Angrakshak Parivar Ka .........MAHI - Page 34 - SexBaba
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Angrakshak Parivar Ka .........MAHI

अपडेट 39 (मेगा अपडेट)

Part-2(B)

(गीता की दीप्ति)

अब तक.......

तेज म्यूजिक बजने लगा .......

"छत पे सोया था बहनोई

छत पे सोया था बहनोई

मैं तन्ने समझ के सो गयी मुझको राणा जी माफ़ करना

गलती म्हारे से हो गयी

मुझको राणा जी माफ़ करना

गलती म्हारे से हो गयी "

गुल की विवाह रश्मि शुरू हो गयी थी.....

अब आगे........

गाना सुनकर आर्यन के साथ जमुना भी हसने लगी थी भले बहनोई नहीं दामाद hi सही. आर्यन को अपने ऊपर से पीछे धकेली तो ढीले होते लुंड ने भी उसकी चीख निकाल दी बहार मोटा टोपा आते हुए..... अह्ह्ह्हह मररररर गईइइइइइइ..... आर्यन ने उसकी दोनों टांगें पूरी सत्तर करके उसके चूतड़ के निच्चे दो तकिये लगा के बोलै ," ऐसे hi गर्भ जल्दी थेरेगा आप hi बोलती, एक बात पूछूं आप जवाब चाहिए मत देना पर कोई आपसे भी ऊपर आपको कण्ट्रोल कर रहा है जोह फिर से आप दोनों माजी आयी हो और पुष्प जी से बात हुयी thi.....woh 2 दिन बाद आ रही हैं ...... सॉरी मैंने बस गेस किया ".

अपनी छूट से विरए निकलते hi उसको अंदर hi रखने की नाकाम कोशिश करती जमुना ने जवाब दिया ," हमारी महारानी मिरदुला जी ...... जोह चाहती हैं हम सब उनकी रानी वधु पक्का माँ बन जाएँ".

आर्यन भी हैरान होकर," मैया को पता है, ऐसा नहीं होना चाहिए था..... यह बहोत गलत हुआ".

आर्यन की बेचैनी देखकर अपनी टाँगे क्रॉस करके उसका उल्टा हाथ अपने हाथ में पकड़ के रानी जमुना बोली," बीटा इसी को राजनीती कहते हैं तुमको में सीखा सकती हूँ पर तुम हमसे ज्यादा नॉलेज रखते हो. पक्का तुमको नहीं लगा की तुम्हारी सो कॉल्ड नयी मैया hi चाहती है हम तुम्हारे बीज से माँ बने. आर्यन बीटा उनको दीप्ति या सुचित्रा से इतना लगाव नहीं है जितना तुम से है. दीप्ति का मानती हूँ की वह तुम्हारे विरहा में विचलित होगी पर तुम्हारी सो कॉल्ड मैया ने तुम्हारे शत्रुओं की भेंट चांदनी शुरू कर दी है..... हम उनके आगे बस कठपुतली हैं और उनका तुम्हारे लिए मोह सुबह संकेत तोह कटाई नहीं है..... हम जानते हैं दीप्ति को जब गायत होगा हम सब के तुमसे रिलेशनशिप के बारे में वह उन्ही से गायत होगें...... पर बीटा हम दीप्ति से तोह माफ़ी मांग लेंगे की हम मजबूर थे पर तुम अपनी मैया को रोक सकते हो. आर्यन वह जड़ें hi नहीं नेसल भी ख़तम रही हैं राजपूताना में तुम्हारे और दीप्ति के दुश्मनो को बस दीप्ति एक मुख्ता hi दिखेगी".

आर्यन ने झडपेड अपने कपडे पहने और जमुना को बोलै," आप ने कुछ नहीं कहा मुझे रानी साहिबा पर याद रखना की यह बात बहार नहीं जानी चाहिए ".

आर्यन को गीता का गुस्सा याद आ गया की मार के छोड़ती है और रानी मिरदुला उनके hi जैसी है, पक्का आज सिखर मेरी माँ रति का करेगी ...... मम्मी भी अभी नहीं समझ पायी इतनी पावरफुल होते हुए ......

आर्यन ने मैं में ," अणि प्लीज बचा ले यार वह मेरी माँ को न मार दे" ...... अणि को कॉल मिलाया तोह नंबर बिजी था ......

आर्यन ने जमुना को पहले बता दिया था की सामने के दूर के बाद राइट दूर खोलना सीधा रॉयल सुईठे के बाथरूम में खुलेगा ..... आर्यन कॉल मिला के ," बिना मैया मेरा मतलब है रानी मिरदुला जी अभी कहाँ है".

बिना भी उसकी टोन सुनकर हैरान हुयी," अभी वह आने वाली हैं रानी लीला और रानी संगीता जी के साथ "......

आर्यन जोह उसको बोलै तो बिना की भी सटक गयी और सीधा रति के पास कड़ी बस ठुमके लगा के आर्यन को बोली मैडम से पहले मेरी लाश गिरेगी, नहीं तोह तेरी मैया को में शूट कर दूंगी चाहिए कुछ भी हो...... आर्यन उसको कुछ भी ऐसा करने से रोका बस मैया को रोकना होगा.

आर्यन जब मिरदुला के सुईठे में पहुंचा तो तीनो वही मिल गयी पर आज उसके तरपान हिल gaye......powers, ताकत और सिंघासन सब धरा रह जाता. आर्यन को पसीने में नहाये देखकर तीनो उसके पास पहुंची .....

आर्यन ने हाथ दिखा के तीनो को रोका," लीला जी आप माजी के साथ पार्टी में जाइये मुझे रानी मिरदुला जी से कुछ ख़ास बात करनी है ".

लीला आगे बढ़कर ," क्या हुआ आर्यन तुम इतने डरे हुए क्यों है ?"

आर्यन हाथ दिखा के डायरेक्शन दिखा दिया दूर की तरफ," प्लीज लीला हम आ रहे हैं न, रिक्वेस्ट है आपसे लीला जी के साथ जाओ माजी.... प्लीज "......संगीता क्या लीला भी समझ गयी थी पर तीनो को आर्यन पे विश्वास था तो दोनों चली गयी .....

आर्यन आगे बढ़कर एक थप्पड़ जड़ दिया मिरदुला को जोह जमीन पे दूर जा गिरी..... " तू बदजात औरत हिम्मत कैसे हुयी की मेरी रति को मारने की सोचे..... आज के बाद रांड मुझसे दूर रहना और मेरी रति से 1000 मीटर ....... "

तभी आर्यन धाम से जमीन पे गिरा मूर्छित होकर और वार निशांक गुरूजी ने पीछे से मुक्का मारा के किया था.

रानी मिरदुला को उठाकर उसके फटे चेहरे को अपने हाथ के घाव भरते हुए बोले," यह आपके सामने अपनी औकात भूल गया है माते, दो कूदि का इंसान न पिछले जनम में समझ पाया माँ क्या होती है न िश जनम में" .... फिर से वार करते ुष से पहले मिरदुला ने रोक लिया ," माफ़ कर दो पुत्र उसे वह भटक गया होगा उसको नहीं गायत होगा".

निशांक गुरूजी ने मिरदुला को बहोत समझाया की वापस चली जाए और आर्यन से दूर रहे..... तभी वहां अणि (व्) प्रकट हुयी तोह दोनों उसके सामने सर झुका के बेथ गए ......

आर्यन के पास जाकर उसका सर सेहला के अणि (व्) बोली," तुम वापस जाओ निशांक वार्ना आर्यन होश में आकर तेरी बदतर परिस्थिति कर देगा.... कोई और hi था जिसने इश्से मानसिक संपर्क करने की चेष्टा की और यादें भी अधूरी hi मिली इशलिये क्रोधित हुआ ".

निशांक गुरूजी ,"परन्तु महारानी ..... "

Ani(V) गुस्से से," जाओ निशांक हम हैं यहाँ ".

निशांक के विलुप्त होते hi मिरदुला को खड़ा करके अणि बोली," मिरदुला फिर समय आ गया है, तुमको अपने बेटे पे जान हारनी पड़ेगी और शैतान सिंह अपना नया देह (सरीर) ढून्ढ लिया है".

मिरदुला ने रूट हुए अपना ांचाल पहला के, अणि (व्) के सामने गिड़गड़ा के बोली," यह मेरा बीटा महार्यं नासमझ है महारानी..... में जान देने से पीछे नहीं हटूंगी बस आप इश्कि रक्षा करिये ".

Ani(V) गंभीर स्वर में ," इश्कि रक्षा हमारे बस में कभी नहीं थी मिरदुला और नियति हम बदल नहीं सकते बस उसको ताल सकते हैं. जिस दिन यह पूर्ण शक्ति के साथ सामने आएगा इतहास फिर से धौर्य जायेगा. शैतान सिंह को भी बड़े गुरूजी से वरदान है वह महार्यं का दुबारा अंत करेगा".... ????

नेहा गोल्डन राजशी सेनापति की वस्त्रों में रूम में प्रकट हुयी और बोली," महारानी खतरा तोह ताल गया है पर बुरी खबर है".....

आर्यन को अचेत देखकर नेहा उसकी तरह बढ़ी तो अणि (व्) की चेतावनी गूंजी," नहीं सेनापति उसको स्पर्श मत करना हम भी नहीं जानते कितना आघात लगा है..... निशांक मिर्त्ये है वह कोई सूचना नहीं त्वरित कर सकता परन्तु तुम और हम फिर से िश जनम में मानव योनि में बह हैं. शत्रु को आभास नहीं होना चाहिए हमारी सख्तियों का".

आर्यन की 10 मं बाद बेहोसी टूटी तोह अणि और नेहा के साथ महारानी मिरदुला को देखकर चौंक गया .... " अणि, तू कब आयी उसका माथा चूम के अपने गले लगा लिया ...... आये नेहा भी यहाँ है तुम दोनों रेडी नहीं हुयी "......पर जब अपनी मैया पे नज़र पड़ी तोह लगा वह बहोत रोई है..... उसको आगे बढ़कर गले लगा के आर्यन बोलै," क्या बात है मैया तू रू क्यों रही है ? "

मिरदुला क्या बोले पर अणि ने पलके झपका के उसका इशारा कर दिया..... "बस ऐसा लगा मेरा बच्चे माहि को बहोत कास्ट हैं उसकी बीवियां ध्यान नहीं रक्ति ".

आर्यन ने उसको गले लगा के खूब चूमते हुए कहा ," आजा थोड़ा रेस्ट कर ले बेकार में परेशां होती है ..... अणि तू भी त्यार हो जा नेहा के साथ में अपनी मैया को मन के लाता हूँ".

अणि और नेहा मुस्करा के थम्ब्स उप का सिग्न दिखा के चली गयी जोह आर्यन उसके लिए समझा ...... अब दोनों पिछले जनम के माँ बेटे दोनों एक साथ थे पर दोनों की जान डाव पे लगी थी..... जोह कितने समय बाद जाएगी यह देखना होगा...... ?????

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आर्यन के धरतीलोक पे कुछ समय के लिए प्रमुख दुश्मनो में हरी सिंह (मर्डर चूका था) और कुलदीप वर्मा ( मर्डर चूका था) , संजय सिंह दलबदलू था, देवेंदर सिंह तेरा डरपोक.... राजा जबर सिंह और राजा त्रिभुवन सिंह कायर थे ......

"राजा रघुभार सिंह " ...... सही समर्थवान पुरुष था..... दिलेर, पराकर्मी और पहले से काली शक्तियों का ज्ञाता...... शैतान सिंह ने 3 बार असफल प्रयास के बाद सफलता पा hi ली उसके मैं और सरीर पे कब्ज़ा करके पर एक बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ी वह अचेत हो गया था कुछ दिनों के लिए, जैसे hi उसका और महार्यं (आर्यन) का मानसिक संपर्क चानन भर को हुआ. आर्यन फिर से मिरदुला को लक्ष्मी समझ रहा था और अधूरी यादों ने उसको झलक मात्र याद आयी थी......

एक समय पिछले जनम में ऐसा भी था जब शैतान सिंह (********* असली नाम) और महार्यं सिंह सच्चे मित्र थे और रतिदेवी सगी भें थी शैतान सिंह की और यहीं से ऐसी दुश्मनी का बीज पनपा जोह महार्यं के रतिदेवी से विवाह से तीनो की मौत पर भी न रुका और आज तीनो जरूर दूर थे पर जल्दी hi तीनो आमने सामने आने वाले थे.

(#दोस्तों इशलिये मैंने "काला योद्धा" स्टोरी डिले की थी वार्ना आधा सस्पेंस खुल जाता और आधा में अभी तक चिपटा फिरता)

अब नार्मल होकर आर्यन अपनी hi मैया मिरदुला का दूध पि रहा था ......

नारी तेरी एहि कहानी 'अंचल में दूध आँखों में पानी '...... मिरदुला भी अब इसी परस्थिति से गुजर रही थी जोह आगे उसका कड़ा इम्तिहान लेने वाली थी, क्यों उसने अपने बेटे 'महार्यं' को बेच दिया था बचपन में, जोह उसकी नफरत कभी नहीं मिटा पायी ...... ?

दूसरी तरफ देखते हैं इतना संगीत और डांस का शोर कैसा है.....

नए नए परिधानों में रति के घर की औरशन और लड़कियों की ख़ूबसूरती के जलवों का क्या कहना..... सब एक से एक विश्व सुंदरी से काम न लग रही थी. सबकी हट ज्यादा hi थी आम लड़कियों के मुकाबले और लम्बी हट के साथ फिगर, वाइटल स्टेटिस्टिक्स के क्या कहने..... एक से एक नगीना थी रतिदेवी के परिवार में...... आज एक सितारे को और ऐड कर लिया परिवार में रति के, गुलुक खान उर्फ़ गुल. जोह सबसे अलग hi ब्यूटी की मिशाल थी, आखिर दो देशों की मिक्स गेन्स थी और हुस्न सड़के जवना.....

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गुल

लखनवी और लाहोरी मिक्स परिधान वाले डेसिंगेर लहंगे में वह कहीं से भी आर्यन के परिवार से अलग जैसी नहीं दिखती थी...... और उसका सौहार तोह खुद हॅंडसमेनेस्स की मिशाल था.

सब लड़कियों और औरशन में गुल इशलिये भी ज्यादा दमक रही थी की उसकी ड्रेस सबसे बेस्ट सेलेक्ट की गयी थी और ज्वेल्लेरी सबसे महंगी और लेटेस्ट डिज़ाइन वाली. आज उसने सिन्दूर और बिंदी भी लगाईं थी और मंगलसूत्र आर्यन उसको पहनने वाला था. उसने खुद ऐसी इच्छा जताई रति से वह उनकी रश्मि भी पूरी करेगी. रति ने उसको समझया," बेटी इश्कि जरुरत नहीं है, आर्यन को तुम बेगम के रूप में hi पसंद हो और अपने मजहब के खिलाफ रीती रिवाजों की औपचारिकता बंदिश क्यों बना रही हो ".

गुल," नहीं माजी में कोई गैर इरादतन नहीं कर हूँ बस उनकी बेगम के साथ पत्नी भी बनना चाहती हूँ. प्लीज आज मुझे न रोकें में भी खुद को महारायण सिंह की पत्नी के रूप में देखना चाहती हूँ".

रति को उसका खुल के ऐसे भाव व्यक्त करना पसंद आया और मैं में बोली,' आर्यन लकी है जोह इतनी समझदार लड़की उसकी बीवी बानी है वार्ना हम इंसान तो बस एक दुसरे को धरम और जाती में hi तोलते आएं हैं '.

शॉपिंग के साथ hi ड्रेसेस पहनकर पूरे मेकअप और ज्वेल्लेरी से सजी फार्महाउसेस में एक एक कार से 2-2 कर परियां hi उतर रही थी जोह पूरा लाइटिंग और डोरशंस से सजाया गया था ...... सीधे टॉप फ्लोर पे फंक्शन अटेंड करने ज्यादातर लोग पहुंच गए थे......

फॅमिली मेंबर्स 30 भी नहीं होंगे पर वेटर और वैट्रेस्सेस का काम 5 घर की माइड कर रही थी ..... 100 से ज्यादा डिशेस वेग, नॉनवेज दोनों थी, आज गुल के लिए स्पेशल कई नॉनवेज डिशेस लड़कियों ने चखनी थी..... अमेरिका, गाओं, चंडीगढ़, हैदराबाद , मुंबई , बैंगलोर से वीडियो कॉल से बड़े स्क्रीन पे लाइव टेलीकास्ट हो रही थी......

सबको सिलेंटली मैसेज जा चूका था की गुल जोह आर्यन की कॉलेज फ्रेंड है उसका निकाह हो चूका है और आज रिसेप्शन होने वाला है.......

रति को शाम में काफी टाइम लगा देवी को समझने में, आखिर में डॉ अंजू ने hi उनको मन लिया की िश शरत पे की गुल आज गंगा जल से नाहेगी और उसको हनुमान जी का लॉकेट हमेशा पहना पड़ेगा...... डॉ अंजू ने वादा किया और कुछ बूंदें गंगा जल की गुल की पानी बकेट में उसको डलवा दी और लॉकेट अपने पास रखने को बोलै पर्स में सिर्फ आर्यन की दादी की इच्छा है.

देवी सिंह से गुल दो बार मिली थी जब दादी सहर आयी थी आर्यन से मिलने और तब उसने गुल को खूब आषीश दिया था गले लगकर पर बाद में उसके धरम का पता चला तो दो बार देवी नहीं थी..... पर आज तोह जैसे अकड़ hi गयी यह में होने नहीं दूंगी. आर्यन ने पहले रति के बाद कॉल पे बात की फिर डॉ अंजू के कहने पे मानी.

मीणा जानती थी गुल, दीप्ति और जाने से भी ज्यादा प्यारी लड़की है..... कुछ दिन लगेंगे पर जल्दी hi सब उसको अपना लेंगे.

मीणा hi थी जिसने गुल को वह मुकाम दिलवाया जोह सबसे पहले गुल को hi मिलना चाहिए था लेकिन गीता ने तोह गुल को पीट कर साड़ी रहें hi आसान कर दी थी..... चंडी देवी खुद hi फँस गयी अब तो आर्यन जरूर अपने पास रखेगा पर यह काम रति ने hi कर दिया और सब को गुल से सहनभूति थी गीता ने गलत किया. एक दुखारी लड़की को कोई ऐसे मारता है पर सबको कहाँ पता था मार तो असली बिना खाई है गुल का बचाव करते.

सबसे पहला गाना डॉली ने लगया तोह फुल वॉल्यूम में बजा जिसको सुनकर उसके साथ गरिमा और पायल भी नाचने लगी..... " चाट पे सोया था बेहोइ .... "

वॉल्यूम काम करवा के कविता मामी ने भी 2 गाने पे ठुमके लगये..... आधे घंटे बाद जब अणि और नेहा त्यार होकर आयी तोह अणि को देखकर रति भी खुद अपनी नातिन की प्रशंशा करने से रोक न पायी ," ुष की सुंदरता के आगे तोह में भी अपनी उम्र में फीकी hi लगती थी".

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अणि

अणि पर्पल और नेहा लाइट ऑरेंज ड्रेसेस में थी. फिर सब लड़कियों के साथ डांस किया तो सबसे पहले neg-vaar करने वाली अणि पे रति hi थी जिसने 500-500 के नोटों की गद्दी खोलकर नौछवर की..... गुल भी आर्यन की सगी भें को कई साल बाद देखि थी और सच्च में उसकी सुंदरता के आगे सब फीकी थी.

गुल को गले लगा के उसका गाल चूम के अणि ने कहा," भाई सच्च में लगता है चाँद तोड़ लाया है आश्मान से देखो आज रात भी अँधेरी हो गयी है. आप सच्च में चाँद हो भाभी ".

गुल शर्मा के ," हम सब आपकी सुंदरता के आगे सूरज को आइना दिखने के सामान है. यू अरे रियली ब्यूटीफुल एंड गॉर्जियस ".

नेहा भी गले मिली तो अणि ने कहा ," यह रही आपकी सौतन नेहा सिंह ".

नेहा अब अणि को आँख दिखाई तो बोली," यार इंट्रोडक्शन सही होना चाहिए, भाभी यह भी लाइन लगये है थोड़ा बचकर ".

अपने गले लगी नेहा का गाल चूम के गुल ने कहा," ऐसी सौतन खुशनसीबों को मिलती है क्यों नेहा जी".

नेहा," नहीं दीदी बस नेहा hi बोलिये और तू चल मेरे साथ "...... अणि को फिर साथ लेकर डांस करने लगी.....

डॉ अंजू के साथ अब दोनों रानी बैठी थी, 2 दर्द की गोली पहले hi खा चुकी थी कार में जमुना और अब फिर 1 खाई. आर्यन की पलंगतोड़ चुदाई को याद करती अपनी बेटी दीप्ति के सर को सेहला रही थी जोह अभी आयी थी और वहीँ रानी संगीता उसकी पीठ पे थपकी दे रही थी.

दीप्ति राजशी आसमानी ड्रेसेस राजकुमारी लग रही थी, उसने बचपन hi िंह दोनों के अंचल टेल गुजरा था और अब भी वह hi उसकी मुम्मियाँ थी भले मिरदुला उसकी सगी माँ थी. संगीता भी कई बार गुस्से से जमुना को घूरती तोह मुँह फेर के नज़र निचे कर लेती. संगीता को आर्यन की फ़िक्र थी कहीं जमुना अपनी हवस में उसको न फसवा दे आखिर लड़की का होने वाला ससुराल था. संगीता को भी आर्यन की चाहत थी पर यह समय और जगह अनुकूल नहीं थी.

लीला महरूम घाघरा चोली में थी और लड़कियों ने खींच लिया डांस फ्लोर पे तो जोह वेस्टर्न स्टाइल पे फ़ास्ट डांस बिच बिच में देसी ठुमके मिक्स करती सबका ध्यान आकर्षित की और सब चरों ओरे से घेर के ताली बजा रहे थे ..... अब गुल के पास सारू और मीणा बैठे थे जोह एक गोल बड़े सोफे पे हॉल के बीचों बिच बैठी थी......

रति के पास बिना बैठी उसको कुछ बता रही थी...... नीला भी मुस्तैदी से अब अकेले hi होल्स्टर खोले सब पे निघा रखे थी और 5 फार्महाउस की माइड hi सबको स्टार्टर और डिशेस सर्वे कर रही थी. अणि ने नीला को रिलैक्स रहने को कहा और बिना को अपने पास बुलवा के सब समझा दिया की आर्यन से जीकर न करे वह डाउट में था मिरदुला को लेकर.....

दीप्ति को नेहा और डॉली अपने साथ ले गयी तोह डॉ अंजू अपनी बड़ी भें के पास पहुंच गयी क्यूंकि लीला भी रौशनी को गॉड में उठाये दोनों रानियों से उसको खाना खिलते हुए बातें करने लगी.

लीला," वैसे गुल काफी सुन्दर है न भाभी सा, आर्यन और गुल की जोड़ी बहोत जमेगी"...... दोनों रानियां चुप hi रहे, रौशनी को खिला के उसने बबिता के पास भेजा जा बीटा राहुल और माहि बीटा के साथ खेलो.....

लीला सीरियस होकर," सायद आप दोनों गुल को नापसंद उसके धरम की वजह से कर रही हो क्यों छोटी भाभी ".

जमुना थोड़ा धीरे से बोली आगे झुकार," लीला यहाँ िष्पे बात नहीं करते फिर आर्यन राजकुमार है एक बीवी और सही".

संगीता जोह चुप थी कड़ी होकर बोली," गुल सुन्दर है पर मेरी राजकुमारी दीप्ति से ज्यादा नहीं "..... और डांस फ्लोर पे दीप्ति के सर पे अपने बड़े पर्स से कई 2000रस और 500रस के नोटों की 4 गाड़ियां वार फेर करके मैड्स को दी तोह उनके तोह वारे नारे हो गए ..... 5 लक्ष 2 मं में वार फेर में दे दिए......

जमुना भी कड़ी होकर," दीदी के सामने ऐसा मत बोलै कर लीला तुझे पता है न दीप्ति के आगे उनको कोई लड़की सुन्दर नहीं दिखती..... तू रुक यह दीप्ति बेटी के प्यार में अंधी हो गयी हैं इनको गीता और दूसरी लड़कियां नहीं दिख रही हैं".

जमुना बेचारी लड़खड़ती अपनी चाल ठीक करती डांस फ्लोर पे पहुंच के पहले गीता फिर मीणा , डॉली और नेहा के बाद गुल पे भी एक एक 500रस के नोटों की गद्दी वार फेर की.....

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जमुना तेज़ तरार थी उसको रिश्ते और जगह की समझ थी, बेटी के ससुराल में उसने 5 लकड़ियों को दीप्ति के सामान जतला दिया जिसे देखकर डॉ अंजू और रति भी मुस्करा रही थी...... लीला भी अपनी छोटी भाभी की समझदारी से इम्प्रेस हुयी. वहीँ संगीता अब कविता और बबिता के पास जाकर बेथ गयी. तभी तीन औरशन ने एंट्री मारी, ठकुरियन रूपा, सुचित्रा और सरला दीदी जोह अभी पहुंचे थे भोपाल से पार्टी मीटिंग के टूर से, तीनो इलेक्शन लड़ने वाली थी वहीँ लीला का रुतबा hi बहोत था.

बिना ने सबको फ्रेश होने को कहा तोह सबसे मिलकर तीनो फ्रेश होने चली गयी और रेडी तो स्पेशल ड्रेसेस में होना hi था पार्टी जोह हो रही थी.

लड़कियों की टोली अब साइड में 3 -3 के झुण्ड में बियर भी पि रही थी..... रति की निघा सब पर थी और बच्चियां घर में थोड़ी मस्ती करें तो उसको भी प्रॉब्लम नहीं थी.

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पायल- मीणा- डिंपल

रति ने डॉ अंजू से पुछा," यह आर्यन कहाँ है जरा बुला उसको कुछ रश्मि दुल्हन के साथ में भी होती हैं".

डॉ अंजू हसकर ," अपनी मैया के पास होगा आप hi कॉल करो उसको"...... मिरदुला और आर्यन hi गायब थे वहां से.

रति भी उसकी बात पे ध्यान न देकर कॉल मिले तो 2 रिंग जाते hi कॉल कट कर दिया..... लड़कियों की चिलम छु शुरू हो गयी.... . भइईईई .... ारयणणणण ....

आर्यन भी एक डिज़ाइनर शेरवानी और राजस्थानी शाही पगड़ी में जाँच रहा था...... मिरदुला उसकी सीधे हाथ की कोहनी में हाथ डाले साथ आ रही थी जिहोने एक बहोत सुन्दर पिंक डिज़ाइनर लेहंगा चोली पहना था और सर पे डार्क पिंक नकाशी वाली ओढ़नी......

आर्यन उनके कान में बोलकर पहले रति के पास पहुंचा तोह उसने नज़र का टिक्का अपनी आँख से काजल चुरा के उसके कान के पीछे लगा दिया ...... गुल ने बस एक बार देखा सबके छिलने पर फिर सर झुका के शर्मा के मंद मंद मुस्कराने लगी.

रति के गले मिलकर डॉ अंजू के प्यार चुहया तोह उन्होंने माथा चूम के आशीर्वाद दिया और गले लगा के बोली," मेरी भी नज़र से बचाये मेरे बच्चे को".....

सबके हाथों में फ़ोन और लाइव वीडियो टेलीकास्टिंग शुरू थी......

म्यूजिक अब बिलकुल धीमा करवा दिया पर तीनो बच्चों में महिमा को बड़ी मुश्किल से रोका था पर नन्ही पारी 'डैडी' 'डैडी' ...... करती किड्स डार्क महरूम घाघरा चोली में आर्यन की तरफ भागी बबिता पीछे पीछे पर गीता ने बबिता को रोक लिया...... वह नन्ही सेहज़ादी न रुकी और आर्यन ने उसको आगे बढ़कर अपनी गोदी में उठा के चूमने लगा ," मेरा बच्चा ..... मेरा सोना बेबी "...... राहुल भी पीछे पीछे आ गया एक क्रीम और रेड किड्स शेणवाणी , सर पे लाल छोटी सी पगड़ी.... भागते हुए उसकी पगड़ी निचे गिर गयी तोह डॉली पीछे पीछे हाथ में लेकर पहुंची..... 'डैडी'... 'डैडी' पुकारता उसके पास hi रुका, आर्यन ने उसको भी दुसरे हाथ से उठा के खूब चूमा..... जब रौशनी बेतिया को ढूंढा तो उसको गुल ने अपने पास बुला के अपनी गॉड में बिठा लिया था......

गुल की गॉड में रौशनी बीत्या को देखकर आर्यन मुस्करा भर दिया और डॉली ने राहुल को पगड़ी पहना दी ...... रौशनी भी डार्क ग्रीन हाफ साड़ी और क्रीम ब्लाउज में क्यूट लग रही थी और उसकी वाइट हैट त्रिची सर पे फेनी नन्ही प्रिंसेस की क्यूटनेस बढ़ा रही थी.

बच्चों से खाने का पुछा तो दोनों को फिर भूक लगने लगी..... " डॉली म्यूजिक क्यों बंद कर दिया यार, रेडी हो जाओ बच्चों के डिनर के बाद non-stop डांस ...... हरयईईई ...... "

रति तेज आवाज में बोलै," अभी कोई म्यूजिक डांस नहीं, बीटा पहले रश्मि करनी है तू इनको डिनर करा फिर रश्मि उसके बाद गुल और तू साड़ी रात नाचियो ".

सब हसने लगे तो आर्यन बोलै," ठीक है पर 20 मं में रश्मि करो फिर हमारी सब परियां डांस करेंगी क्यों नेहा ?"

नेहा भी हसकर ," हाँ भाई ..... प्लीज नानी माँ डांस ..... डांस .... डांस ".

आर्यन एक टेबल पे बिठा के बच्चों के लिए 2-3 स्वीट्स और केक लिया. फिर रौशनी को आवाज लगा के पहले उनको खाना खिलने लगा आलरेडी 10:30 हो चूका था बच्चों के सूने का टाइम भी था...... बबिता भी आर्यन की हेल्प करने लगी उधर सारू और कविता मामी रश्मो की तयारी कर रहे थे और सब लड़कियां लगा गयी थी रति के पीछे की डांस करना है पूरी रात पार्टी करेंगे......

15 मं बाद तीनो बच्चे खा पीकर अब जम्हाई लेकर सूने के चक्कर में थे ..... आर्यन दोनों छोटे बच्चों को अपने साथ ले लिया और लीला रौशनी को गॉड ले ली. लीला के सुईठे में तीनो बच्चों को बीएड पे लिटा के थपकी देकर सुला के रौशनी की गवर्नेस को ध्यान रखने को कहा अगर कोई सा बच्चा उठे तो उसकी माँ को कॉल करके या माइड को भेजकर बुलवा ले...... आर्यन को सीरियस देखकर लीला ने पुछा क्या हुआ ......

आर्यन ," ऊपर चलते हैं फिर बताता हूँ"..... दोनों ऊपर आये तोह कविता मामी और बबिता को पास बुला के दांत रहा था ," आप तीनो बच्चों को अभी तक जज्ञे रखे हो, उनको डिनर करा के सुला देते फंक्शन होता रहता ".

सारू एक पिंक लोटस प्रिंटेड डिज़ाइनर साड़ी और ब्लाउज में इधर आकर आर्यन को झाड़ लगाई," लेट तू आया है आर्यन और बच्चों की माँ भी अपने राजकुमार और राजकुमारिओं को नयी नयी ड्रेसेस में तुझे दिखाना चाहती थी. खाना िंह तीनो ने नहीं कहाया है और तीनो बच्चे 3ऋ बार तेरे साथ खाये हैं ..... और कुछ पूछना है, तुम तीनो चलो गुल के साइड तुम hi बैठने वाली हो और मर आर्यन सिंह अब डिअर नहीं हो रही है ".

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सारू

आर्यन भी झेंप के तीनो को बारी बारी सॉरी बोलै और सारू के गाल चूम के बोलै," आप तो आज पटाखा लग रही हो मम्मी " ...... और तेजी से आगे बढ़ गया ..... तीनो हसने लगी तो सारू उसके पीछे लपकी ,"रुक तू अभी..... अपनी माँ को पटाखा बोलता है "...... आर्यन के कान खींच के उसको गले लगा ली , फिर माथा चूम के उसकी बलियन ली.

रति अब गुल की साइड बैठी थी और मिरदुला जी आर्यन की तरफ..... कविता मामी ने ढोलक संभाली और गाओं के मंगल गीत जाती रति, डॉ अंजू और सारू ने ताल दी...... मिरदुला जी ने पहले दोनों के कंगना बंधे फिर अंगूठी पहवाई और गले में हार गुल को पहनावा.

आर्यन से मांग में सिन्दूर लगवा के फिर मंगलसूत्र पहनावा..... दोनों को खड़े करके एक एक माला एक दुसरे को पहनवा के मिरदुला जी ने दोनों के हाथ पकड़वा के 7 वचन दोनों से बुलवाये......

गुल बहोत खुश थी की उसने आर्यन से उसके धरम के हिसाब से भी शादी की. देखा जाये तो यह तीसरी बार शादी हुयी. पहले कोर्ट पेपर्स पे फिर गुल के मामू के यहाँ दिल से कबूलनामा किया था रात में फिर यहाँ आर्यन के घर में...... 3 तरह से शादी की..... कोर्ट मैरिज, निकाह और विवाह बस तीनो जगह न कोई जज था न कोई काज़ी और न hi आज पंडित...... सायद दिल का सच्चा मिलान और कबूलनामा सबसे बड़े होते हैं.

सबसे पहले ुष सक्ष्स ने बधाई दी गुल को वह भी हैरान hi हुयी..... गीता," शादी मुबारक हो गुल, अब हिसाब बराबर हुआ. वैसे जल्दी hi में तुम्हारी सौतन बनकर तुझसे खूब काम करवाने वाली हूँ ".

गुल बस उसका हाथ पकड़ के ," थैंक्स " hi बोल पायी..... उसका दिल भी हल्का हुआ की गीता उससे नाराज नहीं है.

गीता का स्टाइल अलग hi था और आर्यन के गले लगकर बोली," इश्को रुलाया न धार के अच्छे से तोडूंगी तुझे याद रखना मर आर्यन सिंह , कोंग्रटुलतिओन्स......"...... सब हसने लगे रति ने गीता को गले लगा के उसका गाल चूम के कहा ," मेरी सोनी बच्ची हमेशा हस्ती रहा कर".

डॉ अंजू ने सबका ध्यान अपने तरफ खींचा," दीदी तुम सबसे एक जरूरी बात करेंगी ध्यान से सुन्ना बच्चों ".

रतिदेवी," गुल की तरह तुम्हारे जीवन में भी वह समय जल्दी hi आएगा पर यह बात गुल की शादी की यहीं तक रेहनी चाहिए. अब बहार वालों के लिए इश्क नाम 'सोनिआ सिंह' होगा और प्यार से सब 'गुल' बुलेंगे...... गुल बेटी यह सिर्फ तुम्हारी सेफ्टी के लिए है, तुम अपने मजहब और नियम अच्छे से फॉलो करना बस यह बात राज रेहनी चाहिए क्यूंकि आर्यन की शादी गीता, जाने हॉल और राजकुमारी दीप्ति से विधिवत होगी ".

डॉली उत्सुकता से ," दादी मेरी शादी भी तो बोलो ".....

रति अपने सर पे हाथ मार के डॉली को बोली ," जा माइक लेकर ढोल बजा के बता की तू शादी कर रही है अपने hi भाई से".

डॉली चिढ़कर ," अब रात में ढोल कहाँ से लॉन दादी "......

रति ," कविता इश्को बादाम खिलाया कर, अकाल घास चरने गयी है इश्कि ".

सब हसने लगे और डॉली का चेहरा उतरने लगा तो आर्यन ने कहा," चलो पहले सब खाना खा लो फिर लेट होगा और उसके बाद डांस ok ..... और डॉली हम दोनों सबसे पहले एक साथ डांस करेंगे "..... डॉली कूद hi गयी आर्यन के ऊपर तोह गले में पहनी phool-maala टूट गयी वह सॉरी बोलने लगी तोह आर्यन उसको कंधे पे बिठा के बोलै ," चल इनको खाने दे हम दोनों डांस करेंगे "......

रति भी अपनी पोती की बेवकूफी देखकर बस एक कुर्सी पकड़ के बेथ गयी..... पर अब गया खाना भाड़ में पहले डांस...... आर्यन और डॉली के साथ सब लड़कियां डांस फ्लोर पे कूद गयी..... गीता ने तो गुल को कंधे पे hi बिठा लायी..... गुल भी बस हाथ उचका के सबका साथ दे रही थी......

मैड्स डिनर सर्वे करने लगी और थोड़ी डिअर बाद आर्यन भी बारी बारी सबको भेजकर डिनर करवाने लगा...... आधे घंटे बाद सब बड़ी औरशन को भी डांस फ्लोर पे उतर hi लिया ..... 12 बजे तो आतिशबाजी शुरू हो गयी और गुल को सबने बधाई दी..... प्रेजेंट्स और गिफ्ट्स दे दे कर सबने गुल की खुसीयों पे मोहर लगा दी...... आर्यन आज सबको अपना दूल्हा दिख रहा था बस सरला दीदी और अणि के छोड़कर पर चाहत तो अणि की भी जागने लगी थी बस कबूल नहीं करने वाली थी.

रात 1:30 बजे आर्यन अपने रूम में घुस पाया, बहेनो ने डबल कामी की पहले गुल को लूटा फिर आर्यन को..... गिफ्ट्स नहीं थे दोनों के पास तो गुल से ज्वेल्लेरी और आर्यन की चेक बुक से ब्लेंक चेक़ुएस ले लिए......

आज तोह मैड्स से लेकर निच्चे सर्वेन्ट्स और राजपरिवार की दासियों की भी मौज थी. बिना ने सबमे पैसा जोह लाखो में कलेक्शन हुए थे बराबर बटवा दिए. गार्ड्स को डायरेक्ट बैंक अकाउंट में बोनस ट्रांसफर मोना ने कर दिया..... दावत भी सबको फंक्शन्स के दौरान बैकडोर से सप्लाई होती रही. रति की यह बात थी की किसी भी नौकर या गार्ड्स को खाली हाथ नहीं जाने देती थी वह भी पेट भरने के बाद.

आर्यन की पगड़ी फिर से मीणा ने पहना दी और रूम में जाने से पहले कान में कुछ कहा, एक बार को आर्यन हैरान हुआ पर उसका गाल चूम के मौन स्वीकारती भी दे दी...... आर्यन अपने रूम को इतना डेकोरेटेड देखकर सोचने लगा इतने सारे रूम खाली पड़े हैं पर माँ ने जैसा फैसला hi सुना दिया की गुल अबसे आर्यन के रूम में रहेगी.

फूलों की महक और उनकी बानी झालरों के बिच गुल अभी चुनरी उतर के आर्यन को बोली," दूर तो लगा लो ".

आर्यन भी झेंप के दूर लॉक किया और आगे बढ़कर पगड़ी उतर के टेबल पे रखा तो एक बड़ा जग और गिलास देखकर समझ गया की सब अर्रंगेमेन्ट्स किया है. अपनी शेरवानी उतर के बाथरूम में फ्रेश होकर आया और बिस्टेर पे चढ़कर गुल की गॉड में सर रखकर उल्टा लेट गया.

गुल उसके सर के बालों में हाथ फेरनी लगी ," थक गया क्या ?"..... आर्यन ने अपना सर ऐसे hi पड़े पड़े हिलाया तोह बोली," चेंज कर ले, में भी चेंज कर के आती हूँ".

आर्यन साइड में होकर सीधा लेता तो उसके लबों को चूम के गुल चली गयी वाशरूम और आर्यन अपना इनर शर्ट और बनियान के साथ पजमाइआ और अंडरवियर भी उतर के एक लोअर दाल के बरेचेस्टेड बीएड पे लेट गया.....

10 मं बाद गुल बहार आयी तोह ड्रेस चेंज करने के साथ बाथ भी ले ली थी....... बाल खुले थे तो मिरर के सामने जुड़ा सा बना के बाँध ली थी. लाइट पिंक कलर के सलवार कमीज में भी वह खिला हुआ गुलाब लग रही थी. आर्यन उसकी तरह एक कोहनी पे सर रखकर निहारने लगा..... थकान जैसे जैसे उसको निहारता दूर होने लगी.

गुल टेबल से जग उठा के दूध गिलास में दाल के आर्यन के पास लायी तोह बैठकर उसकी कमर में हाथ दाल के अपनी गॉड में बिठा लिया..... जग को एक हाथ में पकड़े गिलास उसके मोह से लगा दिया....... आधा दूध पीकर आर्यन ने मुँह हटा लिया ...... गुल हैरान होती हुयी," बस इतना सा पिया, टास्ते अच्छा नहीं है क्या".

आर्यन ," टास्ते सही है पर सारा पि गया तोह तू गुस्सा करेगी"..... गुल भी अपने मोतियों से दांत दिखती आधा गिलास खुद पि ली फिर से जग से गिलास भरकर आर्यन को दी तो पि गया एक hi सांस में. फिर एक गिलास गुल खुद पीकर बचा हुआ आर्यन को दी तोह जग से मुँह लगा के पि गया.

आर्यन की गॉड से उठकर गुल ने गिलास और जग टेबल पे रखा और उसके पास आकर बोली," यह तेरा रूम है ?"..... आर्यन दोनों हाथ बीएड पे पीछे रखकर बोलै," आज तक तो था क्यों पूछ रही है ".

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गुल

गुल चरों और देखकर उसकी गॉड में चढ़कर बेथ गयी ," थोड़ा छोटा नहीं है ".

आर्यन ," हाँ कल बदल लेंगे में भी एहि सोच रहा था ".

गुल ,"नहीं कोई जरुरत नहीं है बस एहि काफी है, फार्महाउस में बड़े बड़े रूम की ज्यादा साफ़ सफाई रहती है मुझे छोटे रूम पसंद है यह तो मेरे रूम से भी दूंगा बड़ा है. बाथरूम अच्छा साफ़ सूत्र है ी लिखे आईटी".

आर्यन उसको लिए पीछे खिशक के बेडरेस्ट से पीठ लगा लिया तोह उसके सीने पे सर रखकर पूछी ," तू ने आज शराब नहीं पि, इंजीनियरिंग टाइम पे तोह बियर भी पिता था..... तेरे घरवाले तो पि रहे थे".

आर्यन उसकी एक खुली लत को अपनी ऊँगली पे लपेट के बोलै," तुझे अच्छा नहीं लगता तो नहीं पि एक दिन से क्या होता है?"

गुल उसके चेहरे पे हाथ फिरती हुयी बोली," देख तू जैसा है वैसे hi रह, हाँ मुझे शराब और शराबी पसंद नहीं बस ुष दिन मेरा साथ मत सोना अब तुझपर है मेरे साथ सोयेगा या अलग "....... hi hi hi hi ......

आर्यन ने उसकी कमर पे हाथ रखकर कहा आज तोह सू सकता हूँ न ..... दोनों हसने लगे अब आर्यन के सीने पे गुल सर टिकाये उसको प्यार से सीने पे उंगलियन घुमा के फील कर रही थी ," अच्छा हुआ में दिल्ली आयी, तेरी फॅमिली बहोत अच्छी है. पावरफुल , पैसे वाले तो तुम हो hi पर वह राजकुमारी दीप्ति तो सच्ची की राजकुमारी है यार और तू उससे शादी करेगा मुझे विश्वास नहीं हो रहा. यह सच्चे रजवाड़े लोग थे जोह आज हमारी शादी में शामिल हुए ी can't बिलीव आईटी".

आर्यन मैं में यह एक राजकुमारी को देखकर हैरान है जब पतलोक जाएगी तो रानियां और राजकुमारियों को देखकर बावली हो जाएगी. पर यह पतलोक क्या करेगी जाकर, यह यहीं ठीक है.

गुल की पीठ सेहलता उसके जुड़े को खोल के उसके बाल से खेलता हुआ पुछा," तुझे चंदा रानी कैसी लगी ?".....

गुल थोड़ा सोचते हुए," वह अच्छी लड़की है बस थोड़ा गन्दा बोलती है पर दिल की साफ़ है, लेकिन मुझे विश्वास नहीं हो रहा की वह इतनी बड़ी राजकुमारी है और गीता की ट्रू कॉपी लगती है बस कलर में hi फर्क है ".

आर्यन उसको अपने निचे करवट लेकर लिटा के पुछा ," अब प्यार करें ?"..... गुल उसकी गर्दन में हाथ दाल के बोली," अब तो पत्नी भी बना लिया बेगम के बाद, मुझसे परमिशन लेकर प्यार करेगा क्या? बुद्धू में तो कबसे रेडी हूँ कब प्यार करेगा"...... और उसको किश करने लगी

आर्यन मैं में बोलै 'साला में hi घनचक्कर हूँ जोह इश्को थकी हुयी समझ रहा था यह मुझसे भी ज्यादा ेवररेअद्य चार्ज है..... दोनों के सरीर से कपडे उतर के अब फर्श की शोभा थे और प्रेम की फिर से जीत हुयी दो प्रेमी आज अपने घर में प्यार कर रहे थे.....

गोल के सिल्की जैसे सरीर के हर अंग को चूमता चूसता जब पिंक ारोलस वाले निप्पल पे पहुंचा तो जीभ से फ्लिक करता चरों ओरे थूक से चिपड़ के चूसने लगा. ...... अह्ह्ह्हह ुह्ह्हह्ह्ह्ह करती गुल अपने राइट घुटने को मोठे सख्त लुंड पे रगड़ रगड़ आर्यन का जोश बढ़ा रही थी ........ आज वह एक मातुरे औरत की तरह आर्यन को गाइड कर रही थी की इश्को चूसो इश्को दबाओ ...... हाँ मेरे निचे भी बुर को चोसोऊ न ....... आर्यन लगा था पूरे दिल से सेवा करने लगे, बिलकुल मस्त महकती बुर में जीभ दाल के सलरपपपपप सलूरर्पपपप सुडाप्पे मार मार के चटखारे ले रहा था ..... जल्दी hi दो उगलिओं की बुर खुदाई ने अपना जादू दिखाया और भलभला के गुल झड़ने लगी....... आर्यन बुर को तब तक चूसा जब तक गुल ने उसका मुँह नहीं हत्या और अपने ऊपर खींच के खूब चूमि ," तू इतना स्ट्रांग क्लाइमेक्स कैसे दिलवाता है यार ..... पुछःह पुछःह...... ी लव यू मेरी जान....... चुम्म्म्म चुम्म्म्मम्म...... अब मुझे भी प्यार करने दे ...... अह्ह्ह्हह्हह सीईईई ...... तेरा घोडा तो बहोत झटके मार रहा है ....... "

आर्यन के घोड़े को हाथ में लिए उसको पलट के सीने पे किश करती अपने को सुहागसेज पे दोनों हाथ में थाम के हसने लगी ," यार मुझे एक तेरे साथ सौहार की फीलिंग नहीं आती "...... उसके कश्मीरी सेब जैसे लाल टोपे पे अंगूठा फेरती मुठी से ऊपर निचे करके हिलती हुयी एक बार चूम के फिर आर्यन को देखने लगी ........ उसके laal-suheri से बालों को चेहरे से पीछे करता आर्यन उसका सर अपने लौड़े के पास करने लगा," तभी में कहूं तू हमेशा गर्लफ्रेंड का मजा लेना चाहती है...... hi hi hi ....... जल्दी चूस के गीला कर आज तेरी बुर में ज्यादा डिअर रखना है .... अह्ह्ह्हह्हह चुस्स्सस्स्स्स ले ...... टोपी के निच्चे तक ले ...... हाँ ऐसे. .. "

गुल ने एक बार मोह हटा के उसके ांडो को सेहला दिया और मुठी में भरने की कोशिश की तो आधा भी कवर नहीं कर पा रही थी ," तेरे टट्टे कितने बड़े हैं यार ...... हाँ गर्लफ्रेंड बनकर मुझे मजा आता है, में तेरी खुलकर रिमांड ले सकती हूँ" ..... hi hi hi hi ..... .. सलरपपपपप सलूरर्पपपप पुछःह पुछःह..... जितना चूस पा रही थी उतना मोह में लेकर सर ऊपर निचे हिला रही ...

आर्यन ने भी उसको अपने ऊपर खींच लिया पर गुल ने उलटे हाथ से लुंड नहीं छोड़ा ," में करुँगी ऊपर से फिर तेरी बारी" ....... होंठो को चूमती अपनी फुद्दी उसके टोपी पे घिसकर धीरे धीरे से बैठने लगी टांगी चौड़ी किये वहीँ आर्यन उसके हाथ में रिमोट कण्ट्रोल देखकर इतना खुश था की यह है मेरी असली गुल जोह बहोत अच्छी और नेक है. आज लग रहा है इसने जीना फिर से सीख लिया.....

थोड़ा जोर लगने में गुल को टोपा अंदर करने में सफलता मिली तो आर्यन को आँख मार के ," आखिर घुस hi गया अब देख मेरा कमल ...... अह्ह्ह्हह्हह सीईईई ...... अंदर जा रहा है ...... पुछःह पुछःह ....... " 9 इंच तक अंदर लेने के बाद रुकी फिर दोनों हाथ सीने पे रखकर सवारी करती ऊपर नीचे कोड़ने लगी ...... आज जोश में गुल अपने सब आराम पुरे करने वाली थी...... आर्यन सोच रहा था की क्या सुहागरात है गुल डार्लिंग ऐसी hi हस्ती रहना.....

पर अब आंसूं हलके हलके ऊपर और निच्चे दोनों तरफ से भेने लगे जब पूरा किल्ला जड़ तक थोक ली ...... आर्यन उसकी पीठ सहलाता और चूचियां दबाता अब निचे धक्के मारने लगा थपप्पपपपपप थपप्पपपपपप .... तोह 5 मं भी न रोक पायी और झंडे लगी ....... आर्यन ने झट से पलटा लेकर अपने निचे लिया और टांगें उठकर अपने सीने पे लगा जोर के घस्से मारने लगा...... दोनों चूचियां तेजी से हिलती हुयी और भी मस्त नज़ारा पेश कर रही थी....... कुछ मं बाद अपनी टांगें आर्यन के सीने से हटा के अब अपने ऊपर खींच के मिशनरी पोजीशन में अपने को पूरा आर्यन के निच्चे धक् ली ," पुछःह पुछःह ..... हॉँण्णन बससससस ऐसे hi प्यार कररररररर मुझे अपने अंदर छुपा ले याररररर .... . आर्यन जकड ले मुझे और तेज तेज धक्का मार रह...... सीईईई और तेजजजजज मेरे बालम ...... हाँ ऐसे hi मेरे सौहार ....... मेरे सरताज में फिररररर गईइइइइइइइइ...... ुंहःहःहःह हनननननननन...... ारयणणणणणण...... "

अपनी आवाज रोकने के लिए उसकी गर्दन पे काट ली तोह आर्यन ने उसका मुँह अपने कंधे पे लगा दिया और अबकी बार का राउंड बहोत जोशीला और गरम था ....... 10 मं के पलंगतोड़ धक्कों के साथ आर्यन के कंधे में दांत घुसाए और पीठ पे नाख़ून घुसे बहोत दर्द झेलती और आर्यन को देती........ बस घुनंनं घुनंनं और थपप्पपपपपप थपप्पपपपपप पटट्ट्ट्ट पटट्ट्ट्ट की आवाजें आती रही ....... गुल पूरी पीठ और उल्टा कन्धा खुरच डाली थी पर धापा धपपपपप का तूफ़ान 12-13 पिचकारी मार के hi रुका...... बेहस्ता चूमते हुए बस ऐसे hi लिपटे पड़े रहे .......

एक घंटे का मिलान गुल को थका दिया तो आर्यन ने पुछा में कुछ डिअर के लिए जा सकता हूँ सुबह वापस आ जाऊंगा....

गुल ने उसका गाल चूम के कहा ,"बस 5 मं मेरे पास रह फिर चले जाना अपनी चंदा रानी के पास "......आर्यन भी मुस्करा दिया पर 10 मं में गुल के कहते सुनाई दिए, बाप रे यह लड़की स्नोरिंग भी इतनी तेज करती है...... जबकि आज सकूं से नींद आयी थी गुल को कितने महीने बाद. आज उसका एक आर्यन जैसा मजबूत सौहार है जिसकी बाँहों में जन्नत और दिल में बस गुल के लिए प्यार hi प्यार है और खुशियां बेसुमार.

आर्यन सिर्फ लोअर और टीशर्ट दाल के बहार रूम से बहार निकला और गीता के रूम में 3 बजे पहुंचा तो दूर बस भिड़ा हुआ था...... दीप्ति स्पेक्स लगा के कुछ पढ़ रही थी और गीता घोड़े बेचकर सू रही थी......

आर्यन को िश समय रूम में देखकर दीप्ति की आंखें प्रज्जवलित दीयों सी टिमटिमाने लगी..... स्पेक्स उतर के इंग्लिश नावेल साइड टेबल पे रख दी और बीएड से उतर के दूर बांध करते आर्यन से चिपक गयी. उसके सॉफ्ट सॉफ्ट बॉल पीछे से आर्यन की पीठ पे डाब गए...... गीता सूने से पहले hi बोली थी तेरा आशिके आएगा साद मत हो.

फंक्शन के 2 घंटे बाद आर्यन से लिपट कर उससे लगा की वह गुल के लिए उसको माफ़ कर दिया है लेकिन गीता के कारन भी कल रात लात खाकर भी दीप्ति से प्यार भरी बातें नहीं कर सका था. अपनी पीठ पे लाढ़ के दीप्ति को लिए गीता के पास बढ़ा तोह उसने आँख बांध किये hi कहा," तुम दोनों को चूंच लड़नी है तोह बालकनी या बाथरूम में जाओ, मुझे 2 घंटा सूने दो".

गीता की आँख दीप्ति के बीएड से उतरने पे खुली गयी थी फिर दोनों चोरों की तरह लिपट रहे थे...... बहोत कमीना है गुल से पेट नहीं भरा अब हम दोनों को भी थका जायेगा.....

आर्यन ने गीता के लबों को चूमा फिर माथे को और अपनी पीठ पे तंगी दीप्ति को लिए हुए hi अलमीरा से एक गदा और 2 तकिये निकाल के बालकनी में ले आया...... नाईट बल्ब भी उसने ऑफ कर दिया तोह चरों तरफ अँधेरा था. निचे गद्दा और पिलो बिछा के घुटने पे बैठा तोह दीप्ति उसकी गर्दन कान चूमते हुए अपनी दोनों टांगें पीठ पे लड़े उसके पेट से लपेट ली थी...... यानी वह निच्चे उतरने को त्यार नहीं थी...... " ी लव यू माहि ..... माय लव ी मिस यू सू मच ...... पुछःह पुछःह ..... "

आर्यन ने भी गर्दन घूमा के उसके लबों को चूम के कहा," ी आल्सो मिस यू बेबी ...... लव यू माय स्वीट हार्ट ...... चुम्म्म्म चुम्म्म्मम्म...... "

उसके गले में एक बहन डाले दुसरे हाथ से सीने सेहलते हुए दीप्ति को किश करता आर्यन पीछे हाथ लेजाकर अपने आगे लाना लगा बायीं तरफ से पहले लेफ्ट साइड से चिपकी हुयी वह ऐसी hi पोस्चर में आगे आने लगी और अब आधी सामने आ गयी फिर पूरी उसकी गॉड में छड़ी डीपली स्मूच करती अपनी तड़प बता रही थी...... दोनों एड़ी उसकी आर्यन के पिछवाड़े पे लगी थी और अपनी कमर को उसके सत्तर हो चुके कड़क बम्बू को अपनी झंघों के बिच दबा ली जोह लोअर में तम्बू बांये था. छाती के अम्मोन को आर्यन के सख्त सीने का अहसास दिलाती अब सिसकने लगी थी क्यूंकि आर्यन उसके बूट्स को प्यार से मसलता हुआ जोर से भींच देता...... अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्हह महीईई ी ामममममम सूऊओ वेट ...... पुछःह पुछःह चुम्म्म्म्म चुम्म्म्मम्म ...... ी लोवीएएए ोुउउउउउउ जन्न्नन्नन्न ...... "

उसके थिरकते कुह्ले और टीशर्ट में खड़े निप्पल्स अपने को आर्यन के हाथों मसलवा रहे थे जिससे पूरी बॉडी में गूसबम्प्स उभर आये...... आर्यन ने उसकी टीशर्ट एक झटके में उतर दी सेक् भर में और फिर किश करने लगा.....

दीप्ति झंडे के बाद भी गरम hi थी तो अपने निच्चे लिटा के उसकी ब्रा उतर दिया और सूंदर सूंदर बूब्स पे टूट पड़ा..... रात में दूर से आती गार्डन और फार्महाउस की वाल पे लगे बल्ब्स की हलकी रौशनी में यह दीप्ति के कुंवारे कलश अभी तक पक्के नहीं थे तो सॉफ्टनेस और फुल्नेस्स दोनों कायम थी जोह आर्यन को जोश दिलाती चूची चूसते हुए, अपने कपडे और दीप्ति को भी पूरा निर्वस्त्र कर दिया......

गीता जोह 10 मं से दूर पे कड़ी थी जोह आर्यन ने जांभोज के खुला छोड़ा था, उनकी कामुक आवाजें कहाँ सूने देती...... अपने कपडे उतर के आर्यन की पीठ से चिपक के अपनी कड़क चूचियां पीठ से चिपका दी...... अब तीनो को लगा जैसे पूरे हो गए ...... गीता को भी आगे ला के दीप्ति के बाजू लिटा के बारी बारी से चूचियां पीकर अब हर 5 मं बाद दोनों की योनि चाट चूस के साड़ी माले खता जब दो बार कर चूका तोह उसकी शेरनीओ ने उसको निच्चे गिरा लिया और दोनों लग गयी "तोपची" की ःस्थमन्थन , choosam-choosamtam क्रिया में और तभी हटी जब तक गाड़ा विरए सारा बूँद बूँद न पि लिया.......

दोनों लिपट गयी आर्यन के सीने पे सर रखे न कोई बात कर रहा था न कोई कुछ बोलकर िश रात की शांति में अपने मेहबूब की बाँहों में होने का अहसास खोना चाहता था...... 15-20 मं बाद आर्यन दोनों को उठा लिया और पहले तीनो फ्रेश हुए. आर्यन ने उनके और अपने कपडे दिए और गद्दा, पिलो वापस रखकर दोनों को अपने सीने पे लिटा के सुलाने लगा..... तीनो बस मुस्कारते चूमते पर बोलै सच्च में कोई भी नहीं...... प्यार ज्यादा जहाँ घेरा होता है प्रेम की भासा होंठो के बजाये दिल से निकलती सॉलिड गठजोड़ कर लेती जिससे प्रेमी मैं hi मैं प्रफुलित हो एक अलौकिक सुख की प्राप्ति बस आंदोलित hi तो कर जाती है.

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अलार्म 5 बजे बजा तोह गीता ने आर्यन और दीप्ति को उठाया ...... तीनो ने गुडमॉर्निंग किश किया तो दीप्ति को फ्रेश होने का बोली. आर्यन ने गीता के माथे पे किश किया और बोलै," आल थे बेस्ट, बस दीप्ति का चेहरा कवर रहना चाहिए. इवनिंग में मेरे साथ वापस आना है, ok चंदा रानी ".

आर्यन को गिरा के खूब चूमि लेकर गीता ने उसे जाने दिया..... आखिर आर्यन उसको गाओं जाने दे रहा था दीप्ति के साथ बाइक राइड पे, दोनों को जल्दी निकलना था सबके उठने से पहले...... नीला उनके साथ जा रही थी पूरी टीम लेकर, बिना को अब आर्यन गीता से दुर्र hi रखना चाहता था.

