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अपडेट 165 (सुपर मेगा अपडेट)
इतना बोलके वह चले गए उनके जाने के बाद में इस अस्त्र के बारे में सोचने लगा जिस वजह से मुझे प्यास लगने लगी थी जिस वजह से में अपने कमरे से बहार निकल के कीकतें में चला गया और जब में पानी पाइक वापस आ रहा था की तभी मेरा ध्यान दीदी के कमरे की तरफ गया
जिसकी लाइट्स अभी भी जल रही थी जब में उनके कमरे के पास पंहुचा तोह वह कमरे के अंदर मीणा दीदी और रीना दीदी दोनों भी मौजूद थे और बहुत धीमी ाआवाज में कुछ बात कर रहे थे जो की कोई भी सुन नहीं सालता था लेकिन मेरे सेंसेस के वजह से उनकी बाते मुझे क्लेअर्ल्य सुनाई दे रही थी जो सुनके मेरा दिमाग hi चलना बंद हो गया अंदर मेरी दोनों बहने पूरी तरीके से नग्न अवस्था में थी और एक दूसरे के शरीर के साथ खेल रही थी या यु कहु की दोनों लेस्बियन सेक्स कर रही थी
मीणा :- और कितनी देर छोटी 1 महीना हो गया तुझे पता है न में राज से बचपन से प्यार करती हु लेकिन बहन होने की वजह से में कभी आगे नहीं बढ़ी और हमेशा उससे दूर रहती थी
रीना :- है दीदी मुझे पता है और आपके वजह से hi तोह मेरे मन में भी उसके लिए वैसी फीलिंग्स आ गयी थी एयर इसीलिए तोह जैसे hi उसके मन में मेरी वजह से इन्सेस्ट फीलिंग्स पैदा हुई तोह मेने तुरंत आपको बता दिया.
मीणा :- लेकिन उसका क्या फायदा एक महीने से में यहाँ हूँ लेकिन अब तक तुमने उसको मेरे बारे में नहीं बताया बस अकेली मजे कर रही हो तुम (इतना बोलके मीणा ने रीना के बूब्स को सहलाना शुरू कर दिया)
रीना :- अह्ह्ह डीडीई ऐसा नहीं है दीदी बस में हिम्मत नहीं जूता प् रही हु उससे बात काने की
मीणा :- (रीना के चूचियों को जोर से मसलते हुए) उससे छोड़ने के लिए तोह बड़ी हिम्मत आती है तुझमे तोह अब क्या हुआ
रीना :- अह्ह्ह्ह क्या करती हो दीदी दर्द होता है तोह आपको भी किसने रोका है अपनी टंगे खोल के बैठ जाओ उसके सामने आपका काम चुटकियों में हो जायेगा
मीणा :- ाचा जब राज मसलता है तब दर्द नहीं होता तब तोह बड़ा मजा आता है
रीना :- है आता है मजा और अगर इतनी hi जल्दी है आपको तोह जाओ न अपनी टंगे खोल के बैठो उसके सामें
मीणा :- अब यही करना पड़ेगा
वही में बहार खड़ा दोनों बहनों की बाए सुनकर शॉकेड में था की ये क्या हो रहा है इन दोनों में ये दोनों मिलके कितनी खुली तरीके से बात कर रही है ये सब सुनके में अपने कमरे में आ गया में अभी इस सब के बारे में सोच hi रहा था की तभी मेरे अंदर की शैतानी शक्तिया मुझे मीणा दीदी के नग्न शरीर को hi बार बार दिखा रहा था जिससे मेरे मन में जो पहले से hi इन्सेस्ट फीलिंग्स थी वह और स्ट्रांग हो रही थी की तभी न जाने मुझे क्या सुझा और मेने अपना मोबाइल उठाकर रीना दीदी को मश्ग कर दिया
मश्ग :- दीदी आपकी बड़ी याद आ रही है आप आ जाओ नहीं तोह में आता हूँ आपके पास
