Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 29 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

अभी भी नवाज़ दूर पाई खड़ा था और वो उसे hi देख रहा था तब वो उसे अंदर जाने का इशारा करते है..

फिर नवाज़ अंदर चला जाता है तब आरती भी आपने ससुर के साथ अंदर चली जाती है..

फिर कुछ 10 -15 मिनट के बाद नवाज़ अंदर आता है और वो किचन मई जाने के लिए किचन के दूर पाई खड़ा हो जाता है .. और अंदर देखता है तो आरती कुछ बना रही थी .. तब उसको देखते हुई नवाज़ कहता है

मेरी रंडी आज कितनी बिजलिया गिराएगी tu….aahhh…maderchod क्या जवानी है तेरे

पीछे से ये आवाज़ आते hi आरती पलट के नवाज़ को देख के हसने लगती है .. तब नवाज़ उसके पास आके उसको पीछे से पकड़ लेता है ..

सच कहते है लोग

क्या कहते है जी

औरत इंसान को कुत्ता बना देती है

तब नखरा करते हुई कहती है

छोड़िये जी

ऐसे कैसे चोर दू ...रानी .. बड़ी मुश्किल से हाथ आयी है तू …..

ऐसे बोल के उसके गर्दन को किश करने लगा





नवाज़ के मज़बूत बहो मई आरती थी पर वो छूटना चाहती थी या छूटने का नाटक कर रही थी ..

आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह… चोरो न जीई aaa…ahhhh…….

नहीं छोड़ूंगा

ठीक है पहले बताओ मई कैसे दिख रही हु फिर hi कुछ करने दूंगी

तब नवाज़ आरती को गुमा केर कमर से पकड़ लेता है





और उसको आपने बहो मई दबा देता है और एक हाथ से गांड पैर एक जोर का तगड़ा छठा मरता है ..

aahhhhh….jiiiii …..aaa…..itna जोरर से क्यों मारा….

छठा इतना जोर का था की आवाज़ पुरे कमरे में गूंज पड़ती हे नवाज़ की उंगलिया आरती की गांड पैर चाप जाती है..

तभी बहार से आवाज़ आता है

आरती कहा हो तुम

तब आरती नवाज़ के बहो मई से निकल जाती है

लगता है तेरा लल्लू उठ गया

तब आरती नवाज़ को एक बड़े गिलास मई दूध दे देती है .. घी दाल कर

ढूढ़ पाइक नाहा लो

तब नवाज़ आरती के एक मम्मी को पकड़ के कहता है

मुझे तो यहाँ का दूध पीना है

तब आरती उसको पीछा करते हुई कहती है

आप एक नंबर के बेशरम हो

ऐसा बोल के आरती नवाज़ को एक किश देके बहार चली जाती है ... मुस्कुराते हुई

फिर नवाज़ ढूढ़ पाइक उप्पर नहाने चला जाता है .. कुछ देर बाद आरती किचन मई आती है तब नवाज़ उसे नहीं दिखा तो वो जान गयी की नवाज़ नहाने चला गया ..

फिर आरती टॉवल और बाकि के कपडे लेके उप्पर आती है .. बाथरूम का दूर ओपन देख के कहते है ..

ये नहीं सुधरेगा

नवाज़ को लगा आरती आ गए इसलिए वो बाथरूम के दूर पाई आ जाता है ..तब आरती एक्साक्ट्ली बाथरूम के दूर के सामने कड़ी थी ..

एक्चुअली नवाज़ बाथरूम मई नंगा hi नाहा रहा था उसे लगा अब शहर जाना है तो ुंदरपनत भीगेंगे तो वो बाथ के बाद क्या पहन के जायेगा . और यहाँ उसको देखने वाला कोण है ..आरती के अल्वा .. ज्यादा से ज्यादा नीता उप्पर आएगी .. नीता ने तो उसे नंगा कही बार देखा है और आरती ने उसे अधनंगा देखा था ..

जैसे hi वो बाथरूम के दूर पाई नंगा आ जाता है वैसे hi आरती को वो नंगा hi दिखता है वैसे hi आरती झट से आँख बंद करती है और घूम जाती है

छी गंदे कही के

क्या हुआ बेगम

बेगम के बच्चे ऐसे कोई नाहटा है क्या

मई तो ऐसे hi नाहटा हु

नंगे ..

हाँ .. इस मई क्या बुराई है

बी थे वे ये आप का घर नहीं है

मेरा नहीं है तो क्या हुआ मेरे बेगम का घर तो है न

मई अभी तक आप की बेगम नहीं बानी हु

बन जाओ न जल्दी फिर

ऐसा बेहवे करोगे तो कभी नहीं बनूँगी

नहीं किया तो

तो शरमाते हुई कहते है गर्दन हां मई हिलाते हुई

सोचा जा सकता है

सोचो सोचो

पहले आपने बदन धक् लो

क्यों

आप को शर्म नहीं आती क्या

अब इसमे शर्माना कैसा .. यहाँ कोण है तुम्हारे अलावा .. ज्यादा से ज्यादा नीता आ सकते है .. नीता ने तो कही बार मुझे नंगा देखा है

पर मैंने नहीं देखा न

अब देखा न

हस्ते हुई कहता है
 
आप को शर्म नहीं आती क्या

अब इसमे शर्माना कैसा .. यहाँ कोण है तुम्हारे अलावा .. ज्यादा से ज्यादा नीता आ सकते है .. नीता ने तो कही बार मुझे नंगा देखा है

पर मैंने नहीं देखा न

अब देखा न

हस्ते हुई कहता है

बेशरम कही के ..

अब आरती नवाज़ के सामने कड़ी थी.......





अपने हाथों में नवाज़ के लिए कपडे लेके … जिसे वो हाथ में लिए हुई हवा में झूला रही थी ..

आरती ने इस वक़्त एक साडी पहनी हुई थी विथ स्लीवलेस ब्लाउज .. जिससे उसकी पिट पूरी तरह से ओपन उसके सामने थी ....... ब्लाउज की वजह से उसकी गुर्दें भी ओपन थी.. साडी का पल्लू उसके खंड पर था .. उसकी गर्दन और गोरी गोरी पिट इस वक़्त बेहद hi ाखर्षक लग रही थी … गार्डन और पिट का गोरा कलर और उसपर पसीने की चाँद बूंदे ............ और साड़ी में कासी उसकी गांड जो की पूरे गोल आकर में .... तानी हुई .....सुडोल रूप में ..... नवाज़ जैसे मर्द के लुंड में आग लगा देने के लिए बस काफी थी ...

फिर आरती टॉवल बिना पीछे देखे उसके उप्पर फेंक देती है ..वो उसके बदन को लग के निचे गिरता है

इससे से आपने बदन पॉंच लो और फिर आपने बदन को धक् लो

किस्से

टॉवल से

कोनसा टॉवल

अभी मैंने जो तुम दिया

नहीं कोई टॉवल नहीं दिया तुमने

ओह्ह गोड्ढ मई क्या करू इस लड़के का ..ये मुझे पागल बना देगा

बेगम सच मई तुमने कोई टॉवल मुझे नहीं दिया है ..यकीं नहीं होता तो पीछे मुद के देख लो .. कोई टॉवल नहीं है मेरे पास

यही चाहते हो न आप

क्या

मुझे पता है आप ये सब क्यों कर रहे हो

क्यों कर रहा हु

क्यों की मई आप को नंगा देख लू

फिर देख लो न

नहीं देख सकती ..आप के बाकि के आइटम जैसे मई बेशरम नहीं हु

इसलिए तो तुम आपने बनाना चाहता हु

ऐसा कह के उसके पास जेक उसको पीछे से चिपक जाता है





नहीं अभी नहीं

क्यों

मेरे साड़ी भीग जायेगे

दूसरे साड़ी पहन लो

यही करते राहु मई दिन भर

तब नवाज़ उसके गर्दन को चूमने लगता है ..





आहहहा

नवाज़ का यूँ उसके गर्दन पर किश करने से आरती की उत्तेजना बढ़ाने लगी थी ...वो खुद को कण्ट्रोल करने की कोशिश कर रहे थी पर नवाज़ अब बिना हिले उसके गर्दन पर चूमते रहता है....





अब उसकी आँखे बंद हो गए थी ..

ाहहए नवाज़ आप सुनते क्यों नहीं हो ..बिना सुने मुझे चूमते जा रहे हो

तब उसके खंड को पकड़ कर घुमा देता है ..

No नवाज़ … मई ये नहीं कर सकती

ऐसा कहते हुई आपने आँखे बांध करती है ..

आँखे खोलो बेगम साहिबा

न्यूऊओ

नवाज़ की नज़र आरती के उप्पर hi थी … उसकी नज़र आरती के मम्मी पर गयी ..साड़ी का पल्लू थोड़ा हैट गया था इस वजह से उसके मम्मी सहीसे उसको दिख रहे थे .. आरती की आँखे बंद थी इस वजह से वो देख नहीं पा रही थी की नवाज़ क्या देख रहा है .. शायद इस वजह से नवाज़ इस वक़्त अपनी पालक झपकना भी भूल गया था …

ऐसा क्यों कर रहे हो मेरे साथ

प्ल्ज़ आँखे खोल के देख लो कहा है टॉवल

सच कह रहे हो टॉवल नहीं है

हाँ बेगम साहिबा

ये कहते हुई नवाज़ उसके होंटो पाई आपने होंठ रख देता है ..





और फिर उसके होंटो को चूसने लगा ..





और फिर उसके एक मम्मी पर हाथ रख कर जोर से दबाया ..

aaaaaaaahhhhhhhhhhaa .. अभी नहीं …

ये कहते हुई नवाज़ का किश तोड़ते हुई पीछे हैट गयी और इस हड़बड़ी मई उसकी आँख खुल गयी …

अब आरती की नज़र अपने सामने खड़े हुई नवाज़ पाई गयी .. नंगे नवाज़ पर उसकी नज़र पड़ते hi उसके चेहरे पर शर्म और हाय की लखीरे साफ़ नज़र आने लगती hain......kyon की उसने ज़रा सा भी एक्सपेक्ट नहीं किया था जब वो नवाज़ के लिए सजधज के की कमरे में आये थी तब की वो नवाज़ को ऐसे नंगा देख्नेगे ..

नवाज़ को ऐसा देखकर उसका चेहरा यु शर्म से लाल पढ़ जाता हैं.... .वो शर्माकर फ़ौरन अपनी नज़ारे नीचे की तरफ झुका लेती हैं ........ वही नवाज़ आरती की तरफ देखता हुआ हंस रहा था.......

देखा मैंने कहा था न कोई टॉवल तुमने मुझे नहीं दिया

दिया था

कहा है फिर

जाओ जी मुझे नहीं देखना

शरमाते हुई कहती है

देखो न मेरे प्यारे बेगम साहिबा

तब झिझकते हुई आखिर कर आरती हौले से नवाज़ की तरफ देखती हुई दुबारा से बोल पड़ती हैं............

दिया था

फिर कहा गया

यही कही होगा

देखो फिर कहा है

तब उसे टॉवल उसे पीछे गिरा हुआ दिखा .. नवाज़ के पीछे ..नवाज़ थोड़ा आगे चल के आया था इस वजह से टॉवल पीछे निचे गिरा था ..

यहाँ है

ऐसा कह के आरती झट से नवाज़ के पीछे जेक टॉवल उठा लेती है ..
 
देखो फिर कहा है

तब उसे टॉवल उसे पीछे गिरा हुआ दिखा .. नवाज़ के पीछे ..नवाज़ थोड़ा आगे चल के आया था इस वजह से टॉवल पीछे निचे गिरा था ..

यहाँ है

ऐसा कह के आरती झट से नवाज़ के पीछे जेक टॉवल उठा लेती है ..

