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( अनीता सिंह)
आर्यन ने अपनी आँखें खोली तोह देखा की अणि वाइट डिज़ाइनर उन्देर्गर्मेन्ट्स में अपने उसके ऊपर लेती थी....... सारे जहाँ की खुशियां जैसे िश पल में समां गयी हो, मॉडर्न अपसरा सी वह जैसे एक सफ़ेद गुलाब की खिली काली लग रही थी इन्हे bra-panty में और हुस्न की देवी जैसी उसकी मुस्कराहट चेहरे पे सजी थी.
आर्यन कभी उसको मन नहीं करता था जैसे वह जोह चाहे ड्रेस पहनती पर कभी टोका नहीं.... उसका 1/3रद बूब्स दिख रहे थे ब्रा में जब थोड़ा उठा के उससे पूछी. एक तोह अणि सुंदरता की मूर्त थी और उसका जलवा आर्यन को कमज़ोर कर रहा था..... उसने आँखें फिर से मुंड ली और घेरि सांस लेते हुए बोलै ," कुछ नहीं बेबी..... गीता मुझे से रूत गयी है..... वैसे तू यहाँ कब आयी, नेहा कहाँ है".
अणि अपने बड़े भाई पे पूरी तरह से छ गयी ,"गीता मौसी तोह कितनी सीढ़ी हैं, मुझे लगा की आप को मेरी कंपनी की जरुरत होगी इशलिये आ गयी..... नेहा तोह डॉली के साथ चल गयी उनको दीप्ति भाभी ने बुला है ".
आर्यन ने अपनी छोटी भें का सर चूमा और उसके बालों पे हाथ फेरते हुए बोलै ," चल हम दोनों रेस्ट करते हैं, फंक्शन तोह साम के होगा"...... अणि को अपनी आगोश में छिपा लिए.
अणि अचानक से पूछी ," भाई तू मुझे कितना प्यार करता है ?"
आर्यन अपने (मैं में) 'जितना िश संसार में न समय उससे ज्यादा'..... कहने लगा " सबसे ज्यादा!!! तू यह क्यों पूछी रही है? बस अब मुझे आज़माना बांध कर..... तू तोह मेरी खुशियों की चाभी है..... और कुछ पूछना है".
उसके सीधे गाल को चाट लिया तोह अणि हसने लगी और सीधी होकर उसके खड़े लुंड पे अपने कूल्हों का वजन दाल के शिकायत करने लगी ," भाई गीली किसी न किया कर..... मुझे अच्छा नहीं लगता"...... उसकी पतली कमर के निचे उसकी वाइट पंतय उसकी सेक्सी मॉडल वाली फिगर की चुगली कर रही थी.
आर्यन उसके चिकनी दूध जैसी सफ़ेद कमर को दोनों हाथों से पकड़ा और पुछा ," बात कुछ और है.... तू मुझसे कुछ छुपा रही है. बोल दे हमरे सिवाय यहाँ कोई नहीं है ".
अणि, आर्यन के थूक से साणे अपने गाल को अपनी उतेरी स्लिप से साफ़ करती हुयी बोली ," बात यह है..... मम्मी मुझसे जलती हैं की आप मुझसे ज्यादा प्यार करते हो, यहाँ तक की नानी जी भी..... भाई हम तोह एक hi यूनिट हैं आप को पता नहीं है आपकी साड़ी बीवियां भी मुझे पसंद नहीं करती..... आपके सिवा मेरा कोई नहीं है "...... खुद फिर से उसके ऊपर लेत के उसको जकड ली जैसे उसको बहोत दर लगा हो.
अणि इमोशनल कार्ड खेल रही थी और आर्यन उसमे फसने लगा था..... वह आर्यन की कमजोरी का फायदा उठा रही थी. गीता का मूड अणि ने hi चेंज किया था और अब आर्यन को सेंटी कर रही थी..... वह अच्छी तरह से जानती थी की वह अपने भाई के लिए कितनी इम्पोर्टेंस रखती है.
उसने अणि को अपनी बाँहों में ले लिया ," तुझसे जलेगी तोह खुद को hi नुकसान देंगी..... माँ भी तुझे बहोत प्यार करती है...... मेरी बीवियां भी जानती हैं की में तुझसे कितना प्यार करता हूँ..... don't वोर्री में उनको संभल लूंगा. एक बात धयान रख की मम्मी और में इवन नानाजी भी तुझसे बहोत प्यार करते हैं तू हमारे खानदान की इकलौती चिराग है और में तेरा बड़ा भाई काम बॉडीगार्ड हूँ..... हम बस तेरी केयर ज्यादा करते हैं इशलिये तुझे कभी कभी दांत देते हैं..... जहाँ तक मम्मी की बात है वह तुझसे एक मं. भी दूर नहीं रह सकती चाहे उनको मुझे दूर करना पड़े...... नाउ यू अंडरस्टैंड माय स्वीट कुटी पाई"...... उसके माते को चूम के आर्यन उसकी पीठ थप थापने लगा.....
अणि इनोसेंट बनकर अपनी मीठी जुबान में बम फोड़ दी ," पर भाई मम्मी बोल रही थी की आप से शादी करेगी और मुझे आपको डैडी बुलाना पड़ेगा..... भाई वह मुझे चैलेंज की है की राज सिंह अब से तेरे डैडी नहीं है, उनको डैडी मत बोलना..... अब से तेरा नई डैडी आर्यन है यह अच्छी तरह समझ ले ".
सारू के ऊपर सारे इलज़ाम लग दी थी और आर्यन भी खामोश हो गया था उसको भी समझ नहीं आया की वह क्या जवाब दे.... सारू और आर्यन जिस रहा पे चलने लगे थे अणि खूब अच्छे से जानती थी. भाई मम्मी को अलग नहीं करेगा लेकिन मुझे मौका जरूर दे सकता है. अणि अपने पिछवाड़े को थोड़ा ऊपर उठायी और आर्यन के अकड़े उसके तोपची (लुंड) को अंडरवियर के ऊपर से छु ने लगी. आर्यन उसकी तरफ देखा तोह निचले लिप्स को दांत टेल दाब के वह इनोसेंट बनने का ड्रामा कर रही थी. उसका पता था की तीर सही निशाने पे लगा है और भाई भी कुछ नहीं बोलेगा.
साइड होकर उसके लुंड को लम्भी से सेहला दी और आर्यन के लिप्स को किश करके बोली," सॉरी भाई मैंने टच कर लिया..... वैसे इतना हूजे पेनिस में आज तक नहीं देख"...... वह आर्यन के जज्बात से खेल रही थी उसको भी पता था यह सही समय है उसके लिए जब रति और सारू आर्यन से दूर हैं..... गीता का गुस्सा भड़क के वह पहले hi उसको दूर कर दी थी.
अणि जानती थी की महारानी विजयलक्ष्मी का आर्यन बहोत सामान करता है, उसको अणि के वास्तविक रूप में अपने बड़े भाई के दिल में एंट्री मिले में आसानी होगी. तीन सबसे प्रिये जोह थी आर्यन की वह दूर हैं अभी...... मुझे भाई को संभालना होगा और में उसके साथ मजबूती से कड़ी रहूंगी.
आर्यन अपनी एक एएब्रो ऊपर करके उसको इशारे से पुछा की उसने यह क्यों किया? अपने शोल्डर उचका के एक्सप्रेशन दी अवियन ..... आर्यन के लिए अणि उसकी bhen-beti-bacchi सब थी पर कल से वह ऐसी हरकत कर रही थी की जिसको वह भी समझने का प्रयास करते हुए इग्नोर कर रहा था लेकिन अणि को इग्नोर करना इतना आसान नहीं था...... आर्यन अपनी भें को पहली बार काम की वशीभूत होकर एक जवान लड़की की दृष्टि से देखने की चेष्टा कर रहा था..... इसलिए वह तय नहीं कर पा रहा था की उसको कहाँ अणि को रोकने है.
(( *कोई उन्ह दोनों के बिच में आने की चेष्टा नहीं करेगी, पातळ लोक की चरों रानियों को अणि ने अपनी पावर से फ्रीज़ कर दिया था..... यानि एक तरह से बंधी बना लिया था. प्रभा जानबूझ कर अणि को नहीं रोकी और सबको सन्देश पहुंचा दिया की 'अणि का हक़ सबसे ज्यादा है अपने भाई आर्यन पे वह किसी को क्षति नहीं पहुंचा गई..... बस मूर्छित की है'.))
अणि," यू क्नोव न ी लव यू मोस्ट इन थी एंटीरे यूनिवर्स ..... मेरी एक विश पूरी कर दो न "..... ुंहःहःहःमा ..... आर्यन के सीधे गाल पे चाट के थूक से गीला कर दी.... ही ही ही ही ही .......
आर्यन भी हसना लगा," मेरे थूक से तुझे प्रॉब्लम होती है फिर तू शिकायत करती है गीली किसी न किया करो..... अब क्यों गीला कर रहा है?"
अणि भी पूरे मूड बन के आयी थी उसने आर्यन के उलटे गाल पे भी चाट लिए..... " मेरा भाई इतना सोना और क्यूट है तोह क्यों न उसको प्यार karun.....hi hi hi hi ...... भाई कोई नॉटी नॉटी हो रहा है ( आँख मार दी)..... ( 5 सेक् में फिर इनोसेंट बनकर) क्या में उसको टच कर सकती हूँ विथ योर परमिशन ".
अणि ने अब एक इनविजिबल शैलद लगा दी थी आर्यन और अपने पे..... धरती और आस्मां की पावर इस्तेमाल करके जोह पातळ लोक की महारानी ( विशाखा) थी वह भी अणि की शैलद नहीं भेद सकती थी. समय रुक सा गया था अणि का हुस्न का जादू चल गया था आर्यन पर और उसके 'तोपची' पर भी.....
आर्यन इधर उधर देखकर कर अपना थूक जातक के धीरे स्वर में बोलै", कोई आ न जाये..... बससससस एक बार जल्दी से टच कर ले "...... उसकी जुबान लड़खड़ाने लगी थी सेन्टेन्स पूरा करने में....
अणि के चेहरा पे विजयी मुस्कान आ गयी प्यार से आर्यन के बालों में हाथ फेरते बोली ," कोई नहीं आएगा भाई बस मेरा विश्वास करो"..... उसके लिप्स पे एक चुम्बन जड़ के उसके ऊपर सीधे बेथ के अपनी शील्ड और समय डिजिटल क्लॉक से उसको विज़िबल करवा दी. क्लॉक में 4:00 पं का समय रुक गया था और सीक्रेट रूम में शील्ड ब्लू और सुनहरी रंग का गोल आकर लिए विज़िबल हो रही थी.
आर्यन भी थोड़ा उठकर अपनी कोहनी के बल बेथ गया ," वाओ !!! पहले मेरा एक काम करना होगा..... लेकिन यह समय को कैसे रोक सकते हैं, मुझे भी सीखा दे ".
अणि झट से बोली ," दादी जी और जाने हॉल को लाना है आप से मिलाने यहाँ गोअन की हवेली में..... हो जायेगा और कुछ?".
आर्यन अपनी छोटी भें के नाक पे किश किया ," बहोत खुश..... पर समय कैसे कण्ट्रोल करें ?"
अणि ," बर्थडे वाले दिन आप को सीखा डोंगी..... अब मेरा गिफ्ट".... hi hi hi hi ..... पालक झपक के शैलद और समय अदृश कर दिया.
(( आर्यन को नहीं बताई की वह खुद hi समय निर्धारण कर सकता है या एक अयं से दुसरे अयं में कैसे जा सकता है..... मीणा जब उसको दिव्या लोक लेकर जायेगी खुद पता चल जायेगा. अभी तोह आर्यन hi अणि का मैं फोकस पॉइंट था ))
आर्यन भी अपना बनियान उतर के सीधा लेत गया ," यह गेम नहीं है बेबी, बस में तुझे रोक नहीं सकता..... बस एक बार"..... घेरि सांस लेकर उसने अपनी आँखें बांध कर ली.....
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फार्महाउस......
रतिदेवी के फार्महाउस में राजकुमारी दीप्ति सिंह की इंगेजमेंट सेरेमनी की तैयारी जोर शोर से चल रही थी. ज्यादातर गाओं वाले सीधे फार्महाउस आ गए थे महापंचायत के सगाई समारोह के बाद.
फार्महाउस की बिल्डिंग और चारदीवारी के आस पास साड़ी जमीन रति देवी की थी जोह लगभग 4500 बीघा के आस पास थी. गाओं की लगभग 90% जमीन लेट चौदर्य माधव सिंह और उनके कुनबे की थी. इसी बड़े चक में फार्महाउस था वह सबसे बड़ा था एरिया वाइज. महापंचायत के 40 गावों में रति का गाओं सबसे विकसित और आबादी भी सबसे ज्यादा थी लगभग 5000 वोट थे इसी गाओं में. रति देवी की टूटी बोलती थी िश ज़िले में और आस पास के 4-5 ज़िले में भी वह सबसे ऊँची हस्ती थी.
रति ने यह बादशाहत अपने बिज़नेस बढ़कर के कायम की थी जिसमे डॉ अंजू का बहोत बड़ा रोले था, दोनों भें जहाँ आर्यन के लिए जमीं तैयार कर रही थी वहीँ देश विदेश में अपना कारोबार और प्रॉपर्टी भी बढ़ा रही थी. एक समय ऐसा भी आया दोनों की आँखों का तारा आर्यन उनसे दूर अमेरिका भेज दिया गया. 2 साल यह वक्त सबसे बुरा था तीनो खानदान के लिए. डॉ अंजू को मौत के कगार पे पहुँच hi गयी थी अगर आर्यन सही समय पे उसको न बचा पता.
आर्यन का वापसी सबकी ज़िंदगी बदल देने वाला सुख का पैगाम लेकर आयी..... जितनी खुशियां रति का परिवार समेत रहा था उससे ज्यादा राजा त्रिभुवन सिंह का परिवार हर्षित था..... राजकुमारी दीप्ति के ऊपर से सराप मिट गया था और उसको मनपसंद राजकुमार मिल गया था. महारानी मृदुला 21 साल के बाद चेतना की अवस्था में रहने के उपरांत दीप्ति की इंगेजमेंट आर्यन से करवा रही थी. राजा त्रिभुवन सिंह की ज़िन्दगी में भी ख़ुशी आने वाली थी उसकी दोनों पत्नियां गर्भवती हो गयी थी आर्यन से.( जोह 4 हफ्ते बाद पता चलता है)
राजा जबर सिंह भी अपनी तीनो रानियों के साथ फार्महाउस आज सुबह आ गए थे..... जहाँ राजा जबर सिंह अपने साथियों के शिकार और साथ मदिरा पैन करने पीली कोठी में डेरा जमा रखे थे वहीँ उनकी 3 रानियां..... कावेरी, जवाला और पुष्प अपने मिलान की दूसरी दोसे आर्यन से लेने को बेताब थी. आर्यन ने उनको वडा किया था," में भी आप तीनो के लिए तड़प रहा हूँ जब भी मौका मिलेंगे में आपकी सेवा में हाजिर हो जाऊंगा"..... तीनो जैसे बावली हो गयी थी आर्यन के लिए और मीणा के कांटेक्ट में थी..... मीणा ने उनको बतया दिया था की कल सुबह 4 बजे रेडी रहना.
पुष्प ने मीणा से विनीत की कुछ टाइम निकल लेना हम आर्यन को थोड़ी दिएर के लिए अकेले में बात करना चाहते हैं..... मीणा के पास वेटिंग लिस्ट काफी बड़ी थी और सबको एडजस्ट करना उसको मुश्किल हो रहा था..... उसकी अपनी सगी माँ और भेने भी जिद कर रही थी आर्यन से अकेले में भेंट करने की..... आर्यन था अपनी मर्जी का मालिक वह किसको सूंग ले और किसको चुन ले यह भी दिक्कत थी.
लेकिन अणि ुष लिस्ट में नहीं थी पर वह अपना हक़ सबसे ज्यादा समझती थी आर्यन पे...... मीणा की लिस्ट डॉली भी देख रही थी उसके रूम में वह सब पे बारी बारी कमैंट्स करना न चुकती थी बस उसको अपनी बारी का इंतज़ार था, आर्यन ने उसको कान में बता दिया था की जब कॉल करूँ आ जाना.
डॉ. अंजू और रति एक बार फार्महाउस की पार्टी का जायजा लेने खुद आयी..... मोना और बिना ने बहोत म्हणत की टी और पार्टी का थीम भी प्रिंसेस राखी थी.... दोनों सबका हाथ जोड़कर स्वागत करके अपने ऑफिस में आकर बेथ गयी.
अभी 3:30 बजे थे रति ," गीता की सगाई आराम से निपट गयी बस राजपूत समाज ने रोड़ा अटकाया था पर आर्यन ने अच्छा सबक सिखाया..... गुस्सा तोह मुझे बहोत आ रहा था, एक मं. में सारों को जेल की हवा खिला देती..... लेकिन आर्यन से में बहोत खुश हूँ की वह बापू की तरह अपनी जिम्मेदारी समझने लगा है. दीप्ति का फंक्शन बस शांति से कम्पलीट हो जाये तोह मैं गंगा नाहा लूँ ".
