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अपडेट 144 आनंद कॉन्टिनुएस विथ हिज टेल
आनंद ने देखते हुए कहा,
“अरे वह बेटी के दिल में अब बाप का प्यार उभरने लगा वाओ!! छुड़वाने के बाद बाप का प्यार जागने लगा? और तेरा किआ हाल है चावला? तेरा खड़ा तो नहीं हो रहा उस तरह से संजना को अपने जिस्म से सत्ता कर? हैं हाहाहाहाहा!!...... अब आगे के बातों को सुनों तुम दोनों……..
अब आगे……
आनंद ने संजना को गुरर्ते हुए कहा;
“तुझे कुछ हो रहा है या नहीं चावला मुझे तो इससे छोड़ने का बड़ा मैं करने लगा अभी अभी…. साला किआ तुझे पता है के मैं इस्सकी माँ को छोड़ hi नहीं पाया था उन दिनों जब वो प्रेग्नेंट थी? नाह! कुछ नहीं कर पाया साला डॉक्टर ने मन किया हुआ था नाह! डर का के मेरे लुंड का नस पहात जाए और ज़िन्दगी भर के लिए कुछ नाह कर पाउँगा, इस लिए मुझे कण्ट्रोल करना पड़ा था उन् दिनों, हालां के उससे छोड़ने को बड़ा मैं कर रहा था…. सिर्फ 6 महीने बाकी थे मेरे ऑपरेशन के बाद उस के साथ सेक्स करने की और 6 महीने बाद संजना जन्मी और वो मर्डर गयी…. नहीं छोड़ पाया मैं उससे, बिल्कुल भी नहीं छोड़ा उस्सको तेरे छोड़ने के बाद रे!! ….. जब मुझे पता चला के कितने दिनों से मेरे पीठ पीछे तू उस्सको छोड़ने अत था तब तुझे पता है मेरा लुंड खड़ा हो गया था तुझको उसस्के साथ बिस्तर पर सोचकर, मुझे उस्सको तेरे साथ देखने का मैं करने लगा था, मेरे लुंड को खड़ा होना मन था उस वक़्त, मैं डर गया, कहीं मेरा नस नाह पहात jaaye…aur तेरी वजह से मेरा लुंड ाबाहिज हो सकता tha…mahinon तक मेरा लुंड खड़ा होता रहा तुझे इस्सकी माँ के साथ सोच सोच कर…. साला डॉक्टर ने पोर्नहरफिक मूवीज देखने से मन किया था ताके लुंड खड़ा नाह हॉवे, मैं में सेक्स का ख्याल लाने के लिए स्ट्रिक्टली मन किया था डॉक्टर लोगों ने क्यूंकि बिल्कुल प्रेशर नहीं होना चाहिए था लुंड के नसों पर…., मगर तुम ने वो कारनामा किया सावित्री के साथ साथ के मेरा लुंड खड़ा होने लगा था, तेरी वजह से मुझे या मेरे लुंड को कुछ हो सकता था पता है तुझे?! मगर साथ साथ एहसान भी किया था तुमने, के मुझे पता तो चला के मैं फिर से खड़ा हो सकता हूँ उसी वक़्त…. संजना की माँ किआ औरत थी नाह रे चावला? उस्सकी बॉडी 100% संजना जैसे थी नाह? किआ तुमने नोट किया है कभी के संजना की जांघ और गांड पर एक्साक्ट्ली उसी जगह पर कला टिल है जहाँ सावित्री की थी? हम्म? कभी ख्याल किया है तुमने? मैं तो जब संजना बेबी थी उस्सको नहलाता था तभी देख लिया tha…Savitri ने अपना ट्रेड मार्क चोरर दिया था अपने शरीर के टुकड़े पर…. क्यों स्वीटहार्ट सही कह रहा हूँ नाह डार्लिंग, दिखा तो ज़रा वो जांघ पर तेरा कला टिल, दिखा, दिखा नाह पापा को!!....”
और आनंद ने संजना को बाँहों में भर्र के किश किया और उस्सकी ड्रेस को ऊपर करना चाहा मगर संजना ने उस्सको पुश किया और वापस चावला साहब के गॉड में जा बैठी. और चावला ने संजना को अपने बाहों में भरते हुए उस्सकी पेशानी को चूमा और खामोश किया. तब संजना ने आनंद से पूछा,
“मगर जीन दिनों चावला जी हमारे यहाँ आये थे पहली बार तब तो आप को नहीं पता था के वो यहाँ आने वाले हैं?? और फिर……??”
