Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 28 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

तुम तुरंत बहार जाओ

ठीक है जाता हु बोल के नवाज़ शर्ट पंत पहन लेता है .. और बहार जाता है मतलब दूर तक पहुँच जाता है तब आरती उसके पास उसके उसके बाल सही करती और शरमाते हुई





आपने साडी से उसके होंटो को लगी खुद की लिपस्टिक पोछने लगती है..

अब जाओ तुम

जाऊ

हां

मई जाता हु तुम्हारे लल्लू को बातो मई उलझा लेता हु तब तक तू उधर से घर की तरफ से आ जाना

जी

ताकि तेरे लल्लू को शक न हो जय

जी

ऐसा कह के उसके बाल सही कर लेता है और उसकी साड़ी के पल्लू से उसके चहरे पर का गले पर का केक पोछने लगता है

अब ठीक हो गयी ..अब बहार जा सकती हु

थैंक यू जी

तब उसके गले नवाज़ लग जाता है





तुम से दूर होने का मैं hi नहीं कर रहा है रानी

मेरा भी मैं नहीं कर रहा है पर अलग होना पड़ेगा मेरा लल्लू कभी भी आ सकता .. वैसे कल हम मिल रहे है न .. कल तो दिनभर साथ मई है न

हां

बोल के नवाज़ अलग होता है और गेट की तरफ जाता है

अरे साहब आप इस वक़्त यहाँ

ये सुन के आरती मैं मई कहती है ..

कमीना .. एक नंबर का नौटंकी है .. अभी अरविन्द से प्यारे प्यारे बाटे करेगा .. इतनी टाइम उसके बीवी से कर रहा था

दिल्ली से आया हु.. ये लॉक की की कहा है मिल नहीं रही है

की ढूडने का नाटक करता है..

ये की तो आरती मैडम ने लगाए हुई होगी

हां वो पता है मुझे
 
कमीना .. एक नंबर का नौटंकी है .. अभी अरविन्द से प्यारे प्यारे बाटे करेगा .. इतनी टाइम उसके बीवी से कर रहा था

दिल्ली से आया हु.. ये लॉक की की कहा है मिल नहीं रही है

की ढूडने का नाटक करता है..

ये की तो आरती मैडम ने लगाए हुई होगी

हां वो पता है मुझे

ये की कहा राखी है ये आरती मैडम के पास होगी .. उनोने hi राखी होगी कहा

पर कहा

उनको पूछ के औ क्या

ये सुन के आरती हँसाने लगी..





मुझे नहीं नहीं वो सो रही होगी

उससे क्या .. आप की पत्नी है .. आप का हक़ बनता है साहब ..

हां पर ठीक नहीं लगता .. वैसे तू सोया नहीं अभी तक

सोया था .. बहुत रोमांटिक और सेक्सी नींद आयी थी पर आप बीच मई आ गए

ये सुन के आरती को हसी आने लगी

रोमांटिक और सेक्सी नींद .. मतलब

वो जाने दो .. आप को नहीं लगता क्या आज कल आरती मेमसाब आप पाई काम ध्यान दे रही है..

ये सुन के आरती कहती है

कमीना ..अब मेरे बारे मई मेरे हस्बैंड को उलटा सीधा बोल न ले उसके पास जाती हु तब आरती उन्दोनो के पास आ जाती है

आप इस वक़्त

दिल्ली से आया हु

ये क्या आने के टाइम है क्या..

अब क्या करे .. अब फ्लाइट लेट हो गयी तो

आ रहे हो ये तो बोलना था न

हां वो जल्दबाज़ी मई

ठीक है चलिए अंदर .. आप को भूख लगी होगी ..

हां जोर से भूख लगी है

चलिए खाना परोस देती हु आप को गरम करके

मुझे भी भूख लगी है

तब आरती नवाज़ को देखने लगती है





और इशारे से कहती है

चलो आप भी

पर ये गेट का लॉक

मई लगता हु

ऐसा बोल के नवाज़ आरती को देखते हुई कहता है

पर चाभी किधर है

तब आरती उसको चाभी देते है तब उसके हाट को नवाज़ पकड़ लेता है .. आरती दर जाती है और हाट छोड़ने की कोशिश करते है.. आपने पति को देखते हुई..

चोरो हाट मेरा

इतने आसानी से क्या कोई शोहर आपने बेगम का हाट चोरता है क्या

वो सच वाला शोहर न देख ले

सच वाला शोहर मई हु

नहीं वो है

ठीक है हाट hi नहीं चोरता मई

तब आरती स्माइल करते हुई कहते है

छोड़िये प्ल्ज़

नहीं

प्ल्ज़

नहीं

ठीक है आप hi मेरे असली वाले शोहर हो

इतने देर तक अरविन्द आपने मोबाइल में बिजी था

ऐसा नहीं किश करते हुई

पागल हो गए हो क्या आप

ठीक है रहने दे फिर

तब आरती ने लाज लज्जा चोर कर उसके बहे के इरडा किरद आपने बहे डाली .. और नवाज़ को किश करनी लगी..

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इस समय एआरटी का बुरा हाल था.. आरती के दिल की धड़कन बहुत बुरी तरीके से धड़क रही थी .. तभी नवाज़ ने उसका किश तोड़ दिया.. और वही उसके आँखों के सामने आपने चेहरा रख कर उसकी आँखों मई देखने लगा.. उसकी आँखों मई देखते हुई उसके सर मई आपने हाथ रब करते हुई आरती आपने थरथराते हुई होंठो से कहती है

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.. बहुत चालू हो आप ..

तेरे जैसे छूट पाने के लिए चालू तो बनाना hi पड़ेगा ..

हम्म्म..

आरती इस गेट का क्या करे

मई लगता हु साहब

ऐसा कहते हुई नवाज़ गेट के पास जाता हु गेट लॉक करता है और नवाज़ फिर उन दोनों के पास आके अरविन्द का बैग उतने लगता है ..

ारे रहने दो .. आरती ले लेगी

मेरे होते हुई मेमसाब को क्यों तकलीफ

तब आरती नवाज़ को स्माइल करते हुई देखती है तब नवाज़ उसको आँख मार्के उसके पति के हाट से बैग लेता है और धीरे से कहता है

तो औ क्या तेरे बैडरूम मई

तब शरमाते हुई आरती निचे देखने लगती है

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और निचे गर्दन करके आरती हाँ कहती है..
 
अब वो तीनो आरती के बैडरूम मई पहुँच गए थे .. सबसे आगे अरविन्द और उसके पीछे आरती और सबसे पीछे था नवाज़ .. आरती के ठीक पीछे .. अपने हाथ में अरविन्द की बैग लेते हुई ..

अब बैडरूम मई पहुँचाने के बाद नवाज़ आरती को देख के धीरे से मुस्कुराता है तब आरती भी उसे मुस्कुराते हुई देखते हुई वो बैग उधर रैक मई रखने का इशारा करती है ........ वैसे नवाज़ वो बैग वह रख देता है......

