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वही घर पे
दीदी सोच रही थी की वह कैसे मुझे खुद के तरफ अत्त्रक्ट कर सके जिससे हम दोनों सेक्स भी कर पाए और में उन्हें गलत भी न समझू बहुत सोचा लेकिन जब उन्हें जवाब नहीं मिला तोह उन्होंने अंतिम रास्ता चुना मोबाइल उन्होंने बहुत साडी इन्सेस्ट स्टोरीज पहले भी पढ़ी थी इसलिए उनका इन्सेस्ट सेक्स की तरफ झुकाव पहले से था लेकिन आज से पहले उन्होंने कभी नहीं सोचा था की ऐसा उनकी रियल लाइफ में भी होगा इसलिए उन्होंने सरे स्टोरीज पढ़कर आइडियाज इकठा करने सुरु कर दिए
वही हीरो साइड
मीरा माँ :- छोटे मालिक आपकी तब्येत तोह ठीक है न
में :- है क्यों
मीरा माँ :- आपने बोलै था न की जब आप आये आपका पूरा गाला सुख रहा था इसलिए पूछा कही आपकी तबियत तोह ठीक नहीं
में :- (हकलाते हुए) नहीं….. नहीं मीरा माँ ऐसा बिलकुल नहीं है
मीरा माँ को मेरा यु हाकलना अटपटा लगने लगा
मीरा माँ :- छोटे मालिक अगर आपने एक पल के लिए सच्चे दिल से माँ मन है तोह सच बताना
अब में बुरी तरह फास गया था
में :- ठीक है लेकिन मेरी एक शर्त है
की आप मेरे से नाराज नहीं होंगी और पहले की तरह hi नोर्मल्ली मुझसे बात करेंगे और किसी को नहीं बताएँगे
मीरा माँ :- छोटे मालिक में आपसे छह कर भी नाराज नहीं हो सकती आप बताइये
में (डरते हुइल) :- वो… वो मीरा माँ वो..
मीरा माँ :- छोटे मालिक बिना डरे बताइये भले hi आप मुझे माँ का दर्जा दिया हो लेकिन में आप की एक दासी hi हु अगर आप मुझे मरेंगे भी तोह भी मेरे मुँह से उफ़ तक नहीं निकलेगी
में :- वह जब में आ रहा था तोह रस्ते में मुझे झाड़ियों से कुछ आवाज़ आ रही थी जब में अंदर जेक देखा तोह वह वह
मीरा माँ :- वह क्या
में :- वह आप पेशाब कर रही थी और आपको देखके मेरे मन me(rote हुए) गलत विचार आ रहे थे मुझे माफ़ करना
मीरा माँ ये सुन के hi दांग रह गयी क्योंकि उन्होंने कभी नहीं सोचा था की में उनके बारे में ऐसा सोचूंगा लेकिन तभी पता नहीं उन्हें क्या हुआ और वह मंद मंद मुस्कुराने लगी
मीरा माँ (मुस्कुराते हुए) :- तोह कैसे लगी
मीरा माँ के ऐसे कहने से में तोह दांग हो गया की मीरा माँ कहना क्या चाहती है
में :- क्या कैसी लगी
मेरे ये पूछने के बाद पता नहीं मीरा माँ को क्या हुआ वो अपना एक हाथ ले जेक मेरे धोती के उभर पे फिरने लगी जिससे में मदहोश होने लगा
में (मदहोश होते हुए) :- मीरा माँ अह्हह्ह्ह्ह ये अआप क्या करररररर राहीईई हीी
मीरा माँ :- मीरा माँ नहीं सिर्फ मीरा मेरे मालिक आज अपने इस दासी को अपनी सेवा का अवसर दीजिये आज तक मेने आपसे कुछ नहीं माँगा लेकिन आज मांग रही हु प्लीज में जो कर रही हु करने दीजिये
इतना बोलके मीरा माँ ने मुझे खड़ा कर के मेरी धोती उतर दी और अब में निचे से सिर्फ कच्चे में था मीरा माँ ने मेरा कच्चा भी उतर दिया जिसे मेरा लुंड सीधा उनके मुँह पे जा लगा
