- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 142,963
Episode 100
प्रिय ने शिल्पा को कॉल किआ.
प्रिय. Hi शिल्पा किसी हो.
शिल्पा. में अछि हूँ. तुम किसी हो.
प्रिय. में भी ठीक हूँ. तुम से मिलना चाहती हूँ.
शिल्पा. क्यों...
प्रिय. तुम सी कच ज़रूरी बात करनी है.
शिल्पा. OK में ऑफिस आ जाती हूँ.
प्रिय. नहीं ऑफिस नहीं तुम मेरी घर आ जाओ.
शिल्पा. ठीक है में तुम्हारे घर आ जाओं गई.
विशाल अपने दोस्तुं क साथ बैठा था. विशाल की यूनिवर्सिटी ख़तम होने वाली थी. आज उनका यूनिवर्सिटी का लास्ट डे था. और अब ये लोग आगे का प्लान क्र रही थय.
विशाल और स्नेहा भी अपना फ्यूचर प्लान क्र रही थय.
और सब ने ये डीडे किआ क वो यूनिवर्सिटी क बढ़ भी राब्ते में रहें गए.
यूनिवर्सिटी ऑफ़ सी निकल क्र सब ने एक साथ लंच किआ और चले गए.
स्नेहा विशाल क साथ उस क घर आ गयी और अर्णव और कबीर अपने फ्लैट पैर चले गए.
अर्णव और कबीर दूसरी सिटीज से थय इस लिए वो दोनो कच दिन में अपनी अपनी सिटी वापस चले गए.
प्रिय क ऑफिस में प्रिय भट अछि रेपुटेशन बना चुकी थी. जॉन प्रोजेक्ट प्रिय लेती थी उस में ाचा प्रॉफिट आता था और प्रिय रॉकी को भी पूरा सपोर्ट करती थी.
विशाल और स्नेहा घर पैर बैठी थय. प्रिय अभी तक ऑफिस सी नहीं आई थी.
स्नेहा. विशाल जनता है में ने कभी तुझ सी शादी क बारी में नहीं सोचा.
विशाल. जनता हूँ. क्यों क तेरी घर वाली कभी इस क लिए नहीं मानें गए.
स्नेहा. लकिन तेरी साथ में ने जितना भी टाइम गुज़ारा भट ाचा टाइम गुज़ारा
विशाल. हाँ यार तू मेरी उन दोस्तुं में सी है जिन को में कभी नहीं भुला सकता.
स्नेहा. हम बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड हैं लकिन एक में तुझे एक बात क्लियर बता दूँ क अगर मेरी घर वळून ने मेरी शादी का फैसला क्र लिए तो में इंकार नहीं करूं गई.
विशाल. में तुझे इंकार करने का कहूं गए भी नहीं. क्यों क में तेरी लिए भी बेहतर चाहता हूँ.
स्नेहा. लकिन एक बात है. तू ने आज तक मुझ सी रिलेशनशिप बनाने की कोशिश क्यों नहीं की.
विशाल. में तेरी मर्ज़ी क बगैर कच नहीं करना चाहता था.
स्नेहा. और अगर में कहूं क मेरी मर्ज़ी है तो.
विशाल. तो पहर मुझे कोई ऐतराज़ नहीं हो गए.
स्नेहा. गेट उप....
विशाल. क्या हुआ.
स्नेहा. खरा हो पहर बताती हूँ.
विशाल खरा हो गया और स्नेहा विशाल क सामने बेथ गयी और विशाल की पंत खोल क्र उसका लुंड बहार निकल लिए और मुँह में ले क्र चूसने लगी.
विशाल ने एक हाथ स्नेहा क सर पैर रख लिए और स्नेहा क मुँह में लुंड घुसाने लगा.
स्नेहा विशाल का लुंड चूस रही थी और विशाल अपनी कमर हिला क्र लुंड स्नेहा क मुँह में घुसा रहा था और उसका मुँह छोड़ रहा था.
विशाल ने स्नेहा को उठाया और बीएड पैर लेता दिए.
विशाल ने स्नेहा की पंत उतर दी और उस की छूट पैर मुँह लगा दिए.