दोनों राजपूतानियाँ ब्लैक लाठर पेण्ट और जैकेट के ऊपर ड्राइविंग गॉगल्स ,हेलमेट पहनकर बेसमेंट से बाइक उछलती तेज़ स्पीड में निकली तो फार्महाउस का मैं गेट दो गार्ड्स में दौड़ के स्लाइड करके खोल दिए और उनके पीछे 5 ब्लैक सुवस थी ...... आगे नाके पे 3 सिक्योरिटी अफसर की जिप्सी भी पीछे हो ली......

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दीप्ति & गीता

सुबह का टाइम था गीता 100 से ऊपर भगा रही थी पर जल्दी hi दिल्ली बॉर्डर क्रॉस करते hi 140 से ऊपर बाइक दौड़ा ली....... नीला की सुव उनसे 2कम पीछे थी और बाकी सब सिक्योरिटी और सिक्योरिटी अफसर उसस्के पीछे ...... रस्ते में हर 5 कम पे सिक्योरिटी अफसर की जिप्सी कड़ी थी.

यह अर्रंगेमेन्ट्स दीप्ति के सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स थे जोह मिरदुला ने आर्यन की रिक्वेस्ट पे गीता के साथ दीप्ति को जाने दिया की उसको कोई देख नहीं पायेगा में गर्रंटी लेता हूँ.

आधे घंटे बाद एक धब्बे पे बाइक रोकी स्किड करके स्टंट के साथ ..... धुल छथि तो हेलमेट उतर के दोनों 6 फ़टी लड़कियां सीधा अंदर बने एक केबिन में चली गयी और गीता को देखकर धब्बे का मालिक दौड़ा दौड़ा हाथ जोड़े पहुंचा. गीता बोली," लाला चौबारे पे दो कुर्सी डलवा और चाय भेज कुछ पकोड़े भी भेज दियो ".

गीता िश 2 मंजिल पे बने दो कमरे की छत्त पे तेलहन लगी दीप्ति ने एक सफ़ेद दुप्पटे से चेहरा धक् रखा था..... एक 17 साल का लड़का दो कुर्सी की जगह मुद्दे दाल गया और फिर एक छोटा स्टूल भी ले आया.....

दीप्ति ," दीदी हम कितनी दूर आ गए दिल्ली से और शुरू में तो हाईवे के दोनों तरफ फैक्ट्री hi थी..... अब हरियाली दिख रही है और हवा भी तजा और साफ़ है ".

सिक्योरिटी अफसर की 2 गाड़ियां और नीला की सुवस से निकले ऑफिसर्स और सिक्योरिटी गार्ड्स ने ढाबा hi खाली करवा दिया था जोह 20-22 लोग और काम वाले थे, बस धब्बे का मालिक खुद चाय और पककोड़े बना के ऊपर पहुंचा दिया.

निचे नीला ने लाला की जेब में 500 की नोटों की 2 गद्दी दाल दी ," तेरा नुक्सान नहीं होने देंगे "....... लाला ने जोह जवाब दिया उससे नीला को भी अच्छा लगा " हमारी माईबाप आयी हैं हमारी चौखट पे पैसे तो कभी न लूंगा मैडम जी चाहे गोली मार दियो ".

गीता का इलाका शुरू हो चूका था बॉर्डर क्रॉस करते hi, बाइक से घूमा, हाथ पेअर तोडना और सबको अपनी जूती के निच्चे रखना उसके जवानी आते hi शोक बन गए थे फिर आदत..... पूरा इलाका और स्टेट में जोह चंडी देवी को जानते थे वह कभी उसे भूल hi नहीं सकते.

रतिदेवी की शेरनी बेटी पे हिम्मत है कोई हाथ दाल के तोह देखे और जिसने डाला उसको गीता ने खाने कमाने लायक न छोड़ा..... दीप्ति के लिए यह पहला अनुभव था ऐसे अकेले घूमे का , अपना दुपट्टा हटा के गीता का हाथ पकड़ के बोली," दीदी अब भी नाराज हो ".

गीता मुस्करा के ," नाराज होती तो चोरी तू मेरी गइल (साथ) क्यों होती, चिल कर तू मेरी छोटी भें है तुझे 7 खून भी माफ़ हैं" ...... है है है है ..... उसके बाल सेहला दी तोह दीप्ति की चिरपचित स्माइल दिखाई दी .....

चाय और पकोड़े के साथ हाईवे के दोनों तरफ लम्बी सफदे (युकलिप्टुस) के ऊँचे पेड़ों की क़तर और दूर दूर तक हरे हरे खेत hi खेत का सुबह का नज़ारा और सूरज उदय का दृश्य बहोत hi सुहावना था...... गीता जहाँ अपने चेत्रे में आके चौड़ी हो गयी थी वहीँ दीप्ति का उत्शा चरम पे था.

आधे घंटे आर्यन और अपनी बातें करते गीता ने कहा," देख ले मैंने पहले hi बोलै था गुल से ुष का पेट नहीं भरेगा हमारे धोरे जरूर आयेग.... वैसे पाते ने दिल खुश कर दिया, आज से तू आर्यन की नहीं मेरी दीप्ति बन गयी hai......hi hi hi ..... आखिर में तुझे भगा जो लायी अपनी गइल ...... है है है है ..... "

दोनों ने hi फाइव (ताली) किया और दीप्ति बोली," में तो बहोत लकी हूँ जोह आप दोनों मुझे इतना प्यार करते हो, फिर आप और में एक hi तोह हैं बस माहि हमारा अंगरक्षक के साथ पति भी होगा".

गीता," हाँ में भी कभी कभी सोचती हूँ में कैसे उसके प्रेम में पद गयी जबकि यह इश्क़ का रोग मेरी समझ से बहार था पर अब लगता है रोग नहीं है यह तोह उपचार जैसा है जितना कर लो उतना hi काम लगता है"..... आँख मार के...... "उसे याद नहीं करते हैं यार नहीं तो छूट गीली हो जाती है ".

दीप्ति भी हैरानी से इधर उधर देखती," दीदी ऐसे मत बोलो कोई सुन लेगा ..... ".

गीता उसके छेड़ते हुए," बीटा में भी सब देख रही थी ऐसे लिपटी थी जैसे खा जाएगी..... बहोत आग है तुझमे. वैसे आज मजा बहोत आया न कोई बोल रहा था बस सब अपने आप हो रहा था...... चल निकलते हैं फ्रेश होना हो तो हो ले ".

दीप्ति भी कड़ी होती हुयी," नहीं अब चलते हैं में गाओं पोंछकर फ्रेश होंगी, रस्ते में मुझसे नहीं होगा ".

गीता ," चल एक घंटा भी नहीं लगेगा, गाओं बाद में जायेंगे तुझे पीली कोठी ले चलती हूँ और दुप्पटा लपेट ले वर्ण तेरा सैयां कहेगा मेरी लाडो की मुँह दिखाई कैसे करवा दी "....... गीता आगे आगे और दीप्ति उसके पीछे भागने लगी सीढ़ियों से दुप्पटा लपेट के......

डब्बे के मालिक को गीता पूछी ," लाला कितने पैसे हुए ?"

लाला भी मुस्करा के बत्तीसी दिखाया," अरे बेतिया तुम्हारा hi धब्बा है ..... यह बिटिया कौन है मैंने पहचाना नहीं ".....

500 का नोट निकल के गीता उसके शीशे के काउंटर पे रखकर दीप्ति की कमर में हाथ दाल के बोली," पहचाना भी मत मेरी नयी लुगाई है लाला नज़र ऊपर मत करियो"..... है है है है है ......

दीप्ति ने उसके कंधे पे मारा तोह जोरसे हसने लगी और लाला तो बस मुँह बंद किये चुप hi हो गया सर झुका के...... चंडी देवी कुछ भी कर सकती है.....

दोनों फिर हार्ले डैविडसन पे गोली की स्पीड पकड़ के निकल ली जैसे सिक्योरिटी अफसर या नीला से कोई मतलब hi न हो....... नीला भी चाय ख़तम कर के लाला के सामने दोनों नोटों की गद्दी रख के बोली," रति मैडम ने भेजे हैं"......

लाला हाथ जोड़कर 2no गद्दी रख लिया, आखिर उसकी मालकिन ने भेंट भेजी थी अब इंकार कैसे करता......

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आर्यन अपने रूम में पोंछा तो गुल फर्श पे एक छोटा सा कालीन बिछाये प्रेयर कर रही थी तो वह भी रूम से बहार आकर अपना मोबाइल निकाल के जग्गू मम्मी को फ़ोन किया की में 12 बजे तक दोपहर में पहुंच जाऊंगा. जग्गू तोह आर्यन से बात करके hi इतनी खुश थी की प्यार जमीन पे नहीं पद रहे थे...... यह बात सुबह नास्ते पे चौधरी नवाब सिंह और Seema-Reena ने भी महसूस की वह हमिंग (मुँह बंद करके) करती गुनगुना रही है.

नवाब सिंह जोह चारपाई पे बैठा नाश्ता कर था पूछ hi लिया ," कहीं जा रही है क्या जोह सुबह सुबह त्यार हो गयी ?"

जग्गू ने बस उसकी प्लेट में 2 माखन से तर रोटी रखते हुए इतना कहा ," आज अपने गाओं जाना है शाम तक आ जाउंगी ".

दोनों भेने थोड़ी दुरी पे दिंनिंग टेबल पे अपना बीएड टोस्ट और दूध पि रही थी तब रीना को कुछ डाउट हुआ दाल में कुछ काला है ," मम्मी में भी चलूँ तेरी गइल ?"

जग्गू ने उसको झिड़क दिया," नहीं कोई जरुरत नहीं..... तुझे कॉलेज नहीं जाना क्या फिर दोपहर या शाम तक में पीर बाबा पे चादर चढ़ा के आ जाउंगी".

नवाब सिंह ने नाश्ता करके नलके पे हाथ धोये और दिंनिंग टेबल पे 5000 रूपये रखकर बोलै," रीना अपनी मम्मी से कह दियो की कार से hi जाये और यह पैसे रख ले चद्दर भी चढ़ा देगी".

जग्गू जोह रसोई से सुन्न रही थी आज सब मेरे hi पीछे पद गए हैं वैसे किसी को मतलब nahi......Usko डर था आर्यन के आने के बारे में इनको साख न जाए.

5 मं बाद बहार आयी तो नवाब सिंह जा चूका था और सीमा बोली ," मम्मी यह पैसे पापा ने दिए हैं चद्दर चढ़ाने के लिए और कार की बोल के गए हैं".

जग्गू ," हाँ हाँ पता है कान हैं मेरे आराम से चली जाउंगी ".

सीमा और रीना समझ नहीं पा रही थी उनकी मम्मी कुछ तो छुपा रही है पर अभी उसको पूछना किसी खिस्यानी बिल्ली की दम पे प्यार रखने जैसा है. दोनों त्यार होकर 8 बजे कॉलेज चली गयी और अब जग्गू फिर से त्यार हुयी जोह साड़ी सब से अच्छी थी वह पहनी और स्पेशल उन्देर्गर्मेन्ट्स भी जोह साउथ अफ्रीका से आर्यन उसके लिए लाया था..... एक डायमंड सेट पहनी तो जल्दी hi उतार दी कहीं कोई लूट hi न ले इंसान की नियत का क्या भरोसा...... फिर बस हल्का फुल्का make-up करके वह 9 बजे अपने फिर एक कार में अपनी लेडी बॉडीगार्ड के साथ निकल गयी...... अब एक काम और उसको करना था की ड्राइवर और बॉडीगार्ड को अपने पीहर के घर छोड़कर छिपकर आर्यन से मिलने जाना था जो अपने घर के पीछे के खेतों से होती हुयी वह आसानी से कर लेगी.

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उधर आर्यन 5 मं बाद रूम में आया तो गुल अभी प्रेयर करके अपना छोटा सा काले सांगवा के रखकर आर्यन को दुआ सलाम की उसने भी वैसे hi जवाब दिया ...... गुल नियम की पक्की थी फिर उसने इण्टरकॉम से 2 चाय आर्डर की और आर्यन के पास बैठकर पूछी ," लगता है ख़ुशी में रात भर नींद नहीं आयी तुझे".

आर्यन भी उसको गले लगा के गाल चूम के बोलै," जब इतनी हसीं बेगम पहलु में हो तो नींद किस कम्भख्त को आणि है...... बस तुम साथ देना में एक महीना न सोएं ".

गुल भी हसकर," मुझे अभी ऊपर नहीं जाना..... रात में एक बार में मेरी हालत ख़राब कर दी अभी भी दर्द है यार और तू 1 महीने की बात कर रहा है ...... वैसे तेरे चेहरे की हसी बता रही है गीता को तू ने मन लिया क्यों ?"

आर्यन भी है दिया," हाँ बड़ी मुश्किल से मानी है..... अभी जा रही है गाओं दीप्ति के साथ बाइक पे माँ के उठने से पहले".

गुल," हाँ उसका कल का ट्रिप मेरी वजह से hi ख़राब हुआ था, चलो अच्छा है उसको घूमने में खुसी मिलती है तोह उसको खुश होने दो"...... गुल ने आर्यन को सीरियस होकर पुछा उसके गले में बाहिएँ डाले," में मुंबई वाली जॉब कर सकती हूँ और ब भी कर लुंगी ".

आर्यन भी उसकी मानसिक सिथि समझते हुआ बोलै," देखा यार माँ तुम्हे अभी 2-3 वीक तो कहीं जाने नहीं देगी उसके बाद ज्वाइन करने का मैं है तो कर लेना पर हम इतनी दूर कैसे रहेंगे ".

गुल हसकर ," हाँ जैसे तू हमेशा मेरे साथ रहता था...... अरे यार तू मुंबई आ जाना या में यहाँ आ जाउंगी ुष में क्या बड़ी बात है. फिर दूर रहने से प्यार बढ़ता है, मेरे ब को भी एडवांटेज रहेगा टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री में काम करते हुए".

आर्यन ," ठीक है बात तुम ने करियर और एजुकेशन की करि है तो में मन नहीं करूँगा मगर मुझसे दूर जाने का कोई बहाना है तो जाने नहीं दूंगा ".

गुल भी खुश होती हुयी," ऐसी बात नहीं है यार..... तेरी फॅमिली का प्यार और अपनापन देखकर मुझे भी यहीं सबके पास रहना है. फिर देख वह Dimple-Payal भी है और नरगिस भाभी भी और अभी मेरी आगे है तो 2-3 साल पढ़कर अपने प्यारों पे खड़ा होना चाहती हूँ. उपरवाले के करम से मुझे किसी बात की कमी है hi नहीं मुझे तो ज्यादा hi मिला है बस खुद को भी काबिल साबित करना चाहती हूँ और तेरा प्यार मुझे आगे hi बढ़ेगा इतना मुझे विश्वास है"...... दोनों तर्क देते रहे 10 मं बाद बेल्ल रिंग हुयी.

गुल ने हिजाब निकाल के अब सर पे चुन्नी ले ली और दूर खोल के माइड को गुडमॉर्निंग बोलकर चाय की ट्रे ले ली..... फिर दोनों ने हसी मजाक करते चाय पि.

गुल की शादी उसके पसंद के लड़के से पहले भी हुयी थी, परिवार और उनकी जिम्मेदारी का पूरा अहसास था. वह आर्यन से ज्यादा मातुरे थी िंह मामलों में थोड़ा self-confidence भी उसका वापस आ रहा था जोह अच्छा सिग्न था....... फिर अपनी मामी और अम्मी से फ़ोन पे बात कर गुल सीधे निचे चली गयी किचन में और ब्रेकफास्ट की जिम्मेदारी संभाली जोह उसके लिए कोई बड़ी बात नहीं थी.

आर्यन एक घंटा सूकर 7 बजे रति के सुईठे में पहुंचा ऊंघता हुआ तोह उसके गाल पे किश करके बीएड पे बगल में लेटकर उससे बच्चे की तरह लिपट गया.....

आर्यन की इनोसेंस भरी स्माइल देखकर रति को भी बहोत प्यार आया अपने लाडले पे उसको चूम के बोली," Geeta-Deepti को भगा hi दिया नयी बीवी मिली तोह ".

आर्यन भी है दिया और कुछ नहीं बोलै, रति ने उसके कान में कहा," तेरा सरप्राइज बाथरूम में वेट कर रहा है धावा बोल दे"...... उसको लगा रति मजाक उदा रही तो बोलै मुझे कहीं नहीं जाना......

रति ने उसके कान पे काटा और बोली," तेरी मम्मीजी को शिमला की बहोत याद आ रही है...... थोड़ी गर्मी बढ़ गयी है उसकी , इंजेक्शन बिना काम नहीं चलने वाला".....

आर्यन भी हसने लगा," फिर मत कहना की मेरी भें के पीछे पड़ा रहता है"...... और आर्यन रति की एक चूची दबा के वाशरूम की तरफ लपका और कोड नंबर दाल के अंदर घुस गया ......

रति भी मुस्करा के उसकी सररत पे हसने लगी...... 40 मं बाद डॉ अंजू बहार आयी आर्यन की गॉड में सिर्फ टॉवल लपेटे हुए तोह सारे जहाँ की खुसी उसके चेहरे पे थी...... रति के पास बीएड पे डॉ अंजू को लिटा के उसने कहा," में किसी काम दिल्ली से बहार जा रहा हूँ Geeta-Deepti को इवनिंग में साथ लेता आऊंगा चॉपर से".

रति भी प्यार से डॉ अंजू के गीले बाल सवारती हुयी आर्यन से पूछी," गुल को तू ने किचन में भेजा है ".

आर्यन कंधे उचका के अपने कपडे समेटे बैडरूम से बहार जाते हुए बोलै," उसको अच्छा लगता है घर के काम करना, करने दो ".

रति ने डॉ अंजू से कहा ," जैसे में रोकती हूँ सबको...... "

डॉ अंजू ने जवाब न दिया तो एक चपत करवट से लेती उसके पिछवाड़े में मारी तो जोरसे चीख पड़ी, रति भी डर गयी ," क्या हुआ चीख क्यों रही ".

डॉ अंजू सीई सीईई अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह करती बोली," एक तोह आर्यन ने पूरा खोल दिया है मुझे तब मेरी चीख नहीं सुनाई दी ..... आप बस एक काम करो मेरे वैनिटी बैग में एक ब्लू कलर की जेल होगी और 2 टेबलेट पेनकिलर की दे दो दीदी ".

रति ने वैसे hi किया फिर दूर लॉक करवा के डॉ अंजू ने जैसे तैसे जेल अपने पिछवाड़े में भरा और फिर छूट पे भी लगा ली. दो गोली खाकर बोली," आप मुझे 2 घंटे सूने दो किसी को मत बताना में कहाँ हूँ".

रति भी हसने लगी," आगे से मैं नहीं भरा पिछवाड़ा तो बचा सकती थी ".....

डॉ अंजू भी दर्द में हसने लगी ," मौका मिलता तब बचती न आपके सपूत से, पूरा उधेड़ दिया बहोत दर्द हो रहा है ...... अह्ह्ह्हह ..... हसन मत दीदी...... "

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गीता पीली कोठी में एंटर की, स्पीड बाइक की काम रखती दीप्ति को बताती भी जा रही थी यहाँ क्या क्या है...... दीप्ति के लिए कोई बड़ी बात नहीं थी उष्ण बहोत बड़े बड़े महल से लेकर एस्टेट पहले भी देखे थे जाने कितनो की वह अकेली वररिस थी पर यह जगह आर्यन और उसके पुरखों से जुडी थी जोह बहोत उसका महत्व रखती थी.

खेत खलिआनो से लेकर बाघ, सरोवर और मैदान घूमने के बाद पीली कोठी की मैं बिल्डिंग पे बाइक आकर रुकी..... काकी और विद्या दीदी के साथ पूरा स्टाफ और मैनेजर हाथ जोड़े खड़े थे..... काकी ने थाली ली हुयी थी हाथ में आगे बढ़कर गीता का ारता कर तिलक लगाई फिर दीप्ति के फुल्ली कवर्ड चेहरे से बस हल्का सा दुप्पटा एएब्रोस से ऊपर की और टिक्के की जगह बिंदी लगा दी ...... दीप्ति ने प्यार चुने चाहे तो काकी पीछे हटकर," हम नुकर के प्यार छूकर पाप मत छदयो बेटी".

दीप्ति ," फिर माजी प्रणाम तो स्वीकार कर hi सकती हैं "...... और हाथ जोड़ने पे आशीर्वाद दी दूधो नहो पुटों फलो.....

गीता भी काकी को दीप्ति को निहारता देखकर हैरान थी पक्का आर्यन या माँ ने बता दिया होगा पर गॉगल्स निचे झुकने से नीली आँखों की एक झलक hi दीप्ति का आर्यन से रिश्ता काकी जोड़ ली ...... मैनेजर ने दोनों को बुकके दिया जोह पीली कोठी के hi रंग बिरंगे फूलों से निर्मित था...... दोनों अंदर गयी तोह दीप्ति देख रही थी बिल्डिंग 2 मंजिला hi थी पर साफ़ सफाई ,अच्छी मेंटेनेंस से प्रकर्ति की गॉड में शांत और मैं हरने वाली जगह थी......

गीता की तरह ड्रेस और शामे हट दोनों एक जैसा hi दिखती थी. आर्यन के रूम तक विद्या दीदी फर्स्ट फ्लोर तक उनको छोड़ गयी ...... जोह अब कक्की से ट्रेनिंग ले रही थी.

दीप्ति पहले फ्रेश हुयी फिर गीता 10 मं बाद कक्की खुद एक बड़े थाल में जलपान और स्नैक्स के साथ मिठाइयां , फ्रूट्स भी लायी थी...... टेबल पे रखकर वह जाने लगी तो गीता ने दूर लॉक करके कक्की का हाथ पकड़ के पूछी ," तू इसे जानती है क्या कक्की सच्च बता किसने खबर की तुझे आर्यन या माँ ने ?"

कक्की ने गीता के हाथ पे हाथ रखकर कहा," किसी की भी कसम खिला ले बेटी, बरसों से तेरा नमक खाया है..... मुझे तोह नीला मैडम से पता चला तुम आयी हो. हाँ ीनता में जरूर कह सकती हूँ यह बहोत ख़ास है न आर्यन बेटे की..... इनकी नीली आंखें मुझे दिख गयी थी चश्मे से "...... फिर इधर उधर देखकर, गीता के कान में पूछी ...... " यह राजकुमारी दीप्ति सिंह जी है न ?"

गीता ने भी मुस्करा के गर्दन हाँ में मिला के कक्की की मोती गांड पे थपकी दी ," जा प्यार छु ले किसी को पता नहीं चलना चाहिए "...... काकी इतनी खुश हुयी सच्च में दीप्ति के प्यार में गिर गयी.

दीप्ति हक्की बक्की रह गयी तोह गीता हसकर ," यह आर्यन की मुँह छड़ी काकी है आशीर्वाद दे दे दीप्ति इश्क भी दिल रह जायेगा"....... और थाल से खीर के कटोरे में ऊँगली घुमा के चाहती तो स्वादिस्ट लगी.

दीप्ति ने काकी को उठाया और अपना दुप्पटा उतरा तोह काकी भी हैरान रह गयी कभी दीप्ति को कभी गीता को देखती hoo-ba ेक्सी सकल थी उसने सुना था पर अब विश्वास हुआ...... गीता एक केला उठा के चील के खाते हुए बोली," इसे कहते हैं जुड़वाँ ..... मेरी कामिनी काकी "..... उसका गाल पकड़ के हिला दी ....

" सदा कुश रहो बेटी भगवन तुम्हारी जोड़ी बनाये रखे, तुम दोनों नास्ता करो ऊपर कोई नहीं आएगा "...... काकी जाने लगी तो दीप्ति ने काकी को रोकर कहा ," एक मं कक्की, आप बहोत अच्छी हैं. में पहली बार आयी हूँ तो मन मत करना" ..... ग्लव्स उतार के राइट हैंड की बिच वाली ऊँगली से अंगूठी उसके सीधे हाथ में रख के मुठी बांध कर di......"aur आगे से मेरे प्यार मत चुना, आप बड़ी हैं और हमारी बुजुर्ग भी ".

काकी मन करती उससे पहले गीता बोली," रख ले काकी इतने प्यार से दे रही है..... बहु समझ के hi रख ले ".

काकी भी दीप्ति का सर पुचकार दी और खुश होती दूर मिला के चली गयी.....

दीप्ति ," में पहले hi समझ गयी थी माहि इनके क्लोज है, उनकी आँखों में खुसी और चमक दिख रही थी ".

गीता भी हसकर," चल कुछ खा ले फिर निकलते हैं अभी गोअन भी जाना है बस वहां तू चुप रहना .....वैसे भी मेरी हमर उठा लेते हैं तो तू भी आराम से घूम सकेगी और किसी को दिखेगी भी नहीं..... और िश काकी से बच के रहिओ माँ की बहोत बड़ी चापलूस है सब खबर यही से बैठे बैठे दिल्ली पहुंचती है. यह दिखने में मामूली लग रही है पर इश्क नेटवर्क बहोत तगड़ा है, गोअन क्या इलाके की कोई भी खबर हो इसे पक्का पता होती है. वैसे वफादार है पर में ज्यादा भरोसा किसी पे नहीं करती".

दीप्ति," वफादारी उनकी आँखों में दिखती है दीदी फिर अलवर में मैंने इतनी दासियाँ और सेवक देखे हैं सेकंडों में पता चल जाता है. आप को भी बहोत मानती है, वैसे उनको छेड़ने में बहोत मजा आता है आपको "..... hi hi hi hi.....

गीता," इनको थोड़ा रॉब दिखाना hi पड़ता है वार्ना सर पे जड़ जाते हैं..... तू कुछ खा नहीं रही है , अच्छा नहीं बना क्या".

दीप्ति ," अभी इतनी भूक नहीं है थोड़ी डिअर यहीं आराम करें ?" ...... गीता ने फ़ोन मिलकर बोल दिया मुझे गाओं के फार्महाउस के ऑफिस पे hi मिलना दोनों..... आज पक्का किसी की सहमत आने वाली थी???

फिर निचे जाकर हिसाब किताब देखि और जोह कमी लगी दांत के उसको ठीक करने का बोली...... गीता पिछले 2 साल से hi यहाँ की देख रेख करती थी. स्टाफ या काकी भी गीता से डरते थे और फिर रति के पास टाइम नहीं होता था और आर्यन अमेरिका चला गया था..... 3-4 टूरिस्ट फॅमिली भी आज रुकी हुयी थी.

गीता को अस ान ओनर मैनेजर ने मिलवाया तो वह भी खुस हुए उससे बातचीत करके..... 1 घंटे बाद ऊपर आयी तो दीप्ति को मुँह खोले सूता देख अलार्म लगा के खुद भी उसको बाँहों में लिए लेट गयी..... दीप्ति पे अपना अधिकार गीता एक बड़ी सगी भें की तरह दिखती थी और अमेरिका से जाने हॉल आकर त्रिदेवी का अवतार इनका पूरा करने वाली थी.

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पुराण जंगल.....

निशांक गुरूजी वापस जब Ani(V) के भेजने पे बड़े गुरूजी के प्रीतिबिम्ब के सामने हाथ जोड़कर काफी समय बैठे रहे.

बड़े गुरूजी ने कई घंटो बाद आँख खोल के कहा," वॉश तुम्हारा मैं अशांत है".

निशांक गुरूजी के प्रीतिबिम्ब में आंसूं न बह रहे थे पर दर्दविदारक शब्दों में बोले," आज वही समय पुणे लौट आया गुरूजी और आर्यन ने फिर से मातये पे प्रहार किया, यदि वरदान की परिधि में न होता तो ऐसा मंजार कोण देखना चाहेगा".

बड़े गुरूजी भी गंभीर स्वर में बोले," इतना दुवेघ और विचूब हम सबने ने भी परीक्षित करना है जब महारायण के अंदर इतना के प्राण डाले थे..... वह समय बस तनिक सी उथल थी, पथल तो ज्यादा त्राश्दी के साथ आएगा. आर्यन इतनी जल्दी संभल जायेगा उसके लिए हम महारानी की भी सराहना करेंगे..... विपत्ति की तो शुरवात hi हुयी वार्ना महार्यं को पुनर जनम कैसे मिलता अगर शैतान सिंह भी पुनर जीवित न होता..... हाँ अब उसके लिए आसान तो न होगा पर आशम्भव नहीं.... रति के साथ आर्यन को भी लड़ने के लिए त्यार करो और लक्ष्मी (मिरदुला) का विश्वास डगमगाना नहीं चाहिए तभी कल्याण होगा ".

इतना बोलकर उन्होंने आंखें बांध की तो हमेशा की तरह निशांक गुरूजी भी अपने मैं को शांत करने लगे और उनको भी लगा की आर्यन पे प्रहार नहीं करना चाहिए था वह तो आवेशित हुआ था किसी अन्य के कारन.

अणि (व्) से मानसिक संपर्क जब हुआ तो बड़े गुरूजी ने बस 'साहस' बोलै.....

नेहा ने पुछा तो अणि ने जवाब दिया की हमको hi आर्यन को प्रोटेक्ट करना ुष से दूर रहकर.... एक काम करना कोई भी उसके मानसिक संकेत में नहीं रहेगी और अपनी शक्तियों का उपयोग नहीं करना. अभी कुछ दिन शैतान सिंह अचेत रहेगा क्यूंकि मैंने उसका संपर्क तोड़ के ज्यादा हानि दी है...... नेहा सबको खोजो बचपन से जोह भी आजतक आर्यन के संपर्क में आयी हो और शक्तियां रखती हो, उनको हमने सुरक्षित रखना होगा.

नेहा अपने काम पे लग गयी अपनी परछाई को भेज के और इधर अणि (व्) के साथ फंक्शन के लिए रेडी होने लगी थी...... शैतान सिंह बस रोका जा सकता था पर ताला नहीं....... ?????

तो बे कॉन्टिनोएड......

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अपडेट 39

पारर-2© (चंडी Devi+Chandi देवी)

आर्यन रति के सुईठे से निकल के जब रॉयल सुईठे के सामने पहुंचा तो 2 दासियों ने उसको सुप्रभात बोलकर दूर खोल दिया उसके कहने पे. जमुना अभी भी नाईट फंक्शन वाली ड्रेस में सोफे पे ड्राइंग हॉल में सोई थी. आर्यन भी हैरान होकर अब बैडरूम का दूर धीरे से नॉक किया पर वह बस मिला हुआ था लॉक नहीं. आगे बढ़कर उसने रानी संगीता को भी ऐसे hi ड्रेस में सोया देखा तो समझ गया जोह सौतन आज तक नहीं लड़ी कल रात लड़ाई कर ली.

रॉयल सुईठे के बहार आकर दोनों दासियों से दीप्ति की कसम देकर सब उगलवा लिया, फिर दोनों को निचे किचन में हेल्प करने का बोलकर भेज दिया. अब दूर लॉक करके पहले नींद में जमुना को एक हाथ घुंटनो और दोसरा गर्दन के निचे दाल के उठा लिया. वह बिचारि तो नींद और दर्द की टेबलेट लेकर सूई थी जोह अभी तक नींद की खुमारी में थी. बैडरूम में जाकर संगीता के साथ बीएड पे लिटा दिया और एक एक पर्ची संगीता, जमुना की चोली में पेन से लिखकर दाल गया.

ब्रेकफास्ट टेबल पे कविता मामी, बबिता और सारू hi थी...... तीनो को गुड मॉर्निंग विश करके गाल पे चूम के बोलै," कोई उठा नहीं है अभी तक क्या?"

सारू मजाक में," हाँ तू hi जैसे सबसे पहले उठा है क्या? तेरी बेगम सुबह 6 बजे किचन में घुस गयी और जाने क्या खिचड़ी पका रही है 8 बजने वाले है किसी को अंदर नहीं आने दे रही है. बिना गार्ड बानी हुयी है ऐसा क्या पका रही है? देख हम नॉनवेज खाते नहीं है और बबिता तो पंडित है".

आर्यन कुछ बोलता उससे पहले गुल एक किचन एप्रन में बहार आयी ," गुड मॉर्निंग मम्मी, मामी जी और बबिता जी. गुड मॉर्निंग आर्यन "...... उसके हाथ में ट्रे थी सबके ले लिए गरमा गरम चाय के कप रखे हुए थे.

सबको चाय दी और बोली ," मम्मी मॉर्निंग में ब्रेकफास्ट हेअल्थी और वेअल्थी होना चाहिए बस एग से ज्यादा मैंने कुछ नहीं बनाया है. आप चाय लीजिए फिर ब्रेकफास्ट टेबल पे लग जायेगा. सुनो जी आप सबको इण्टरकॉम से बुला लेंगे प्लीज".

गुल तो चली गयी वापस किचन में पर सबको हैरान कर गयी अपनी सरल बातों से. आर्यन ने मुस्करा के कहा," में कॉल करता हूँ आप चाय का लुफ्त लीजिए".

तीनो औरतें अब कुछ नहीं बोल रही थी और बिना भी अपनी चाय लेकर बहार दिंनिंग टेबल पे बेथ गयी. आर्यन ने इण्टरकॉम से चाय पीते सोफे पे बैठकर साइड टेबल से बारी बारी से कॉल लगा दिए, ब्रेकफास्ट रेडी है वार्ना गुल बुरा मान जाएगी. सारू और तीनो ने चाय पि थी तो अलग hi टास्ते आया जोह सबसे अलग था. सब तारीफ करने लगी बहोत अच्छी चाय बनती है.

आर्यन चाय पीकर वापस कॉल मिला के दिंनिंग टेबल पे बेथ गया.... " में इश्के हाथ की चाय मिस करता था. हाँ ब्रेकफास्ट उससे भी अच्छा बनती है बस त्यार रहो".

सारू खुश होकर बोली," पहले दिन hi काम करवाने लगा, मुझे तो तेरी दादी ने एक हफ्ते बाद किचन में घुसने दिया था. वैसे चाय बहोत टेस्टी है एक कप और मिलेगी क्या ?"

गुल अब बहार किचन एप्रन निकल के आयी और बोली," मम्मी जी आप चाय अब ब्रेकफास्ट के बाद पीना मैंने एक्स्ट्रा बनायीं है. हाँ यह सब टेबल पे रख दो"...... अब एक एक डिशेस और आइटम्स दिंनिंग टेबल पे गुल की देखरेख में 2 मैड्स और दीप्ति की 2 दासियाँ सजाने लगी.....

ब्रेकफास्ट क्या पूरा राजभोग था, 40 से ज्यादा आइटम्स हर तरह के साउथ इंडियन ब्रेकफास्ट से लेकर हेअल्थी जइसेस, टिपिकल chola-pori, आलू पराठा , रोटी , चीला , डोसा , ब्रेड ोमेलेट्स से लेकर इडली, पोहा, उपमा, 3 तरह के जइसेस, कॉफ़ी, टिया ..... ेट्स ेट्स था.

आधे घंटे में जब डॉ अंजू भी सबके पीछे लड़खड़ती हुयी लिफ्ट से आयी तोह आर्यन उनको गॉड में उठा के चेयर पे बिठा दिया..... गुल सबको सर्वे करने लगी, मीणा और बच्चे आर्यन की प्लेट में खा रहे थे. गुल ने दूसरी प्लेट के लिए पुछा तोह आर्यन ने मन कर दिया. लास्ट में आर्यन ने गुल को अपने पास बिठा के साथ में खाया.

रति ने सबसे पहले एक डायमंड ब्रेसलेट गुल को गिफ्ट दिया फिर डॉ अंजू ने एक प्लैटिनम एअर रिंग..... सबने ब्रेकफास्ट की तारीफों के पल बाण दिए. कविता मामी और बबिता भी बहोत खुश हुयी की एक तोह हमारी मदद करने वाली हुयी..... जोह उन्होंने मजाक में खा था.

गुल का पहला दिन रति के परिवार में हसी खुसी शुरू हुआ. रानी संगीता भी अब खुल के तारीफें कर रही थी और अपने गले में पहना हार उन्होंने गुल को पहना दिया जोह मन करने लगी पर रति ने कहा की प्यार से दे रही है मन मत करो बेटी. रानी मिरदुला जी और लीला स्पेशल गिफ्ट पैक्स लेकर आयी थी उनके अंदर ज्वेल्लेरी सेट था.

ठकुरियन रूपा और सुचित्रा ने भी ज्वेल्लेरी hi दी और सारू ने एक वृस्त वाच. गुल ने वाच चूम के कहा," यह मेरे लिए अनमोल तूफ़ा है कभी हाथ से नहीं उतरूंगी ".

9:30 बजे आर्यन रेडी होकर गुल को बोलकर निकल गया की रात तक आ जायेगा. पर रात तक क्या होने वाला था उसको भी पता नहीं था????

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गीता और दीप्ति काकी से विदा लेकर पीली कोठी से 10 बजे बाइक से निकल गए. एक घंटे बाद जब पूरे दाल बल के साथ गीता पहुंची तोह गोअन के फार्महाउस पे 2 सिक्योरिटी अफसर की गाड़ियां और सिक्योरिटी पहले hi कड़ी थी. पोर्च में बाइक लगा वह दीप्ति के साथ फार्महाउस के ऑफिस में पहुंची तोह भीमा काका उसके चरण छु लिए और महापंचायत के बड़े काका थोड़े घबरा रहे थे. सादे 6फट के पहलवान और अधेड़ उम्र के व्यक्ति को गीता के चरण चूना दीप्ति को अजीब लगा पर हद तो तब हो गयी जब गमछे से उसके बूट साफ़ करके हाथ जोड़कर खड़ा हो गया.

गीता कड़क आवाज में," में एक बार भीमा से बात कर लूँ तब तुम्हारी सुनोगी काका". वह सर झुका के चले गए, गीता ने चेयर पे बैठकर और दीप्ति को अपनी साइड चेयर पे बैठने का इशारा किया.

दरवाजा बंद करके गीता बोलने को हुयी उसका सेलफोन बज गया," है है है है ...... तेरी बहोत उम्र है तुझे hi याद कर रही थी..... बस अभी पहुंचे हैं...... ठीक है हवेली hi जा रही हूँ...... "

गीता ," हाँ भीमा काका बोलो क्या खबर है ?"

भीमा ने रट्टू टूटे की तरह सब बक दिया 5 मं में..... " मालकिन हुकुम कीजिए जमीन के अंदर ऐसे गढ़वा दूंगा कहीं दूर दूर तक सूबा न होगा ".

गीता चेयर से कड़ी होकर बोली," बात रुतबे की है काका और चंडी देवी का खौफ रहना चाहिए. आर्यन को में समझा दूंगी. देखें चूजों के कितने पर निकल आये हैं जोह दड़बे में नहीं समां रहे".

भीमा ने हाथ जोड़कर कहा ," क्या में अपनी दूसरी मालकिन के प्यार छु सकता हूँ मालकिन ".

गीता मुस्करा के ," दिल जीत लिया काका और भीमा तुम बहार के लोगो के लिए होंगे में काका और तुम बेटी कहकर पुकारोगे. हाँ मिल लो प्यार तोह यह आर्यन को भी अभी नहीं छूने देती "..... है है है है.....

भीमा सर झुका के मुस्करा भर दिया और दीप्ति बस किलास के रह गयी.

" नाम तोह तुम जान hi गयी हो राजकुमारी दीप्ति और यह हैं मेरे नानाजी चौधरी माधव सिंह के वफादार. माँ और आर्यन के विश्वासपात्र और मेरे सच्चे खलासी. काका से परदे की जरुरत नहीं है".

दीप्ति भी दुपटा हटाई तो भीमा भी दोनों के चेहरे देखकर अचंभित रह गया और झट से घुटनो के बल बैठकर दीप्ति और गीता के सामने सर धरती पे लगा दिया ," जय भोलेनाथ , गंगा मैया की जय. आप दोनों ने मुझे दर्शन देकर मुझ अभागे को धन कर दिया. आशीर्वाद दो बेटी हम दोनों के खलासी बने".

दीप्ति आगे बढ़ी तो गीता ने हाथ पकड़ के मन किया और पहले गीता ने प्यार आगे बढ़ए फिर दीप्ति ने और दोनों के बूट में सर रखकर वह रूट हुआ भी खुश हुआ.

दीप्ति ने दुपटा चेहरे पे बंधा और दोनों ऑफिस से बहार निकली तोह मुखिया काका को वेट करते पाया..... गीता," में हवेली जा रही हूँ तुम्हारी खबर की कीमत मिल जाएगी और अभी तुम भीमा के साथ चुस्कियां लो. भीमा के हवाले अपना फ़ोन कर do,aaj हाथ में बहोत खुजली हो रही है मेरे"..... गीता हाथ खुजा के निकल गयी दीप्ति को लिए.

भीमा," ला काका फ़ोन दे दे और चल गाडी में बेथ चुस्कियां बाद में लेना अभी हवेली चल पहले "...... काका ने सेलफोन दे दिया और भीमा से कुछ न पुछा. गीता का इतना डर था और भीमा जैसे उसके आगे सर झुका दिया था अब उनकी मुंडी भी कभी भी काट जाती. बेवकूफी में चंडी देवी को कॉल लगा दिया था, यह बात ुष्पर hi भारी पड़ने लगी थी. आर्यन और रति hi ठीक थे क्यों उन्होंने गीता को खबर की यह सवाल खुद से hi पूछ रहे थे.

गाडी में बेथ कर भीमा भी हवेली चल दिया काका को लिए Geeta-Deepti की सिक्योरिटी अब बढ़ती जा रही थी. 4 सिक्योरिटी अफसर की गाड़यां भी हवेली में पहले से मजूद थी. प्रोटोकॉल के मुताबिक राजकुमारी की खबर लीक नहीं हुयी थी बस उनके चुनिंदा अफसर के पास थी. बस एक विप आ रहा है एक ब्लैक कलर की बाइक पे, और दोनों रस्ते में इतनी स्पीड से निकली कहीं भी दोनों हट और बिल्ट की वजह से लड़कियां नहीं लगी. जब पता चला तोह दोनों हवेली के बेसमेंट में पार्क करके अब अंदर थी.

भीमा ने अपनी बीवी को बता दिया था की गीता मालकिन आ रही है आज सुबह. कांटा काकी ( भीमा की वाइफ) ने ारता किया और सुखिया काकी के गीता ने प्यार छूकर आशीर्वाद लिया तोह दीप्ति ने भी प्यार छूए. फिर देवकी और कुंती से गले लगकर आशीष ली आखिर आर्यन की सबसे पहली बीवी बनेगी.

देवकी," बीत्या अब तोह दुप्पटा उतर दे कितनी सूनी है में भी जणू"..... है है है है है..... दीप्ति ाशमझास में थी तोह कुंती बोली," हम दोनों आर्यन की पहली गर्लफ्रेंड हैं और वह बता चूका है की राजकुमारी जी पधार रही है "...... hi hi hi hi hi ......

दीप्ति भी अब बस हो गया जब इतने लोग जान गए हैं तोह सब जान लो क्यों उपहास उड़वा रहे हो. दीप्ति ने दुप्पटा खोला और दोनों के प्यार छूने लगी तो दोनों ने उसकी खोली भर ली आगे बढ़कर....... दोनों की आँखों में आंसूं थे और वही हाल सुखिया काकी और भीमा की वाइफ का था..... चरों रूट रूट गीता और दीप्ति को बारी बारी देखते. सुखिया काकी ने गीता को पहली बार गले मैं से लगया जोह हमेशा नीच जाती की chi-pon करती थी...... बुद्धियाँ रू रू के सांग hi कर दी तो गीता और दीप्ति ने चुप करवाई.

Devaki-Kunti तोह दीप्ति को अपने बिच में बिठा ली और उसके बाल गाल और माथे को छु छु के देख रही थी. गीता ," मौसी (रिश्ते से वह दोनों उसकी मौसी दीदी की ननद की सास थी) यह माँ की नहीं बानी है जोह पिघल जाएगी...... hi hi hi hi ..... साक्षात राजकुमारी है इश्के पीछे 10 सिक्योरिटी अफसर की गाड़ियां और सिक्योरिटी आयी है, कहीं कोई गोली न मार दे चुने पे संभल के रहियो दोनों ".

देवकी तुनक के," तू तोह है hi नाशपती कॅरिअल लुगाई, बस मुँह फड़वा लो..... हमारी असली बहु तोह यह बनेगी ".

कुंती ने बात जोड़कर कहा ," बेटी तू इश्के साथ मत रहा कर यह तुझे बिगाड़ देगी. कितनी सूनी है मेरी उम्र भी तुझे लग जाये".

गीता ," है है है है ..... मौसी तुम्हारा बुलावा तोह 6 साल पहले आ गया था अब रोटी बनवा के hi मानोगी( 13व्ही की दावत). यह मेरी सुखिया काकी hi है जोह मुझे प्यार करती है ..... मेरी प्यारी सासु माँ "...... गीता ने सुखिया काकी का गाल चूम लिया.

गीता का मौसी का रिश्ता था Devaki-Kunti से तो उनको छेड़ती थी पर दोनों उसको भी बहोत पसंद करती थी, आखिर बचपन से बोलता था आर्यन की में चंदा रानी से शादी करूँगा. भीमा की वाइफ उनका खाने लगाने लगी तोह दोनों खुद सबका खाना टेबल पे लगा के Geeta-Deepti ने चरों को खिलाया फिर दोनों खुद खायी. दीप्ति जैसे जैसे आर्यन के परिवार वाले जोह गाओं में थे उनसे मिल रही थी तोह एक अपर hi खुसी मिल रही थी. हाँ एक झलक सब में देख रही थी की वह आर्यन से बहोत प्यार करते हैं फिर मेरा माहि तोह कितना अच्छा है. आज हवेली के अंदर सिर्फ 4 भुड़ियों का राज था किसी को भी अंदर आने की मनाही थी. आर्यन ने गीता को फ़ोन कर दिया था की दोनों दादी दीप्ति से मिलना चाहती हैं जल्दी हवेली पहुंच और किसी को आने नहीं देगी.

दीप्ति ने कुरता सलवार चेंज कर लिया लिए और गीता अपनी मर्दानी ड्रेस शर्ट और जीन्स में . नीला को दो अपने अपने बैग गीता ने दिए थे और हिदायत दी थी मुझसे 1कम दूर रहना.

सुखिया काकी ," दोनों देवी मैया का रूप हैं, एक काली मैया जोह तांडव hi करती है और दूसरी भोली मैया जोह सब जगह खुसियां और आशीर्वाद hi बाँट टी है. जय हो माता रानी की जोह हम सबको आपकी यह लीला देखने को मिली"..... उन्होंने हाथ जोड़े तोह तीनो ने भी जोड़कर माता रानी का स्मरण किया.

कांटा काकी ," हमारे आर्यन बीटा के भाग खुल गए जोह अब राजकुमारी से विवाह करेगा ".

दीप्ति झट से बोली," नहीं काकी ये सच्च नहीं है, में तोह एक श्रापित राजकुमारी थी जिहोने ने मेरे प्राण बचाये और आज में आपके सामने जीवट हूँ. ुष समय गीता दीदी और आर्यन न होते तोह में जीवट न होती, उनका यह अहसान में अपना जीवन देकर भी नहीं चूका सकती"..... और दीप्ति की आँखों में आंसूं आ गए.

गीता कड़ी होकर दीप्ति को गले लगा के बोली," अरे काकी यह सेंटी हो जाती है जल्दी यानी भावुक हो जाती है..... मत रो मेरा बच्चा, तू तोह मेरा सबसे अच्छा बच्चा है "...... गीता उसके आंसूं पहुंच के पुचकारती चूम रही थी. बाकी चरों भी िश भावुक पल में अपनी आखें पहुंच रही थी की इतना प्रेम कहीं एक रूप से दूसरा रूप करता है?

देवकी," रुला दिया न मेरी बच्चियों को, ऐसा समय किसी को न दिखाए प्रभु और काँटा यह जुड़वाँ जैसी हैं एक को दर्द होगा दुषरे को ढुकेगा. चलो बेटी अब मैं तोह नहीं कर रहा है की तुमसे जुड़ा होने का पर आर्यन ने बस आधा घंटा बोलै था अब 2 बज रहे हैं. आराम करो आर्यन के रूम में तुमको अच्छा लगेगा ".

काँटा भी बिचारि माफ़ी मांगने लगी तोह दीप्ति आगे बढ़कर उनके गले लगकर बोली," आप बड़ी है बस आशीर्वाद के लिए हाथ हम पे बनाये रखे, हाथ जोड़कर बस पाप के भागी न बनाये माजी ".

काँटा भी दीप्ति को खूब आशीष दी.... उनका तोह जीवन सफल हो गया राजकुमारी के गले लगकर. आर्यन तो उनका छोटा राजकुमार hi था जोह सरला और रघु का जीवन स्वर्ण दिया. आर्यन के अमेरिका जाने से काँटा के बच्चे और घर बर्बाद हो गए थे. आर्यन वापस आया तोह काँटा के लिए सुबह सन्देश लाया.

रघु को जेल से छुड़वाया, उसकी बीवी फिर पूता- पूर्ति के साथ वापस आ गयी और सरला के ठाट बाँट बना दिए और वह इलेक्शन लड़ने वाली है. आर्यन देवदूत बनकर आया था बस उसके पति को नयी रखीअल मिल गयी थी पर फिर भी वह बहोत खुस थी. गीता, दीप्ति को आर्यन के रूम में ले गयी.

कुंती," गीता कभी इतना प्यार किसी को नहीं करती जैसे आज राजकुमारी की आँखों में आंसूं देखर रूई थी. चंडी देवी को भी कोई दुःख दे सकता है और वह है गीता की दीप्ति. आर्यन ने प्यार hi बांटा है जोह यह राजकुमारी िश चौधरी माधव सिंह की हवेली की शान बनेगी".

सुखिया काकी ,"छोटे मुँह बड़ी बात माजी पर गीता ने ुष छोटे बच्चे आर्यन को मजबूत बांया है जोह ुष से तीन साल छोटा था. जब तोह चड्डी भी ढंग से पहनता नहीं था और बोलता था चंदा रानी से hi में शादी करूँगा. वह प्यार और विश्वास hi चंदा रानी के लिए उसको जीतना सिखाया और अब हमारी आँखों के सामने है की गीता बेटी आज अपनी हंसकाल सौतन से प्यार hi नहीं करती बल्कि जान लड़ा सकती है ".

देवकी आँख मार के जोश में," सुखिया अभी तू ने आर्यन का पागलपन देखा नहीं है जब प्यार करे टूट के और जब छू...... "...... खुलल खुलल..... खांसी कुंती ने दिला दी थी पर काँटा पानी लेने गयी और सुखिया काकी को गीता ने बुला लिया था आर्यन के रूम में.

कुंती ," दीदी मारवोगी आप, हम दोनों हंसकाल नहीं हैं पर सौत होकर भी भेने हैं और आर्यन का प्यार hi हमें जोड़ता है..... बस चुप रहो में बात संभालती हूँ.

मीणा की लिस्ट में जब आर्यन के जन्मदिन में यह दोनों भुड़िया भी पहुंचेगी तब क्या होगा ??????

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दिल्ली

आर्यन जब ऑडी कार लेकर फार्महाउस से निकला तोह उसके साथ रानी संगीता भी थी जोह छिपकर आर्यन के साथ आयी थी. हुआ यह आर्यन ने दोनों की चोली में चित एक लाइन लिखकर छुपाई थी, इण्टरकॉम पे गुल के ब्रेकफास्ट इनविटेशन से दोनों की नींद अधूरी खुली पर दोनों एक hi बीएड पे थी. संगीता ने दूसरी बार रिंग होते इण्टरकॉम को उठाया ," अपनी चोली में चित चेक करो और ब्रेकफास्ट पे 10 मं में आयो. फ़ोन जमुना को दो ".

आर्यन इतनी रॉब में बात कर रहा था तोह जमुना से नाराज होकर भी बोल दी ," तेरा फ़ोन ".

जमुना भी नींद की खुमारी में अभी भी एहि सोच रही थी की में यहाँ कब आयी. कॉल अटेंड करते hi उसका नींद की गोली का नशा काफूर हो गया," जमुना अपनी चोली में चित पढ़ो और 10 मं में रेडी होकर ब्रेकफास्ट टेबल पे मिलो"..... यह आदेश था आर्यन की रोबदार आवाज में जोह कभी उसके पति राजा त्रिभुवन सिंह ने नहीं कहा ....... कॉल कट हो गया.

संगीता बाथरूम में अपनी चोली और ब्रा खोली तोह 5क्ष50 मम की चित की बजाये पतंग की छिपी जैसी थी..... "पार्किंग में मिलो जमुना मदद करेगी"..... संगीता अपने राजशाही कपडे खोल के नहीं और दूसरी शाही ड्रेस पहनकर रेडी हो गयी पर जमुना का नाम खटक रहा था.

जमुना भी ड्राइंग हॉल के बाथरूम में जब कल आर्यन के रूम से गुप्त दरवाजे से बहार निकली फिर एक रूम के बाथरूम में वही रॉयल सुईठे के दुसरे बाथरूम का दूर था जोह दूसरी तरफ ड्राइंग हॉल में खुलता था. वह अंदर से दूर नहीं पूरा मिरर था बाथरूम के अंदर से. चित देखि चोली और ब्रा खोल के तोह लेफ्ट चूची पे चिपकी thi......"Parking में मिलो जमुना मदद करेगी"....... जमुना की बत्ती जाली और आर्यन की दाद और डेरिंग देखकर सब समझ गयी.

आर्यन ने उसकी दासियों को भेज दिया होगा फिर मुझे दीदी के पास बीएड पे लिटा दिया होगा और दोनों की चूचियों पे चित चिपकाया है थूक से. अब दीदी को पेलने के चक्कर में है, जोह भी हो दिमाग का धनि है मेरा दामाद. दीदी की हेल्प करती हूँ पर इतनी आसानी से मानेगी नहीं कुछ दिमाग़ लगाना पड़ेगा. जिओ मेरे लाल दिल खुश कर दिया, अब नखरे करेंगी पर आर्यन की तड़प उनको कमजोर कर देगी.

जमुना भी फटा पहात नहायी और जब बैडरूम में ड्रेस चेंज करने पहुंची तोह संगीता तोह चित का सोच के बावली हो गयी थी..... जमुना का हाथ पकड़ के बीएड पे बिठाया और बैडरूम का दूर लॉक कर दी.

संगीता डर के साथ," आर्यन ने मुझे बुलाया है पार्किंग में तू मेरी मदद कर किसी को पता न चले"...... वह एक hi सांस में बोल दी तब जमुना सोची 'खुदा पहाड़ और निकली चुहिया'......

जमुना थोड़े सोचते हुए बोली," थोड़ा मुश्किल है पर रिस्की बहोत है. में भी त्यार होती हूँ पर kaise,yeh सब किसी को पता न चले".

संगीता बेचैनी से," अरे सोच न जल्दी, कितने प्यार से आर्यन ने मुझे बुलाया है, आखिर एक बार भी में उसकी हसरत न पूरी कर सकूँ धिकार है मेरी रानी होने पे. तू जल्दी सोच में टॉयलेट करके आती हूँ ".

जमुना तोह मैं hi मैं हसने लगी, बेचारी दीदी कल मुझे लेक्चर सुना रही थी और अब प्रेम दीवानी हो गयी हैं आर्यन की. पक्का छूट गीली हो गयी होगी और चित पे भी शामे लिखा होगा. अह्हह्ह्ह्ह दर्द नहीं होता तोह दुबारा लेती पर दूसरी किस्त मिल गयी है, इतना लालची होना ठीक नहीं पर क्या करूँ यह भी असून रू रही है.

संगीता ने बाथरूम का दूर खोला और जमुना को अपनी बुर कपड़ों के ऊपर से खुजाते देखा. एक बार तोह गुस्सा होने लगी पर एहि सोच के रुक गयी की जमुना hi सही युक्ति बना सकती है..... उसको कंधे से हिलाकर पूछी ," क्या करूँ अब?"

जमुना भी संभल गयी और अपने कपडे बदलते हुए बोली," बस आप रिलैक्स रहो वार्ना आपकी बेचैनी देखकर चोरी पकड़ी जाएगी. ऐसा फील करो की आप सबसे ज्यादा खुश हो और गुल को अच्छा गिफ्ट देना ब्रेकफास्ट पे. हाँ एक और बात बिना वह रति जी की असिस्टेंट आपकी मदद करेगी या फिर मीणा ".

संगीता झुंझला के," देख बस तुझे मेरी मदद करनी है और ऐसे किसी को पता न चला बस".

जमुना make-up करती हुयी ," मुझे क्या मिलेगा ?"

संगीता हैरानी से," तुझे तोह आर्यन का प्यार कल hi मिल गया अब क्या चाहिए".

जमुना कड़ी होकर ," क्यों मुझे आपका प्यार नहीं चाहिए, आप का आशीर्वाद hi मेरी पूंजी है ".

सू संहार की एक लुहार की ...... संगीता अपनी छोटी सौतन के गले लग गयी ," में बस कितनी गलत थी, तुजसे hi जल रही थी ".

जमुना हसकर ," प्रेमी आर्यन जैसा हो तोह कोई भी जलेगा. आप को आर्यन को सौपना मेरी जिम्मेवारी बस आपके पिछवाड़े का रसिया है पक्का ढोल बजा देगा ".

संगीता शर्मा के," पीछे से अभी न देखने दूँ, एक बार माँ बन जॉन तब जरूर सोचेंगे ".

जमुना," हम सब भी कितने लोभी हैं दीदी बस आर्यन से बच्चे की ाश में है. क्या होगा जब हम सबके बच्चे हो जायेंगे तब भी हम आर्यन की इतनी कदर करेंगे ".

संगीता ," औरो का पता नहीं बस मेरी नज़र में हमेशा सम्मान और प्यार रहेगा. दीप्ति से पूर्ण मिलान गीता के विवाह के बाद होगा ऐसा दीप्ति बता रही थी और यह भी कड़वा सच्च है में अपनी बेटी का पति उसके पास hi रहने दूंगी. कभी कभी हम स्वर्ती हो जाते है ".

जमुना ," चलो दीदी बहाना मिल गया, बस खुस दिखाना है और गुल को अच्छा गिफ्ट देना बल्कि अपने गले का हार hi पहना देना ".

जमुना ने ब्रेकफास्ट के बाद संगीता का ऐसा काया कल्प किया की कोई उसको पहचान न सके और वह आसानी से आर्यन की कार में पहुंच जाए.

रानी संगीता सिंह .... आगे 43 यरस , फिग 36-30-36 , हट 5' 6" फट , रंग गोरा , सूंदर और भोली भाली .

आर्यन की ऑडी सुव कार में फार्महाउस से 2 कम दूर आने पे कार रोकी और संगीता को आगे की सीट पे बुला लिया. संगीता का दिल बहोत जोरों से धड़क रहा था जैसे 'चोर की दादी में तिनका'. कॉटन वाइट शर्ट में बड़ी बड़ी चूचियां और ग्रे पंत में बहार को निकली गांड ,डार्क गॉगल्स और गोल्फ कैप पहने वह पहचान में नहीं आ रही थी बल्कि सेक्स बम लग रही थी. जमुना ने एक वैनिटी बैग में उनकी 2 ड्रेसेस और जरुरत का एक्स्ट्रा सामान भी दाल दिया. आर्यन से बात करके फ़ोन पे जमुना ने उसको कार तक सब से छुपा के बेसमेंट पार्किंग में पहुंचा दिया, आर्यन ने उन्होंने पिछले दरवाजे से कार में छुपा लिया था.

आर्यन ने पानी की बोतल उनकी तरफ बधाई तो आधा बोतल पीकर भी चैन न आया. आर्यन बोलै रिलैक्स माजी टॉयलेट ज्यादा आएगा और हम बहोत लॉन्ग राइड पे जाने वाले हैं. संगीता भी बोतल का ढक्कन लगा के पूछी ," कहाँ जा रहे हैं".

आर्यन मुस्करा के बोलै," लॉन्ग ड्राइव पे मेरे गाओं घुमाकर लाता हूँ ".

संगीता घबरा कर," किसी को पता नहीं है में तुम्हारे साथ हूँ, इतनी डिअर तक गायब नहीं हो सकती सबको पता चल जायेगा".