संजना ने इतना hi कहा था के बीच में आनंद ने शैतानी हंसी हँस्ते हुए कहा;
“हाहाहाहाहा तुम किआ समझती हो के तेरा पापा यहाँ खुद आया था? अरे नहीं वो सब मेरा प्लान किया हुआ था उस्सको यहाँ तक लाने को और तुझसे मिलने के liye…sab मेरा बनाया हुआ प्लान था…. मेरा प्लान काम कर गया और वो तुम से मिल गया…. जानना चाहती हो वो सब कैसे हुआ था? हम्म तो सुनों! चावला जी तुमको सुजय याद है? वही तेरा एक्स सेक्रेटरी? हैं? याद आया? हाहाहाहा!! उस्सको मैं ने भेजा था तेरे यहाँ नौकरी करने के लिए और तेरे सभी इनफार्मेशन मुझ तक पहुंचाने के लिए. सुजय हमारे कंपनी में मुलाज़िम थी, वही सेक्रेटरी का hi काम करती थी जब मैं ने तेरी कंपनी में सेक्रेटरी के लिए अर्ज़ी पढ़ा. तब मैं ने उस्सको तेरे यहाँ अप्लाई करने को कहा ज़्यादा पैसे की लालच देकर…. उस्सको मेरा एक प्यादा बनाया मैं ने… और तुमने आरव के लिए लड़की तलाशना शुरू किया जो तुमने सुजय को बता दिया और उस्सने मुझे बताया, तब मैं समझ गया के तुमको यहाँ तक लाना होगा ताके तू संजना को देखे क्यों के मुझे पक्का यकीन था के इस्को देखते hi तू इस्को आरव के लिए चोसे करेगा क्यूंकि तुझको इस में सावित्री की चाबी दिखेगा और तू खुद इस्को पाना चाहेगा….. तेरे राग राग से वाकिफ जो था मैं हाहाहाहा और बिल्कुल वही हुआ….. हाँ मैं ने सुजय को सिर्फ तुम्हें हमारे शहर तक लाने को कहा था क्यूंकि मुझे पक्का यकीन था के अगर तू इस शहर तक आया तो अपना फार्महाउस तक तो कैसे भी करके आएगा, और संजना को ज़रूर देखेगा इस्सके ज़िम्मा मेरा था…. और तू इधर आया और बाकी मैं ने चाल चली संजना को तेरे सामने भेज कर…. क्यों संजू डार्लिंग प्लान एहि था नाह के तू इस से मिले, इस्को पहचाने और बाकी जो हुआ सब सही हुआ…..! वो सब मेरा मुकरना इस्सकी शादी से शुरू में इंकार करना वग़ैरा सब मेरा नाटक था ताके तू इस्को किसी भी कीमत पर अपनाये…. हाँ मैं ने जान बुझ कर छूठ दे रखा था संजना को तेरे साथ, तू इस्को छोड़ने लगेगा आरव से पहले यह नहीं सोचा था मैं ne…mujhe पता था के खून की फुंकार एक दूसरे को अपने तरफ ज़रूर खींचेगा, मुझे पक्का यहकीन था के तुम दोनों एक दूसरे के तरफ एक चुम्बक की तरह चिपकोगे, इस्सके मुझे पूरा यकीन था क्यूंकि मैं ने पढ़ा हुआ था इस बारे में…. इस्को इंग्लिश में ग्स कहते हैं, मतलब जेनेटिक सेक्सुअल अट्रैक्शन. तबू है….. बहोत सारे ऐसे रिलेशनशिप हैं दुन्या में जहाँ भाई बेहेन बचपन से बिछड़े हुए होते हैं और जब जवानी में मिलते हैं एक दूसरे से तो सेक्सुअली अत्त्रक्ट होते हैं एक दूसरे से और सेक्स कर बैठते hein…maa और बेटे के साथ और बाप और बेटियों के साथ भी ऐसा बहोत हुआ है, गूगल पर सर्च करके देख लेना हज़ारों की तादात में ऐसे केसेस भरे हुए हैं दुन्या भर में.. मैं ने एक बाप बेटी की कहानी पढ़ी जो रियल हैं. दोनों ने अपने देश में एक साथ जीने की, शादी