तब नवाज़ घूमने लगता है ..तब आरती जाहत से बोलती है

आप घूमो मत

क्यों

क्यों क्या ..मई आप को ऐसे नहीं देख सकती

कैसे

तब शरमाते हुई कहती है

ऐसा नंगा

फिर पहिचे मई क्या नंगा नहीं हु क्या ..पीछे से मुझे नंगा तो देख रही है न तू

छी गंदे कही के मई न पीछे से आप को नंगा देखा है न आगे से ..अभी भी मई आप की तरफ पिट करके कड़ी हु

अच्छा ये तो मुझे पता hi नहीं .. के मई पीछे ghumu..aur देखु तुम की तू मेरे तरफ पिट करके कड़ी है या नहीं

बिलकुल नहीं ..मई सच hi कह रही हु ..

पर मई क्यों मनु तू सच बोल रही है

मत मनो पर ये टॉवल लेलो और आपने ये बदन पांच लो

उसके लिए मुझे घूमना पड़ेगा

घूमने के क्या जरुरत है

एक तो मुझे घूमने दो या मेरा बदन पांच लो

Nahi..Khud का बदन खुद पॉंच लो

ठीक है पॉंच लेता हु पर घूमने के बाद

एक कैसे जबरदस्ती है आप की .. सब आपने hi मैं से करोगे क्या

हाँ

ये गलत है

फिर क्या डीडे किया तूने

पौंछते हु बाबा ..ऐसा विवश तो मुझे कभी अरविन्द ने भी नहीं किया

फिर भी तू मुझे पसंद करती है

क्या करू अब ..आप पसंद आ गया है तो

ऐसा कह के वो पलट जाती है ..तब उसे नवाज़ पीछे से नंगा दिखता है ..

छी

करकर आँख बंद कर लेती है ..

क्या हुआ

कुछ नहीं

नंगा देखा क्या मुझे

नहीं मेरे आँख बंद थी

फिर घूमने के बाद देखा होगा

नहीं बिलकुल नहीं

ऐसा वो उसे जूथ बोलते है .. और उसके चहरे पर अजीब सी मुस्कान आ जाती है ..





अब मई आँख बंद करते हुई आगे आप के तरफ कैसे औ और आप का बदन इस टॉवल से कैसे पूंछू

तो आँखे खोल

नहीं ..बिलकुल नहीं ..

क्यों

क्यों की मैं आप को नंगा नहीं देखना चाहती

क्या कभी आपने पति को ननगा नहीं देखा क्या

तब शरमाते हुई कहती है





नहीं

तब नवाज़ बड़े आशर्य से कहता है

क्या अब तक तूने आपने पति को नंगा नहीं देखा

नहीं बोलै न

उसने तुजे अब तक छोड़ा भी है या नहीं

ऐसे गन्दी भाषा मई मुझसे बात मत करो

ठीक है मेरे बदन पॉंच लो

हाँ तो बोलै न ...पर

पर क्या

आगे कैसे औ

तू आगे नहीं आ सकती तो मई पीछे आ जाता हु

बिलकुल नहीं

फिर तू आगे आ

आ रही हु न बाबा .. जरा रखो तो सही

ठीक है

अब आँख बंद करते हुई आरती नवाज़ की और जाने लगी और जाते हुई उसने हलके से एक आँख थोड़ी खोली ...





तब उसको नवाज़ की काली पीट दिख गयी वैसे hi उसने आँख बंद की और वही रुख गयी ..

ओह्ह्ह गॉड अब मई कैसे आगे जाऊ …

ऐसा वो मैं मई कहती है ..

फिर वो आपने मैं मई कहते है

आरती तुजे ये करना होगा

ऐसा खुद को कह के आरती आगे बढ़ गयी. लेकिन 4-5 कदम आगे बढ़ने के बाद आरती ने अपने आगे बढे हुवे 4-5 कदम वापस खींच लिए और वो उलटे पांव 4-5 कदम वापस आकर वह कड़ी हो गयी जहा बाथरूम का दूर था ..और सोचने लगी ...

अब क्या करू मई.. इनका बदन पूछना है तो आँख तो खोलने पड़ेगे ..आँख बंद करके नहीं कर सकती ..

ऐसा सोच के वो आँख खोलती है ..और नवाज़ को देखने लगी ..





और फिर नवाज़ के पास जाकर उसका बदन टॉवल से पूछने लगी .. तब नवाज़ घूमने लगा ..

घूमो मत अब पॉंच रही हु न ..अब क्यों घूम रहे हो

आरती ऐसा बोलकर मुस्कुरा दी

तब आपने दोनों हाट पीछे ले जेक उसके कमर पर रखता hai..waise hi आरती ने अपनी ऑंखें बंद कर ले..





आरती के हाथ पेअर सुन हो गए…. दिल ने धड़कना बंद कर diya…….uske हाथ तेजी से कनापने लगे… नवाज़ का इस बात का अहसास था की उसके आरती के कमर पर हाट रखने की वजह से आरती का बुरा हाल है .. इधर आरती का बुरा हाल था ...उसने अपनी ऑंखें अब तक नहीं खोली थी …..

पलटने दे न मुझे

तब आरती आँख खोलकर कहते है

क्यों

तुजे देखने का मैं कर रहा है

आरती फिर मुस्कुरा दी और उसे देखते हुई कहते है

सुबह से तो मुझे देख रहे हो ..मैं नहीं भारा क्या

तब उसके हाथ जो उसके कमर पाई थे वो हाट उसके शोल्डर पर लेजके उसे आपने और दबोच लेता है

ोुछहहहह

कहके आँख बंद कर लेती है ..





लगभग वो मदहोश हो रही थी

कहा भरेगा इतने जल्दी मैं

तब कब बहरेगा मैं आप का

अगले जनम मई

धत बेशरम

ऐसा कहते हुई उसके शोल्डर को मरती है ..

हो गया तुम्हारा बदन पोछना

अब आगे से पॉंच लो

तब शरमाते हुई कहते है

बिलकुल नहीं

अब तो मुझे नंगा तुमने देखा है तो आगे से बदन पौंछने मई क्या प्रॉब्लम है

बिलकुल नहीं और मैंने पीछे से देखा है आगे से नहीं

पीछे या आगे से क्या फरक पड़ता है

तब चहरे पर स्माइल लेट हुई कहते है

बहुत फरक है

क्या फरक है

ज्यादा स्मार्ट मत बनो आप अब ..चुपचाप अब ये कपडे पहनो तुम

मुझे तेरे एक बात समाज नहीं आती

क्या जी

कभी मुझे तू आप कहते हुई बुलाती है और कभी तू या तुम

तब हसते हुई कहती है

तो हमेशा मई क्या कहके बुलाओ ऐसे इच्छा है जनाब की

आप hi सही रहेगा

भला कोई मालकिन आपने नौकर को आप कह के बुलाती है क्या और वो भी आगे से छोटे नुकर को ..

तेरे बात तो सही है पर तू मुझसे ज्यादा बड़ी तो है नहीं

बड़ी तो हु न

है बड़ी ..और दूसरी बात ये है की

क्या है दूसरी बात जी जनाब ..

तू कहती है मालकिन नौकर को आप कहके कैसे बुलाएंगे

हाँ.. सही कहा जीई..

पर तू मेरे मालकिन कहा है

तब नखरे से कहते है

तो कोण हु मई आप की जनाब

बेगम

हैट बेशर्म

तब उसके पिट पर हाट रखकर उसको आपने पिट पर दबा देता है ..वैसे hi आरती उसके बदन को चिपक जाती है ..

तुम्हारे इरादे मुझे सही नहीं लग रहे है

ऐसा कह के उसको पीछे से चिपक के आपने हाट उसके गर्दन से होते हुई आगे ले जाती है और आपने चेहरा उसके शोल्डर पर रखती हुई आगे देखने लगती है .. अपनी नशीली आँखों से ..





नवाज़ को उसके मम्मी आपने पिट पर फील हो रहे तेह ..

इरादे तो ठीक है पर मुझे एक सवाल का जवाब दे

हाँ पूछिए जी

ऐसा कह के उसके काळा गर्दन को चूमते है

तुजे आपने से छोटे नौकर को आप कहना ठीक नहीं लगता है न

हम्म्म

पर बेगम आपने शोहर को तो आप कह सकते है न

तब स्माइल करते हुई कहते है

पर मई आलरेडी किसी और की बेगम हु न

फिर क्या हुआ

तब उसके शोल्डर को मारते हुई उसके गर्दन को किश करती है

कुछ भी मत बोलो ..मई एक की बेगम हु तो दूसरे की कैसे बेगम बन सकती हो

बात तो सही है तुम्हारी

फिर कहा क्यों

फिर हमारा रिलेशनशिप स्टेटस क्या होगा

वो naa..naaa..

शरमाते हुई कहती है

फ्रेंड्स

तब नवाज़ कहता है

हम अब जो कर रहे है वो क्या फ्रेंड्स करते है

मुझे लगा hi तुम ऐसा कुछ कहोगे

तो आपका क्या आंसर है

हमारा आंसर ये है की हमारे फ्रेंडशिप थोड़े एडवांस्ड है

कितने एडवांस

बहोत एडवांस

छूट तक ..या होंठ और मम्मी तक hi एडवांस है..

छी गंदे कही के

बता न

मई ऐसे गंदे सवाल का जवाब नहीं देती

आपने शोहर को भी

मेरे शोहर ऐसे गंदे बात कभी नहीं करते मुझसे

और एडवांस फ्रेंड

वो तो गन्दा है hi

तो तू भी एडवांस फ्रेंडशिप मई है तो तू भी गन्दी बन जा

कभी नहीं

फिर हमरे फ़्रिएनशिप कैसे रहेंगे

रहेंगे न ..तुम गंदे रहो और मई ऐसे hi अच्छी रहनंगी

पर फ्रेंडशिप बचने के लिए तुजे गन्दा बनाना होगा तो

तब सोचूंगी

सोचना जरूर

हाँ बाबा

हमें जाना कब है

जब तुम रेडी हो जाओगे

तो मेरा बदन पॉंच लो

पॉंच तो लिया

बाल भीगे hi है

तब उसके बाल पूछने लगी..
 
अब आगे आ जा

नहीं

शर्माओ mat…..aur आगे आ जा ..

ऐसा कह के वो उसके हाथ को पकड़ के आगे लता है तब आरती झट से आँख बंद करती है ..

अब आँख बंद करके आरती उसके सामने कड़ी थी ..





आँख खोल न

अब्ब आरती से बोलना भी मुश्किल हुआ जा रहा था …….. उसके सामने नवाज़ बिलकुल नंगा खड़ा था और वो उसे आपने बदन पौंछने को कह रहा था .. और दूसरी तरफ था नवाज़ . उसके सामने कड़ी थी आरती.. एक बहुत hi खूबसूरत aurat..iss घर की बहु .. अग्रवाल फॅमिली एक लाड़ली बहु.. दरी हुई ..सहमी हुई ..आँख बंद करके उसके सामने कड़ी थी .. आरती आपने जवानी का दीदार नवाज़ जैसे हब्शी ..सेक्स के भूके भेड़िया को करा रही थी. .वो अपनी नज़रें आरती के बदन पर से हटा नहीं पा रहा था ….. उसका लुंड तम्बू बांये हुई खड़ा था…..

तब नवाज़ गाने के अंदाज़ मई कहता है

आँखे न खोलो स्वामी

तब चहरे पर स्माइल लेट हुई आरती ने अपनी आँखों को थोड़ा सा खोल कर नवाज़ के तरफ dekha…halke से..





खोली खोली आँखे

ऐसा कह के उसको नवाज़ चीरने लगा . तब आरती नवाज़ के छथि मई हाथो से मरने लगी ..