आर्यन ने उसकी सीटबेल्ट लगा के उसको सारा प्लान समझाया तो वह भी खुस होकर उसके गाल पे किश कर दी. दिल्ली बॉर्डर पार करके अब संगीता भी थोड़ी रिलैक्स होकर बेथ गयी आर्यन के कहने पे सीटबेल्ट खोल कर. आज मॉडर्न ड्रेस में वह अपनी आगे से 15 साल काम hi लग रही थी. आर्यन ने गाने बजा दिए तो उसके कंधे पर सर रख ली. अपनी मजबूत लेफ्ट हैंड से उसको उसकी सीट से उठाकर अपनी गॉड में बिठा लिया. संगीता तो जैसे शर्म से गड़े जा रही थी, आर्यन ने उसका गाल चूम के कहा," रिलैक्स रहो अब हम को कोई नहीं देख सकता, विंडोज स्क्रीन टिंटेड कर दी हैं"...... उसकी गुदाज चूतड़ का स्पर्श आर्यन को अपने लुंड पे हुआ तो वह भी सर उठाने लगा.

संगीता भी अनजान नहीं थी, बाप रे यह तोह खड़ा हो गया ," बस ऐसे में किसी के साथ आयी नहीं हूँ वह भी आज तक अकेले. बस थोड़ी सी घबराहट हो रही है, वहां पे किसी ने देख लिया तोह फिर तुम्हारी जग्गू मम्मी ने सबको बता दिया तोह क्या होगा ?"

आर्यन ने उसका चेहरा अपनी तरफ करके लबों को चूम के कहा," िश पल में जी कर देखो तो यह साथ बहोत सुहावना लगेगा और िंह लम्हों की यादें हमेशा दिलो में रहेगी. एहि समझ लो की हम अस girlfriend-boyfriend हैं बस ट्रिप पे जा रहे हैं और अच्छी अच्छी मस्तियाँ करेंगे. आप को कोई जानता नहीं है और में भी पब्लिक की नज़र में आप के साथ नहीं आऊंगा".

आर्यन एक हाथ से स्टीयरिंग संभालता अब संगीता का चेहरा सेहला रहा था, उसके हाथ की ऊँगली राइट कान को हल्का हल्का स्पर्श करती बाँहों के रोयें कड़ी कर रही थी. दोनों हाथों में आर्यन का हाथ को पकड़ के अपने सर उलटे कंधे से चिपका के कान छुपा ली तोह आर्यन ने अपनी जीभ से उसका राइट कान जोह खुला रह गया वह चूम के हल्का सा पिन्ना चाट लिया. सरीर में बिजली सी दौड़ गयी और पूरे सरीर के रोयें खड़े हो गए. "सीईईई ारयणणणण एक्सीडेंट हो जायेगा ऐसे मत करो प्लीज". पहले से hi चूतड़ पे मोटा बांस की सकती उसको परेशां कर रही थी और आर्यन की छेद चढ़ कामो विहाल.

आर्यन कहाँ मान ने वाला था उनको छेद छेद के गरम करने लगा और अब वह उसकी लेफ्ट झंघों पे अपना पिछवाड़ा टिकाये उसके सीने से साइड के पोस्चर में लिपटी हुयी थी. आर्यन एक डार्क ब्लू t-shirt और डेनिम की लाइट खाकी पेण्ट पहना था , डार्क गॉगल्स में डैशिंग लग रहा था.

संगीता ने उचक के उसकी गर्दन पे किश किया तो अब घुटने मोड़कर उसकी गॉड में सही पोस्टिव में गाल चूमने लगी 2 सेक् किश करती 5 सेक् भर को देखती की एक्सीडेंट नहीं हो जाये. जबकि अब हाईवे पे 120कम की स्पीड पे दौड़ती कार में क्या हो रहा है नज़र hi नहीं आ रहा था.

संगीता के मस्त गोल आकर के पिछवाड़े पे आर्यन ने हाथ फिरा के उसका लेफ्ट बूम दबा दिया तोह चिहुँक के आंखें बड़ी बड़ी की फिर दूसरा बूम भी दबा दिया..... "मस्त है संगीता तुम्हारी यह कातिल बुमस " ...... उसके गाल पे हलके से चपत लगाई," यह ज्यादा hi हो रहा है, हम कार में है और इतनी स्पीड से चला रहे हो बस पल भर में काम तमाम हो जायेगा"...... जबकि संगीता नाम लेने से और ज्यादा उससे चिपक गयी.

आर्यन हसकर बोलै," कभी आप ने कार में मस्ती की है?"..... और आँख मार दी ..... संगीता तो जैसे सोचकर hi हांप रह गयी पर अपनी लेफ्ट बड़े स्तन पे आर्यन की हथेली का स्पर्श पाकर शर्ट और ब्रा से निप्पल पे उंगलियन सिसक hi पड़ी," नहीं कभी नहीं की , ऐसे मत करो आर्यन अह्हह्ह्ह्ह"..... संगीता के कान में बोलै," अपनी गर्लफ्रेंड से प्यार भी न करूँ क्या संगीता , ी लव यू जान ..... ".

तभी कार में गाना चेंज हुआ 'में तेरा बॉयफ्रेंड तू मेरी गर्लफ्रेंड वह मेनू केहन्दी न न न न.... न न न न...... ' दोनों खूब हसे और आर्यन ने इंडिकेटर दे कर कार हाईवे से उतर के साइड लेन पे एक कच्ची रोड पे ले ली. कार की स्पीड काम होने और लेफ्ट टर्न लेने से संगीता सोची की आ गया है क्या गाओं. वह उतरने लगी उसकी गॉड से तोह आर्यन ने उतरने न दिया, गन्ने के खेतों की कच्ची चकरोड पे कार रोक के संगीता के लबों पे टूट पड़ा ...... वह तोह गभरा hi गयी की आर्यन को क्या हुआ पर थोड़ी डिअर को किश तोड़कर बोलै," 5-10 मं है अपने पास मुझे तेरे लबों का जाम पीला संगीता बेबी ".

11 बजे होंगे पर दूर दूर तक गन्ने के खेतों के बिच अब कार नहीं दिख रही थी और फसल अभी त्यार नहीं थी तोह किसी के आने का भी डर नहीं था और आर्यन अपनी होने वाली सासु माँ को चूमे जा रहा था और अपने गॉड में बिठाये उसकी गांड और चूची कपड़ों के ऊपर मसलते हुए....... अह्ह्ह्हह्हह हूंणंन्न सीईईई उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ पुछःह पुछःह चुम्म चुम्म.......

शर्ट के बटन खोल के ड्राइवर सीट पीछे इंक्लिने करके उसकी सलेटी ब्रा ऊपर करके उन्ह मोठे थानों से मोह लगा दिया सलूरर्पपपप सलूरर्पपपप ....... पुछहमुहह्ह्ह्ह पुछहःछमुह्हह्ह्ह्ह...... संगीता पे तोह पहले hi मदहोशी चाही थी और आर्यन की पेण्ट की जीप और अंडरवियर निचे करते अपने प्यारे मोठे लुंड को बहार निकल ली....... आर्यन भी अब उसकी पेण्ट उतर के सलेटी पेंटी भी चूतड़ से निचे करके घुमा लिया. संगीता अब 69 पोस्टिव में अपनी छूट ड्राइवर सीट पे पीठ के बल लेते आर्यन को चटवा रही थी और दोनों हाथो में लुंड हिलाते दिन के उजाले में गन्ने के खेतों के बिच.

कार में गाने बज रहे थे एक फुल चल रहा था पर संगीता के आर्यन के लुंड को अनाड़ीपन से चूस रहे थी...... अगले 12 मं तक दो बार झड़ने के बाद जब संगीता पस्त हो गयी तो आर्यन के ऊपर बस लेती हाफ रही थी.

आर्यन भी प्यार से उसका सर साइड सीट पे रखा और चौकना होकर सीट पे बैठकर अपनी डैशबोर्ड से गन निकला और 5 लड़के कार को देखकर उसके चरों ओरे घूम के झाँकने की कोशिश कर रहे थे. सब 20-25 साल की उम्र के इतनी महंगी कार में झांके के कोशिश कर रहे थे पर कुछ दिख नहीं रहा था पर कार स्टार्ट थी पक्का लौंडा लौंडिया होंगे, उनको कहाँ पता था उनका बाप कार के अंदर है अपनी सास के साथ.

विंडो के बहार से नहीं देखा जा सकता और फ्रंट गिलास भी आर्यन ने कार रोक कर पहले hi टिंटेड कर दिया था. आर्यन अंडरवियर चढ़ता और पेण्ट की जीप और बटन बंद करके संगीता के ऊपर उसके कपडे दाल दिए अब उसको इंक्लिनेड सीट पे ढंग से लिटा के पर अभी भी वह खुमारी में hi थी.

आर्यन ने ऐसे hi साइरन बाज्या तोह लड़के पीछे हुए पर हिले नहीं, वह भी समझ गया की थोड़े ढीट है पक्का लुंड से hi सोच रहे होंगे. आर्यन तेजी से दूर खोल के बहार निकला, उतनी hi तेजी से बंद भी कर दिया. दूर के साइड जोह ड्राइविंग सीट से झाँक रहा था वह दूर की टक्कर से जा गिरा चकरोड की साइड की नाली में जहाँ टूबवेल का पानी बह रहा था और टूबवेल 15 मीटर की दुरी पे होगी.

अपने सामने 7फट के पहलवान को बहार कार से देख तो 5ों की फैट गयी और जोह पीछे दूर पे था आर्यन ने फुर्ती से गन उसका गाला दबा के घंट में उतर दी ," अबे नशेड़ियों, जा कर चिलम में भांग भरो वार्ना इतना पीतल भर दूंगा धुंआ कहीं और से निकलेगा ...... मादर्चोदोनन्नन !!!!!! सामे सर पे हाथ रखो ....... अपने साथी की गोओ गोओ सुनकर एक डैम से दोनों हाथ सर पे रखकर गिड़गिड़ा रहे थे. आर्यन ने जिसके मुँह में गन लगाई थी उसकी शर्ट से गन साफ़ किया और उसको भी धक्का देकर चिल्ला के रोबदार आवाज में बोलै "निच्चे बैठो ...... हरामखोरो एक करोड़ की गाडी को छूने की हिम्मत कैसे हुयी, सालों मालिक ने एक खरोंच भी देखि तो मेरी खाल में भुस भरवा देंगे...... चलो नाली में खड़े होकर उठक बैठक करो जोह शुरू नहीं हुआ उसकी गांड में गोली मारूंगा जिससे न हो वह मुर्गा बन जाये , जल्दी 1 2 3 ....... सब लड़के उठक बैठक करने लगे .

सारे पहले hi डरे हुए थे जल्दी जल्दी कान पकड़ के उठक बेहतक करने लगे. आर्यन थोड़ी दूर टूबवेल पे चेहरा धोने लगा तोह एक 60-62 साल का बुजुर्ग फावड़ा कंधे पे लिए आ गया. आर्यन ," राम राम काका ".

काका भी राम राम करता बोलै," जीतो रहो बीटा यह नशेड़ी क्यों काम काज पे लगा दिए भला". टूबवेल का पानी सच्च में मीठा था तो पानी पीकर आर्यन बोलै ," पानी बहोत मीठा है काका, साले वर्जिश नहीं करते होंगे. गाडी को छूने की कोशिश कर रहे थे तो फुकनी ( गन) दिखानी पड़ी".

काका भी हाथ प्यार धोकर पेड़ के निच्चे से कड़ी खत पे बैठकर बोलै," िश गाओं के तोह नहीं लगते कोनसे गोअन के हो".

आर्यन ने महापंचायत का नाम लिया तोह काका एक डैम से खड़ा होकर हाथ जोड़ दिया ," माफ़ करना बीटा में पहचान न सका, आज तोह मई बाप आये हैं हमारे गाओं में ".

आर्यन भी उनके सामने मुस्करा के हाथ जोड़ दिया और काका सबसे पहले एक लेथ लेकर जोह 5 की धुनाई की है ," सूअर के पिल्लों..... दही के लुन्डों..... थी माँ छोडूं..... " जितनी गालियां आती थी बक रहा पीटते हुए...... " भें को छोड़ो तुम्हारी, अपने महापंचायत के मुखिया को भी नहीं पहचानते ...... "

आर्यन भी है रहा था साले छूट सूंघने आये थे पद गए लौड़े ...... अरे काका मर्डर जायेंगे ज्यादा मत मार ......" भागो सालों वार्ना पक्का गोली मार दूंगा "...... गिरते पड़ते ऐसे दौड़ के खेतों में गायब हुए जैसे 'गधे के सर से सींघ' .

काका अब खत पे अंदर से बिस्टेर ले आया तोह आर्यन बैठकर उसका हाल चल पूछ hi रहा था..... " बीटा वह मैडम तुम को आवाज दे रही हैं "..... काका का मोह कार की तरफ था.

आर्यन भी मजे के चक्कर में ों कार को लॉक तो कर दिया कपडे पहने संगीता उसको पुकार रही थी..... आर्यन उसके पास जाकर लॉक खोला और बहार लाकर काका से मिलवाया तोह वह भी उनको मालकिन hi समझा. संगीता भी फ्रेश हुयी और पानी पीकर गाडी में बैठी तोह आर्यन बोलै," जब गन्ने पाक जायेंगे तब खाने आऊंगा काका ".

काका भी आशीर्वाद देकर ," रामजी भली करें..... रति बीत्या की जय हो जोह आर्यन अब हमारी महापंचायत का मुखिया है"...... दरसल यह गोअन महापंचायत के 40 गाओं में hi आता था. एरिया शुरू होते hi पहला गोअन हाईवे टच करता था तोह आर्यन को पता था यह अपना hi गोअन है. िश एरिया में सबसे ज्यादा गन्ने इसी गोअन की पैदवार थी, जहाँ देखो दूर दूर तक गणना. काका को समझा दिया था की किसी को पता न चले की मैं अपना एरिया में हूँ.

आर्यन ने टाइम देखा तो कार फिर दौड़ा दी और अब हाईवे से लेफ्ट साइड एक छोटी सड़क जाती थी, ठीक 15 कम दूर जग्गू मम्मी का गोअन था और उसने सीधा पीर बाबा पे बुलाया था.

आर्यन ठीक 11:58 पहुंचा तोह जग्गू मम्मी एक पैकेट और हाथ में बैग लिए बस स्टॉप के साइड कड़ी घूंघट कड़े वेट कर रही थी. वह चकमा देकर अपने पीहर से चुपके से आ गयी थी घूंघट करके ताकि कोई उसको पहचान न ले.

आर्यन ने उनके सामने कार रोकी और संगीता को ड्राइविंग सीट पे अस ा उसकी असिस्टेंट बनकर बैठने को कहा. आर्यन दूर खोल के उतरा तोह जग्गू ने हाथ दिखा के रोका पर आर्यन कहाँ रुकता वह उठा के उसको गॉड में कार की रियर सीट पे बैठकर फर हो गया...... जोह बस स्टॉप पे खड़े थे वह भी नहीं समझे क्या माजरा है. कहीं वह उसका अपहरण करके तो नहीं ले गया पर वह चीखी भी नहीं जब की ुष लड़के ने हाथ से भी मोह नहीं दबाया था. कोई बोल रहा था वह तोह है रही थी किसी ने सिक्योरिटी अफसर को कॉल करने को कहा पर कौन करेगा कौन मुसीबत मोल ले.

जग्गू मम्मी का घूंघट हटा के उनका पूरा चेहरा चूमने लगा. संगीता अभी कार ड्राइव कर रही थी, बहोत दिन बाद ड्राइव कर रही थी पर कार भी माखन की तरह चल रही थी.

जग्गू भी हसकर ,"नास्पिटये कोई सोचेगा मुझे अगवा करके ले जा रहा है. है है है है ...... मेरा सोना लड्डू मेरा बच्चा और अब रोने लगी ".

संगीता को आगे रास्ता नहीं पता था तोह आर्यन ने लेफ्ट टर्न लेकर 2 कम और चलने को कहा और अपनी मम्मी को गले लगा के चुप करवाने लगा. आर्यन भी जानता था की बगैर रोये वह चुप नहीं होगी. कार जब खेतों के बिच अब अध् कच्ची बड़ी चकरोड पे रुकी तोह 20 मीटर दूर एक पीर बाबा का स्थान था बस एक कमरे का. आज भी कोई नहीं था तब जग्गू ने अपने आंसूं पहुंचे और आर्यन के साथ उतर के एक झोला और पैकेट लेकर उसका हाथ पकड़ के ले गयी. संगीता को भी अब मजा आ रहा था, गाओं, खेत , आर्यन के साथ मस्ती करना, उसकी ड्राइवर बनकर रोले प्ले करना. वह अलवर की रानी थी पर यह एडवेंचर उसने कभी महसूस नहीं किया था.

जग्गू ने पहले आर्यन के सर पे रूमाल बंधा और एक हाथ में झाड़ू लेकर ुष कमरे की सफाई की फिर नयी एक चादर पीर बाबा पे उनका धयान करके चढ़ा दी, फिर फूल चढ़ा दी और बहार आके एक बड़े बरगद के पेड़ पे धागा बाँध दी मन्नत का. अपने बेटे को आशीष दे उसका माथा चूमि और भभूत उसके माथे और गर्दन पे लगाई. आर्यन भी भभूत अपनी मम्मी के माथे और गले पे लगया..... उसको बचपन से मजा आता था. फिर बरगद की चाव में अपने बेटे को साथ बिठा के बोली," आर्यन में िश बार पक्का माँ बानगी और तेरा जैसे एक बीटा सायद मेरी कोख में पल रहा है. बस में तेरे पास रहना चाहती हूँ, Seema-Reena को भी दिल्ली बुला ले अब ुष हवेली में मुझे अच्छा नहीं लगता ".

आर्यन भी अपनी मम्मी की दुविधा समझ के बोलै ," आप बड़े पापा को अपने से अलग होने को बोलो. में अमेरिका से जाने को लाने के बाद गोअन आकर सबको ले जाऊंगा तब तक नयी कोठी भी रेडी हो जाएगी. तब तक शांत रहो और मुँह में ढाई जमा के रखो. बड़े पापा भी अब उनकी दूसरी बीवी के बिना रह नहीं सकते और आप बोल देना की में आर्यन के साथ रहूंगी. Seema-Reena तोह एक पल भी आपके बिना नहीं रहेगी और दादी सब संभल लेंगी परन्तु डॉ कुलदीप की भें को अपनाना पड़ेगा एक सौतन की तरह पर लीगली वह उनकी वाइफ नहीं बन सकती".

आर्यन के कंधे पे सर रखकर," जैसा तू बोलेगा में वैसा hi करुँगी, Seema-Reena भी उनकी रखीअल के बारे में मुझसे सवाल पूछने लगी हैं. मुझे नवाब से कोई शिकियत नहीं बस बेटियों की परेशानी है".

आर्यन भी अपनी मम्मी का हाथ चूम के बोलै," उनके लिए दिल्ली में एडमिशन की बात करूँगा दोनों खुश होकर कुछ नहीं बोलेंगी. चलो अभी दोपहर भी हो रही है पक्का अपने कुछ खाया नहीं होगा ".

जग्गू सर पे हाथ मार के बोली," में भी कितनी भुलाखड़ हूँ प्रसाद तोह रह hi गया. अब उम्र हो चली है न ..... hi hi hi hi ".

आर्यन," आप तोह मीणा से भी काम उम्र की लगती हो मम्मी माय डार्लिंग पुछःह पुछःह ..... hi hi hi hi..... "

जग्गू ने बड़े वाले पताशे दिए पैकेट से निकल के जोह आर्यन को बचपन से पसंद थे..... फिर चबानी भी. आर्यन बहोत खुश हुआ प्रसाद देखकर उसको अपना बचपन याद आ गया, कैसे वह जग्गू की पीठ पे बैठकर पीर बाबा के यहाँ हर साल आता था उसकी आँखों में नमी आ गयी और अपनी मम्मी से लिपट के रोने लगा. वह भी इमोशनल होकर आंसूं बहाने लगी. 5 मं बाद जब अलग होकर आंसूं पूछे तोह दोनों हसने लगे. आर्यन प्रसाद खाने लगा अपनी मम्मी का हाथ पकड़ के कार तक जाते हुए.

आर्यन ने अब संगीता को पीछे बैठने को कहा तोह जग्गू ने उसको भी प्रसाद दिया. आर्यन ने उसको आँख मार दी की मम्मी उसको नहीं पहचान रही है. आर्यन कार ड्राइव करते हुए जग्गू के गोअन से आगे निकल गया तो पूछी अब कहाँ जा रहा है. आर्यन ने जवाब दिया की पहले लंच करते है आप ने कुछ खाया नहीं होगा.

जग्गू भी मुस्करा के उसके बाल सेहला दी फिर गोअन में कैसे है सब आर्यन ने पुछा तोह बोली ,"वहां सब ठीक हैं, खाना भी बनवा दिया था भाभी से पर तुझे नहीं खाना तो कोई बात नहीं".

आर्यन हसकर ," मुझे आपके साथ खाना है और यह संगीता डार्लिंग को गोअन का खाना पसंद नहीं है"..... है है है है .....

संगीता भी आर्यन के कंधे पे चपत लगायी तोह जग्गू पूछी ," यह तेरी नयी गर्लफ्रेंड है क्या ?"...... अब तोह संगीता भी शर्माने लगी की आर्यन ने यह कहाँ फसा दिया.

आर्यन भी मुस्करा के ," आपको अच्छी लगी मेरी चॉइस मम्मी ".

संगीता का सर सेहला के बोली," बहोत अच्छी है तेरी चॉइस ,कभी ख़राब हो सकती है क्या. मेरा बीटा लाखो में एक है उसकी गर्लफ्रेंड भी वह क्या कहते हैं हाँ सबसे ब्यूटीफुल hi होगी. वैसे शादी भी करेगा न वार्ना मुझे बोल देना बेटी में इश्कि हाँ करवाना जानती हूँ ".

संगीता तोह झेप के चुप चाप बैठी थी और उसके गाल शर्म से लाल टमाटर हो गए थे. अब कैसे केहये की वह उसकी होने वाली सास है, आर्यन भी खूब जोर जोरसे है रहा था. हाईवे पे 3 कम दूर एक 3 स्टार होटल था कॉपर चिमनी, साथ में पॉश रेस्टोरेंट और बार भी था.

आर्यन ने कार पार्किंग एरिया में लगाई और पोर्टर को लग्गूगे लाने को बोलै..... रिसेप्शन पे जाकर सबसे पहले लक्ज़री डबल अटैच्ड रूम बुकिंग किया और रेस्टुरेंट में जग्गू और संगीता के साथ पहुंच गया. जग्गू ने सदा खाना आर्डर किया तोह संगीता ने भी वही किया पर आर्यन ने दोनों की पसंद की भी डिशेस आर्डर की.

लंच करके जब अपने लक्ज़री रूम में पहुंचे वह डबल रूम था अटैच्ड.

आर्यन ,जग्गू एक रूम और संगीता दुसरे रूम में चली गयी. आर्यन तोह अपनी मम्मी की गॉड में सर रखकर उसकी चूची पीने लगा. उसके बालों में हाथ फेरती वह उसको पुचकारती और लाड करती. आर्यन शुरू से hi जग्गू मम्मी के क्लोज था, अब अमेरिका से वापस आया तोह और ज्यादा क्लोज हो गया. थोड़ी डिअर बाद जग्गू ने अपने बेटे को पूरा प्यार भी दिया, आर्यन को कभी मन नहीं करती थी और अपनी मम्मी को कैसे खुश रखना है आर्यन बखूबी जानता था.

जग्गू जब आराम से सू गयी तोह आर्यन संगीता के रूम में पहुंचा जोह बीएड पे लिअत्कार कुछ सोचती हुयी सू गयी. आर्यन भी अपनी बाँहों में भरते हुए संगीता के गाल चूम लिया. नींद में hi एक बार आंखें खोलकर बंद कर ली और आर्यन के ऊपर चढ़ गयी ," मुझे तुम्हारे सीने पे सकूं मिला था में थोड़ी डिअर सो लेती हूँ".

आर्यन भी थपकी देकर संगीता की बाँहों में सू गया. 3:30 बजे आर्यन की आँख खुली तोह संगीता को जगा के फ्रेश होने को बोलै. फिर जग्गू मम्मी को भी उठा के फ्रेश होने को कहा, आर्यन ने एक चाय और 2 कॉफ़ी आर्डर कर दी.

जग्गू को समझा दिया की मेरे अमेरिका से आने तक आप कुछ मत बोलना और मैं हो दिल्ली आ जाना कुछ दिन के लिए. फिर जग्गू की कार और बॉडीगार्ड आर्यन ने होटल hi पहले बुला ली थी. जग्गू जब होटल से निकली तो अकेली थी और कार में बैठकर सीढ़ी हवेली चली गयी, किसी को कुछ पता नहीं था की वह किसी से मिली भी थी. हवेली पहुंच कर अपने बेटे को प्यार और दुलार करके जग्गू बहोत खुश थी और Seema-Reena से भी उसकी मुस्कान चुप नहीं रही थी.

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दिल्ली

अणि के साथ नेहा रात में hi फंक्शन से चली गयी थी अपने मेन्शन. सुबह उठकर 2 बहेनो ने योग प्रैक्टिस और गयम किया फिर ब्रेकफास्ट करके अणि ऑफिस चली गयी और नेहा फार्महाउस पे मीणा से मिलने.

नेहा ने फिर सब के साथ बस जूस लिया हल्का फुल्का ब्रेकफास्ट और कहा की ब्रेकफास्ट वह करके आयी है. आर्यन ने अणि का पुछा तो बोली की वह ऑफिस निकल गयी सुबह hi 2 मीटिंग है और इवनिंग में 1. रति को भी याद आया की ऑफिस भी उसको जल्दी hi जाना था. रति, डॉली और मोना के साथ ऑफिस निकल गयी. डॉ अंजू अभी रेस्ट करने वाली थी और नेहा को गरिमा ने पकड़ लिया उसको एक chapter साइकाइट्री का समझने के लिए. मीणा को नेहा बोली की दीदी में आपके साथ ऑफिस चलूंगी.

मिरदुला जी की भी एक रॉयल फॅमिली के साथ सोशल मीटिंग थी जोह सिंगापुर से आयी थी. गुल भी आर्यन को सी ऑफ करके अब कविता मामी, बबिता और सारू के साथ आर्यन के रूम में बैठी बातें कर रही थी. कविता मामी उसको छेद रही थी सुहागरात के बारे में पूछ पूछ कर. गुल भी शर्मा के जी और न जी में जवाब दे रही थी. लीला अभी जाकर आराम कर रही थी तोह रौशनी अपने प्यारे छोटे bhai-bhen के साथ अपनी नयी मम्मी से मिलने आयी. गुल ने तीनो बच्चों को गिफ्ट्स और छोटे छोटे केक्स दी जोह सुबह किचन में बनाये थे.

महिमा और राहुल, गुल की गॉड में hi चढ़ गए और दोनों को किश करके वह थोड़ी भावुक होने लगी तो तीनो अपनी hi बातिओं से उसको हँसा रहे थे. महिमा और राहुल तो छोटे थे बहुत क्यूट लगे पर रौशनी उसको बहोत प्यारी लगी. वह एक राजकुमारी है जिसको उसने किताबों और किस्सों में hi पढ़ है, रौशनी लगती भी थी राजकुमारी उसका सलीके से ड्रेस उप होना, वेल मन्नेरेद ,सॉफ्ट स्पोकन होना, सबको रेस्पेक्ट करना और इंटेलीजेंट तो थी hi.

दोनों छोटे बच्चे अब अपनी माओं के अंचल में छुपकर दूध पीने के लिए इच्छुक थे, दोनों अपने रूम में चली गयी तो सारू hi अब गुल के पास थी और रौशनी अब उसकी गोदी में बैठी सवाल जवाब कर रही थी.

" यह रूम कितना स्पेशल है , फ्लावर्स से डेकोरेटेड है क्या यह स्पेशल रूम है गुल मम्मी ?"...... गुल भी उसके मोह से मम्मी सुनकर बहोत खुश हुयी और बोली," सिर्फ छोटी मम्मी कहकर उसको बुलाये ".

रौशनी के सवाल जवाब चलते रहे और गुल भी उसकी िक देखकर दांग थी, लीला भी रूम में आयी तोह बोली," हेरे यू अरे एंड ी सर्च थे व्होले बिल्डिंग बेबी ".....

रौशनी भी बीएड से उतर के लीला के प्यारों से लिपट गयी ," सॉरी मुम्मा, ी थिंक यू नीड सम रेस्ट. That's व्हाई ी के तो मीट छोटी मम्मी ".

लीला भी उसको गोदी में उठा ली और किश करके उसके गले लगा के बोली," It's ok बेबी एंड यू कॉल्ड छोटी मम्मी "..... रौशनी ने बस गले लगे हुए सर हिला दिया. " गुल में थोड़ी डिअर में आयी बहार जाने से पहले.

लीला को जाते देख के गुल उन्ह माँ बेटी को देख रही थी, रौशनी ने फ्लाइंग किश किया तोह गुल ने भी कर दिया खिलखिला के.

गुल ने सारू को बोलै," मम्मी कितनी ब्यूटीफुल है माँ बेटी, सच्च में रॉयल फॅमिली की बात hi अलग होती है. रौशनी कितनी इंटेलीजेंट है कल रात और आज सुबह में भी मैंने देखा, शी इस ट्रू एंजेल एंड हेर मदर इस रियल क्वीन पर्सनालिटी ".

सारू भी मुस्करा भर दी," हाँ कई सारे रॉयल फॅमिली मेंबर्स हैं पर बेगम तो सबसे अलग एक hi है जोह सबसे स्पेशल है कोहिनूर की तरह ". गुल शर्मा के हाय मम्मी बोल दी और सारू ने अपनी नयी बहु का माथा चूम के अपने गले लगा लिया..... " तुम कहाँ चली गयी थी गुल हम सबको छोड़कर, आर्यन कभी बोलै नहीं पर उसकी निगहाओं में बेचैनी रहती थी जब भी में तुम्हारे बारे में पूछती थी. एक माँ hi समझ सकती है अपने बेटे के जज्बात को. वह पहले चुप्पी और फिर बोल देना की वह बहोत खुश है, जैसे में भी मजबूर थी की उसको कैसे समझा पौन. गीता की अलग जगह है आर्यन की ज़िंदगी में जोह उसकी जिद्द, प्यार और गरूर है पर तुम्हे दिल की घेरे से प्यार करता है बस तुम ने उसके हाथ बंधे हुए थे. पर अब सब ठीक हो गया है बस कई गुल ओरे उसकी ज़िंदगी में आ गयी ".

"बस भटक गयी थी मम्मी, समझ hi नहीं आया की अपने माझी से इतना दूर हो जाउंगी की पलट के भी नहीं दिखूंगी, फिर वह फरिस्ते की तरह आया और कब में ुष्पर सब कुछ हार गयी पता न चला. सायद में लायक नहीं हूँ एक मुरझ्या चूका फूल हूँ जिसको आर्यन सींचने की कोशिश कर रहा है". इमोशनली दोनों अच्छे से जानती थी की वह आर्यन के लिए सबसे ख़ास मायने रखती है .

सारू," तुम मुरझ्या फूल नहीं हो मेरे बच्चे तुम एक काली हो जोह अब ठीक से नहीं खिली हो और आर्यन ुष गमले की बस मिटटी बदला है जोह हल्का सूखापन आया था उसको भी पानी देकर फिर से खिला दिया है. उसका पूरा साथ देना बच्चे वह तुम्हारी आँखों में आंसूं कभी नहीं आने देगा. उसको अपने पे खुल कर हक़ दो और रॉब जमाया करो, गीता तोह आज तक करती आयी है. आर्यन से मतलब होगा तो उससे मीठी बातें करके सब मनवा लेती है और गुस्सा होती है पीटने से भी नहीं चूकती "..... सारू ने अपने और दोनों के आंसूं साफ़ किये.

गुल अब हलके से बोली," वह मुझे ..... वह मुझे मम्मी ..... वह मुझे सौहार नहीं लगते..... आप समझ रही है न की वह बस क्या कहूं की पुराण दोस्त लगता है ".

सारू है दी ," चलो दोस्त hi सही तुम ने करीब तो आने दिया और बेगम उसके बच्चों की माँ बनकर फील हो जायेगा. Don't वोर्री अभी gf-bf की तरह एन्जॉय करो"...... है है है है है ......

गुल के गाल पिंक पिंक हो गए और मंद मंद हसने लगी तोह महिमा और राहुल की तस्वीर उभरी. सारू ने अपने और परिवार के बारे में बहोत कुछ बतया लेकिन आर्यन पहले hi उसे बता चूका था.

गुल अब सारू की गॉड में सर रखकर लेट गयी थी और सारू भी लेट नाईट जघन्य से थकान में थी उसकी भी आँख लग गयी. लीला भी आयी पर दोनों को सोया देखकर वापस चली गयी अपनी लीगल एडवाइजर टीम से मिलने. रौशनी को उसने अपना दूध पीला के सुला दिया था.

ठकुरियन रूपा , सुचित्रा और सरला दीदी को आज पार्टी ऑफिस में रिपोर्ट करना था तोह ब्रेकफास्ट के बाद चली गयी. विमला मम्मी अभी हैदराबाद में थी और वर्ष लेकर अब दिल्ली hi सेटल होने वाली थी. उनकी तीनो बेटियां भी अपने छोटे भाई आर्यन के पास दिल्ली या एनसीआर में hi जॉब करने वाली थी. रूबी 3-4दिन रहकर जयपुर चली गयी, आर्यन से बचकर फिरती थी.

दादी, जाने , मंजू सब आर्यन के बिना बहोत मुश्किल से टाइम बिता रहे थे एक एक दिन की गिनती करते हुए अमेरिका में. रीता काफी बिजी थी पर उसको पता था अभी बुर से सोचने का टाइम नहीं है, काम ज्यादा पेंडिंग है. मंजू मौसी का समय वसु के साथ काट जाता था पर रीता अभी कैलिफ़ोर्निया में थी और मारिए हॉल वाशिंगटन दस..... जाने और देवी सिंह नयी नयी जगह घुमते 1-2 दिन फिर वापस उसकी माँ के पास आ जाते. देवी को अपने पोते की कमी तो महसूस होती थी पर अब जाने के साथ भी नहीं सूती थी. मारिए हॉल और कैटलीन उसकी आग कभी कभी भुजा देते थे जोह आर्यन ने दिल्ली होटल का कारनामा किया था अपनी दादी के साथ, अब वाइन ज्यादा पीने लगी थी.

जाने अब जल्द से जल्द इंडिया जाना चाहती थी उसको अब दिन पे दिन अमेरिका में बिलकुल अच्छा नहीं लगता था. रीता भी समझ रही थी की अब जाने इंडिया से वापस नहीं आने वाली. मारिए हॉल भी अब टर्म्स पूरा होने पे रिटायरमेंट के बाद मालदीव्स या श्रीलंका में सेटल होने का सोच रही थी जबकि असलियत यह थी की वह आर्यन को भुला नहीं पा रही थी और उसके नजदीक किसी दूसरा कंट्री अच्छा चॉइस था जोह सिर्फ 3-4 हरष की air-distance पे दिल्ली से हो. जाने को आर्यन की दादी की आग देखकर समझ में आया की उसकी माँ कुछ गलत नहीं कर रही. वहां इंडिया में जैसे उसके जाने के बाद लड़कयों और औरशन की बाढ़ hi आ गयी हो, मीणा से पल पल की जानकारी मिलती और आर्यन के लिए उसकी बेचैनी बढ़ती जा रही थी. मीणा उसको समझती की तुम सबसे ख़ास हो आर्यन के लिए पर जैसे दीप्ति, प्रभा आर्यन की ज़िंदगी में आयी और अब गरिमा भी लाइन में थी उसको आर्यन से जल्द से जल्द गीता के बाद शादी करनी थी कहीं में भीड़ में अलग थलग न पद जॉन. आर्यन ने उसको अमेरिका भेज के अच्छा नहीं किया. मीणा से पतलोक की आर्यन की नयी स्त्रीओं और बीवियों का जानकार अब उसको भी डर लगने लगा की कहीं गीता से पहले सब शादियां कर लेंगी आर्यन से बस में hi रह जाउंगी. न बाबा न अब में नहीं रुक सकती पर आर्यन ने कसम दी थी वह जल्दी hi मीणा और गीता के साथ ुषको लेने आएगा और वहीँ इंगेजमेंट भी करेगा.

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दिल्ली फार्महाउस.....

नेहा अभी गरिमा के रूम आकर उससे chapter पे डिस्कशन करने लगी पर गरिमा का ध्यान तो कहीं और था. नेहा ने बुक बांध की और उसके सर पे मारी " ोुछःह ..... " अपना सर सेहला के नेहा को देखने लगी.

"जब ध्यान कहना ओरे हो तो कुछ समझ में नहीं आएगा, चल बोल क्या सोच रही है"...... गरिमा थोड़ा संकोच से बोली ," दीदी हम दोनों की रगो में एक hi खून दौड़ रहा है न अणि दीदी और भाई की तरह ".

नेहा भी अब उसकी बातों का मतलब समझी तो बोल दी," हम दोनों में हमारी माँ का खून दौड़ रहा है जोह अलग अलग है, अणि और भाई की रगों में मम्मी और डैडी का खून दौड़ रहा है".

गरिमा अब नेहा का हाथ पकड़ के बोली," लेकिन हम भी डैडी की बेटियां है भले हाफ ब्लड hi सही, आप को कैसे लगता है".

नेहा ," देख िंह सब चीज़ों में दिमाग़ मत लगा यह उनका फैसला है फिर क्या तुझे डैडी ने बोलै की हम दोनों उनकी बेटियां हैं या हमारी दोनों मम्मी ने. इशलिये जब परदे रिश्ते पर पड़े हो तोह टांका झांकी से कुछ लाभ नहीं. चल में चलती हूँ मीणा दीदी से मिलना है ".

गरिमा अब उठ कड़ी नेहा के गले लगते हुए बोली," दीदी मुझे अकेला फील हो रहा है आप थोड़ी डिअर बैठो न प्लीज मेरे साथ"...... नेहा भी उसकी मानसिक सिथि समझ रही थी पर यहाँ बात आर्यन की जरूर आती जिससे वह बचना छह रही थी और गरिमा कुछ दिनों से उसके आगे पीछे घूम रही थी उसके नज़दीक आने के लिए. नेहा भी जानती थी की वह भी उसकी तरह अकेली हो गयी है, डॉ कुलदीप अब नहीं रहे थे पर नेहा सच्च जानती थी की कभी वह नाइजीरिया hi नहीं गए. देवेंद्र सिंह उसके पापा अब अपने गोअन में है और दोनों की मुम्मियाँ विदेश में. गरिमा अपने लिए यह सौतेली बड़ी भें hi एक मटर सहारा ुष में खोज रही थी परन्तु नेहा भी सच्चाई का सामने करने से कटरा रही थी. उसको सिर्फ आर्यन से प्यार था और कितनो से बँटके उसने पाया था पर अब एक बार और बाँटना पड़ेगा अपनी hi दो सौतेली बहेनो से जिससे वह कटरा रही थी. गरिमा हर कंडीशन पे आर्यन के लिए रेडी हो जाएगी पर अणि तोह सबका हक़ चीन लेगी आर्यन को पाकर पर नेहा से अणि ने वादा किया था तेरे रिश्ते को कबूल कर लुंगी.

नेहा ने गरिमा को इमोशनल होते देखा तो उसको बीएड पे लेजाकर लिटा दी तू आराम कर, लेकिन गरिमा ने उसका हाथ पकड़ा और रिक्वेस्ट करती बोली," प्लीज दीदी आप भी मेरे साथ थोड़ी दिएर बैठो..... प्लीज रिक्वेस्ट है ". नेहा भी उसके बगल में लेट गयी.

नेहा," देख जैसा चल रहा है चलने दे और खुश रहा कर तू ने hi तोह रिक्वेस्ट करके सलोनी मौसी को भेजा डैडी के साथ, अब दुखी क्यों होती है".

गरिमा ," नहीं दीदी में खुश हूँ पर में प्रभा की बात कर रही हूँ वह कितनी खुश है जोह सबसे छोटी है, भाई ने उशसे शादी भी कर ली और अब उसके बच्चे भी होंगे. वह बोल रही थी की उसको बेटी hi चाहिए और उसकी दीदी को बीटा".

नेहा बिच में टोक के ," एक मं एक मं ..... तुझे किसने बतया यह बता मुझे पहले".

गरिमा एक्सकिटमेंट में ," मीणा दीदी ने बतया था फिर प्रभा ने मुझे पूरी पतलोक और नागलोक की स्टोरी सुनाई..... भाई कितना पावरफुल है जोह सबको हरा दिया न दीदी ....... "

नेहा अपने मैं में " यह मीणा दीदी भी न सबका नंबर लगवा के रहेंगी, अब तोह यह बिलकुल भी नहीं रुकने वाली और डॉ अंजू नानी पक्का इश्क दिमाग़ ठिकाने लगा देंगी"....... वह बीएड से खड़े होकर बोली," देख बात करनी है तोह मीणा दीदी से कर या डॉ अंजू नानी से कर...... उनको पता चला की तू क्या खिचड़ी पका रही है में सब समझ रही हूँ ".

"अरे कौन खिचड़ी पका रहा है और मुझसे क्या पूछना है". मीणा अंदर आयी दोनों से पूछी. और गरिमा तोह बिस्टेर से उछाल hi पड़ी ख़ुशी से और उसके गले लग गयी. गरिमा को भी हुग करके मीणा खुश थी पर जब नेहा की तरफ देखि तो वह अश्मंझस में थी.

मीणा ," अब तुझे क्या हुआ है इश्को ऐसे क्यों देख रही है छोटी भें है तेरी".

नेहा," बहोत पर निकल आये हैं इश्के, बड़ी बड़ी बातें बनाने लगी है. दीदी आपने इसे क्यों बतया पतलोक के बारे में ?"

गरिमा का चेहरा उतर गया वह अलग होने लगी मीणा से तोह उसने उसको अपनी गॉड में बिठा के बीएड पे बेथ गयी," प्रभा को देखभाल की जरुरत थी और आर्यन ने कहा था गरिमा और डॉली के साथ वह कम्फर्टेबले रहेगी और इतना hi नाराज है तोह आर्यन से बात कर िश छोटी बच्ची को क्यों दांत रही है ".

नेहा भी बीएड पे बैठकर बोली," दीदी में दांत नहीं रही हूँ इश्को समझा रही हूँ की स्टडीज पे ध्यान दे और यह मुझसे पढ़ने की बाजए कुछ फालतू डिस्कशन कर रही थी जिसका सर प्यार hi नहीं है ".

मीणा ," देख नेहा यह हमसे छोटी है, पढाई में यह हमेशा टॉप करती है, स्पोर्ट्स में चैंपियन है और ब्यूटी में मिस वर्ल्ड भी फ़ैल हो जाये"..... और उसका गाल चूम दी तोह गरिमा भी अकड़ गयी की मीणा दीदी है मेरे साथ और नेहा को जीभ दिखा दी.

नेहा ने उसके सर पे चपत मारा तोह मीणा के गले में चेहरा छुपा ली ," अरे छोटी भें है तेरी इश्को कुछ सिखाया hi कर. चल ऑफिस चलते हैं और गरिमा मेरा बच्चा आज स्टडी कर में इवनिंग में मिलती हूँ ".

गरिमा," दीदी भाई से बात कब करोगी ?"..... मीणा ," जल्दी hi करुँगी पहले रति नानी से पूछ लेना बातों बातों में "...... वह दोनों के गाल पे गुडबाय किश करके वाशरूम भाग गयी.

नेहा हसकर ," नानी hi इश्कि अकाल ठीक करेंगी ".

मीणा भी बस मुस्करा दी ," जब तेरा नंबर था मैंने और आर्यन ने, गीता से बात की थी याद है न किसके बहकावे में रहने लगी थी तू. देख अणि ने hi तुझे मेरे पास भेजा होगा. चल ऑफिस जाकर hi बात करते हैं ".

दोनों ऑफिस निकल गयी अपनी सिक्योरिटी के साथ जब मीणा का टॉप फ्लोर पे ऑफिस देखि तोह मुँह से निकला "वाओ" सो ब्यूटीफुल...... मीणा की सेक्रेटरी ने उन्ह दोनों को पानी दिया और फाइल्स देकर चली गयी.

" दीदी यह ऑफिस तोह ड्रीम ऑफिस जैसा है पक्का भाई ने बनवाया होगा..... it's सू ब्यूटीफुल और बहार का नज़ारा भी mind-blowing है "...... मीणा फाइल के पेपर्स पे सिग्नेचर करती बस मुस्करा रही थी...... 20 मं लगे मीणा को 4 फाइल्स निपटने में.

मीणा अपनी चेयर पे टर्न करके सोफे की तरफ मुँह घुमा के नेहा को पूछी," हाँ तोह बोल क्या मैसेज है ".

नेहा भी सीरियस होकर बताने लगी," आप को बड़े गुरूजी ने बता दिया होगा की अब भाई से मानसिक संपर्क करने की चेष्टा न करें और खासकर हम सब बीवियां. शैतान सिंह के मानसिक संपर्क आगे भी होंगे तब भाई हिंसक हो सकता है तोह अणि भी अब भाई पे निघा रखेगी, आप को प्रॉब्लम तो नहीं ?"

मीणा मनमोहक स्माइल देकर ," मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है जब अणि hi ुष्पर निघा रखेगी पर अणि बनकर न की महारानी के पूर्ण अवतार में. चलो मुझे भी अब रेस्ट मिलेगा कब तक सर खपती रहूंगी. तुझे ऑफिस पसंद आया तो तू रख ले यार मुझे यह ऑफिस और कम्पनीज नहीं जमते ".

नेहा भी अपनी दिलदार मीणा दीदी को देखकर हसी ," मुझे भी ऑफिस से अच्छा हॉस्पिटल लगता है में ुशी में खुश हूँ, यह अणि , नानी माँ और रीता मामी को सूट करता है .... hi hi hi hi ..... "

" सबसे मैं नाम भूल गयी क्या ? "..... और उसको आँख मार दी ," या होने वाली पति का नाम लेते या सुनकर शर्म आती है hi hi hi hi ...... "

नेहा सच्च में शर्मा गयी और धीरे से बोली ," उनको मेरी फ़िक्र कहाँ है ?"

मीणा भी सीरियस होकर उसके पास बैठी," हक़ लेना पड़ता है बचे और डॉली ने ले लिया, चलो प्रभा की मज़बूरी थी पर गरिमा पे गुस्सा क्यों अब तोह वह रिश्ते से आधी सगी भी लगती है पर तू पूरी तरह एक्सेप्ट नहीं कर पा रही है. आर्यन जितना तेरा है उससे ज्यादा सोच की वह सबका है तो तुझे कभी रिग्रेट नहीं होगा बल्कि वह तेरे और नजदीक होने की कोशिश करेगा. गरिमा हमारा खून है और उसको सही चुनाव का हक़ है. अगर आर्यन उसको पसंद नहीं करता तो हाथ भी नहीं लगेगा पर तू भी जानती वह गरिमा को बहोत प्यार करता है तेरी और अणि की तरह. तुम तीनो उसकी छोटी बच्चियों हो जोह अब बस बड़ी हो गयी हो और अपने फैसले खुद ले सकती हो ".

नेहा की भी समझ में आया की उसने काम पप्पड़ बेले थे आर्यन के लिए तोह अभी तो नया नया प्यार का भूकर चढ़ा है गरिमा पे. मगर नेहा भी नहीं जानती थी गरिमा का सीक्रेट क्रश और ड्रीम बॉय उसका अपना बड़ा भाई आर्यन hi हमेशा से था.

नेहा एक घंटे तक मीणा के साथ ऑफिस में रहे और उसके जाने के बाद अपनी hi सोचों में मीणा दुब गयी.......

मीणा न कभी आर्यन की धन दौलत से प्यार करती थी न hi उसकी शक्तियों का अभिमान था वही हालात आर्यन के भी थे. वह बस सांसारिक दुनिया में एक दुसरे से सच्चा प्रेम करते थे. अब यह प्रेम उनका भाई भें की सीमा से आगे जा चूका था एक पेर्मी प्रेमिका की तरह जोह विवाह करके पूर्ण होगा. मीणा जल्दी hi अपने लोक में जाने वाली थी आर्यन के साथ जहाँ उसको एक महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देना था. उसको सही नक्षत्रों के एक सीध में होने के विशेष समय का इंतज़ार था ...... ?????

अणि जोह सबसे लायक वररिस थी िश रतिदेवी के बिज़नेस एम्पायर की उसकी बागडोर मीणा भी उसको सौपने की इच्छुक थी पर आर्यन दोनों के बिच में खड़ा था. रीता मामी भी जानती थी अणि ने कंपनी संभाली तो वह तेजी से उसको नयी ऊंचाई देगी पर आर्यन अपने बापू के वचन से बंधा था और रति जोह प्रेग्नेंट थी अब उसको भी 2-3 महीने में कंपनी की जिम्मेदारी से फ्री करने वाला था. इसलिए उसने मीणा को चुना था पर वह जांभोज के कोई इंट्रेस्ट नहीं ले रही थी उसको अपने भाई के साथ हमेशा रहना था. रीता मामी लायक थी पर उसको कभी रति एक्सेप्ट नहीं करेगी क्यूंकि वह उनका सागा खून नहीं है. डॉ अंजू की नज़र में गीता सही कैंडिडेट थी पर वह गरम मिजाज कण्ट्रोल रख सकती थी ,ग्रोथ का रेट भगवान् जाने. राजकुमारी दीप्ति पे अतरिक्त जिम्मेदारी होती और प्रभा अभी छोटी थी.

सारे रस्ते अणि की तरफ जाते थे जो रतिदेवी का अपना खून थी, अपनी नानी की ट्रू कॉपी और ब्रिलियंट बुसिनेसवमन. 19 साल की भी नहीं हुयी थी उसको आर्यन hi सामने लाया था सक्सेसफुल बिज़नेस ओनर के अवतार में. रीता मामी उसकी डिप्टी हो तोह कंपनी no.1 जल्दी hi बनेगी और डॉली उनकी असिस्टेंट....... मीणा के मंद में यह रूपरेखा अब प्लानिंग hi नहीं बन रहा था बल्कि पक्का खचा भी खींचने लगा था और फिर चौधरी माधव सिंह की वसीयत में लिखा था की आर्यन को कुछ हो जाये तोह अणि hi दूसरी वररिस होगी......?????

मीणा चाहती थी आर्यन hi खुद अपनी जगह अणि को वररिस बना दे कंपनी का.

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गाओं गुड़सरावा......

एक पुराने कॉलेज की टूटी फूटी बिल्डिंग जोह अब नशेड़ियों का अड्डा थी वहां कुछ दिन से काफी हलचल थी...... करीब 100 से ऊपर आदमी थे कईओं के पास हथियार भी थे और उनकी संख्या में डेली इजाफा हो रहा था.

ये सबसे आखिरी गोअन था महापंचायत में और गीता को मनोहर काका ने भीमा की थ्रू खबर की थी कुछ लोग रतिदेवी और आर्यन के खिलाफ सर उठा रहे हैं. जोह ुष गोअन के मुखिया को एक नशेड़ी से खबर लगी थी. पुराण कॉलेज की बिल्डिंग की तरफ कच्चा रास्ता था और अब नयी रोड बन गयी थी तोह कॉलेज भी शिफ्ट हो गया गोअन की दूसरी साइड. कल्लर ( अनुपजाऊ जमीन) का आगे पीछे एरिया था तोह झाड़ भी काफी उघ आये थे ...... पीछे आम का बाघ था आधा कम दूर जोह 2 साइड कवर करता था और सीधे हाथ पे 2 कम तक झाड़फैंकर. कॉलेज के सामने चकरोड भी पूरी सरकंडों से घिरी थी और 20 साल पहले बंद हो चूका िनत का भत्ता जोह की खर पतवार से पूरा ढाका था..... यानी दूर दूर तक वीराना और दिन के समय भी उधर कोई नहीं जाता था.

शाम के 7 बज चुके थे और सूरज ढल चूका था अँधेरा भी घिरने लगा था, एक बुलेट मोटरसाइकिल जोह तूफ़ान की गति से आगे बढ़ रही थी और राजकुमारी दीप्ति एंटी कुशलता से चला रही थी जैसे यह 2 कुंतल की गीता की पुराणी सवारी खिलौना हो. जब वह ुष वीराने जैसे इलाके में भत्ते से 2 कम की दुरी रह गयी तो दीप्ती ने बुलेट का इंजन बंद कर दिया और अपनी रफ़्तार से 500 मीटर तक जाकर धीमी पड़ी.

पीछे बैठी गीता के हाथ में दो लेथ थे और दीप्ति ने 2 तलवार कमर के साइड में बांध राकी थी. गीता बुलेट से उतर के दीप्ति को इशारा की 2 मं बाद वह बुलेट से वहीँ आ जाये जोह भागने की कोशिश करे उसकी टांग या हाथ काट दे पर आज िंह भोसड़ीवालों की गांड पीटकर पीटकर सुजा दूंगी.

दीप्ति ने एक बार उसका हाथ पकड़ा पर गीता का गुस्सा उसको हाथ छोड़ने पे मजबूर कर दिया. वह पहले hi बोली थी यह मेरा इलाका है और में यहाँ की शेरनी, रतिदेवी, की बेटी हूँ सूअरों का शिकार करने अच्छे से जानती हूँ तुम बिच में नहीं हो बस मेरी कसम खा. दीप्ति भी लाचार थी क्या करती वह बस धर्मसंकट में पद गयी पर उसने भी मदद करने का वादा ले लिया.

गीता ने निघटविसिओं स्पेक्स लगया और और 4-4 फट के और 2 इंच मोठे लेथ लेकर दौड़ गयी...... ुष जगह पे टैंट 4 गुंडे भी अँधेरे में मोटरसाइकिल की आवाज सुनकर चौकाने हो गए फिर 2 दो नाली लेकर उनकी तरफ चेक करने चल दिए तोह गीता की तरफ टोर्च मारी hi थी जोह बस 10 मीटर दूर इतनी तेजी से उछाल के दोनों पे एक साथ किक जड़ी की दो नाली हाथ से चोट गयी और दोनों लेथ ने गर्दन hi तोड़ दी.... धप्प धप्प उनके बाकी 50 मीटर दूर खड़े 2 साथियों का भी एहि हाल था. उनकी दोनों टांगें तोड़ दी थी 2 प्रहार ने और चीखिआ निकली मर्डर गए रे ..... अरे बचा लो रे .....

अब तोह भत्ते में से जैसे ततैयों का छत्ता होता है वैसे hi एक एक करके जोह बहार आता गीता उसकी हड्डियां और पसलियां तोड़ रही थी बहोत फुर्ती से गन भी चलती तोह बस मिस फायर हो होती..... दीप्ति को अभी मर्दों की चीख पुकार सुनाई दे रही थी और गीता दिखाई भी दे रही थी की कैसे बेदर्दी से दोनों लेथ चला के मार रही है..... दीप्ति को आर्यन और जाने हॉल की तरह अँधेरे में भी साफ़ दिखाई देता था तीनो की आंखें नीली थी. अपनी घडी में टाइम दिखती वह अपनी बारी का इंतज़ार कर रही थी किक पे बूट रखे.

अभी 40 सेक् बचे थे भत्ते के अंदर िनत पकने वाले छोटे छोटे गलिहारों में अब वह दिख नहीं रही थी पर चिल्लम चिल्ला लगातार आ रही थी ...... 5,4,3,2,1..... ढुकककक ढुकककक धुड़कककक धुड़कककक की आवाज बुलेट के इंजन से आयी, जितने तेज आवाज थी उतनी hi तेज स्पीड से 14 सेक् भी न लगे वहां का मंजर नज़र आ रहा था. दीप्ति ने भत्ते की ढलान पे बुलेट उछली सुपर स्टंट स्टाइल में तोह अंदर भी करीब 25 और बहार 10 आदमी घायल कर दिए थे गीता ने.

भत्ते की अफरातफरी और चीख की आवाजें दुश्मन सतर्क हो गए जोह पुराने कॉलेज में थे पर गीता ने एक डांडा उसकी तरफ उछाल दिया हवा में hi बुलेट पे कैच करती दीप्ति अब सरकंडो और चकरोड पार करती बुलेट 90 मीटर की जम्प लगा के जमीन पे लैंड की और रफ़्तार देकर सीधा कॉलेज की बिल्डिंग में रोकी..... जैसे hi लाइट पड़ी तोह पहले उसके हाथ पे हथोड़ा जैसे पड़ा और फिर टांग पे दोनों hi हड्डियां कई जगह से टूटी. छीकता वह दर्दनाक प्रहार से जमीन में पड़ा था, दुसरे और तीसरे को तोह मौका hi नहीं मिला बचने का और स्पीड से आगे बढ़ती दीप्ति ने जबतक गीता पहुंची 40 लुटा दिया जमीन पे. 50 से ज्यादा गीता ने भत्ते में फोड़ दिए थे..... अब तोह पुराने कॉलेज से भागते हुए के भी पीछे गीता बाघ की दिशा में और दीप्ति राइट साइड में खर पतवार में दौड़ दौड़ के एक एक hi हड्डियां तोड़ी..... बाघ के दूसरी तरह एक तरफ भीमा और एक तरफ नीला अपने आदमीओ के साथ खड़े थी जोह उन्ह तक पहुंचा पहले प्यारों में गोली मारी फिर हाथों में ......

पूरा एक्शन सिर्फ 20 मं का था और लड़कियां सच्च में चंडी देवी बन गयी थी ुष समय कोई दया न आयी जोह उन्होंने वहां देखा था ??????

लेकिन अभी तक एक्शन शुरू हुआ था जोह रात तक जारी रहने वाला था????

उधर आर्यन भैया और रानी संगीता का प्रचंड युद्ध अभी शुरू होना था??????

तो बे कॉन्टिनोएड....
 
अपडेट 39

Part-3 (ा) ( दूसरी किश्त )

आर्यन भी चेक आउट करके रानी संगीता के साथ निकल गया होटल से. संगीता ने वाइट प्रिंटेड फ्लोरल कॉटन स्कर्ट और ग्रे टीशर्ट डाली थी, उसके सर पे ब्लू हैट यंग लुक दे रही थी. T-shirt में उसके मम्मी पूरी गोलाई में उभर रहे थे और स्कर्ट में उसके चूतड़ लेफ्ट राइट डिंग डाँग कर रहे थे उसकी चाल पे. वहीँ आर्यन एक लूसे वाइट शर्ट और डार्क ब्लू पेण्ट में हैंडसम लग रहा था.

आर्यन को जोह लोग पहचान रहे थे वह उसको एक लेडी के साथ सामने देखकर अदब से हाथ जोड़े देते पर आर्यन किसी से नहीं मिला. जोह नहीं जानते थे वह 7 फट के हैंडसम हुनक को देख के hi अपनी कितनी हट है जान लेते. 2 इंच के हील वाले लाइट ब्राउन शूज में संगीता अब कॉन्फिडेंटिआली आर्य का हाथ पकड़ के चल रही थी और उसको पता था की वह कितना पराकर्मी है.

कार के अंदर अपनी t-shirt उतर के आसमानी रंग वाले तानी वाला टॉप्स में क़यामत hi ध रही थी बिना ब्रा के..... उसका डीप क्लीवेज और खड़े निप्पल्स उसकी एक्ससिटेमेंट दर्शा रहे थे. आर्यन जाने किस मिटटी का बना था उसको होटल में भी छूसँ चूसै करके झाड़ दिया था पर आगे नहीं बढ़ रहा था और जांभोज के उसको इग्नोर करना संगीता को भी गुस्सा दिला रहा था.

संगीता अब थोड़े रोष और जोश में कार की साइड सीट से उठकर आर्यन की गॉड में चढ़ गयी. आर्यन ," एक मं संगीता डार्लिंग आगे नाकेबंदी है ".