वही मेरा मश्ग पढ़के दीदी के दिमाग के घोड़े भी दौड़ने लगे
रीना :- (मीणा से) लो दीदी आपका इंतजाम हो गया अब तैयार हो जाओ आज आपकी सील खुलने वाली है
रीना :- (मुझे मश्ग में) आ जाओ भाई आज में भी बड़ी बेचैन हु आज कुछ नया करेंगे
दीदी का मश्ग पढ़ के मेरे चेहरे पे मुस्कान सी च गयी क्यूंकि सब वैसा hi हो रहा था जैसा मेने सोचा था अब देखना था की दीदी क्या तिगड़म लगाती है
वही जब में दीदी के कमरे के पास पंहुचा तोह वह पूरा अँधेरा था जिसमे कुछ भी नहीं दिख रहा था लेकिन में सब क्लियर देख प् रहा था इस वक़्त मीणा दीदी बीएड पर वैसे hi नग्न अवस्था में बैठी थी जिन्हे देख कर मेरा लुंड अब पूरी तरीके से खड़ा हो गया था और वही मेरे कमरे में एंटर करते hi रीना दीदी जो की पहले से hi नग्न थी वह आके सबसे पहले मेरे भी कपडे उतर दिए और फिर मेरे से चिपक गयी जिससे मेरा लुंड सीधा उनकी छूट पर जा लगा जिससे दीदी की हलकी सी सिसकी भी निकल गयी
दीदी :- क्या बात है राज आज तोह तुम्हारा लुंड पहले से hi खड़ा है
में :- है लेकिन आपने रूम में अँधेरा क्यों किया है मुझे कुछ नहीं दिख रहा है (झूठ)
दीदी :- बोलै था न आज कुछ अलग करेंगे
फिर में और दीदी बीएड पर आ गए और बीएड पर आते hi रीना साइड हो गयी और जेक सोफे पे बैठ गयी तोह वही में अँधेरे में रीना को ढूंढने का नाटक करते हुए मेने मीणा दीदी को पकड़ लिया और उनके चूचियों को दबाने लगा
में आपको बता दू की दोनों बहाने जुड़वाँ है जिस वजह से दोनों की शरीर रचना एक सामान है बस उनके चेहरों में थोड़ा डिफरेंस है
में मीणा दीदी के बूब्स मसल रहा था जिससे वह भी अब मदहोश हो रही थी लेकिन न वह कुछ बोल रही थी न hi कुछ कर रही थी तभी मेरा ध्यान सोफे पर बैठी रीना पर गया जो की हमे देखने की कोशिस कर रही थी जो की साद भी लग रही थी जिसे देख कर मेरे मन में आज थ्री सम करने के ख्याल आने लगे
में :- रीना दीदी आप भी आ जाओ न मीणा दीदी कुंवारी है उन्हें आपकी मदद की जरुरत होगी
मेरे इतना बोलते hi दोनों शॉकेड हो गयी
रीना :- राज तुम्हे कैसे पता चला
में :- जब आप दोनों लेस्बियन कर रही थी तब मेने देख लिया था और आपकी साडी बाते भी सुनी थी अब आ जाओ आज थ्रीसम का भी मजा ले लेंगे
मेरे इतना बोलते hi रीना दीदी वैसे hi भगति हुई आके मेरे उप्पेर बैठ गयी और मुझे किश करने लगी हमारा ये किश पुरे 5 मं तक चला जिसके बाद रीना दीदी की सैस उखारने लगी जिस वजह से हमे वह किश तोड़नी पड़ी जिसके बाद दीदी साइड में लेट कर अपनी ससे काबू करने लगी
तोह वही जब मेरा ध्यान मीणा दीदी पर गया तोह वह बार बार अपने होठों पर जीभ फिरा रही थी जैसे की मनो वह इनविटेशन दे रहे थे और में ऐसे इनविटेशन को भला कैसे छोड़ सकता था जैसे hi मेने मीणा दीदी को अपनी और खींचा वैसे hi वह मेरे होठों को ऐसे चूसने लगी जैसे वह जन्मो से प्यासी हो मीणा दीदी की वाइल्ड किसिंग में भी उनका पूरा साथ दे रहा था