चलो हटो न जीई..

तब झट से नवाज़ उसके कमर के पीछे हाट दाल उसको अपनी बहो मई लेता है ….. जोर से ….

ोुछःह.. जरा धीरे से न बाबा.. मई यही और आप भी यही है .. इतनी भी क्या जल्दी है ..

तब उसके गर्दन पर आपने होंठ रख के वह चूमने लगा..

अह्ह्ह्हह्हह

आरती ने अपनी आँखों को बंद कर लिया…...

शहर जाना है न बेगम ..और आपने बेगम के साथ बर्थडे सेलिब्रेशन करना जो है

नवाज़ ने अपना एक हाथ उसके नवल पर रख दिया और वह मालिश करना शुरू कर दिया…

ुंहःहःहः अह्हह्ह्ह्ह

निचे गर्दन करके शरमाते हुई कहते है





अगर आप को बर्थडे सेलिब्रेशन के बगैर यही करने मई इच्छा है तो यही सही .. पर जरा आहिस्ता से .. बहुत नाज़ुक हु मई और मुझे ऐसे जबरदस्ती की आदत नहीं है

आदत नहीं है तो लग जायेगे . ..

लगा दो . ..आप को किसने मन किया है

लगा दूंगा मेरी जान

तो क्या बर्थडे सेलिब्रेशन कैंसिल करना है क्या

अब उसका हाथ उसके कमर और उसके नवल और पेट पर चलने लगा .. जब उसका हाथ मालिश करते हुए आरती के ब्लाउज के तरफ जा रहा था तब आरती उसके हाथ को पकड़ लेती है … इस वजह उसकी उंगलयां आरती के मम्मी से 3-4 इंच ही दूर रह जाती. आरती के छूट के फांकें भी नवाज़ के हाथों को आपने बूब्स के इतना पास महसूस करके कुलबुलाने लगे… उसकी सांसें अब्ब तेज होती जा रही the………..Jisse उसकी तानी हुई चुच्यों ब्लाउज मैं कासी हुई ऊपर नीचे होने लगी ….……

वो सच मैं किसी कॉमर्स से भीगी हुई अप्सरा से काम नहीं लग रही थी……

नहीं न जी .. शहर भी जायँगे . बर्थडे सेलिब्रेशन भी करेंगे

और मूवी

वो देखना है क्या

अब्ब तक आरती जो घबरा रही थी थोड़ा नार्मल हो चुकी थी. क्योंकि नवाज़ उससे बेहद नरम लहजे से पेश आ रहा था.

हाँ कंचन दीदी कह रही थी..

वो तुम्हारी नानन्द हमारे साथ क्या करेंगे

मतलब

सेलिब्रेशन तो हम दोनों का है न

हाँ

फिर कबाब मई हदी का क्या काम

अच्छा जी .. मतलब आप को सिर्फ आपकी बेगम चाहिए और कोई नहीं

हाँ जी

पर पूरा अरेंजमेंट उसने hi किया है तो उसको कैसे कह सकते है की तुम अब हमारे साथ मत रहो

कह के तो देखो

देखती हु ..

चहरे पर अड्डा लेट हुई नवाज़ की और देखते हुई कहते है





पर ऐसा न हो की उसको देखने के बाद मुझे भूल जाओ .. मेरे नानन्द को देखने के बाद अपनी बेगम को न भूल जाओ ..

इतने खूबसूरत है क्या वो

हाँ है .. जवान है ..अभी कॉलेज गोइंग है

ऐसा कह के उसके बहो से निकल के आपने ननद का फोटो उसको दिखते है

कोई भाभी पाई नानन्द फ्री वाला ऑफर नहीं है क्या

तब नवाज़ के गाल पाई मरती है .. और उसे गुस्से से देखते हुई कहते है ..





उधर देखना भी नहीं ..नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा ..

तब उसकी और देखते हुई नवाज़ अपना एक हाथ आरती के कंधे पर हौले से रख देता हैं और उसे धीरे धीरे सरकते हुए नीचे की तरफ ले जाता हैं ............... और अपना गन्दा सा होंठ आरती के गार्डन पर रखकर उसकी गार्डन को बहुत आहिस्ता से चूम लेता hain.............aur कंधे वाला हाथ उसके एक मम्मी पाई रख के उसको जोर से दबाने लगता है ..

aaaaaaaaa..ssssssssssssssss...........hhhhhhhhhhhhhhhhhhhh............

उसके इस हरकत पर आरती को मनो ऐसा लगता हैं जैसे किसी ने उसे 440 वाल्ट का करंट चुवा दिया हो .......... उसके जिस्म में जैसे एक सिरहन सी दौड़ जाती हैं ....... उसका दिल फिर से ज़ोरों से धड़कने लगता हैं ....... सांसें एक बार फिर से बेकाबू होने लगती हैं ........

नवाज़ फिर आरती की ओरे देखता हैं .. आरती भी उसको hi देखती है मगर वो कुछ नहीं कहती.......





तभी नवाज़ अपना दूसरा हाथ आरती के दूसरे कंधे पर आहिस्ता से रख देता हैं और उसे भी धीरे धीरे नीचे की ओरे बहुत आहिस्ता से सरकने लगता हैं........ और उसके दूसरे आम पर रख कर उसे दबाता है

आह्ह्ह्हह्ह

आरती के मुँह से एक लज्जत भरी सिसकारी निकल पड़ती हैं .......

फिर नवाज़ अपना होंठ आरती के गुर्दें पर फिर से रख देता हैं और उसकी गुर्दें को चूम लेता हैं ........ और इधर दोनों हाथो से एक साथ उसके दोनों मम्मी को एक साथ दबाता है ..जोर से दबाता है इस बार पहले के मुकाबले ...

आह्ह्ह्हह .. मुंईईई

नवाज़ के इस हरकत पर आरती के जिस्म की रोएं खड़े हो जाते हैं .............और वो नवाज़ की बाँहों में मचल उठती हैं.........

नवाज़ फिर से उसके मम्मी को जोर से दबाता है ..

आह्ह्ह्हह्ह

नवाज़ तुम दिन बा दिन बहुत बदमाश होते जा रहे हो ....... शर्म नहीं आती तुम्हें अपने hi मालिक की बीवी पर बुरी नज़र डालते hue...........aab चोरो मुझे ........ और तुम जल्दी से जल्द कपडे पहन लो ..

पहन लेंगे न कपडे इतने भी क्या जल्दी है

ऐसा बोल के उसके गाल को चूमने लगा ..





जल्दी है इसलिए तो बोल रही हु

और आरती कसमसाते हुए हौले से बोल पड़ती हैं मगर वो नवाज़ को किसी भी तरह से विरोध नहीं karti..........aur न hi उससे दूर जाने की कोशिश करती हैं...............

मई यहाँ तुम्हारे कपडे उतरने का सोच रहा हु और तुम मुझे कह रही हो कपडे पहनने को

क्या

ऐसा कह के वो उससे बहो से निकल के पीछे हैट जाती है और उसे देखने लगी





क्या कहा तुमने

तब उसके पुरे बदन को मतलब छथि को घर के देखते हुई कहने लगा ( अभी तक उसने निचे नहीं देखा था )

आरती आज तो तू बिलकुल क़यामत सी लग रही हो .....

तब नखरे से कहती है

मतलब पहले नहीं लगाती थी .....

लगाती थी पर आज तू मेरे बर्थडे के लिए जैसे तू सजधज के तैयार हुई है ..... उसे देखकर जी तो करता हैं की मैं तेरे को अपनी बाँहों में दिन भर कैद किये रहूँ.....

तब हस्ते हुई कहते है

दिनभर

हाँ दिनभर

दिनभर बहो मई रखकर क्या करोगे

दिनभर तेरे को बहो मई रख कर तेरे को फील करू .. पर .............

पर क्या

बस ये कम्भख्त कपडा बीच में आ रहा हैं तेरे और मेरे बीच ......... अगर तू कहे तो मैं इस कांटे को अभी निकल देता हूँ.........

तब आरती नवाज़ की ओरे एक तुक देखने लगती हैं ....... उसके चेहरे पर मुस्कान थी ..............

तो अब तुम्हारी डिमांड धीरे धीरे बढ़ने लगी हैं ......... हैं na...........jo मिल रहा हैं तुम उसी में खुस raho....................kahin ऐसा न हो की ये भी मौका तुम्हारे हाथ से निकल jaye......................fir बाद में पछताते रहना की मैंने ऐसा क्यों किया............

आरती हौले से बोल पड़ती हैं मगर उसकी सांसें पल पल बेकाबू होती जा रही थी ......

उसके ऐसे कहने पर नवाज़ धीरे से मुस्कुरा देता हैं ........

नहीं ........ मुझे तो ऐसा नहीं लगता .........

अच्छा तो तुम क्या लगता है

मुझे ऐसा लगता है एक बार तेरे को चुमू ...... एक बार तेरे इन रसीले होंठों को चूम लू ..... इनका रूस पी लू .......

तब आरती हौले से मुस्कुरा देती हैं............

अच्छा तो तुम लगता है मई ऐसे करने दूंगी

हाँ

तब आरती आहिस्ता से शर्माती हुई बोल पड़ती हैं

तो कर लो न फिर

पर तू रोकेंगे नहीं बीच मई मुझे

पहले कभी रोका था क्या

नहीं रोका था पर इस बार जब तक मेरा दिल नहीं भर जाता मैं तेरे इन रसभरी होंठों को ऐसे hi चूसता रहूँगा.............

चूस लो जब तक आप का मैं है .. मई रखूंगी नहीं ...

उसने कह दिया पर वो खुद ये बात नहीं समझ पायी की उसने कैसे ये बात कही .......

अब वो और कुछ सोचते तब तक नवाज़ उसके पास आया और उसका चेहरा आपने दोनों हाथों मई पकड़ लिया तब आरती ने मदहोशी में अपनी आंखें बंद कर ली ..

तब नवाज़ ने उसके गाल को पहले चुम लिया ..





आह्ह्ह्हह्ह..
 
तब नवाज़ ने उसके गाल को पहले चुम लिया ..





आह्ह्ह्हह्ह..

और फिर आरती की और देख कर मुस्कराते हुए बोलै…

आज का दिन तुजे हमेशा याद रहेगा…

ये कहते हुई उसने आपने होंठ एक बार फिर से आरती के होंटो पर रख दिए .. और उसके होंटो को चूसने लगा ..





इस बार होंठ को चूसने की नवाज़ की पावर कुछ ज्यादा hi थी ..उसके होंटो को चूसते हुई अपना एक हाथ नीचे के और लेजाने laga…..uske कमर से नीचे की और .. तब आरती उसका हाथ पकड़ती है तब नवाज़ उसको लेके बीएड पाई ले जाता hai..aur उसको लिटाकर उसको किश करने लगा ..

किश करने के लिए वो उसके उप्पर आ गया तो नवाज़ का लुंड आरती की नाज़ुक कमर में धस जाता है ..उससे आरती को बड़ा झटका लगता है ..इस वजह से आरती की बॉडी में अजीब सी गर्मी दौड़ जाती है साँसें तेज़ हो जाती है .. वो आपने आप को संभालने की कोशिस कर रही थी .. पर वो अपने आप को संभल नहीं प् रही थी.

