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अपडेट 39 (मेगा अपडेट)
Part-2(B)
(गीता की दीप्ति)
अब तक.......
तेज म्यूजिक बजने लगा .......
"छत पे सोया था बहनोई
छत पे सोया था बहनोई
मैं तन्ने समझ के सो गयी मुझको राणा जी माफ़ करना
गलती म्हारे से हो गयी
मुझको राणा जी माफ़ करना
गलती म्हारे से हो गयी "
गुल की विवाह रश्मि शुरू हो गयी थी.....
अब आगे........
गाना सुनकर आर्यन के साथ जमुना भी हसने लगी थी भले बहनोई नहीं दामाद hi सही. आर्यन को अपने ऊपर से पीछे धकेली तो ढीले होते लुंड ने भी उसकी चीख निकाल दी बहार मोटा टोपा आते हुए..... अह्ह्ह्हह मररररर गईइइइइइइ..... आर्यन ने उसकी दोनों टांगें पूरी सत्तर करके उसके चूतड़ के निच्चे दो तकिये लगा के बोलै ," ऐसे hi गर्भ जल्दी थेरेगा आप hi बोलती, एक बात पूछूं आप जवाब चाहिए मत देना पर कोई आपसे भी ऊपर आपको कण्ट्रोल कर रहा है जोह फिर से आप दोनों माजी आयी हो और पुष्प जी से बात हुयी thi.....woh 2 दिन बाद आ रही हैं ...... सॉरी मैंने बस गेस किया ".
अपनी छूट से विरए निकलते hi उसको अंदर hi रखने की नाकाम कोशिश करती जमुना ने जवाब दिया ," हमारी महारानी मिरदुला जी ...... जोह चाहती हैं हम सब उनकी रानी वधु पक्का माँ बन जाएँ".
आर्यन भी हैरान होकर," मैया को पता है, ऐसा नहीं होना चाहिए था..... यह बहोत गलत हुआ".
आर्यन की बेचैनी देखकर अपनी टाँगे क्रॉस करके उसका उल्टा हाथ अपने हाथ में पकड़ के रानी जमुना बोली," बीटा इसी को राजनीती कहते हैं तुमको में सीखा सकती हूँ पर तुम हमसे ज्यादा नॉलेज रखते हो. पक्का तुमको नहीं लगा की तुम्हारी सो कॉल्ड नयी मैया hi चाहती है हम तुम्हारे बीज से माँ बने. आर्यन बीटा उनको दीप्ति या सुचित्रा से इतना लगाव नहीं है जितना तुम से है. दीप्ति का मानती हूँ की वह तुम्हारे विरहा में विचलित होगी पर तुम्हारी सो कॉल्ड मैया ने तुम्हारे शत्रुओं की भेंट चांदनी शुरू कर दी है..... हम उनके आगे बस कठपुतली हैं और उनका तुम्हारे लिए मोह सुबह संकेत तोह कटाई नहीं है..... हम जानते हैं दीप्ति को जब गायत होगा हम सब के तुमसे रिलेशनशिप के बारे में वह उन्ही से गायत होगें...... पर बीटा हम दीप्ति से तोह माफ़ी मांग लेंगे की हम मजबूर थे पर तुम अपनी मैया को रोक सकते हो. आर्यन वह जड़ें hi नहीं नेसल भी ख़तम रही हैं राजपूताना में तुम्हारे और दीप्ति के दुश्मनो को बस दीप्ति एक मुख्ता hi दिखेगी".
आर्यन ने झडपेड अपने कपडे पहने और जमुना को बोलै," आप ने कुछ नहीं कहा मुझे रानी साहिबा पर याद रखना की यह बात बहार नहीं जानी चाहिए ".
आर्यन को गीता का गुस्सा याद आ गया की मार के छोड़ती है और रानी मिरदुला उनके hi जैसी है, पक्का आज सिखर मेरी माँ रति का करेगी ...... मम्मी भी अभी नहीं समझ पायी इतनी पावरफुल होते हुए ......
आर्यन ने मैं में ," अणि प्लीज बचा ले यार वह मेरी माँ को न मार दे" ...... अणि को कॉल मिलाया तोह नंबर बिजी था ......
आर्यन ने जमुना को पहले बता दिया था की सामने के दूर के बाद राइट दूर खोलना सीधा रॉयल सुईठे के बाथरूम में खुलेगा ..... आर्यन कॉल मिला के ," बिना मैया मेरा मतलब है रानी मिरदुला जी अभी कहाँ है".
बिना भी उसकी टोन सुनकर हैरान हुयी," अभी वह आने वाली हैं रानी लीला और रानी संगीता जी के साथ "......
आर्यन जोह उसको बोलै तो बिना की भी सटक गयी और सीधा रति के पास कड़ी बस ठुमके लगा के आर्यन को बोली मैडम से पहले मेरी लाश गिरेगी, नहीं तोह तेरी मैया को में शूट कर दूंगी चाहिए कुछ भी हो...... आर्यन उसको कुछ भी ऐसा करने से रोका बस मैया को रोकना होगा.
आर्यन जब मिरदुला के सुईठे में पहुंचा तो तीनो वही मिल गयी पर आज उसके तरपान हिल gaye......powers, ताकत और सिंघासन सब धरा रह जाता. आर्यन को पसीने में नहाये देखकर तीनो उसके पास पहुंची .....
आर्यन ने हाथ दिखा के तीनो को रोका," लीला जी आप माजी के साथ पार्टी में जाइये मुझे रानी मिरदुला जी से कुछ ख़ास बात करनी है ".
लीला आगे बढ़कर ," क्या हुआ आर्यन तुम इतने डरे हुए क्यों है ?"
आर्यन हाथ दिखा के डायरेक्शन दिखा दिया दूर की तरफ," प्लीज लीला हम आ रहे हैं न, रिक्वेस्ट है आपसे लीला जी के साथ जाओ माजी.... प्लीज "......संगीता क्या लीला भी समझ गयी थी पर तीनो को आर्यन पे विश्वास था तो दोनों चली गयी .....
आर्यन आगे बढ़कर एक थप्पड़ जड़ दिया मिरदुला को जोह जमीन पे दूर जा गिरी..... " तू बदजात औरत हिम्मत कैसे हुयी की मेरी रति को मारने की सोचे..... आज के बाद रांड मुझसे दूर रहना और मेरी रति से 1000 मीटर ....... "
तभी आर्यन धाम से जमीन पे गिरा मूर्छित होकर और वार निशांक गुरूजी ने पीछे से मुक्का मारा के किया था.
रानी मिरदुला को उठाकर उसके फटे चेहरे को अपने हाथ के घाव भरते हुए बोले," यह आपके सामने अपनी औकात भूल गया है माते, दो कूदि का इंसान न पिछले जनम में समझ पाया माँ क्या होती है न िश जनम में" .... फिर से वार करते ुष से पहले मिरदुला ने रोक लिया ," माफ़ कर दो पुत्र उसे वह भटक गया होगा उसको नहीं गायत होगा".
निशांक गुरूजी ने मिरदुला को बहोत समझाया की वापस चली जाए और आर्यन से दूर रहे..... तभी वहां अणि (व्) प्रकट हुयी तोह दोनों उसके सामने सर झुका के बेथ गए ......
आर्यन के पास जाकर उसका सर सेहला के अणि (व्) बोली," तुम वापस जाओ निशांक वार्ना आर्यन होश में आकर तेरी बदतर परिस्थिति कर देगा.... कोई और hi था जिसने इश्से मानसिक संपर्क करने की चेष्टा की और यादें भी अधूरी hi मिली इशलिये क्रोधित हुआ ".
निशांक गुरूजी ,"परन्तु महारानी ..... "
Ani(V) गुस्से से," जाओ निशांक हम हैं यहाँ ".
निशांक के विलुप्त होते hi मिरदुला को खड़ा करके अणि बोली," मिरदुला फिर समय आ गया है, तुमको अपने बेटे पे जान हारनी पड़ेगी और शैतान सिंह अपना नया देह (सरीर) ढून्ढ लिया है".
मिरदुला ने रूट हुए अपना ांचाल पहला के, अणि (व्) के सामने गिड़गड़ा के बोली," यह मेरा बीटा महार्यं नासमझ है महारानी..... में जान देने से पीछे नहीं हटूंगी बस आप इश्कि रक्षा करिये ".
Ani(V) गंभीर स्वर में ," इश्कि रक्षा हमारे बस में कभी नहीं थी मिरदुला और नियति हम बदल नहीं सकते बस उसको ताल सकते हैं. जिस दिन यह पूर्ण शक्ति के साथ सामने आएगा इतहास फिर से धौर्य जायेगा. शैतान सिंह को भी बड़े गुरूजी से वरदान है वह महार्यं का दुबारा अंत करेगा".... ????
नेहा गोल्डन राजशी सेनापति की वस्त्रों में रूम में प्रकट हुयी और बोली," महारानी खतरा तोह ताल गया है पर बुरी खबर है".....
आर्यन को अचेत देखकर नेहा उसकी तरह बढ़ी तो अणि (व्) की चेतावनी गूंजी," नहीं सेनापति उसको स्पर्श मत करना हम भी नहीं जानते कितना आघात लगा है..... निशांक मिर्त्ये है वह कोई सूचना नहीं त्वरित कर सकता परन्तु तुम और हम फिर से िश जनम में मानव योनि में बह हैं. शत्रु को आभास नहीं होना चाहिए हमारी सख्तियों का".
आर्यन की 10 मं बाद बेहोसी टूटी तोह अणि और नेहा के साथ महारानी मिरदुला को देखकर चौंक गया .... " अणि, तू कब आयी उसका माथा चूम के अपने गले लगा लिया ...... आये नेहा भी यहाँ है तुम दोनों रेडी नहीं हुयी "......पर जब अपनी मैया पे नज़र पड़ी तोह लगा वह बहोत रोई है..... उसको आगे बढ़कर गले लगा के आर्यन बोलै," क्या बात है मैया तू रू क्यों रही है ? "
मिरदुला क्या बोले पर अणि ने पलके झपका के उसका इशारा कर दिया..... "बस ऐसा लगा मेरा बच्चे माहि को बहोत कास्ट हैं उसकी बीवियां ध्यान नहीं रक्ति ".
आर्यन ने उसको गले लगा के खूब चूमते हुए कहा ," आजा थोड़ा रेस्ट कर ले बेकार में परेशां होती है ..... अणि तू भी त्यार हो जा नेहा के साथ में अपनी मैया को मन के लाता हूँ".
अणि और नेहा मुस्करा के थम्ब्स उप का सिग्न दिखा के चली गयी जोह आर्यन उसके लिए समझा ...... अब दोनों पिछले जनम के माँ बेटे दोनों एक साथ थे पर दोनों की जान डाव पे लगी थी..... जोह कितने समय बाद जाएगी यह देखना होगा...... ?????
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आर्यन के धरतीलोक पे कुछ समय के लिए प्रमुख दुश्मनो में हरी सिंह (मर्डर चूका था) और कुलदीप वर्मा ( मर्डर चूका था) , संजय सिंह दलबदलू था, देवेंदर सिंह तेरा डरपोक.... राजा जबर सिंह और राजा त्रिभुवन सिंह कायर थे ......
"राजा रघुभार सिंह " ...... सही समर्थवान पुरुष था..... दिलेर, पराकर्मी और पहले से काली शक्तियों का ज्ञाता...... शैतान सिंह ने 3 बार असफल प्रयास के बाद सफलता पा hi ली उसके मैं और सरीर पे कब्ज़ा करके पर एक बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ी वह अचेत हो गया था कुछ दिनों के लिए, जैसे hi उसका और महार्यं (आर्यन) का मानसिक संपर्क चानन भर को हुआ. आर्यन फिर से मिरदुला को लक्ष्मी समझ रहा था और अधूरी यादों ने उसको झलक मात्र याद आयी थी......
एक समय पिछले जनम में ऐसा भी था जब शैतान सिंह (********* असली नाम) और महार्यं सिंह सच्चे मित्र थे और रतिदेवी सगी भें थी शैतान सिंह की और यहीं से ऐसी दुश्मनी का बीज पनपा जोह महार्यं के रतिदेवी से विवाह से तीनो की मौत पर भी न रुका और आज तीनो जरूर दूर थे पर जल्दी hi तीनो आमने सामने आने वाले थे.
(#दोस्तों इशलिये मैंने "काला योद्धा" स्टोरी डिले की थी वार्ना आधा सस्पेंस खुल जाता और आधा में अभी तक चिपटा फिरता)
अब नार्मल होकर आर्यन अपनी hi मैया मिरदुला का दूध पि रहा था ......
नारी तेरी एहि कहानी 'अंचल में दूध आँखों में पानी '...... मिरदुला भी अब इसी परस्थिति से गुजर रही थी जोह आगे उसका कड़ा इम्तिहान लेने वाली थी, क्यों उसने अपने बेटे 'महार्यं' को बेच दिया था बचपन में, जोह उसकी नफरत कभी नहीं मिटा पायी ...... ?
दूसरी तरफ देखते हैं इतना संगीत और डांस का शोर कैसा है.....
नए नए परिधानों में रति के घर की औरशन और लड़कियों की ख़ूबसूरती के जलवों का क्या कहना..... सब एक से एक विश्व सुंदरी से काम न लग रही थी. सबकी हट ज्यादा hi थी आम लड़कियों के मुकाबले और लम्बी हट के साथ फिगर, वाइटल स्टेटिस्टिक्स के क्या कहने..... एक से एक नगीना थी रतिदेवी के परिवार में...... आज एक सितारे को और ऐड कर लिया परिवार में रति के, गुलुक खान उर्फ़ गुल. जोह सबसे अलग hi ब्यूटी की मिशाल थी, आखिर दो देशों की मिक्स गेन्स थी और हुस्न सड़के जवना.....
गुल
लखनवी और लाहोरी मिक्स परिधान वाले डेसिंगेर लहंगे में वह कहीं से भी आर्यन के परिवार से अलग जैसी नहीं दिखती थी...... और उसका सौहार तोह खुद हॅंडसमेनेस्स की मिशाल था.
सब लड़कियों और औरशन में गुल इशलिये भी ज्यादा दमक रही थी की उसकी ड्रेस सबसे बेस्ट सेलेक्ट की गयी थी और ज्वेल्लेरी सबसे महंगी और लेटेस्ट डिज़ाइन वाली. आज उसने सिन्दूर और बिंदी भी लगाईं थी और मंगलसूत्र आर्यन उसको पहनने वाला था. उसने खुद ऐसी इच्छा जताई रति से वह उनकी रश्मि भी पूरी करेगी. रति ने उसको समझया," बेटी इश्कि जरुरत नहीं है, आर्यन को तुम बेगम के रूप में hi पसंद हो और अपने मजहब के खिलाफ रीती रिवाजों की औपचारिकता बंदिश क्यों बना रही हो ".
गुल," नहीं माजी में कोई गैर इरादतन नहीं कर हूँ बस उनकी बेगम के साथ पत्नी भी बनना चाहती हूँ. प्लीज आज मुझे न रोकें में भी खुद को महारायण सिंह की पत्नी के रूप में देखना चाहती हूँ".
रति को उसका खुल के ऐसे भाव व्यक्त करना पसंद आया और मैं में बोली,' आर्यन लकी है जोह इतनी समझदार लड़की उसकी बीवी बानी है वार्ना हम इंसान तो बस एक दुसरे को धरम और जाती में hi तोलते आएं हैं '.
शॉपिंग के साथ hi ड्रेसेस पहनकर पूरे मेकअप और ज्वेल्लेरी से सजी फार्महाउसेस में एक एक कार से 2-2 कर परियां hi उतर रही थी जोह पूरा लाइटिंग और डोरशंस से सजाया गया था ...... सीधे टॉप फ्लोर पे फंक्शन अटेंड करने ज्यादातर लोग पहुंच गए थे......
फॅमिली मेंबर्स 30 भी नहीं होंगे पर वेटर और वैट्रेस्सेस का काम 5 घर की माइड कर रही थी ..... 100 से ज्यादा डिशेस वेग, नॉनवेज दोनों थी, आज गुल के लिए स्पेशल कई नॉनवेज डिशेस लड़कियों ने चखनी थी..... अमेरिका, गाओं, चंडीगढ़, हैदराबाद , मुंबई , बैंगलोर से वीडियो कॉल से बड़े स्क्रीन पे लाइव टेलीकास्ट हो रही थी......
सबको सिलेंटली मैसेज जा चूका था की गुल जोह आर्यन की कॉलेज फ्रेंड है उसका निकाह हो चूका है और आज रिसेप्शन होने वाला है.......
रति को शाम में काफी टाइम लगा देवी को समझने में, आखिर में डॉ अंजू ने hi उनको मन लिया की िश शरत पे की गुल आज गंगा जल से नाहेगी और उसको हनुमान जी का लॉकेट हमेशा पहना पड़ेगा...... डॉ अंजू ने वादा किया और कुछ बूंदें गंगा जल की गुल की पानी बकेट में उसको डलवा दी और लॉकेट अपने पास रखने को बोलै पर्स में सिर्फ आर्यन की दादी की इच्छा है.
देवी सिंह से गुल दो बार मिली थी जब दादी सहर आयी थी आर्यन से मिलने और तब उसने गुल को खूब आषीश दिया था गले लगकर पर बाद में उसके धरम का पता चला तो दो बार देवी नहीं थी..... पर आज तोह जैसे अकड़ hi गयी यह में होने नहीं दूंगी. आर्यन ने पहले रति के बाद कॉल पे बात की फिर डॉ अंजू के कहने पे मानी.
मीणा जानती थी गुल, दीप्ति और जाने से भी ज्यादा प्यारी लड़की है..... कुछ दिन लगेंगे पर जल्दी hi सब उसको अपना लेंगे.
मीणा hi थी जिसने गुल को वह मुकाम दिलवाया जोह सबसे पहले गुल को hi मिलना चाहिए था लेकिन गीता ने तोह गुल को पीट कर साड़ी रहें hi आसान कर दी थी..... चंडी देवी खुद hi फँस गयी अब तो आर्यन जरूर अपने पास रखेगा पर यह काम रति ने hi कर दिया और सब को गुल से सहनभूति थी गीता ने गलत किया. एक दुखारी लड़की को कोई ऐसे मारता है पर सबको कहाँ पता था मार तो असली बिना खाई है गुल का बचाव करते.
सबसे पहला गाना डॉली ने लगया तोह फुल वॉल्यूम में बजा जिसको सुनकर उसके साथ गरिमा और पायल भी नाचने लगी..... " चाट पे सोया था बेहोइ .... "
वॉल्यूम काम करवा के कविता मामी ने भी 2 गाने पे ठुमके लगये..... आधे घंटे बाद जब अणि और नेहा त्यार होकर आयी तोह अणि को देखकर रति भी खुद अपनी नातिन की प्रशंशा करने से रोक न पायी ," ुष की सुंदरता के आगे तोह में भी अपनी उम्र में फीकी hi लगती थी".
अणि
अणि पर्पल और नेहा लाइट ऑरेंज ड्रेसेस में थी. फिर सब लड़कियों के साथ डांस किया तो सबसे पहले neg-vaar करने वाली अणि पे रति hi थी जिसने 500-500 के नोटों की गद्दी खोलकर नौछवर की..... गुल भी आर्यन की सगी भें को कई साल बाद देखि थी और सच्च में उसकी सुंदरता के आगे सब फीकी थी.
गुल को गले लगा के उसका गाल चूम के अणि ने कहा," भाई सच्च में लगता है चाँद तोड़ लाया है आश्मान से देखो आज रात भी अँधेरी हो गयी है. आप सच्च में चाँद हो भाभी ".
गुल शर्मा के ," हम सब आपकी सुंदरता के आगे सूरज को आइना दिखने के सामान है. यू अरे रियली ब्यूटीफुल एंड गॉर्जियस ".
नेहा भी गले मिली तो अणि ने कहा ," यह रही आपकी सौतन नेहा सिंह ".
नेहा अब अणि को आँख दिखाई तो बोली," यार इंट्रोडक्शन सही होना चाहिए, भाभी यह भी लाइन लगये है थोड़ा बचकर ".
अपने गले लगी नेहा का गाल चूम के गुल ने कहा," ऐसी सौतन खुशनसीबों को मिलती है क्यों नेहा जी".
नेहा," नहीं दीदी बस नेहा hi बोलिये और तू चल मेरे साथ "...... अणि को फिर साथ लेकर डांस करने लगी.....
डॉ अंजू के साथ अब दोनों रानी बैठी थी, 2 दर्द की गोली पहले hi खा चुकी थी कार में जमुना और अब फिर 1 खाई. आर्यन की पलंगतोड़ चुदाई को याद करती अपनी बेटी दीप्ति के सर को सेहला रही थी जोह अभी आयी थी और वहीँ रानी संगीता उसकी पीठ पे थपकी दे रही थी.
दीप्ति राजशी आसमानी ड्रेसेस राजकुमारी लग रही थी, उसने बचपन hi िंह दोनों के अंचल टेल गुजरा था और अब भी वह hi उसकी मुम्मियाँ थी भले मिरदुला उसकी सगी माँ थी. संगीता भी कई बार गुस्से से जमुना को घूरती तोह मुँह फेर के नज़र निचे कर लेती. संगीता को आर्यन की फ़िक्र थी कहीं जमुना अपनी हवस में उसको न फसवा दे आखिर लड़की का होने वाला ससुराल था. संगीता को भी आर्यन की चाहत थी पर यह समय और जगह अनुकूल नहीं थी.
लीला महरूम घाघरा चोली में थी और लड़कियों ने खींच लिया डांस फ्लोर पे तो जोह वेस्टर्न स्टाइल पे फ़ास्ट डांस बिच बिच में देसी ठुमके मिक्स करती सबका ध्यान आकर्षित की और सब चरों ओरे से घेर के ताली बजा रहे थे ..... अब गुल के पास सारू और मीणा बैठे थे जोह एक गोल बड़े सोफे पे हॉल के बीचों बिच बैठी थी......
रति के पास बिना बैठी उसको कुछ बता रही थी...... नीला भी मुस्तैदी से अब अकेले hi होल्स्टर खोले सब पे निघा रखे थी और 5 फार्महाउस की माइड hi सबको स्टार्टर और डिशेस सर्वे कर रही थी. अणि ने नीला को रिलैक्स रहने को कहा और बिना को अपने पास बुलवा के सब समझा दिया की आर्यन से जीकर न करे वह डाउट में था मिरदुला को लेकर.....
