Dil-Dimag aur Sajish - Page 9 - SexBaba
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Dil-Dimag aur Sajish

अपडेट NO 65

Raj:"par मम्मी और मेरे मम्मी पापा

Geeta:*unhe कोण बातये गए और उन्हें तोह पता hi है हम शादी करने वाले है मैं जाइये ना

Raj:*acha ठीक है तुम मम्मी को कहो मैं भी मम्मी को बता देता हु

Geeta:*love यू जान मैं अभी कहती हु

Raj:*love यू तो जान

दोनों अपने अपने मम्मी पापा को फ़ोन करने लगते है ताकि उन्हें मन सके

अब आगे.................

कनिका रूम में सीसे के आगे कड़ी थी उसके बदन पर कपडे नाम के भी नहीं थे बस वह अपने आप को सीसे में देख रही थी थोड़ी जाली होई छूट उसके सामने थी

Kanika:*iss दाग का जवाब तोह देना होगा तुमने राज इस दाग का जवाब

Kanika:*main यहाँ टिल टिल मार रही हो तुम इस दयँ के साथ मज़े कर रहे हो तुम्हरी लाइफ में कोई नहीं होगी और ना कोई नहीं मैं रहने दूंगी

कनिका अपना फ़ोन उठा एक नंबर दिल कर देती है

Kanika:*mujhe कॉन्ट्रैक्ट देना है एक

Kanika:*ladki है उससे किडनेप करना है

Kanika:*kimat तुम जो मांगो वह

Kanika:*mujhe मंजूर है तस्वीर तुम्हे बेझ रही हो काम कब तक होगा

Kanika:*jitne दिन लेट होगा उतने लाख काम होंगे 24 घंटे के बाद और जितने घंटे पहले पकड़ो गए उतने लाख मैं दूगी

Kanika:*jald से जल्द हो यह काम

कनिका अपना फ़ोन काट देती है फिर एक बार सामने सीसे में खुद को देखती है

Kanika:*iss छूट में लुंड निकलना तुम्हरी सबसे बड़ी गलती थी राज सबसे बड़ी गलती अगर ना निकलते तोह ऐसा दिन नहीं देखना होता

कनिका सीसे से हट कर अपने कपडे पहन लेती है

******************

मला सैंडी और साथ में इस वक़्त रमेश बैठा हुआ था

तीनो के हाथो में जाम था

Ramesh:*kya यह करना सही होगा

Mla:*sab एक हो गए है अगर हमने ऐसा नहीं किया तोह सब कुछ चला जाये गए

Ramesh:*apki बात सही है पर सीधा वरिंदर पर अटक करना मुश्किल है वह दीखता एक बैंक में काम करने वाला है पर उसकी ताकत आप भी जानते है मैं भी जनता हु

Mla:*jante है पर लोहा कितना मजबूत क्यों ना हो पर एक वक़्त के बाद जंग लग जाता है जिसके बाद मामली से चोट से वह टूट जाता है

Ramesh:*apko यह सही लग रहा है तोह कोई बात नहीं पर इस काम के लिए सबसे खास लोगो को लगाना होना

Mla:*teek है उसकी चिंता नहीं सब से बढ़िया आदमी रखे है

Sandy:*dad अगर दो प्लान को एक साथ किया जाये तोह

Mla:*ab तुम कोई कचरा मात करना वैसे क्या सोच रहे हो

Sandy:*agar हम राज के पापा के साथ किसी सिस्टर पर अटक करे तोह

Mla:*nhi ऐसी गलती भूल से भी नहीं करना एक बार हो सकता है राज हम पर सक्क नहीं करे गए ना अंचल करे गयी पर अगर उसकी बहिन को भी कुछ हुआ तोह वह सीधा हम से टकरा जाये गए वह किसी भी हालत में हमरे लिए ाचा नहीं है

Sandy:*okk डैड आपके प्लान पर hi वर्क करते है पर यह दीदी को क्या हुआ है जो हमरे साथ बिलकुल भी नहीं रह रही

Mla:*baat तोह सही है पर उससे कुछ टाइम एकला छोड़ दे वह है तोह घर की hi कहा जाये गयी

Sandy:*achaa ठीक है पापा

उसके बाद तीनो एक एक पेग लगा के रूम में चल देते है

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राज और गीता दोनों ने अपने मम्मी को मन लिया था इस वक़्त दोनों बीएड पर लेते हुए थे

राज बीएड पर लेता था उसकी चेस्ट पर गीता लेती हुयी थी

Raj:*jaan क्या सच में तुम आगे बढ़ना चाहती हो

Geeta:*haa बिलकुल एक ना एक दिन तोह मुझे आगे बढ़ना hi था तोह आज क्यों नहीं और फिर मुझे तोह आपका प्यार hi मिले गए

राज गीता की बात सुन्न झट्ट से उससे पलट के निचे ले आता है

Raj:*pyar hi तोह करना चाहता हु

राज उसके नैक पर जोरदार किश की बौछार कर देता है गीता के लिए यह पहला hi एहसास था और उस से जिस के साथ सपने में ना जाने कितनी बार ऐसे हसीं सपनो को देखा था

राज गर्दन पर हलके से लव बाईट भी बना देता है जिस से गीता पूरी तरह से हिल जाती है

राज किश नहीं रोक रहा था उससे लगातार किश पर किश कर रहा रहा था गीता तोह ऐसे मचल रही थी जैसे बिन पानी के मछली मचलता है

राज के लिए भी एक खूबसूरत एहसास था जिसे और बढ़ने के लिए अपने दोनों हाथो को म्हणत पर लगा देता है गीता के नरम और थोड़े सख्त फहद पर विजय पाने के लिए

Geeta:*uaaaaaa माआ क्या जादूओ है राज तुम्हरे हाथो में

Raj:*kuch नहीं जानू जड्डू तोह तेरे इन् रसीले बदन और इस फहद का है जिस में मैं कैद होता जा रहा हु

Geeta:*thoda धीरे दबो ना दर्द होता है

Raj:*kya करो जान यह इतने नरम है के थोड़ा भी दबता हु ज्यादा hi हो जाता है

Geeta:*haaa ऐसे हीई दबो कितना मज़ा आ रहा है राज और जोर से उफ्फ्फ्फ़ मैं पागल हो जाओ गयी

राज कुछ ना बोल के कपडे के ऊपर से hi अपना मुँह गीता के बूब्स में लगा देता है

गीता इस अनुभव को पहली बार एहसास कर रही थी उसकी तोह आखे hi बंद हो गयी पर राज पूरी सीडट से उस चुचो को कपड़ो के ऊपर से भी निप्पल दंड काट रहा था चूस रहा था

Geeta:*ufff मात करो ऐसा प्लस कपडे निकल करो चुसो जान इन्हे

Raj:*kitna सकूं है तुम्हरे दोनों रस भरे सैंट्रो में जान

Geeta:*jo भी आपके लिए hi तोह है आआह्ह्ह्ह प्लस धीरे दबो ना दुःख रहा है

राज कुछ ना बोल झट से गीता को बीएड से उठा कर उसकी टीशर्ट को निकल देता है साथ hi अपनी टीशर्ट को भी निकल फेकता है

ऐस वक़्त गीता ब्लैक ब्रा में थी जिसे खुद गीता ने अपने हाथ पीछे ले जाकर कड़क हुए मादक चुचो को आज़ाद हवा में लहरा दिया

जैसे hi कैद से आजाद हुए संतरे राज के आखो के सामने आये वह बिना देर किया उन् दोनों ामो पर टूट पड़ा

गीता भी जैसे यही तोह छह रही थी क्योकि जैसे hi राज ने मुँह लगया वैसे hi एक हलकी सिसकारियों के साथ राज के सर को सहलाने लगी

राज एक बूब्स को दबा रहा था तोह एक को चूस रहा था गीता तोह जैसे पगला गयी थी

पुरे रूम में गीता की सिसकारियां गूंज रही थी एक अलग hi मादक महल था कमरे का जैसे एक मौसम सा बन्न गया हो प्यार का जिस में दोनों अब डूबने लगे थे

राज ने दोनों बूब्स को एक दम से लाल कर दिया तब कही जा कर गीता के बूब्स को छोड़ा गीता का तोह पानी सिर्फ चुचो की चुसयी में hi निकल गया था वह बीएड पर लेट अपनी सासो को सेंट्रल कर रही थी के राज ने उससे दूसरी जन्नत दिखने का फैसला कर लिया था

राज ने अपनी सासो को कण्ट्रोल कर झट से गीता की जीन को जिस्म से दूर कर दिया अब बीएड पर गीता सिर्फ वाइट पंतय में थी जो पूरी तरह से उसके रस से गीली हो गयी थी

राज को अपनी पंतय को देखता पा गीता शर्मा गयी पर अपने जिस्म को छुपाने की बिलकुल खोसिस ना की जैसे गीता आज अपना सब कुछ शॉप देना चाहती थी

Raj:*geeta यह इतनी गीली क्यों हो गयी है

Geeta:*sab आपकी मीठी सैतानी का नतीजा है जान

Raj:meri जान को मेरी सैतानी पसंद आयी के नहीं

Geeta:*apke सामने है देख कर अप्प hi बात दीजिये ना के कैसी है

Raj:*(chut पर कपडे के ऊपर से किश कर) बहुत ज्यादा पसंद आया ऐसा लग रहा है जान

Geeta:jaan कुछ करो ना निचे कुछ कुछ हो रहा है

राज मुस्कुरा कर देखता है और अपने होठो को उस गीली पंतय से लगा देता है जिसका सवाद थोड़ा खता था

राज ने ज्यादा ना देर करते हुए कपडे को हाथ उस जन्नत को देख लिया जिसे पाने के लिए आधी दुनिया पागल होती है

वह हलके हलके बालो वाली थोड़ी स ब्राउन रंग की चिपके हुए पतले पतले होठो वाली जिस से बड़ी hi उत्तेजिक महक आ रही थी

राज अपनी नाक लगा उस का गंध लेता है फिर देर ना कर अपने मुँह में भर के काट लेता है

गीता तोह मुँह लगते hi पागल हो जाती है अपना मुँह बीएड पर इधर उधर फेक बीएड शीट को मजबूती से पकड़ लेती है

राज ज्यादा देर ना कर छूट को थोड़ी गीली करता है पर ज्यादा देर ना लगा उस से उठ अपने बदन पर बचे कपडे भी उतर फेकता है

मुँह हाट जाते hi गीता मुँह उठा कर देखती है तोह राज इस वक़्त उसके सामने जनम जाट नंगा खड़ा था जिस का गोरा लुंड उसके आखो के सामने झूल रहा था जिसका साइज की बात करो तोह 8 इंच और 3 इंच मोती होगी

गीता लुंड देख जहा खुश हुयी थी वही थोड़ा दर भी गयी थी जिसे राज भी समझ गया वह गीता पर झुक कर माथे को चुम लेता है

Raj:*tum त्यार हो ना गीता नहीं यह हम कभी फेर भी कर सकते है

Geeta:*nhi मुझे आप hi करना है और थोड़ा दर तोह लगा आपके उस से पर मैं संभल लगी

Raj:*are यू सूरे....

Geeta:*yes प्लस दो आईटी.... दाल दो ना अंडर बर्दास्त नहीं हो रहा

राज भी हालत को समझ अपने थूक को अपने लुंड पर मलने लगता है जब थूक से लुंड चिकना हो जाता है राज अपने आप को गीता पर झुक होठो पर चुम लेता है साथ hi छूट पर लुंड को बहार से रगड़ने लगता है जिस से गीता कम्फर्टेबले हो सके

गीता तोह राज की परवाह और इतनी केयर देख बहुत ज्यादा खुश थी वह अपने आप को ऊपर उठाने की खोसिस करती है ताकि लुंड को वह अपनी छूट में ले सके जिसे राज ने अभी तक रोक रखा था और धीरे धीरे छूट पर घिस कर गीता को तड़पा रहा था

Geeta:*aahhh मैट कीजिये ना ऐसा प्लस दाल दो ना

Raj:*kya दाल दो जान

Geeta:*wahi जो मेरे वह घिस रहे हो

Raj:*kya घिस रहा हु

Geeta:*plsss नाआ

Raj:*pehle बोलो क्या दाल दो

Geeta:*apna लुंड दाल दो मेरी छोटी छूट में जान अब और बर्दास्त नहीं हो रहा कितना गर्म है वह

Raj:*tumhri यह गुफा भी गर्म है जान.... जान सुरु कर रहा हु थोड़ा दर्द होगा

Geeta:*main संभल लगी आप दाल दीजिये

राज को लगा अब गीता ठीक है तोह अपने लुंड को पकड़ गीता के पैरो को थोड़ा खोल उसकी गांड के निचे एक पिलो रख देता है

अपने लुंड को एक बार गीली छूट पर जिसने के बाद हल्का सा ढाका मरता है

लुंड का हल्का सा टोपा hi अंडर गया था के दर्द से हलकी आह्हः निकल जाती है

राज आराम से रुक जाता है लुंड को बिलकुल भी नहीं हिलता साथ में निचे झुक कर गीता के दोनों चुचो को पकड़ के दबने लगता है अपना होठो को गीता के होठो से मिला देता है

जब लगता है थोड़ी गीता कण्ट्रोल हुयी है तोह वह लुंड के लिए थोड़ी स जगह बना कर एक दमदार झटका मरता है जैसे राज जनता था के एक दम से नहीं किया तोह गीता को और ज्यादा दर्द होगा और फिर राज था भी थोड़ा अनादि जिसे ज्यादा नॉलेज नहीं इस सब की.... राज के दमदार शार्ट से गीता की हालत पतली हो गयी थी छूट की झिली टूट गयी थी हल्का हल्का खून निकलने लगता है

गीता दर्द से चटपटा रही थी आखो से ासु निकल रहे थे दोनों हाथो के नाखून राज के पीठ पर लगा दिए थे

दर्द राज भी हो रहा था ऐसा लग रहा था जैसे उसका लुंड किसी जगह फस्स गया हो पर वह अपना दर्द ना देख गीता के दर्द को काम करने के लिए गीता के पुरे जिस्म को सेहला रहा था साथ hi किश कर रहा था आखिर कर 5 मिंट बाद राज ने किश तोड़ दिया

Raj:*geeta तुम ठीक हो ना ज्यादा दर्द तोह नहीं हो रहा

Geeta:*pehle तोह लगा जैसे जान निकल गयी है राज पर अब लग रहा है तुम्हरे प्यार में ज़िंदा हु

Raj:*ab नहीं होगा जान हलकी हलकी जलन होगी बर्दास्त कर लोगी

Geeta:*(uper हो होठो को चुम) इतनी परवाह इतना प्यार करो गए तोह मैं मौत भी बर्दास्त कर लगी

Raj:*maut नहीं मेरा लुंड hi बर्दास्त करना है

Geeta:*woh भी कुछ वैसा hi है पर आपका है तोह पसंद है

राज गीता को बातो में लगा हल्का हल्का आगे पीछे भी हो रहा था जिस से छूट में थोड़ी जगह बन्न जाये

राज को ऐसा लग रहा था जैसे उसका लुंड चिल जाये गए राज बिलकुल भी जल्दबाजी नहीं कर रहा था हलके हलके ढको से दर्द तोह हो रहा था पर अब हल्का हल्का मज़ा भी आ रहा था

Geeta:*uffff राज धीरे करो हां ऐसे hi थोड़ा थोड़ा दर्द हो रहा है

Raj:*thodi देर में यह भी दूर हो जाये गए जान

Geeta:*aaahhh हां आह्ह्ह्हआआ तुममम होओओओ मुझीऐ पता है दूर कर डोज सब

राज मुस्कुरा कर निचे हो कर किश करता है साथ hi ढको की स्पीड पहले से तेज़्ज़ कर देता है

गीता अब दर्द को भुला अपनी गांड को उठा कर भरपूर साथ दे रही थी

रूम में फच फछहः ठप्प्प ठप्प्प की आवाज गूंज रही थी

दोनों की हलकी हलकी सिसकारियां निकल रही थी गीता एक दम से मस्त गयी थी

राज भी अलग hi दुनिया में चला गया था छूट के पानी निकल जाने से छूट में चिकनाहट आ गयी थी जिस से लुंड शॉट शॉट से अंदर बहार हो रहा था

ढको और मज़े में दोनों को hi पता नहीं लगा लुंड अंदर जा चूका है

राज थोड़ी देर ऐसे hi ढके मरता है लगभग 15 मिंट की चुदाई करने के बाद दोनों का बदन पसीने से भीग चूका था

Geeta:*main आ रही हु राज

Raj:*mera भी होने वाला है गीता

Geeta:*andrr hi दाल दीजिये गए

Raj:*parr

Geeta:*mujhe आपको अपने अंदर भी महसूस करना है बाद में पिल ले लगी

राज कुछ ना बोल निचे हो गीता के माथे को चूमता है और दनादन 3-4 ढको में गीता के साथ एक हलकी आह्हः निकल के अपनी आग को गीता के आग से मिला देता है

दोनों चरमसुख को महसूस कर रहे थे बेजान सा हो

राज अपने बदन का भर समझ गीता से दूर हो बीएड पर लेट जाता है साथ hi गीता के चेहरे को उठा अपने होठो को उसके होठो से लगा कर हल्का सा चुम छोड़ देता है साथ hi चेहरा अपनी चेस्ट पर रख लेता है

Raj:*(baalo को सेहला कर) कैसा लगा जान

Geeta:*aaj ऐसा लगा जैसे मैं पूरी हो गयी हो पहले तोह ेक्लि थी आज आपकी हो गयी हो

Raj:*i लव यू

Geeta:*love यू तो जान

Raj:*dard अब भी हो रहा है क्या

Geeta:*haa होता है पर हल्का हल्का मीठा मीठा

Raj:*achi बात है यह मेरे साथ गुज़ारे इस वक़्त की याद दिलाता रहे गए

Geeta:*aise वक़्त के लिए तोह मैं हमेसा ऐसा दर्द को महसूस कर लगी

Raj:*tum अब मेरी हो गयी हो इस गीता नाम पर सिर्फ मेरा हक्क होगा

Geeta:*iss नाम पर hi नहीं इस गीता पर भी सिर्फ आपका hi हक्क है

Raj:*sanjana से.....