जैसे hi नवाज़ वो बैग रैक मई रखता है तब अपने सामने कड़ी आरती की तरफ देखते हुई फिर धीरे से मुस्कुरा देता हैं वहीँ आरती एक नज़र नवाज़ के तरफ देखती हुई फिर अपनी नज़र दूसरी तरफ फेर लेती हैं....... नवाज़ के ऐसे देखने से उसका दिल धड़क उठा है ....... आरती को डरते हुई देख कर नवाज़ आरती के करीब आता हैं उसके पति के होते हुई .. उस वजह से आरती और hi बेचैन होती है ......... तब नवाज़ अरविन्द को देखते हुई कहता है..

एक बात बोलू sahab........aap दोनों की जोड़ी सच में बहुत ाची लगती hain...............jitne ाचे इंसान आप हो ..............उतनी hi ाची मेमसाहेब है .............मेमसाहेब जितनी खूबसूरत हैं अंदर से उतनी hi नरम दिल की भी है .... .ऊपर वाला आप दोनों की जोड़ी ऐसे hi सलामत रखे.........

तब अरविन्द धीरे से मुस्कुरा पड़ता हैं ..... और आरती बीएड पाई बैठ के बड़ी अड्डा के साथ उसे देखने लगती है..





और बड़ी ऐड के साथ कहते है

आप को शर्म नहीं आती क्या मेरे हस्बैंड के सामने मेरे खूबसूरती की तारीफ करते हुई

आरती ने पहली बार नवाज़ को आप आपने पति के सामने कहा था ..तब नवाज़ कहता है .. बात संभालते हुई..

मेमसाब आप ने फिर से आप कहा मुझे .. मैंने कितने बार आप को कहा मुझे आप कहके मूत बुलाएगा .. मई औकात मई आप से बहुत छोटा हु

औकात से कुछ नहीं होता

तब अरविन्द कहता है

सच कहा तुमने आरती औकात से कुछ नहीं होता .. नवाज़ अगर आरती तुम आप कह के बुलाती है तो बुलाने दो न .. तुम तो उससे अच्छा hi लगाना चाहिए

अरविन्द के ऐसे कहने से आरती को अब लाइसेंस hi मिल गया तह सब के सामने नवाज़ को आप कहने का

तब नवाज़ कहता है

आप सच कह रहे हो मालिक .. मुझे तो मेमसाब जब आप कह के बुलाती है तो अच्छा hi लगता है . पर एक मालकिन आपने से छोटे नौकर को आप कह के बुलाये ये अच्छा नहीं दिखता . लोग क्या कहेंगे . आप क्या कहेंगे .. शेठ जी क्या कहेंगे

कोई कुछ नहीं कहेगा

मालिक ... सच में आप बहुत खुसनसीब हैं जिसे मेमसाब जैसी सुन्दर और सुशील बीवी mili.......aur मैं भी बहुत खुसनसीब हूँ जिसे मेमसाब जैसी मालकिन mili........nahin तो आज के ज़माने में भला कोई मालिक अपने नौकरों को किसी कुत्ते से ज़्यादा नहीं samajhta.....jis तरह मेमसाब ख़ूबसूरत हैं उसी तरह से उनका दिल भी बहुत ख़ूबसूरत हैं...........

तब अरविन्द कहता है

हां नवाज़ तुम सही कह रहे हो .. हमारी जोड़ी बहुत अच्छे है .. और आरती भी बहुत अच्छी है.. पर नवाज़ इस बिज़नेस के चक्कर मई मैं आरती को टाइम नहीं दे पता हु ..

साहब आप टेंशन न लो ..आप टाइम नहीं दे प् रहे मेमसाब को तो हम है न .. हम पूरा टाइम दे देंगे ..

व्हाट ??

ऐसा आशर्यचकित होक अरविन्द नवाज़ को बोलता है .. इस पर आरती स्माइल करती है.. और मैं मई कहती है.. अब फास गया .. ये ..

फिर कुछ सोचकर कहता है

फसेगा नहीं साला .. आपने चालू दिमाख से अच्छे से अरविन्द को गोल गोल घुमायेगा ..

क्या कहना चाहते हो तुम नवाज़

नवाज़ को घर के देखते हुई अरविन्द कहता है

मेरा मतलब है साहब आप नहीं रहोगे तो हम .. मई और नीता मेमसाब को कभी बोर नहीं होने देंगे .. उन अकेला इतने बड़े बंगलो मई महसूस होने नहीं देंगे..

उसके जवाब से आरती खुश हो जाती hai..aur मैं मई कहते है

मई न कहती थी अरविन्द को गोल गोल घुमाके ये अच्छे से बहार आ जायेगा

ऐसा कप्बोर्ड के तरफ जाते हुई पलट के देखते हुई स्माइल करते हुई मैं मई कहते है





इधर अरविन्द कहता है..

अच्छा ऐसा क्या ..

आपने कुछ और तो नहीं सोचा न साहब .. हम मेमसाब के बारे मई कभी बुरा भला नहीं सोच सकते

मई जनता हु नवाज़ .. तुम बहुत अच्छे हो नवाज़

ठंकु ठंकु साहब

ठंकु कहने के स्टाइल से आरती स्माइल करते हुई आरती मिरर के सामने जेक आपने बिंदी सही करने लगी ..स्माइल करते हुई..





तब नवाज़ कहता है छोटे मालिक.......

ऐसे कहते hi अरविन्द और आरती दोनों नवाज़ को देखने लगे ...... आरती सोचने लगी .. अब क्या बोलेगा ये .. कही कुछ गन्दा तो नहीं बोलेगा न अरविन्द के सामने ..

आपका घर बहुत hi ज़्यादा सूंदर हैं...... और घर से ज्यादा आपका बैडरूम सुन्दर है .....

नवाज़ ने ये कहते hi आरती उसके बातो का मतलब समझ गयी .. वो कौन सी सुंदरता की बात कर रहा है ..... पर अरविन्द नहीं समाज पाया ......

नवाज़ के बात का मतलब समजते hi आरती के तन बदन में एक अजीब सा रोमांच उठने लगता हैं जिस से उसकी दिल की धड़कने बढ़ने लगी... वो एक नज़र नवाज़ के चेहरे की तरफ देखती हैं.. नवाज़ आरती की तरफ hi देख रहा तह .. आरती के तरफ देखते हुई वो धीरे धीरे से मुस्कुरा रहा था और उसके मम्मी को hi देख रहा था ..

घर और बैडरूम का असली मतलब वो अब समाज पायी तब वो फ़ौरन शर्माती हुई अपने सीने पर एक हाथ रख लेती हैं और अपना सर नीचे की तरफ झुकाती है ....शायद वो अपने बड़े बड़े मम्मी को उसकी नज़रो से अब छुपाना चाहती हो .... पर अब बहुत लेट हो गया तह ......नवाज़ की नज़र ने जैसे उसकी चूचियों की साइज को नाप भी लिया हो............
 