अब नवाज़ के बालो मई आरती हाथ घूम रही थी और नवाज़ उसको चूमे जा रहा था ..तब नवाज़ पूरी तरीके से उसकी उप्पर आया तब आरती को अपनी टैंगो के बीच अपनी छूट पर कुछ कड़क सा और गरम सा अहसास हुआ….. और अगले ही पल उसकी रूह अंदर तक कनाप गए…. क्यों की नवाज़ का लुंड उसके साड़ी स के ऊपर से उसके छूट पर धंसा हुआ tha….uski टंगे थरथरेने लगी…. उसे अपनी छूट मई सरसराह महसूस होने लगी…. उसके छूट मई कुलबुलहट भोत जायदा थी. एक अजीब से गुदगुदी उसे अपनी झंगो के बीच और पेंटी के अंदर छुपी हुई छूट पर हो रही थी…

फिर नवाज़ झट से अपने दोनों हाथ आरती के नरम बूब्स पर रख देता हैं और इस बार वो पूरी ताक़त से उसे मसल देता हैं......

आरती अपनी आँखें बंद की हुई thi........uske मुँह से हलकी हलकी सिसकारी निकल रही थी.....

नवाज़ के इस हरकत से आर्ट के मुँह से एक तेज़्ज़ सिसकारी फुट पड़ती हैं......

aaaaaaaaaaaaaaa...hhhhhhhhhhhhhhhhhh....sss.....asssss प्लीज nawaz…dheere से दबाओ न..

मगर नवाज़ अब कहाँ रुकने वाला था.... वो फिर एक बार फिर आरती के दोनों बूब्स को ज़ोर से मसलने लगता hain.......ek बार फिर से आरती के मुँह से लज्जत भरी सिसकारी निकल पड़ती हैं....

aaaaaaaaaaaa.......hhhhhhhhhhhhhhh...ssssssssssssss प्लीज .. धीरे से दबाओ न

..

वो किश तोड़कर अब आरती के आँखों मई देख रहा था.. और उसके दोनों हाथ ाभ भी आरती के मम्मी पर थे और उसकी आँखों मई देखते हुई उसने बड़ी hi बेदर्दी से उसके मम्मी मसल दिए ......

आह्ह्ह्हह्ह … कामिनी.. धीरे बोलै न

ऐसा बोल के उसका चेहरा हाथ मई पकड़ के आरती उसको किश करने लगी …





कुछ देर आरती ने नवाज़ के होंटो को चूमा और फिर किश तोड़ते हुई नवाज़ कहता है

तेरे दूध कितने नरम हैं आरती ..... कब से मैं इन्हें अपने हाथों में लेने के लिए तरस रहा tha......aaj तो मैं इससे जब तक मेरा जी नहीं भरता तब तक मैं इन्हें ऐसे hi अपने हाथों से मसलता रहूँगा......

और फिर नवाज़ एक बार फिर आरती के दोनों बूब्स को ज़ोर से मसलने लगता हैं ....... और उसे किश करने लगा..





आरती अपना हाथ उसके बालो मई दाल के उसके बाल को मसलने लगी .. .....वो इस वक़्त पुरे मदहोशी के आलम में thi.....is वक़्त उसकी पंतय पूरी गीली हो चुकी thi......is समय उसे अपने बदन की आग के सामने कुछ होश नहीं था की क्या सही हैं और क्या गलत हैं.........

फिर उसने आपने होंठ उसके होंटो से अलग किये और उसके छथि पर का साडी का पल्लू हटाकर आपने होंठ उसके एक मम्मी पाई रख दिया . और उसके निप्पल मू मई ले लिया

आअह्ह्ह्हह नवाज़ no .. ब्लाउज भीग जायेगा .. हमें जाना है न सिटी मई ..

ऐसा बोल के उसका सर उप्पर खिंच लिया .. उसने फिर से दोनों हाथों से उसका फेस को पकड़ा और उसके होंटो पर फिर से अपने होंटो को लगा diya….…par नवाज़ औरत के सभी कमजोरों को जनता tha….usne साड़ी के ऊपर से अपने लुंड को उसके छूट के ऊपर रगड़ना शुरू कर diya…naa छठे हुए भी वो एक दम से सिसक uthi…aur उसके होंठ एक दूसरे से अलग हो गए….

नवाज़ ने लपक कर उसके होंटो को अपने होंटो मई भर liya….aur नीचे वाले होंटो को अपने दोनों होंटो मई दबा दबा कर चूसने laga…aisa लग रहा tha..jaise वो उसके होंटो का सारा खून निचोड़ लेना छठा ho….neeche से वो अभी भी लगतार अपने लुंड को आरती के छूट पर ऐसे रगड़ रहा tha…jaise कोई आदमी किसी औरत को छोड़ रहा ho…naa छठे हुए भी आरती की आंखे अब्ब धीरे-2 बंद होने लगी thi….choot मई तेज सरसराहट होने lagi…aarti को ऐसा लगाने लगा था की उसका लुंड बुरी तरह से आरती के साडी और पेंटी के ऊपर से उसके छूट के फैंको के बीचो बीच रगड़ खा रहा है …..… इस वजह से एक अजीब तरह का नशा उसके दिमाग पर छठा जा रहा tha…aur नवाज़ आरती के इस कमजोरी का फायदा उठाने laga….wo अब्ब उसके होंटो को अपने होंटो मई भर कर बरी-2 चूस रहा था.

फिर उसने एक हाट निचे करके उसकी साड़ी उप्पर करने लगा ..ये जैसे hi आरती को पता चला वैसे hi वो अपनी गर्दन न न मई हिलती है और थोड़ा गर्दन उप्पर कर के हाथ निचे ले जेक जिस हाथ से नवाज़ उसकी साड़ी उप्पर कर रहा था उस हाथ को पकड़ लेती है

तब किश तोड़ते हुई नवाज़ कहता है

क्या हुआ अब तो कह रही थी अगर तुम ये पसंद है तो यही करो ..

मई किश की बात कर रही थी

तब नवाज़ उसकी और देखने लगा… और उसको देखते हुई कहता है ..

किश तो कर रहा हु ..

आरती ने उसके और देखते हुई कहा

किश करो पर वो नहीं

वो क्या

साड़ी उप्पर मत करो

क्यों

इतना सारा आरती ने नवाज़ को करने दिया पर जैसे hi उसने साडी उप्पर करने की कोशिश की तब नजाने क्यों पर उसका दिल दर रहा था ….

नहीं नवाज़ ये सब मुझसे नहीं होगा ….

नवाज़ ने फिर से नीचे अपने लुंड को आरती छूट के फैंको पर बुरी तरह से रगड़ दिया ….जिससे वो अपने आप को सिसकने से नहीं रोक पाए….

आह्ह्ह्हह्ह

करने दे न

ऐसा कहते हुई उसकी साड़ी नवाज़ उप्पर लेने लगा .. नीचे से .. नवाज़ के ऐसे कहने से और साड़ी उप्पर लेने की वजह से फिर से वो डरने लगी .. उसके दिमाग मई अजीब-2 तरह के ख्याल ऐनी लगे.. वो सोचने लगी निचे पापा जी है . कही उनको इस बात का पता ना चल जाये की मई और नवाज़ का कुछ है .. …और मुज पर कोई किसी तरह का शक करे….

नहीं न नवाज़

क्यों

नीचे पापा जी है

आरती के मू से अचानक से ये चला गया ..मतलब वो नवाज़ से छुड़ाने को रेडी थी सिर्फ आपने ससुर घर मई होने की वजह से डर रही थी..

ये कहने के बाद आरती खुद पर आशर्यचकित होने लगी ..आरती को यकीन नहीं हो रहा था की उसने ऐसा कैसे कह दिया ..

कुछ नहीं होगा .. उनको

पता नहीं चलेगा

तभी निचे से आवाज़ आता है..

आरती बीटा तुम कहा हो
 
आरती के मू से अचानक से ये चला गया ..मतलब वो नवाज़ से छुड़ाने को रेडी थी सिर्फ आपने ससुर घर मई होने की वजह से डर रही थी..

ये कहने के बाद आरती खुद पर आशर्यचकित होने लगी ..आरती को यकीन नहीं हो रहा था की उसने ऐसा कैसे कह दिया ..

कुछ नहीं होगा .. उनको

पता नहीं चलेगा

तभी निचे से आवाज़ आता है..

आरती बीटा तुम कहा हो

नवाज़ बोलै था न पापा जी है निचे .. देखो मुझे आवाज़ दे रहे है ..

हाँ सुना . ..बूढ़े को भी अभी आवाज़ देना था

बुजुर्ग आदमी को ऐसे नहीं कहते

तो क्या कहता मई

वो जाने दो प्लीज मुझे चोर do….jane दो muje….wo मुझे ढूंढ रहे होंगे….

थोड़े देर रुख

नहीं न नवाज़ समजा करो अगर वो ढूंढते हुई यहाँ आये या उन्हें पता चला हम यहाँ है तोह

तब नवाज़ उसका एक मां दबाता है

अह्ह्ह्ह

कैसे पता चलेगा

वो क्या छोटे बच्चे है .. हम दोनों निचे नहीं दिखे तो वो उप्पर आ जायेंगे ..उन आलरेडी पता है तू उप्पर नहाने आया है .. मई निचे नहीं होंगे तो वो गेस लगा लेंगे अगर मई निचे नहीं दिखी तो यहाँ उप्पर होंगे

बहुत स्मार्ट है

इसलिए तो सब लोग शेठजी कहते है

हम्म्म

अब मुझे जाने दे

रुक न जरा ..एक बार चूमने तो दे

तब चहरे पर स्माइल लेट हुई आरती कहते है ..





सुबह से चुम रहा हो जी.. दिल नहीं भरा क्या अब तक ..

नहीं न रानी

ये कहते हुए उसने फिर से आरती के होंटो को अपने होंटो मई भर लिया और आरती के होंटो को चूसने laga…Wo कुछ सोचती तब तक नवाज़ ने आपने एक हाथ उसके मम्मी पाई रख के उसको दबाता है .. आरती तड़प उठी ..उसने उसका चेहरा पकड़ के उप्पर उठाया और उसको देखते हुई कहने लगी ..

जाने दो मुझे

तब नवाज़ उसके मम्मी को जोर से दबाता है

नाहीइ nawwwaazzz..plssss ऑर्डर नाहीई pllssssssssssssssssss…

नवाज़ को दूर करते हुए कहती है .. तब नवाज़ के मुसल लुंड पर पहली बार आरती की नज़र पड़ी .. वो एक डैम कड़क होकर हिलने लगा था ..

उसको देखते hi आरती शर्मा के आँख बंद करती है और कहती है..

ओह्ह्ह गॉड

और आँख बंद करती है..

तब नवाज़ कहता है

क्या हुआ

तब आँख बंद करते हुई न मई गर्दन हिलती है

कुछ नहीं

तब नवाज़ ने आरती के गर्दन को देखते हुए उसके पसीने से भीगे हुए गले को चाट liya..pura मुँह खोल के .वही नवाज़ के इतने प्यार और इतने कामुक तरीके से गर्दन चाटने से.. आरती की आँख बंद हो गयी ..और आँख बंद करते हुई वो कहती है ..

जाने दो नहीं तो पापा जी उप्पर आ जायेंगे

नहीं आएगा बुद्धा ..

तब उसके तरफ अड्डा के साथ देखते हुई कहते है





तुम मुझे जाने देनेवाले हो या नहीं

नहीं

प्ल्ज़ जाने दो न ..वो सच मई उप्पर आ जायेंगे

आएगा तो उनके शूज की आवाज़ से पता चलेगा ..

बहुत ज्यादा hi स्मार्ट हो तुम

इसलिए तो तेरे जैसे माल को पता लिया है

ऐसा बोल के उसके एक मम्मी को आपने मू मई ले लेता hai..aur मां और निप्पल को जोर से खींचता है ..

नवाज़ के मू मई आपने निप्पल जाते hi मज़े और दर्द की वजह से आरती मचल उठी ..





आरती कामुक आवाज़ मई बोली..

