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Episode 82
विशाल और प्रिय गाओं में अपने माँ बाप क घर में थय
विशाल प्रिय की छूट को रैगर क्र प्रिय को झड़ने का सुख दे चूका था.
अब प्रिय विशाल की तरफ घूमी और उस की पंत निचे क्र दी.
प्रिय ने विशाल का लुंड पाकर क्र मुँह में लिए.
प्रिय को महसूस हुआ क विशाल का लुंड पिछली बार सी भट बर्रा और मोटा हो गया था.
पिछली बार जब विशाल और प्रिय यहाँ थय तो दोनो में यही सब हुआ था लकिन उस वक़्त विशाल ने जूही की दी मेडिसिन कम्पलीट नहीं की थी.
अब विशाल का लुंड पहले सी बर्रा और मोटा था.
प्रिय. ये इतना बर्रा किसी हो गया
विशाल. वो में तुझे बढ़ में बताओं गए.
प्रिय ने विशाल का लुंड मुँह में ले लिए और चूसने लगी
विशाल को भट मज़ा आ रहा था. प्रिय उस का पूरा लुंड मुँह में लेने की कोशिश क्र रही थी.
वो जितना लुंड मुँह में ले पा रही थी उतना मुँह में ले क्र चूस रही थी.
कच दिएर क बढ़ विशाल ने प्रिय को रोक दिए और उस की शलवार उतर दी
उस क बढ़ विशाल ने प्रिय की पंतय भी उतर दी.
प्रिय को विशाल क सामने नंगा होने में कोई प्रॉब्लम नहीं था क्यों क वो पहले भी विशाल सी अपनी छूट चटवा चुकी थी.
विशाल ने प्रिय की टांगें खोलीं और उस की छूट पैर मुँह लगा दिए.
विशाल ने प्रिय की छूट को चाट लिए ाहर प्रिय सिसकियाँ लेने लगी.
विशाल तेज़ी सी प्रिय की छूट को चाट रहा था और प्रिय सिसकियाँ ले रही थी.
प्रिय. आअह्ह्ह आह्ह्ह्ह विशाल ाः आह्हः ऐसी हे करता जा आअह्ह्ह अह्ह्ह्ह
प्रिय विशाल क सर पैर हाथ रख क्र उसको अपनी छूट पैर दबा रही थी.
और एक बार पहर झाड़ गयी थी.
विशाल उठा और उस ने अपना लुंड प्रिय की छूट पैर रख दिए
प्रिय ने आज तक कभी विशाल को आगे नहीं बढ़ने दिए था. लकिन आज प्रिय ने अपना सर पीछे किआ और आंखें बंद क्र लीन
विशाल समझ गया क ये प्रिय की हाँ है. विशाल ने अपना लुंड प्रिय की छूट में दाल दिए और अंदर दबाने लगा.
आह आह आह अहह अहह प्रिय की हलकी हलकी सिसकियाँ निकलने लगी.
विशाल ने झुक क्र प्रिय क होंतुन को अपने होंतुन में लिए और एक हे धक्के में लुंड प्रिय की छूट में उतर दिए.
प्रिय चींखना चाहती थी लकिन उस क होंठ विशाल क होंतुन में क़ैद थय.
प्रिय. Hmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm
उस की आवाज़ विशाल क होन्तुब ने बंद क्र ली थी.
अब विशाल हलके हलके धक्के मरने लगा और प्रिय क होंतुन को अपने होंतुन सी आज़ाद क्र दिए
अब विशाल अपने स्पीड बढ़ाने लगा और प्रिय की सिसकियाँ भी बढ़ने लगीं
प्रिय ने आज तक कभी इतना लम्बा और मोटा लुंड नहीं लिए था. और थोड़ी हे दिएर में प्रिय झाड़ गयी.
विशाल ने प्रिय को घोड़ी बना दिए और पीछे सी लुंड उसकी छूट में घुसा दिए.
विशाल अब धक्के मरने लगा और एक बार पहर प्रिय की सिसकियाँ निकलने लगीं
प्रिय भी अपनी गांड आगे पीछे क्र क विशाल का लुंड अंदर ले रही थी.
एक बार पहर विशाल ने ज़ोरदार धक्के लगाना स्टार्ट क्र दिए.
विशाल अब प्रिय की ज़ोरदार चुदाई क्र रहा था.