स्नेहा. सिसक और विशाल स्नेहा की छूट को चाटने लगा.
स्नेहा. आआह्ह्ह्हह आह्ह्ह्हह्ह विशालललललल ाअय्यउ एससससससससस स्नेहा आहें और सिसकियाँ ले रही थी और विशाल उस की छूट को चाट और चूस रहा था.
स्नेहा ने विशाल क बाल पाकर रखे थे और विशाल क सर को अपनी छूट पैर दबा रही थी.
कच हे दिएर में स्नेहा झाड़ गयी.
विशाल ने स्नेहा को घोड़ी बना दिए और उस की छूट पैर लुंड रख क्र अंदर दबा दिए.
स्नेहा की चींख निकल गयी.
Aaahhhhhhhhhh विशाल में धक्के लगाना स्टार्ट क्र दिए और स्नेहा की चुदाई स्तरी क्र दी.
विशाल स्नेहा की ज़ोरदार चुदाई क्र रहा था और स्नेहा माज़ी में आहें और सिसकियाँ ले रही थी.
स्नेहा. ाःह आह्हः अह्ह्ह्हह ाः ो माय गॉड ो माय गॉड ाः आठ आह्हः आअह्ह्ह्हह आअह्ह्ह्हह स्नेहा एक बार पहर झाड़ गयी थी.
विशाल लेत गया और स्नेहा विशाल क ऊपर आ गयी. स्नेहा ने विशाल का लुंड पाकर क्र अपनी छूट में ले लिए और उस पैर उछलने लगी.
विशाल का लुंड स्नेहा की छूट क अंदर बहार होने लगा.
स्नेहा विशाल क लुंड पैर उछाल रही थी और विशाल का लुंड स्नेहा की छूट क अंदर बहार हो रहा था.
स्नेहा स्पीड को खुद कण्ट्रोल क्र रही थी और पूरी ताक़त सी उछाल रही थी.
उस की सिसकियाँ बढ़ती जा रही थीं और कच हे दिएर में स्नेहा एक बार पहर झाड़ चुकी थी.
विशाल ने स्नेहा को सीधा लेता दिए और उसकी टांगें खोल क्र लुंड उसकी छूट में घुसा दिए.
विशाल ने धक्के लगाने शरू क्र दिए और एक बार पहर स्नेहा की सिसकियाँ स्टार्ट हो गयी.
प्रिय घर वापस आ चुकी थी और वो विशाल से मिलने उस क कमरे की तरफ आई. लकिन विशाल क कमरे सी सिसकियूं की आवाज़ सुन क्र प्रिय वापस लौट गयी.
विशाल स्नेहा की ज़ोरदार चुदाई क्र रहा था और स्नेहा की सिसकियाँ पहर बढ़ने लगी थीं.
स्नेहा एक बार पहर झाड़ गयी थी.
विशाल कच दिएर रुक गया और कच दिएर क बढ़ पहर सी धक्के लगाना स्टार्ट क्र दिए.
स्नेहा की सिसकियाँ एक बार पहर सी चालू हो गयी.
इस बार विशाल बिना रुके ज़ोरदार चुदाई क्र रहा था और स्नेहा एक बार पहर झाड़ चुकी थी लकिन अब विशाल रुक नहीं रहा था.
और कच दिएर की ज़ोरदार चुदाई क बढ़ विशाल झड़ने लगा.
उस ने लुंड बहार खेंच लिए और स्नेहा क पेट क ऊपर अपना सारा माल निकल दिए.
विशाल और स्नेहा ने कपड़े पहने और निचे आ गए
प्रिय सामने बैठी थी.
विशाल. तुम कब आई.
प्रिय. कच दिएर पहले हे आई हूँ. तुम लोग बिजी थय इस लिए डिस्टर्ब करना मुनासिब नहीं समझा.
स्नेहा. मुझे अब चलना चाहिए.
प्रिय. अरे रुको आज डिनर हमारे साथ क्र क जाओ.
स्नेहा. नहीं दीदी पहर कभी. में चलती हूँ.
