह देखने क लिए क क्या चूब रहा है ..उससे पकड़ लिया...

में - ससस ..ahhhh.jaan क्या पकड़ लिया ..उफ़ तुम्हारे नरम मुलायम हातो का यह अहसास .....और मैंने फिर उस्का स्तन जोरो से दबा दिया....

जब उससे अहसास हुआ की उस्सने क्या पकड़ा है ...तोह एकदम से हैट गयी

में - क्या हुआ जान...

शिवली - अभी इस का उचित समय नहीं आया hai.....mera सबकुछ तुम्हारा hi है जान .....लेकिन अभी थोड़ा समय और इंतज़ार करना पड़ेगा....

में - में समाज सकता हु जान हमारा मिलान का एक उद्देस्य है...

अभी उस्का समय नहीं आया...

अच्छा एक बात बताओ ..क्या तुम्हे शालू और रिम्पी क बारे में पता है.....

शिवली - जान यह लॉकेट जो मैंने आपको दिया था यह मेरे मैं से जुड़ा hai....isske जरिये में हमेशा अस्प्के साथ hi रहती हु....

मुज़हे दोनों क बारे में hi नहीं ...यह भी पता है की आपकी 14 पत्निया hogi......Shalu से तोह में मिल भी चुकी हु .....और उससे भी सब पता है

में - अच्छा तोह तुम ऐसे hi मेरी टांग खिंच रही थी...

थोड़ी देर ऐसे hi मेरी उससे प्यार भरी बातें होती रही ...फिर में घर आगया.....

अपने छोटू को फिर समज़हाए

और सू गया.....

कल कॉलेज भी जाना hai.....aur देहकना भी है अब वह क्या चल रहा है........

अभी क लिए इतना hi .....

अगला अपडेट कल.......
 
अपडेट - 49

अब तक आपने अभी क रिम्पी और शिवली क साथ हसीम पल देखे......

अब आगे............


एक नयी उमंग क साथ नया दिन....

अपने रूटीन को फॉलो करते हुए में 4 बजे उठा .....उसस्के बाद jogging...workout...Dhyan .....और फ्रेश होते होते 8 बज गए the...mein कॉलेज क लिए रेडी hua.......aur निचे aagaya......Baccha पार्टी सभी सोई थी ...सिर्फ ाद्दु hi उठी थी ....और ..पप्पू भाई का लड़का दीपू bhi.......Dad ने फैसला किया था क अब वह हमारे साथ hi rahega......Addu का और दीपू का एडमिशन हमारे hi स्कूल में करने दी जा रही थी साथ....

में - गम dad...mom ..दी...&

गम माय गुड़िया & दीपू.....

रिम्पी और दीपू ने मेरे गाल पर किश kiya....Gm भाई.....

माँ - बेतु आज ....कॉलेज से सीधा घर aana.....Dada दादी ...मस्सी ...मां सब आज जाने वाले है....

और रात को दोनों बुआ और चाचा जी भी जा रहे है....

तब तक रिम्पी aagayi.......Breakfast क बाद हम निकल गए college.....apni फवौराते बाइक पर.......

आज रिम्पी ने मुज़हे कास कर पकड़ा हुआ था.....

में - स्वीटू एक बात पुछु....

रिम्पी - क्या.....

में - कल तुमने बोलै की कुछ चूब रहा है क्या चूब रहा था....

मेरे पीठ पर हल्का से मुक्का मरते hue......kya शोना तुम bhi....bahut नॉटी ..हो ..गए हो....

जाओ नहीं बताती....

में - चलो ठीक hai....lekin एक किसी तोह दे दो ...मीता खाने का बड़ा मैं कर रहा है.....

रिम्पी ने अपने पर्स से एक चॉक्लेट nikali....aur मेरे मुँह क पास लाते hue......yeh लो मुँह मीता कर lo....aur चलो....

ऐसे hi बात करते हुए हम कॉलेज pahunche.....maine बाइक स्टैंड पर lagayi......aur कैंपस में देखा तोह बहुत काम स्टूडेंट्स आये हुए है....

हम क्लास की और चल दिए....

रास्ते में मुज़हे बहुत से स्टूडेंट्स

ने विश kiya...Gm सर.....

हम क्लास में एंटर करने hi वाले थे क हमारे सामने लिमा आगयी

सॉरी सर ...उस दिन अनजाने में गलती हो गयी.......

माइनर उसस्के मंद में जहाँकते हुए देखा की वह क्या चल रहा है....

(लिमा मैं में -----कही यह मेरी गलती की वजह से मुज़हे कॉलेज से निकल न दे......)

लिमा एक गरीब घर की थी ,जिसके डैड नहीं the...aur माँ लोगो क घरो में बर्तन साफ़ करके घर चलती thi...woh एक ब्रिलियंट स्टूडेंट थी .....लेकिन कुछ गलत सांगत में ड्रग्स की आदि हो गयी थी.....

में - देखो लिमा में कोई सर वर नहीं hu......abhi क्लास क लिए लेट हो रहा hai......half टाइम में कैंटीन में बात करेंगे......

रिम्पी ने मुज़हे घर कर देखा....

उफ़ यह लड़किया भी हर समय शक hi

लिमा चली गयी और हम क्लास में चले gaye........jab में अंदर गया..

तोह बहुत काम स्टूडेंट्स आये थे...

रिंकू और संकु ने गले लगाया बाकी जो और स्टूडेंट्स थर सबने हालचाल pucha......aur कुछ लड़किया तोह ऐसे घर घर कर देख रही thi.....jaise नज़रो से hi मुज़हे घायल करना चाहती ho.......aur उन सब को देखकर रिम्पी का चेहरा गुस्से से लाल होने लगा...

फिर क्लास शुरू hui.....jo भी प्रोफेसर aate......woh मेरा हालचाल पूछते फिर क्लास शुरू karte........Shayad टीवी पर न्यूज़ में सबने मेरे जख्मी होने की न्यूज़ देखि......

ऐसे hi क्लासेज ख़तम हुई और हाफ टाइम hua.....aur में चल पड़ा रिम्पी ..रिंकू और Sanku....ke साथ कैंटीन

कैंटीन में पहुंचा तोह देखा लिमा वह हमारा इंतजार कर रही थी

एक हाथ से पेट पकड़ा हुआ tha.......usski आँखों से लग रहा था क वह दर्द में हो .....

हमने अपना आर्डर दिया और टेबल पर बैठ gaye......Rinku और संकु ..काउंटर पर चले गए....

में - क्या बात है लिमा ..कुछ परेशां लग रही ho.....usske मंद को मुज़हे पता तोह था लेकिन में उसस्के मुँह से सुंनना चाहता था....

देखो लिमा मुज़हे पता है तुम ड्रग्स लेती thi....ab पूरी बात बताओ ....होसकता है में कुछ मदत कर सकू.....

लिमा की आंखों से आंसू बहने लगे.

में - देखो लिमा तुम एक ब्रिलियंट स्टूडेंट ho....kyu अपनी लाइफ बर्बाद कर रही ho.....agar तुम्हारी माँ को पता चला तोह क्या बीतेगी उननपर...

लिमा - नाहीइ ...माँ को नहीं पता चलना chahiye......muzhse गलती हो गयी ...यहाँ क चकचूड़ ने मुज़हे अंधी बना दिया tha......lekin अब 3 दिन से मैंने कोई ड्रग्स नहीं ली है.....

sorry......main भूल गयी थी की यहाँ क्यों आई हु......

में - कोई बात नहीं लिमा जब जसगो तब savera.....lagta है तुम्हारी तबियत ठीक नहीं है....

लिमा - ड्रग्स न मिलने की वजह से मेरे पेट में बहुत दर्द हो रहा है

में सिर्फ तुमसे बात करना चाहती थी इसीलिए आई......

तब मैंने अपने आज्ञा चक्र की हीलिंग पावर को जागृत किया और लिमा की आंको में देखकर उस्सको हील करने laga.....aur उस्का दर्द ख़तम हुआ...