प्रिय को आज तक इतना मज़ा कभी नहीं आया था जितना उसको अपने भाई सी चुदाई करवाने में आ रहा था.
प्रिय की सिस्क्यान चीखूँ में बदलने लगी थीं और कच हे दिएर में वो एक बार पहर झाड़ चुकी थी.
विशाल भी भट दिएर प्रिय की छूट की गर्मी नहीं सेह पाया और वो भी झड़ने लगा.
विशाल ने कच ज़ोरदार धक्के मरे और विशाल प्रिय की छूट क अंदर झड़ने लगा.
विशाल ने अपनी बहन की छूट को अपने पानी सी भर दिए.
विशाल ने अपना लुंड बहार खेंचा तो प्रिय की छूट सी उसक और प्रिय क पानी का मिक्सचर बहार निकल आया
दोनो एक दूसरी सी लिपट क्र लेत गए.
विशाल. केसा लगा.
प्रिय. भट ाचा लगा. अब बता इतना बर्रा किसी किआ.
विशाल. में न्य तुझे जूही मम क बारी में बताया था न.
प्रिय. हाँ उनकी वजह सी हे तो हम मिले थय.
विशाल. ुनहु ने कच मेडिसिन दी थी. उस सी हुआ.
प्रिय. में ने आज तक ऐसा मज़ा कभी महसूस नहीं किआ.
विशाल. में तो भट पहले तुझे ये मज़ा देना चाहता था. लकिन तू ने कभी आगे बढ़ने हे नहीं दिए.
प्रिय. अब कभी नहीं रोकूं गई.
दोनो में कपड़े पहने और सो गए.
दूसरी तरफ रॉकी और तनु का खेल जारी था.
रॉकी ने हरिया को घर न आने क पेसय दिए थय.
रात क 2 बज रही थय. रॉकी ने तनु की टांगें उठा राखी थीं और ज़ोरदार धक्के मर रहा था.
तनु. ाहाहहहह अहहहहहहह स्स्साआबबबबब आअह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह
रॉकी तीसरी बार भी तनु क मुँह में झाड़ चूका था.
तनु. बस करो साहब अब और नहीं होता. मर्डर जाओं गई.
रॉकी. ाचा ठीक है. सो जा. सुबह एक बार और करूं गए पहर चला जाओं गए.
रॉकी ने तनु को खुद सी चिपका लिए और दोनो सो गए.
सुबह उठा क्र रॉकी ने तनु क साथ एक और राउंड लगाया और हवेली चला गया
विशाल को अपने जिस्म पैर किसी का हाथ फील हुआ तो उसकी आँख खुली.
प्रिय विशाल क जिस्म पैर हाथ फेर रही रही.
प्रिय का हाथ विशाल क लुंड पैर चला गया जो फुल तना हुआ था.
विशाल प्रिय की तरफ घुमा और उसको दूसरी तरफ घुमा क्र पीछे सी हुग क्र लिए.
अब विशाल पीछे सी प्रिय को चूमने लगा और उस क जिस्म पैर हाथ फेरने लगा.
प्रिय ने अपने मम्मी अपनी शर्ट सी बहार निकल दिए और विशाल उस क मम्मी दबाने लगा और उस को चूमने लगा.
विशाल ने प्रिय की शलवार उतर दी और अपना तना हुआ लुंड प्रिय की छूट में घुसा दिए.
Aaahhhhhhhhhh प्रिय की सिसकी निकल गयी और विशाल ने धक्के लगाना स्टार्ट क्र दिए.
विशाल अब प्रिय की ज़ोरदार चुदाई करने लगा
विशाल ने प्रिय का चेहरा अपनी तरफ घुमाया और उस क होंतुन को चूमने लगा साथ हे ज़ोरदार धक्के मरने लगा
ाः आठ आह्हः आठ अह्ह्ह आह आह्हः प्रिय की सिसकियाँ बढ़ती जा रही थी और साथ हे विशाल की स्पीड भी बढ़ती जा रही थी.
विशाल ज़ोरदार चुदाई क्र रहा था और कच दिएर में प्रिय का जिस्म कांपने और झटके खाने लगा.
आअह्हह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह विशाललललल आ आह्ह्ह्ह
प्रिय झाड़ गयी.
प्रिय ने विशाल को सीधा लेता दिए और विशाल क ऊपर आ क्र उस क लुंड पैर झुक गयी.