करने की और बचे पैदा करने की अर्ज़ी दिए हुए हैं कोर्ट में में क्यूंकि इन्सेस्ट रिलेशनशिप मन है उस देश में…. तो उस देश को चोरर कर वह दोनों उस देश में गए जहाँ इन्सेस्ट पर कोई रुकावट नहीं है…. वहां ग्स एंटर होता है और कोर्ट उन् दोनों को साथ रहने की मंज़ूरी देती है…. दोनों बात बेटी चुदाई करते हैं….. बचपन में दोनों बिचार गए थे, माँ, बेटी को लेकर कहीं और जीने चली गयी थी, और बाप किसी और के साथ कहीं और रहने लगा था. मगर 20 साल बाद बाप बेटी मिले और एक दूसरे के तरफ आकर्षित हुए और चुदाई शुरू हो गयी दोनों के बीच और बिचारणा मुश्किल हो gaya…donon एक दूसरे को इतना पसंद करते थे के एक दूसरे के बिना जीना ना मुमकिन हो गया tha…aaj दोनों एक साथ रहते हैं दोनों के बचे भी हैं एक या दो नहीं 5 बचे हैं बाप बेटी के!!! हाहाहाहा!!! यह सब पढ़ कर मुझे यकीन हो गया के जब तू संजना से मिलेगा तो वो खून की फुंकार ग्स तुम दोनों को एक दूसरे के तरफ खींचेगा और तुम दोनों ज़रूर मिलोगे….. मगर मैं ने सोचा था के शायद जब यह तेरी बहु बन जायेगी तब अपने घर में बाद में तू अपनी बहु को छोड़ना शुरू करेगा यह नहीं पता था के आरव से शादी करवाने से पहले खुद इस्को छोड़ने lagega…khoon की फुंकार बहोत जबरदस्त था के तुम दोनों से इंतज़ार hi नहीं हुआ और चुदाई शुरू कर दिए पहले hi तुम दोनों ने वूऊऊ!! बिल्कुल सही लिखा है साइकोलोजिस्ट वालों ने जिनको इस रिश्ते के बारे में बेहतर मालूमात हैं!
चावला साहब और संजना बिल्कुल खामोश सुन रहे थे आनंद को. दोनों के बोलती बिल्कुल बांध थे. शॉक में थे दोनों मगर सही बात यह थी के दोनों एक दूसरे से चिपके हुए थे चुम्बक की तरह और दोनों के दिल में एक दूसरे के लिए बहोत प्यार था, बल्कि अब प्यार बहोत ज़्यादा स्ट्रांग था और एक दूसरे से दूर होने का बिल्कुल मैं नहीं था…. संजना का तो मैं कर रहा था के चावला साहब के जिस्म के अंदर घुस कर कहीं छुप जाए, और वही फीलिंग उस वक़्त चावला साहब को हो रहा था के वो संजना को अपने दिल की गहराई में कहीं छुपा ले और आनंद के सामने नहीं आने दे…..
चावला साहब खड़ा हुआ, संजना को अपने सीने से लगाए हुए, संजना ने उस्का एक बाज़ू थमा हुआ था जिस वक़्त वो खड़ा हुआ और खुद अपने सर को उनके काँधे पर रखा हुआ था आनंद के तरफ देखते हुए, और चावला ने कहा, “आनंद अब तुझको जो उखाड़ना है तू उखाड़ ले, हम चलते हैं… एक पैसा नहीं मिलेगा तुझे बता देता हूँ और कभी भी मैं यहाँ नहीं आने वाला अब और नाह hi संजना को तेरे पास आने दूंगा…. और वैसे जो कुछ भी तुमने मुझे बताया इस्सके किआ सबूत है तेरे पास? तू कैसे साबित करेगा के संजना मेरी बेटी है? हो सकता है के जो कुछ तुमने अभी कहा सब झूट भी हो!! हो सकता है संजना खुद तेरी बेटी है मगर तू यह सब मेरे पैसे ऐठने के लिए कह रहा है….. मैं चलता हूँ और फिर कभी मिलने की कोशिश मत करना मुझसे या संजना से!”
