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- Dec 5, 2013
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अभी में अपने कमरे में आके आज के बारे में hi सोच रहा था की सबसे पहले ममी से सम्बन्ध फिर जंगल में किया हुआ कांड फिर गांव में जो डाकुओं को मारा वही सब दिमाग में चल रहा था
में अभी सबके बारे में सोच hi रहा था की तभी मेरे रूम में गाइड आ जाता है
ग :- क्या बात है राज आज तोह तुमने कमल कर दिया अपने शक्तियों का जिस प्रकार से तुमने इस्तेमाल किया अपने दोनों रूपों को अपने साथ भी कर लिया शाब्बाश
में :- शुक्रिया गुरुवार लेकिन
ग :- तुम यही सोच रहे हो न की जंगल में तुमने कैसे तुरंत hi अपने दोनों चरों पे काबू प् कर उनकी शक्तिया भी इस्तेमाल कर पाए
में :- जी
ग :- ये वही विद्या है जिससे तुमने अपने hi परिवार को ख़तम करने का प्रयास किया था
जब मेने गाइड की बात सुनी तोह मेरा तोह दिमाग ने hi काम करना बंद किया
में :- (शॉक से) क्या
ग :- है लेकिन इस बार तुमने उसकी ऊर्जा को सँभालने में सक्षम थे इसीलिए तुम्हारे अंतर्मन ने स्वयं hi तुम्हे उस विद्या का स्मरण कराया
में :- ठीक है तोह क्या हम अगले चक्र की और बढे कल सुबह मेरे पास समय काम होगा
ग :- क्या तुम चक्रों को संभल पाओगे
में :- जी में संभल लूंगा
ग :- ठीक है तोह तुम फिर से उसी विद्या का स्मरण करो और में तुम्हारा मार्गदर्शन करता हूँ
गाइड की बात सुनके में ध्यान में बैठ जाता हु
ग :- तोह शुरू करे राज
में :- जी बिलकुल
ग :- तीसरा चक्र है मणिपुर चक्र ये अग्नि तत्त्व से जुड़ा हुआ होता है यह चक्र तुम्हे तुम्हारे भाग्य को नियंत्रित करने और शक्तिशाली महसूस करने की अनुमति देता है. इस चक्र को खोलने के लिए "राम" मन्त्र का जाप किया जाता है. इस चक्र से तुम अपने भाग्य को नियंत्रित कर सकते हो.
उसके बाद चौथा चक्र अनहता. ये चक्र तुम्हारे वायु तत्त्व से जुड़ा हुआ होता है अहंता चक्र प्रेम से जुड़ा है. ये तुम्हारे रिश्तों को मजबूत बनता है इसको जागृत करने की लिए तुम्हे "याम" मन्त्र का जाप करना होगा
ग :- अब तुम्हे दोनों चरों से जुडी जरूरी जानकारी मेने प्रदान कर दी है अब तुम आगे की प्रक्रिया प्रारम्भ करो
गाइड ने जब मुझे आज्ञा दी तोह में भी ध्यान लगाने लगा इस बार मेने किसी एक नहीं बल्कि एक साथ 2 चक्रों को जागृत कर रहा था न सिर्फ जागृत करना था बल्कि उन्हें काबू भी करना था जो आसान नहीं था
जब मेने ध्यान लगाने लगा तोह सर्व प्रथम में अपने अंतर्मन में झक कर अपने कुण्डलिनी को जागृत किया और उससे मेने आज 4 भागों में विभज के 4रो चक्रों में प्रवाहित किया मेरे मुलधर और स्वादिष्ठान चक्र तोह पहले hi पूर्ण तरीके से काबू कर लिया था तोह अब मुझे बस 2 हिस्सों पर hi फोकस करना था तोह मेने जब अपने कुण्डलिनी के हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करने लगा तोह मेरे शरीर को झटके लगने सुरु हुए ऐसे झटके मुझे पहले भी फील हुए थे जब में चक्रों को जागृत करना चाहता लेकिन ये उससे कही ज्यादा ताकतवर और खतरनाक झटके थे ऐसा लगता की ये मेरे अंदर की आँतड़ियों को hi फाड़ देंगे क़िब्ताभी मुझे गाइड की आवाज सुनाई देने लगी