प्रिय ने विशाल का लुंड अपने मुँह में ले किआ और चूसने लगी.
अब विशाल लेता हुआ था और प्रिय विशाल का लुंड चूस रही थी.
प्रिय 20 मिनट सी विशाल का लुंड चूस रही थी और विशाल अब झड़ने वाला था.
विशाल ने प्रिय को नहीं रोका और कच हे दिएर में विशाल प्रिय क मुँह क अंदर हे झड़ने लगा.
प्रिय क मुँह में गरम पानी का फुवारा उबाल पर्रा और उस ने विशाल का सारा पानी अपने मुँह में ले लिए.
प्रिय उठी और खुद को साफ़ क्र क कपड़े पहने और बहार चली गयी.
माँ. विशाल नहीं जगा क्या.
प्रिय. जाग गया है. आ रहा हो गए.
पापा. उसको बोल जल्दी करे हवेली भी जाना है.
कच दिएर में विशाल भी बहार आ गया और सब में नाश्ता किआ और हवेली चले गए.
रॉकी भी तनु क घर सी वापस आ चूका था.
रॉकी वापस आया तो हरिया घर चला गया.
हरिया. किसी गुज़री रात मेरी जान.
तनु. ये बता पैसा कितना मिला.
हरिया. पेसय का क्यों पूछ रही है तू.
तनु. क्यों क वो मुझे पूरी रात छोड़ता रहा. अब पूरी रात छुड़वाने का ाचा पैसा मिलना चाहिए न.
हरिया. पैसा ाचा मिला है. लकिन पूरी रात का क्या मतलब.
तनु. उस ने मुझे एक रात में इतना छोड़ा है जितना तू एक महीने में नहीं छोड़ पता. साला सुजा दिए निचे सी
3 बार रात को किआ और पहर एक बार सुबह किआ.
हरिया. साला ये रॉकी खता क्या है इतनी ताक़त.
बलराम और उसकी फॅमिली शहर वापस चले गए और विशाल गाओं में हे रुक गया.
विशाल ने अपने दोस्तुं को इन्फॉर्म क्र दिए क वो 1 वीक यूनिवर्सिटी नहीं आय गए.
1 हफ्ता रॉकी गाओं में हे रहा और हवेली पैर मेहमान आते तो उनको अटेंड करता.
और पहर रॉकी शहर आ गया.
बलराम ने पेपर्स तैयार करवा दिए थय.
रात की डिनर क बढ़ बलराम बे सब को बुलाया.
बलराम ने अपनी टीनू बेटीयुं को भी बुलाया था
बलराम. आज में न्य तुम सब को एक भट इम्पोर्टेन्ट बात करने क लिए बुलाया है.
अरविन्द. क्या बात है डैड.
बलराम. देखो मेरी बचो. में अब बूढ़ा हो रहा हूँ. और अब मुझे लगता है क सही वक़्त आ गया है क तुम सब को तुम्हारी ज़िमेदारी दे दी जाए.
रॉकी. किसी ज़िमेदारी डैड
रॉकी अचे सी जनता था क बलराम क्या बोल रहा है.
बलराम. में ने अपनी प्रॉपर्टी का बटवारा करने का फैसला किआ है.
सब हैरान हो क्र बलराम को देखने लगी
आये वकील साहब सही वक़्त पैर आय हैं. बलराम दरवाज़ी की तरफ देख क्र बोलै.
लॉयर. ी होप ी ऍम नॉट लेट.
बलराम. नहीं नहीं. आप सही वक़्त पैर आय हैं.
इन सब को मेरा देक्सीओं सुना दिज्ये.
लॉयर. नंबर 1. सैथ बलराम ने अपनी प्रॉपर्टी का 10 परसेंट अपनी पत्नी रेखा ग क नाम क्र दिए है. वो जब चाहें जैसी चाहें दे सकती हैं. और अगर न देना चाहें तो उनकी मर्ज़ी है.
नंबर 2. सैथ बलराम ने प्रॉपर्टी का 35 परसेंट अरविन्द क नाम और 35 परसेंट रॉकी का नाम क्र दिए है.
नंबर 3. बाकि बचे 20 परसेंट बलराम सैथ का नाम रहें गए. और बलराम सैथ की डेथ क बढ़ उनकी ताणु बेटीयुं पूनम सोनाली और शिल्पा में बराबर डिवाइड के दिए जाए गए.