घर और बैडरूम का असली मतलब वो अब समाज पायी तब वो फ़ौरन शर्माती हुई अपने सीने पर एक हाथ रख लेती हैं और अपना सर नीचे की तरफ झुकाती है ....शायद वो अपने बड़े बड़े मम्मी को उसकी नज़रो से अब छुपाना चाहती हो .... पर अब बहुत लेट हो गया तह ......नवाज़ की नज़र ने जैसे उसकी चूचियों की साइज को नाप भी लिया हो.....

तब आरती नवाज़ की और देखते हुई मैं मई कहते हैं

ये लड़का बहुत अजीब है …. बस मुझे hi देखे जा रहा है.. मेरे हस्बैंड होते हुई .. जैसे की मेरे हस्बैंड को डरता hi नहीं हो . मेरे हस्बैंड को शक हो जाता तो क्या हो जाता मेरा .. थोड़ा भी नहीं सोचता ..

तभी अरविन्द कहता है ..

मई नाहा के आता हु आरती

ऐसा बोल के अरविन्द बाथरूम मई घुस गया ..जैसे hi अरविन्द बाथरूम मई गुसा नवाज़ आरती को देखने लगा .. तब आरती भी नवाज़ को देखने लगी … तब नवाज़ आरती के पास आ गया ..…

नवाज़ इस तरह से उसके पास आ जायेगा ऐसा आरती ने सोचा भी नहीं tha…wo एक डैम से शॉकेड हो के नवाज़ को बोली..

वो वो बाथरूम से बहार आ सकता है ..…नज़दीक मत आओ मेरे …

बाथरूम की और देखते हुई ..

वो लल्लू नहीं आएगा

आपने पति को लल्लू कहते hi आरती के चहरे पर स्माइल आ जाती है ..

नवाज़ हल्का सा आगे आके आपने हाट को उसके गाल पाई रख के उसे देखने लगा …तब आरती भी नवाज़ देखने लगी.. मुस्कुराते हुई ..फिर नवाज़ ने अपना राइट हैंड उसके कमर पर रख के सहलाने लगा …तब आरती के बदन मई आग लगनी लगी ..तब आरती ने एक बार बाथरूम के दूर को dekha..aur धीरे से बोलै…

आपको नींद नहीं आ रही है क्या …

नहीं

तब उसकी आँखों में देखते हुई आरती कहती है

जाओ न आप के रूम मैं ..

क्यों भगा रही है मुझे

तब जरा डरते हुई कहते है

नहीं nahi…bhaga नहीं रही हु .. वो कभी भी बहार आ सकते है न ..

आने दे .. मई सम्बल लूंगा

तब झट से आरती कहती है

कैसे

नवाज़ को हसी आये..

जैसे थोड़े देर पहले सम्बल था वैसे ..

तब आरती बुरी तरह से शर्मा gayi…phir आरती कुछ बोल न पायी बस निचे को देखते rahi..tab नवाज़ कहता है..

कहा से सुरु करू???

ऐसा कहते हुई नवाज़ ने आपने हाट उसके कमर के पीछे दाल के उसे जोर से आपने से चिपका दिया वैसे hi आरती उससे चिपक गयी ..





जैसे hi वो नवाज़ से चिपक गयी वैसे hi उसका पूरा शरीर कपङे लगा.. आरती ने महसूस किया की उसकी बॉडी मई खून का संचार बहुत तेज़ी से हो रहा है .. अब नवाज़ आरती के साडी के उप्पेर से उसके गांड के वह रगड़ने मई लगा tha…aarti सर निचे किये हुई ..आँख ज़ोर से बंद किये .. उससे चिपक के कड़ी थी…

तब धीरे आँख खोलते हुई बाथरूम के दरवाज़ा को देख के आरती कहती है

वो अरविन्द आ जायेंगे

नवाज़ समाज गया यहाँ दरवाज़े के सामने रह के आरती डरते रहेगी .. इसलिए वो उसको बहो मई लेके बीएड के पास ले gaya..nawaz जनता था उसके पास जैड़ा टाइम नहीं है ….उसने तुरंत अपने काले और खुरदुरे होंठो का शिकंजा आरती के रसीले लाल होंठो पर कास दिया. नवाज़ ने आरती के पूरे मुंह को अपने अंदर भर liya..aur उसको चूसने लगा ..

आरती के होंठ चूसते हुई उसने अपना लेफ्ट हाथ आरती के ब्लाउज के उप्पर को ले gaya…aur आरती के ब्लाउज के उप्पेर से hi उसे दबा दिया..

आरती कांप गयी.. पहली बार किसी ने इतने जोर से दबाये थे उसके मम्मी …. आरती के मू से

एक dard-bhari चीख निकलने hi वाली थी पर नवाज़ ने उसे मौका नहीं diya.kyon की उसके मू को नवाज़ ने आपने मू मई ले लिया था .. आरती की चीख उसके गले में hi दबी रह गयी और उसके जिस्म में एक कम्पन बनकर उतर gayi.aarti इस दर्द और नशीले हमले को बर्दाश्त नहीं कर प् रही थी. उसने अपने हाथ अपनी ब्लाउज पाई ले जेक नवाज़ का हाट वह से हटाने लगी .. नवाज़ की आपने मम्मी पर

की पकड़ छुड़ाने की कोशिश करने लगी. उसका बदन मछल रहा था..
 
फिर किश तोड़ते हुई आरती नवाज़ को देख के गुस्सा होने लगी thi…aur उसको घर के देख रही थी.. फिर वो गुस्से मई उसे बोलती है..

पागल हो गए हो क्या

नहीं रानी .. कण्ट्रोल नहीं रहा

तब नखरा करते हुई कहते है

मरूंगी अब ..अगर फिर ऐसा किया न ..कभी बात नहीं करुँगी

ऐसा बोल के आरती उसका चेहरा आपने हाट मई लेके उसको किश कराती है ..





नवाज़ भी अब किश 💋 करने लगा .. वो एक हाथ उसके सर के पीछे और दूसरा हाट को उसके मम्मी पाई ले गया ..किश 💋 करते हुई नवाज़ ने धीरे से आरती की साड़ी ब्लाउज पर से निचे गिरा दी .तब आरती नवाज़ का हाथ पे अपना हाथ रख के बोली …

नहीं .. वो आ जायेंगे ..आप चले जाओ

फुसफुसाते हुई नवाज़ के हाथ पे हाथ रखे हुई बोली .. . ऐसा लग रहा था आरती नवाज़ को रोक नहीं रही thi…bas औपचारिकता के लिए बोल रही है .आरती को अजीब सा लगने लगा .उसने एक हाथ तो नवाज़ के हाट पाई रख के उसे रोकने की कोशिश की पर उसका दूसरा हाट ऑटोमेटिकली उसके सर पाई चला गया ..तब नवाज़ समाज गया ..मांजरा क्या है .. ..तब नवाज़ आरती को बीएड पाई ले गया ..आरती आने वाले पल को सोच के बेचैन होने lagi…aapna पति उसी बैडरूम के बाथरूम मई होते हुई आपने यार के साथ ये सब करना आरती को अजीब लग रहा था और साथ मई दर भी लग रहा था ..