Geeta:*kuch कहने की जरूरत नहीं जैसे मैं आपकी हु वैसे संजना भी आपकी है और मेरी भी मैं बेवजह अपने अकास से घबरा रही हो जबकि उस ने हर कदम मेरा hi ाचा माँगा है

Raj:*achi बात है जो तुम यह समझ गयी

Geeta:*jo ना समझो वह आप दोनों समझा दिया कर

Raj:*haa क्यों नहीं जान

Geeta:*raat बहुत हो गयी है मुझे नींद आ रही है आपकी इन् मजबूत बहो में मुझे सोना है

Raj:*teek है

राज अपनी बहो में समेत लेता गीता भी खुद राज को किश कर उसकी बहो में समां जाती है जैसे इस पल के लिए उस ने कितने साल इंतज़ार किया हो

दोनों थोड़ी देर बाद दोनों सो जाते है

***********************

वरिंदर 8 बजे घर जा रहा था काम से के अचानक उस के सामने सुनसान रस्ते पर कार आ कर रुक जाती है

कार को देख अपनी बाइक वरिंदर व् देखने लगता है कोण है

जैसे hi सामने वरिंदर देखता है 5-6 एक दम बॉडीबिल्डर जैसे आदमी खड़े थे सबकी हिघ्त मैक्सिमम 6 फ़ीट से ऊपर थी

Varinder:*dosto प्लस रास्ता छोड़ डोज

वरिंदर की बात सुन्न सब हसने लगते है वरिंदर समझ जाता है कुछ तोह गड़बड़ था वह सुचेत हो जाता है तभी उन् में से एक आदमी मुँह खोलता

Admi:*ham रास्ता छोड़ते नहीं है बल्कि ख़तम कर देते है मंजिले

Varinder:*tum गलती कर रहे हो

Admi:*sale तेरी तोह...

सभी आदमी भागने लगते है वरिंदर की और तभी एक गोली चली है और एक दर्दनाकक चिक्क गूंज जाती hai...sunn सन्न सड़क पर ऐसी चीख सुन किसी का दिल देहल जाता
 
अपडेट NO 66

वरिंदर की बात सुन्न सब हसने लगते है वरिंदर समझ जाता है कुछ तोह गड़बड़ था वह सुचेत हो जाता है तभी उन् में से एक आदमी मुँह खोलता

Admi:*ham रास्ता छोड़ते नहीं है बल्कि ख़तम कर देते है मंजिले

Varinder:*tum गलती कर रहे हो

Admi:*sale तेरी तोह...

सभी आदमी भागने लगते है वरिंदर की और तभी एक गोली चली है और एक दर्दनाकक चिक्क गूंज जारी है इस सुन्न सन्न सड़क पर जिसे सुन किसी का दिल देहल जाता

अब आगे........

सामने एक आदमी अपने घुटनो के बाल निचे बैठ जाता है वही वरिंदर के हाथो में पिस्तौल थी

देखते देखते तीन और गोलिया चली और चार लोग अपने पैरो को पकड़ के चिल्ला रहे थे

वरिंदर ने दो को अपने करीब आने दिया और एक अचे फिघ्टर्स की तरह उसके मूव से बचे लगा कोई कह नहीं सकता था यह 3 बचो का बाप होगा जिस तरह की फुर्ती दिखा रहे थे

वरिंदर ने कुछ मिंट देखा फिर अपनी हरकत में आ गए एक के हाथ को पकड़ दूसरे के मुँह पर एक किक जड़ देता है

वह थोड़ा संभालता अपने आप को के जिसका हाथ पकड़ा था उसके मुँह पर थपड मरने लगता है और तब तक मरते है जब तक दूसरा लड़ने नहीं आ गया

वरिंदर इससे छोड़ कर फिर उस के पास आते hi उसके किक को हवा में उड़द कर उसकी hi चेस्ट पर किक जड़ देते है जिस से दोनों जमीं पर गिरते है पर वह जहा दर्द से तड़प रहा था वही वरिंदर अपने कपडे झाड़ कर दोनों देख एक स्माइल देता है

Varinder:*bache हो तुम बचे ाचा हुआ मैं सरीफ हो गया वार्ना इस करतोष को तुम्हरे इस चेस्ट में जाने से कोई नहीं रोक सकता था

वरिंदर फिर उठ जाता है और दोनों के दोनों पैरो के घुटनो में गोली मार बाकियो के पास आता है जो रेंग रहे थे क्योकि सभी के घुटने में गोली लगी होई थी एक एक और गोली मार वरिंदर अपनी बाइक पर आ जाता है और फ़ोन निकल लेता है

Varinder:*inspector यहाँ मैंने कुछ लोगो को गोली मरी है आप प्लस इस से निपट लेना मैं कल आओ गए पुलिस स्टेशन ज़िंदे रहने चाहिए यह सब

दूसरी तरफ से:-.........

Varinder:*teek है

वरिंदर को आज कोई भी देख लेता है तोह कह hi नहीं सकता था यह आम ज़िंदगी जिनने वाला इंसान है

वरिंदर अपनी बाइक स्टार्ट कर घर की तरफ चल देता है

*********************

संजना नैना और रश्मि तीनो महल के हर हिस्से को देख रहे थे हर हिस्सा बहुत अचे से सजाया गया था

हर एक चीज़ को सोच समझ के रखा था महल देखने के बाद तीनो बगीचे में आ जाती है तीनो महल के पास बनने बगीचे को देखने लगते है

बगीचे को बड़े अचे से बांया था हर एक किसम के फूलो को उस बगीचे में लगया गया था

तीनो इस खूबसूरती को देख चहक रही थी

सभी देखते देखते महल से थोड़ा बहार आते है जहा पर थोड़ा सा जंगल जैसा एरिया था

तीनो के साथ सैनिक टाइप के लोग थे जो उनके साथ hi जा रहे थे जब तीनो उन् जंगल में जाते है तोह छोटा सा झरना देख खुश हो जाते है

Rashmi:*didi कितना खूबसूरत है ना यह झरना

Naina:*haa इस में तोह नहाने में मज़ा आये गए

Sanjana:*baat तोह तुम दोनों की सही है पर ऐसा करते है के आज तोह कपडे नहीं लाये है क्यों नहीं सबके आने के बाद नाहये

Naina:*haa यह ठीक रहे गए राधा और निहारिका दीदी आ जाये गए तोह ज्यादा मज़ा आये गए

Rashmi:*chlo दीदी घर चले मम्मी वेट कर रही होगी टाइम भी हो गया

Naina:*acha ठीक है चल वैसे भी रात होने लगी है

उसके बाद तीनो वापस आ जाते है आने में रात हो गयी थी जिसके लिए अंचल ने समझया... डिनर तोह बन्न hi गया था तोह उन्होंने ने सब फ्रेश होकर आने को कहा तोह सब मिल कर नास्ता करते है चल देते है सोने

आज ीन्हो ने फुल मस्ती की थी

संजना बीएड लेती थी के तभी उसके रूम का दूर ओपन होता है और रामशी रूम में आ जाती है

Sanjana:*tum सोई नहीं

Rashmi:*kya भाभी नींद hi नहीं आ रही है

Sanjana:*rashmi की और घूम) ाचा और नींद क्यों नहीं आ रही

Rashmi:*bss भाभी थोड़ा प्रॉब्लम में फस्स गयी थी इस लिए और फिर मम्मी पापा की भी याद आ रही है

Sanjana:*pagal वह सब आ जाये गए परसो तुम यह बातो प्रॉब्लम क्या है

Rashmi:*ab क्या बातो भाभी आपको वह छोड़िये क्या आपको भैया की याद नहीं आ रही इस आलीशान बीएड पर आप और भैया....

Sanjana:*chup कर पगली और क्यों नहीं याद आये गयी तेरे भैया की कॉल किया था तोह बग थे बोले कल बात करे गए

Rashmi:*kya दीदी आप दोनों रोमंटिक बाते नहीं करते क्या रात को

Sanjana:*jaise तू तोह रोज करती है ना

Rashmi:*mera बर्फ होता जो हस्बैंड भी बनने वाला होता तोह रोज करती फ़ोन सेक्स

Sanjana:*tu पागल लड़की बात से सीधा सेक्स पर वैसे तू सेंट्रल कैसे करती है जब तू इतनी आगे है

Sanjana:*hota कहा है सेंट्रल भाभी पर करना पड़ता है वैसे आप दोनों कब करने वाले हो सेक्स

Sanjana:*jab मर्जी करे क्यों तुझे देखना है क्या भैया का सेक्स

संजना तोह ननद और भाभी वाले मजाक में थी पर रश्मि को जैसे बहाना मिल गया

Rashmi:*woww भाभी मान गए आपको मैं एग्री हु कब दिखा रही हो

रश्मि की बात सुन्न संजना पहले तोह एक दम हैरान हो जाती है पर जल्द hi साडी बात को समझ नार्मल हो जाती है रश्मि का मजाक समझ

Sanjana:*itna मजाक तू ना सच में झल्ली है

Rashmi:*majak नहीं था भाभी दिखो दो ना मुझे आपकी भैया की सेक्स लाइव शो

Sanjana:*pagal ऐसे थोड़े होता है तू भी ना मैं मजाक कर रही थी

Rashmi:*kya भाभी मैं भी मजाक कर रही थी छोड़िये यह सब अब सो जाइये वैसे देखने को मिल जाता तोह मजा आ जाता

Sanjana:*pagal लड़की चल सजा अब

संजना और रश्मि वही पर सो जाते है

********************

इस वक़्त घर के हॉल में सभी थे क्योकि वरिंदर घर आ गया था और उसकी थोड़ी हालत ख़राब देख सब थोड़े घबरा गए थे

Arjun:*kya हुआ भैया आप ऐसे.....

Varinder:*are कुछ नहीं हुआ छोटे सब ठीक है

Diya:*agar सब ठीक है तोह आपको गोली चलने की क्या जरूरत पड़ी

Varinder:*kya तू भी छोटे

Diya:*dever जी को क्यों डाट रहे हो अगर आपको कुछ हो जाता तोह

Varinder:*yar तुम्हे मैं कमजोर लगता हु क्या मैं देख लगा टेंशन ना लो तुम कुछ नहीं हुआ

Arjun:*the कोण भैया

Varinder:*sayad रमेश या मला के आदमी है

Arjun:*unki इतनी हिम्मत

Varinder:*tum सब टेंशन ना लो मैं हैंडल कर लगा और वैसे भी सब ज़िंदा है तोह कल पता लग जाये गए कोण है इस सब के पीछे

Arjun:*achaa ठीक है पर हम्मे यह बात हलके में नहीं लेना चाहिए

Varinder:-nhi हलके में तोह बिलकुल नहीं ले रहा हु

Diya:*apko राज का कॉल आया था वह आज बहार रुक रहा है गीता की मम्मी का कॉल आया था वह भी साथ hi है सायद

Varinder:*haa आया था कॉल और वह हैंडल कर लेगा गीता उसके साथ है तोह टेंशन नहीं है

Diya:*teek है पर आप फ्रेश हो जाइये मैं खाने को लगा देती हो

Varinder:*teek है

वरिंदर इतना बोल फ्रेश होने चली जाती है निहारिका भी निचे आ जाती है डिनर करने क्योकि टाइम हो गया था सब मिल कर डिनर करते है उसके बाद सभी सो जाते है कहने को सब रिलेक्स था पर थोड़ा दर तोह सब के मैं में चल रहा था

**********************

राज और गीता दोनों एक दूसरे को समेत कर सकूं से सू रहे थे किसी को दुनिया जहाँ की कोई परवाह नहीं थी बस बेसुध सोये थे

गीता तोह ना जाने कब से यही सपना देख उसके चेहरे पर मुस्कराहट देखने लायक थी

राज की जब नींद खुलती है तोह अपनी चेस्ट पर सर रख के लेते हुए गीता को देखता है तोह खुश हो जाता है इतनी मासूम इतनी प्यारी लड़की उसकी बहो में लेती थी दोनों में से किसी को कोई जल्दबाजी नहीं

राज प्यार से गीता के सर को सेहला रहा था साथ के साथ गीता के माथे और गालो को चुम रहा था जिस से गीता की नींद खुल जाती है जब अपने आप को अपने यार के बहो में मेहफ़ूज़ पति है तोह प्यार से वह भी राज के देखने लगती है

Raj:*nind कैसी है जान

Geeta:*aise की जैसे जन्मो से सोई ना हु और आज सकूं से आखे बंद हुयी हो

Raj:*dard तोह नहीं हो रहा

Geeta:*(uper हो होठो को चुम) आपका प्यार दर्द कहा होने देगा

Raj:*main तोह हमेसा ऐसे hi प्यार करो गए जान हमेसा

Geeta:*main भी तोह करो गयी आपकी चिंता ना और प्यार

Raj:*tum बस प्यार करना चिंता क्यों करना है

Geeta:*acha ठीक है अब उठिये सुबह हो गयी है घर जाना भी जरुरी है

Raj:*rehne दो ना अभी घर जा कर क्या करो गयी

Geeta:*kya करो वह छोड़िये मम्मी वेट कर रही होगी वह सोचिये पहले hi हज़ार जवाब देने होंगे आपको तोह कोई कुछ नहीं कहे

Raj:*agar मुझे कोई कुछ नहीं कहे गए मैं तुम्हे थोड़ी कहने दुगा

Geeta:*mera प्यारा प्यार चलो अब

राज उसके एक प्यारा सा किश कर देता है दोनों उठ जाते है गीता बाथरूम में चल देती है राज भी खाने का ोडेर दे देता है

थोड़ी देर बाद जब गीता आ जाती है तोह खुद जाकर फ्रेश हो लेता है

फ्रेश होने के बाद दोनों ब्रेकफास्ट करने लगता है

Raj:*geeta तुम तयारी कर लेना कल हम गोअन जा रहे है

Geeta:*haa तयारी hi है आप चिंता ना करिये आप ने किया क्या तयारी

Raj:*haa मम्मी ने कर दिया था

Geeta:*acha ठीक है और हां एक और बात है

Raj:-bolo ना

Geeta:*mujhe ऐसे hi प्यार करते रहना होगा

Raj:*main तुमसे दूर रह hi नहीं पाओ गए पगली

Geeta:*rehna भी नहीं

Raj:*i लव यू जान

Geeta:*love तो माय बेबी अब छालो घर मम्मी का फ़ोन भी आया है

Raj:*acha ठीक है और आज भी रेस्ट hi करना घर पर ताकि वह जाकर एन्जॉय कर सको तुम

Geeta:*jee

राज उसके बाद उससे घर छोड़ देता है खुद चल देता है घर की और ज्यादा देर भी नहीं हुयी थी
 
अपडेट NO 67

Geeta:*rehna भी नहीं

Raj:*i लव यू जान

Geeta:*love तो माय बेबी अब छालो घर मम्मी का फ़ोन भी आया है

Raj:*acha ठीक है और आज भी रेस्ट hi करना घर पर ताकि वह जाकर एन्जॉय कर सको तुम

Geeta:*jee

राज उसके बाद उससे घर छोड़ देता है खुद चल देता है घर की और ज्यादा देर भी नहीं हुयी थी

अब आगे.....