अरविन्द. डैड ये सब क्या है. 35 परसेंट. में आपका असल बीटा हूँ. रॉकी तो आपका असल बीटा भी नहीं है.
बलराम. तुम दोनो मेरी बेटी और मेरा खून हो. मेरी लिए दोनो बराबर हो.
और अगर तुम्हें मेरी फैसले पैर ऐतराज़ है तो कोर्ट में चलेंगे करो.
लॉयर. लकिन अरविन्द मियां ऐसा करना ठीक नहीं हो गए क्यों क सर अगर चाहें तो तुम्हें एक फूटी कोरी भी न मिले. ये उनकी प्रॉपर्टी और उनका देक्सीओं है.
बलराम. किसी और को कोई ऐतराज़.
रॉकी. नहीं डैड आप ने बिलकुल सही फैसला किआ है.
लॉयर. और एक आखरी बात. जब तक बलराम सैथ खुद न चूर्ण चाहें कम्पनीज का पूरा कण्ट्रोल बलराम सैथ क पास हे रही गए.
अब अगर आप सब इस बात पैर एग्री हैं तो पेपर्स पैर सिग्न किये.
सब सी पहले रॉकी ने सिग्न किआ और पहर शिल्पा सोनाली पूनम रेखा और सब सी आखिर में न चाहती हुए भी अरविन्द ने सिग्न क्र दिए.
रॉकी अपने प्लान में कामयाब हो चूका था.
रात को रॉकी अपने कमरे में था तो उसका फोन बजा.
ये सीमा थी.
सीमा. कोंग्रटुलतिओन्स रॉकी. अब चुप चाप 17. 5 परसेंट मेरी नाम क्र दो.
इसको किसी पता चला. रॉकी सोचते हुए
सीमा. क्या सोच रही हो रॉकी.
रॉकी. में तुम सी मिलता हूँ कल.
सीमा. में इंतज़ार करूं गई.
रॉकी सोच में पारर गया "इतना जल्दी इसको किसी पता चला."
सीमा को ये खबर देने वाला कोई और नहीं प्रिय थी.
विशाल और प्रिय गाओं में अपने माँ बाप क घर में थय
विशाल प्रिय की छूट को रैगर क्र प्रिय को झड़ने का सुख दे चूका था.
अब प्रिय विशाल की तरफ घूमी और उस की पंत निचे क्र दी.
प्रिय ने विशाल का लुंड पाकर क्र मुँह में लिए.
प्रिय को महसूस हुआ क विशाल का लुंड पिछली बार सी भट बर्रा और मोटा हो गया था.
पिछली बार जब विशाल और प्रिय यहाँ थय तो दोनो में यही सब हुआ था लकिन उस वक़्त विशाल ने जूही की दी मेडिसिन कम्पलीट नहीं की थी.
अब विशाल का लुंड पहले सी बर्रा और मोटा था.
प्रिय. ये इतना बर्रा किसी हो गया
विशाल. वो में तुझे बढ़ में बताओं गए.
प्रिय ने विशाल का लुंड मुँह में ले लिए और चूसने लगी
विशाल को भट मज़ा आ रहा था. प्रिय उस का पूरा लुंड मुँह में लेने की कोशिश क्र रही थी.
वो जितना लुंड मुँह में ले पा रही थी उतना मुँह में ले क्र चूस रही थी.
कच दिएर क बढ़ विशाल ने प्रिय को रोक दिए और उस की शलवार उतर दी
उस क बढ़ विशाल ने प्रिय की पंतय भी उतर दी.
प्रिय को विशाल क सामने नंगा होने में कोई प्रॉब्लम नहीं था क्यों क वो पहले भी विशाल सी अपनी छूट चटवा चुकी थी.
विशाल ने प्रिय की टांगें खोलीं और उस की छूट पैर मुँह लगा दिए.
विशाल ने प्रिय की छूट को चाट लिए ाहर प्रिय सिसकियाँ लेने लगी.
विशाल तेज़ी सी प्रिय की छूट को चाट रहा था और प्रिय सिसकियाँ ले रही थी.
प्रिय. आअह्ह्ह आह्ह्ह्ह विशाल ाः आह्हः ऐसी हे करता जा आअह्ह्ह अह्ह्ह्ह
प्रिय विशाल क सर पैर हाथ रख क्र उसको अपनी छूट पैर दबा रही थी.