में - अच्छा कहा दर्द है बताओ ...

लिमा - dard....ab तक तोह था अब पता नहीं कहा चल गया.....

में - यह सब छोड़ो , क्या तुम जानती हो आज कॉलेज में इतने काम स्टूडेंट्स क्यों आये है...

लिमा - वह क्या है न आपने जबसे यहाँ कॉलेज में ड्रग रैकेट का सफाया kiya.....usske बाद ओपनली ड्रग मिलना बंद हो गया.....

जिससे मेरी तरह जो थे वह सभी ड्रग्स न मिलने की वजह से बीमार हो गए

इसीलिए नहीं aaye.......kuch बहार जहा ड्रग्स मिलती है वह होंगे....

में - तुमने ऐसे क्यों कहा ओपनली ड्रग्स मिलना बंद हो गया.....

लिमा - बस इतना hi बता सकती hu....ki अभी भी बहुत महंगे रेट पर यहाँ चुपके से ड्रग्स मिल रही है.....

जब मैंने फिर उसस्के मं में ज़हानकर देखा toh......gusse से मेरी आंखें लाल होने लगी.......

तभी में वह से utha....Toh रिम्पी ने मेरा हाथ पकड़ लिया....

रिमी - क्या हुआ अभी कहा जा रहे हो..

में - रिम्पी तुम 10 मं में लिमा और स्टूडेंट्स को लेके प्रिन्सी क ऑफिस पहुंचो....

प्रिन्सी का नाम सुनते hi लिमा क चेहरे पर मैंने एक दर सा देखा......

और में चल पड़ा office....office अंदर से लॉक tha.....maine देखा की कॉरिडोर में कोई नहीं था ..तोह टेलिपोर्ट होकर अंदर पहुंचा....

अंदर ऑफिस में कोई नहीं था......

ऑफिस क साथ अटैच्ड बाथरूम में से कुछ आवाजे आरही रही थी....

अह्ह्ह सससससस उफ़ हां बस ..बेबी थोड़ी देर और अह्ह्ह्ह.....

बस सिररर दर्द हो रहा hai......ahhhhh

और मैंने एक ढके से दूर क अंदर की चिटकनी टूट गयी और दूर ओपन हो गया था अंदर ...एक लड़की और प्रिन्सी...

दोनों पूरी तरह नंगे थे , लड़की आगे की और जहकि thi.....aur प्रिन्सी उसके बालो को पकड़ कर जोर जोर से ढाका मार रहा tha.....jaise hi दूर खुलने की आवाज आयी उसने हड़बड़कर पीछे मुड़कर देखा .....तोह उस्सकी तोह मानो साँसे hi अटक गयी.....


यह सब देखकर तोह दिल किया की अभी इससे यही ख़तम कर दू....

वह हैट gaya.....aur जब लड़की ने मुज़हे dekha....toh जल्दी से टॉवल उठाकर अपने आपको ढकने लगी....

प्रिन्सी दोनों हाथ से अपने नंगे बदन को छुपाने की कोशिस कर रहा था....

दोनों दर क मारे थार थार कांपने लगे थे......

में - ....यह सब क्या hai....tuzhe शर्म नयी आयी ....गुरु क नाम को कलंकित करते hue......uss दिन मैंने तुम्हे जिन्दा छोड़ दिया था यही सब से बड़ी गलती हो गयी थी मुजह्से .....

गुरु अपने स्टूडेंट क लिए गौड़ीआं होता है ....और तू ...चीई ....कहते हुए भी शर्म आती है......

प्रिन्सी - बीटा माफ़ कार्डो मुज़हे....

अब ऐसी गलती नहीं होगी......

लड़की - माफ़ कर दी मुज़हे ....प्लस ..तुम जो चाओ कर लो ...लेकिन किसी को मत बताना ...नहीं तोह में ...मुँह दिखने क ..kabil...nahi ..रहूंगी...

में - चुप कर tu.....Tumahare माँ डैड तुमपर खर्चा कर के तुम्हे यहाँ पड़ने भेजते है और तुम....

ड्रग्स ...k...liye..iss kamine.....k साथ यह सब कर रही ho.......apne कपडे pahno...aur निकालो यहाँ से.......

लड़की ने अपने कपडे पहन liye....aur वह से रट हुए निकलने लगी.....

में - सुनो में किसी को नहीं bataunga......aur यह जो तुम्हारे मैं में सुसडे की बात आरही है उससे निकल do.....apne माँ डैड की तुम अकेली हो ...उनके बारे में भी सोचो ...जाओ..

अब princi..ki taraf......ab क्या करू तुम्हारा ....ऐसे hi नंगे पूरे कॉलेज क सामने बेइज़्ज़त नहीं होना चाहते हो तोह .......अपनी मौत खुद चुन lo......nahi तोह ...तुम मुज़हे जानते ho......pahele तोह पूरे कॉलेज क सामने बेइज़्ज़त karunga....aur फिर तड़पा तड़पकर वह मौत दूंगा की तू मौत क लिए भी तरसे गए .....एंड थे चॉइस इस योर्स........

तुम्हरे पास अभी 5 मं है....

और में वह से बहार आगया....

तोह देखा की बहार वह लड़की रट हुए बैठी hai....ussne मुज़हे बताया की कैसे प्रिन्सी यहाँ ड्रग्स रैकेट चलता tha.....un गुंडों क मरने क बाद इसी ऑफिस से महंगे रेट पर बेचता है.

और जिस लड़की क पास ड्रग क लिए पैसे नहीं होते उनसे वह सेक्स की डिमांड करता hai......isske कनेक्शन उप्पेर तक hai....jo लड़की इसके जाल में फास जाती थी उनको woh.....sexworker की तरह .....उन लोगो क पास जाने को मजबूर कर देता है.....

तभी वह ..रिम्पी ..संकु ..Rinku..Lima और कुछ स्टूडेंट्स आते हुए दिखे.....

रिम्पी - क्या बात है अभी तुमने सबको यहाँ क्यों बुलाया है....

में - कॉलेज में चल रही प्रोब का सलूशन क लिए लिए प्रिन्सी से मिलकर कुछ हाल निकलने क liye....meeting करने का सोचा इसीलिए.....

लेकिन अंदर से ऑफिस बंद है.....

और प्रिन्सी है की दूर खोल नहीं रहे hai.....ander से कुछ आवाजे भी नहीं आरही है.....

मैंने बहुत आवाजे भी दी...

तभी कुछ स्टूडेंट्स ने जोर लगाकर

दरवाजा तोड़ दिया और जैसे hi दरवाजा टुटा तोह अंदर का नज़ारा देख kar...sab की आँखें खुली की खुली रह गई........

अभी क लिए इतना hi....

अगला अपडेट जल्द hi.......
 
अपडेट - 50

अब तक आपने कॉलेज में लिमा का कॉन्फेशन .....प्रिन्सी का रेंज हाथो पकड़ा जाना..

देखा

अब आगे......


जैसे hi ऑफिस का दूर खुला तोह अंदर का नज़ारा देख कर सब शॉक हो गए ....मुज़हे chodka......ander प्रिन्सी का शरीर बेजान फैन से लटक रही था...

सभी स्टूडेंट्स एकदम दर गए .....

तब तक और भी प्रोफेससोर्स आगये...

मैंने डैड को कॉल करके सब बता दिया

और उन्होंने पुलिस को इन्फॉर्म किया.....

और केस को सीक्रेट रखने को कहा

पुलिस आयी और उन्होंने प्रिन्सी की लाश को निचे उतरा .....टेबल पर उन्हें प्रिन्सी का सुसडे नोट मिला जिसमें उस्सने ...अपना गुनाह काबुल किया था...

जब पुलिस ने वह की तलाशी ली वह उन्हें बहुत मात्रा में ड्रग्स मिली ..

मैंने सोचा चलो यह chapter तोह क्लोज हो गया ....लेकिन अभी बहुत कुछ करना था......