उऊंणमन्त्र... नव्व्वाज़्ज़ज़ ...... क्याआ काररर रही होऊ.. ब्लॉसस्सस्स पूरा भीग जाईएगाआआ….. मरीईई राजजज्जजजाआआ …

लेकिन नवाज़ अब कहा सुनने वाला था .उसने फिर से उसके दूसरे मम्मी को और निप्पल को आपने मू मई पकड़ा और जोर से खिंचा ..

ओह्ह्ह्हह मयययययय गॉडडडडडडड

मज़ा आ रहा है न रानी

बहुत ज्यादा मेरे राजाआआ.. पर ब्लाउज

भीग जाने दे .. वैसे भी ये ब्लाउज अच्छा नहीं है

आपको नहीं पसंद आया क्या

नहीं

फिर कोनसा पह्नु

कोई अच्छा सा

मतलब

सेक्सी

धत besharam...aur साड़ी

वो भी दूसरे पहन

कोनसी

कोई अच्छी

कोनसी अच्छी

बिना देखे कैसे बताऊ

मई मेरे पास की सब साड़ी आप को दिखते हु .. फिर मुझे बताना कोनसी पह्नु

हां रानी

कहके नवाज़ पूरा मुँह खोल के उसके गर्दन पाई के नमकीन पसीने को चाटने लगा ..और उसके हाथ की पकड़ उसके मम्मी पे टाइट हो गयी .वो उसके भीगे हुई मम्मी को जोर से दबाता है ..

आह्ह्ह्हह्ह माआ.. ाअजज क्या जान से मुझे मार डालने का इरादा है क्या

नही रानी तुजे आज सेक्स का असली मज़ा देना है ..

तब शरमाते हुई कहती है

धत्त बेशरम

तेरे मम्मी बहुत hi बड़े है .. मेरे एक हाथ मैं नहीं आ रहे है .. लगता है तेरे पति ने अरविन्द मालिक ने इस पाई बहुत मेहनत की है

तब शरमाते हुई कहते है

वो कहा दबाते है

तो कोण दबाता है

धत्त बेशरम!! कोण दबाएगा मेरे पति के अलावा

मई

तब हाँ मई गर्दन हिलती है

पर मई तो आज पहली बार दबा रहा हु

हाँ मैंने कब कहा तुमने पहले दबाये

तो किसने दबाया

किसी ने नहीं .. नेचुरल hi है

नेचुरल और इतने बड़े

हाँ .. यकीं नहीं है क्या

नहीं .. किसी ने तो दबाया hi होगा

किसी ने नहीं

कॉलेज मई

नहीं

स्कूल मई

नहीं

मायके मई

नहीं बाबा ..तुम क्या मई ऐसे लगती हु क्या

नहीं न रानी

ऐसा बोल के उसके उप्पेर लिप्स को अपने होंठ मैं भर liya..aur बस चूसते रहा ..चूसते रहा.. आरती ने आँखों को ज़ोर से बंद कर diya..aur नवाज़ के पिट पर आपने हाथ रख के उसको टाइट से पकड़ लिया ..तब नवाज़ का हाथ उसके लेफ्ट मम्मी पर गया और उसने जोर से दबाया .. आरती बिलबिला gayi..aur उम्म्म . aaaaaaaaaaa... करने लगी ..तब नवाज़ ने उसके होंठ हलके से काट liye..tab आरती होंठो को चुराके कहती है

काटो मत .. मई दीदी और पापा जी को क्या कहूंगी

सॉरी डार्लिंग

कहके उसको फिर से चूसने लगा... और 3 मं बाद जब आरती ने किश तोड़ी ..वो शर्म से हांफते हुई नवाज़ को देखने लगी .. .. फिर आरती ने नवाज़ को हल्का सा chuma..aur फिर कुछ सोच के एक गहरा का चुम्बन, नवाज़ के होंठ पे ले liya..nawaz की नाक आरती की नाक से जा मिली.. तब दोनों हँसाने लगे ..फिर नवाज़ ने उसके मम्मी को पकड़ लिया और दूसरे हाट से उस के पेट को सहलाते हुए उसके मोठे मम्मी को हलके से दबा दिया

naaaaawwwwwwwwaaaaaaaaaazzzzz प्ललललस्स्सस्स ...कोईई आ जाएगा .. प्लसससससससस .... मुजीब दाररर लाग्ग रहा है....

ऐसा कहते हुई आँख बंद कर दी ..

कोण आने वाला है तेरे बूढ़े ससुर के अलावा

तब आँख बंद करते हुई आरती उसके सर को मरती है... और उसको किसिंग करने लगी ..अब उस रूम मई किसिंग की बहुत तेज़ आवाज़ आने लगी ...साथ मैं आरती की दबी आवाज़ भी ....

Uuuuuuummmmm..ummmmmmmm..

नवाज़ ने उसके होंठ चूस चूस के लाल कर diye..kiss करते हुई उसके मम्मी दबाने लगा ..

उसके मामे धीरे धीरे दबाते हुए उसके साड़ी के उप्पेर से आरती की छूट के जगह पे हाथ lagaya..to आरती ने aaaaaaaaaahhh नाहहहहहहयईईई नाववववायज़ज़्ज़ज़ वाहा naahhiiiii...plsssss...kehte हुए उसके हाथ को टाइट से पकड़ लिया ..तब नवाज़ ने थोड़ा जुख के दूसरे हाथ से उसके साड़ी को निचे से पकड़ के उप्पेर करने लगा.. अब आरती कुछ नहीं कर पा रही थी .. उसके होंठ नवाज़ ने बंद किये हुई ते और हाथ एक हाथ मई थे .. वो उसको ज़ोरदार किश करते हुए आरती की साड़ी उप्पेर उठाने लगा ..अब उसकी साड़ी और पेटीकोट उप्पेर होने लगे ... आरती की मोती गोरी जांघ बेपर्दा होने lagi..aur जैसे hi उसने हाथ पेटीकोट के अंदर डाला और उसकी नंगी जांघों को मसला ... वैसे hi आरती ने झट से किश तोडा और उठ के बैठ गयी ..

नूवो नवाज़ज़्ज़ज़्ज़ज़...

और अपनी साड़ी निचे करने लगी .. पर नवाज़ के ताकत के आगे कुछ नहीं कर पा रही थी ..पर फिर भी वो आपने साड़ी और पेटीकोट निचे करने लगी .. तब नवाज़ ने उसके दोनों हाथ आपने एक हाट मई पकड़ लिया ..और आपने दूसरा हाथ से उसकी साडी और पेटीकोट उप्पर करके उसके पेटीकोट के अंदर आपने हाथ उसने दाल दिया ...और आपने हाथ उसके नंगे झंगो तक ले गया ..

नवाज़ के ऐसे करने से आरती मचल उठी .. और आपने दोनों पेअर इधर उधर पटकने लगी ..

ारे इतना क्यों मचल रही है .. पेअर एक जगह रख न

नहीं तुम ये सब मेरे साथ नहीं कर सकते

कर तो बहुत कुछ सकता हु

ऐसा कह के नवाज़ आपने हाथ आगे उसके चड्डी तक ले जाने लगा तब आरती ने अपनी झांग एक दूसरे मई बीच दी ..और नवाज़ को मरने लगी .. ज्यादा कुछ तो वो मार नहीं सकती थी क्यों की नवाज़ ने उसके दोनों हाथ पकड़ के रखे थे .. तो वो वैसे hi नवाज़ के छथि मई और उसके चहरे पर मरने लगी ..

पेअर खोल

कभी नहीं

ऐसा बोल के गर्दन तेज़ी से न मई हिलाते हुई नवाज़ के चेस्ट मई मरने लगी ..उसके नाखून अब उसके चेस्ट मई लगे तब नवाज़ चिल्ला उठा ..

आआह्ह्ह ..कमीने नाखून क्यों मार रही

सॉरी पर चोर दो मुझे ..

अभी तो नहीं छोड़ूंगा

ऐसा बोल के जबरदस्ती उसके दोनों झंगो के बीच से आपने हाथ आगे ले जाने लगा ..

ऐसा मत करो प्ल्ज़

करूँगा

फिर मैंने आपने हाथ से मारा तो मेरे चूड़ियां तुम लग सकती है ..फिर मत कहना ..

धमके दे रही है क्या मुझे

धमकी नहीं मेरे राजा मई प्यार से कह रही हु

ऐसा कह के थोड़ा आगे जुख के उसके होंटो को चुम लेती है ..और बहुत प्यार से कहती है .. उसके आँखों मई देखते हुई ..

मेरे राजा ईई करणा ज़रूरी है क्या ????

वो उसको किश करते हुई कहता है

हॉँण्णन.. ज़रूरी hai......tu बहुत ाची लग रही हाउ सच मैं ..

हम्म्म्म

तू डर क्यों रही है

पापा जी है न निचे

तो

आवाज निचे जा सकती है न

शरमाते हुई कहती है

तू तो ऐसे hi कह रही है जैसे तू पहली बार चुद रही है

तब गर्दन निचे करते हुई कहते है

आप का बहुत बड़ा है ..

सच मई

वो गर्दन हाँ मई हिलाते है

तेरे पति से

हाँ

अब नवाज़ की पकड़ उसके पैरो पर से लूसे हुई थी और उसने उसके हाथ भी चोर दिए थे ..और नवाज़ ने फिर से उसको अपनी भाव मई लिया तह .. आरती के मासूम चेहरे पर नज़र डालते हुई कहता है ..

तेरा चेहरा कितना खूबसूरत है रानी ..

आरती शर्मा जाती है .. एक बार फिर उसका दिल जोर से धड़कता है ....

"कितनी खूबसूरत हो tum...kitna प्यारा दिल है तुम्हारा ..क्यों न तुम्हे चाहने को दिल करे किसी का "

तभी निचे से आवाज़ आता है

आरती बीटा कहा हो तुम

तब आरती कहते है ..चहरे पर स्माइल लेट हुई

चोरो मुझे पापा जी मुझे बुला रहे है

बुलाने दो उस बुड्ढे को

बुद्धा कह रहे हो और वो तुम्हारी तारीफ करने से नहीं थकते

मई तारीफ की चीज़ hi हु .. ये नाचीज़ है hi ऐसा की कोई भी तारीफ करारता है

तब चहरे पर स्माइल करते हुई कहते है

हाँ पता है अब ज्यादा ऊधो मत

कहा तेरे पाई

चल हटो बदमाश ..मुझे जाने दो

जल्दी आना उस बूढ़े से

ऐसा कह के उठ के जाती है और जाते हुई कहती है

देखूंगी

तब उसको बहो मई पकड़ के बीएड पाई डालने लगता है





तब वो दोनों बीएड पाई गिरती है

आह्ह्ह्हह्ह

उसके लुंड पर hi आरती गिर जाती है

ये तुम्हारा .. सॉरी आप का छोटा नवाज़ बहुत तकलीफ दे रहा है

ये तुम्हारे अंदर जाना चाहता है इसलिए रास्ता ढूंढ रहा है

रास्ता ढूंढने के लिए मई क्या नीता नहीं हु

वो अब नीता नहीं आरती चाहता था है

लगता है तुम्हारे जैसे hi बदमाश है

छोटा नवाज़ है तो मेरे जैसे hi बदमाश होगा न

चोरो मुझे . लेत होगा तो कही नीता न आ जाये

आने दो

फिर उसको भी लेके जाना पड़ेगा

लेके जायँगे

अच्छा जी फिर दोनों दोनों को कैसे संभल पाओगे

दोनों को कहा तीनो को

तीसरी कोण

तुम्हारी नानन्द

वो कहा तुम्हारी बानी है

हाँ वो है ..तुम दोनों तो मेरे बानी हो

तब उसके शेव को देखते हुई उसपर हाट लगा के कहते है

शेव कितनी बड़ाई है ..शेव नहीं करते क्या

तुम कहा टाइम देते हो ..