फिर नवाज़ ने उसकी साड़ी और पेटीकोट उप्पेर करना सुरु कर लिया …एंकल के थोड़ा उप्पर .. नवाज़ आरती के गोरी पेअर पे झुक गया .. chumane..ke लिए ..
 
फुसफुसाते हुई नवाज़ के हाथ पे हाथ रखे हुई बोली .. . ऐसा लग रहा था आरती नवाज़ को रोक नहीं रही thi…bas औपचारिकता के लिए बोल रही है .आरती को अजीब सा लगने लगा .उसने एक हाथ तो नवाज़ के हाट पाई रख के उसे रोकने की कोशिश की पर उसका दूसरा हाट ऑटोमेटिकली उसके सर पाई चला गया ..तब नवाज़ समाज गया ..मांजरा क्या है .. ..तब नवाज़ आरती को बीएड पाई ले गया ..आरती आने वाले पल को सोच के बेचैन होने lagi…aapna पति उसी बैडरूम के बाथरूम मई होते हुई आपने यार के साथ ये सब करना आरती को अजीब लग रहा था और साथ मई दर भी लग रहा था ..

फिर नवाज़ ने उसकी साड़ी और पेटीकोट उप्पेर करना सुरु कर लिया …एंकल के थोड़ा उप्पर .. नवाज़ आरती के गोरी पेअर पे झुक गया .. chumane..ke लिए ..

आरती ने जैसे hi महसूस किया की नवाज़ निचे की तरफ झुक रहा है, उसने शर्म और डर के मारे अपनी आँखें कास के बंद कर ली तभी नवाज़ ने अपनी तम्बाकू से सनी मोती और खुरदुरी जीब निकाली और सीधा आरती के गोर गोर पैरो के हिस्से पर चाट लिया .

aaaaahhhhhhhhhhhhh……. नाआवाज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़

नवाज़ के चाटने से आरती के बॉडी मई अलग सी सिरहन दौड़ जाती है …और बीएड की सफ़ेद चादर को अपने हाथों में इतनी ज़ोर से भींचा की उसके नाख़ून उसमें धस gaye.aab नवाज़ निचे से उसकी साड़ी उप्पर करने लगा ..तो आरती उसका हाथ पकड़ते हुई उसको देखते हुई बोली ..





नहीं ..अरविन्द कभी भी बहार आ सकते है

ऐसा बोल के आरती ने आपने पेअर को साडी से फिर से धक् लिया ..तब नवाज़ ने आरती को उसकी कमर से पकड़ के जोर से निचे की और खिंचा .. मतलब अपनी और .. और उसे कहा

नहीं आएंगे

तब आरती हँसते हुई नवाज़ का आपने साडी और पेअर पर का हाथ पकड़ते हुई कहते है





और आ गए तो

तब नवाज़ आरती को देख के आगे की और जुख गया .. और दूसरे हाट से नवाज़ आरती की साड़ी को धीरे धीरे उप्पेर उठाने laga…aab नवाज़ पूरा उसकी और जुख गया था …और साड़ी उप्पर उठाने लगा तो आरती उसका हाट हटाने लगी ..उसको देखते हुई





तब आरती के चूड़ियों की खान खनाहट सुनाई देने लगी .... इधर नवाज़ धीरे धीरे आरती के पीठ मई हाथ घूमने लगा तब आरती खुद होक अपनी कमर को निचे को करने लगी ….अब आरती की साड़ी और पेटीकोट उसके घूरने तक आ गया था ..नवाज़ का हाथ उसके घुटने पाई था और वह वो मालिश करने लगा .. अब वो उसके सरे और पेटीकोट को उप्पर की और करने लगा .. और इधर नवाज़ का उसके उप्पर झुकने की वजह से उसका लुंड आरती के साड़ी के उप्पेर से hi उसके बॉडी को टच कर रहा तह ..इस वजह आरती के अंदर काम इच्छा बहुत तेज़ी से बढ़ाने लगती है ..वो उसके आँखों मई देखते हुई कहते है..





बताओ न क्या करोगे ..

क्या करूँगा …रानी … तुझे छोडूंगा

तब आरती शरमाते हुई कहते है





चल हटो बदमाश !!

तब नवाज़ ने आपने बदन आरती के बदन पे टिका दिया …और फिर उसके होंटो पाई आपने होंठ टिका दिए





नवाज़ ने बिना वक़्त गंवाए अपने मुंह मई उसके होंठ ले लिए और उसके होंठ चूसने लगा . नवाज़ ने इस बार सिर्फ होठ नहीं चूसे बल्कि अपनी पूरी जीभ आरती के मुंह के अंदर दाल दी. वो किसी प्यासे जानवर की तरह आरती के मुंह का रास पीने लगी. आरती नवाज़ के सर पर हाथ रख कर सिर्फ आहे भर रही थी.

नवाज़ की जीभ उसके मुंह में किसी सांप की तरह घूम रही थी.. नवाज़ ने आरती के मुंह को इतनी ज़ोर से जकड रखा था की आरती को सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी पर नवाज़ का नशा हर गुज़रते पल के साथ बढ़ता hi जा रहा tha.aarti के होठों की लिपस्टिक अब पूरी तरह से बिगड़ कर उसके चेहरे पर फैल चुकी थी, जिससे वो और भी ज़्यादा नशीली लग रही थी.

नवाज़ को जैसे hi लगा आरती को ज्यादा hi तकलीफ हो रही है तब वो किश तोड़ देता है.. जैसे hi नवाज़ ने किश थोड़ी वैसे hi चूड़ियों की तेज़ आवाज़ हुई क्योंकि नवाज़ थोड़ा पीछे हुआ तो आरती के हाथ जो उसके सर पाई थे वो निचे हो गए …अब नवाज़ और आरती के साँसे तेज़ चल रही थी ..

अब नवाज़ का एक हाट आरती के घुटनो पर थे और दूसरा हाट उसके पेटीकोट के ander…aur फिर उसने उसके घुटनो को किश किया

aaaahh…nawazzzz…

आरती माधोसी मई बोलने लगी…

noooooo…..nawwaazzz…kyaa हूँ गयया है …तुमको……

तब घुटने के थोड़ा उप्पर नवाज़ किश करता है

तब आरती मचलते हुई सिसक जाती है

आअह्ह्ह्ह nawazzz…aaaaahhhh....