स्नेहा चली गयी.
प्रिय. यहाँ आ मेरी पास बेथ.
विशाल आ क्र प्रिय क पास बेथ गया.
प्रिय. तू प्यार करता है स्नेहा सी.
विशाल. नहीं.... तेरी आने सी पहले हम यही बात क्र रही थय.
प्रिय. बस यही पूछना था तुझ सी.
विशाल. तेरा काम कहाँ तक पोहंचा.
प्रिय. सलौली वर्किंग क्र रही हूँ. लकिन आसान नहीं है.
विशाल. चल सही है. हमें कोण सा जल्दी है.
प्रिय. ाचा सुन आज रात रॉकी आय गए.
विशाल. ठीक है. मुझे क्यों बता रही है.
प्रिय. तुझे पता होना ज़रूरी है.
विशाल. देख यार वो तेरी लव लाइफ है. में उस ने इंटरफेरे नहीं करूं गए. तू जानती है में तेरी हर डिसिशन में तेरी साथ हूँ.
प्रिय. वो तो में जानती हूँ. अब तू आगे क्या करे गए. तेरी यूनिवर्सिटी तो ख़तम हो गयी है.
विशाल. अभी तो तेरी साथ तेरा काम कम्पलीट करवाना है. उस क बढ़ हे कच सोचूं गए.
प्रिय. तू कच दिन माँ पापा क पास चला जा. उनको ाचा लगे गए.
विशाल. और अगर तुझे यहाँ मेरी ज़रूरत पररि तो.
प्रिय. अगर मुझे ज़रूरत पररि तो में तुझे कॉल क्र लून गई.
विशाल. चल ठीक है में कच दिन क लिए माँ पापा क पास चला जाता हूँ.
विशाल अपने कमरे में चला गया और कच टाइम क बढ़ रॉकी प्रिय क घर आ गया.
रॉकी. विशाल को अगला टारगेट बता दिए
प्रिय. नहीं... अभी नहीं. अभी में विशाल को. कच दिन क लिए गाओं भेज रही हूँ माँ पापा क घर. जब वापस आए गए पहर उसको नेक्स्ट टारगेट बताएं गए.
रॉकी. ठीक है.
प्रिय. में ने आज शिल्पा को बुलाया है. उस से कच बातें करनी हैं.
रॉकी. ठीक है तुम शिल्पा सी बात क्र लो में जाता हूँ. शिल्पा ने मुझे यहाँ देखा तो प्रॉब्लम हो जाए गई.
प्रिय. हाँ ठीक है. में तुम्हें इन्फॉर्म क्र दूँ गई.
रॉकी चला गया और कच टाइम क बढ़ शिल्पा प्रिय क घर आ गयी.
शिल्पा. तुम ने मुझे क्यों बुलाया है.
प्रिय. मुझे तुम सी भट ज़रूरी बात करनी है.
शिल्पा. क्या बात है. में तुम सी कोई बात नहीं करना चाहती.
प्रिय. शायद तुम ये भूल रही हो क हमारा अरविन्द क इलावा एक और रिश्ता भी था
शिल्पा. लकिन अब तुम मेरी भाबी नहीं हो. सो अब मुझे तुम सी कोई रिश्ता नहीं रखना.
प्रिय. रिश्ता तो हमारा रही गए. अब तुम बलराम इंडस्ट्री की 4 परसेंट ओनर हो और में 17 परसेंट की. हमारा बिज़नेस रिलेशनशिप भी रही गए.
शिल्पा. बिज़नेस सिर्फ बिज़नेस रही गए. और कच नहीं...
प्रिय. ठीक है जैसी तुम्हें ठीक लगी.
विशाल बहार आया और प्रिय और शिल्पा को हॉल में बैठी देखा.
विशाल. में बहार जा रहा हूँ रात को लेट आऊं गए.
प्रिय. ठीक है. अगर कहीं रुकना हुआ तो मुझे इन्फॉर्म क्र देना.
विशाल. ठीक है में इन्फॉर्म क्र दूँ गए.
विशाल चला गया और अपने दोस्तुं क साथ घूमने निकल गया.