डॉ अंजू पानी की बोतल से पानी पी कर रति के सामने बैठी थी, वह बोली ," दीदी मुझे लगा की आप महारानी मिरदुला को भी इश्क क्रेडिट देंगी.... वह सच्च में असली महारानी है मुझे अब यकीं हो गया है की वह इतनी तेज तार हैं और वही आग है उनमें जोह में सुना था आप क्या कहती हो ?"
रति मैं hi मैं मृदुला को कोष रही थी..... अंजू ने अपने बड़ी भें की तरफ देखा तोह हसने लगी.... " आर्यन की किस्मत माननी पड़ेगी, एक आप हो जिसको वह माँ कहता है और दूसरी तरफ मिरदुला जी को मैया"..... hi hi hi hi..... "पक्का उनको ऊपर भी हाथ फिरा दिया होगा मैया!! मैया!! कहते हुए आखिर अभी भी वह जवान hi लगती हैं..... में उसका चेकउप किया था जब उनको आर्यन बचा के लाया था".
अब रति के कान खड़े हो गए वह डॉ. अंजू को पूरी डिटेल में बाटने को बोली. डॉ अंजू अपनी बड़ी भें से कुछ नहीं छुपाती थी उसने सब राज खोले दिए..... "कैसे मृदुला एक जवान बीमार लड़की की तरह उनके सामने आयी और आर्यन ने बता की उसने एक जड़ी बूटी उनको खिलाई कुछ hi घंटों में वह पूरी तरह से बदल गयी..... आर्यन मुझे आधी अधूरी बात बता रहा था पर में एक डॉक्टर हूँ वह मुझसे छुपा लिया लेकिन सारू ने बाद में सब बात दिया "...... रति सब जानकार सोचने लगी की मृदुला पिछले जनम में आर्यन की माँ थी यानि काम से काम वह एहि बात मंटा है.
टेबल पे हथेली पटक के रति बोली," तोह यह दीप्ति की माँ होने के बावजूद मेरे बेटे को हड़पने चाहती है..... उसको पुनर जमन की जूठी कहानी सुनकर. एक बात अंजू तू उसको समझा दे की यहाँ उसकी कोई दाल नहीं गलने वाली. सारू को में समझा लुंगी तू उसको वार्निंग दे मेरे आर्यन से दूर रहा "...... रति ने घिरना से यह बात बोली.
डॉ अंजू पहले मुस्करा रही थी जब लगा मामला सीरियस हो गया है तोह बोली ," के दीदी यह इतनी बड़ी बात नहीं है.... आपका बीटा यानि आर्यन सबको अपनी माँ समझता है पर असलियत में सिर्फ माँ आपको hi बोलता है..... ऐसा इसीलिए करता है की उसको ुष औरत का दूध पीना होता है या उनकी सुखी चूचियों को भी नहीं छोड़ता जब दिख जाये..... आप कहाँ तक रोको गई, मिरदुला जी भी बस उसकी ऐसी hi माँ है. सारू को देखो वह आर्यन से सबसे ज्यादा प्यार करती है, अब तोह सबसे ज्यादा आर्यन उसकी hi बाँहों में समय बीतता है राज सिंह से अलग होने के बाद. आप को कोई प्रॉब्लम है क्या सारू और आर्यन के सम्बन्ध से नहीं न तोह जब तक सारू उसके साथ रहेगी कोई आर्यन पे अपना दवा नहीं कर पायेगी. मृदुला जी को अपने घर जाना होगा हमेशा के लिए तोह आर्यन के साथ नहीं रह सकती..... आप बेफिक्र रहो, हाँ हाथ जरूर लगेंगे उनको या लगा भी चूका होगा यह तोह आर्यन hi जाने "..... वह रति को तैसे कर रही थी.
रति अपनी मुंडी हिला कर ," न ... न ..... तू भूल रही है की वह उसके दिमाग़ में यह बात भर रही है की वह उसके पिछले जनम की माँ है..... माँ माय फुट !!!! आर्यन की एक hi माँ है उसका नाम रति देवी है..... तू बस उसको हूल देने मेरे बीटा से दूर रहे..... में सारू को सबसे अच्छी तरह जानती हूँ, वह बिचारि भी क्या कारे..... उसको पति hi ऐसा मिला. अब आर्यन की वजह से खुश है, यह रहा तोह मैंने hi चुनी थी पर सोचा न था की वह हम सबका मुक़द्दर बन जाएगी..... फिर इसके अलावा चारा भी क्या था "..... अपने पेट पे हाथ फिरा के बोली," आर्यन हम सबसे बहोत प्यार करता है और हम उससे..... मुझे बस मृदुला और अणि से दिक्कत है ".
डॉ अंजू अपने मैं में ' दीदी तेरे को सबसे दिक्कत है पर मांगेगी नहीं ' ...... वह अपना मत रखे ," में समझा दूंगी मृदुला जी को वैसे भी इंगेजमेंट के बाद वह चली जाएँगी और अणि की लिए आप को डाउट है क्या ?"
रति अपने पेट पे हाथ फिरते हुयी बोली," मुझे तोह सब पे डाउट होता है जबसे आर्यन को पहली बार नेकेड देखा था, मीणा और माजी (आर्यन की दादी) भी वहां थी. मीणा सबसे ज्यादा क्लोज हैं आर्यन के और मैंने उसको अपनी इच्छा जाहिर की थी, वह स्टोरी तू भी जानती है. मुझे उसके बाद गिलटी क्योंसकिएन्स फील हो रहा था बस माँ जी को भी तरय करने को बोली..... फिर क्या हुआ तू सब जानती है. मृदुला और अणि अभी कोई इंट्रेस्ट नहीं दिखा रही हैं पर तब क्या होगा जब...... अगर मान ले मिरदुला को में एक बार इग्नोर भी कर सकती हूँ पर अणि की चाप आर्यन के मैं में बहोत घेरि है यानि वह उसको एक देवी का अवतार समझता है यानि तू सोच रही है न में क्या कह रही हूँ".
डॉ अंजू अपना सर हिल के पूछी ," आप का कुछ नहीं हो सकता..... अणि को में भी एक एंजेल या देवी मानती हूँ और वह भी आर्यन से काम नहीं है. लेकिन अगर आर्यन उसको चूना चाहेगा तोह सिर्फ अणि की मर्जी होगी वार्ना कभी सफल नहीं होगा. अनीता सिंह (अणि) वह लड़की है जोह एक बार जनम लेती है, उसके कारनामे सबकी जुबान पे रहते है आज कल..... आपको जलन होगी पर मुझे लगता है मीणा इतनी काबिल नहीं है जितनी अणि है...... आर्यन तोह लगता है अपनी गोपियों के साथ हमेशा गाओं या दिल्ली में रहना चाहता है लेकिन अणि जितने के लिए बानी है, वह आप की सही उत्तराधिकारी बन सकती है ".
रति देवी एक डैम से कुर्सी से कड़ी हो गयी ," आर्यन मेरा बाद मेरी गद्दी संभालेगा और वह क्या कर सकता है जोह िश संसार में कोई नहीं कर सकता यह भी मुझे मालूम है. मेरे रहते हुए तोह अणि मेरी सीट नहीं ले पायेगी "..... और इण्टरकॉम से मोना को बुलाई.....
डॉ अंजू अपने (मैं में) ," आर्यन खुद अपने हाथों से आप की सीट अणि को दे देगा मुझे तोह ऐसा hi लगता है "..... लेकिन वह भी रति से बहस नहीं करना चाहती थी..... दीदी नहीं मानेगी पर सच्च यह hi है.
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उधर हवेली में .......
गीता का दिमाग़ ब्लेंक हो गया था, वह किसी से बात नहीं की रही थी जब अपने रूम में आयी..... आर्यन ने उसके चूचियां जोरसे मसली थी और पिछवाड़े पे अभी तक उसके प्रचंड 'तोपची' की चुभन उसको बार बार याद आ रही थी...... उसको एक बात hi याद थी की दीप्ति से मिलना हैं, उससे पहले आर्यन के खिलाफ रिपोर्ट करनी हैं.
उसके रूम में हमेशा एक्स्ट्रा के रहती हमर की..... I-phone से देखकर पता चल की उसकी हमर बेसमेंट में पार्क है..... एक ब्लैक गॉगल्स और के लेकर वह बेसमेंट में गयी और अनलॉक करके हमर का गेट खोल के, गाड़ी का इंजन ों की अगर आर्यन उसके सामने आता तोह 12 की 12 गोली उसकी छाती में थोक देती.
आखिर उसकी आँखों में आंसू आ गए..... गॉगल्स लगा के एक घेरि सांस लेती हुयी गाड़ी फुल स्पीड में ड्राइव करती गाओं के सिक्योरिटी अफसर चौकी के लिए निकल गयी. इससे ज्यादा दुःख भगवन किसी को न दे की उसका होने वाला पति उसका बंग करना चाहता था. गाड़ी 80 से ज्यादा स्पीड में दौड़ रही थी गाओं के अंदर होते हुए वह सिक्योरिटी अफसर चौकी के बजाये फार्महाउस तक 6 मं में hi सफर तय कर ली.
कहाँ तोह वह सिक्योरिटी अफसर चौकी जाने के लिए निकली थी कहाँ वह फार्महाउस तक पहुँच गयी..... एंट्री पे भी लोग खड़े थे उसके बाद सिक्योरिटी गार्ड्स को पार करते हुए गाड़ी फुल स्पीड में फार्महाउस के ऑफिस के सामने त्येर की चीटीई की आवाज करते रुकी. सिक्योरिटी गार्ड्स और सिक्योरिटी अफसर वाले अलर्ट हो गए जब तक हमर को टारगेट करते....
उससे पहले चंडी देवी गेट खोल के निकली और इतनी तेज़ दरवाजा बंद किया धड़ककककक ..... हमर जैसी गाड़ी भी हिलने लगायी.
सिक्योरिटी अफसर वाले और गार्ड्स ने गन्स तेजी से निचे की और गीता को सलूट मारे ..... आखिर वह आर्यन की होने वाली बीवी थी यानि महापंचायत की होने वाली मालकिन थी...... अभी वह फार्महाउस ऑफिस की तरफ आगे भाड़ टी उससे पहले उसकी जुड़वा hum-shakal यानि राजकुमारी दीप्ति सिंह दौड़ के उसके पास आ गयी और उसको गले लग के ऑफिस के अंदर ले जाने लगी...... दीप्ति के गले लगते hi वह जैसे सब भूल गयी.
गार्ड्स और सिक्योरिटी अफसर वालों की हिम्मत नहीं हुयी दोनों से कोई क़ुएस्तिओन्स पूछे..... बात यह थी बार्रिकडेस तोड़कर और साड़ी सजावट नष्ट करके फार्महाउस में हमर घुस गयी. इतनी हेफ्टी गाड़ी जोह मिनी ट्रक hi लगती थी..... बस सुकर है की किसी को चोट नहीं लगी.
बिना भी ऑफिस के बहार आ गयी जब देखा की गीता है तोह उसने हाथ दिखा के सबको वेपन्स डाउन करने का इशारा किया..... बिना ने आर्यन को फ़ोन लगया तोह उसका नंबर बिजी आ रहा था ..... 2 मं बाद ऑफिस में गयी तोह दोनों को वहां न पाकर समझ गयी पक्का लक्ज़री सीक्रेट रूम में गयी होंगी.
सीक्रेट रूम में आकर गीता ने रट हुए दीप्ति को सब बता दिया यहाँ तक की आर्यन ने उसका बंग करने की कोशिश की...... दीप्ति ऐसे दिखाई की उसको विश्वास नहीं हो रहा है पर वह जानती थी ऐसा दुस्साहस क्यों कर सकता है सिर्फ अणि के अलावा लेकिन अभी वह अपनी बड़ी दीदी की फ़िक्र कर रही थी.
दीप्ति ने जग से एक गिलास में पानी भरके गीता को दिया और कहा ," आप पानी पीओ दीदी".....
गीता पानी पीकर बोली ," तुझे मेरी बात पे विश्वास नहीं हो रहा है न ?"
दीप्ति सर हिला के गीता के पास सोफे पे बेथ कर बोली ," आप पे मुझे अपने से ज्यादा विश्वास है और माहि पर भी..... कोई है जोह चाहता था की आप दोनों एक दुसरे से नाराज हो जायो और उसका फायदा वह उठे ".
गीता आश्चर्य से ," क्या ? किसको ? मगर वह क्यों चाहेगी?"
दीप्ति अपने रुमाल से गीता की आँखें साफ़ करके बोली ," वह बहोत शक्तिशाली है और हमको भी उससे डरना चाहिए".
गीता अपना सर झटक के ," में नहीं मानती..... अणि यह सब कर सकती है ".
दीप्ति उसका सीधा गाल चुम के ," मनो या न मनो यह आपकी मर्जी है वैसे भी वह महारानी विजयलक्ष्मी का एक रूप है...... उनका भी हक़ है माहि पर ".
गीता कुछ नहीं बोली जैसे दीप्ति ने भी एक्सपेक्ट किया था की अणि और सारू जी के बारे में दीदी कुछ नहीं बोलेगी..... गीता अपने संदल निकल के सोफे के ऊपर पेअर चढ़ा के दीप्ति की गॉड में लेट गयी ," में थोड़ा आराम कर लूँ तेरी गोद में".
दीप्ति मुस्करा के ," आप परमिशन क्यों मांग रही हैं..... आप बस आराम करो "...... गीता के बालों में ऊँगली फेरने लगी.....
बात यह थी गीता अपनी बड़ी दीदी, सारू, की बहोत मानती थी..... चाहे सब उसको कितनी भी जिद्दी, गुस्से वाली, बोले मगर सारू उसकी नजर में हमेशा सबसे बेस्ट दीदी थी वहीँ अणि तोह महारानी का रूप थी वह जोह करेंगी वही सही होगा आर्यन के लिए..... जब गीता चुप हो गयी तोह दीप्ति उससे ज्यादा समझदार थी. वह भी खामोश हो गयी.
असलियत यह थी की अणि सबकी नज़र बचा कर आर्यन को अपने वश में कर ली थी लेकिन गीता और दीप्ति बस हाथ मसलती रह गयी...... सब पहले उनको अधिकार था आर्यन पे आज की बात कर लेने तोह उनके लिए यह बहोत बड़ा दिन था यानि उसकी सगाई का दिन पर अणि के सामने वह दोनों क्या कर सकती थी...... वहीँ पातळ लोक की रानियां भी अणि के सामने लचर थी हाँ अगर पातळ लोक होता तोह जरूर अणि को सबक सिखाया देती.
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ओने यूनिट......
आर्यन को समझ में आ रहा था की यह सब गलत हो रहा है लेकिन वह भी अणि के सामने बेबस होकर रह गया..... शायद उसकी सगी छोटी भें यह चाहती थी की कोई उससे भी प्यार करे. जिस तरह उसने आर्यन को पहली बार किश किया था और दूसरी बार नेहा को शामिल किया था ुष प्राचीन महल में...... उसको पहले से समझ जाना चाहिए था की यह रह कितनी कठिन हैं...... एक तरफ उसकी साड़ी लवर्स और बीवियां है दूसरी तरफ अणि है जोह इतना चेंज हो गयी है की वह आर्यन को भाई समझ के आगे अपना प्यार दिखा रही है.
आँखें बांध कर वह इंतज़ार करने लगा पर अणि कुछ नहीं की बस उसको hi देखे जा रही थी उसके ऊपर सीढ़ी बेथ कर...... उसको लगा की अणि रुक क्यों गयी?
उसने आँखें खोली तोह अणि ुशी तरह उसके खड़े लुंड पे वजन दाल के बैठी है और रहस्यमयी मुस्कान उसके चेहरे पे सजी हुयी है.
एक तोह उसका लुंड अकड़कर उसको परेशां कर रहा था दूसरा उसकी भें इतनी पावरफुल है वह उसको मणिपुलटे किये उससे कुछ भी करवा सकती है...... हाँ वह एहि कर रही है पर आर्यन उसको रोकने में अपना पूरा समर्थ नहीं जूता पा रहा था.
अणि ," भाई तू बस रिलैक्स रहे कुछ मत सोच बस िश पल को एन्जॉय कर...... अपने दिमाग़ को खली करके बस मेरे बारे में सोच...... में कैसी लगती हूँ? तुम्हे मुझे में क्या अच्छा लगता है ? मेरे साथ रहे कर तुझे कितनी ख़ुशी मिलती है? क्या कोई मेरी जगह ले सकता है तेरे जीवन में ? "...... आर्यन बेचारा जैसे गंगा हो गया था एक तोह वह अपने हुस्न दिखा के क़यामत तक ले आयी थी दूसरा उसको रिलैक्स कहते हुए धीरे-2 से अपने चूतड़ को उसके विशाल लुंड पे आगे पीछे हिल भी रही थी जैसे किसी घोड़े की सवारी करना चाहती हो.