आरती ने नवाज़ के सर को पकड़ के उप्पर की और खिंचा और धीरे से बोली …

अरविन्द बहार आ जायेगा .. बाद मई कर लेना ..

तब उसकी और देखते हुई नवाज़ एक बार फिर से उसको किश करते हुई कहता है





इस को उप्पर कर लू क्या ..

तब आपने सेक्सी स्माइल के साथ आरती कहते है

किंन्नन्न ???

तेरे ये सेक्सी थेइस को चूमना है

तब आरती ने आपने दोनों हाथ उसके सर पर रखते हुई वह सहलाते हुई कहती है





अभी तक जितना चूमा है उससे दिल नहीं भरा क्या

तुज से कभी भी मेरा दिल नहीं भरेगा रानी

ऐसा बोल के उसको फिर से चूमने लगा..
 
उसने किश करते हुई तुरंत आपने हाट मई उसका मां ले लिया .. तब आरती सिसक उठी पर नवाज़ के मू मई फिर उसने उसके निप्पल को अपनी उँगलियों के बीच पकड़ कर इतनी बेहरहमी से मसाला की आरती का पूरा बदन दर्द और मज़े के एक अजीब चक्रव्यू में फँस gaya.par वो कुछ कर नहीं पायी क्यों की उसके होंठ नवाज़ के होंटो के अंदर थे . नवाज़ अब bari-bari से उसके दोनों चूचियों के निप्पल्स को इतनी शक्ति से मसल रहा था की आरती की चीखे नाकज के मुंह के अंदर hi घुल रही थी. अब आरती को समझ नहीं आ रहा था की वो दर्द से चिल्लाये या मज़ा ले ..

फिर नवाज़ ने अपना एक हाथ आरती की कमर से हटाया और अपना पूरा मुंह उसकी एक चुकी पर जमा दिया. वो किसी भूखे बचे की तरह उस नरम उभार को चूसने लगा. Chuste-chuste उसने साड़ी और पेटीकोट उप्पेर कर लिया …तब आरती नवाज़ का चेहरा उसके बालो को पकड़ के उप्पर कर लिया . और उसको देखने लगी ..





वो कुछ कहती इस से पहले नवाज़ उसके जांघ को चूमने लगा ..

तब आरती नवाज़ का चेहरा पकड़ते हुई सिसक उठी

naaa….wahhaa नहीं

तब नवाज़ उसके झांग को चूमते हुई अपना एक हाथ उप्पर करके उसके एक मम्मी पाई रख के वह मसलने लगा ..

पलज़्ज़ज़ नवाज़ ये मत करो .. मेरा हस्बैंड कभी भी बहार आ जायेगा .. उसने हमें ऐसा देखा या उसको थोड़ा भी शक हुआ थो मुझे बड़ी दिक्कत होगी

पर नवाज़ ने उसके कहने पर ध्यान नहीं दिया और वो उसकी झांग को चूमने लगा और उसके मम्मी को एक हाट से मसलने लगा . आरती नवाज़ से बार बार रुकने को कह रही थी .. ये ना करने को कह रही थी .. पर नवाज़ तो आरती के बदन से पागल हो गया था .. वो उसके बात पर ध्यान hi नहीं दे रहा तह . तब उसने थोड़ा सा ज़ोर लगाके उसका सर उप्पर उतने की कोशिश की पर उसका उलटा hi असर हुआ ..

नवाज़ ने अपना मुँह उसके पेटीकोट के अंदर dala..aur उसके झांग के उप्परि हिस्से को चूमने लगा .. तब आरती आगे क्या होगा ये सोच के डरने लगी .. इसलिए उसने ुका सर आपने पेटीकोट के अंदर से बहार निकलने लगी . जैसे जैसे वो जोर लगाने लगी वैसे वैसे नवाज़ आपने मू उसके पेटीकोट के और अंदर घुसाने लगा और उसके थेइस को चूमने लगा और इधर आरती की बेचैनी और दर बढ़ाने लगा ..

जैसे hi नवाज़ ने अपना सर उसके पेटीकोट के अंदर से आगे ले जाते हुई उसके चड्डी को चूमा तब आरती ने जोर से उसका सर बहार निकला … जोर से उसको खींचने की वजह से आरती की चूड़ियों की खान खनाहट सी आवाज़ वह गूंजने लगी …साथ मई उसके

तेज़ साँसों की .. …

और आरती अपनी नशीली आँखों से नवाज़ को देखने लगी..





इनके इस झटपट से आरती की साड़ी बहुत उप्पर हो गयी थी .. उसके चड्डी के उप्पर से भी उप्पर.. . नवाज़ आरती के आँखों मई की कामुकता बस देखने लगा .. जैसे hi उसकी नज़र थोड़ी निचे हुई तब उसके आँखों के सामने आरती की चड्डी आ जाती है.. उसकी चड्डी देख के नवाज़ तो बेहाल हो गया .. नवाज़ से रहा नहीं गया ..और उसने फिर से उसके चड्डी पर आपने मू रख दिया और नवाज़ ने इस बार अच्छे से उसके चड्डी चुम ली .. चड्डी क्या उसकी छूट चुम ली .. उसके चड्डी के उप्पर से..

आरती आने वाले पल को सोच के बेचैन होने lagi…usne कुछ सोचा और नवाज़ का सर उप्पर उठा लिया और आरती ने झट से अपनी साड़ी निचे कर दी ..पर नवाज़ से रहा नहीं जा रहा था ..वो उसके उप्पर आके उसके आगे से चिपक gaya..aur उसके गर्दन को चूमने लगा ..





जाहहहहन नवज़ज़्ज़ज़ बस करो अब

और आरती की फिर से आँख बंद हो गयी…. क्यों की चूमते वक़्त उसका लुंड छूट के उप्पर लगा था ..साड़ी के उप्पर से …तभी नवाज़ ने एक झटका mara…tab आरती आह्ह्ह्ह करती है

तब नवाज़ आरती का एक मम्मी को मसलता है .. और फिर उसके मंगलसूत्र मई किश करने लगा .. .फिर वो एक हाट उसके छूट के उप्पर ले जेक उसको जोर से मसलता है ..

आआह्ह्ह्हह …. ममममममयीय…. मर गयी ..

ये देंगे क्या .. …मुझे आज….

तब आरती कुछ नहीं कहती तब नवाज़ हलके से धक्का मरते हुई कहता है

डौगी न….

आह्ह्ह्हह्ह

तब नवाज़ उसके गर्दन को और गाल को चूमने लगा





और निचे छूट को मसलने लगा साड़ी के उप्पर से .. फिर नवाज़ उसके कान के लौ को मुँह मई लेकर उसकी छूट को मसलता हुई उप्पर से धक्के लगते हुई बोलै…

बोल न रानी

आरती अब मदहोश हो गयी थी . .. उस मदहोशी के हालत मई उसे ऐसा लग रहा था वो अपना सब कुछ नवाज़ को सौंप दे .. और हुआ भी ऐसा hi कुछ ..

