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ऐसा लग रहा था की कोई मेरे शरीर को 2 हिस्सों में बात रहा हो लेकिन जल्द hi में इस कार्य में कामयाब हो गया और मेरे शरीर को तेज़ तेज़ झटके लगने लगे और एक जोरदार धमाके की आवाज के साथ में ध्यान से बहार आ गया और जब मेने अपनी आखे खोली तोह मेरा सर hi चक्र गया मुझे अपनी आखों पर भरोसा hi नहीं हो रहा था
में जहा पे बैठ ध्यान लगा रहा था उस जगह पर अभी हर तरफ धुआँ हु धुआँ था वह न गाइड दुःख रहे थे न वह चित्र वह क्या हो रहा है मुझे कुछ भी नहीं दिख रहा था अभी में वह का धुआँ हटने की प्रतीक्षा कर रहा था की तभी उस जगह से धीरे धीरे सारा धुआँ हटने लगा था जब सारा धुआँ हैट गया तोह मुझे वह गाइड खड़ा दिखाई दिया जो अपनी आखे बंद किये खड़ा था की तभी मेरे नज़र उस चित्र में पड़ी जहा उन 7 छेड़ो मेसे सबसे निचले छेद में कुछ मोती सा चमक रहा था
में :- (गाइड से) क्या हुआ यहाँ ये इतना सारा धुआँ किस बात का था
ग:- ये धुआँ संजीत था की तुमने अपने प्रथम चक्र को जागरजत कर लिया है और अब तुम धरती तत्त्व से जुड़ गए हो अब तुम्हे अगले कुछ दिनों तक अपने मूलधार चक्र पे hi ध्यान लगाना होगा जिससे वह तुम्हारे वाश में आ जाये
में :- लेकिन मुझे रोह अपने आप में कोई भी चंगेस नहीं दिख रहे है सब नार्मल हिवलग रहे है
ग :- सही कहा तुम्हारे शरीर के बाहरी तरफ कोई बदलाव नहीं हुए है सप्त चक्र अपने धारक के अंधरुनि हिस्सों को मजबूत करते है
में :- ाचा तोह अब मुझे पता कैसे चलेगा की मेरे शरीर में क्या बदलाव आये है
ग :- समय के साथ तुम्हे सब पता चल जायेगा
में :- ठीक है लेकिन मुझे लगा नहीं था की में ये एक hi दिन में कर लूंगा
ग :- किसने कहा इस कार्य में तुम्हे केवल एक दिन का समय लगा तुमने एक चक्र को जागृत करने के लिए 2 वर्षों का समय लिया है
में :- ाचा मतलब अंतर्मन में भी समय बाकि जगहों जैसा है.
ग :- नहीं राज अंतर्मन का समय चक्र से कोई नाता नहीं होता इसीलिए अंतर्मन में प्रवेश करने के बाद बाहरी समय रुक जाता है
में :- बहार अभी भी वही समय हो रहा होगा जिस समय हम चाट पर थे
ग :- बुल्कुल सही चलो अब
अब तक मेने इतनी अजीबो गरीब चीजे दिखी थी की अब किसी भी बात से मुझे शॉक नहीं लग रहा था
फिर में और गाइड दोनों फिर से ध्यान लगाने बैठ गए और इस बार जब आखे खुली तोह में अपने घर की चाट पे hi था और बिलकुल गाइड में कहने मुताबिक बहार अभी भी वही टाइम हो रहा था फिर में वह से निचे आ गया जहा पर इस वक़्त तोह सब सो रहे थे तोह कीकतें में इस वक़्त माँ नास्ते की तैयारी कर रही थी
में :- गुड मॉर्निंग माँ
माँ :- उठ गया राज जा जेक जल्दी फ्रेश हो जा में नाश्ता लगाती हु तेरे लिए
माँ भले hi खुद को नार्मल दिखने की कोशिस कर रही थी लेकिन में उनके एक्सप्रेशंस देख कर इतना तोह समझ गया था की वह टेंशन में है
में :- (उन्हें पीछे से बाँहों में भरते हुए) कितना चीन करोगी आप हां आपको क्या लगा मुझे पता नहीं चलेगा की मेरी प्यारी माँ कितनी टेंशन लेने लगी है
माँ :- अगर सब समझता है तोह क्यों जा रहा है वह ऐसा भी हो सकता है की वह केवल उनका दिखावा हो और उनके मन में कुछ और हो
में :- माँ आप याद कीजिये जब में पहली बार आपके पिता से मिला था तोह उन्होंने कितनी बार मुझे अपने पास बुलाने की मेरे साथ खेलने की मेरे से बात करने की कोशिस की थी लेकिन में हमेशा उनसे दूर भाग जाता था जिससे आपको और उन्हें कितना बुरा लगता था वही अब फिर हो रहा है इस बार आपके डैड के बदले नानाजी है जो अपने पोते को अपने पास बुलाने का प्रयास कर रहे है पुराणी बातों को भुला देना चाहते है तोह हमे भी तोह इसमें उनका साथ दे कर पुराणी बातों को भुला के नयी शुरवात करने के लिए कदम उठाना चाइये अगर वह मुझे इतने प्यार से बुला रहे है और में नहीं गया तोह उन्हें कितना बुरा लगेगा आप hi सोचिये