रात को विशाल लेट वापस आया और अगली सुबह हे गाओं क लिए निकल गया.
प्रिय ऑफिस में बैठी थी तो अरविन्द प्रिय क ऑफिस में आया.
प्रिय. तुम यहाँ क्या क्र रही हो.
अरविन्द. मुझे भी तुम्हारी शकल देखने का कोई शोक नहीं है. में बस इतना बताने आया हूँ. कल एक फॉरेन डेलीगेशन आ रहा है. और डैड चाहती हैं क उन क साथ मीटिंग तुम अटेंड करो.
प्रिय. ठीक है में मीटिंग अटेंड क्र लून गई. लकिन उस मीटिंग में तुम नहीं रहो गए.
अरविन्द. ऐसा किसी हो सकता है.
प्रिय. अगर तुम उस मीटिंग में रहो गए तो में मीटिंग अटेंड नहीं करूं गई.
अरविन्द. में और तुम इक्वल शेयर होल्डर हैं. तुम मुझे डिक्टेट नहीं क्र सकती.
प्रिय. और तुम मुझे डिक्टेट नहीं क्र सकते.
सो डैड को बोल देना क में उस मीटिंग में नहीं आ रही.
अरविन्द. ठीक है.
अरविन्द चला गया और प्रिय ने रॉकी को कॉल मिला दी.
कच दिएर क बढ़ रॉकी बलराम क ऑफिस में चला गया.
रॉकी. डैड कल जो डेलीगेशन आ रहा है उस क साथ मीटिंग में खुद अटेंड करूं गए.
बलराम. क्यों तुम्हें अरविन्द पैर भरोसा नहीं है क्या.
रॉकी. डैड में हाईएस्ट शेयर होल्डर हूँ. और में नहीं चाहता क अरविन्द ऐसी कोई भी बेवकूफी करे जिस तरह की बेवखूफ़ी अरविन्द ने खान ग्रुप क साथ की थी.
बलराम. ठीक है मीटिंग में तुम भी अरविन्द क साथ शामिल हो जाओ.
प्रिय ने शिल्पा को कॉल किआ.
प्रिय. Hi शिल्पा किसी हो.
शिल्पा. में अछि हूँ. तुम किसी हो.
प्रिय. में भी ठीक हूँ. तुम से मिलना चाहती हूँ.
शिल्पा. क्यों...
प्रिय. तुम सी कच ज़रूरी बात करनी है.
शिल्पा. OK में ऑफिस आ जाती हूँ.
प्रिय. नहीं ऑफिस नहीं तुम मेरी घर आ जाओ.
शिल्पा. ठीक है में तुम्हारे घर आ जाओं गई.
विशाल अपने दोस्तुं क साथ बैठा था. विशाल की यूनिवर्सिटी ख़तम होने वाली थी. आज उनका यूनिवर्सिटी का लास्ट डे था. और अब ये लोग आगे का प्लान क्र रही थय.
विशाल और स्नेहा भी अपना फ्यूचर प्लान क्र रही थय.
और सब ने ये डीडे किआ क वो यूनिवर्सिटी क बढ़ भी राब्ते में रहें गए.
यूनिवर्सिटी ऑफ़ सी निकल क्र सब ने एक साथ लंच किआ और चले गए.
स्नेहा विशाल क साथ उस क घर आ गयी और अर्णव और कबीर अपने फ्लैट पैर चले गए.
अर्णव और कबीर दूसरी सिटीज से थय इस लिए वो दोनो कच दिन में अपनी अपनी सिटी वापस चले गए.
प्रिय क ऑफिस में प्रिय भट अछि रेपुटेशन बना चुकी थी. जॉन प्रोजेक्ट प्रिय लेती थी उस में ाचा प्रॉफिट आता था और प्रिय रॉकी को भी पूरा सपोर्ट करती थी.
विशाल और स्नेहा घर पैर बैठी थय. प्रिय अभी तक ऑफिस सी नहीं आई थी.
स्नेहा. विशाल जनता है में ने कभी तुझ सी शादी क बारी में नहीं सोचा.