कॉलेज में हुए काण्ड की वजह से

जल्दी छुट्टी hi गयी फिर ...में वह से निकलकर रिम्पी को घर पर छोड़ा और घर आगया.......

माँ - अच्छा हुआ बीटा तू आगया.....

अभी सब निकलने hi वाले थे......

में सब से मिला दादा दादी अपने गाओं चले gaye.....aur नाना नानी भी

चाचा जी और दोनों बुआ अपने प्राइवेट जेट से निकल gaye.....Sona तोह मुज़हे छोड़ ने को तैयार hi नहीं thi....lekin मैंने उससे जल्द hi आने का वादा किया

अब घर खली हो गया था......

फिर में बेसमेंट में चला गया

वह कण्ट्रोल रूम क ऑफिस में जाकर डैड से मिला......

डैड - बीटा आज जो कुछ कॉलेज में हुआ ....वह बहुत पहले रोका जा सकता tha.....lekin बहार का काम करते करते मेरा इस और ध्यान hi नहीं गया.....

यह मेरी जिम्मेदारी थी ...लेकिन में hi इससे नहीं संभल पाया....

और यह सब हो gaya......ab बीटा आगे का काम तुम्हे hi dekhna....hai....

समय आगया है अब संघारक की साड़ी जिम्मेदारी तुम सम्भालो...

में - नहीं dad.....aap अपने आपको इस्सके दोषी क्यों समाज रहे हो ...अभी आपके साथ की बहुत जरुरत है....

डैड - वैसे भी तुम ने अपनी वारियर्स की टीम बना राखी है जो बहुत कुछ कर रही है , इस बात का मुज़हे पता है.....

( मैंने अपनी एक टीम बना राखी है जिमें मेरे सेलेक्ट किये हुए फिघ्टर्स थे ...उनकी स्पेशल ट्रेनिंग मोसाद कोमंडोस की तरह करई गयी थी....

कॉलेज में गुंडों का सफाया करने बाद उनको hi मैंने पह करके लाशो को वह से हटाने क लिए जहा था...)

मेरी टीम क कुछ कुछ एजेंट्स रॉ में भी थे......

शलाका - बेस्ट हैकर....& कुन - फु फाइटर...

अर्नाल्ड - 7 फट का रेसलर ...जो एक मुक्के से किसी आम इंसान को ऊपर का टिकट देदे

नीरज - बेस्ट शूटर...

Saahu....Rajni....aur समीर

यह मैं थे ....इनके अंडर में 100 लोग और थे जो अंडरवर्ल्ड की हलचल पर नज़र रक् रहे है......

में - आपके और मेरे इतना अलर्ट रहने पर भी यह ड्रग्स का कारोबार हमारे शहर में चल रहा है

और हम उन् तक पहुँच नहीं paaye...lekin अब मेरी पावर्स मुज़हे मिल गयी hai.....ab बहुत जल्द उनकी मौत उनके सामने होगी......

में - काल .....जैसे hi पुकारा

राकेश मेरे भीतर से प्रगट हुआ...

में - देखो राकेश .....में तुम्हे यह काम सौंप रहा हु .....24 हरष में मुज़हे उन सब की लिस्ट चाहिए जो यह सब कर रहे है.....

इन्हे में अपने हातो से ऐसी मौत dunga..ki अब दुनिया देखेगी...

और राकेश कहल गया....

जीन स्टूडेंट्स को नशे की लत लगी हुई थी उनके लिए रेहाबिलिटिओं सेंटर जगह जगह शुरुवात करने की प्लानिंग की

और फिर लग गया अपने काम में

राकेश पता लगा चूका तह की यह सब इसीलिए नहीं पकड़ा जा रहा था क्युकी ..अंडरवर्ल्ड का कोई भी इस काम को नहीं कर रहा था.......

इस काम को वह लोग कर रहे थे....

जो गुंडे थे जो नेताओ क भेस में छुपे थे......

और इस काम क liye....woh लावारिस बच्चो का इस्तेमाल का इस्तेमाल कर

रहे थे.......

राकेश - इनमें मैं मला सुधाकर..

जिसने आप पर हुम्ला कई थे उस वलिलास का baap...aur विलास क बड़े भाई मैं था....

राकेश - भाई आप कहो तोह मला को hi उठा कर यही पर ले औ...

में - पहले हमे समाज में फैली हुई इस्सकी जड़ो को मिटाना है

फिर हम लगे अप्पने काम पर अगले 4 दिनों तक कॉलेज क जितने भी ड्रग एडिक्ट स्टूडेंट the.....unko ठीक कर दिया गया

कुछ को अपनी हीलिंग पावर से...

और कुछ को रिम्पी की बनायीं हुई स्पेशल मेडिसिन से.....

अब कॉलेज क कचरा साफ़ हो गया था

कॉलेज में एक नया प्रिन्सी अप्पोइंट किया गया ....जो रॉ का सीक्रेट एजेंट भी था.......

आने वाले स्पोर्ट्स फेस्टिवल जो 6 मंथ बाद आने वाला था उसकी तैयारी कॉलेज में जोर शोर से चल रही थी

और यहाँ अभी वारियर टीम को खबर मिली क मला कुछ बहुत बड़ा प्लान कर रहा hai..........Ek तोह अपने बेटे विलास की मौत का बदला वह लेना चाहता था

कही से शक हुआ की विलास की मौत क मटर में कही न कही ऋतू दी का लिंक है.....

क्यों की विलास ने गुंडों को ऋतू दी को कड़नप करने क लिए भेजा था ....

मेरे और सिक्योरिटी गॉर्डस की वजह से वह हुम्ला नाकामयाब रहा.....

लेकिन उनमें से एक भाग गया था ....

उसने इस बात से अंदाजा लगाया क क रवस इतने आसानी से नहीं बैठा होगा ....और उसीने उसस्के बेटे विलास को मरवाया होगा......

अब वह बदले की आग में जल रहा था

में चाहता तोह एक जहटके में अपनी पावर्स से उस्का नामोनिशान मिटा सकता tha.......lekin महागुरु ने सिखाया था की पावर्स का वही इस्तेमाल करो जहा जरुरत हो......

हम रात को उस ठिकाने पर बने...

जो बहार से दिकने में एक साधारण कॉलोनी दिख रही थी........

उस कॉलोनी क साने वाले लेन में नार्मल लोग रह रहे थे ...

और पीछे की दोनों लेन में मला का सीक्रेट अड्डा था....

हर लेन में 20 क्वाटर्स थे......

40 घर निचे क अंडर ग्राउंड गोडाउन से जुड़े हुए थे......

मैंने सकलाका को इशारा किय की चेक करो की यह कोई कक्तव कैमरा है

तोह पता चल कामर्स कुछ कुछ जगह सिर्फ बहार की और लगे हुए है

जहा सब नार्मल लग रहा था....

हुम्ला करने से पहले हमे यह जाना जरुरी था की यहाँ कितने लोग है ...

और क्या क्या हतियार है......

और कैसे हमे यहाँ क लोगो को सेफ करना है.....

जब मुज़हे नहीं सज़ा तोह मैंने ..साहू ..रजनी और समीर जो निंजा थे ..वह का पूरा हाल जाने को भेजा......

अर्नाल्ड - सर और कितनी देर हमे यहाँ ऐसे इंतजार करना होगा सीधा हुम्ला कर देते है और ख़तम करते है सबको.......

में - बस थोड़ी देर और रुक जाओ

कोई 10 मं में वह आये

साहू - अंदर करीब 500 क लगभग गुंडे hai.....aur एक क्वाटर में हमने कुछ 100 क कैरिब बच्चो को भी देखा जो बुरे हाल में है....

वह मॉडर्न वेपन क साथ करीब 20 गॉर्डस है......

कुछ गुंडों की बातो से ऐसा लग रहा था की बहुत बड़ा धमाका करने वाले hai......aur उनकी बातों से यह भी पता चला क कई टन रड़क्स भी वह गोडाउन में है...

साड़ी रिपोर्ट्स जान्ने क बाद....