आर्यन एक घेरि सांस लेकर ," तेरा यह एन्जॉयमेंट मुझे और मेरी साड़ी लवर्स को किसी मुसीबत में न दाल दे...... रिलैक्स कैसे रहूं मेरे खड़े..... मतलब पोल पे तू गिटार बाजा रही है..... अणि बेबी यह बात किसी को पता चली तोह मेरी सहमत आ जाएगी वैसे भी मेरे से काफी लोग नाराज हैं ".
आर्यन एक्ससिटेड भी था और कहीं न कहीं डरा हुआ भी था..... अणि अपने दोनों हाथ आर्यन के सीने पे राखी ," भाई हम एक यूनिट हैं..... अगर तुमको पसंद नहीं है तोह में रुक जाती हूँ. आपकी ख़ुशी के लिए में अपनी जान दे सकती हूँ".
आर्यन ने उसके मुँह पे हाथ रख दिया," ऐसे बोलेगी तोह एक थप्पड़ लगूंगा "...... दुसरे हाथ से अणि को अपनी तरफ झुका के उसके गुलाबी होंठ को किश करने लगा..... चुम्म्म्म ुंहःहःहः.....
पहले दोनों हाथो में उसकी पतली और चिकनी कमर पे फेरते हुए उसको पकड़ लिया .... पलट के अपने निचे लेकर शिद्दत से उसके दोनों होंठ को बारी बारी से चूसने लगा ...... ुंहःहःहः ुंहःहःहः ममममममम ममममममम..... अणि भी अपने बड़े भाई की दीवानगी देखकर खुद को रोक न सकीय...... दोगुनी रफ़्तार से वह भी किश का जवाब किस्सेस से देने लगी...... मममममममम मममममममम मममममममम च्मममममम च्ममममम ममममम......
अपनी जीभ मुँह खोल के बहार निकली तोह आर्यन उसका स्वागत अपने लबों से चूस कर किया...... उम्मम्मम्म चममम उम्मम्मम्म...... चुस्स्सस्स उम्मम्मम''.......
अणि अपनी वेल टोंड लम्भी चिकनी टैंगो को आर्यन के जाँघों पे लपेट के अपनी पिछवाडी बीएड से 3 इंच ऊपर उठाकर उसके अंडरवियर में खड़े 'तोपची' से टच कर दी...... इसका रिजल्ट यह हुआ की अब उसकी पंतय क्लाद पुसी (गीली छूट कच्ची में) आर्यन के तोपची को इंदिरेक्ट्ली टच कर रही थी...... हुन्न्न ुंहःहःहः ममममममम ममममममम..... ममममममम ममममम ुहम्म्म्म.....
आर्यन, अणि के ऊपर चढ़ा हुए था पर जानबूझ के अपने घुटनो पर टिका हुआ था की अणि को उसके लौड़े की चुभन न फील हो लेकिन अणि को यह दुरी नागवारा गुजरी...... उसने अपने पिछवाड़े पे आर्यन की बड़े उभर की चुभन का जायजा पहले hi ले लिया था अब उसकी दुरी और विशालता से दूर न रह पायी...... उसके लिए यह खेल नया जरूर था पर वह आगे बढ़ने के लिए उत्सुक और तत्पर थी.
अपनी दोनों बाँहों में आर्यन की गर्दन को जकड़े वह एक मिल्लीमेट्रेस की गैप भी नहीं छोड़ना चाहती थी उससे चिपकते हुए...... एक्सीटेंड होकर उसके छोटे निप्पल्स उसकी वाइट ब्रा में आर्यन के सीने से पूरी तरह से चिपके थे....... आर्यन उसकी जीभ छोड़कर अपने जीभ उसके मुँह में दाल दिया......
बिन पानी मछली दोबरा पानी में दाल दी हो ऐसी फीलिंग अणि को आने लगी जब वह अपने भाई की जीभ पूरे जोश में चूसने लगी...... मममममममम मममममममम मममममममम च्मममममम च्ममममम ममममम..... उम्मम्मम्म चममम उम्मम्मम्म चुस्स्सस्स उम्मम्मम ....... पंतय जोह पहले थोड़ी गीली थी अब कंटीन्यूअस योनि से लगातार रास से आगे पीछे से गीली होने लगी......
आर्यन भी मदहोश होने लगा जब अपनी छोटी भें के दोनों चूतड़ों को थाम लिया पेंटी में...... "वाओ !!!!! कितने सॉफ्ट हैं मुझे तोह लगता था की इतने बड़े नहीं है पर मेरे हाथ में सही फिट हो गए है" ......
आर्यन वाइट पंतय में उनके बूट्स को बस हाथों में थामे रखा जैसे वह कोई नायब खज़ाना हो. जब अणि मैं भरके उसकी जीभ चूसना छोड़ी और उसके चेहरे को छोटी छोटी किस्सेस से भरने लगी पुछहःछः .... पुछहःहःहः.... पुछहःहःहः.....
"अणि मेरे भें ी लव ोुउउउउउ "...... और उसके दोनों चूतड़ों को दबा दिया..... "अह्हह्ह्ह्ह भईईई ...... ारामममम सीई...... ी लव यू तू..... माय लाइफ एंड सोल अरे योर्स ".
आर्यन को इतना प्यार आया अपनी छोटी भें पे वह उसको दुबारा स्मूच करने लगा ...... पुछःह.... चम्म्म्म चम्म्म्म..... ुहममममम ुहम्म्म्म.... मममममम ममममममम ममममममम..... अणि के हिप्स जब आर्यन ने जोरसे दबा दिए थे वह अपना चरम पा ली थी...... वह भी अपने भें के चूतड़ों को सहलाने लगा जिसकी थिरक उसको अपने हाथों में महसूस हो रही थी.
अणि थोड़ी ढीली हो गयी और आर्यन की गर्दन में अपना मुँह छुपाने लगी शर्म से...... वह बहोत समझदार था उसको पता था की अपनी भें की शर्म कैसे दूर करनी है. आर्यन एक बार और पलट के अणि को अपने ऊपर लिटा लिया और उसकी पीठ पे हाथ फेरते हुए बोलै.... ," यू शुड फ्रेशन उप..... चालों में छोड़ आता हूँ..... माय स्वीट प्रिंसेस..... ुहम्म्म्म" ..... अणि के कान पे किश कर दिया.
आर्यन अपने से चिपकी अणि को उठा के वाशरूम में ले गया..... वह भी उसके गले लगी उसकी पीठ पीछे थोड़ा थोड़ा मुस्करा रही थी. बाथरूम में जाके अणि को फर्श पे खड़ा कर कर्टेन कर दिया...... " में भी नाहा लेता हूँ.... तुम फ्रेश हो जाओ ".
अणि भी जल्दी से कमोड पे बैठी पंतय उतर के पइसस करने लगी..... पंतय पूरी गीली हो गयी थी लेकिन आर्यन ने ज्यादा रिएक्शन नहीं दिया जैसे उसका रोज का काम हो...... अणि अभी तक वर्जिन थी, जिसके नाम वह अपनी विर्जिनिटी की थी उसको अभी तक नहीं पता था.....
"एक चांस तोह बनता hi है नेकेड बाथ का अगर सब उसके हिसाब से हुआ तोह वह दिन भी नहीं दुर्र है की भाई सिर्फ मेरा होगा "...... यह सोचते हुए अपनी पुसी (छूट) टॉयलेट फ्लश हैंडल के पानी से धूने लगी.
टिश्यू पेपर से साफ़ कर के वह अपनी ब्रा उतर के बाथटब और शावर एरिया के पास आर्टिफीसियल कर्टेन हटा के झांकी तोह आर्यन अंडरवियर में नाहा रहा था शावर ों करके. उसकी पीठ अणि की तरफ थी, लाइट स्विच ऑफ करके कर्टेन हटा के आर्यन के पीठ से चिपक गयी.
आर्यन एक घेरि सांस छोड़कर के बोलै," दर लगा है तोह लाइट ऑफ क्यों की? चोरी भी करनी है किसी को पता न चले यह कैसे हो सकता है".
अणि ने अपनी दोनों बाँहों आर्यन के बगल में डालकर अपनी हाथो से उसका मस्कुलर चेस्ट पे फेरने लगी..... उसकी मस्कुलर पीठ पे सॉफ्ट सॉफ्ट बूब्स और बटक्स पे निचे अंडरवियर पे उसकी योनि टच कर रही थी.
अणि इन्नोसेंट्ली वौइस् में केहि ," आप अपना वादा भूल गए मुझे आपके साथ बाथ करना था तोह आ गयी..... it's आवर लिटिल सीक्रेट आर्यन no बॉडी शुड क्नोव थिस ".
आर्यन उसके लेफ्ट हाथ पकड़ के अपने चेस्ट पे फेरते हुए हसने लगा," हम तोह एक hi यूनिट हैं, किसी को पता चल जाए तोह मम्मी मुझे जान से मार देंगी hi hi hi ..... it's ok पर टॉपलेस होने की क्या जरुरत थी".
अणि उसकी गर्दन पे किश की और बोली," माय बॉटम इस आल्सो नेकेड और दोनों हाथ को निचे की और उसका अंडरवियर भी उतरने लगी.....
आर्यन ," यह ज्यादा हो रहा है "..... उसने अंडरवियर पकड़ने का प्रयास किया.....
अणि ," में डीडे करुँगी.... आप ने बोलै था बस एक बार ".
आर्यन ने हाथ हटा लिया ," मुझे तेरी लिए कोई बहोत बड़ी कीमत चुकी पड़ेगी".
अणि उसका अंडरवियर पूरा निकल के पैरों से ," चूका देना आप को क्या कमी है "..... फिर से उसके पीछे से चिपक गयी.
आर्यन सोच रहा था की उसकी सब भें का अधिकार उसपर है क्या अणि का नहीं..... यह कैसी न इंसाफ़ी है. सॉरी मम्मी मुझे माफ़ कर देना में अणि से बहोत प्यार करता हूँ वह भी आप का hi खून है.
अणि ने अपना हाथ आगे लिया तोह आर्यन का लुंड पकड़ के टटोली फिर पकड़ के उठी..... लुंड शावर के ठन्डे पानी में ढीला पद गया था. आर्यन बिलकुल खामोश था या उन्ह कह ले वह कण्ट्रोल कर रहा था की लुंड पूरा खड़ा न हो जाए......
अणि ने फिर से उसकी पीठ पे किश किया ," It's हुमांगूस ( बहोत बड़ा) ...... आप एक्ससिटेड नहीं हो की एक सुन्दर लड़की आपका पेनिस होल्ड किये नेकेड कड़ी है ".
आर्यन," बाथरूम में लाइट तू ने ऑफ कर दी शायद मुझे दर लग रहा है ".
अणि फिर से एक बार फिर से पीठ पे दूसरी तरफ किश की," नीली आँखों से देखों तोह सब साफ़ साफ़ दीखता है..... साइड में मिरर भी हैं...... आप मुझसे जीत नहीं सकते और कोशिश भी न करना..... hi hi hi ..... "
आर्यन दम छोड़कर बोलै ," जी महारानी साहिबा "......
अणि अपने दोनों हाथों को मिला के अब आर्यन का लुंड खड़ा करने की कोशिश कर रही थी एक डैम से लुंड पूरा का पूरा खड़ा होकर उसके दोनों हाथों में नहीं समां रहा था...... " वाओ !!!! It's गीगान्टिक ( महा विशाल) एंड मोस्ट ब्यूटीफुल..... हूँ तोह आप ने मुझसे छुपा कर क्यों रखा?..... पहले नहीं दिखा सकते थे ".
अणि के ख़ुशी देकते hi बनती थी उसके हाथ में जैसे आर्यन का लौड़ा न हो वह कोई जीवन रूपी बड़ी से पिचकारी हो जिस औरत पे पड़े उसका hi कल्याण हो जाये. इतनी आसानी से तोपची अणि के हाथों में था उसको भी विश्वास नहीं हो रहा था.
आर्यन," लोग दर जाते हैं जब पहली बार दीखता है..... तू ने पहली बार तोह नहीं देखा है, मुझे पक्का डाउट है तुझपे".
अणि एक हाथ से आर्यन का विशाल लुंड जोह पूरे सबब पे था और दुसरे हाथ से आर्यन का हाथ पकड़ के पीछे से अपनी योनि पे लग दी ," भाई ी ऍम एक्ससिटेड सीईईई ..... टच में हेरे ".....
आर्यन की ऊँगली जब बांध सीप जैसी योनि पे पड़ी तोह वह भी अपनी िश भें के हुस्न का दीदार करना चाहता था...... अपनी इच्छा दबा के वह अणि को फॉलो करने का डीडे किया ( मैंने जोश में होश नहीं गवा न है ). मैं उसका बड़ा भाई हूँ वह जोह चाहेगी वही करूँगा बस एक सीमा तक.
अणि थोड़ी त्रिची हुयी जिससे उसको आर्यन के लुंड से खेलने में आसानी हो..... आर्यन का हाथ पहले उसकी योनि और जांघ पे पूरा पड़ा...... "siiiiiiiiiii भईईई ...... ी लोवीएए आईटी ..... आप ऐसे पहले पुरुष हो जोह मुझे यूँ स्पर्श कर रहे हो..... मैंने सबसे ज्यादा आप से प्यार करती हूँ ".
अब समय आ गया था की आर्यन कमान अपने हाथ में ले..... " Don't वोर्री..... में तेरा ख्याल रखूँगा बस मुझे पे विश्वास रख.... में टर्न कर रहा हूँ ".
आर्यन पलट के अणि को ठीक तरह से देख नयी पाया मतलब उसकी फिगर उससे पहले hi वह आर्यन को आगे से अपनी कोहली में भर ली..... " भाई यू अरे सो स्वीट" ..... और ेड्डी पे उचक कर अपने भाई के गले लग गयी......
आर्यन भी न चाहते हुए अपनी िश छोटी भें को अपनी पन्हा में ले लिया ," अनीता बेबी तुम बहोत सुन्दर हो..... में तुम्हारे लायक नहीं हूँ, महारानी से कहना वह एक चाँद की तरह हैं जोह आसमान में रहती हैं जिसको में दूर से देख सकता हूँ पर छूने की कोशिश की तोह बस खाली मुठी हाथ आएगी".
आर्यन एक लास्ट चांस ले रहा था की वह अणि को अनीता ( कभी कभी बोलता था) सम्बोधित किया..... खुद को तुच्छ मनुष्य बतया जबकि अणि की मनसा क्या है यह उसको साफ़ साफ़ दिखने लगी थी....
अणि की दोनों चूचियां और हील्स पे खड़े होने के कारन उसकी हाइट भाड़ गयी थी...... आर्यन को प्रॉपर हुग करती हुयी उसके स्तन आर्यन के सीने से स्पर्श करती चिपक के उसको आंदोलित कर रहे थे...... उनका जादू आर्यन की तोपची पे चला जोह कुछ ज्यादा hi कड़क होकर योनि पे छु कर अणि के पेट पे वार करने लगा तब उसने अपना पेट ज्यादा से ज्यादा लुंड को टच व् प्रेस करने लगा.....
" भाई तू सिर्फ मेरी नज़र से देख तुझे मेरी आँखों में बस प्यार hi प्यार नज़र आएगा..... मैं सिर्फ तेरी अणि हूँ न की महारानी..... और मैंने डीडे किया है की मैं आपसे सच्चा प्यार करती हूँ यह तुझे पर है की अपना ले या ठुकरा दे".
आर्यन उसके आँखें में देखते हुआ," चल तेरी नौटंकी बांड कर, तू भी जानती है की में तुझे मैं नहीं कर सकता..... हाँ धीरे सा प्यार कर सकता हूँ, अभी किसी को मत बताना की मैं मान गया हूँ बस लिमिट क्रॉस नहीं करेंगे "..... पुछःह पुछठ....... चम्म्म्म चम्म्म्म चममम..... दोनों एक दुसरे को पीठ, कमर और बटक्स सेहला रहे थे किश करते हुए..... अणि आखिर कर आर्यन को मानाने में सफल हुयी.
आर्यन ने किश तोड़कर अणि के सारे चेहरे को चूमा फिर उसकी गर्दन से होते हुए उसके दोनों शोल्डर को हलके हलके बाईट भी कर लेता किश करते हुए..... अणि की सिसकी निकल रही थी उसने थोड़ा गैप बना के एक आर्यन के सांड जैसे ांडों को सेहला दिया ..... " भाई बहोत बड़े हैं..... siiiiiiiiiii काट मत..... तुझे दूध पिलाऊंगी"...... दूध पिलाने की बात सुनकर आर्यन झट से खुश होते हुए बोलै ," सूरे न ...... दूध मुझे अभी hi पीला दे, मैं तेरे से रिक्वेस्ट करता हूँ ".