विशाल. जनता हूँ. क्यों क तेरी घर वाली कभी इस क लिए नहीं मानें गए.
स्नेहा. लकिन तेरी साथ में ने जितना भी टाइम गुज़ारा भट ाचा टाइम गुज़ारा
विशाल. हाँ यार तू मेरी उन दोस्तुं में सी है जिन को में कभी नहीं भुला सकता.
स्नेहा. हम बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड हैं लकिन एक में तुझे एक बात क्लियर बता दूँ क अगर मेरी घर वळून ने मेरी शादी का फैसला क्र लिए तो में इंकार नहीं करूं गई.
विशाल. में तुझे इंकार करने का कहूं गए भी नहीं. क्यों क में तेरी लिए भी बेहतर चाहता हूँ.
स्नेहा. लकिन एक बात है. तू ने आज तक मुझ सी रिलेशनशिप बनाने की कोशिश क्यों नहीं की.
विशाल. में तेरी मर्ज़ी क बगैर कच नहीं करना चाहता था.
स्नेहा. और अगर में कहूं क मेरी मर्ज़ी है तो.
विशाल. तो पहर मुझे कोई ऐतराज़ नहीं हो गए.
स्नेहा. गेट उप....
विशाल. क्या हुआ.
स्नेहा. खरा हो पहर बताती हूँ.
विशाल खरा हो गया और स्नेहा विशाल क सामने बेथ गयी और विशाल की पंत खोल क्र उसका लुंड बहार निकल लिए और मुँह में ले क्र चूसने लगी.
विशाल ने एक हाथ स्नेहा क सर पैर रख लिए और स्नेहा क मुँह में लुंड घुसाने लगा.
स्नेहा विशाल का लुंड चूस रही थी और विशाल अपनी कमर हिला क्र लुंड स्नेहा क मुँह में घुसा रहा था और उसका मुँह छोड़ रहा था.
विशाल ने स्नेहा को उठाया और बीएड पैर लेता दिए.
विशाल ने स्नेहा की पंत उतर दी और उस की छूट पैर मुँह लगा दिए.
स्नेहा. सिसक और विशाल स्नेहा की छूट को चाटने लगा.
स्नेहा. आआह्ह्ह्हह आह्ह्ह्हह्ह विशालललललल ाअय्यउ एससससससससस स्नेहा आहें और सिसकियाँ ले रही थी और विशाल उस की छूट को चाट और चूस रहा था.
स्नेहा ने विशाल क बाल पाकर रखे थे और विशाल क सर को अपनी छूट पैर दबा रही थी.
कच हे दिएर में स्नेहा झाड़ गयी.
विशाल ने स्नेहा को घोड़ी बना दिए और उस की छूट पैर लुंड रख क्र अंदर दबा दिए.
स्नेहा की चींख निकल गयी.
Aaahhhhhhhhhh विशाल में धक्के लगाना स्टार्ट क्र दिए और स्नेहा की चुदाई स्तरी क्र दी.
विशाल स्नेहा की ज़ोरदार चुदाई क्र रहा था और स्नेहा माज़ी में आहें और सिसकियाँ ले रही थी.
स्नेहा. ाःह आह्हः अह्ह्ह्हह ाः ो माय गॉड ो माय गॉड ाः आठ आह्हः आअह्ह्ह्हह आअह्ह्ह्हह स्नेहा एक बार पहर झाड़ गयी थी.
विशाल लेत गया और स्नेहा विशाल क ऊपर आ गयी. स्नेहा ने विशाल का लुंड पाकर क्र अपनी छूट में ले लिए और उस पैर उछलने लगी.
विशाल का लुंड स्नेहा की छूट क अंदर बहार होने लगा.
स्नेहा विशाल क लुंड पैर उछाल रही थी और विशाल का लुंड स्नेहा की छूट क अंदर बहार हो रहा था.
स्नेहा स्पीड को खुद कण्ट्रोल क्र रही थी और पूरी ताक़त सी उछाल रही थी.
उस की सिसकियाँ बढ़ती जा रही थीं और कच हे दिएर में स्नेहा एक बार पहर झाड़ चुकी थी.