तब शेठजी कहते है

आरती बीटा

आ रही हु पापा

खुद के शेव खुद करनी चाहिए

तुम करो न
 
तब उठ के दूर की तरफ जाने लगी तब नवाज़ कहता है

अब तू जा रही है तो मेरे इस खड़े लुंड का क्या

इतने मज़े तो किये

क्या मज़े किये ..असली वाला काम तो करने नहीं दिया

वो मुझे नहीं मालूम

फिर मुझे नीता के पास जाना पड़ेगा

ख़बरदार गए तो मेरे से कोई बुरा नहीं

और स्माइल करते हुई कहते है

तुमने मुझे वडा किया है

पर इस लुंड का क्या करू

मुझे क्या मालूम

मेरे नीता रानी hi इसका इलाज कर सकती है

तब आरती कुछ कहने वाली थी तब शेठजी फिर से कहते है

आरती बीटा .

भहद मई जाओ तुम और तुम्हारी नीता रानी .. मुझे नीचे जाना है

इतना कहती है .. वो अब दूर तक पास पहुंचे थी .

शेव करेंगे क्या मेरे

तब दूर के पास जाकर पलट कर देखती है ..





देखूंगी

ये कहके निचे चली जाती है ..

आरती निचे जाते हुई सोचने लगी …क्या यार आखिर क्यों अलग हुई में उस से.. वैसे तो में भी यही सब चाहती हु तो फिर क्यों ..

फिर शर्माकर कहती है …

धत बेशरम .. मई कब ये सब चाहती थी ..अगर नहीं चाहती तो हर बार उसका हाथ टच होते hi मुझे कर्रेंट सा क्यों लगता है.. ऐसा hi चला तो कही वो मेरा सब कुछ न ले जाये .. जो अरविन्द का है वो ये लूट न जय पर आरती अब तक तूने उसको इतना सबकुछ दिया फिर ये क्यों नहीं .. नहीं नहीं ये सब ठीक नहीं है ..पर मई अगर उसको मन किया तो कही वो मुझसे दूर न हो जाये ..ऊऊह्ह्ह्ह गॉड अब मई क्या करू ..

फिर कुछ सोच कर कहती है

कही शहर मई मेरे साथ सब कुछ न करे .. बर्थडे के बहाने ..

अब मई क्या करू

ये सब सोच रही थी तब उसके ससुर कहते है

बेटी क्या सोच रही हु

एक्चुअली सोचते सोचते वो नीचे आ गयी थी.. जब उसके ससुर ने कहा तब वो आपने सोच से बहार आ गयी

कुछ नहीं पापा जी

मुझे पता है तुम आपने दादी के बारे मई सोच रही थी .. don't वोर्री उन कुछ नहीं हुआ है ..

तब आरती कहते है

क्या मई भी ..इस नवाज़ के चक्कर मई मैं दादी को भूल hi गयी .. मई भी कितने बदल गयी हु .. वो दादी आपने बीमारी मई सिर्फ मुझे याद कर रही है और मैंने उन एक बार भी याद नहीं किया जब से मुझे पता चला है वो बीमार है .. फिर वो आपने ससुर को कहती है

आप को क्या भैय्या

हाँ कॉल आया था

तब आरती थोड़ा नाटक करके कहते है

पर पापा जी

टेंशन न लो नवाज़ तुम चोर देगा .. अगर तुम वह रुकना है तो रुक लो .. मेरा ज्यादा सोचो मत ..

जी पापा जी

पर आप का खाना

नीता है न

वो बीमार

ठीक हो जायेगे .. जाओ तैयार हो जाओ तुम

ठीक है कह कर वो आपने बैडरूम मई गयी ..और जैसे hi वो कड़ी हुई उसके सामने मिरर मई देखने लगी ..





उसके बाल बिखर गए थे . ब्लाउज भीगा हुआ था .. बूब्स के उप्पर .. खुद को देखकर वो कहते है

ये भगवन मई ऐसे hi पापा जी के सामने गयी thi..muje क्या हो गया है..

ऐसा बोल के वो आपने आप को तैयार करने लगी .. तब उसे नवाज़ के शेव के बारे मई याद आया .. उसने आपने हस्बैंड का शेव का सारा सामान लिया .. खुद का ब्लाउज चेंज किया और अपनी पंतय भी .. वो पूरी भीगी हुई थी और फिर उप्पर जाने लगी .. तब फिर एक बार मिरर मई खुद के संजय सँवारे रूप को देखने लगी ..





फिर खुद पर खुश होकर उप्पर चली गयी ..उस कमरे मई जहा नवाज़ था .. नंगा नवाज़ ..

वही आरती नीचे जाते hi नवाज़ सोचने लगा ..

क्या मैंने जल्दबाज़ी कर दी .. अगर धीरे धीरे आगे बढ़ता तो शायद ऐसा नहीं होता और फिर आरती सब कुछ करने देते .. पर मई अब क्या करू ..

तब उसे नीता की याद आ गयी ..

लगता है अब इस लुंड की आग नीता से hi बजाने पड़ेगे ..

फिर कुछ सोच के कहता है

नीता को कॉल लागू क्या . वो कब आएंगे ये पुछु क्या ..

फिर कुछ सोच के कहता है

पर अचानक आरती आ गयी और उसने नीता के साथ मुझे देखा तो वो क्या कहेगे .. अब कहने दो कुछ भी पर अब मेरे लुंड को छूट चाहिए .. वो छूट मालकिन की हो या नौकर की .

ऐसा कहते हुई वो आपने मोबाइल ढूडने लगता है....
 
अब आरती उप्पर आ गयी थी.. पर इस बार नवाज़ ने ुंदरपनत पहन ली थी .. क्यों पता नहीं पर पहन ली थी ..

अंदर आते hi आरती वो जान गयी और ये जान कर उसके चहरे पर स्माइल आ गयी ..





और स्माइल करते हुई नवाज़ को देखते हुई आरती मैं मई सोचने लगी ..

इतना भी बेशरम नहीं है.. मई इसे ज्यादा hi बेशरम समजते हु ..

अब आरती नवाज़ के पास आ जाती है तब नवाज़ आरती को अपनी और खिंच लेता है और अपने दोनों हाथ आरती के कमर के पीछे से डालते हुई उसे आपने ऊपर दबोच लेता है .. और बीएड पाई गिर जाता है ..पिट पर

ोुछःह

अब आरती उप्पर और नवाज़ नीचे थे .. आरती के मम्मी नवाज़ के छथि मई डब्बे हुई थे ..

तब उसके गांड के ऊपर नवाज़ आपने एक हाथ रख देता है .. और वह मालिश करने लगता है .. और दूसरे हाथ से उसके नंगे पीठ पर रब करने लगा . ..

फिर उसको पलट के उसके उप्पर आ जाता है और उसको किश करने लगता है..





फिर किश चोर के नीचे आके उसके गर्दन को किश करने लगता है

अब धीरे धीरे आरती मदहोश होने लगी थी ..... उसकी भी सांसें अब धीरे धीरे बेकाबू हो रही थी ...... वो अब ाचे से जान गयी थी की अगर इसी तरह कुछ डियर और चलता रहा तो वो वहीँ नवाज़ के आगे अपने आप को सौंप देगी.......

प्लीज नवाज़ .......अब मेरे ख्याल से हमे चलना चाहिए ...... ..

थोड़े देर रुख न .. थोड़े मजे करने दे न मुझे

ऐसा कहते हुई उसके पैरो के उप्पर आपने पेअर रखता है .. नवाज़ के इस तरह पवन रखने से आरती का जिस्म के रोएं एक बार फिर से खड़े हो जाते hain.......aab आरती भी इंकार करने की स्तिथि में नहीं लग रही thi.........par फिर भी खुद को कण्ट्रोल करते हुई वो कहते है

नवा आज के लिए इतना काफी हैं ........ तुमने आज बहुत मज़े किये है

इधर नवाज़ तो नहीं चाहता था की ये हसीं पल यु hi ख़तम हो मगर वो भी आरती के साथ जाना चाहता था .. रस्ते मई उसे आरती के साथ मज़े जो करने थे

..

अब चले

बोल के उठ कड़ी हुई

नवाज़ ने आरती की आँखों मैं देखा और मुस्करा के हाँ मैं गार्डन हिलाया..

पर मेरे शेव

आरती ने शर्म से नज़र हटा di..lekin वह से हिली नहीं..





करती हु बाबा ..

तब नवाज़ ने एक डैम से आरती के कमर के पीछे हाट दाल diya..aur जाहत से आरती को अपने और खिंचा ..आरती इसके लिए त्यार नहीं थी..

उसने हैरान हो के दबी आवाज़ मैं कहा

ाआउउउक्छ किया कर रही होओओओ???

करके नवाज़ के सीने से जा lagi..tab उसके होंठ नवाज़ चूसने लगा ..

उम्म्म .aaaaaaaaaaa...kehte हुए होंठ चुरा दी ..

चलो तुम्हारे शेव करते हुई

ऐसा शरमाते हुई कहती है





कहकर उसने उसका हाथ पकड़ के बाथरूम ले गयी और उसका शेव करने लगी ..

नीचे का भी कर दे ..

ची गंदे ..

उसने नवाज़ का अच्छे से शेव किया .. आपने पति का क्रीम लगा कर .. फिर आफ्टर शेव लगाया और फिर उसको नहलाया भी . अच्छे से शैम्पू लगाके .. फिर दोनों बाथरूम से बहार आये .. फिर आरती ने उसे कपडे पहनाये ..





अब जेक तुम पापा जी से जेक बात करो

क्या बात करू

मुझे लेके जा रहे हो तो उनकी परमिशन लेने तो पड़ेगे न

तेरा ससुर है तू परमिशन ले ले

उनकी बहु को लेके जा रहा है तो तुजे hi परमिशन लेने पड़ेगे न

पर मई क्या बात करू

कर आपने तरीके से .. तू तो कन्विंस बहुत अच्छे तरीके से करता है ऐसा सुना है

वो तो हु ..

फिर यहाँ क्यों डर रहा है

नवाज़ किसी के बाप को नहीं डरता है

तब स्माइल करते हु कहती है





तो जेक बात कर ले

करता हु ..डरता हु क्या ..

तभी निचे से शेठजी आवाज़ देते है ..

नवाज़ कहा हो

जी उप्पर हु शेठ जी

निचे आ जरा काम है तुमसे

आ रहा हु

कहके आरती को कहता है

जेक देखता हु तेरा ससुर क्या बोल रहा है

देख ले ..

ऐसा बोल के उसके आँखों मई देखने लगे ..

तब उसका चेहरा आपने हाथ मई लेके कहता है

मई तुम्हारे लिए कुछ भी करूँगा...

ऐसे कहते हुई नवाज़ ने आरती के सुन्दर से मुखड़े पर जो कुछ बाल आये थे उसको अपने हाथों में लिया और बड़े प्यार से उस बाल को उसके कान के पीछे रख के एक छोटा सा किश उसके होठों पर कर दिया…

अह्ह्ह्हह्हह…

क्या ताकत है तेरे इस रसभरी होंटो मई पता नहीं .. इससे छोड़ने का मैं hi नहीं करता ....

नवाज़ के इस बात से आरती शर्मा गयी ..





आप भी न नवाज़ ..

क्या मई भी न आरती ..

तब शर्मा कर आरती आपने चेहरा निचे कर लेती है तब नवाज़ ने अपनी हथेलियों में उसके सूंदर से मुखड़े को लेकर ऊपर किया और उसके माथे को चुम कर बोलै ...