अणि भी बहोत किस्से सुनी थी अपनी दादी, नानी और मम्मी से आर्यन चूचिचोर , चूचीधार है..... आर्यन की आँखों में अलग hi स्पार्क नज़र आया...... दूध पीना जैसे उसका जनमसिद्ध अधिकार हो..... अणि थोड़ी पीछे हुयी तोह आर्यन भी उत्सुक था लुंड को छोड़ के पलट गयी और शावर एरिया से दूर जाकर लाइट ों कर दी..... आर्यन के मुँह में पानी आज्ञा जब अणि की फिगर का बैक व्यू मिला और हद तोह तब हो गयी जब अणि पलट के अपनी कमर पे दोनों हाथ रखकर स्टाइल से एक सेक्सी मॉडल की तरह पोज़ की...... आर्यन का जबड़ा पूरा खुल गया और कुत्ते की तरह लार टपकने लगा......
जब सारू ने अनीता को जनम दिया, उसको पाकर आर्यन और उसकी तीनो जुड़वाँ बहेनो ने उसको नाम अणि रख दिया..... दिन महीने में बदले महीना साल में और देखते देखते अणि 19 साल की हो गयी.
आर्यन जब अणि के पास या अणि उसके पास जाती थी चूतियों में दोनों bhai-bhen मीणा और नेहा के साथ ज्यादा वक्त बिताते. अणि सब को अपनी शैतानी से परेशां करती थी सबसे ज्यादा आर्यन को पर वह हमेशा उसकी सब हरकतों को इग्नोर कर देता बस अपनी भें छुम बेटी के लिए उसके मैं में सिर्फ प्यार hi प्यार था.
आज वह बाथरूम में पूरी निर्वस्त्र गीली बालों में किसी अप्सरा सी कड़ी थी किसी मॉडल की तरह एक साइड का कुल्हा उचका के पोज़ देती हुयी..... उसका सेक्सी फिगर 34-26-34 इंच उसको एक दम परफेक्ट बना रहे थे...... जैसे एक एक आंग उसका किसी शिल्पकार ने बना हो. आर्यन िश दृश्य को अपने नैनों में बासा के मुँह खोले इकचित बिन पालक झपकाए देखने में मगन था. उसको यह भी याद नहीं रहा की कैसे वह अपनी छोटी भें के हुस्न में गिरफतार उसको एक मर्द की तरह से देखने लग गया. उसके पास शब्दों का जैसे ाकल पद गया हो पर मैं में तारीफ के पल बांधने लगा.
अणि हस्की वौइस् में ," भाई तेरी अणि अब जवान हो गयी है और मेरी भी इच्छा है कोई मुझे एक मर्द की नज़र से देखे..... मर्द तोह मुझे मिल गया है तेरे रूप में पर इच्छाओ का क्या?"
आर्यन अभी भी बिन पालक झपकाए देखे जा रहा था ...... अणि उसके पास आकर उसको हिलाई " मुँह बांध कर लो वर्ण मक्खी घुस जाएगी "..... hi hi hi hi ..... "मैं कब से बोले जा रही हूँ ".
आर्यन हड़बड़ाकर," हाँ !!! ..... में!!! ..... ठीक हूँ !!!!! ..... मेरी हिम्मत नहीं हो रही है तुझे टच करने की "..... उसके मुँह से लार टपक गयी.
अणि ने आर्यन का हाथ पकड़ और अपने लेफ्ट चूची पे रखा..... " में माँ की नहीं बानी हूँ जोह छु कर बिखर जाउंगी..... आज कोई बहोत खुश है मुँह में लार और यह भी लार टपका रहा है" ....... उसने कश्मीरी सेब जैसे लाल उसके लिंग मुंड पे दो उंगलियां फेर के दिखा दी यानि आर्यन का pre-come टपक रहा था...... अणि ने खड़े तोपची का बचा pre-come अपने लेफ्ट से पूछा के एकत्रित किया और सूपड़ा के निचे लुंड को चिकना करना लगी आर्यन को चूमते हुए....
आर्यन भी उसके सॉफ्ट और कैसे बूब्स तो थम के पहले चरों तरफ सहलाने लगा...... अणि को अपनी जीभ भर निकल के उसकी जीभ से खेलने लगा. अपनी छोटी भें की इच्छा के आगे वह नतमस्तक होकर वह ुष हुस्न देवी का उपासक बन्न गया. अणि अपनी जीत पे अत्यंत प्रसन्न थी, आखिर इतना मुश्किल भी नहीं था...... ( वह मैं hi मैं सोच रही थी ).
आर्यन जरूर हार गया था अणि के सामने लेकिन वह दूसरी औरतें जोह उसको प्रेम करती थी उनको कभी भुला देगा यह आशम्भव था..... हाँ अणि की यह जीत जरूर क्षणिक थी पर बाकी सबको भूल जाए यह तोह आर्यन को गवरा नहीं होगा.
जब पहले बार अणि की लेफ्ट चूची के गुलाबी निप्पल एक ऊँगली से टच करके रब किया..... तोह अणि के सरीर में बिजली सी दौड़ गयी ..... "अह्ह्ह्हह सीईई भईई "..... छोटे मटर के दाने जैसा पिंक निप्पल में और खून भरने लगा जिससे उसका रेड टिंच हो गया..... आर्यन ने दुसरे निप्पल के साथ भी यह किया..... "भैई क्या कर रहा है siiiiiiiiiii ".....
आर्यन लेफ्ट हलके पिंक कलर वाले अरेओला के चरों तरफ अपनी जीभ से चाटने लगा और थूक से गीला कर दिया..... " देखती जा..... मुझे मत रोक ".....
फिर अणि की तरफ देखते हुए अपनी जीभ निप्पल से टच करके गीला किया और झट से अपने मुँह में भर लिया. ..... " होलियीय मरययययय ...... माय गॉडडडडड ...... Siiiiiiiiiii भईईई..... आईसीईए हीईई ..... ".
दूध तोह नहीं निकला पर आर्यन दुसरे निप्पल यानी राइट निप्पल पे हमला कर दिया..... अणि को इतना माजा कभी नहीं आया था, जैसे उसकी चूचियों सिर्फ आर्यन के लिए hi थी..... इन्हे पर मेरे भाई का एक मात्र अधिकार है..... " ओह्ह्ह्हह भईईई पी जा ..... सूचक माय निप्पल्स siiiiiiiiii .... निबल माय निप्पल्स अह्हह्ह्ह्ह...."
आर्यन को वह मिल गया जोह उसकी सबसे बड़ी कमजोरी थी..... अणि की चूचियां अपनी मम्मी सारू के जितनी बड़ी नहीं थी न उन्ह में दूध भरा था जोह सारू अपने बेटे को सुबह सुबह पिलाती थी......
लेकिन.... लेकिन.... जरा थेरो वह दुनिया की सबसे सुन्दर और सेक्सी लड़की की चूचियां थी एक डैम फेयर एंड मोस्ट परफेक्ट...... आर्यन सबसे भाग्यशाली था जोह अणि की चूचियों को बरी बरी से दबा दबा के बदल बदल के चूस और चाट रहा था...... लपररररर सलरपपपप सलरपपपप..... ुंहःहःहः ुंहःहःहः ...... पुछहःहःहः पुछठ..... चुम्म्म्म ुंहःहःहः.....
अणि उसका प्रचंड लुंड दोनों हाथों में लेकर मुठियाँ का प्रयास कर रही थी...... उसकी योनि भी लगातार आसूं बहा रही थी जब जब आर्यन के लिंगमुण्ड पे रगड़ती थी..... दोनों bhai-bhen शावर के निचे अपने जनांगों से एक दुसरे को खेलने दे रहे थे.....
अणि छाती थी की उसका भाई उसकी योनि रास को टास्ते करे पर वह जालिम तोह उसकी चूचियां को नहीं छोड़ रहा था जैसे वह उनके पीछे पड़ा था...... बहोत टाइम हो गया थे तब अणि ने आर्यन को मुँह हटा के उसको डीपली किश करके बोली ," भाई मेरे ब्रैस्ट में पैन हो रहा है..... कितना चूस लिया है तू ने..... अह्ह्ह्ह ..... पूरी पूरी लाल हो गयी हैं..... अब आगे बढे".
आर्यन अपने सर के बालों को झटके के अणि के मुँह पे छिड़का उसकी नाक से नाक लग के शावर ऑफ करके बोलै ," तुझे नया मजा देता हूँ..... माय स्वीट प्रिंसेस " ...... और झुक के अणि को उठा के एक दुसरे के इनवर्स ( उलटी ) पोजीशन में उसकी कमर पकड़ के घुटनों के बाल बेथ गया.....
अणि चौंक कर बोली ," ाररीी..... भाई गिरा मत देना "..... जब पूरी पोजीशन समझी तोह आर्यन का लुंड दोनों हाथों में थाम ली ......
आर्यन ," में तेरा स्वीट जूस पीना चाहता हूँ..... क्या मुझे इजाजत है ? "...... इतना बोल कर आर्यन उसकी दोनों जांघों को किश करके उसकी योनि की स्मेल लेने लगा कुत्ते की तरह.....
अणि की शर्म तोह उसको भाई ने दूर कर दी थी उसको विश्वास में लेकर अब वह भी अपने मैं पसंद खिलोने से खेल को बेताब थी..... उसने सबसे पहले लाल कश्मीरी सेब जैसे उसके टोपे को चूमा.... पुछहःहःहः..... उसका टोपे का टेस्ट अच्छा लगा फिर चाटने के लिए अपनी जीभ फिरा दी..... "सलरपपपप..... हुम्म्म नॉट बाद...... "
अणि अपनी दोनों टांगों की कच्ची बना के आर्यन के गर्दन पे फस ली और उसकी योनि अपने बड़े भाई की सीढ़ी नज़र में आ गयी..... आर्यन उसके हिप्स को एक हाथ से पकड़ लिया और उत्तेजित होते बोलै ,"अद्वितीय है तेरी योनि..... मैंने आज तक ऐसी योनि नहीं देखि..... यह एक शंखाकार योनि है जोह मैंने एक प्राचीन कामसूत्र पुस्तक में देखि थी ".
अणि के बाल बाथरूम के फर्श को टच कर रहे थे..... उसको इतना सुन्दर प्रचंड लुंड को सँभालने में परेशानी हो रही थी..... कभी लुंड को किश करती, कभी pre-come को चाटने की कोशिश करने लगी लिंगमुण्ड से अपनी जीभ से..... आर्यन उसकी मनसा समझते हुए एक बार उसकी लाली (योनि) को सीधे चुम दिया..... " अह्ह्ह्हह ारयणणणणण ...... siiiiiiiiiii मेरे भईईई..... ी लव ोूउउ "
वह शावर और बाथटब के बिच के स्पेस में झुक कर अपनी पीठ बाथरूम के फर्श पे सिद्धि लेत गया बाथटब का सहारा लेकर..... अणि भी अपने को एडजस्ट करती उसके ऊपर सवार हो गयी..... अपने गीले बालों सर के पीछे झटक के लिंगमुण्ड पे चूमा दी ," पुछहःछः....... हाँ यह पोजीशन ठीक है आर्यन ".....
आर्यन उसकी जाँघों के बिच छिपी योनि को स्पष्ट करते हुए बोलै," भूल मत जाना की में तेरा बड़ा भाई भी हूँ..... बस तेरी ख़ुशी के लिए में यह सब कर रहा हूँ...... तू मुझे नाम से पुकार के अपराध का बोध करवा रही है ".
" सीईईई...... अह्हह्ह्ह्ह ...... मैंने तुझे आर्यन पुकारा यानि तुझे अपना बॉयफ्रेंड मानने लगी हूँ..... हूँ ham-umar हैं तोह tu-takad चलता है..... मुझे में अभी भी इतनी शर्म है की जब संवाद करती हूँ आपको दिल से अपना मानती हूँ"...... अणि यह बोलते हुए आर्यन के लुंड को एक हाथ से ऊपर निच्चे करने लगी और दूसरे से उसके बड़े ांडों का वजन टोल कर उनको एक हाथ में लेने की कोशिश कर रही थी.....
आर्यन भी जानता था की अणि अपनी साख और घमंड तक पे रख के मौखिक आनंद का आदान प्रदान करने के लिए उसको खुद आमंत्रित की है...... यह सही समय है की वह अपनी मम्मी सारू के लिए फ्री एक्सेस कार्ड प् ले और अणि भी उसको नौ दे दे...... ( यानि सारू के लिए आर्यन खुला लाइसेंस मांगने जा रहा था )......
मतलब साफ़ था की सारू को यूँही वह छोड़ता रहेगा और अणि को कोई ऑब्जेक्शन नहीं होना चाहिए मगर अणि की योनि उसको ज्यादा hi पसंद आ गयी थी वह भले उसको चोदे न पर कभी कभी उसकी चूचियों पे अधिकारी और योनि रास की चाहत की सिर्फ अर्जी मांग रहा था......
सच्च में आर्यन बहोत बड़े वाला कमीना था यानि मादरचोद तोह वह था hi और भैंचोड़ का लाइसेंस अणि से मांग रहा था ...... कोई मुझे बतया की जब Dimple-Payal और डॉली को छोड़ो तब उसकी शराफत कहाँ गयी थी? बाकी बड़ी बहेनो ( बुआ, तै, चची की बेटियां) को भी छोड़ चूका था तब भी कोई सवाल नहीं किया...... लेकिन..... लेकिन ..... अब जब अणि की बारी आयी तोह वह उससे चाहता था की वह उसके सारे कॉन्ट्रैक्ट पे सिग्न करके उसको लीगल लाइसेंस दे दे...... वह भाई वह !!!!! ..... िश बात पे तोह ताली बजाना बनता है ?????
आर्यन से रहा नहीं गया और दोनों हाथों से अणि के गोर गोर माखन जैसे चूतड़ों को थोड़ा फैलाया..... अपना सर उठा के उसके रास बहती योनि को पहले चुम लिया ...... "siiiiiiiiiii "..... फिर अपनी जीभ निकल के योनि रास रूप अमृत पीने लगा......." अह्ह्ह्हह भईईई ह्म्मम्म्म्म .... माय गॉडडडड ..... ी लव ित्ततत्तत...... आईसीईए हीईई.... "
आर्यन ने एक हाथ अणि के सर के पीछे लगा के उसको अपने लुंड की सेवा करने के आमंत्रित किया..... वह भी बगैर कोई लगा लपेट के लिंगमुण्ड को चाटने लगी सलरपपपप .... सलरपपपप..... ुंहःहःहः.....
आर्यन ने उसके सर पे और दबाव बनाया तोह अपना पूरा मुख खोल कर 1/3 विशाल लुंड अपने गरम मुँह ले ली...... आर्यन की आँखें बांध होने लगी और दिमाग़ में मदहोशी छाने लगी...... वह और शिद्दत से अपनी जीभ व् मुँह योनि से सत्ता के चाटने लगा...... अणि भी दोनों हाथों की मुट्ठियां बन के आर्यन का दोनों ांडों का दूहन करती फिर मुँह से इतना लुंड निकली जिससे की टोपे की चरों तरफ अपनी जीभ घुमा सके..... और फिर से पूरा मुँह खोल के अपने घांट तक आर्यन का विशाल लुंड आधे से ज्यादा अंदर अपने मुँह में ले ली...... थोड़े दांत पे गड़े लौड़े पे लेकिन आर्यन उड़नखटोले की सैर करते हुए मजे से अपनी फ्रेश गर्लफ्रेंड, अनीता सिंह, की योनि अपने हाथों की ऊँगली से योनि की पंखुड़ियों को फैला के गुलाबी कमल जैसी योनि कुंड से डायरेक्ट अमृत रूपी ..... yoni-ras पिने लगा जीभ लपलापते हुए..... सलरपपपप...... ुंहःहःहः ममममममम ममममममम.... सलरपपपप..... सलरपपपप...... ममममममम ममममममम ममममममम......
अणि के अंदर जैसे माता आ गयी हो वह पागल की तरह आर्यन की दो तटों निचोड़ निचोड़ के अपना सर ऊपर निचे करते हुए प्रचंड लुंड धरी को अपना गुलाम बनने लगी लौड़े को चूसते चाट ते हुए ......mmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm सलरररररररपपप mmmmmmmmmmmmm सलूररररप्प mmmmmmmmmmmmmm .... खुद को गैग करती लौड़ा मुँह में लेकर ggggggggggggoooooooo गग्गूऊऊऊ गगगगुओ गगगगगगुओ गाआआआ गायआ गायआ गऊओऊ..... गाआआआआ गाआआ gooooooooooo goooooooooo''......
आर्यन भी अणि की चिकने चूतड़ों को अपनी एक हाथ से बारी बारी से मसल रहा था..... लेकिन योनि की केयर करते हुए प्यार से उसकी सेवा कर रहा था..... दोनों काम सख्ती का रूप थे ( क्यों किस पे भरी था यह आपके विवेक ले छोड़ता हूँ).
टाइम क्या हुआ था उसको याद नहीं था पर 3 बार आर्यन झाड़ चूका था और अनगिनत बार अणि अपना चरम सुख पा ली थी...... अणि को थोड़ी थकान होने लगी तब आर्यन ने उसको शावर ों करके निचे खड़ा किया अपने साथ और दोनों bhai-bhen नही ने लगा .......
तू बे कॉन्टिनोएड.....