अब मुज़हे फर्स्ट लेन क लोगो को भी सेफ करना है ....

बच्चो को भी साफल्य बचाना है....

और मला को भी ज़िंदा पकड़ना है ...ताकि ....और कनेक्शन का पता चले.....

अभी क लिए इतना hi ....अगला अपडेट जल्द hi
 
अपडेट - 51

अब तक आपने dekha.....Abhi & टीम मला क सीक्रेट अड्डे तक पहुँच गए है.....

अब आगे.......


इतने सारे लोगो की सेफ्टी और .....क्रिमिनल्स का खत्म दोनों एक साथ

मुश्किल लग रहा था......

अभी की नज़र वह क ट्रांसफार्मर पर पड़ी ..जहा से बिजली कनेक्शन वह सप्लाई हो रहा tha........kuch सोचकर अभी ने वह की पावर लाइन काट दी....

कराओ तरफ अँधेरा हो गया......

और अभी & टीम फुल स्पीड से क्वाटर्स क पीछे पहुँच गए......

तभी किसी की आवाज आयी ...अरे कोई जनरेटर तोह चालू karo...dono जनरेटर रूम वही पीछे की और बना हुआ tha.....tabhi 5 लोग टोर्च लेकर उधर आते दिखाई diya.....woh पांचो जनरेटर रूम पहुंचे hi थे क अभी की टीम ने उनके पीछे जाकर एक hi जहटके में उनकी गार्डन तोड़ दी.....

अर्नाल्ड को छोड़कर उन्होंने उनका यूनिफार्म पहन लिया.....

अभी - शलाका और रजनी तुम दोनों बच्चो वाले कमरे में जाओ और उनको वह से लेकर तुरंत बहार निकलो ....और हां जरा ध्यान से अपनी निंजा टेक्निक्स का इस्तेमाल करना....

अर्नाल्ड तुम 5 मं बाद जनरेटर ों करना और...


मेरा इशारा मिलते hi अंदर आजाना

अब अभी ...neeraj....Sahu ..और समीर

चारो वह क गॉर्डस क यूनिफार्म में अंदर की तरफ गए.....

तभी किसी ने पूछा - क्या हुआ बे अब तक जनरेटर चालू क्यों नहीं हुआ.

अभी - सर वह कुछ वायर्स निकल गयी है बस अभी थोड़ी देर में चालू हो jaayega.....aur जैसे hi विह मुदा अभी ने अपनी स्पीड का इस्तेमाल करके उससे भी लिटा diya.....aur सब अंदर की तरफ चल दिया.....

रात क करीब 12 बज रहे थे और सब befikr......jis घर में वह अंदर गए थे वह सिर्फ 10 लोग थे....

अँधेरे का फायदा उठाकर उन्होंने ुणसब्को ख़तम कर दिया ....तभी जनरेटर भी ों हो गया.....

अभी ने अर्नाल्ड को मश्ग करके उस्सको भी बच्चे वाले घर की और भेज दिया

अर्नाल्ड पीछे क रास्ते ....उस रूम तक pahuncha.......aur खिड़की तक pahuncha......aur ज़हानकर देखा ..

वह तैनात 20 में से 15 को शलाका

और रजनी ऊपर पहुंचा चुकी थी..

लेकिन अभी बच्चे 5 ने दोनों को गन पॉइंट पर ले rakha....tha....

एक - जल्दी से बॉस को इन्फॉर्म करो......

कौन हो टीम दोनों ...बताओ नहीं तोह यही शूट कर देंगे.....

वह अभी कॉल करते की तभी अर्नाल्ड ने अचानक उनपर धावा बोल दिया.....

जिससे वह हड़बड़ा gaye......aur इतना hi समय काफी tha.....isse पहले वह गन चलते उन पांचो का काम हो gaya.......ab अब उन्होंने वह जो बच्चे बंद the...unko चढ़ाया ..अब इतने सारे बच्चो को कैसे बहार निकला जाए.....

यहाँ अभी अपने सातियो क साथ अंदर गोडाउन पहुँच चका था....

वह इतनी मात्रा में वेपन्स और रड़क्स देखा ..... वह कोई 300 लोग अलग साइज के बम बना रहे थे......

उस गोडाउन से सभी 20 घर कनेक्टेड the...inn में से MLA...kis में होगा यह समाज नहीं आरहा था

तभी एक टनल से मला को आता देखा

मला - जल्दी जल्दी हाथ चलो....

कल इस सहर क रवस क सारे कंपनी और घर में एक साथ ब्लास्ट करना है ..नामोनिशा मिटा देना है उस्का

तभी में अपनी स्पीड का इस्तेमाल करते हुए मला क पीछे पहुंचा और उससे गन पॉइंट पर ले लिया....

ऐसे अचानक होने से वह खड़े सब को पहले तोह समझ में नहीं आया...

जब पता चला तोह साड़ी गन्स मेरे तरफ मुद गयी थी.....

मैं - समीर तुम सब को लेकर जल्दी बच्चो को लेकर निकल जाओ...

बाकी में देख लूंगा....

और वह चले गए......

में - बड़ा शौक है न तुज़हे ..यह मौत का खेल खेलने का.......

अब तू देख मौत क्या होती है....

काल ....क तभी राकेश ...शेर मानव क रूप में मेरे भीतर से निकला...

और कुछ hi देर मैं वह चिक पुकार गूंजने लगी किसी का हाथ अलग तोह किसी pair......aur किसी क गार्डन ....

यह नज़ारा देखकर मला थार थार कांपने लगा....

रखेह - तेरा बीटा भी ऐसे hi काँप रहा था मौत से पहले.....

और अब तू bhi......chlo तुज़हे वह hi पहुंचा देता हु......

तभी मला कामिनी हस्सी हस्ते हुए..

अच्छा तोह तू है वह जिसने मेरे बेटे को maara.....apni जेब से रिमोट निकलते hue.....mein तोह मरूंगा hi और मरेंगे यहाँ कैद हुए bacche....tu और तेरे saathi.......aur यहाँ रहने वाला मासूम लोग..... सोच अगर 1000कग रड़क्स जब यहाँ फटेगा तोह यहाँ का क्या होगा ...

इससे पहले की वह रिमोट दबाये उस्का हाथ जमीं पर कटा हुआ तड़प रहा tha......tab तक मुज़हे मश्ग आया की सभी बच्चो को बहार निकल दिया

हाथ काटने से वह बेहोश हो गया ....और मैंने और राकेश ने मिलकर सभी को नरक भेक दिया....

हैब मला की आँखें khuli.....toh उसने अपने आपको एक चेयर पर बंधा देखा

अर्नाल्ड ने इतना टार्चर किया तोह उस्सने सब कुछ उगल दिया.....

तोह पता चला क इसकी जेड उसे और दुबई तक hai.....aur मिनिस्टर्स क कुछ नाम भी सामने ...आये....

हमारे तोतरे से उस्सकी ऐसी हालत हो गयी थी ..की वह मौत की भिक मसँग रहा थे.....

अभी ने अपने सीक्रेट टीम क टॉर्चर रूम में उससे बांधकर रखा था....

मला अपनी अंतिम साँसे ले रहा था.., मौत उसके करीब थी......

यहाँ हर न्यूज़ चैनल ...मला क गम होने की खबर और उसस्के गोडाउन में मिले
वेपन्स और ड्रग्स क बारे में हर न्यूज़ चैनल पर खबर चल रही थी......

बच्चे जहा कही से लाये गए थे उन्हने उन् तक पहुँचए गया.....

मला तोह मोहरा था asli....criminals की जेड तोह कही दुबई और उसे में फ़ैल रही thi...,muzhe कैसे भी करके उन् पहुंचकर उन्हे रोकना था.....

मला को मारा हुआ जानकार , अभी ने उससे घने जंगल ले जाकर छोड़ दिया जहा ..उस्सकी टीम द्वारा मारे गए गुंडों को वह छोड़ता आया था.....

अभी क लिए इतना hi...


अगला अपडेट कल.......
 
