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- Dec 5, 2013
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अपडेट - 46
अब तक आपने देखा की कैसे अभी ने रिम्पी को बचाया
अब आगे.....
फिर में अपने रूम में आकर रेडी हुआ .......डीडू hi मेरे हर बर्थडे पर मेरे लिए कपडे सेलेक्ट करती थी.....
फिर हम सब शिव मंदिर पहुंचे...
मंदिर पर भी तैयारियां जोर शोर से चल रही thi.....ek और यज्ञ शाला थी
तोह एक और भादर घर (किचन) जहा भंडारे का प्रसाद तैयार हो रहा था.
मंदिर क चारो और गोपुरम ( पत्थर की प्राचीन कलाकारी से बने द्वार)
यह शिव मंदिर हमारे पूर्वजो ने बनाया था ....जो दक्षिण भारतीय शिल्पकला का अद्भुत नमूना था...
और मंदिर पर विशाल स्वर्ण कलश
उस्सकी शोभा बड़ा रहा था...
और भीतर गर्भगृह में विशाल शिवलिंग.......
पुजारी जी ने मेरे हाथो भगवन का रुद्राभिषेक कराया....
फिर हम यज्ञ शाला क और बड़े hi थे कोई मुजह्से takarai.......woh गिरने hi वाली थी क मैंने उससे पकड़ लिया....
मेरा ध्यान माँ की तरफ था ...वह मुज़हे कुछ बता रही थी ज यह टक्कर हो गयी....
माँ - betu...dhyan से....
और मेरे कानो में उस लड़की की धीमी सी सुरीली आवाज आयी ....
जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाये मेरे जानू...
जब मैंने उसस्के तरफ देखा ...तोह शॉक रह gaya.....Yeh तोह शालू थी..
हम जल्दी से संभल गए ....
माँ और डैड शालू को पहचानते थे
शालू ने आगे बढ़कर डैड क पाऊँ छुए ...डैड जीते रहो बच्चे...
कैसे हो ........
शालू - ठीक हु अंकल.....
डैड - बीटा आज तोह तुम्हारा भी जन्मदिन hai.....Bahut बहुत शुभकामनाये beti.....Chalo तुम भी अभी क साथ हवन में बैठो..
अब शालू भी हमारे साथ हवन में बैठ gayi........mein बार बार उससे hi देख रहा tha......Mom और डैड मुज़हे देखकर जाने क्यों मुस्कुरा रहे थे.....
ऋतू दी ...aadu....bhi उससे hi देख रहे थे और पचंने की कोशिश का रहे थे .....
खैर हवन समाप्त हुआ और भंडारा शुरू हुआ .......भंडारे में आये हुए सभी लोगो को भोजन करने में हमारी पूरी फॅमिली लग गयी .....
भंडारे क बाद हम गरीबो को कपडे और पैसे बांटने लगे......
तभी लाइन में खड़े एक 10 साल क लड़के की तरफ मेरा ध्यान गया....
जो दिखने में बहुत मासूम था
और श्री पर फाटे पुराने कपडे......
उसकी उदास आंखों से ..उस क दिल का दर्द छलकता tha......muzhe वह असंखें कुछ जानी पहचानी सी लगी
तोह में उसस्के मंद में जहाँककर उस्का पास्ट पता करने की कोशिश करने laga.........aur जब पता चला
तोह बहुत दुःख हुआ .........वह दीपू था पप्पू भाई का ladka......jisne ने मयासुर क फैलाये हुए ड्रग्स क विनाश को रोकने क लिए हमारी बहुत मदत की
थी .......
उसस्के मंद में जहाँककर मुज़हे यह भी दिखा क कैसे ुसदकए सामने hi
मयासुर क लोगो ने पापु भाई की हत्या की थी......
कभी कभी हम आपने कास्मो में ऐसे ुलाज़ जाते है ....की मुश्किल वख्त में हमारे साथ खड़े रहने वालो की सुध hi बहुलजाते है
वही यहाँ हुआ था.....
में तोह सब कुछ भूल गया था लेकिन डैड......
मैंने उससे आवाज lagayi......Deepu..
वह अपनी hi सोच में गम था....