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( अनीता सिंह)
आर्यन ने अपनी आँखें खोली तोह देखा की अणि वाइट डिज़ाइनर उन्देर्गर्मेन्ट्स में अपने उसके ऊपर लेती थी....... सारे जहाँ की खुशियां जैसे िश पल में समां गयी हो, मॉडर्न अपसरा सी वह जैसे एक सफ़ेद गुलाब की खिली काली लग रही थी इन्हे bra-panty में और हुस्न की देवी जैसी उसकी मुस्कराहट चेहरे पे सजी थी.
आर्यन कभी उसको मन नहीं करता था जैसे वह जोह चाहे ड्रेस पहनती पर कभी टोका नहीं.... उसका 1/3रद बूब्स दिख रहे थे ब्रा में जब थोड़ा उठा के उससे पूछी. एक तोह अणि सुंदरता की मूर्त थी और उसका जलवा आर्यन को कमज़ोर कर रहा था..... उसने आँखें फिर से मुंड ली और घेरि सांस लेते हुए बोलै ," कुछ नहीं बेबी..... गीता मुझे से रूत गयी है..... वैसे तू यहाँ कब आयी, नेहा कहाँ है".
अणि अपने बड़े भाई पे पूरी तरह से छ गयी ,"गीता मौसी तोह कितनी सीढ़ी हैं, मुझे लगा की आप को मेरी कंपनी की जरुरत होगी इशलिये आ गयी..... नेहा तोह डॉली के साथ चल गयी उनको दीप्ति भाभी ने बुला है ".
आर्यन ने अपनी छोटी भें का सर चूमा और उसके बालों पे हाथ फेरते हुए बोलै ," चल हम दोनों रेस्ट करते हैं, फंक्शन तोह साम के होगा"...... अणि को अपनी आगोश में छिपा लिए.
अणि अचानक से पूछी ," भाई तू मुझे कितना प्यार करता है ?"
आर्यन अपने (मैं में) 'जितना िश संसार में न समय उससे ज्यादा'..... कहने लगा " सबसे ज्यादा!!! तू यह क्यों पूछी रही है? बस अब मुझे आज़माना बांध कर..... तू तोह मेरी खुशियों की चाभी है..... और कुछ पूछना है".
उसके सीधे गाल को चाट लिया तोह अणि हसने लगी और सीधी होकर उसके खड़े लुंड पे अपने कूल्हों का वजन दाल के शिकायत करने लगी ," भाई गीली किसी न किया कर..... मुझे अच्छा नहीं लगता"...... उसकी पतली कमर के निचे उसकी वाइट पंतय उसकी सेक्सी मॉडल वाली फिगर की चुगली कर रही थी.
आर्यन उसके चिकनी दूध जैसी सफ़ेद कमर को दोनों हाथों से पकड़ा और पुछा ," बात कुछ और है.... तू मुझसे कुछ छुपा रही है. बोल दे हमरे सिवाय यहाँ कोई नहीं है ".
अणि, आर्यन के थूक से साणे अपने गाल को अपनी उतेरी स्लिप से साफ़ करती हुयी बोली ," बात यह है..... मम्मी मुझसे जलती हैं की आप मुझसे ज्यादा प्यार करते हो, यहाँ तक की नानी जी भी..... भाई हम तोह एक hi यूनिट हैं आप को पता नहीं है आपकी साड़ी बीवियां भी मुझे पसंद नहीं करती..... आपके सिवा मेरा कोई नहीं है "...... खुद फिर से उसके ऊपर लेत के उसको जकड ली जैसे उसको बहोत दर लगा हो.
अणि इमोशनल कार्ड खेल रही थी और आर्यन उसमे फसने लगा था..... वह आर्यन की कमजोरी का फायदा उठा रही थी. गीता का मूड अणि ने hi चेंज किया था और अब आर्यन को सेंटी कर रही थी..... वह अच्छी तरह से जानती थी की वह अपने भाई के लिए कितनी इम्पोर्टेंस रखती है.
उसने अणि को अपनी बाँहों में ले लिया ," तुझसे जलेगी तोह खुद को hi नुकसान देंगी..... माँ भी तुझे बहोत प्यार करती है...... मेरी बीवियां भी जानती हैं की में तुझसे कितना प्यार करता हूँ..... don't वोर्री में उनको संभल लूंगा. एक बात धयान रख की मम्मी और में इवन नानाजी भी तुझसे बहोत प्यार करते हैं तू हमारे खानदान की इकलौती चिराग है और में तेरा बड़ा भाई काम बॉडीगार्ड हूँ..... हम बस तेरी केयर ज्यादा करते हैं इशलिये तुझे कभी कभी दांत देते हैं..... जहाँ तक मम्मी की बात है वह तुझसे एक मं. भी दूर नहीं रह सकती चाहे उनको मुझे दूर करना पड़े...... नाउ यू अंडरस्टैंड माय स्वीट कुटी पाई"...... उसके माते को चूम के आर्यन उसकी पीठ थप थापने लगा.....
अणि इनोसेंट बनकर अपनी मीठी जुबान में बम फोड़ दी ," पर भाई मम्मी बोल रही थी की आप से शादी करेगी और मुझे आपको डैडी बुलाना पड़ेगा..... भाई वह मुझे चैलेंज की है की राज सिंह अब से तेरे डैडी नहीं है, उनको डैडी मत बोलना..... अब से तेरा नई डैडी आर्यन है यह अच्छी तरह समझ ले ".
सारू के ऊपर सारे इलज़ाम लग दी थी और आर्यन भी खामोश हो गया था उसको भी समझ नहीं आया की वह क्या जवाब दे.... सारू और आर्यन जिस रहा पे चलने लगे थे अणि खूब अच्छे से जानती थी. भाई मम्मी को अलग नहीं करेगा लेकिन मुझे मौका जरूर दे सकता है. अणि अपने पिछवाड़े को थोड़ा ऊपर उठायी और आर्यन के अकड़े उसके तोपची (लुंड) को अंडरवियर के ऊपर से छु ने लगी. आर्यन उसकी तरफ देखा तोह निचले लिप्स को दांत टेल दाब के वह इनोसेंट बनने का ड्रामा कर रही थी. उसका पता था की तीर सही निशाने पे लगा है और भाई भी कुछ नहीं बोलेगा.
साइड होकर उसके लुंड को लम्भी से सेहला दी और आर्यन के लिप्स को किश करके बोली," सॉरी भाई मैंने टच कर लिया..... वैसे इतना हूजे पेनिस में आज तक नहीं देख"...... वह आर्यन के जज्बात से खेल रही थी उसको भी पता था यह सही समय है उसके लिए जब रति और सारू आर्यन से दूर हैं..... गीता का गुस्सा भड़क के वह पहले hi उसको दूर कर दी थी.
अणि जानती थी की महारानी विजयलक्ष्मी का आर्यन बहोत सामान करता है, उसको अणि के वास्तविक रूप में अपने बड़े भाई के दिल में एंट्री मिले में आसानी होगी. तीन सबसे प्रिये जोह थी आर्यन की वह दूर हैं अभी...... मुझे भाई को संभालना होगा और में उसके साथ मजबूती से कड़ी रहूंगी.
आर्यन अपनी एक एएब्रो ऊपर करके उसको इशारे से पुछा की उसने यह क्यों किया? अपने शोल्डर उचका के एक्सप्रेशन दी अवियन ..... आर्यन के लिए अणि उसकी bhen-beti-bacchi सब थी पर कल से वह ऐसी हरकत कर रही थी की जिसको वह भी समझने का प्रयास करते हुए इग्नोर कर रहा था लेकिन अणि को इग्नोर करना इतना आसान नहीं था...... आर्यन अपनी भें को पहली बार काम की वशीभूत होकर एक जवान लड़की की दृष्टि से देखने की चेष्टा कर रहा था..... इसलिए वह तय नहीं कर पा रहा था की उसको कहाँ अणि को रोकने है.
(( *कोई उन्ह दोनों के बिच में आने की चेष्टा नहीं करेगी, पातळ लोक की चरों रानियों को अणि ने अपनी पावर से फ्रीज़ कर दिया था..... यानि एक तरह से बंधी बना लिया था. प्रभा जानबूझ कर अणि को नहीं रोकी और सबको सन्देश पहुंचा दिया की 'अणि का हक़ सबसे ज्यादा है अपने भाई आर्यन पे वह किसी को क्षति नहीं पहुंचा गई..... बस मूर्छित की है'.))
अणि," यू क्नोव न ी लव यू मोस्ट इन थी एंटीरे यूनिवर्स ..... मेरी एक विश पूरी कर दो न "..... ुंहःहःहःमा ..... आर्यन के सीधे गाल पे चाट के थूक से गीला कर दी.... ही ही ही ही ही .......
आर्यन भी हसना लगा," मेरे थूक से तुझे प्रॉब्लम होती है फिर तू शिकायत करती है गीली किसी न किया करो..... अब क्यों गीला कर रहा है?"
अणि भी पूरे मूड बन के आयी थी उसने आर्यन के उलटे गाल पे भी चाट लिए..... " मेरा भाई इतना सोना और क्यूट है तोह क्यों न उसको प्यार karun.....hi hi hi hi ...... भाई कोई नॉटी नॉटी हो रहा है ( आँख मार दी)..... ( 5 सेक् में फिर इनोसेंट बनकर) क्या में उसको टच कर सकती हूँ विथ योर परमिशन ".
अणि ने अब एक इनविजिबल शैलद लगा दी थी आर्यन और अपने पे..... धरती और आस्मां की पावर इस्तेमाल करके जोह पातळ लोक की महारानी ( विशाखा) थी वह भी अणि की शैलद नहीं भेद सकती थी. समय रुक सा गया था अणि का हुस्न का जादू चल गया था आर्यन पर और उसके 'तोपची' पर भी.....
आर्यन इधर उधर देखकर कर अपना थूक जातक के धीरे स्वर में बोलै", कोई आ न जाये..... बससससस एक बार जल्दी से टच कर ले "...... उसकी जुबान लड़खड़ाने लगी थी सेन्टेन्स पूरा करने में....
अणि के चेहरा पे विजयी मुस्कान आ गयी प्यार से आर्यन के बालों में हाथ फेरते बोली ," कोई नहीं आएगा भाई बस मेरा विश्वास करो"..... उसके लिप्स पे एक चुम्बन जड़ के उसके ऊपर सीधे बेथ के अपनी शील्ड और समय डिजिटल क्लॉक से उसको विज़िबल करवा दी. क्लॉक में 4:00 पं का समय रुक गया था और सीक्रेट रूम में शील्ड ब्लू और सुनहरी रंग का गोल आकर लिए विज़िबल हो रही थी.
आर्यन भी थोड़ा उठकर अपनी कोहनी के बल बेथ गया ," वाओ !!! पहले मेरा एक काम करना होगा..... लेकिन यह समय को कैसे रोक सकते हैं, मुझे भी सीखा दे ".
अणि झट से बोली ," दादी जी और जाने हॉल को लाना है आप से मिलाने यहाँ गोअन की हवेली में..... हो जायेगा और कुछ?".
आर्यन अपनी छोटी भें के नाक पे किश किया ," बहोत खुश..... पर समय कैसे कण्ट्रोल करें ?"
अणि ," बर्थडे वाले दिन आप को सीखा डोंगी..... अब मेरा गिफ्ट".... hi hi hi hi ..... पालक झपक के शैलद और समय अदृश कर दिया.
(( आर्यन को नहीं बताई की वह खुद hi समय निर्धारण कर सकता है या एक अयं से दुसरे अयं में कैसे जा सकता है..... मीणा जब उसको दिव्या लोक लेकर जायेगी खुद पता चल जायेगा. अभी तोह आर्यन hi अणि का मैं फोकस पॉइंट था ))
आर्यन भी अपना बनियान उतर के सीधा लेत गया ," यह गेम नहीं है बेबी, बस में तुझे रोक नहीं सकता..... बस एक बार"..... घेरि सांस लेकर उसने अपनी आँखें बांध कर ली.....
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फार्महाउस......
रतिदेवी के फार्महाउस में राजकुमारी दीप्ति सिंह की इंगेजमेंट सेरेमनी की तैयारी जोर शोर से चल रही थी. ज्यादातर गाओं वाले सीधे फार्महाउस आ गए थे महापंचायत के सगाई समारोह के बाद.
फार्महाउस की बिल्डिंग और चारदीवारी के आस पास साड़ी जमीन रति देवी की थी जोह लगभग 4500 बीघा के आस पास थी. गाओं की लगभग 90% जमीन लेट चौदर्य माधव सिंह और उनके कुनबे की थी. इसी बड़े चक में फार्महाउस था वह सबसे बड़ा था एरिया वाइज. महापंचायत के 40 गावों में रति का गाओं सबसे विकसित और आबादी भी सबसे ज्यादा थी लगभग 5000 वोट थे इसी गाओं में. रति देवी की टूटी बोलती थी िश ज़िले में और आस पास के 4-5 ज़िले में भी वह सबसे ऊँची हस्ती थी.
रति ने यह बादशाहत अपने बिज़नेस बढ़कर के कायम की थी जिसमे डॉ अंजू का बहोत बड़ा रोले था, दोनों भें जहाँ आर्यन के लिए जमीं तैयार कर रही थी वहीँ देश विदेश में अपना कारोबार और प्रॉपर्टी भी बढ़ा रही थी. एक समय ऐसा भी आया दोनों की आँखों का तारा आर्यन उनसे दूर अमेरिका भेज दिया गया. 2 साल यह वक्त सबसे बुरा था तीनो खानदान के लिए. डॉ अंजू को मौत के कगार पे पहुँच hi गयी थी अगर आर्यन सही समय पे उसको न बचा पता.
आर्यन का वापसी सबकी ज़िंदगी बदल देने वाला सुख का पैगाम लेकर आयी..... जितनी खुशियां रति का परिवार समेत रहा था उससे ज्यादा राजा त्रिभुवन सिंह का परिवार हर्षित था..... राजकुमारी दीप्ति के ऊपर से सराप मिट गया था और उसको मनपसंद राजकुमार मिल गया था. महारानी मृदुला 21 साल के बाद चेतना की अवस्था में रहने के उपरांत दीप्ति की इंगेजमेंट आर्यन से करवा रही थी. राजा त्रिभुवन सिंह की ज़िन्दगी में भी ख़ुशी आने वाली थी उसकी दोनों पत्नियां गर्भवती हो गयी थी आर्यन से.( जोह 4 हफ्ते बाद पता चलता है)
राजा जबर सिंह भी अपनी तीनो रानियों के साथ फार्महाउस आज सुबह आ गए थे..... जहाँ राजा जबर सिंह अपने साथियों के शिकार और साथ मदिरा पैन करने पीली कोठी में डेरा जमा रखे थे वहीँ उनकी 3 रानियां..... कावेरी, जवाला और पुष्प अपने मिलान की दूसरी दोसे आर्यन से लेने को बेताब थी. आर्यन ने उनको वडा किया था," में भी आप तीनो के लिए तड़प रहा हूँ जब भी मौका मिलेंगे में आपकी सेवा में हाजिर हो जाऊंगा"..... तीनो जैसे बावली हो गयी थी आर्यन के लिए और मीणा के कांटेक्ट में थी..... मीणा ने उनको बतया दिया था की कल सुबह 4 बजे रेडी रहना.
पुष्प ने मीणा से विनीत की कुछ टाइम निकल लेना हम आर्यन को थोड़ी दिएर के लिए अकेले में बात करना चाहते हैं..... मीणा के पास वेटिंग लिस्ट काफी बड़ी थी और सबको एडजस्ट करना उसको मुश्किल हो रहा था..... उसकी अपनी सगी माँ और भेने भी जिद कर रही थी आर्यन से अकेले में भेंट करने की..... आर्यन था अपनी मर्जी का मालिक वह किसको सूंग ले और किसको चुन ले यह भी दिक्कत थी.
लेकिन अणि ुष लिस्ट में नहीं थी पर वह अपना हक़ सबसे ज्यादा समझती थी आर्यन पे...... मीणा की लिस्ट डॉली भी देख रही थी उसके रूम में वह सब पे बारी बारी कमैंट्स करना न चुकती थी बस उसको अपनी बारी का इंतज़ार था, आर्यन ने उसको कान में बता दिया था की जब कॉल करूँ आ जाना.
डॉ. अंजू और रति एक बार फार्महाउस की पार्टी का जायजा लेने खुद आयी..... मोना और बिना ने बहोत म्हणत की टी और पार्टी का थीम भी प्रिंसेस राखी थी.... दोनों सबका हाथ जोड़कर स्वागत करके अपने ऑफिस में आकर बेथ गयी.
अभी 3:30 बजे थे रति ," गीता की सगाई आराम से निपट गयी बस राजपूत समाज ने रोड़ा अटकाया था पर आर्यन ने अच्छा सबक सिखाया..... गुस्सा तोह मुझे बहोत आ रहा था, एक मं. में सारों को जेल की हवा खिला देती..... लेकिन आर्यन से में बहोत खुश हूँ की वह बापू की तरह अपनी जिम्मेदारी समझने लगा है. दीप्ति का फंक्शन बस शांति से कम्पलीट हो जाये तोह मैं गंगा नाहा लूँ ".