विशाल ने स्नेहा को सीधा लेता दिए और उसकी टांगें खोल क्र लुंड उसकी छूट में घुसा दिए.
विशाल ने धक्के लगाने शरू क्र दिए और एक बार पहर स्नेहा की सिसकियाँ स्टार्ट हो गयी.
प्रिय घर वापस आ चुकी थी और वो विशाल से मिलने उस क कमरे की तरफ आई. लकिन विशाल क कमरे सी सिसकियूं की आवाज़ सुन क्र प्रिय वापस लौट गयी.
विशाल स्नेहा की ज़ोरदार चुदाई क्र रहा था और स्नेहा की सिसकियाँ पहर बढ़ने लगी थीं.
स्नेहा एक बार पहर झाड़ गयी थी.
विशाल कच दिएर रुक गया और कच दिएर क बढ़ पहर सी धक्के लगाना स्टार्ट क्र दिए.
स्नेहा की सिसकियाँ एक बार पहर सी चालू हो गयी.
इस बार विशाल बिना रुके ज़ोरदार चुदाई क्र रहा था और स्नेहा एक बार पहर झाड़ चुकी थी लकिन अब विशाल रुक नहीं रहा था.
और कच दिएर की ज़ोरदार चुदाई क बढ़ विशाल झड़ने लगा.
उस ने लुंड बहार खेंच लिए और स्नेहा क पेट क ऊपर अपना सारा माल निकल दिए.
विशाल और स्नेहा ने कपड़े पहने और निचे आ गए
प्रिय सामने बैठी थी.
विशाल. तुम कब आई.
प्रिय. कच दिएर पहले हे आई हूँ. तुम लोग बिजी थय इस लिए डिस्टर्ब करना मुनासिब नहीं समझा.
स्नेहा. मुझे अब चलना चाहिए.
प्रिय. अरे रुको आज डिनर हमारे साथ क्र क जाओ.
स्नेहा. नहीं दीदी पहर कभी. में चलती हूँ.
स्नेहा चली गयी.
प्रिय. यहाँ आ मेरी पास बेथ.
विशाल आ क्र प्रिय क पास बेथ गया.
प्रिय. तू प्यार करता है स्नेहा सी.
विशाल. नहीं.... तेरी आने सी पहले हम यही बात क्र रही थय.
प्रिय. बस यही पूछना था तुझ सी.
विशाल. तेरा काम कहाँ तक पोहंचा.
प्रिय. सलौली वर्किंग क्र रही हूँ. लकिन आसान नहीं है.
विशाल. चल सही है. हमें कोण सा जल्दी है.
प्रिय. ाचा सुन आज रात रॉकी आय गए.
विशाल. ठीक है. मुझे क्यों बता रही है.
प्रिय. तुझे पता होना ज़रूरी है.
विशाल. देख यार वो तेरी लव लाइफ है. में उस ने इंटरफेरे नहीं करूं गए. तू जानती है में तेरी हर डिसिशन में तेरी साथ हूँ.
प्रिय. वो तो में जानती हूँ. अब तू आगे क्या करे गए. तेरी यूनिवर्सिटी तो ख़तम हो गयी है.
विशाल. अभी तो तेरी साथ तेरा काम कम्पलीट करवाना है. उस क बढ़ हे कच सोचूं गए.
प्रिय. तू कच दिन माँ पापा क पास चला जा. उनको ाचा लगे गए.
विशाल. और अगर तुझे यहाँ मेरी ज़रूरत पररि तो.
प्रिय. अगर मुझे ज़रूरत पररि तो में तुझे कॉल क्र लून गई.
विशाल. चल ठीक है में कच दिन क लिए माँ पापा क पास चला जाता हूँ.
विशाल अपने कमरे में चला गया और कच टाइम क बढ़ रॉकी प्रिय क घर आ गया.
रॉकी. विशाल को अगला टारगेट बता दिए
प्रिय. नहीं... अभी नहीं. अभी में विशाल को. कच दिन क लिए गाओं भेज रही हूँ माँ पापा क घर. जब वापस आए गए पहर उसको नेक्स्ट टारगेट बताएं गए.