आनंद उन् दोनों के बीच खड़ा होते हुए और रोकते हुए कहा,
“रुको साहब इतनी जल्दी भी किआ है, प्रूफ चाहिए आप को? अरे आज की दौर में सब कुछ सही मिल जाता है, आप अपना डीएनए टेस्ट करवा लो….. पैसे वाले हो झट से रिजल्ट मिल जाएगा के तेरा डीएनए और संजना की डीएनए एक है यह नहीं? रिजल्ट खुद कहेगा के तुम बाप बेटी हो….. है हिमत? तो डीएनए टेस्ट करवा के देखलो तब कहना के किस्को प्रूफ चाहिए मुझे या तुझे….”
चावला साहब आनंद को धक्का देते हुए घर से निकलने लगा संजना को अपने बाहों में भरे हुए पर आनंद बोलता गया उनके कार तक चलते हुए,
“अगर आप ने मुझको 10 करोड़ नहीं दिल वाया तो मैं आप की ऑफिस में आकर सबको बता दूंगा के संजना आप की खून है, आप की बेटी है, मैं आप के घर आकर आरव को भी बता दूंगा, विवान और आप के बहु को भी बता दूंगा…. सुना आप ने मुझे 10 करोड़ देदो मैं किसी को ज़िन्दगी भर कुछ नहीं बाटूंगा…. 8 दिन का वक़्त देता हूँ आप को मुझे 10 करोड़ देना hi पड़ेगा, आप को सोच लो, बेइज़त होना है सोसाइटी में या 10 करोड़ देकर आराम से और मज़े से जीना है संजना के साथ? अगर यह बात फेल गयी तो आप की खदान तीतर बितर हो जाएगी, आप पर लोग थूकेंगे, आप का बड़ा बीटा, आप की बड़ी बहु, आप की पोती सब आप से नफरत करने लगेंगे, संजना को भी धित्कारेंगे सब, आप दोनों सुसाइड करने की काबिल हो जाओगे सोच लो चावला साहब, संजना तुम्ही कुछ समझाओ अपने बाप को, केहदो दिमाग़ से काम लें…..”
आनंद चिल्लाता रहा मगर संजना और चावला कार में बैठ गए और चावला साहब ने कार स्टार्ट की और वहां से ड्राइव करते हुए निकल पड़े……..
चावला साहब ड्राइव कर रहे थे, बिल्कुल खामोश ख्यालों में डूबे और संजना ने अपना सर उनके गॉड में रख दिया और अपने बाहों को उनके कमर में कस लिया…. चावला साहब ने एक हाथ संजना के सर के बाल पर फर्र्ना शुरू किया, और कुछ दूर जाकर, एक सुनसान जगह पर ब्रेक लगाया…..
संजना उठी और उनको अपने बाहों में भर लिया, और अपने मुंह को संजना ने चावला साहब के मुंह में दिया और दोनों पागलों की तरह किश करने लगे जैसे पुअरना आशिक थे दोनों….. चावला साहब का हाथ संजना के जिस्म पर फरने लगे, लाड टपकने लगे थे दोनों के मुंह से, एक अजीब सी कशिश थी, एक प्यास जैसी थी दोनों के बीच, एक डर भी था, एक खौफ्फ़ जैसा भी फील हो रहा था, लगता था दोनों उस तरह से किश करते हुए उस डर और खौफ्फ़ को मिटाने की कोशिश में लगे हुए थे….. उस वक़्त सेक्स की भूक तो नहीं थी मगर दोनों के जिस्म एक दूसरे के जिस्म में घुलना चाहते थे किसी भी तरह, जल्द hi दोनों हांफने लगे और अचानक दोनों के ेंखों से ेंसुओं का धार बहना शुरू हुआ…… दोनों एक दूसरे को बाहों में भर कर ज़ोरों से रोने लगे, कसके पकड़े हुए थे दोनों एक दूसरे को और दो छोटे बच्चों की तरह ज़ोरों से फुट फुट कर रोने लगे…..
और कुछ देर बाद अपने ेंखों को पोंछते हुए संजन ा ने कहा,
“पापा किल तहत बास्टर्ड!! किल हिम नाउ!”