और एक बार पहर झाड़ गयी थी.
विशाल उठा और उस ने अपना लुंड प्रिय की छूट पैर रख दिए
प्रिय ने आज तक कभी विशाल को आगे नहीं बढ़ने दिए था. लकिन आज प्रिय ने अपना सर पीछे किआ और आंखें बंद क्र लीन
विशाल समझ गया क ये प्रिय की हाँ है. विशाल ने अपना लुंड प्रिय की छूट में दाल दिए और अंदर दबाने लगा.
आह आह आह अहह अहह प्रिय की हलकी हलकी सिसकियाँ निकलने लगी.
विशाल ने झुक क्र प्रिय क होंतुन को अपने होंतुन में लिए और एक हे धक्के में लुंड प्रिय की छूट में उतर दिए.
प्रिय चींखना चाहती थी लकिन उस क होंठ विशाल क होंतुन में क़ैद थय.
प्रिय. Hmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm
उस की आवाज़ विशाल क होन्तुब ने बंद क्र ली थी.
अब विशाल हलके हलके धक्के मरने लगा और प्रिय क होंतुन को अपने होंतुन सी आज़ाद क्र दिए
अब विशाल अपने स्पीड बढ़ाने लगा और प्रिय की सिसकियाँ भी बढ़ने लगीं
प्रिय ने आज तक कभी इतना लम्बा और मोटा लुंड नहीं लिए था. और थोड़ी हे दिएर में प्रिय झाड़ गयी.
विशाल ने प्रिय को घोड़ी बना दिए और पीछे सी लुंड उसकी छूट में घुसा दिए.
विशाल अब धक्के मरने लगा और एक बार पहर प्रिय की सिसकियाँ निकलने लगीं
प्रिय भी अपनी गांड आगे पीछे क्र क विशाल का लुंड अंदर ले रही थी.
एक बार पहर विशाल ने ज़ोरदार धक्के लगाना स्टार्ट क्र दिए.
विशाल अब प्रिय की ज़ोरदार चुदाई क्र रहा था.
प्रिय को आज तक इतना मज़ा कभी नहीं आया था जितना उसको अपने भाई सी चुदाई करवाने में आ रहा था.
प्रिय की सिस्क्यान चीखूँ में बदलने लगी थीं और कच हे दिएर में वो एक बार पहर झाड़ चुकी थी.
विशाल भी भट दिएर प्रिय की छूट की गर्मी नहीं सेह पाया और वो भी झड़ने लगा.
विशाल ने कच ज़ोरदार धक्के मरे और विशाल प्रिय की छूट क अंदर झड़ने लगा.
विशाल ने अपनी बहन की छूट को अपने पानी सी भर दिए.
विशाल ने अपना लुंड बहार खेंचा तो प्रिय की छूट सी उसक और प्रिय क पानी का मिक्सचर बहार निकल आया
दोनो एक दूसरी सी लिपट क्र लेत गए.
विशाल. केसा लगा.
प्रिय. भट ाचा लगा. अब बता इतना बर्रा किसी किआ.
विशाल. में न्य तुझे जूही मम क बारी में बताया था न.
प्रिय. हाँ उनकी वजह सी हे तो हम मिले थय.
विशाल. ुनहु ने कच मेडिसिन दी थी. उस सी हुआ.
प्रिय. में ने आज तक ऐसा मज़ा कभी महसूस नहीं किआ.
विशाल. में तो भट पहले तुझे ये मज़ा देना चाहता था. लकिन तू ने कभी आगे बढ़ने हे नहीं दिए.
प्रिय. अब कभी नहीं रोकूं गई.
दोनो में कपड़े पहने और सो गए.
दूसरी तरफ रॉकी और तनु का खेल जारी था.
रॉकी ने हरिया को घर न आने क पेसय दिए थय.
रात क 2 बज रही थय. रॉकी ने तनु की टांगें उठा राखी थीं और ज़ोरदार धक्के मर रहा था.
तनु. ाहाहहहह अहहहहहहह स्स्साआबबबबब आअह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह
रॉकी तीसरी बार भी तनु क मुँह में झाड़ चूका था.
तनु. बस करो साहब अब और नहीं होता. मर्डर जाओं गई.