फिर में उसस्के पास जाकर उसके कंधे पर हाथ रखकर उससे पुकारा , तोह उसने मेरी तरफ देखा.....
मुज़हे पहचान ने की कोशिश करने laga.....jaha उससे सब गाली दे देकर बुलाते थे ...वह कौन है जो उससे नाम से पुकार रहा है..
दीपू - sahab....kya आप मुज़हे जानते ho.......maine कुछ नहीं किया sahab.......mein तोह बस यहाँ खाना खाने आया था ...लेकिन वह भी मुज़हे नहीं mila.......mandir क एक कर्मचारी की तरफ इशारा करते hue......uss अंकल ने धक्का देकर भगा दिया था........
मैंने उससे इशारे से बुलाया....
ऐसा करते हो तुम मंदिर में रहते हो और इस मासूम क साथ ऐसा सुलूक करते हो
वह - साब इस्सके कपडे बहुत गंदे और फाटे हुए थे ....और जिसने कितने दिनों से नहाया भी nahi...isiliye...
में - दीपू बीटा ...में तुम्हारा अभी भैया hu......yaad है कई साल पहले ....
मेरा नाम सुनकर वह मेरे गले लग गया और उस्का दर्द आंसूनो क साथ बहार आने लगा.....
ाद्दु ऋतू दी और माँ डैड भी तब तक पास आज्ञाएं और उनकी भी आंखें नाम हो गयी.....
डैड को भी अपनी गलती का अहसास हो गया
जिस पप्पू भाई ने लाखो लोगो की जान बचने में मदत की थी आज उनका
बीटा ....उनकी ..भूल क वजह से दर ...दर ...की ठोकरे खाने पर मजबूर हो गया है....
ऋतू दी दीपू को खाना खिलने और तैयार करने अपने साथ ले गयी...
और जब दीपू दी क साथ वापस आया तोह बिलकुल बदल चका था ..बिलकुल नन्हा राजकुमार लग रहा था......
मंदिर का कार्यक्रम निपटाकर हम शाम को घर पहुंचे ....
तब तक इवेंट मॅनॅग्मेंट क लोगो ने घर को खूब सजा दिया था...
पार्टी का ारंगमेंट बहार लॉन में किया गया tha......jo कुछ ऐसे सजाया हुआ था
सजावट देखते देखते में अपने रूम में पहुंचा......
अभी शालू क बारे में सोच रहा था
की कितने दिन बाद मिली और ढंग से मुलाकात भी नहीं हुई
तभी उसस्के सामने अचानक गक प्रगट हुआ......
ऐसे अचानक किसी को सामने देखकर में थोड़ा हड़बड़ा गया था....
में - क्या मित्र तुम ने तोह मुज़हे डरा hi दिया था......
गक - ha...ha...ha... कप और हमसे दर गए ....
जन्मदिन की बहुत बहुत शुह्कमनाये मित्र
में - बड़े दिन बाद तुम्हे देखा अच्छा laga....Shivali क्सिसि है....
उस्सने कोई सन्देश नहीं भेजा.....
गक - Sandesh......woh तोह तुम्हे मिल hi जाएगा रात ko....jara सावधान रहना mitra.....mein अब चलता हु मिलते है आज रात को .....
और वह चला गया....
में सोचने लगा की किस्से सावधान रहना है और kyu......aakhir यह क्या कहकर गया........
चलो अब तोह रात को hi पता चलेगा
रिम्पी भी अपने डैड क साथ आगयी थी और एक रूम में रात की पार्टी क लिए ब्यूटिशियन क साथ तैयार होने चल दी
मैं भी तैयार हुआ ...और राकेश को याद kiya......aur राकेश मेरे सामने.......
में - क्या बात है दोस्त आज तोह तुमने मुज़हे विश भी नहीं किया..
राकेश - में तोह आपके भीतर अस्प्के hi साथ tha...jab से आप क दोनों रूप एक हुए ......
में - यार तू मेरे साथ hi रहो...
अकेले पार्टी में ऐसे जाना कुछ अजीब लग रहा hai.......tum दोस्त बनकर मेरे साथ hi चलो
और में राकेश क साथ रूम क बहार निकला hi था क.......
अभी क लिए इतना hi...