राज जब घर पोछता है तोह हॉल में इस वक़्त निहारिका दिया और निहारिका की मम्मी बैठी थी

Diya:*aa गया मेरा बीटा चल आ नास्ता कर ले

Raj:*mummy मैंने कर लिया है नास्ता

न mummy:*haa दीदी राज अब बिना खाये कैसे जाने देता गीता को

निहारिका की मम्मी की बात सुन्न राज शर्मा जाती है पर अपनी मम्मी की बात सुन्न निहारिका थोड़ी हैरान हो जाती है

Niharika:*kya राज गीता के साथ था रात में और आप इससे कुछ कहने की जगह हस्सी मजाक कर रही हो

न mummy:*toh क्या हुआ वह उसकी होने वाली बीवी है

Niharika:*(hairani से) क्याआआ

Diya:*tum ना बीटा इतनी हैरान क्यों हो रही है कल hi अंचल ने बतया राज गीता और सनजन से प्यार करता है और दोनों के साथ रहना चाहता है और दोनों को इस से कोई प्रॉब्लम नहीं है तोह हम्मे क्या होगा हम तोह अपने बचो को खुश देखना चाहती हो

Niharika:*dono को साथ और आपको पता है फिर भी रोकने जी जगह आप ऐसी बात कर रही है

Diya:*beta यह होने वाला राजा है और राजा के इतनी तोह बीवी होती है

Niharika:*(muh टेड़ा कर) अगर मैं किसी लड़के के साथ रात रूकती तोह आप ऐसा कहती अगर कोई बात भी होती

न mummy:*niharikaaaaa..... तुझे अकाल है के नहीं कुछ भी बोलती है

Niharika:*kyo मम्मी यह जब रात रुक सकता है मैं क्यों नहीं रह सकती यही तोह फर्क होता है लड़के और लड़की में... लड़का रात बहार रहे तोह वह मर्द है और लड़की रहे तोह बेशर्म और यह बहार वाले नहीं घर वाले hi सुरु करते है

निहारिका की बात सुन्न न मम्मी उससे मरने को उठती है तोह राज हाथ पकड़ लेता है

Raj:*bilkul नहीं चची बिलकुल नहीं और क्या गलत कहा दीदी ने बिलकुल सही कहा... दीदी आप को जब भी लड़का पसंद आये बोल दीजिये गए मैं आपकी शादी की बात कर लगा और रही बहार रुकने की बात तोह अगर आपको भरोसा होगा साथ देगा तोह मैं सबसे लड़ कर बहार बेझो गए

Diya:*beta मुझे इस सब से फर्क नहीं पड़ता प्यार मोह्हबत आज के वक़्त की जरूरत है और तू जिसे पसंद करे गयी उसके साथ शादी मैं करो गयी प्यार खोने का क्या दुःख होता है मुझसे ज्यादा कोण जनता है

निहारिका कुछ नहीं बोलती उससे समझ नहीं आता है वह क्या कहे उसकी आखो में ासु थे सायद अब उससे पछतावा हो रहा था

निहारिका ऐसे जाने से सभी परेशान हो गए पर राज ने दोनों को समझा दिया

Raj:*mummy और चची दीदी को मैं समझा दुगा और मैं खा के आया हु आप दीदी का खाना दे दीजिये और आप भी खा लीजिये मैं हूँ ना मैं संभल लगा मुझे पता है दीदी ने ऐसा क्यों कहा

Chachi:*par बीटा

Raj:*chachi मैं संभल लगा आप टेंशन ना ले

दिया यानि राज की मम्मी उससे निहारिका का खाना निकल दे देती है और खुद भी अपनी देवरानी को लेकर खाने बैठ जाती है राज प्लेट लेकर ऊपर आ जाता है

रूम बंद नहीं था राज जब अंदर आता है तोह बीएड पर निहारिका लेती थी दूर से hi पता लग रहा था जैसे वह रू रही थी

राज प्लेट को साइड रख निहारिका के साइड पर बैठ जाता है और प्यार से अपनी बड़ी बहिन के सर पर हाथ रख देता है

Raj:*didi बस करिये ना कितना रोये गए और सॉरी गलत मेरी है ना लीजिये मार लीजिये मुझे पर रोना बंद करिये

राज की बात सुन्न निहारिका बीएड पर बैठ राज को देखती हुयी हलकी हलकी सुबक रही थी

Raj:plss चुप हो जाइये ना

Niharika:*sorry.......

Raj:*par किस लिए अपने कहा कोई गलती की है जिस के लिए सॉरी बोल रही है ... आप इस परिवार का हिस्सा है और आपको पूरा हक्क है कुछ भी बोलने का या पोछने

Niharika:*main वह पोछना नहीं चाहती थी पर पता नहीं क्यों पर पॉच बैठी सायद मैं जल रही हो

Raj:*kis से दीदी मुझसे पर मैं तोह आपका भाई हु

Niharika:*kismat से.... आज तक मैं इन् घर की चार दीवारी से खुल कर कभी नहीं बहार निकली और ना कोई बहार ले जाने वाला मिला... मेरा दिल भी करता है कोई मेरी परवाह करे मेरे साथ रहे मेरे नाराज और ख़ुशी से उससे फर्क पड़े पर ऐसा नहीं है कुछ मेरे साथ

Raj:*didi यह आपका ेकलापन है जो आपको मुझसे जला गया आप मेरी तरह घूमना और प्यार करना चाहती है पर आपके अंदर का बदनाम होने का दर आपको हर बार रोक देता है

Niharika:*haa तू ठीक कह रहा है पर मैं क्या करो पापा मुझे अपना बीटा मानते है बेटी नहीं मैं उनका अभिमान हु... कुछ भी दुनिया की हर ख़ुशी वह मुझे बिन मांगे hi पूरे कर देते है.... वह मेरी ख़ुशी में अपनी ख़ुशी देखते है राज कैसे उनकी इज्जत पर बात आने वाला काम करो

Raj:*didi यही दर तोह रश्मि को लगता था और मैंने उससे प्यार देना का फैसला किया वह नहीं कर पति बहार खुल कर कुछ उससे इस बात का दर हमेसा रहता जो आपको था.... आज मैं हु उसके साथ उससे अपने आप से ज्यादा मुझ पर विस्वास है तोह सोचिये की मैं वह तोड़ सकता हु अगर मैं बहार भी दो लड़की से प्यार करने के बाद दोनों को अपना सकता हु तोह फिर रश्मि के साथ सिर्फ जिस्म तक कैसे रह jata......didi मैं बस उससे वह शादी से पहले वाला प्यार देना चाहता हु जो हर लड़की अपने खवाबो के राजकुमार का सपना देखती हुयी चाहती है और उसके लिए ना मैं समाज की परवाह करो गए ना किसी इंसान की

Niharika:-main क्या करो राज मैं भी तोह वह एहसास चाहती हो मैं भी शादी से पहले उड़ना चाहती हो

Raj:*bana लीजिये बर्फ हम सब तोह hi फॅमिली से बात करने के लिए

Niharika:*mera वह दर पापा का रेस्पेक्ट मुझे ऐसा नहीं करने देगी

Raj:*aap ाचा लड़का देख के करना

Niharika:*kya तू किसी को जनता है नहीं जनता होगा ना क्योकि ऐसा मिलना मुश्किल है

Raj:*acha आपके लिए मिल कर दंड लेंगे

Niharika:*kya हम......

निहारिका बोलती बोलती चुप हो जाती है कुछ बोल hi नहीं पति

Raj:*kya हम दीदी बोलिये ना

Niharika:*kuch नहीं तू जा रूम में मैं ठीक हु अब सॉरी और ठंकु मुझे समझने के लिए

Raj:*main तोह भूल hi गया लीजिये खाना खा लीजिये

Niharika:*woh मैं खा लगी तुम रेस्ट कर लो रूम में

Raj:*nhi मैं खिला देता हु अपने हाथो से

Niharika:*jaa तेरे पास दो दो गर्लफ्रेंड है उससे खिला

Raj:*didi ऐसे खुश रहा कीजिये गए

निहारिका कुछ नहीं बोलती प्लेट ले कर खाने लगती है वही राज वह से चल देता है अपने रूम में

**************************

इस वक़्त पुलिस स्टेशन में वरिंदर और अर्जुन थे सामने इंस्पेक्टर था

Varinder:*pata है हम्मे किसने अटक किया है इंस्पेक्टर तुम बस केस क्लोज करो

Inspector:*aap समझ नहीं रहे सर अगर हमने ऐसा किया तोह क्या जवाब देंगे

Varinder:*sehar में कितने कांड होते जिनका पता नहीं लगता उन् में से एक और होर जाये गए

Arjun:*aur हां भैया और रानी माँ का नाम नहीं आना चाहिए

Inspector:-nhi आये गए सर्कार बस आप मेरे बेटे की जॉब सिलेक्शन करा दीजिये

Arjun:*woh हो जाये गए उसकी चिंता ना करो और यह लो आपके खर्चे पानी के लिए 20 लाख जो आपके कहे अनुसार आपकी बेटी के अकाउंट में सेंड कर दिया है

Inspector:*aap सब का प्यार बस ऐसा बनना रहे सर्कार

Varinder:*chlo अर्जुन अपनी भाभी से पोछे वह ठीक से है ना वह

Arjun:*(muskura कर) आप hi पॉच लीजिये ना भैया मैं क्या पोचो और हां आपका बीटा बिलकुल अप्प पर गया दो दो लेके रखा है पर उसने सबको पहले hi अपना बना लिया है

Varinder:*mere बेटे की खांनी मेरे जैसी नहीं होनी चाहिए अर्जुन

Arjun:*nhi होगा भैया दोनों लड़किया समझदार है सबसे ज्यादा संजना

Varinder:*haa तुमने सही कहा दोनों लड़किया प्यारी है गीता को तोह मैं कबसे जनता हु साथ hi हम उससे अपनी बहु के रूप में देखते भी थे पर चलो एक से भले दो सही

Arjun:*goan कब जाना है भैया

Varinder:*kal निकल लेंगे और गुड़िया क्या वह आये गयी

Arjun:*pata नहीं भैया आप के आ जाने के बाद मैं भी नहीं मिला अपनी गुड़िया से फ़ोन करता हु तोह हाल चल बात देती है पर आपसे दूर हो कर मुझसे भी मिलने नहीं आती

Varinder:*(halke ासु पॉच) वह ठीक है ना उसके बचे कैसे है उसका वह पति कैसा है

Arjun:*bhaiya वह भी ठीक है पर ज्यादा दिन नहीं रहे गए वजह आप खुद जान जाओ गए वह जनन वह मुझे नहीं आने देती थी अपने घर पर मैंने पता किया है वह ठीक तोह नहीं है... हां उसके बचे बहुत प्यारे है हमरे बचो की तरह दोनों बेतिया अभी 12 में है लड़का विदेश है अपने दादा के साथ

Varinder:*hammmm

Arjun:*bhaiya गुड़िया की याद आती थी तोह इतने दिन दूर कैसे रहे जब की एक पल आपसे दूर नहीं रहा जाता

Varinder:*vajh जानते हो और फिर उससे याद क्या करना जो मेरे दिल में मेरी प्यारी गुड़िया निधि

Arjun:*apke आने की खबर सुन्न वह पका आये गयी घर जनन लीजिये गए वह सब बर्दास्त कर लेगी पर आपसे इतने साल डोरी वह hi जानती है कैसे बर्दास्त की होगी

Varinder:*bas अर्जुन और नहीं वह ना मिलने आये तोह ाचा है वार्ना क्या जवाब दुगा अपनी गुड़िया को समझ नहीं आ रहा

Arjun:*woh कुछ पोछे गयी hi नहीं

Varinder:*woh सब छोड़ तू जाने की तयारी करा मैं थोड़ा बैंक में जाकर आता हु एप्लीकेशन दे दू काम छोड़ने का

Arjun:*teek है भैया

अर्जुन जनता था के उसके भाई ने बात बदल दी है पर वह भी जैसे इस बात को आगे नहीं बढ़ना चाहता था इस लिए घर की तरफ चल देता है

*********************

दो लोग एक घर को घेर कर खड़े थे उनकी लगातार नज़र उस घर की और थी दोनों सकल से hi गुंडे लग रहे थे अपनी खतरनाक लुक और अपनी बड़े से पेट के कारन दोनों ने एक पल भी इस घर को एकला नहीं छोड़ा था

Admi1:*yarr भोलू क्या लगता है वह आये गयी बहार

Bolu:*sale बहनचोद सन्तु चुप चाप बैठ लोडे एक एक मिंट के पैसे काट रहे है तोह दिमाग ना ख़राब कर और यह इसकी माँ जब चली गयी तोह बहिन की लोदी आ क्यों नहीं रही बहार

Santu:*bhai घर चले

Bolu:*tu चुप रह वह लड़का जो छोड़ कर गया उससे वह डरा तोह नहीं आये गए एक देख रहा हु बस 30 मिंट और उसके बाद तू कार इस घर के पास रखना मैं उससे बेहोश कर के ले आओ गए

Santu:*plan ाचा है पता किया मैंने इस में दो hi लोग रहते है माँ बेटी... माँ तोह चली गयी रह कोण गयी बेटी ना

Bolu:*tu अपना दिमाग न लगा नहीं पैसे की जगह गांड में डंडा जाये गए तोह चुप चाप 30 मिंट रुकना है तोह रुकना है समझ गया

Santu:*samjh गया भाई

उसके बाद दोनों थोड़ी देर इंतज़ार करने लगते है
 
अपडेट NO 68

Bolu:*tu चुप रह वह लड़का जो छोड़ कर गया उससे वह डरा तोह नहीं आये गए एक देख रहा हु बस 30 मिंट और उसके बाद तू कार इस घर के पास रखना मैं उससे बेहोश कर के ले आओ गए

Santu:*plan ाचा है पता किया मैंने इस में दो hi लोग रहते है माँ बेटी... माँ तोह चली गयी रह कोण गयी बेटी ना

Bolu:*tu अपना दिमाग न लगा नहीं पैसे की जगह गांड में डंडा जाये गए तोह चुप चाप 30 मिंट रुकना है तोह रुकना है समझ गया

Santu:*samjh गया भाई

उसके बाद दोनों थोड़ी देर इंतज़ार करने लगते है

अब आगे..................

राज घर पर अपने रूम में बैठा था उसके हाथो में फ़ोन था

Raj:*meri जान मुझे मिस कर रही है

Sanjana:*aur नहीं तोह क्या कब से इंतज़ार कर रहा हु

Raj:*kyo वह मैं नहीं लग रहा क्या

Sanjana:*mann तोह लग रहा है मम्मी बहुत प्यार कर रही है मेरी एक प्यारी नटखट ननद है एक समझदार ननद है तोह मेरा मान क्यों नहीं लगे गए वह बात अलग है के तुम्हरी याद भी बहुत आ रही है अगर तुम होते तोह बात अलग होती

Raj:*toh आ जाओ तुम्हरे पास

Sanjana:*aa जाओ ना

Raj:*teek है जान ने बोलै है तोह आना पड़े गए मम्मी पापा कल बोले है हम वह आये गए

Sanjana:*haa किया था मम्मी ने कॉल

Raj:*tumhre पापा को भी लेते आओ गए

Sanjana:*haa पूरा परिवार रहे गया तोह मजा आये गए

Raj:*acha सुनने अब तोह मम्मी पापा को पता लग गया सब त्यार भी है शादी को क्यों ना हम प्यार कर ले

Sanjana:*pyar करते है ना

Raj:*woh वाला नहीं एक हस्बैंड और वाइफ वाला सुहागरात वाला

Sanjana:*dhatttt पागल कही के वह प्यार करने में टाइम है और वैसे भी सुहागरात के लिए आपको पहले मेरा शुआंग बनना होगा जिसके लिए टाइम है अभी आप प्यार हो मेरे

Raj:*toh क्या हुआ कल को तोह बनना है ना एक प्रेक्टिकल कर लेते है ना फाइनल बाद में कर लेंगे शादी के बाद

Sanjana:*bas बस अब और नहीं आप आ जाइये फिर प्यार कर लेना आपसे प्यार करने के लिए मुझे किसी बंधन की जरूरत नहीं है

Raj:*meri जान तुमने इतना कहा काफी है बाकि बाते बाद में वही आकर करो गए तुम बस अपना ध्यान रखना

Sanjana:*main इंतज़ार कर रही हो अपने मेहबूब का

Raj:*bye लव यू जान

Sanjana:*love यू तो

राज फ़ोन कट कर देता है उसके चेहरे पर प्यारी स्माइल आ जाती है कल जब से राज ने उस प्यार को महसूस किया था जो दो प्यार करने वाले जिस्म से मिलता है तब से राज उस प्यार को हर वक़्त पाना छठ रहा था

राज को रह रह कर गीता की याद आ रही थी उसके साथ गुज़ारे हुए लम्हे याद आ रहे थे और सोचते सोचते कब उसका हाथ गीता के नंबर पर चला जाता है

कब डायल कर देता है उससे भी पता नहीं लगता

पूरी रिंग जाने पर भी जब कॉल नहीं उठ टा है तोह वह डरा लगा देता है ऐसे hi कर के तीन बार कॉल करता है पर कॉल पिक नहीं होता पता नहीं कियो उसको अजीब लगता है वह फटाफट अपने बीएड से उठ कर बहार आ जाता है अपनी बाइक लेकर गीता को मिलने hi निकल जाता है

****************************

सन्तु भोलू आधा घंटा और देखते है उसके बाद दोनों विस्वास हो जाता है अब कोई नहीं आने वाला इस लिए वह अपनी कार को घर के बिलकुल पसंद ले जाते है चेहरे पर मंकी कैप लगा लेते है

Santu:*dekh बोलू कोई गलती नहीं हो और ना हम्मे आपस में नाम लेना है सब जल्दी कर के निकलना है दिन का टाइम है तोह लड़की को बेहोश कर के लेके जाना hi ठीक होगा

Bolu:*teek है तुम चिंता ना करो हम ने आज तक ना जाने कितने कांड किये है तोह यह एक और सही

Santu:*kand तोह होगा hi और बड़ा कांड होगा

Bolu:*chlo अब करोफॉम ले लो रुमाल में कोई गलती ना हो

उसके बाद दोनों चारो तरफ देखते है और कार से निकल कर बहार आ जाते है

दोनों घर के गेट पर होते है सन्तु अपना मास्टर के से घर का बहार का गेट खोल देता है

दोनों एक बार पीछे मुद कर देखते है और घर में घुस दूर लगा देते है

दोनों आराम से बिना कोई शोर किये घर आ जाते है ग्राउंड फ्लोर पर दोनों आराम से सभी रूम और किचन देख लेने के बाद जब उनको यकीन हो जाता है निचे कोई नहीं है तोह दोनों सीढ़ियों पर आ जाते है

Santu:*dekh ऊपर एक रूम है लड़की रूम में है मैं दूर खोलो गए तुम बस उसके नाक से इस रुमाल को सुंघा देना समझ गया

Bolu:*teek है हो जाये गए

Santu:-chl मेरे भाई इस काम से हम दोनों मालामाल हो जाये गए

दोनों के होठो पर मुस्कान तैर जाती है और दोनों चल देते है ऊपर जहा उनकी मजिल थी दोनों जब ऊपर जाते है तोह रूम का दूर बंद था

सन्तु अपनी जेब से मास्टर के निकल लेता है और दोनों दूर के बिलकुल पास आ जाते है

सन्तु दूर खोल के अंदर आ जाते है जब दोनों रूम में देखते है तोह दोनों हैरान हो जाते है रूम में कोई नहीं था इस वक़्त

दोनों एक दूसरे के आखो में देखते है

Santu:*kaha गयी वह लड़की बोलू

Bolu:*behanchhod मैं भी तोह तेरे साथ था मुझे क्या पता

सन्तु अपने डाट पेश कर के कुछ बोलता उस से पहले hi बाथरूम का दूर ओपन हो जाता है दोनों एक दम से पीछे पलट जाते है

सामने गीता थी जो सायद बाथरूम गयी थी और गीता अपने रूम में दो अनजान लोगो को देख हैरान हो जाती है

Santu:*behanchhod मुँह क्या देख रहा है पकड़ इससे

सन्तु के बात सुन्न उन् से दूर गीता झट से अंदर हो दूर लगा देती है

जब तक बोलू पोछता उस वक़्त गीता ने दोनों चिटकिनी लगा दी थी

गीता का तोह एक मिंट में hi चेहरा पीला पद गया था

दोनों गेट को पीटने लगते है पर गेट एलुमिनियम का था तोह ज्यादा कुछ नहीं कर पा रहे थे वही दोनों अनजान लोगो को अपने रूम में देख गीता के आखो में ासु आ जाते है दर से उसका बुरा हाल था

तभी उसका फ़ोन बजने लगता है उसका फ़ोन भी रूम में था

सन्तु और बोलू भी फ़ोन को देखने लगते है जिस पर राज की फोटो लगी थी

Santu:*dekh लड़की तू अपने आप बहार आ जा नहीं हमने यह दरवाजा तोड़ दिया तोह तेरा वह हल करे गए की याद रखे गयी

गीता कुछ नहीं बोलती वह तोह दर के मरे घुटने में अपना सर रख रोने लगती है उससे बचने की कोई उम्मीद नज़र नहीं आ रही थी

तीन बार फ़ोन बजने के बाद राज का फ़ोन आना बंद हो जाता है.