अपडेट - 52

अभी तक आपने देखा अभी ने मला क सीक्रेट अड्डे को तबाह कर diya......aur वह से बच्चो को छुड़ाया.....

अब आगे......


अभी ने मला क द्वारा बंदी बनाये बच्चो को उनके घर वापस भेजने का socha......kuch को तोह किडनैप करके लाया गया tha......aur कुछ को उनके अपनों ने गरीबी से तंग आकर बेच दिया tha.....aage चलकर ऐसे बच्चे

समाज की ठोकरों से तंग आकर गलत रास्ता अपना लेते है.....

सिर्फ अपराधियों क नाश से समाज में सुधर नहीं aayega.......apradh की प्रवृति जो पैदा करने वाले कारण को जानकार hi समाज में सुधर ..लाया जा सकता है...

अभी ने अपने डैड को बोलकर......

ऐसे बच्चो क लिए एक संस्था खोली...

जहा उनके रहने से लेकर पढाई तक

की साड़ी सुविधाएं थी......

अब देखते है यहाँ पटल लोक में क्या हो रहा है.......

यहाँ पटल लोक में कलासुर क तप क 18 वर्ष पूरे हो गए थे.......

उसस्के तप स्थान पर अचानक भयंकर आवाजे आने lagi....aur प्रगट hui.....Asuro की कुल देवी.....

देवी निकुम्बाला.......

देवी - उठो पुत्र ....में तुम्हारे इस तप से बहुत प्रसन्ना हु.....

वर मांगो पुत्र.....

कलासुर (कस) - माँ ....आज में बहुत खुश हु की मुज़हे आपके दर्शन हो gaye........Aapse सिर्फ असुरो क उठान क लिए .......वर प्राप्त करना है माँ..

श्रिस्ति क आदिकाल से hi हम असुरो क साथ हमेशा से भेद भाव होता आरहा hai.........hume दबाया जा रहा hai........Jabki हम Bal...vidya ..और

तेज में देवताओ से कुछ काम नहीं है

में यही चाहता हु माँ की अब 14 लोको में हम असुरो का राज ho.....hume हमारा अधिकार mile......aur इस्सके लिए मुज़हे वो शक्ति चाहिए जो हमेशा हमारे काम में बढ़ा उत्पन्न करनेवाले त्रिदेव की उस पुत्र ...

जिससे ब्रह्मांड का रक्षक कहा जाता hai....Abhi......uska नाश कर सके....

देवी - Putra...Jisski तुम बात कर रहे हो वह इस बार पराशक्ति की ऊर्जा और शक्तियों क साथ उत्पन्न हुआ है...

उससे तुम्हे 14 लोको में जो उस्सकी शक्तिया है उससे प्राप्त करने से रोकना hoga.....aur साथ hi साथ उन लोको में से हर महीने की अमवस्या ko.....ek कुवारी कन्या की बलि देनी होगी

और आखरी बलि वह होगी जिससे तुम संसार में सब से ज्यादा प्रेम करते हो.....

इस तररह जब 14 बलिया पूरी हो जायेगी तोह तुम्हे वह महाशक्ति प्राप्त होगी

जिससे सारे 14 लोक तुम्हारे अधिकार में आजाएगे और रक्षक की साड़ी शक्तिया तुम्हे प्राप्त हो जायेगी...

और हो जाएगा उस्का अंत....

और इतना कहकर देवी अंतर्ध्यान हो गयी......

अब कस ने देवी को प्रणाम किया ....और चल पड़ा अपने महल......

अपने महल तक पहुंचते पहुँचते उस्सने देखा .....सारे असुर बस भोग विलास ....और नशे में मस्त हो रहे hai.........asuro को ऐसे कर्महीन और अपने उदेस्य से विमुख देखकर उस्का Krodh....badne लगा.....

जब वह अपनी सभा में पहुंचा

तोह देखा Durmukhasur.....nasshe में dhut....singhasan पर बैठा हुआ hai.....aur असुर sundariya.....usski गोद में नग्न बैठी हुई है....

उससे इस बात का ध्यान hi नहीं था क कस वह आगया है....

कस - (क्रोध से) दुर्मुखासुर......

अपने पिता की आवाज सुनकर वह हड़बड़ा कर utha.....lekin नशे की अधिकता क कारन निचे गिर पड़ा....

कस - क्या इसीलिए में तुम्हारे भरोसे तप करने गया था.......

मैंने सोचा था तुम मेरे योग्य पुत्र हो ...जो .....मेरे उदेस्य को पूर्ण करने क liye.....apni पूरी शक्ति लगा dega.....Lekin तुम तोह राग रंग में इतने मगन हो की असुरो क उत्तहां क मेरे महा उदेस्य को भी भूल गया........

ऐसे पूर्ति क होने से क्या लाभ तुम्हारा मरना hi उचित है....

और कस ने उससे मारने क लिए अपनी तलवार प्रगट hi की थी की....

दुर्मुखासुर दौड़ कर उसस्के पैरो में पद गया....

दसर- क्षमा करे पिताश्री.....

क्षमा kare........maine पूरा प्रयत्न किया था .....आपके उद्देश्य को पूरा करने ka......aur मयासुर को धरती पर भेज दिया tha......hum बहुत हद तक सफल भी हो रहे थे......

लेकिन वही हमारा परम शत्रु बिच में aagaya......usske साथ युद्ध में मयासुर ऐसे घायल हुआ की अब तक अचेत अवस्था में है.....

फिर दसर ने कस को साड़ी बातें विस्तार से batayi.........usske बाद हमने धरती पर बहुत बार असुरो को भेजने का प्रयत्न kiya.......lekin रक्षक क बनाये हुआ कवच क कारण हम सफल नहीं हुए ......और इस वजह से हमारा उत्साह भी जाता रहा.....

परन्तु अब आगये ho.....pitshri अब नए ऊर्जा क साथ हम अपने लक्ष्य की और अग्रसर होंगे......

कस साड़ी बात समाज चूका था.....

फिर वह मस क महल पहुंचा और अपनी शक्तियों से उससे ठीक कर दिया....

मयासुर ने असुर सम्राट को अपने सामने देखकर प्रणाम किया.....

कस - मयासुर .....( अपने तपोबल की शक्ति से अभिमंत्रित भसम उससे देते हुए) यह लो और और हमारे शत्रु द्वारा बंद किये द्वार पर दाल do.....isse वह कवच हैट जाएगा aur.....hamare असुर फिर से धरती और ऊपर क सातो लोक जा सकेंगे.....

मस भी चला gaya.....aur रक्षक द्वारा ताल्लुक से पृथ्वी लोक जाने वाला मार्ग असुरो क लिए खोल दिया था.....

कस ने इस बात की भी हिदायत दी थी क जब तक वह अपने उद्देश्य को पूरा न कर ले ...तब तक गुप्त rahe.....jisse रक्षक को इस बारे में पता न चले.....

अभी क लिए इतना hi.....


अगला अपडेट जल्द hi.....
 
बहुत बहुत धन्यवाद भाई आपके साथ क लिए.....?????

भाई अभी तोह सही एक्शन की शरुवात hi नहीं हुई hai....kahani बहुत लांबी है

अभी 14 लोको में बहुत सी फाइट्स और कई वार असुरो से साम्बा होने वाला hai.....aapki सलाह क लिए बहुत बहुत धन्यवाद.......

में पूरी कोशिश करूँगा....

बस ऐसे hi साथ बनाये रखे...

लेटेस्ट अपडेट 52 पोस्टेड....
 
अपडेट - 53

अब तक आपने देखा.....

कलासुर की तपस्या पूरी हुई

और आसुरी माता ने रक्षक को समाप्त करने का तरीका बताया

अब ागी.....


मयासुर ने अभी क द्वारा बंद किया हुआ असुरो का रास्ता कस की दी हुई बभूति से खोल दिया था......

और वह वापस पृत्वी लोक आगया....

अब चलते है पटल लोक से ऊपर रसातल LOK.....Yaha नागलोक है

रसातल में इस समय ...........