तो बे कॉन्टिनोएड……………. (2220 वर्ड्स)
आनंद ने देखते हुए कहा,
“अरे वह बेटी के दिल में अब बाप का प्यार उभरने लगा वाओ!! छुड़वाने के बाद बाप का प्यार जागने लगा? और तेरा किआ हाल है चावला? तेरा खड़ा तो नहीं हो रहा उस तरह से संजना को अपने जिस्म से सत्ता कर? हैं हाहाहाहाहा!!...... अब आगे के बातों को सुनों तुम दोनों……..
अब आगे……
आनंद ने संजना को गुरर्ते हुए कहा;
“तुझे कुछ हो रहा है या नहीं चावला मुझे तो इससे छोड़ने का बड़ा मैं करने लगा अभी अभी…. साला किआ तुझे पता है के मैं इस्सकी माँ को छोड़ hi नहीं पाया था उन दिनों जब वो प्रेग्नेंट थी? नाह! कुछ नहीं कर पाया साला डॉक्टर ने मन किया हुआ था नाह! डर का के मेरे लुंड का नस पहात जाए और ज़िन्दगी भर के लिए कुछ नाह कर पाउँगा, इस लिए मुझे कण्ट्रोल करना पड़ा था उन् दिनों, हालां के उससे छोड़ने को बड़ा मैं कर रहा था…. सिर्फ 6 महीने बाकी थे मेरे ऑपरेशन के बाद उस के साथ सेक्स करने की और 6 महीने बाद संजना जन्मी और वो मर्डर गयी…. नहीं छोड़ पाया मैं उससे, बिल्कुल भी नहीं छोड़ा उस्सको तेरे छोड़ने के बाद रे!! ….. जब मुझे पता चला के कितने दिनों से मेरे पीठ पीछे तू उस्सको छोड़ने अत था तब तुझे पता है मेरा लुंड खड़ा हो गया था तुझको उसस्के साथ बिस्तर पर सोचकर, मुझे उस्सको तेरे साथ देखने का मैं करने लगा था, मेरे लुंड को खड़ा होना मन था उस वक़्त, मैं डर गया, कहीं मेरा नस नाह पहात jaaye…aur तेरी वजह से मेरा लुंड ाबाहिज हो सकता tha…mahinon तक मेरा लुंड खड़ा होता रहा तुझे इस्सकी माँ के साथ सोच सोच कर…. साला डॉक्टर ने पोर्नहरफिक मूवीज देखने से मन किया था ताके लुंड खड़ा नाह हॉवे, मैं में सेक्स का ख्याल लाने के लिए स्ट्रिक्टली मन किया था डॉक्टर लोगों ने क्यूंकि बिल्कुल प्रेशर नहीं होना चाहिए था लुंड के नसों पर…., मगर तुम ने वो कारनामा किया सावित्री के साथ साथ के मेरा लुंड खड़ा होने लगा था, तेरी वजह से मुझे या मेरे लुंड को कुछ हो सकता था पता है तुझे?! मगर साथ साथ एहसान भी किया था तुमने, के मुझे पता तो चला के मैं फिर से खड़ा हो सकता हूँ उसी वक़्त…. संजना की माँ किआ औरत थी नाह रे चावला? उस्सकी बॉडी 100% संजना जैसे थी नाह? किआ तुमने नोट किया है कभी के संजना की जांघ और गांड पर एक्साक्ट्ली उसी जगह पर कला टिल है जहाँ सावित्री की थी? हम्म? कभी ख्याल किया है तुमने? मैं तो जब संजना बेबी थी उस्सको नहलाता था तभी देख लिया tha…Savitri ने अपना ट्रेड मार्क चोरर दिया था अपने शरीर के टुकड़े पर…. क्यों स्वीटहार्ट सही कह रहा हूँ नाह डार्लिंग, दिखा तो ज़रा वो जांघ पर तेरा कला टिल, दिखा, दिखा नाह पापा को!!....”
और आनंद ने संजना को बाँहों में भर्र के किश किया और उस्सकी ड्रेस को ऊपर करना चाहा मगर संजना ने उस्सको पुश किया और वापस चावला साहब के गॉड में जा बैठी. और चावला ने संजना को अपने बाहों में भरते हुए उस्सकी पेशानी को चूमा और खामोश किया. तब संजना ने आनंद से पूछा,
“मगर जीन दिनों चावला जी हमारे यहाँ आये थे पहली बार तब तो आप को नहीं पता था के वो यहाँ आने वाले हैं?? और फिर……??”