Bolu:*ab क्या करे यार

Santu:*tu दरवाजा तोड़ने का जुगाड़ कर

Bolu:*teek है देखता हु तू भी खोसिस कर

सन्तु रूम में कुछ ढूंढ़ने लगता है अपने कंधे से भी दूर तोड़ने को खोसिस करता है पर तोड़ नहीं पता वही बोलू निचे घर में से कुछ न कुछ तोड़ने का सामान ढूंढ़ने लगता है

आखिर कर 15 मिंट बाद उससे वह मिल hi जाता है

उससे एक ऐसे मिल गया था साथ में हाथोड़ा भी वह दोनों लेकर ऊपर आ जाता है

Santu:*sale कितना टाइम लगा दिया

Bolu:*bahut मुश्किल से डुंडा है यह चल तोड़ इस डोर को अब

Santu:*laa दे मुझे यह साली को छोड़ू गए नहीं

Bolu:*sunn रही है ना तू लोंड़िया अभी भी वक़्त है खोल दे दूर जितना हम्मे परेशानी होगी उतनी तुझे भी होगी बाद में

Santu:*yeh साली ऐसे नहीं मैंने गयी

गीता तोह बस बागवान की प्रार्थना कर रही थी के कोई तोह आ कर आज उसी बचा ले

सन्तु और बोलू दोनों अपने अपने हथियार दरवाजे पर मरने लगते है

दरवाजा शकत था जिस से उससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा था पर थोड़ा थोड़ा तोह असर हुआ था

गेट पर हो रहे प्रहार से गीता का दिल देहल रहा था

10 मिंट हुए थे और दरवाजा लगभग टूटने वाला था के एक दम से दूर आलराम बजने लगता है

Santu:*sale रुक जा लगता है कोई निचे है

Bolu:*behanchhod यह कोण आ गया अपनी माँ छुड़ाने के लिए

Santu:*woh देख विंडो इस से आराम से निचे दिख जाये गए जा देख कोण है

Bolu:*dekhta हु

Santu:*dhyan से कोई तुझे ना देखे और कैप पहन ले पहले

बोलू कैप पहन कर विंडो के पास जाकर विंडो खोलता है तोह दूर पर एक 10 साल का लड़का और एक 35 साल की औरत होती है

औरत के सकल को देख कर लग रहा था जैसे वह गुस्से में है

Bolu:*yar कोई औरत है और साथ में बचा है क्या करे

Santu:*dhyan से देख इसकी माँ तोह नहीं है

Bolu:*nhi यार इसकी माँ नहीं है

Santu:*toh छोड़ उससे बजने दे होगी कोई अपने आ चली जाये गयी

Bolu:*uske जाने तक तोह दूर भी नहीं तोड़ सकते है आवाज निचे जाये गयी

Santu:*tu रुक जा थोड़ा वेट कर लेते है तू ध्यान रखना

दोनों आराम से बैठ जाते है थोड़ी देर बाद वह औरत और बचा दरवाजा ना खुलने के कारन जाने लगते है के तभी वह राज बाइक लगा देता है

राज को देख बोलू घबरा जाता है

Bolu:*santu यहाँ आ जल्दी

Santu:*bhosdike के धीरे बोल और क्या हुआ

Bolu:*wahi लड़का बहार है जो इससे छोड़ने आया था

Santu:*kya बात कर रहा था

Bolu:*sach में यार

सन्तु भी जाकर देखता है तोह सच में राज होता है निचे जो उस औरत से बात कर रहा था

राज घर से निकल कर फुल स्पीड में बाइक चलता है उससे रह रह कर बेचैनी हो रही थी वह जल्द से जल्द बस गीता के पास पोछना चाहता था

जब राज 25 मिंट में वह पोछता है तोह गीता के घर का बेल्ल बजते एक औरत को देखता है जो अब वापस जा रही थी

Raj:*kya हुआ आंटी आप वापस जा रही है क्या हुआ किसी ने दरवाजा नहीं खोला क्या

Aunty:*pata नहीं बीटा क्या हुआ मैं तोह बोलने आयी थी के इतना शोर मात करो पता नहीं बहुत ज्यादा शोर हो रही थी अभी अभी जब से मैं दूर बेल्ल बजा रही हो शोर भी बंद हो गया और दरवाजा भी कोई नहीं खोल रहा... लगातार 10 मिंट से ऊपर से शोर हो रहा है

Raj:*ji आंटी

राज ने अचानक ऊपर देखा था विंडो पर और वह किसी को देख कर भी अनजान बन्न गया और बाइक मूड लिया आंटी भी चल दी अपने रस्ते

राज उस घर के दूसरी गली जाकर बाइक रोक दिया

Raj:*mera दिल सही कह रहा था घर के बहार कार का होना आंटी का शूर सुन्ना अचानक बंद हो जाना विंडो पर किसी का होना जो हम्मे देख रहा था मतलब गीता खतरे में है

राजराज फटाफट दूसरी गली के सुरु में hi अपनी बाइक लगा कर पैदल hi भाग लेता है घर की तरफ वही उधर सन्तु और बोलू भी राज को वापस जाता देख दरवाजा तोड़ने वापस लगते है

राज उस आंटी के घर में घुस जाता है सामने आंटी मिल जाती है

Raj:*aunty आपकी हेल्प चाहिए मुझे लग रहा है गीता की जान खतरे में है उधर गुंडे है क्या आप मेरे फ़ोन से मेरे पापा को सब बता देंगे और प्लस मुझे बताइये क्या आपके छत से उनके छत जा सकते है

Aunty:*haa बीटा जा सकते है तुम जल्दी ऊपर जाओ बुनती बीटा भैया को ऊपर ले जाओ भाग कर मैं तुम्हरे पापा को बात देती हो तुम्हरा नाम क्या है

Raj:*raj नाम है

राज फटाफट बुनती के पीछे भागने लगता है एक मिंट में दोनों छत के ऊपर थे दोनों की छत एक होने से राज आसानी से कोड जाता है जब बुनती आने लगता है तोह राज उससे मन कर वापस जाने को कहता है खुद गीता के सीढ़ियों से निचे आने लगता है उसके हाथ में छत से लिया हुआ लोहे का पाइप होता है जो ऊपर hi मिल गया था

कुछ तोड़ने की आवाज अब साफ राज के कानो में आ रही थी जिसके लिए वह बिना डरे फटाफट निचे भाग जाता है जैसे hi गीता के रूम में जाता है तोह अंदर देखता है दोनों बाथरूम का गेट तोड़ रहे है जो लगभग टूट hi गया था

राज का तोह खून खोल जाता है रोड पर पकड़ मजबूत हो जाती है

Raj:*tumhri बहिन को छोड़ू सालो

जैसे hi दोनों किसी की आवाज गेट की तरफ से आते हुए सुनते है वह दोनों पलट जाते है पर तब राज उनके पास आ गया था और बिना कुछ सोचे के सर पर पूरी ताकत से रोड मरता है जिस से उसका सर hi फट जाता है

तब तक दूसरा संभल गया था वह अपना कुल्हाड़ी राज पर मरता राज उस रोड से उसका बार रोकता है पर उस ने भी इतनी जोर से कुल्हाड़ी मरी थी के राज के हाथ से रोड झटक जाती है

राज के ऊपर दूसरा बार करता है पर राज उस बार से भी पीछे हो बच जाता है

Santi:*madarchod तुम्हरी बजह से मेरा साथी मर गया तुझे तोह ज़िंदा नहीं छोडो गए

Raj:*tune यहाँ आकर hi गलती कर दी जो हालत तेरे साथी की है उस से बतर तेरी करो गए

Santi:*teri माँ का भोसड़ा....

अभी वह कुछ बोलता राज टेबल पर रखे पॉट को उसके सर पर मरता है

सन्तु भी जैसे इसके लिए त्यार नहीं था पर वह उस बार से बच जाता है पर इतना वक़्त काफी था राज के लिए वह फटाफट उसके ऊपर कूद जाता है

उसके हाथ से कुल्हाड़ी गिर चुकी थी राज उसके मुँह पर एक जोर दर प्रहार करता है के जिस से वह बच नहीं पता

उसके नक् से खून निकलने लगता है गीता बाथरूम से बहार आ जाती है अपने सामने राज को देख उससे बहुत ज्यादा सकूं मिलता है पर राज तोह पागल हो गया था

वह उसके मुँह पर मुके पर मुक्के बरसा रहा था

उसका चेहरे का नक्सा hi बिगड़ गया था जान लगभग चली गयी तभी राज अपना हाथ कुछ पीछे कीच कर ऐसा पंच मरता है

जिस से वह एक लाश की तरह हवा में लहरा कर निचे घिर जाता है

राज अभी अपनी सासो और गुस्से को कण्ट्रोल कर रहा था के उसको पीछे से गीता बहो में जकड लेती है

Geeta:*mujhe लगा मैं आज तुमसे डरा नहीं मिल पाओ गयी

Raj:*pagli तू मेरी जान है जब तूने फ़ोन नहीं उठया मेरी धड़कने बढ़ गया और मैं आ गया तुम्हरे पास और देखो यहाँ क्या मिल गया देखने को तुम्हे कुछ हुआ तोह नहीं ना

Geeta:*ek पल तोह मेरी जान निकल गयी थी पर तुम थे मुझे बचाने को... ी लव यू

Raj:*i लव यू तो मेरी जान

Geeta:*raj यह दोनों तोह लग रहा है मार गए अब क्या होगा तुम्हे कुछ हो गया तोह

Raj:*kuch नहीं होगा पापा को बात दिया होगा आंटी ने चलो अब हॉल में वह आते hi होंगे वह संभल लेंगे

Geeta:*chlo निचे मुझे अभी भी दर लग रहा है

Raj:*main हूँ ना चलो

उसके बाद दोनों दूर को लॉक कर निचे आ जाते है गीता सच में दरी हुयी थी इस लिए वह राज को बहो में काश के सोफे पर बैठ जाती है

राज प्यार से गीता को सेहला नार्मल कर रहा था एक पल को दर तोह वह भी गया था पर ाचा हुआ वह सही टाइम पर आ गया नहीं आज क्या हो जाता यह सोच कर hi राज घबरा रहा था पर गीता को फील नहीं होने देता है

थोड़ी देर में पदोष वाली आंटी और उसका बीटा भी आ जाते है जो राज जाकर गेट खोल अंदर बुला देता है

Aunty:*beta तुम्हरे पापा को कॉल कर दिया है तुम्हरे चाचा आते hi होंगे

Raj:*thanku आंटी आपकी वजह से गीता की जान बच गयी

Aunty:*kon थे वह और कहा है

Raj:*dono को ऊपर बंद किया है आंटी सायद छोर थे

Aunty:*Acha हुआ बीटा तुम आ गए नहीं आज क्या होता

Raj:*thanku तोह आपको कहना चाहुगा अगर आप ना मिलती और ना बाटी के ऊपर शोर हो रहा है सायद मुझे पता नहीं लगता

Aunty:*chhodo उस बात को गीता बीटा तुम ठीक हो ना

Geeta:*jee आंटी मैं बाथरूम में चिप गयी थी वार्ना आज क्या हो जाता

Raj:*kuch नहीं होता मैं हो ना

अभी बात hi कर रहे थे के बहार बेल्ल बजने लगती है

Raj:*lagta, है चाचा पापा आ गए तुम रुको मैं खोलता हु

राज दूर खोलने जाता है जब दूर खोलता है तोह सामने उसके पापा और चाचा hi थे जो राज को ठीक देख थोड़ा रिलेक्स होते है
 
अपडेट NO 69

Geeta:*jee आंटी मैं बाथरूम में चिप गयी थी वार्ना आज क्या हो जाता

Raj:*kuch नहीं होता मैं हो ना

अभी बात hi कर रहे थे के बहार बेल्ल बजने लगती है

Raj:*lagta, है चाचा पापा आ गए तुम रुको मैं खोलता हु

राज दूर खोलने जाता है जब दूर खोलता है तोह सामने उसके पापा और चाचा hi थे जो राज को ठीक देख थोड़ा रिलेक्स होते है

अब आगे............

Papa:*kaha है वह इंसान जिस ने मेरी बेटी पर आँख उठयी है

Raj:*papa वह ऊपर है उसकी हालत पतली hi है

Papa:*iss से फर्क नहीं पड़ता जो इंसान मेरी औलाद पर आँख उठए गए उसका ज़िंदा रहना पॉसिबल नहीं है

Arjun:*bhaiya मैं देखता हु

Papa:*mujhe गन दो लोगो को पता लग्न चाहिए वरिंदर कोण है

Arjun:*nhi भैया आपको ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं है

Raj:*dad आप रहने दीजिये वैसे भी मुझे उस से पोछना है के उस ने ऐसा क्यों किया आखिर गीता को क्यों मरना चाहा यह काम डिसूज़ा देख लेगा

Arjun:*haa भैया आप राज और गीता को लेकर जाइये घर यहाँ मैं देख लगा

Papa:*teek है तुम यहाँ का काम ख़तम क्र के आ जाना चलो बीटा

राज और गीता पापा के साथ चलने लगते है राज के पापा उसको अपने साथ सामान लेने को कहता है और साथ hi उसकी मम्मी को भी घर आने को कहता है साथ ने उनके भी कपडे गीता hi ले लेती है

राज और उसके पापा से निकल जाते है

घर पर आने के बाद यह बात किसी को नहीं बाटइ जाती है सब तयारी कर लेते है राज भी साम को ऑफिस चला जाता है

थोड़ी देर काम को समझने के बाद वह चल देता है अपने ससुर के केबिन मतलब संजना के पापा के केबिन

Raj:-may ी किंग सर

स papa:*beta तू सिर्फ यहाँ का एम्प्लॉय नहीं है तोह तू पोछा मात कर

Raj:*jee अंकल..... अंकल अपने तयारी कर ली है क्या घर जाने की सुबह जल्दी hi निकलना होगा

स papa:*beta तुम कॉल कर देना मैं कार लेकर आ जाओ गए घर

Raj:*teek है अंकल

स papa:*beta काम समझ आ रहा है ना

राज:* जी अंकल जितना मैंने सोचा था उतना भी मुश्किल नहीं है

स papa:*toh क्या कहते हो काम सुरु किया जाये

Raj:*main समझा नहीं अंकल

स papa:*beta अब ओफ्फिकल हलके काम करने सुरु कर दो

Raj:*par अंकल

स papa:*iss काम के लिए एक यहाँ की सीनियर एम्प्लोये का परमोशन कर दिया है अब वह तुम्हरी पर्सनल सेक्रेटरी के रूप में काम करे गयी

Raj:*uncle मुझे उस बात की चिंता नहीं है मैं खुद अब संभल सकता हु पर यह सब इस ब्रेक के बाद करना चाहता हु

स papa:*achaa ठीक है इस ब्रेक के बाद तुम मेरा साथ डोज बिज़नेस में

Raj:*ji अंकल

उसके बाद दोनों थोड़ी और बात करते है बाद में राज उन्हें bye कह कर यही मार्किट चला जाता है घूमने घूमते घूमते जब साम हो जाती है तोह राज घर के लिए चल देता है

राज जब घर आता है तोह सब त्यार बैठे थे खाना खाने के लिए राज भी उनके साथ बैठ कर खाना खता है

खाने खाने के बाद राज अपने रूम में जाता है पर जब से घर आया था उसका दिल बार बार गीता से मिलने का कर रहा था

रात के 12 बजे जब उस से और इंतज़ार नहीं होता वह गीता को कॉल कर देता है

Geeta:*kya हुआ जान

Raj:*chhat पर आओ ना

Geeta:*mummy है कैसे आओ

Raj:*aao ना उन्हें वैसे भी पता है ज्यादा कुछ नहीं बोले गयी अगर बोली तोह मैं देख लगा