पर वह तो पीछे हटने की बाजए और आर्यन से लिपट के चूमने लगी. आर्यन ने कार नाके से 1 कम पहले hi रोक दी तोह सिक्योरिटी अफसर को भी साख हुआ. आर्यन ने बिना को कॉल मिलाया जो 2 रिंग में उसने उठाया 20 सेक् में जगह और नका बता के उसने सिक्योरिटी अफसर को रोकने को बोलै.

आर्यन झुंझला के," अरे यार मरवा hi डालेगी तू संगीता बस कर यार " ...... उसने उसको उसकी सीट पे धकेल दिया..... संगीता को तोह उसकी तोहीं hi लगी और दोनों सिक्योरिटी अफसर वालों को नजदीक देखकर आर्यन भी कार आगे बढ़ा दिया. तभी एक अफसर दौड़ता हुआ आया उन्ह दो सिक्योरिटी अफसर वालों को रोका जोह आर्यन की कार की तरफ बढ़ रहे थे और सब एक डैम से अटेंशन में आ गए, तीनो ने सलूट मार के दुसरे 6 सिक्योरिटी अफसर वालों ने पहले hi बारीकडे खोल दिए तोह आर्यन तेजी से कार दौड़ा दिया ताकि रानी संगीता को कोई पहचान न पाए या कक्तव कैमरा भी रिकॉर्ड न कर सके......

आर्यन भी गुस्सा हो गया था परन्तु उसको भी समझ में आ रहा था की वह ऐसी परिस्थिति से अवगत नहीं थी. संगीता ने t-shirt वापस पहन ली थी और अब साइड विंडो की तरफ देख रही थी. आर्यन ने दो कॉल मिलाये और 25 मं बाद कार एक चकरोड पे खेतों के बिच होती 3 कम दूर एक बाघ के अंदर जाकर रुकी. आर्यन ड्राइविंग सीट से उतरा तोह दो औरतें गोअन के परिवेश में साड़ी में भगति हुयी उसके सामने आ गयी. यह सरला दीदी का गोअन था और उनकी दोनों जेठानी के अलावा अब कोई भी मर्द आस पास नहीं था. पहला कॉल सरला दीदी को मिलाया फिर बिना को दुबारा कॉल करके समझा की उसको क्या करना है.

मल्टी = सरला दीदी की सास आगे 52 साल, हट 5'7"फट, फिगर 40दद - 33- 42, महा मकार औरत थी पर बदन ऐसा जोह लुंड उठवा दे.

अपर्णा = सरला दीदी की बड़ी जेठानी आगे 32यरस, हट 5'5"फट, फिगर 36-30-38, 2 बच्चों की माँ , एक चालू औरत थी.

ऋतुपर्ण = ( ऋतू) आगे 28यरस, हट 5'4"फट, फिगर 34-28-34, थोड़ा सीढ़ी औरत थी और एक साल का उसका बीटा था

आर्यन के सामने हाथ जोड़कर नमस्कार करि तोह आर्यन भी उनको नमस्कार करके पुछा," दीदी िश बाघ में तोह दो मंजिला मकान और चुबारे भी है ".

बड़ी जेठानी," हाँ मालिक हम भी दिन में वहीँ रहते हैं और रात को घर चले जाते हैं बस थोड़ी दूर साइड में hi है".

छोटी जेठानी," वहां सब सुविधा है 3 कमरे निचे और एक चुबारे ऊपर है, एक बाथरूम और टॉयलेट भी है मालिक".

आर्यन कुछ सोचकर," तुम ने अपने पतियों को पहरेदारी करने को मन लिया है न वार्ना सर के माथे के बिच गोली मारूंगा इतना याद रखना, चल तू चाय नास्ते का इंतज़ाम कर और तू एक बार उनके कान में बात और दाल दे".

आर्यन ने बड़ी जेठानी का बड़ा उल्टा चूतड़ दबा दिया जब वह पलटी थी वह चिनूक hi उठी ," अह्ह्ह मालिक सीईई "...... "चल काम पे लग जा" और छोटी जेठानी को हाथ पकड़ के बोलै ," तू तोह बहोत रसभरी है और नाम क्या है तेरा?"

आर्यन उसको लेकर आगे बढ़ गया तोह सुचित्रा भी हैरानी से सब देख रही थी की दो औरशन के साथ पहले बात किया फिर साडी के ऊपर से एक की गांड दबा दिया तोह वह हसकर चली गयी और दूसरी के अब गले में हाथ दाल के कहाँ जा रहा है जोह उसकी कांख तक hi आ रही थी. अब यह बाघ भी उसको डरवाना लग रहा था और सेलफोन भी उसके ों नहीं था.

" ऋतुपर्ण सब प्यार से ऋतू बुलाते हैं, और दीदी का नाम अपर्णा है "..... वह कुछ सकुचाती बोली......

आर्यन रॉब से," में सब जानता हूँ मेरी दीदी पे जितने जुल्म सितम किये हैं आज पूरा बदला लूंगा, जा अपनी सास को भेजना सिर्फ छोटी सास को और बात बहार गयी तोह कोई जिन्दा नहीं रहेगा समझा दियो. फ़ोन दीदी को बिलकुल मत करियो मेरे आदमी सब पे निघा रख रहे हैं. जा दावत का इंतज़ाम कर फ्रेश चिकन और मटन अर्रंगे कर कोई मर्द नहीं आना चाहिए. ले यह पैसे रख लग जा काम पे ".

वह बिचारि तोह आर्यन के प्यारों को पड़के माफ़ी मांग रही थी रूट हुए पर ुष निर्मोही को दया न आयी," चल जुटे ख़राब करेगी कड़ी हो जा". वह अभी भी रट हुए कड़ी हुयी तोह आर्यन ने पुछा ," तुझे दूध आता है न "..... वह अब अपना अंचल छाती पे लेने लगी.

"देख ऋतू अगर में खुश हुआ तोह तू पैसे की गहतरी पे सोयेगी, वार्ना ....... जा अपने मर्दों को समझा दे कोई इधर न आये. चिंता मत कर तेरी मर्जी की बिना हाथ भी नहीं लगूंगा"..... वह भी आंसूं पहुंचती जल्दी से दौड़ गयी.

आर्यन अब मूतने लगा एक पेड़ के पीछे तोह वहां सुचित्रा कार से उतर आयी थी, उसने ुष औरत को निचे झुकते देखा था पर अब वह वहां नहीं थी बस आर्यन अकेला मूट रहा था.

"जब तुम्हे किसी और के साथ समय बिताना था तो मुझे यहाँ लाये hi क्यों? " ...... और रोने लगी, आर्यन मूट के पेण्ट की जीप चढ़ता उसके पास आया और उसको गले लगाने लगा पर वह उसकी पकड़ से छूटना छह रही थी तोह अपनी गॉड में उठा के किश करने लगा पर संगीता पहले रिस्पांस नहीं की पर जल्दी hi रिस्पांस देने लगी..... पुछठ पूछह चुम्म्म्म चुम्म्म्मम्म .....दोनों एक दुसरे के थूक तक सटक रहे थे गीली किस्सियाँ करते हुए जब संगीता की सांस उखड़ने लगी तब आर्यन ने किश तोडा तो हाफने लगी ,उसके के हाथ उसकी स्कर्ट उठाकर उसके दोनों चूतड़ों को फ़िल्म्सी पेंटी में मसल रहा थे.

उसके आंसूं चाट के आर्यन ने उसको हसने पे मजबूर कर दिया..... आर्यन ने निचे उतर के उसको साथ लिया और कार में बिठा के पुछा," तुम्हारे पास चुनरी, रूमाल या दुपट्टा है संगीता ".

संगीता ," बैग में है, क्यों चाहिए तुमको ?"

"बस अपना मुँह ढके रखना ताकि कोई पहचान न सके और आज तुमको खुले आस्मां के टेल खेतों में प्यार करूँगा तुम्हारी 3 नयी दासियों से सेवा करवांगा. यह लोग मुझे जानते है तुम्हे नहीं और िंह औरशन ने मेरी सरला दीदी पे बहोत जुलुम किये हैं, मारा पिता तोह नहीं पर मेंटली उनको बहोत टार्चर किया था "....... आर्यन अब सब समझता चला गया तोह संगीता भी एक्सीटेंड हो गयी ..... "ज्यादा लगे तोह रोक देना पर इनकी सास कुटिया छिनाल बहोत चालू चीज़ है, यह कभी मुँह नहीं खोलेंगे पर में आपके लिए अभी रिस्क नहीं ले सकता".

आर्यन के गले लगकर ," सॉरी जोह मैंने नाके पे किया बस कण्ट्रोल नहीं हो रहा है जबसे पता चला तुम ने कल जमुना को पहले प्यार किया. में तुम्हारा पूरा साथ दूंगी अब तोह माफ़ कर दो मेरे छोटे बॉयफ्रेंड ".

आर्यन भों उचककर," छोटा बॉयफ्रेंड"...... अपने लुंड के उभर पे हाथ फेरा.

संगीता भी उसकी नाक से नाक रगड़ के," छोटा उम्र से बोलै लेकिन मालूम है मेरा बॉयफ्रेंड का बहोत बड़ा है "..... hi hi hi hi hi ......

फिर से दोनों चूमा छाती में लग गए, आर्यन ने देखा अपर्णा उनकी कार की तरफ आ रही है और उसकी चाल ज्यादा अल्हड हो गयी है. भेनचोद साली की गांड क्या दबा दी यह तो टांगों के बिच लुंड लेने की तयारी में है.

लेकिन कुछ hi दुरी पे एक और औरत दूर कड़ी देख रही थी..... आर्यन कार से निचे उतरा तोह वह पीछे साइड जाकर एक खाट और दो तकिये सर पे उठाये तेजी से इधर hi आ रही थी. अपर्णा अब अपनी साडी का पल्ला मुँह में दबाये है रही थी पर जैसे hi चेहरे पे एक दुपटा लपेटे संगीता कार स उत्तरी तोह उसका चेहरा उतर गया और हसी गायब हो गयी.

वैसे hi ुष औरत के हाव भाव थे जोह िश सेहरी मम को देख के पल भर में जोह सपने संजोयी थी चकनाचूर हो गए. संगीता हैट लगये, ऊँची हील शूज में, सेक्सी कैटवाक करती हुयी आर्यन के दिल पे छुरियां चला रही थी उसकी तरफ आते हुए.

आर्यन के सामने आकर उसके गले लग गयी और आर्यन ने उसके नितम्बों के निचे हाथ लगा कर उठा लिया. अपना दुपट्टा चेहरे से निचे करके उसको किश करने लगी. 2 मं तक चला किश बहोत गरम था सबके लिए अब तोह ऋतू भी वहां अपनी सास के पीछे कड़ी देख रही थी. आर्यन ने उसको गॉड से उतर के कहा ," संगीता डार्लिंग यह बाघों की देखभाल करती हैं".

"यू मैं कामवाली ..... इन्हे दफा करो यार मेरा बहोत रोमांटिक मूड हो रहा है "...... वह थोड़ा आगे चली गयी और सरला दीदी की सास और अपर्णा ने चारपाई बिछाई और दोनों तकिये रक् दिए. आर्यन बोलै," सॉरी माजी, मेरी गर्लफ्रेंड थोड़ी मॉडर्न है वह यहाँ के परिवेश से परिचित नहीं है ".

संगीता चिल्ला के ," आर्यन यहाँ कितनी गर्मी है, ी वांनै पी नाउ ".

" ऋतू तुम मैडम के साथ चली जाओ उनको फ्रेश होना है..... डार्लिंग यू जो अलोंग विथ तहत नीस गर्ल "..... ऋतू जोह एक छोटी से चारपाई के लेवल की मेज लेकर आयी थी वहां राखी और संगीता को बोली ," आप मेरे साथ चलिए मैडम ".

आर्यन भी अब समझ गया था ऋतू एक अच्छी औरत है, वह जब भी उसका रेजिस्टेंस देखा था जब कंधे पे हाथ रखा था और उसके दूध कलश भी देखकर समझ गया था उसका एक छोटा बच्चा भी है.

संगीता के ऋतू के साथ जाते hi अब अपर्णा ने एक पानी की बोतल राखी फिर 2 चाय के कप्स ,बिस्किट्स, नमकीन और मिठाई राखी ुशी मेज पे. आर्यन खाट पे बेथ गया और उसकी सासु मल्टी और अपर्णा जमीन पे उकडू बैठकर उसके प्यार दबाने लगी.

आर्यन कड़क आवाज में," जी तोह करता है तेरा मुँह तोड़ दूँ भुड़िया पर अपनी गर्लफ्रेंड के सामने नहीं कर सकता. मैंने भी पता लगा लिया है कितने पानी में है तू. अपर्णा मेरे पास बेथ तू ".

मल्टी हाथ जोड़कर," माफ़ कर दो मालिक गलती हो गयी, कुछ भी सजा दे लो बस एक बार को माफ़ कर दो "...... 52 साल की मल्टी अब भी गदराये बदन की थी और उसकी हाहाकारी चूचियां ब्लाउज पहाड़ के बहार आने को थी. 3 बाचों की माँ की चर्बी सही सही जगह थी और पहाड़ जैसी चूचियां देखकर उसका लुंड बगावत करने लगा.

आर्यन से 2फट की दुरी पे अपनी गांड अपर्णा खाट पे टिकती ुष से पहले hi कमर में हाथ दाल के आर्यन ने उसको अपनी सीढ़ी जांघ पे बिठा लिया. 7 फट का यह सांड जैसे आज बकरियों के बाड़े में घुस गया था और उसकी ताकत सरीर से hi नहीं उसकी हरकतों में भी दिख रही थी.

अपनी साड़ी का पल्लू मुँह में दबा के मुस्काती मल्टी जोह सरला दीदी की छोटी सास थी, अब जोरसे आर्यन की आधी जांघ तक दबाने लगी पर उसके हाथ hi डाब रहे थे जांघ नहीं. अपनी चूचियों की घाटी और ज्यादा दिखाई मल्टी ने अपनी बहु की उलटी चूची जोरसे दबवा दी जिसको आर्यन ब्लाउज के ऊपर से सेहला रहा था, उसकी चीख निकल गयी " अह्हह्ह्ह्ह मैयाआ मररररर गयी मालिक धीरे से दबाओ".

मल्टी ने उसकी पेण्ट में बड़े उभरे भुजंग पे हाथ रखना चाहा तो आर्यन ने उसका हाथ झट से पकड़ा और बोलै," तू इश्के लायक नहीं हो पायेगी काकी"...... तभी संगीता और ऋतू की हस्ते हुए बात करते आवाज आयी तोह अपर्णा भी आर्यन की गॉड से उठ चुकी थी पर हाफ रही थी निचे थोड़ी दुरी पे बैठकर. मल्टी भी पीछे खिसक गयी थी.

संगीता सीढ़ी जाकर आर्यन की गॉड में बैठी तोह उसको भी पता चल गया की लुंड कितना हार्ड है. ऋतू कड़ी कड़ी शर्मा रही थी अपने बॉयफ्रेंड आर्यन की गॉड में बैठी संगीता को देखकर जोह उसको गॉगल्स पहने और चीन तक दुपट्टा निचे किये स्मूच कर रही थी. आज वह तीनि देहाती औरशन के सामने बेशर्मी कर रही थी पर मजा उसको भी सबसे अलग तरह का आ रहा था.

आर्यन ने चाय को खा संगीता से और खुद चाय पीते हुए मल्टी से पुछा ," माजी आज चिकन और मटन बनो मेरी डार्लिंग गर्लफ्रेंड को बहोत पसंद है..... हाँ सोडा की बॉटल्स बर्फ भी मंगवा लेना "..... और उसकी गोरी गोरी चिकनी झंगें स्कर्ट के अंदर हाथ दाल के सहलाने लगा.

आर्यन ने संगीता को चारपाई पे बैठा के खड़ा हुआ तोह चरों औरशन को उसके अकड़े लौड़े का बड़ा उभर दिखा जोह पेण्ट में आगे टेंट hi बना दिया. आर्यन भी बेशर्मो की तरह अपना लौड़ा एडजस्ट किया और ऋतू को पुकारा. वह तो पहले hi डर गयी थी उसके अंदर यह लुंड नहीं जा सकता वार्ना मर hi जाउंगी. वही हाल मल्टी और अपर्णा का भी था जिनकी आंखें hi सॉकेट के बहार आने वाली थी दोनों hi अपना थूक निगल रही थी.

ऋतू भी आर्यन के पुकारने पे उसके पास नज़र झुका के आ गयी. वह उसको कार के पास ले गया जोह चारपाई से पीछे 10 मीटर की दुरी पे कड़ी थी और दिखय खोल के एक वाइन की बोतल उसको बर्फ में रखने को कहा किसी बर्तन के बिच. एक सिंगल माल्ट की बोतल भी पकड़ा दी की पहले नॉनवेज स्नैक्स रेडी करवा उसके बाद गिलास बर्फ और सोडा के साथ बोतल ले आना. पर ुष से पहले एक साफ़ चादर, टोलिया और और पानी की बाल्टी रख जा "...... वह एक अच्छे स्टूडेंट की तरह हर बात पे जी मालिक बोल रही थी.

आर्यन ने ुष से शरारत से पुछा," तू ने अभी तक बतया नहीं की तुझे दूध उतरता है की नहीं "...... " जी मालिक..... हाय दया "..... वह शर्म से वापस दौड़ गयी दोनों बॉटल्स लेकर.

आर्यन भी हसने लगे, अब अपर्णा को अपने पास आवाज देकर बुलाया और उसको धीरे से बोलै," देख मुझे अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अच्छा वाला टाइम बिताना है तोह समझ गयी न"....... फिर एक 500 के नोटों की गद्दी उसको थाम दिया तू उसने बिना इंकार के ले ली.

अपर्णा," आप का हुकम सर माथे मालिक और कोई हुकुम मालिक "...... आर्यन ने दिखय बंद की और झांक के देखा तो संगीता अभी मल्टी से बात कर रही थी.

आर्यन ने अपर्णा की कमर में हाथ दाल के अपने से चिपका लिया तोह अमरबेल की तरह ुष से लिपट गयी जैसे इसी इंतज़ार में थी. आर्यन ने उसकी चूची और चूतड़ मसलने दिए..... " बहोत आग है तुझमे, कितने बच्चे हैं तेरे..... अपने जीजा की सेवा भी ऐसे hi करती है".

अपर्णा एक बार को झटका खाई फिर बोली," आप कहोगे तोह आज के बाद अपने खसम को भी हाथ न लगाने दूँ जीजा क्या चीज़ है".

आर्यन ुष से अलग होकर ,"जा काम पे लग जा खुश हुआ तोह तेरा इंमान भी मिलेगा बस रंडीबाज़ी से मुझे भी नफरत है. तेरी सास बहोत गदराई हुयी है साली ने एक बार में hi लुंड खड़ा कर दिया".

अपर्णा हस्ते हुए," जहरीली औरत है मालिक िश सौतेली सास के चक्कर में hi जीजा के सामने लेटना पड़ा. वैसे हाथ लगते hi लुंड पे चढ़ जाएगी भुड़िया ".

आर्यन भी लुंड मसल के," इश्कि चीखिआ तोह आज पूरा बाघ सुनेगा..... कुटिया यह बगैर ठुकवाये न मानेगी. वैसे ऋतू के कितने बच्चे हैं ?"

ऋतू का नाम सुनकर अपर्णा बोली," मालिक एक hi बीटा है डेढ़ साल, पर वह आपको झेल नहीं पायेगी". अपर्णा का मुँह भींच के एक हाथ से रॉब दिखा के बोलै," मैंने पुछा तुझे, जा जल्दी से अब रसोई तू संभालेगी और तेरी सास पहरा देगी".

उसको लगा आर्यन नाराज हो गया तोह उसके प्यार पकड़ के बोली," में रसोई भी संभल लुंगी और पहरेदारी भी करुँगी मालिक आप गुस्सा थूक दो. रीती को भी आपके लिए मन लुंगी, मेरी रंडी सास तो त्यार है hi".

आर्यन," जा अपनी सास को भेज और मेरी गफ को बिजी रखना ".

आर्यन ने अपने सेलफोन से कॉल मिला के बिना को कुछ इंस्ट्रक्शंस दिए फिर कॉल कट किया तो सरला दीदी की छोटी सास अभी भी उसकी जांघों के बिच देख रही थी. आर्यन ने वहां खुजाया और बोलै," साला अंडरवियर टाइट है निक्कर hi पहना पड़ेगा".

मल्टी भी झेरली मुस्कान लिए बोली," मालिक लुंगी ला दूँ आपको आराम मिलेगा".

आर्यन भी हस्ते हुए उसकी चूचियां ताड़ के मल्टी के चरों ओरे घूम के ऊपर से निच्चे तक देखा तोह उसका पिछवाड़ा तोह और भी जानलेवा था. भेनचोद मर्द मार औरत है और उतनी hi चालबाज़ भी.

" मौसी कोनसी चक्की का अट्टा कहती है छोटी पूरी बुलडोज़र लगती है" और आर्यन ने पीछे से उसके हथनी जैसे बड़े बड़े चूतड़ सेहला दिए.....

यह देवी, आर्यन की दादी, जैसी तोह नहीं थी पर उनसे काम भी नहीं थी. देवी लम्बी और ज्यादा गदराई जिस्म वाली थी पर मल्टी का गुदाज जिस्म भी काम न था. हाँ कलर इश्क साफ़ था पर नैन नकाश देवी के ज्यादा शार्प थे.

मल्टी भी सिसक पड़ी ," हाँ मालिक िश बदन को कोई टैंकर जैसे सरीर वाला रूंध सकता है "...... आर्यन को हसी आ गयी उसके लुंड को भी सब उसकी लवर्स "तोपची" बोलती हैं.

दोनों भरी भरकम चूतड़ मसल मसल के आर्यन ने 3 मं में hi मल्टी को झाड़ दिया जब उसकी बुर एक हाथ से साड़ी पेटीकोट के ऊपर से जोरसे दबोची...... अपने मुँह पे दोनों हाथ रखकर बस अपनी चीखिआ दबा रही थी. आर्यन अब आगे चूचियों का जायजा ले रहा था टोल टोल के," मौसी मजा आएगा तेरा भूगोल देखने नाप के पर मेरी गर्लफ्रेंड भी साथ है बस आज उसकी सेवा में हूँ. आया तोह था तेरा मुँह बंद करने पर अभी खुला hi रहेगा बस तू बोल नहीं पायेगी. चल तू भी क्या याद रखेगी , परहीदारी करना अगर मेरी गर्लफ्रेंड ने देख लिया तो सीधा गोली मारेगी माथे के बिच, एक बहोत बड़े बिज़नेस मन की बेटी है ".

मल्टी अब संभल गयी थी और आर्यन का हाथ पकड़ कर बोली," मालिक जुबान काट देना पर किसी को पता न चलेगा बस अब आप ने मुझे कह दिया है तोह आपकी मैं से सेवा करुँगी पर यह जुबान नहीं खुलेगी".

आर्यन ने दिखय में पड़ा ैरबाग खोला तोह 500 और 2000 के नोटों की गद्दियों से भरा था..... काकी तो थूक hi सटकने भूल गयी, आर्यन ने एक 2000 की गद्दी निकाल के बैग बंद कर दिया और दिखय लगा के काकी की तरफ बाध्य जोह बस उश्के हाथ में हिलती गद्दी को hi देख रही थी की कब मिलेगी.

आर्यन ने हसकर गर्दन हिलायी तो दोनों हाथो से लपकी पर 2000 की गद्दी आर्यन ने नहीं छोड़ी तोह काकी उसकी तरफ बच्चों के खिलौना दबाये एक्सप्रेशन से देखा," आज के बाद तेरे दोनों दामाद पूरी महापंचायत के गोअन में भी नज़र नहीं आने चाहिए और वार्ना जान से hi मार दूंगा ".

आर्यन ने गद्दी छोड़ी तोह काकी तोह इतने नोटों को देखकर खुसी से पागल hi हो गयी और आर्यन ने प्यार पकड़ लिए ,"में खुद पीटकर भगा दूंगी दोनों को फिर कभी नज़र नहीं आएंगे... मालिक इतनी बड़ी रकम मैंने आज तक नहीं देखि, क्या ये मेरी है सच्च बोलिये?"

आर्यन तोह पहले hi जान गया था की मल्टी काकी इतनी महंगी कार देखकर और उसको सामने देखकर ललचा गयी थी. पैसा उसकी कमजोरी था और आर्यन ने उसकी वफादारी अपनी दीदी के लिए खरीद ली. वासना की भूक भी थी पर धन की सबसे ज्यादा भूक थी.

आर्यन," अब अपने काम ले लग जा काकी और ऋतू को उसके पैसे लौटा देना जोह तेरे ब्लाउज में छुपा रखे हैं. अच्छी सेवा करेगी तोह और ज्यादा भी मिलेगा पर अब से तेरे सरे कर्मकांडों पे में टाला देखना चाहता हूँ".

मल्टी भी बस खुश होती चली गयी आखिर कुबेर भगवान् जैसा था आर्यन खुद उसके लिए, कभी न सम्पात होने वाला खंजाने का मालिक. उसकी चाल hi बदल गयी थी अपने साथ अपर्णा को लेकर वह जैसे दौड़ hi रही थी.

पहले अपने ब्लाउज से 500 की गद्दी ऋतू को दी और बोली," मालिक के लिए सब सेवा में जुट जायो आज साक्षात भगवन hi पधारे हैं उनके रूप में हमारे यहाँ. में जरा िंह नीमकों की खबर लेती हूँ. अपर्णा बेटी तू रसोई संभल और ऋतू बेटी तू मालिक का ध्यान रखना जब वह बुलाएँ तभी वहां जाना". दोनों बहु अपनी सौतेली सास के मुँह से बेटी सुनकर चौंक hi गयी जोह भुड़िया कुलटा, रंडी, छिनाल.... के सिवाए स्तब्ध न निकलती थी वह इतनी मीठी भासा बोल रही थी और कमाल hi हो गया 2000 की गद्दी भी अपर्णा को थम दी संभल के रख किसी को भी खबर नहीं होनी चाहिए वार्ना खाल में भूसा भर दूंगी.

ऋतू ने पहले hi सब इंतज़ाम अब बाघ के पूरब के हिस्से में कर दिया था जहाँ टूबवेल चल रही थी और आम के पेड़ ज्यादा घने और चाहयादार थे. आर्यन जब टहलता हुआ संगीता की कमर में हाथ डाले वहां पहुंचा तोह ऋतू बोली," मालिक आप बिफिकर रहिये इधर कोई नहीं आएगा, मुझे आवाज दे देना में आ जाउंगी ".

आर्यन भी बस मुस्करा के पुछा," उतरता है की नहीं !"...... वह भी सर झुका के "उतरता है" जवाब देकर जल्दी से वहां से रफ़ुचकर हो गयी.

उसकी देवरानी सरला के लिए इतनी जमीन जादाद और कोठी के साथ महंगी गाडी भी जब गिफ्ट किया तोह सब आर्यन को अच्छा hi समझते थे पर उसकी छोटी सास ुष समय अपने पीहर गयी थी और उसके पीछे hi सब हुआ. अपनी आदत अनुसार वह सबको कण्ट्रोल करती थी पर अब सरला से तोह कुछ कह नहीं सकती थी फिर वह दिल्ली hi ज्यादातर रहती थी ंप का इलेक्शन लड़ने वाली थी और एयरोप्लेन उड़ना सिख रही थी. रमेश जीजाजी दिल्ली या गाओं ुपदोन करते रहते थे और सरला ने उनको भी स्विफ्ट कार ड्राइवर समेत दिलवा दी थी 2ंद हैंड. सब उसके भाई आर्यन की बदौलत था पर एक्स्ट्रा एक पैसा खरच नहीं करती थी. अपने दोनों जीजा और उनकी गन्दी निघा का जीकर किया था और कमीनी छोटी सास का भी आर्यन से. पर सरला जोह भीमा की बेटी थी वह ुष्पर दबाब कभी बना hi नहीं पायी थी.

ऋतू को भी आर्यन अच्छा लगता था पर एक भाई की तरह पर जैसे पिछले 1 घंटे में जोह हो रहा था अब वह उसकी तरफ खिचाव महसूस करके औरत की तरह सोचने लगी. आर्यन ने कहा था उसकी मर्जी के बिना हाथ नहीं लगएगा फिर उसकी गर्लफ्रेंड (संगीता) उम्र में बड़ी hi सही 5-7 साल उसकी hi उम्र की पर कितनी सुन्दर है. संगीता को वह कहीं से भी 43 साल की नहीं समझ रही थी बल्कि 25 साल की लगती थी. हाँ संगीता के पास अच्छी फिगर थी पर उसको पता लगता की वह एक रियासत की रानी है तोह सुनकर hi बेहोश हो जाती.

उधर चेंज करके आर्यन अब एक शॉर्ट्स पहने दोनों एक दुसरे की बाँहों में लिपटे चूमा छाती कर रहे थे एक पेड़ से आर्यन पीठ का सहारा लिए था.

गीता का कॉल आया तोह किश टूटी अब आर्यन संगीता को पीठ पे चढ़ा लिया ताकि उसको भी सुनाई...... "कहाँ है तू? तुझसे जरूरी बात करनी है ".

आर्यन बड़ी मीठी आवाज में बोलै," तेरे दिल में हूँ चंदा रानी बस बोल दे नज़रों के सामने मिलूंगा "....... रति का गाओं तोह बस 10 मं की दुरी पे था तोह आर्यन जाने को भी त्यार था.

गीता सीरियस टोन में," मेरी बात ध्यान से सुन तू कल तक गाओं में एंटर नहीं करेगा, मेरी कसम खा ".

आर्यन भी परेशां होकर," ठीक है में अपनी चंदा रानी की कसम खता हूँ कल के बाद hi गोअन में एंटर करूँगा, अब खुश "..... आर्यन को फ़ोन पे पूछ पूछ किश करने लगी तोह एक पूछ दीप्ति का भी आयी तोह समझ गया दीप्ति की भी सहमति है.

गीता ," ी लव यू जणू ी लव यू मेरा सोना बेबी पुछठ पूछह ".....

दीप्ति ," आप माहि चिंता मत करो में दीदी के साथ हूँ. ी लव यू माय डिअर माहि यू अरे थे स्वीटेस्ट हस्बैंड इन थिस वर्ल्ड और नागभसा में बोली हिस्स्स्स हिस्स्सा हिस्स्स्स हिस्ससस्तु.... bye"

दीप्ति ने कोड वर्ड में समझा दिया था की बड़ी मम्मी ख्याल रखना.....

गीता हसकर ,"मुझे भी समझ में आ गया , bye".

लेकिन संगीता जोह दोनों की बात सुन्न रही थी आर्यन की पीठ पे लड़े और वह आगे चलता चले जा रहा था...... कॉल कट करके अब आर्यन ने उसको एक डॉल की तरह अपने आगे की तरफ लिया और उसको किश करके बोलै," आज रात तक 12 बजे तक एंट्री बांध है गाओं में जाने की. मुझे पहले साख था दोनों की वजह से नाकेबंदी हुयी है".

संगीता किश तोड़कर ," लेकिन कल पूरा दिन भी पड़ा है ".

आर्यन उसको वापस किश करके," उष्ण टाइम नहीं बोलै है और मुझे रात को गोअन जाना होगा 12 बजे के बाद".

संगीता बेचैन होकर बोली," अभी 6 से ज्यादा घंटे हैं और तुम पिछले 21 घंटे से मुझसे बस खेल रहे हो, आखिर क्या बिगाड़ा है मैंने तुम्हारा आर्यन जोह तुम्हारी तड़प में यहाँ से वहां घूम रही हूँ बस मुझे प्यार करने के लिए जैसे तुम्हरे पास वक़त तोह है बस तड़पा hi रहे हो ".

आर्यन ने उसकी रूनी सकल देखकर एक बार चूमा," मुह्हह्ह्ह्हह ..... थोड़ा गीली हो जाओ जानेमन, यह मैंने सेलफोन ऑफ किया 6 हरष एक्सक्लुसिवली तुम्हारे ..... पुछःह पुछःह मेरा सोना बेबी रोटा क्यों हूँ".

आर्यन का पूरा चेहरा चूमि से भर दी और उसका फ़ोन अब मीणा के थ्रू कॉल डाइवर्ट पे जुड़ गया था तोह वह भी दिल्ली ऑफिस में स्माइल करके बोली," आप प्रेग्नेंट हो रानी संगीता बस अपने बच्चे को प्यार से सींचो ".

आर्यन ने संगीता की ड्रेस आम के पेड़ का सहारा लिए किश करते कमर तक चढ़ा दी और अपना परचंड लुंड जब शॉर्ट्स से निकला तोह तीन औरशन की चीख बड़ी मुश्किल से रुकी.....

ऋतू जोह उनके समीप जा रही थी ठिठक गयी, अपर्णा जोह चिकन और मटन मसलों से मरिनाते करके बहार टूबवेल पे हाथ धोने को आयी थी और उसकी सास जोह एक पेड़ के पीछे छिपकर 5 मं से चूमा छाती देख रही थी. तीनो को अलग अलग एंगल से ुष तोपची के दर्शन हुए तोह जैसे 5 इंच मोटा लाल कश्मीरी सेब जैसा टोपा और पीछे जैसे न खेतान होने वाला मोटा डंडा जोह एक डैम गोरा था और ऋतू को उसकी नशे भी दिख रही थी जोह सबसे पास थी .

पेंटी के ऊपर से टोपा रब करते दोनों हाथो से चूतड़ों को मसलते आर्यन का लुंड खुली हवा में सांस लेने लगा, दोनों बस किसिंग में खोये थे यहाँ 3 अलग अलग उम्र की औरशन के सब छेदों से धुंआ निकल रहा था. ऋतू दर के मारे वापस दबे पौन निकल गयी, अपर्णा टूबवेल की हौज के पीछे चिप गयी और उनकी सास मल्टी ने धोती के ऊपर से अपनी बुर दबोच ली थी.

" हाय राम यह मुसल सच्च में न लिया जायेगा हमसे तोह यह सेहरी लौंडिया कैसे लेगी, पक्का मर्डर जाएगी आज..... ोीीी माँ आज तोह मालिक के हाथ सा न बचूंगी, पहाड़ दियो मोरी बुर ने यह तगड़ा झोटा पेल के ".

शॉर्ट्स के बटन खोल के अंडरवियर उतरा के जब पूरे दर्शन हुए तोह मंतर मुग्ध hi हो गयी सास बहु....... पहाड़ hi देगा जिसकी छूट में घुसा लेकिन अपनी पेंटी को साइड कर अब संगीता नहीं रुक सकती थी ुष तोपची की चुभन से.

आर्यन ने उसकी शर्ट खोल दी और टॉप को ऊपर उठा के दोनों कबूतर पकड़ के मसल दिए. संगीता ने और ऊपर उचक के आर्यन का टोपा अपनी छूट के चीरे से निकल रहे रास से चिकना और दबाव बनती हुयी दर्द से सिसकी निकली अह्हह्ह्ह्ह ारयणणणणणण अंदर नहीं जा रहा है..... जब 2-3 बार असफल हुई तोह आर्यन पेड़ के सहारे और झुका घुटने मूड के अब लुंड बिलकुल छूट की सिद्ध में आ गया था.

संगीता अलवर में भी दो बार चुद चुकी थी आर्यन से पर इतने दिन के गैप के बाद छूट फिर से टाइट हो गयी थी पर अब राजा त्रिभुवन के किसी काम की न थी जोह दो बार सम्भोग किया था वह भी फुल नशे में. संगीता उनको होश में रखती तोह पता चल जाता की घेरे और चौड़ाई छूट की बढ़ा दी है आर्यन ने. वैसे भी आर्यन की छोड़ी हुयी औरत अपने पति क्या किसी और मर्द के लायक नहीं बचती थी, उसका लुंड hi उनको संतुस्ट कर सकता है. त्रिभुवन सिंह से छुड़वाने के लिए संगीता और जमुना को आर्यन ने hi बोलै था अलवर में ,जिससे उनको बच्चे होने के बाद साख न हो बस नशे में ज्यादा रखना. उधर राजा जबर सिंह तोह अभी तक अपनी तीनो रानियों को हाथ नहीं लगया था ुष काली रात के बाद. अब उसका लुंड hi नहीं खड़ा होता तो बिचारा क्या कर सकता था डर के मारे.

संगीता की चूचियों को पीते हुए आर्यन ने उसके मुँह में सीधे हाथ की 4 उँगलियाँ दाल दी थी और एक तेज झटका मारा लुंड छूट में फसा के ...... 7 इंच तक लुंड छूट के अंदर था पहली बढ़ा पार करता तभी जोर की चीख निकली संगीता के मुँह से "ओह्ह्ह्हह्हह माआआ मररररररर गईइइइइइइ ...... ारयणणणणणण पुलललललललल ितत्तत्त ोूत्तत्ततत्तत...... siiiiiiiiii बहोत दर्द हो रहा है ......." चूची से मुँह हटा के उसका गाला दुसरे हाथ से पकडे अपने ऊपर झुका लिया और गाहट में अंदर उँगलियाँ ठूस के उसकी जीभ बी डाब गयी थी बस गोओ गोओ हुण्णं हुण्णनं की आवाज आ रही थी और अपनी कमर धीरे धीरे हिलने लगा ..... हर 3 धक्कों के बाद एक धक्का जोर का मरता तोह एक एक इंच लुंड अपनी सुरंग में जगह बना के अब बहोत खुश था और टोपा फूलना न समां रहा था.

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10-11 इंच तक लुंड अब जगह बना के अंदर बहार हो रहा था , संगीता तोह पहले hi दर्द की मार झेल रही थी हाथों से आर्यन को मारते हुए..... अब गाला छोड़ के उसकी लेग टांग उठा ले उसने सीढ़ी कर दी ऊपर को तोह पिस्टन की तरह लुंड छूट को चीरे अंदर बहार हो रहा था और छूट भी पानी छोड़ रही थी......

एक चपत हलके से उँगलियाँ निकल के उसके मुँह से गाल पे लगाई और सांस उखड़ी संगीता का पूरा चेहरा चाटने लगा ...... " बहोत रसीली है तेरी बुर मेरी रानी मजा आ रहा है वापस तुझे पाकर ..... पुछःह पुछःह चुम्म चुम्म...... "

संगीता की आँखों से काजल भी आंसूं के साथ बह गया था जोह अब सूख चुके थे अभी भी दर्द था पर बोलते हुए रोष प्रकट करने लगी ,"सीईई अह्ह्ह्हह्हह मुझे मारररर hi डालूऊओ तुम एक बार में घुसा दिया .... तू बहोत बुरा है आर्यन कमीने धीरे कर न ..... उईईईईई मायआ में नहीं बचती आज ....... " 5 मं की चुदाई के बाद अब उसका मैं भी कैद हो गया......

संगीता की टांग अब पेड़ के तने से सीढ़ी लगा के सिर्फ ड्रिलिंग hi कर रहा था छूट में लुंड ठोकते तेजी से हुन्न्न हुण्णनं करती अब साँसों को दुरुस्त करती हिम्मत बटोरने लगी और अब उसे भी मजा आ रहा था ...... पुछःह पुछःह ारयणणणणणण प्लीज लोवीएए में ..... में तराश रही थी तेरे इसी प्यार और दर्द के लिए ..... "

आर्यन भी उसको चूमते बोलै " ी लव यू तू जान ...... मैंने भी तुम्हे बहोत तड़पाया अब बस प्यार hi करेंगे मेरी जान ....... पुछःह पुछःह चुम्म चुम्म .... " संगीता भी 2 मं के बाद अब पहला लुंड अंदर लेने के बाद झड़ने hi लगी थी तोह आर्यन ने झट से लुंड छूट से पुकककककक की आवाज करता निकला और निचे बैठकर संगीता की छूट से मुँह लगा के चूसने लगा..... झड़ते हुए उसका जिस्म कांप रहा था जिसको खड़े रहने में आर्यन ने सहारा दे रखा था. "सलरपपपपप सलूरर्पपपप बहोत खट्टी है तू संगीता बहोत खट्टा कहती है ...... "

संगीता भी आंख बांध किये उसकी बातों पे हसने लगी और छूट के होंठों पे आर्यन की गरम जीभ पहले रहत दी फिर छूट के अंदर तक सिखाई सी कर रही थी तोह दर्द भी काम होने लगा..... जल्दी hi दूसरी बार गरम हो गयी थी......

इधर लाइव शो अपने अपने एंगल से देखकर सास और बहु की हालत ख़राब हो गयी थी..... कैसे किल्ला थोक के मालकिन की छूट पहाड़ डाली और इतना मोटा खूंटा ले hi लिया पक्का साली पहले भी आर्यन से छुड़वाई होगी. बहु 3 बार और सास 2 बार झाड़ चुकी थी छूट में ऊँगली करके. अब मल्टी अपने को ठीक करके थोड़ा नजदीक पहुंची पेड़ों की ोहत में तोह अपनी बड़ी बहु का सर दिखा तुबे वेल की हौज के पीछे.

" यह बुरचुदनी की भोसड़ी में बहोत आग लगी ससुरी एक काम भी ठीक से नहीं कर सकती, अब भुजती हूँ रंडी की प्यास"...... अब घूम के टूबवेल के पीछे से एक हाथ अपनी साड़ी उठाये नीची झुकी अपर्णा की चुटिया पकड़ी और मुँह दुसरे हाथ से बंद करके उसको खींच के पीछे ले गयी जहाँ मोटर चलने की वजह से आवाज नहीं जाती उसके शोर में, जाकर जमीन पे पटक दी और 5-6 झाप्पड़ जड़ दी ," कुटिया की पदिश , साली रंडी इतना मरूंगी की भोसड़ी में मिर्ची दाल दूंगी. भाग यहाँ से नहीं तोह गर्दन कटवा दूंगी मालिक से ".

बिचारि गिरती पड़ती भागी उसकी छूट की सब गर्मी भुड़िया ने निकाल दी थी. अपनी सास और जेठानी को पहले hi ऋतू देख चुकी थी तोह वापस वैसे भी आर्यन का लुंड देखकर चली गयी. उसकी सास भी उसको वापस जाते देखि तो खुद लाइव शो देखने लगी पर बड़ी बहु ने हद hi कर दी, सारे काम छोड़ के यहाँ बुर खुजा रही है. फिर से एक बार उसकी सास मल्टी ने नज़र मारी तोह संगीता अब निच्चे बैठी आर्यन का लुंड चूस रही थी पर उसकी सास को अनादि hi लगी. वह भी संगीता को नंगी देखकर सरीर से 27-28 साल से ऊपर की नहीं समझ रही थी. फिर अब वापस चुबारे की तरफ चली गयी अपनी बहुओं को हिद्दत देने.

कई देशों की यात्रा करने वाली रानी संगीता विदेशी परिधान भी वहां पहनती थी पर राजा त्रिभुवन सिंह ने भी कभी उसको खुले में नहीं छोड़ा था पर यहाँ हिंदुस्तान के एक गाओं में िश बाघ में संगीता घुटनो के बल बैठी जितना लुंड मुख में ले सकती थी उतना मुँह में और बाकी का अपने दोनों मुठी में गोल गोल रगड़ के बचा हुआ लपेट टी. उसकी छूट रास से थूक मिश्रित होता आर्यन के लुंड को पूरा चिकना कर दिया था तोह बची कुछ ड्रेस हटा दुपटा भी गले तक सर पे हैट लिए आर्यन ने उसके बगल में हाथ दाल के बच्छों की तरह उठा लिया और संगीता को चूम के बोलै," अंदर कर मेरे रानी .... पुछःह पुछःह ...... तुझे उड़नखटोले की सैर करवाता हूँ ..... चुम्म्म्म चुम्म्म्मम्म ".

संगीता की तोह कुछ समझ नहीं आया की हवा में तंगी हुयी कैसे अंदर लुंड ले पर आर्यन ने जब उसको थोड़ा खिसका के अपने लुंड से छूट और गांड के चीरे को रगड़ा तो उसको भी लगा की यह मुझे अपने लुंड पे उछाल उछाल के छोड़ना चाहता है. ओह्ह यह कोनसी तरकीब है पर जब उसकी गर्दन चाटने लगा तोह एक बहन गर्दन पे लपेट एक दोनों के जिस्मो के बिच दोनों की झांघो के जोड़ तक ले गयी. जैसे hi तोपची की गर्दन उसकी ऊँगली में आयी तोह मुठी में दबोच ली और टांगें आर्यन के कठोर चूतड़ पे कास ली.

छूट पे 2-3 बार टोपा रगड़ी और धीरे से जोर लगा के बैठी तो चले को चौड़ा करता मोटा टोपा जा घुसा ," अह्हह्ह्ह्ह मररररर गयीईइ ...... हर बार दर्द करता है इतना बड़ा जोह है ..... सीईईई "

आर्यन ने उसके कंधे पीछे किये और गाल चूम के बोलै," बना लो इश्को अपनी छूट का गुलाम जब भी अंदर लो तोह एक रानी की तरह विजयी मुस्कान लिए न की दर्द से बेहाल एक औरत की तरह. तू अलवर की रानी है मेरी जान कोई आम औरत नहीं है मेरी प्यारी डार्लिंग "..... उसके होंठों को चूम के अब एक बार और 2 इंच तक अंदर लेकर दूसरी भी बहन गर्दन पे लपेट के बोली," शह्ह्ह्हह्ह हूंणणन्न ...... रानी हूँ पर एक आम औरत की छूट है मेरे पास ( अब वह भी ासभ भासा में बोलने लगी) तुम्हारे लुंड तोह जैसे िश धरती का भी नहीं लगता, ओह्ह्ह्हह्हह में जानवर का नहीं कहूँगी पर सायद यह तुमको वरदान में मिला है की तुम भी स्पेशल हो और तुम्हारी लुंड भी बस हम औरतें भी इश्कि चाहत रखने लगी हैं. अब तुम आगे बढ़ो में संभल लुंगी जैसे चाहो भोगो मुझे आर्यन बस मुझे पूरा तृप्त करो "...... पुछःह पुछःह .....

आर्यन अपनी कमर और चूतड़ को झुम्बिश देता और अंदर और ज्यादा अंदर और लास्ट में जितना हो सकता था लुंड अंदर करता अब सच्च में hi रानी संगीता को हवा में उड़नखटोले में तोह नहीं पर उसको सपनो जैसे वायुयान में जरूर पहुंचा दिया..... अपनी चाहतियाँ आर्यन के सख्त मस्कुलर सीने पे जब रगड़ती तोह छूट में मोटा खूंटा लिए ज्यादा चिपक के आर्यन के हाथों में उछाल उछाल के लुंड लेती और रास छोड़ती उसकी छूट अब पहच पहच के साथ थपप्पपपपपप थपप्पपपपपप पटट्ट्ट्ट पटट्ट्ट्ट भी करती.....

दोनों हाथो से कभी उसके चूतड़ तोह कभी कमर और गर्दन सेहलता तोह कभी उसकी गर्दन पे चूबल्ता..... 7-8 मं का नॉन स्टॉप सेशन संगीता के चरम सुख के साथ रुका...... आर्यन अब उसको गॉड में लिए ज़मीन पे ऋतू की बिछाई चादर पे संगीता को पीठ के बल लिटा उसकी चूचियां सेहलता एक टांग कंधे पे रख के छोड़ने लगा..... संगीता बस हूँ हाँ कर रही थी पर जल्दी फिर से उत्तेजित ुष जालिम ने कर दी..... हर 10 मं में पोस्टिव बदल बदल के कभी अपने लुंड की सवारी करवाता कभी पीछे से सत्कार करवट लिए छूट चीयर देता कभी घोड़ी बनता छोड़ता तोह कभी चार प्यारों वाली कुटिया पोज़ ने......

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अब आखिरी कुछ मिनटों में आर्यन अब पूरी तरह से मिशनरी पोजीशन में संगीता पे चढ़ा गहरे धक्के मारता उसकी कान की lol को चुबलाने लगा...... संगीता भी गुर्रानी लगी पिछले एक घंटे के करीब आर्यन उसको बस पेले जा रहा था पर अब अपने राजवंश को बढ़ने वाले प्रसाद को घ्राण करना था वह भी पूरी ताकत से जकड ली और चिक्तियन हुए झड़ने लगी जैसे बाघ में कोई शेरनी गुर्रा रही हो आर्यन भी पुरे उफान पे तत्तो में भरा विरए अब किस्तों में अपने तोपची से उसके योनिकुंड की सीदा बच्चेदानी में भरने लगा.

जेट के प्रेशर वाली उसकी पिचकारी की गिनती भी संगीता बेहोशी में भूल गयी..... आर्यन 2 मं तक उसको चूमता रहा फिर अहसास हुआ की वह रेस्पोंद नहीं कर रही है पर सांसें चल रही हैं. ऐसा hi होता है पूर्ण चरमसुख के बाद अपने प्रेमानंद की पूर्ण प्राप्ति. औरत और मर्द एक सुखद बेहोसी जैसी नींद में पहुंच जाते है पर आर्यन को सारू hi पहली बार पुराने जंगल में ऐसा अवस्था का सुख दिलाई थी. दोनों कितनी बार िश सुख की प्राप्ति की उनको भी कहाँ ठीक से याद था बस मीणा hi टाइम देख रही थी की दोनों 24 घंटे से ज्यादा एक दुसरे के साथ थे.

आर्यन को होश में फ़ोन की घंटी लायी, संगीता के ऊपर से खड़ा हुआ तो कुछ hi दुरी पे मल्टी उसकी सरला दीदी की सास अपने ब्लाउज से फ़ोन निकल के झट से कट कर दी 15 मीटर की दूरी पे. संगीता का चेहरा उसने दुपटे से ढाका और बिलकुल नंगा hi उसकी तरफ बढ़ा गुस्से से.

आर्यन को अपनी तरफ आया देखकर मल्टी के तरपान हिल गए, पीछे पेड़ के सहारे आप खिशाकने की जगह नहीं थी..... आर्यन बिलकुल उसके सामने पहुंच गया तोह सेलफोन हाथ से चूत गया. योनिरस और विरए सा सना अभी ढीला भी 9 तक लम्बा था और 4 इंच मोटा.

पहाड़ सा देवपुरुष उसके चेहरे से 2 फट दूर खड़ा था पर डर के मारे जैसे पिशाब निकल जायेगा मल्टी कांप रही थी. आर्यन उसकी बिच की दूरी पूरा करता उसका गाल पकड़ के ऊपर किया," चल चूस इसे और चाट के साफ़ कर, साली कुटिया मेरी गर्लफ्रेंड उठ जाती तोह मार hi देती तुझे..... चल चूस ".

मल्टी अभी भी शॉक में थे पर आर्यन ने उसके होंठों पे रास से सना टोपा लगा के रगड़ा ," चूस चैनल क्या सोच रही है"..... एक बार आर्यन की आँखों में देखि पर जल्दी hi टोपे में जीभ फिरा दी तोह आर्यन भी मुस्करा दिया ," साली बहोत बड़े लेवल की रांड है ".

आर्यन की आँखों में देखती अपना मोह खोल के लुंड से संगीता का छूट रास और उसका विरए साफ़ करने लगी, जल्दी hi लापर लापर करती कुटिया की तरह पूरा लुंड लेने की कोशिश करने लगी मोह में ...... " चल मेरे ाँद भी साफ़ कर "....... मल्टी अब अपने घुटनो पे बेथ लुंड को मुठियाती उसके बड़े बड़े वर्षों पे लग गयी. आर्यन के निच्चे hi घूम के पिछले हिस्से से टट्टे साफ़ किये और उसके चूतड़ पे किश करती उसकी गांड में मुँह दे दी और गुदा चाटने लगी.

आर्यन ने उसकी गर्दन दबोची और दूर झटक दिया...... "जा जाकर अपना काम कर जोह बोलै है और अपर्णा को भेज दे मेरी गफ बेहोश हो गयी"....... हुआ यह की आर्यन का लुंड फिर खड़ा कर दिया था मल्टी मौसी ने पर वह अभी बस अपनी संगीता पे कंसन्ट्रेट करना चाहता था. दासियों का नंबर भी जल्द hi आएगा पर अभी अपनी रानी के पास चला गया.

आर्यन ने अच्छे से संगीता का चेहरा कवर किया दुपटा लपेट के और जोह टोलिया ऋतू दे गयी थी वह अपनी कमर पे लपेट लिया. अपर्णा, मल्टी की बड़ी बहु भागी भागी आयी तोह उसके पास जाकर आर्यन ने उससे कार में से संगीता का वैनिटी बैग लाने को कहा और उसके बाद वह वाइन और स्कॉच की बोतल चौबारे पे सेट कर दे.

अब सूरज ढल गया था और बाघ में भी अँधेरा फैलने लगा. आर्यन अपनी गॉड में संगीता को उठकर ले गया टूबवेल पे, उसकी हौज की मोती दीवार पे लिटा के पहले संगीता की छूट अच्छे साफ़ किया फिर उसके बदन को. संगीता अभी भी खुमारी में hi थी, फिर से अपना टोलिया उतर के काम घेरि हौज में घुसा गया. जहाँ बड़ी हौज से पानी िश हिस्से में आता फिर नाली में जा रहा था.

अपनी गॉड में लिए संगीता जब होश में ठन्डे ताजा पानी के स्पर्श से आने लगी तोह वास्तिविकता से रूबरू होने में 2 मं लगे अब संगीता का चेहरा भी आर्यन ने खोल दिया और उसको हलके हलके प्यार से डीपली सेंसुअल किश करने लगा ....... "पुछःह चुम्म्म ...... अब कैसा लग रहा रानी शैब्या दर्द ज्यादा है क्या ".

आर्यन की तरफ पानी में घूम गयी उसकी गॉड में और गले लिपट के बस इतना hi बोली," बस मुझे इसी खुमारी में रहने दो आर्यन, दर्द तोह शुरू में होता hi है पर जोह अहसास िश जिस्म और रूह पे होता है उसके सामने दुनिया के सारे सुख मिथ्या हैं. वह पीछे कड़ी औरत हम दोनों को देख रही है ".

आर्यन तेज आवाज से," अपर्णा "..... वह भी तेजी से वहां आ गयी दोनों के सामने और सर झुका के बोली," जी मालिक ".

आर्यन ," देख नहीं रही हो में अपनी गर्लफ्रेंड से प्यार कर रहा हूँ, जाओ मैडम के बैग से एक गाउन निकल के वहां रख दो और चौबारे पे इंतज़ाम करो, जाओ गुड गर्ल ".

आर्यन की प्यारी बातें सुनकर अपर्णा बस स्माइल देती जी मालिक बोलकर पहले बैग से गाउन निकल के चद्दर पे रख दी फिर आर्यन के कपडे सलीके से तय की और संगीता के भी. अब उसकी चाल में चपलता थी जब वहां से चली गयी.

आर्यन और संगीता एक दुसरे को चूम रहे थे फिर आर्यन उसको बड़ी हौज में ले गया जिसकी घेरे 5 फट होगी और पानी 4,1/2 फट के लेवल पे बहने से दोनों hi अब खड़े होकर अपने सरीर को ठंडा काम और चूम सेहला के गरम ज्यादा करने लगे.

अब पानी के अंदर संगीता ने वह मोटा खड़ा हुआ लुंड अपनी झंघों के जोड़ से अपनी हलकी सूजन लिए योनि पे लगया तोह चिहुंक hi गयी "सीईईई ारयणणणणणण उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ यह फिर खड़ा हो गया तुम्हारा ....... 'लुंड'..... उसने गले लगने के बाद कहा.

आर्यन भी उसकी मनसा समझ के," मेरी संगीता गर्लफ्रेंड इतनी हॉट है की मेरा ईशपर जोर hi नहीं चलता, तुम क्या फिर से त्यार तोह नहीं हो गयी ...... hi hi hi hi ..... "

संगीता भी हसने लगी और अपनी कमर का उचका के अपनी छूट को लुंड पे दबाब बना के आगे से अपनी दर्द भरी छूट की घेरे में फिर से समां ली..... दर्द हल्का था पर अब पूरी जगा बना दी थी तोपची ने....... दोनों फिर से पानी में 10 मं प्यार किये संगीता फिर से 2 बार झाड़ के पस्त हो गयी . आर्यन भी उसको सहारा देकर बहार लाया और दोनों के बदन तोलिये से पहुंच के उसको उसके बालों में लपेट दिया.

उसको गाउन पहना के बिठा दिया और बोलै," उन्देर्गर्मेन्ट्स में मत पहनो रगड़ लगेगी "...... फिर अपने कपडे डालने लगा तोह संगीता ने टॉवल खोल के अपने बाल एक बार और सुखाये फिर बांध लिया अब हैट पहनी और दुप्पटा लपेटा और आर्यन की पीठ पे सवार चौबारे की तरफ बढ़ गए. आर्यन ने उसको समझा दिया की तीनो औरशन मुँह नहीं खोलेंगी.

150 मीटर की दुरी पे सीधे हाथ पे 2 मंजिला पुराणी बिल्डिंग थी जोह हालफिलहाल में वाइट वाश हुयी थी सरला दीदी की कोठी की पूरी मरमत और पेंट होने के साथ. आर्यन जब नज़दीक पहुंचा तोह 4फट ऊँची चारदीवारी और बाघ भी ख़तम हो गया और पीछे खेत थे जिस तरह 10 फट ऊँची दीवार थी....... यानी आधा मक्कन का हिस्सा बाघ में था आधा खेतों में. निचे 3 कमरे थे 2 सामने उनके बिच में गैलरी, फिर पीछे आंगन और एक तरफ तीसरा कमरा टॉयलेट और बाथरूम थे और एक कोने में रसोई थी दूसरी कमरे से, रसोई के बहार भी एक चला था अपर्णा ुष पर कढ़ाई के सामने बैठी मछली के पकोड़े उतर रही थी . एक खाट पे बच्चे को गॉड में लिटा के ऋतू दूध पीला रही थी.

दोनों उनको देखकर कड़ी होने लगी तोह आर्यन ने उनको बैठे रहने को कहा और जब सीधे हाथ पे जीना दिखा तोह संगीता को उतर के अब बच्चे की तरह गॉड में ले लिया चुकी जीना संकरा था.

अब ऊपर पहुंचे तोह एक बड़ा कमरा था उसको चौबारा कहते थे और उसकी चाट पे 3 फट की मुंडेर की हुयी थी 3 इंची की और ऊपर जाने को लोहे का जीना था बगैर किनारे के...... आर्यन जब ऊपर पहुंचा तोह पूरा अँधेरा नहीं हुआ था पर एक साइड बाघ और 3 साइड खेतों का व्यू हलकी रौशनी चांटे आस्मां के बादल भी बिलकुल ग्रामीण परिवेश को आकर्सक बना रहे थे.....

2 कुर्सी के साथ एक वही मेज और एक खाट लगा दी गयी थी. मेज पे एक साफ़ टेबल कवर की तरह बिछी थी और एक छोटी स्टील की बाल्टी में बर्फ के टुकड़ों में वाइन की बोतल, स्कॉच, खुले हॉट केस में बर्फ के टुकड़े , सोडा , पानी , एक प्लेट में तंदूरी चिकेन और दूसरी में मटन कबाब थे. एक प्लेट में फिश फ्राई लिए अपर्णा भी आ गयी.

आर्यन ," बहोत खूब आज तोह पक्का लूट लोगी अपने मालिक को ...... है है है ..... डार्लिंग यह तोह हैप्पी मूड बना दिया इन्होने ने "..... कुछ नैपकिन्स और प्लेट्स टॉवल क्लोथ्स देखकर संगीता ने पुछा," यह सब सज्य किसने है ".

मल्टी," मालकिन हमारी छोटी बहु ऋतू बा पास है और सेहर में रहे है उसने hi किया है और यह बड़ी बहु नॉनवेज अच्छा बनाना जानती है. कोई कमी हो तोह शिकियत कर देना दोनों के कान ऐंठ दूंगी ".

आर्यन भी मुस्करा दिया और संगीता को खाट पे उतर के लिटा दिया, "मौसी तुम मैडम की सेवा करो में 5 मं में आता हूँ".