मदहोशी के हालत मई वो बोल पड़ी ...

कर लेना कल.. जो मन करे आपका ..

नवाज़ ये सुन के खुश हो गया और मुस्कुराने लगा ... वो उप्पर आके उसको किश करने लगा ..

किश तोड़ते हुई वो कहने लगा

सच रानी

तब आरती शर्मा गयी ..





चलो हटो जी !!

तूने अभी तो कहा

आरती जान गयी की उसने क्या गलती किये है

वो आपने मुझे पागल जो किया .. उसी पागलपन मई मू से निकल गया ..

फिर और पागल हो जा

ऐसा बोलते हुई उसके होंठ मई आपने होंठ ले liye..aur उसका होंठ काट liye…tabhi बाथरूम के दूर खुलने की आवाज़ आयी.. तब आरती ने नवाज़ को बाजु धकेल दिया और मुस्कुराते हुई बीएड के निचे उतर gayi…nawaz तुरनत बहार चला गया और इधर आरती अपने साड़ी और ब्लाउज ठीक करते हुए हल्का सा मुस्कुरा के मिरर के सामने कड़ी हो गयी ..

जैसे hi अरविन्द बहार आया आरती मिरर के सामने से बिना आपने पति के तरफ देख के किचन के तरफ चली जाती है…

कुछ देर बाद अरविन्द किचन में आ गया .. अरविन्द किचन मई गया तो उसने देखा की आरती रोटी मई घी लगा रही hai..ye देख के अरविन्द कुश हो गया .. वो धीरे से उसके पीछे आ गया …आरती को नहीं पता था की अरविन्द उसके ठीक पीछे खड़ा hai…aarti के दिमाग मई इस वक़्त नवाज़ hi था .. थोड़े देर पहले नवाज़ ने जो उसके साथ किया था उस वजह से उसके यौवन को पुरे तरह से जगा दिया tha…aarti के दिमाग मई वो hi सब चल रहा tha…wo सोचने लगी मैंने ऐसे कैसे कहा .. अब कल वो सच मई मेरे साथ वो करने की जिद्द्द करेंगे तो मई क्या कहु उन और कैसे रोकू उन

तब अरविन्द कहता है…

घी के रोटी .. आज तो मज़ा आ जायेगा ..

तब आरती आपने विचारो से बहार आ जाती hai..aur पलट के आपने हस्बैंड की और देखती हुई कहते है..

खाना खा लो

ऐसा कहते हुई आरती किचन से बहार जाने लगती है..

कहा जा रही हो

नवाज़ को बुलाने .. उसको भूख लगी है बोल रहा तह ..

तब आरती नवाज़ को आवाज़ देती है .. आपने हाल के दूर पर से

नवाज़ नवाज़ ..

पर नवाज़ कोई रिप्लाई नहीं देता ..

तब आरती आगे आके मतलब दूर से बहार आके नवाज़ के रूम की तरफ जाने लगी .. अरविन्द भी उसके पीछे पीछे जाता है.. ये जान कर आरती बिना उसके रूम मई जाये उसके रूम के बहार से hi नवाज़ को आवाज़ देती है..

: हिलू..

नवाज़ कोई रिप्लाई नहीं देता

suno…nawaz .. बहार आ जाओ ..…खाना बन गया है …

अभी भी नवाज़ आवाज़ नहीं देता

तब अरविन्द कहता है

लगता है. वो सो गया hai….aana होता तो अब तक आ जाता…

तब आरती जल्दी से नवाज़ के रूम के दूर के पास गयी और अंदर झांक के देखने लगी … अंदर नवाज़ टाँगे फैला के सो रहा था ..

क्या हुआ

तब आरती कहती है .. बुरा सा मू बनके

सो रहा है

सोने दे उसे

ऐसा बोल के उसके रूम का दरवाज़ा अरविन्द बंद कर देता है ..

ऐसे भूके कैसे सोने दू

अब कर भी क्या सकती हो

वो हमारे लिए कितना काम करता है

हां पर

आप उसे उठा लोगे

अरविन्द कुछ सोच के कहता है

तब अरविन्द अंदर जेक उतने लगता है पर वो उठता नहीं है तब अरविन्द रूम से बहार आ जाता है .. इस बार आरती कर भी कुछ नहीं पायी .. वो न चाहते हुई आरती आपने पति के साथ आपने घर मई आ जाती है..
 
तब अरविन्द अंदर जेक उतने लगता है पर वो उठता नहीं है तब अरविन्द रूम से बहार आ जाता है .. इस बार आरती कर भी कुछ नहीं पायी .. वो न चाहते हुई आरती आपने पति के साथ आपने घर मई आ जाती है..

फिर घर मई आके आपने पति को खाना परोस के थोड़े बात करके सो जाती है..

सुबह जरा लेट उठ जाती hai..wo भी आपने नानन्द के कॉल से ..

एक्चुअली वो अच्छे नींद मई थी तभी कंचन का कॉल आता है ...कंचन का कॉल देखते hi आरती के चहरे पर स्माइल आ जाती है ..





बोलिये मेरे प्यारे नानन्द रानी

खुश होक आरती कहती है तब कंचन कहती है

भाभी एक प्रॉब्लम हुई है

बड़ी hi मायूसी से कहते है

अब क्या हुआ

पापा नहीं मान रहे है

क्या

हाँ बहुत सरे सवाल पूछ रहे है

मतलब मई समजे नहीं

मैंने उन बताया की मुझे शॉपिंग करनी है और भाभी की चॉइस अच्छी है ..हम दोनों मिलके सेलेक्ट कर लेंगे ..तो कहने लगे बाद मई ले लेना .. मई उसे कैसे भेजू .. कार ख़राब हुई है और एक कार भैय्या ले गए थे .. वो ख़राब हो गए इस वजह से भैय्या रेतुर्न नहीं लाये ..तब मैंने कहा नवाज़ के साथ भेज दो तब मेरे पाई भड़क गए ..कहने लगे .. पागल हो गए हो क्या ..एक नौकर के साथ आरती बीटा को शहर भेजू और वो भी बाइक पाई .. लोग क्या कहेंगे .. गाँव के लोग तरह तरह के चर्चा करेंगे ..

दीदी पापा की बात भी तो सही है

सही है पर हम लोग अब क्या करेंगे

आपने क्या कहा उसपर पापा जी को

क्या कहते चुप हो गए और पापा ने कहा ज्यादा मत सोच एग्जाम के बाद मई तेरे भाभी को कार से तेरे पास भेज दूंगा फिर तू मज़े से शॉपिंग कर लेना और कॉल रख दिया

अब दोनों टेंशन मई आ गयी तभी आरती के मोबाइल पाई नमन का कॉल आता है .. उसके भाई का ..