रॉकी. ाचा ठीक है. सो जा. सुबह एक बार और करूं गए पहर चला जाओं गए.
रॉकी ने तनु को खुद सी चिपका लिए और दोनो सो गए.
सुबह उठा क्र रॉकी ने तनु क साथ एक और राउंड लगाया और हवेली चला गया
विशाल को अपने जिस्म पैर किसी का हाथ फील हुआ तो उसकी आँख खुली.
प्रिय विशाल क जिस्म पैर हाथ फेर रही रही.
प्रिय का हाथ विशाल क लुंड पैर चला गया जो फुल तना हुआ था.
विशाल प्रिय की तरफ घुमा और उसको दूसरी तरफ घुमा क्र पीछे सी हुग क्र लिए.
अब विशाल पीछे सी प्रिय को चूमने लगा और उस क जिस्म पैर हाथ फेरने लगा.
प्रिय ने अपने मम्मी अपनी शर्ट सी बहार निकल दिए और विशाल उस क मम्मी दबाने लगा और उस को चूमने लगा.
विशाल ने प्रिय की शलवार उतर दी और अपना तना हुआ लुंड प्रिय की छूट में घुसा दिए.
Aaahhhhhhhhhh प्रिय की सिसकी निकल गयी और विशाल ने धक्के लगाना स्टार्ट क्र दिए.
विशाल अब प्रिय की ज़ोरदार चुदाई करने लगा
विशाल ने प्रिय का चेहरा अपनी तरफ घुमाया और उस क होंतुन को चूमने लगा साथ हे ज़ोरदार धक्के मरने लगा
ाः आठ आह्हः आठ अह्ह्ह आह आह्हः प्रिय की सिसकियाँ बढ़ती जा रही थी और साथ हे विशाल की स्पीड भी बढ़ती जा रही थी.
विशाल ज़ोरदार चुदाई क्र रहा था और कच दिएर में प्रिय का जिस्म कांपने और झटके खाने लगा.
आअह्हह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह विशाललललल आ आह्ह्ह्ह
प्रिय झाड़ गयी.
प्रिय ने विशाल को सीधा लेता दिए और विशाल क ऊपर आ क्र उस क लुंड पैर झुक गयी.
प्रिय ने विशाल का लुंड अपने मुँह में ले किआ और चूसने लगी.
अब विशाल लेता हुआ था और प्रिय विशाल का लुंड चूस रही थी.
प्रिय 20 मिनट सी विशाल का लुंड चूस रही थी और विशाल अब झड़ने वाला था.
विशाल ने प्रिय को नहीं रोका और कच हे दिएर में विशाल प्रिय क मुँह क अंदर हे झड़ने लगा.
प्रिय क मुँह में गरम पानी का फुवारा उबाल पर्रा और उस ने विशाल का सारा पानी अपने मुँह में ले लिए.
प्रिय उठी और खुद को साफ़ क्र क कपड़े पहने और बहार चली गयी.
माँ. विशाल नहीं जगा क्या.
प्रिय. जाग गया है. आ रहा हो गए.
पापा. उसको बोल जल्दी करे हवेली भी जाना है.
कच दिएर में विशाल भी बहार आ गया और सब में नाश्ता किआ और हवेली चले गए.
रॉकी भी तनु क घर सी वापस आ चूका था.
रॉकी वापस आया तो हरिया घर चला गया.
हरिया. किसी गुज़री रात मेरी जान.
तनु. ये बता पैसा कितना मिला.
हरिया. पेसय का क्यों पूछ रही है तू.
तनु. क्यों क वो मुझे पूरी रात छोड़ता रहा. अब पूरी रात छुड़वाने का ाचा पैसा मिलना चाहिए न.
हरिया. पैसा ाचा मिला है. लकिन पूरी रात का क्या मतलब.
तनु. उस ने मुझे एक रात में इतना छोड़ा है जितना तू एक महीने में नहीं छोड़ पता. साला सुजा दिए निचे सी
3 बार रात को किआ और पहर एक बार सुबह किआ.
हरिया. साला ये रॉकी खता क्या है इतनी ताक़त.
बलराम और उसकी फॅमिली शहर वापस चले गए और विशाल गाओं में हे रुक गया.
विशाल ने अपने दोस्तुं को इन्फॉर्म क्र दिए क वो 1 वीक यूनिवर्सिटी नहीं आय गए.
