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- Dec 5, 2013
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Episode 54
में और अरविन्द रात को अपने कमरे में थय.
अरविन्द. में न्य डॉ आकाश सी बात की है तुम्हरी ट्रीटमेंट क बारी में.
प्रिय. तो क्या बोलै डॉ आकाश ने.
अरविन्द. उस ने कहा है क वो रनस हॉस्पिटल की बेस्ट गयनेकोलॉजिस्ट सी बात क्रय गए और तुम्हारी ट्रीटमेंट की बात क्रय गए.
प्रिय. ठीक है अरविन्द जैसा आप चाहें.
प्रिय अपने कपड़े उतरने लगी.
अरविन्द. क्या बात है आज मेरी कही बगैर हे कापरी उतरने लगी.
प्रिय. 2 साल हो गए हैं हमारी शादी को और में समझ चुकी हूँ क कब मुझे क्या करना है.
अरविन्द. अछि बात है.
प्रिय कपड़े उतर क्र बीएड पैर लेट गयी.
अरविन्द ने कापरी उतरी और प्रिय की टांगें उठा क्र लुंड प्रिय की छूट में घुसा दिए और कच दिएर धक्के मरने क बढ़ प्रिय की छूट को अपने पानी सी भर क्र सो गया.
अगले दिन सब लोग जा चुके थय.
में न्य कशी को फोन किआ.
कशी. Hello प्रिय किसी हो.
प्रिय. में अछि हूँ तुम किसी हो.
कशी. ी ऍम गुड. कल अरविन्द आया था. तुम्हारे चेकउप का बोल रहा था.
प्रिय. हाँ उस ने मुझे बताया है.
कशी. तुम ने मुझे बताया क्यों नहीं क तुम दोनो क दरम्यान कोई मसला चल रहा है.
प्रिय. मुझे लगा तुम सी पर्सनल बातें शेयर करना ठीक नहीं रही गए.
कशी. तुम मुझे बता देती. में डॉ हूँ में तुम्हरी हेल्प ज़रूर करता.
प्रिय. ाचा अब अरविन्द ने तुम्हें बता दिए न. अब तुम हेल्प क्र दो.
कशी. एक बात बोलूं प्रिय तुम बुरा तो नहीं मनाओ गई.
प्रिय. बोलो.
कशी. में भट बार तुम्हारे साथ इंटिमेट होने क बारी में सोचता हूँ.
प्रिय. क्या....
कशी. प्लीज मंद मत करना. में न्य जब सी तुम्हें पहली बार देखा था तब सी हे तुम पैर फ़िदा हो गया था.
प्रिय. तुम भी मुझे भी हैंडसम लगी लकिन में न्य कभी ऐसा नहीं सोचा.
कशी. चलो कोई बात नहीं इसको मेरी फंतासी हे समझ लो.
प्रिय. मुझे ये सुन क्र ाचा लगा क तुम मेरी बारी में सोचते हो.
कशी. तुम अरविन्द क साथ क्लिनिक आओ. में डॉ सी बात क्र लेता हूँ.
प्रिय. तुम अभी डॉ सी बात न करो. जब में कहूं गई तब बात करना.
कशी. और में अरविन्द को क्या जवाब दूँ गए.
प्रिय. कोई बहाना बना देना.
कशी. Ok I'll फिगर समथिंग आउट.
विशाल यूनिवर्सिटी सी निकला तो उसका फोन बजा.
विशाल. Hi पल्लवी.
पल्लवी. अरोरा होटल रूम नंबर 567. जल्दी पोहंचो.
विशाल. वो तो तुम्हरे डैड का होटल है न.
पल्लवी. हाँ जल्दी आओ ी ऍम वेटिंग.
विशाल. ठीक है आता हूँ.
विशाल अरोरा होटल चला गया.
दानी ने रिसेप्शन पैर जा क्र होटल रूम 567 बोलै.
रिसेप्शनिस्ट. यस सर. मम आपका इंतज़ार क्र रही हैं
विशाल होटल रूम क सामने पोहंच गया और दरवाज़ा नॉक किआ.
पल्लवी. हु इस आईटी.
में हूँ विशाल.
पल्लवी ने दरवाज़ा खोला और विशाल अंदर आ गया.