नागराज प्रासना का राज था....

जिनकी पत्नी नागमाता उलूपी thi....jo माँ पारवती की परम भक्त थी..

और इनकी एक सूंदर कन्या थी

नाग राजकुमारी सुलेखा

सुलेखा अपने कक्ष में कोई चित्र बना रही thi......aur जब चित्र बन gaya...toh...

सुलेखा - उफ़ आज फिर वही चित्र बन गया .....कुआँ हो तुम ....में चित्र कुछ और बनाना चाहती hu...aur जब बन जाता hai....toh तुम सामने आजाते हो.......

तभी उसकी sakhi...Vinaya.....

क्या बात है सखी aise...akele किस्से बात कर रही थी......

तभी सुलेखा अपने बनाये चित्र क आगे कड़ी हो गयी.....

विनय - अरे क्या hua...dekhne तोह दो

....फिर चित्र dekhkar....ohho तोह अपने प्रियतम से बाते हो रही है....

hi....hi..hi...

सुलेखा - क्या सखी तुम bhi...mein तोह इससे जानती भी नहीं hu.....na जाने क्यों बार बार इनका चित्र hi बन जाता है

विनय - चिंता क्यों करती हो सखी एक दिन जरूर ऐसा aayega....jis दिन वह स्वयं तेरा वरन करेगा ....

तभी उस्सकी माता की आवाज आयी.....

और उस्सने वह चित्र छुपा दिया...

उलूपी - सुलेखा beta.....mein और तुम्हारे पिता तुम से किसी बात पर चर्चा करना कहते है...

सुलेखा - ने अपने माँ क चरण स्पर्श kiye...toh माँ ने गले लगा लिया .....क्या माता श्री ऐसी क्या महत्त्व पूर्ण बात हमसे करनी है जिसकी पूर्व suchna..aapko हमे देना पद रहा है.....

उलूपी - बैठो पुत्री अभी तुम्हारे पिता आते hi होंगे.....

तभी नागराज प्रस्सना ( नप ) अंदर आते hue....beta यह बात तुम्हारे जीवन क साथ साथ संपूर्ण नागलोक से जुडी है.....

नागराज को देख कर सखी चली गयी..

सुलेकहा ने अपने पिता क चरण छुए

और नप ने सुर पर हाथ फेरते हुए ...

आओ बीटा बैठकर बात करते है....

नप - देखो पुत्री तुम अब बड़ी हो गयी ho.....tum हमारी एक hi संतान हो...

हमारे बाद इस लोक की साड़ी जिम्मेदारी तुमपर hi...hai....

इसीलिए बहुत विचार करने क बाद हमने तुम्हारा विवाह लड़ने का सोचा

हमारे राज्य क परम प्रतापी शूरवीर सेनापति विशांक - ने आपसे विवाह करने का प्रस्ताव रखा है ..

उनसे अच्छा हमे इस पूरे नागलोक में और कोई नहीं दिखा तोह हमने उनके हां कर दिया है....

अनपे पिता की बात सुनकर सुलेकगा क ऊपर तोह जैसे वज्रपात हो गया....

और तोह हैसे जड़ सी हो गयी.....

माता - क्या हुआ पुत्री ...कुछ तोह बोलो..

और कंधो पर हाथ रखा तोह ....

अपनी माता को अपने समीप देखकर गले लग कर रोने लगी.....

अचानक अपनी हस्ते हर बेटी को यु रट हुए देखकर दोनों बहुत परेशां हो गए....

उलूपी - क्या हुआ पुत्री कुछ तोह बोलो..

हम तुम्हारे लिए ख़ुशी का सन्देश लाये और तुम ऐसे रो रही हो...

सुलेखा - माँ ने यह विवाह नहीं कर सकती हु....

नप - आखिर क्यों पुत्री ....सेनापति पूरे नागलोक में सबसे सूंदर है बलवान hai....kya कमी है उणमें

सुलेखा - में किसी और से प्रेम करती hu....unhe hi मैंने मैं hi मैं पति मान लिया hai......ab में उसस्के सिवा किसी और से विवाह नहीं कर सकती.....

उलूपी - कौन है वह beta...tum तोह कभी इस महल से बहार भी नहीं गयी हो ....कहा मिली उससे ......और तुमने पहले क्यों यह बात नहीं बताई....

सुलेखा - मुज़हे नहीं पता , की वह कौन hai......mein कभी उंनसे मिली भी नहीं हु...

नप - यह क्या व्यंग कर रही ho......jissase कभी मिली नहीं ...देखा नहीं ...उससे अपना पति मान लिया...

तब सुलेखा ने अपने बनाये हुए सारे चित्र dikhaye.....aur साड़ी बात बताई......

जैसे hi नप ने चित्र देखा.....

नप - महारक्षक Abhi......Nahi यह ंशी हो sakta....yeh तोह महारक्षक का चित्र है परन्तु हज़ारो वर्ष से इन्हे किसी ने नहीं देखा है ....और इनसे तुम्हारा विवाह......

तभी सेनापति विशांक वह आते हुए

प्रणाम महाराज........

नप - आओ पुत्र Vishank.....Tum सेनापति से पूर्व हमारे पुत्र क सामान ho.....tumahare पिता मेरे परम मित्र थे.....

विशांक - महाराज यदि आप मुज़हे अपने ोुत्र क सैमसन मानते हो तोह

मेरा एक आग्रह है .....आप राजकुमारी को हमसे विवाह करने क लिए .....बाध्य नहीं करोगे.....

महाराज राजकुमारी सुलेखा मेरी मित्र hai.....aur उनकी प्रसनता hi मेरी प्रसन्नता है......

सुलेखा - धन्यवाद मित्र....

नप - ठीक है पुत्री में तुम्हे एक वर्ष का समय देता हु .....

इतना कहकर वह से सभी चले गए

विशांक वह से चलकर एक गुफा में gaya......jaha एक बड़े से काले पत्थर क आगे एक अग्नि कुंड प्रज्वलित था....

वह वह आसान पर बैठ गया....

उसने अपने दाहिने हाथ के अंगूठे को वह पड़े क़तर से चीरा लगाया और खून की कुछ बुँदे उस अग्नि में दाल दी ....अग्नि और भड़क गयी....

और उस कुंड में मास्स की आहुति देने laga.......uss समय उस्सकी आंखें पूरी तरह लाल थी.....

अब देखते है अभी क्या कर रहा है

इस समय कॉलेज में स्पोर्ट्स फेस्टिवल क लिए स्पोर्ट्स की प्रैक्टिस जोरो से शुरू थी......

अभी - आल राउंडर.....

रिम्पी - टेनिस और चैस टीम लीड कर रही थी......

लिमा - रनिंग एंड स्विमिंग

संकुश और रिन्कुश - एथेलेटिक्स...

उसस्के लिए कॉलेज क पट सर शूरसिंघ

सब स्टूडेंट्स से कड़ी म्हणत करा रहे थे...

रिम्पी - हफ्ते हुए ...हा बस्स्स अब और नहीं दौड़ सकती अभी ....प्लस अब कल

अभी - ऐसे कैसे चलेगा रिम्पी टेनिस क लिए तुम्हे अपना स्टैमिना और बढ़ाना है.....

तभी संकु और रिंकू ....दोनों ग्राउंड

का चक्कर लगा कर हफ्ते हुए ....

ba.....s भाई अब क्या बच्चे की जान lega......sir ..तोह चले गए अब हमे भी जाने दे......

अभी ने सबको थका हुआ जानकार ....

छुट्टी दे दी.....

अब कॉलेज क बाद रिम्पी को साथ लेके निकल गया.......

रिम्पी - शोना , अभी मेरा घर जाने को मूड नहीं है ,

अभी - तोह , चलो फिर से प्रैक्टिस शुरू करते है....

रिम्पी - हाय रे मेरा अनादि सय्यिन्यै

न जाने दिल की बात ..