संगीता," आर्यन मेरा बैग भी ला देना ".

अपर्णा बोली," वह ऋतू गयी है कोई कीमती सामन न रह गया हो वह ले आएगी मालकिन ".

आर्यन निचे चला गया ,कार से कुछ सामान और अपना बैग लेकर अपने 2 सेलफोन ों किया. ऋतू टोर्च लेकर उसके साथ सब सम्मान समेत लायी थी. आर्यन जब चौबारे पे पहुंचा तोह मल्टी जमीन पे बैठकर संगीता के प्यार दबा रही थी.

आर्यन बोलै ," जा मौसी एक गिलास और ले आया". तोह ऋतू जोह बैग लायी थी बोली" में ला देती हूँ मालिक ".

आर्यन अब चेयर पे बैठकर वाइन की बोतल का कॉर्क ओपनर से वाइन की बोतल खोला जोह कार से लाया था. फिर एक गिलास में वाइन डाली और अपनी स्कॉच बोतल से एक लार्ज पेग डाला तोह ऋतू भी एक गिलास रखकर चली गयी.

आर्यन ने वाइन का गिलास संगीता को दिया जोह अब खाट पे 2 तकिये लगाए करवट लिए अधलेटी सी थी. काकी अभी भी उसकी पिंडली दबा रही थी....... " मौसी तू भी पीयेगी ?"

मल्टी एक डैम से हड़बड़ा के बोली," नहीं नहीं मालिक में नहीं पीती "......

आर्यन और संगीता है दिए तब संगीता बोली," पि लो मौसी इतनी म्हणत की है तुम तीनो ने फिर हमसे कैसी शर्म अभी तोह यहाँ कोई नहीं है हमारे शिव ".

मल्टी सर झुका के ," मालकिन इतनी महंगी मैंने कभी नहीं पि है फिर नशा हो गया तो, में नहीं पि पाऊँगी".

संगीता ने आर्यन को इशारा किया, तोह वह दुसरे गिलास में पेग बनाते हुए बोलै," बर्फ और सोडा दाल दूँ मौसी ".

आर्यन की तरफ देखकर," मालिक आप इतना बोल रहे हो तोह पानी से पि लुंगी ".

आर्यन भी बर्फ दाल के एक लार्ज पेग बांया और पानी भर के काकी को दिया तोह वह एक सांस में पूरा पेग पिने के बाद गिलास राखी...... संगीता और आर्यन एक दुसरे को देख रहे थे की इसे क्या हुआ ...... फिर जोर जोरसे हसकर लौट पोत हो गए. काकी भी दांत दिखने लगी.

Aryan-Sangita ने चियर्स किया और पेग पिने लगे नॉनवेज खाते हुए...... सच्च में जादू था अपर्णा के हाथों में एक एक डिश टेस्टी थी. सरला दीदी पहले hi यह बात बता चुकी थी की उसकी दोनों जेठानी नॉनवेज बहोत अच्छा बनती है कभी खाकर देखना. स्टाइल बिलकुल देशी था न मिर्च मसाला ज्यादा था पर फ्रेश चीज का लुफ्त और गोअन में सब फ्रेश hi मिलता है. संगीता का भी अब तक आधे घंटे में 2 गिलास पीकर मूड बहोत लाइट हो गया था. आर्यन 3 गिलास पि चूका था और काकी 4 पेग चढ़ा चुकी थी पर नशे में नहीं थी. आर्यन भी समझ गया यह लम्बी रेस की घोड़ी है एक बोतल और मांगनी पड़ेगी .

आर्यन ने ऋतू को आवाज दी जोह 1सत मंजिल पे hi बैठी थी और अगर उनको कुछ चाहिए होता. वह ऊपर पहुंची तोह आर्यन ने कार की के दी ,उसको अनलॉक करनी बताई और दिखय से एक बोतल और सिंगल माल्ट की लाने को कहा.

ऋतू ने अपर्णा को बतया की उनकी सास शराब पि रही मालिक मालकिन के साथ पर अब दोनों घबरा रही थी कहीं कुछ गलत सलत बोल दी तोह मालिक उसको कटवा के फ़ेंक देंगे.

ऋतू बोतल लेकर आयी और पूछी की खाना लागूं तो संगीता ुष के साथ उठकर निचे जाने लगी फ्रेश होने धीरे धीरे चल के..... इधर काकी भी आर्यन की तरफ खिसक आयी तोह वह भी उसको गौर से देख रहा था. आर्यन का फ़ोन बजा तोह वह बात करने लगा बिना से और काकी अब उसके प्यार दबा रही थी.

उधर निचे फ्रेश होकर संगीता बोली मुझसे अब ऊपर नहीं चढ़ा जायेगा एक काम करो मेरा बैग यहीं ले आयो में निचे hi सोयेंगी. ऋतू जब ऊपर गयी तोह अपनी सास को आर्यन की झांघो के बिच में हाथ फिरते देखा पर वह फ़ोन पे बात कर रहा था...... उसने संगीता का बैग लेकर जाती ऋतू को पुछा तोह उसने संगीता की हालत बताई.

आर्यन को सब प्लान चौपट होता लगा वह खड़ा होकर ऋतू को अपनी गर्लफ्रेंड का खाना लाने को कहा और खुद निचे उतर के चला गया. वापस लौटा तोह संगीता उसकी गॉड में थी और अब कुर्सी पे अपनी गॉड में बिठा के कान में बोलै," अभी तोह अपनी डार्लिंग से और प्यार करना है मुझे "...... अब उसके चेहरे से दुप्पटा और हैट गायब थी.

आर्यन का गाल चूम के उसके कान में बोली," आर्यन अब मेरे सरीर में डैम नहीं है मुझे थोड़ा आराम करने दो फिर प्यार कर लेना "...... आर्यन ने उसको थोड़ी और वाइन पीला दी फिर अपनी हाथों से खाना खिलाया. मटन कीमा और हांड़ी का चिकेन अलग hi मजा दे रहा था. आर्यन भी उसकी प्लेट में खाया फिर बिस्टेर जोह मल्टी ने बिछा दिया और एक मछरदानी भी ले आयी थी. आर्यन भी उसका सर गॉड में रखकर संगीता को 1 टेबलेट पेनकिलर देकर सुला दिया फिर मचार दानी लगा दी.

आर्यन ने काकी को कहा चल खेतों में घूम के आते हैं. ऐसा कर एक झोला ले ले यह बोतल रख ले और वाइन की बोतल बहुओं को दे दे स्किन अच्छी होती है वाइन पिने से तभी तोह सेहर की लड़कियां गोरी गोरी होती हैं. अपर्णा ने 2-3 बार पहले दारू पि भी थी पर ऋतू ने कभी नहीं पर आज जोह उसके मैं में उथल पुथल चल रही थी उसने भी आर्यन और मल्टी के जाने के बाद अपर्णा के साथ 3 पेग सिंगल माल्ट के और ऋतू ने आधी बोतल वाइन पि गयी थी. दोनों को गए 2 घंटे हो गए थे पर अभी तक नहीं आये थे.

10 बजे जब आर्यन की कार अब जोह मक्कन के सामने रोकी थी तोह दोनों बहार आयी आर्यन कार से उतरा तोह एक कुत्ते की चैन और पत्ता बंधे चरों हाथ पौन पे उनकी सास मल्टी कार से निकली बिलकुल नंग धनदांग और उसकी हालत बहोत बुरी थी. दोनों के होश hi ुध गए पर आर्यन ने अपने होंठो में ऊँगली लगा के शांत रहने को कहा और अपने पीछे आने को कहा...... तभी कार के पीछे से एक और औरत निकली जोह बिना थी और आर्यन ने उसको गाओं बुला लिया था....

तो बे कॉन्टिनोएड.....

# दोस्तों अपडेट बहोत लम्बा था तोह यह 2 part में होगा......

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अपडेट 39

Part-3(B)

***(यह अपडेट मेरे दोस्त जैसे मोरिन्हो के लिए समर्पित है)

बिना को पहला फ़ोन जब आर्यन का पोंछा तोह दिल्ली, रतिदेवी के ऑफिस में उनके पास कड़ी एक फाइल दिखा रही थी मोना के साथ ब्रीफिंग देते हुए..... उसके 'यस आर्यन सर' बोलने पे साइड जाकर यस सर दोने सर बोलकर 20 सेक् में फ़ोन काट के दूसरा no मिलकर बोली," आर्यन सर मलिकपुर नाके पे खड़े हैं अपनी कार ऑडी कलर ग्रे no क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स में जल्दी से क्लीयरेंस लो 10 सेक् में"...... फ़ोन पे कन्फर्म हो गया उधर से तोह कॉल कट की और रति के पास कड़ी हो गयी जोह फाइल रीड करती मोना से समझ रही थी जबकि कान आर्यन का नाम सुनकर hi खड़े हो गए थे, रति आँखों पे पढ़ने का चस्मा लगाए थी और मोना उसको ब्रीफ करती रही.

बिना भी उसके पास आयी आकर फाइल में कुछ डिटेल्स पॉइंट हाईलाइट की..... फिर आर्यन का फ़ोन 10 मं में आया तोह उसको बोलै," तू यहाँ सरला दीदी के गोअन आ जा और उनके परिवार को समझा दे कोई भी मर्द मुझे आस पास नहीं चाहिए वार्ना सीधा गोली मरूंगा..... जल्दी कर यह काम ".

फिर दूर जाकर बिना ने सरला दीदी की बड़ी जेठानी को धमकी दी जोह बोलै है कर तेरे मालिक 10 मं में तेरे बाघ में पहुंच रहे हैं. कपडे धोती हुयी अपर्णा दौड़ कर सब बात ऋतू को बताई तो वह भी डर के अपने पति और जेठ को वहां से जाने का बोल दी जोह खेत में काम कर रहे थे मजदूरों के साथ. आर्यन का डर और नाम hi काफी था उन्ह लोगों को सब मजदूर को भी पहेरीदारी पर भेजना का.

रति को जब बिना ने कहा ," मैडम मुझे गोअन जाना होगा आर्यन सर ने बुलाया है ".

रति भी फाइल छोड़कर बोली," एक्सक्यूज़ उस मोना बेटी बाद में डिसकस करते हैं".

मोना भी जी मैडम बोलकर चली गयी तोह बिना को सामने चेयर पे बैठने के बाद रति उसकी तरह अपनी चेयर से उठकर अपना पिछवाड़ा टेबल से लगा बिना के सामने कड़ी थी. उसने बिना का चेहरा घुमा के ुष झकम को देखा जोह गीता ने दिया था उसको छु के बोली," मेरी बेटी बहोत जिद्दी है बिना वह तुझे आर्यन के पास देखकर मार hi देगी और तू तेरी आर्यन की वफादार मर जाएगी पर हाथ नहीं उठाएगी. वह तुझे धोष देती है तू जवाब भी दे सकती है ".

बिना मुस्करा के बोली," मैडम गीता मैडम के लिए में अपनी जान भी दे सकती हूँ, वह आर्यन सर का पहला प्यार हैं और यह जिंदगी उनकी दी हुई है वार्ना में कब की मर चुकी होती".

रति ने बिना को खड़े करके अपने गले के कहा," बिना तू मेरी बेटी जैसी है पर कहा नहीं मगर में नहीं चाहती मेरी एक बेटी दूसरी बेटी की जान ले. तू गीता से दूर रहा कर वह तुझसे जलती है जबकि तू ने हमारे परिवार के लिए क्या कुछ नहीं किया ".

रति और बिना भी इमोशनल होने लगी, बिना ने कहा," मैडम अपनी असली माँ को जिन्दा नहीं देख पायी पर आप मुझे माँ जैसी hi लगती हो, आप की सेवा में सब कुछ नौछवर है यह जान क्या चीज है".

रति ने प्यार से उसके गाल पे चपत लगायी और बोली," तेरी जान की कीमत आर्यन से पूछना गीता से काम न होगी और जाकर देख यह तीनो क्या खिचड़ी पका रहे हैं मुझे बता सके तोह इन्फॉर्म करती रहना वार्ना तेरा बॉयफ्रेंड तोह कभी नहीं चाहेगा मुझे पता चले".

रति की बातें सुनकर बिना बोली," मैडम आर्यन सर आपसे बहोत प्यार करते हैं और कुछ राज इशलिये छुपते हैं की आपको दुःख होगा जानकार".

रति भी बिना का माथा चूम के बोली," जल्दी hi उसके सारे राज से परदे हटवाती हूँ निर्मला से बोल के, कल वह यहाँ आ रही है उसको बता देना, चल जा आर्यन का ध्यान रखना ".

रति अपने पथ पे हाथ फिरती बिना के जाने के बाद निर्मला को कॉल मिलायी तो वह दिल्ली आने को त्यार नहीं थी पर आर्यन की कसम दी तोह कैसे मन करती. इधर निर्मला और प्रभा के बिच कुछ अलग hi जुंग छिड़ी हुयी थी माँ बेटी में?????

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बिना अपनी सिक्योरिटी टीम लेकर निकली तोह आर्यन का तीसरा फ़ोन आया डेढ़ घंटे बाद ," आ जा तेरा सपना पूरा करता हूँ और एक तुझे पालतू कुटिया भी दूंगा त्यार रह पर जब में अपने पास बुलाऊँ, Geeta-Deepti की क्या खबर है "...... उसने आर्यन को डिटेल्स बताई तोह बोलै," दीप्ति जब तक गीता के साथ है उसको संभल लेगी पर डर लगता है चंदा रानी के लिए".

बिना चिंतित होकर बोली," पर आर्यन वह तुम्हारी नहीं सुनती वह राजकुमारी दीप्ति की ख़ाक सुनेगी".

आर्यन कुछ सोचकर," एक काम करो सबको यहीं कल सुबह गाओं में लाने का इंतज़ाम करो और राजा त्रिभुवन सिंह के साथ राजा जबर सिंह का परिवार, रानी लीला , और दुसरे परिवार को भी अर्जेंट इनविटेशन भेज दो मेरे सिग्नेचर के साथ बाकियों को फ़ोन करो. पूरा परिवार और होने वाले रिस्तेदार भी यहाँ मुझे चाहिए कल दुपहर तक"...... फिर बिना को सब समझाता रहा 10 मं ुष समय नशे में मल्टी आर्यन का लुंड पेण्ट के ऊपर से सेहला रही थी और वह सब बात स्पेनिश में कर रहा था.

बिना ने सबको सरला दीदी की कोठी से सीक्रेट मैसेज भेज दिया था जिसको सबने आर्यन के सिग्नेचर के साथ पढ़ा और कल सुबह से सारे व्विप लोग और आर्यन के रिस्तेदार ीखता होने वाले थे. यह आर्यन ने Geeta-Deepti की हरकत पे hi किया था और एहि सही समय था.

फिर रात में मनोहर काका को कॉल करके सब समझा दिया. उधर बिना अपने लैपटॉप पे काम में लगी थी सरला दीदी की कोठी में ड्राइंग हॉल के सोफे पे बैठकर और उनकी बड़ी सास उसके सामने जूस लेकर आयी. आर्यन का कॉल आया तोह बोली," में पहुंच जाउंगी ".

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चौबारा......

आर्यन ने जैसा बोलै वैसा hi मल्टी ने किया, नयी बोतल सिंगल माल्ट की एक झोले में भरी फिर निचे जाकर दो बड़े टिफ़िन में मटन , चिकन और फिश के ताजे बने स्नैक्स भर ली और सोडा के 2 बॉटल्स और आइस केसेस में डालकर झोले में रख ली.

उसकी दोनों बहु उसको hi देख रही थी, मल्टी चलते हुए अपर्णा को बोली ," दरवाजा बंद कर ले में मालिक के साथ जा रही हूँ"...... अपर्णा थोड़ा चिंतित होकर बोली," कहाँ जा रही हो माजी ".

एक रेहपता मार के बोली," तेरी माँ की भोसड़ी में जा रही हूँ, साली कुटिया तेरी हिम्मत कैसे हुयी..... ऋतू तू ऊपर चौबारे पे जा उन्ह मैडम का ख्याल रखना ".

थप्पड़ खा के गिर hi गयी थी पर अपर्णा क्या कर सकती थी आर्यन ने उसके ऊपर उसकी सास को चुना था.....? बिचारि रोटी हुयी अंदर किचन में मटन चलने लगी

आर्यन की कार में आकर मल्टी बैठी तोह सेलफोन पे बात करते हुए बोलै रखता हूँ. मल्टी के बैठते hi आर्यन ने इंजन ों किया और लाइट ों करके बैक करता घुमा के पुछा," मौसी कोई ऐसी जगह है जहाँ हमको कोई डिसट्रब न करे बस खेतों के बिच होनी चाहिए ".

मल्टी भी नशे में थी," मालिक बाघ की उलटी साइड चकरोड है वहां से एक कम पे अमरूद का बैग है जोह बिलकुल खेतों के बिच है और चरों तरफ 2 कम तक भी कोई नहीं आएगा ".

आर्यन ने मल्टी मौसी की झाग सेहला के दबा के बोलै," अगर तुम्हारी चीख निकल गयी मौसी ".

मल्टी झट से ," मालिक वहां एक झोपड़ा भी है, अभी फसल नहीं है तोह वहां मोटर भी लगी है पानी देने के लिए, वहां कोई नहीं आएगा में गर्रंटी लेती हूँ ".

आर्यन भी हसकर उसकी तरफ झुका और मल्टी के गाल चूम के बोलै," तुम बहोत स्वीट हो मौसी "..... मल्टी तोह अब आश्मान में उड़ने लगी.

आर्यन के द्वारा शाम को अपनी बुर दबोचे पे सबसे पहले पुराने घर गयी और अपनी बुर के बाल रजोर से शवेद की फिर फिटकारी रगड़ने से जलन भी हुयी तोह आर्यन के लिए सेह गयी. सेहरी मर्दों को चिकनी पसंद आएगी. वापस जाकर अपने दोनों सौतेले बेटों से बोली, पूरी रात दारू पियो उधर खेतों में फटकना भी नहीं मालिक अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आएं हैं और उन्ह बेटीचोद अपने भेनाईओं को इतना पीटना की कभी हमारे गाओं न आएं".

सरला दीदी का बड़ा जेठ पुछा," देख छोटी अम्मा यह मजाक था न ".

मल्टी गुस्से से ," आज तक जोह हो रहा था वह मजाक था, रंडी के पिल्लों को इतना कुत्तों की हाड पसलियों को भी तोड़ दो और अपने 5-6 मजदूर भी साथ ले जाना ..... वह िश गाओं की सकल क्या महापंचायत की तरफ किसी गाओं को न देखें ".

सरला दीदी का छोटा जेठ," छोटी अम्मा देख ले सालों को फोड़ने की टाक में कब से था ".

मल्टी उसका सर सेहला के बोली," मेरा लायक बच्चा रमेश और सरला बहु को पता न चले मुँह पे कपडा बाँध के जइयो आर्यन मालिक का आर्डर है".

अब तोह वह भी चौड़े हो गए और 10 मजदूर अपने गइल लिए और काम hi तमाम करके आये दोनों दामाद का और धमकी भी दिए की महापंचायत के मालिक के नाम से..... आज दोनों भाई बहोत खुस थे उसके बाद जमकर दारू पिए पहरा देते हुए.

रमेश जीजाजी आज hi दिल्ली गए हुए थे सरला दीदी के पास और वह hi अकेला अपना सागा बीटा था मल्टी का. उनसे छोटी दो भेने थे जिनकी शादी उनसे भी पहले कर दी गयी थी. दोनों जीजा ससुराल आते रहते थे और अपनी सास की सेह भी थी. बड़े जीजा से पैसे लेकर अपर्णा जबरदस्ती छुड़वा भी दी थी उसकी सौतेली सास मल्टी ने फिर पैसे लेकर ऋतू को भी उसके निचे लाने का प्लान था पर अभी तक 2 बार बच गयी थी अपने दोनों नन्दोई से. आज आर्यन उसको जरिया लगा क्यों न इज़्ज़त hi सौपनी है तोह महापंचायत के मालिक को दे काम से काम बिज्जाति काम होगी और मालिक उसकी रक्षा भी कर सकते हैं. सरला दीदी मिजाज की गरम थी पर लाना तोह दोनों जीजा उनको भी चाहते थे. एक तरह से कहो की अपने दबाव में मल्टी बहोत घिनोना काम कर रही थी. लेकिन आर्यन भी इतनी जल्दी कैसे माफ़ करेगा िश कुलटा को जोह उसके विशाल लुंड पे रुपयों की इतनी साड़ी गड्डियां बैग में देखकर अपनी बुर फ़तवाने वाली थी. आज उसका लालच बहोत महंगा पड़ने वाला था.

आर्यन जब अमरूद के बाघ में पहुंचा तोह कार में मल्टी उशसे लिपटी थी एक हाथ में झोला लिए..... आर्यन ने पुछा की कार कहाँ पार्क करे तोह उसने आगे एक साइड चकरोड से कार बिलकुल झोपडी के साथ पार्क करवा के बोली ," बस मालिक एहि है अपनी मंजिल आप उतर आइये ".

दोनों कार से उतरे तोह झोपडी में एक तरफ छुपा हुआ बल्ब मल्टी ने होल्डर में चढ़ा दिया ,रौशनी थोड़ी दूर तक अमरूद के बाघ और खेतों में फैल गयी. मोटर के पास एक और बल्ब जला दिया फिर झोपडी से एक खाट और बिस्तर लेकर ुष्पे बिछा दी. आर्यन को बोली," आईये मालिक आप को में जंगल में भी मंगल करवा दूंगी.... बस सावधानी से पड़िरये ".

आर्यन भी मुस्करा के अब खाट पे बेथ गया तोह एक स्टूल नुमा लकड़ी का बक्सा लेकर उल्टा रख दी और अपने झोले से सब सामान सजा दी..... आर्यन भी उसकी खिदमत से खुस हुआ. मल्टी चलते मोटर से हाथ धोकर फ्रेश पानी भी एक खाली बोतल में भर लायी.

आर्यन ने एक hi गिलास देखा ुष लकड़ी के बॉक्स पे तोह पुछा," मौसी तेरा गिलास कहाँ है में अकेला न पियूँगा ".

मल्टी कड़ी होकर एक स्टील का गिलास लायी झोपडी से और मोटर के पानी में धोकर वापस ले आयी और जमीन पे बैठने लगी तोह आर्यन ने उसको अपनी बगल में बिठा लिया ," अभी भी जाट पात मान रही है मौसी, भले तुझे गाली दी हो पर रिश्ता तोह सरला दीदी की वजह से वही रहेगा ".

मल्टी ," आप मालिक हो और में आपकी दासी की जुटती के बर्बर भी नहीं हूँ. वह तो हमारे सब के भाग खुल गए जोह सरला बेटी को अपनी सगी भें जैसा मानते हो. बस यह राज सरला बेटी को मत बताना".

आर्यन ने उसकी कमर में हाथ डाला और अपने से चिपका के बोलै ," मौसी अपनी दीदी की सास को में कुछ होने दूंगा बस तू भी होंठ सी लेना "...... मल्टी को अपने से और चिपकता देख के आर्यन बोलै," चल पेग बना फिर तेरी अच्छे से लूंगा मौसी"..... और उसकी जांघो के जोड़ पे हाथ फिरा दिया.

मल्टी सिसकारी लेती हुयी अब आधी कोढ़ी होकर पेग बनाने लगी तोह आर्यन उसके चूतड़ पे हाथ फिरने लगा...... मल्टी भी खुश होती हुयी उसका पेग बना दी बर्फ सोडा से फिर अपने स्टील के गिलास में पेग बना के टिफ़िन भी खोल के रख दी.

आर्यन दुसरे हाथ से मटन कबाब खाया और पेग में एक घूँट भर के रख दिया. मल्टी के बड़े बड़े चूतड़ों का बारी बारी सहलाने लगा. मल्टी भी ुशी पोस्चर में अपना पूरा पेग एक hi सांस में जातक के चिकन खाने लगी.

आर्यन ने उसको घुमा के अपनी गॉड में बिठा लिया और उसकी चूचियां मसल के बोलै," आज जुर्म करवा देगा मौसी तेरा बदन में थोड़ा नशे में हूँ ".

मल्टी ने अपनी गांड की दरार में तोपची सेट किया और बोली," मालिक लूट भी लोगे मुझे तोह उफ़ न करुँगी ".

तभी एक लात मल्टी के सीधे कंधे पे पड़ी और आर्यन की गॉड से निचे जा गिरी," भें की लौड़ी तेरी हिम्मत कैसे हुयी आर्यन सर की गॉड में बैठने की ".

आर्यन भी अचंभित होने का दिखावा करता हुआ खाट से खड़ा हो गया ," बीनाआए ..... तू यहाँ क्या कर रही है और मौसी को लात क्यों मारी ".

आर्यन मल्टी को उठाने लगा जिसकी आँखों में आंसूं आ गए किक के इतने तेज प्रहार से ....... दर्द से लरजती वह आर्यन के सहारा पे उठी.

बिना," हरामजादी कुटिया की आपके पैसे पे निघा है और क्या बोलेगी जोह अपनी बहु की दलाली कर दी हो ".

मल्टी तोह पहले से hi किसी के आने पे hi दर गयी थी पर आर्यन की असिस्टेंट बिना तोह उसको पहले भी वार्निंग दे दी थी. अब तोह थार थार कांप रही थी. आर्यन बोलै," में और मौसी एक दुसरे को पसंद करते हैं तुझे ुष से क्या वह मेरे लिए कुछ भी करेगी...... तू बिच में मत पद और िंह पे घिनोना इल्जाम लगा रही है ".

बिना ," पूछो अपनी मौसी से िशने अपने दामाद के निचे पैसे लेकर अपर्णा लुटा दी अब ऋतू को लुटाने वाली है और खुद भी लेट चुकी है ".

आर्यन ," बहोत हुआ बिना क्या ानप सनाप बक रही हो वह बिलकुल ऐसी नहीं है, वह कभी किसी का दिल नहीं दुख सकती, तुम यहाँ से चली जाओ ".

बिना ," आर्यन सर में आपकी सेक्रेटरी hi नहीं आपकी बॉडी गार्ड भी हूँ यह औरत आपको हानि पहुंचा सकती है. आप अपर्णा या ऋतू के साथ चुदाई कर लो पर यह आपके लायक नहीं है, िश को मेरे हवाले कर दो इश्को तोह रति मैडम देखेंगी ".

अब तोह मल्टी की पू भी खुसक हो गयी रतिदेवी का नाम सुनकर. आर्यन बोलै," यह औरत मुझे पसंद आ गयी है और में इश्को पाना चाहता हूँ, तुम बिच में न पदों बिना " ...... और मल्टी की चूमि लेने लगा पूरा चेहरा चूम के जोह अभी भी दरी हुयी थी. एक बार उसका होंठ चूम के बोलै डरो नहीं तुम अब हमारी हो मौसी.

'दुबके को तिनके का सहारा' मिला तोह आर्यन से लिपट के रोने लगी ," मालिक में मानती हूँ मैंने गलती की है पर में गलत औरत नहीं हूँ. मेरे मालिक आप hi मुझे बचा सकते हो, में कैसे किसी को मुँह दिखाउंगी ".

आर्यन गुस्से से ,"तुम को भेजा किसने और मेरे एक्सएक्ट लोकेशन कैसे मिली. देखो अब कुछ भी हो जाये में िश को प् के रहूँगा. तुम माँ की चमची अब अगर मेरे सामने से नहीं हटी तोह गोली मारने में एक सेकंड नहीं लूंगा".

मल्टी चिल्ला के आर्यन की खोली भर्ती बोली," मार दो मालिक इश्को यह हमारे प्यार की दुश्मन है "..... आर्यन क्या अब तोह बिना की भी हसी छूटने से बची पर बिना ने आखिरी हथियार चला के कहा," आर्यन सर िश कुलटा को भोगने से पहले चाहे मुझे भोग लो यह बस पैसे की लालची है ...... अगर डैम है तोह कम्पटीशन करवा लो यह आप को ज्यादा खुश कर सकती है या में".

अबकी बार आर्यन थोड़ा मल्टी से दूर हुआ जोह अभी तक चिपटा हुआ था. पर बिना ने डाव खेल दिया था और वह अब मल्टी को खुला चैलेंज कर दी थी. आर्यन भी अब डर रहा था की मल्टी को दूसरी तरह से हुमिलाते कर सकते हैं मगर जिस तरह से मल्टी ने उसका 4 बार लुंड खड़ा किया अपने जिस्म से तभी बगावत हो जाती थी.

आर्यन थोड़ा नाराजगी से," देखो यह कोई तरीका नहीं है फिर मुझे तुम पसंद भी नहीं हो..... मुझे मौसी पसंद आयी और में उसको छोड़ता हूँ तुम्हे किया दिक्कत है ".

मल्टी फिर एक बार आर्यन से चिपक गयी तोह बिना बोली," कुत्ते का पत्ता पहूँगी आपकी नंगी कुटिया की तरह घूमोगी पर यह जीती तोह मेरी गाडी में जितना गोल्ड की ब्रिक है इश्कि आपकी गाडी में जितना कॅश है वह भी इश्क मगर हारी तोह कुत्ते का पत्ता पहनकर इश्के मुँह पे मुतुंगी".

अब आर्यन भी बिना का कॉन्फिडेंस देकर डर रहा था कहीं वरकॉन्फिडेंट तोह नहीं हो गयी लेकिन बिना को पुछा," तेरी कार में गोल्ड भरा है में नहीं मानता फिर मौसी को में सारा पैसे प्यार करने के बाद दे hi देता, मौसी यह पागल हो गयी है चल बेथ पेग पिटे हैं ".

आर्यन ने अपनी गॉड में मल्टी को बिठाया फिर डबल लार्ज पेग बना के ुश्मे बर्फ डाला खुद आधा पिया फिर मल्टी को पीला दिया...... अपना गिलास बिना की तरफ किया तोह अपनी कार से एक खली गिलास लायी डबल लार्ज पेग एक घूँट में नेट पि गयी.

दोनों उसकी तरफ देखने लगे तोह तेजी से बिना मटन, चिकन, फिश खाने लगी. आर्यन ने मल्टी के कान में बोलै," मौसी में ज्यादा hi बक दिया था यह तुम्हे हरा देगी, में नहीं चाहता तुम हारो".

मल्टी ने फिर वही गिलास पूरा स्कॉच से भरा और ख़तम करके बोली," हो जाये फैसला में आपको हरने नहीं दूंगी मालिक "..... बस 2 सेक् में hi वह तोह सिंगल माल्ट पीकर आर्यन की गॉड में hi लुढ़क गयी थी. बिना ने गिलास में पाउडर पहले hi दाल दिया था.

आर्यन ने उसको साइड कर खत पे लिटा दिया और बिना मुस्कराती हुयी आर्यन के ऊपर कूदि तोह उसने हवा में कैच करके अपनी गॉड में उठा के किश करने लगा..... "अह्ह्ह्हह्हह ारयणणणणणण पुछःह पुछःह ......तू मेरा कितना ख्याल रखता है ....... चुम्म्म्म चुम्म्म्मम्म..... पहले िश कुटिया की खबर लेती हूँ..... मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह्ह्हह...... "

आर्यन अब उसको लेकर पक्की नाली की मुंडेर पे बेथ गया बेहोस मल्टी की खत से 6 फट की दुरी पर " देख यह अभी नशे में पास आउट हो गयी है..... हमे इश्से अच्छा मौका कब मिलेगा ".

बिना भी उसका गाल चूम के बोली," बात तेरी भी ठीक है यार, एक पेग और पीने दे तोह मजा डबल आएगा..... मुझे सब रफ़ एंड टफ चाहिए तेरे स्टाइल में".

बिना अब बक्से पे गिलास में 2 पेग डाली फिर चिकन की भुनी टांग खाती आर्यन को एक पेग दी और बक्सा खिसका ली अपने धोरे.

उसकी गॉड में बैठकर दोनों ने जैम टकराये और boli,"Teri सो कॉल्ड चंदा रानी और चाहती राजकुमारी ऑफ़ अलवर ने 150 गुंडे फोड़ दिए हैं 3-4 की मौत भी हो गयी है. 8-9 लड़कियां, औरतें बचाई हैं और पूरा नशे का अड्डा तभा करके उन्ह जिन्दा बदमाशों को जस्ब से गधा खुदवा कर ज़मीन में गाड़ने वाली है. लगता है मेरा भी ऐसा hi अंत करेगी तेरी चंदा रानी ".

आर्यन भी सीरियस होकर बोलै," तेरा अंत में करूँगा 10-12 मेरे बच्चों की माँ बना कर जब 90 साल की हो जाएगी. देख वह दोनों कहीं का गुस्सा कहीं निकल रही हैं यार, पहले गुल फिर तू अब यह नशेड़ियों का अड्डा बस सालों ने गलती से हमारा hi एक गाओं चुन लिया. गीता को दीप्ति का सपोर्ट है दोनों की नकेल थोड़ी कसनी पड़ेगी".

अपना पेग ख़तम करती बिना उठ गयी और आर्यन के सामने अपनी शर्ट उतरी फिर जुटते और पेण्ट. अपनी गन कपड़ों के निचे छुपाई और जिस्म पे सिर्फ काली पेंटी ब्रा में अमरूद के बाघ के अंदर जाने लगी गांड मटका के. आर्यन भी लास्ट घुट भरा और खड़ा होकर सब कपडे उतर के बिलकुल नंगा बाघ में अंदर गया तोह अपने से 10 मीटर दूर बिना को बिलकुल नंगी देखा. दोनों को कोई डर नहीं था ऐसे नंगे पकडे जाना और बेहोश पड़ी मल्टी का.

आर्यन कदम बढ़ा के बिना के पीछे से चिपक गया और उसकी चूचियों को दबोच के दोनों हाथों से मसला गर्दन चूमते हुए. बिना भी दोनों हाथ उठाकर पीछे से आर्यन की गर्दन में बाहिएँ लपेट ली. दोनों जहाँ खड़े थे वह थोड़ी जमीन गीली थी पर जल्दी hi आगे बढ़कर बाघ में ज्यादा अंदर जाकर पूरी गीली मीठी में गुथम गुथा थे.

पहले बिना की हलकी हलकी चीखिआ सुनाई दे रही थी रात के सनते में फिर तेज़ तेज़ जब उसकी गांड में पूरा लुंड उतर दिया था आर्यन ने..... एक घंटे से ऊपर चली भीषण चुदाई के बाद दोनों अपने बदन से मीठी मोटर के पानी से साफ़ किये और कपडे पहनकर एक एक नेट पेग पिए बचा हुआ नॉनवेज ख़तम करते हुए.

आर्यन अपने सेलफोन से कॉल मिला दिल्ली में परिवार वालों को समझा रहा था जिश्मे आधा घंटा लगा फिर जब अपनी कार में देखा तोह मल्टी को मार मार के उसकी गांड और मुँह सुजा दिया था बिना ने "भें की लौड़ी , साली रंडी की पैडिश मुझे चैलेंज करेगी..... कुटिया बेवडी बिना को कोई हरा दे आज तक पैदा नहीं हुआ...... आज में जीती हूँ और तेरी दोनों बहु भी अब मेरी गुलाम है जिनको तू ने बेच दिया ..... चटक चटक ...... "

आर्यन तोह दूर निकल गया था फ़ोन पे बात करते पर मल्टी को कुछ समझ hi नहीं आ रहा था और बिना एक एक बात उसके जेहन में रिपीट करती बिठा रही थी मारते हुए की कितनी गिरी हुयी औरत शरत जीतने के लिए अपनी दोनों बहुयें भी बेच डाली...... मल्टी पूरी मादरजात नंगी थी, कुत्ते का पत्ता उसके गले में था और जंजीर बंधी हुयी थी. बिना पिछले आधे घंटे से उसको पूरा टॉर्चर करके उसको मनवा hi डाली की नशे में वह कुछ भी कर सकती है. एक बार और बेहोश हुयी तोह दर्द का इंजेक्शन लगा दी.

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आर्यन ड्राइव कर रहा था, बिना ने अपनी टीम के एक गार्ड्स को उसकी कार यहीं से वापिस ले जाने को कहा. क्राइम सीन्स से आर्यन और बिना सब कुछ साफ़ कर चुके थे. बिना की तरफ आर्यन ने इशारा किया तोह एक खींच के थप्पड़ मल्टी के गाल पे मारी. वह बिलबिला के होश में आयी फिर दुसरे गाल पे मारी, फिर से वही hi दोहराई की तू आज रात मेरी पालतू कुटिया है और तू ने नशे में अपनी बहुओं की भी बेच दिया है.

आर्यन और बिना दोनों त्रिनेड कमांडोज़ के साथ स्पाई भी थे और टॉर्चर करने के साथ दिमाग़ से खेलना उनके लिए बड़ी बात नहीं थी पर मल्टी शातिर जरूर थी लेकिन प्रोफेशनल्स के आगे वह भी सब मान रही थी की नशे में वह कुछ भी कर सकती है और रू रही थी.

आर्यन ने एक बार को कहा की माफ़ कर दे मल्टी मौसी को तोह बिना का जवाब था माफ़ कर दूंगी पर इश्कि जुबान काट के दोनों आँखें निकालने के बाद, आप ने मेरी गांड िश कुटिया के कहने पे पहाड़ दी है आज पूरा बदला लुंगी. आर्यन को मल्टी गुहार लगाती और ज्यादा मार पड़ती वह भी अपनी मजबूरी बता रहा था की शरत भी तोह तुम ने लगाई थी. कार बस 2ंद गियर में चलता आर्यन 15 मं बाद जब मक्कन के सामने आया तोह दरवाजा खोल के उतरा.

दोनों बहु अपर्णा और ऋतू बहार आयी आर्यन कार से उतरा तोह एक कुत्ते की चैन और पत्ता बंधी चरों हाथ पौन पे उनकी सास मल्टी कार से निकली बिलकुल नंग धनदांग निकली और उसकी हालत बहोत बुरी थी. दोनों के होश hi ुध गए पर आर्यन ने अपने होंठो पे ऊँगली लगा के शांत रहने को कहा और अपने पीछे आने को कहा...... तभी कार के पीछे से एक और औरत निकली जोह बिना थी.

बाल बिखरे रोटी हुयी चूतड़ और मुँह पे मार के निसान थे तोह दोनों समझ गयी की जरूर कुछ नशे में बक दी होगी तोह एहि हज़ार होगा, सुकर है अभी तक ज़िंदा है...... वह दोनों भी नशे में थी पर बिना की रोबदार आवाज सुनकर रुकी.

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बिना," तुम दोनों कहाँ चली इधर hi रुको. आर्यन सर िश रंडी को तबेले में बांध दो".

आर्यन बोलै," चल मौसी नहीं तोह और मारेगी यह आर्मी में बहोत बड़ी अफसर थी अब मेरी माँ की सेक्रेटरी है"..... मौसी कड़ी होने लगी तो बिना ने आगे बढ़ के एक किक लगा दी गांड पे तोह ूँढे मुँह के बल गिरी ," मररररर गयीईइ हैईईईई "

"कुटिया की तरह चल के जा चरों हाथ पाऊँ पे "..... और अपनी बेल्ट निकल के सत्ता सात मारने लगी तोह दोनों बहुओं ने उसके प्यार पकड़ लिए की माफ़ कर दो मैडम.

बिना भी एक आखिरी बार बेल्ट से कमर पे मारी और बोली," तुम दोनों सुन लो अपनी सास की करतूत, यह तुम्हे भी मुझे बेच दी है शरत जीतने के चाकर में. अब तुम भी मेरी गुलाम हो चलो तुम भी कपडे उतर के नंगी हो जाओ इसकी तरह hi अब तुम्हारी बारी है".

दोनों के प्राण hi सूख गए यह सुनकर की उनकी सास ने दोनों को बेच दिया.....

अपर्णा," मडंममम यह .... आप क्या बोल रही हैं..... ?"

बिना रोबदार आवाज में," सच्च hi बोल रही हूँ अपनी हवस आर्यन सर के साथ मिटने के लिए मुझे चैलेंज की तोह कुटिया हार गयी फिर तुम दोनों के जिस्म भी डाव पे लगा दी. अब तुम दोनों भी मेरी गुलाम हो "..... और एक किक मल्टी के पिछवाड़े पे जड़ी ..... " बोल रंडी बता उन्हें सच्च की नशे में क्या क्या हारी है ".

अपर्णा और ऋतू ने अब आगे आकर आर्यन के प्यार पकडे जोह उनकी सास के गले की जंजीर पकडे हुए था ," माफ़ कार्डो मालिक इन्हे, यह कभी ऐसा नहीं करेंगी...... आप चाहे हम को सजा दे लो बस एक बार माफ़ कर दो".

आर्यन बोलै," में तोह दोनों को पहले hi समझा रहा था पर मेरी एक न सुनी. बिना िंह दोनों को तोह टार्चर मत कर यार यह दोनों बेक़सूर हैं. तू मौसी को भी माफ़ कर दे बस इतनी सजा काफी है".

मल्टी भी रूट हुए दर्द के बावजूद उसके प्यार पकड़ ली ," माफ़ कर दो मालिक में बहोत बुरी हूँ, मेरी दोनों बुहों को भी माफ़ कर दो मैडम में हाथ जोड़ी हूँ ".

आर्यन के हाथ से जंजीर लेकर मल्टी को एक तरफ खींच के बोली," ठीक है माफ़ कर दूंगी अगर तुम दोनों भी इसके जैसे नंगी होकर कुटिया वाला पत्ता पहनकर 20-20 बेल्ट एक दुसरे के सरीर पे मरोगी".

दोनों दर से कांपते आर्यन की तरफ देखने लगी तोह बोलै," बिना यह ज्यादा हो रहा है यार इन्हे क्यों सजा दे रही हो "...... अपर्णा और ऋतू को अपना नंगा सरीर गले में कुत्ते का पत्ता और जंजीर आर्यन के हाथ में पकड़ा हुआ वाला एक डरवाना दृश्य दिखने लगा.

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(Ritu-Aparna-Malti इन इमेजिनेशन)

बिना थोड़ा सोच के," ठीक है फिर सजा पलट देते हैं, यह दोनों अपनी िश रंडी की बीज सास को 20-20 बेल्ट्स कास कसकर मारेंगी तोह िंहको कुछ नहीं कहूँगी ..... बोलो मंजूर है ".

दोनों और भी डर गयी पर आर्यन उनको खड़ा करके एक तरफ लेजाता बोलै," देखो काम से काम तुम दोनों तोह अपनी इज्जत बचा सकती हो फिर मौसी की तोह पहले hi उतर गयी है" ....... जोरसे से बिना को बोलै......" हम को सोचने का तोह टाइम दे दो".

बिना ," सिर्फ 10 मं, उसके बाद में वही करुँगी िंह दोनों के साथ ...... चल कुटिया अब तू तबेले में चल ".

आर्यन दोनों का हाथ पकड़ के कार तक लेकर गया ऋतू को साइड सीट पे और अपर्णा को अपनी गॉड में बिठा के एक गिलास में एक्स्ट्रा लार्ज पेग बना के पहले उसको पीला दिया तोह उसने एक सिप ले लिया फिर ऋतू की तरफ किया ," पि लो थोड़ा सा हिम्मत आएगी, वैसे भी तुम्हारी सास ने तुम्हारे साथ कभी जात्ती तोह की होगी या फिर मारा भी होगा. बिना की वजह से मौका भी मिल गया है बदला लेने का और अब मजबूरी भी हो गयी है यह hi मौसी समझेगी ".

दोनों को कुछ hi सेकंडों में अपनी बेइज्जती मार और गालयां याद आ गयी तोह ऋतू ने आर्यन के हाथ से गिलास लिया और एक सांस में पि गयी. आर्यन ने दूसरा पेग अपर्णा के लिए बांया तोह वह भी पि गयी. दोनों को गुस्सा और गर्मी चढ़ गयी.

अपर्णा ने आर्यन का गाल चूम लिया," मालिक आप बहोत अच्छे हो जोह हम दोनों को बचा लिए जलील होने से".

ऋतू भी आर्यन को चूमा चाहती थी पर आर्यन ने खुद उसका गाल चूम लिया," चलो 10 मं होने वाले हैं बिना यहीं न जाये, बस हर जुर्म याद करते हुए बेल्ट से एक एक अपने घाव का बदला लेना है इतना धयान रह ".

दोनों कई बार पीती थी अपनी सौतेली दबंग सास से और आर्यन ने ऐसा मंद गेम खेला था की उनको सब सही hi लग रहा था...... उसको दर्द देने के साथ मरहम भी लगाना आता था.

दोनों कार से उत्तरी और गुस्से में तबेले की तरफ बढ़ी और आर्यन उनके बिच में चल था उनकी कमर थामे.

आर्यन उन्हें तबेले में छोड़कर बहार आ गया था, बिना ने मोह में मल्टी के कपडा ठोस दिया था और दोनों बहुओं ने अपनी नफरत जोह अपनी सास को पीटकर निकली बेल्ट बरसा के आर्यन को चटक चटक की आवाज बहार तक सुनाई दे रही थी जोह कार के बोनट का सहारा लिए पेग पीते हुए सुन्न रहा था.

वह आया था उससे भी बुरी सजा देने था पर इंसान को सुधरने का एक मौका भी मिलना चाहिए. बिना के आदमिओं ने पहले से hi कुत्ते हुए दोनों मल्टी के दामादों की हालत बाद से बदतर कर दी गाओं से बहार आते हुए दोनों को उठा लिया था. आर्यन की मोह बोली भें सरला दीदी के ऊपर नज़र डालने की यह उसकी नज़र में छोटी सी hi सजा थी जबकि जान से मार देता.

तीनो 15 मं बाद बहार आयी तोह आर्यन के हाथ में लिया पेग पीते हुए बिना बोली," कुछ खाने को मिलेगा ?"

दोनों बहु ने कहा ," अब लगते हैं मैडम "...... और अंदर चली गयी मक्कन के. बिना की कमर में हाथ दाल के जब उसका चूतड़ दबा दिया तोह अह्हह्ह्ह्ह माआआआ बिना के मुँह से निकला " मत दबा यार तू ने पूरा घायल कर दिया है अंदर तक. में तोह खाना खाकर सूने वाली हूँ तू तोह अभी उन्ह दोनों की लिए मगर नहीं मानेगा. वैसे आज सब बक दी तेरी दीदी की कामिनी सास, मुझे लगता है इतनी सजा काफी होगी".

आर्यन ने बिना को स्मूच किया और बोलै," जा चौबारे पे सू जा में इनकी सास को देखता हूँ उनको वहां मत आने देना ".

बिना भी हस्ती हुयी चली गयी पक्का छोड़ेगा ुष भुड़िया को आखिर उसकी दादी के टाइप की है. आर्यन अपना छोटा बैग कार से लेकर जब तबेले में गया तोह एक खूटें से मल्टी बंधी जमीन पे बेहोश पड़ी थी.

आर्यन ने उसके गले से पत्ता खोला फिर उसको गॉड में उठा के टूबवेल पे ले जाकर अंदर कमरे में कड़ी खाट लात से बिछा के ुष्पर लिटा दिया. कमरे का बल्ब जला दिया फिर कमरे के बहार का भी.

अब एक कपडा ढूँढा तोह एक पुराणी सूती साड़ी मिल गयी फिर पानी से गीला करके लाया और उसका पूरा बदन अच्छे से पहुंचा कहीं कहीं चूतड़ से खून रिस रहा था बेल्ट की मार से. अभी तोह दारू का नशा था पल कल मल्टी की हालत ख़राब होने वाली थी सुबह तक दर्द इतना बढ़ जाता की चल फिर नहीं सकती थी पर आर्यन को उसको उसके मायके भेजना था?????

आर्यन ने अपना छोटा बैग खोला और चिनकूप की प्याली में दो अलग अलग घोल त्यार कर दिया एक लाइट येलो पेस्ट की तरह था दूसरा गहरे हरा का पेंट की तरह.

आर्यन ने येलो पेस्ट वहां लगया जहाँ खून रिसा था और खाल पहात गयी थी और गहरे ग्रीन पेंट को बाकी सब निशाँ और सूजन की जगह. फिर एक स्ट्रांग पेनकिलर इंजेक्शन उसके हिप पे लगा दिया और अपने हाथ धोये. बैग में सब सामान रख के बंद कर दिया और 2 गोली ताकत और एंटीबायोटिक्स की निकली और मोह खोल के मल्टी को बिठा के पानी से पीला दिया.

एक तरफ पुराण कामभाल पड़ा था कमरे में उसको मल्टी पे ुधा दिया. सब काम में आधा घंटा लगा होगा फिर मक्कन की तरफ चल दिया टूबवेल का दरवाजा बांध करके और बल्ब भी ऑफ कर दिया. कार में बैग रखकर चारदीवारी पार कर के वह मक्कन की गैलरी वाला दरवाजा ढला हुआ था पर बांध नहीं था. आर्यन अंदर जाकर दरवाजा बांध किया और कुण्डी भज लगा ली.

अपर्णा जोह आंगन में चारपाई पे बैठी थी बोली," मालिक खाना लगा दूँ "...... आर्यन को देखकर एक अलग hi उत्साह था उसकी आवाज में.

आर्यन ने पुछा की बिना कहाँ है तो उसने बतया की मैडम चौबारे पे सूने गयी है ऋतू भी उनके साथ है. अपर्णा से खाना का पुछा तोह बोली अभी नहीं खाया. आर्यन ने उसको प्लेट लगाने को कहा और टॉयलेट जाकर फ्रेश हुआ. बाथरूम में अब अपने कपडे चेंज करके लोअर और बनियान पहन लिया. एक बार सबसे ऊपर चाट पे जाकर संगीता को सकूं से सोता देखा तो वापस निचे आया तोह चौबारे में बिना बीएड पे लेती थी और ऋतू उसके प्यार दबा रही थी.

आर्यन सबसे निचे आकर खाना खाने बैठा तो पुछा ," तेरी प्लेट कहाँ है दीदी ?"...... अपने को दीदी बुलाने पे अपर्णा को अजीब लगा पर बोली आपके बाद खा लुंगी मालिक.

आर्यन ने उसको अपने पास बुला के चारपाई पे बैठ लिया ," जोह लोग मुझे अच्छे लगते हैं वह मुझे आर्यन या माहि बुलाते हैं और अब आगे आप भी अच्छी बनकर रहोगी "...... और टुकड़ा उसके मोह की तरफ कर दिया..... आज तक उसके पति ने कभी उसको प्यार से न खिलाया था तोह आँखों से आंसूं आने लगे आर्यन का प्यार देखकर.

आर्यन ने टुकड़ा प्लेट में रखकर अपनी गॉड में बिठा के उसके आंसूं पोंछे और अपने हाथो से खिलने लगा. वह भी अब नार्मल होती उसको खिला रही थी. अब वह आर्यन की चूमि भी ले लेती बिच बिच में. खाना खाने के बाद दोनों ने हाथ धोये और पुछा ," आपका कोनसा रूम है अपर्णा दीदी ".

अपर्णा बोली," वह बहार बैठक में hi सू जाती हूँ भैया"...... और शर्मा गयी.

आर्यन ने उसकी कमर में हाथ डाला और बोलै," चलो आज बहोत थक गयी होगी आपको सुला देता हूँ"...... अँधा क्या चाहिए दो आँख, वह तो कब से त्यार थी िश पल के लिए.

अपने मुँह में साड़ी का पल्लू दबाये कड़ी रहे तोह आर्यन ने उसको गॉड में उठा लिया, वह उसके सीने में मुँह छुपाये है रही थी. आर्यन ने बैठक का दरवाजा खोला और लाइट जलाकर दूर बंद कर दिया.

एक तरफ 2 मुद्दे पड़े थे, एक मेज और तखत पड़ा था जिशपार गोल वाला तकिया और बिस्तर बिछा था. आर्यन ने ुष्पर उसको लित्य और फैन चालू कर दिया. अपर्णा ," लाइट बंद कर दो न आर्यन भैया". अब वह झिझक तो नहीं थी पर नाम लेने में शर्म थी.

आर्यन ने देखा एक छोटा बल्ब का स्विच भी था उसको ों करके प्रकाश काम हो गया. आर्यन को अपनी तरफ बढ़ता देख के पूरी परिपकव सरीर वाली अपर्णा भी एक कुंवारी लड़की की तरह बिआह में थी उसके विशेष मजबूत लम्बे तगड़े जिस्म और बेहद ख़ास अंग की विशालता से.

कुछ नशे का खुमार और अपनी सास से बदला दिलवाने वाले पे समर्पण थोड़ी हिम्मत में बांध रहा था. आर्यन बिस्टेर पे बैठा टंगे लाटकक के और दोनों हाथ की उँगलियों से कमर को सेहलते हुए अपर्णा को थाम के उठाते हुए अपने प्यार लड़की के तखत पे चढ़ा के घुटनो के बल बैठा. अपर्णा उसकी तरफ मुँह किये उसकी जगहों पे चूतड़ टिका के उसकी खोली भर ली. उसके सरीर में जैसे वह दिख hi नहीं रही थी ऋतू को जोह बहार खिड़की से कड़ी देख रही थी जब वह अपर्णा को गॉड में उठाये बैठक में चला गया.

ऋतू को जलन भी हुयी अपनी जेठानी से और आर्यन के लिए वह तड़प रही थी ज्यादा नशे में उसकी टांगें भी कांप रही थी, धड़ाम से निचे गिरी तोह आर्यन को आवाज आयी बहार से पर अपर्णा तोह अपने चूतड़ और चूचियां मसलवटी मदहोशी में आर्यन को चूमे जा रही थी.

आर्यन ने तखत से खड़े होते हुए अपने से अलग किया अपर्णा को तोह वह उसकी पीठ पे चढ़ गयी ," मत जाओ न मुझे प्यासी छोड़कर ".....

आर्यन भी है दिया," जा नहीं रहा किसी को अंदर लता हूँ"..... अपर्णा को अपने को छोड़ता न देख के वह उसको अपनी पड़ीं चढ़ये बैठक का दरवाजा खोल के बहार आया तोह ऋतू अभी बेहोश सी अवस्था में कमरे की दिवार का सहारा लिए बैठी थी. उसकी जबरदस्ती भी न खुलने वाली आंखें जैसे बार बार खुल बंद हो रही थी. आज पहली बार पहले वाइन फिर आर्यन ने सिंगल माल्ट का बड़ा पेग पिलाया जोह नशा थोड़ा लेट hi करता है.

आगे बढ़कर अपर्णा को पीठ पे चढ़ये एक hi मजबूत हाथ से ऋतू की पतली सी 26-27इंच की कमर में हाथ दाल के एक फूल की टोकरी सी हलके वजन वाली को उठा के अपने सीने से लगा के चिपका लिया. अपर्णा भी अब अपनी देवरानी ऋतू को देख रही थी पर आर्यन दोनों को लिए फिर से बैठक के अंदर जाकर दरवाजा बंद किया और पलट के तखत के पास जाकर अपर्णा को पीठ से उतरा ," दीदी निचे बिस्टेर लगा यहाँ 3 नहीं आएंगे ".

अपर्णा भी अब मुस्कराती उतर के तखत से बिस्टेर निचे बिछा रही थी और ऋतू बस आर्यन से एक बच्चे की तरह चिपटी पड़ी थी. वह उसकी पीठ सेहला रहा था हलकी थपकी देते हुए जैसे बच्चे को सुला रहा हो.

अपर्णा निचे बिस्टेर बिछा गोल तकिया लगाकर अब इंतज़ार कर रही थी की आगे क्या करेगा? क्या दोनों को एक साथ छोड़ेगा? क्या ऋतू भी उसके साथ चुद लेगी? 5 मं में आर्यन ने बैठक में घूम घूम के ऋतू को सुला hi दिया और निचे बिछे बिस्टेर पे एक किनारे लिटा के उसको 5-6 थपकी दी तोह करवट लेकर घेरि नींद में चली गयी.

आर्यन ने ऋतू की साड़ी उठायी कमर तक हाथ लगा के चेक किया पेंटी में चूतड़ को फिर घुटने भी और वापस साड़ी धकार बोलै ," सुकर है चोट नहीं लगी बस हलकी से रगड़ है, इन्होने कभी पहले शरभ नहीं पि है क्या ?"

अपर्णा तोह बस घुटने से सर लगा के आर्यन को hi देख रही थी तोह बोली," भैया तुम तोह जादूगर हो एक औरत को भी बच्चे की तरह सुलह दिए. आज पहली बार वह लाल शरभ( वाइन) पि थी फिर बड़ा पेग अपनी बोतल से आप ने पिलाया दिया".

आर्यन भी हसकर," वैसे अब क्या इरादा है बिस्टेर पे तोह यह सोई हैं ".

अपर्णा भी आर्यन की तरफ बढ़ी और धीरे से बोली," बहोत जगह है बस हम आवाज नहीं करेंगे "...... आर्यन ने अपना लोअर में खड़ा लुंड पकड़ के दिखया तोह अपर्णा ने पहली बार अपना साड़ी का पलु मोह में दबा के इशारा किया और आर्यन की तरफ देखि जैसे कह रही हो मेरा मुँह बंद कर देना.

आर्यन भी आँख मार के अपने ऊपर लेकर ऋतू से 2 फट की दुरी पे बिस्टेर पे लेट गया तोह उसके प्यार बिस्टेर से भी पार 1 फट फर्श पे थे. आर्यन के सर के निचे गोल तकिया लगा के अब उसको चूमती पहले अपना ब्लाउज और ब्रा उतर दी फिर साड़ी को जैसे तैसे घूम और फोल्ड्स खोल उतर दी.

आर्यन उसकी छातियों को कसके दबा दिया और निप्पल ुमेट के उसकी जीभ चूसने लगा उसके पिछवाड़े और कमर को सेहलता..... अपरना किसी तरह से िश हमले से संभल भी न पायी थी आर्यन ने उसका पेटीकोट का नाडा खोल के कमर से उसकी कच्ची में दोनों नितम्ब दबोच लिए.

आर्यन की उँगलियाँ तक उसकी बुर और गुदा तक टच कर रही थी, बड़ी मुश्किल से अपनी उखड़ती जीभ को जुड़ा कर वह हाफ रही थी..... आर्यन ने उसको पलट के निचा लिटा के आखिरी बदन के विस्तार भी उतर दिए.

अब अपना लोअर उतर के उसकी जेब से कंडोम का डबल एक्स्ट्रा लार्ज पैकेट से अपने लुंड पे चढ़ा लिया दो सीधे हाथ की उंगलिओं से अपर्णा की बुर रगड़ते हुए जोह पूरी पिनय के रास छोड़ रही थी. अब पूरा रास छोड़ती अधिक चिकनाई वाले( एक्स्ट्रा लुब्रीकेंट) कंडोम पे उसकी फूडी पे सेट किया और चूचियां एक बार चूस के उसके साड़ी का पल्लू उसके मोह में घाट तक ठूंस के जोरसे धक्का मारा के मुँह एक हाथ से बांध कर दिया और दोनों हाथ को सर के ऊपर पकड़ के उसकी दोनों पूरी झंघ और पिंडली दबा ली थी.

अपर्णा बस झटपटाने की कोशिश कर रही थी उसकी आंखें से बहते आंसूं जीरो वाट के बल्ब में भी आर्यन को अच्छे से दिख रहे थे. उसके कान के पास सरगोशी करते बोलै ," बड़ी दीदी हो गया बस अब दर्द नहीं होगा "...... अपर्णा भी सर हिला के छोड़ देने की गुहार की पर आर्यन न रुका 3 और तेज धक्कों में उसकी छूट को पूरा बच्चेदानी के अंदर तक टोपा घुसा के रुका..... वह बेहोश हो चुकी थी और अपना काम अब आसान लगा की जगह पूरी बन गयी है.

अब तेज तेज धक्के मार मार के पूरी ड्रिलिंग कर रहा था और अपर्णा को अब किसी के लायक नहीं छोड़ने वाला था. गांड चौड़ी थी और छूट घेरि ,अपर्णा पूरा लुंड आर्यन का लील गयी थी पर बेहोश थी. दर्द से निजात नहीं था पर योनि अपना रास भ के अंदर चिकनाई पैदा कर रही थी रक्त और बुर के रास का मिश्रण उसकी गुदा द्वार पे आते हुए अब बिस्टेर को भिगोने लगा.