रुको दीदी ..नमन भैय्या का कॉल आया है ..

ठीक है आप बात कर लो

तब आपने भाई का कॉल आरती पिचकूप करती है

जी भैय्या

तुम कहा हो आरती

आपने घर मई .. गाँव मई

अच्छा गाँव मई ..

हाँ

दादी को एडमिट किया है .. हेयरटैक आया है

ओह्ह माय गॉड

डरो मत शी इस आउट ऑफ़ डेंजर .. डॉक्टर ने आराम करने को कहा है .. हम अब सिटी हॉस्पिटल मई है ..दादी को एडमिट यही किया है ..तुम आ जाओ ..दादी तुम बहुत याद कर रही है ..आफ्टरऑल तुम उनकी सबसे लाड़ली हो ..

तब आरती का दीमक चल उठा और उसके चहरे पर स्माइल आ गयी .. कुछ सोच कर आपने भाई को वो कहते है ..

ठीक है आती हु ..पापा जी से बात करने पड़ेगे

मैंने अरविन्द जी से बात की है ..तुम्हारा नंबर नहीं लग रहा था इसलिए उन कॉल किया

वो यहाँ नहीं थे .. रात को लेट आये है तो सो रहे है .. आज फिर से वो दिल्ली जाने वाले है

फिर पापा जी से बोल दो

हाँ बोल दूंगी पर आने मई एक दिक्कत है

क्या दिक्कत है

कार ख़राब हुई है और ड्राइवर भी नहीं है

फिर कैसे आओगे

एक ऑप्शन है पर पापा जी मानेगे की नहीं पता नहीं

तुम मुझे बोल दो मई उन समजा दूंगा ऐसे सिचुएशन मई कोई मन नहीं करता और वो तो समझदार है

नवाज़ नाम का एक नौकर है ..वो आपने बाइक पाई चोर देगा मुझे ..

बाइक पाई

हाँ भैय्या

अरे यू सूरे .. यू अरे कम्फर्टेबले विथ तहत गाए

यस भैय्या ..हे इस नीस गाए

ये कहते हुई वो शर्मा गयी





ठीक है मई बोल दूंगा उन

जी भैय्या

Ok

कहके उसके भाई ने कॉल कट कर दिया ..

अब तक उदार लाइन पाई कंचन थी ..उसे आरती ने फिर से ज्वाइन करवा दिया

जी दीदी ..प्रॉब्लम सोल्वे

कैसे

हो गया सोल्वे

मुझे बता तो दो

बात ये है है मेरे प्यारे नांद रानी ( खुश होक ये कहते है ) की मेरे दादी को हार्ट अटैक आया है और मुझे उन मिलाने सिटी हॉस्पिटल जाना है ..तो अब नवाज़ मुझे वह लेके जायेगा और ये भैय्या पापा जी को बता देंगे

वैरी स्मार्ट भाभी

हुआ न ब्रोलेम सोल्वे

लोग सही hi कहते है

क्या कहते है लोग

प्यार मई पड़ने के बाद दिमाग ज्यादा चलता है

कंचन की बच्ची .. तुजे तो मई दिखती हु

सॉरी सॉरी बहभी ..आप अब आ जाना आप के जावेद के साथ

ऐसा बोल के कॉल कट करती है ..

तब शरमाते हुई आरती कहते hai..uske चहरे पर शर्म के साथ स्माइल भी थी ..





दीदी भी न कुछ भी बोलते है ..

फिर आरती टॉवल और बाकि के कपडे लेके बाथरूम मई घुस जाती है ..
 
फिर वो नाहा धोके अच्छे से एक साड़ी पहन के हल्का सा मेक उप करके आपने आशिक़ के पास जाती है.. वो अभी भी सो रहा था . वो भी नंगा .. नंगा मतलब सिर्फ ुंदरपनत मई.. उसको ऐसा देख के आरती कहती है ..

ये नहीं सुधरेगा

फिर वो उसके पास जेक नवाज़ को उतने लगी

नवाज़ नवाज़ .. उठ जाओ कितने देर तक सोओगे ..

तब नवाज़ आँख खोल के आरती की और देखने लगा..

लोमड़ी तू सुबह सुबह

लोमड़ी कहते hi आरती के चहरे पर स्माइल आ जाती है..





पर नखरा दिखते हुई कहते है..





लोमड़ी नहीं .. आरती

अच्छा आरती ...सुबह सुबह ..तू यहाँ .. मेरे इतने याद आ रही थी क्या तुजे ..

तब निचे गर्दन करके आरती शर्मा जाती है..

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फिर नवाज़ उठ के बैठ जाता है उस बीएड मई और आरती को आपने बहो मई नवाज़ लेता है

बता न रानी

तब आरती शर्मा के कहते है

नहीं हमें शहर जो जाना है .. आपका बर्थडे सेलिब्रेट करने को

तब नवाज़ आरती को किश करने लगा

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मतलब एक नौकर का बर्थडे सेलिब्रेट करने के लिए ये खूबसूरत मालकिन नौकर को शहर लेके जायेगे ..

ऐसा कह के वो उसको उठाकर किश करते हुई बीएड मई लेता देता है ..तब आरती ने भी लाज लज्जा चोर कर नवाज़ के बहो के इरडा गिर्द आपने बहे डाली .. और कहने लगी ..

ये खूबसूरत मालकिन अब सिर्फ मालकिन कहा है अब .. ये अब आपकी बेगम जो है ..

ऐसा बोल के नवाज़ को किश करने लगी ..

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नवाज़ भी उसको किश कर रहा था..

मतलब अब तू रेडी है ..मेरे बेगम बनाने को

तब आरती कहती है

नहीं होक किश को बताऊ

तब नवाज़ उसके उप्पर आके उसके नाज़ुक से पिंक लाबू के पास आपने काळा हूंठ ला देता hai..nawaz का चेहरा आपने चहरे के इतने नज़दीक आते देख के आरती का दिल धड़क रहा था.. आरती की आँखे गुलाभी हो गए.. जैसे hi उसके हूंठ आपने हूंतो को टच करने वाले होते है वैसे hi मदहोशी मई आरती आपने आँख बांध कर देती hai..aur उसके बालो मई एक हाथ घूमते हुई कहती है..

आप उठ जाओ अब .. आप को नहाके रेडी भी होना है न जी .. उसमे टाइम लगेगा जी ..

आरती उसे उठबजाओ बोल रही थी पर उसके बालो मई का आपने हाथ नहीं निकल रही thi..Aarti गरम हो रही है ये जान कर उसके गरम हूंतो पर नवाज़ आपने हूंठ रख कर उसको चूसने लगता है..