अब तक रीना दीदी की भी ससे ठीक हो गयी थी जैसे hi उन्होंने हम दोनों को किश करते देखा तोह वह उठ कर बीएड पर बैठ गयी और मेरा लुंड चूसने लगी जिससे मुझे और भी जोश चढ़ने लगा और मेरी किश और वाइल्ड हो गयी थी जिसे मीणा दीदी ज्यादा देर संभल नहीं पायी और जल्द hi उनकी ससे उखारने लगी
और वह दूसरी तरफ आके लेत गयी तोह वही में अभी रीना दीदी के सर पर हाथ फेरते हुए लुंड चूसै का मजा लेने लगा
अभी में अपने लूणस चूसै का मजा ले रहा था की तभी मेरी नज़र मीणा दीदी के ऊपर निचे हो रहे चुचों पर पड़ी जिन्हे देख कर मेरे मुँह में भी पानी आने लगा जिससे मेने उन्हें उठके सीधा अपने ऊपर लिया और उनके एक चुकी को चूसने लगा तोह दूसरे को मसल रहा था जिससे मीणा दीदी की सिसकिया पुरे रूम में गूंज रही थी
मीणा :- आआआह्ह्ह्हह्ह राज हहाआन ऐसे छ्ठीए बबहहत्तत्त टरपे होओओओ इस स्पर्शध्ठ्ह के लल्लिययी
मीणा दीदी इस वक़्त मेरे स्पर्श को अपने जिस्म पर मेहसूस कर के पागल होने लगे थे और मचल रहे थे
मीणा :- हहाआनंनं भाई ुर्ररर ज़्ज़ुर्ररर से दबाओ और कटुओ बचपन से इस सपर्श के लिए टर्पी हूँ में अह्ह्ह भाई ऐसे चुसो इन्हे बड़ा सताते है ये
उनकी बातो से मेरा जोश और भी बढ़ रहा था जिससे अब मेने रीना दीदी को इशारा किया जिसे समझकर अब उन्होंने मेरे लुंड को छोड़ दिया और मेने मीणा दीदी को बीएड पे लिटा के उनके चुचों को चूसते हुए धीरे धीरे निचे जाने लाहा
तोह वही मीणा दीदी ऐनी वाले लम्हों का सोच कर और भी उत्तेजित हो रही थी जो उनके चेहरे से साफ़ पता पद रहा था जिसे देख कर मेने ज़्यादा दिएर न करते हुए उन के छूट पे अपना मुँह रख दिया मेरे ऐसा करते हे मीणा दीद को 440 वाट का जाटखा लगा जिससे वह बीएड पे उछाल पड़ी और मेरा सर अपनी छूट पे खुद से दबाने लगी
मीणा :- अह्ह्ह्ह भईई ऐसे hi चुसो अपनी बहन की छूट को अह्ह्ह काटो मत अह्ह्ह्ह
अब में उनकी छूट को चूसने के साथ अपनी जुबान को अंदर दाल के घुमा भी रहा था जिसे मीणा दीदी ज्यादा सहा नहीं पायी और वैसे hi झाड़ गयी और फिर में उनके छूट से बहते शरबत की आखरी बून्द को भी पि गया
वही मीणा दीदी अभी भी उसी मजे में थी तोह वही अब मेने रीना दीदी को मीणा के बगल में लेता दिया था और में अपना लुंड उनके छूट पर लगा दिया और एक hi झटके में अंदर दाल दिया जिससे उनकी हलकी सी चीख निकली जिसे सुन के मीणा दीदी का ध्यान हमारे ऊपर गया तोह वही में अब तेज़ी से धक्के लगाना शुरू कर दिए थे जिससे अब दीदी मदहोशी भरी सिसकिया पुरे कमरे में गूंज रही थी
रीना :- अह्ह्ह्ह भाई ऐसे hi अह्ह्ह ऐसे hi
अभी दीदी कुछ बोलती की तभी मीणा दीदी ने अपने होंठ उनके होठों से लगा दिए ये देख कर मेरा लुंड झटका खाने लगा जो की दीदी ने अपनी छूट में अचे से महसूस किआ था जिसके बाद रीना दीदी ने मीणा दीदी को अपने ऊपर ले लिया और उनके बूब्स को चूसने लगी ये सन देख कर मेने अपने ढकों की स्पीड और तेज़ कर दी जिसका बदला रीना दीदी मीणा के बूब्स मसल के ले रही थी की तभी रीना दीदी का शरीर अकड़ने लगा और एक जोर के झटके के साथ मुझे मेरे लुंड पे कुछ गरम सा महसूस हुआ जिसे महसूस कर के में समझ गया की रीना दीदी झाड़ गयी थी लेकिन अभी तक मेरा हुआ नहीं था