मीरा माँ :- अह्ह्ह्हह मालिक आपका लौड़ा तोह बिलकुल किसी मर्द की तरह खड़ा है लगता है आप बहुत तड़प रहे हो इसीलिए तोह ये बिना छुए hi पानी छोड़ रहा है
मेरा लुंड बहुत देर से खड़ा था इसलिए उसमे से अब वह पानी की बून्द निकल रहा था
और उसे हाथ में लेकर मुठियाने लगी
मीरा माँ :- मालिक कितना गरम है आपका लौड़ा इसपर तोह आपकी नसे तक दिख रही है
और वह मेरे नसों पर ऊँगली फिरने लगी
जिससे मेरे मुँह से एक हलकी सी चीख निकल गयी
में :- अह्ह्ह्हह एई क्याआ कररर रहीए हो मीरा माँ ये गलत होगा
मेरे लुंड को छत्ते हुए
मीरा माँ :- आज के दिन माँ नहीं मालिक में आपकी रैंड कुत्तिया बनना चाहती हु मुझे मेरा काम करने से मत रोकिये और इतना बोलके मेरे लुंड की मालिश करने लगी
अब मुझे भी मजा आ रहा था तोह मेने भी रोका नहीं तोह वो भी खुश हो गयी
में :- अह्ह्ह्हह मेरी कुटिया में तोह तुझे अपनी माँ का दर्जा दे रहा था लेकिन तू इसी लायक है एक कुटिया बनाने के
मीरा :- है मालिक में इसी लायक हु ये तोह आपकी दिलदारी थी की आप इस कुटिया को अपनी माँ का दर्जा दे रहे थे
इतना बोलके वो फिर से मेरे लुंड की मालिश करने लगी
अब उन्होंने वह किया जो में सोच भी नहीं सकता था उन्होंने मेरे लुंड को अपने मुँह में भर लिया
में :- अह्हह्ह्ह्ह कुटिया ये क्याआ कररर रहीए ही वहह्ह्ह्ह कोई मुँह में लेता है क्याआ
मीरा :- ये वह नहीं है ये मेरे मालिक का लुंड है इसे तोह में कही भी ले सकती हु
इतना बोलके उसने लुंड को किश कर ली
फिर से चूसने लगी
अब मेरे से भी कण्ट्रोल नहीं हो रहा था इसलिए मेरा हाथ अपने आप उसके बालो में चला गया और में उसका मुँह छोड़ने लगा
जब मेरा निकल ने वाला था तोह मुझे लगा की मेरे शरीर का सारा खून मेरे लुंड में जमा हो रहा है और फिर में उनके सर को पकड़ के और जोर से ढाका मरने लगा जिससे मेरा पूरा लुंड उनके मुँह में जा रहा था जिसे उनके गले में साफ़ पता चल रहा था
जब में झड़ने लगा तोह उन्हें सास लेने में भी तकलीफ हो रही थी तब मेने लुंड उनके मुँह से निकला जिससे मेरा बचा कुछ माल उनके चेहरे पर गिरने लगा
अब वह भी अपने ससे दुरुस्त करने में लगी हुई थी आज मुझे इतना मजा आया था जितना में बता नहीं सकता खासकर तब जब में उसे रैंड कुटिया बोलके गली दे रहा था
अब मुझे भी इस मालिक दासी वाले खेल में मजा आ रहा था तोह मेने इस ऐसे hi चालू रखने का फैसला लिया
लेकिन जब मेने बहार देखा तोह शाम हो रही थी इसलिए मैंने अपने कपडे पहने और बहार जाते हुए उसके गांड पे एक थपड मारा जिससे उसकी चीख निकल गयी
मीरा :- अह्हह्ह्ह्ह मालिक धीरे दर्द होता है
इस बात पे मेने उसे और एक के बाद एक 3-4 जड़ दिए गांड पे