आर्यन ने अब साड़ी उसके मुँह से निकली और अपनी गॉड में उठा के लुंड बुर में डाले बैठक का दूसरा बहार वाला दरवाजा खोल के बहार से भेदा और बगल की दिवार से अपर्णा की पीठ लगा के खड़े खड़े hi हवा में hi छोड़ने लगा. 5 मं बाद अपर्णा की कान के पीछे की नाश दबा के होश में लाया तोह मुँह भींचे hi बोली," अह्ह्ह्हह मररररर दो मालिक आखिर अब मेरा जीवन भी आप का है भैया .....उन्हहहहहह हननननन सीईईईई ....अह्ह्ह्ह ....... मालिक...... भैयाआ ..... धीरीईई मरररररर जौंगीयी......"

आर्यन भी नरम पड़ता हुआ ," दीदी तू तोह कुंवारी जैसी लग रही है..... बस पूरी सुरंग खोल दी है मैंने ..... पुछःह पुछःह चुम्म चुम्म..... तुम बहोत रसीली हो "...... अपने दर्द पे भी मुस्करा दी दर्द भरी ाहिएँ लिए ......" घोड़े जैसे लुंड से छुडोंगी तोह .... अह्ह्ह्हह कभी छोड़ने लायक hi कहाँ.... सीईईई उईईईईई मायआ ...... बचुंगीीीी...... मालिककककक तराश काहूऊ मुझ अबला नारररर पीई...... bhaiyaaaa.......meinnnnn मररररर जाउंगी....."

आर्यन भी थोड़ा रुक के अपर्णा को अपनी गॉड में लुंड पे बिठाये ुष मक्कन की चारदीवारी पे चढ़ के लेट गया पीठ के बल और पोस्टिव ऐसी की पूरा लुंड लिए अपर्णा उसके लुंड पे बैठी, उसने चूम के बोलै," इश्कि अकड़ ढीली कर दो एक बार फिर में तंग नहीं करूँगा दीदी "......

अपर्णा भी समझदारी दिखती हुयी थोड़ा थोड़ा आगे पीछे होने लगी की अगर झाड़ जायेगा तोह आर्यन भी ढीला हो जायेगा वार्ना इश्के मुसल ने तोह पूरा पहाड़ के चीयर hi दी है मेरी बुर..... फच्च फच्च ठप्प्प थप्प्प्प की आवाज करती उसकी बुर और चूतड़ की थाप आर्यन के लुंड को जोश hi दिला रही थी न की ढीला कर रही थी....

एक तरफ बाघ का अँधेरा दूसरी तरफ मक्कन के 100वट वाले बल्ब की पीली रौशनी में िश 4फट की ऊँची सवा फट चौड़ी मुंडेर पे सर के निचे एक हाथ रखा और दूसरी से अपर्णा के उलटे चूतड़ को सहारा देता आर्यन अपने hi मजे में था.

कभी उसकी सर उठा के भरी भरी चूचियां चूस लेता कभी उसके पिछवाड़े के छेद को सेहला देता..... 5 मं भी वह नहीं टिक्की और झड़ने लगी आर्यन की चाहती से लगे. आर्यन भी उसकी कमर सेहला के उसको आश्वस्त करता अब चारदीवारी से निचे खड़ा होकर अपर्णा की गांड मसलता अपनी कार तक लेजाकर उसको बोनट पे लिटाकर के छोड़ने लगा अब उसकी चीखिआ पूरे बाघ क्या खेत खलिआनो में गूंज रही थी. अगले 10 मं में अपर्णा को हर 2 मं में झड़ने पे मजबूर कर दिया आर्यन ने इतनी तेज गति से छोड़ा पर वह पस्त हो गयी आर्यन नहीं झाड़ पाया.

उसके पति और देवर जोह 2 कम दूर पहरेदारी कर रहे शराब पीते हुए, उनके साथ मजदूरों ने भी उसकी चीखिआ सुनी, टूबवेल के कमरे जब 2 मं को बिजली गयी सास मल्टी ने भी सुनी और बाकी तीनो ने सुनी hi नहीं देखि भी...... चौबारे की चाट से रानी संगीता, चौबारे से बिना और बैठक से ऋतू तोह डर के hi उठी थी.

अपर्णा के हस्बैंड (ह) ने ऋतू के हस्बैंड को अपने साथ साइड में ले आया," यह तोह अपर्णा चीख रही है बे ".

Ritu(H)," बहोत पैसा मिलेगा भाभी को मालिक से "...... देसी दारू की बोतल से मुँह लगा के बड़ा घुट पीकर Aparna(H) ," अबे मादरचोदों पहरेदारी करो पहरेदारी ...... मालिक हैं बाघ में खाल उतर देंगे ".

शाम को पहले ऋतू फिर अपर्णा और लास्ट में उनकी सौतेली माँ बता गयी थी की मालिक ने कितने पैसे दिए...... आर्यन के रमेश जीजाजी के हाथ में सब चार्ज था जोह पहले से hi सबसे ज्यादा मेहनती थे और कभी फालतू बातों से मतलब नहीं रखते थे. अब तोह चौड़ा होकर अपने बड़े भाइयों से काम करवाते पर पैसा ढेला सरला दीदी की तरह एक भी फालतू खरच नहीं करता थे. इतनी जमीन जायदाद भी इनके किसी काम की न थी बस काम करो और चोरी की सोच भी नहीं सकते थे.

अपना प्लान पहले hi बता आयी थी उनकी सौतेली माँ, मल्टी की मालिक की गाडी में पूरा बैग नोटों से भरा है आज तुम्हारी बीवियां भी चुद जाएँ तोह सब हमको मिलेगा, सरला और रमेश तोह कुछ देने से रहे. अब जाओ अपनी दोनों जीजा को इतना तोड़ो की कभी इधर गाओं न देखे. ऋतू का पता था की वह नहीं मानेगी पर उसकी सास ने अपने सौतेले बेटों से कहा था की आर्यन को वह बहोत पसंद आ गयी है बस उसके निचे लेट जाये यह हमको मालामाल करवा देगी.

ऋतू थोड़ी नखरे वाली थी अपने पति को भी झाड़ देती थी फिर बहार मुँह मारता था रंडीबाज़ी में पर आर्यन जानता था यह औरत ऋतू कुछ अलग है. इशलिये उसको छेड़ता था पर बस अभी तक एक बार गाल चूमा था पर ऋतू खुद hi अपने को आत्मसमर्पित करने को त्यार थी. सरला से अमेरिका में रहने वाले अपने छोटे मुँह बोले भाई के किस्से सुनी थी फिर आर्यन वापस आया और सरला की जिंदगी बदल दिया. काश मेरा भी ऐसा भाई होता हर एक लड़की की इच्छा होती है पर शाम से तोह बस उसके पुरषतव पे वह आकर्षित थी.

बिना वापस जाकर बीएड पे लेटकर तकिया पहाड़ी और रोइई कान में भर ली, रानी संगीता भी वापस लौट गयी अपनी खाट पे मछरदानी में. एक तोह उनको थकान थी की आर्यन को इतनी जल्दी नहीं झेल पायेगी और दासियों की उसको सेवा लेनी पद रही है. बस एक भरी मैं से ऋतू भी बैठक से अंदर निकल के दुसरे कमरे में अपने बेटे के पास सूने की कोशिश करने लगी.

आर्यन ने पहले कंधे पे दोनों टांगें रखकर छोड़ा फिर घोड़ी बनकर लास्ट में कुटिया बनता की अपर्णा पस्त होकर जमीन पे लेट गयी..... अब क्या करे ? पर अपर्णा को अपनी गॉड में उठाकर बैठक खड़े लुंड के साथ ले आया और तखत पे लिटा के एक चादर उसके ऊपर ुधा के बोलै ," थक गयी हो दीदी आप सू जाओ ".

अपर्णा घेरि सांस लेती हुयी," हार गयी हूँ आर्यन भैया में..... अब जान नहीं है सरीर में, आप ऋतू के पास चले जायो ...... वह ठंडा कर देगी "...... उसकी आवाज भी रुक रुक के आ रही थी तोह आर्यन कंडोम पहने hi अपना लोअर डाला बनियान अभी भी उसके बदन पे था और कार से बोतल लेकर 3 सिप पिलाकर अपनी गॉड में सर रखकर अपर्णा को बोलै," आप कभी अपनी सास और पति की मत सुन्ना, हाँ पति का अधिकार पूरा है पर उसके साथ बाजारू औरत रहेंगी तोह आप भी जल्दी सुरक्षित नहीं रहोगी.... ऋतू दीदी एक अच्छी औरत हैं, मानता हूँ उनको भी में अच्छा लगता हूँ जब वह मुझे देखती हैं पर इतना बुरा नहीं हूँ की उनके नशे का फैयदा उठा सकूं".

आर्यन के गाल पे हाथ फेर के अपर्णा ने बोलै," हम सब तुम्हारे पैसों के पीछे हैं आर्यन पूरा खुश कर सकते हैं ". ...... आर्यन ने भी उसका माथा चूम के कान में कहा," मैंने भी कन्फर्म कर दिया है की सब आपका है, इतनी चीखिआ तोह सुनाई दी hi होंगी आपके हस्बैंड और देवर को ".

आर्यन उसको आखिरी घूँट पिलाता हुआ बोलै," सू जाओ में आपका अपना hi हूँ, कभी भी याद कर लेना यह भाई यही मिलेगा..... हाँ अब बॉयफ्रेंड भी बोल सकती हो ".

आर्यन बैठक का दरवाजा अंदर से बांध कर पहले नहाया फिर ऋतू के रूम में चला गया , रूम में बस एक बड़ा निवाद का पलंग, एक अलमारी और एक कुर्सी और सिंगार दानी थी मिरर ऊपर की तरफ था.

आर्यन ने ऋतू के बेटे को गॉड में उठाया और अपने सीने पे लिटा लिया. हलकी हलकी थपकी देता सुलाने लगा जोह ऋतू ने चुनती काट के उठा दिया था तोह रोने लगा ताकि आर्यन वापस चला जाये. वह अपर्णा को आर्यन से चुड़ते देखकर खुश नहीं थी. जबकि उसको पता नहीं था आर्यन क्या चीज़ है जिसको अँधेरे में भी दीखता है.

आर्यन के सरीर से आती अपनी hi मार्गो साबुन की महक से पता चल गया था की वह नाहा के आया है. आर्यन ने करवट लेती ऋतू की पतली कमर में हाथ दाल के पहले अपनी तरह खिंचा फिर उसको िश तरह अपने बदन पे चदया की उसका बीटा उसके सीने के राइट साइड और ऋतू लेफ्ट साइड सर रखे अँधेरे में hi सब महसूस कर रही थी.

आर्यन," सू जाओ ऋतू दीदी बस हाथ लगया है आगे नहीं बढूंगा "...... हलके से फूस फूसा के मीठी आवाज में बोलै. ऋतू ने भी उसके सीने से सर उठा के उसकी तरफ अँधेरे में देखा जबकि चेहरे की परछाई बस नज़र आ रही थी.

आर्यन ने उसका माथा चूम के सर फिर अपने सीने पे रखा," विश्वास रखो आपको कल पता चलेगा"..... वह भी अब कुछ नहीं बोली पर इतनी ठक्कन थी की आर्यन के थप्पकी देने से नींद में चली गयी. अब दोनों माँ बेटे एक ऐसे आदमी के सीने पे सोये थे जोह सबको प्यार देना hi जानता था.

आर्यन की नींद 4 बजे खुली बिना के हिलने पे, कमरे में लाइट जल रही थी और उसने अपने होंठों पे ऊँगली रख के बहार जाने का इशारा किया. फिर प्यार से पहले ऋतू को साइड लित्य जोह हसीं खाब भी आर्यन के hi देख रही थी फिर उसके ब्लाउज के निचले 3 हुक खोल के ब्रा ऊपर किया और एक चूची बहार निकला तोह उसकी भी जीभ सूख गयी पर अपने पे कण्ट्रोल कर इतनी मस्त छोटी सी दूध से भरी चूची को साइड में खिसक के उसके बेटे को उठा के उसका मुँह लगा दिया जोह खुद hi पीने लगा.

रीती ने खड़े होते आर्यन को देखा और अपने बेटे का सर पल्लू से धक् ली. " आप सो जाओ अभी उठने का समय नहीं है, अपने बेटे का ध्यान रखो"..... इतना बोलकर आर्यन कमरे से लाइट ऑफ करता बहार चला गया.

आज भी बिना और आर्यन खेतों में नहीं टॉयलेट में फ्रेश हुए

( ***खुले में सोच करना मन है)

बिना कार को रेडी करके संगीता को त्यार करवाने चली गयी और आर्यन ने टूबवेल के कमरे का दूर खोला और कामभाल समेत मल्टी को गॉड में उठाकर भेटे पानी की हौज में दाल दिया ..... उसकी तोह सांस hi उखड गयी थी एक बार को पर जल्दी hi संभल गयी और जोरसे सांस लेने लगी.

आर्यन हस्ते हुए ," कहा सुना माफ़ करना मौसी, यह बैग तुम्हारा हुआ पर ज्यादा लालच तेरी जान पे बन सकता है. मेरी सरला दीदी और अब मेरी ऋतू दीदी से भी दूर रहना वार्ना महंगा न पड़े और आज दोपहर अपने पीहर पहुंच जाना तेरी वहीँ लूंगा".

आर्यन वापस चल दिया बिचारि अभी भी सदमे में hi थी...... कार के जाने की आवाज के बाद नंगी hi पानी से बहार आयी थी कोई दर्द नहीं था और निशाँ न के बराबर. बैग खोला तोह ुश्मे 50 लाख रूपये थे 500-2000 की गद्दियों में.

ऋतू शर्माती हुयी नंगी पैसे चेक करती अपनी सास मल्टी के पास आयी तोह झट से रुपयों का बैग बंद करके अपनी धोती लपेटी फिर ब्लाउज पहनी और ऋतू को गले लगा के बोली," तेरी और सरला जैसी बहु सभी को मिले, जा मेरी बच्ची यह बैग संभल के रखना. आर्यन मालिक को मेरी उम्र भी लग जाये ".

ऋतू को भी पता था की इतना सब कल काली रात होने के बाद भी आर्यन के पैसा का जादू था पर वह अब उसका सीना बहोत मिस कर रही थी जिसको नींद में भी कई बार चूम ली थी पर वह निर्मोही तोह उसको बिच मझधार में छोड़कर चला गया.

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गोअन की हवेली .......

महापंचायत के गोअन में आर्यन की कार एंटर की तोह सुबह के 5 बजे थे पर पूरी भीड़ भाड़ देख रहा था कार चलते हुए, संगीता जोह पीछे बैठी थी और बिना पहले hi हवेली से 100 मीटर दूर उतर गयी.

शोर शराबा सुनाई दे रहा था "चंडी देवी मुर्दाबाद .....मुर्दाबाद" के नारे लग रहे थे आर्यन की कार जब सिक्योरिटी अफसर वालों ने रोकी तोह उतरा hi था की "आर्यन "...... "आर्यन"...... "आर्यन"....... और सब उसको घेरने लगे पर संगीता को पीठ पे लड़कर के बोलै," कसके पकड़ो मुझे माजी " ..... और कार पे चढ़कर एक छलांग लगा के हवेली की दिवार पार करके 10 मीटर दूर कूड़ा जहाँ भीड़ काम थी......

आर्यन ने धाड़ के कहा ," दीप्तईईईई ..... " उसको हथकड़ी लगी हुयी थी और सिक्योरिटी अफसर उसको ले जा रही थी. आर्यन तोह जैसे बिफर hi गया, संगीता को वहीँ उतर के उसने तेजी से दौड़ hi न लगाई बल्कि कूदता हुआ ुष सिक्योरिटी अफसर अफसर को इतनी जोर का थप्पड़ ज्यादा ," मादरचोद तेरी हिम्मत कैसे हुयी मेरी बीवी को हथकड़ी लगाने की "...... आर्यन को सामने देखकर hi सब सिक्योरिटी अफसर वालों की पहात गयी थी और जोह "चंडी देवी मुर्दाबाद" बोल रहे थे उन्ह सब सफ़ेद कुरता पजामा वालों की भी टट्टी निकलती बची ......

आर्यन ने आगे बढ़कर दीप्ति को गले लगा के उसके चेहरे से दुप्पटा हत्या तोह इतनी गोरी गोरी गीता को देखकर जैसे चक्कर hi खा गए हो सब....... उसका माथा चूमते वह आर्यन से लिपट गयी.

"ी म सॉरी माहि प्लीज दीदी को माफ़ कर देना".

आर्यन का गुस्सा जब बढ़ने लगा तोह सबकी तरफ नफरत से देखा पर दीप्ति ने उसका चेहरा अपनी तरफ करके उसका गाल चूम के कहा," शांत हो जाओ माहि प्लीज मेरे लिए, सब अपने hi हैं ".

हवेली के अंदर से आवाज गूंजी," किसने हमारे खांडा की होने वाली बहु के हाथ में हथकड़ी डाली है "...... रतिदेवी की आवाज में hi इतनी गर्जन थी की सब महापंचायत वालो में जोश आ गया...... वह तोह जैसे सिक्योरिटी अफसर और सफ़ेद कुरता धारी नेताओं को मार hi डालें फिर आधे सिक्योरिटी अफसर वाले तोह आर्यन की तरफ hi थे जिनकी एक न चली थी. खासकर इंस्पेक्टर राजपूत ( आर्यन का होने वाला जीजा)

आर्यन के पास जाकर उसने दीप्ति की हथकड़ी खोलनी चाही तोह मरोड़ के आर्यन पहले hi फ़ेंक चूका था...... सप विक्रम सिंह अभी हाथ जोड़ते सीडी चढ़ता रतिदेवी को कुछ बोलता ुष से पहले hi अपना हाथ दिखा के बोली," जिसको तुम गिरफ्तार कर हो वह है राजपूताना के अलवर राज्य की राजकुमारी डीटी सिंह जिसकी सुरक्षा करने तुम सब आये हो और यह है मेरी बेटी महापंचायत की मालकिन गीता देवी"..... जोह बस रतिदेवी के उसके पकडे हाथ छोड़ते hi गाला काट देती इतना गुस्सा था आँखों में......

रतिदेवी जोरसे बोली," यह दोनों hi जुड़वाँ लड़कियां आर्यन की नयी बीवियां होंगी ".....

पूरी हवेली से लेकर बहार सड़क, दिवार और पेड़ पे लटके लोग भी बस एक बार चंडी गीता को देखते और पलट के आर्यन की बाँहों में लिपटी िश सुन्दर राजकुमारी दीप्ति को देख रहे थे ...... जोह बस एक दुसरे की ट्रू कॉपी लग रही थी....... "जुड़वाँ" स्तब्ध hi सबके मुँह पे था ...... ???????

तो बे कॉन्टिनोएड.....

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अपडेट 39

Part-4 (अपराधी गीता)

अणि अपने मेन्शन के आलीशान बैडरूम में सो कर उठी वाल क्लॉक पे शार्प 5 ऍम घडी के काटने दिखा रहे थे, अंगड़ाई लेकर एक प्यारी सी पारी की तरह मासूम लग रही थी. थे मोस्ट ब्यूटीफुल गर्ल, जैसे खेल रही अपनी नानी रति के साथ Geeta-Deepti की बाजी लगते हुए.

अपनी बड़ी भें नेहा को कॉल किया की फिर फ्रेश होने चली गयी. 6'2" फट के इंच लम्बी अणि को नेहा ने ज्वाइन किया जॉगिंग करते हुए वह भी उस से काम छरहरी नहीं थी. दोनों भेने एक प्राचीन काल एक महारानी थी और दूसरी उसकी सेनापति. दोनों भें क़यमत hi लग रही थी वार्म उप करते हुए......1 घंटे तक जॉगिंग, एक्सरसाइजेज और योग करने के बाद, नेहा ने मुँह खोला," भाई बहोत नाराज होगा..... दीप्ति दिलसे उसको बोहत अजीज है".

अणि मशीन पे वेट बढ़ते हुए जवाब दी," वह समझदार है, में उसको मन लुंगी पर गीता मौसी उसको खिलौना समझा रहा हैं. दीप्ति सब जान बुझ कर रही थी".

नेहा पसीना पोंछती हुयी," देख यार िंह सब से हमे दूर रख, तेरी दुश्मनी नानी माँ से है अब कोई चलवा नहीं..... प्रॉमिस कर अणि".

अणि हसने लगी," तेरी नानी माँ के अल्वा, सब प्रॉमिस ..... hi hi hi hi ....."

नेहा ने टाइम देखा की सारू के उठने का टाइम हो गया था, आर्यन ने उसकी आदत जोह बिगड़ दी थी टाइम टेबल ख़राब कर दिया था. वह तो खुद सूता नहीं पर सारू को थका देता था...... अणि को नेहा वारं करती चली गयी की उसकी निघा अब ुष पर hi रहेगी. अणि भी मुस्करा रही थी जैसे दुनिया जहाँ की उसके चेहरे पे खुसी हो. उसकी दिलकश मुस्कान पे लोग ख़ुशी ख़ुशी जान देने से भी पीछे न हटें.

आज से हज़ारों सालों पहले वह दया की देवी थी पर समय की धुल मोती परत उसको क्रूर बना दी. उसका मूड स्विंग हुआ तोह रति की होने वाली बहु, राजकुमारी दीप्ति सिंह, के हाथों में हथकड़ियां थी और मूड अच्छा हुआ तोह आर्यन, दीप्ति के बचाव के लिए सही समय पे पहुंच गया था.......?????

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आर्यन अब रतिदेवी के कहने पे मल्टी के गाओं जा रहा था जोह 80 कम पूरब में था गीता की हार्ले डैविडसन पे. रति ने उसको आश्वासन दिया था की गीता निर्दोष है फिर बिना और नीला ने जोह काम किया था उसको विस्तार से बता दी.

रति महापंचायत की गाँव कौंसिल मीटिंग की तयारी करने लगी और आर्यन ने बहार मोर्चा संभल रखा था. मोना, रति की सेक्रेटरी, गाँव के फार्महाउस पे 5 मलास और विपक्षी दलों के नेताओं को उनके लस्कर के साथ ले गयी.

कांफ्रेंस हॉल में बिठा के उनका नास्ता पानी का इंतज़ाम किया और उनको चमचो को बिना और नीला. मोना के जिस्म पे सबकी लार टपक रही थी पर रतिदेवी और आर्यन का डर hi काफी था. वैसे भी चंडी देवी की दहसत से, 150 गुंडों का सफाया hi कर दिया और उनकी लाशें भी नहीं मिली ,50 करोड़ का नशीले पदार्थ भी अग्नि मैया के सुपुर्द हो गए.

मुस्ताक के अड्डे को तबाह कर दिया और गोडाउन जला दिया था करीब 80-90 करोड़ का माल होगा, उसके गुर्गे भी जाला के मारे...... मुस्ताक कानून का मुजरिम था, सिक्योरिटी अफसर करवाहयी हुयी होती तोह गीता का नाम कैसे कोई उछाल सकता था जब सबूत न हो बस साख hi जाता सकते थे पर 150 से ज्यादा (गुंडे) गोंवालों की किडनेपिंग नामजद रिपोर्ट, टार्चर और जान से मारने की धारयां लगाई गयी.

रात के सूट हुए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से वारंट लिया और सप विक्रम सिंह के पास कबीर पहुंची तोह वह भी सकते में गए थे..... सुबह 4:30 बजे सिक्योरिटी अफसर दाल बल के, 5 मलास और एरिया के लोकल नेताओं के साथ हवेली पे थे........ उनको बहोत प्रेशर था गीता को अरेस्ट करने के लिए पर रतिदेवी ने बात महापंचायत की कौंसिल के बिच में दाल दी तोह उनको भी इंतज़ार था गाँव की कौंसिल के फैसला का.......

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बिना जब आर्यन की कार से उत्तरी तोह तोह नीला से सब मटर समझते हुए और हाई कोर्ट के वकीलों की अपनी टीम गीता के खिलाफ वारंट निरस्तर करने में लगा di.....High कोर्ट खुलते hi लग गयी अपने काम पे...... होनोराबले जज भी टाइम से आये पहले 30 मं में हाई कोर्ट से आर्डर मिला गया.

पर पहले उसने सफ़ेद कुरता धारी की ऐसी मरमत की नहीं समझे .......?

बिना, नीला और बॉस मोना शर्मा (कहने को बॉस) के आर्डर पे. कांफ्रेंस हॉल में जब मोना शर्मा को कुछ फब्तियां कसने के साथ 3-4 नेताओं ने उनकी स्पेशल सेक्रेटरी बनने वाली टिपण्णी की तोह बिना और नीला वहां पहुंच गयी.

बिना ," यू अरे कम्फर्टेबले मैडम?"

एक रसिक नेताजी ," यह मैडम तोह हमारी गॉड में hi बैठकर कम्फर्टेबले होंगी, तेरा के नाम है ?...... हे हे हे हे ..... "

सब हसने लगे तोह बिना ने कांफ्रेंस हॉल का दूर बंद करने का इशारा किया और ुष नेताजी के सामने जोह सोफे पे बैठा थे कड़ी हो गयी. "यह मेरी बॉस है और रति मैडम इनकी बॉस है..... अगर तेरी जबान लेफ्ट- राइट हुयी तो खींच के तेरी गांड में घुसा दूंगी. तेरा जैसे नेताओं को तोह मैडम अपनी जुटती साफ़ करने के लिए नहीं रखे "...... एक एक शब्द उसका चबा चबा के बोल था, थी तोह मिलिट्री वाली.

बिना पलटी तोह ," कुत्तिया तू रुक्खककककक ...... "

नेताजी खड़े होने लगे hi थे, बिना की रिवर्स किक उनके अंडकोष में लगी..... वह भैंसे की दकरते सोफे सहित उल्टा गिर गए...... बिना और नीला गन ताने कड़ी थी...... 5 सेक् में माहौल बदल गया था ...... सारे मर्दों के चेहरे पर पसीना आ गया था.

बिना ने नेताजी के बालों से खिंच कर उसके मुँह खुले होने पर गन का एआईएम भर दी ," मैडम ने तुझे मेहमान नवाजी से बुलाया है और तू सुआर हमारी इज्जत पे हाथ दाल रहा है. नीला एक भी जगह से हिले तोह भेजा उड़ा देना ".

2ंद नेताजी ने विरोध किया तोह बिना उसके प्यार पे गोली मारी और एआईएम 1 सत के खुला मोह था..... हॉल में 14 मर्द थे 5 मलास, 2 ओप्पिस्तिओन्स वाले और बाकी सब लोकल नेता गण ..... अब तोह सबकी सिटी पीती गम हो गयी है बिना में फायर कर दिया था हॉल साउंड प्रूफ था.

मोना शर्मा वार्निंग देकर बोली," यह दोनों ब्लैक कैट कमांडोज़ हैं, फुल्ली त्रिनेड 25-30 आर्मी वालों पे भरी पड़ेंगी ".

तभी आर्यन की एंट्री होती है बाथरूम का दूर खोलकर," गर्ल्स अन्य प्रॉब्लम ?" सब की सांस गले में hi अटक गयी थी आर्यन को देखकर...... 7 फट का इंसान इतनी नजदीक से और भी ज्यादा बलवान लगा रहा था.

बिना ," No प्रॉब्लम सर कुत्ते ज्यादा hi भूँक रहे थे ".

आर्यन ," यार नेताजी को गोली मार दी तू ने?"...... उसने पास जाकर देखा तोह सोफे पे सहारा देकर लिटाया और उसकी जांघ से पजामा पहाड़ के जोह खून से लाल हो गया था..... " गोली मॉस में लगी है खून ज्यादा नहीं भेयेगा, मोना ड्रेसिंग का इंतज़ाम करो. आखिर मेहमान हैं यह माँ ने भी कहा था बस गाँव से चले जाते hi ढिसकूं ढिसकूं ......".

बिना," सर में इसको और 3 लफंडर को छोडूंगी नहीं जोह मोना मैडम पे फब्तियां कास रहे थे ".....

आर्यन खड़ा होकर ," हाँ तोह लफंडारों तुम एक साइड में और मलास शभ एक तरफ आराम से बेथ जाइये, बातचीत से मुद्दा भी सिलता लेंगे.... प्लीज ".

नीला," जाम का इंतज़ाम करो और लफंदरों को की अच्छी खातिर दारी करो".

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नीला और बिना पिल पड़ी और आर्यन उन्ह पांच मलास के साथ निकल गया उसके ऑफिस में पोंछा. भीमा और उनके आदमियों ने सिक्योरिटी अफसर सिक्योरिटी और पास के लिए दारु को स्पेशल इतंजाम कर रखा था...... जब तक मारती रहे जबकि काहदर वाले कपडे लाल न हो गए. कुछ शाशि भी थे उनकी किक और मुक्कों को झेल न सके..... करिये के टुट्टों को ठिकाने लगने के बाद नीला अपने काम पे लग गयी थी.

आर्यन, 5 मलास के साथ अब अपने ऑफिस में बैठा था बिना की उसकी गॉड में बैठी जाम पि रही थी...... वो अभी भी डर रहे थे पर उसने माहौल हल्का करते हुए कहा," कितना नुक्सान हुआ गीता देवी के कारन ? में हर मारे आदमी के हिसाब से 1 करोड़ देने को त्यार हूँ टोटल 150 करोड़, गोडाउन और आड़े के 150 करोड़ मतलब टोटल 300 करोड़ दूंगा पर पहले ुष आदमी का नाम जानना चाहुगा की मेरी चंदा रानी की तरफ किसकी बुरी निघा नहीं थी"..... आर्यन ने टेबल पे गन राखी और बिना को किश करने लगा.....

बिना जोह ज्यादा जोश से छूसँ चूसै कर रही थी 3रद मला ने गन लेनी चाहिए पर आर्यन उससे पहले hi गन उठा के निचे बैठने का इशारा किया बगैर किश तोड़कर...... नीला और मोना दूर खोल के बिना को आर्यन सर के साथ स्मूचिंग देखकर हैरान रह रही गयी. यह दोनों ईंटे टेंस माहौल में छूसँ चूसै में लगे हुए हैं.

आर्यन किश पूरा करने के बाद उन्ह दोनों को पास बुला कर अपनी एक एक झाग पे बिठा लिया उनकी कमर को पड़ते हुए और जबकि बिना उसकी गॉड छड़ी हुयी थी ," 400 करोड़ और अब एक आदमी का नाम बताओ और तू (3रद मला) की तरफ गन से इशारा किया मुर्गा बन जा" .....फिर गोली चली ....... गन की गोली उसकी कनपट्टी छु को निकली थी.

अब तोह मूट hi दिया और मौत उसके सर पे मंडरा रही थी, 1सत मला = बीटा मेरा तो कुछ नहीं जानता, में गीता बेटी से माफ़ी मांग लूंगा और तुम भी माफ़ कर दो.

2ंद मला = में भी कुछ नहीं जानता, इनके काले कारनामो का पता था मुझे पर इनसे मेरा कुछ लेना देना नहीं है.

3रद मला तोह मुर्गा बांके कांप रहा था उसकी टट्टी खुसक हो गए थी.

4तह मला= माल कहा से सप्लाई होता है आंध्र प्रदेश से और मुस्ताक hi हम सबको पक्की रकम पहुंचा था.

5तह मला = में अपोजिट पार्टी का और दुसरे धरम का हूँ तोह मुँह खोला तब भी मार डोज.

आर्यन के साथ बिना की तरह नीला और मोना भी किश करने लगी जाने मौके के तलाश में थी..... पर आर्यन ने जवाब हहि दिया उनको किस्सियाँ करने में लग रहा 5 मं में.

" मेरे महापंचायत के गाँव में अदा है वह मुझे आज hi पता चला है और आपके नुक्सान को में भरना चाहता हूँ..... मेरी माँ ने कहा की मेहमान भगवन सम्मान है पर आपको खोज hi लूंगा चाहे किसी बिल में चूप्ये हो...... मेरी माँ रतिदेवी पार्टी फण्ड में 200 करोड़ चंदा देती है saalna.......tab तक नुक्सान की पूर्ती करूँगा, मेरा कुछ नहीं जायेगा पर बलि पार्टी मांगेगी और इस्तीफ़ा भी देना पड़ेगा और में बिहकारी की तरह तुम सबको कटोरा दान में दूंगा. ओप्पोसिशन वाले हो तोह तुम सोच रहे हो बच जाओगे पर तुम्हारे hi खिलाफ मुझे रुपया पानी की तरह बहाना आता है".

आर्यन ," यार इतने डर रहे हैं इनकी खातिर दारी करो..... बिना उसकी (3रद मला) सेवा में कुछ कमी रह गयी..... उनकी चीखिआ सुनाई देनी चाहिए ".

नीला ने 4 मलास के पेग बांये और बोली ," सर माफ़ भी कर सकते हैं ".

लेकिन बिना 3रद मला की बून्द सुजा दी मुर्गा बने हुए बेल्ट से पिट ते हुए ..... " सर झांट का पिस्सू है गोली मारो "......

"निखिल "..... वही िश सबके पीछे है ...... मेरी जान बकश दो ..... "

आर्यन ने गोली सीढ़ी माथे पे मारी तोह 4 मलास खड़े हो गए डर hi इतना ज्यादा था की 2 बेहोश हो गए और डर के मूतने लगे..... "यही नाम है न उसके अलावा ..... ".

फिर तोह रट्टू टूटे की तरह सब बक दिए..... भीमा ने काम खरा किया की सुबह शरभ की पेटियां खोल दी.

बिना जिहक रही थी की ," डिप्टी कम का छोटा भाई है ....."

आर्यन बाइक राइड करते हुए ," मार देना या में मारु कल का सूरज वह उगता देख नहीं पाए".

बिना मुस्कराती," मैडम ऐतराज करेगी, फिर ग्रीन सिग्नल है काम हो जायेगा, वह सुसाइड करने वाला है".

आर्यन," गीता को कोई टच नहीं कर सकता, दीप्ति इनोसेंट थी वह अपने ऊपर कारवाही ले रही थी...... तू ऋतू और उसके बेटे को लेकर आफ्टरनून में पहुंच जाना समय पैर".... .

बिना तोड़ा जेलस होकर," अब यार तू मल्टी की लेगा.....? "

आर्यन गॉगल्स पहनकर के," डैम है मौसी में उसकी तुझे कहकर hi लूंगा"....... hi hi hi hi hi ..... आर्यन बाइक स्टार्ट करते हुए निकल गया .....

बिना, अपने मान में अबे मजदूर की बोरियों (सैक्स) को भी पलेगा "...... पर आर्यन कमीना नहीं था बिना और नीला जैसी माल प्यार करने के लिए होती है तोड़ा रुफ्फ़ तुफ्फ छठा है. मोना को भी ड्यूटी पे लगता चला गया रतिदेवी की ड्यूटी पे अपने मंजिल की ओरे.

खिलौना तोह दे hi दिया था राजकुमारी के रूप में दीप्ति शर्माती रहेगी और गीता आंसर करती रहेगी. रति नहीं दमका सकती थी अपनी पोजीशन के हिसाब से पर आर्यन और बिना को खुली चुत दे दी जोह चाहे वह करें..... 3रद मला का नतीजा, सब को बकने का मौका दे दिया और चरों रट्टू टूटे के तरह सब उगल दिए.

रतिदेवी को अपना घर सुरकिषत करना आता था कचरा बहार फेंकने लगी थी. महापंचायत की कौंसिल मेंबर्स से गीता और आर्यन को दूर राखी पर उसकी कमजोरी का इलाज के रूप में राजवीर सिंह ( आर्यन के नानीजी ) पहुंच गए सुबह 7:30 बजे.

भीमा ने पहले hi उनको गायत करा दिया था और नवाब सिंह जोह रति की मदद करने आया था जग्गू, Seema-Reena को लेकर..... एक और था ैप देवेंद्र सिंह जोह अपने maa-baap के साथ आया था.

राजवीर सिंह के प्यार छूई रतिदेवी को वह आशीर्वाद देने से रोक न सका.....

देवकी ," पति थोड़ा कड़वा हो तोह रति क्यों प्यार छु रही है ".

कुंती ," राजवीर भी जवान है तोह और बच्चों का आशीर्वाद ले रही होगी".... hi hi hi hi .....

राजवीर बस मुस्कारते हुए उनको परनाम किया, रति भी साड़ी सर पे लेकर शर्मा ने लगी. राजवीर सिंह ,रति के रिश्तेदारों का भी जीजा लगता था और दामाद भी, फिर हसी मजाक चलता रहा और रति किचन में गयी, बाजरे की रोटी और लहसुन प्याज की चटनी से छाज , गूढ़ लेकर आयी.

अब दोनों कमरे में अकेले थे तोह जमीन पे बैठकर उसको पंखा करने लगी, वह रति hi थी जोह अपना पतिधर्म दुनिया के लिए भूली नहीं थी और आर्यन उसका क्या है वह सच भी बता दी थी. नाश्ता करने के बाद राजवीर को बोली ," महापंचायत की उरगेट कौंसिल की मीटिंग है 8 बजे ".

राजवीर ," में और नवाब भी चलेंगे पर राजकुमारी को ताला में बंद कर रखा है क्या ?"

"बापू तुझे भी राजकुमारी की चिंता है वार्ना मुझे सिक्योरिटी अफसर पकड़ के ले जाती "..... गीता ने रूठे हुए कहा. राजवीर जब अपनी बेटी के पास पहुंचा तोह उसका माथा चूम के बोलै," तुझे सिक्योरिटी अफसर पकड़ के ले जाती तोह यह Maa-beta निकांए हैं..... तू तोह मेरा चाँद का टुकड़ा है ".

गीता अपने बापू के बहन में लिपटी थी तोह रति ने ले आकर दीप्ति को प्यार छूने का इशारा किया..... राजवीर जब गीता से अलग हुआ तोह नवाब सिंह की भी वही हालात थी.

एक डैम सोनी मूरत गीता की आ गयी थी, अपने सर पे चुनरी लिए एक सिंपल सलवार सुईठे में प्यार दूर से hi चूहे तोह राजवीर सिंह मान में बोलै 'हे प्रभु की कैसी माया है. गीता को एक सगी भें जैसी लड़की दे दी'....... गीता हाथ पकड़ ली की स्पर्श होने से पहले..... वार्ना वह बस भस्म हो जाता .... राजवीर बोलै," यश्ववी भाव ".

नवाब के सामने खड़ा किया तोह रति बोली," यह आर्यन के बड़ा पापा हैं और आज से तेरे फादर भी..... इनका आशीर्वाद hi आर्यन की हवेली में जगह दे सकता है".

नवाब कुछ बोल नहीं पा रहा था बस दीप्ति से आशीर्वाद तक हाथ नहीं टच किया था..... गीता ," जीजा जी आशीर्वाद दिज्ये मेरी जुड़वाँ भें के साथ दोस्त भी है"..... वह भी दूर से आशीर्वाद दे दिया ," सदा खुश रहो "...... अपने विचारों में राजवीर और नवाब खोये थे, जग्गू और Seema-Reena पहले hi दीप्ति से मिल चुकी थी स्वयंवर से पहले...... जग्गू का आशीर्वाद लेने से दीप्ति कभी भूल सकती थी, वह आर्यन की स्पेशल मम्मी थी. Seema-Reena दोनों दीप्ति से गले मिलकर बहोत खुश हुयी.

रति ," हमें गाँव की कौंसिल मीटिंग के लिए देरी हो रही है ".

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आर्यन ने बाइक स्टार्ट की हेलमेट पहना और तेज़ गति से 8:30 ऍम पे निकल गया गाँव के फार्महाउस से. अभी धुप में तपिश नहीं थी और तेज़ रफ़्तार से उसकी बाइक स्लो जब मल्टी का माइका आ गया था जोह गीता के दादा का गाओं था. 1 घंटे से भी काम समय लिया था पर गाँव के अंदर वह ठाकुरों की हवेली को दिखे बिना नहीं भूला...... हवेली भी रंग रोगन से धूमली सी जान पड़ती थी.

बस नए आगुन्तक का सवागत हलकी बूंदा बंदी ने किया...... समय नहीं देना चाहता था किसको और वह मंजिल करीब थी जब निम् सवेरे मल्टी का घर पूछ लिया था. जबकि गीता के पुश्तैनी गाँव की बिना हर कबर डिटेल्स दी थी.

मल्टी मौसी के घर के भर देखा तोह बाइक रफ़्तार बढ़ा दी...... वह तोह बिना और उसकी बहुओं की पिटाई जैसे भूल गयी थी. अपनी छोटी भाभी और माँ को कह कर की चलती हु, पास के गाओं में काम था. दोनों को बात हज़म नहीं हुयी जबकि मल्टी थोड़ी खुदूस थी.

आखिर उसके प्यारों में खुरी hi लग गयी जब खेत शुरू हुए कच्चे रस्ते से आर्यन को फॉलो करते हुए जोह घुमावदार पक्का रस्ते से जा रहा था और वह एक मुख पक्का रास्ता देख के रुक गयी 1 कम के करीब. आर्यन की बाइक की डुग डुग जैसे मल्टी के कानों में पड़ी तोह दिल में भो अजीब तरंग उठने लगी. वह 18 साल की लौडिया जैसी धड़कन संभल रही थी पर बाइक की स्पीड देख के उसके टूटे ुध गए...... आर्यन उसको जान से मार hi देगा पर उसकी स्पीड इतनी तेज थी की मौसी और उसके झोले को साथ ले गयी.

2 मं लगा ुष 52 साल की महिला के लिए पर आर्यन की गॉड में पसर रही थी..... उसके माथे के पसीने से मालूम पड़ता था पर आर्यन को महसूस कर उसकी बाँहों में लिपट गयी.

आर्यन ने 5 मं बाद उनके गंतत्व स्थान पे एक बाघ में बाइक रोकी थी जबकि मल्टी उससे लिपटी रही थी. आर्यन ने बाइक स्टैंड पे लगा और मौसी को पीठ पे टांग लिया और बोलै," आवाज न करना ".

मल्टी भी संभल के बोलै," मरीचु होगा उसको दो देसी पावो देने के लिए लायी हूँ"...... आर्यन के सामने पड़ा तोह एक रहपेट में वह बेहोस हो गया. उसने पेड़ की ोाहट में उसका बेहोस सरीर एक पेड़ की डाली से बाँध दिया.

आर्यन ," मौसी अभी तोह कोई नहीं आएगा? तुम कितने क्विंटल की हो जोह बोझ जान मार रही हो ".

मल्टी जैसे तुनक के बोली," इतनी भारी नहीं हूँ..... फिर मालिक मर्द ऐसा हो तोह बोझ नहीं लगता, उसकी पहाड़ जैसी चूचियों को ज्ञान आर्यन को बहोत पहले हो गया था फिर भी ज्यादा सतर्क हो गया.

आर्यन," मौसी तुम तो फूल जैसी हो पर अब बाघ सुरक्षित करते हैं..... हमारे अल्वा कोई आएगा नहीं पर यह जोह चोरनी है" ...... आर्यन इतनी स्पीड से दौड़ा 200 मीटर की दूरी पल भर में तये कर लिया अपनी पीठ पे तंगी मल्टी के चूतड़ों पे हथेली देब्ये हुए..... " यह घस्यरियन क्या कर है ?"

मल्टी और ुष औरत को समझ में नहीं आया की आर्यन उसके पास कैसे पहुंच गया..... गिरती हुयी औरत 50 साल के लगभग थी और मल्टी की सबसे ाची सेहली और राजदार भी.

आर्यन की पीठ से कूदकर मल्टी बोली," मालिक िस्खो मैंने hi बुला है..... यह है दुलारी और यह हैं आर्यन मालिक, इनको सब सच सच्च बता दे ".... " मालिक यह हवेली की राजदार है इश्को सब राज पता हैं ...... आपसे थोड़ा ज्यादा डर रही है".

आर्यन नरम पड़ता हुआ," आप गीता के बारे में क्या जानती हैं ?'

दुलारी को आश्वषित करने में कुछ दिएर लगी पर आर्यन के विश्वास दिलने पे और मल्टी के आश्वासन देने पे वह सब राज से पर्दा हटा दी आधे घंटे में विस्तार से बता कर......

आर्यन अब थोड़ा रिलैक्स था और बोलै," आप ाची हो मौसी, आपका इनाम मिल जायेगा बस नयी जिंदगी शुरू करो ".

दुलारी," बीटा में जिंदगी जी लूँ हो फिर किसी लालच में नहीं बतया यह सब...... "

मल्टी ने उसके मुँह पे हाथ रख दिया," मालिक आप के खाने को लाती हूँ, बाघ में उत्तर दिशा में टूबवेल है ".

आर्यन आँख मार के ," मौसी भूख भी लगी है "...... आर्यन ने बिना के कहे अनुसार मल्टी के पहुंचा पकड़े पर मल्टी ने उसको दुलारी से मिलवा दिया जोह उसकी विधवा सहेली थी जोह हवेली की 40 से राजदार थी.

एक साइड में लेजाकर दुलारी के मुँह पे हाथ हटा के मल्टी बोली," तुझे मालिकिन hi बोलूंगी जोह खेला खराब करने वाले हैं फिर तू hi उनके लौड़े का गुनगुना कर hi थी, मल्टी पकड़ ले इतने लम्बे चौड़े हैं लुंड भी ख़ास होगा. मेरी भी छूट खुजा रही है तेरे मर्द पे डाका नहीं डालूँगी"...... एक सांस में दुलारी कह दी पर मल्टी ने पहली बार शरमाते हुए पहेरीदारी करने की बात थी.....

आर्यन ' मौसी ' बोलै तोह उसका बड़ा झोला लेकर आगे बढ़ गयी. गाँव के जीरा चूंक के घी चावल और उड़द की दाल लायी थी.

आर्यन के बाइक पे टंगे बैग पे सैंडविचेज़ खाते हौज से पीठ टिकाये बोलै," यह टूबवेल की हौज की दिवार भी कितनी ठंडी है मौसी "......

आर्यन तो आर्यन था वह मल्टी को झोला चुप्पाते देख लिया, खड़े होकर बिना द्वारी डिस्पोजल प्लेट में सैंडविच रखता, मल्टी की जी जोर के कोशिश बावजूद ुष से चीन लिया..... झोला खुलते hi घी की खूबू और तड़का दाल से भरे टिफ़िन लेकर और ऊँगली चाट चाट के कहा रहा था और केरी का अचार तोह सोने भी सुहागा केहलेगा.... 10 मं में 3 खीजने के टिफ़िन छत्त कर गया.

मल्टी भी उसके सर पे हाथ फेरती हुयी की वह अभी बच्चा है पर एक दिल कर रहा था कच्चा पहाड़ के बाचा कर देगा. आर्यन ऊँगली चाट के ," मौसी तेरे घर का नमक खाया है और दाल चावला तेरे hi बने हुए हैं. जान ले लेना यह तेरा बीटा मन नहीं करेगा".

आर्यन के प्यार से वशीभूत वह तोह कल से थी पर मजाक करते बोली," अब में क्या खाउंगी ? "

आर्यन अपनी प्लेट में दिखा के बोलै," अब सैंडविच खा मौसी..... hi hi hi hi "

आर्यन के कंधे पे सर रखकर मल्टी उसका सैंडविच और पोटैटो चिप्स खाने लगी, दुलारी भी चीकू, अरोडो और जामुन लेकर आयी," अब तक तोह प्रोग्राम शुरू भी हो जाना चाहिए था ".

आर्यन," मौसी यह आपसे शर्मा रही है".

दुलारी ," अरे मैंने तोह लग रहा है की तू शर्मा रह है"..... hi hi hi hi .....

आर्यन अपने कपडे खोलते हुए दुलारी की तरफ बढ़ा और अंडरवियर खोलकर तोह वह बेहोश हो गयी..... अब नंगी मल्टी को होश में देखते हुए टूबवेल के हौज में आर्यन को कूदते हुए देखा.....

"मौसी आजा तुझे तैरना सीखा दूँ ".....

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मल्टी

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मनोहर काका ने महापंचायत के ऑफिस और मंडप का कार्य पुराण नहीं हुआ था उनको अधूरेपन की कमी खाल रही थी. वहीँ 40 गावं के मुखिया और 5 कौंसिल्स में उपस्थित हो गए थे........

रतिदेवी अपने पति राजवीर सिंह के साथ और नवाब दूसरी गाडी से आ रहा था ..... रति की कार राजपूत ने इंसिस्ट करके ड्राइव की थी सिविल ड्रेस में.....

राजवीर," जिद है तेरी है तोह एक राजकुमारी दीप्ति गीता बेटी पे थोप दी..... वह कमजोर पड़ेगी आर्यन के खिलाफ न देख कर ".

रति," तुझसे तोह बात करना hi बेकार है, गीता ने परमिशन दी है की वह प्यार कर सकती है..... गीता की में इंगेजमेंट करती हूँ जल्द hi शादी hi".

राजवीर," तू तारक मत दे दीप्ति तोह तुझे विनिंग ट्रॉफी लगाती है..... गीता का सोचा है कैसे जियेगी ".

रति," आर्यन hi मेरा बीटा प्यारा है और तू अणि को कुछ नहीं बोलेगा ..... मेरी जमीन (जान) को कहा रही है वह तू कुछ सोचता नहीं".

राजवीर बिधक hi तोह गया," तुम दोनों Maa-beta कुछ भी करो मेरी बच्ची की तरफ पारे छाडे होते हैं, अब तोह दिल्ली से कहीं जाती hi नहीं तू इल्जाम लगा रही है ुष गाँव वाले काण्ड के बाद".

रति," तभी तोह तू आया है अपनी लादी के लिए, बोल देती हूँ मेरे बेटे और मुझसे से दूर रहए"......

राजवीर ने रति को मारने को हाथ उठाया था पर राजपूत ने गाडी रोकर कहा," मैडम हम महापंचायत के ऑफिस में हैं ".

राजवीर वह करने वाला था की उसने रति को न रोका पर अणि के लिए नफरत साफ़ बाटूंगी (चुगली) थी..... भीड़ hi थी 100,000 से ज्यादा छापा चाप भरा हुआ था महापंचायत का प्राणगण. आर्यन और भी जमीन नहीं लेता तोह भीड़ को संभाले में मुश्किल होती.

रति करीब 8000 की पंचायत में आयी थी पिछली बार 25-30 हज़ार की पर पाऊँ भरने को जमीन नहीं थी..... रतिदेवी उसकी कार से निकल के सिक्योरिटी गार्ड्स की टीम में घेर लिया था. वहां सब उसकी जैकार कर रहे थे, इंस्प राजपूत भी बोलै हमारी मैडम भगवन का रूप हैं.

रति नीली सरीर में हाथ जोड़कर आगे बढ़ रही थी तोह एक विकलाँग लड़की व्हील चेयर पे माला पहनते हुए बोली," गीता देवी की जय गीता देवी की जय "..... युथ और लड़कियां, बच्चियां और औरतें गीता के लिए आयी थी जोह सब सुबह से डेरा जामये थी.

रति महापंचायत की चेयरमैन के कुर्सी पे बेथ गयी सब को हाथ उठा के शांत कर दिया है...... माइक उठा के बोली," आप लोग गीता के लिए आये हो अगर वह अपराधी है तोह जरूर सजा मिलेगी वार्ना गीता की जय जिसको आप सब प्यार और आशीष दिया ".

गीता देवी की जय का नारा लगें लगा और लेडीज सिक्योरिटी अफसर उसको हथकड़ी लगे ला रही थी ..... सिक्योरिटी ओफ्फिसरवाले 800 की संख्या में थे उनको भीड़ सम्भालने के लिए मुश्किल हो रही थी.....

लेडीज इंस्प. गीता को बोली," मैडम आप hi इन्हे शांत कर सकती हो..... वह निर्दोष सिक्योरिटी अफसर वाले मारे जायेंगे ".

गीता ने हथकड़ी में हाथ जोड़े दिए तोह भीड़ सब शांत हो गयी ," मैंने कहीं गलत नहीं किया और मुजरिम को साजा दी हूँ. तुम भी शांत रहो और सब दुश्मनों सुनलो की उनकी गांड में भूसा भर दूंगी जोह मेहरी महापंचायत को बुरा नियत के साथ आया".

चंडी देवी की देसी भासा सुनकर औरशन और भी मर्द है दिए..... गीता के लिए भीड़ की संख्या तो देखकर रति भी हैरान थी की उन्ह सब में सामान था. आर्यन ने गीता के द्वारा बहोत कुछ करवा रहा था महापंचायत गाँवों के लिए और दुसरे गाँव के लिए महापंचायत के बहार भी पर असली उसको कोचिंग का पर्भांड किया था.

रतिदेवी में विचार विमर्श किया और सर्वसामती के 30 घंटे बाद गाँव कौंसिल के मुखिया, मनोहर काका ने माइक पे बोलै," गीता बेटी िश गाँव की बेटी है और ुष ने 150 अप्राधिओं को सरेंडर करने के को मजबूर किया है बस हड्डी पसली तोड़कर सब जीवित हैं और सप विक्रम सिंह सब तफ्तीश कर लें , गीता बेटी को महापंचायत अपारधी नहीं मानती थी...... " आगे कुछ भीड़ सुनने hi नहीं दी.....

गीता देवी की जय गीता देवी की जय..... महिला सिक्योरिटी अफसर अफसर से सप विक्रम सिंह के हाँ के इशारे पे हथकड़ी खोल दी. बिना और नीला की टीम गीता को सुरक्षित रखने लगी. नीला ने उसको कंधे पे उठा लिया, थी तोह सांडनी जैसी वह भी.

आज दिलों से गीता को प्यार करते लोग थे वह 1 लाख की भीड़ कोई मोल नहीं खरीदी थी..... गीता ने भी रेअलीसेड किया नीला किसको सुनेगी यानी बिना hi सबसे ज्यादा हकदार थी चाहिए आर्यन और दीप्ति हो. गीता ने नीला के कंधे से उतर के माइक संभल लिया.

"Hello ..... ए Hello ..... तब भीड़ भी शांत पड़ने लगी..... जब तक में जिन्दा हूँ तोह बच्चे अच्छी सिखाशा घेरन करेंगे और बड़े बच्चे कोचिंग & ट्रेनिंग लेंगे. जोह मुझे हरामखोर लगा उसको खेती में हल जुतवा दूंगी".

"माँ आप से बात करना चाहती है.... "

रति के माइक सम्भालने पे बोली," गीता मेरी एक डैम शेरनी सी बेटी है पर कल गीता के लिए बहोत बड़ा दिन है..... और उसकी सगाई हो रही है आर्यन के साथ "...

अब तोह डबल ख़ुशी की लहर दौड़ रही थी पर गीता ने सबको शांत करा के बोलै," यह मेरी हंसकाल जुड़वाँ भें है राजकुमारी डीटी, जोह आर्यन से शादी करना चाहती है पर वह तुम सब की अनुमति के बिना हो नहीं सकता..... में चाहती हूँ की आर्यन की िश सौतन बनु और है कोई राजकुमारी जोह प्यार दबेगी??????".... ..

सब दीप्ति को hi रहे थे ," गीता दीदी के लिए में दासी भी बन जॉन...... "

रति ने दीप्ति के लिए इशारा भर किया तोह उसको पेअर छूने लगी..... पर गीता ने गले लगा लिया...... अब तोह औरशन का हजूम ीखता था और Geeta-Deepti की जय जय कार हो रही ...... गीता के लिए कुछ भी स्वीकारने को तैयार सही. चाहे आर्यन 2-3 सौतन ले आये हकीकत यह थी मीणा की लिस्ट की और बढ़ चली थी.....

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मित्रों में 6 मोनथस से बीमार था अब रिकवर कर के 1 वीक पहले hi सोस्सिपि ज्वाइन जोइने किया हूँ .....

एक अपडेट में पोस्ट कर चूका हूँ आप भी अपडेट रीड करें और कमैंट्स करते रहें .... धन्यवाद् ?

नेक्स्ट अपडेट 10 मं में ....
 
अपडेट 40

Geeta-Deepti का प्यार सर पे चढ़ के बोल रहा था फिर रति ने की अनाउंसमेंट do-do दावत होंगी, एक दोपहर में होंगी और एक शाम को होगी..... एक गीता की सगाई की महापंचायत में होगी और और राजकुमारी दीप्ति की हवेली में.

"दारू मिलेगा क्या " ...... सब उसकी तरफ देखने लगे और गीता उसकी लपकी. बीचेरा अफेज था ..... गीता और दीप्ति को सामने काढ़े देख के वह बोलै," मुझे दो दो ..... दिख रही है हैं ".

गीता ने उसको उठाते हुए बोलै," छोटू भी पियेगा ..... अब तेरे भैया आर्यन से दुरु मांगो ".

अब तोह मर्द आर्यन के नारे लगने लगे पर रति ने माइक लगा का बोले," आर्यन को मैंने काम से भेजा है, आप सब खाना खाओ आज सुबह सब ने नहीं खाया है और आर्यन जब तक नहीं खाने वाला जब तक आप लोग खुश नहीं कहने वाले".

डॉ अंजू आ गयी थी आज 2 ट्रक में खाना था जब उसने रति का माइक पकड़ बोलै," हलवा, पूरी और सब्जी ला सकीय दीदी के शार्ट नोटिस पे...... में ाणनौसड़ करती हूँ की एक चंडी का सिक्का सब को मिलेगा जिसपर आर्यन और गीता का नाम छापा होंगे".

डॉ अंजू की जय जय कार होने लगी..... जोह भीड़ थी उसको अधूरे पंडाल में खाने खाते देखना का सुख था..... आर्यन के परिवार की तो अनाउंसमेंट डॉ अंजू के साथ हो चली थी पर रतिदेवी, राजा त्रिभुवन और महारानी मिरदुला क्या गिफ्ट देते है उसका समय था......

डॉ अंजू को रतिदेवी, दीप्ति को लिए निकल गयी..... रह गए राजवीर सिंह और नवाब सिंह, भीमा और गीता...... हिघ्कोर्ट का आर्डर हाथ में और सप विक्रम सिंह माइक पे बोले," गीता बेटी मेरी hi जैसी बेटी hi है और उसने 150 से ज्यादा मुजीरमो को पकड़वा है, आज मुझे भी डीलर बेटी की कमी पद गयी ".

" तब कहाँ थे गीता दीदी को हथकड़ी लगयी"

" तुम कुत्तों को पंजीरी में दाल देना चाहिए".

" कौन बोलै .....कौन बोलै ..... ेधीर बोल के बात कर..... वार्ना तेरी गर्दन में मोरोदुंगी ..... सप सर मेरे फादर जैसे हैं उनको कुछ बोलै गाना उसकी गांड में चील के खुद गुसडेगी ".

एक नया युवक खड़ा हो गया सर झुक के ," चल बेथ जा पर सिक्योरिटी अफसर वाले को में नहीं मानती तोह सप सर को मानती हूँ. तू भी सप सर को मान ले" ..... "जी दीदी" बोलै रहा था ..... "सॉरी सप सर".....

वह भी अपने से मोह लिए चुप चाप बेथ गए और फाइनल ऑर्डर्स के साथ चले गए. अब गीता hi थी तोह पैदल चल कर आयी ..... हवेली में भीड़ बढ़ गयी थी, राजवीर सिंह और रति की घमी हामी चालू थी.

गीता," आये बाप कुन माँ से लड़ रहा है और तुझे अणि hi समझ में आती है, हम सब तोह गाये बकरी हैं ".

अणि का नाम लिया और वह हाजिर ," नानू में लेट नहीं हुयी, सब काम छोड़ के यहाँ चली आयी ".

राजवीर सिंह है रहा था," तुझे आज किया शैतान की नानी याद किया ..... तू कुछ खाती नहीं तभी तोह दुबली पतली हो गयी है और सब खाकर मोती भैंस है ".