जिसके बाद मेने अपना लुंड दीदी के छूट से निकाल के उनके मुँह की तरफ कर दिया मेरा इशारा समझ कर रीना दीदी ने तुरंत मेरा लुंड अपने मुँह में ले लिया तोह वही मीणा दीदी मेरे लुंड को ललचायी और दर की नज़रों से देख रही थी जो मेरे साथ साथ रीना दीदी ने भी नोटिसद कर लिया था जिसके बाद उन दोनों में कीच इशारे बजी हुई
रीना :- अगर इससे दरोगी तोह जिंदगी भर तड़पती रहोगी दीदी सोचो मत
रीना दीदी की बात सुन कर मीणा दीदी ने धीरे धीरे अपना मुँह मेरे लुंड की तरफ झुकना शुरू कर दिया जिसे देख कर रीना दीदी ने लुंड को उनके मुँह से निकल दिया और अपना हाथ को मीणा दीदी के सर पर ले जेक उनकी मदद करने लगी जिसके बाद मीणा दीदी ने भी मेरा लुंड अपने मुँह में भर लिया और उसे अचे से चूसने लगी ऐसे hi मेरा लुंड अब दोनों hi जान बारी बारी से चूस रहे थे जिसके बाद अब बारी थी उसकी जिसका हम तीनो को hi इंतज़ार था मीणा की सील टूटने का
अब मेने अपना लुंड मीणा दीदी के छूट पे रख के धीरे धीरे घिसने लगा जिससे अब मीणा दीदी फिर से गरम होने लगी थी जिसका पता उनके छूट से निकाल के रहे पानी से साफ़ पता चल रहा था वही इस घिसाई से अब उनसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा था
मीणा :- अह्ह्ह भाई अब और सबर नहीं होता अब दाल दे अंदर अह्ह्ह अह्ह्ह्हह
अभी दीदी बोल hi रही थी की तभी मेने अपना आधा लुंड एक hi झटके में मीणा दीदी के अंदर दाल दिया जिससे उनकी चीख निकलने वाली थी की तभी रीना दीदी ने अपने होठों को उनके होठों से लगा दिया जिससे मीणा की चीख उनके मुँह में डाब गयी जिसके बाद में भी थोड़ी देर में भी वैसे hi शांत बैठा रहा फिर जब मीणा दीदी का दर्द काम हुआ तोह में धीरे धीरे करके ढके मारने लगा जिससे अब मेरा पूरा लुंड मीणा दीदी के छूट में गायब हो गया था जिसके बाद रीना दीदी ने भी मीणा के होठों को आजाद कर दिया जिससे अब मीणा दीदी मस्ती भरी सिसकिया भी गूंजने लगी थी
वही रीना दीदी ने मीणा के होठों को छोड़ कर अब उनके स्थानों पे आक्रमण कर दिया था इस दोहरे हमले को मीणा दीदी जल्दी सम्हाल नहीं पायी और जल्द hi वह भी झाड़ गयी जिसके बाद में फिर से रीना दीदी को छोड़ने लगा और एन्ड में जब मेरा निकलने वाला था तोह मेने अपना लुंड बहार निकला और दोनों बहनों के मुँह पे पिचकारी छोड़ने लगा
और जब मेरा हो गया तोह रीना दीदी ने मुझे मेरे कमरे में वापस भेज दिया और खुद फ्रेश होक मीणा दीदी को बाथरूम में ले जेक फ्रेश होने में मदद करने लगी
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आज के लिए इतना hi