अभी - अच्छा ji......aaj स्वीटू बड़ी रोमांटिक हो रही है.......

अब तोह तुम्हे दिखाना hi होगा की हम अनादि नहीं खिलाडी है......

और दोनों कहल पड़े उसी जगह जहा स्कूल टाइम में ाभो आउटिंग में आया tha.....aur भेडियो से सामना हुआ था......

वह पहुँचते hi......dono वह क सूंदर नज़ारे में खो gaye.....water फॉल को देखते देखते दोनों वही किनारे पानी में अपने पाऊँ डेल बैठ गए....

अभी - स्वीटू.....

रिम्पी - हम्म्म्म

अभी - जरा इधर देखना...

और रिम्पी का चेहरा अपनी और घूमते hue......usski आंखों में देखने लगता है

रिम्पी - ऐसे मत देखो न जान.....

तुम्हारी यह आँखें ....में कही डूब न जाओ......

अभी - दुब तोह में गया हु ...तुम्हारे प्यार की गहराई में , जितना उतरता जाता हु उतना hi और गहरा पाटा हु .....

रिम्पी को अभी की बातो में छुपे प्यार को देखकर उससे लिपट गयी

( अब अभी की जुबानी)

मैंने कसकर रिम्पी को गले लगा लिया

जहरने की आवाज और रिम्पी क साँसों की आवाज मेरे अंदर एक संगीत सा पैदा कर रही थी....

उसस्के वह गुलाबी अमृत रास से भरे थरथराते होठ जैसे मुज़हे निमत्रण दे रहे the......usske गालो को चुटी लत को अपनी ऊँगली से उसस्के कसं क पीछे lagakar.....meine उससे ....नरम नरम कालीन क जैसे घास पर लिटा diya....aur उसके ऊपर आकर ..अपने होंठ उस्सको होंटो से मिला दिए

जैसे hi हमारे होंठ मिले रिम्पी की बाहें मेरे पीठ पर कास गयी ....और हम एक दूसरे क होंठो को बस चूसने lage........hamare बदन एक दूसरे से ऐसे चिपके थे क बिच से हवा भी न जाए.....

अब मेरे हाथ उसस्के स्तनों तक पहुँच gaye.....aur मैंने थम लिया

हम दोनों की धड़कन एक दम तेज़ हो gayi......aur मैंने धीरे से उसस्के एक स्तन को दबा दिया......

रिम्पी - ससससष्ठ ...अह्ह्ह्ह जान..

यह कैसा अहसास है .....मत करो न

नहीं तोह में पागल न हो जाओ...

अब में उस्सको चूमते हुए गार्डन तक आगया ....आउट बेतहाशा चूमने लगा

रिम्पी - अह्ह्ह्ह ...kya...k.....kkkkar .

rrrrahe...uffff.....ab में दूसरा स्तन भी दबाने laga......Rimpy किसी जल बिन मछली की तरह तड़पने लगी

में - उफ़ स्वीटू तुम्हारी यह सिसकियाँ मुज़हे और पागल बना रही है ......अब में कपड़ो क ऊपर से hi उसस्के स्तनों को चूमने लगा.....

रिम्पी - अह्ह्ह्ह ...उफ्फ्फ्फ़ ab..bas..karo.

na...babu....

अब मेरा छोटू अकड़ कर बड़ा हो गया tha.....aur मुज़हे बड़ा hi तकलीफ दे रहा tha.......mein ोहिर से उसस्के ऊपर aagaya.....aur रिम्पी क होतो को अपने होंठो में लेकर चूसने लगा

मेरा लिंग कपड़ो क ऊपर से रिम्पी क प्रेम द्वार पर रगड़ रहा tha.....hamare शरीर से पीले रंग की ऊर्जा निकल रही थी......

हम दोनों hi प्रेम और वासना क मिलान में दुब रहे the....k तभी....

मेरे लॉकेट से आवाज आयी जो सिर्फ मैं hi सुन सकता था......

रुक जाओ जणू .....यदि तुम नहीं रुके तोह अब तक कस तुम्हारा सारा संघर्ष व्यर्थ हो jaayega......bina विवाह क यदि तुम्हारा मिलान हुआ तोह

तुम्हारी शक्तिया चली जायेगी.....

और बुराई की जीत हो जायेगी.....

मुज़हे सपना उद्देश्य याद अलगाया और में संभल गया ...और रिम्पी क ऊपर से हाट गया...

रिम्पी - क्या हुआ जान

में - नहीं रिम्पी ...विवाह क बिना इससे आगे हम नहीं बढ़ सकते ...यह गलत होगा.....

रिम्पी - shona.....tum ठीक काज रहे हो

आज मुज़हे अपने बाबू पर गर्व है क

तुम चाहते तोह असज कुछ भी कर सकते the...lekin तुमने हमे बहने से रोका

लव यू माय शोना....

में - लव यू तू माय स्वीटू....

फिर हमने अपने कपडे सही किया और निकलने hi वाले tha.....k....talab क एक किनारे हमे कुछ अलग सा दिखा ....

जब हम दोनों वह गए तोह एक बहुत hi सूंदर ...जैसे दूध में मिले हुए केसर क जैसी rangat.....gulabi होंठ

जख्मी हालत में वह पड़ी थी जिस्डका आधा शरीर पानी में और आधा बहार.....

अभी क लिए इतना hi......


अगला अपडेट कल......
 
अपडेट - 54

अब तक आपने देखा .........

रसातल में स्थित नागलोक..

की राजकुमारी किसी को अपना पति मान चुकी है.....

और यहाँ रिम्पी क साथ प्यार क कुछ pal.....bitane जहा अभी गया tha......waha तालाब क किनारे एक लड़की घ्याल और बेहोश अवस्था में मिली..,..

अब आगे.......


अभी ने उस लड़की को पानी से बहार निकल diya......dono उस्सको उठाने की कोशिश करने लगे.....

रिम्पी ...ने उस्सको पल्स चेक करते हुए-- .....अभी हमे जल्दी से इससे हॉस्पिटल ले जाना hoga......iiski पल्स बहुत धीरे धीरे चल रही है.....

अभी ने अपनी उससे हील करने की कोशिश की लेकिन सब बेकार........

सोचने लगा की इस्सके ऊपर मेरी हीलिंग पावर क्यों इस्तेमाल नहीं कर रही......

आखिर यह है kaun.......iss जख्मी और बेहोशी की हालत में भी इस्सके चेहरे का तेज़ आम इंसानो से अलग है..

अभी ने उससे गोदी में उठाकर हॉस्पिटल ले gaya......aur एडमिट करा diya......doctors क बहुत कोशिश क बाद भी उस लड़की क हालत में कोई सुधर नहीं आरहा था......

उस लड़की को देखकर जाने क्यों ...अभी क दिल में एक दर्द सा हो रहा था.....

अभी ने उसस्के मैं में भी जहाँकने की कोशिश की लेकिन कोई आवरण उससे ऐसा करने से रोक रही थी.........

इस सब में बहुत देर हो गयी थी....

रिम्पी को घर chodkar.....Abhi अपने घर आगया......

और अपने hi खयालो में खोये हुए

अपने रूम की और जारहा था

तभी माँ की आवाज आयी.....

माँ - betu....aaj बहुत देर कर दी...

और क्या हुआ ...कुछ परेशां सा लग रहा है......

में - कुछ नहीं माँ बस ...थोड़ा थक गया hu.....woh स्पोर्ट्स फेस्टिवल की तैयारी चल ताहि है......

माँ - देख बेतु .....tu...muzhe .ज़हूत भी नहीं बोल sakta......teri आंखें कुछ और कह रही है.....

और माँ ने मेरे सर पर हाथ फेरे

ममता का वह स्पर्श मेरे सर पर होते hi मेरी आँखों से आंसू बह nikale......aur माँ ने मुज़हे गले लगा लिया......