दीप्ति को नेहा और डॉली अपने साथ ले गयी तोह डॉ अंजू अपनी बड़ी भें के पास पहुंच गयी क्यूंकि लीला भी रौशनी को गॉड में उठाये दोनों रानियों से उसको खाना खिलते हुए बातें करने लगी.
लीला," वैसे गुल काफी सुन्दर है न भाभी सा, आर्यन और गुल की जोड़ी बहोत जमेगी"...... दोनों रानियां चुप hi रहे, रौशनी को खिला के उसने बबिता के पास भेजा जा बीटा राहुल और माहि बीटा के साथ खेलो.....
लीला सीरियस होकर," सायद आप दोनों गुल को नापसंद उसके धरम की वजह से कर रही हो क्यों छोटी भाभी ".
जमुना थोड़ा धीरे से बोली आगे झुकार," लीला यहाँ िष्पे बात नहीं करते फिर आर्यन राजकुमार है एक बीवी और सही".
संगीता जोह चुप थी कड़ी होकर बोली," गुल सुन्दर है पर मेरी राजकुमारी दीप्ति से ज्यादा नहीं "..... और डांस फ्लोर पे दीप्ति के सर पे अपने बड़े पर्स से कई 2000रस और 500रस के नोटों की 4 गाड़ियां वार फेर करके मैड्स को दी तोह उनके तोह वारे नारे हो गए ..... 5 लक्ष 2 मं में वार फेर में दे दिए......
जमुना भी कड़ी होकर," दीदी के सामने ऐसा मत बोलै कर लीला तुझे पता है न दीप्ति के आगे उनको कोई लड़की सुन्दर नहीं दिखती..... तू रुक यह दीप्ति बेटी के प्यार में अंधी हो गयी हैं इनको गीता और दूसरी लड़कियां नहीं दिख रही हैं".
जमुना बेचारी लड़खड़ती अपनी चाल ठीक करती डांस फ्लोर पे पहुंच के पहले गीता फिर मीणा , डॉली और नेहा के बाद गुल पे भी एक एक 500रस के नोटों की गद्दी वार फेर की.....
जमुना तेज़ तरार थी उसको रिश्ते और जगह की समझ थी, बेटी के ससुराल में उसने 5 लकड़ियों को दीप्ति के सामान जतला दिया जिसे देखकर डॉ अंजू और रति भी मुस्करा रही थी...... लीला भी अपनी छोटी भाभी की समझदारी से इम्प्रेस हुयी. वहीँ संगीता अब कविता और बबिता के पास जाकर बेथ गयी. तभी तीन औरशन ने एंट्री मारी, ठकुरियन रूपा, सुचित्रा और सरला दीदी जोह अभी पहुंचे थे भोपाल से पार्टी मीटिंग के टूर से, तीनो इलेक्शन लड़ने वाली थी वहीँ लीला का रुतबा hi बहोत था.
बिना ने सबको फ्रेश होने को कहा तोह सबसे मिलकर तीनो फ्रेश होने चली गयी और रेडी तो स्पेशल ड्रेसेस में होना hi था पार्टी जोह हो रही थी.
लड़कियों की टोली अब साइड में 3 -3 के झुण्ड में बियर भी पि रही थी..... रति की निघा सब पर थी और बच्चियां घर में थोड़ी मस्ती करें तो उसको भी प्रॉब्लम नहीं थी.
पायल- मीणा- डिंपल
रति ने डॉ अंजू से पुछा," यह आर्यन कहाँ है जरा बुला उसको कुछ रश्मि दुल्हन के साथ में भी होती हैं".
डॉ अंजू हसकर ," अपनी मैया के पास होगा आप hi कॉल करो उसको"...... मिरदुला और आर्यन hi गायब थे वहां से.
रति भी उसकी बात पे ध्यान न देकर कॉल मिले तो 2 रिंग जाते hi कॉल कट कर दिया..... लड़कियों की चिलम छु शुरू हो गयी.... . भइईईई .... ारयणणणण ....
आर्यन भी एक डिज़ाइनर शेरवानी और राजस्थानी शाही पगड़ी में जाँच रहा था...... मिरदुला उसकी सीधे हाथ की कोहनी में हाथ डाले साथ आ रही थी जिहोने एक बहोत सुन्दर पिंक डिज़ाइनर लेहंगा चोली पहना था और सर पे डार्क पिंक नकाशी वाली ओढ़नी......
आर्यन उनके कान में बोलकर पहले रति के पास पहुंचा तोह उसने नज़र का टिक्का अपनी आँख से काजल चुरा के उसके कान के पीछे लगा दिया ...... गुल ने बस एक बार देखा सबके छिलने पर फिर सर झुका के शर्मा के मंद मंद मुस्कराने लगी.
रति के गले मिलकर डॉ अंजू के प्यार चुहया तोह उन्होंने माथा चूम के आशीर्वाद दिया और गले लगा के बोली," मेरी भी नज़र से बचाये मेरे बच्चे को".....
सबके हाथों में फ़ोन और लाइव वीडियो टेलीकास्टिंग शुरू थी......
म्यूजिक अब बिलकुल धीमा करवा दिया पर तीनो बच्चों में महिमा को बड़ी मुश्किल से रोका था पर नन्ही पारी 'डैडी' 'डैडी' ...... करती किड्स डार्क महरूम घाघरा चोली में आर्यन की तरफ भागी बबिता पीछे पीछे पर गीता ने बबिता को रोक लिया...... वह नन्ही सेहज़ादी न रुकी और आर्यन ने उसको आगे बढ़कर अपनी गोदी में उठा के चूमने लगा ," मेरा बच्चा ..... मेरा सोना बेबी "...... राहुल भी पीछे पीछे आ गया एक क्रीम और रेड किड्स शेणवाणी , सर पे लाल छोटी सी पगड़ी.... भागते हुए उसकी पगड़ी निचे गिर गयी तोह डॉली पीछे पीछे हाथ में लेकर पहुंची..... 'डैडी'... 'डैडी' पुकारता उसके पास hi रुका, आर्यन ने उसको भी दुसरे हाथ से उठा के खूब चूमा..... जब रौशनी बेतिया को ढूंढा तो उसको गुल ने अपने पास बुला के अपनी गॉड में बिठा लिया था......
गुल की गॉड में रौशनी बीत्या को देखकर आर्यन मुस्करा भर दिया और डॉली ने राहुल को पगड़ी पहना दी ...... रौशनी भी डार्क ग्रीन हाफ साड़ी और क्रीम ब्लाउज में क्यूट लग रही थी और उसकी वाइट हैट त्रिची सर पे फेनी नन्ही प्रिंसेस की क्यूटनेस बढ़ा रही थी.
बच्चों से खाने का पुछा तो दोनों को फिर भूक लगने लगी..... " डॉली म्यूजिक क्यों बंद कर दिया यार, रेडी हो जाओ बच्चों के डिनर के बाद non-stop डांस ...... हरयईईई ...... "
रति तेज आवाज में बोलै," अभी कोई म्यूजिक डांस नहीं, बीटा पहले रश्मि करनी है तू इनको डिनर करा फिर रश्मि उसके बाद गुल और तू साड़ी रात नाचियो ".
सब हसने लगे तो आर्यन बोलै," ठीक है पर 20 मं में रश्मि करो फिर हमारी सब परियां डांस करेंगी क्यों नेहा ?"
नेहा भी हसकर ," हाँ भाई ..... प्लीज नानी माँ डांस ..... डांस .... डांस ".
आर्यन एक टेबल पे बिठा के बच्चों के लिए 2-3 स्वीट्स और केक लिया. फिर रौशनी को आवाज लगा के पहले उनको खाना खिलने लगा आलरेडी 10:30 हो चूका था बच्चों के सूने का टाइम भी था...... बबिता भी आर्यन की हेल्प करने लगी उधर सारू और कविता मामी रश्मो की तयारी कर रहे थे और सब लड़कियां लगा गयी थी रति के पीछे की डांस करना है पूरी रात पार्टी करेंगे......
15 मं बाद तीनो बच्चे खा पीकर अब जम्हाई लेकर सूने के चक्कर में थे ..... आर्यन दोनों छोटे बच्चों को अपने साथ ले लिया और लीला रौशनी को गॉड ले ली. लीला के सुईठे में तीनो बच्चों को बीएड पे लिटा के थपकी देकर सुला के रौशनी की गवर्नेस को ध्यान रखने को कहा अगर कोई सा बच्चा उठे तो उसकी माँ को कॉल करके या माइड को भेजकर बुलवा ले...... आर्यन को सीरियस देखकर लीला ने पुछा क्या हुआ ......
आर्यन ," ऊपर चलते हैं फिर बताता हूँ"..... दोनों ऊपर आये तोह कविता मामी और बबिता को पास बुला के दांत रहा था ," आप तीनो बच्चों को अभी तक जज्ञे रखे हो, उनको डिनर करा के सुला देते फंक्शन होता रहता ".
सारू एक पिंक लोटस प्रिंटेड डिज़ाइनर साड़ी और ब्लाउज में इधर आकर आर्यन को झाड़ लगाई," लेट तू आया है आर्यन और बच्चों की माँ भी अपने राजकुमार और राजकुमारिओं को नयी नयी ड्रेसेस में तुझे दिखाना चाहती थी. खाना िंह तीनो ने नहीं कहाया है और तीनो बच्चे 3ऋ बार तेरे साथ खाये हैं ..... और कुछ पूछना है, तुम तीनो चलो गुल के साइड तुम hi बैठने वाली हो और मर आर्यन सिंह अब डिअर नहीं हो रही है ".
सारू
आर्यन भी झेंप के तीनो को बारी बारी सॉरी बोलै और सारू के गाल चूम के बोलै," आप तो आज पटाखा लग रही हो मम्मी " ...... और तेजी से आगे बढ़ गया ..... तीनो हसने लगी तो सारू उसके पीछे लपकी ,"रुक तू अभी..... अपनी माँ को पटाखा बोलता है "...... आर्यन के कान खींच के उसको गले लगा ली , फिर माथा चूम के उसकी बलियन ली.
रति अब गुल की साइड बैठी थी और मिरदुला जी आर्यन की तरफ..... कविता मामी ने ढोलक संभाली और गाओं के मंगल गीत जाती रति, डॉ अंजू और सारू ने ताल दी...... मिरदुला जी ने पहले दोनों के कंगना बंधे फिर अंगूठी पहवाई और गले में हार गुल को पहनावा.
आर्यन से मांग में सिन्दूर लगवा के फिर मंगलसूत्र पहनावा..... दोनों को खड़े करके एक एक माला एक दुसरे को पहनवा के मिरदुला जी ने दोनों के हाथ पकड़वा के 7 वचन दोनों से बुलवाये......
गुल बहोत खुश थी की उसने आर्यन से उसके धरम के हिसाब से भी शादी की. देखा जाये तो यह तीसरी बार शादी हुयी. पहले कोर्ट पेपर्स पे फिर गुल के मामू के यहाँ दिल से कबूलनामा किया था रात में फिर यहाँ आर्यन के घर में...... 3 तरह से शादी की..... कोर्ट मैरिज, निकाह और विवाह बस तीनो जगह न कोई जज था न कोई काज़ी और न hi आज पंडित...... सायद दिल का सच्चा मिलान और कबूलनामा सबसे बड़े होते हैं.
सबसे पहले ुष सक्ष्स ने बधाई दी गुल को वह भी हैरान hi हुयी..... गीता," शादी मुबारक हो गुल, अब हिसाब बराबर हुआ. वैसे जल्दी hi में तुम्हारी सौतन बनकर तुझसे खूब काम करवाने वाली हूँ ".
गुल बस उसका हाथ पकड़ के ," थैंक्स " hi बोल पायी..... उसका दिल भी हल्का हुआ की गीता उससे नाराज नहीं है.
गीता का स्टाइल अलग hi था और आर्यन के गले लगकर बोली," इश्को रुलाया न धार के अच्छे से तोडूंगी तुझे याद रखना मर आर्यन सिंह , कोंग्रटुलतिओन्स......"...... सब हसने लगे रति ने गीता को गले लगा के उसका गाल चूम के कहा ," मेरी सोनी बच्ची हमेशा हस्ती रहा कर".
डॉ अंजू ने सबका ध्यान अपने तरफ खींचा," दीदी तुम सबसे एक जरूरी बात करेंगी ध्यान से सुन्ना बच्चों ".
रतिदेवी," गुल की तरह तुम्हारे जीवन में भी वह समय जल्दी hi आएगा पर यह बात गुल की शादी की यहीं तक रेहनी चाहिए. अब बहार वालों के लिए इश्क नाम 'सोनिआ सिंह' होगा और प्यार से सब 'गुल' बुलेंगे...... गुल बेटी यह सिर्फ तुम्हारी सेफ्टी के लिए है, तुम अपने मजहब और नियम अच्छे से फॉलो करना बस यह बात राज रेहनी चाहिए क्यूंकि आर्यन की शादी गीता, जाने हॉल और राजकुमारी दीप्ति से विधिवत होगी ".
डॉली उत्सुकता से ," दादी मेरी शादी भी तो बोलो ".....
रति अपने सर पे हाथ मार के डॉली को बोली ," जा माइक लेकर ढोल बजा के बता की तू शादी कर रही है अपने hi भाई से".
डॉली चिढ़कर ," अब रात में ढोल कहाँ से लॉन दादी "......
रति ," कविता इश्को बादाम खिलाया कर, अकाल घास चरने गयी है इश्कि ".
सब हसने लगे और डॉली का चेहरा उतरने लगा तो आर्यन ने कहा," चलो पहले सब खाना खा लो फिर लेट होगा और उसके बाद डांस ok ..... और डॉली हम दोनों सबसे पहले एक साथ डांस करेंगे "..... डॉली कूद hi गयी आर्यन के ऊपर तोह गले में पहनी phool-maala टूट गयी वह सॉरी बोलने लगी तोह आर्यन उसको कंधे पे बिठा के बोलै ," चल इनको खाने दे हम दोनों डांस करेंगे "......
रति भी अपनी पोती की बेवकूफी देखकर बस एक कुर्सी पकड़ के बेथ गयी..... पर अब गया खाना भाड़ में पहले डांस...... आर्यन और डॉली के साथ सब लड़कियां डांस फ्लोर पे कूद गयी..... गीता ने तो गुल को कंधे पे hi बिठा लायी..... गुल भी बस हाथ उचका के सबका साथ दे रही थी......
मैड्स डिनर सर्वे करने लगी और थोड़ी डिअर बाद आर्यन भी बारी बारी सबको भेजकर डिनर करवाने लगा...... आधे घंटे बाद सब बड़ी औरशन को भी डांस फ्लोर पे उतर hi लिया ..... 12 बजे तो आतिशबाजी शुरू हो गयी और गुल को सबने बधाई दी..... प्रेजेंट्स और गिफ्ट्स दे दे कर सबने गुल की खुसीयों पे मोहर लगा दी...... आर्यन आज सबको अपना दूल्हा दिख रहा था बस सरला दीदी और अणि के छोड़कर पर चाहत तो अणि की भी जागने लगी थी बस कबूल नहीं करने वाली थी.
रात 1:30 बजे आर्यन अपने रूम में घुस पाया, बहेनो ने डबल कामी की पहले गुल को लूटा फिर आर्यन को..... गिफ्ट्स नहीं थे दोनों के पास तो गुल से ज्वेल्लेरी और आर्यन की चेक बुक से ब्लेंक चेक़ुएस ले लिए......
आज तोह मैड्स से लेकर निच्चे सर्वेन्ट्स और राजपरिवार की दासियों की भी मौज थी. बिना ने सबमे पैसा जोह लाखो में कलेक्शन हुए थे बराबर बटवा दिए. गार्ड्स को डायरेक्ट बैंक अकाउंट में बोनस ट्रांसफर मोना ने कर दिया..... दावत भी सबको फंक्शन्स के दौरान बैकडोर से सप्लाई होती रही. रति की यह बात थी की किसी भी नौकर या गार्ड्स को खाली हाथ नहीं जाने देती थी वह भी पेट भरने के बाद.
आर्यन की पगड़ी फिर से मीणा ने पहना दी और रूम में जाने से पहले कान में कुछ कहा, एक बार को आर्यन हैरान हुआ पर उसका गाल चूम के मौन स्वीकारती भी दे दी...... आर्यन अपने रूम को इतना डेकोरेटेड देखकर सोचने लगा इतने सारे रूम खाली पड़े हैं पर माँ ने जैसा फैसला hi सुना दिया की गुल अबसे आर्यन के रूम में रहेगी.
फूलों की महक और उनकी बानी झालरों के बिच गुल अभी चुनरी उतर के आर्यन को बोली," दूर तो लगा लो ".
आर्यन भी झेंप के दूर लॉक किया और आगे बढ़कर पगड़ी उतर के टेबल पे रखा तो एक बड़ा जग और गिलास देखकर समझ गया की सब अर्रंगेमेन्ट्स किया है. अपनी शेरवानी उतर के बाथरूम में फ्रेश होकर आया और बिस्टेर पे चढ़कर गुल की गॉड में सर रखकर उल्टा लेट गया.
गुल उसके सर के बालों में हाथ फेरनी लगी ," थक गया क्या ?"..... आर्यन ने अपना सर ऐसे hi पड़े पड़े हिलाया तोह बोली," चेंज कर ले, में भी चेंज कर के आती हूँ".
आर्यन साइड में होकर सीधा लेता तो उसके लबों को चूम के गुल चली गयी वाशरूम और आर्यन अपना इनर शर्ट और बनियान के साथ पजमाइआ और अंडरवियर भी उतर के एक लोअर दाल के बरेचेस्टेड बीएड पे लेट गया.....
10 मं बाद गुल बहार आयी तोह ड्रेस चेंज करने के साथ बाथ भी ले ली थी....... बाल खुले थे तो मिरर के सामने जुड़ा सा बना के बाँध ली थी. लाइट पिंक कलर के सलवार कमीज में भी वह खिला हुआ गुलाब लग रही थी. आर्यन उसकी तरह एक कोहनी पे सर रखकर निहारने लगा..... थकान जैसे जैसे उसको निहारता दूर होने लगी.
गुल टेबल से जग उठा के दूध गिलास में दाल के आर्यन के पास लायी तोह बैठकर उसकी कमर में हाथ दाल के अपनी गॉड में बिठा लिया..... जग को एक हाथ में पकड़े गिलास उसके मोह से लगा दिया....... आधा दूध पीकर आर्यन ने मुँह हटा लिया ...... गुल हैरान होती हुयी," बस इतना सा पिया, टास्ते अच्छा नहीं है क्या".
आर्यन ," टास्ते सही है पर सारा पि गया तोह तू गुस्सा करेगी"..... गुल भी अपने मोतियों से दांत दिखती आधा गिलास खुद पि ली फिर से जग से गिलास भरकर आर्यन को दी तो पि गया एक hi सांस में. फिर एक गिलास गुल खुद पीकर बचा हुआ आर्यन को दी तोह जग से मुँह लगा के पि गया.
आर्यन की गॉड से उठकर गुल ने गिलास और जग टेबल पे रखा और उसके पास आकर बोली," यह तेरा रूम है ?"..... आर्यन दोनों हाथ बीएड पे पीछे रखकर बोलै," आज तक तो था क्यों पूछ रही है ".
गुल
गुल चरों और देखकर उसकी गॉड में चढ़कर बेथ गयी ," थोड़ा छोटा नहीं है ".
आर्यन ," हाँ कल बदल लेंगे में भी एहि सोच रहा था ".
गुल ,"नहीं कोई जरुरत नहीं है बस एहि काफी है, फार्महाउस में बड़े बड़े रूम की ज्यादा साफ़ सफाई रहती है मुझे छोटे रूम पसंद है यह तो मेरे रूम से भी दूंगा बड़ा है. बाथरूम अच्छा साफ़ सूत्र है ी लिखे आईटी".
आर्यन उसको लिए पीछे खिशक के बेडरेस्ट से पीठ लगा लिया तोह उसके सीने पे सर रखकर पूछी ," तू ने आज शराब नहीं पि, इंजीनियरिंग टाइम पे तोह बियर भी पिता था..... तेरे घरवाले तो पि रहे थे".
आर्यन उसकी एक खुली लत को अपनी ऊँगली पे लपेट के बोलै," तुझे अच्छा नहीं लगता तो नहीं पि एक दिन से क्या होता है?"
गुल उसके चेहरे पे हाथ फिरती हुयी बोली," देख तू जैसा है वैसे hi रह, हाँ मुझे शराब और शराबी पसंद नहीं बस ुष दिन मेरा साथ मत सोना अब तुझपर है मेरे साथ सोयेगा या अलग "....... hi hi hi hi ......
आर्यन ने उसकी कमर पे हाथ रखकर कहा आज तोह सू सकता हूँ न ..... दोनों हसने लगे अब आर्यन के सीने पे गुल सर टिकाये उसको प्यार से सीने पे उंगलियन घुमा के फील कर रही थी ," अच्छा हुआ में दिल्ली आयी, तेरी फॅमिली बहोत अच्छी है. पावरफुल , पैसे वाले तो तुम हो hi पर वह राजकुमारी दीप्ति तो सच्ची की राजकुमारी है यार और तू उससे शादी करेगा मुझे विश्वास नहीं हो रहा. यह सच्चे रजवाड़े लोग थे जोह आज हमारी शादी में शामिल हुए ी can't बिलीव आईटी".
आर्यन मैं में यह एक राजकुमारी को देखकर हैरान है जब पतलोक जाएगी तो रानियां और राजकुमारियों को देखकर बावली हो जाएगी. पर यह पतलोक क्या करेगी जाकर, यह यहीं ठीक है.
गुल की पीठ सेहलता उसके जुड़े को खोल के उसके बाल से खेलता हुआ पुछा," तुझे चंदा रानी कैसी लगी ?".....
गुल थोड़ा सोचते हुए," वह अच्छी लड़की है बस थोड़ा गन्दा बोलती है पर दिल की साफ़ है, लेकिन मुझे विश्वास नहीं हो रहा की वह इतनी बड़ी राजकुमारी है और गीता की ट्रू कॉपी लगती है बस कलर में hi फर्क है ".
आर्यन उसको अपने निचे करवट लेकर लिटा के पुछा ," अब प्यार करें ?"..... गुल उसकी गर्दन में हाथ दाल के बोली," अब तो पत्नी भी बना लिया बेगम के बाद, मुझसे परमिशन लेकर प्यार करेगा क्या? बुद्धू में तो कबसे रेडी हूँ कब प्यार करेगा"...... और उसको किश करने लगी
आर्यन मैं में बोलै 'साला में hi घनचक्कर हूँ जोह इश्को थकी हुयी समझ रहा था यह मुझसे भी ज्यादा ेवररेअद्य चार्ज है..... दोनों के सरीर से कपडे उतर के अब फर्श की शोभा थे और प्रेम की फिर से जीत हुयी दो प्रेमी आज अपने घर में प्यार कर रहे थे.....