थोड़ा मेरी तरफ देखो आरती… प्लीज..

आरती ने अपनी पलकें ऊपर की और अपने यार की ओरे देखा





लेकिन वो ज्यादा देर तक उससे नज़रें मिला नहीं सकीय और फिर झुका li…sharm और रोमांच से उसके होठ thar-thara रहे थे ..

क्या मई भी न

मुझे नहीं पता

पर मुझे पता है

ऐसा बोल के फिर से उसके चहरे को उप्पर किया और उसके गर्दन के वह किश करने लगा ..





फिर उसके होंटो को चूमने लगता है.. तब आरती सिहर गयी और अपने आप hi उसकी आँखें बंद हो गयी. अब उसको चूमते हुई नवाज़ एक हाट से उसके एक मम्मी को आपने हाट मई लेके उसको दबाता है ..

तब किश तोड़ते हुई आरती कहते है

आह्ह्ह्हह्ह.. आप छोड़िये न जी ! आप निचे जाओ नहीं तो पापा उप्पर आ जायेंगे .

तब नवाज़ ने उसको आपने बहो मई ले लिया ..





तब शरमाते हुई कहते है

अब आप जाओ

तब नवाज़ वहाँ से चला गया लेकिन आरती अभी भी वैसे hi कड़ी rahi..kuch सोचते हुई .. जब कुछ देर बाद उसे याद आया की नवाज़ निचे चला गया है तब वो खुद से hi शर्मा गयी.. उसके चहरे पर शर्म की लाली saaf-saaf दिखाई दे रही थी.

नवाज़ हलके क़दमों से चलते हुई नीचे चला गया था ..

ारे नवाज़ तेरे से एक काम है

बोलिये शेठ जी

वो आरती बीटा की दादी को हार्ट अटैक आया हुआ है .. उसके भाई का कॉल आया था ..तो उसको लेके शहर जा ..आपने बाइक पाई ..कार ख़राब है और फिर रेतुर्न भी लेके आ . अगर आरती रुकना चाहते है तो रुक जाना ..उसे अकेले चोर के मत आना ..

जी

नवाज़ अब बहुत खुश हो जाता है ... आरती उप्पर से ये दूर पाई खड़े होक देख रही थी ..





वो उप्पर सर उतके रूम की तरफ देखता है तो आरती उसे hi देख रही थी और सुन भी रही थी .. वो आपने ससुर की बात सुन कर स्माइल करने लगी थी .. जैसे hi उसके ससुर ने देखा वैसे hi उसके ससुर ने कहा

आरती बीटा इसको सब बता दिया है ..

तब आरती उन्दोनो के पास आ जाती है .. और स्माइल करते हुई कहते है

थैंक यू पापा जी

क्या तुम भी बेटी .. अब जाओ तुम दोनों

ऐसा कह के शेठ जी वह से चले जाते है तब आरती नवाज़ के पास गयी और हँसाने लगी

मतलब तुजे पता था

हाँ

कहके शरमाते हुई कहते है . ..

चलो अब आप और मुझे आपकी पसंद वाली साड़ी और ब्लाउज बता दो

तब उसको बहो मई लेके नवाज़ कहता है

सिर्फ साड़ी और ब्लाउज या ब्रा पंतय और पेटीकोट भी

चलो हटो जी .. चोरो मुझे हम यहाँ आप के रूम मई नहीं है ..हाल मई है ..

मेरा रूम ??

वो उप्पर वाला जी

मेरे या हम दोनों

हम दोनों का जी

ऐसा बोल के उसके बहो से निकल कर आपने बैडरूम मई चली जाती है.. नॉवज़ भी उसके पीछे पीछे चला जाता है

फिर आरती आपने सरिया उसे अलमारी ओपन करके दिखते है..

इतने सरिया है तेरा पास

हां .. और भी है माँ के घर

अच्छा

चलो जल्दी से डीडे करो ..

हां ठीक है

बोलके कुछ 2-4 मिनट मई साडी और ब्लाउज चूसे करता है

तुम्हारी पसंद तो काफी अच्छी है

खुद को देख के नहीं लगता क्या

तब आरती शर्मा जाती है

चड्डी भी चूसे करू क्या

तब शरमाते हुई कहते है

मई कर लुंगी ..

और उसको देख के कहते है

बी थे वे उसे पंतय कहते है

मई तो चड्डी hi कहता हु

कह लो मुझे क्या .. अब आप बहार जाओ . मुझे चेंज करना है

कर न मई यही बैठ रहता हु

आप के सामने hi

हां मई भी तो तेरे सामने नंगा हुआ था न

मुझे क्या आपने जैसे बेशरम समज रखे हो क्या

मई बेशरम क्या और तू

बोल के उसको गुस्से से पकड़ने लगा तब आरती कहती है

जो भी गुस्सा दिखाना है रस्ते मई दिखाऊ .. अभी मुझे रेडी होने दो

बोल के उसे बैडरूम से बहार निकल के दूर लगा देते है..

कुछ 15 -20 के बाद आरती रेडी होक आती है .. नवाज़ हाल मई बैठा तह

उसको देख के नवाज़ उसको आपने और खिंच लेता है और किश करने लगता है





चोरो जी

बोल के उससे निकल के दूर के पास शरमाते हुई चली गयी .. उसके पीछे नवाज़ चला गया. तब उसने नवाज़ को एक किश किया और फिर वो बहार चली गए ..

वह उसका ससुर खड़ा था

उसने नवाज़ को 2000 की 2 नोट दी और पेट्रोल डालो बोलै

नवाज़ जी कहते हुई पैसे लेके जब मई डालता है

अच्छे से लेके जाना .. मेरे बहु को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए

तब नवाज़ कहता है

कोई तकलीफ नहीं होगी शेठ जी .. अब आप की बहु

ऐसा कहते हुई आरती की और देखता है तब आरती उसे hi देख रही थी





स्माइल करते हुई

तब नवाज़ कहता है

मेरे है ...

तब आरती शरमाते है





फिर कुछ देर रुख के कहता है

मालकिन

तब आरती हँसाने लगी





निचे गर्दन कर के

फिर थोड़ा आगे आके पहले आपने ससुर को देखती है और फिर नवाज़ को देखते हुई कहते है





पापा जी आप टेंशन न लो .. मुझे पता है नवाज़ मुझे अच्छे से लेके जायेगा मुझे कोई तकलीफ होने नहीं देगा .. विश्वास है मुझे नवाज़ पर .. आप टेंशन न लो

तब शेठ जी कहते है

हां बीटा मुझे भी पूरा विश्वास है .. तुम वो कोई तकलीफ नहीं होने देगा

तब आरती नवाज़ को देखते है





इसलिए तो किसी और के बजाय नवाज़ के साथ तुजे भेज रहा हु .. ये कभी भी मेरे को धोका नहीं देगा

जी पापा

ऐसा कहते हुई नवाज़ के पीछे बैठ गयी और शरमाते हुई नवाज़ के कंधे पर हाट दाल देती है





और आपने ससुर को देखते है .. ससुर कुछ नहीं कहता या इशारा कुछ नहीं करता इसलिए वो थोड़ा आगे सरक जाती है..

फिर वो दोनों उसके बाइक पाई बैठकर चले गए .थोड़ा आगे जाने के बाद आरती कहती है

पापा जी का आप पाई कितना भरोसा है

हां

और आप हो की उनको बहु को पता लिए हो

अब बहु पैट गए तो मई भी क्या कर सकता हु रानी ..

तब उसके पिट मई जोर से मरती है..

चलो हटो जी
 
गाओं से निकल कर कुछ आगे जाते hi आरती नवाज़ की पीठ से चिपक गयी…

जरा कण्ट्रोल करो… वार्ना ये मेरी बुलेट रानी नाराज हो गयी तो दोनों hi किसी झड़ी में पड़े मिलेंगे लोगों को…

तब आरती हँसाने लगी

आज में कितनी खुश हूँ बता नहीं सकती ..

फिर वो दोनों तोड़े और आगे चले गए ..नवाज़ और आरती बाते करते हुई जा रहे थे तब अचानक आरती चिल्ला उठी

"गाडी रोको गाडी रोको"

"क्या हुआ??"

नवाज़ ने पूछा

"पानीपुरी"

आरती ने कहा

"तो??"

नवाज़ बोलै

"मुझे कहानी है"

तुजे पसंद है ये

हाँ

तो चलो कहते है

that's माय बॉय

नवाज़ को कुछ समाज नहीं आया

क्या

कुछ नहीं

कुछ तो कहा तुमने अंग्रेजी मई

इसलिए तुम मुझे पसंद हो

किस लिए

तुम न हर मेरे इच्छा पूरी करते हो

और अरविन्द नहीं करता क्या

अब वो डायरेक्ट अरविन्द को नाम से बुला रहा था और आरती को इससे कुछ फरक नहीं पद रहा था

एक बार हम ऐसे hi कार मई जा रहे थे तब यही पानीपुरी देख के मैंने अरविन्द को कहा मुझे पानी पूरी खाना है तो क्या बोलै है पता है

क्या बोलै

ये इतनी ुनिगणिक और इतनी बेकार की चीज़ कैसे खा सकती हो तुम आरती

आरती के ऐसे बोलने से नवाज़ हँसाने लगा

उसके ऐसे कहने पाई मुझे गुस्सा आ गया ..मैंने गुस्से मई उसे कहा

मुझे खाना है तो खाना है बस

तब उसने गुस्से मई कहा

तुम्हे खाना है तो खाओ मई ऐसी घटिया चीज़ के पास भी नहीं जाऊंगा..

फिर हमारा जगदा हुआ .. नवाज़ मुझे बोलो पानीपुरी घटिया चीज़ है क्या

नहीं बहुत मस्त चीज़ है तुम्हारे जैसे ..

तब आरती शर्मा जाती है..

फिर तुमने पानीपुरी खायी या नहीं …

कहा खायी ..किसी को बोल के तुम्हारे लिए पानीपुरी माँगा देता हु ..

ऐसा उसने कहा

मई ऐसे नहीं कहूंगा बल्कि मेरे रानी को पानीपुरी खिलाऊंगा वो भी सबसे बेस्ट पानीपुरी..

सबसे बेस्ट .. कहा है

आगे है ..

पक्का

पका रानी

ऐसा बोल के कुछ देर बाद एक पानीपुरी वाले के पास आपने बाइक रुका दी

अरे भैय्या कैसे हो??

गाड़ी रुकते hi पानीपुरी वाले ने नवाज़ को कहा ..तब आरती नवाज़ और उस पानीपुरी वाले को देखती है और मैं मई कहती है ..

लगता है नवाज़ की यहाँ अच्छी पाचन है

फरिस्त क्लास भाई

अरे भैया इतने दिनों बाद??

पानीपुरी वाला हस्ते हुए बोलै

बस काम मई था .. 2 प्लेट dena…special वाली

आप को तो हमेशा स्पेशल वाली hi देता हु

पानीपुरी वाला बोल दिया और उन दोनों को प्लेट दे दिया

भैय्या अपना प्लेट पकड़ो

हाँ

तब पानीपुरी वाला आरती को देखते हुई कहता है

कोण है ये नवाज़ भाई ..नयी गर्लफ्रेंड है क्या ..

तब आरती नवाज़ को गुस्से से देखते है





नहीं बे मरवाएगा क्या..

आरती को यकीन नहीं हो रहा था की एक रस्ते वाला पानीपुरी वाला दो कौड़ी का आदमी उसे नवाज़ की गर्लफ्रेंड कह रहा है. उसे पहले तो गुस्सा आया इसलिए वो गुस्से से नवाज़ को देखने लगी पर बाद मई उसे अच्छा भी लगाने लगा .. किसी उनकों पर्सन ने उसे नवाज़ की गर्लफ्रेंड कहा था इस वजह से ..