पल्लवी ने एक गाउन पहन रखा था. उस ने दरवाज़ा बंद होते हे गाउन उतर दिए.
अब पल्लवी सिर्फ एक पंतय में थी.
विशाल मुस्कुराया और अपनी शर्ट उतर दी.
उस ने पल्लवी को बीएड पैर बैठा दिए और उस क जिस्म को चूमने लगा.
विशाल पल्लवी को प्यार करते हुए ये नहीं सोचता था क वो मोती है. विशाल बस उसको पूरा मज़ा देने की कोशिश करता था क्यों क विशाल जनता था क पल्लवी बीमार है और उस क पास भट कम वक़्त बाकि है.
पल्लवी ने विशाल को खरा किआ और उसकी पंत खोलने लगी. और विशाल का लुंड पाकर क्र हाथ में ले लिए और हिलने लगी.
विशाल ने पल्लवी का चेहरा अपनी तरफ उठाया और उसको किश करने लगा और दोनो में किसिंग स्टार्ट हो गयी.
विशाल ने पल्लवी को बीएड पैर लेटाया और उसकी पंतय उतर दी.
उस ने पल्लवी की टांगें खोलीं और उस की छूट पैर मुँह लगा दिए और उसकी छूट को चाटने लगा.
आह्हः एस्सस अह्ह्ह्हह्ह विशाल अहहहहहहह पल्लवी सिसकियाँ लेने लगी.
पल्लवी. विशाल....
विशाल. हाँ
पल्लवी. पूत आईटी इनसाइड...
विशाल. अभी सी.
पल्लवी. हाँ ी वांट यू इनसाइड में.
विशाल ने पल्लवी की टांगें उठाएं और उस की छूट पैर लुंड रख क्र अंदर दबा दिए.
आअह्ह्ह्हह एस्सस जस्ट लिखे तहत आअह्ह्ह्ह
पल्लवी सिसक गयी और विशाल पल्लवी क ऊपर झुक गया और उसको किश करने लगा.
विशाल ने पल्लवी की टांगें बिलकुल ऊपर उठा दिन थीं और और उस क घुटने उस क बूब्स क साथ लगा दिए थय.
विशाल का लुंड पल्लवी की छूट की गहराई तक जा रहा था और पल्लवी पूरा मज़ा ले रही थी और कच हे दिएर में झाड़ भी गयी थी.
विशाल ने पल्लवी को घोड़ी बनाया और पीछे सी लुंड उसकी छूट में घुसा दिए.
विशाल पल्लवी की ज़ोरदार चुदाई करने लगा और साथ हे पल्लवी की कमर को चूमने लगा. और उसकी गर्दन को और उस क फेस को अपनी तरफ घुमा क्र चूमने लगा.
ाः यस आअह्ह्ह विशाअल्ल आअह्ह्ह्ह you're अमेजिंग आअह्ह्ह्हह आह्ह्हह्ह्ह्ह ाष्ठ्हहहह
विशाल पल्लवी की ज़ोरदार चुदाई करता जा रहा था और साथ हे उसको चूम भी रहा था.
पल्लवी दूसरी बार भी झाड़ चुकी थी.
पल्लवी ने विशाल को लेटाया और उस क ऊपर आ गयी.
पल्लवी ने विशाल का लुंड अपनी छूट में ले लिए और उस क ऊपर बेथ गयी.
पल्लवी विशाल की तरफ झुकी उसको किश क्र रही थी और उस क लुंड पैर उछाल रही थी.
विशाल ने एक बार पहर पल्लवी को बीएड पैर लेटाया और उस क ऊपर आ क्र पहर सी लुंड उसकी छूट में घुसा दिए.
विशाल पल्लवी क ऊपर झुका और उस को किश करने लगा और साथ हे उसकी रोमांटिक चुदाई करने लगा.
भट दिएर क ज़ोरदार किसिंग और चुदाई क बढ़ पल्लवी ने विशाल को अपने ऊपर सी हटा क्र बीएड पैर लेता दिए
पल्लवी विशाल क लुंड पैर झुक गयी और उस का लुंड मुँह में ले क्र चूसने लगी
पल्लवी एक हाथ सी विशाल का लुंड मसल रही थी और साथ हे चूस रही थी.