गोल के सिल्की जैसे सरीर के हर अंग को चूमता चूसता जब पिंक ारोलस वाले निप्पल पे पहुंचा तो जीभ से फ्लिक करता चरों ओरे थूक से चिपड़ के चूसने लगा. ...... अह्ह्ह्हह ुह्ह्हह्ह्ह्ह करती गुल अपने राइट घुटने को मोठे सख्त लुंड पे रगड़ रगड़ आर्यन का जोश बढ़ा रही थी ........ आज वह एक मातुरे औरत की तरह आर्यन को गाइड कर रही थी की इश्को चूसो इश्को दबाओ ...... हाँ मेरे निचे भी बुर को चोसोऊ न ....... आर्यन लगा था पूरे दिल से सेवा करने लगे, बिलकुल मस्त महकती बुर में जीभ दाल के सलरपपपपप सलूरर्पपपप सुडाप्पे मार मार के चटखारे ले रहा था ..... जल्दी hi दो उगलिओं की बुर खुदाई ने अपना जादू दिखाया और भलभला के गुल झड़ने लगी....... आर्यन बुर को तब तक चूसा जब तक गुल ने उसका मुँह नहीं हत्या और अपने ऊपर खींच के खूब चूमि ," तू इतना स्ट्रांग क्लाइमेक्स कैसे दिलवाता है यार ..... पुछःह पुछःह...... ी लव यू मेरी जान....... चुम्म्म्म चुम्म्म्मम्म...... अब मुझे भी प्यार करने दे ...... अह्ह्ह्हह्हह सीईईई ...... तेरा घोडा तो बहोत झटके मार रहा है ....... "
आर्यन के घोड़े को हाथ में लिए उसको पलट के सीने पे किश करती अपने को सुहागसेज पे दोनों हाथ में थाम के हसने लगी ," यार मुझे एक तेरे साथ सौहार की फीलिंग नहीं आती "...... उसके कश्मीरी सेब जैसे लाल टोपे पे अंगूठा फेरती मुठी से ऊपर निचे करके हिलती हुयी एक बार चूम के फिर आर्यन को देखने लगी ........ उसके laal-suheri से बालों को चेहरे से पीछे करता आर्यन उसका सर अपने लौड़े के पास करने लगा," तभी में कहूं तू हमेशा गर्लफ्रेंड का मजा लेना चाहती है...... hi hi hi ....... जल्दी चूस के गीला कर आज तेरी बुर में ज्यादा डिअर रखना है .... अह्ह्ह्हह्हह चुस्स्सस्स्स्स ले ...... टोपी के निच्चे तक ले ...... हाँ ऐसे. .. "
गुल ने एक बार मोह हटा के उसके ांडो को सेहला दिया और मुठी में भरने की कोशिश की तो आधा भी कवर नहीं कर पा रही थी ," तेरे टट्टे कितने बड़े हैं यार ...... हाँ गर्लफ्रेंड बनकर मुझे मजा आता है, में तेरी खुलकर रिमांड ले सकती हूँ" ..... hi hi hi hi ..... .. सलरपपपपप सलूरर्पपपप पुछःह पुछःह..... जितना चूस पा रही थी उतना मोह में लेकर सर ऊपर निचे हिला रही ...
आर्यन ने भी उसको अपने ऊपर खींच लिया पर गुल ने उलटे हाथ से लुंड नहीं छोड़ा ," में करुँगी ऊपर से फिर तेरी बारी" ....... होंठो को चूमती अपनी फुद्दी उसके टोपी पे घिसकर धीरे धीरे से बैठने लगी टांगी चौड़ी किये वहीँ आर्यन उसके हाथ में रिमोट कण्ट्रोल देखकर इतना खुश था की यह है मेरी असली गुल जोह बहोत अच्छी और नेक है. आज लग रहा है इसने जीना फिर से सीख लिया.....
थोड़ा जोर लगने में गुल को टोपा अंदर करने में सफलता मिली तो आर्यन को आँख मार के ," आखिर घुस hi गया अब देख मेरा कमल ...... अह्ह्ह्हह्हह सीईईई ...... अंदर जा रहा है ...... पुछःह पुछःह ....... " 9 इंच तक अंदर लेने के बाद रुकी फिर दोनों हाथ सीने पे रखकर सवारी करती ऊपर नीचे कोड़ने लगी ...... आज जोश में गुल अपने सब आराम पुरे करने वाली थी...... आर्यन सोच रहा था की क्या सुहागरात है गुल डार्लिंग ऐसी hi हस्ती रहना.....
पर अब आंसूं हलके हलके ऊपर और निच्चे दोनों तरफ से भेने लगे जब पूरा किल्ला जड़ तक थोक ली ...... आर्यन उसकी पीठ सहलाता और चूचियां दबाता अब निचे धक्के मारने लगा थपप्पपपपपप थपप्पपपपपप .... तोह 5 मं भी न रोक पायी और झंडे लगी ....... आर्यन ने झट से पलटा लेकर अपने निचे लिया और टांगें उठकर अपने सीने पे लगा जोर के घस्से मारने लगा...... दोनों चूचियां तेजी से हिलती हुयी और भी मस्त नज़ारा पेश कर रही थी....... कुछ मं बाद अपनी टांगें आर्यन के सीने से हटा के अब अपने ऊपर खींच के मिशनरी पोजीशन में अपने को पूरा आर्यन के निच्चे धक् ली ," पुछःह पुछःह ..... हॉँण्णन बससससस ऐसे hi प्यार कररररररर मुझे अपने अंदर छुपा ले याररररर .... . आर्यन जकड ले मुझे और तेज तेज धक्का मार रह...... सीईईई और तेजजजजज मेरे बालम ...... हाँ ऐसे hi मेरे सौहार ....... मेरे सरताज में फिररररर गईइइइइइइइइ...... ुंहःहःहःह हनननननननन...... ारयणणणणणण...... "
अपनी आवाज रोकने के लिए उसकी गर्दन पे काट ली तोह आर्यन ने उसका मुँह अपने कंधे पे लगा दिया और अबकी बार का राउंड बहोत जोशीला और गरम था ....... 10 मं के पलंगतोड़ धक्कों के साथ आर्यन के कंधे में दांत घुसाए और पीठ पे नाख़ून घुसे बहोत दर्द झेलती और आर्यन को देती........ बस घुनंनं घुनंनं और थपप्पपपपपप थपप्पपपपपप पटट्ट्ट्ट पटट्ट्ट्ट की आवाजें आती रही ....... गुल पूरी पीठ और उल्टा कन्धा खुरच डाली थी पर धापा धपपपपप का तूफ़ान 12-13 पिचकारी मार के hi रुका...... बेहस्ता चूमते हुए बस ऐसे hi लिपटे पड़े रहे .......
एक घंटे का मिलान गुल को थका दिया तो आर्यन ने पुछा में कुछ डिअर के लिए जा सकता हूँ सुबह वापस आ जाऊंगा....
गुल ने उसका गाल चूम के कहा ,"बस 5 मं मेरे पास रह फिर चले जाना अपनी चंदा रानी के पास "......आर्यन भी मुस्करा दिया पर 10 मं में गुल के कहते सुनाई दिए, बाप रे यह लड़की स्नोरिंग भी इतनी तेज करती है...... जबकि आज सकूं से नींद आयी थी गुल को कितने महीने बाद. आज उसका एक आर्यन जैसा मजबूत सौहार है जिसकी बाँहों में जन्नत और दिल में बस गुल के लिए प्यार hi प्यार है और खुशियां बेसुमार.
आर्यन सिर्फ लोअर और टीशर्ट दाल के बहार रूम से बहार निकला और गीता के रूम में 3 बजे पहुंचा तो दूर बस भिड़ा हुआ था...... दीप्ति स्पेक्स लगा के कुछ पढ़ रही थी और गीता घोड़े बेचकर सू रही थी......
आर्यन को िश समय रूम में देखकर दीप्ति की आंखें प्रज्जवलित दीयों सी टिमटिमाने लगी..... स्पेक्स उतर के इंग्लिश नावेल साइड टेबल पे रख दी और बीएड से उतर के दूर बांध करते आर्यन से चिपक गयी. उसके सॉफ्ट सॉफ्ट बॉल पीछे से आर्यन की पीठ पे डाब गए...... गीता सूने से पहले hi बोली थी तेरा आशिके आएगा साद मत हो.
फंक्शन के 2 घंटे बाद आर्यन से लिपट कर उससे लगा की वह गुल के लिए उसको माफ़ कर दिया है लेकिन गीता के कारन भी कल रात लात खाकर भी दीप्ति से प्यार भरी बातें नहीं कर सका था. अपनी पीठ पे लाढ़ के दीप्ति को लिए गीता के पास बढ़ा तोह उसने आँख बांध किये hi कहा," तुम दोनों को चूंच लड़नी है तोह बालकनी या बाथरूम में जाओ, मुझे 2 घंटा सूने दो".
गीता की आँख दीप्ति के बीएड से उतरने पे खुली गयी थी फिर दोनों चोरों की तरह लिपट रहे थे...... बहोत कमीना है गुल से पेट नहीं भरा अब हम दोनों को भी थका जायेगा.....
आर्यन ने गीता के लबों को चूमा फिर माथे को और अपनी पीठ पे तंगी दीप्ति को लिए हुए hi अलमीरा से एक गदा और 2 तकिये निकाल के बालकनी में ले आया...... नाईट बल्ब भी उसने ऑफ कर दिया तोह चरों तरफ अँधेरा था. निचे गद्दा और पिलो बिछा के घुटने पे बैठा तोह दीप्ति उसकी गर्दन कान चूमते हुए अपनी दोनों टांगें पीठ पे लड़े उसके पेट से लपेट ली थी...... यानी वह निच्चे उतरने को त्यार नहीं थी...... " ी लव यू माहि ..... माय लव ी मिस यू सू मच ...... पुछःह पुछःह ..... "
आर्यन ने भी गर्दन घूमा के उसके लबों को चूम के कहा," ी आल्सो मिस यू बेबी ...... लव यू माय स्वीट हार्ट ...... चुम्म्म्म चुम्म्म्मम्म...... "
उसके गले में एक बहन डाले दुसरे हाथ से सीने सेहलते हुए दीप्ति को किश करता आर्यन पीछे हाथ लेजाकर अपने आगे लाना लगा बायीं तरफ से पहले लेफ्ट साइड से चिपकी हुयी वह ऐसी hi पोस्चर में आगे आने लगी और अब आधी सामने आ गयी फिर पूरी उसकी गॉड में छड़ी डीपली स्मूच करती अपनी तड़प बता रही थी...... दोनों एड़ी उसकी आर्यन के पिछवाड़े पे लगी थी और अपनी कमर को उसके सत्तर हो चुके कड़क बम्बू को अपनी झंघों के बिच दबा ली जोह लोअर में तम्बू बांये था. छाती के अम्मोन को आर्यन के सख्त सीने का अहसास दिलाती अब सिसकने लगी थी क्यूंकि आर्यन उसके बूट्स को प्यार से मसलता हुआ जोर से भींच देता...... अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्हह महीईई ी ामममममम सूऊओ वेट ...... पुछःह पुछःह चुम्म्म्म्म चुम्म्म्मम्म ...... ी लोवीएएए ोुउउउउउउ जन्न्नन्नन्न ...... "
उसके थिरकते कुह्ले और टीशर्ट में खड़े निप्पल्स अपने को आर्यन के हाथों मसलवा रहे थे जिससे पूरी बॉडी में गूसबम्प्स उभर आये...... आर्यन ने उसकी टीशर्ट एक झटके में उतर दी सेक् भर में और फिर किश करने लगा.....
दीप्ति झंडे के बाद भी गरम hi थी तो अपने निच्चे लिटा के उसकी ब्रा उतर दिया और सूंदर सूंदर बूब्स पे टूट पड़ा..... रात में दूर से आती गार्डन और फार्महाउस की वाल पे लगे बल्ब्स की हलकी रौशनी में यह दीप्ति के कुंवारे कलश अभी तक पक्के नहीं थे तो सॉफ्टनेस और फुल्नेस्स दोनों कायम थी जोह आर्यन को जोश दिलाती चूची चूसते हुए, अपने कपडे और दीप्ति को भी पूरा निर्वस्त्र कर दिया......
गीता जोह 10 मं से दूर पे कड़ी थी जोह आर्यन ने जांभोज के खुला छोड़ा था, उनकी कामुक आवाजें कहाँ सूने देती...... अपने कपडे उतर के आर्यन की पीठ से चिपक के अपनी कड़क चूचियां पीठ से चिपका दी...... अब तीनो को लगा जैसे पूरे हो गए ...... गीता को भी आगे ला के दीप्ति के बाजू लिटा के बारी बारी से चूचियां पीकर अब हर 5 मं बाद दोनों की योनि चाट चूस के साड़ी माले खता जब दो बार कर चूका तोह उसकी शेरनीओ ने उसको निच्चे गिरा लिया और दोनों लग गयी "तोपची" की ःस्थमन्थन , choosam-choosamtam क्रिया में और तभी हटी जब तक गाड़ा विरए सारा बूँद बूँद न पि लिया.......
दोनों लिपट गयी आर्यन के सीने पे सर रखे न कोई बात कर रहा था न कोई कुछ बोलकर िश रात की शांति में अपने मेहबूब की बाँहों में होने का अहसास खोना चाहता था...... 15-20 मं बाद आर्यन दोनों को उठा लिया और पहले तीनो फ्रेश हुए. आर्यन ने उनके और अपने कपडे दिए और गद्दा, पिलो वापस रखकर दोनों को अपने सीने पे लिटा के सुलाने लगा..... तीनो बस मुस्कारते चूमते पर बोलै सच्च में कोई भी नहीं...... प्यार ज्यादा जहाँ घेरा होता है प्रेम की भासा होंठो के बजाये दिल से निकलती सॉलिड गठजोड़ कर लेती जिससे प्रेमी मैं hi मैं प्रफुलित हो एक अलौकिक सुख की प्राप्ति बस आंदोलित hi तो कर जाती है.
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अलार्म 5 बजे बजा तोह गीता ने आर्यन और दीप्ति को उठाया ...... तीनो ने गुडमॉर्निंग किश किया तो दीप्ति को फ्रेश होने का बोली. आर्यन ने गीता के माथे पे किश किया और बोलै," आल थे बेस्ट, बस दीप्ति का चेहरा कवर रहना चाहिए. इवनिंग में मेरे साथ वापस आना है, ok चंदा रानी ".
आर्यन को गिरा के खूब चूमि लेकर गीता ने उसे जाने दिया..... आखिर आर्यन उसको गाओं जाने दे रहा था दीप्ति के साथ बाइक राइड पे, दोनों को जल्दी निकलना था सबके उठने से पहले...... नीला उनके साथ जा रही थी पूरी टीम लेकर, बिना को अब आर्यन गीता से दुर्र hi रखना चाहता था.
दोनों राजपूतानियाँ ब्लैक लाठर पेण्ट और जैकेट के ऊपर ड्राइविंग गॉगल्स ,हेलमेट पहनकर बेसमेंट से बाइक उछलती तेज़ स्पीड में निकली तो फार्महाउस का मैं गेट दो गार्ड्स में दौड़ के स्लाइड करके खोल दिए और उनके पीछे 5 ब्लैक सुवस थी ...... आगे नाके पे 3 सिक्योरिटी अफसर की जिप्सी भी पीछे हो ली......
दीप्ति & गीता
सुबह का टाइम था गीता 100 से ऊपर भगा रही थी पर जल्दी hi दिल्ली बॉर्डर क्रॉस करते hi 140 से ऊपर बाइक दौड़ा ली....... नीला की सुव उनसे 2कम पीछे थी और बाकी सब सिक्योरिटी और सिक्योरिटी अफसर उसस्के पीछे ...... रस्ते में हर 5 कम पे सिक्योरिटी अफसर की जिप्सी कड़ी थी.
यह अर्रंगेमेन्ट्स दीप्ति के सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स थे जोह मिरदुला ने आर्यन की रिक्वेस्ट पे गीता के साथ दीप्ति को जाने दिया की उसको कोई देख नहीं पायेगा में गर्रंटी लेता हूँ.
आधे घंटे बाद एक धब्बे पे बाइक रोकी स्किड करके स्टंट के साथ ..... धुल छथि तो हेलमेट उतर के दोनों 6 फ़टी लड़कियां सीधा अंदर बने एक केबिन में चली गयी और गीता को देखकर धब्बे का मालिक दौड़ा दौड़ा हाथ जोड़े पहुंचा. गीता बोली," लाला चौबारे पे दो कुर्सी डलवा और चाय भेज कुछ पकोड़े भी भेज दियो ".
गीता िश 2 मंजिल पे बने दो कमरे की छत्त पे तेलहन लगी दीप्ति ने एक सफ़ेद दुप्पटे से चेहरा धक् रखा था..... एक 17 साल का लड़का दो कुर्सी की जगह मुद्दे दाल गया और फिर एक छोटा स्टूल भी ले आया.....
दीप्ति ," दीदी हम कितनी दूर आ गए दिल्ली से और शुरू में तो हाईवे के दोनों तरफ फैक्ट्री hi थी..... अब हरियाली दिख रही है और हवा भी तजा और साफ़ है ".
सिक्योरिटी अफसर की 2 गाड़ियां और नीला की सुवस से निकले ऑफिसर्स और सिक्योरिटी गार्ड्स ने ढाबा hi खाली करवा दिया था जोह 20-22 लोग और काम वाले थे, बस धब्बे का मालिक खुद चाय और पककोड़े बना के ऊपर पहुंचा दिया.
निचे नीला ने लाला की जेब में 500 की नोटों की 2 गद्दी दाल दी ," तेरा नुक्सान नहीं होने देंगे "....... लाला ने जोह जवाब दिया उससे नीला को भी अच्छा लगा " हमारी माईबाप आयी हैं हमारी चौखट पे पैसे तो कभी न लूंगा मैडम जी चाहे गोली मार दियो ".
गीता का इलाका शुरू हो चूका था बॉर्डर क्रॉस करते hi, बाइक से घूमा, हाथ पेअर तोडना और सबको अपनी जूती के निच्चे रखना उसके जवानी आते hi शोक बन गए थे फिर आदत..... पूरा इलाका और स्टेट में जोह चंडी देवी को जानते थे वह कभी उसे भूल hi नहीं सकते.
रतिदेवी की शेरनी बेटी पे हिम्मत है कोई हाथ दाल के तोह देखे और जिसने डाला उसको गीता ने खाने कमाने लायक न छोड़ा..... दीप्ति के लिए यह पहला अनुभव था ऐसे अकेले घूमे का , अपना दुपट्टा हटा के गीता का हाथ पकड़ के बोली," दीदी अब भी नाराज हो ".
गीता मुस्करा के ," नाराज होती तो चोरी तू मेरी गइल (साथ) क्यों होती, चिल कर तू मेरी छोटी भें है तुझे 7 खून भी माफ़ हैं" ...... है है है है ..... उसके बाल सेहला दी तोह दीप्ति की चिरपचित स्माइल दिखाई दी .....
चाय और पकोड़े के साथ हाईवे के दोनों तरफ लम्बी सफदे (युकलिप्टुस) के ऊँचे पेड़ों की क़तर और दूर दूर तक हरे हरे खेत hi खेत का सुबह का नज़ारा और सूरज उदय का दृश्य बहोत hi सुहावना था...... गीता जहाँ अपने चेत्रे में आके चौड़ी हो गयी थी वहीँ दीप्ति का उत्शा चरम पे था.
आधे घंटे आर्यन और अपनी बातें करते गीता ने कहा," देख ले मैंने पहले hi बोलै था गुल से ुष का पेट नहीं भरेगा हमारे धोरे जरूर आयेग.... वैसे पाते ने दिल खुश कर दिया, आज से तू आर्यन की नहीं मेरी दीप्ति बन गयी hai......hi hi hi ..... आखिर में तुझे भगा जो लायी अपनी गइल ...... है है है है ..... "
दोनों ने hi फाइव (ताली) किया और दीप्ति बोली," में तो बहोत लकी हूँ जोह आप दोनों मुझे इतना प्यार करते हो, फिर आप और में एक hi तोह हैं बस माहि हमारा अंगरक्षक के साथ पति भी होगा".
गीता," हाँ में भी कभी कभी सोचती हूँ में कैसे उसके प्रेम में पद गयी जबकि यह इश्क़ का रोग मेरी समझ से बहार था पर अब लगता है रोग नहीं है यह तोह उपचार जैसा है जितना कर लो उतना hi काम लगता है"..... आँख मार के...... "उसे याद नहीं करते हैं यार नहीं तो छूट गीली हो जाती है ".
दीप्ति भी हैरानी से इधर उधर देखती," दीदी ऐसे मत बोलो कोई सुन लेगा ..... ".
गीता उसके छेड़ते हुए," बीटा में भी सब देख रही थी ऐसे लिपटी थी जैसे खा जाएगी..... बहोत आग है तुझमे. वैसे आज मजा बहोत आया न कोई बोल रहा था बस सब अपने आप हो रहा था...... चल निकलते हैं फ्रेश होना हो तो हो ले ".
दीप्ति भी कड़ी होती हुयी," नहीं अब चलते हैं में गाओं पोंछकर फ्रेश होंगी, रस्ते में मुझसे नहीं होगा ".
गीता ," चल एक घंटा भी नहीं लगेगा, गाओं बाद में जायेंगे तुझे पीली कोठी ले चलती हूँ और दुप्पटा लपेट ले वर्ण तेरा सैयां कहेगा मेरी लाडो की मुँह दिखाई कैसे करवा दी "....... गीता आगे आगे और दीप्ति उसके पीछे भागने लगी सीढ़ियों से दुप्पटा लपेट के......
डब्बे के मालिक को गीता पूछी ," लाला कितने पैसे हुए ?"
लाला भी मुस्करा के बत्तीसी दिखाया," अरे बेतिया तुम्हारा hi धब्बा है ..... यह बिटिया कौन है मैंने पहचाना नहीं ".....
500 का नोट निकल के गीता उसके शीशे के काउंटर पे रखकर दीप्ति की कमर में हाथ दाल के बोली," पहचाना भी मत मेरी नयी लुगाई है लाला नज़र ऊपर मत करियो"..... है है है है है ......