तब नवाज़ उसे कहता है ..

मालकिन है .. मरवाएगा किसी दिन.. मेमसाब है .. शेठजी की बहु है .. शेठजी ने कहा इसलिए शहर छोड़ने जा रहा हु पर उनोने कहा पानीपुरी कहानी है इसलिए यहाँ लेके आया और तू कुछ भी बोले जा रहा है ..

शेठजी का नाम सुनते hi वो डर गया

सॉरी मेमसाब मुझे पता नहीं था .. एक्चुअली भैय्या आपने गर्लफ्रेंड को यहाँ लेट है तो मुझे लगा .. शेठजी को प्ल्ज़ मत बताना

नहीं बताउंगी..





ऐसा कहते हुई उस पानीपुरी वाले को देखते हुई बड़े hi अड्डा के साथ कहते है

तो तुम्हारे भैया आपने गर्लफ्रेंड को लेट है तुम्हारे यहाँ

हाँ मेमसाब

एक hi या ..एक से ज्यादा

नवाज़ की तरफ देखते हुई आरती कहती है .. स्माइल करते हुई ..





तब पानीपुरी वाला नवाज़ की और देखता है तब नवाज़ कहता है..

तू आपने मू बंद रखेगा क्या

तब वो कुछ नहीं कहता

बताओ न

आरती ने कहा तब डरते हुई वो पानीपुरी वाला नवाज़ को देखता है ..

लगता है शेठजी को बताना पड़ेगा

तब वो पानीपुरी वाला डरते हुई कहता है

एक से ज्यादा मेमसाब

तब आरती एक पानीपुरी मुँह में डालते hi

उठु उठु UHHU….fuck इतना स्पाइसी????

ज़िन्दगी में इतना स्पाइसी खाना कभी नहीं खाया था आरती ne.aankhon से नाक से पानी निकल गया उसके ..

वही नवाज़ ने अपने दोनों होंटो को दबाकर रखा था अपनी हसी रोकने के liye.lekin...uski हसी और डाब नहीं पायी और वो हँसाने लगा ..

है है है ha,ha है है

आरती फिर से छिलने लगी ..

मम्मी बहुत टिक्का है

आरती के आवाज़ से आस पास वाले लोग भी उसे देखने लगे और हँसाने लगे. आरती ने उनकी और देखा तब वो शांत हुई .. अभी भी नवाज़ है रहा था .. तब आरती उसकी और देखते हुई कहते है ..

इतनी स्पाइसी पानीपुरी खिलाकर उप्पर से है रहे हो

चलो मई तुम रसगुल्ले खिलता हु ताकि तुम्हारे मू मई का तीखापन निकल जायेगा

ऐसा बोल के पानीपुरी वाले को कहता है

कितना हुआ??

ऐसा बोल के नवाज़ अपने जेब से पैसे निकलने लगा तब आरती बोली ..

रुको

और आपने पर्स से पैसे निकल के उसने पानीपुरी वाले को दे दिए ..2000 की नोट .. तब वो नोट पकड़ के नवाज़ लेता है ..

मई तुम ..

और पानीपुरी वाले को देखता है

मई आप को पानीपुरी खिलने लाया हु तो पैसे मई दूंगा

तब नखरे से आरती कहती है

नहीं बर्थडे तुम्हारा है तो ट्रीट मई दूंगी

नहीं मेमसाब

अब ज्यादा तिमेपास मत करो ..मेरे मू मई जलन हो रही है ..

ऐसा बोल के पलट के जाने लगी ..तब वो पानीपुरी वाला कहता है ..

मेमसाब चेंज लेके तो जाको

तब पलट कर स्माइल करते हुई पानीपुरी वाले की तरफ देखते हुई कहती है . ..





आज तुम्हारे भैया का बर्थडे है .. बाकि के पैसे की पार्टी कर लो .. आपने भैया की तरफ से ट्रीट समाज लेना ..

ऐसा बोल के आगे जाती है तब वो पानीपुरी वाला नवाज़ को कहता है ..

हैप्पी बर्थडे भैय्या .

और धीरे से नवाज़ को कहता है

अच्छा माल पता लिए हो भैया

तब नवाज़ उसे कहता है

चुप कर हरामी

ऐसा कह के नवाज़ आरती के पीछे जाने लगता है..

बेस्ट लक भैया जी

आरती ने ये सब सुना था .. ये सुन के उसके चेहरे पर हलकी सी स्माइल आ जाती है .. वो अब गुस्सा नहीं थी ..पर उसके चहरे पर स्माइल थी .. वो उन्दोनो के तरफ देखती नहीं है.. और रसगुल्ले वाले के पास जेक चुपचाप रसगुल्ले खाने लगी ..

फिर वो दोनों वह से हॉस्पिटल के तरफ जाते है ..वह कंचन उन दोनों के वेट hi कर रही thi..jaise hi वो दोनों वह हॉस्पिटल के सामने आते है तब नवाज़ एक जगह बाइक रुका देता है . कंचन से थोड़ा दूर . आरती कंचन कहा है ये देख रही थी .. कंचन नवाज़ को देखते है.. आपने को एक हॉट लड़की देख रही है ये देख के नवाज़ उसको देखने लगा तब कंचन आपने गूगल को पकड़ के उतरने वाली थी की तब नवाज़ कहता है





क्या हॉट माल है

तब आरती देखते है तब वो नॉवज़ के शोल्डर को मरती है

बेशरम ये मेरे नानन्द है

मुझे कहा पता था रबी

ऐसा बोल के कंचन के तरफ बाइक ले जाता है .. तब आरती बाइक से निचे उतर जाती है .. तब कंचन आरती को नमस्ते करते है..





और नवाज़ को देखते है

आरती भी तो उसे नमस्ते करती है .. कंचन नवाज़ की और देखती हुई कहती है

तो तुन हो नवाज़

और धीरे से कहती है

बहभी का सैय्या

हाँ मई hi हु नवाज़

ऐसा बोल के कंचन ने जैसे आपने भाभी को नमस्ते किया तह वैसे hi वो कंचन को नमस्ते करता

नमस्ते मेमसाब

कंचन भी उसे नमस्ते कहते है

अभी भी नवाज़ बाइक पाई बैठा था और आरती निचे उतर चुखी थी ..

तब बहभी को साइड मई लेके वो कहते है

बहभी इसने क्या कहा

कब

मुझे देखने के बाद

कुछ नहीं

जूथ मत बोलो भाभी आप को आप के भैय्या की कसम

कुछ नहीं बाबा

भैय्या की नहीं सैय्या की कसम

मेरा कोई सैय्या नहीं है दीदी

बताओ न

गुस्सा तो नहीं होगी न आप

नहीं

हॉट माल

तब कंचन उसको गुस्से से देखते है

लगत है पापा को बताना पड़ेगा . ये तो बहुत चालू चीज़ है

उसको पता नहीं था आप मेरे नानन्द हो

अच्छा .. पता नहीं होता तो नहीं बोलता

हां

तू ..सॉरी आप भी न भाभी

तू कह सकते हो .. आप ..मई वैसे छोटे हु आप से

तू क्या कह रही थी

आप की पसंद लाजवाब है ..

तब आरती नाटकक करते हुई कहते है

मेरे कोई पसंद नहीं है ..वो हमारा नौकर है ..और वैसे मेरे पसंद तेरे भैया है ..

और स्माइल करती है
 
वो तो है hi ..पर ये पसंद भी काफी अच्छी है ..

कंचन नवाज़ की तरफ पलट कर देखते हुई कहती है





वो सिर्फ नौकर है

अच्छा सिर्फ नौकर

हाँ

तो मेरे लाइन क्लियर है

मतलब

मतलब भाभी आप को इंटरेस्ट नहीं है इस नौकर मई तो मई पता लू क्या

कंचन तुम कुछ भी मत कहो

शरमाते हुई आरती कहते है





शर्म तो देखो ..इतने शर्म तो हम लोग आप को देखने आये the..matlab भैय्या आप को देखने आये थे तब भी आप के चहरे पर नहीं थी

कुछ भी हाँ

कुछ भी नहीं सही है ये ..

ठीक है हम ये बात बाद नै कर लेंगे .. वो बोर हो रहे होंगे …

वो… क्या बहभी गाड़ी इतने आगे गयी क्या .. क्या ऐसा जादू किया इस नौकर ने आप पर जो आप उसे वो कह रही हो .. बोर हो रहे होंगे .. ओह्ह्ह्ह माय गोड्ढ..

ऐसा कुछ नहीं है

क्या ऐसा कुछ नहीं है .. भैय्या को भी आप वो नहीं कहते

बी थे वे माय प्यारी नांद रानी ..मई आप के भैय्या को भी वो hi कहते हुई बुलाते हु

अच्छा जी ये मैंने कभी नोटिस नहीं किया

अब आप ने भला क्यों नोटिस किया

पता नहीं ..शयद एक नौकर को वो कहना मेरे दिमाग ने नोटिस किया

तब आरती कहते है

पापा जी hi तो कहते है नौकर को भी रेस्पेक्ट देना चाहिए

तो भाभी इतने रेस्पेक्ट बाकि के नौकर को भी देते होंगे आप

तब शरमाते हुई कहती है

बिलकुल

और नवाज़ को देखते हुई कहते है

आप बाइक उधर लगा दो ..पार्किंग मई

आप …

ी मैं तू ..गाड़ी वह पार्क कर लो नवाज़

ऐसा मत देख तू कंचन

वैसे भाभी ये शर्ट क्यों पहनाया आप ने इससे

मैंने क्यों पहनाऊँगी .. उसका शर्ट है

जूथ मत बोलो बहभी ये भैय्या का शर्ट है ..मैंने लास्ट बर्थडे को गिफ्ट दिया था भैया को..

तब आरती शर्मिंदा फील करने लगी

शर्मिंदा मत हो आप ..वैसे इसने मेरे भाई की जगह ले hi लिए है तो शर्ट भी पहन लिया तो कोनसे बड़ी बात है

ऐसा नवाज़ की तरफ देखते हुई कंचन कहती है..





कोई जगह नहीं ली है ..जस्ट फ़्रिएंस्डीप

ऐसा कह के हॉस्पिटल के अंदर जाती है ..

तुम उसको लेके उप्पर आ जाना ..3 रद फ्लोर

जी भाभी

ऐसा कह के अब कंचन नवाज़ के पास जाती है .. और उसे कहते है .. उसकी आँखों मई देखते हुई ..





जरा नखरे से कहती है ..

वैसे तुम्हारे मेमसाब अंदर गयी है आपने दादी को मिलाने तब तक हम बात कर सकते है न ..

कंचन के ऐसे कहने के बाद नवाज़ ने कंचन को ऊपर से नीचे तक स्लो मोशन में स्कैन kiya…aaj कंचन साड़ी पहन के आयी थी ..

उसके बाल बहुत सॉफ्ट थे जो फेस पैर बिखरे थे.. हलके से.. जिसमे छोटी सी लाल bindi…phir उसके गाल... फुल गुलाबी .. जैसे नशे में हो… उसके honth...bold वाइन.. रेड.. जैसे किसी ने खून से रंग दिए ho…gale मई पतली चैन.. मम्मी के बीच फिसलता hua…uska ब्लाउज छोटा सा पर टाइट… बूब्स के निप्पल बहार से दिख रहा था … कमर .. पल्लू से सिर्फ आधी ढकी हुई .. कमर की चमकती स्किन पे छोटी सी मोती की कमरबंद… नवल .. गोल.. गहरा और हर सांस के साथ हिलता hua…pet के नीचे टाइट साड़ी.. जैसे उसकी गांड को जक्कड़ रखा हुआ हो
 
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