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इतना बोलके वह चले गए उनके जाने के बाद में इस अस्त्र के बारे में सोचने लगा जिस वजह से मुझे प्यास लगने लगी थी जिस वजह से में अपने कमरे से बहार निकल के कीकतें में चला गया और जब में पानी पाइक वापस आ रहा था की तभी मेरा ध्यान दीदी के कमरे की तरफ गया
जिसकी लाइट्स अभी भी जल रही थी जब में उनके कमरे के पास पंहुचा तोह वह कमरे के अंदर मीणा दीदी और रीना दीदी दोनों भी मौजूद थे और बहुत धीमी ाआवाज में कुछ बात कर रहे थे जो की कोई भी सुन नहीं सालता था लेकिन मेरे सेंसेस के वजह से उनकी बाते मुझे क्लेअर्ल्य सुनाई दे रही थी जो सुनके मेरा दिमाग hi चलना बंद हो गया अंदर मेरी दोनों बहने पूरी तरीके से नग्न अवस्था में थी और एक दूसरे के शरीर के साथ खेल रही थी या यु कहु की दोनों लेस्बियन सेक्स कर रही थी
मीणा :- और कितनी देर छोटी 1 महीना हो गया तुझे पता है न में राज से बचपन से प्यार करती हु लेकिन बहन होने की वजह से में कभी आगे नहीं बढ़ी और हमेशा उससे दूर रहती थी
रीना :- है दीदी मुझे पता है और आपके वजह से hi तोह मेरे मन में भी उसके लिए वैसी फीलिंग्स आ गयी थी एयर इसीलिए तोह जैसे hi उसके मन में मेरी वजह से इन्सेस्ट फीलिंग्स पैदा हुई तोह मेने तुरंत आपको बता दिया.
मीणा :- लेकिन उसका क्या फायदा एक महीने से में यहाँ हूँ लेकिन अब तक तुमने उसको मेरे बारे में नहीं बताया बस अकेली मजे कर रही हो तुम (इतना बोलके मीणा ने रीना के बूब्स को सहलाना शुरू कर दिया)
रीना :- अह्ह्ह डीडीई ऐसा नहीं है दीदी बस में हिम्मत नहीं जूता प् रही हु उससे बात काने की
मीणा :- (रीना के चूचियों को जोर से मसलते हुए) उससे छोड़ने के लिए तोह बड़ी हिम्मत आती है तुझमे तोह अब क्या हुआ
रीना :- अह्ह्ह्ह क्या करती हो दीदी दर्द होता है तोह आपको भी किसने रोका है अपनी टंगे खोल के बैठ जाओ उसके सामने आपका काम चुटकियों में हो जायेगा
मीणा :- ाचा जब राज मसलता है तब दर्द नहीं होता तब तोह बड़ा मजा आता है
रीना :- है आता है मजा और अगर इतनी hi जल्दी है आपको तोह जाओ न अपनी टंगे खोल के बैठो उसके सामें
मीणा :- अब यही करना पड़ेगा
वही में बहार खड़ा दोनों बहनों की बाए सुनकर शॉकेड में था की ये क्या हो रहा है इन दोनों में ये दोनों मिलके कितनी खुली तरीके से बात कर रही है ये सब सुनके में अपने कमरे में आ गया में अभी इस सब के बारे में सोच hi रहा था की तभी मेरे अंदर की शैतानी शक्तिया मुझे मीणा दीदी के नग्न शरीर को hi बार बार दिखा रहा था जिससे मेरे मन में जो पहले से hi इन्सेस्ट फीलिंग्स थी वह और स्ट्रांग हो रही थी की तभी न जाने मुझे क्या सुझा और मेने अपना मोबाइल उठाकर रीना दीदी को मश्ग कर दिया
मश्ग :- दीदी आपकी बड़ी याद आ रही है आप आ जाओ नहीं तोह में आता हूँ आपके पास
वही मेरा मश्ग पढ़के दीदी के दिमाग के घोड़े भी दौड़ने लगे