Geeta:*nhi आज नहीं कल देखते है अगर आयी तोह क्या सोचे गयी मम्मी किसी और ने देख लिया तोह वह क्या सोचे गयी

Raj:*main छत पर जाकर तुम्हरा इंतज़ार कर रहा हु बस मुझे और कुछ नहीं सुन्ना

राज फ़ोन काट देता है और छत पर चला जाता है

गीता भी सोचती है क्या करे एक तरफ राज था तोह दूसरी तरफ माँ के जगाने और किसी के देखने का दर पर इन् सब बातो में कही न कही उन् दोनों का प्यार हावी हो जाता है गीता बीएड से उतर अपनी मम्मी को देखती है और फिर दबे पेअर बहार को चल लेती है आराम से दूर को बंद कर वह हर बात का धयान रख रही थी कोई देख ना ले जब उससे लगता है फर्स्ट फ्लोर पर कोई नहीं तोह फटाफट सीढिया चढ़ कर पॉच जाती है छत के ऊपर जहा उसका प्यार बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था

गीता जब ऊपर पोछती है तोह देखती के राज छत से निचे देख रहा था

गीता पीछे जाकर उससे गले से लगा लेती है

राज तोह जैसे इसी का इंतज़ार कर रहा था वह भी गीता के हाथो पर अपने हाथ कस देता है

Raj:*tum नहीं जानती के यह कुछ मिन्ट्स मेरे लिए कितने ज्यादा मुश्किल से निकलने

Geeta:*itne बेसब्री क्यों हो रहे है आज आप

Raj:*pata नहीं कल से सायद मैं सिर्फ दिल से जुड़ा था जब से दिलो जान से जुड़ गया हु दूर रहना मुश्किल हो गया है

Geeta:*haal तोह कुछ मेरा भी ऐसा है राज पर क्या करो अभी थोड़ा धयान रखना होगा ना

Raj:*mujhe नहीं पता मैं नहीं दूर रह सकता

गीता राज से दूर हो उसके गालो को पकड़ खुद hi ऊपर राज के होठो को चुम लेती है

Geeta:*kya लगता है मैं आपसे दूर रह सकती मैं तोह हमेसा इस मजबूत बहो में रहना चाहती हो पर घर वालो का भी देखना होगा ना वार्ना वह मुझे कैसा समझे गए और मैं बिलकुल भी उनके सामने बुरी और बेशर्म नहीं बनना चाहती

Raj:-acha मतलब तुम्हरा होने वाला पति तड़पता रहे तोह कोई बात नहीं

Geeta:*main कहा तड़पने देना चाहती हु मेरे मेहबूब को और फिर क्या लगता है आपको के आपसे दूर रह मैं खुश रहती हो मैं भी तोह आपके प्यार में रहना चाहता हु

Raj:*geeta.... (आखो में देख) तुम अब मुझे बेचैन करने लगी हो कहा मैं इन् सब से दूर रहता था आज लगता है के क्यों मैं भागता रहा

Geeta:*apka प्यार हमेसा मेरे साथ था बास आप ने मन बहुत देर से है पर करते तोह प्यार आप हमेसा थे

Raj:*haa तुम सायद ठीक कह रही हो

Geeta:*raat क्या अब सिर्फ बाते कर के गुजरनी है क्या मैं कितनी डरते हुए आपके पास आयी हो

Raj:*acha तोह मेरी जान को दर लग रहा था अभी दूर कर देता हु दर आपका

राज अपने हाथो को गीता के मखमली गांड पर ले जाता मसल देता है जिस से गीता हलकी ऊपर हो जाती है दर्द के साथ

राज मौका देख अपने होठो को उसके होठो से मिला कर चूसने लगता है

गीता भी जैसे इसी पल का इंतज़ार कर रही थी होठो के मिलान होते hi गीता अपनी फुर्ती दिखा राज के निचले होठो को अपने होठो में दबा चूसने लगती है अपने के हाथ को जहा राज के चेस्ट पर रखा था वही दूसरे हाथ को निचे ले जा आध खड़े लुंड को कपडे के ऊपर से hi सहलाने लगती है

गीता के इस तरह आगे बढ़ने से राज भी गीता की गांड को और जोर से मसलने लगता है राज जितनी जोर से गांड रगड़ता था उतनी hi जोर से गीता अपने लुंड को दबा देती थी

दोनों मीठे दर्द के साथ आशिम सुख को महसूस कर रहे थे

थोड़ी देर बाद दोनों एक दूसरे के कंधे पर सर रख के सासो दारुस्त कर रहे थे

Geeta:*ab निचे जाओ मैं

Raj:*mera दिल और प्यार करने का कर रहा है

Geeta:*kar तोह मेरा भी रहा है जान पर निचे जलन है... ठीक है आप कुछ ले आइये लेटने को

Raj:*(mathe को चुम) हम गोअन में करे गए तुम बस मेरी गोद में बैठ जाओ दोनों उस छंद को देखते है

Geeta:*teek है

राज छत के एक कोने में चेयर बैठा कर बैठ जाता है गीता को अपनी गोद में बैठा देता है

Geeta:*jaan ठंडी हवा चल रही है ऐसे में चाय का होना जरुरी है मैं चाय ले आती हो

Raj:*tum रुको मैं ले आता हु

गीता कुछ बोलती उस से पहले hi एक और आवाज आती है जिसे सुन्न कर दोनों की फट जाती है

Niharika:*tum दोनों रुको मैं ले कर आती होऊ

पता नहीं क्यों पर निहारिका ने यह कह दिया जो वह कहना नहीं चाहती थी जबकि वह बस होने भर से दोनों को डरा देगी

निहारिका तोह गीता के निकलते hi पन्नी पीने निकली थी पर गीता को ऐसे जाता देख वह भी उसके पीछे आ गयी और चिप कर साडी रससलीला देख ली

राज और गीता के चेहरे का रंग hi उड़द गया था

राज तोह फिर भी ठीक था पर गीता तोह दर के मारे काँप रही थी उसने राज के हाथ को कस के पकड़ लिया था

Raj:*didi आप कब से यहाँ

राज यह पका करना चाहता था निहारिका यहाँ कब आयी जबकि उससे लग गया था हालत देख के वह पहले से hi यहाँ पर है

Niharika:*just अभी आयी हु

निहारिका की बात सुन्न गीता थोड़ी रिलेक्स होती है वही राज थोड़ा मुस्कुरा देता है

Geeta:*didi प्लस आप रुकिए ना मैं ले आती हु मुझे ाचा नहीं लगे गए आप जाये प्लस

Niharika:*acha ठीक है जा

गीता वह से निचे चली जाती है अब छत पर निहारिका और राज रह गए थे

Raj:*aap पीछा कर रहे थे मेरा

Niharika:*tujhe दर और शर्म नहीं लगा निचे सब है कोई देख लेता तोह

Raj:*kya होता मेरी शादी जल्दी हो जाती वह भी ाचा hi है

Niharika:*hammmm

Raj:*apko मेरा और गीता का किश कैसा लगा

Niharika:*raj की बात से घबरा) कककक क्या बोल रहा है मैंने बोलै ना मैं अभी आयी थी

Raj:*mujhe और आपको पता है सच क्या है

Niharika:*bas गीता को ऐसे चिप कर जाते देखा तोह देखने आ गयी फिर यह सब हो गया

Raj:*toh चले जाते ऐसे किसी को प्यार करते देखना गलत नहीं है

Niharika:*pyar अगर रूम में करते तब मैं देखती तोह गलत होती ऐसे बहार में करो गए तोह मेरी क्या गलती होगी

Raj:*achaa ठीक है सॉरी दीदी पर अपने बतया नहीं कैसा लगा किश आपको

Niharika:*(chid कर) मुझे कैसे पता होगा कर तोह तुम दोनों रहे थे ना

Raj:*haa मगर देख कर भी ाचा या बुरा लगा होगा.... हां अगर फील hi करना है तोह मैं किश कर के बात सकता हु

निहारिका राज की बात पर आखे बहार निकल लेती है पर कहती कुछ नहीं और बोलती भी तोह क्या बोलती पर इन् के बिच और बात होती तब तक गीता चाय लेकर आ जाती है

Geeta:*didi चाय लीजिये

Nihairka:(chai पकड़) थैंक्स गीता

Geeta:*kya दीदी आप भी आप भी लीजिये

Niharika:*tum दोनों साथ में अचे लगते हो पर गीता तुम्हे पता है ना संजना भी मतलब

Geeta:*janti हो दीदी और यह मेरे लिए मुश्किल भी था पर अब नहीं जानती हो दीदी सबसे पहले राज को शेयर करने को वही राजी हुयी थी एक दिन मैं खुद उसके पास रोने गयी थी उसने मेरा मजाक नहीं बनता बल्कि टाइम लेकर राज का ाचा सोचने को कहा... सायद उस से ज्यादा प्यार मैं भी राज को नहीं कर पाओ गयी वह किसी भी हद्द तक जा सकती है राज के लिए जो कर मैं भी सकती हो पर संजना ने इस चीज़ को प्रोवे किया है... पैसे की तोह कोई कीमत hi नहीं मानती वह चाहती तोह मुझे कभी नहीं आने देती और राज इस में तड़पता रहता पर उस ने राज का दिल समझ दोनों को साथ रहने को कहा

Niharika:*kismat अछि है जो राज को तुम दोनों मिली हो फिर भी बहार मुँह मारे गए तोह इस बड़ा गधा मैं नहीं देख पाओ गयी अपनी ज़िंदगी में

Geeta:*yeh भला ऐसा क्यों करे गए और हम प्यार की कमी रहने देंगे तोह ना ऐसा करे गए

Raj:*acha गीता क्या तुम्हे लगता कभी मैं ऐसा करो गए

Geeta:*sapne में भी नहीं

राज गीता को निहारिका के सामने hi गले लगा लेता है जिस से गीता शर्मा जाती है वही निहारिका के आखो में अलग hi बेचैनी स थी

Niharika:*kuch तोह शर्म करो मैं भी हो यहाँ

Raj:*just गले लगया है दीदी कुछ कर थोड़ी रहे है

Niharika:*kuch भी कर रहा हो चलो गीता निचे रात बहुत हो गयी है सुबह जाना भी है चलो अब

गीता का दिल तोह नहीं था पर इस तरह निहारिका के कहने से उससे जाना पड़ा पर राज ने भी हस्ते हुए जाने दिया सायद वह भी कुछ ना कुछ समझ रहा था

थोड़ी देर बाद राज भी उनके जाने के बाद निचे जाकर सो जाता है

.

.

सुबह सभी त्यार हो निचे हॉल में थे संजना के पापा यशवंत भी आ गए थे सब के आ जाने के बाद राज के पापा सब को निकलने को कहते है क्योकि महल से भी राज की मम्मी का भी फ़ोन आ गया था

सभी कार में बैठ जाते है लम्बे सफर के लिए जिस में ज्यादातर सो hi रहे थे सिर्फ कार चलने वाला और आगे बैठे हुए को छोड़ दिया जाये

सभी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे जल्द से जल्द गोअन पोछने का ताकि सब से मिल सके

************

आज महल में सब सुबह जल्दी उठ गए अंचल तोह आज खुद रसोई में खाना बना रही थी क्योकि उसके हाथ के बनने खाने की तारीफ राज के पापा से लेकर खुद राज ने की थी

वही अंचल का साथ इस में नैना और संजना दे रही थी

रश्मि को तोह यहाँ की राजकुमारी घोसित कर दिया गया था तोह वह रिलेक्स अभी भी सो रही थी

महल के बाकि रूम की सफाई नौकर कर रहे थे

हर जगह afra-tafri थी और होती भी क्यों नहीं आज इस महल का राजा जो आने वाला था सब अपनी hi ख़ुशी में खुश थे
 
अपडेट NO 70

आज महल में सब सुबह जल्दी उठ गए अंचल तोह आज खुद रसोई में खाना बना रही थी क्योकि उसके हाथ के बनने खाने की तारीफ राज के पापा से लेकर खुद राज ने की थी

वही अंचल का साथ इस में नैना और संजना दे रही थी

रश्मि को तोह यहाँ की राजकुमारी घोसित कर दिया गया था तोह वह रिलेक्स अभी भी सो रही थी

महल के बाकि रूम की सफाई नौकर कर रहे थे

हर जगह afra-tafri थी और होती भी क्यों नहीं आज इस महल का राजा जो आने वाला था सब अपनी hi ख़ुशी में खुश थे

अब आगे.............

एक लम्बे सफर के बाद आखिर कर मंजिल आ hi गयी जिसे पाना चाहते थे राज और उसके परिवार जिसके लिए सुबह निकले थे

सभी जब इस सिटी के अंदर घुसे थे तोह इसकी चमक आखो के सामने थी हर कोई बड़े चाव के साथ बहार देख रहा था

राज के पापा की आखो में ासु थे वह आज एक ारसे के बाद यहाँ आया था जहा उसका बचपन बिता था आधी जवानी गुजरी थी

उससे वह सब दर्द भी याद आते है जो उसके साथ उस गोअन के साथ जुड़े थे वह ना चाहते हुए उन् में डुब्ब रहा था के उसके कंधे पर उसकी पत्नी दिया का हाथ आ गया

Diya:*apne आप को संभलिए

र papa:*mera फ़ोन दो

राज के पापा अपना फ़ोन ले सबसे पहले अंचल को कॉल करता है

Anchal:*varu तुम कब आओ गए और कितना वक़्त लगे गए

र papa:*anchal मैं पॉच गया हु पर यहाँ आने के बाद वह सब याद आ रहा था जिसे भूल गया था मैं घर जाना चाहता हु पहले

Anchal:*teek है आप घर चलिए मैं भी सबको लेकर आती हो वह

र papa:*par......

Anchal:*naina और रश्मि को भी अपने दादा दादी का घर देखना चाहिए उनका भी हक्क है उन् याददो पर

र papa:*acha ठीक है

उसके बाद राज के पापा फ़ोन रख राज को भी अपने पीछे आने को कहता है क्योकि सबसे आगे उनकी hi कार थी तोह वह घर की हो जाता है उसके बाद राज की कार हो जाती है उसके पीछे यशवंत की कार हो लेती है

सभी दोनों तरफ हरे भरे खेतो को पार कर रहे थे वह अब थोड़े सेहर से बहार आ गए थे सभी के आखो के सामने एक खेतो के बीचो बिच एक आलीशान महल जैसी कोठी दिखयी दे रही थी

अर्जुन और वरिंदर दिया तोह जानते थे यह घर किसका है पर बाकि सब को लग रहा था यह महल है जो की महल जैसा लग रहा था

राज के साथ इस वक़्त गीता गीता की मम्मी निहारिका बैठी थी वही पहली कार में अर्जुन और उसकी पत्नी वरिंदर और दिया थे

लास्ट कार में यशवंत hi था

थोड़ी देर बाद सभी उस महल जैसे घर के आंगन में कार कड़ी किये हुए थे पर यहाँ तोह महल जैसी सजावट नहीं ना ज्यादा लोग थे

Geeta:*kya यह महल है दीदी

Niharika:*nhi यह हमरा घर है

Raj:*whattt.......

Niharika:*itna चौंक क्यों गए यह हमरा घर hi है यही तोह मैं और पापा रहते थे और तुम्हरे पापा भी बचपन से यही रहे है दादा दादी जी ने इससे बड़े प्यार से बांया था तुम्हे क्या लगा हम राजा से काम थे क्या. . . इसी लिए तोह तुम्हरे पापा से रानी की बेटी यानि बड़ी मम्मी की शादी हुयी थी हलकी मुश्किल तोह हुयी थी पर अपना रुखस देख शादी हो गयी

Raj:*itna बड़ा महल जैसा घर होगा मेरा सोचा नहीं था और फिर सब छोड़ क्यों दिया

Nihairka:*jab कोही दौलत होती है राज वही दुसमन भी होते है

Raj:*main समझा नहीं समझ जाओ गए राज महल जाने के बाद

राज निहिरका की बातो का मतलब समझ नहीं पता वही आंगन में एक कार आती जिस में से संजना नैना रश्मि और अंचल निकलती है जिस पाकर से राज हैरान था उसी प्रकार नैना और रश्मि हैरान थी क्योकि अंचल ने बात दिया था के वह उनके घर जा रहे है

वही अंचल की आखो में भी हलके ासु थे यह वही घर था जहा वह पहली बार दुल्हन के रुप्प में आयी थी

राधा तोह कार से उतारते राज के भाग ली साथ में रश्मि भी थी दोनों ने राज को गले लगा लिया राज भी अपनी इन् नन्ही परियो से बहुत प्यार करता है यह उसकी आखो में हलके आसुओ से पता लग रहा था

Raj:*kya हुआ गुड़ियों को

राधा एंड rashmi:*hamne आपको बहुत मिस किया भैया

Naina:*mujhe भी मिलने देगी भैया से

Rashmi:*lijiye मिल लीजिये

Radha:*aap भी मिल लीजिये दीदी हम तोह भैया से दूर नहीं होने वाली थी पर आपके लिए दूर हो गयी

Naina:*(gale मिलते हुए धीरे से) यह सब आपके सामने फिक्की है बहुत ज्यादा मिस किया भैया ी रियली मिस यू

नैना वही लड़की थी जो उस से लड़ती रहती थी पर अब वह राज से दूर रहने का सोच भी नहीं सकती थी वही राज इस प्यार के बारे में सोचा नहीं था के कभी उससे नफरत करने वाली लड़की के दिल में इतना प्यार, छुपा होगा

Raj:*maine भी बहुत मिस किया नैना तुम सब को

Rashmi:*didi भाभी भी है उनसे भी मिल लेने दो भैया को

रश्मि की बात से जहा सब हसने लगते है वही संजना शर्मा कर अपने पापा से मिलने और अपनी सास से मिलने चली जाती है वही रश्मि की यह बात नैना को बहुत तकलीफ देती है वह राज को ना छोड़ और जोर से गले लगा लेती है

र papa:*chlo सब अंदर

Arjun:*bhaiya आप और भाभी यहाँ इतने सालो बाद आये है सबसे पहले आपके hi कदम अंदर जाने चाहिए

र papa:*parr.....