डॉ अंजू पानी की बोतल से पानी पी कर रति के सामने बैठी थी, वह बोली ," दीदी मुझे लगा की आप महारानी मिरदुला को भी इश्क क्रेडिट देंगी.... वह सच्च में असली महारानी है मुझे अब यकीं हो गया है की वह इतनी तेज तार हैं और वही आग है उनमें जोह में सुना था आप क्या कहती हो ?"
रति मैं hi मैं मृदुला को कोष रही थी..... अंजू ने अपने बड़ी भें की तरफ देखा तोह हसने लगी.... " आर्यन की किस्मत माननी पड़ेगी, एक आप हो जिसको वह माँ कहता है और दूसरी तरफ मिरदुला जी को मैया"..... hi hi hi hi..... "पक्का उनको ऊपर भी हाथ फिरा दिया होगा मैया!! मैया!! कहते हुए आखिर अभी भी वह जवान hi लगती हैं..... में उसका चेकउप किया था जब उनको आर्यन बचा के लाया था".
अब रति के कान खड़े हो गए वह डॉ. अंजू को पूरी डिटेल में बाटने को बोली. डॉ अंजू अपनी बड़ी भें से कुछ नहीं छुपाती थी उसने सब राज खोले दिए..... "कैसे मृदुला एक जवान बीमार लड़की की तरह उनके सामने आयी और आर्यन ने बता की उसने एक जड़ी बूटी उनको खिलाई कुछ hi घंटों में वह पूरी तरह से बदल गयी..... आर्यन मुझे आधी अधूरी बात बता रहा था पर में एक डॉक्टर हूँ वह मुझसे छुपा लिया लेकिन सारू ने बाद में सब बात दिया "...... रति सब जानकार सोचने लगी की मृदुला पिछले जनम में आर्यन की माँ थी यानि काम से काम वह एहि बात मंटा है.
टेबल पे हथेली पटक के रति बोली," तोह यह दीप्ति की माँ होने के बावजूद मेरे बेटे को हड़पने चाहती है..... उसको पुनर जमन की जूठी कहानी सुनकर. एक बात अंजू तू उसको समझा दे की यहाँ उसकी कोई दाल नहीं गलने वाली. सारू को में समझा लुंगी तू उसको वार्निंग दे मेरे आर्यन से दूर रहा "...... रति ने घिरना से यह बात बोली.
डॉ अंजू पहले मुस्करा रही थी जब लगा मामला सीरियस हो गया है तोह बोली ," के दीदी यह इतनी बड़ी बात नहीं है.... आपका बीटा यानि आर्यन सबको अपनी माँ समझता है पर असलियत में सिर्फ माँ आपको hi बोलता है..... ऐसा इसीलिए करता है की उसको ुष औरत का दूध पीना होता है या उनकी सुखी चूचियों को भी नहीं छोड़ता जब दिख जाये..... आप कहाँ तक रोको गई, मिरदुला जी भी बस उसकी ऐसी hi माँ है. सारू को देखो वह आर्यन से सबसे ज्यादा प्यार करती है, अब तोह सबसे ज्यादा आर्यन उसकी hi बाँहों में समय बीतता है राज सिंह से अलग होने के बाद. आप को कोई प्रॉब्लम है क्या सारू और आर्यन के सम्बन्ध से नहीं न तोह जब तक सारू उसके साथ रहेगी कोई आर्यन पे अपना दवा नहीं कर पायेगी. मृदुला जी को अपने घर जाना होगा हमेशा के लिए तोह आर्यन के साथ नहीं रह सकती..... आप बेफिक्र रहो, हाँ हाथ जरूर लगेंगे उनको या लगा भी चूका होगा यह तोह आर्यन hi जाने "..... वह रति को तैसे कर रही थी.
रति अपनी मुंडी हिला कर ," न ... न ..... तू भूल रही है की वह उसके दिमाग़ में यह बात भर रही है की वह उसके पिछले जनम की माँ है..... माँ माय फुट !!!! आर्यन की एक hi माँ है उसका नाम रति देवी है..... तू बस उसको हूल देने मेरे बीटा से दूर रहे..... में सारू को सबसे अच्छी तरह जानती हूँ, वह बिचारि भी क्या कारे..... उसको पति hi ऐसा मिला. अब आर्यन की वजह से खुश है, यह रहा तोह मैंने hi चुनी थी पर सोचा न था की वह हम सबका मुक़द्दर बन जाएगी..... फिर इसके अलावा चारा भी क्या था "..... अपने पेट पे हाथ फिरा के बोली," आर्यन हम सबसे बहोत प्यार करता है और हम उससे..... मुझे बस मृदुला और अणि से दिक्कत है ".
डॉ अंजू अपने मैं में ' दीदी तेरे को सबसे दिक्कत है पर मांगेगी नहीं ' ...... वह अपना मत रखे ," में समझा दूंगी मृदुला जी को वैसे भी इंगेजमेंट के बाद वह चली जाएँगी और अणि की लिए आप को डाउट है क्या ?"
रति अपने पेट पे हाथ फिरते हुयी बोली," मुझे तोह सब पे डाउट होता है जबसे आर्यन को पहली बार नेकेड देखा था, मीणा और माजी (आर्यन की दादी) भी वहां थी. मीणा सबसे ज्यादा क्लोज हैं आर्यन के और मैंने उसको अपनी इच्छा जाहिर की थी, वह स्टोरी तू भी जानती है. मुझे उसके बाद गिलटी क्योंसकिएन्स फील हो रहा था बस माँ जी को भी तरय करने को बोली..... फिर क्या हुआ तू सब जानती है. मृदुला और अणि अभी कोई इंट्रेस्ट नहीं दिखा रही हैं पर तब क्या होगा जब...... अगर मान ले मिरदुला को में एक बार इग्नोर भी कर सकती हूँ पर अणि की चाप आर्यन के मैं में बहोत घेरि है यानि वह उसको एक देवी का अवतार समझता है यानि तू सोच रही है न में क्या कह रही हूँ".
डॉ अंजू अपना सर हिल के पूछी ," आप का कुछ नहीं हो सकता..... अणि को में भी एक एंजेल या देवी मानती हूँ और वह भी आर्यन से काम नहीं है. लेकिन अगर आर्यन उसको चूना चाहेगा तोह सिर्फ अणि की मर्जी होगी वार्ना कभी सफल नहीं होगा. अनीता सिंह (अणि) वह लड़की है जोह एक बार जनम लेती है, उसके कारनामे सबकी जुबान पे रहते है आज कल..... आपको जलन होगी पर मुझे लगता है मीणा इतनी काबिल नहीं है जितनी अणि है...... आर्यन तोह लगता है अपनी गोपियों के साथ हमेशा गाओं या दिल्ली में रहना चाहता है लेकिन अणि जितने के लिए बानी है, वह आप की सही उत्तराधिकारी बन सकती है ".
रति देवी एक डैम से कुर्सी से कड़ी हो गयी ," आर्यन मेरा बाद मेरी गद्दी संभालेगा और वह क्या कर सकता है जोह िश संसार में कोई नहीं कर सकता यह भी मुझे मालूम है. मेरे रहते हुए तोह अणि मेरी सीट नहीं ले पायेगी "..... और इण्टरकॉम से मोना को बुलाई.....
डॉ अंजू अपने (मैं में) ," आर्यन खुद अपने हाथों से आप की सीट अणि को दे देगा मुझे तोह ऐसा hi लगता है "..... लेकिन वह भी रति से बहस नहीं करना चाहती थी..... दीदी नहीं मानेगी पर सच्च यह hi है.
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उधर हवेली में .......
गीता का दिमाग़ ब्लेंक हो गया था, वह किसी से बात नहीं की रही थी जब अपने रूम में आयी..... आर्यन ने उसके चूचियां जोरसे मसली थी और पिछवाड़े पे अभी तक उसके प्रचंड 'तोपची' की चुभन उसको बार बार याद आ रही थी...... उसको एक बात hi याद थी की दीप्ति से मिलना हैं, उससे पहले आर्यन के खिलाफ रिपोर्ट करनी हैं.
उसके रूम में हमेशा एक्स्ट्रा के रहती हमर की..... I-phone से देखकर पता चल की उसकी हमर बेसमेंट में पार्क है..... एक ब्लैक गॉगल्स और के लेकर वह बेसमेंट में गयी और अनलॉक करके हमर का गेट खोल के, गाड़ी का इंजन ों की अगर आर्यन उसके सामने आता तोह 12 की 12 गोली उसकी छाती में थोक देती.
आखिर उसकी आँखों में आंसू आ गए..... गॉगल्स लगा के एक घेरि सांस लेती हुयी गाड़ी फुल स्पीड में ड्राइव करती गाओं के सिक्योरिटी अफसर चौकी के लिए निकल गयी. इससे ज्यादा दुःख भगवन किसी को न दे की उसका होने वाला पति उसका बंग करना चाहता था. गाड़ी 80 से ज्यादा स्पीड में दौड़ रही थी गाओं के अंदर होते हुए वह सिक्योरिटी अफसर चौकी के बजाये फार्महाउस तक 6 मं में hi सफर तय कर ली.
कहाँ तोह वह सिक्योरिटी अफसर चौकी जाने के लिए निकली थी कहाँ वह फार्महाउस तक पहुँच गयी..... एंट्री पे भी लोग खड़े थे उसके बाद सिक्योरिटी गार्ड्स को पार करते हुए गाड़ी फुल स्पीड में फार्महाउस के ऑफिस के सामने त्येर की चीटीई की आवाज करते रुकी. सिक्योरिटी गार्ड्स और सिक्योरिटी अफसर वाले अलर्ट हो गए जब तक हमर को टारगेट करते....
उससे पहले चंडी देवी गेट खोल के निकली और इतनी तेज़ दरवाजा बंद किया धड़ककककक ..... हमर जैसी गाड़ी भी हिलने लगायी.
सिक्योरिटी अफसर वाले और गार्ड्स ने गन्स तेजी से निचे की और गीता को सलूट मारे ..... आखिर वह आर्यन की होने वाली बीवी थी यानि महापंचायत की होने वाली मालकिन थी...... अभी वह फार्महाउस ऑफिस की तरफ आगे भाड़ टी उससे पहले उसकी जुड़वा hum-shakal यानि राजकुमारी दीप्ति सिंह दौड़ के उसके पास आ गयी और उसको गले लग के ऑफिस के अंदर ले जाने लगी...... दीप्ति के गले लगते hi वह जैसे सब भूल गयी.
गार्ड्स और सिक्योरिटी अफसर वालों की हिम्मत नहीं हुयी दोनों से कोई क़ुएस्तिओन्स पूछे..... बात यह थी बार्रिकडेस तोड़कर और साड़ी सजावट नष्ट करके फार्महाउस में हमर घुस गयी. इतनी हेफ्टी गाड़ी जोह मिनी ट्रक hi लगती थी..... बस सुकर है की किसी को चोट नहीं लगी.
बिना भी ऑफिस के बहार आ गयी जब देखा की गीता है तोह उसने हाथ दिखा के सबको वेपन्स डाउन करने का इशारा किया..... बिना ने आर्यन को फ़ोन लगया तोह उसका नंबर बिजी आ रहा था ..... 2 मं बाद ऑफिस में गयी तोह दोनों को वहां न पाकर समझ गयी पक्का लक्ज़री सीक्रेट रूम में गयी होंगी.
सीक्रेट रूम में आकर गीता ने रट हुए दीप्ति को सब बता दिया यहाँ तक की आर्यन ने उसका बंग करने की कोशिश की...... दीप्ति ऐसे दिखाई की उसको विश्वास नहीं हो रहा है पर वह जानती थी ऐसा दुस्साहस क्यों कर सकता है सिर्फ अणि के अलावा लेकिन अभी वह अपनी बड़ी दीदी की फ़िक्र कर रही थी.
दीप्ति ने जग से एक गिलास में पानी भरके गीता को दिया और कहा ," आप पानी पीओ दीदी".....
गीता पानी पीकर बोली ," तुझे मेरी बात पे विश्वास नहीं हो रहा है न ?"
दीप्ति सर हिला के गीता के पास सोफे पे बेथ कर बोली ," आप पे मुझे अपने से ज्यादा विश्वास है और माहि पर भी..... कोई है जोह चाहता था की आप दोनों एक दुसरे से नाराज हो जायो और उसका फायदा वह उठे ".
गीता आश्चर्य से ," क्या ? किसको ? मगर वह क्यों चाहेगी?"
दीप्ति अपने रुमाल से गीता की आँखें साफ़ करके बोली ," वह बहोत शक्तिशाली है और हमको भी उससे डरना चाहिए".
गीता अपना सर झटक के ," में नहीं मानती..... अणि यह सब कर सकती है ".
दीप्ति उसका सीधा गाल चुम के ," मनो या न मनो यह आपकी मर्जी है वैसे भी वह महारानी विजयलक्ष्मी का एक रूप है...... उनका भी हक़ है माहि पर ".
गीता कुछ नहीं बोली जैसे दीप्ति ने भी एक्सपेक्ट किया था की अणि और सारू जी के बारे में दीदी कुछ नहीं बोलेगी..... गीता अपने संदल निकल के सोफे के ऊपर पेअर चढ़ा के दीप्ति की गॉड में लेट गयी ," में थोड़ा आराम कर लूँ तेरी गोद में".
दीप्ति मुस्करा के ," आप परमिशन क्यों मांग रही हैं..... आप बस आराम करो "...... गीता के बालों में ऊँगली फेरने लगी.....
बात यह थी गीता अपनी बड़ी दीदी, सारू, की बहोत मानती थी..... चाहे सब उसको कितनी भी जिद्दी, गुस्से वाली, बोले मगर सारू उसकी नजर में हमेशा सबसे बेस्ट दीदी थी वहीँ अणि तोह महारानी का रूप थी वह जोह करेंगी वही सही होगा आर्यन के लिए..... जब गीता चुप हो गयी तोह दीप्ति उससे ज्यादा समझदार थी. वह भी खामोश हो गयी.
असलियत यह थी की अणि सबकी नज़र बचा कर आर्यन को अपने वश में कर ली थी लेकिन गीता और दीप्ति बस हाथ मसलती रह गयी...... सब पहले उनको अधिकार था आर्यन पे आज की बात कर लेने तोह उनके लिए यह बहोत बड़ा दिन था यानि उसकी सगाई का दिन पर अणि के सामने वह दोनों क्या कर सकती थी...... वहीँ पातळ लोक की रानियां भी अणि के सामने लचर थी हाँ अगर पातळ लोक होता तोह जरूर अणि को सबक सिखाया देती.
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ओने यूनिट......
आर्यन को समझ में आ रहा था की यह सब गलत हो रहा है लेकिन वह भी अणि के सामने बेबस होकर रह गया..... शायद उसकी सगी छोटी भें यह चाहती थी की कोई उससे भी प्यार करे. जिस तरह उसने आर्यन को पहली बार किश किया था और दूसरी बार नेहा को शामिल किया था ुष प्राचीन महल में...... उसको पहले से समझ जाना चाहिए था की यह रह कितनी कठिन हैं...... एक तरफ उसकी साड़ी लवर्स और बीवियां है दूसरी तरफ अणि है जोह इतना चेंज हो गयी है की वह आर्यन को भाई समझ के आगे अपना प्यार दिखा रही है.
आँखें बांध कर वह इंतज़ार करने लगा पर अणि कुछ नहीं की बस उसको hi देखे जा रही थी उसके ऊपर सीढ़ी बेथ कर...... उसको लगा की अणि रुक क्यों गयी?
उसने आँखें खोली तोह अणि ुशी तरह उसके खड़े लुंड पे वजन दाल के बैठी है और रहस्यमयी मुस्कान उसके चेहरे पे सजी हुयी है.
एक तोह उसका लुंड अकड़कर उसको परेशां कर रहा था दूसरा उसकी भें इतनी पावरफुल है वह उसको मणिपुलटे किये उससे कुछ भी करवा सकती है...... हाँ वह एहि कर रही है पर आर्यन उसको रोकने में अपना पूरा समर्थ नहीं जूता पा रहा था.
अणि ," भाई तू बस रिलैक्स रहे कुछ मत सोच बस िश पल को एन्जॉय कर...... अपने दिमाग़ को खली करके बस मेरे बारे में सोच...... में कैसी लगती हूँ? तुम्हे मुझे में क्या अच्छा लगता है ? मेरे साथ रहे कर तुझे कितनी ख़ुशी मिलती है? क्या कोई मेरी जगह ले सकता है तेरे जीवन में ? "...... आर्यन बेचारा जैसे गंगा हो गया था एक तोह वह अपने हुस्न दिखा के क़यामत तक ले आयी थी दूसरा उसको रिलैक्स कहते हुए धीरे-2 से अपने चूतड़ को उसके विशाल लुंड पे आगे पीछे हिल भी रही थी जैसे किसी घोड़े की सवारी करना चाहती हो.