दीप्ति ने उसके कंधे पे मारा तोह जोरसे हसने लगी और लाला तो बस मुँह बंद किये चुप hi हो गया सर झुका के...... चंडी देवी कुछ भी कर सकती है.....
दोनों फिर हार्ले डैविडसन पे गोली की स्पीड पकड़ के निकल ली जैसे सिक्योरिटी अफसर या नीला से कोई मतलब hi न हो....... नीला भी चाय ख़तम कर के लाला के सामने दोनों नोटों की गद्दी रख के बोली," रति मैडम ने भेजे हैं"......
लाला हाथ जोड़कर 2no गद्दी रख लिया, आखिर उसकी मालकिन ने भेंट भेजी थी अब इंकार कैसे करता......
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आर्यन अपने रूम में पोंछा तो गुल फर्श पे एक छोटा सा कालीन बिछाये प्रेयर कर रही थी तो वह भी रूम से बहार आकर अपना मोबाइल निकाल के जग्गू मम्मी को फ़ोन किया की में 12 बजे तक दोपहर में पहुंच जाऊंगा. जग्गू तोह आर्यन से बात करके hi इतनी खुश थी की प्यार जमीन पे नहीं पद रहे थे...... यह बात सुबह नास्ते पे चौधरी नवाब सिंह और Seema-Reena ने भी महसूस की वह हमिंग (मुँह बंद करके) करती गुनगुना रही है.
नवाब सिंह जोह चारपाई पे बैठा नाश्ता कर था पूछ hi लिया ," कहीं जा रही है क्या जोह सुबह सुबह त्यार हो गयी ?"
जग्गू ने बस उसकी प्लेट में 2 माखन से तर रोटी रखते हुए इतना कहा ," आज अपने गाओं जाना है शाम तक आ जाउंगी ".
दोनों भेने थोड़ी दुरी पे दिंनिंग टेबल पे अपना बीएड टोस्ट और दूध पि रही थी तब रीना को कुछ डाउट हुआ दाल में कुछ काला है ," मम्मी में भी चलूँ तेरी गइल ?"
जग्गू ने उसको झिड़क दिया," नहीं कोई जरुरत नहीं..... तुझे कॉलेज नहीं जाना क्या फिर दोपहर या शाम तक में पीर बाबा पे चादर चढ़ा के आ जाउंगी".
नवाब सिंह ने नाश्ता करके नलके पे हाथ धोये और दिंनिंग टेबल पे 5000 रूपये रखकर बोलै," रीना अपनी मम्मी से कह दियो की कार से hi जाये और यह पैसे रख ले चद्दर भी चढ़ा देगी".
जग्गू जोह रसोई से सुन्न रही थी आज सब मेरे hi पीछे पद गए हैं वैसे किसी को मतलब nahi......Usko डर था आर्यन के आने के बारे में इनको साख न जाए.
5 मं बाद बहार आयी तो नवाब सिंह जा चूका था और सीमा बोली ," मम्मी यह पैसे पापा ने दिए हैं चद्दर चढ़ाने के लिए और कार की बोल के गए हैं".
जग्गू ," हाँ हाँ पता है कान हैं मेरे आराम से चली जाउंगी ".
सीमा और रीना समझ नहीं पा रही थी उनकी मम्मी कुछ तो छुपा रही है पर अभी उसको पूछना किसी खिस्यानी बिल्ली की दम पे प्यार रखने जैसा है. दोनों त्यार होकर 8 बजे कॉलेज चली गयी और अब जग्गू फिर से त्यार हुयी जोह साड़ी सब से अच्छी थी वह पहनी और स्पेशल उन्देर्गर्मेन्ट्स भी जोह साउथ अफ्रीका से आर्यन उसके लिए लाया था..... एक डायमंड सेट पहनी तो जल्दी hi उतार दी कहीं कोई लूट hi न ले इंसान की नियत का क्या भरोसा...... फिर बस हल्का फुल्का make-up करके वह 9 बजे अपने फिर एक कार में अपनी लेडी बॉडीगार्ड के साथ निकल गयी...... अब एक काम और उसको करना था की ड्राइवर और बॉडीगार्ड को अपने पीहर के घर छोड़कर छिपकर आर्यन से मिलने जाना था जो अपने घर के पीछे के खेतों से होती हुयी वह आसानी से कर लेगी.
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उधर आर्यन 5 मं बाद रूम में आया तो गुल अभी प्रेयर करके अपना छोटा सा काले सांगवा के रखकर आर्यन को दुआ सलाम की उसने भी वैसे hi जवाब दिया ...... गुल नियम की पक्की थी फिर उसने इण्टरकॉम से 2 चाय आर्डर की और आर्यन के पास बैठकर पूछी ," लगता है ख़ुशी में रात भर नींद नहीं आयी तुझे".
आर्यन भी उसको गले लगा के गाल चूम के बोलै," जब इतनी हसीं बेगम पहलु में हो तो नींद किस कम्भख्त को आणि है...... बस तुम साथ देना में एक महीना न सोएं ".
गुल भी हसकर," मुझे अभी ऊपर नहीं जाना..... रात में एक बार में मेरी हालत ख़राब कर दी अभी भी दर्द है यार और तू 1 महीने की बात कर रहा है ...... वैसे तेरे चेहरे की हसी बता रही है गीता को तू ने मन लिया क्यों ?"
आर्यन भी है दिया," हाँ बड़ी मुश्किल से मानी है..... अभी जा रही है गाओं दीप्ति के साथ बाइक पे माँ के उठने से पहले".
गुल," हाँ उसका कल का ट्रिप मेरी वजह से hi ख़राब हुआ था, चलो अच्छा है उसको घूमने में खुसी मिलती है तोह उसको खुश होने दो"...... गुल ने आर्यन को सीरियस होकर पुछा उसके गले में बाहिएँ डाले," में मुंबई वाली जॉब कर सकती हूँ और ब भी कर लुंगी ".
आर्यन भी उसकी मानसिक सिथि समझते हुआ बोलै," देखा यार माँ तुम्हे अभी 2-3 वीक तो कहीं जाने नहीं देगी उसके बाद ज्वाइन करने का मैं है तो कर लेना पर हम इतनी दूर कैसे रहेंगे ".
गुल हसकर ," हाँ जैसे तू हमेशा मेरे साथ रहता था...... अरे यार तू मुंबई आ जाना या में यहाँ आ जाउंगी ुष में क्या बड़ी बात है. फिर दूर रहने से प्यार बढ़ता है, मेरे ब को भी एडवांटेज रहेगा टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री में काम करते हुए".
आर्यन ," ठीक है बात तुम ने करियर और एजुकेशन की करि है तो में मन नहीं करूँगा मगर मुझसे दूर जाने का कोई बहाना है तो जाने नहीं दूंगा ".
गुल भी खुश होती हुयी," ऐसी बात नहीं है यार..... तेरी फॅमिली का प्यार और अपनापन देखकर मुझे भी यहीं सबके पास रहना है. फिर देख वह Dimple-Payal भी है और नरगिस भाभी भी और अभी मेरी आगे है तो 2-3 साल पढ़कर अपने प्यारों पे खड़ा होना चाहती हूँ. उपरवाले के करम से मुझे किसी बात की कमी है hi नहीं मुझे तो ज्यादा hi मिला है बस खुद को भी काबिल साबित करना चाहती हूँ और तेरा प्यार मुझे आगे hi बढ़ेगा इतना मुझे विश्वास है"...... दोनों तर्क देते रहे 10 मं बाद बेल्ल रिंग हुयी.
गुल ने हिजाब निकाल के अब सर पे चुन्नी ले ली और दूर खोल के माइड को गुडमॉर्निंग बोलकर चाय की ट्रे ले ली..... फिर दोनों ने हसी मजाक करते चाय पि.
गुल की शादी उसके पसंद के लड़के से पहले भी हुयी थी, परिवार और उनकी जिम्मेदारी का पूरा अहसास था. वह आर्यन से ज्यादा मातुरे थी िंह मामलों में थोड़ा self-confidence भी उसका वापस आ रहा था जोह अच्छा सिग्न था....... फिर अपनी मामी और अम्मी से फ़ोन पे बात कर गुल सीधे निचे चली गयी किचन में और ब्रेकफास्ट की जिम्मेदारी संभाली जोह उसके लिए कोई बड़ी बात नहीं थी.
आर्यन एक घंटा सूकर 7 बजे रति के सुईठे में पहुंचा ऊंघता हुआ तोह उसके गाल पे किश करके बीएड पे बगल में लेटकर उससे बच्चे की तरह लिपट गया.....
आर्यन की इनोसेंस भरी स्माइल देखकर रति को भी बहोत प्यार आया अपने लाडले पे उसको चूम के बोली," Geeta-Deepti को भगा hi दिया नयी बीवी मिली तोह ".
आर्यन भी है दिया और कुछ नहीं बोलै, रति ने उसके कान में कहा," तेरा सरप्राइज बाथरूम में वेट कर रहा है धावा बोल दे"...... उसको लगा रति मजाक उदा रही तो बोलै मुझे कहीं नहीं जाना......
रति ने उसके कान पे काटा और बोली," तेरी मम्मीजी को शिमला की बहोत याद आ रही है...... थोड़ी गर्मी बढ़ गयी है उसकी , इंजेक्शन बिना काम नहीं चलने वाला".....
आर्यन भी हसने लगा," फिर मत कहना की मेरी भें के पीछे पड़ा रहता है"...... और आर्यन रति की एक चूची दबा के वाशरूम की तरफ लपका और कोड नंबर दाल के अंदर घुस गया ......
रति भी मुस्करा के उसकी सररत पे हसने लगी...... 40 मं बाद डॉ अंजू बहार आयी आर्यन की गॉड में सिर्फ टॉवल लपेटे हुए तोह सारे जहाँ की खुसी उसके चेहरे पे थी...... रति के पास बीएड पे डॉ अंजू को लिटा के उसने कहा," में किसी काम दिल्ली से बहार जा रहा हूँ Geeta-Deepti को इवनिंग में साथ लेता आऊंगा चॉपर से".
रति भी प्यार से डॉ अंजू के गीले बाल सवारती हुयी आर्यन से पूछी," गुल को तू ने किचन में भेजा है ".
आर्यन कंधे उचका के अपने कपडे समेटे बैडरूम से बहार जाते हुए बोलै," उसको अच्छा लगता है घर के काम करना, करने दो ".
रति ने डॉ अंजू से कहा ," जैसे में रोकती हूँ सबको...... "
डॉ अंजू ने जवाब न दिया तो एक चपत करवट से लेती उसके पिछवाड़े में मारी तो जोरसे चीख पड़ी, रति भी डर गयी ," क्या हुआ चीख क्यों रही ".
डॉ अंजू सीई सीईई अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह करती बोली," एक तोह आर्यन ने पूरा खोल दिया है मुझे तब मेरी चीख नहीं सुनाई दी ..... आप बस एक काम करो मेरे वैनिटी बैग में एक ब्लू कलर की जेल होगी और 2 टेबलेट पेनकिलर की दे दो दीदी ".
रति ने वैसे hi किया फिर दूर लॉक करवा के डॉ अंजू ने जैसे तैसे जेल अपने पिछवाड़े में भरा और फिर छूट पे भी लगा ली. दो गोली खाकर बोली," आप मुझे 2 घंटे सूने दो किसी को मत बताना में कहाँ हूँ".
रति भी हसने लगी," आगे से मैं नहीं भरा पिछवाड़ा तो बचा सकती थी ".....
डॉ अंजू भी दर्द में हसने लगी ," मौका मिलता तब बचती न आपके सपूत से, पूरा उधेड़ दिया बहोत दर्द हो रहा है ...... अह्ह्ह्हह ..... हसन मत दीदी...... "
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गीता पीली कोठी में एंटर की, स्पीड बाइक की काम रखती दीप्ति को बताती भी जा रही थी यहाँ क्या क्या है...... दीप्ति के लिए कोई बड़ी बात नहीं थी उष्ण बहोत बड़े बड़े महल से लेकर एस्टेट पहले भी देखे थे जाने कितनो की वह अकेली वररिस थी पर यह जगह आर्यन और उसके पुरखों से जुडी थी जोह बहोत उसका महत्व रखती थी.
खेत खलिआनो से लेकर बाघ, सरोवर और मैदान घूमने के बाद पीली कोठी की मैं बिल्डिंग पे बाइक आकर रुकी..... काकी और विद्या दीदी के साथ पूरा स्टाफ और मैनेजर हाथ जोड़े खड़े थे..... काकी ने थाली ली हुयी थी हाथ में आगे बढ़कर गीता का ारता कर तिलक लगाई फिर दीप्ति के फुल्ली कवर्ड चेहरे से बस हल्का सा दुप्पटा एएब्रोस से ऊपर की और टिक्के की जगह बिंदी लगा दी ...... दीप्ति ने प्यार चुने चाहे तो काकी पीछे हटकर," हम नुकर के प्यार छूकर पाप मत छदयो बेटी".
दीप्ति ," फिर माजी प्रणाम तो स्वीकार कर hi सकती हैं "...... और हाथ जोड़ने पे आशीर्वाद दी दूधो नहो पुटों फलो.....
गीता भी काकी को दीप्ति को निहारता देखकर हैरान थी पक्का आर्यन या माँ ने बता दिया होगा पर गॉगल्स निचे झुकने से नीली आँखों की एक झलक hi दीप्ति का आर्यन से रिश्ता काकी जोड़ ली ...... मैनेजर ने दोनों को बुकके दिया जोह पीली कोठी के hi रंग बिरंगे फूलों से निर्मित था...... दोनों अंदर गयी तोह दीप्ति देख रही थी बिल्डिंग 2 मंजिला hi थी पर साफ़ सफाई ,अच्छी मेंटेनेंस से प्रकर्ति की गॉड में शांत और मैं हरने वाली जगह थी......
गीता की तरह ड्रेस और शामे हट दोनों एक जैसा hi दिखती थी. आर्यन के रूम तक विद्या दीदी फर्स्ट फ्लोर तक उनको छोड़ गयी ...... जोह अब कक्की से ट्रेनिंग ले रही थी.
दीप्ति पहले फ्रेश हुयी फिर गीता 10 मं बाद कक्की खुद एक बड़े थाल में जलपान और स्नैक्स के साथ मिठाइयां , फ्रूट्स भी लायी थी...... टेबल पे रखकर वह जाने लगी तो गीता ने दूर लॉक करके कक्की का हाथ पकड़ के पूछी ," तू इसे जानती है क्या कक्की सच्च बता किसने खबर की तुझे आर्यन या माँ ने ?"
कक्की ने गीता के हाथ पे हाथ रखकर कहा," किसी की भी कसम खिला ले बेटी, बरसों से तेरा नमक खाया है..... मुझे तोह नीला मैडम से पता चला तुम आयी हो. हाँ ीनता में जरूर कह सकती हूँ यह बहोत ख़ास है न आर्यन बेटे की..... इनकी नीली आंखें मुझे दिख गयी थी चश्मे से "...... फिर इधर उधर देखकर, गीता के कान में पूछी ...... " यह राजकुमारी दीप्ति सिंह जी है न ?"
गीता ने भी मुस्करा के गर्दन हाँ में मिला के कक्की की मोती गांड पे थपकी दी ," जा प्यार छु ले किसी को पता नहीं चलना चाहिए "...... काकी इतनी खुश हुयी सच्च में दीप्ति के प्यार में गिर गयी.
दीप्ति हक्की बक्की रह गयी तोह गीता हसकर ," यह आर्यन की मुँह छड़ी काकी है आशीर्वाद दे दे दीप्ति इश्क भी दिल रह जायेगा"....... और थाल से खीर के कटोरे में ऊँगली घुमा के चाहती तो स्वादिस्ट लगी.
दीप्ति ने काकी को उठाया और अपना दुप्पटा उतरा तोह काकी भी हैरान रह गयी कभी दीप्ति को कभी गीता को देखती hoo-ba ेक्सी सकल थी उसने सुना था पर अब विश्वास हुआ...... गीता एक केला उठा के चील के खाते हुए बोली," इसे कहते हैं जुड़वाँ ..... मेरी कामिनी काकी "..... उसका गाल पकड़ के हिला दी ....
" सदा कुश रहो बेटी भगवन तुम्हारी जोड़ी बनाये रखे, तुम दोनों नास्ता करो ऊपर कोई नहीं आएगा "...... काकी जाने लगी तो दीप्ति ने काकी को रोकर कहा ," एक मं कक्की, आप बहोत अच्छी हैं. में पहली बार आयी हूँ तो मन मत करना" ..... ग्लव्स उतार के राइट हैंड की बिच वाली ऊँगली से अंगूठी उसके सीधे हाथ में रख के मुठी बांध कर di......"aur आगे से मेरे प्यार मत चुना, आप बड़ी हैं और हमारी बुजुर्ग भी ".
काकी मन करती उससे पहले गीता बोली," रख ले काकी इतने प्यार से दे रही है..... बहु समझ के hi रख ले ".
काकी भी दीप्ति का सर पुचकार दी और खुश होती दूर मिला के चली गयी.....
दीप्ति ," में पहले hi समझ गयी थी माहि इनके क्लोज है, उनकी आँखों में खुसी और चमक दिख रही थी ".
गीता भी हसकर," चल कुछ खा ले फिर निकलते हैं अभी गोअन भी जाना है बस वहां तू चुप रहना .....वैसे भी मेरी हमर उठा लेते हैं तो तू भी आराम से घूम सकेगी और किसी को दिखेगी भी नहीं..... और िश काकी से बच के रहिओ माँ की बहोत बड़ी चापलूस है सब खबर यही से बैठे बैठे दिल्ली पहुंचती है. यह दिखने में मामूली लग रही है पर इश्क नेटवर्क बहोत तगड़ा है, गोअन क्या इलाके की कोई भी खबर हो इसे पक्का पता होती है. वैसे वफादार है पर में ज्यादा भरोसा किसी पे नहीं करती".
दीप्ति," वफादारी उनकी आँखों में दिखती है दीदी फिर अलवर में मैंने इतनी दासियाँ और सेवक देखे हैं सेकंडों में पता चल जाता है. आप को भी बहोत मानती है, वैसे उनको छेड़ने में बहोत मजा आता है आपको "..... hi hi hi hi.....
गीता," इनको थोड़ा रॉब दिखाना hi पड़ता है वार्ना सर पे जड़ जाते हैं..... तू कुछ खा नहीं रही है , अच्छा नहीं बना क्या".
दीप्ति ," अभी इतनी भूक नहीं है थोड़ी डिअर यहीं आराम करें ?" ...... गीता ने फ़ोन मिलकर बोल दिया मुझे गाओं के फार्महाउस के ऑफिस पे hi मिलना दोनों..... आज पक्का किसी की सहमत आने वाली थी???
फिर निचे जाकर हिसाब किताब देखि और जोह कमी लगी दांत के उसको ठीक करने का बोली...... गीता पिछले 2 साल से hi यहाँ की देख रेख करती थी. स्टाफ या काकी भी गीता से डरते थे और फिर रति के पास टाइम नहीं होता था और आर्यन अमेरिका चला गया था..... 3-4 टूरिस्ट फॅमिली भी आज रुकी हुयी थी.
गीता को अस ान ओनर मैनेजर ने मिलवाया तो वह भी खुस हुए उससे बातचीत करके..... 1 घंटे बाद ऊपर आयी तो दीप्ति को मुँह खोले सूता देख अलार्म लगा के खुद भी उसको बाँहों में लिए लेट गयी..... दीप्ति पे अपना अधिकार गीता एक बड़ी सगी भें की तरह दिखती थी और अमेरिका से जाने हॉल आकर त्रिदेवी का अवतार इनका पूरा करने वाली थी.
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पुराण जंगल.....
निशांक गुरूजी वापस जब Ani(V) के भेजने पे बड़े गुरूजी के प्रीतिबिम्ब के सामने हाथ जोड़कर काफी समय बैठे रहे.
बड़े गुरूजी ने कई घंटो बाद आँख खोल के कहा," वॉश तुम्हारा मैं अशांत है".
निशांक गुरूजी के प्रीतिबिम्ब में आंसूं न बह रहे थे पर दर्दविदारक शब्दों में बोले," आज वही समय पुणे लौट आया गुरूजी और आर्यन ने फिर से मातये पे प्रहार किया, यदि वरदान की परिधि में न होता तो ऐसा मंजार कोण देखना चाहेगा".
बड़े गुरूजी भी गंभीर स्वर में बोले," इतना दुवेघ और विचूब हम सबने ने भी परीक्षित करना है जब महारायण के अंदर इतना के प्राण डाले थे..... वह समय बस तनिक सी उथल थी, पथल तो ज्यादा त्राश्दी के साथ आएगा. आर्यन इतनी जल्दी संभल जायेगा उसके लिए हम महारानी की भी सराहना करेंगे..... विपत्ति की तो शुरवात hi हुयी वार्ना महार्यं को पुनर जनम कैसे मिलता अगर शैतान सिंह भी पुनर जीवित न होता..... हाँ अब उसके लिए आसान तो न होगा पर आशम्भव नहीं.... रति के साथ आर्यन को भी लड़ने के लिए त्यार करो और लक्ष्मी (मिरदुला) का विश्वास डगमगाना नहीं चाहिए तभी कल्याण होगा ".
इतना बोलकर उन्होंने आंखें बांध की तो हमेशा की तरह निशांक गुरूजी भी अपने मैं को शांत करने लगे और उनको भी लगा की आर्यन पे प्रहार नहीं करना चाहिए था वह तो आवेशित हुआ था किसी अन्य के कारन.
अणि (व्) से मानसिक संपर्क जब हुआ तो बड़े गुरूजी ने बस 'साहस' बोलै.....
नेहा ने पुछा तो अणि ने जवाब दिया की हमको hi आर्यन को प्रोटेक्ट करना ुष से दूर रहकर.... एक काम करना कोई भी उसके मानसिक संकेत में नहीं रहेगी और अपनी शक्तियों का उपयोग नहीं करना. अभी कुछ दिन शैतान सिंह अचेत रहेगा क्यूंकि मैंने उसका संपर्क तोड़ के ज्यादा हानि दी है...... नेहा सबको खोजो बचपन से जोह भी आजतक आर्यन के संपर्क में आयी हो और शक्तियां रखती हो, उनको हमने सुरक्षित रखना होगा.
नेहा अपने काम पे लग गयी अपनी परछाई को भेज के और इधर अणि (व्) के साथ फंक्शन के लिए रेडी होने लगी थी...... शैतान सिंह बस रोका जा सकता था पर ताला नहीं....... ?????