अणि अपने नानू को गले मिलते हुए ," में ऑर्गन्स ले रही हूँ हो प्रोटीन डाइट और अब मुझे घूमने जाना है वार्ना भाई और नानी माँ घूमने नहीं देते"..... और वह अपने नाना को ले गयी पर रति की भी जान चुटी, नेहा साथ नहीं थी वह अपनी मम्मी का ध्यान रख रही थी पर सारू को लगा की आर्यन की जासूसी कर रही है.

गीता ," अगर चल के आयी हूँ तोह भूक भी लगेगी "..... जब उसको खाने को पुछा...

सुखिया काकी एक थाल में खाना ले आयी तोह गीता ने उसे पुछा की आप क्यों लायी पर वह बोली," में नहीं ला सकती की जब मेरी बेटी भूकी हो ..... "

गीता ," एक भी सब्द मत बोलना, में खाती हूँ" ...... खाना देखर मुँह में पानी आ गया ..... एक तरह वह खा रही थी और काकी की को भी खिला रही थी.

रति को गीता की अपनी सासु माँ देखर ले जलन हुयी और सुखिया पे प्यार भी आया जोह गीता ने उसको इज़्ज़त दे राखी थी. गीता तोह समझी थी जैसे उसके सास कोई नहीं है......

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गीता के दादा के परिवार में .......

ठाकुर राजेंद्र सिंह ..... आगे 70 यरस, पैरालिसिस के सिखर हैं. बिस्टेर में hi पड़े रहते हैं.

ठकुरियन बिजलीदेवी ..... आगे 67 यरस (डेथ)

ठकुरियन नान्यदेवी ..... आगे 60 यरस, कुद्दूस है, अपने छोटे सौतेले बेटे पे उसका प्रभाव पड़ा है.

बड़ा बीटा..... नरेश सिंह, Geeta's फादर ( डीएड), आर्मी में लत. था.

बड़ी बहु...... रानी सिंह, Geeta's मदर ( डीएड) गीता के जनम देने के 1 हर बाद मिर्त्यु हो गयी.

बड़ी बेटी , माला सिंह , आगे 50 यरस, बल विधवा है, उनकी कोई संतान नहीं है. बस छुपा चाप रहती हैं.

दोनों बड़े बच्चे बिजली देवी की संतान है........

छोटा बीटा ...... ठाकुर सूरजभान सिंह, आगे गीता के चाचा, 42 यरस, वही मुख सडियंत्रकारी है और उनका सिखर बनती है गीता पर आर्यन ने उसको आंच पता चलने दी.

छोटी बहु ...... रैना सिंह, आगे 40 यरस, बड़े बाप की बड़ी बेटी है. बहोत बिंदास औरत है.

बड़ी बेटी, सोनाली सिंह, आगे 22 यरस जितनी अकड़ू है उशसे सॉफ्ट दिल है.

दूसरी बेटी, प्रज्ञा सिंह, आगे 21 यरस, अपनी खड़ूस बाप की खड़ूस अवलाद है. यह मरदाना कपडे पहनती है और इशका स्टाइल मरदाना है.

तीसरी बेटी, भूमिका सिंह, आगे 20 यरस, यह सरल लड़की है, जितनी भूली सीरत उतनी सूरत.

सबसे छोटी बेटी, अदिति सिंह, आगे 18 यरस, पैरों से कमजोर है, बस हिल दल पति है. उसका दिल खरे सोना सा है.

दुलारी एक मात्र नौकरनी है िश काटे पिटे परिवार की.

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नानाजी का खानदान ......

ठाकुर सूर्यकांत सिंह आगे 75 यरस *डीएड ठकुरियन सौमित्र सिंह आगे 70 यरस *डीएड.

ठाकुर गोविन्द सिंह आगे 52 यरस डीएड

ठाकुर भानु प्रताप सिंह ..... आगे 50 यरस. गीता के चाचा से ज्यादा माकर है, इसको गीता के चाचा को बढ़काने से लेकर जाना से मारने का अनगिनत प्रयास किया.

ठकुरियन मेघा सिंह ,आगे 46 यरस, थोड़ा ऐटिटूड में रहती है पर दिल की सॉफ्ट हैं.

सबसे बड़ी बेटी रानी सिंह , डीएड , Geeta's मदर.

मेघा सिंह सी को दो बेतिया थी, बीटा मारा हुआ पैदा हूँ.

1)कृति सिंह , आगे 27 साल, मैरिड है और अभी तक कोई संतान नहीं है. पति से डाइवोर्स लेने वाली है

2)जानवी सिंह, आगे 23 साल, मर्दों से नफरत है पर आर्यन उसका ड्रीम बॉय है. वह 6 मोनथस पहले आर्यन से मिली थी पर अपने दिल की बात कभी न कह पायी.

छोटी भें है रचना सिंह आगे 40 साल, वह मंजू माँ की तरह है सॉफ्ट स्पोकन.

उसका पति, नरेंद्र सिंह, आगे 44 साल..... बहोत धूर्त है और आर्यन का नया सिखार है.

उनकी बेटी है उसका अपने बड़ी भें पे नाम रखा है रानी सिंह* आगे 22 साल.

वह रूप की रानी नहीं है दिलसे भी रानी है.

(लास्ट जून में मैंने लिखा थे उसका कुछ अनशन hi )

आर्यन की डुबकी से हौज में गरम सेहमी निघनों से मल्टी उतरी पूरे वस्त्रों के साथ..... उसकी साड़ी अब अलग घुमावदार बने हुए थी, शीलताल बेहटा पानी के ुष बड़ी 29 फट × 10 फट हौज से 2 छोटी हौज से समान्त की पक्की नाली 20 मीटर से काची नाली के पार कलवार बेहटा जा रहा था.

आर्यन के सामने मल्टी थोड़ी ाशजः थी, वह पल में मुंडी निचे करता उसके सामीप्य जा चूका था..... बिजली के उद्धघोष के साथ मौसम में पटकिनी देने शुरू की थी और वह नंगा धनदांग उसके गोदी में उठकर के टूबवेल से जुड़े झोड़पडे में ले आया..... बारिश इतनी तेज थी मल्टी उससे लिपट गयी थी..... और वह मुसल लुंड उसका पिछवाड़ा टटोल रहा था.

मल्टी को अश्वथ करते हुए आर्यन उसको सरगोशी से बोलै," दुलारी काकी की मैंने कान के पास की नाश दबा दी थी..... यहाँ किसी की चीख कोई सुनने वाला कोई नहीं है..... 2 मं में आता हूँ".

आर्यन लौड़ा नहीं मोटा अजगर था जैसे मल्टी दुविद्वा में हो पर अपने वस्त्रों के तलांजिली देते उसके हाथ कांप रहे थे पर आर्यन ने 2 मं बोलै था और वह बाइक से सब सामन सुर्खिष्ट कर था. वह उसका झोला वाटर प्रूफ था पर मल्टी नाग्नि hi आ लिपटी.

"आ बैल मुझे मार"..... आर्यन ने गॉड में उठाकर के मल्टी को चारे खाने चित और उसकी चूचियों को भंडून्द के उसकी योनि में स्थापित करके तीव्र विहग से सी झटका मारा....... मल्टी तोह बिलबिला hi गयी थी और मूसलचंद बेहोसी वाली चादर देख दिए पर आर्यन ने उसकी लेफ्ट चूची की बकल उतर दी थी......

बारिश ऐसी मूसलाधार थी और कड़कती ह

हुयी बीजविली आर्यन पूरी रफ़्तार से चोदे जा रहा था और मौसी की बिना परवाह किये हुए. मल्टी के बूब्स खुले खारूबजे थे पर आर्यन ने उसको डुघी स्पीड से खड़े खड़े छुड़वाने लगी..... गारा, मीठी , पत्ते भी लिश्ड हुए पर हर आर्यन के धक्कों पे मौसी कूदती थी लुंड जड़ों में टक्कर मार रहा था की स्टाम्प की सील लगनी हो.

15 मिंट बाद non-stop चुदाई के बाद,' आर्यन के कान में बोली मेरी पहात गयी है मालिक, आराम से पेलो" ...... वह आर्यन की दादी कह सकती है और अब रूपा ठकुरियन hi..... पर वह बड़ी खिलाडी लग रही थी," मालिक आराम से निचे लेट जायो ".

आर्यन के लिए 3 लेवल की थी मल्टी गांड में कीचड से सना अपने लुंड दाल लायी पर अभ टोपा फंस गया था ...... आर्यन से रुक नहीं गया अपना लुंड के खून फुरा से उसका अभिसेक किया..... मल्टी रोकती hi रही पर अपने निचे बड़ा के के चैन आया..... गांड का गोधरा बन गया और छूट का चूतराह बना गया...... पर धक्के जालिम के खाये बस बेहोश नहीं हुयी......

मौसी तेरा चूतड़ जानलेवा हैं है और तुझे मान गया था...... कहाँ से इतनी ताकत आ गयी मौसी में आर्यन 1 कुंतल वजन से प्लाट दी..... " आपने आप मल्टी आर्यन को लेने लगी थी ".

" बूंदी सजल के आदमी की जान मारुं तू hi मालिक "...... 4 तह लेवल कम्पलीट कर रही थी पर आर्यन ने उसको चाटें बजा उन्ह तोह मूट दी थी ******** भी कर रही थी...... पर पहेली बार में साबसि देता हुआ आर्यन बोलै," मौसी तेरे अंदर आग है साचा बोल रहा हूँ की तुझसे काम नहीं ".......

रीता और देवी टेस्ट पार चुकी है, रीता तोह घिनोपन नहीं हुआ...... एक बार 7 लेवल तक बेहोस थी. देवी पूरे जोश में जबकि हरिसिंह मार गया है उसकी जश्न मैंने लगी ".

आर्यन 2:30 बजे तक हवेली लौट आया ....

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अब आगे अपडेट 40 .......

शाम के 4 बजे थे ......

तो अब तक आपने पढ़ा की गीता - दीप्ति की सगाई और मागणी की तैयारी हो रही है अगले दिन का मुहूर्त आर्यन अपनी माँ रति देवी से कहकर निकलवाता है. रति पहले तोह त्यार नहीं होती है की टाइम तो दे पर आर्यन अपने आर्गुमेंट देकर उसको राजी कर लेता है..... " माँ तू खुद सोच तेरी बेटी को उसके सेज रिस्तेदार वाले अपने बातें में फंसा लेंगे इमोशनल ब्लैकमेल करके फिर तू क्या करेगी ?" ..... रति भी गीता से बहोत प्यार करती थी चाहे उसने जनम न दिया हो पर दूध तो उसका hi पीकर गीता बड़ी हुयी है वह hi उसकी माँ कहलाने का हक़ रखती है न की कोई और..... कहाँ गए थे सारे रिस्तेदार जब 3 घंटे की जन्मी हुई गीता को अनाथ कर दिए थे यह वही दुनिया है और वह वही रति है जिसने अपनी बेटी गीता को प्यार दिया उसको इतना डीलर और निडर बानी की सबसे लोहा लेने लगी पर कभी कभी तोह अपनी hi बेटी से दर जाती थी रति.

दीप्ति ने अपने आपको सरेंडर करके सिक्योरिटी अफसर वालो की सामने गीता बन कर एक एक्साम्प्ले सेट किया की वह कितनी दयालु और निर्भीक है की अपनी बड़ी भें सामन गीता का बचाव करने लगी थी. आर्यन और गीता इतना गुस्से में थे की सब को जान से मार देते पर रति देवी इतनी कच्ची खिलाडी नहीं थी की भाड़े के टट्टुओं से पराजित हो जाये वह हर चल सोच समझ के चलती थी पर उसकी भी एक कमजोरी थी उसका का बीटा " आर्यन " ...... उसके प्यार में अंधी हो जाती थी कभी कभी पर आर्यन भी शातिर खिलाडी था उसने अपना डैम पे पूरा पातळ लोक को झुका दिया था आखिर नेता या गुंडे की क्या बिसात थी.

अभी दीप्ति अपनी माँ संगीता के गॉड में सर रख के लेती थी और रति की गॉड में गीता का सर था यह नज़ारा रति के रूम में दिखा, दोनों प्यार से अपनी बेटियों का सर के बालों में हाथ फिरा रही थी और आपस में भी बता कर रही थी...... " हमारी हवेली छोटी जरूर है पर संगीता हम भी बड़े दिल वाले है कोई कमी नहीं रहेगी हमरी तरफ से तुम बेफिक्र रहो ".

संगीता अत्यधिक पर्सन थी की उसकी गॉड हरी होने लगी है आर्यन ने उसके खेत में बीज के बाद खाद भी लगा दिया था वही जमुना भी दूसरी किश्त ले चुकी थी , रानी संगीता हर्ष से बोली ," माँ जी फ़िक्र तो होती हैं न आप तोह बेटे वाली हैं कुछ ूक चूक होगी तोह हमको चमा कर देना वैसे मिरदुला माँ जी के रहते हुए हम भी साझा है ".

आर्यन जब रति के रूम में आया तोह दोनों लड़कियां सुस्त सी अपनी माओं की बातें सुन रही थी पर उसके एंटर करते hi दो उछाल की कड़ी हो गयी और आर्यन स चिपक के उसके गालों को चूमने लगी....

रति और संगीता दोनों मुँह बाये बैठी थी अपने बेटियों को देख रही थी कोई हिस्सा न बचा आर्यन के चेहरे पे जिसको दोनों ने चूमा न हो...... आर्यन हसने लगा," मेरी बीवियों को बड़ा प्यार आ रहा है मुझपे है है है ...... मेरी चंदा रानी कैसी है और दीप्ति मेरी जान तुम दोनों को क्या हो गया है ".

दोनों उसका हाथ पकड़ के बाथरूम में ले गयी फिर सीक्रेट रूम में..... रति और संगीता के चेहरे देख ने लायक थे दोनों को कुछ समझा hi नहीं आया कैसे रियेक्ट करें. खुलम खुला चूमा छाती देखि थी दोनों ने और कुछ कह भी न पायी हलकी की दोनों भी आर्यन को किश करना चाहती थी पर बजी तोह उनकी बेटियों ने मार ली.

5 मं तक कोई कुछ नहीं बोलै तब सारू रति के रूम में आयी ," आर्यन को देखा है क्या माँ तुमने मुझे उससे जरूरी बात करनी है "......

रति ," हां वह बाथरूम में गया है और यह गीता कितनी बेशर्मो हो गयी है की आर्यन को देखते hi किसिंग करने लगी "......

" दीप्ति को मैंने ऐसे संस्कार नहीं दिए थे वह कोई काम बेशर्म है माँ जी".... संगीता बोली.

सारू पूछी," अभी तीनो कहाँ है "..... दोनों झट से बोली ," बाथरूम में !!! "

सारू दूर मिल के बीएड के पास आके बोली," तीनो जवान हैं और अपनी लिमिट जानते हैं, यू don't वोर्री वह कोई ऐसा काम नहीं करेंगे जोह आप लोगो को सरम सार कर दे ".

संगीता ," सारू मानते हूँ की तीनो जवान है पर हम दोनों के सामने दोनों लड़कियां सुरो हो गयी कमसे काम माँ जी का लिहाज करना चाहिए था "..... रति को लगा की संगीता उसको उम्र दराज़ समझ रही है.....

सारू बीएड पे बेथ ते हुए स्माइल देकर बोली ," यह तोह पहले सोचा चाहिए था की आर्यन की बीवी कितनी होगी और कितनी अभी वेटिंग में हैं..... वह हम को भी संभल रहा है और अपनी होने वाली बीवियों को भी "...... सारू की बात सुनकर दोनों एक दुसरे का चेहरा देखने लगी फिर शर्मा गयी और नजर चुराने लगी तीनो को नंगा कर दिया था हमाम में सारू ने उनसे यह बात भी न छुपाई की मेरे भी सम्बन्ध है आर्यन से.

सारू जोह आर्यन की सगी माँ थी और कोई भी उसके ऊपर ऊँगली नहीं उठा सकता था यहाँ तक की रति देवी भी जोह सारू की सगी माँ थी. संगीता जिस बात से दर रही थी वही सारू ने सबके सामने कह दी.

सीरियस होकर बोली ," अपने बेटे से प्यार कारन जुर्म है तो में हमेशा जुर्म करने को त्यार हूँ..... लेकिन आप सब जानते हैं आर्यन साधारण लड़का नहीं है वह जिसको छु दे वह रख से सोना बन जाये और जिस स्त्री को एक प्यार कर दे वह उसके बिना नहीं रह सकती है..... माँ क्या तुम आर्यन के बिना रह सकती हो ?.... क्या रानी संगीता आप आर्यन के बिना रह सकती हो ? ...... और मुझे पता है की आप सब का जवाब ना hi होगा क्यों ?"

रति तोह अपना सीना चौड़ा करके गर्व से बोली ," में आर्यन की बिना जी नहीं पाऊँगी..... दोबारा मुझसे मत पूछना मेरा बीटा मेरे जान है ".

संगीता भी भेटि गंगा में मुँह धू ली ( जब आर्यन की माँ और उसकी नानी खुद एक्सेप्ट कर रही है की वह अपने बेटे से प्यार करती हैं तब में भी क्यों पीछे हतुं हाँ में आर्यन से जी जान से प्यार करती हूँ और मेरे बच्चे का बाप भी वह hi बनेगा ) ...... " में भी आर्यन से बहोत प्यार करती हूँ "..... उसने सर झुका के कहा..... " पर राणा सा ( त्रिभुवन) को नहीं पता है".

सारू उसका हाथ पकड़ के बोली ," पता भी नहीं चलना चाहिए यह हमारे राज है और हमने hi दुनिया से छुपा होगा और आर्यन को बहरपुर प्यार देना होगा ".....

जितनी बड़ी बात थी उतनी hi आसानी से सारू ने बना दी थी, वह सबसे ज्यादा समझदार और धैर्यवान थी संगीता से अपना राज शेयर किया था और यह उसकी सोच समझी रणनीति का हिस्सा था संगीता पावरफुल रानी थी जोह राजा त्रिभुवन के परिवार वालों को सेंट्रल कर सकती थी और उसकी चलती भी सबसे ज्यादा थी.

रानी मिरदुला को आर्यन अपने से दूर नहीं रख सकता क्योंकि उसकी पीछे जनम की माता थी पर एक दूरी आ गयी थी दोनों माँ बीटा के बिच और सारू को hi िश खाई को मिटाना था लेकिन वह खुद hi ताल रही थी यह बात सारू अछि तरह से जानती थी की अपनी मैया को छोड़ कर आर्यन ज्यादा hi कुश होता है..... था तोह वह कल्ला योद्धा का अवतार hi.....

दीप्ति और गीता में होड़ लगी थी क्यों आर्यन की ज्यादा चूमियाँ ले सकते है दोनों अपनी माँ के सामने सुरु हो गयी थी पर आर्यन के मजा आ गए थे अपनी होने वाली अर्धांगिणीओं से भरपूर प्यार मिला रहा था. पहले तोह दोनों उसके ढकती हुयी बाथरूम में ले गयी अब आर्यन ने काम संभाली और दोनों को एक एक हाथ में कमर से पकडे उठा के तेज़ी से अल्टेरनेटिवेली किश करने लगा कभी पूरी जीभ मोह से भर निकल के उसको चूस्वा रहा था कभी एक एक की जीभ सूचक करने लगा.....

गीता ने सीक्रेट रूम का दूर खोल लिया तोह उसकी गॉड से उतर के रूम में लेजाने को उसका हाथ खींचे लगी आर्यन उसको रोक रहा था पर उसने उसको ढाका दे दिया ," आज तो तेरा पूरा लुंड खा जाउंगी में hi hi hi "...... दीप्ति भी आज जोश में थी उसकी जीभ सूचक कर रही थी ुंहःहःहः ुंहःहःहः .....

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आर्यन उनको रोक रहा था क्योंकि कोई और भी सीक्रेट रूम में था पर वह कहाँ मानती गीता उसकी पीठ पे चढ़ गयी और उसके कान पे हमला कर दिया..... पुछहःछः पुछठ ..... आर्यन भी हथियार दाल दिया निर्मला चची बीएड से उठकर बेथ गयी थी आर्यन उनको पहले hi छोड़ के रति के रूम में गया था. निर्मला आर्यन को प्यार करके ( चुदाई) थक गयी थी जब उसकी आँखें लगने hi वाली थी तब तीनो उसके hi सामे बेशर्मो की तरह किश कर रहे थे.

" यह क्या हो रहा है ?" ...... चची को दोनों लड़कियां का जंगली पैन पसंद नहीं आया..... दीप्ति का पिछवाड़ा मसलते हुए आर्यन बोलै ," चची जी भी रूम में हैं.... में तुम दोनों को बोलने hi वाला था पर तुम पर तो भूत सवार था सॉरी चची जी इनको माफ़ कर देना "......

दोनों अपने कपडे ठीक करके राजा के पीछे चुप रही थी निर्मला भी हैरान थी की दोनों बस कलर से डिफरेंट है पर एक सी दिखती है और कपडे भी दोनों शामे पहनी थी जम्पर सूट. बात यह थी की गीता किसी से नहीं डर्टी थी पर निर्मला की रेस्पेक्ट बहोत करती थी.

निर्मला ," कल सगाई है तुम्हारी एक दिन तोह रोक सकती हो अपने आप को चलो भर आओ दोनों ".

दोनों हाथ पकड़ के बहार आयी और दोनों चची के सामने सर झुका के बेथ थी तब निर्मला बोली ," तू भी यहाँ आ मजनू की औलाद ".

आर्यन पहले हसे जा रहा था पर अब तीनो है रही थी, उनके पास जा के आर्यन चची के गाल पे किश करने वाला था तोह उन्होंने उसका कान hi पकड़ के अंत दिया ," आप होने वाली बीवियों को यह साब सीखा रहा है.... बीटा शादी के बाद यह सब करना फिर शादी के दिन hi कितने हैं "..... "वैसे तुम दोनों बहोत खूबसूरत लग रही हो..... पर अपने पति को थोड़ा भूका hi रखो तभी ज्यादा मजा आता है".... hi hi hi hi

आर्यन का कान छोड़ कर निर्मला ने उसके गालो को चूमा तब गीता बीएड पे बेथ कर बोली ," चची पहले hi कितनी बड़ी लाइन लगी है हम दोनों का नंबर मुश्किल से आता है फिर दोनों ने फैसला किया है की हम शादी से पहले तक कुंवारी रहेंगी "......

चची ने िंह तीनो को समझा रही थी की अच्छी पत्नी का धरम क्या होता है और एक अच्छा पति कब कहलाता है......

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पुराण जंगल, शाम के 4 बजे ....

बड़े गुरूजी , निशंक गुरूजी , रानी विजाहलक्ष्मी और नेहा अपने अपने स्थान पे विराजमान थे रानी के महल में.....

अणि (व्) ," गुरूजी आप तो सर्वज्ञता हैं हमने जनकल्याण के लिए में आपने स्वार्थ त्याग करेने की लिए आप के समक्ष नतमस्तक हूँ परन्तु महार्यं को भी एक मौका देने में हर्ज़ क्या है ?"

नेहा की तरफ देखे कर अणि ने यह प्रस्ताव रखा तोह नेहा ने भी सहमति जाती परन्तु निशंक गुरूजी सहमत नहीं थे तब बड़े गुरूजी बोले ," महारानी एक समस्या का सम्मा आपको भी करना पड़ेगा वह बहोत जटिल है ".

अणि ," हम हमेशा महार्यं के शुभचिंतक रह है और शैतान सिंह की आँखों में हमेशा अहंकार रहा है तोह महार्यं में निहित छ आतम भी हम को सिव्कर कर लगेगी ".

बड़े गुरूजी ," हाँ प्रयास करने में क्या हरज hi क्या है आप निसंकोच पर्यटन कीजिये ".

बाद में अणि, नेहा के साथ जंगल में एक अस्थान करने लगी...... ???

निशंक ," गुरूजी में अभी तक कोई युक्ति नहीं देख पा रहा हूँ की रति पुत्री मेरा प्रलोभन में आ जाये ".

बड़े गुरूजी ," रति देवी हठधर्मी के साथ साहसी और निर्भीक भी है परन्तु तुम उसकी चपलता से मात खा रहे हो उसको अपने पैर पूर्ण विश्वास है किंतु वह महादेव का एक वरदान है जोह भारी भी ज्यादा है और त्रीव भी ".

निशंक ," क्या महारानी अपने प्रयास में सफल होंगी ".

बड़े गुरूजी मुस्करा के आँख बंद कर लिए और निशंक भी महारानी के पास जाकर अनुष्ठान में शामिल हो गए.... अणि अपनी काम शक्ति का आह्वान कर रही थी जोह 4500 साल सुप्त अवस्था में थी.

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हवेली के एक रूम में सीमा और रीना अपनी बड़ी भें मीणा के पीछे पड़ी थी की वह उनको सीखा की भाई की गर्लफ्रेंड कैसे बनना हैं.

मीणा ," पहले तोह तुमको आर्यन को किश करना सीखना होगा पर इतना भी आसान नहीं है तुम दोनों उसको देख कर या स्पर्श करते hi वेट हो जाओगी तोह अपना सैयाम बांके पहले 5 बार घेरि सांसें लोगी जिससे तुम्हारे रक्तचाप ( बप) कण्ट्रोल हो जाये फिर विश्वास के साथ आगे बढ़ेगी उसको खुद को स्पष्ट करेने डौगी खुद उसको मत पहले चूना फिर उसके बाद अपने सांसें नार्मल करते हुए आर्यन को पहले किश करने का मौका डौगी फिर आगे तुमको फ्लो में उसको किश करना है सिंपल है".

रीना जोह सबसे छोटी थी अपनी बहनो में पूछी ," पर दीदी मेरी कच्ची तोह पहले hi गीली हो जाती है जब भाई के साथ होती हूँ "...... सीमा सर झुका के है रही थी ..... ," दीदी अभी भी में गीली हो गयी हूँ भाई की जीकर सुनकर और सीमा की बची तू भी तोह गीली हो जाती है दीदी की कच्ची उतरवा के देख लो..... दीदी को दिख न अब बोल ".

सीमा झेप गयी ," दीदी यह बहोत गन्दी गन्दी बातें करने लगी है भाई के बार में ".

मीणा ," एक मं..... एक मं..... दोनों शांत हो जाओ तुम दोनों hi आर्यन की फवौरीते हो और वह तुमसे बहोत प्यार करता है तभी तो फ़िक्र भी ज्यादा होती है तुम्हारे लिए. चलो यहाँ बैठो में एक बात सुनती हूँ आर्यन के बारे में ".

दोनों भें बीएड पे मीणा को घेर ली आर्यन भाई की बात सुनने के लिए तभी दूर पे नॉक हुआ ," अब क्यों डिस्टर्ब करने आ गया ?" ......

सीमा ," पक्का भाई होगा "...... ????

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अपडेट 41

हवेली, शाम 6 बजे .....

गीता, रति और राजवीर एक लिमोजीन कार में थे और बिना कार चला रही थी, हस्बैंड वाइफ ने डीडे करने के बाद िश निर्णय पे पहुंचे सिर्फ गीता के साथ हम माँ बाप hi जायेंगे उसके सेज दादा के गाओं. रति ने आर्यन को साथ लेजाने की बात कही तोह राजवीर बोलै मुन्नी ( सारू) के भी साथ ले चलते हैं गीता ने कहा में मीणा और आर्यन के बगैर नहीं जाउंगी.

दीप्ति के लिए रति ने मन कर दिया था राजकुमारी िश हवेली की बहु बनने वाली है और उसका जाना रीती रिवाज से ठीक नहीं होगा विवाह के उपरांत उसको आज़ाद है कहीं भी आर्यन के साथ आने जाने के लिए.

रति ने मैरून कलर की सिल्की साड़ी पहनी थी, गीता को काठी रंग का सूट शलवार जबरदस्ती पहना और अपने हाथ से उसको तैयार की यह कहकर की आज वह पहली बार अपने रिश्तेदारों से मिलेगी पर वह नहीं मणि तो आर्यन की कसम दी तब जाकर तैयार हुयी. राजवीर भी नए सफ़ेद धोती और कुरता में था.

गीता की हमर आर्यन ड्राइव कर रहा था सारू एक पिंक ब्यूटीफुल लॉन्ग गाउन पहन कर गाड़ी की साइड सीट पे बैठी थी, मीणा ने मैजंटा कलर का फ्रॉक सूट पहना था वह सारू से पीछे सीट पे बैठी थी. आर्यन को सारू ने नवी ब्लू कलर का सूट पहने को कहा आखिर अपनी मम्मी की बात कैसे ताल सकता था एक रिक्वेस्ट की उसके कान में कुछ बोलै तोह सारू ने 'No' कहा. आर्यन अपना कोट उतर के मीणा को पकड़ा दिया जब ड्राइविंग कर रहा था.

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सारू

भीमा की जीप सबसे आगे थी पीछे 2 सुव रति के बॉडी गार्ड्स की थी फिर रति की कार और उसके पीछे आर्यन की हमर और 2 सिक्योरिटी अफसर की जीप जोह आर्यन की सिक्योरिटी थी इंस्पेक्टर राजपूत उनको अफसर था (वह उसका होने वाला बहनोई था).

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रति को गीता ने बतया जब त्यार होने लगी थी ......

गीता ने महापंचायत के सामने राजपूत और सरोज ( आर्यन की कजिन सिस्टर) की शादी करवाने का प्रस्ताव रखा था जोह सबने मान लिया उनकी भी सगाई होने जा रही थी गीता की सगाई से पहले.

था तो इंटरकास्ट मैरिज पर महापंचायत और गाओं वाले कैसे गीता का विरोध करते. चंडी देवी अपनी पे आ गयी तोह सबका बंद बजा देगी बस कुछ लोग खुसर फुसर करे के रह गए.

रति ने गीता से बोलै की आस पास के लोग विरोध करेंगे पर जब तू ने फैसला कर hi लिया है तोह यह भी सही में सप सर को बोलके राजपूत का ट्रांसफर करवा दूंगी लेकिन शादी दिल्ली में रखेंगे यहाँ गाओं का माहौल है.

गीता पूछी ,"में और दीप्ति भी राजपूत है तोह क्या हमारी शादी का भी लोग कासते की वजह से विरोध करेंगे साला कोई बोल के तोह देखे हड्डी पसली न थोड़ दूंगी ".....

रति है कर बोली ," वह आर्यन है उसने सब का दिल जीत लिया है जोह तेरी तरह लात ग़ुस्से नहीं कर सकते था सब के सामने सर झुक के मान्य है. जनता उसको अपने राजा की तरह देखती है और आर्यन उनका सेवक hi बनकर रहना चाहता है. जब लोग सम्मान करेने लगे तब hi कहते है की दिल जीत लिए जोह आज तक मैंने भी नहीं किया वह आर्यन ने कुछ hi दिनों में कर के दिखा दिया. फिर राजकुमार को स्वयंवर में पूरे राजपुताना के सामने जीत कर हमारे खंडन का नाम रोशन किया है तभी तोह सब उसको इतना मान सामन करते है".

गीता ," फिर िश सब के बिच में में कहाँ से आ गयी ? इसका मतलब महापंचायत वाले मेरे और आर्यन का रिश्ता दिल से एक्सेप्ट नहीं करेंगे या हम ऊपर थोप रहे है ?"

रति उसको एक्सप्लेन करती हुए बोली ," इसके लिए तुझे बात की गहराई में जाना होगा....

में कभी नहीं चाहती थी की आर्यन और तेरा रिश्ता हो एक तोह तू उसके रिश्ता में मौसी लगती है दूसरा तू खड़ूस और ज़िद्दी है बाकि सब भी नहीं चाहते होंगे". ( गीता घूर के रति की देखि )

तब उसके बाल कडाते हुए बोली ," आर्यन तुझसे दिल से प्यार करता था बचपन से उसने एक एक करके सब को मन्ना शुरू किया उन्ह में से में भी एक थी पर हमको क्या पता था की तू भी आर्यन का प्रपोजल एक्सेप्ट कर ली है, जब आर्यन दिल्ली लोटा उसने तेरे लिए जमीन तैयार राखी हुयी थी बस पौधा लगाना था वह काम महापंचायत ने किया तेरा नाम का पौधा लगा के..... जोह तेरी तरह ऊँगली उठी उसको काट दिया या हाथ मिला लिया लेकिन चालाकी और सूझ बुझ से तुझे महापंचायत की मालकिन बनने का श्रेय आर्यन को hi जाता है..... आज जोह जनता हवेली में ेक्ति हुयी थी उनको कोई मोल देकर नहीं बुला था तू इतनी जल्दी उनकी चाहती बन गयी है में भी नहीं सोचा था और सच्च बोलूं मुझे तुझसे जलन भी हुयी लेकिन क्या कर सकते हैं जब दिल गाढ़ी पे आया हो तोह पारी का चीज है" ..... है है है है

गीता दिल लगा के आर्यन और उसकी लव स्टोरी की सच्ची सुनती रही कभी खुश कभी रति पे गुस्सा हुयी और अब तोह चीड़ hi गयी ," हाँ में गाढ़ी हूँ पर तेरा बीटा इसी गाढ़ी से शादी करेगा और तू जलती रहना ".....

गीता का गाल चुम के रति बोली ," यह कहावत है और में तेरे लिए बहोत खुश हूँ , आर्यन तुझे प्यार करता है..... तुझे तोह अपने पे गर्व होना चाहिए न की नाराज ".

गीता भी रति के गले में बाँहों दाल कर बोली ," में खुश हूँ मुझे आर्यन ने प्यार करना सीखा दिया है वार्ना में तोह खुद से भी प्यार नहीं करती थी हमेशा गुस्से में रहती थी..... जब किसी से प्यार होता हैं न तोह सब अपने से लगते हैं उनकी फ़िक्र भी होती है और जब उनको दुःख होता है तभ हम भी वह दुःख दिल से महसूस करते हैं...... तू देखना माँ में सबसे ज्यादा आर्यन को प्यार दूंगी "...... और रति का माथा चुम ली और उसके गले लग गयी.

रति भी सोच रही थी की काम से काम चंडी देवी में सुधर तो दिख रहा है उसको विश्वास था आर्यन उसको प्यार करना सीखा देगा वर्ण वह हमेशा गीता के लिए चिंतित रहता थी और आधा बप तोह गीता की वजह से रति को रहता था. बस अणि भी गीता की तरह मान जाये वह गंगा नाहा लेगी और सुलह कर लेगी.

उधर अणि जोह अनुष्ठान कर रही थी वह रति क्या आर्यन की साडी बीवियां और लवर्स भी मिलकर उसका मुकाबला नहीं कर सकती थी...... महारानी अपने पति यानि महाराजा से असीम प्रेम करती थी और आर्यन के अंदर महाराजा की आत्मा भी निहित थी.... अब क्या होगा ? नेहा भी महाराजा से प्यार करती थी पीछे जनम में उसको तोह आर्यन को पाने का उद्देश्य पूरा होगा ?

( मीणा ने बोलै था डिंपल - पायल से में अणि को कुछ दिन hi रोक सकती हूँ पर वह अपनी सेज भाई को पा कर hi रहेगी )

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गाड़ियों का काफिला आराम से चलने लगा गीता के दादा के गाओं की तरफ, रति जान बुझ के यह टाइम चुनी थी ताकि काम टाइम मिले...... राजवीर सिंह भी रति को बोलै," सिर्फ गीता की सगाई का इनविटेशन देने जा रहे है तू भी काम बोलना रति तेरी गज भर की जुबान पे काबू रखना ".

रति बिदक hi तोह गयी ," हाँ मुझे मत सीखा क्या करना है और अपनी लाडली को hi यह नसीहत दे".....

गीता तव में बोली ," मेरे सामने कोई बोल के तोह देखे सब की खाल में भूसा भर दूंगी तुम दोनों खामो खान दर रहे हो मैंने और अणि ने कमीनो को ऐसी सजा दी है थी थार थार कंपते है, हमको देखकर मूट hi दे गए ".

बिना ड्राइव करते हुए मंद मंद मुस्करा रही थी जोह गीता ने उसकी हसी देख ली ," जयादा है मत वार्ना बतीसी गिर जावेगी मार भूल गयी है क्या और खागी "..... बिना की हसी बंद हो गयी.....

रति बोली ," देख गीता..... बिना मेरी बॉडीगार्ड और सेक्रेटरी है ख़बरदार अगर उसके ऊपर हाथ उठाया तोह मुझे बुरा कोई नहीं होगा ..... और अब तू चुप क्यों है िश तेरी लड़की ने बिना को लातें घूसों मरी थी".

राजवीर भी अचंभित था ," कल तेरी सगाई है और फिर शादी भी होगी अब तोह मार पिटाई छोड़ दे".... ( गीता एक कान से सुना दुसरे से निकल दिया ) ..... "में कुछ कह रहा हूँ न..... गीता तू मेरी बात को हल्का मत ले देख बेटी औरत का सबसे ाचा घाना है उसकी शर्म, आर्यन तेरे अल्वा दीप्ति और जाने का भी पति बनेगा तेरा ऐसा व्यवहार रहा तोह वह सब भी तुझसे की काटेंगे. एक अच्छी औरत वह होती है जोह अपने पति का हर दुःख सुख में साथ दे उसके कन्धों से कन्धा मिला के चले न की अपने hi पति से मार पिटाई करे ".

गीता हस्ते हुए राजवीर की कोल्हि भर ली," गलती करेगा तभी मृगी वैसे मैंने प्यार करना शीख लिया है..... बापू तू फ़िक्र मत कर".

राजवीर हसने लगा और उसके सर पे हाथ फेर के बोलै ," हम चाहते तोह तेरे नाना और दादा के परिवार वालों को तेरी शादी में न भी बुला सकते थे पर वह तेरे सेज रिस्तेदार हैं तोह हमारा भी कर्त्तव्य बनता है की एक बार उनको सुचना दे की हमारी बेटी की शादी है जरूर आना बस इशलिये जा रहे हैं".

गीता, रति और राजवीर के गले में हाथ डाली ," बापू यह मेरी माँ है और तू मेरा बाप बस इससे आगे में किसी को नहीं जानती में अपना हक़ और जोह मेरा है उसको लेने जा रही हूँ..... मार तोह में उनको चुटकियों में देती पर वह दोनों मेरे अब पालतू कुत्ते बनेगे हाँ लड़कियों और औरतों से मुझे कोई गिला नहीं वह मेरी तरफ से आज़ाद है ".

रति ने गीता का माथा चूमा ," मेरी गीता ठीक कह रही हैं हम लोगों को उसने कोई मतलब नहीं दूध पिलाने वाली माँ जनम देनी वाली से बड़ी होती है और उसका हक़ भी ज्यादा होता है अपने बच्चे पे..... तू मेरी बेटी है नहीं किसी और की "...... रति थोड़ा इमोशनल हो गयी थी, उसकी आँखों में आंसू आ गए थे वही हाल राजवीर का भी था. गीता के जन्म होने के बाद रति और गीता पहली बार उसके दादा के गाओं जा रही थी, राजवीर अपने दोस्त स्वर्गवासी गोविन्द ठाकुर ( गीता की बड़े मां) के साथ 4-5 बार आ चूका था.

राजवीर सिंह को भी अपने दोस्त और चौदर्य माधव सिंह ( रति के बापू ) की याद आ गयी जब उन्होंने पहली बार गीता और आर्यन के रिश्ते की बात की थी तब वह उनसे नाराज हो गया था..... "पिताजी यह क्या कह रहे हो गीता आर्यन की मौसी लगती है और वह उससे बड़ी भी है..... यार गोविन्द तू hi समझा बापू को ".

गोविन्द ठाकुर राजवीर का हाथ पकड़ कर बोल ," गीता एक अनाथ लड़की है तू और रति ने उसको अपनी बेटी की तरह से पला पोसा है अगर चौदर्य शब् की एहि इच्छा है...... में तोह ख़ुशी ख़ुशी गीता का हाथ आर्यन के हाथ में देना चाहूंगा पर उनकी बात तो पूरी सुन ले ".

राजवीर खड़ा हो गया ," अब समझ.... तू कुछ भी बोल गीता हमरी बेटी है और उसकी शादी हम धूम धाम से करेंगे तू बेफिक्र रहा "...... और बैठक से बहार निकल गया.....

चौधरी माधव सिंह जानते थे की माहि ( आर्यन) की कई शादी होगी अगर गीता भी उन्ह में से एक हो तोह हर्ज hi क्या है तब तक गीता पसंद करने लगी थी आर्यन को चौधरी शब् से भी यह बात न छुपी थी की आर्यन गीता को बचपन से hi प्यार करता है. राजवीर बेचैन तो हुआ पर रति से िश बात का जीकर नहीं किया. जब 3-4 बार आगे भी उन्होंने जीकर किया तोह राजवीर ने कारन पूछा तोह उन्होंने सब बता दिया जोह उनके गुरूजी निशंक ने कहा था. राजवीर भी जानता था की रति बहोत जिद्दी है और आर्यन को पूरी तरह पा के रहेगी वह अंजान बने की कोशिश करता था पर पता उसको पहले से hi था.

गीता अपनी माँ रति को चुप करने के लिए बोली ," माँ तुझे मुझ पे विश्वास नहीं है..... में तेरी hi बेटी रहूंगी सारू और मंजू दीदी की तरह हाँ आर्यन तेरा बीटा नहीं रहेगा वह तेरा दामाद बनेगा ...... hi hi hi hi ".

रति अपने आंसूं पहुँचे के ," नहीं वह मेरा बीटा hi रहेगा तू मेरी बहु बनेगी ".

गीता टॉन्ट मार के बोली ," देख ले बापू कर दी में परै आर्यन तेरा दामाद बनेगा यह मेरा आखिरी फैसला है क्यों बापू ?".

रति भी ऐड गयी ," जैसे दीप्ति और जाने मेरी बहु बनेगी वैसे hi तू भी बहु बनेगी में आर्यन की एक मात्र माँ हूँ और इसका अधिकार मुझसे कोई चीन नहीं सकता वार्ना तोड़ दे सगाई "...... वह जयादा hi गुस्से में आ गयी.

गीता ," सारू दीदी असली माँ है आर्यन की यह तू भी अच्छे से जानती है जिस दिन वह आर्यन पे अधिकार रख देंगी.... तू कुछ नहीं कर पायेगी इशलिये मेरे बात मान आर्यन शादी के बाद तेरा दामाद बनेगा "......

राजवीर ने बिच बचाव करते हुए बोलै," रति और सारू आर्यन की माँ है और तू मेरी और गोविन्द की बेटी hi रहेगी परन्तु रति की बहु बनेगी शादी के बाद यह में भी चाहता हूँ, रति अपने बेटे आर्यन के नाम से जनि जाये".

गीता मुँह पहला ली ," में भी कोई दूसरी माँ ढून्ढ लुंगी शादी के बाद"..... कार में शान्ति च गयी .....

अब दूसरी कार में क्या हो रहा है देखते हैं.....

मीणा पीछे की सीट पे बैठी आर्यन का राइट कान सेहला रही, सारू मम्मी का लेफ्ट कान को रब कर रही थी.... सारू उसको मन भी कर रही थी पर वह कुछ दिएर रुक जाती फिर से सारू के कान को छेड़ने लगाती िश समय वह दोनों से बात भी कर रही थी...... " भाई तू ने पूरा बायोडाटा निकला हो गया चंडी देवी के परिवार का तुझे कोनसी लड़की पसंद आयी ? औरतों तो देखते hi तुझे पे लाटू हो जानी है वैसे िश सूट में बहोत खूबसूरत लग रहा है"...... आर्यन का लेफ्ट गाल चुम ली.....

आर्यन और सारू की नज़र मिल तो वह भी क्यूरोसिटी से उसके देखने लगी आर्यन अपने मैं में," मीणा की बच्ची तुझे एहि टाइम मिला था क्या "...... सारू की आँखों में पर्सन वाचक के सिग्न थे अगर आर्यन उत्तर दिया तोह उसकी खेर नहीं.

आर्यन स्माइल करते हुए ," मम्मी आप बहोत खूबसूरत लगा रही हो िश ड्रेस में..... यार मीणा मुझे तो अपनी मम्मी के अल्वा कोई नजर hi नहीं आ रहा है तू फालतू की बात मत कर हम बस गीता को उसके परिवार वालों से मिलवाने जा रहे हैं, अब तोह चंदा रानी या गीता बोल दे मुझे अच्छा नहीं लगता अपने घरवाले hi उसको मजाक उड़ाएं".

सारू की तरफ देखे के होंठों से प्लीज का इशारा किया तोह सारू भी 'NO' का इशारा की...... मीणा जोह दोनों को गरम कर रही थी कान पकड़ के उनका इशारा खूब समझ रही थी आर्यन अपनी सगी मम्मी सारू की सेक्सी अस्स पे आज ज्यादा hi फ़िदा है जबसे सारू को आज देखा है और सारू भी अपने बेटे को अपनी सेक्सी अस्स दिखा के ज्यादा hi मटका के चल रही थी.

मीणा ," प्रज्ञा और जानवी दोनों तेरी टक्कर की हैं...... तेरी चंदा रानी को पूरा कम्पटीशन देगी, प्रज्ञा बिलकुल गीता के जैसी है बिगड़ी घोड़ी भाई यू लिखे हेर और जानवी बहोत खूबसूरत है दीप्ति की जैसी पर मर्दों से नफरत करती है तुझे इसको मेरे लिए पटना है ".

सारू को आर्यन मन्ना की कोशिश कर रहा था और मीणा लड़कियों का जीकर करके उसके अरमानो पे पानी फेर रही थी," यार में गीता की फॅमिली से दुर्र रहूँगा वर्ण वह मेरा जीना हराम कर देगी हैं न मम्मी ".

सारू ने मीणा से अपना कान छुड़ाया और बोली ," ओह वाओ कोंग्रटुलतिओन्स पर मीणा के सपनो का क्या ? में खूब समझ रही हूँ तुम दोनों मेरे पीछे क्यों पड़े हो इतनी साड़ी लड़कियां और औरतें हैं में पिछवाड़ा का दर्द बर्दाश्त नहीं कर सकती तोह भूल जायो ".

मीणा अपनी सीट छोड़ के आर्यन की गॉड में बेथ गयी ," वैसे आप स्वार्थी नहीं हो गयी क्या? ..... पहले मेरे भाई को ललचाई फिर मन कर रही हो कोई नहीं कविता ममी हमेशा रेडी रहती हैं "...... और आर्यन के पंत की जीप खोलने लगी......

आर्यन खुश हो गया जोह कला मीणा के पास थी ऐसी किसी के पास नहीं थी उसको एक्साक्ट्ली पता था की आर्यन को क्या चाहिए...... 20 मं में सारू के कान को सेहला के उसने गरम तोह कर दिया था लेकिन सारू ज्यादा hi ित्रा रही थी.

सारू ," मीणा तू क्या करने वाली है हम गीता के लिए जा रहे है और कोई देख लेगा थोड़ा कण्ट्रोल कर ".....

मीणा आर्यन का गाल चुम के उसकी उलटी जांघ पे बेथ के खुद को एडजस्ट की, आर्यन ने भी पीछे होकर अपनी दोनों जांघ चौड़ी कर दिया ताकि गैप और स्पेस बन जाये...... मीणा अपनी बड़ी बड़ी पलकें झपकी और आर्यन की बेल्ट और बटन खोलकर अंडरवियर में "तोपची" को पकड़ के आज़ाद कर दी ...... " मम्मी देख लो तोपची भी रेडी है और मुझे भाई की फ़िक्र ज्यादा है अगर झंडा खड़े hi रखे यह सबसे मिलेगा तोह पक्का कहीं गीता के रिस्तेदारी में लहरा देगा..... थोड़ा इश्को शांत hi कर रही हूँ वार्ना आप कर दो "..... hi hi hi hi hi .....

सारू का हलक सूख गया था आर्यन के दमदार खड़े लुंड को देख के वह अपने होंठ पे जीभ फिरै ," में कैसे !!! ..... ी मैं जगह को देख ...... पीछे माँ की कार आ रही है ..... "

मीणा जानती थी की आर्यन को शांत करके hi वह अपनी मम्मी से धयान हटेगा और मीणा ने अंडरवियर निचे करके तोपची के दर्शन करवा दिया...... सारू भी अपने बेटे को प्यार करना चाहती थी पर एक तोह वह कार में थी और दूसरा मीणा की उपस्थिति कहीं न कहीं सारू को रोक रही थी. मीणा कितनी बार आर्यन को सारू से प्यार लेते देखि थी पर शर्म थी जोह उसको रोकने पे विवस कर रही थी...... मीणा ने एक हाथ सारू का पकड़ के खड़े शकत आर्यन के लुंड पे रख दिया ," मम्मी क्या प्यार नहीं करोगी अपने बेटे के तोपची से " ?.....

सारू की झिझक खोल देती थी मीणा ने उसके लुंड को मुठी में पकड़ते हुए ," में..... में .... तोह कबसे प्यार करना चाहती थी पर यह hi निर्मोही मुझसे दूर गाओं की हवेली आ गया ".......

आर्यन के मुँह से शब्द निकले ," ी लव यू सारू ...... प्लीज फॉरगिव में "...... और सारू की पतली कमर में हाथ दाल के अपनी लेफ्ट जांघ पे बैठ लिया ..... ," ी लव यू तू आर्यन मेरे जान में तुझसे दूर नहीं रह सकती " ...... पूछ पूछ ...... चुम्म्म्म्म चुम्म्म्म्म ...... और अपनी जल की शील्ड ( वाटर पावर) हमर पे लगा दी..... मीणा साइड होकर अंडरवियर और पंत उतरने लगी घुटने से निचे तोह आर्यन भी सारू को किश करते हुए अपना पिछवाड़ा उठा दिया कार थोड़ा टर्न हुयी तोह आर्यन स्टीयरिंग सँभालते हुए अपनी कार काफिला के दूसरी सड़क पे ले लिया......

इंस्पेक्टर राजपूत ने अपनी जीप रति की कार के पीछे लगा दी एक सिपाही बोलै ," सर... आर्यन सर दूसरी सड़क ले लिए "..... राजपूत ," तुम बस मैडम की कार को फॉलो करो वह खुद hi जायेगे".

सूरज दुब गया था अँधेरा होने लगा था आर्यन की हमर शार्ट कट लेकर चकरोड से आगे बढ़ रही थी और आर्यन एक महराजा की तरह बेथ के सारू की एक चूची पे मुँह लगा के उसके गुलाबी निप्पल पीने लगा..... मीणा गद्दी में निचे बेथ के उसके लुंड की टोपे पे अपनी जीभ से चाटने लगी जिसको सारू के हाथ से सेहला रही थी आर्यन की गॉड में बैठके.

आर्यन एक हाथ से स्टीयरिंग को कण्ट्रोल करते हुए मीणा का सर सेहला रहा था ," तेरे मुंह का स्पर्श कितना अच्छा लग रहा है आर्यन..... अह्ह्ह्हह्हह ..... अपनी मम्मी के निप्पल पूरा खा जा ..... सीईई "

मीणा अपना मनपसंद काम कर रही थी अपने भाई के मुसल लुंड को मुँह में लेकर चूस रही थी किसी गन्ने की तरह " सलुपरररररर सलुपररररररर ..... भाई तेरा लौड़ा कितना मीठा है ..... सुदपपपपपप सुदपपपपपप ..... सलुपरररररर सलुपररररररर ..... में पूरा खा जाउंगी ..... ुंहःहःहः ममममममम ममममममम ...... "

आर्यन िंह दोनों से जी जान से प्यार करता था एक उसकी जान थी और दूसरी की जान वह खुद था...... मीणा सारू की जांघ भी सेहला रही थी उसको भी उत्तेजित कर रही थी ..... 5 मं तक सारू की निप्पल और चूचियां चूस के आर्यन पूरा थूक से गीला कर दिया...... गद्दी में छूसँ चूसै की और तीनो की आहें भरने की आवाज आ रही थी......

मीणा और सारू की पैंटी गीली गयी थी, आर्यन को भी जल्दी थी एक सुरक्षित जगह की वह जिस प्रेम लीला को आरम्भ किये है उसका सम्पन भी तोह करना होगा...... मल्टी को जिस बाघ में पेला था उससे ज्यादा सुरक्षित स्थान उसको नहीं लगा वह हमर को तेजी से दौड़ने लगा ...... सारू भी अब मीणा के साथ निचे बैठी उसके लौड़े को एक साथ चूसने चाटने लगी ......

आर्यन ," अह्हह्ह्ह्ह यार ज्यादा जोरसे मत चूसो वार्ना में पहले hi झाड़ जाऊंगा..... मीणा तू मेरे पास आ मुझे किश करना है"...... मीणा भी आर्यन का सिग्नल समझ कर ऊपर आकर उससे लिपट के उसके चेहरे को चाटने लगी..... "पुछठ पुछहःछः ..... भाई मजा आ रहा है न ...... "

आर्यन ," तुम दोनों से ज्यादा मुझे मजा आ रहा है मम्मी मेरे ांडों पे भी जीभ फिरा न ..... अह्ह्ह्हह ऐसे hi ..... "

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हमर तेज़ी से गाओं के पास चौराहे पे रति के काफिले के आगे से 10 फट की दुरी से निकली तोह सबसे आगे सुव ने ब्रेक लगाए..... तोह गीता बोली," यह मेरी hi गद्दी है..... आर्यन इतनी स्पीड में कहाँ जा रहा है ?"

राजवीर ," हम पहले hi लेट हो गए है रात क्या वहीँ गुजरेंगे ...... आर्यन आ जायेगा..... रति तुम आगे बढ़ो ".

मीणा ने अपनी पावर से गीता को हमर के अंदर का दृश्य की झलक दिखा दी ..... गीता भी है कर ," जल्दी चलो आर्यन बाद में आ जायेगा "..... जाने का सोच रही थी गीता उसके चेहरे पे बड़ी सी स्माइल थी ????

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अपडेट 42

रानी मिरदुला को आर्यन की याद आ रही थी उसके जीवन में आर्यन की वजह से सब कुछ था यहाँ तक की उसकी छोटी बेटी दीप्ति भी उसको तवज्जो देने लगी थी पर एक खालीपन सा आ गया था...... ुष खालीपन का नाम आर्यन था और उसका इलाज भी आर्यन के पास था लेकिन अपना पिछले जनम का उसको सब याद था और आर्यन कुछ याद करने की कोशिश नहीं कर रहा था शायद वह मिरदुला के साथ नयी यादें बनने की कोशिश में था. सारू उनकी मदद कर सकती थी पर वह भी मिरदुला को टाइम देने के पक्ष में थी......

हाँ यह भी सच्च था आर्यन सबसे ज्यादा सारू के पास रहने लगा था शायद वह उसको अच्छे से समझती थी लेकिन वह भी अपनी माँ रति और बेटी अणि की बिच में फँसी हुयी थी. सारू अणि को अकेले नहीं छोड़ सकती थी.... आज तक अणि उसके बिना नहीं रह थी जमन से लेकर अब तक...... बीटा को तोह सारू ने रति की झोली में दाल दिया था पर बेटी पे उसका एकमवाये अधिकार था जब अणि ने मेन्शन ख़रीदा उसके साथ सारू और नेहा भी वहां रहने लगी.

अणि का अगला स्टेप था सारू को आर्यन के पास लाना वह सक्सेसफुल भी हो रही थी और सारू की मोहब्बत आर्यन से प्रगाढ़ होने लगी थी..... यहाँ तक की वह अपने रियल हस्बैंड, राज सिंह, को लगभग भूल hi चुकी थी जोह उसका पति परमेसन था.

अब अणि ने अपनी शक्ति जगह के सब के लिए मुसीबत कड़ी कर दी थी..... आर्यन के एक तरफ सारू और दूसरी तरफ अणि थी, अपनी सगी माँ और छोटी भें को वह प्यार करना कैसे छोड़ दे ? दोनों से वह बहोत प्यार करता था यहाँ तक की एक बार सारू या अणि अपने मुँह से कह दे तोह है कर जान भी लुटा दे दोनों के लिए.

आर्यन अभी पूरी तरह नहीं जानता था अणि धरती लोक में कितनी ज्यादा पावरफुल है...... क्या वह महारानी विजयलक्ष्मी ( अणि) को ना कह सकता है यह असंभव है लेकिन अब अणि अपने जलवे दिखेगी तोह आर्यन बच पायेगा?.... यह तोह नेहा को भी विश्वास था अणि की शक्ति के आगे आर्यन टिक नहीं पायेगा और जिस तरह अणि का दिमाग़ चलता है वह आर्यन ( अपने महाराजा) को प्यार से hi मन लेगी पर क्या वह शेयर करने को राजी है यह देखना होगा. वैसे भी नेहा को अणि पे विश्वास था की आर्यन भाई को प्यार और मिलान करने में वह उसकी मैडम करेगी लेकिन अमेरिका जाने के बाद. रीता ममी भी उसको हेल्प करने का आश्वासन दे चुकी थी बस सारू मम्मी को पटना है.

बड़े गुरूजी भी जानता थे महारानी अपनी इच्छा से hi आर्यन से मिलान करेगी और जबसे आर्यन पातळ लोक से आया है, आर्यन ने अणि की जान भी बची थी चीन में जब महारानी कलश मानसरोवर पे यज्ञ कर रही thi.....tab से संभावना ज्यादा लगाती थी. महारानी का अंतर्मन में एक अलग सी छवि अंकित हुई थी आर्यन ( 6तह अंश) की.

बड़े गुरूजी को लगता है दिव्या आत्मा (6तह अंश) की वजह से महारानी प्रभावित हुयी है अब उसके लौटने की संभावना में बढ़ोतरी हुयी है हजारो सालों से वह एक hi आस लगे हुए थे.

वहीँ आर्यन सब से ज्यादा विरला था.... क्या महारानी, क्या बड़े गुरूजी वह उनकी सोच से भी आगे निकल गया था अपने कारनामो से...... आर्यन के सरीर में 6 आत्मा थी और छ की छाओं में कोई अदृसीहा तालमेल था जोह गुरूजी की सोच से परे था..... दिव्या आत्मा (6तह) को वह लीड करते हुए देखना चाहता थे पर अभी तक सिर्फ झलक hi दिखी थी पर दिव्या तलवार ( सहायक ) के समय जब आर्यन के हाथ में थी की वह ( 6तह आत्मा ) पूर्ण रूप से सामने आये और डोमिनेटिंग करे...... लेकिन नहीं वह आर्यन को चुनती है यानि आर्यन िश नश्वर सरीर का असली मालिक है और बाकि 5 आत्मा उसको सहयोग करेगी यहाँ तक बड़े गुरूजी को समझ आया था पर यह तोह भगवन भोलानाथ जी hi जाने की अपने िश प्रिये शिष्य को उन्होंने क्यों चुना है ?????

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गीता के दादाजी की हवेली में जब से दोनों खंडन की सब औरतें और लड़कियों के सामे यह बात आयी की गीता चौधरी उर्फ़ चंडी देवी का असली नाम गीता ठाकुर है..... बवाल मच गया मतलब हमसे यह बात क्यों छुपाई की वह हमारे ताऊजी और तेजी की एकलौती बेटी है??

ठाकुर राजेंद्र सिंह ( गीता के दादाजी) पैरालिसिस थे, नैना देवी ( गीता की दूसरी दादी ) , सूरजभान सिंह ( गीता का चाचा ) और भानु परताप सिंह ( गीता का छोटा मां) ..... यह चार लोग hi जीवित थे जिनको पता था की गीता असली में कौन है ?

यहाँ तक की अपनी बीवियों और लड़कियों से गीता के चाचा और मां ने बोल दिया था की रानी ( गीता की माँ ) ने मरी हुयी बेटी पैदा हुयी और रानी भी जनम देते मर चुकी थी..... रास्ता hi साफ़ हो गया था यह वह मान रहे थे पर जब गीता 16 साल की हुयी तोह ठाकुर गोविन्द ( बड़े मां ) ने सच्च बता दिया.