रॉकी. ठीक है.
प्रिय. में ने आज शिल्पा को बुलाया है. उस से कच बातें करनी हैं.
रॉकी. ठीक है तुम शिल्पा सी बात क्र लो में जाता हूँ. शिल्पा ने मुझे यहाँ देखा तो प्रॉब्लम हो जाए गई.
प्रिय. हाँ ठीक है. में तुम्हें इन्फॉर्म क्र दूँ गई.
रॉकी चला गया और कच टाइम क बढ़ शिल्पा प्रिय क घर आ गयी.
शिल्पा. तुम ने मुझे क्यों बुलाया है.
प्रिय. मुझे तुम सी भट ज़रूरी बात करनी है.
शिल्पा. क्या बात है. में तुम सी कोई बात नहीं करना चाहती.
प्रिय. शायद तुम ये भूल रही हो क हमारा अरविन्द क इलावा एक और रिश्ता भी था
शिल्पा. लकिन अब तुम मेरी भाबी नहीं हो. सो अब मुझे तुम सी कोई रिश्ता नहीं रखना.
प्रिय. रिश्ता तो हमारा रही गए. अब तुम बलराम इंडस्ट्री की 4 परसेंट ओनर हो और में 17 परसेंट की. हमारा बिज़नेस रिलेशनशिप भी रही गए.
शिल्पा. बिज़नेस सिर्फ बिज़नेस रही गए. और कच नहीं...
प्रिय. ठीक है जैसी तुम्हें ठीक लगी.
विशाल बहार आया और प्रिय और शिल्पा को हॉल में बैठी देखा.
विशाल. में बहार जा रहा हूँ रात को लेट आऊं गए.
प्रिय. ठीक है. अगर कहीं रुकना हुआ तो मुझे इन्फॉर्म क्र देना.
विशाल. ठीक है में इन्फॉर्म क्र दूँ गए.
विशाल चला गया और अपने दोस्तुं क साथ घूमने निकल गया.
रात को विशाल लेट वापस आया और अगली सुबह हे गाओं क लिए निकल गया.
प्रिय ऑफिस में बैठी थी तो अरविन्द प्रिय क ऑफिस में आया.
प्रिय. तुम यहाँ क्या क्र रही हो.
अरविन्द. मुझे भी तुम्हारी शकल देखने का कोई शोक नहीं है. में बस इतना बताने आया हूँ. कल एक फॉरेन डेलीगेशन आ रहा है. और डैड चाहती हैं क उन क साथ मीटिंग तुम अटेंड करो.
प्रिय. ठीक है में मीटिंग अटेंड क्र लून गई. लकिन उस मीटिंग में तुम नहीं रहो गए.
अरविन्द. ऐसा किसी हो सकता है.
प्रिय. अगर तुम उस मीटिंग में रहो गए तो में मीटिंग अटेंड नहीं करूं गई.
अरविन्द. में और तुम इक्वल शेयर होल्डर हैं. तुम मुझे डिक्टेट नहीं क्र सकती.
प्रिय. और तुम मुझे डिक्टेट नहीं क्र सकते.
सो डैड को बोल देना क में उस मीटिंग में नहीं आ रही.
अरविन्द. ठीक है.
अरविन्द चला गया और प्रिय ने रॉकी को कॉल मिला दी.
कच दिएर क बढ़ रॉकी बलराम क ऑफिस में चला गया.
रॉकी. डैड कल जो डेलीगेशन आ रहा है उस क साथ मीटिंग में खुद अटेंड करूं गए.
बलराम. क्यों तुम्हें अरविन्द पैर भरोसा नहीं है क्या.
रॉकी. डैड में हाईएस्ट शेयर होल्डर हूँ. और में नहीं चाहता क अरविन्द ऐसी कोई भी बेवकूफी करे जिस तरह की बेवखूफ़ी अरविन्द ने खान ग्रुप क साथ की थी.
बलराम. ठीक है मीटिंग में तुम भी अरविन्द क साथ शामिल हो जाओ.