तो बे कॉन्टिनोएड......
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Part-2(B)
(गीता की दीप्ति)
अब तक.......
तेज म्यूजिक बजने लगा .......
"छत पे सोया था बहनोई
छत पे सोया था बहनोई
मैं तन्ने समझ के सो गयी मुझको राणा जी माफ़ करना
गलती म्हारे से हो गयी
मुझको राणा जी माफ़ करना
गलती म्हारे से हो गयी "
गुल की विवाह रश्मि शुरू हो गयी थी.....
अब आगे........
गाना सुनकर आर्यन के साथ जमुना भी हसने लगी थी भले बहनोई नहीं दामाद hi सही. आर्यन को अपने ऊपर से पीछे धकेली तो ढीले होते लुंड ने भी उसकी चीख निकाल दी बहार मोटा टोपा आते हुए..... अह्ह्ह्हह मररररर गईइइइइइइ..... आर्यन ने उसकी दोनों टांगें पूरी सत्तर करके उसके चूतड़ के निच्चे दो तकिये लगा के बोलै ," ऐसे hi गर्भ जल्दी थेरेगा आप hi बोलती, एक बात पूछूं आप जवाब चाहिए मत देना पर कोई आपसे भी ऊपर आपको कण्ट्रोल कर रहा है जोह फिर से आप दोनों माजी आयी हो और पुष्प जी से बात हुयी thi.....woh 2 दिन बाद आ रही हैं ...... सॉरी मैंने बस गेस किया ".
अपनी छूट से विरए निकलते hi उसको अंदर hi रखने की नाकाम कोशिश करती जमुना ने जवाब दिया ," हमारी महारानी मिरदुला जी ...... जोह चाहती हैं हम सब उनकी रानी वधु पक्का माँ बन जाएँ".
आर्यन भी हैरान होकर," मैया को पता है, ऐसा नहीं होना चाहिए था..... यह बहोत गलत हुआ".
आर्यन की बेचैनी देखकर अपनी टाँगे क्रॉस करके उसका उल्टा हाथ अपने हाथ में पकड़ के रानी जमुना बोली," बीटा इसी को राजनीती कहते हैं तुमको में सीखा सकती हूँ पर तुम हमसे ज्यादा नॉलेज रखते हो. पक्का तुमको नहीं लगा की तुम्हारी सो कॉल्ड नयी मैया hi चाहती है हम तुम्हारे बीज से माँ बने. आर्यन बीटा उनको दीप्ति या सुचित्रा से इतना लगाव नहीं है जितना तुम से है. दीप्ति का मानती हूँ की वह तुम्हारे विरहा में विचलित होगी पर तुम्हारी सो कॉल्ड मैया ने तुम्हारे शत्रुओं की भेंट चांदनी शुरू कर दी है..... हम उनके आगे बस कठपुतली हैं और उनका तुम्हारे लिए मोह सुबह संकेत तोह कटाई नहीं है..... हम जानते हैं दीप्ति को जब गायत होगा हम सब के तुमसे रिलेशनशिप के बारे में वह उन्ही से गायत होगें...... पर बीटा हम दीप्ति से तोह माफ़ी मांग लेंगे की हम मजबूर थे पर तुम अपनी मैया को रोक सकते हो. आर्यन वह जड़ें hi नहीं नेसल भी ख़तम रही हैं राजपूताना में तुम्हारे और दीप्ति के दुश्मनो को बस दीप्ति एक मुख्ता hi दिखेगी".
आर्यन ने झडपेड अपने कपडे पहने और जमुना को बोलै," आप ने कुछ नहीं कहा मुझे रानी साहिबा पर याद रखना की यह बात बहार नहीं जानी चाहिए ".
आर्यन को गीता का गुस्सा याद आ गया की मार के छोड़ती है और रानी मिरदुला उनके hi जैसी है, पक्का आज सिखर मेरी माँ रति का करेगी ...... मम्मी भी अभी नहीं समझ पायी इतनी पावरफुल होते हुए ......
आर्यन ने मैं में ," अणि प्लीज बचा ले यार वह मेरी माँ को न मार दे" ...... अणि को कॉल मिलाया तोह नंबर बिजी था ......
आर्यन ने जमुना को पहले बता दिया था की सामने के दूर के बाद राइट दूर खोलना सीधा रॉयल सुईठे के बाथरूम में खुलेगा ..... आर्यन कॉल मिला के ," बिना मैया मेरा मतलब है रानी मिरदुला जी अभी कहाँ है".
बिना भी उसकी टोन सुनकर हैरान हुयी," अभी वह आने वाली हैं रानी लीला और रानी संगीता जी के साथ "......
आर्यन जोह उसको बोलै तो बिना की भी सटक गयी और सीधा रति के पास कड़ी बस ठुमके लगा के आर्यन को बोली मैडम से पहले मेरी लाश गिरेगी, नहीं तोह तेरी मैया को में शूट कर दूंगी चाहिए कुछ भी हो...... आर्यन उसको कुछ भी ऐसा करने से रोका बस मैया को रोकना होगा.
आर्यन जब मिरदुला के सुईठे में पहुंचा तो तीनो वही मिल गयी पर आज उसके तरपान हिल gaye......powers, ताकत और सिंघासन सब धरा रह जाता. आर्यन को पसीने में नहाये देखकर तीनो उसके पास पहुंची .....
आर्यन ने हाथ दिखा के तीनो को रोका," लीला जी आप माजी के साथ पार्टी में जाइये मुझे रानी मिरदुला जी से कुछ ख़ास बात करनी है ".
लीला आगे बढ़कर ," क्या हुआ आर्यन तुम इतने डरे हुए क्यों है ?"
आर्यन हाथ दिखा के डायरेक्शन दिखा दिया दूर की तरफ," प्लीज लीला हम आ रहे हैं न, रिक्वेस्ट है आपसे लीला जी के साथ जाओ माजी.... प्लीज "......संगीता क्या लीला भी समझ गयी थी पर तीनो को आर्यन पे विश्वास था तो दोनों चली गयी .....
आर्यन आगे बढ़कर एक थप्पड़ जड़ दिया मिरदुला को जोह जमीन पे दूर जा गिरी..... " तू बदजात औरत हिम्मत कैसे हुयी की मेरी रति को मारने की सोचे..... आज के बाद रांड मुझसे दूर रहना और मेरी रति से 1000 मीटर ....... "
तभी आर्यन धाम से जमीन पे गिरा मूर्छित होकर और वार निशांक गुरूजी ने पीछे से मुक्का मारा के किया था.
रानी मिरदुला को उठाकर उसके फटे चेहरे को अपने हाथ के घाव भरते हुए बोले," यह आपके सामने अपनी औकात भूल गया है माते, दो कूदि का इंसान न पिछले जनम में समझ पाया माँ क्या होती है न िश जनम में" .... फिर से वार करते ुष से पहले मिरदुला ने रोक लिया ," माफ़ कर दो पुत्र उसे वह भटक गया होगा उसको नहीं गायत होगा".
निशांक गुरूजी ने मिरदुला को बहोत समझाया की वापस चली जाए और आर्यन से दूर रहे..... तभी वहां अणि (व्) प्रकट हुयी तोह दोनों उसके सामने सर झुका के बेथ गए ......
आर्यन के पास जाकर उसका सर सेहला के अणि (व्) बोली," तुम वापस जाओ निशांक वार्ना आर्यन होश में आकर तेरी बदतर परिस्थिति कर देगा.... कोई और hi था जिसने इश्से मानसिक संपर्क करने की चेष्टा की और यादें भी अधूरी hi मिली इशलिये क्रोधित हुआ ".
निशांक गुरूजी ,"परन्तु महारानी ..... "
Ani(V) गुस्से से," जाओ निशांक हम हैं यहाँ ".
निशांक के विलुप्त होते hi मिरदुला को खड़ा करके अणि बोली," मिरदुला फिर समय आ गया है, तुमको अपने बेटे पे जान हारनी पड़ेगी और शैतान सिंह अपना नया देह (सरीर) ढून्ढ लिया है".
मिरदुला ने रूट हुए अपना ांचाल पहला के, अणि (व्) के सामने गिड़गड़ा के बोली," यह मेरा बीटा महार्यं नासमझ है महारानी..... में जान देने से पीछे नहीं हटूंगी बस आप इश्कि रक्षा करिये ".
Ani(V) गंभीर स्वर में ," इश्कि रक्षा हमारे बस में कभी नहीं थी मिरदुला और नियति हम बदल नहीं सकते बस उसको ताल सकते हैं. जिस दिन यह पूर्ण शक्ति के साथ सामने आएगा इतहास फिर से धौर्य जायेगा. शैतान सिंह को भी बड़े गुरूजी से वरदान है वह महार्यं का दुबारा अंत करेगा".... ????
नेहा गोल्डन राजशी सेनापति की वस्त्रों में रूम में प्रकट हुयी और बोली," महारानी खतरा तोह ताल गया है पर बुरी खबर है".....
आर्यन को अचेत देखकर नेहा उसकी तरह बढ़ी तो अणि (व्) की चेतावनी गूंजी," नहीं सेनापति उसको स्पर्श मत करना हम भी नहीं जानते कितना आघात लगा है..... निशांक मिर्त्ये है वह कोई सूचना नहीं त्वरित कर सकता परन्तु तुम और हम फिर से िश जनम में मानव योनि में बह हैं. शत्रु को आभास नहीं होना चाहिए हमारी सख्तियों का".
आर्यन की 10 मं बाद बेहोसी टूटी तोह अणि और नेहा के साथ महारानी मिरदुला को देखकर चौंक गया .... " अणि, तू कब आयी उसका माथा चूम के अपने गले लगा लिया ...... आये नेहा भी यहाँ है तुम दोनों रेडी नहीं हुयी "......पर जब अपनी मैया पे नज़र पड़ी तोह लगा वह बहोत रोई है..... उसको आगे बढ़कर गले लगा के आर्यन बोलै," क्या बात है मैया तू रू क्यों रही है ? "
मिरदुला क्या बोले पर अणि ने पलके झपका के उसका इशारा कर दिया..... "बस ऐसा लगा मेरा बच्चे माहि को बहोत कास्ट हैं उसकी बीवियां ध्यान नहीं रक्ति ".
आर्यन ने उसको गले लगा के खूब चूमते हुए कहा ," आजा थोड़ा रेस्ट कर ले बेकार में परेशां होती है ..... अणि तू भी त्यार हो जा नेहा के साथ में अपनी मैया को मन के लाता हूँ".
अणि और नेहा मुस्करा के थम्ब्स उप का सिग्न दिखा के चली गयी जोह आर्यन उसके लिए समझा ...... अब दोनों पिछले जनम के माँ बेटे दोनों एक साथ थे पर दोनों की जान डाव पे लगी थी..... जोह कितने समय बाद जाएगी यह देखना होगा...... ?????
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आर्यन के धरतीलोक पे कुछ समय के लिए प्रमुख दुश्मनो में हरी सिंह (मर्डर चूका था) और कुलदीप वर्मा ( मर्डर चूका था) , संजय सिंह दलबदलू था, देवेंदर सिंह तेरा डरपोक.... राजा जबर सिंह और राजा त्रिभुवन सिंह कायर थे ......
"राजा रघुभार सिंह " ...... सही समर्थवान पुरुष था..... दिलेर, पराकर्मी और पहले से काली शक्तियों का ज्ञाता...... शैतान सिंह ने 3 बार असफल प्रयास के बाद सफलता पा hi ली उसके मैं और सरीर पे कब्ज़ा करके पर एक बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ी वह अचेत हो गया था कुछ दिनों के लिए, जैसे hi उसका और महार्यं (आर्यन) का मानसिक संपर्क चानन भर को हुआ. आर्यन फिर से मिरदुला को लक्ष्मी समझ रहा था और अधूरी यादों ने उसको झलक मात्र याद आयी थी......
एक समय पिछले जनम में ऐसा भी था जब शैतान सिंह (********* असली नाम) और महार्यं सिंह सच्चे मित्र थे और रतिदेवी सगी भें थी शैतान सिंह की और यहीं से ऐसी दुश्मनी का बीज पनपा जोह महार्यं के रतिदेवी से विवाह से तीनो की मौत पर भी न रुका और आज तीनो जरूर दूर थे पर जल्दी hi तीनो आमने सामने आने वाले थे.
(#दोस्तों इशलिये मैंने "काला योद्धा" स्टोरी डिले की थी वार्ना आधा सस्पेंस खुल जाता और आधा में अभी तक चिपटा फिरता)
अब नार्मल होकर आर्यन अपनी hi मैया मिरदुला का दूध पि रहा था ......
नारी तेरी एहि कहानी 'अंचल में दूध आँखों में पानी '...... मिरदुला भी अब इसी परस्थिति से गुजर रही थी जोह आगे उसका कड़ा इम्तिहान लेने वाली थी, क्यों उसने अपने बेटे 'महार्यं' को बेच दिया था बचपन में, जोह उसकी नफरत कभी नहीं मिटा पायी ...... ?
दूसरी तरफ देखते हैं इतना संगीत और डांस का शोर कैसा है.....
नए नए परिधानों में रति के घर की औरशन और लड़कियों की ख़ूबसूरती के जलवों का क्या कहना..... सब एक से एक विश्व सुंदरी से काम न लग रही थी. सबकी हट ज्यादा hi थी आम लड़कियों के मुकाबले और लम्बी हट के साथ फिगर, वाइटल स्टेटिस्टिक्स के क्या कहने..... एक से एक नगीना थी रतिदेवी के परिवार में...... आज एक सितारे को और ऐड कर लिया परिवार में रति के, गुलुक खान उर्फ़ गुल. जोह सबसे अलग hi ब्यूटी की मिशाल थी, आखिर दो देशों की मिक्स गेन्स थी और हुस्न सड़के जवना.....
गुल
लखनवी और लाहोरी मिक्स परिधान वाले डेसिंगेर लहंगे में वह कहीं से भी आर्यन के परिवार से अलग जैसी नहीं दिखती थी...... और उसका सौहार तोह खुद हॅंडसमेनेस्स की मिशाल था.
सब लड़कियों और औरशन में गुल इशलिये भी ज्यादा दमक रही थी की उसकी ड्रेस सबसे बेस्ट सेलेक्ट की गयी थी और ज्वेल्लेरी सबसे महंगी और लेटेस्ट डिज़ाइन वाली. आज उसने सिन्दूर और बिंदी भी लगाईं थी और मंगलसूत्र आर्यन उसको पहनने वाला था. उसने खुद ऐसी इच्छा जताई रति से वह उनकी रश्मि भी पूरी करेगी. रति ने उसको समझया," बेटी इश्कि जरुरत नहीं है, आर्यन को तुम बेगम के रूप में hi पसंद हो और अपने मजहब के खिलाफ रीती रिवाजों की औपचारिकता बंदिश क्यों बना रही हो ".
गुल," नहीं माजी में कोई गैर इरादतन नहीं कर हूँ बस उनकी बेगम के साथ पत्नी भी बनना चाहती हूँ. प्लीज आज मुझे न रोकें में भी खुद को महारायण सिंह की पत्नी के रूप में देखना चाहती हूँ".
रति को उसका खुल के ऐसे भाव व्यक्त करना पसंद आया और मैं में बोली,' आर्यन लकी है जोह इतनी समझदार लड़की उसकी बीवी बानी है वार्ना हम इंसान तो बस एक दुसरे को धरम और जाती में hi तोलते आएं हैं '.
शॉपिंग के साथ hi ड्रेसेस पहनकर पूरे मेकअप और ज्वेल्लेरी से सजी फार्महाउसेस में एक एक कार से 2-2 कर परियां hi उतर रही थी जोह पूरा लाइटिंग और डोरशंस से सजाया गया था ...... सीधे टॉप फ्लोर पे फंक्शन अटेंड करने ज्यादातर लोग पहुंच गए थे......
फॅमिली मेंबर्स 30 भी नहीं होंगे पर वेटर और वैट्रेस्सेस का काम 5 घर की माइड कर रही थी ..... 100 से ज्यादा डिशेस वेग, नॉनवेज दोनों थी, आज गुल के लिए स्पेशल कई नॉनवेज डिशेस लड़कियों ने चखनी थी..... अमेरिका, गाओं, चंडीगढ़, हैदराबाद , मुंबई , बैंगलोर से वीडियो कॉल से बड़े स्क्रीन पे लाइव टेलीकास्ट हो रही थी......
सबको सिलेंटली मैसेज जा चूका था की गुल जोह आर्यन की कॉलेज फ्रेंड है उसका निकाह हो चूका है और आज रिसेप्शन होने वाला है.......
रति को शाम में काफी टाइम लगा देवी को समझने में, आखिर में डॉ अंजू ने hi उनको मन लिया की िश शरत पे की गुल आज गंगा जल से नाहेगी और उसको हनुमान जी का लॉकेट हमेशा पहना पड़ेगा...... डॉ अंजू ने वादा किया और कुछ बूंदें गंगा जल की गुल की पानी बकेट में उसको डलवा दी और लॉकेट अपने पास रखने को बोलै पर्स में सिर्फ आर्यन की दादी की इच्छा है.
देवी सिंह से गुल दो बार मिली थी जब दादी सहर आयी थी आर्यन से मिलने और तब उसने गुल को खूब आषीश दिया था गले लगकर पर बाद में उसके धरम का पता चला तो दो बार देवी नहीं थी..... पर आज तोह जैसे अकड़ hi गयी यह में होने नहीं दूंगी. आर्यन ने पहले रति के बाद कॉल पे बात की फिर डॉ अंजू के कहने पे मानी.
मीणा जानती थी गुल, दीप्ति और जाने से भी ज्यादा प्यारी लड़की है..... कुछ दिन लगेंगे पर जल्दी hi सब उसको अपना लेंगे.
मीणा hi थी जिसने गुल को वह मुकाम दिलवाया जोह सबसे पहले गुल को hi मिलना चाहिए था लेकिन गीता ने तोह गुल को पीट कर साड़ी रहें hi आसान कर दी थी..... चंडी देवी खुद hi फँस गयी अब तो आर्यन जरूर अपने पास रखेगा पर यह काम रति ने hi कर दिया और सब को गुल से सहनभूति थी गीता ने गलत किया. एक दुखारी लड़की को कोई ऐसे मारता है पर सबको कहाँ पता था मार तो असली बिना खाई है गुल का बचाव करते.
सबसे पहला गाना डॉली ने लगया तोह फुल वॉल्यूम में बजा जिसको सुनकर उसके साथ गरिमा और पायल भी नाचने लगी..... " चाट पे सोया था बेहोइ .... "
वॉल्यूम काम करवा के कविता मामी ने भी 2 गाने पे ठुमके लगये..... आधे घंटे बाद जब अणि और नेहा त्यार होकर आयी तोह अणि को देखकर रति भी खुद अपनी नातिन की प्रशंशा करने से रोक न पायी ," ुष की सुंदरता के आगे तोह में भी अपनी उम्र में फीकी hi लगती थी".
अणि
अणि पर्पल और नेहा लाइट ऑरेंज ड्रेसेस में थी. फिर सब लड़कियों के साथ डांस किया तो सबसे पहले neg-vaar करने वाली अणि पे रति hi थी जिसने 500-500 के नोटों की गद्दी खोलकर नौछवर की..... गुल भी आर्यन की सगी भें को कई साल बाद देखि थी और सच्च में उसकी सुंदरता के आगे सब फीकी थी.
गुल को गले लगा के उसका गाल चूम के अणि ने कहा," भाई सच्च में लगता है चाँद तोड़ लाया है आश्मान से देखो आज रात भी अँधेरी हो गयी है. आप सच्च में चाँद हो भाभी ".
गुल शर्मा के ," हम सब आपकी सुंदरता के आगे सूरज को आइना दिखने के सामान है. यू अरे रियली ब्यूटीफुल एंड गॉर्जियस ".
नेहा भी गले मिली तो अणि ने कहा ," यह रही आपकी सौतन नेहा सिंह ".
नेहा अब अणि को आँख दिखाई तो बोली," यार इंट्रोडक्शन सही होना चाहिए, भाभी यह भी लाइन लगये है थोड़ा बचकर ".
अपने गले लगी नेहा का गाल चूम के गुल ने कहा," ऐसी सौतन खुशनसीबों को मिलती है क्यों नेहा जी".
नेहा," नहीं दीदी बस नेहा hi बोलिये और तू चल मेरे साथ "...... अणि को फिर साथ लेकर डांस करने लगी.....
डॉ अंजू के साथ अब दोनों रानी बैठी थी, 2 दर्द की गोली पहले hi खा चुकी थी कार में जमुना और अब फिर 1 खाई. आर्यन की पलंगतोड़ चुदाई को याद करती अपनी बेटी दीप्ति के सर को सेहला रही थी जोह अभी आयी थी और वहीँ रानी संगीता उसकी पीठ पे थपकी दे रही थी.
दीप्ति राजशी आसमानी ड्रेसेस राजकुमारी लग रही थी, उसने बचपन hi िंह दोनों के अंचल टेल गुजरा था और अब भी वह hi उसकी मुम्मियाँ थी भले मिरदुला उसकी सगी माँ थी. संगीता भी कई बार गुस्से से जमुना को घूरती तोह मुँह फेर के नज़र निचे कर लेती. संगीता को आर्यन की फ़िक्र थी कहीं जमुना अपनी हवस में उसको न फसवा दे आखिर लड़की का होने वाला ससुराल था. संगीता को भी आर्यन की चाहत थी पर यह समय और जगह अनुकूल नहीं थी.
लीला महरूम घाघरा चोली में थी और लड़कियों ने खींच लिया डांस फ्लोर पे तो जोह वेस्टर्न स्टाइल पे फ़ास्ट डांस बिच बिच में देसी ठुमके मिक्स करती सबका ध्यान आकर्षित की और सब चरों ओरे से घेर के ताली बजा रहे थे ..... अब गुल के पास सारू और मीणा बैठे थे जोह एक गोल बड़े सोफे पे हॉल के बीचों बिच बैठी थी......
रति के पास बिना बैठी उसको कुछ बता रही थी...... नीला भी मुस्तैदी से अब अकेले hi होल्स्टर खोले सब पे निघा रखे थी और 5 फार्महाउस की माइड hi सबको स्टार्टर और डिशेस सर्वे कर रही थी. अणि ने नीला को रिलैक्स रहने को कहा और बिना को अपने पास बुलवा के सब समझा दिया की आर्यन से जीकर न करे वह डाउट में था मिरदुला को लेकर.....