में :- अभी तक तोह मस्त चूस रही थी जब में मजे लेने लगा तोह बड़ा नखरे करती है रैंड साली आज समय नहीं है इसीलिए नहीं तोह अभी बताता
ये सुन के मीरा मुस्कुराने लगी क्यूंकि अबे भी खुल के मजे ले रहा था जैसा वह चाहती थी
में :- चल अब चलता हु कल फिर आऊंगा
मीरा :- रुकिए मालिक
इतना बोलके मीरा ने तुरंत अपनी अलमारी खोल के एक अंगूठी निकली और मुझे दी
मीरा :- ये लीजिये मालिक मेरे तरफ से ये छोटा सा तोहफा ये तोह में अपने छोटे बेटे के लिए लायी थी लेकिन नहीं पता था की वो बीटा मेरा मालिक बन जाये गए
ये सुन कर अचानक मेरे दिमाग में जैसे एक साथ 2 टीवी चालू हो गए जिसमे आज के पहले के मेरे और मीरा माँ के pyar(ma बेटे वाला) भरे लाहो की क्लिप्स चल रही थी जिसमे वो मेरा ख्याल रखती अलग अलग जड़ीबूटियों की बारे में बताती मेरी गलती होने पर भी मुझे न डटकर अपने बचो को डट देती जब में उनके सामने होता तोह कैसे वो सब भूल जाती
और 2ऋ स्क्रीन पर अभी थोड़ी देर पहले वाला जिसमे मेरी वजह से उन्हें दर्द हुआ उनका दम गहने से जो उनकी आखो से ासु बाह रहे थे
में अब खुद को कोष रहा था की में कितना घटिया आदमी हु जो खुद के मजे के लिए अपनी माँ सामान औरत को चोट पहुंचा रहा था
इस वजह से मेरी आखे भी नाम हो गयी जो मीरा माँ ने देख ली
मीरा माँ (मेरे ासु पोछते हुए) :- ऐसा बिलकुलर मत सोचना की तुम घटिया आदमी हु जो खुद के मजे के लिए अपनी माँ सामान औरत को चोट पहुंचा रहे थे
इस बार में शॉक रह गया की इन्हे मेरे मन की बात कैसे मालूम
में :- आपको कैसे
मीरा माँ :- बचपन से जानती हु आपको आपके राग राग से वाकिफ हु
में (रट हुए) :- माफ़ करना
मीरा माँ :- अरे ये क्या मालिक अपने गुलामो से माफ़ी नहीं मांगते बल्कि उन्हें आदेश देते है इस गांव में 200 से ज्यादा मर्द है जो मेरे हुस्न पे मरते है फिर भी में पिछले 10 सालो से जिस्म की आग में जल रही हु और आज आप के निचे लेटने को तैयार हो गयी क्यों इसकी वजह ये नहीं है की आप उस घराने से है जिनकी सेवा करना हमारा धरम है न की ये की में अपनी आग को लबु नहीं कर सकती बल्कि में आपको बचपन से देखा है और आप एक सच्चे और अचे मर्द है और अगर आज आप वो शरबत नहीं पिटे तोह शायद आप कभी मुझे छूटे भी नहीं
ये सब सुनके मेरे चेहरे पे रहत की मुस्कान आ गयी जैसे कितनी बड़ी समस्या का बोझ दिल पर से उतर गया
मीरा :- चलिए अब जाइये और है कल भी मुझे मेरे मालिक चाहिए जिन्हे में कल पूरी तरीके से खुश कर पाव
में :- ठीक है मेरी रंडी अरे है तेरे चाकर में मैं भूल hi गया दादाजी के घुटनो का तेल चाहिए था
तोह मीरा ने अलमारी से एक बोतल निकल के दे दी जिसे लेकर में घर की तरफ चल पड़ा
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आज के लिए इतना hi