अगला अपडेट जल्द hi.....
अब तक आपने देखा की कैसे अभी ने रिम्पी को बचाया
अब आगे.....
फिर में अपने रूम में आकर रेडी हुआ .......डीडू hi मेरे हर बर्थडे पर मेरे लिए कपडे सेलेक्ट करती थी.....
फिर हम सब शिव मंदिर पहुंचे...
मंदिर पर भी तैयारियां जोर शोर से चल रही thi.....ek और यज्ञ शाला थी
तोह एक और भादर घर (किचन) जहा भंडारे का प्रसाद तैयार हो रहा था.
मंदिर क चारो और गोपुरम ( पत्थर की प्राचीन कलाकारी से बने द्वार)
यह शिव मंदिर हमारे पूर्वजो ने बनाया था ....जो दक्षिण भारतीय शिल्पकला का अद्भुत नमूना था...
और मंदिर पर विशाल स्वर्ण कलश
उस्सकी शोभा बड़ा रहा था...
और भीतर गर्भगृह में विशाल शिवलिंग.......
पुजारी जी ने मेरे हाथो भगवन का रुद्राभिषेक कराया....
फिर हम यज्ञ शाला क और बड़े hi थे कोई मुजह्से takarai.......woh गिरने hi वाली थी क मैंने उससे पकड़ लिया....
मेरा ध्यान माँ की तरफ था ...वह मुज़हे कुछ बता रही थी ज यह टक्कर हो गयी....
माँ - betu...dhyan से....
और मेरे कानो में उस लड़की की धीमी सी सुरीली आवाज आयी ....
जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाये मेरे जानू...
जब मैंने उसस्के तरफ देखा ...तोह शॉक रह gaya.....Yeh तोह शालू थी..
हम जल्दी से संभल गए ....
माँ और डैड शालू को पहचानते थे
शालू ने आगे बढ़कर डैड क पाऊँ छुए ...डैड जीते रहो बच्चे...
कैसे हो ........
शालू - ठीक हु अंकल.....
डैड - बीटा आज तोह तुम्हारा भी जन्मदिन hai.....Bahut बहुत शुभकामनाये beti.....Chalo तुम भी अभी क साथ हवन में बैठो..
अब शालू भी हमारे साथ हवन में बैठ gayi........mein बार बार उससे hi देख रहा tha......Mom और डैड मुज़हे देखकर जाने क्यों मुस्कुरा रहे थे.....
ऋतू दी ...aadu....bhi उससे hi देख रहे थे और पचंने की कोशिश का रहे थे .....
खैर हवन समाप्त हुआ और भंडारा शुरू हुआ .......भंडारे में आये हुए सभी लोगो को भोजन करने में हमारी पूरी फॅमिली लग गयी .....
भंडारे क बाद हम गरीबो को कपडे और पैसे बांटने लगे......
तभी लाइन में खड़े एक 10 साल क लड़के की तरफ मेरा ध्यान गया....
जो दिखने में बहुत मासूम था
और श्री पर फाटे पुराने कपडे......
उसकी उदास आंखों से ..उस क दिल का दर्द छलकता tha......muzhe वह असंखें कुछ जानी पहचानी सी लगी
तोह में उसस्के मंद में जहाँककर उस्का पास्ट पता करने की कोशिश करने laga.........aur जब पता चला
तोह बहुत दुःख हुआ .........वह दीपू था पप्पू भाई का ladka......jisne ने मयासुर क फैलाये हुए ड्रग्स क विनाश को रोकने क लिए हमारी बहुत मदत की
थी .......
उसस्के मंद में जहाँककर मुज़हे यह भी दिखा क कैसे ुसदकए सामने hi
मयासुर क लोगो ने पापु भाई की हत्या की थी......
कभी कभी हम आपने कास्मो में ऐसे ुलाज़ जाते है ....की मुश्किल वख्त में हमारे साथ खड़े रहने वालो की सुध hi बहुलजाते है
वही यहाँ हुआ था.....
में तोह सब कुछ भूल गया था लेकिन डैड......
मैंने उससे आवाज lagayi......Deepu..
वह अपनी hi सोच में गम था....