दीप्ति को नेहा और डॉली अपने साथ ले गयी तोह डॉ अंजू अपनी बड़ी भें के पास पहुंच गयी क्यूंकि लीला भी रौशनी को गॉड में उठाये दोनों रानियों से उसको खाना खिलते हुए बातें करने लगी.
लीला," वैसे गुल काफी सुन्दर है न भाभी सा, आर्यन और गुल की जोड़ी बहोत जमेगी"...... दोनों रानियां चुप hi रहे, रौशनी को खिला के उसने बबिता के पास भेजा जा बीटा राहुल और माहि बीटा के साथ खेलो.....
लीला सीरियस होकर," सायद आप दोनों गुल को नापसंद उसके धरम की वजह से कर रही हो क्यों छोटी भाभी ".
जमुना थोड़ा धीरे से बोली आगे झुकार," लीला यहाँ िष्पे बात नहीं करते फिर आर्यन राजकुमार है एक बीवी और सही".
संगीता जोह चुप थी कड़ी होकर बोली," गुल सुन्दर है पर मेरी राजकुमारी दीप्ति से ज्यादा नहीं "..... और डांस फ्लोर पे दीप्ति के सर पे अपने बड़े पर्स से कई 2000रस और 500रस के नोटों की 4 गाड़ियां वार फेर करके मैड्स को दी तोह उनके तोह वारे नारे हो गए ..... 5 लक्ष 2 मं में वार फेर में दे दिए......
जमुना भी कड़ी होकर," दीदी के सामने ऐसा मत बोलै कर लीला तुझे पता है न दीप्ति के आगे उनको कोई लड़की सुन्दर नहीं दिखती..... तू रुक यह दीप्ति बेटी के प्यार में अंधी हो गयी हैं इनको गीता और दूसरी लड़कियां नहीं दिख रही हैं".
जमुना बेचारी लड़खड़ती अपनी चाल ठीक करती डांस फ्लोर पे पहुंच के पहले गीता फिर मीणा , डॉली और नेहा के बाद गुल पे भी एक एक 500रस के नोटों की गद्दी वार फेर की.....
जमुना तेज़ तरार थी उसको रिश्ते और जगह की समझ थी, बेटी के ससुराल में उसने 5 लकड़ियों को दीप्ति के सामान जतला दिया जिसे देखकर डॉ अंजू और रति भी मुस्करा रही थी...... लीला भी अपनी छोटी भाभी की समझदारी से इम्प्रेस हुयी. वहीँ संगीता अब कविता और बबिता के पास जाकर बेथ गयी. तभी तीन औरशन ने एंट्री मारी, ठकुरियन रूपा, सुचित्रा और सरला दीदी जोह अभी पहुंचे थे भोपाल से पार्टी मीटिंग के टूर से, तीनो इलेक्शन लड़ने वाली थी वहीँ लीला का रुतबा hi बहोत था.
बिना ने सबको फ्रेश होने को कहा तोह सबसे मिलकर तीनो फ्रेश होने चली गयी और रेडी तो स्पेशल ड्रेसेस में होना hi था पार्टी जोह हो रही थी.
लड़कियों की टोली अब साइड में 3 -3 के झुण्ड में बियर भी पि रही थी..... रति की निघा सब पर थी और बच्चियां घर में थोड़ी मस्ती करें तो उसको भी प्रॉब्लम नहीं थी.
पायल- मीणा- डिंपल
रति ने डॉ अंजू से पुछा," यह आर्यन कहाँ है जरा बुला उसको कुछ रश्मि दुल्हन के साथ में भी होती हैं".
डॉ अंजू हसकर ," अपनी मैया के पास होगा आप hi कॉल करो उसको"...... मिरदुला और आर्यन hi गायब थे वहां से.
रति भी उसकी बात पे ध्यान न देकर कॉल मिले तो 2 रिंग जाते hi कॉल कट कर दिया..... लड़कियों की चिलम छु शुरू हो गयी.... . भइईईई .... ारयणणणण ....
आर्यन भी एक डिज़ाइनर शेरवानी और राजस्थानी शाही पगड़ी में जाँच रहा था...... मिरदुला उसकी सीधे हाथ की कोहनी में हाथ डाले साथ आ रही थी जिहोने एक बहोत सुन्दर पिंक डिज़ाइनर लेहंगा चोली पहना था और सर पे डार्क पिंक नकाशी वाली ओढ़नी......
आर्यन उनके कान में बोलकर पहले रति के पास पहुंचा तोह उसने नज़र का टिक्का अपनी आँख से काजल चुरा के उसके कान के पीछे लगा दिया ...... गुल ने बस एक बार देखा सबके छिलने पर फिर सर झुका के शर्मा के मंद मंद मुस्कराने लगी.
रति के गले मिलकर डॉ अंजू के प्यार चुहया तोह उन्होंने माथा चूम के आशीर्वाद दिया और गले लगा के बोली," मेरी भी नज़र से बचाये मेरे बच्चे को".....
सबके हाथों में फ़ोन और लाइव वीडियो टेलीकास्टिंग शुरू थी......
म्यूजिक अब बिलकुल धीमा करवा दिया पर तीनो बच्चों में महिमा को बड़ी मुश्किल से रोका था पर नन्ही पारी 'डैडी' 'डैडी' ...... करती किड्स डार्क महरूम घाघरा चोली में आर्यन की तरफ भागी बबिता पीछे पीछे पर गीता ने बबिता को रोक लिया...... वह नन्ही सेहज़ादी न रुकी और आर्यन ने उसको आगे बढ़कर अपनी गोदी में उठा के चूमने लगा ," मेरा बच्चा ..... मेरा सोना बेबी "...... राहुल भी पीछे पीछे आ गया एक क्रीम और रेड किड्स शेणवाणी , सर पे लाल छोटी सी पगड़ी.... भागते हुए उसकी पगड़ी निचे गिर गयी तोह डॉली पीछे पीछे हाथ में लेकर पहुंची..... 'डैडी'... 'डैडी' पुकारता उसके पास hi रुका, आर्यन ने उसको भी दुसरे हाथ से उठा के खूब चूमा..... जब रौशनी बेतिया को ढूंढा तो उसको गुल ने अपने पास बुला के अपनी गॉड में बिठा लिया था......
गुल की गॉड में रौशनी बीत्या को देखकर आर्यन मुस्करा भर दिया और डॉली ने राहुल को पगड़ी पहना दी ...... रौशनी भी डार्क ग्रीन हाफ साड़ी और क्रीम ब्लाउज में क्यूट लग रही थी और उसकी वाइट हैट त्रिची सर पे फेनी नन्ही प्रिंसेस की क्यूटनेस बढ़ा रही थी.
बच्चों से खाने का पुछा तो दोनों को फिर भूक लगने लगी..... " डॉली म्यूजिक क्यों बंद कर दिया यार, रेडी हो जाओ बच्चों के डिनर के बाद non-stop डांस ...... हरयईईई ...... "
रति तेज आवाज में बोलै," अभी कोई म्यूजिक डांस नहीं, बीटा पहले रश्मि करनी है तू इनको डिनर करा फिर रश्मि उसके बाद गुल और तू साड़ी रात नाचियो ".
सब हसने लगे तो आर्यन बोलै," ठीक है पर 20 मं में रश्मि करो फिर हमारी सब परियां डांस करेंगी क्यों नेहा ?"
नेहा भी हसकर ," हाँ भाई ..... प्लीज नानी माँ डांस ..... डांस .... डांस ".
आर्यन एक टेबल पे बिठा के बच्चों के लिए 2-3 स्वीट्स और केक लिया. फिर रौशनी को आवाज लगा के पहले उनको खाना खिलने लगा आलरेडी 10:30 हो चूका था बच्चों के सूने का टाइम भी था...... बबिता भी आर्यन की हेल्प करने लगी उधर सारू और कविता मामी रश्मो की तयारी कर रहे थे और सब लड़कियां लगा गयी थी रति के पीछे की डांस करना है पूरी रात पार्टी करेंगे......
15 मं बाद तीनो बच्चे खा पीकर अब जम्हाई लेकर सूने के चक्कर में थे ..... आर्यन दोनों छोटे बच्चों को अपने साथ ले लिया और लीला रौशनी को गॉड ले ली. लीला के सुईठे में तीनो बच्चों को बीएड पे लिटा के थपकी देकर सुला के रौशनी की गवर्नेस को ध्यान रखने को कहा अगर कोई सा बच्चा उठे तो उसकी माँ को कॉल करके या माइड को भेजकर बुलवा ले...... आर्यन को सीरियस देखकर लीला ने पुछा क्या हुआ ......
आर्यन ," ऊपर चलते हैं फिर बताता हूँ"..... दोनों ऊपर आये तोह कविता मामी और बबिता को पास बुला के दांत रहा था ," आप तीनो बच्चों को अभी तक जज्ञे रखे हो, उनको डिनर करा के सुला देते फंक्शन होता रहता ".
सारू एक पिंक लोटस प्रिंटेड डिज़ाइनर साड़ी और ब्लाउज में इधर आकर आर्यन को झाड़ लगाई," लेट तू आया है आर्यन और बच्चों की माँ भी अपने राजकुमार और राजकुमारिओं को नयी नयी ड्रेसेस में तुझे दिखाना चाहती थी. खाना िंह तीनो ने नहीं कहाया है और तीनो बच्चे 3ऋ बार तेरे साथ खाये हैं ..... और कुछ पूछना है, तुम तीनो चलो गुल के साइड तुम hi बैठने वाली हो और मर आर्यन सिंह अब डिअर नहीं हो रही है ".
सारू
आर्यन भी झेंप के तीनो को बारी बारी सॉरी बोलै और सारू के गाल चूम के बोलै," आप तो आज पटाखा लग रही हो मम्मी " ...... और तेजी से आगे बढ़ गया ..... तीनो हसने लगी तो सारू उसके पीछे लपकी ,"रुक तू अभी..... अपनी माँ को पटाखा बोलता है "...... आर्यन के कान खींच के उसको गले लगा ली , फिर माथा चूम के उसकी बलियन ली.
रति अब गुल की साइड बैठी थी और मिरदुला जी आर्यन की तरफ..... कविता मामी ने ढोलक संभाली और गाओं के मंगल गीत जाती रति, डॉ अंजू और सारू ने ताल दी...... मिरदुला जी ने पहले दोनों के कंगना बंधे फिर अंगूठी पहवाई और गले में हार गुल को पहनावा.
आर्यन से मांग में सिन्दूर लगवा के फिर मंगलसूत्र पहनावा..... दोनों को खड़े करके एक एक माला एक दुसरे को पहनवा के मिरदुला जी ने दोनों के हाथ पकड़वा के 7 वचन दोनों से बुलवाये......
गुल बहोत खुश थी की उसने आर्यन से उसके धरम के हिसाब से भी शादी की. देखा जाये तो यह तीसरी बार शादी हुयी. पहले कोर्ट पेपर्स पे फिर गुल के मामू के यहाँ दिल से कबूलनामा किया था रात में फिर यहाँ आर्यन के घर में...... 3 तरह से शादी की..... कोर्ट मैरिज, निकाह और विवाह बस तीनो जगह न कोई जज था न कोई काज़ी और न hi आज पंडित...... सायद दिल का सच्चा मिलान और कबूलनामा सबसे बड़े होते हैं.
सबसे पहले ुष सक्ष्स ने बधाई दी गुल को वह भी हैरान hi हुयी..... गीता," शादी मुबारक हो गुल, अब हिसाब बराबर हुआ. वैसे जल्दी hi में तुम्हारी सौतन बनकर तुझसे खूब काम करवाने वाली हूँ ".
गुल बस उसका हाथ पकड़ के ," थैंक्स " hi बोल पायी..... उसका दिल भी हल्का हुआ की गीता उससे नाराज नहीं है.
गीता का स्टाइल अलग hi था और आर्यन के गले लगकर बोली," इश्को रुलाया न धार के अच्छे से तोडूंगी तुझे याद रखना मर आर्यन सिंह , कोंग्रटुलतिओन्स......"...... सब हसने लगे रति ने गीता को गले लगा के उसका गाल चूम के कहा ," मेरी सोनी बच्ची हमेशा हस्ती रहा कर".
डॉ अंजू ने सबका ध्यान अपने तरफ खींचा," दीदी तुम सबसे एक जरूरी बात करेंगी ध्यान से सुन्ना बच्चों ".
रतिदेवी," गुल की तरह तुम्हारे जीवन में भी वह समय जल्दी hi आएगा पर यह बात गुल की शादी की यहीं तक रेहनी चाहिए. अब बहार वालों के लिए इश्क नाम 'सोनिआ सिंह' होगा और प्यार से सब 'गुल' बुलेंगे...... गुल बेटी यह सिर्फ तुम्हारी सेफ्टी के लिए है, तुम अपने मजहब और नियम अच्छे से फॉलो करना बस यह बात राज रेहनी चाहिए क्यूंकि आर्यन की शादी गीता, जाने हॉल और राजकुमारी दीप्ति से विधिवत होगी ".
डॉली उत्सुकता से ," दादी मेरी शादी भी तो बोलो ".....
रति अपने सर पे हाथ मार के डॉली को बोली ," जा माइक लेकर ढोल बजा के बता की तू शादी कर रही है अपने hi भाई से".
डॉली चिढ़कर ," अब रात में ढोल कहाँ से लॉन दादी "......
रति ," कविता इश्को बादाम खिलाया कर, अकाल घास चरने गयी है इश्कि ".
सब हसने लगे और डॉली का चेहरा उतरने लगा तो आर्यन ने कहा," चलो पहले सब खाना खा लो फिर लेट होगा और उसके बाद डांस ok ..... और डॉली हम दोनों सबसे पहले एक साथ डांस करेंगे "..... डॉली कूद hi गयी आर्यन के ऊपर तोह गले में पहनी phool-maala टूट गयी वह सॉरी बोलने लगी तोह आर्यन उसको कंधे पे बिठा के बोलै ," चल इनको खाने दे हम दोनों डांस करेंगे "......
रति भी अपनी पोती की बेवकूफी देखकर बस एक कुर्सी पकड़ के बेथ गयी..... पर अब गया खाना भाड़ में पहले डांस...... आर्यन और डॉली के साथ सब लड़कियां डांस फ्लोर पे कूद गयी..... गीता ने तो गुल को कंधे पे hi बिठा लायी..... गुल भी बस हाथ उचका के सबका साथ दे रही थी......
मैड्स डिनर सर्वे करने लगी और थोड़ी डिअर बाद आर्यन भी बारी बारी सबको भेजकर डिनर करवाने लगा...... आधे घंटे बाद सब बड़ी औरशन को भी डांस फ्लोर पे उतर hi लिया ..... 12 बजे तो आतिशबाजी शुरू हो गयी और गुल को सबने बधाई दी..... प्रेजेंट्स और गिफ्ट्स दे दे कर सबने गुल की खुसीयों पे मोहर लगा दी...... आर्यन आज सबको अपना दूल्हा दिख रहा था बस सरला दीदी और अणि के छोड़कर पर चाहत तो अणि की भी जागने लगी थी बस कबूल नहीं करने वाली थी.
रात 1:30 बजे आर्यन अपने रूम में घुस पाया, बहेनो ने डबल कामी की पहले गुल को लूटा फिर आर्यन को..... गिफ्ट्स नहीं थे दोनों के पास तो गुल से ज्वेल्लेरी और आर्यन की चेक बुक से ब्लेंक चेक़ुएस ले लिए......
आज तोह मैड्स से लेकर निच्चे सर्वेन्ट्स और राजपरिवार की दासियों की भी मौज थी. बिना ने सबमे पैसा जोह लाखो में कलेक्शन हुए थे बराबर बटवा दिए. गार्ड्स को डायरेक्ट बैंक अकाउंट में बोनस ट्रांसफर मोना ने कर दिया..... दावत भी सबको फंक्शन्स के दौरान बैकडोर से सप्लाई होती रही. रति की यह बात थी की किसी भी नौकर या गार्ड्स को खाली हाथ नहीं जाने देती थी वह भी पेट भरने के बाद.
आर्यन की पगड़ी फिर से मीणा ने पहना दी और रूम में जाने से पहले कान में कुछ कहा, एक बार को आर्यन हैरान हुआ पर उसका गाल चूम के मौन स्वीकारती भी दे दी...... आर्यन अपने रूम को इतना डेकोरेटेड देखकर सोचने लगा इतने सारे रूम खाली पड़े हैं पर माँ ने जैसा फैसला hi सुना दिया की गुल अबसे आर्यन के रूम में रहेगी.
फूलों की महक और उनकी बानी झालरों के बिच गुल अभी चुनरी उतर के आर्यन को बोली," दूर तो लगा लो ".
आर्यन भी झेंप के दूर लॉक किया और आगे बढ़कर पगड़ी उतर के टेबल पे रखा तो एक बड़ा जग और गिलास देखकर समझ गया की सब अर्रंगेमेन्ट्स किया है. अपनी शेरवानी उतर के बाथरूम में फ्रेश होकर आया और बिस्टेर पे चढ़कर गुल की गॉड में सर रखकर उल्टा लेट गया.
गुल उसके सर के बालों में हाथ फेरनी लगी ," थक गया क्या ?"..... आर्यन ने अपना सर ऐसे hi पड़े पड़े हिलाया तोह बोली," चेंज कर ले, में भी चेंज कर के आती हूँ".
आर्यन साइड में होकर सीधा लेता तो उसके लबों को चूम के गुल चली गयी वाशरूम और आर्यन अपना इनर शर्ट और बनियान के साथ पजमाइआ और अंडरवियर भी उतर के एक लोअर दाल के बरेचेस्टेड बीएड पे लेट गया.....
10 मं बाद गुल बहार आयी तोह ड्रेस चेंज करने के साथ बाथ भी ले ली थी....... बाल खुले थे तो मिरर के सामने जुड़ा सा बना के बाँध ली थी. लाइट पिंक कलर के सलवार कमीज में भी वह खिला हुआ गुलाब लग रही थी. आर्यन उसकी तरह एक कोहनी पे सर रखकर निहारने लगा..... थकान जैसे जैसे उसको निहारता दूर होने लगी.
गुल टेबल से जग उठा के दूध गिलास में दाल के आर्यन के पास लायी तोह बैठकर उसकी कमर में हाथ दाल के अपनी गॉड में बिठा लिया..... जग को एक हाथ में पकड़े गिलास उसके मोह से लगा दिया....... आधा दूध पीकर आर्यन ने मुँह हटा लिया ...... गुल हैरान होती हुयी," बस इतना सा पिया, टास्ते अच्छा नहीं है क्या".
आर्यन ," टास्ते सही है पर सारा पि गया तोह तू गुस्सा करेगी"..... गुल भी अपने मोतियों से दांत दिखती आधा गिलास खुद पि ली फिर से जग से गिलास भरकर आर्यन को दी तो पि गया एक hi सांस में. फिर एक गिलास गुल खुद पीकर बचा हुआ आर्यन को दी तोह जग से मुँह लगा के पि गया.
आर्यन की गॉड से उठकर गुल ने गिलास और जग टेबल पे रखा और उसके पास आकर बोली," यह तेरा रूम है ?"..... आर्यन दोनों हाथ बीएड पे पीछे रखकर बोलै," आज तक तो था क्यों पूछ रही है ".
गुल
गुल चरों और देखकर उसकी गॉड में चढ़कर बेथ गयी ," थोड़ा छोटा नहीं है ".
आर्यन ," हाँ कल बदल लेंगे में भी एहि सोच रहा था ".
गुल ,"नहीं कोई जरुरत नहीं है बस एहि काफी है, फार्महाउस में बड़े बड़े रूम की ज्यादा साफ़ सफाई रहती है मुझे छोटे रूम पसंद है यह तो मेरे रूम से भी दूंगा बड़ा है. बाथरूम अच्छा साफ़ सूत्र है ी लिखे आईटी".
आर्यन उसको लिए पीछे खिशक के बेडरेस्ट से पीठ लगा लिया तोह उसके सीने पे सर रखकर पूछी ," तू ने आज शराब नहीं पि, इंजीनियरिंग टाइम पे तोह बियर भी पिता था..... तेरे घरवाले तो पि रहे थे".
आर्यन उसकी एक खुली लत को अपनी ऊँगली पे लपेट के बोलै," तुझे अच्छा नहीं लगता तो नहीं पि एक दिन से क्या होता है?"
गुल उसके चेहरे पे हाथ फिरती हुयी बोली," देख तू जैसा है वैसे hi रह, हाँ मुझे शराब और शराबी पसंद नहीं बस ुष दिन मेरा साथ मत सोना अब तुझपर है मेरे साथ सोयेगा या अलग "....... hi hi hi hi ......
आर्यन ने उसकी कमर पे हाथ रखकर कहा आज तोह सू सकता हूँ न ..... दोनों हसने लगे अब आर्यन के सीने पे गुल सर टिकाये उसको प्यार से सीने पे उंगलियन घुमा के फील कर रही थी ," अच्छा हुआ में दिल्ली आयी, तेरी फॅमिली बहोत अच्छी है. पावरफुल , पैसे वाले तो तुम हो hi पर वह राजकुमारी दीप्ति तो सच्ची की राजकुमारी है यार और तू उससे शादी करेगा मुझे विश्वास नहीं हो रहा. यह सच्चे रजवाड़े लोग थे जोह आज हमारी शादी में शामिल हुए ी can't बिलीव आईटी".
आर्यन मैं में यह एक राजकुमारी को देखकर हैरान है जब पतलोक जाएगी तो रानियां और राजकुमारियों को देखकर बावली हो जाएगी. पर यह पतलोक क्या करेगी जाकर, यह यहीं ठीक है.
गुल की पीठ सेहलता उसके जुड़े को खोल के उसके बाल से खेलता हुआ पुछा," तुझे चंदा रानी कैसी लगी ?".....
गुल थोड़ा सोचते हुए," वह अच्छी लड़की है बस थोड़ा गन्दा बोलती है पर दिल की साफ़ है, लेकिन मुझे विश्वास नहीं हो रहा की वह इतनी बड़ी राजकुमारी है और गीता की ट्रू कॉपी लगती है बस कलर में hi फर्क है ".
आर्यन उसको अपने निचे करवट लेकर लिटा के पुछा ," अब प्यार करें ?"..... गुल उसकी गर्दन में हाथ दाल के बोली," अब तो पत्नी भी बना लिया बेगम के बाद, मुझसे परमिशन लेकर प्यार करेगा क्या? बुद्धू में तो कबसे रेडी हूँ कब प्यार करेगा"...... और उसको किश करने लगी
आर्यन मैं में बोलै 'साला में hi घनचक्कर हूँ जोह इश्को थकी हुयी समझ रहा था यह मुझसे भी ज्यादा ेवररेअद्य चार्ज है..... दोनों के सरीर से कपडे उतर के अब फर्श की शोभा थे और प्रेम की फिर से जीत हुयी दो प्रेमी आज अपने घर में प्यार कर रहे थे.....