गीता अकेली वारिस थी खज़ाना की क्योंकि वह एकलौती संतान थी बड़े बेटे की..... अलवर के राजा त्रिभुवन के पास कई पीढ़ी से खज़ाना गीता की पुरखों ने रख वाया था..... अब देखा जाए तो आज की डेट में गीता hi असली वारिस थी या उसका होने वाल पति ( आर्यन ) भी वारिस हो सकता था. दादा की साइड गीता आधी प्रॉपर्टी की मालिक थी और नाना की साइड ठाकुर गोविन्द का आधा हिस्सा था प्रॉपर्टी में उन्होंने अपना हिस्सा गीता के नाम कर दिया था.

यानि की गीता का जीवित रहने उसके चाचा और छोटे मां को आखर रहा था...... दोनों प्लान बनाने लगे की गीता रुपी कांटे को कैसे बहार निकले लेकिन रतिदेवी से क्यों टक्कर ले जोह गीता की सेज से बढ़कर माँ थी..... दोनों ने कई प्रयास किये पर सफल न हुए, डॉ कुलदीप वर्मा भी उन्हें से मिल गया पर कोई गीता को छु भी न पाया वह तोह खुली सांडनी की तरह अपनी बुलेट पे घूमती थी फिर भी दोनों ( चाचा मां) मुँह की खाये.

पहले दोनों आर्यन के कैदी थे फिर अणि ने कैद कर लिया और अब गीता ने उनको अपना पालतू पशुओं बना लिए था...... जब खबर लगी की गीता अपनी माँ रति के साथ आ रही है तोह चाचा और मां थार थार कंपते रहे और सब सच बता दिए......

(* जोह फ्रेमलेस करैक्टर हैं गीता के फॅमिली के जिनका संवाद में जीकर होता है उन्हसे hi आर्यन के रिलेशन होंगे फ्यूचर में )

प्रज्ञा सिंह ( चाचा की दूसरी no की बेटी) ," तोह आप दोनों की खूब सेवा की है हमारी भें ने.... सॉरी गीता दीदी ने...... और दादी ( नैना देवी) आप को तोह पहले से पता होगा क्यों ? ...... दादाजी से पूछा बेकार है अगर में होती तोह अपने हाथो से गोली मार देती आप चरों को".

जानवी सिंह ( छोटे मां की छोटी बेटी) ," एक दम ठीक कहा प्रज्ञा ने यह चरों तोह थूकने के लायक भी नहीं है..... एक छोटी बची को जोह िश खानदान का खून है कैसे अनाथ छोड़ दिया ? रति देवी की इज्जत मेरी नज़र में और बढ़ गयी है उनका कर्ज है हम सब पे जिसको कोई नहीं चूका सकता. शर्म आणि चाहिए आप सबको..... में खुद उनको लेने जाउंगी ".

प्रज्ञा और जहवी दोनों डोमिनेंट लड़की थी वह कजिन सिस्टर्स थी और एक 3ऋ कजिन गीता को लेने जा रही थी...... नैनादेवी सिंह ( दादी ) ," एक मं रुको..... तुम सब क्या सोचते हो वह आएगी तुमको गले लग लेगी उसकी माँ रतिदेवी इतने पैसे वाली है हम सबको निचा दिखाएगी..... एक बात कान खोल के सुन लो वह यहाँ आकर हम सब की प्रॉपर्टी हथियाने और कंगाल करने आ रही है..... मैंने पता किया था रति की सगी बेटी मरी थी तोह गीता पे कब्ज़ा जाम ली, यहाँ तक की हमसे उसको आज तक दूर राखी, हम तोह उसके अपनाना वाले थे पर उसकी पावर के आगे बेबस हो गए...... सूरजभान और भानु परताप भी उससे मार कहे, दोनों का हाथ पेअर भी ठीक से काम नहीं करते इतना मारा...... वह बड़े लोग हैं हमको चींटी समझते हैं तुम दोनों भी उनका असली रूप देख लोगी तब विश्वास नहीं करोगी ".

सोनाली सिंह ( चाचा की बड़ी बेटी ) ," तो ठीक है आने दो उनको हम भी नहीं डरते और दादी अगर आपने झूट बोलै तोह हम भी नहीं आपको पहचानते क्यों गर्ल्स ?"

कृति सिंह ( मां की सबसे बड़ी बेटी) ," मम्मी मुझे याद है रानी बुआ ( गीता की माँ ) इतनी ाची थी फिर वह मर गयी थी पर गीता उनकी एकलौती बेटी है..... आप और रचना बुआ को तोह सब याद होगा ?"

हवेली की बैठक में सब मेघा ( गीता की ममी) की तरफ देखने लगे......

मेघा सोचकर बोली ," बहोत पुराणी बात है मुझे भी याद नहीं पर रानी को मरी बेटी हुयी और वह अब ज़िंदा है में भी सुनकर शॉकेड हूँ..... क्यों जी ( मां से) यह सब सच्च है क्या?"..... भानु प्रताप ( मां ) छुप hi रहा.

रैना सिंह ( गीता की चची ) ," आप एक काम करो गीता का हिस्सा दे दो में अपनी बड़े भाई से बात करुँगी कितने करोड़ की है उसकी प्रॉपर्टी वह दे देंगे"..... वह अकड़ के बोली .....

अदिति सिंह जोह व्हीलचेयर पे बैठी थी बिचारि अपाहिज थी ( चाचा की सबसे छोटी बेटी ) ," रतिदेवी की नेट वैल्यू 50,000 करोड़ से ज्यादा है उनका एक बीटा है महार्यं सिंह उसके दो निक नाम है आर्यन और माहि..... आर्यन से hi गीता की शादी होने वाली है "...... और जोह उसने मोबाइल पढ़ते हुए डिटेल्स में गीता का गुणगान किये तोह सब मुँह पहाड़े उसके बात सुनते hi रह गए .....

जब अदिति की बात ख़तम हुयी तोह सब ास्चेरए थे और गीता को रेस्पेक्ट देने लगे..... वहीँ कुछ उससे जलने भी लगे अब दो पार्टियां बन गयी थी एक में सब जवान लड़कियां थी और दूसरी तरह उनके माँ बाप थे जोह गीता की किस्मत से जल रहे थे. फिर डीडे हुआ की आने दो गीता को हम उसको इतनी आसानी से खुश नहीं देंगे अगर जोर लगेगी तोह कुछ हिस्सा दे देंगे.

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खज़ाना के वारिस में अभी बच्चों को नहीं पता था और बिना सारे कागजात अपने पास लेकर कार में राखी हुयी थी. 7 बजे कार का काफिला ठाकुर राजेंद्र सिंह की हवेली पहुँच. इतनी सिक्योरिटी देखर गीता के रिश्तेदारों की भी पहात गयी थी. भीमा सब पहले अपनी जीप से उतर के रति की कार लिमोजीन का दूर खोला 6 सिक्योरिटी गार्ड्स जोह हथियार लॉस थे कार को घेर के खड़े थे.

रति सबसे पहले उतेरी फिर राजवीर सिंह दूसरी साइड के दूर से उतरा ....... हवेली की परगना में गीता की चची और ममी पूजा का थाल लिए कड़ी थी. साड़ी लड़कियां अपने अपने बेस्ट ड्रेसेस में कड़ी थी. रति ने चरों ओरे देखा और सब औरतों और लड़कियों hi नज़र आयी (मान में सोची) अब आर्यन का कसूर है इतनी सुन्दर लड़कियां और औरतों है गीता के परिवार की पक्का झाड़ा गाड़ देगा और में भी कितनी दुफर हूँ आर्यन को यहाँ ले आयी.

गीता की चची और ममी आगे बढ़ी तोह गार्ड्स से उनको रोका तोह रति ने हाथ देखा के उनको रिलैक्स का इशारा किया.

खुद हाथ जोड़ के आगे बढ़ी और राजवीर भी उसके साथ आया.

सब तोह रति को देखर स्तब्ध थे इतनी सूंदर औरत उन्ह लोगों ने नहीं देखि थी वह 30 साल से ज्यादा नहीं लग रही थी और राजवीर के बाल पूरे सफ़ेद थे..... सबने रति और उसकी फॅमिली की पिक्स और वीडियो आज hi देखि थी.

रचना सिंह ( गीता की मौसी ) ," आप का बहोत बहोत स्वागत है रति मैडम" उसने हाथ जोड़कर स्वागत किया. फिर बोली ," गीता बेटी नहीं दिख रही है...... में उसकी मौसी हूँ , यह उसकी ममी और यह चची हैं "..... उसने परीछा दिया.

रति भी स्माइल के साथ बोली ," यह मेरे पति परमेश्वर है , आप सबसे मिलकर खुसी हुयी और गीता कार में बैठी है अभी बुलाती हूँ ".

गीता की चची ," हम खुद गीता बेटी को कार में ारता उतरेंगे तभी पहले हवेली में खड़ाम रखेगी..... अगर आप की परमिशन हो ".

रति खुश होते हुए ," बिलकुल मेरी तरफ से पूरी छूट है पर वह शार्ट टेम्पर्ड है उसको गुस्सा न दिला देना".

गीता की मामी ," हम को आज hi पता चला है गीता बेटी के बारे में और हमने उसके गुनेहगार को ाचा सबक सीखना है आप बेफिक्र रहिये..... आज हमरी बेटी घर वापस आयी है हम सबको चमा कर देना ".

गीता की मौसी कार का दूर खोला के उसके गले मिली रट रट फिर क्या था औरशन और लड़कियों ने उसकी कार को घेर लिया.....

गीता कार में hi अपने मैं को कडकर के अपनी आँखें भिंची और एक घेरि सांस लेकर अपनी धरती की पावर उसे करके बिलकुल शांत हो गयी. उसने सोच लिया था की अब वह क्या करेगी.... बिना कार की ड्राइविंग सीट पे बैठी बैकविएव मिरर से उसको देख रही थी फिर लिमोजीन कार का दूर खोल के निचे उतेरी और चीफ सिक्योरिटी गार्ड को कान में बोली ," आईएनएस राजपूत को बोलै दोनों सिक्योरिटी अफसर की जीप हवेली के गेट पे रहेगी और कोई बहार न आ पाए. आधे सिक्योरिटी गार्ड को हवेली की चारदीवारी पे तैनात कार्डो और 2 स्निपर्स को बेस्ट पोजीशन पे लगा दो ..... कॉमन हुर्री उप ".

चची ," गीता बेटी अभी मात उतरना पहले ारता कर दूँ "..... उसकी भी आँखों में आंसूं थे. गीता भी हैरान थी की सब रट हुए hi उसका स्वागत कर रहे थे.

गीता का तिलक करके चची ने थाली उसके चेहरे की तरफ करते आरती की फिर ममी ने भी वैसे hi किया..... और दोनों उसके गले लगा के रोई तब गीता की मौसी ने बोलै ," हम भी इन्तजार करे रहे है अपनी बेटी से मिलने के लिए आप दोनों साइड हो तोह हम भी गाला लगा ले ".

चची रोटी हुयी ," आज हमारे कलेजा को ठंडक पड़ी जिसको हम से दूर रखा गया हो उनको हम माफ़ नहीं कर सकते और गीता बेटी तुम भी कभी उनको माफ़ नहीं करना ".

ममी भी गीता के माथे को चूम कर बोली ," बेटी उन्ह पापियों को कड़ी से कड़ी सजा देना हम तुम्हारे साथ है.... आर्यन कहाँ है हमको भी मिलो हमरे दामाद से ".

गीता ने आँखों को बंद किया अपनी पावर उसे करके देखा तोह सारू की छूट में आर्यन का तोपची लुंड सत्ता सात उसकी हमर कार के बोनेट पे चुदाई कर रहा था और मीणा बोनेट पे खड़े हुए अपनी छूट में आर्यन की जीभ लपा लैप चलती हुयी अपने भाई से चटवा रही थी..... 3ों नंगे अपना काम क्रीड़ा में वास्ते थे किसी बाघ में और मीणा के क्वाचा से उसको भी चेहरे भी मुस्कराहट आ गयी थी जिससे बाघ को कवर किया हुआ था.

गीता हस्ते हुए बोली ," वह अपनी माँ छोड़ने गया है...... तुम सबको मिलकर मुझे भी खुसी हुयी..... चलो सब इंट्रो दो वह भी आ जायेगा "......

गीता की मोह से गाली सुनकर सब हैरान थी पर सुब जानते थी वह चंडी देवी है उसको अंदाज़ hi निराला था..... लेकिन किसी को पता नहीं लगा की गीता सच्च बोल रही है...... आर्यन उसकी कार पे बैठा अपनी माँ सारू को hi छोड़ रहा था और मीणा की छूट चाट रहा था..... (अभी चंडी देवी पे फोकस करते हैं )

कार से उतारते हुए गीता को भी अहसास हो गए यह औरतें और लड़ियाँ बुरी नहीं है फिर सब को सीधा कारन उसको आता hi था...... वह सबसे बारी बारी गले मिली लड़कियों ने उसको फूल माला भी पहनी और ढोल नगाड़ों भी हवेली में बजे अपनी असली वारिस आने की ख़ुशी में......

प्रज्ञा और कृति दोनों भें गीता की पर्सनालिटी से काफी इम्प्रेस थी सब गीता को पहले hi से जाती थी पर आज hi पता चला की वह हुमेरी ताऊजी की बेटी है अपना खून...... सब गीता के प्रभाव से मैं से आंदोलित और हर्षित थी.....

रति और राजवीर एक व्हील चेयर पे बेटी लड़की से बात कर रहे थे गीता की नज़र उसपर पड़ी...... उसने वाइट और क्रीम कलर का सुईठे पहना था और हाथों में गीता के लिए माला उसकी गॉड में राखी थी..... बिलकुल पारी लग रही थी और दूसरी लड़की उसके बाजु भी कड़ी थी जोह कुछ बोल hi नहीं रही थी उसने लाइट पिंक कलर का सुईठे सलवार पहना था...... जी हाँ आप सही पहचाने व्हील चेयर बैठी लड़की अदिति सिंह थी और दूसरी लड़की जोह गूंगी - बाहरी थी उसका नाम रानी सिंह ( गीता की माँ का नाम पे रखा गया था )

रति अदिति के सर पे प्यार से हाथ फेरती बोली ," गीता इनसे मिलो यह सबसे छोटी भें है तेरी, इसका नाम अदिति है और दूसरी भें का नाम रानी है यह तेरी मौसी की बेटी है ".

गीता ने आगे आकर घुटने के बल बैठी और अदिति के गले लगा लिया उसने खुसी से उसके फूल माला पहना के बोली ," वेलकम गीता दीदी आप हमारी सबसे फवौरीते दीदी बन गयी हो ..... hi hi hi hi "...... और सबकी तरफ जीभ चिड़ा के बोली...

गीता ने भी िश इनोसेंट लड़की का गाल चूमा और उसके माथे पे किश की ," अब में आ गयी हूँ तुझे कोई पर्सन करे तोह मुझे बोलना..... ी लव यू अदिति ".

अदिति भी गीता का प्यार देखे के बहोत खुस हुयी और प्यार से बोली," दीदी में बहोत खुश हूँ सब मुझे प्यार करते है और सबसे ज्यादा रानी दीदी ".

गीता के रानी की तरफ देखा तोह वह हास्के उसके सामने हाथ जोड़ दिए फूल माला हाथों में पकडे हुए..... अदिति ने गीता के कान में बोल ," रानी दीदी बोल सुन्न नहीं सकती पर इशारे से बात कर सकती हैं ".

गीता भी अदिति का बात सुनकर बोली," कैसी है रानी ?..... तुझे पता है मेरी जनम देने वाली माँ का नाम भी रानी था तू सच्च में रूप से भी रानी है.... hi hi hi ..... आर्यन को तू बहोत पसंद आएगी उसको भी तेरी तरह इशारों में बात करना पसंद है"..... रानी के हाथो से माला लेकर पहनी और उसको गले लगा ली...... गीता अपने मैं में कहा ( आर्यन को रोकना वार्ता hi होगा इतनी सुन्दर लड़कियां एक से एक बढाकर है दोनों परिवार में और बड़ी औरतों के हुस्न की दीदार करते hi उसकी लार टपकेगी..... hi hi hi hi )

प्रज्ञा सिंह ," अरे गीता दीदी को हवेली में अंदर भी आने दो तुम सब क्या मधुमखी की तरह इनको गुड़ hi समझ ली हो..... दीदी आप मेरे साथ आयो यह हवेली आपकी है और हम सब आपकी दासी हैं आप जोह चाहो हुकुम दो हम उसको फॉलो करेंगे ".

गीता की मौसी ," हाँ भाई थानेदारनी ने कहा है सब को माना पड़ेगे"..... है है है है ..... सब हसने लगे.

गीता ने देखा की यह लड़की मेरी जैसी hi है मेरे स्टाइल में सब पे रॉब भी झड़ती है..... गीता उसके पास आकर बोली ," क्या नाम बतया तू ने ?"

प्रज्ञा सीना तान के ," मुझे सब प्रज्ञा सिंह कहते हैं और मुझे मर्दों से नफरत है आप भी यह बात जान लो मैंने hi उन्ह तीनो की ाचे से सेवा की है साले हरामखोर हमारी बड़ी भें से दूर रखा हमको..... अब आप जोह सजा डोंगी वह हमको भी काबुल होगी ".

गीता हसने लगी, प्रज्ञा का हाथ पकड़ के खींची और टर्न करके उसको अपनी बाँहों में लेकर उसके गाल चूमि ," हां हां हां ..... तू सुच में hi मेरी भें लगती है वैसे मर्दों से नफरत में भी करती थी पर एक के आगे दिल हार चुकी हूँ तू ने अभी मेरे आर्यन को देखा नहीं है तेरे नफरत उसके प्यार में न बदल गयी तो मेरा नाम बदल देना..... है है है..... ी लिखे यू प्रज्ञा "..... और उसका दूसरा गाल भी चूम ली.....

प्रज्ञा को कोई चूमने से क्या छूने से डरता था पूरे खानदान की रॉउडी राठौर थी और गीता उसको दो बार चूम के अपने गुलाम बन ली थी...... " दीदी मुझे अजीब लग रहा है मुझे छोड़ दो..... में हिल भी नहीं पा रही हूँ आप में कितनी ताकत है ?"

गीता हसकर उसके कान में बोली ," में तोह छोड़ दूंगी पर आर्यन नहीं छोड़ेगा पाका तेरी लेकर रहेगा"..... और गीता उसको छोड़ दी और गीता से नज़र मिली तोह उसने सर हिला के हामी भरी जैसे कह रही हो बस आर्यन से दूर रहना वार्ना में भी बचा पाऊँगी.

प्रज्ञा गीता से 1इंच hi छोटी थी पर हटी कटी और गोरी लड़की थी, बॉयकट बाल मरदाना चल हमेशा शर्ट जींस पहनती थी और गीता की तरह बुलेट चलती थी...... गीता के मोह से सुनकर आर्यन का नाम उसके मैं में झुरझुरी सी हुयी और छूट में नमी आ गयी यह सुकर की वह उसकी ( छूट) लेकर रहेगा यानि आर्यन प्रज्ञा का होने वाला जीजा था और उसने पिक्स भी देखि थी अदिति के लैपटॉप पे उसको अपनी भें गीता पे गर्व हुआ की आर्यन जीजू बहोत हैंडसम है पर गीता ने तोह उसको खुद बोल दिया की मेरा होने वाला पति तेरे को छोड़ेगा यह कैसा इनविटेशन है ?

गीता मैं hi मैं में खुश थी पर आर्यन के ऊपर भी झूठ मुठ में गुस्सा भी तोह देखना था इशलिये वह आर्यन को वार्निंग भी दी की उसकी नयी रिश्ते वालियां से दूर रहने की हिदायत दी मगर देर सवेरा होगा तोह वह hi चाहे कितना ताला जाये.

मीणा अपना होमवर्क पहले hi कर चुकी थी आखिर उसका एहि काम था जितनी आर्यन की ज्यादा बीवियां होंगी वह उतना ज्यादा प्यार करेगी खैर समय भी नजदीक था की जब मीणा सफल होगी..... लेकिन उससे पहले मीणा को दिव्या लोक जाना था आर्यन के लेकर.

प्रज्ञा के मैं में हलचल मची हुयी थी वह अपनी सोच में गम थी और सब हवेली की मैं बैठक में आये गए थे..... रति और राजवीर मैं गद्दी पे बैठे थे, गीता को एक बड़ी चेयर पे बिठा गया. उसने देखा की राजवीर की अल्वा कोई मर्द नहीं था पूरी मीटिंग में जोह होने जा रही.

गीता ने कहा ," तुम सब लोग भी बेथ जाओ मेरी माँ कुछ कहना चाहती हैं"..... सब बेथ गए जिसको जोह िस्थान मिला. गीता ने एक बात नोट की बहार से हवेली जरूर पुराणी थी पर हवेली की बैठक आलीशान और सुसज्जित थी जिसमे 50 आदमी भी आराम से आ जाए.

गीता की चची ने कहा ," गीता बेटी आप पहले नास्ता तोह कर लो फिर इत्मीनान से बात होगी आज तुम्हारे चरण पहली बार पड़े है हवेली में हमको भी सेवा का मौका दो "......

गीता कुछ कहती तब तक रति ने मोर्चा संभाला ," वैसे आप ने गीता के बापू का सब से परिचय नहीं करवा ".

राजवीर भी इतनी औरतें की बिच खुद को असहज महसूस कर रहा था कोई मर्द होता तोह हवेली में दिखा hi नहीं जिसको वह जानता था बस 3-4 नौकर hi दिखे.... आर्यन होतो तोह सब बात संभल लेते उसने देखा था वह हर औरशन, मर्दों और बच्चों से बड़े प्यार से मिलता था और वह सब भी आर्यन को प्यार के साथ सम्मान भी देते थे. सच्च यह था की राजवीर अपनी पूजा पाठ में वसत रहता था उसने सब कुछ टायगा दिया था यहाँ तक की अपनी बीवी, रति, को भी और आर्यन से सम्बन्ध की बात भी नहीं रति ने न उससे छुपी थी..... बल्कि उसने गर्व से राजवीर के सामने खुद बताई. ुष समय राजवीर दिखावे के लिए गुस्सा हो गया था रति को खूब खरी खोटी सुनाई और सोचा की िश रंडी को जरा भी नहीं शर्म है मुझे hi बता रही है की आर्यन का औज़ार कितना विशाल है. समय बीतता रहा पर रति का जूनून आर्यन के लिए कभी काम नहीं हुआ बल्कि कई गुना ज्यादा प्यार में इजाफा हुआ. राजवीर भी पहले से जानता था उसके ससुर ने उससे वादा लिया था की वह रति का हर कदम पे साथ दे चाहे वह गलत भी फैसला करे.

आज के दिन तक राजवीर रति के बापू से वादा करके निभा रहा था उसने आर्यन के नाजायज़ रिश्तों के बारे में पता था, रति आर्यन के गुणगान करती हुयी कभी थकती नहीं थी मेरा बीटा ऐसा है, मेरा लाल सब से नैयरा है, मुझ गर्व है मेरे बेटे पे. राजवीर सांसारिक जीवन से दूर हिमालय की गॉड में जाना चाहता था और आर्यन गीता के विवाह के उपरांत सबसे दूर जाने वाला था पर अभी भी उसके एक आखिरी इच्छा थी की उसकी लाडली अनीता (अणि) की शादी हो जाये पर अभी वह छोटी थी ( राजवीर की नज़र में )...... राजवीर के जेहन में अनीता को याद किया hi था.....

"अपने मुझे याद किया ननु "...... जी हाँ अणि और नेहा गीता के दादा की हवेली की बैठक में प्रवेश की वह अपनी पूरी सिक्योरिटी के साथ हवेली में आयी थी..... और उसके देख के सब खड़े हो गए.....

कोई इतना सुन्दर भी हो सकता है सबकी आँखें को विश्वास नहीं हो रहा था और वह एक नहीं 2 विश्व सुंदरियों थी जैसे मिस वर्ल्ड और मिस यूनिवर्स एक साथ चली आ रही हों...... राजवीर सिंह से आगे बढ़ के बड़े गर्व से बोलै ," यह मेरी देह्वति है अनीता सिंह और उसकी बड़ी भें नेहा सिंह"...... और अणि के माथे को चुम....

नेहा ," ननु आपको अणि के सामने कोई नहीं दीखता..... में भी आयी हूँ ".....

अणि ने राजवीर सिंह का सीधा हाथ थाम के बोलै ," यह सिर्फ मेरे नानाजी है और में इनकी इकलौती ग्रांडडॉह्टर हूँ..... Hello एवरीवन में अनीता अपने नानाजी को साथ ले जाने आयी हूँ आप सब गीता मौसी की सगाई में जरूर आना में सबको इन्विते करती हूँ..... और गीता मौसी आप अपने परिवार को अपना लो िश दुश्मनी में कुछ नहीं रखा है वैसे यह आपका अपने खून वाले रिस्तेदार है और इनको भी लगता होगा की वह किसी को बेटी या भें कहने की लिए कितना तरसे है...... जब गीता देवी जैसे भें और बेटी हो ,आप सबसे ज्यादा भाग्यशाली हो" और रति की तरफ देख के बोली ," क्यों नानीजी में ठीक hi बोल रही हूँ न ".....

अणि के फेस पे एक क्यूट स्माइल थी और रति गुस्से में दांत पइसस रही थी और राजवीर को लेकर अणि बैठक के बहार निकल गयी नेहा वहीँ गीता के पास कड़ी हो गयी.

रति की घोर बजती का अहसास सिर्फ नेहा और रति को हुआ..... वहीँ गीता की मैं में सवाल छोड़ गयी थी क्या उसके खून वाले सभी बुरे हैं ? उनकी सब बड़ी छोटी बेहेन नाटक कर रही है ाचे दिकने का ? मौसी तोह माँ जैसी होती है उसके ाँसों क्या झूठे थे ? ...... वहीँ अणि के यह बोलने से गीता देवी जैसी भें और बेटी तुमको कहाँ मिलेगी शायद िश जनम में नहीं?

गीता की मौसी ,चची और ममी तीनो उसकी आओ भगत करने में कोई कसार नहीं छोड़ रही थी..... उसकी नयी नयी बानी भें भी अपना प्यार उसपे लूटा रही थी और रति का सब धन्यवाद करती नहीं थक रही थी की उसने गीता को हम से मिलवा है वार्ना वह अपनी िश भें से कभी न मिल पाती.

रति को अभी आर्यन की बहोत जरूरत थी एक वह hi उसके दिल पे मरहूम लगा सकता था..... अणि का एक एक शब्द नश्तर की तरह उसके दिल को घायल कर दिया था. अणि इतना मीठा बोलती थी सुनकर चाहे डायबिटीज हो जाये लेकिन उसकी पर्सनालिटी और हुस्न के सामने वह सच्च जैसा लगता था.

नेहा ने नोटिस किया की गीता भी सबसे मिलकर खुश है..... हाँ यह बात सच है की उसके मां और चाचा उसको मारने की कोशिश तोह पूरी तरह से किये और दादी भी सब जान भुज के अनजान दिखने का दावा करती रही पर उनकी मकरी की सजा प्रज्ञा और जानवी ने खुद दी अपने हाथों से और हंटर से...... तीनो को हवेली की कल कठोरी में कैद कर के रखा था.

गीता का दादा पैरालिसिस थे वह जब उससे मिली तोह हसने लगी फिर कैद में तीनो से मिली जिनकी हालत उनकी दो नयी नयी छोटी बहेनो ने की थी. गीता की आँखों में आंग्रे बरस रहे थे पर वह गुस्सा का घोंट पि के बोली ," चहुँ तोह मौत से बदतर तुम्हारी सजा दूँ पर तुम्हारे गुनाह कभी मेरी नज़र में काम न होंगे...... प्रज्ञा छोड़ दो इनको ".

जहवी अचंभित होकर बोली ," नहीं गीता दीदी यह 4ों को हम नहीं छोड़ेंगे इनको ऐसी साजा दो िंह चरों को रूह काँप जाये पर मौत न आये "...... " हाँ दीदी यह आप के hi नहीं हम लोगों के भी गुनहगार है जोह हुमेरी इतनी अच्छी भें को हमसे दूर रखे "...... और अपनी दादी को झापड़ मारते हुए उसके बाल पकड़ के गीता के संदेल पे झुका के बोली," भुड़िया चाट दीदी के संदेल की वर्ण तेरा चेहरा की खाल नोच नोच के अपने नाख़ून से उतर दूँ ".

गीता ," रुक जा मेरी शेरनी ..... है है है ..... रुक जा ..... वैसे तू दादी कहलाने लायक नहीं है किन्तु मैंने तुझे माफ़ किया ".

प्रज्ञा और जानवी बोली ," दीदी .... दीदी .... "

गीता उनको चुप करते हुए बोली," मेरा आर्यन हमेशा कहता है प्यार की मार नफरत की मार से बड़ी होती है, गुनहगार खुद hi अपना झूट काबुल कर लेता है पश्चाताप करके..... क्यों नैनादेवी ?"

गीता के रट हुए पेअर पकड़ लिए नैनादेवी ने ," माफ़ करदे बेटी मैंने तुम्हारी माँ के साथ बहोत बुरा सलूक किया है वह तोह देवी थी मुझे मार दलों में पापी हूँ उसकी गुनहगार हूँ"..... और फुट फुट के रोने लगी .....

गीता की आँखें में आंसूं आ गए और बोली ," मेरी माँ का नाम रति देवी है और वह लड़की तोह अपनी माँ रानी के साथ hi मर चुकी थी...... मैंने पुनर्जन्म लेकर अपनी माँ रति देवी की चूचियों से दूध पिया है ताकि तुम जैसा कायर और नीच मुझे कभी नहीं मार सके "...... और जमीं पे थूक के रति के पास चली गयी..... प्रज्ञा और जानवी रट हुए उन्ह 3no को हंटर से पीटने लगी " सच्चा कहा है गीता दीदी ने तुम तीनो को जीने का हक़ नहीं है ".

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मीणा और सारू ने आर्यन को मस्ती के सातवे घोड़े पे सवार मदमस्त कर दिया था तोपची को चाट और चूसते हुए..... आर्यन का हथियार उसके सबसे ज्यादा प्यार करने वाली उसकी माँ और भें के हाथों में खिलौना की तरह कभी सारू के मुँह में ...... कभी मीणा के मुख की गर्माहट से पूर्ण उत्तेजित फटने के कगार पे था........ आर्यन ने एक साँसे घेरि लेकर अपने को नियंत्रित किया और बोलै," तुम आज मुझे कहीं का नहीं छोड़ेगी ...... अह्ह्ह्हह्हह मम्मी तुम तो मान जायो यह मीणा hi बहोत ज्यादा है मेरे लुंड को पिघलने के लिए" ....... दोनों हमर कार में उसका लुंड एक साथ मुठियाते हुए उसके एक एक ांडों को चूसने लगी...... ड्राइविंग करना मुश्किल हो रहा था आर्यन के लिए , 10 मं तक उसकी हालत दूने पतली कर दी थी...... आर्यन तब कार रोका जब बाघ आ गया और कातिल मुस्कान देकर दोनों को देखने लगा.

हमर के अंदर अँधेरा था उसकी हेड लाइट और टेल लाइट जल रही थी...... दोनों हसीनाओं को नहीं पता चल की गद्दी रुक गए है दोनों इतनी मशगूल थे दोनों के जैसे आर्यन के लुंड के सिवाए कुछ और नहीं दिख रहा था...... मीणा और सारू में जैसे होड़ लगी थी की आर्यन का लुंड क्यों ज्यादा अच्छे से चूसती हो ? मीणा जहाँ एक्सपर्ट लगती थी वहां सारू भी काम नहीं लग रही थी आखिर सारू सबसे ज्यादा आर्यन के साथ रहती थी लंदन से आने के बाद..... वह अब अपना हक़ hi समझती थी अपने बेटे के लुंड पे जोह पिछले जनम में महार्यं की सबसे छोटी रानी थी यानि रानी पद्मा देवी..... सारू किस्मत की धनि थी पहले राज सिंह उसका साथी था अब आर्यन ...... जिसके लेफ्ट टेस्टिस ( ाँद) को पूरा मुँह खोल के चूस रही थी, उसको मीणा की शर्म भी नहीं थी जोह आर्यन का राइट टेस्टिस चूस रही थी..... मीणा की मुठी सारू की मुठी के ऊपर थी जिसमे में आर्यन का विशाल लुंड पकड़ा था और एक hi रदम में दोनों का हाथ ऊपर निचे जाता मुठियाते हुए.....

आर्यन को अंधेर में सब दिखता था नीली आँखों के वजह से..... मीणा और सारू उसकी 2ंद और 5तह प्रिंसेस थी और दोनों के अंदर पावर थी जहाँ मीणा बिजली ( थंडर ) की पावर वहीँ सारू में जल की पावर थी..... दोनों भी अंधेर में अपनी पावर से देख सकती थी..... कार का इंजन ों था और आर्यन ने गाडी की लाइट ऑफ कर दी थी...... इंजन किल करके सारू और मीणा के सर पे हाथ रखा....... " मेरा जानेमाने में तुमसे बहोत खुश हूँ अब मुझे भी अपनी सेवा का एक मौका दो..... सारू डार्लिंग आज खुली हवा में प्यार करने का जी है मेरा और मीणा माय डार्लिंग सीस अब तोह छोड़ दे वार्ना में गाडी में hi झाड़ जाऊंगा".......

सारू ने लुंड छोड़ दिया और मुँह से टेस्टिस भर निकल के बोली ," क्या में ाचा नहीं चूसती तेरे तोपची को ? हमेशा मीणा की तारीफ करता रहता है..... मीणा ऐसी है मीणा वैसी है मीणा मेरे जैसी है मीणा मेरी ताकत, कमजोरी और मज़बूरी है ".....

आर्यन ने सारू के खुले मुख में अपना लुंड पे झुका के बोलै ," डार्लिंग..... माय स्वीट मम्मी तू कितना बोलती है.... ले चूस ले "...... सारू ने लुंड पे अपने दांत गधा दिए ....... आर्यन की आहे निकल गयी ..... " अहाआआ जोरसे काट न सारा किस्सा hi खतम कर दे "..... है है है है......

सारू को लगा की आर्यन को दर्द हो रहा होगा मुँह से लुंड निकल के देखि तोह टोपे के ऊपर आगे पीछे 4-4 दांत के निशान थे और गुलाबी सूपड़ा अब लाल हो गया था ...... सारू प्यार से फूँक मरते हुए बोली ," दर्द ज्यादा हो रहा है "...... मीणा भी रुक गयी और अब आर्यन के लुंड को देखते हुए जीभ से चाटने लगी और सारू को भी अपने गलती का अहसास हुआ तोह वह भी चाटने लगी ....." पुछठ पुछहःछः ...... ज्यादा चोट लग गयी मेरे तोपची को .... चुम्म्म्म्म चुम्म्म्म्म ".....

आर्यन दोनों को अपनी गॉड में लेकर बोलै," आप दोनों का प्यार hi ऐसा है की मुझे कुछ नहीं हुआ पर अकड़ जरूर गया है" ...... हां हां हां ..... मीणा ने हमर का दूर खुल के अपनी शील्ड पूरे 25 बीघा बाघ में कवर कर दी थी जोह 3-4 लोग कार की लाइट देखर पास आ रहे थे वह बिजली के झटके खा दूर शील्ड के पास 20 फट जमीन पे बेहोश हो गए थे करंट का झटका इतना जोर से नहीं लग था उनको पर 2-4 घंटे के लिए बेहोश हो गए थे....... बाघ को सुरक्षित करके मीणा सारू को बोली," अब यहाँ कोई नहीं आएगा आप लोग निश्चिन्त रहो "......

सारू के कपडे तो पहले hi उतर गए थे अब गाउन को पूरी तरह हटा के वह भी आर्यन को अपनी तड़प दिखा लगी उसके सिद्दत से चूमते हुए...... " आर्यन माय लव .....में तुम्हे प्यार करने के लिए मरी जा रही हूँ ..... पुछठ पुछहःछः ..... ी लव माय लव ..... प्लीज टेक में ..... पुछठ पुछहःछः..... चममम च्ममममम ".

मीणा आर्यन की गॉड में बैठी हुयी उसके कान को चाटने लगी ...... आर्यन दोनों को उठा के कार के बहार बोनेट के पास लेकर बोलै ," दो नॉट वोर्री यार बहोत टाइम है वैसे भी गीता को खुद हैंडल करने दो िश नयी सिचुएशन को हम सही टाइम पे एंट्री मरेंगे..... और मीणा में जान हम दोनों को तोह नंगा कर दिया तू क्यों शर्मा रही है मेरी भें...... आजा हम तीनो लवर्स है तुझे तोह शर्मा नहीं चाहिए क्यों सारू डार्लिंग "......

सारू अपने त्रिम्मेद छूट आर्यन के लेफ्ट ढोंगी पे रगड़ रही थी पूरी उत्तेजित होकर और उसको आर्यन से अलग हटना पसंद नहीं आया..... वह खुद आर्यन के कपडे उतरती हुयी बोलै ," मीणा तेरे से कुछ छुप नहीं है...... मुझे भी तेरे से कभी प्रॉब्लम नहीं थी और न होगी..... मुझे आर्यन सब रूप में पसंद है और में कभी िश से अलग नहीं रह पाउंगी...... आर्यन तुम हमारे सिर्फ लवर hi नहीं हो तुम हमारी आत्मा से जुड़ गए हो इसका मतलब एक hi होता है की हम तुम्हारे सिवाए जी नहीं सकती मारने के बाद भी..... बस तुम्ही हमरे सकूँ हो तुम्ही चैन ..... तुम्ही से हमारा वसता है तुम्ही से हमारा पूरा वजूद है .... तुम्ही नहीं तोह हम भी नहीं "...... सारू की बात आर्यन ध्यान से सुन रहा था वह पूरी नंगी होकर उसके कपडे उतर दी थी हर जगह चूमते हुए.....

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सारू

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मीणा

मीणा भी सारू की सीरियस बातों को सुनकर अपने कपडे उतर के पंतय में आ गयी थी..... उसने एक थोंग पहनी थी और हील्स उतर के सारू की तरह आर्यन से चिपट गयी...... तीनो के जिस्म िश आम के बाघ में अँधेरी रात में आधे चंदा की रोशनी में एक दुसरे पे लिपटे चमक रहे थे...... मीणा और सारू आर्यन को बारी बारी चूम रही थी और दोनों आपस में भी पूरे दिल से किश कर रही थी जब आर्यन उसकी गांड मसलते हुए उसकी चूचियां बारी बारी से पीने लगा...... माहौल पूरा रोमांटिक था और 10 मं. बाद आर्यन निच्चे बेथ गया ..... दोनों को हमर के बोनेट के सहारे लगा के झुक के सारू की रास बहती बुर को चाटने लगा और मीणा की थोंग साइड करके उसके छूट की प्यार से सहलाना लगा...... दोनों हसीनाओं के मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी, दोनों अपनी किसिंग रोक के अपने लवर आर्यन के स्पर्श और जीभ के जादू पे मचलती हुए अपने प्रीतम का नाम माहि लेते हुए मस्त गयी थी......

सारू की करंट लगा जब आर्यन की जीभ का स्पर्श हुयी वह तोह कूद hi जाती अगर आर्यन उसके पिछवाड़ा को नहीं संभालता...... आर्यन ने उसके मस्त नितम्बों को मजबूती से पकड़ के अपनी जीभ और अंदर लैप लपटे हुए छूट की पंखुड़ियां के घेरे में पेवस्त कर दी...... " अह्हह्ह्ह्ह माहि !!!! ..... माय गॉड माहि !!!! ...... अह्ह्ह्हह ी लव आईटी माहि .... "

वहीँ ुशी समय मीणा की आवाज आयी," अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह भाई ी लव यू ..... ऐसी hi माहि भाई ..... हुण्णं माहि भाई ..... तू सबसे अच्छा है...... मेरे माहि तू hi जानता है मेरी कमजोरी को अह्हह्ह्ह्ह माहि आहिस्ता वार्ना में झाड़ जाउंगी "......

आर्यन की शक्तियां बढ़ गयी थी जबसे पटल लोक की महारानी ने उसको दूध पिलाया था..... सारू भी उसके झेलने में परास्त हो जाती थी अकेले में पर वह उसकी माँ थी कभी शिकायत नहीं करती बल्कि उसके पुरुषार्थ पे हमेशा निछावर रहने को तत्पर रहती थी..... आखिर थी तोह महार्यं की पद्मा रानी जिसने उसको जीता था पिछले जन्म में.

सारू और मीणा को 5 मं भी न लगे अपने माहि की छूट छाती और स्पर्श के सामने दोनों पहले से hi उत्तेजित थी..... चरमोत्कर्ष सारू ने पहले पाया तोह आर्यन पूरा छूट रास चाट के बाद अब मीणा की छूट पे मुँह लगा दिया ...... वह उसकी जीभ के स्पर्श hi भल भला के जड़ने लगी ," अह्ह्ह्हह भाई में गयी ..... मेरे भाई थम ले मुझे ..... ओह्ह्ह्ह मेरी माँ तूने क्या मर्द पैदा किया है अह्ह्ह्हह्हह ..... में गयी भाई बचा ले" ..... आर्यन बिना कोई शब्द बोले नियंत्रित मीणा की कुवारी छूट चाटने लगा जिस से अमृत भ रहा था और वह अनमोल चीजे थी आर्यन के लिए..... मीणा कभी कभी उसको अपना छूट रास पिलाती थी और यह अवसर भी वही था.

सारू थोड़ी दिएर में आर्यन की बाँहों से निकली , आर्यन अभी भी मीणा का एक एक छूट रास का कटरा अपने मुँह खोल के चाटने में मगन था तभी उसके कान में आवाज आयी मूतने की...... सारू 5 कदम दूर उनसे झुक के पीठ करके मूतने लगी थी..... उसको भी बहोत मजा आ रहा था िश समय न किसकी फ़िक्र मीणा की शील्ड का अहसास सारू और आर्यन को था तोह वह खुल के मजा कर सकते हैं.

मीणा ने हसकर आर्यन का सर मोड़के दिखी की तेरी मम्मी मूट रही है..... आर्यन सारू के निचे बैठे पोज़ में मोटे हुए देखा तोह उसके तोपची ने एक सलूट दिया खड़े होकर और उसका लौड़ा भी ज्यादा hi टाइट हो गया......

मीणा ने उसका चेहरा देखकर अपनी आँखें नाचै जैसे कह रही हो क्या इरादा है ? आर्यन खड़े होकर मीणा की चूचियों पीने लगा बोलके ," मम्मी नहीं देगी "...... सारू ने भी सुना वह भी बखूबी जानती थी कमीना मेरे पिछवाड़ा को देखकर और उत्तेजित हो गया है...... बीटा मेरी गांड को भूल जा मुझे अपनी हालत ख़राब नहीं करवानी.

मीणा ने आर्यन को अपनी चूचियों से हाथ के उसके कान में कहा," रात में जाना जब दूध पिए मम्मी का वह मन नहीं करेगी...... चल आज तेरी मम्मी को हम दोनों भाई भें लौटेंगे "...... आर्यन भी हसकर मीणा के लबो को चूमा और ढेरी से बोलै," देख भड़का मत दियो प्यार से राजी करना होगा"......

सारू मोटे के वापस आयी कार से टिश्यू पेपर से छूट साफ़ की और बोली ," कोई खिचड़ी मत पकाओ में अच्छे से जानती हूँ तुम दोनों भाई भें को..... मीणा आज मैंने तेरी छूट का रास पियोगी और माहि मुझे तेरी घुड़सवारी करनी है".

मीणा शर्म के ," मम्मी मुझे शर्म आती है "...... आर्यन ने मीणा को उठा के हमर के बोनेट पे चढ़ गया...... ," जिसने की शर्म उसके फूटे करम ...... यार ये थोंग को उतर दे आज मेरी मम्मी भी फूल मूड में है "..... hi hi hi ...... और मीणा की थोंग निकल के कार के बोनेट पे बेथ गया और मीणा को अपनी लुंड से सत्ता के किश करने लगा..... पुछःह पुछहःहःहः ...... च्ममममम च्ममममम ..... मुह्हह्ह्ह्हह मुह्हह्ह्ह्हह ुंहःहःहः.....

मीणा तोह हमेशा आर्यन को सुन्दर लगती थी पर आज मीणा सारू को भी अपनी तरह आकर्षित करती हुयी प्रतीत लगी..... बॉडी तोह उसकी सवाली थी पर फिगर और स्किन की स्मूथनेस, बेदाग़ जिस्म उसको कहीं से हुस्न की देवी कहने को किसी को मजबूर कर देने वाला था......

सारू ," तुम बहोत सूंदर हो मीणा आज मेरी निघा नहीं हैट रही है तुमसे ...... आर्यन क्या में तुम्हारी मीणा को टच कर सकती हूँ "...... दोनों भाई भें सारू के वर्ड सुनकर आंदोलित और दर भी गए दोनों ने एक दुसरे को देखा फिर मीणा ने आर्यन की तरफ देखा और हाँ में गर्दन हिली..... यह भाई भें कितने राज छुपे हुए थे यह सारू भी जानती थी लेकिन उसने एक स्टेप और बढ़ा दिया था दोनों की तरफ.

आप सबको ज्ञात होगा की मीणा दिव्या लोक की राजकुमारियां है पर साथ में एक अफ्रीकन ट्राइब की राजकुमारी भी है..... डिंपल और पायल िश ट्राइब की रानी हैं और आर्यन ट्राइबल का देवता है यानि एक आत्मा आर्यन के अंदर देवता की है ( उसकी स्टोरी बाद में आएगी ) ...... मीणा को टच करना इतना आसान भी नहीं था..... एक तोह सारू जन्मजात नंगी थी िश समय और उसने परमिशन भी ली थी परन्तु सबसे पहले सारू ने देखा की वह जब आर्यन और मीणा के नजदीक आयी तोह आर्यन मीणा को किश कर रहा था और उसके चेहरा कभी बब्बर शेर और गैंडे की छवि में कुछ छान में बदला..... और अब आर्यन का चेहरा था.

सारू जानती थी आर्यन के अंदर क्यों सी आत्मा की झलक उसके दिखी और वह भी विचलित न होते हुए यह सवाल कर दी थी..... महार्यं उसका स्वामी था जोह कभी उसको नुकसान नहीं पहुंचेगा आखिर सब 5ों आत्मा महार्यं की जिस्म में एक तरह से किरायेदार hi थी स्वामी तोह स्वयं उसका पति hi था रिस्ते में.

फिर क्या था..... सारू नंगी hi आर्यन के तरफ अपना सीधा हाथ दी तोह आर्यन ने स्माइल करते हुए उसका हाथ पकड़ के हमर के बोनेट पे चढ़ लिए और कहा," सारू डार्लिंग यह मीणा बहोत चालू है आज मजा आएगा जब हम इसको मिल के प्यार करेंगे "..... hi hi hi hi ..... और सारू को आँख मार दिया तोह वह भी मीणा से सात के आर्यन की दोनों झाँगो पे बेथ गयी......

मीणा डर्मा करते हुए आर्यन के लुंड पे अपनी छूट फेरती हुयी बोली ," यह तोह चीटिंग है आप दोनों मिलकर मेरे साथ क्या क्या करोगे...... में नहीं खेलती यह गेम आप दोनों hi खेलो" ..... hi hi hi hi ..... सारू भी अपनी चूचियों मीणा की पीठ से सत्ता के उसकी 36 साइज की राइट चूची दबा के उसका चेहरा लेफ्ट हैंड से टर्न करके बोली ," वह अपनी भाई को प्यार करे तो हाँ और हम करे तोह इंकार यह नहीं चलेगा मैडम नाउ गिव में किश "...... और अपने होंठ मीणा के होंठ से सारू ने जोड़ के उसके लबो को चूमने लगी..... मीणा की लेफ्ट चूची आर्यन ने दबा दी और सारू के साथ मीणा के कान को चाटने लगा..... मीणा की हालत ख़राब हो गयी िश धोरे हमले से...... वह छह कर भी दोनों की पकड़ से बच नहीं पा रही थी और लुंड को ज्यादा अपनी छूट पे कमर हिल हिल के रगड़ने लगी......

सारू ने 2 मं बाद मीणा के होंठ छोड़ तोह आर्यन उन्ह पर टूट पड़ा..... "पुछठ पुछहःछः चुम्म्म्म चुम्म्म्म ..... ी लव यू मीणा ..... ुंहःहःहः ुंहहाआ "...... मीणा को कोई होश नहीं था वह फिर से एक बार और झंडे के रहा पे थी और दोनों इतना उत्तेजित उसको कर दिए थे वह अपनी छूट भी किसी समय पहाड़वाना चाहती थी पर सारू को अंदाज़ था...... मीणा की कावेरी छूट बहोत मैंने रखती थी उसके लिए उसने बहोत इंतज़ार किया था.

मीणा ने आर्यन को किश करते हुए हमर की विंडशील्ड पे आर्यन की कमर लगा के उसके मुसल लुंड पे अपनी छूट की फांक घिसते हुए अचानक अपनी कमर उठाइये hi थी...... सारू ने अपनी कमर से आगे धक्का मीणा के पिछवाड़ा पे लगा और झट से आर्यन का लुंड पकड़ के पोजीशन बानी और बैठती चल गयी उसने अपने दोनों होंठ अपने दांत से डाब लिए थे.

मीणा कीलसा के आर्यन के पेट पे झंडे लगी आर्यन उसको और ज्यादा जोश से किश करने लगा आखिर मीणा ने मेरा लुंड ले hi लिया...... थैंक्यू मीणा ी लव यू मोस्ट इन थिस वर्ल्ड...... मतलब इसको कहते है परफेक्ट टाइमिंग सारू सही टाइम पे लुंड अपनी छूट में फिट कर ली थी और धीरे धीरे लुंड अपनी छूट में लेकर ऊपर से निचे धक्का मरने लगी..... उसने मीणा की दोनों चूचियां को दबोच लिया था और जानत की सैर करने लगी.....

आर्यन तोह हवा हवाई बनकर मीणा की छूट का मजा ले रहा था..... सारू कई बार आर्यन के चूड़ी थी पर उसके छूट के क्या कहने उतनी टाइट थी जब राज सिंह ने उसको पहली बार छोड़ा था..... आर्यन जब भी अपनी मम्मी को छोड़ता था पर उसकी छूट हर बार टाइट hi लगती थी और मीणा की छूट की बनावट से अंदाज़ा था बिलकुल सारू मम्मी की जैसी होगी.....

जब 5 मं बीत गए और मीणा ढीली पद गयी थी और सारू अपनी विजयी मुस्कान के साथ आर्यन के लुंड पे तेजी से छूट पटक रही थी ...... " ओह्ह्ह आर्यन माय लव तू मुझे हर बार चिर देता है ...... मीणा जब जब में इसकी बड़े लुंड को अपनी छूट में लेती हूँ मुझे लगता है पहली बार ले रही हूँ दर्द तोह नहीं होता पर माजा बहोत आता है...... आर्यन शो में योर पावर माय लव" ...... और मीणा को आर्यन के मुँह से हटा के खुद किश करने लगी ...... "हुण्णं हाँ ऐसे hi .... पूछह पूछह च्ममममम च्ममममम ..... "

दोनों को 2 मं के लिए रिग्रेट था पर सारू की चतुराई समझ के उसके दिल hi दिल में थैंक्स बोले लगे..... मीणा ," थैंक्स सारू मम्मी "...... सारू ," अह्ह्ह्हह आर्यन इतना तेज़ नहीं ..... अह्ह्ह्हह स्लो यार ...... यू अरे मोस्ट वेलकम डार्लिंग ..... मीणा यह जानवर hi बन जानता है मुझे देख के..... बोल रही हूँ इतना स्पीड से मत छोड़..... अह्ह्ह्हह मीणा इसके गोते कसना ".....

मीणा भी हस्ती हुई दोनों के बिच से निकली और अपनी छूट आर्यन के मुँह पे लगा के बोनेट पे कड़ी हो गयी ..... अपनी छूट चतवते हुए उसको बहोत मजे आ रहा था और आर्यन को भी अब सारू ने कण्ट्रोल कर लिया था वह भी अपनी पूरी ताकत से चूड़ी कर रही थी आर्यन की गर्दन और सीना चूमते हुए.....

( गीता ने एहि दृश्य देखा था अपनी पावर उसे करके और वह हसने लगी )

मीणा तोह अणि को दिखाना चाहती सारू और आर्यन की चूड़ी पर अणि से पहले गीता देख ली और हसने लगी.... आर्यन कभी नहीं सुधरेगा..... अणि भी नेहा के साथ आयी लेकिन अणि ने देखा तीनो नाहा रहे थे तुबे वेल की हौज़ में...... अणि को पता था आर्यन के दिल का रास्ता मीणा के दिल से गुजरता है. लेकिन वह अणि hi क्या जोह अपना रास्ता खुद न ढून्ढ ले नहीं समझे..... राजवीर सिंह कहाँ फिट बैठता है अणि के प्लान में यह देखना होगा ???

मीणा के आर्यन से अपनी छूट चाटवायी और अलग होकर सारू किश करने लगी ...... आर्यन भी निचे से धक्के मार के सारू की चूचियों पीने लगा.... सारू अब भें भाई की कठपुतली बन गई थी दोनों उसके जिस्म से खेल रहे थे..... मीणा को एक चूची थाम के दोनों सारू का दूध पीने लगे.... "आह्ह्ह्हह आर्यन .... मीणा .... पियो मेरी चूचियां मेरे बचो ..... अह्हह्ह्ह्ह आर्यन िश बाघ में मुझे चुड़ते हुए बहोत मजा आ रहा है" ..... हुण्णनं थप्प्प्प्प थप्प्प्प्प थप्प्प्प्प ..... आर्यन अपनी कमर उठके सारू की छूट ठोकने लगा ..... हमर जैसी गाडी भी जोरसे हिलने की कारन उनका उड़नखटोला बन गयी थी ...... 15 नॉन स्टॉप चूड़ी करके सारू 2 बार झाड़ गयी थी और पस्त होकर आर्यन के लुंड लिए उसके सीने पे लेट गयी ...... मीणा और आर्यन भी रुक गए सारू के ढेर होते हुए.

आर्यन ने अब पोजीशन बन के सारू को गाडी की बोनेट पे पीठ के बल लिटा दिया और मीणा को बोलै," तू मम्मी को अपनी छूट का नशीला पानी पीला..... तब तक में मम्मी की छूट पे मरहम लगा दूँ...... मम्मी आप रिलैक्स करो" ......

सारू ," वह सब ठीक है मुझे भी सेकंड इन्निंग्स खेलनी है पर तुझे कसम है मेरा पिछवाड़ा को मत चूहना अभी"......

आर्यन हसने लगा ," में कहाँ चूह रहा हूँ बस चाटने की परमिशन तो है"...... hi hi hi .....

मीणा बोनेट पे सारू के मुँह पे दोनों टंगे फैला के अपनी छूट दिखा के बोली," मम्मी यह तो हाथ पेअर जोड़ने को तैयार है पर में hi बोली सबर कर मम्मी खुद बोलेगी तब ले लेना"...... सारू ने मीणा की छूट संगी उसको अलग hi स्मेल आयी और अपनी जीभ से धीरे धीरे चाटने लगी ..... मीणा की सिसकियाँ निकलने लगी वह खुद अपनी 36 साइज की चूचियों डाब रही थी.....

आर्यन गाडी के आगे लेता अपनी मम्मी के छूट चाटने laga.....Teeno को नया अहसास हुआ और अणि ने भी अपनी पावर से देखा था न चाहते हुए भी उसके दिमाग में दृश्य बदल गया ..... मीणा की जगह अनीता ( अणि ) ने ली पर अणि से अपनी सोच पे विराम लगया और अब उसके दिमाग़ में नयी खुराफात जन्मी.

आर्यन ने छूट चाटना बंद किया और अपनी मम्मी की टाँगे उठके अपनी लुंड पे थूक मलते हुए बोलै ," रेडी सारू डार्लिंग"...... और लुंड को छूट पे 3 बार रोड की तरह प्यार से मारा.... सारू बोली," बस प्यार से डालियो मुझे बेहोश मत कर देना ".....

आर्यन हँसा और एक बार छूट पे थूक लगा के आधा लुंड पेल दिया.... सारू की कंपकपी निकल गयी मीणा में अपनी छूट सारू के मुँह से बीड़ा के लग राखी थी वह अपनी भाई को ज्यादा जानती थी पाका मम्मी की छूट उधेड़ देगा...... और हुआ भी वही ...... आर्यन ने पूरा लुंड थोक के सारू की टाँगे उठा उठा के अपना तोपची पेलने लगा ," सारू कितनी टाइट छूट है तेरी अभी भी मेरी जान..... में तो मीणा की समझा के पेलने वाला था ..... ी लव यू सारू "...... और झुक के उसके चूचियां को एक हाथ से दबने लगा ......

लौड़ा पिस्टन की माफिक जा रहा था छूट में और मीणा की सिसकियाँ भी तेज़ हो गयी आर्यन की वजह से..... जितनी तेज़ी से लौड़ा पेलता सारू की छूट में उतनी तेजी से अपनी जीभ चलती सारू मीणा की छूट छाती..... हलकी यह पहला एक्सपीरियंस था लेस्बियन का पर पिछले जनम का एक्सपीरियंस था और यादें भी ताज़ा हो गयी...... आर्यन पूरी ताकत से छूट में धक्के मार रहा था और सारू उसका पूरा साथ दे रही थी...... मीणा भी 10 मं में 2 बार झाड़ गयी थी सारू के जीभ के कमल से पर आर्यन न रुका ..... मीणा अलग हटके साइड हो गयी और आर्यन सारू की कमर में हाथ दाल के सीधा उठा लिए ......

सारू भी जोश में आर्यन से लिपट गयी और मीणा की योनि रास को आर्यन को चाटने लगी उसके मुँह में जीभ दाल के..... " पुछठ पुछहःछः चुम्म्म्म चुम्म्म्म ुंहहाआ ुंहहाआ ...... मजा आया भेनचोद अपनी भें की छूट का रास चाट के "...... सारू ने उसके चेहरे पे थूक दिया और चाटने लगी ...... आर्यन हसने लगा ," अब मेरी बारी है चैनल कहीं की "..... hi hi hi ..... सारू को अपने विशाल लुंड पे बाघ में घूमते हुए उसके दोनों चूतड़ों को अपने हाथों में पकड़ते हुए छोड़ने लगा...... सारू उसकी गर्दन दोनों हाथों से जकड़े उसको उकसा रही थी गाली देखर..... दोनों जैसे मीणा को भूल hi चुके थे 40 मं तक दोनों कई पोजीशन में चूड़ी करते हुए जब सारू थक गयी 6 बार झाड़ के.....

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वह निचे उतर के आर्यन का लुंड 2 मं में चूसा और ाँद भी मसाले लगी ..... तब आर्यन झाड़ा ...... मीणा भी सही टाइम में आकर आर्यन के लुंड की पिचकारी एक बार सारू के मुँह में देती एक बार अपने मुँह में ..... 15 पिचकारी मार के आर्यन के लुंड को दोनों चाहते लगी...... दोनों के मुँह से वीर्य भी टपक रहा था मीणा और सारू ने सब चाट लिया..... आर्यन इतना खुश था दोनों को गॉड में उठा के बाघ के टूबवेल में नहाने लगे.....

अणि ने फिर से अपनी सगी मम्मी और सेज बड़ा भाई को देखि पर मीणा उसको ाची नहीं दोनों के साथ..... जैसे मीणा उसको चीड़ रही हो ???

नाहा के कपडे पेहेन के तीनो 1:30 घंटे बाद हवेली पहुँच..... तीनो फुल्ली रेडी होकर आये थे पर रति ने बैठक के बहार hi बिना को बोल दिया था आर्यन को रोक ले मुझे उससे जरूरी बात करनी है.

रति आर्यन का हाथ पकड़ के एक रूम में ले गयी और उसको घुसे से बोली ," तू बस किसी की छूट में पद रहेगा और तेरी छोटी भें हम सबको आपस में hi लाडवा मरवा देगी ..... तू कुछ मत करियो..... यहाँ मेरी गीता को यह सब चीन लगाए "...... और रट हुए कुर्सी पर बेथ गयी.....

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