Chachi:*apne सही कहा प्लस भाईसाब और दीदी आप दोनों के कदमो की कमी यहाँ बहुत खली है आप तोह इनके लिए बागवान है भाईसाब

र papa:*(bhai को गले लगा) यह मेरी सबसे बड़ी ताकत है इस से दूर रहना मुश्किल था पर रहना पड़ा मुझे माफ़ करदे मेरे छोटे भाई

Arjun:*apki मज़बूरी और वह कसम थी भैया नहीं आप हमरे बिना ऐकले कहा रहते

इस पर राज के पापा कुछ नहीं बोलते और दिया का हाथ पकड़ के दरवाजे के पास आते है तोह दिया खुद hi पीछे मदद अंचल को देखती है जिसकी आखो में ासु थे

Diya:*didi आप भी आइये इस में आपका भी हाथ है

अंचल कुछ नहीं बोलती चुप रहती है तभी वरिंदर यानि राज के पापा भी पीछे कुद्द के देखते है

र papa:*tum भी आओ अंचल

राज के पापा के कहने के बाद अंचल हलके कदमो से आगे बढ़ती है और साथ आ जाती है तीनो एक साथ आगे बढ़ते है

यह देख राज को बड़ा ाचा लगता है

उसके बाद सभी घर के अंदर आ जाते है बड़ा हॉल था जहा पर तस्वीरें लगी थी अर्जुन सभी बचो को अपने बजुर्गो से मुलाकात करने लगते है वही राज के पापा और संजना के पापा आपस में बार करने लगते है

खाने पीने की यहाँ पर अभी विवस्ता नहीं थी इस लिए राज के पापा सब राज महल जाने को hi कहते है

उसके बाद सभी वह से चाय पी निकल लेते है राज महल जिसे देखने की लालसा राज को बहुत थी क्योकि उसके माँ ने कहा था वह का राजा है वह

जब 20 मिंट बाद पोछे तोह सभी के आते hi बंद बजा बजने सुरु हो गए जितना सायद रश्मि या अंचल पर भी नहीं बजा होगा

सायद इस महल वरिष्ठ आया है इस लिए

आज तोह सारा गोअन और आस पास के गोअन भी आये भी थे सभी हाथ जोड़े हुए थे तभी उसके कार का ऊपर वाला सीसा खोल दिया क्योकि आते हुए अंचल ने उससे अपनी कार में बिठा लिया था और उसकी कार जो उसके पापा चला रहे थे

Anchal:*beta बहार निकलो और सबका अभिनन्दन लो

Raj:*mummy यह सब.... मुझसे नहीं होगा

Anchal:*Mujhe पता तू ज़िम्मेदारी से नहीं भागता.... तू मेरा राजा बीटा है और मैं तुझे आज राजा देखना चाहती चल अब मैं साथ हु ना

राज अपनी माँ कहने पर बहार आ जाता है पर जैसे hi बहार आता है उस पर लोग दूर से hi फूल बरसाने लगते है

उसके नाम की जय जय कर होने लगती है उससे विस्वास नहीं हो रहा था आज ले वक़्त भी लोग राजा महाराजा को मानते होंगे और इतना बड़ा सवागत उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था

इन् सब में उसके हाथ अपने आप ऊपर हो गए सबकी का प्यार और सामान स्वीकार करने के लिए

यहाँ से महल जाने में पुरे 10 मिंट लगे जहा ढोल से सवागत किया गया

राज महल की सुंदरियों डरा उसकी आरती उतरी गयी तिलक किया गया मलये पहनाई गयी तभी वह पर एक पंडित आ गया

Anchal:*beta इन्हे परनाम करो यह हमरे वन्स के पुजारी है जब से हमरा खंडन है तब से इनके खंडन से hi सब सुबह करम किये है

Pujari:*hye माता मुझे पापी मात बनिए भगवन को जुका कर इस महल इस राज्ये को आपकी जरूरत थी आप आ गए राज महल की रौनक बढ़ गयी आपके चेहरे का तेज़ और आपके किस्मत की लकीरे बता रही है इस महल और राज्ये का उधर होने वाला है

राज कुछ नहीं बोलता बस निचे झुक कर परनाम कर देता है वह पुजारी भी दोनों हाथ सर पर रख राज को आशीर्वाद देता है

Pujari:*beta यह कपडे बदल लो यह कान्ये तुम्हे नेहला कर नए वस्त्र दे देंगे तुम्हे उन्हें पहन कर त्यार होना है फिर तुम्हरा आज hi राज तिलक किया जाये गए आज 2पं तक hi सुबह मुहरत है तोह ज्यादा लेट मात करना

पुजारी डरा यह कहना यह लड़किया नेहला देंगी राज और उसकी बहाने समेत गीता और संजना की भी आखे बहार आ जाती है

Raj:*mujhe कपडे दे दीजिये मैं नाहा लगा

र papa:*aisa नहीं हो सकता राज यह परंपरा है इससे ऐसे hi निबई जा सकती है और यह लड़किया hi खास जाल और तालाब में नेहला सकती है

Raj:*yeh आप क्या बोल रहे है मैं इनके सामने कैसे और मैं इस तरह नहीं मुझसे यह नहीं होगा और जरा संजना और गीता का तोह सोचिये

Anchal:*beta यह रसम है जिसे तुम मन नहीं कर सकते और वह सिर्फ निगरानी रखे गयी उन्हें भी तुम्हे हाथ लगाना अल्लोव नहीं है

Raj:*par मम्मी यह मुझसे नहीं होगा

Radha:*chhod द्जिये ना मम्मी अगर भैया कह रहे है

Anchal:*koi और ूप्ये बातये पंडित जी

Pujari:*aur कोई ूप्ये नहीं है और है तोह वह यह और नहीं कर पाए गए

Anchal:*kya मतलब

Pujari:*isse फिर आपको नहलाना होगा बिलकुल उस बचे की तरह जैसे एक माँ अपने बचे को बचपन में नहलाती है

अब तोह सबकी hi आखे बड़ी हो गयी यह किसी को नहीं पता था जो पहले वाली रसम भी जानते थे

Raj:*mummy यह क्या उत् पतंग रसमे है

Pandit:*beta जनता हु तुम नए जमने के बचे हो पर जो सच है उससे बदल नहीं सकते

Naina:*toh भैया को राजा hi नहीं बनाते है बार करते है

Diya:*tu चुप कर पागल लड़की कुछ भी बोल देती है और बीटा तेरे मैं में अगर खोट नहीं है तोह कोई किसी हालत में हो फर्क नहीं पड़ता और फिर तेरी पत्नियों को तोह पता hi है क्यों नेहला रहे है

Raj:{haar मान) ठीक है तोह यह लड़किया hi नेहलाये गयी

उसके बाद किसी से नज़र नहीं मिलता और खुद चल देता है अंदर जिधर वह कान्ये पहले hi जा रही थी

बाकि सब इधर महल घुस हल में रह जाती है तोह रश्मि सब को ले जाती है अपने रूम में रूम दिखने साथ hi लग जाती है महफ़िल ऐसी की सोच नहीं सकते

Radha:*aaj भैया की हालत पतली होने वाली है

Rashmi:*yeh सही कहा अपने दीदी

Naina:*yeh बोल रहे हो दोनों समझ है पता नहीं कैसी लड़की होगी सभी

Geeta:*mera तोह उस पंडित का मुँह तोड़ने का दिल कर रहा था ऐसा कोण सा रूल होता है

Sanjana:*mujhe तोह आंटी का सोच रही थी उन्हें कैसे बोल दिया वह करने को

Naina:*badi मम्मी करती तोह मुझे कोई टेंशन नहीं थी वह उनकी मम्मी है पर लड़किया थोड़ी कोई लगती है

Rashmi:*yar रिलेक्स भैया ट्रस्टेड है वह कुछ नहीं करे गए ी क्नोव

तभी बहार से निहारिका भी आ जाती है जो बहार थी

Niharika:*haa हमसे ज्यादा तोह तू hi जानती है राज को

अब रश्मि का चेहरा टमाटर जैसा हो गया क्योकि निहारिका किस तरह के जानने की बात कर रही थी वह बढ़िया से जनता था

Radha:*didi भैया पर मुझे पूरा ट्रस्ट है

Naina:*didi वह मुझे भी है पर इन् लड़कियों पर नहीं है और फिर चाकू खरबूजे पर गिरे या खरबूजा चाकू पर नुकसान तोह खरबूजे का होगा

रश्मि:* टेंशन कुछ ज्यादा hi ले रहे हो तुम सब मैं जा रही हो त्यार होने आप भी त्यार हो जाइये

Sanjana:*jo होगा वह बात देंगे चलिए त्यार होने

उसके बाद सभी वह से त्यार होने चले जाते है पर सभी लड़कियों के दिमाग में यह चल रहा था वह क्या चल रहा होगा क्या कर रहा होगा राज क्या नुदे होगा पूरा राज क्या उन् लड़कियों ने कुछ किया होगा

.

.

.

.

मला के घर पर लगातार घंटी बज रही थी पर कोई फ़ोन नहीं उठा रहा था

दो तीन बार जाने के बाद आखिर कर फ़ोन उठा hi लिया गया जो की खुद मला ने उठाया था

Mla:*pata नहीं सेल कहा मार जाते है जो फ़ोन भी नहीं उठा सकते

Mla:*(phone पर) hello

दूसरी tarf:-sale मर्दरछोड तूने कहा था यहाँ कभी वह वरिंदर नहीं आये गए पर तेरा बाप यहाँ अपने घर और राज महल दोनों जगह है उसका बीटा राजा बनने के लिए तिलक लगवाने वाला है

दूसरी तरफ वाले की बात सुन्न कर मला की भी हवा टाइट हो गयी उससे नहीं पता था वरिंदर भी गोअन जा रहा है उससे तोह इतना पता था अंचल गोअन में है और वह उससे जल्द hi वह से निपट लेंगे

Mla:*mere भाई मुझे नहीं पता था वह गोअन आने वाला है सच में और उसने तोह ना जाने की कसम खायी थी फिर कैसे चला गया

दूसरी tarf:*betichhod यह काम तेरा था पता करने का मेरा नहीं अगर उससे पता लगा कुछ तोह ना तू ज़िंदा रहे गए ना मैं दोनों को मार देगा वह दौलत तोह भूल जा

Mla:*nhi ऐसा नहीं हो सकता क्या वह.......

दूसरी tarf:*zinda है पर लाश की तरह मैं जनता हु वह मेरे घर नहीं आये गए पर उस तोह बात चली गयी तोह

Mla:*mere भाई कैसे जा सकती है तू ऐसे दर रहा है अफवाह फैला दे तूने उससे विदेश बेझ दिया या वह खुद विदेश चली गयी

दूसरी tarf:*haa अब यही करना होगा

Mla:*iss बहनचोद का भी कुछ करना होगा मैंने सोचा लोहा पड़ा पड़ा जुंग लग गया होगा पर नहीं सेल ने मेरे बेझे गुंडों को चुन चुन कर मारा है

दूसरी tarf:*tum दोनों चुटिया हो सालो तुम दोनों भाइयो से ना अंचल संभाली गयी ना वरिंदर मैं hi देखता हु दोनों को

Mla:*tu ताकत जनता है उसकी और फिर अंचल तोह हमरे पास hi थी हमरे वास में पर साली का अपने बेटे के लिए प्यार यह सब करा गया

दूसरी tarf:*yeh सब तुझसे नहीं होगा मुझे hi करना होगा पहले की तरफ

Mla:*matlb

दूसरी tarf:*apne डरा पीठ में चुरा आराम से घोपा जा सकता है और मज़े की बात उस पर जल्दी सक्क नहीं नहीं होता अब ना रहे गए नया राजा ना राजा का बाप

Mla:*dhyan से भाई

दूसरी tarf:*tu फ़ोन रख चूतिये

मला शर्मिदा हो फ़ोन रख देता है वही दूसरी तरफ वाला आदमी सोच में पड़ जाता है वह क्या करे
 
थैंक्स दोस्त आपके सपोर्ट के लिए रही बात गलतियों की तोह दोस्त क्लियर करना चाहुगा इस खांनी को ष्प पर भी सुरु किया गया था जहा पर प्लाट अलग था और फिर उसका बैकअप नहीं मिला जिस वजह से यहाँ नए प्लाट के साथ सुरु किया पर कही न कही उस खांनी की झलक इस में मिल जाती थी जैसे

1. नैना उस वक़्त राज से बड़ी थी पर इस में छोटी है

2. राज की बहिन एक थी पर इस में दो है

3. उस में मैजिक था इस में इस प्रकार का कोई सीन नहीं है

इस तरह के कई चीज़ थे जो दोनों को अलग कर देते है और थोड़ी प्रॉब्लम इस वजह से भी हुयी है के यह स्टोरी काफी बार कंटिन्यू नहीं हो लगातार

सो यह सब जो गलतिया है लास्ट में पढ़ कर ठीक कर दुगा क्योकि अभी किया तोह बहुत ज्यादा टाइम लग जाये गए

आप फीलिंग को समझे उसके लिए थैंक्स

अपडेट आज आये गए
 
अपडेट no 71

दूसरी tarf:*yeh सब तुझसे नहीं होगा मुझे hi करना होगा पहले की तरफ

ना

a:*matlb

दूसरी tarf:*apne डरा पीठ में चुरा आराम से घोपा जा सकता है और मज़े की बात उस पर जल्दी सक्क नहीं नहीं होता अब ना रहे गए नया राजा ना राजा का बाप

Mla:*dhyan से भाई

दूसरी tarf:*tu फ़ोन रख चूतिये

मला शर्मिदा हो फ़ोन रख देता है वही दूसरी तरफ वाला आदमी सोच में पड़ जाता है वह क्या करे

अब आगे..........

राज को एक तालाब के पास ले आये तालाब में गुलाब के फूलो से सज्य गया था हर जगह तेज़ गुलाब की महक आ रही थी

राज तोह इस खुशबू में खो गए तभी दो लड़किया के पास आ गयी

Ladki:*sarkar आप अपने कपडे उतर दे और इस पवित्र तालाब में इष्णन करे

Raj:*teek है तुम जाओ मैं कर लगा

Ladki:*maaf करना राजा साब हम आप को छोड़ नहीं जा सकते यह हमरा फ़र्ज़ है... आप बस कपडे उतर अंदर चले जाइये आपको कोई हाथ नहीं लगये गए ना कोई देखे गए

लड़की 2:-*बहार को बोलै सायद आपको तंग करने को बोलै पर ऐसा कुछ नहीं होगा आप बस नाहा लीजिये हम इस इशनान घर रखवाली करे गए के आप को नाहटा हुआ कोई ना देख ले ना कोई आये

राज यह बात सुन्न थोड़ा निश्चित होता है के कोई उससे नहीं देखे गए नंगा वह भी कपडे उतर देता है और नाहने लगता है

नाहा के वह पास के मंदिर में पूजा करता है और अपने दिए हुए कपडे पहन लेता है

Raj:*mera हो गया...