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वही घर पे
दीदी सोच रही थी की वह कैसे मुझे खुद के तरफ अत्त्रक्ट कर सके जिससे हम दोनों सेक्स भी कर पाए और में उन्हें गलत भी न समझू बहुत सोचा लेकिन जब उन्हें जवाब नहीं मिला तोह उन्होंने अंतिम रास्ता चुना मोबाइल उन्होंने बहुत साडी इन्सेस्ट स्टोरीज पहले भी पढ़ी थी इसलिए उनका इन्सेस्ट सेक्स की तरफ झुकाव पहले से था लेकिन आज से पहले उन्होंने कभी नहीं सोचा था की ऐसा उनकी रियल लाइफ में भी होगा इसलिए उन्होंने सरे स्टोरीज पढ़कर आइडियाज इकठा करने सुरु कर दिए
वही हीरो साइड
मीरा माँ :- छोटे मालिक आपकी तब्येत तोह ठीक है न
में :- है क्यों
मीरा माँ :- आपने बोलै था न की जब आप आये आपका पूरा गाला सुख रहा था इसलिए पूछा कही आपकी तबियत तोह ठीक नहीं
में :- (हकलाते हुए) नहीं….. नहीं मीरा माँ ऐसा बिलकुल नहीं है
मीरा माँ को मेरा यु हाकलना अटपटा लगने लगा
मीरा माँ :- छोटे मालिक अगर आपने एक पल के लिए सच्चे दिल से माँ मन है तोह सच बताना
अब में बुरी तरह फास गया था
में :- ठीक है लेकिन मेरी एक शर्त है
की आप मेरे से नाराज नहीं होंगी और पहले की तरह hi नोर्मल्ली मुझसे बात करेंगे और किसी को नहीं बताएँगे
मीरा माँ :- छोटे मालिक में आपसे छह कर भी नाराज नहीं हो सकती आप बताइये
में (डरते हुइल) :- वो… वो मीरा माँ वो..
मीरा माँ :- छोटे मालिक बिना डरे बताइये भले hi आप मुझे माँ का दर्जा दिया हो लेकिन में आप की एक दासी hi हु अगर आप मुझे मरेंगे भी तोह भी मेरे मुँह से उफ़ तक नहीं निकलेगी
में :- वह जब में आ रहा था तोह रस्ते में मुझे झाड़ियों से कुछ आवाज़ आ रही थी जब में अंदर जेक देखा तोह वह वह
मीरा माँ :- वह क्या
में :- वह आप पेशाब कर रही थी और आपको देखके मेरे मन me(rote हुए) गलत विचार आ रहे थे मुझे माफ़ करना
मीरा माँ ये सुन के hi दांग रह गयी क्योंकि उन्होंने कभी नहीं सोचा था की में उनके बारे में ऐसा सोचूंगा लेकिन तभी पता नहीं उन्हें क्या हुआ और वह मंद मंद मुस्कुराने लगी
मीरा माँ (मुस्कुराते हुए) :- तोह कैसे लगी
मीरा माँ के ऐसे कहने से में तोह दांग हो गया की मीरा माँ कहना क्या चाहती है
में :- क्या कैसी लगी
मेरे ये पूछने के बाद पता नहीं मीरा माँ को क्या हुआ वो अपना एक हाथ ले जेक मेरे धोती के उभर पे फिरने लगी जिससे में मदहोश होने लगा
में (मदहोश होते हुए) :- मीरा माँ अह्हह्ह्ह्ह ये अआप क्या करररररर राहीईई हीी
मीरा माँ :- मीरा माँ नहीं सिर्फ मीरा मेरे मालिक आज अपने इस दासी को अपनी सेवा का अवसर दीजिये आज तक मेने आपसे कुछ नहीं माँगा लेकिन आज मांग रही हु प्लीज में जो कर रही हु करने दीजिये
इतना बोलके मीरा माँ ने मुझे खड़ा कर के मेरी धोती उतर दी और अब में निचे से सिर्फ कच्चे में था मीरा माँ ने मेरा कच्चा भी उतर दिया जिसे मेरा लुंड सीधा उनके मुँह पे जा लगा
