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- Dec 5, 2013
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साला ये आज मुझे मार hi डालेंगे..
फिर भी खुद को कण्ट्रोल करते हुई नवाज़ बोलै..
हो गया क्या खाना तैयार
तब आरती कहती है..
हाँ हो गया..
आरती ने ऐसे कहते hi नवाज़ आरती के तरफ सीधा चल पड़ता हैं........
आरती जब ये समाज जाती है की नवाज़ उसके की तरफ आ रहा है तब आरती की नज़र नवाज़ के तरफ जाती हैं.. वो उसे देखने लगती है..
और जब नवाज़ की नज़र आरती पर पड़ती हैं तब एक अजीब सा दुर्र आरती के जिस्म में दौड़ जाता है..
ये फिर क्यों आ रहा है मेरे पास ये सोचकर आरती के चेहरे पर हैरानी के बदल साफ़ नज़र आने लगे the.....uska कलेजा ज़ोरों से धड़क उठा tha...........aisa पहली बार हुआ था आरती के साथ........
आरती को ऐसा लग रहा था मनो नवाज़ अब उसकी जान hi लेगा .......... एक अजीब सा दुर्र उसकी आँखों में साफ़ नज़र आने लगा था........
नवाज़ और आरती दोनों कुछ देर तक यु hi खामोश खड़े रहते हैं .. दोनों एक दूसरे की तरफ देखते हुई.. फिर कुछ सोचकर नवाज़ ख़ामोशी से आगे बढ़ने लगता hai…wahin आरती गहरी सांस लेते हुए एक तुक नवाज़ के चेहरे की तरफ देखे जा रही थी........

अब नवाज़ और आरती में केवल कुछ इंच की बस दूरी थी.........
तब डेरिंग करते हुई आरती कहते है. .
तुम क्यों मेरे पास आ रहे हो
नवाज़ हौले से मुस्कुराते हुए आरती के करीब जाता हैं और करीब जाकर उससे सत्कार खड़ा हो जाता हैं.......
आप को आईडिया बताने है न
नवाज़ के इस हरकत से आरती इस बार जैसे हड़बड़ा से जाती हैं .. और गुस्से से उसके तरफ देखते हुई कहते है ...
कोनसी आईडिया
आरती को याद भी नहीं था की उनकी बात सुबह कहा पाई ख़तम हुई थी उसके ससुर और नीता के आने से
वो कॉक ठीक करने की
तब आरती को याद आता है की नवाज़ किस के बारे मई बात कर रहा है
हाँ वो क्या
हाँ मेमसाब लगता है आप भूल गए
आरती कुछ पल तक नवाज़ की बात को सुनकर खामोश रही ...... और फिर उसे देख कर कहती है..
नहीं नहीं मई कैसे भूल सकते हु
अब फिर से दोनों शांत खड़े रहते है ..
नवाज़ कुछ नहीं कर रहा था …. या कुछ नहीं कह रहा था .. सिर्फ उससे सत्कार खड़ा होक उसके बूब्स को घर रहा था .. जैसे hi वो देखती है तब अपनी नज़र दूसरी और कर लेती है.. पर नवाज़ को कुछ नहीं कहती है.. पता नहीं क्यों अब नवाज़ के ऐसे आपने बूब्स को घूरने पर भी आरती को अब गुस्सा नहीं आ रहा tha…aarti कुछ नहीं कह रही है ये जानकर नवाज़ की हिम्मत बाद जाती है..
फिर भी खुद को कण्ट्रोल करते हुई नवाज़ बोलै..
हो गया क्या खाना तैयार
तब आरती कहती है..
हाँ हो गया..
आरती ने ऐसे कहते hi नवाज़ आरती के तरफ सीधा चल पड़ता हैं........
आरती जब ये समाज जाती है की नवाज़ उसके की तरफ आ रहा है तब आरती की नज़र नवाज़ के तरफ जाती हैं.. वो उसे देखने लगती है..
और जब नवाज़ की नज़र आरती पर पड़ती हैं तब एक अजीब सा दुर्र आरती के जिस्म में दौड़ जाता है..
ये फिर क्यों आ रहा है मेरे पास ये सोचकर आरती के चेहरे पर हैरानी के बदल साफ़ नज़र आने लगे the.....uska कलेजा ज़ोरों से धड़क उठा tha...........aisa पहली बार हुआ था आरती के साथ........
आरती को ऐसा लग रहा था मनो नवाज़ अब उसकी जान hi लेगा .......... एक अजीब सा दुर्र उसकी आँखों में साफ़ नज़र आने लगा था........
नवाज़ और आरती दोनों कुछ देर तक यु hi खामोश खड़े रहते हैं .. दोनों एक दूसरे की तरफ देखते हुई.. फिर कुछ सोचकर नवाज़ ख़ामोशी से आगे बढ़ने लगता hai…wahin आरती गहरी सांस लेते हुए एक तुक नवाज़ के चेहरे की तरफ देखे जा रही थी........

अब नवाज़ और आरती में केवल कुछ इंच की बस दूरी थी.........
तब डेरिंग करते हुई आरती कहते है. .
तुम क्यों मेरे पास आ रहे हो
नवाज़ हौले से मुस्कुराते हुए आरती के करीब जाता हैं और करीब जाकर उससे सत्कार खड़ा हो जाता हैं.......
आप को आईडिया बताने है न
नवाज़ के इस हरकत से आरती इस बार जैसे हड़बड़ा से जाती हैं .. और गुस्से से उसके तरफ देखते हुई कहते है ...
कोनसी आईडिया
आरती को याद भी नहीं था की उनकी बात सुबह कहा पाई ख़तम हुई थी उसके ससुर और नीता के आने से
वो कॉक ठीक करने की
तब आरती को याद आता है की नवाज़ किस के बारे मई बात कर रहा है
हाँ वो क्या
हाँ मेमसाब लगता है आप भूल गए
आरती कुछ पल तक नवाज़ की बात को सुनकर खामोश रही ...... और फिर उसे देख कर कहती है..
नहीं नहीं मई कैसे भूल सकते हु
अब फिर से दोनों शांत खड़े रहते है ..
नवाज़ कुछ नहीं कर रहा था …. या कुछ नहीं कह रहा था .. सिर्फ उससे सत्कार खड़ा होक उसके बूब्स को घर रहा था .. जैसे hi वो देखती है तब अपनी नज़र दूसरी और कर लेती है.. पर नवाज़ को कुछ नहीं कहती है.. पता नहीं क्यों अब नवाज़ के ऐसे आपने बूब्स को घूरने पर भी आरती को अब गुस्सा नहीं आ रहा tha…aarti कुछ नहीं कह रही है ये जानकर नवाज़ की हिम्मत बाद जाती है..



