आर्यन एक घेरि सांस लेकर ," तेरा यह एन्जॉयमेंट मुझे और मेरी साड़ी लवर्स को किसी मुसीबत में न दाल दे...... रिलैक्स कैसे रहूं मेरे खड़े..... मतलब पोल पे तू गिटार बाजा रही है..... अणि बेबी यह बात किसी को पता चली तोह मेरी सहमत आ जाएगी वैसे भी मेरे से काफी लोग नाराज हैं ".
आर्यन एक्ससिटेड भी था और कहीं न कहीं डरा हुआ भी था..... अणि अपने दोनों हाथ आर्यन के सीने पे राखी ," भाई हम एक यूनिट हैं..... अगर तुमको पसंद नहीं है तोह में रुक जाती हूँ. आपकी ख़ुशी के लिए में अपनी जान दे सकती हूँ".
आर्यन ने उसके मुँह पे हाथ रख दिया," ऐसे बोलेगी तोह एक थप्पड़ लगूंगा "...... दुसरे हाथ से अणि को अपनी तरफ झुका के उसके गुलाबी होंठ को किश करने लगा..... चुम्म्म्म ुंहःहःहः.....
पहले दोनों हाथो में उसकी पतली और चिकनी कमर पे फेरते हुए उसको पकड़ लिया .... पलट के अपने निचे लेकर शिद्दत से उसके दोनों होंठ को बारी बारी से चूसने लगा ...... ुंहःहःहः ुंहःहःहः ममममममम ममममममम..... अणि भी अपने बड़े भाई की दीवानगी देखकर खुद को रोक न सकीय...... दोगुनी रफ़्तार से वह भी किश का जवाब किस्सेस से देने लगी...... मममममममम मममममममम मममममममम च्मममममम च्ममममम ममममम......
अपनी जीभ मुँह खोल के बहार निकली तोह आर्यन उसका स्वागत अपने लबों से चूस कर किया...... उम्मम्मम्म चममम उम्मम्मम्म...... चुस्स्सस्स उम्मम्मम''.......
अणि अपनी वेल टोंड लम्भी चिकनी टैंगो को आर्यन के जाँघों पे लपेट के अपनी पिछवाडी बीएड से 3 इंच ऊपर उठाकर उसके अंडरवियर में खड़े 'तोपची' से टच कर दी...... इसका रिजल्ट यह हुआ की अब उसकी पंतय क्लाद पुसी (गीली छूट कच्ची में) आर्यन के तोपची को इंदिरेक्ट्ली टच कर रही थी...... हुन्न्न ुंहःहःहः ममममममम ममममममम..... ममममममम ममममम ुहम्म्म्म.....
आर्यन, अणि के ऊपर चढ़ा हुए था पर जानबूझ के अपने घुटनो पर टिका हुआ था की अणि को उसके लौड़े की चुभन न फील हो लेकिन अणि को यह दुरी नागवारा गुजरी...... उसने अपने पिछवाड़े पे आर्यन की बड़े उभर की चुभन का जायजा पहले hi ले लिया था अब उसकी दुरी और विशालता से दूर न रह पायी...... उसके लिए यह खेल नया जरूर था पर वह आगे बढ़ने के लिए उत्सुक और तत्पर थी.
अपनी दोनों बाँहों में आर्यन की गर्दन को जकड़े वह एक मिल्लीमेट्रेस की गैप भी नहीं छोड़ना चाहती थी उससे चिपकते हुए...... एक्सीटेंड होकर उसके छोटे निप्पल्स उसकी वाइट ब्रा में आर्यन के सीने से पूरी तरह से चिपके थे....... आर्यन उसकी जीभ छोड़कर अपने जीभ उसके मुँह में दाल दिया......
बिन पानी मछली दोबरा पानी में दाल दी हो ऐसी फीलिंग अणि को आने लगी जब वह अपने भाई की जीभ पूरे जोश में चूसने लगी...... मममममममम मममममममम मममममममम च्मममममम च्ममममम ममममम..... उम्मम्मम्म चममम उम्मम्मम्म चुस्स्सस्स उम्मम्मम ....... पंतय जोह पहले थोड़ी गीली थी अब कंटीन्यूअस योनि से लगातार रास से आगे पीछे से गीली होने लगी......
आर्यन भी मदहोश होने लगा जब अपनी छोटी भें के दोनों चूतड़ों को थाम लिया पेंटी में...... "वाओ !!!!! कितने सॉफ्ट हैं मुझे तोह लगता था की इतने बड़े नहीं है पर मेरे हाथ में सही फिट हो गए है" ......
आर्यन वाइट पंतय में उनके बूट्स को बस हाथों में थामे रखा जैसे वह कोई नायब खज़ाना हो. जब अणि मैं भरके उसकी जीभ चूसना छोड़ी और उसके चेहरे को छोटी छोटी किस्सेस से भरने लगी पुछहःछः .... पुछहःहःहः.... पुछहःहःहः.....
"अणि मेरे भें ी लव ोुउउउउउ "...... और उसके दोनों चूतड़ों को दबा दिया..... "अह्हह्ह्ह्ह भईईई ...... ारामममम सीई...... ी लव यू तू..... माय लाइफ एंड सोल अरे योर्स ".
आर्यन को इतना प्यार आया अपनी छोटी भें पे वह उसको दुबारा स्मूच करने लगा ...... पुछःह.... चम्म्म्म चम्म्म्म..... ुहममममम ुहम्म्म्म.... मममममम ममममममम ममममममम..... अणि के हिप्स जब आर्यन ने जोरसे दबा दिए थे वह अपना चरम पा ली थी...... वह भी अपने भें के चूतड़ों को सहलाने लगा जिसकी थिरक उसको अपने हाथों में महसूस हो रही थी.
अणि थोड़ी ढीली हो गयी और आर्यन की गर्दन में अपना मुँह छुपाने लगी शर्म से...... वह बहोत समझदार था उसको पता था की अपनी भें की शर्म कैसे दूर करनी है. आर्यन एक बार और पलट के अणि को अपने ऊपर लिटा लिया और उसकी पीठ पे हाथ फेरते हुए बोलै.... ," यू शुड फ्रेशन उप..... चालों में छोड़ आता हूँ..... माय स्वीट प्रिंसेस..... ुहम्म्म्म" ..... अणि के कान पे किश कर दिया.
आर्यन अपने से चिपकी अणि को उठा के वाशरूम में ले गया..... वह भी उसके गले लगी उसकी पीठ पीछे थोड़ा थोड़ा मुस्करा रही थी. बाथरूम में जाके अणि को फर्श पे खड़ा कर कर्टेन कर दिया...... " में भी नाहा लेता हूँ.... तुम फ्रेश हो जाओ ".
अणि भी जल्दी से कमोड पे बैठी पंतय उतर के पइसस करने लगी..... पंतय पूरी गीली हो गयी थी लेकिन आर्यन ने ज्यादा रिएक्शन नहीं दिया जैसे उसका रोज का काम हो...... अणि अभी तक वर्जिन थी, जिसके नाम वह अपनी विर्जिनिटी की थी उसको अभी तक नहीं पता था.....
"एक चांस तोह बनता hi है नेकेड बाथ का अगर सब उसके हिसाब से हुआ तोह वह दिन भी नहीं दुर्र है की भाई सिर्फ मेरा होगा "...... यह सोचते हुए अपनी पुसी (छूट) टॉयलेट फ्लश हैंडल के पानी से धूने लगी.
टिश्यू पेपर से साफ़ कर के वह अपनी ब्रा उतर के बाथटब और शावर एरिया के पास आर्टिफीसियल कर्टेन हटा के झांकी तोह आर्यन अंडरवियर में नाहा रहा था शावर ों करके. उसकी पीठ अणि की तरफ थी, लाइट स्विच ऑफ करके कर्टेन हटा के आर्यन के पीठ से चिपक गयी.
आर्यन एक घेरि सांस छोड़कर के बोलै," दर लगा है तोह लाइट ऑफ क्यों की? चोरी भी करनी है किसी को पता न चले यह कैसे हो सकता है".
अणि ने अपनी दोनों बाँहों आर्यन के बगल में डालकर अपनी हाथो से उसका मस्कुलर चेस्ट पे फेरने लगी..... उसकी मस्कुलर पीठ पे सॉफ्ट सॉफ्ट बूब्स और बटक्स पे निचे अंडरवियर पे उसकी योनि टच कर रही थी.
अणि इन्नोसेंट्ली वौइस् में केहि ," आप अपना वादा भूल गए मुझे आपके साथ बाथ करना था तोह आ गयी..... it's आवर लिटिल सीक्रेट आर्यन no बॉडी शुड क्नोव थिस ".
आर्यन उसके लेफ्ट हाथ पकड़ के अपने चेस्ट पे फेरते हुए हसने लगा," हम तोह एक hi यूनिट हैं, किसी को पता चल जाए तोह मम्मी मुझे जान से मार देंगी hi hi hi ..... it's ok पर टॉपलेस होने की क्या जरुरत थी".
अणि उसकी गर्दन पे किश की और बोली," माय बॉटम इस आल्सो नेकेड और दोनों हाथ को निचे की और उसका अंडरवियर भी उतरने लगी.....
आर्यन ," यह ज्यादा हो रहा है "..... उसने अंडरवियर पकड़ने का प्रयास किया.....
अणि ," में डीडे करुँगी.... आप ने बोलै था बस एक बार ".
आर्यन ने हाथ हटा लिया ," मुझे तेरी लिए कोई बहोत बड़ी कीमत चुकी पड़ेगी".
अणि उसका अंडरवियर पूरा निकल के पैरों से ," चूका देना आप को क्या कमी है "..... फिर से उसके पीछे से चिपक गयी.
आर्यन सोच रहा था की उसकी सब भें का अधिकार उसपर है क्या अणि का नहीं..... यह कैसी न इंसाफ़ी है. सॉरी मम्मी मुझे माफ़ कर देना में अणि से बहोत प्यार करता हूँ वह भी आप का hi खून है.
अणि ने अपना हाथ आगे लिया तोह आर्यन का लुंड पकड़ के टटोली फिर पकड़ के उठी..... लुंड शावर के ठन्डे पानी में ढीला पद गया था. आर्यन बिलकुल खामोश था या उन्ह कह ले वह कण्ट्रोल कर रहा था की लुंड पूरा खड़ा न हो जाए......
अणि ने फिर से उसकी पीठ पे किश किया ," It's हुमांगूस ( बहोत बड़ा) ...... आप एक्ससिटेड नहीं हो की एक सुन्दर लड़की आपका पेनिस होल्ड किये नेकेड कड़ी है ".
आर्यन," बाथरूम में लाइट तू ने ऑफ कर दी शायद मुझे दर लग रहा है ".
अणि फिर से एक बार फिर से पीठ पे दूसरी तरफ किश की," नीली आँखों से देखों तोह सब साफ़ साफ़ दीखता है..... साइड में मिरर भी हैं...... आप मुझसे जीत नहीं सकते और कोशिश भी न करना..... hi hi hi ..... "
आर्यन दम छोड़कर बोलै ," जी महारानी साहिबा "......
अणि अपने दोनों हाथों को मिला के अब आर्यन का लुंड खड़ा करने की कोशिश कर रही थी एक डैम से लुंड पूरा का पूरा खड़ा होकर उसके दोनों हाथों में नहीं समां रहा था...... " वाओ !!!! It's गीगान्टिक ( महा विशाल) एंड मोस्ट ब्यूटीफुल..... हूँ तोह आप ने मुझसे छुपा कर क्यों रखा?..... पहले नहीं दिखा सकते थे ".
अणि के ख़ुशी देकते hi बनती थी उसके हाथ में जैसे आर्यन का लौड़ा न हो वह कोई जीवन रूपी बड़ी से पिचकारी हो जिस औरत पे पड़े उसका hi कल्याण हो जाये. इतनी आसानी से तोपची अणि के हाथों में था उसको भी विश्वास नहीं हो रहा था.
आर्यन," लोग दर जाते हैं जब पहली बार दीखता है..... तू ने पहली बार तोह नहीं देखा है, मुझे पक्का डाउट है तुझपे".
अणि एक हाथ से आर्यन का विशाल लुंड जोह पूरे सबब पे था और दुसरे हाथ से आर्यन का हाथ पकड़ के पीछे से अपनी योनि पे लग दी ," भाई ी ऍम एक्ससिटेड सीईईई ..... टच में हेरे ".....
आर्यन की ऊँगली जब बांध सीप जैसी योनि पे पड़ी तोह वह भी अपनी िश भें के हुस्न का दीदार करना चाहता था...... अपनी इच्छा दबा के वह अणि को फॉलो करने का डीडे किया ( मैंने जोश में होश नहीं गवा न है ). मैं उसका बड़ा भाई हूँ वह जोह चाहेगी वही करूँगा बस एक सीमा तक.
अणि थोड़ी त्रिची हुयी जिससे उसको आर्यन के लुंड से खेलने में आसानी हो..... आर्यन का हाथ पहले उसकी योनि और जांघ पे पूरा पड़ा...... "siiiiiiiiiii भईईई ...... ी लोवीएए आईटी ..... आप ऐसे पहले पुरुष हो जोह मुझे यूँ स्पर्श कर रहे हो..... मैंने सबसे ज्यादा आप से प्यार करती हूँ ".
अब समय आ गया था की आर्यन कमान अपने हाथ में ले..... " Don't वोर्री..... में तेरा ख्याल रखूँगा बस मुझे पे विश्वास रख.... में टर्न कर रहा हूँ ".
आर्यन पलट के अणि को ठीक तरह से देख नयी पाया मतलब उसकी फिगर उससे पहले hi वह आर्यन को आगे से अपनी कोहली में भर ली..... " भाई यू अरे सो स्वीट" ..... और ेड्डी पे उचक कर अपने भाई के गले लग गयी......
आर्यन भी न चाहते हुए अपनी िश छोटी भें को अपनी पन्हा में ले लिया ," अनीता बेबी तुम बहोत सुन्दर हो..... में तुम्हारे लायक नहीं हूँ, महारानी से कहना वह एक चाँद की तरह हैं जोह आसमान में रहती हैं जिसको में दूर से देख सकता हूँ पर छूने की कोशिश की तोह बस खाली मुठी हाथ आएगी".
आर्यन एक लास्ट चांस ले रहा था की वह अणि को अनीता ( कभी कभी बोलता था) सम्बोधित किया..... खुद को तुच्छ मनुष्य बतया जबकि अणि की मनसा क्या है यह उसको साफ़ साफ़ दिखने लगी थी....
अणि की दोनों चूचियां और हील्स पे खड़े होने के कारन उसकी हाइट भाड़ गयी थी...... आर्यन को प्रॉपर हुग करती हुयी उसके स्तन आर्यन के सीने से स्पर्श करती चिपक के उसको आंदोलित कर रहे थे...... उनका जादू आर्यन की तोपची पे चला जोह कुछ ज्यादा hi कड़क होकर योनि पे छु कर अणि के पेट पे वार करने लगा तब उसने अपना पेट ज्यादा से ज्यादा लुंड को टच व् प्रेस करने लगा.....
" भाई तू सिर्फ मेरी नज़र से देख तुझे मेरी आँखों में बस प्यार hi प्यार नज़र आएगा..... मैं सिर्फ तेरी अणि हूँ न की महारानी..... और मैंने डीडे किया है की मैं आपसे सच्चा प्यार करती हूँ यह तुझे पर है की अपना ले या ठुकरा दे".
आर्यन उसके आँखें में देखते हुआ," चल तेरी नौटंकी बांड कर, तू भी जानती है की में तुझे मैं नहीं कर सकता..... हाँ धीरे सा प्यार कर सकता हूँ, अभी किसी को मत बताना की मैं मान गया हूँ बस लिमिट क्रॉस नहीं करेंगे "..... पुछःह पुछठ....... चम्म्म्म चम्म्म्म चममम..... दोनों एक दुसरे को पीठ, कमर और बटक्स सेहला रहे थे किश करते हुए..... अणि आखिर कर आर्यन को मानाने में सफल हुयी.
आर्यन ने किश तोड़कर अणि के सारे चेहरे को चूमा फिर उसकी गर्दन से होते हुए उसके दोनों शोल्डर को हलके हलके बाईट भी कर लेता किश करते हुए..... अणि की सिसकी निकल रही थी उसने थोड़ा गैप बना के एक आर्यन के सांड जैसे ांडों को सेहला दिया ..... " भाई बहोत बड़े हैं..... siiiiiiiiiii काट मत..... तुझे दूध पिलाऊंगी"...... दूध पिलाने की बात सुनकर आर्यन झट से खुश होते हुए बोलै ," सूरे न ...... दूध मुझे अभी hi पीला दे, मैं तेरे से रिक्वेस्ट करता हूँ ".