गोल के सिल्की जैसे सरीर के हर अंग को चूमता चूसता जब पिंक ारोलस वाले निप्पल पे पहुंचा तो जीभ से फ्लिक करता चरों ओरे थूक से चिपड़ के चूसने लगा. ...... अह्ह्ह्हह ुह्ह्हह्ह्ह्ह करती गुल अपने राइट घुटने को मोठे सख्त लुंड पे रगड़ रगड़ आर्यन का जोश बढ़ा रही थी ........ आज वह एक मातुरे औरत की तरह आर्यन को गाइड कर रही थी की इश्को चूसो इश्को दबाओ ...... हाँ मेरे निचे भी बुर को चोसोऊ न ....... आर्यन लगा था पूरे दिल से सेवा करने लगे, बिलकुल मस्त महकती बुर में जीभ दाल के सलरपपपपप सलूरर्पपपप सुडाप्पे मार मार के चटखारे ले रहा था ..... जल्दी hi दो उगलिओं की बुर खुदाई ने अपना जादू दिखाया और भलभला के गुल झड़ने लगी....... आर्यन बुर को तब तक चूसा जब तक गुल ने उसका मुँह नहीं हत्या और अपने ऊपर खींच के खूब चूमि ," तू इतना स्ट्रांग क्लाइमेक्स कैसे दिलवाता है यार ..... पुछःह पुछःह...... ी लव यू मेरी जान....... चुम्म्म्म चुम्म्म्मम्म...... अब मुझे भी प्यार करने दे ...... अह्ह्ह्हह्हह सीईईई ...... तेरा घोडा तो बहोत झटके मार रहा है ....... "
आर्यन के घोड़े को हाथ में लिए उसको पलट के सीने पे किश करती अपने को सुहागसेज पे दोनों हाथ में थाम के हसने लगी ," यार मुझे एक तेरे साथ सौहार की फीलिंग नहीं आती "...... उसके कश्मीरी सेब जैसे लाल टोपे पे अंगूठा फेरती मुठी से ऊपर निचे करके हिलती हुयी एक बार चूम के फिर आर्यन को देखने लगी ........ उसके laal-suheri से बालों को चेहरे से पीछे करता आर्यन उसका सर अपने लौड़े के पास करने लगा," तभी में कहूं तू हमेशा गर्लफ्रेंड का मजा लेना चाहती है...... hi hi hi ....... जल्दी चूस के गीला कर आज तेरी बुर में ज्यादा डिअर रखना है .... अह्ह्ह्हह्हह चुस्स्सस्स्स्स ले ...... टोपी के निच्चे तक ले ...... हाँ ऐसे. .. "
गुल ने एक बार मोह हटा के उसके ांडो को सेहला दिया और मुठी में भरने की कोशिश की तो आधा भी कवर नहीं कर पा रही थी ," तेरे टट्टे कितने बड़े हैं यार ...... हाँ गर्लफ्रेंड बनकर मुझे मजा आता है, में तेरी खुलकर रिमांड ले सकती हूँ" ..... hi hi hi hi ..... .. सलरपपपपप सलूरर्पपपप पुछःह पुछःह..... जितना चूस पा रही थी उतना मोह में लेकर सर ऊपर निचे हिला रही ...
आर्यन ने भी उसको अपने ऊपर खींच लिया पर गुल ने उलटे हाथ से लुंड नहीं छोड़ा ," में करुँगी ऊपर से फिर तेरी बारी" ....... होंठो को चूमती अपनी फुद्दी उसके टोपी पे घिसकर धीरे धीरे से बैठने लगी टांगी चौड़ी किये वहीँ आर्यन उसके हाथ में रिमोट कण्ट्रोल देखकर इतना खुश था की यह है मेरी असली गुल जोह बहोत अच्छी और नेक है. आज लग रहा है इसने जीना फिर से सीख लिया.....
थोड़ा जोर लगने में गुल को टोपा अंदर करने में सफलता मिली तो आर्यन को आँख मार के ," आखिर घुस hi गया अब देख मेरा कमल ...... अह्ह्ह्हह्हह सीईईई ...... अंदर जा रहा है ...... पुछःह पुछःह ....... " 9 इंच तक अंदर लेने के बाद रुकी फिर दोनों हाथ सीने पे रखकर सवारी करती ऊपर नीचे कोड़ने लगी ...... आज जोश में गुल अपने सब आराम पुरे करने वाली थी...... आर्यन सोच रहा था की क्या सुहागरात है गुल डार्लिंग ऐसी hi हस्ती रहना.....
पर अब आंसूं हलके हलके ऊपर और निच्चे दोनों तरफ से भेने लगे जब पूरा किल्ला जड़ तक थोक ली ...... आर्यन उसकी पीठ सहलाता और चूचियां दबाता अब निचे धक्के मारने लगा थपप्पपपपपप थपप्पपपपपप .... तोह 5 मं भी न रोक पायी और झंडे लगी ....... आर्यन ने झट से पलटा लेकर अपने निचे लिया और टांगें उठकर अपने सीने पे लगा जोर के घस्से मारने लगा...... दोनों चूचियां तेजी से हिलती हुयी और भी मस्त नज़ारा पेश कर रही थी....... कुछ मं बाद अपनी टांगें आर्यन के सीने से हटा के अब अपने ऊपर खींच के मिशनरी पोजीशन में अपने को पूरा आर्यन के निच्चे धक् ली ," पुछःह पुछःह ..... हॉँण्णन बससससस ऐसे hi प्यार कररररररर मुझे अपने अंदर छुपा ले याररररर .... . आर्यन जकड ले मुझे और तेज तेज धक्का मार रह...... सीईईई और तेजजजजज मेरे बालम ...... हाँ ऐसे hi मेरे सौहार ....... मेरे सरताज में फिररररर गईइइइइइइइइ...... ुंहःहःहःह हनननननननन...... ारयणणणणणण...... "
अपनी आवाज रोकने के लिए उसकी गर्दन पे काट ली तोह आर्यन ने उसका मुँह अपने कंधे पे लगा दिया और अबकी बार का राउंड बहोत जोशीला और गरम था ....... 10 मं के पलंगतोड़ धक्कों के साथ आर्यन के कंधे में दांत घुसाए और पीठ पे नाख़ून घुसे बहोत दर्द झेलती और आर्यन को देती........ बस घुनंनं घुनंनं और थपप्पपपपपप थपप्पपपपपप पटट्ट्ट्ट पटट्ट्ट्ट की आवाजें आती रही ....... गुल पूरी पीठ और उल्टा कन्धा खुरच डाली थी पर धापा धपपपपप का तूफ़ान 12-13 पिचकारी मार के hi रुका...... बेहस्ता चूमते हुए बस ऐसे hi लिपटे पड़े रहे .......
एक घंटे का मिलान गुल को थका दिया तो आर्यन ने पुछा में कुछ डिअर के लिए जा सकता हूँ सुबह वापस आ जाऊंगा....
गुल ने उसका गाल चूम के कहा ,"बस 5 मं मेरे पास रह फिर चले जाना अपनी चंदा रानी के पास "......आर्यन भी मुस्करा दिया पर 10 मं में गुल के कहते सुनाई दिए, बाप रे यह लड़की स्नोरिंग भी इतनी तेज करती है...... जबकि आज सकूं से नींद आयी थी गुल को कितने महीने बाद. आज उसका एक आर्यन जैसा मजबूत सौहार है जिसकी बाँहों में जन्नत और दिल में बस गुल के लिए प्यार hi प्यार है और खुशियां बेसुमार.
आर्यन सिर्फ लोअर और टीशर्ट दाल के बहार रूम से बहार निकला और गीता के रूम में 3 बजे पहुंचा तो दूर बस भिड़ा हुआ था...... दीप्ति स्पेक्स लगा के कुछ पढ़ रही थी और गीता घोड़े बेचकर सू रही थी......
आर्यन को िश समय रूम में देखकर दीप्ति की आंखें प्रज्जवलित दीयों सी टिमटिमाने लगी..... स्पेक्स उतर के इंग्लिश नावेल साइड टेबल पे रख दी और बीएड से उतर के दूर बांध करते आर्यन से चिपक गयी. उसके सॉफ्ट सॉफ्ट बॉल पीछे से आर्यन की पीठ पे डाब गए...... गीता सूने से पहले hi बोली थी तेरा आशिके आएगा साद मत हो.
फंक्शन के 2 घंटे बाद आर्यन से लिपट कर उससे लगा की वह गुल के लिए उसको माफ़ कर दिया है लेकिन गीता के कारन भी कल रात लात खाकर भी दीप्ति से प्यार भरी बातें नहीं कर सका था. अपनी पीठ पे लाढ़ के दीप्ति को लिए गीता के पास बढ़ा तोह उसने आँख बांध किये hi कहा," तुम दोनों को चूंच लड़नी है तोह बालकनी या बाथरूम में जाओ, मुझे 2 घंटा सूने दो".
गीता की आँख दीप्ति के बीएड से उतरने पे खुली गयी थी फिर दोनों चोरों की तरह लिपट रहे थे...... बहोत कमीना है गुल से पेट नहीं भरा अब हम दोनों को भी थका जायेगा.....
आर्यन ने गीता के लबों को चूमा फिर माथे को और अपनी पीठ पे तंगी दीप्ति को लिए हुए hi अलमीरा से एक गदा और 2 तकिये निकाल के बालकनी में ले आया...... नाईट बल्ब भी उसने ऑफ कर दिया तोह चरों तरफ अँधेरा था. निचे गद्दा और पिलो बिछा के घुटने पे बैठा तोह दीप्ति उसकी गर्दन कान चूमते हुए अपनी दोनों टांगें पीठ पे लड़े उसके पेट से लपेट ली थी...... यानी वह निच्चे उतरने को त्यार नहीं थी...... " ी लव यू माहि ..... माय लव ी मिस यू सू मच ...... पुछःह पुछःह ..... "
आर्यन ने भी गर्दन घूमा के उसके लबों को चूम के कहा," ी आल्सो मिस यू बेबी ...... लव यू माय स्वीट हार्ट ...... चुम्म्म्म चुम्म्म्मम्म...... "
उसके गले में एक बहन डाले दुसरे हाथ से सीने सेहलते हुए दीप्ति को किश करता आर्यन पीछे हाथ लेजाकर अपने आगे लाना लगा बायीं तरफ से पहले लेफ्ट साइड से चिपकी हुयी वह ऐसी hi पोस्चर में आगे आने लगी और अब आधी सामने आ गयी फिर पूरी उसकी गॉड में छड़ी डीपली स्मूच करती अपनी तड़प बता रही थी...... दोनों एड़ी उसकी आर्यन के पिछवाड़े पे लगी थी और अपनी कमर को उसके सत्तर हो चुके कड़क बम्बू को अपनी झंघों के बिच दबा ली जोह लोअर में तम्बू बांये था. छाती के अम्मोन को आर्यन के सख्त सीने का अहसास दिलाती अब सिसकने लगी थी क्यूंकि आर्यन उसके बूट्स को प्यार से मसलता हुआ जोर से भींच देता...... अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्हह महीईई ी ामममममम सूऊओ वेट ...... पुछःह पुछःह चुम्म्म्म्म चुम्म्म्मम्म ...... ी लोवीएएए ोुउउउउउउ जन्न्नन्नन्न ...... "
उसके थिरकते कुह्ले और टीशर्ट में खड़े निप्पल्स अपने को आर्यन के हाथों मसलवा रहे थे जिससे पूरी बॉडी में गूसबम्प्स उभर आये...... आर्यन ने उसकी टीशर्ट एक झटके में उतर दी सेक् भर में और फिर किश करने लगा.....
दीप्ति झंडे के बाद भी गरम hi थी तो अपने निच्चे लिटा के उसकी ब्रा उतर दिया और सूंदर सूंदर बूब्स पे टूट पड़ा..... रात में दूर से आती गार्डन और फार्महाउस की वाल पे लगे बल्ब्स की हलकी रौशनी में यह दीप्ति के कुंवारे कलश अभी तक पक्के नहीं थे तो सॉफ्टनेस और फुल्नेस्स दोनों कायम थी जोह आर्यन को जोश दिलाती चूची चूसते हुए, अपने कपडे और दीप्ति को भी पूरा निर्वस्त्र कर दिया......
गीता जोह 10 मं से दूर पे कड़ी थी जोह आर्यन ने जांभोज के खुला छोड़ा था, उनकी कामुक आवाजें कहाँ सूने देती...... अपने कपडे उतर के आर्यन की पीठ से चिपक के अपनी कड़क चूचियां पीठ से चिपका दी...... अब तीनो को लगा जैसे पूरे हो गए ...... गीता को भी आगे ला के दीप्ति के बाजू लिटा के बारी बारी से चूचियां पीकर अब हर 5 मं बाद दोनों की योनि चाट चूस के साड़ी माले खता जब दो बार कर चूका तोह उसकी शेरनीओ ने उसको निच्चे गिरा लिया और दोनों लग गयी "तोपची" की ःस्थमन्थन , choosam-choosamtam क्रिया में और तभी हटी जब तक गाड़ा विरए सारा बूँद बूँद न पि लिया.......
दोनों लिपट गयी आर्यन के सीने पे सर रखे न कोई बात कर रहा था न कोई कुछ बोलकर िश रात की शांति में अपने मेहबूब की बाँहों में होने का अहसास खोना चाहता था...... 15-20 मं बाद आर्यन दोनों को उठा लिया और पहले तीनो फ्रेश हुए. आर्यन ने उनके और अपने कपडे दिए और गद्दा, पिलो वापस रखकर दोनों को अपने सीने पे लिटा के सुलाने लगा..... तीनो बस मुस्कारते चूमते पर बोलै सच्च में कोई भी नहीं...... प्यार ज्यादा जहाँ घेरा होता है प्रेम की भासा होंठो के बजाये दिल से निकलती सॉलिड गठजोड़ कर लेती जिससे प्रेमी मैं hi मैं प्रफुलित हो एक अलौकिक सुख की प्राप्ति बस आंदोलित hi तो कर जाती है.
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अलार्म 5 बजे बजा तोह गीता ने आर्यन और दीप्ति को उठाया ...... तीनो ने गुडमॉर्निंग किश किया तो दीप्ति को फ्रेश होने का बोली. आर्यन ने गीता के माथे पे किश किया और बोलै," आल थे बेस्ट, बस दीप्ति का चेहरा कवर रहना चाहिए. इवनिंग में मेरे साथ वापस आना है, ok चंदा रानी ".
आर्यन को गिरा के खूब चूमि लेकर गीता ने उसे जाने दिया..... आखिर आर्यन उसको गाओं जाने दे रहा था दीप्ति के साथ बाइक राइड पे, दोनों को जल्दी निकलना था सबके उठने से पहले...... नीला उनके साथ जा रही थी पूरी टीम लेकर, बिना को अब आर्यन गीता से दुर्र hi रखना चाहता था.
दोनों राजपूतानियाँ ब्लैक लाठर पेण्ट और जैकेट के ऊपर ड्राइविंग गॉगल्स ,हेलमेट पहनकर बेसमेंट से बाइक उछलती तेज़ स्पीड में निकली तो फार्महाउस का मैं गेट दो गार्ड्स में दौड़ के स्लाइड करके खोल दिए और उनके पीछे 5 ब्लैक सुवस थी ...... आगे नाके पे 3 सिक्योरिटी अफसर की जिप्सी भी पीछे हो ली......
दीप्ति & गीता
सुबह का टाइम था गीता 100 से ऊपर भगा रही थी पर जल्दी hi दिल्ली बॉर्डर क्रॉस करते hi 140 से ऊपर बाइक दौड़ा ली....... नीला की सुव उनसे 2कम पीछे थी और बाकी सब सिक्योरिटी और सिक्योरिटी अफसर उसस्के पीछे ...... रस्ते में हर 5 कम पे सिक्योरिटी अफसर की जिप्सी कड़ी थी.
यह अर्रंगेमेन्ट्स दीप्ति के सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स थे जोह मिरदुला ने आर्यन की रिक्वेस्ट पे गीता के साथ दीप्ति को जाने दिया की उसको कोई देख नहीं पायेगा में गर्रंटी लेता हूँ.
आधे घंटे बाद एक धब्बे पे बाइक रोकी स्किड करके स्टंट के साथ ..... धुल छथि तो हेलमेट उतर के दोनों 6 फ़टी लड़कियां सीधा अंदर बने एक केबिन में चली गयी और गीता को देखकर धब्बे का मालिक दौड़ा दौड़ा हाथ जोड़े पहुंचा. गीता बोली," लाला चौबारे पे दो कुर्सी डलवा और चाय भेज कुछ पकोड़े भी भेज दियो ".
गीता िश 2 मंजिल पे बने दो कमरे की छत्त पे तेलहन लगी दीप्ति ने एक सफ़ेद दुप्पटे से चेहरा धक् रखा था..... एक 17 साल का लड़का दो कुर्सी की जगह मुद्दे दाल गया और फिर एक छोटा स्टूल भी ले आया.....
दीप्ति ," दीदी हम कितनी दूर आ गए दिल्ली से और शुरू में तो हाईवे के दोनों तरफ फैक्ट्री hi थी..... अब हरियाली दिख रही है और हवा भी तजा और साफ़ है ".
सिक्योरिटी अफसर की 2 गाड़ियां और नीला की सुवस से निकले ऑफिसर्स और सिक्योरिटी गार्ड्स ने ढाबा hi खाली करवा दिया था जोह 20-22 लोग और काम वाले थे, बस धब्बे का मालिक खुद चाय और पककोड़े बना के ऊपर पहुंचा दिया.
निचे नीला ने लाला की जेब में 500 की नोटों की 2 गद्दी दाल दी ," तेरा नुक्सान नहीं होने देंगे "....... लाला ने जोह जवाब दिया उससे नीला को भी अच्छा लगा " हमारी माईबाप आयी हैं हमारी चौखट पे पैसे तो कभी न लूंगा मैडम जी चाहे गोली मार दियो ".
गीता का इलाका शुरू हो चूका था बॉर्डर क्रॉस करते hi, बाइक से घूमा, हाथ पेअर तोडना और सबको अपनी जूती के निच्चे रखना उसके जवानी आते hi शोक बन गए थे फिर आदत..... पूरा इलाका और स्टेट में जोह चंडी देवी को जानते थे वह कभी उसे भूल hi नहीं सकते.
रतिदेवी की शेरनी बेटी पे हिम्मत है कोई हाथ दाल के तोह देखे और जिसने डाला उसको गीता ने खाने कमाने लायक न छोड़ा..... दीप्ति के लिए यह पहला अनुभव था ऐसे अकेले घूमे का , अपना दुपट्टा हटा के गीता का हाथ पकड़ के बोली," दीदी अब भी नाराज हो ".
गीता मुस्करा के ," नाराज होती तो चोरी तू मेरी गइल (साथ) क्यों होती, चिल कर तू मेरी छोटी भें है तुझे 7 खून भी माफ़ हैं" ...... है है है है ..... उसके बाल सेहला दी तोह दीप्ति की चिरपचित स्माइल दिखाई दी .....
चाय और पकोड़े के साथ हाईवे के दोनों तरफ लम्बी सफदे (युकलिप्टुस) के ऊँचे पेड़ों की क़तर और दूर दूर तक हरे हरे खेत hi खेत का सुबह का नज़ारा और सूरज उदय का दृश्य बहोत hi सुहावना था...... गीता जहाँ अपने चेत्रे में आके चौड़ी हो गयी थी वहीँ दीप्ति का उत्शा चरम पे था.
आधे घंटे आर्यन और अपनी बातें करते गीता ने कहा," देख ले मैंने पहले hi बोलै था गुल से ुष का पेट नहीं भरेगा हमारे धोरे जरूर आयेग.... वैसे पाते ने दिल खुश कर दिया, आज से तू आर्यन की नहीं मेरी दीप्ति बन गयी hai......hi hi hi ..... आखिर में तुझे भगा जो लायी अपनी गइल ...... है है है है ..... "
दोनों ने hi फाइव (ताली) किया और दीप्ति बोली," में तो बहोत लकी हूँ जोह आप दोनों मुझे इतना प्यार करते हो, फिर आप और में एक hi तोह हैं बस माहि हमारा अंगरक्षक के साथ पति भी होगा".
गीता," हाँ में भी कभी कभी सोचती हूँ में कैसे उसके प्रेम में पद गयी जबकि यह इश्क़ का रोग मेरी समझ से बहार था पर अब लगता है रोग नहीं है यह तोह उपचार जैसा है जितना कर लो उतना hi काम लगता है"..... आँख मार के...... "उसे याद नहीं करते हैं यार नहीं तो छूट गीली हो जाती है ".
दीप्ति भी हैरानी से इधर उधर देखती," दीदी ऐसे मत बोलो कोई सुन लेगा ..... ".
गीता उसके छेड़ते हुए," बीटा में भी सब देख रही थी ऐसे लिपटी थी जैसे खा जाएगी..... बहोत आग है तुझमे. वैसे आज मजा बहोत आया न कोई बोल रहा था बस सब अपने आप हो रहा था...... चल निकलते हैं फ्रेश होना हो तो हो ले ".
दीप्ति भी कड़ी होती हुयी," नहीं अब चलते हैं में गाओं पोंछकर फ्रेश होंगी, रस्ते में मुझसे नहीं होगा ".
गीता ," चल एक घंटा भी नहीं लगेगा, गाओं बाद में जायेंगे तुझे पीली कोठी ले चलती हूँ और दुप्पटा लपेट ले वर्ण तेरा सैयां कहेगा मेरी लाडो की मुँह दिखाई कैसे करवा दी "....... गीता आगे आगे और दीप्ति उसके पीछे भागने लगी सीढ़ियों से दुप्पटा लपेट के......
डब्बे के मालिक को गीता पूछी ," लाला कितने पैसे हुए ?"
लाला भी मुस्करा के बत्तीसी दिखाया," अरे बेतिया तुम्हारा hi धब्बा है ..... यह बिटिया कौन है मैंने पहचाना नहीं ".....
500 का नोट निकल के गीता उसके शीशे के काउंटर पे रखकर दीप्ति की कमर में हाथ दाल के बोली," पहचाना भी मत मेरी नयी लुगाई है लाला नज़र ऊपर मत करियो"..... है है है है है ......