ग :- राज डरो मत ये तामसिक विद्या है इसीलिए ये जितनी जल्दी तुम्हे ताकत देती है उतने hi ज्यादा कष्ट भी ये पग पग पर तुम्हे डराएगी तुम्हे हानि पहुचायेगी लेकिन तुम्हे इन सब पर नहीं केवल अपने लक्ष्यों पर hi काबू रखना है
जहा ये सब हो रहा था वही दूसरी तरफ इस समय मां ममी अपने कमरे में बैठे थे और ममी वही काढ़ा पि रही थी लेकिन वह उन्हें इतना कड़वा लग रहा था की पूछो मत उनसे वह निगला hi नहीं जा रहा था खैर जैसे तैसे उन्होंने पूरा गिलास ख़तम किया वही मां ममी के ाओसे रिएक्शन देख के शॉकेड थे
मां :- अगर इतना hi कड़वा है तोह मत पियो वोसे क्या पि रही हो
ममी :- ये मेरी एक दोस्त ने दिया है वह आयुर्वेदा में एक्सपर्ट है उसे मेरी कंडीशन के बारे में पता है इसीलिए उसने ये ख़ास काढ़ा दिया और कहा है की ये मेरे अंदर के सरे ड्रग्स को निकल के बहार फेक देगा
मां :- ाचा लेकिन क्या ये जेन्युइन तोह है या बस ऐसे हिवकुछ पौधे पकड़ा दिए हो
ममी :- उसपे मुझे पूरा भरोसा है
अभी मां ममी बात hi कर रहे थे की तभी ममी को वोमिट होने लगी तोह ममी तुरंत भागते हुए बाथरूम चली गयी फिर कुछ hi देर में अंदर से शावर की आवाज आने लगी
फिर जब ममी बहार आयी तोह मां ने पूछा
मां :- तुम्हारी तब्येत तोह ठीक है
ममी :- है शायद ये उसी काढ़े का असर है जो वोमिट के टास्ते धीरे धीरे सारा ड्रग बहार निकल रहा है (कुछ सोच के) सुनिए न
मां :- है बोलो
ममी :- मेने जब अपनी दोस्त को अपने माँ न बनाने के बारे में बताया तोह उसने मुझे ये एक और दवा दी और कहा इसे दूध के साथ लेना जिससे किसी के भी अंदर जोश बढ़ जाता है और उसके बचे पैदा करने की क्षमता भी बढ़ जाती है
मां :- पर
ममी (इमोशनल ड्रामा करते हुए) :- प्लीज ये ले लीजिये में नहीं चाहती की में कभी भी आपको धोका दू भले hi इसमें आपकी मर्ज़ी hi क्यों न हो
मां :- पर
ममी :- (भोला चेहरा बनके) प्लीज
मां :- ok
फिर मां वह गोली खा लेते है
वही मेरे रूम में
में इस वक़्त अपने अंतर्मन में hi था इसीलिए मुझे ये तोह पता नहीं चला की मुझे ध्यान में बैठे कितना समय हुआ है लेकिन ये फिक्स था की मुझे बहुत समय हो गया है क्यूंकि मेने अब तक मणिपुर चक्र को पूरी तरीके से और अहंता चक्र को भी करीब करीब पूरा काबू कर लिया था फिर जब मेने अपने अहंता चक्र पे भी काबू प् लिया तोह में अपने ध्यान से उठ गया तोह मेने देखा की में अपने कमरे में hi हु लेकिन मेरे शरीर में अब जरा भी ऊर्जा नहीं बची थी में बहुत थक गया था इसीलिए में पहले बाथरूम जेक फ्रेश हुआ और फिर सो गया
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आज के लिए इतना hi