उसके बाद वह लड़किया कुछ सिंगर करती है उसके बाद आग पीछे हो राजा को राजदरबार में लेती है

सभी दरबार आते है तोह वह पहले से hi पहले से मजूद थे सब खड़े हो नए रहा का सवागत करते है

राज के आने के बाद मंतर पढ़ते है और बाकि रसम पढ़ते है और फाइनल उनका raj-avishek करते है

राज को अजीब लगता है पर ाचा लगता है और सब कुछ होने के बाद सभी को पार्टी में शामिल किया जाता है

राज के साथ इस वक़्त भीमा राज की माँ अंचल और साथ में राज के पापा वरिंदर और साथ में छोटी माँ दिया थी

Papa:*raj आज तुम यहाँ के राजा हो और इसका मतलब समझ लेना बहुत जरुरी है

Raj:*kya हुआ पापा

Anchal:*beta राज अविषेक कर लेना मतलब इतना hi नहीं होता राज गाढ़ी पर बैठना इसका मतलब है तुम्हे हर किसी के दुःख दर्द को अपने पर लेना होगा खुद से दूर करना होगा अपने से पहले दुसरो की पहले सोचनी होगी

Raj:*main समझ गया पापा आप सब मुझे रास्ता दिखना मई त्यार हो पापा और माँ

Diya:*beta मैं कभी नहीं चाहती थी तू इस ज़िम्मेदारी को ले पर क्या करो तुझ से ज्यादा कोई भी नहीं समझदार इस ज़िमेदारी को लेने वाला

Raj:*maa और छोटी माँ मैं आप सब का विश्वास नहीं टूटने दुगा

Pandit:*beta तुझे एक बात बात रहा हु अपने अनुभव से के तुम्हरे इस गाढ़ी को लेने के साथ दुसमन भी पैदा होंगे तुम्हे सुचेत रहना होगा

Raj:*ji पंडित जी मैं समझ रहा हु... पर मैं कैसे इन् सब से बचो मैं आपसे जानना चाहता हु

Pandit:*beta इस दुनिया में सबसे बड़ी गलती होती है अपने और गैरो को पहचाने में और तुम यह गलती नहीं करना अगर पहले के राजा का अनंत हुआ था तोह इसी वजह से हुआ था

Raj:*teek है पंडित जी मैं संभल लगा मम्मी पापा और छोटी माँ क्या मैं सच में काबिल हो या नहीं

Anchal:"tujhse ज्यादा कोई नहीं है काबिल मेरे बेटे

Papa:*haa बीटा तू लायक है इस सब के मुझसे कही ज्यादा

स maa:*tu तोह मेरा हीरो है बीटा तुझसे ज्यादा कोई प्यार नहीं कर सकता किसी को फिर यह तोह तुम्हरी खुद की परजा है

राज सब के आशीर्वाद लेता है उस के बाद बड़े बड़े जो इस स्टेट और गोअन के लोग और ज़मींदार है सब से राज मिलता है यह प्रोग्राम 30 मिंट चलता है उसके बाद सब ज़िम्मेदारी अपने पापा और चाचा पर छोड़ खुद चल देता है अपने प्यार और बहनो की तरफ जो कब से अपनी बरी और राज का इंतज़ार कर रही थी

Naina:*apko अब वक़्त मिला है हमसे मिलने का.... हमरी सबसे लास्ट में बरी आती है क्या... हआ क्यों नहीं आये गयी नयी नयी लड़किया जो नेहला रही है

राज नैना की बात सुन्न मुस्कुरा देता है

Radha:*bhaiya आप मुस्कुरा रहे है पर हम्मे ाचा नहीं लगा वह सब और फिर सब से बाद में हमसे मिलने आये

Raj:*tum चारो कुछ नहीं बोलो गयी आप भी बोल लीजिये फिर मैं बोलो हां

Rashmi:*mujhe भरोसा भैया आप बड़े हैंडसम लग रहे हो आज और आपको इतने बड़े बड़े लोगो के साथ देख बात नहीं सकती हम्मे ख़ुशी हो रही है

Sanjana:-mujhe आप पर भरोसा है कुछ गलत नहीं करो गए पर जिस दिन किया मेरा मारा मुँह भी देखो गए बोल देती हो

Niharika:*tum यह सब क्यों बोल रही है इस ने ऐसा किया तोह संजना

Geeta:*nhi करे गए हमरा प्यार नहीं करने देगा

Raj:*ab अगर सबका हो गया हो तोह मैं कुछ बोलो

Sabhi:*bolo. ..

Raj:*sabhi देवियो से पहले माफ़ी मांगता हु देरी से आया हु क्योकि तुम सभी जानती हो यहाँ पर जो है आज के लिए है आप हमेसा के लिए आप की वैल्यू काम नहीं है पर मेहमान है कुछ तोह आदर करना होगा ना... दूसरी बात मुझे किसी ने नहीं नहलाया वह जस्ट मजाक था

Sabhi:-jhoot....

Raj:*tum सब की कसम यहाँ तक की उनहोंने ने मुझे देखा तक नहीं वह तोह इस लिए थी के कोई मुझे उस हालत में ना देख ले

Naina:*mummy ऐसा मजाक क्यों करे गयी

Raj:-sayad संजना और गीता से मजाक किया हो

Radha:*main मम्मी से पोछती हो ऐसा मजाक क्यों किया

Raj:*poch लेना अभी नहीं सबके जाने के बाद

Rashmi:*mujhe अप्प पर भरोसा था

Raj:rashmi को गले लगा) तू hi तोह मुझे सबसे ज्यादा प्यार करती है बाकि तोह सक्क करते है मुझ पर

Sabhi:*kya बोले आप

Raj:-ke तुम सब बहुत प्यार करते हो

Radha:*bhaiya मैं बहुत खुश हु आपके लिए

Niharika:*main भी खुश हु राजा

Raj:*thanx दीदी मुझे पता है आप सब खुश है

Rashmi:*chaliye खाना कहते है

उसके बाद सभी खाना कहते है मिल कर इस बिच राजा से कोई ना कोई मिलने आता रहा और उसकी प्रेमिका और बहने दुखी होती रही

तभी दरबार के गेट से कुछ लोग अंदर आते जिन्हे देख छोटो को फर्क नहीं पड़ता ना hi ीन्हो ने देखा था पर बड़े लोग जो देखे थे वह हैरान हो गए थे उन् में से सबसे ज्यादा हैरान होने वाले थे राज के पापा जिनकी आखो में ासु थे वही हलकी आखे नुम थे अर्जुन की भी पर सामने वालो में से एक की आखो में सामने देखते hi आसुओ की बारिश hi होने लगी

*********************

कनिका को पता लग गया था उससे मुँह की कहानी पड़ गयी है जिस से वह बेचैन हो गयी थी उससे समझ नहीं आ रहा था वह क्या करे वह अपने नरम नरम गलो पर लगते थपड मार रही थी जब तक की उससे गाल लाल नहीं हो गए

आखिर कार उसके हाथ थक्क गए और वह टूट के अपने घुटनो पर आ गयी

Kanika:*yeh दर्द.... यह जिलात मुझे तुमसे नफरत करने को कह रहे है राज पर तुम्हरी कुछ बाते तुम्हरे और खींच भी रहे है पर मैं तुम्हरे बर्बाद कर के रहो गयी तोह कर के रहो गयी

कनिका के अंतर्मन को बहुत ज्यादा ठेस पोची थी वह छह कर भी सेंट्रल नहीं कर पा रही थी

वह समझ नहीं पा रही थी वह आखिर चाहती क्या है

तभी उसके फ़ोन पर किसी का फ़ोन आता है जिसे वह पिक कर लेती है जैसे बहुत जरुरी है

Kanika:*kaha है वह अभी

Kanika:*teek है मैं आ रही हु वही

Kanika:*mujhe फर्क नहीं पड़ता अब बर्दास्त नहीं होता मैं पागल हो जाओ गयी

Kanika:*tum फ़ोन रखो बस

कनिका फ़ोन रख फटाफट अपना सारा सामान पैक कर लेती है

अगले 30 मिंट में सब कुछ कर के निकल लेती है अपनी कार लेकर एक अनजान सफर में उसका बदन टप्प रहा था

*****************

सभी बड़ो की आखे फैली हुयी थी के क्या करे वह कुछ समझ में नहीं आ रहा सब जानते थे के वह सकस आये गए पर इतनी जल्दी आये गए किसी को कोई उम्मीद hi नहीं थी

सामने एक सिंपल स श्री में एक लेडी कड़ी थी जिसकी खूबसूरती उसके दुखो ने धक् दिया था वह दिखने में ऐसे लग रही थी जैसे कभी मुस्कुरायी hi ना हो

उसकी आखो के ासु सबके आखो में ासु ला गया था जितने बड़े थे पर सबसे ज्यादा कोई टुटा था वह कोई नहीं राज के पापा वरिंदर थे वह तोह सामने वाले सकस को देख घुटनो पर आ गए थे

उनकी आखो में भी वैसे hi ासु थे जैसे उस सामने वाले सकस के आखो में थे

दोनों जैसे आज बहा देना चाहते थे अपनी आँख के हार कतरे हर ासु को जो भी उनकी आखो में था

बाकि बचे समझ नहीं पा रहे थे के आखिर हो क्या रहा है एक औरत सामने है यहाँ उनके ठीक सामने राज के पापा घुटनो पर बैठे रू रहे है

राज आगे बढ़ अपने पापा के पास आता है पर उसकी हिम्मत नहीं होती उन्हें जाकर उठा सके और फिर वह क्या करता उससे तोह कुछ मालूम hi नहीं था वह है कोण पापा ऐसे क्यों रू रहे है

वही उस औरत के साथ आयी एक 18 साल की लड़की अपनी माँ का कन्धा पकड़ लेती है जो की सकल से hi पता लगता था वह उसकी बेटी है उसकी भी आखो में ासु थे

जो राज नहीं कर पाया था अपने पापा के साथ वह वह लड़की कर गयी थी वही उस औरत के पीछे खड़ा सकस सब को देख रहा था उसकी आँख में ासु का एक कटरा तक ना था जैसे उससे ना इस औरत के रोने से फरक पड़ता है ना सामने वरिंदर के रोने से पड़ता हो

सब सोच में थे के क्या करे पर औरत जो अपनी बेटी के हाथ पड़ने से थोड़ी चुप हुयी थी अचानक कड़ी हो जाती है और अपनी बेटी का पकड़ कर वापस जाने लगती है

उस औरत को वापस जाता हुआ देख निचे बैठा रू रहा वरिंदर पूरी ताकत लगा के चिलता है

Varinder:*nhiiiiiiiii... इस बारररररर हीईई गुडियाआआ.... इस बाररररर तोह मात जाआ.... आआआह्ह्ह्हह्ह

इसी के साथ वरिंदर के साइन में दर्द होने लगता है और अपने साइन को पकड़ के ज़मीन पर लेट जाता है इस तरह ज़मीन पर गिरने से राज फटाफट अपने पापा के पास जाता है

Raj:*kya हुआ पापा क्या हुआ...

Anchal:*varuuu क्या हुआ

वह औरत भी जाते जाते रुक जाती है पीछे मदद के देखती है तोह एक दम से भागते हुए आ कर राज के पापा के हाथ को पकड़ लेती है

Aurat:*kya हुआ भैयाआ... भैया क्या हुआ कुछ बोलो ना

राज के पापा कुछ बोल नहीं पते पर बस इस औरत को देखते है जो सायद उनकी बहिन थी
 
अपडेट no 72

इसी के साथ वरिंदर के साइन में दर्द होने लगता है और अपने साइन को पकड़ के इन पर लेट जाता है इस तरह ज़मीन पर गिरने से राज फटाफट अपने पापा के पास जाता है

Raj:*kya हुआ पापा क्या हुआ...

Anchal:*varuuu क्या हुआ

वह औरत भी जाते जाते रुक जाती है पीछे मदद के देखती है तोह एक दम से भागते हुए आ कर राज के पापा के हाथ को पकड़ लेती है

Aurat:*kya हुआ भैयाआ... भैया क्या हुआ कुछ बोलो ना

अब आगे..........

सभी इस वक़्त हॉस्पिटल में थे हॉस्पिटल अंचल का था तोह किसी ने कुछ नहीं कहा इतने लोगो के आने से पर सबके चेहरे पर दर और दुःख साफ़ था पर कुछ लोगो के आखो में दर दर्द से कही ज्यादा गीले ासु थे

अंचल दिया वह औरत और राज के साथ साथ सभी बहनो के आखो में ासु थे पर राज ने अपने आप को मजबूत रखा हुआ था वह बार बार अपने ासु पॉच सब को संभल रहा था

आखिर कर थोड़ी देर बाद डॉक्टर बहार आ hi जाते है

सभी के पास डॉक्टर आ जाता है

Doctor:*rani जी अब उनकी हालत बेहतर है पर ज्यादा स्ट्रेस्ड फील नहीं होना चाहिए अभी छोटा हार्ट अटैक था ज्यादा डरने की बात है

Raj:*thanku सो मच अंकल

Aurat:*kya हम मिल सकते है....

Doctor:*filhal वह नार्मल है आप सब मिल सकते है बूत ज्यादा परेशानी नहीं होनी चाहिए अगर प्रॉब्लम होगी कोई तोह मुझे तभी बात दीजिये गए

Anchal:*teek है डॉक्टर

सभी राज के पापा के पास जाने लगे के तभी राज ने रोक लिया

Raj:*mummy मैं जनता हु यह जो औरत है सायद मेरी बुआ है क्योकि यह मेरे पापा को भैया कह रही थी बूत मुझे कुछ पता नहीं इसके बारे में पर अभी इनका मिलना जरुरी क्योकि पापा......

Arjun:*aisa सोचना भी मात राज कभी भूल से भी नहीं.... नाराज थी यह किसी बात को लेकर भैया से और दोनों दूर हुए अभी तुम्हे नहीं पता ज्यादा

Raj:*sorry चाचा पारर

Anchal:*jada मात सोचो राज.... और मैं तोह कहती हो पहले काव्य को hi जाने दो उनसे मिलने

Arjun:*apne सही कहा भाभी.... गुड़िया तू जा मिलने हम बाद में मिल लेंगे और तू रोना नहीं जानती है ना भैया को

Raj:*main ऐकले नहीं जाने दुगा इन्हे मैं साथ जाओ गए

राज की बात सुन्न सब बड़े उससे घूर रहे थे तभी एक आदमी बोल पड़ता है जो सायद उसका हस्बैंड था यानि राज का फूफा था

Raychand:*tu मेरी पत्नी को रोके गए मिलने से और काव्य तुम इनके लिए भागी चली आयी थी

Diya:*raj तू साथ जा गुड़िया के और गुड़िया तू जा राज थोड़ा नादाँ है और आप गुस्सा मात कीजिये बस राज को अपने पापा की परवाह है वह किसी को नहीं जनता

Raychand:*janta नहीं है तोह राजा क्यों बना दिया और तोह और एकलौती बहिन के बारे में भी नहीं बतया उन्होंने ने बस यही सुना तोह बाकि रह गया था चलो यहाँ से काव्य

काव्य कुछ नहीं बोलती आगे हो बस राज के चेहरे को पकड़ थोड़ी ऊपर हो माथे को चुम लेती है

इस चुम्भन से hi राज की आखे अतंगलानी में झुका दी पर काव्य राज का खुद हाथ पकड़ के रूम का दूर खोल अंदर चल दी

इंट्रोडसिंग गेस्ट:-

Kavya:-(bua) एक बेहद खूबसूरत औरत थी बेहद मासूम पर वक़्त और दुखो ने सायद इस चेहरे की खूबसूरती को बदल दिया था

रायचंद:- काव्य का हस्बैंड और बेहद घटिया किसम का इंसान... जहा उससे अपना फ़ायदा दिखे वह घुस जाता है.... गिरगिट कहना गलत नहीं होगा क्योकि वक़्त के साथ यह कोनसा रंग अपना ले कह नहीं सकते

Aradhya:-inn दोनों की बेहद खूबसूरत लड़की अपनी माँ की तरह अपनी मम्मी से बहुत प्यार करती है और हमेसा उनकी बातो पर चलती है

*********************

बैक तो स्टोरी.........

राज और काव्य दोनों अंदर आ जाते है

काव्य अपने भाई को बीएड पर लेता देख आखो को डगमगाने से रोक नहीं पति पर जल्द hi पॉच उनके पास बैठ जाती है और अपने दोनों नाजुक हाथो में उनके हाथो को पकड़ लेती है

Kavya:-(ruswayi हुयी आवाज में) भैया......

सायद यह दर्द यह रुस्वाई काफी थी वरिंदर की आखे खोलने को वह बहुत धीरे से अपने आखे खोल ुसस्स चेहरे को देखता है जिसे सायद उसने वर्षो से ना देखा था

बेसक उसने अपने बचो से नहीं मिल्या था ना इसके बारे में बतया था पर ऐसा कोई दिन नहीं था जब उस ने इसके बारे में सोचा नहीं था

अपनी मासूम स बहिन को सामने देख हलके आखे गीली वरिंदर की भी हो जाती है

Varinder:*mujhe माफ़ करदे गुड़िया माफ़ करदे

Kavya:*kuch मात कहिये भैया कुछ मात कहिये आप की गलती नहीं थी जो मैंने चाहा जो अपने चाहा वह सायद पूरा होने लायक था hi नहीं

Varinder:*tu समझदार हो गयी है गुड़िया पहले से पर यह उदासी में गुड़िया पर अछि तोह नहीं लगती

Kavya:*apki गुड़िया की हस्सी को दुखो और दर्द ने छिन्न लिया भैया अब तोह वर्षो हो गए इस चेहरे पर मुस्कान आये

Varinder:*kya मेरी गलती से यह हुआ....

Kavya:*meri किस्मत की वजह से हुआ वार्ना इस दुनिया में आपसे ज्यादा मुझे ख़ुशी कोण देने वाला था

Varinder:*tu मेरे बेटे से मिली

Kavya:-(Raj को देख) हां आप पर hi तोह गया है आपकी तरफ मजबूत परिवार को चाहने वाला... आपके जैसा चेहरा सब कुछ आपका hi तोह है ऐसा लगा जैसे आप hi 20 साल पीछे आ गए है

Varinder:*mere से भी बेहतर है यह गुड़िया क्योकि यह अपनी बहिन का दिल नहीं दुखता मेरी तरह

Kavya:*ssssshhhhh वह आपकी गलती नहीं थी उस सकस का मेरी ज़िंदगी में आना और मेरी ज़िंदगी को नरक बना के रखना आपकी गलती नहीं थी आप नहीं चाहते थे वह सब.... वार्ना आप माँ की मौत के बाद और मेरे साथ वह होने के बाद क्यों चले गए... आप तोह सायद उस दिन उससे ज़िंदा जला डालते पर मेरी किस्मत भैया छोड़िये ना मैं आपके दिए हुए हसीं पालो के साथ ज़िंदा रही... हर जगह डुंडी पर आप ना मिले... सच में भैया सच बहुत बार दिल किया ख़तम कर दू खुद... मिटा दू अपने अस्तित्व को पर क्या करो नहीं कर पा रही थी मैं वह भी ऐसा नहीं है मैं बुझदिल थी भैया पर चाहत थी आपसे मिलने की आपकी छाती पर सर रख कर सोने की फिर से आपसे ज़िद्द करने की.. आप से रूत जाने का फिर आपका मन्ना सब िन्नी बातो ने ज़िंदा रखा भैया मुझे ज़िंदा रखा पर देखिये आज जब आप मिले तोह मैंने आपको यहाँ ला दिया

Varinder:*meri गुड़िया यहाँ मैं इस लिए हु के मैं ना उस वक़्त कुछ कर पाया तुझे रोकने के लिए और आज भी तुम चली जाती तोह सायद क्या करता मैं

Kavya:-bhaiya मैं आपसे बहुत प्यार करती हु बहुत ज्यादा.....