मीरा माँ :- अह्ह्ह्हह मालिक आपका लौड़ा तोह बिलकुल किसी मर्द की तरह खड़ा है लगता है आप बहुत तड़प रहे हो इसीलिए तोह ये बिना छुए hi पानी छोड़ रहा है
मेरा लुंड बहुत देर से खड़ा था इसलिए उसमे से अब वह पानी की बून्द निकल रहा था
और उसे हाथ में लेकर मुठियाने लगी
मीरा माँ :- मालिक कितना गरम है आपका लौड़ा इसपर तोह आपकी नसे तक दिख रही है
और वह मेरे नसों पर ऊँगली फिरने लगी
जिससे मेरे मुँह से एक हलकी सी चीख निकल गयी
में :- अह्ह्ह्हह एई क्याआ कररर रहीए हो मीरा माँ ये गलत होगा
मेरे लुंड को छत्ते हुए
मीरा माँ :- आज के दिन माँ नहीं मालिक में आपकी रैंड कुत्तिया बनना चाहती हु मुझे मेरा काम करने से मत रोकिये और इतना बोलके मेरे लुंड की मालिश करने लगी
अब मुझे भी मजा आ रहा था तोह मेने भी रोका नहीं तोह वो भी खुश हो गयी
में :- अह्ह्ह्हह मेरी कुटिया में तोह तुझे अपनी माँ का दर्जा दे रहा था लेकिन तू इसी लायक है एक कुटिया बनाने के
मीरा :- है मालिक में इसी लायक हु ये तोह आपकी दिलदारी थी की आप इस कुटिया को अपनी माँ का दर्जा दे रहे थे
इतना बोलके वो फिर से मेरे लुंड की मालिश करने लगी
अब उन्होंने वह किया जो में सोच भी नहीं सकता था उन्होंने मेरे लुंड को अपने मुँह में भर लिया
में :- अह्हह्ह्ह्ह कुटिया ये क्याआ कररर रहीए ही वहह्ह्ह्ह कोई मुँह में लेता है क्याआ
मीरा :- ये वह नहीं है ये मेरे मालिक का लुंड है इसे तोह में कही भी ले सकती हु
इतना बोलके उसने लुंड को किश कर ली
फिर से चूसने लगी
अब मेरे से भी कण्ट्रोल नहीं हो रहा था इसलिए मेरा हाथ अपने आप उसके बालो में चला गया और में उसका मुँह छोड़ने लगा
जब मेरा निकल ने वाला था तोह मुझे लगा की मेरे शरीर का सारा खून मेरे लुंड में जमा हो रहा है और फिर में उनके सर को पकड़ के और जोर से ढाका मरने लगा जिससे मेरा पूरा लुंड उनके मुँह में जा रहा था जिसे उनके गले में साफ़ पता चल रहा था
जब में झड़ने लगा तोह उन्हें सास लेने में भी तकलीफ हो रही थी तब मेने लुंड उनके मुँह से निकला जिससे मेरा बचा कुछ माल उनके चेहरे पर गिरने लगा
अब वह भी अपने ससे दुरुस्त करने में लगी हुई थी आज मुझे इतना मजा आया था जितना में बता नहीं सकता खासकर तब जब में उसे रैंड कुटिया बोलके गली दे रहा था
अब मुझे भी इस मालिक दासी वाले खेल में मजा आ रहा था तोह मेने इस ऐसे hi चालू रखने का फैसला लिया
लेकिन जब मेने बहार देखा तोह शाम हो रही थी इसलिए मैंने अपने कपडे पहने और बहार जाते हुए उसके गांड पे एक थपड मारा जिससे उसकी चीख निकल गयी
मीरा :- अह्हह्ह्ह्ह मालिक धीरे दर्द होता है
इस बात पे मेने उसे और एक के बाद एक 3-4 जड़ दिए गांड पे