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अभी में अपने कमरे में आके आज के बारे में hi सोच रहा था की सबसे पहले ममी से सम्बन्ध फिर जंगल में किया हुआ कांड फिर गांव में जो डाकुओं को मारा वही सब दिमाग में चल रहा था
में अभी सबके बारे में सोच hi रहा था की तभी मेरे रूम में गाइड आ जाता है
ग :- क्या बात है राज आज तोह तुमने कमल कर दिया अपने शक्तियों का जिस प्रकार से तुमने इस्तेमाल किया अपने दोनों रूपों को अपने साथ भी कर लिया शाब्बाश
में :- शुक्रिया गुरुवार लेकिन
ग :- तुम यही सोच रहे हो न की जंगल में तुमने कैसे तुरंत hi अपने दोनों चरों पे काबू प् कर उनकी शक्तिया भी इस्तेमाल कर पाए
में :- जी
ग :- ये वही विद्या है जिससे तुमने अपने hi परिवार को ख़तम करने का प्रयास किया था
जब मेने गाइड की बात सुनी तोह मेरा तोह दिमाग ने hi काम करना बंद किया
में :- (शॉक से) क्या
ग :- है लेकिन इस बार तुमने उसकी ऊर्जा को सँभालने में सक्षम थे इसीलिए तुम्हारे अंतर्मन ने स्वयं hi तुम्हे उस विद्या का स्मरण कराया
में :- ठीक है तोह क्या हम अगले चक्र की और बढे कल सुबह मेरे पास समय काम होगा
ग :- क्या तुम चक्रों को संभल पाओगे
में :- जी में संभल लूंगा
ग :- ठीक है तोह तुम फिर से उसी विद्या का स्मरण करो और में तुम्हारा मार्गदर्शन करता हूँ
गाइड की बात सुनके में ध्यान में बैठ जाता हु
ग :- तोह शुरू करे राज
में :- जी बिलकुल
ग :- तीसरा चक्र है मणिपुर चक्र ये अग्नि तत्त्व से जुड़ा हुआ होता है यह चक्र तुम्हे तुम्हारे भाग्य को नियंत्रित करने और शक्तिशाली महसूस करने की अनुमति देता है. इस चक्र को खोलने के लिए "राम" मन्त्र का जाप किया जाता है. इस चक्र से तुम अपने भाग्य को नियंत्रित कर सकते हो.
उसके बाद चौथा चक्र अनहता. ये चक्र तुम्हारे वायु तत्त्व से जुड़ा हुआ होता है अहंता चक्र प्रेम से जुड़ा है. ये तुम्हारे रिश्तों को मजबूत बनता है इसको जागृत करने की लिए तुम्हे "याम" मन्त्र का जाप करना होगा
ग :- अब तुम्हे दोनों चरों से जुडी जरूरी जानकारी मेने प्रदान कर दी है अब तुम आगे की प्रक्रिया प्रारम्भ करो
गाइड ने जब मुझे आज्ञा दी तोह में भी ध्यान लगाने लगा इस बार मेने किसी एक नहीं बल्कि एक साथ 2 चक्रों को जागृत कर रहा था न सिर्फ जागृत करना था बल्कि उन्हें काबू भी करना था जो आसान नहीं था
जब मेने ध्यान लगाने लगा तोह सर्व प्रथम में अपने अंतर्मन में झक कर अपने कुण्डलिनी को जागृत किया और उससे मेने आज 4 भागों में विभज के 4रो चक्रों में प्रवाहित किया मेरे मुलधर और स्वादिष्ठान चक्र तोह पहले hi पूर्ण तरीके से काबू कर लिया था तोह अब मुझे बस 2 हिस्सों पर hi फोकस करना था तोह मेने जब अपने कुण्डलिनी के हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करने लगा तोह मेरे शरीर को झटके लगने सुरु हुए ऐसे झटके मुझे पहले भी फील हुए थे जब में चक्रों को जागृत करना चाहता लेकिन ये उससे कही ज्यादा ताकतवर और खतरनाक झटके थे ऐसा लगता की ये मेरे अंदर की आँतड़ियों को hi फाड़ देंगे क़िब्ताभी मुझे गाइड की आवाज सुनाई देने लगी