दीप्ति ने उसके कंधे पे मारा तोह जोरसे हसने लगी और लाला तो बस मुँह बंद किये चुप hi हो गया सर झुका के...... चंडी देवी कुछ भी कर सकती है.....
दोनों फिर हार्ले डैविडसन पे गोली की स्पीड पकड़ के निकल ली जैसे सिक्योरिटी अफसर या नीला से कोई मतलब hi न हो....... नीला भी चाय ख़तम कर के लाला के सामने दोनों नोटों की गद्दी रख के बोली," रति मैडम ने भेजे हैं"......
लाला हाथ जोड़कर 2no गद्दी रख लिया, आखिर उसकी मालकिन ने भेंट भेजी थी अब इंकार कैसे करता......
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आर्यन अपने रूम में पोंछा तो गुल फर्श पे एक छोटा सा कालीन बिछाये प्रेयर कर रही थी तो वह भी रूम से बहार आकर अपना मोबाइल निकाल के जग्गू मम्मी को फ़ोन किया की में 12 बजे तक दोपहर में पहुंच जाऊंगा. जग्गू तोह आर्यन से बात करके hi इतनी खुश थी की प्यार जमीन पे नहीं पद रहे थे...... यह बात सुबह नास्ते पे चौधरी नवाब सिंह और Seema-Reena ने भी महसूस की वह हमिंग (मुँह बंद करके) करती गुनगुना रही है.
नवाब सिंह जोह चारपाई पे बैठा नाश्ता कर था पूछ hi लिया ," कहीं जा रही है क्या जोह सुबह सुबह त्यार हो गयी ?"
जग्गू ने बस उसकी प्लेट में 2 माखन से तर रोटी रखते हुए इतना कहा ," आज अपने गाओं जाना है शाम तक आ जाउंगी ".
दोनों भेने थोड़ी दुरी पे दिंनिंग टेबल पे अपना बीएड टोस्ट और दूध पि रही थी तब रीना को कुछ डाउट हुआ दाल में कुछ काला है ," मम्मी में भी चलूँ तेरी गइल ?"
जग्गू ने उसको झिड़क दिया," नहीं कोई जरुरत नहीं..... तुझे कॉलेज नहीं जाना क्या फिर दोपहर या शाम तक में पीर बाबा पे चादर चढ़ा के आ जाउंगी".
नवाब सिंह ने नाश्ता करके नलके पे हाथ धोये और दिंनिंग टेबल पे 5000 रूपये रखकर बोलै," रीना अपनी मम्मी से कह दियो की कार से hi जाये और यह पैसे रख ले चद्दर भी चढ़ा देगी".
जग्गू जोह रसोई से सुन्न रही थी आज सब मेरे hi पीछे पद गए हैं वैसे किसी को मतलब nahi......Usko डर था आर्यन के आने के बारे में इनको साख न जाए.
5 मं बाद बहार आयी तो नवाब सिंह जा चूका था और सीमा बोली ," मम्मी यह पैसे पापा ने दिए हैं चद्दर चढ़ाने के लिए और कार की बोल के गए हैं".
जग्गू ," हाँ हाँ पता है कान हैं मेरे आराम से चली जाउंगी ".
सीमा और रीना समझ नहीं पा रही थी उनकी मम्मी कुछ तो छुपा रही है पर अभी उसको पूछना किसी खिस्यानी बिल्ली की दम पे प्यार रखने जैसा है. दोनों त्यार होकर 8 बजे कॉलेज चली गयी और अब जग्गू फिर से त्यार हुयी जोह साड़ी सब से अच्छी थी वह पहनी और स्पेशल उन्देर्गर्मेन्ट्स भी जोह साउथ अफ्रीका से आर्यन उसके लिए लाया था..... एक डायमंड सेट पहनी तो जल्दी hi उतार दी कहीं कोई लूट hi न ले इंसान की नियत का क्या भरोसा...... फिर बस हल्का फुल्का make-up करके वह 9 बजे अपने फिर एक कार में अपनी लेडी बॉडीगार्ड के साथ निकल गयी...... अब एक काम और उसको करना था की ड्राइवर और बॉडीगार्ड को अपने पीहर के घर छोड़कर छिपकर आर्यन से मिलने जाना था जो अपने घर के पीछे के खेतों से होती हुयी वह आसानी से कर लेगी.
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उधर आर्यन 5 मं बाद रूम में आया तो गुल अभी प्रेयर करके अपना छोटा सा काले सांगवा के रखकर आर्यन को दुआ सलाम की उसने भी वैसे hi जवाब दिया ...... गुल नियम की पक्की थी फिर उसने इण्टरकॉम से 2 चाय आर्डर की और आर्यन के पास बैठकर पूछी ," लगता है ख़ुशी में रात भर नींद नहीं आयी तुझे".
आर्यन भी उसको गले लगा के गाल चूम के बोलै," जब इतनी हसीं बेगम पहलु में हो तो नींद किस कम्भख्त को आणि है...... बस तुम साथ देना में एक महीना न सोएं ".
गुल भी हसकर," मुझे अभी ऊपर नहीं जाना..... रात में एक बार में मेरी हालत ख़राब कर दी अभी भी दर्द है यार और तू 1 महीने की बात कर रहा है ...... वैसे तेरे चेहरे की हसी बता रही है गीता को तू ने मन लिया क्यों ?"
आर्यन भी है दिया," हाँ बड़ी मुश्किल से मानी है..... अभी जा रही है गाओं दीप्ति के साथ बाइक पे माँ के उठने से पहले".
गुल," हाँ उसका कल का ट्रिप मेरी वजह से hi ख़राब हुआ था, चलो अच्छा है उसको घूमने में खुसी मिलती है तोह उसको खुश होने दो"...... गुल ने आर्यन को सीरियस होकर पुछा उसके गले में बाहिएँ डाले," में मुंबई वाली जॉब कर सकती हूँ और ब भी कर लुंगी ".
आर्यन भी उसकी मानसिक सिथि समझते हुआ बोलै," देखा यार माँ तुम्हे अभी 2-3 वीक तो कहीं जाने नहीं देगी उसके बाद ज्वाइन करने का मैं है तो कर लेना पर हम इतनी दूर कैसे रहेंगे ".
गुल हसकर ," हाँ जैसे तू हमेशा मेरे साथ रहता था...... अरे यार तू मुंबई आ जाना या में यहाँ आ जाउंगी ुष में क्या बड़ी बात है. फिर दूर रहने से प्यार बढ़ता है, मेरे ब को भी एडवांटेज रहेगा टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री में काम करते हुए".
आर्यन ," ठीक है बात तुम ने करियर और एजुकेशन की करि है तो में मन नहीं करूँगा मगर मुझसे दूर जाने का कोई बहाना है तो जाने नहीं दूंगा ".
गुल भी खुश होती हुयी," ऐसी बात नहीं है यार..... तेरी फॅमिली का प्यार और अपनापन देखकर मुझे भी यहीं सबके पास रहना है. फिर देख वह Dimple-Payal भी है और नरगिस भाभी भी और अभी मेरी आगे है तो 2-3 साल पढ़कर अपने प्यारों पे खड़ा होना चाहती हूँ. उपरवाले के करम से मुझे किसी बात की कमी है hi नहीं मुझे तो ज्यादा hi मिला है बस खुद को भी काबिल साबित करना चाहती हूँ और तेरा प्यार मुझे आगे hi बढ़ेगा इतना मुझे विश्वास है"...... दोनों तर्क देते रहे 10 मं बाद बेल्ल रिंग हुयी.
गुल ने हिजाब निकाल के अब सर पे चुन्नी ले ली और दूर खोल के माइड को गुडमॉर्निंग बोलकर चाय की ट्रे ले ली..... फिर दोनों ने हसी मजाक करते चाय पि.
गुल की शादी उसके पसंद के लड़के से पहले भी हुयी थी, परिवार और उनकी जिम्मेदारी का पूरा अहसास था. वह आर्यन से ज्यादा मातुरे थी िंह मामलों में थोड़ा self-confidence भी उसका वापस आ रहा था जोह अच्छा सिग्न था....... फिर अपनी मामी और अम्मी से फ़ोन पे बात कर गुल सीधे निचे चली गयी किचन में और ब्रेकफास्ट की जिम्मेदारी संभाली जोह उसके लिए कोई बड़ी बात नहीं थी.
आर्यन एक घंटा सूकर 7 बजे रति के सुईठे में पहुंचा ऊंघता हुआ तोह उसके गाल पे किश करके बीएड पे बगल में लेटकर उससे बच्चे की तरह लिपट गया.....
आर्यन की इनोसेंस भरी स्माइल देखकर रति को भी बहोत प्यार आया अपने लाडले पे उसको चूम के बोली," Geeta-Deepti को भगा hi दिया नयी बीवी मिली तोह ".
आर्यन भी है दिया और कुछ नहीं बोलै, रति ने उसके कान में कहा," तेरा सरप्राइज बाथरूम में वेट कर रहा है धावा बोल दे"...... उसको लगा रति मजाक उदा रही तो बोलै मुझे कहीं नहीं जाना......
रति ने उसके कान पे काटा और बोली," तेरी मम्मीजी को शिमला की बहोत याद आ रही है...... थोड़ी गर्मी बढ़ गयी है उसकी , इंजेक्शन बिना काम नहीं चलने वाला".....
आर्यन भी हसने लगा," फिर मत कहना की मेरी भें के पीछे पड़ा रहता है"...... और आर्यन रति की एक चूची दबा के वाशरूम की तरफ लपका और कोड नंबर दाल के अंदर घुस गया ......
रति भी मुस्करा के उसकी सररत पे हसने लगी...... 40 मं बाद डॉ अंजू बहार आयी आर्यन की गॉड में सिर्फ टॉवल लपेटे हुए तोह सारे जहाँ की खुसी उसके चेहरे पे थी...... रति के पास बीएड पे डॉ अंजू को लिटा के उसने कहा," में किसी काम दिल्ली से बहार जा रहा हूँ Geeta-Deepti को इवनिंग में साथ लेता आऊंगा चॉपर से".
रति भी प्यार से डॉ अंजू के गीले बाल सवारती हुयी आर्यन से पूछी," गुल को तू ने किचन में भेजा है ".
आर्यन कंधे उचका के अपने कपडे समेटे बैडरूम से बहार जाते हुए बोलै," उसको अच्छा लगता है घर के काम करना, करने दो ".
रति ने डॉ अंजू से कहा ," जैसे में रोकती हूँ सबको...... "
डॉ अंजू ने जवाब न दिया तो एक चपत करवट से लेती उसके पिछवाड़े में मारी तो जोरसे चीख पड़ी, रति भी डर गयी ," क्या हुआ चीख क्यों रही ".
डॉ अंजू सीई सीईई अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह करती बोली," एक तोह आर्यन ने पूरा खोल दिया है मुझे तब मेरी चीख नहीं सुनाई दी ..... आप बस एक काम करो मेरे वैनिटी बैग में एक ब्लू कलर की जेल होगी और 2 टेबलेट पेनकिलर की दे दो दीदी ".
रति ने वैसे hi किया फिर दूर लॉक करवा के डॉ अंजू ने जैसे तैसे जेल अपने पिछवाड़े में भरा और फिर छूट पे भी लगा ली. दो गोली खाकर बोली," आप मुझे 2 घंटे सूने दो किसी को मत बताना में कहाँ हूँ".
रति भी हसने लगी," आगे से मैं नहीं भरा पिछवाड़ा तो बचा सकती थी ".....
डॉ अंजू भी दर्द में हसने लगी ," मौका मिलता तब बचती न आपके सपूत से, पूरा उधेड़ दिया बहोत दर्द हो रहा है ...... अह्ह्ह्हह ..... हसन मत दीदी...... "
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गीता पीली कोठी में एंटर की, स्पीड बाइक की काम रखती दीप्ति को बताती भी जा रही थी यहाँ क्या क्या है...... दीप्ति के लिए कोई बड़ी बात नहीं थी उष्ण बहोत बड़े बड़े महल से लेकर एस्टेट पहले भी देखे थे जाने कितनो की वह अकेली वररिस थी पर यह जगह आर्यन और उसके पुरखों से जुडी थी जोह बहोत उसका महत्व रखती थी.
खेत खलिआनो से लेकर बाघ, सरोवर और मैदान घूमने के बाद पीली कोठी की मैं बिल्डिंग पे बाइक आकर रुकी..... काकी और विद्या दीदी के साथ पूरा स्टाफ और मैनेजर हाथ जोड़े खड़े थे..... काकी ने थाली ली हुयी थी हाथ में आगे बढ़कर गीता का ारता कर तिलक लगाई फिर दीप्ति के फुल्ली कवर्ड चेहरे से बस हल्का सा दुप्पटा एएब्रोस से ऊपर की और टिक्के की जगह बिंदी लगा दी ...... दीप्ति ने प्यार चुने चाहे तो काकी पीछे हटकर," हम नुकर के प्यार छूकर पाप मत छदयो बेटी".
दीप्ति ," फिर माजी प्रणाम तो स्वीकार कर hi सकती हैं "...... और हाथ जोड़ने पे आशीर्वाद दी दूधो नहो पुटों फलो.....
गीता भी काकी को दीप्ति को निहारता देखकर हैरान थी पक्का आर्यन या माँ ने बता दिया होगा पर गॉगल्स निचे झुकने से नीली आँखों की एक झलक hi दीप्ति का आर्यन से रिश्ता काकी जोड़ ली ...... मैनेजर ने दोनों को बुकके दिया जोह पीली कोठी के hi रंग बिरंगे फूलों से निर्मित था...... दोनों अंदर गयी तोह दीप्ति देख रही थी बिल्डिंग 2 मंजिला hi थी पर साफ़ सफाई ,अच्छी मेंटेनेंस से प्रकर्ति की गॉड में शांत और मैं हरने वाली जगह थी......
गीता की तरह ड्रेस और शामे हट दोनों एक जैसा hi दिखती थी. आर्यन के रूम तक विद्या दीदी फर्स्ट फ्लोर तक उनको छोड़ गयी ...... जोह अब कक्की से ट्रेनिंग ले रही थी.
दीप्ति पहले फ्रेश हुयी फिर गीता 10 मं बाद कक्की खुद एक बड़े थाल में जलपान और स्नैक्स के साथ मिठाइयां , फ्रूट्स भी लायी थी...... टेबल पे रखकर वह जाने लगी तो गीता ने दूर लॉक करके कक्की का हाथ पकड़ के पूछी ," तू इसे जानती है क्या कक्की सच्च बता किसने खबर की तुझे आर्यन या माँ ने ?"
कक्की ने गीता के हाथ पे हाथ रखकर कहा," किसी की भी कसम खिला ले बेटी, बरसों से तेरा नमक खाया है..... मुझे तोह नीला मैडम से पता चला तुम आयी हो. हाँ ीनता में जरूर कह सकती हूँ यह बहोत ख़ास है न आर्यन बेटे की..... इनकी नीली आंखें मुझे दिख गयी थी चश्मे से "...... फिर इधर उधर देखकर, गीता के कान में पूछी ...... " यह राजकुमारी दीप्ति सिंह जी है न ?"
गीता ने भी मुस्करा के गर्दन हाँ में मिला के कक्की की मोती गांड पे थपकी दी ," जा प्यार छु ले किसी को पता नहीं चलना चाहिए "...... काकी इतनी खुश हुयी सच्च में दीप्ति के प्यार में गिर गयी.
दीप्ति हक्की बक्की रह गयी तोह गीता हसकर ," यह आर्यन की मुँह छड़ी काकी है आशीर्वाद दे दे दीप्ति इश्क भी दिल रह जायेगा"....... और थाल से खीर के कटोरे में ऊँगली घुमा के चाहती तो स्वादिस्ट लगी.
दीप्ति ने काकी को उठाया और अपना दुप्पटा उतरा तोह काकी भी हैरान रह गयी कभी दीप्ति को कभी गीता को देखती hoo-ba ेक्सी सकल थी उसने सुना था पर अब विश्वास हुआ...... गीता एक केला उठा के चील के खाते हुए बोली," इसे कहते हैं जुड़वाँ ..... मेरी कामिनी काकी "..... उसका गाल पकड़ के हिला दी ....
" सदा कुश रहो बेटी भगवन तुम्हारी जोड़ी बनाये रखे, तुम दोनों नास्ता करो ऊपर कोई नहीं आएगा "...... काकी जाने लगी तो दीप्ति ने काकी को रोकर कहा ," एक मं कक्की, आप बहोत अच्छी हैं. में पहली बार आयी हूँ तो मन मत करना" ..... ग्लव्स उतार के राइट हैंड की बिच वाली ऊँगली से अंगूठी उसके सीधे हाथ में रख के मुठी बांध कर di......"aur आगे से मेरे प्यार मत चुना, आप बड़ी हैं और हमारी बुजुर्ग भी ".
काकी मन करती उससे पहले गीता बोली," रख ले काकी इतने प्यार से दे रही है..... बहु समझ के hi रख ले ".
काकी भी दीप्ति का सर पुचकार दी और खुश होती दूर मिला के चली गयी.....
दीप्ति ," में पहले hi समझ गयी थी माहि इनके क्लोज है, उनकी आँखों में खुसी और चमक दिख रही थी ".
गीता भी हसकर," चल कुछ खा ले फिर निकलते हैं अभी गोअन भी जाना है बस वहां तू चुप रहना .....वैसे भी मेरी हमर उठा लेते हैं तो तू भी आराम से घूम सकेगी और किसी को दिखेगी भी नहीं..... और िश काकी से बच के रहिओ माँ की बहोत बड़ी चापलूस है सब खबर यही से बैठे बैठे दिल्ली पहुंचती है. यह दिखने में मामूली लग रही है पर इश्क नेटवर्क बहोत तगड़ा है, गोअन क्या इलाके की कोई भी खबर हो इसे पक्का पता होती है. वैसे वफादार है पर में ज्यादा भरोसा किसी पे नहीं करती".
दीप्ति," वफादारी उनकी आँखों में दिखती है दीदी फिर अलवर में मैंने इतनी दासियाँ और सेवक देखे हैं सेकंडों में पता चल जाता है. आप को भी बहोत मानती है, वैसे उनको छेड़ने में बहोत मजा आता है आपको "..... hi hi hi hi.....
गीता," इनको थोड़ा रॉब दिखाना hi पड़ता है वार्ना सर पे जड़ जाते हैं..... तू कुछ खा नहीं रही है , अच्छा नहीं बना क्या".
दीप्ति ," अभी इतनी भूक नहीं है थोड़ी डिअर यहीं आराम करें ?" ...... गीता ने फ़ोन मिलकर बोल दिया मुझे गाओं के फार्महाउस के ऑफिस पे hi मिलना दोनों..... आज पक्का किसी की सहमत आने वाली थी???
फिर निचे जाकर हिसाब किताब देखि और जोह कमी लगी दांत के उसको ठीक करने का बोली...... गीता पिछले 2 साल से hi यहाँ की देख रेख करती थी. स्टाफ या काकी भी गीता से डरते थे और फिर रति के पास टाइम नहीं होता था और आर्यन अमेरिका चला गया था..... 3-4 टूरिस्ट फॅमिली भी आज रुकी हुयी थी.
गीता को अस ान ओनर मैनेजर ने मिलवाया तो वह भी खुस हुए उससे बातचीत करके..... 1 घंटे बाद ऊपर आयी तो दीप्ति को मुँह खोले सूता देख अलार्म लगा के खुद भी उसको बाँहों में लिए लेट गयी..... दीप्ति पे अपना अधिकार गीता एक बड़ी सगी भें की तरह दिखती थी और अमेरिका से जाने हॉल आकर त्रिदेवी का अवतार इनका पूरा करने वाली थी.
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पुराण जंगल.....
निशांक गुरूजी वापस जब Ani(V) के भेजने पे बड़े गुरूजी के प्रीतिबिम्ब के सामने हाथ जोड़कर काफी समय बैठे रहे.
बड़े गुरूजी ने कई घंटो बाद आँख खोल के कहा," वॉश तुम्हारा मैं अशांत है".
निशांक गुरूजी के प्रीतिबिम्ब में आंसूं न बह रहे थे पर दर्दविदारक शब्दों में बोले," आज वही समय पुणे लौट आया गुरूजी और आर्यन ने फिर से मातये पे प्रहार किया, यदि वरदान की परिधि में न होता तो ऐसा मंजार कोण देखना चाहेगा".
बड़े गुरूजी भी गंभीर स्वर में बोले," इतना दुवेघ और विचूब हम सबने ने भी परीक्षित करना है जब महारायण के अंदर इतना के प्राण डाले थे..... वह समय बस तनिक सी उथल थी, पथल तो ज्यादा त्राश्दी के साथ आएगा. आर्यन इतनी जल्दी संभल जायेगा उसके लिए हम महारानी की भी सराहना करेंगे..... विपत्ति की तो शुरवात hi हुयी वार्ना महार्यं को पुनर जनम कैसे मिलता अगर शैतान सिंह भी पुनर जीवित न होता..... हाँ अब उसके लिए आसान तो न होगा पर आशम्भव नहीं.... रति के साथ आर्यन को भी लड़ने के लिए त्यार करो और लक्ष्मी (मिरदुला) का विश्वास डगमगाना नहीं चाहिए तभी कल्याण होगा ".
इतना बोलकर उन्होंने आंखें बांध की तो हमेशा की तरह निशांक गुरूजी भी अपने मैं को शांत करने लगे और उनको भी लगा की आर्यन पे प्रहार नहीं करना चाहिए था वह तो आवेशित हुआ था किसी अन्य के कारन.
अणि (व्) से मानसिक संपर्क जब हुआ तो बड़े गुरूजी ने बस 'साहस' बोलै.....
नेहा ने पुछा तो अणि ने जवाब दिया की हमको hi आर्यन को प्रोटेक्ट करना ुष से दूर रहकर.... एक काम करना कोई भी उसके मानसिक संकेत में नहीं रहेगी और अपनी शक्तियों का उपयोग नहीं करना. अभी कुछ दिन शैतान सिंह अचेत रहेगा क्यूंकि मैंने उसका संपर्क तोड़ के ज्यादा हानि दी है...... नेहा सबको खोजो बचपन से जोह भी आजतक आर्यन के संपर्क में आयी हो और शक्तियां रखती हो, उनको हमने सुरक्षित रखना होगा.
नेहा अपने काम पे लग गयी अपनी परछाई को भेज के और इधर अणि (व्) के साथ फंक्शन के लिए रेडी होने लगी थी...... शैतान सिंह बस रोका जा सकता था पर ताला नहीं....... ?????
तो बे कॉन्टिनोएड......
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