संजना ने इतना hi कहा था के बीच में आनंद ने शैतानी हंसी हँस्ते हुए कहा;
“हाहाहाहाहा तुम किआ समझती हो के तेरा पापा यहाँ खुद आया था? अरे नहीं वो सब मेरा प्लान किया हुआ था उस्सको यहाँ तक लाने को और तुझसे मिलने के liye…sab मेरा बनाया हुआ प्लान था…. मेरा प्लान काम कर गया और वो तुम से मिल गया…. जानना चाहती हो वो सब कैसे हुआ था? हम्म तो सुनों! चावला जी तुमको सुजय याद है? वही तेरा एक्स सेक्रेटरी? हैं? याद आया? हाहाहाहा!! उस्सको मैं ने भेजा था तेरे यहाँ नौकरी करने के लिए और तेरे सभी इनफार्मेशन मुझ तक पहुंचाने के लिए. सुजय हमारे कंपनी में मुलाज़िम थी, वही सेक्रेटरी का hi काम करती थी जब मैं ने तेरी कंपनी में सेक्रेटरी के लिए अर्ज़ी पढ़ा. तब मैं ने उस्सको तेरे यहाँ अप्लाई करने को कहा ज़्यादा पैसे की लालच देकर…. उस्सको मेरा एक प्यादा बनाया मैं ने… और तुमने आरव के लिए लड़की तलाशना शुरू किया जो तुमने सुजय को बता दिया और उस्सने मुझे बताया, तब मैं समझ गया के तुमको यहाँ तक लाना होगा ताके तू संजना को देखे क्यों के मुझे पक्का यकीन था के इस्को देखते hi तू इस्को आरव के लिए चोसे करेगा क्यूंकि तुझको इस में सावित्री की चाबी दिखेगा और तू खुद इस्को पाना चाहेगा….. तेरे राग राग से वाकिफ जो था मैं हाहाहाहा और बिल्कुल वही हुआ….. हाँ मैं ने सुजय को सिर्फ तुम्हें हमारे शहर तक लाने को कहा था क्यूंकि मुझे पक्का यकीन था के अगर तू इस शहर तक आया तो अपना फार्महाउस तक तो कैसे भी करके आएगा, और संजना को ज़रूर देखेगा इस्सके ज़िम्मा मेरा था…. और तू इधर आया और बाकी मैं ने चाल चली संजना को तेरे सामने भेज कर…. क्यों संजू डार्लिंग प्लान एहि था नाह के तू इस से मिले, इस्को पहचाने और बाकी जो हुआ सब सही हुआ…..! वो सब मेरा मुकरना इस्सकी शादी से शुरू में इंकार करना वग़ैरा सब मेरा नाटक था ताके तू इस्को किसी भी कीमत पर अपनाये…. हाँ मैं ने जान बुझ कर छूठ दे रखा था संजना को तेरे साथ, तू इस्को छोड़ने लगेगा आरव से पहले यह नहीं सोचा था मैं ne…mujhe पता था के खून की फुंकार एक दूसरे को अपने तरफ ज़रूर खींचेगा, मुझे पक्का यहकीन था के तुम दोनों एक दूसरे के तरफ एक चुम्बक की तरह चिपकोगे, इस्सके मुझे पूरा यकीन था क्यूंकि मैं ने पढ़ा हुआ था इस बारे में…. इस्को इंग्लिश में ग्स कहते हैं, मतलब जेनेटिक सेक्सुअल अट्रैक्शन. तबू है….. बहोत सारे ऐसे रिलेशनशिप हैं दुन्या में जहाँ भाई बेहेन बचपन से बिछड़े हुए होते हैं और जब जवानी में मिलते हैं एक दूसरे से तो सेक्सुअली अत्त्रक्ट होते हैं एक दूसरे से और सेक्स कर बैठते hein…maa और बेटे के साथ और बाप और बेटियों के साथ भी ऐसा बहोत हुआ है, गूगल पर सर्च करके देख लेना हज़ारों की तादात में ऐसे केसेस भरे हुए हैं दुन्या भर में.. मैं ने एक बाप बेटी की कहानी पढ़ी जो रियल हैं. दोनों ने अपने देश में एक साथ जीने की, शादी