ग :- राज डरो मत ये तामसिक विद्या है इसीलिए ये जितनी जल्दी तुम्हे ताकत देती है उतने hi ज्यादा कष्ट भी ये पग पग पर तुम्हे डराएगी तुम्हे हानि पहुचायेगी लेकिन तुम्हे इन सब पर नहीं केवल अपने लक्ष्यों पर hi काबू रखना है
जहा ये सब हो रहा था वही दूसरी तरफ इस समय मां ममी अपने कमरे में बैठे थे और ममी वही काढ़ा पि रही थी लेकिन वह उन्हें इतना कड़वा लग रहा था की पूछो मत उनसे वह निगला hi नहीं जा रहा था खैर जैसे तैसे उन्होंने पूरा गिलास ख़तम किया वही मां ममी के ाओसे रिएक्शन देख के शॉकेड थे
मां :- अगर इतना hi कड़वा है तोह मत पियो वोसे क्या पि रही हो
ममी :- ये मेरी एक दोस्त ने दिया है वह आयुर्वेदा में एक्सपर्ट है उसे मेरी कंडीशन के बारे में पता है इसीलिए उसने ये ख़ास काढ़ा दिया और कहा है की ये मेरे अंदर के सरे ड्रग्स को निकल के बहार फेक देगा
मां :- ाचा लेकिन क्या ये जेन्युइन तोह है या बस ऐसे हिवकुछ पौधे पकड़ा दिए हो
ममी :- उसपे मुझे पूरा भरोसा है
अभी मां ममी बात hi कर रहे थे की तभी ममी को वोमिट होने लगी तोह ममी तुरंत भागते हुए बाथरूम चली गयी फिर कुछ hi देर में अंदर से शावर की आवाज आने लगी
फिर जब ममी बहार आयी तोह मां ने पूछा
मां :- तुम्हारी तब्येत तोह ठीक है
ममी :- है शायद ये उसी काढ़े का असर है जो वोमिट के टास्ते धीरे धीरे सारा ड्रग बहार निकल रहा है (कुछ सोच के) सुनिए न
मां :- है बोलो
ममी :- मेने जब अपनी दोस्त को अपने माँ न बनाने के बारे में बताया तोह उसने मुझे ये एक और दवा दी और कहा इसे दूध के साथ लेना जिससे किसी के भी अंदर जोश बढ़ जाता है और उसके बचे पैदा करने की क्षमता भी बढ़ जाती है
मां :- पर
ममी (इमोशनल ड्रामा करते हुए) :- प्लीज ये ले लीजिये में नहीं चाहती की में कभी भी आपको धोका दू भले hi इसमें आपकी मर्ज़ी hi क्यों न हो
मां :- पर
ममी :- (भोला चेहरा बनके) प्लीज
मां :- ok
फिर मां वह गोली खा लेते है
वही मेरे रूम में
में इस वक़्त अपने अंतर्मन में hi था इसीलिए मुझे ये तोह पता नहीं चला की मुझे ध्यान में बैठे कितना समय हुआ है लेकिन ये फिक्स था की मुझे बहुत समय हो गया है क्यूंकि मेने अब तक मणिपुर चक्र को पूरी तरीके से और अहंता चक्र को भी करीब करीब पूरा काबू कर लिया था फिर जब मेने अपने अहंता चक्र पे भी काबू प् लिया तोह में अपने ध्यान से उठ गया तोह मेने देखा की में अपने कमरे में hi हु लेकिन मेरे शरीर में अब जरा भी ऊर्जा नहीं बची थी में बहुत थक गया था इसीलिए में पहले बाथरूम जेक फ्रेश हुआ और फिर सो गया
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आज के लिए इतना hi
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