रीना :- (मीणा से) लो दीदी आपका इंतजाम हो गया अब तैयार हो जाओ आज आपकी सील खुलने वाली है
रीना :- (मुझे मश्ग में) आ जाओ भाई आज में भी बड़ी बेचैन हु आज कुछ नया करेंगे
दीदी का मश्ग पढ़ के मेरे चेहरे पे मुस्कान सी च गयी क्यूंकि सब वैसा hi हो रहा था जैसा मेने सोचा था अब देखना था की दीदी क्या तिगड़म लगाती है
वही जब में दीदी के कमरे के पास पंहुचा तोह वह पूरा अँधेरा था जिसमे कुछ भी नहीं दिख रहा था लेकिन में सब क्लियर देख प् रहा था इस वक़्त मीणा दीदी बीएड पर वैसे hi नग्न अवस्था में बैठी थी जिन्हे देख कर मेरा लुंड अब पूरी तरीके से खड़ा हो गया था और वही मेरे कमरे में एंटर करते hi रीना दीदी जो की पहले से hi नग्न थी वह आके सबसे पहले मेरे भी कपडे उतर दिए और फिर मेरे से चिपक गयी जिससे मेरा लुंड सीधा उनकी छूट पर जा लगा जिससे दीदी की हलकी सी सिसकी भी निकल गयी
दीदी :- क्या बात है राज आज तोह तुम्हारा लुंड पहले से hi खड़ा है
में :- है लेकिन आपने रूम में अँधेरा क्यों किया है मुझे कुछ नहीं दिख रहा है (झूठ)
दीदी :- बोलै था न आज कुछ अलग करेंगे
फिर में और दीदी बीएड पर आ गए और बीएड पर आते hi रीना साइड हो गयी और जेक सोफे पे बैठ गयी तोह वही में अँधेरे में रीना को ढूंढने का नाटक करते हुए मेने मीणा दीदी को पकड़ लिया और उनके चूचियों को दबाने लगा
में आपको बता दू की दोनों बहाने जुड़वाँ है जिस वजह से दोनों की शरीर रचना एक सामान है बस उनके चेहरों में थोड़ा डिफरेंस है
में मीणा दीदी के बूब्स मसल रहा था जिससे वह भी अब मदहोश हो रही थी लेकिन न वह कुछ बोल रही थी न hi कुछ कर रही थी तभी मेरा ध्यान सोफे पर बैठी रीना पर गया जो की हमे देखने की कोशिस कर रही थी जो की साद भी लग रही थी जिसे देख कर मेरे मन में आज थ्री सम करने के ख्याल आने लगे
में :- रीना दीदी आप भी आ जाओ न मीणा दीदी कुंवारी है उन्हें आपकी मदद की जरुरत होगी
मेरे इतना बोलते hi दोनों शॉकेड हो गयी
रीना :- राज तुम्हे कैसे पता चला
में :- जब आप दोनों लेस्बियन कर रही थी तब मेने देख लिया था और आपकी साडी बाते भी सुनी थी अब आ जाओ आज थ्रीसम का भी मजा ले लेंगे
मेरे इतना बोलते hi रीना दीदी वैसे hi भगति हुई आके मेरे उप्पेर बैठ गयी और मुझे किश करने लगी हमारा ये किश पुरे 5 मं तक चला जिसके बाद रीना दीदी की सैस उखारने लगी जिस वजह से हमे वह किश तोड़नी पड़ी जिसके बाद दीदी साइड में लेट कर अपनी ससे काबू करने लगी
तोह वही जब मेरा ध्यान मीणा दीदी पर गया तोह वह बार बार अपने होठों पर जीभ फिरा रही थी जैसे की मनो वह इनविटेशन दे रहे थे और में ऐसे इनविटेशन को भला कैसे छोड़ सकता था जैसे hi मेने मीणा दीदी को अपनी और खींचा वैसे hi वह मेरे होठों को ऐसे चूसने लगी जैसे वह जन्मो से प्यासी हो मीणा दीदी की वाइल्ड किसिंग में भी उनका पूरा साथ दे रहा था