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तू होगी मुझे तैयार करने को तो टाइम क्यों लगेगा

वो आपने एक हाथ का दबाव उसके मम्मी पाई डालता है और उसके हूंतो को चूसते हुई उसके एक मम्मी को दबाने लगता है उसके सदी और ब्लाउज के उप्पर से.. बाथ करने के बाद उसने ये ब्लाउज और सरे पहनी थी इस वजह से ये थोड़े भीगे हुई थी..

अब आरती का हाथ नवाज़ के बालो मई घूम रहा था और नवाज़ का हाथ उसके मम्मी के उप्पर.. उसने धीरे धीरे उसके ब्लाउज के तीन बटन खोल दिए.. और हलके से उसका ब्लाउज को उप्पर से बाजु मई सरका दिया..

इस समय एआरटी का बुरा हाल था.. आरती के दिल की धड़कन बहुत बुरी तरीके से धड़क रही थी .. तभी नवाज़ ने उसका किश तोड़ दिया.. और वही उसके आँखों के सामने आपने चेहरा रख कर उसकी आँखों मई देखने लगा.. उसकी आँखों मई देखते हुई उसके सर मई आपने हाथ रब करते हुई आरती आपने थरथराते हुई होंठो से कहती है

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आप क्यों रेडी नहीं हो रहे हो
 
आप क्यों रेडी नहीं हो रहे हो.. हमें सिटी जाने मई लेत हो जायेगा

ऐसा बोल के उठ कड़ी हो गए

नवाज़ - रेडी हो जाऊ क्या मई

आरती - हाँ

नवाज़ - पक्का

आरती -पक्का बाबा .. क्यों नहीं जाना चाहते हो क्या

नवाज़ - मैं नहीं कर रहा है

ऐसा न करो मेरे राजा .. मैंने बहुत अच्छी प्लानिंग की है

अच्छी प्लानिंग की है तो मुझे भी तू hi रेडी कर

तब आरती नवाज़ को देखने लगी





मई भला कैसे आप को रेडी करौ

उस लल्लू को रेडी नहीं किया क्या कब

कभी नहीं .. वो खुद hi रेडी होते थे

फिर तो ये बड़ी मुसीबत का मामला है

कैसा मामला जी

मुझे लगा आज मेरा बर्थडे सेलिब्रेट करना है तो मुझे मेरे बेगम रेडी करेंगे .. इसलिए मई रेडी नहीं हुआ

तब आरती सोचने लगी ..तब नवाज़ उसको बीएड पाई पटक देता है ... और उसको किश करने लगता है..

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तब किश तोड़ते हुई आरती कहते है

क्यों मेरा मेक उप निकलने पाई तुले हुई हो

और उठ कड़ी होते है

मेक उप तो मेरे लिए hi तो किया है न

तब आरती कुछ नहीं कहती

मेरे लिए तो किया है न

तब आरती शर्मा जाती है





या उस लल्लू के लिए

तब आरती नवाज़ को देख के कहते है

आप के लिए

फिर उस को उतरने का अधिकार भी तो मेरा hi हुआ न

तब हां मई गर्दन हिलाते है

या उस लौ का

तब आरती कहती है

क्यों मेरे इतने अच्छे हस्बैंड को लल्लू कहते हो

नहीं कहु क्या .. अगर तू कहते है तो नहीं कहता

जैसा आप ठीक समजे

और फिर नवाज़ का हाट पकड़ के उसको उतने लगती है

चलिए लेत हो रहा है.. आप नाहा लो

चल मुझे उतके लेके चल

आप मुज से कैसे उठ पाएंगे

फिर मई hi उठा लेता हु तुजे

तब स्माइल करते हुई कहते है

फिर उस लल्लू ने देख लिया तो

कह देना उसे

क्या जी .. क्या कहु जी

जरा नखरे से कहती है

कह देना मई आज से तेरे बीवी नहीं हु .. नवाज़ की बेगम हु

धत बेशरम कुछ भी कहते हो आप

तब नवाज़ फिर से उसके पास आके उसको किश करनेवाला होता है तभी बहार से आवाज़ आता है

बहु कहा हो तुम

तब नवाज़ विंडो से बहार देखता है

आ गया कबाब मई हदी

तब आरती स्माइल करते हुई शरमाते हुई कहते है





पापा जी को आप कबाब मई हड्डी मत कहो .. उनके वजह से तो हम मिले है

हां रानी .. ये तू सही कह रही है

ऐसा कह के उसको अपनी बहो मई लेने लगता है तब नखरे से कहती है

अब bas..jane दो अब मुझे.. और आप उप्पर वाले बाथरूम मई जेक नाहा लो .. मई टॉवल एंड कपडे लेक आप को दे देते हु ..

एक किश देना

नहीं अभी बिलकुल नहीं .. कुछ भी नहीं .. जेक तैयार हो जाओ . बहुत टाइम हो गया है .. मुझे यहाँ आके . कही ऐसा न वो पापा जी मुझे ढूंढते हुई यहाँ न आ जाये ..

हाँ नाहा लेता हु पर पहले एक किश दो न

तब नखरे से नवाज़ को देखते हुई कहते है

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आप का मैं hi नहीं भरता न

कैसे भरेगा तू माल hi ऐसे है

फिर वो एक जोरदार किश उसे देते है.. और कहती है.. अब कुश

और एक

वो नखरा करते हुई कहती है

और एक.. और एक के चक्कर मई पूरा दिन दाल डोज आप .. मुझे पता है .. अब बहुत हो गया.. अब कोई किश इस नहीं मिलेगा..

ऐसा कह के वो जाने लगते hai..aapna ब्लाउज नवाज़ ने जो निचे किया था वो सही करके और बटन लगा के .. ब्लाउज के बटन लगा के साडी ठीक कर के .. मिरर के सामने कड़ी होक सब कुछ ठीक है ये देख के ..

फिर दूर के पास जैसे hi वो पहुँच जाती है तभी नवाज़ ने उसे पकड़ कर अपनी तरफ खिंच लिया मतलब दूर से थोड़ा अंदर और जोरो से उसके होठो को चूसने लगा

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तभी आरती उसे अन्दर धकेल के बहार भाग जाती है ..आपने घर .. मतलब आपने ससुर के पास ..

वो भाग के आये इसलिए शेठ जी कहते है

इतना भाग के क्यों आ रही हो

कुछ नहीं

जरा शरमाते हुई कहते है





कुछ नहीं मतलब

आप ने बुलाया न इसलिए

मैंने थोड़ा न तुम भाग के आने को कहा था

नहीं

ऐसा भाग के आयी हो जैसे कोई तुम्हारे पीछे पड़ा है

तब वो पलट के नवाज़ के रूम की और देखने लगाती है





अभी भी नवाज़ दूर पाई खड़ा था और वो उसे hi देख रहा था तब वो उसे अंदर जाने का इशारा करते है..

फिर नवाज़ अंदर चला जाता है
 
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