में :- अभी तक तोह मस्त चूस रही थी जब में मजे लेने लगा तोह बड़ा नखरे करती है रैंड साली आज समय नहीं है इसीलिए नहीं तोह अभी बताता
ये सुन के मीरा मुस्कुराने लगी क्यूंकि अबे भी खुल के मजे ले रहा था जैसा वह चाहती थी
में :- चल अब चलता हु कल फिर आऊंगा
मीरा :- रुकिए मालिक
इतना बोलके मीरा ने तुरंत अपनी अलमारी खोल के एक अंगूठी निकली और मुझे दी
मीरा :- ये लीजिये मालिक मेरे तरफ से ये छोटा सा तोहफा ये तोह में अपने छोटे बेटे के लिए लायी थी लेकिन नहीं पता था की वो बीटा मेरा मालिक बन जाये गए
ये सुन कर अचानक मेरे दिमाग में जैसे एक साथ 2 टीवी चालू हो गए जिसमे आज के पहले के मेरे और मीरा माँ के pyar(ma बेटे वाला) भरे लाहो की क्लिप्स चल रही थी जिसमे वो मेरा ख्याल रखती अलग अलग जड़ीबूटियों की बारे में बताती मेरी गलती होने पर भी मुझे न डटकर अपने बचो को डट देती जब में उनके सामने होता तोह कैसे वो सब भूल जाती
और 2ऋ स्क्रीन पर अभी थोड़ी देर पहले वाला जिसमे मेरी वजह से उन्हें दर्द हुआ उनका दम गहने से जो उनकी आखो से ासु बाह रहे थे
में अब खुद को कोष रहा था की में कितना घटिया आदमी हु जो खुद के मजे के लिए अपनी माँ सामान औरत को चोट पहुंचा रहा था
इस वजह से मेरी आखे भी नाम हो गयी जो मीरा माँ ने देख ली
मीरा माँ (मेरे ासु पोछते हुए) :- ऐसा बिलकुलर मत सोचना की तुम घटिया आदमी हु जो खुद के मजे के लिए अपनी माँ सामान औरत को चोट पहुंचा रहे थे
इस बार में शॉक रह गया की इन्हे मेरे मन की बात कैसे मालूम
में :- आपको कैसे
मीरा माँ :- बचपन से जानती हु आपको आपके राग राग से वाकिफ हु
में (रट हुए) :- माफ़ करना
मीरा माँ :- अरे ये क्या मालिक अपने गुलामो से माफ़ी नहीं मांगते बल्कि उन्हें आदेश देते है इस गांव में 200 से ज्यादा मर्द है जो मेरे हुस्न पे मरते है फिर भी में पिछले 10 सालो से जिस्म की आग में जल रही हु और आज आप के निचे लेटने को तैयार हो गयी क्यों इसकी वजह ये नहीं है की आप उस घराने से है जिनकी सेवा करना हमारा धरम है न की ये की में अपनी आग को लबु नहीं कर सकती बल्कि में आपको बचपन से देखा है और आप एक सच्चे और अचे मर्द है और अगर आज आप वो शरबत नहीं पिटे तोह शायद आप कभी मुझे छूटे भी नहीं
ये सब सुनके मेरे चेहरे पे रहत की मुस्कान आ गयी जैसे कितनी बड़ी समस्या का बोझ दिल पर से उतर गया
मीरा :- चलिए अब जाइये और है कल भी मुझे मेरे मालिक चाहिए जिन्हे में कल पूरी तरीके से खुश कर पाव
में :- ठीक है मेरी रंडी अरे है तेरे चाकर में मैं भूल hi गया दादाजी के घुटनो का तेल चाहिए था
तोह मीरा ने अलमारी से एक बोतल निकल के दे दी जिसे लेकर में घर की तरफ चल पड़ा
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आज के लिए इतना hi
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