माँ :- (मेरे गलों को सहलाते हु) कितना बड़ा हो गया तू कितनी बड़ी बड़ी बाटे करने लगा है सच आज अगर रजनी दीदी (मेरी असली माँ) जिन्दा होती तोह उन्हें तुझ पर बहुत गर्व होता
में (साद होक) :- अगर वह होती तोह इतना कुछ नहीं होता
माँ :- (मुझे गले लगाके) साद क्यों होता है जो भी होता है अचे के लिए hi होता है चल अब अपना मूड ठीक कर और जेक तैयार होजा अगर अभी निकलेगा तब जेक शाम तक पहुंच पायेगा वह
में :- ठीक है माँ
फिर में वह से अपने रूम में चला गया जब में अपने रूम में गया तोह दीदी वह नहीं थी तोह में भी नाहा धो कर एक दम तैयार हो गया और निचे आ गया जहा पर इस वक़्त सब लोग मौजूद थे
फिर में निचे आ कर सरे बड़ों का आशीर्वाद लिया
माँ :- संभल के जाना और पहुंच के कॉल करना समझे
में :- है माँ में अभी बचा नहीं हु जो आप इतना दर रही हो
माँ :- माँ की नज़रों में तोह उसके सरे बचे हमेशा बचे hi होते है
में :- ठीक है में ध्यान रखूँगा
इतना बोलके मेने सबसे विदा लिया और चल पड़ा सूरज ग्रह की और में अभी जाने लगा hi था तोह डैड बोले
डैड :- सुन कोई ाचा सा गिफ्ट ले लेना उनके लिए समझे
में :- okay डैड
इतना बोलके मेने उनके पेअर छुए और फिर में घर के बहार निकल गया
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आज के लिए इतना hi
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ऐसा लग रहा था की कोई मेरे शरीर को 2 हिस्सों में बात रहा हो लेकिन जल्द hi में इस कार्य में कामयाब हो गया और मेरे शरीर को तेज़ तेज़ झटके लगने लगे और एक जोरदार धमाके की आवाज के साथ में ध्यान से बहार आ गया और जब मेने अपनी आखे खोली तोह मेरा सर hi चक्र गया मुझे अपनी आखों पर भरोसा hi नहीं हो रहा था
में जहा पे बैठ ध्यान लगा रहा था उस जगह पर अभी हर तरफ धुआँ हु धुआँ था वह न गाइड दुःख रहे थे न वह चित्र वह क्या हो रहा है मुझे कुछ भी नहीं दिख रहा था अभी में वह का धुआँ हटने की प्रतीक्षा कर रहा था की तभी उस जगह से धीरे धीरे सारा धुआँ हटने लगा था जब सारा धुआँ हैट गया तोह मुझे वह गाइड खड़ा दिखाई दिया जो अपनी आखे बंद किये खड़ा था की तभी मेरे नज़र उस चित्र में पड़ी जहा उन 7 छेड़ो मेसे सबसे निचले छेद में कुछ मोती सा चमक रहा था
में :- (गाइड से) क्या हुआ यहाँ ये इतना सारा धुआँ किस बात का था
ग:- ये धुआँ संजीत था की तुमने अपने प्रथम चक्र को जागरजत कर लिया है और अब तुम धरती तत्त्व से जुड़ गए हो अब तुम्हे अगले कुछ दिनों तक अपने मूलधार चक्र पे hi ध्यान लगाना होगा जिससे वह तुम्हारे वाश में आ जाये
में :- लेकिन मुझे रोह अपने आप में कोई भी चंगेस नहीं दिख रहे है सब नार्मल हिवलग रहे है
ग :- सही कहा तुम्हारे शरीर के बाहरी तरफ कोई बदलाव नहीं हुए है सप्त चक्र अपने धारक के अंधरुनि हिस्सों को मजबूत करते है
में :- ाचा तोह अब मुझे पता कैसे चलेगा की मेरे शरीर में क्या बदलाव आये है
ग :- समय के साथ तुम्हे सब पता चल जायेगा
में :- ठीक है लेकिन मुझे लगा नहीं था की में ये एक hi दिन में कर लूंगा
ग :- किसने कहा इस कार्य में तुम्हे केवल एक दिन का समय लगा तुमने एक चक्र को जागृत करने के लिए 2 वर्षों का समय लिया है
में :- ाचा मतलब अंतर्मन में भी समय बाकि जगहों जैसा है.