विशाल का लुंड चूसने क बढ़ पल्लवी एक बार पहर लेत गयी.
पल्लवी. फ़क में अगेन. ी वांट यू.
विशाल ने पहर सी पल्लवी की टांगें उठा दिन और लुंड उसकी छूट में दाल क्र चुदाई स्टार्ट क्र दी.
अब दोनो किसिंग क्र रही हैं और दोनो में रोमांटिक चुदाई चल रही थी.
पल्लवी एक बार पहर झाड़ चुकी थी और अब विशाल भी झड़ने क करीब था.
पल्लवी. आअह्ह्ह विशाल आअह्ह्ह्ह छुम इनसाइड में विशाल आअह्ह्ह्ह गिव आईटी तो में आअह्ह्ह्हह भर दो मेरी छूट को अपने पानी सी आअह्ह्ह आअह्ह्ह्हह
विशाल भी ज़ोरदार चुदाई करते हुए पल्लवी की छूट में झाड़ गया और उसकी छूट को अपने पानी सी बाहर दिए.
पल्लवी. मेरी कॉल आने क लिए थैंक यू.
विशाल. थैंक यू की कोई ज़रूरत नहीं. तू जब बुलाए गई में आऊं गए.
पल्लवी. एक तू हे मेरा सच्चा दोस्त है विशाल. तुझे में कभी नहीं भूलूँ गई.
विशाल. में हमेशा तेरी साथ हूँ. Don't वोर्री.
दोनो होटल रूम सी निकले और विशाल घर चला गया
सुबह विशाल उठा तो उस को पल्लवी का मैसेज मिला.
पल्लवी. शायद हम दुबारा कभी न मिलाएँ. तुम्हारे साथ में न्य अपनी ज़िन्दगी क सब सी खूबसूरत पल गुज़री हैं. तुम ने मेरी जिस्म को देखे बगैर मुझे अपना दोस्त बनाया उस क लिए थैंक यू.
और ऐसी जाने क लिए सॉरी.
में तुम सी बस एक हे बात कहना चाहती हूँ.
ी लव यू.
विशाल पल्लवी क मैसेज का रिप्लाई करने लगा तो उसको पता चला क पल्लवी ने उसको ब्लॉक क्र दिए था.
उस ने पल्लवी क फोन नंबर पैर कॉल की तो उसका नंबर ऑफ था.
उस ने पल्लवी क सोशल मीडिया एकाउंट्स चेक किये तो वहां सी भी पल्लवी ने उसको ब्लॉक क्र दिए था.
विशाल पल्लवी सी प्यार नहीं करता था वो सिर्फ विशाल की एक अछि दोस्त थी लकिन पल्लवी का ऐसी उसको चोर क्र जाना विशाल को बिलकुल भी ाचा नहीं लगा था.
विशाल यूनिवर्सिटी क बढ़ पल्लवी क घर चला गया.
मनीषा (पल्लवी की माँ). में जानती थी तुम आओ गए.
विशाल. पल्लवी कहाँ है.
मनीषा. वो यहाँ नहीं है.
विशाल. यही तो में भी पूछ रहा हूँ कहाँ है पल्लवी.
मनीषा. पल्लवी ने कच भी बताने सी मन किआ है. में बस इतना बता सकती हूँ क पल्लवी यहाँ सी भट दूर चली गयी है.
विशाल. लकिन क्यों.
मनीषा. तुम तो जानते हो क पल्लवी क पास वक़्त काम है. और तुम्हारे इलावा सब उसका मज़ाक ुरते हैं. इस लिए पल्लवी यहाँ सी चली गयी ता क जितना वक़्त बाकि है वो सुकून सी गुज़र सके.
विशाल. लकिन उसी मुझ सी एक बार मिल क्र जाना चाहिए था.
मनीषा. कल वो होटल में तुम्हारे साथ हे तो थी.
विशाल. हाँ वो कृत्य साथ थी लकिन उस ने जाने क बारी में कच नहीं कहा.
मनीषा. शायद वो तुम्हें परेशान नहीं करना चाहती थी.
विशाल. क्या उस सी बात नहीं हो सकती.
मनीषा. वो तुम सी बात नहीं करे गई. और में भी यही कहूं गई क उस क बारी में बात मत करना.