1 हफ्ता रॉकी गाओं में हे रहा और हवेली पैर मेहमान आते तो उनको अटेंड करता.
और पहर रॉकी शहर आ गया.
बलराम ने पेपर्स तैयार करवा दिए थय.
रात की डिनर क बढ़ बलराम बे सब को बुलाया.
बलराम ने अपनी टीनू बेटीयुं को भी बुलाया था
बलराम. आज में न्य तुम सब को एक भट इम्पोर्टेन्ट बात करने क लिए बुलाया है.
अरविन्द. क्या बात है डैड.
बलराम. देखो मेरी बचो. में अब बूढ़ा हो रहा हूँ. और अब मुझे लगता है क सही वक़्त आ गया है क तुम सब को तुम्हारी ज़िमेदारी दे दी जाए.
रॉकी. किसी ज़िमेदारी डैड
रॉकी अचे सी जनता था क बलराम क्या बोल रहा है.
बलराम. में ने अपनी प्रॉपर्टी का बटवारा करने का फैसला किआ है.
सब हैरान हो क्र बलराम को देखने लगी
आये वकील साहब सही वक़्त पैर आय हैं. बलराम दरवाज़ी की तरफ देख क्र बोलै.
लॉयर. ी होप ी ऍम नॉट लेट.
बलराम. नहीं नहीं. आप सही वक़्त पैर आय हैं.
इन सब को मेरा देक्सीओं सुना दिज्ये.
लॉयर. नंबर 1. सैथ बलराम ने अपनी प्रॉपर्टी का 10 परसेंट अपनी पत्नी रेखा ग क नाम क्र दिए है. वो जब चाहें जैसी चाहें दे सकती हैं. और अगर न देना चाहें तो उनकी मर्ज़ी है.
नंबर 2. सैथ बलराम ने प्रॉपर्टी का 35 परसेंट अरविन्द क नाम और 35 परसेंट रॉकी का नाम क्र दिए है.
नंबर 3. बाकि बचे 20 परसेंट बलराम सैथ का नाम रहें गए. और बलराम सैथ की डेथ क बढ़ उनकी ताणु बेटीयुं पूनम सोनाली और शिल्पा में बराबर डिवाइड के दिए जाए गए.
अरविन्द. डैड ये सब क्या है. 35 परसेंट. में आपका असल बीटा हूँ. रॉकी तो आपका असल बीटा भी नहीं है.
बलराम. तुम दोनो मेरी बेटी और मेरा खून हो. मेरी लिए दोनो बराबर हो.
और अगर तुम्हें मेरी फैसले पैर ऐतराज़ है तो कोर्ट में चलेंगे करो.
लॉयर. लकिन अरविन्द मियां ऐसा करना ठीक नहीं हो गए क्यों क सर अगर चाहें तो तुम्हें एक फूटी कोरी भी न मिले. ये उनकी प्रॉपर्टी और उनका देक्सीओं है.
बलराम. किसी और को कोई ऐतराज़.
रॉकी. नहीं डैड आप ने बिलकुल सही फैसला किआ है.
लॉयर. और एक आखरी बात. जब तक बलराम सैथ खुद न चूर्ण चाहें कम्पनीज का पूरा कण्ट्रोल बलराम सैथ क पास हे रही गए.
अब अगर आप सब इस बात पैर एग्री हैं तो पेपर्स पैर सिग्न किये.
सब सी पहले रॉकी ने सिग्न किआ और पहर शिल्पा सोनाली पूनम रेखा और सब सी आखिर में न चाहती हुए भी अरविन्द ने सिग्न क्र दिए.
रॉकी अपने प्लान में कामयाब हो चूका था.
रात को रॉकी अपने कमरे में था तो उसका फोन बजा.
ये सीमा थी.
सीमा. कोंग्रटुलतिओन्स रॉकी. अब चुप चाप 17. 5 परसेंट मेरी नाम क्र दो.
इसको किसी पता चला. रॉकी सोचते हुए
सीमा. क्या सोच रही हो रॉकी.
रॉकी. में तुम सी मिलता हूँ कल.
सीमा. में इंतज़ार करूं गई.
रॉकी सोच में पारर गया "इतना जल्दी इसको किसी पता चला."
सीमा को ये खबर देने वाला कोई और नहीं प्रिय थी.