करने की और बचे पैदा करने की अर्ज़ी दिए हुए हैं कोर्ट में में क्यूंकि इन्सेस्ट रिलेशनशिप मन है उस देश में…. तो उस देश को चोरर कर वह दोनों उस देश में गए जहाँ इन्सेस्ट पर कोई रुकावट नहीं है…. वहां ग्स एंटर होता है और कोर्ट उन् दोनों को साथ रहने की मंज़ूरी देती है…. दोनों बात बेटी चुदाई करते हैं….. बचपन में दोनों बिचार गए थे, माँ, बेटी को लेकर कहीं और जीने चली गयी थी, और बाप किसी और के साथ कहीं और रहने लगा था. मगर 20 साल बाद बाप बेटी मिले और एक दूसरे के तरफ आकर्षित हुए और चुदाई शुरू हो गयी दोनों के बीच और बिचारणा मुश्किल हो gaya…donon एक दूसरे को इतना पसंद करते थे के एक दूसरे के बिना जीना ना मुमकिन हो गया tha…aaj दोनों एक साथ रहते हैं दोनों के बचे भी हैं एक या दो नहीं 5 बचे हैं बाप बेटी के!!! हाहाहाहा!!! यह सब पढ़ कर मुझे यकीन हो गया के जब तू संजना से मिलेगा तो वो खून की फुंकार ग्स तुम दोनों को एक दूसरे के तरफ खींचेगा और तुम दोनों ज़रूर मिलोगे….. मगर मैं ने सोचा था के शायद जब यह तेरी बहु बन जायेगी तब अपने घर में बाद में तू अपनी बहु को छोड़ना शुरू करेगा यह नहीं पता था के आरव से शादी करवाने से पहले खुद इस्को छोड़ने lagega…khoon की फुंकार बहोत जबरदस्त था के तुम दोनों से इंतज़ार hi नहीं हुआ और चुदाई शुरू कर दिए पहले hi तुम दोनों ने वूऊऊ!! बिल्कुल सही लिखा है साइकोलोजिस्ट वालों ने जिनको इस रिश्ते के बारे में बेहतर मालूमात हैं!
चावला साहब और संजना बिल्कुल खामोश सुन रहे थे आनंद को. दोनों के बोलती बिल्कुल बांध थे. शॉक में थे दोनों मगर सही बात यह थी के दोनों एक दूसरे से चिपके हुए थे चुम्बक की तरह और दोनों के दिल में एक दूसरे के लिए बहोत प्यार था, बल्कि अब प्यार बहोत ज़्यादा स्ट्रांग था और एक दूसरे से दूर होने का बिल्कुल मैं नहीं था…. संजना का तो मैं कर रहा था के चावला साहब के जिस्म के अंदर घुस कर कहीं छुप जाए, और वही फीलिंग उस वक़्त चावला साहब को हो रहा था के वो संजना को अपने दिल की गहराई में कहीं छुपा ले और आनंद के सामने नहीं आने दे…..
चावला साहब खड़ा हुआ, संजना को अपने सीने से लगाए हुए, संजना ने उस्का एक बाज़ू थमा हुआ था जिस वक़्त वो खड़ा हुआ और खुद अपने सर को उनके काँधे पर रखा हुआ था आनंद के तरफ देखते हुए, और चावला ने कहा, “आनंद अब तुझको जो उखाड़ना है तू उखाड़ ले, हम चलते हैं… एक पैसा नहीं मिलेगा तुझे बता देता हूँ और कभी भी मैं यहाँ नहीं आने वाला अब और नाह hi संजना को तेरे पास आने दूंगा…. और वैसे जो कुछ भी तुमने मुझे बताया इस्सके किआ सबूत है तेरे पास? तू कैसे साबित करेगा के संजना मेरी बेटी है? हो सकता है के जो कुछ तुमने अभी कहा सब झूट भी हो!! हो सकता है संजना खुद तेरी बेटी है मगर तू यह सब मेरे पैसे ऐठने के लिए कह रहा है….. मैं चलता हूँ और फिर कभी मिलने की कोशिश मत करना मुझसे या संजना से!”