में और अरविन्द रात को अपने कमरे में थय.
अरविन्द. में न्य डॉ आकाश सी बात की है तुम्हरी ट्रीटमेंट क बारी में.
प्रिय. तो क्या बोलै डॉ आकाश ने.
अरविन्द. उस ने कहा है क वो रनस हॉस्पिटल की बेस्ट गयनेकोलॉजिस्ट सी बात क्रय गए और तुम्हारी ट्रीटमेंट की बात क्रय गए.
प्रिय. ठीक है अरविन्द जैसा आप चाहें.
प्रिय अपने कपड़े उतरने लगी.
अरविन्द. क्या बात है आज मेरी कही बगैर हे कापरी उतरने लगी.
प्रिय. 2 साल हो गए हैं हमारी शादी को और में समझ चुकी हूँ क कब मुझे क्या करना है.
अरविन्द. अछि बात है.
प्रिय कपड़े उतर क्र बीएड पैर लेट गयी.
अरविन्द ने कापरी उतरी और प्रिय की टांगें उठा क्र लुंड प्रिय की छूट में घुसा दिए और कच दिएर धक्के मरने क बढ़ प्रिय की छूट को अपने पानी सी भर क्र सो गया.
अगले दिन सब लोग जा चुके थय.
में न्य कशी को फोन किआ.
कशी. Hello प्रिय किसी हो.
प्रिय. में अछि हूँ तुम किसी हो.
कशी. ी ऍम गुड. कल अरविन्द आया था. तुम्हारे चेकउप का बोल रहा था.
प्रिय. हाँ उस ने मुझे बताया है.
कशी. तुम ने मुझे बताया क्यों नहीं क तुम दोनो क दरम्यान कोई मसला चल रहा है.
प्रिय. मुझे लगा तुम सी पर्सनल बातें शेयर करना ठीक नहीं रही गए.
कशी. तुम मुझे बता देती. में डॉ हूँ में तुम्हरी हेल्प ज़रूर करता.
प्रिय. ाचा अब अरविन्द ने तुम्हें बता दिए न. अब तुम हेल्प क्र दो.
कशी. एक बात बोलूं प्रिय तुम बुरा तो नहीं मनाओ गई.
प्रिय. बोलो.
कशी. में भट बार तुम्हारे साथ इंटिमेट होने क बारी में सोचता हूँ.
प्रिय. क्या....
कशी. प्लीज मंद मत करना. में न्य जब सी तुम्हें पहली बार देखा था तब सी हे तुम पैर फ़िदा हो गया था.
प्रिय. तुम भी मुझे भी हैंडसम लगी लकिन में न्य कभी ऐसा नहीं सोचा.
कशी. चलो कोई बात नहीं इसको मेरी फंतासी हे समझ लो.
प्रिय. मुझे ये सुन क्र ाचा लगा क तुम मेरी बारी में सोचते हो.
कशी. तुम अरविन्द क साथ क्लिनिक आओ. में डॉ सी बात क्र लेता हूँ.
प्रिय. तुम अभी डॉ सी बात न करो. जब में कहूं गई तब बात करना.
कशी. और में अरविन्द को क्या जवाब दूँ गए.
प्रिय. कोई बहाना बना देना.
कशी. Ok I'll फिगर समथिंग आउट.
विशाल यूनिवर्सिटी सी निकला तो उसका फोन बजा.
विशाल. Hi पल्लवी.
पल्लवी. अरोरा होटल रूम नंबर 567. जल्दी पोहंचो.
विशाल. वो तो तुम्हरे डैड का होटल है न.
पल्लवी. हाँ जल्दी आओ ी ऍम वेटिंग.
विशाल. ठीक है आता हूँ.
विशाल अरोरा होटल चला गया.
दानी ने रिसेप्शन पैर जा क्र होटल रूम 567 बोलै.
रिसेप्शनिस्ट. यस सर. मम आपका इंतज़ार क्र रही हैं
विशाल होटल रूम क सामने पोहंच गया और दरवाज़ा नॉक किआ.
पल्लवी. हु इस आईटी.
में हूँ विशाल.
पल्लवी ने दरवाज़ा खोला और विशाल अंदर आ गया.