ग :- नहीं राज अंतर्मन का समय चक्र से कोई नाता नहीं होता इसीलिए अंतर्मन में प्रवेश करने के बाद बाहरी समय रुक जाता है
में :- बहार अभी भी वही समय हो रहा होगा जिस समय हम चाट पर थे
ग :- बुल्कुल सही चलो अब
अब तक मेने इतनी अजीबो गरीब चीजे दिखी थी की अब किसी भी बात से मुझे शॉक नहीं लग रहा था
फिर में और गाइड दोनों फिर से ध्यान लगाने बैठ गए और इस बार जब आखे खुली तोह में अपने घर की चाट पे hi था और बिलकुल गाइड में कहने मुताबिक बहार अभी भी वही टाइम हो रहा था फिर में वह से निचे आ गया जहा पर इस वक़्त तोह सब सो रहे थे तोह कीकतें में इस वक़्त माँ नास्ते की तैयारी कर रही थी
में :- गुड मॉर्निंग माँ
माँ :- उठ गया राज जा जेक जल्दी फ्रेश हो जा में नाश्ता लगाती हु तेरे लिए
माँ भले hi खुद को नार्मल दिखने की कोशिस कर रही थी लेकिन में उनके एक्सप्रेशंस देख कर इतना तोह समझ गया था की वह टेंशन में है
में :- (उन्हें पीछे से बाँहों में भरते हुए) कितना चीन करोगी आप हां आपको क्या लगा मुझे पता नहीं चलेगा की मेरी प्यारी माँ कितनी टेंशन लेने लगी है
माँ :- अगर सब समझता है तोह क्यों जा रहा है वह ऐसा भी हो सकता है की वह केवल उनका दिखावा हो और उनके मन में कुछ और हो
में :- माँ आप याद कीजिये जब में पहली बार आपके पिता से मिला था तोह उन्होंने कितनी बार मुझे अपने पास बुलाने की मेरे साथ खेलने की मेरे से बात करने की कोशिस की थी लेकिन में हमेशा उनसे दूर भाग जाता था जिससे आपको और उन्हें कितना बुरा लगता था वही अब फिर हो रहा है इस बार आपके डैड के बदले नानाजी है जो अपने पोते को अपने पास बुलाने का प्रयास कर रहे है पुराणी बातों को भुला देना चाहते है तोह हमे भी तोह इसमें उनका साथ दे कर पुराणी बातों को भुला के नयी शुरवात करने के लिए कदम उठाना चाइये अगर वह मुझे इतने प्यार से बुला रहे है और में नहीं गया तोह उन्हें कितना बुरा लगेगा आप hi सोचिये
माँ :- (मेरे गलों को सहलाते हु) कितना बड़ा हो गया तू कितनी बड़ी बड़ी बाटे करने लगा है सच आज अगर रजनी दीदी (मेरी असली माँ) जिन्दा होती तोह उन्हें तुझ पर बहुत गर्व होता
में (साद होक) :- अगर वह होती तोह इतना कुछ नहीं होता
माँ :- (मुझे गले लगाके) साद क्यों होता है जो भी होता है अचे के लिए hi होता है चल अब अपना मूड ठीक कर और जेक तैयार होजा अगर अभी निकलेगा तब जेक शाम तक पहुंच पायेगा वह
में :- ठीक है माँ
फिर में वह से अपने रूम में चला गया जब में अपने रूम में गया तोह दीदी वह नहीं थी तोह में भी नाहा धो कर एक दम तैयार हो गया और निचे आ गया जहा पर इस वक़्त सब लोग मौजूद थे
फिर में निचे आ कर सरे बड़ों का आशीर्वाद लिया
माँ :- संभल के जाना और पहुंच के कॉल करना समझे
में :- है माँ में अभी बचा नहीं हु जो आप इतना दर रही हो
माँ :- माँ की नज़रों में तोह उसके सरे बचे हमेशा बचे hi होते है
में :- ठीक है में ध्यान रखूँगा
इतना बोलके मेने सबसे विदा लिया और चल पड़ा सूरज ग्रह की और में अभी जाने लगा hi था तोह डैड बोले
डैड :- सुन कोई ाचा सा गिफ्ट ले लेना उनके लिए समझे
में :- okay डैड
इतना बोलके मेने उनके पेअर छुए और फिर में घर के बहार निकल गया
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आज के लिए इतना hi
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