अब तक रीना दीदी की भी ससे ठीक हो गयी थी जैसे hi उन्होंने हम दोनों को किश करते देखा तोह वह उठ कर बीएड पर बैठ गयी और मेरा लुंड चूसने लगी जिससे मुझे और भी जोश चढ़ने लगा और मेरी किश और वाइल्ड हो गयी थी जिसे मीणा दीदी ज्यादा देर संभल नहीं पायी और जल्द hi उनकी ससे उखारने लगी
और वह दूसरी तरफ आके लेत गयी तोह वही में अभी रीना दीदी के सर पर हाथ फेरते हुए लुंड चूसै का मजा लेने लगा
अभी में अपने लूणस चूसै का मजा ले रहा था की तभी मेरी नज़र मीणा दीदी के ऊपर निचे हो रहे चुचों पर पड़ी जिन्हे देख कर मेरे मुँह में भी पानी आने लगा जिससे मेने उन्हें उठके सीधा अपने ऊपर लिया और उनके एक चुकी को चूसने लगा तोह दूसरे को मसल रहा था जिससे मीणा दीदी की सिसकिया पुरे रूम में गूंज रही थी
मीणा :- आआआह्ह्ह्हह्ह राज हहाआन ऐसे छ्ठीए बबहहत्तत्त टरपे होओओओ इस स्पर्शध्ठ्ह के लल्लिययी
मीणा दीदी इस वक़्त मेरे स्पर्श को अपने जिस्म पर मेहसूस कर के पागल होने लगे थे और मचल रहे थे
मीणा :- हहाआनंनं भाई ुर्ररर ज़्ज़ुर्ररर से दबाओ और कटुओ बचपन से इस सपर्श के लिए टर्पी हूँ में अह्ह्ह भाई ऐसे चुसो इन्हे बड़ा सताते है ये
उनकी बातो से मेरा जोश और भी बढ़ रहा था जिससे अब मेने रीना दीदी को इशारा किया जिसे समझकर अब उन्होंने मेरे लुंड को छोड़ दिया और मेने मीणा दीदी को बीएड पे लिटा के उनके चुचों को चूसते हुए धीरे धीरे निचे जाने लाहा
तोह वही मीणा दीदी ऐनी वाले लम्हों का सोच कर और भी उत्तेजित हो रही थी जो उनके चेहरे से साफ़ पता पद रहा था जिसे देख कर मेने ज़्यादा दिएर न करते हुए उन के छूट पे अपना मुँह रख दिया मेरे ऐसा करते हे मीणा दीद को 440 वाट का जाटखा लगा जिससे वह बीएड पे उछाल पड़ी और मेरा सर अपनी छूट पे खुद से दबाने लगी
मीणा :- अह्ह्ह्ह भईई ऐसे hi चुसो अपनी बहन की छूट को अह्ह्ह काटो मत अह्ह्ह्ह
अब में उनकी छूट को चूसने के साथ अपनी जुबान को अंदर दाल के घुमा भी रहा था जिसे मीणा दीदी ज्यादा सहा नहीं पायी और वैसे hi झाड़ गयी और फिर में उनके छूट से बहते शरबत की आखरी बून्द को भी पि गया
वही मीणा दीदी अभी भी उसी मजे में थी तोह वही अब मेने रीना दीदी को मीणा के बगल में लेता दिया था और में अपना लुंड उनके छूट पर लगा दिया और एक hi झटके में अंदर दाल दिया जिससे उनकी हलकी सी चीख निकली जिसे सुन के मीणा दीदी का ध्यान हमारे ऊपर गया तोह वही में अब तेज़ी से धक्के लगाना शुरू कर दिए थे जिससे अब दीदी मदहोशी भरी सिसकिया पुरे कमरे में गूंज रही थी
रीना :- अह्ह्ह्ह भाई ऐसे hi अह्ह्ह ऐसे hi
अभी दीदी कुछ बोलती की तभी मीणा दीदी ने अपने होंठ उनके होठों से लगा दिए ये देख कर मेरा लुंड झटका खाने लगा जो की दीदी ने अपनी छूट में अचे से महसूस किआ था जिसके बाद रीना दीदी ने मीणा दीदी को अपने ऊपर ले लिया और उनके बूब्स को चूसने लगी ये सन देख कर मेने अपने ढकों की स्पीड और तेज़ कर दी जिसका बदला रीना दीदी मीणा के बूब्स मसल के ले रही थी की तभी रीना दीदी का शरीर अकड़ने लगा और एक जोर के झटके के साथ मुझे मेरे लुंड पे कुछ गरम सा महसूस हुआ जिसे महसूस कर के में समझ गया की रीना दीदी झाड़ गयी थी लेकिन अभी तक मेरा हुआ नहीं था