पल्लवी ने एक गाउन पहन रखा था. उस ने दरवाज़ा बंद होते हे गाउन उतर दिए.
अब पल्लवी सिर्फ एक पंतय में थी.
विशाल मुस्कुराया और अपनी शर्ट उतर दी.
उस ने पल्लवी को बीएड पैर बैठा दिए और उस क जिस्म को चूमने लगा.
विशाल पल्लवी को प्यार करते हुए ये नहीं सोचता था क वो मोती है. विशाल बस उसको पूरा मज़ा देने की कोशिश करता था क्यों क विशाल जनता था क पल्लवी बीमार है और उस क पास भट कम वक़्त बाकि है.
पल्लवी ने विशाल को खरा किआ और उसकी पंत खोलने लगी. और विशाल का लुंड पाकर क्र हाथ में ले लिए और हिलने लगी.
विशाल ने पल्लवी का चेहरा अपनी तरफ उठाया और उसको किश करने लगा और दोनो में किसिंग स्टार्ट हो गयी.
विशाल ने पल्लवी को बीएड पैर लेटाया और उसकी पंतय उतर दी.
उस ने पल्लवी की टांगें खोलीं और उस की छूट पैर मुँह लगा दिए और उसकी छूट को चाटने लगा.
आह्हः एस्सस अह्ह्ह्हह्ह विशाल अहहहहहहह पल्लवी सिसकियाँ लेने लगी.
पल्लवी. विशाल....
विशाल. हाँ
पल्लवी. पूत आईटी इनसाइड...
विशाल. अभी सी.
पल्लवी. हाँ ी वांट यू इनसाइड में.
विशाल ने पल्लवी की टांगें उठाएं और उस की छूट पैर लुंड रख क्र अंदर दबा दिए.
आअह्ह्ह्हह एस्सस जस्ट लिखे तहत आअह्ह्ह्ह
पल्लवी सिसक गयी और विशाल पल्लवी क ऊपर झुक गया और उसको किश करने लगा.
विशाल ने पल्लवी की टांगें बिलकुल ऊपर उठा दिन थीं और और उस क घुटने उस क बूब्स क साथ लगा दिए थय.
विशाल का लुंड पल्लवी की छूट की गहराई तक जा रहा था और पल्लवी पूरा मज़ा ले रही थी और कच हे दिएर में झाड़ भी गयी थी.
विशाल ने पल्लवी को घोड़ी बनाया और पीछे सी लुंड उसकी छूट में घुसा दिए.
विशाल पल्लवी की ज़ोरदार चुदाई करने लगा और साथ हे पल्लवी की कमर को चूमने लगा. और उसकी गर्दन को और उस क फेस को अपनी तरफ घुमा क्र चूमने लगा.
ाः यस आअह्ह्ह विशाअल्ल आअह्ह्ह्ह you're अमेजिंग आअह्ह्ह्हह आह्ह्हह्ह्ह्ह ाष्ठ्हहहह
विशाल पल्लवी की ज़ोरदार चुदाई करता जा रहा था और साथ हे उसको चूम भी रहा था.
पल्लवी दूसरी बार भी झाड़ चुकी थी.
पल्लवी ने विशाल को लेटाया और उस क ऊपर आ गयी.
पल्लवी ने विशाल का लुंड अपनी छूट में ले लिए और उस क ऊपर बेथ गयी.
पल्लवी विशाल की तरफ झुकी उसको किश क्र रही थी और उस क लुंड पैर उछाल रही थी.
विशाल ने एक बार पहर पल्लवी को बीएड पैर लेटाया और उस क ऊपर आ क्र पहर सी लुंड उसकी छूट में घुसा दिए.
विशाल पल्लवी क ऊपर झुका और उस को किश करने लगा और साथ हे उसकी रोमांटिक चुदाई करने लगा.
भट दिएर क ज़ोरदार किसिंग और चुदाई क बढ़ पल्लवी ने विशाल को अपने ऊपर सी हटा क्र बीएड पैर लेता दिए
पल्लवी विशाल क लुंड पैर झुक गयी और उस का लुंड मुँह में ले क्र चूसने लगी
पल्लवी एक हाथ सी विशाल का लुंड मसल रही थी और साथ हे चूस रही थी.