अणि भी बहोत किस्से सुनी थी अपनी दादी, नानी और मम्मी से आर्यन चूचिचोर , चूचीधार है..... आर्यन की आँखों में अलग hi स्पार्क नज़र आया...... दूध पीना जैसे उसका जनमसिद्ध अधिकार हो..... अणि थोड़ी पीछे हुयी तोह आर्यन भी उत्सुक था लुंड को छोड़ के पलट गयी और शावर एरिया से दूर जाकर लाइट ों कर दी..... आर्यन के मुँह में पानी आज्ञा जब अणि की फिगर का बैक व्यू मिला और हद तोह तब हो गयी जब अणि पलट के अपनी कमर पे दोनों हाथ रखकर स्टाइल से एक सेक्सी मॉडल की तरह पोज़ की...... आर्यन का जबड़ा पूरा खुल गया और कुत्ते की तरह लार टपकने लगा......
जब सारू ने अनीता को जनम दिया, उसको पाकर आर्यन और उसकी तीनो जुड़वाँ बहेनो ने उसको नाम अणि रख दिया..... दिन महीने में बदले महीना साल में और देखते देखते अणि 19 साल की हो गयी.
आर्यन जब अणि के पास या अणि उसके पास जाती थी चूतियों में दोनों bhai-bhen मीणा और नेहा के साथ ज्यादा वक्त बिताते. अणि सब को अपनी शैतानी से परेशां करती थी सबसे ज्यादा आर्यन को पर वह हमेशा उसकी सब हरकतों को इग्नोर कर देता बस अपनी भें छुम बेटी के लिए उसके मैं में सिर्फ प्यार hi प्यार था.
आज वह बाथरूम में पूरी निर्वस्त्र गीली बालों में किसी अप्सरा सी कड़ी थी किसी मॉडल की तरह एक साइड का कुल्हा उचका के पोज़ देती हुयी..... उसका सेक्सी फिगर 34-26-34 इंच उसको एक दम परफेक्ट बना रहे थे...... जैसे एक एक आंग उसका किसी शिल्पकार ने बना हो. आर्यन िश दृश्य को अपने नैनों में बासा के मुँह खोले इकचित बिन पालक झपकाए देखने में मगन था. उसको यह भी याद नहीं रहा की कैसे वह अपनी छोटी भें के हुस्न में गिरफतार उसको एक मर्द की तरह से देखने लग गया. उसके पास शब्दों का जैसे ाकल पद गया हो पर मैं में तारीफ के पल बांधने लगा.
अणि हस्की वौइस् में ," भाई तेरी अणि अब जवान हो गयी है और मेरी भी इच्छा है कोई मुझे एक मर्द की नज़र से देखे..... मर्द तोह मुझे मिल गया है तेरे रूप में पर इच्छाओ का क्या?"
आर्यन अभी भी बिन पालक झपकाए देखे जा रहा था ...... अणि उसके पास आकर उसको हिलाई " मुँह बांध कर लो वर्ण मक्खी घुस जाएगी "..... hi hi hi hi ..... "मैं कब से बोले जा रही हूँ ".
आर्यन हड़बड़ाकर," हाँ !!! ..... में!!! ..... ठीक हूँ !!!!! ..... मेरी हिम्मत नहीं हो रही है तुझे टच करने की "..... उसके मुँह से लार टपक गयी.
अणि ने आर्यन का हाथ पकड़ और अपने लेफ्ट चूची पे रखा..... " में माँ की नहीं बानी हूँ जोह छु कर बिखर जाउंगी..... आज कोई बहोत खुश है मुँह में लार और यह भी लार टपका रहा है" ....... उसने कश्मीरी सेब जैसे लाल उसके लिंग मुंड पे दो उंगलियां फेर के दिखा दी यानि आर्यन का pre-come टपक रहा था...... अणि ने खड़े तोपची का बचा pre-come अपने लेफ्ट से पूछा के एकत्रित किया और सूपड़ा के निचे लुंड को चिकना करना लगी आर्यन को चूमते हुए....
आर्यन भी उसके सॉफ्ट और कैसे बूब्स तो थम के पहले चरों तरफ सहलाने लगा...... अणि को अपनी जीभ भर निकल के उसकी जीभ से खेलने लगा. अपनी छोटी भें की इच्छा के आगे वह नतमस्तक होकर वह ुष हुस्न देवी का उपासक बन्न गया. अणि अपनी जीत पे अत्यंत प्रसन्न थी, आखिर इतना मुश्किल भी नहीं था...... ( वह मैं hi मैं सोच रही थी ).
आर्यन जरूर हार गया था अणि के सामने लेकिन वह दूसरी औरतें जोह उसको प्रेम करती थी उनको कभी भुला देगा यह आशम्भव था..... हाँ अणि की यह जीत जरूर क्षणिक थी पर बाकी सबको भूल जाए यह तोह आर्यन को गवरा नहीं होगा.
जब पहले बार अणि की लेफ्ट चूची के गुलाबी निप्पल एक ऊँगली से टच करके रब किया..... तोह अणि के सरीर में बिजली सी दौड़ गयी ..... "अह्ह्ह्हह सीईई भईई "..... छोटे मटर के दाने जैसा पिंक निप्पल में और खून भरने लगा जिससे उसका रेड टिंच हो गया..... आर्यन ने दुसरे निप्पल के साथ भी यह किया..... "भैई क्या कर रहा है siiiiiiiiiii ".....
आर्यन लेफ्ट हलके पिंक कलर वाले अरेओला के चरों तरफ अपनी जीभ से चाटने लगा और थूक से गीला कर दिया..... " देखती जा..... मुझे मत रोक ".....
फिर अणि की तरफ देखते हुए अपनी जीभ निप्पल से टच करके गीला किया और झट से अपने मुँह में भर लिया. ..... " होलियीय मरययययय ...... माय गॉडडडडड ...... Siiiiiiiiiii भईईई..... आईसीईए हीईई ..... ".
दूध तोह नहीं निकला पर आर्यन दुसरे निप्पल यानी राइट निप्पल पे हमला कर दिया..... अणि को इतना माजा कभी नहीं आया था, जैसे उसकी चूचियों सिर्फ आर्यन के लिए hi थी..... इन्हे पर मेरे भाई का एक मात्र अधिकार है..... " ओह्ह्ह्हह भईईई पी जा ..... सूचक माय निप्पल्स siiiiiiiiii .... निबल माय निप्पल्स अह्हह्ह्ह्ह...."
आर्यन को वह मिल गया जोह उसकी सबसे बड़ी कमजोरी थी..... अणि की चूचियां अपनी मम्मी सारू के जितनी बड़ी नहीं थी न उन्ह में दूध भरा था जोह सारू अपने बेटे को सुबह सुबह पिलाती थी......
लेकिन.... लेकिन.... जरा थेरो वह दुनिया की सबसे सुन्दर और सेक्सी लड़की की चूचियां थी एक डैम फेयर एंड मोस्ट परफेक्ट...... आर्यन सबसे भाग्यशाली था जोह अणि की चूचियों को बरी बरी से दबा दबा के बदल बदल के चूस और चाट रहा था...... लपररररर सलरपपपप सलरपपपप..... ुंहःहःहः ुंहःहःहः ...... पुछहःहःहः पुछठ..... चुम्म्म्म ुंहःहःहः.....
अणि उसका प्रचंड लुंड दोनों हाथों में लेकर मुठियाँ का प्रयास कर रही थी...... उसकी योनि भी लगातार आसूं बहा रही थी जब जब आर्यन के लिंगमुण्ड पे रगड़ती थी..... दोनों bhai-bhen शावर के निचे अपने जनांगों से एक दुसरे को खेलने दे रहे थे.....
अणि छाती थी की उसका भाई उसकी योनि रास को टास्ते करे पर वह जालिम तोह उसकी चूचियां को नहीं छोड़ रहा था जैसे वह उनके पीछे पड़ा था...... बहोत टाइम हो गया थे तब अणि ने आर्यन को मुँह हटा के उसको डीपली किश करके बोली ," भाई मेरे ब्रैस्ट में पैन हो रहा है..... कितना चूस लिया है तू ने..... अह्ह्ह्ह ..... पूरी पूरी लाल हो गयी हैं..... अब आगे बढे".
आर्यन अपने सर के बालों को झटके के अणि के मुँह पे छिड़का उसकी नाक से नाक लग के शावर ऑफ करके बोलै ," तुझे नया मजा देता हूँ..... माय स्वीट प्रिंसेस " ...... और झुक के अणि को उठा के एक दुसरे के इनवर्स ( उलटी ) पोजीशन में उसकी कमर पकड़ के घुटनों के बाल बेथ गया.....
अणि चौंक कर बोली ," ाररीी..... भाई गिरा मत देना "..... जब पूरी पोजीशन समझी तोह आर्यन का लुंड दोनों हाथों में थाम ली ......
आर्यन ," में तेरा स्वीट जूस पीना चाहता हूँ..... क्या मुझे इजाजत है ? "...... इतना बोल कर आर्यन उसकी दोनों जांघों को किश करके उसकी योनि की स्मेल लेने लगा कुत्ते की तरह.....
अणि की शर्म तोह उसको भाई ने दूर कर दी थी उसको विश्वास में लेकर अब वह भी अपने मैं पसंद खिलोने से खेल को बेताब थी..... उसने सबसे पहले लाल कश्मीरी सेब जैसे उसके टोपे को चूमा.... पुछहःहःहः..... उसका टोपे का टेस्ट अच्छा लगा फिर चाटने के लिए अपनी जीभ फिरा दी..... "सलरपपपप..... हुम्म्म नॉट बाद...... "
अणि अपनी दोनों टांगों की कच्ची बना के आर्यन के गर्दन पे फस ली और उसकी योनि अपने बड़े भाई की सीढ़ी नज़र में आ गयी..... आर्यन उसके हिप्स को एक हाथ से पकड़ लिया और उत्तेजित होते बोलै ,"अद्वितीय है तेरी योनि..... मैंने आज तक ऐसी योनि नहीं देखि..... यह एक शंखाकार योनि है जोह मैंने एक प्राचीन कामसूत्र पुस्तक में देखि थी ".
अणि के बाल बाथरूम के फर्श को टच कर रहे थे..... उसको इतना सुन्दर प्रचंड लुंड को सँभालने में परेशानी हो रही थी..... कभी लुंड को किश करती, कभी pre-come को चाटने की कोशिश करने लगी लिंगमुण्ड से अपनी जीभ से..... आर्यन उसकी मनसा समझते हुए एक बार उसकी लाली (योनि) को सीधे चुम दिया..... " अह्ह्ह्हह ारयणणणणण ...... siiiiiiiiiii मेरे भईईई..... ी लव ोूउउ "
वह शावर और बाथटब के बिच के स्पेस में झुक कर अपनी पीठ बाथरूम के फर्श पे सिद्धि लेत गया बाथटब का सहारा लेकर..... अणि भी अपने को एडजस्ट करती उसके ऊपर सवार हो गयी..... अपने गीले बालों सर के पीछे झटक के लिंगमुण्ड पे चूमा दी ," पुछहःछः....... हाँ यह पोजीशन ठीक है आर्यन ".....
आर्यन उसकी जाँघों के बिच छिपी योनि को स्पष्ट करते हुए बोलै," भूल मत जाना की में तेरा बड़ा भाई भी हूँ..... बस तेरी ख़ुशी के लिए में यह सब कर रहा हूँ...... तू मुझे नाम से पुकार के अपराध का बोध करवा रही है ".
" सीईईई...... अह्हह्ह्ह्ह ...... मैंने तुझे आर्यन पुकारा यानि तुझे अपना बॉयफ्रेंड मानने लगी हूँ..... हूँ ham-umar हैं तोह tu-takad चलता है..... मुझे में अभी भी इतनी शर्म है की जब संवाद करती हूँ आपको दिल से अपना मानती हूँ"...... अणि यह बोलते हुए आर्यन के लुंड को एक हाथ से ऊपर निच्चे करने लगी और दूसरे से उसके बड़े ांडों का वजन टोल कर उनको एक हाथ में लेने की कोशिश कर रही थी.....
आर्यन भी जानता था की अणि अपनी साख और घमंड तक पे रख के मौखिक आनंद का आदान प्रदान करने के लिए उसको खुद आमंत्रित की है...... यह सही समय है की वह अपनी मम्मी सारू के लिए फ्री एक्सेस कार्ड प् ले और अणि भी उसको नौ दे दे...... ( यानि सारू के लिए आर्यन खुला लाइसेंस मांगने जा रहा था )......
मतलब साफ़ था की सारू को यूँही वह छोड़ता रहेगा और अणि को कोई ऑब्जेक्शन नहीं होना चाहिए मगर अणि की योनि उसको ज्यादा hi पसंद आ गयी थी वह भले उसको चोदे न पर कभी कभी उसकी चूचियों पे अधिकारी और योनि रास की चाहत की सिर्फ अर्जी मांग रहा था......
सच्च में आर्यन बहोत बड़े वाला कमीना था यानि मादरचोद तोह वह था hi और भैंचोड़ का लाइसेंस अणि से मांग रहा था ...... कोई मुझे बतया की जब Dimple-Payal और डॉली को छोड़ो तब उसकी शराफत कहाँ गयी थी? बाकी बड़ी बहेनो ( बुआ, तै, चची की बेटियां) को भी छोड़ चूका था तब भी कोई सवाल नहीं किया...... लेकिन..... लेकिन ..... अब जब अणि की बारी आयी तोह वह उससे चाहता था की वह उसके सारे कॉन्ट्रैक्ट पे सिग्न करके उसको लीगल लाइसेंस दे दे...... वह भाई वह !!!!! ..... िश बात पे तोह ताली बजाना बनता है ?????
आर्यन से रहा नहीं गया और दोनों हाथों से अणि के गोर गोर माखन जैसे चूतड़ों को थोड़ा फैलाया..... अपना सर उठा के उसके रास बहती योनि को पहले चुम लिया ...... "siiiiiiiiiii "..... फिर अपनी जीभ निकल के योनि रास रूप अमृत पीने लगा......." अह्ह्ह्हह भईईई ह्म्मम्म्म्म .... माय गॉडडडड ..... ी लव ित्ततत्तत...... आईसीईए हीईई.... "
आर्यन ने एक हाथ अणि के सर के पीछे लगा के उसको अपने लुंड की सेवा करने के आमंत्रित किया..... वह भी बगैर कोई लगा लपेट के लिंगमुण्ड को चाटने लगी सलरपपपप .... सलरपपपप..... ुंहःहःहः.....
आर्यन ने उसके सर पे और दबाव बनाया तोह अपना पूरा मुख खोल कर 1/3 विशाल लुंड अपने गरम मुँह ले ली...... आर्यन की आँखें बांध होने लगी और दिमाग़ में मदहोशी छाने लगी...... वह और शिद्दत से अपनी जीभ व् मुँह योनि से सत्ता के चाटने लगा...... अणि भी दोनों हाथों की मुट्ठियां बन के आर्यन का दोनों ांडों का दूहन करती फिर मुँह से इतना लुंड निकली जिससे की टोपे की चरों तरफ अपनी जीभ घुमा सके..... और फिर से पूरा मुँह खोल के अपने घांट तक आर्यन का विशाल लुंड आधे से ज्यादा अंदर अपने मुँह में ले ली...... थोड़े दांत पे गड़े लौड़े पे लेकिन आर्यन उड़नखटोले की सैर करते हुए मजे से अपनी फ्रेश गर्लफ्रेंड, अनीता सिंह, की योनि अपने हाथों की ऊँगली से योनि की पंखुड़ियों को फैला के गुलाबी कमल जैसी योनि कुंड से डायरेक्ट अमृत रूपी ..... yoni-ras पिने लगा जीभ लपलापते हुए..... सलरपपपप...... ुंहःहःहः ममममममम ममममममम.... सलरपपपप..... सलरपपपप...... ममममममम ममममममम ममममममम......
अणि के अंदर जैसे माता आ गयी हो वह पागल की तरह आर्यन की दो तटों निचोड़ निचोड़ के अपना सर ऊपर निचे करते हुए प्रचंड लुंड धरी को अपना गुलाम बनने लगी लौड़े को चूसते चाट ते हुए ......mmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm सलरररररररपपप mmmmmmmmmmmmm सलूररररप्प mmmmmmmmmmmmmm .... खुद को गैग करती लौड़ा मुँह में लेकर ggggggggggggoooooooo गग्गूऊऊऊ गगगगुओ गगगगगगुओ गाआआआ गायआ गायआ गऊओऊ..... गाआआआआ गाआआ gooooooooooo goooooooooo''......
आर्यन भी अणि की चिकने चूतड़ों को अपनी एक हाथ से बारी बारी से मसल रहा था..... लेकिन योनि की केयर करते हुए प्यार से उसकी सेवा कर रहा था..... दोनों काम सख्ती का रूप थे ( क्यों किस पे भरी था यह आपके विवेक ले छोड़ता हूँ).
टाइम क्या हुआ था उसको याद नहीं था पर 3 बार आर्यन झाड़ चूका था और अनगिनत बार अणि अपना चरम सुख पा ली थी...... अणि को थोड़ी थकान होने लगी तब आर्यन ने उसको शावर ों करके निचे खड़ा किया अपने साथ और दोनों bhai-bhen नही ने लगा .......
तू बे कॉन्टिनोएड.....
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