आनंद उन् दोनों के बीच खड़ा होते हुए और रोकते हुए कहा,
“रुको साहब इतनी जल्दी भी किआ है, प्रूफ चाहिए आप को? अरे आज की दौर में सब कुछ सही मिल जाता है, आप अपना डीएनए टेस्ट करवा लो….. पैसे वाले हो झट से रिजल्ट मिल जाएगा के तेरा डीएनए और संजना की डीएनए एक है यह नहीं? रिजल्ट खुद कहेगा के तुम बाप बेटी हो….. है हिमत? तो डीएनए टेस्ट करवा के देखलो तब कहना के किस्को प्रूफ चाहिए मुझे या तुझे….”
चावला साहब आनंद को धक्का देते हुए घर से निकलने लगा संजना को अपने बाहों में भरे हुए पर आनंद बोलता गया उनके कार तक चलते हुए,
“अगर आप ने मुझको 10 करोड़ नहीं दिल वाया तो मैं आप की ऑफिस में आकर सबको बता दूंगा के संजना आप की खून है, आप की बेटी है, मैं आप के घर आकर आरव को भी बता दूंगा, विवान और आप के बहु को भी बता दूंगा…. सुना आप ने मुझे 10 करोड़ देदो मैं किसी को ज़िन्दगी भर कुछ नहीं बाटूंगा…. 8 दिन का वक़्त देता हूँ आप को मुझे 10 करोड़ देना hi पड़ेगा, आप को सोच लो, बेइज़त होना है सोसाइटी में या 10 करोड़ देकर आराम से और मज़े से जीना है संजना के साथ? अगर यह बात फेल गयी तो आप की खदान तीतर बितर हो जाएगी, आप पर लोग थूकेंगे, आप का बड़ा बीटा, आप की बड़ी बहु, आप की पोती सब आप से नफरत करने लगेंगे, संजना को भी धित्कारेंगे सब, आप दोनों सुसाइड करने की काबिल हो जाओगे सोच लो चावला साहब, संजना तुम्ही कुछ समझाओ अपने बाप को, केहदो दिमाग़ से काम लें…..”
आनंद चिल्लाता रहा मगर संजना और चावला कार में बैठ गए और चावला साहब ने कार स्टार्ट की और वहां से ड्राइव करते हुए निकल पड़े……..
चावला साहब ड्राइव कर रहे थे, बिल्कुल खामोश ख्यालों में डूबे और संजना ने अपना सर उनके गॉड में रख दिया और अपने बाहों को उनके कमर में कस लिया…. चावला साहब ने एक हाथ संजना के सर के बाल पर फर्र्ना शुरू किया, और कुछ दूर जाकर, एक सुनसान जगह पर ब्रेक लगाया…..
संजना उठी और उनको अपने बाहों में भर लिया, और अपने मुंह को संजना ने चावला साहब के मुंह में दिया और दोनों पागलों की तरह किश करने लगे जैसे पुअरना आशिक थे दोनों….. चावला साहब का हाथ संजना के जिस्म पर फरने लगे, लाड टपकने लगे थे दोनों के मुंह से, एक अजीब सी कशिश थी, एक प्यास जैसी थी दोनों के बीच, एक डर भी था, एक खौफ्फ़ जैसा भी फील हो रहा था, लगता था दोनों उस तरह से किश करते हुए उस डर और खौफ्फ़ को मिटाने की कोशिश में लगे हुए थे….. उस वक़्त सेक्स की भूक तो नहीं थी मगर दोनों के जिस्म एक दूसरे के जिस्म में घुलना चाहते थे किसी भी तरह, जल्द hi दोनों हांफने लगे और अचानक दोनों के ेंखों से ेंसुओं का धार बहना शुरू हुआ…… दोनों एक दूसरे को बाहों में भर कर ज़ोरों से रोने लगे, कसके पकड़े हुए थे दोनों एक दूसरे को और दो छोटे बच्चों की तरह ज़ोरों से फुट फुट कर रोने लगे…..
और कुछ देर बाद अपने ेंखों को पोंछते हुए संजन ा ने कहा,
“पापा किल तहत बास्टर्ड!! किल हिम नाउ!”
तो बे कॉन्टिनोएड……………. (2220 वर्ड्स)