विशाल का लुंड चूसने क बढ़ पल्लवी एक बार पहर लेत गयी.
पल्लवी. फ़क में अगेन. ी वांट यू.
विशाल ने पहर सी पल्लवी की टांगें उठा दिन और लुंड उसकी छूट में दाल क्र चुदाई स्टार्ट क्र दी.
अब दोनो किसिंग क्र रही हैं और दोनो में रोमांटिक चुदाई चल रही थी.
पल्लवी एक बार पहर झाड़ चुकी थी और अब विशाल भी झड़ने क करीब था.
पल्लवी. आअह्ह्ह विशाल आअह्ह्ह्ह छुम इनसाइड में विशाल आअह्ह्ह्ह गिव आईटी तो में आअह्ह्ह्हह भर दो मेरी छूट को अपने पानी सी आअह्ह्ह आअह्ह्ह्हह
विशाल भी ज़ोरदार चुदाई करते हुए पल्लवी की छूट में झाड़ गया और उसकी छूट को अपने पानी सी बाहर दिए.
पल्लवी. मेरी कॉल आने क लिए थैंक यू.
विशाल. थैंक यू की कोई ज़रूरत नहीं. तू जब बुलाए गई में आऊं गए.
पल्लवी. एक तू हे मेरा सच्चा दोस्त है विशाल. तुझे में कभी नहीं भूलूँ गई.
विशाल. में हमेशा तेरी साथ हूँ. Don't वोर्री.
दोनो होटल रूम सी निकले और विशाल घर चला गया
सुबह विशाल उठा तो उस को पल्लवी का मैसेज मिला.
पल्लवी. शायद हम दुबारा कभी न मिलाएँ. तुम्हारे साथ में न्य अपनी ज़िन्दगी क सब सी खूबसूरत पल गुज़री हैं. तुम ने मेरी जिस्म को देखे बगैर मुझे अपना दोस्त बनाया उस क लिए थैंक यू.
और ऐसी जाने क लिए सॉरी.
में तुम सी बस एक हे बात कहना चाहती हूँ.
ी लव यू.
विशाल पल्लवी क मैसेज का रिप्लाई करने लगा तो उसको पता चला क पल्लवी ने उसको ब्लॉक क्र दिए था.
उस ने पल्लवी क फोन नंबर पैर कॉल की तो उसका नंबर ऑफ था.
उस ने पल्लवी क सोशल मीडिया एकाउंट्स चेक किये तो वहां सी भी पल्लवी ने उसको ब्लॉक क्र दिए था.
विशाल पल्लवी सी प्यार नहीं करता था वो सिर्फ विशाल की एक अछि दोस्त थी लकिन पल्लवी का ऐसी उसको चोर क्र जाना विशाल को बिलकुल भी ाचा नहीं लगा था.
विशाल यूनिवर्सिटी क बढ़ पल्लवी क घर चला गया.
मनीषा (पल्लवी की माँ). में जानती थी तुम आओ गए.
विशाल. पल्लवी कहाँ है.
मनीषा. वो यहाँ नहीं है.
विशाल. यही तो में भी पूछ रहा हूँ कहाँ है पल्लवी.
मनीषा. पल्लवी ने कच भी बताने सी मन किआ है. में बस इतना बता सकती हूँ क पल्लवी यहाँ सी भट दूर चली गयी है.
विशाल. लकिन क्यों.
मनीषा. तुम तो जानते हो क पल्लवी क पास वक़्त काम है. और तुम्हारे इलावा सब उसका मज़ाक ुरते हैं. इस लिए पल्लवी यहाँ सी चली गयी ता क जितना वक़्त बाकि है वो सुकून सी गुज़र सके.
विशाल. लकिन उसी मुझ सी एक बार मिल क्र जाना चाहिए था.
मनीषा. कल वो होटल में तुम्हारे साथ हे तो थी.
विशाल. हाँ वो कृत्य साथ थी लकिन उस ने जाने क बारी में कच नहीं कहा.
मनीषा. शायद वो तुम्हें परेशान नहीं करना चाहती थी.
विशाल. क्या उस सी बात नहीं हो सकती.
मनीषा. वो तुम सी बात नहीं करे गई. और में भी यही कहूं गई क उस क बारी में बात मत करना.