में - पता नहीं maa...aaj मुज़हे ऐसे लग रहा hai.....koi मेरा अपना दर्द में मुज़हे पुकार रहा hai....muzhse दूर जा रहा hai......lekin इतनी पावर्स होते हुए bhi.....na तोह में उस आवाज तक पहुँच पा रहा हु ......aur....jaan पा रहा हु की वह कौन है.........

माँ - बेतु एक बात ध्यान रखना ...की तेरा जन्म एक बहुत बड़े उद्देश्य क लिए हुआ hai.....tu ऐसा कमजोर नहीं पद sakta........Tridev तेरे साथ कुछ अनर्थ नहीं होने देंगे......

माँ की बाते सुनकर मेरे दिल को कुछ आराम मिला......

और में ाद्दु क रूम की और चल पड़ा .......जब में अंदर गया तोह ाद्दु और दीपू दोनों एक साथ पढ़ रहे थे.......

में - ारे वह ...लगता है खूब जमकर पड़े हो रही है.......

मेरी आवाज सुनकर दोनों दौड़ कर आये और मुज़हे गले लगा लिया....

ाद्दु - भाई आज आप कहा the......mein पता है आपका कितना वेट कर रही थी...

में - वेट .....और वह क्यों बेतु.....

ाद्दु - कितने दिन से आप हमे बहार नहीं ले gaye......chalo न भाई bahar...chalte है ........फिर हम आइस क्रीम भी खाएंगे......

में - गुड़िया हम आइसक्रीम तोह यहाँ घर में भी खा सकते है.......

ाद्दु - नहीं ...मुज़हे ...जाना है मतलब jaane........aur मुँह फुलाए कड़ी हो गयी.....

में - अरे gudiya....thik ..है ..ok done.....lekin ....ऋतू दी को आने दो ..

उन्हें भी साथ ले जाएंगे...........

ाद्दु खुसी से उछाल कर गले लगी और मेरे गाल पर एक किश कर दी......

दीपू - बही मुज़हे भी ले जाओगे.....

में - क्यों नहीं chottu.....tu भी तोह मेरा भाई hai.....aise क्यों बोल रहा है

फिर में अपने रूम में आगया और फ्रेश होकर ...बीएड पर बैठे बैठे आज हुई बातों क बारे में सोचने लगा......

ाद्दु से मिलकर अब मुज़हे हल्का महसूस हो रहा tha......aisa हमेशा होता tha......k जब भी मैं परेशां hota......toh उससे बात करके मेरी साड़ी परेशानी और दर्द दूर हो जाती

तभी महागुरु ने जो बात ाद्दु क बारे में batayi....ki वह प्राणशक्ति की धारक hai......toh मुज़हे एक आशा की किरण नज़र आयी........

लेकिन इस्सके लिए मुज़हे ाद्दु को वह लेजाना होगा......

यह सब सोचते सोचते मेरी आँख लग gayi......aur दूर पर हो रहे Knock....knock...ki आवाज क साथ खुल गयी.....

मैंने दूर खोला तोह देखा ऋतू दी थी

दी - यह क्या है बेतु ....ाद्दु तोह बोल रही thi...ki.....aaj ...तुमने बहार घूमने का प्लान बनाया hai...tum हो की सोरहे ho........Addu...Deepu..toh कब से तैयार होकर बैठे है......

में भी तैयार hogayi.......ti भी जल्दी रेडी होकर निचे हॉल में आजा .....

और दी चली gayi.......mein भी तैयार होकर निचे chala...gaya......humne...pahle पार्क जाने का socha.........aur हम निकल गए...

अभी थोड़ी hi दूर घर से हमारी गाडी ..निकली hi thi.....ek बुद्धा से भिकारी गाडी क आगे aagaye......Car को ब्रेक लगते लगते गाडी थोड़ी उससे टच हो hi gsyi....aur वह सामने सड़क पर गिर gaya.........mein turant.....car से निकल ....और उससे संभाले लगा...

में - अरे baba....kahi चोट तोह नहीं aayi......yeh ड्राइवर भी न .....देख कर नहीं चला सकते....

बुड्ढा - बीटा उससे मत daanto......meri hi गलती hai.....ek तोह बुढ़ापे क कारण मुज़हे दिखाई नहीं deta.....aur में बिना इधर उधर देखा सीधा सड़क पार कर रहा था

में - कहा जाना है बाबा चलो हम तुम्हे छोड़ देते है.....

बुड्ढा - बीटा तुम क्यों तकलीफ लेते ho....mein जहा रहता hu...waha तुम्हारी गाडी नहीं का सकती.....

तुम बस मुज़हे सड़क ..पार करवा दो

फिर मैंने उससे सड़क पार कराइ

और वापस गाड़ी में आगया.....

(वह बुद्धा जाने क्यों गाडी की तरफ देखकर मुस्कुरा रहा tha....usske आँखों में अलग hi चमक थी)

में भी यहाँ सोच रहा था की कही तोह इस बाबा को मैंने देखा था ...लेकिन ..kuch...yaad nahi...aaraha....

फिर हम पार्क pahunche......uss पार्क क एक कोने में बच्चो क खेलने क लिए बहुत कुछ tha.......waha और भी बच्चे ......ाद्दु और दीपू वह खेलने में मगन hi गए......

में और ऋतू दी वह बैठे कुछ कॉलेज की तोह कुछ बिज़नेस की ..तोह कुछ मातृ सदन (अनाथ आश्रम )

की बातें कर रहे थे..........

तभी मेरा ध्यान ाद्दु की तरफ गया

जो ज़हादियो में न जाने क्या देख

रही thi.....bina हिले dule.....Deepu उससे आवाज दे रहा था लेकिन वह सुन hi नहीं रही thi.......tabhi में वह गया तोह dekha......ek काला बड़ा सा

लगभग 20 फट लम्बा नाग था......

आड़ू उसकी आँखों में देखकर बिलकुल स्तब्ध सी कड़ी थी......

मुज़हे देख कर वह नाग वह से चला गया ....और ाद्दु को होश आया

ाद्दु मुज़हे देखकर ....गले लग गयी

भाआई वुह saaap...bahut बड़ा

में - कहा है सांप आड़ू यहाँ तोह कुछ नहीं hai.......chalo अब बहुत खेलना होगया.......

फिर में वह से एक अच्छे से रेस्टोरेंट पहुंचा......

जाने क्यों ऐसा लग रहा था क कोई हमारा पीछा कर रहा है......

मैंने जान्ने की कोशिश की लेकिन नहीं जान पाया......

सोचा मेरा waham....hoga.......

हम वही एक टेबल पर बैठ गए

और हमने खाने का आर्डर दिया....

खाना बहुत टेस्टी tha......khane क बाद डिजर्ट का आर्डर किय और ाद्दु और दीपू क लिए उनकी फव आइस क्रीम

में - दी जब तक आइस क्रीम आती है...

तब तक में वाश रूम से होकर आता हु.......

जब में वाश रूम से बहार आया ..

तोह देखा कोई अधेड़ उम्र का आदमी

दी और ाद्दु से कुछ बात कर रहा है

जबतक में टेबल पहुंचा वह आदमी चला गया था......

अभी टेबल तक पहुँचता तभी किसी का कॉल आगया .....में - hello


उधर से - कैसे हो मेरे प्यारे दुश्मन.......

में - कुआँ हो तुम ....और तुम्हे यह न कहा से मिला......

वह - में कौन हु वह छोड़ो......

बड़े रक्षक बनते हो ......पहले अपने बहन की रक्षा तोह कर लो.....

जब में टेबल की तरफ देखा तोह ..दी और ाद्दु वह नहीं thi.......idhar उधर देखा toh.....woh रेस्टॉरेंट क बहार निकल रही thi.......mein तेज़ी से उन तक pahuncha......tab तक वह सड़क पर पहुँच चुकी तिह तभी एक ट्रक फुल स्पीड में उस और आता दिखाई दी

में - diiiiii...Addu....lekin वह कुछ सुन hi नहीं रही thi.......Truck उन्हें कुचलने hi वाला था क......

आज क लिए इतना hi.......

अगला अपडेट जल्द hi......
 
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