जिसके बाद मेने अपना लुंड दीदी के छूट से निकाल के उनके मुँह की तरफ कर दिया मेरा इशारा समझ कर रीना दीदी ने तुरंत मेरा लुंड अपने मुँह में ले लिया तोह वही मीणा दीदी मेरे लुंड को ललचायी और दर की नज़रों से देख रही थी जो मेरे साथ साथ रीना दीदी ने भी नोटिसद कर लिया था जिसके बाद उन दोनों में कीच इशारे बजी हुई
रीना :- अगर इससे दरोगी तोह जिंदगी भर तड़पती रहोगी दीदी सोचो मत
रीना दीदी की बात सुन कर मीणा दीदी ने धीरे धीरे अपना मुँह मेरे लुंड की तरफ झुकना शुरू कर दिया जिसे देख कर रीना दीदी ने लुंड को उनके मुँह से निकल दिया और अपना हाथ को मीणा दीदी के सर पर ले जेक उनकी मदद करने लगी जिसके बाद मीणा दीदी ने भी मेरा लुंड अपने मुँह में भर लिया और उसे अचे से चूसने लगी ऐसे hi मेरा लुंड अब दोनों hi जान बारी बारी से चूस रहे थे जिसके बाद अब बारी थी उसकी जिसका हम तीनो को hi इंतज़ार था मीणा की सील टूटने का
अब मेने अपना लुंड मीणा दीदी के छूट पे रख के धीरे धीरे घिसने लगा जिससे अब मीणा दीदी फिर से गरम होने लगी थी जिसका पता उनके छूट से निकाल के रहे पानी से साफ़ पता चल रहा था वही इस घिसाई से अब उनसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा था
मीणा :- अह्ह्ह भाई अब और सबर नहीं होता अब दाल दे अंदर अह्ह्ह अह्ह्ह्हह
अभी दीदी बोल hi रही थी की तभी मेने अपना आधा लुंड एक hi झटके में मीणा दीदी के अंदर दाल दिया जिससे उनकी चीख निकलने वाली थी की तभी रीना दीदी ने अपने होठों को उनके होठों से लगा दिया जिससे मीणा की चीख उनके मुँह में डाब गयी जिसके बाद में भी थोड़ी देर में भी वैसे hi शांत बैठा रहा फिर जब मीणा दीदी का दर्द काम हुआ तोह में धीरे धीरे करके ढके मारने लगा जिससे अब मेरा पूरा लुंड मीणा दीदी के छूट में गायब हो गया था जिसके बाद रीना दीदी ने भी मीणा के होठों को आजाद कर दिया जिससे अब मीणा दीदी मस्ती भरी सिसकिया भी गूंजने लगी थी
वही रीना दीदी ने मीणा के होठों को छोड़ कर अब उनके स्थानों पे आक्रमण कर दिया था इस दोहरे हमले को मीणा दीदी जल्दी सम्हाल नहीं पायी और जल्द hi वह भी झाड़ गयी जिसके बाद में फिर से रीना दीदी को छोड़ने लगा और एन्ड में जब मेरा निकलने वाला था तोह मेने अपना लुंड बहार निकला और दोनों बहनों के मुँह पे पिचकारी छोड़ने लगा
और जब मेरा हो गया तोह रीना दीदी ने मुझे मेरे कमरे में वापस भेज दिया और खुद फ्रेश होक मीणा दीदी को बाथरूम में ले जेक फ्रेश होने में मदद करने लगी
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आज के लिए इतना hi
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