फिर में उसस्के पास जाकर उसके कंधे पर हाथ रखकर उससे पुकारा , तोह उसने मेरी तरफ देखा.....
मुज़हे पहचान ने की कोशिश करने laga.....jaha उससे सब गाली दे देकर बुलाते थे ...वह कौन है जो उससे नाम से पुकार रहा है..
दीपू - sahab....kya आप मुज़हे जानते ho.......maine कुछ नहीं किया sahab.......mein तोह बस यहाँ खाना खाने आया था ...लेकिन वह भी मुज़हे नहीं mila.......mandir क एक कर्मचारी की तरफ इशारा करते hue......uss अंकल ने धक्का देकर भगा दिया था........
मैंने उससे इशारे से बुलाया....
ऐसा करते हो तुम मंदिर में रहते हो और इस मासूम क साथ ऐसा सुलूक करते हो
वह - साब इस्सके कपडे बहुत गंदे और फाटे हुए थे ....और जिसने कितने दिनों से नहाया भी nahi...isiliye...
में - दीपू बीटा ...में तुम्हारा अभी भैया hu......yaad है कई साल पहले ....
मेरा नाम सुनकर वह मेरे गले लग गया और उस्का दर्द आंसूनो क साथ बहार आने लगा.....
ाद्दु ऋतू दी और माँ डैड भी तब तक पास आज्ञाएं और उनकी भी आंखें नाम हो गयी.....
डैड को भी अपनी गलती का अहसास हो गया
जिस पप्पू भाई ने लाखो लोगो की जान बचने में मदत की थी आज उनका
बीटा ....उनकी ..भूल क वजह से दर ...दर ...की ठोकरे खाने पर मजबूर हो गया है....
ऋतू दी दीपू को खाना खिलने और तैयार करने अपने साथ ले गयी...
और जब दीपू दी क साथ वापस आया तोह बिलकुल बदल चका था ..बिलकुल नन्हा राजकुमार लग रहा था......
मंदिर का कार्यक्रम निपटाकर हम शाम को घर पहुंचे ....
तब तक इवेंट मॅनॅग्मेंट क लोगो ने घर को खूब सजा दिया था...
पार्टी का ारंगमेंट बहार लॉन में किया गया tha......jo कुछ ऐसे सजाया हुआ था
सजावट देखते देखते में अपने रूम में पहुंचा......
अभी शालू क बारे में सोच रहा था
की कितने दिन बाद मिली और ढंग से मुलाकात भी नहीं हुई
तभी उसस्के सामने अचानक गक प्रगट हुआ......
ऐसे अचानक किसी को सामने देखकर में थोड़ा हड़बड़ा गया था....
में - क्या मित्र तुम ने तोह मुज़हे डरा hi दिया था......
गक - ha...ha...ha... कप और हमसे दर गए ....
जन्मदिन की बहुत बहुत शुह्कमनाये मित्र
में - बड़े दिन बाद तुम्हे देखा अच्छा laga....Shivali क्सिसि है....
उस्सने कोई सन्देश नहीं भेजा.....
गक - Sandesh......woh तोह तुम्हे मिल hi जाएगा रात ko....jara सावधान रहना mitra.....mein अब चलता हु मिलते है आज रात को .....
और वह चला गया....
में सोचने लगा की किस्से सावधान रहना है और kyu......aakhir यह क्या कहकर गया........
चलो अब तोह रात को hi पता चलेगा
रिम्पी भी अपने डैड क साथ आगयी थी और एक रूम में रात की पार्टी क लिए ब्यूटिशियन क साथ तैयार होने चल दी
मैं भी तैयार हुआ ...और राकेश को याद kiya......aur राकेश मेरे सामने.......
में - क्या बात है दोस्त आज तोह तुमने मुज़हे विश भी नहीं किया..
राकेश - में तोह आपके भीतर अस्प्के hi साथ tha...jab से आप क दोनों रूप एक हुए ......
में - यार तू मेरे साथ hi रहो...
अकेले पार्टी में ऐसे जाना कुछ अजीब लग रहा hai.......tum दोस्त बनकर मेरे साथ hi चलो
और में राकेश क साथ रूम क बहार निकला hi था क.......
अभी क लिए इतना hi...
अगला अपडेट जल्द hi.....