काव्य अपने भाई के छाती पर साडी रख रोने लगी वही वरिंदर भी अपनी आखो में ासु लिए अपनी बहिन के सर को सेहला चुप करा रहा था

राज पास में खड़ा हलके आसुओ के साथ देख रहा था और सोच रहा था के क्या वजह रही होगी के एक बहिन अपने भाई से एक भाई अपनी बहिन से इतने प्यार के बाद भी बिछड़ गए क्यों आखिर क्यों पर अभी ना वह पॉच सकता था ना हालत पोछने वाले थे

थोड़ी देर रोने के बाद दोनों ने एक दूसरे को चुप करा दिया

Varinder:-gudiya तूने मुझे अपनी बेटी से नहीं मिल्या कैसी है वह क्या तेरी तरह है

Kavya:-halka मुस्कुरा) मिला दूगी पहले मैं अपने बेटे से तोह मिल लू जो आपकी तरह है... जानते है मुझे अंदर नहीं आने दे रहा था आपके पास

Varinder:-woh तुझे जनता नहीं है ना गुड़िया इस लिए ऐसा किया

Kavya:-janti हु और आपसे प्यार करता है इस लिए भी

इतनी देर से इनकी बाते सुन्न सब समझ जी गया था इस लिए अब राज hi बोलता है

Raj:-mujhe माफ़ कर दीजिये बुआ

Kavya:-beta तू माफी ना मांग मैं खुश हु के तू अपने पापा से इतना प्यार करता है मेरा बचा

राज अपनी बुआ के पेअर चुने लगता है तोह काव्य उससे अपने गले लगा लेती है

दोनों कुछ देर ऐसे hi गले लगे रहते है उसके बाद काव्य राज को दूर कर उसके पुरे चेहरे को चूमती है

Kavya:*mera प्यारा राजा बीटा

Varinder:-ab तोह बुला दे मेरी बेतिया से

Kavya:-main बोलती हु

काव्य बहार जा अपनी बेटी आराध्य को ले आती

Kavya:-beta यह तेरे बड़े मां है पेअर छू इनका अहीरवाद लेले

Varinder:-bilkul नहीं बीटा बेतिया घर का मैं होती है उनसे पेअर नहीं छुआ जाता तू मेरे पास आ

आराध्य अपनी मम्मी को देख फिर धीरे धीरे अपने मां के पास आ जाती है

Varinder:-meri प्यारी गुड़िया की मासूम गुड़िया है tu...(apni चैन निकल) इससे गले में पहन ले बीटा क्योकि अभी मेरे पास यह है ठीक होने दे अपने मां को फिर तुझे सब खुशिया दुगा

आराध्य अपने मां के गले लग जाती है

Aradhya:-mummy आपकी अक्सर बाते करती थी मैं हमेसा आपसे मिलना चाहती थी मां

Varinder:-beta मैं आ गया हुआ मैं अब हमेसा अपनी बची के पास रहुगा जा अपने भाई से भी मिल ले

आराध्य पीछे मुद कर राज को देखती है फिर डरा मां के गले लगा कर उठ जाती है

Aradhya:-mama भैया खुद मिले गए तब मिलो गयी अभी नहीं मिलो गयी

Varinder:-haa बीटा

उसके बाद सभी घर वाले आ जाते है सब हस्सी मजाक करते है पर जैसे hi लास्ट में एक सकस आता है उससे देख वरिंदर के जबड़े कस जाते है पर तभी काव्य अपने भाई का हाथ पकड़ लेती है

Kavya:-kuch नहीं बस कुछ नहीं भैया

जाने क्या मज़बूरी थी पर वरिंदर अपने आप को मुट्ठी बंद कर के रोकता है

तभी काव्य का हस्बैंड यानि रायचंद सामने आ जाता है

Raychand:-kaise है सलेशब मुझे माफ़ कर दीजिये सोचा नहीं था आप कभी यहाँ आओ गए हमने तोह तलाश भी की थी आपकी वैसे मुझे माफ़ कर दिया ना अपने वह पुरनी बाते थी पॉच लीजिये काव्य से मैंने इससे कोई तकलीफ नहीं होने दी है कभी

Arjun:-sabne माफ़ कर दिया है जीजा जी अभी सभी बहार चलिए डॉक्टर ने यहाँ ज्यादा बात करने से मन किया है और जीजा जी कुछ दिन गुड़िया हमरे पास रहे गयी

Raychand:-main तोह खुद रुकना चाहता हु जबतक सेल साब ठीक नहीं हो जाते आखिर मेरी वाइफ का सबसे प्यारा भैया है

अर्जुन अब क्या बोलता पर जैसे उनका रुकना वरिंदर का खून उबाल रहा था जो राज भी नोटिस कर रहा था पर वह कुछ नहीं बोलता है

यह साडी घटना राज भी देख रहा था पर वह कुछ नहीं बोलता है

थोड़ी देर बाद सब घर चले जाते सिवये राज के वह अपने पापा के पास रुक जाता है

सब के जाने के बाद वह पापा के पास बैठ जाता है

Raj:-papa अपने कभी बुआ के बारे ने बतया क्यों नहीं

Varinder:-beta अगर मैं तेरी बुआ के बारे में बात देता तोह तू मिलना चाहता इसी लिए मैं तेरे चाचा का भी नहीं बतया.... कुछ वजह थी इस लिए नहीं बतया

Raj:*main समझ सकता हु पापा कुछ बड़ी होगी पर क्या आपको नहीं लगता मुझे पता होना चाहिए

Varinder:-bilkul पता होना चाहिए बीटा पर तू यह समझ ले तेरी बुआ बहुत मासूम गुलाब है जिसे आज तक ज़ख़्म hi मिले है थोड़े दिन रुक मैं बात दुगा

Raj:-bua आप फूफा को देख गुस्सा क्यों हो रहे थे

Varinder:-mera परिवार से दूर रहना उसकी वजह से hi हुआ है

Raj:-kya उस से खतरा है पापा

Varinder:-beta वह इंसान के रूप में गिरगिट है जो वक़्त वक़्त पर रूप बदलता रहता है

Raj:*agar वह इतना कमीना है तोह अपने उससे रोका क्यों नहीं और फिर बुआ की शादी उस से क्यों होने दी

Varinder:-sab बात दुगा बीटा पर अभी नहीं तू मेरी गुड़िया का ख्याल रखना

Raj:-aap बस ठीक हो जाइये मैं सब ठीक कर दुगा अब रेस्ट करिये बुआ की टेंशन मात लेना मैं देख लगा

Varinder:-teek है बीटा जा तू घर में देख सब ठीक है और हां अर्जुन को बोलना वह तेरे फूफा पर नज़र रखे उस गिरगिट पर भरोसा करना मतलब बेवकूफी करना है......

Raj:-teek है पापा आप अपना ख्याल रखिये और टेंशन ना लीजिये गए

उसके बाद राज वह से घर के लिए निकल जाती है
 
अपडेट NO 73

Varinder:-sab बात दुगा बीटा पर अभी नहीं तू मेरी गुड़िया का ख्याल रखना

Raj:-aap बस ठीक हो जाइये मैं सब ठीक कर दुगा अब रेस्ट करिये बुआ की टेंशन मात लेना मैं देख लगा

Varinder:-teek है बीटा जा तू घर में देख सब ठीक है और हां अर्जुन को बोलना वह तेरे फूफा पर नज़र रखे उस गिरगिट पर भरोसा करना मतलब बेवकूफी करना है......

Raj:-teek है पापा आप अपना ख्याल रखिये और टेंशन ना लीजिये गए

उसके बाद राज वह से घर के लिए निकल जाती है

अब आगे.........

कनिका राज के गोअन पॉच गयी थी वह अपने आप को एक बार सीसे में देखती है फिर अपना फ़ोन लेकर एक नंबर दिल कर देती है

थोड़ी देर में वह फ़ोन पिक हो जाता है

Kanika:-hlo मेरी जान कैसी हो राधा

Radha:-kanika कैसी हो मेरी जान

Kanika:-main ठीक हो और मिस बहुत कर रही हो तुझे मुझसे रहा नहीं गया तोह सॉरी यार मैं बिना बातये तुम्हरे गोअन आ गयी जब घर से पता लगा तुम यहाँ पर हो

Radha:-toh पागल इस में सॉरी की क्या बात है मैंने भी मिस किया चल आजा इस से सिक्वे भी दूर हो जाये गए

Kanika:-haa मेरी जान मैं अभी आयी

Radha:-Tu ेक्लि hi आयी है ना तेरा भाई तोह साथ नहीं है

Kanika:-mere पापा और भाई कैसे है तुझे पता है ना और इस लिए तू मुझे भी गलत समझ रही होगी पर मैं ऐसी नहीं हु यार मैं तुझसे बहुत प्यार करती हु तेरे भैया से माफी मागि पर तू समझ hi सकती है किसी और की गलती का रिजल्ट मुझे मिल रहा है

Radha:-Tu यार छोड़ इन् बातो को यहाँ आजा फिर बात करते है

Kanika:-teek है आती हु

कनिका फ़ोन रख देती है और कार को स्टार्ट कर महल की तरफ कार बढ़ा देती है

Kanika:-Mr.raj मैं आ रही हु तुम्हे मैं छोडो गयी नहीं

कनिका के चेहरे पर चमक आ जाती है जैसे उससे नयी ऊर्जा मिल गयी हो

वह फटाफट वह पोछना चाहती है अगले 10 मिंट में hi वह वह पॉच जाती है कार को अंदर ले आती है गार्ड्स से राधा की बात करा देती है

कनिका महल को देख रही थी चारो और घूम कर इस महल को देख उसके चेहरे पर चमक देखने लायक थी

Kanika:-main रानी तोह बन्न के राहु गयी इसके लिए मुझे किसी भी हद्द तक जाना हो मैं जाओ गयी पर मेरा सपना कभी नहीं टूटे गए वह कहते है ना

"िफ़ यू वांट अचीव योर ड्रीम थें डोंट डाउट योर ड्रीम"

Kanika:-aur मुझे कोई सक्क नहीं अपने सपनो पर मैं उन्हें पा कर hi राहु गयी पा कर hi राहु गए

उसके बाद कनिका गेट के पास आ जाती है वही राधा भी अंदर से बहार आ जाती है जब सामने कनिका को देखती है

Kanika:-oh मेरी जान... ी रियली मिस ु जान

राधा भी कनिका को देख भाग कर गले लगा लेती है बेसक वह नाराज थी कनिका से बात hi हुयी थी पर वह यह भी जानती थी के वह उसकी एकलौती दोस्त थी जो बचपन से साथ थी

दोनों कस के गले मिलते है और दोनों एक दूसरे को गले लगा गुमने लगते है

थोड़ी देर बाद दोनों अलग होते है

Kanika:-Tu तोह यार यहाँ की रानी लग रही है मेरी जान

Radha:-yaha की रानी नहीं राजकुमारी हु मैं और भैया राजा

Kanika:-oh वाओ सुनने मैं कितना ाचा लग रहा है वैसे राधा तेरी फॅमिली मेरे आने से नाराज तोह नहीं होगी

Radha:-kuch नहीं कहे गए यार मैं हु ना तू चल अंदर

राधा उससे अंदर ले आती है जहा हॉल पर सब बैठे हुए थे सभी वह पर राधा के साथ कनिका को देख हैरान थे सब जानते थे कनिका कोण है और किस से क्या रिस्ता है

इन् सब में सबसे ज्यादा हैरान थी अंचल जो इस बात से परेशान थी के उसकी बेटी को जब सब पता है तोह इससे यहाँ क्यों ले आयी है

Anchal:-bacha तू इससे कहा से ले आयी और तुम्हरी हिम्मत कैसे हुयी इस महल में आने की

Kanika:-(aasu निकल) सॉरी आंटी जी वह क्या है के मेरे भाई और मेरे पापा और रमेश अंकल मेरा रपे करना चाहते थे मैं ेक्लि उनका कुछ नहीं कर सकती थी मैं वह से किसी तरह बच आयी पर कही जा नहीं सकती थी ना उस सेहर में रह सकती तोह राधा के पास आ गयी और आंटी पुलिस और पावर तोह सब पापा के पास है और हमरा रिस्ता ऐसा है के मैं कुछ नहीं कर सकती

कनिका तोह वही ज़मीन पर बैठ रोने लगती है वही सब का मुँह खुल गया था सब अपने अलग अलग कारन से परेशान थे और समझ नहीं पा रहे थे क्या कहे वही राधा उसके पास ज़मीन पर बैठ गयी

Radha:-tune मुझे बतया क्यों नहीं

Kanika:-kaise बाटी मैं कैसे मैं तुझे परेशान नहीं करना चाहती थी पर जब आंटी ने पोछा तोह बताना पड़ा

Naina:-tum झूट भी तोह बोल सकती हो

Kanika:-main क्यों झूट बोलो गयी और अपने hi पापा और भाई के खिलीफ़ क्यों

Radha:-naina यह सही बोल रही है क्योकि उस कमीने ने मेरा भी रपे करने की खोसिस की थी आपको बतया था ना आंटी

Arjun:-(gusse से जबड़े कस) तूने यह पहले क्यों नहीं बाटइ मैं उससे ज़िंदा नहीं छोडो गए

Yashwant:-arjun जी थोड़ा आराम से काम लीजिये

Radha:-chacha यह बात बहुत पहले की है और मैंने उससे सबक सीखा दिया था मैं कमजोर नहीं हु

तभी किसी और की आवाज आती है

Raj:-meri सहरनि बहिन कमजोर हो भी नहीं सकती के कुछ तात्पञ्जु उसका कुछ कर सके

राधा अपने भाई के पास आ जाती है और उसकी बाजु पकड़ अपने साथ कनिका के पास ले आती है

Radha:-bhaiya कनिका के साथ सैंडी और उसके पापा और उस रमेश ने रपे करने की खोसिस की

Raj:-(hairan हो) ाचा ऐसा क्या... तू परेशान ना हो मैं हु ना और बाकि सब भी रूम में जाइये मैं संभल लगा यहाँ

सभी राज को देख जाने लगते है वह पर सिर्फ उसकी दोनों मम्मी... उसकी बुआ.. नैना कनिका और राधा थे

Raj:-naina राधा और बुआ को रूम में ले जाओ मम्मी आप सब भी रूम में जाइये मैं ऐकले में कनिका से बात कर लगा राधा इससे कोई तकलीफ नहीं होगी

Radha:-bhaiya यह मेरी बेस्ट फ्रेंड जानती हु आप इस से गुस्सा है और इनके परिवार वालो ने हमरे साथ ऐसा किया है पर इस में इसका क्या कसूर

Raj:-bilkul मेरी गुड़िया मैं तोह कनिका से बात कर उससे संत करो गए

Anchal:-thoda ध्यान से राज

Raj:-main देख लगा मम्मी

उसके बाद सब ऊपर चले जाते है हॉल में राज और कनिका थे राज कनिका का हाथ पकड़ एक गेस्ट रूम में ले आता है और उससे बीएड पर बैठ देता

Raj:-toh अब बातो मुझे तुम के रंडियो का कब से रपे होने लगा

Kanika:-haste हुए) जब रंडियो की खुली छूट को छोड़ कर जाया जाने लगा

राज कनिका की हस्सी और बेवकी देख भड़क जाता है और सीधा अपने हाथो से उसके चेहरे को पकड़ लेता है

Raj:-behanchhod अब बात क्या लेने आयी है यहाँ

Kanika:-tera लुंड लेने आयी हु मुझे दे मैं चली जाओ गयी

Raj:-mujhe पता है तुझ जैसी रंडी की औकात अब मुँह खोल जल्दी से वार्ना मैं तेरा वह हज़ार करो गयी के तू याद रखे गयी

Kanika:-kya करो गए मारो गए या यहाँ से भगा डोज पर तुम ऐसा नहीं कर सकते फिर तुम अपनी बहिन को क्या जवाब डौगी और हां मैं यहाँ की रानी बनने आयी हु रानी

Raj:-(haste हुए) रंडियो को रानी नहीं बांया जाता क्योकि यह कोई खोता नहीं है

Kanika:-(tevar से) इस रंडी ने तुम्हे ना नचा दिया मेरा नाम भी कनिका नहीं

Raj:-haa क्योकि तेरा नाम रंडी जो है और रही बात मुझे नाचने की बात तोह यह तेरे बाप के बास की बात भी नहीं तोह तू तोह बची है

Kanika:-oh पता लग जाये गए बस थोड़ा hi इंतज़ार करना होगा

राज कुछ नहीं बोलता और वह से चल देता है वही कनिका मुस्कुरा देती है

Kanika:-wahh कनिका वह तेरी पहली चल तोह एक दम फिट बैठी

*********************

सब को जब राज वह से बेझता है उस वक़्त फूफा भी चल देता है रूम जो यहाँ कनिका के आने से परेशान था

जैसे hi रूम जाता है अपने रूम का गेट लगा किसी को फ़ोन करता है

Raychand:-hello चूतिये म्लाडारछोड यह क्या बकचोदी है

Mla:-ab क्या हुआ किसी ने गांड मार ली क्या

Raychand:-maar ली ना तेरी बेटी ने मार ली वह भी बिना लुंड के बहनचोद वह क्या कर रही है यहाँ

रायचंद की बात सुन्न हैरानी से मला अपनी जगह से उठ जाता है

Mla:-kya बक्क रहा है वह तोह यहाँ पर है तोह वह कब गयी और मुझे कुछ नहीं पता इसके बारे में वैसे हुआ क्या है जो तू इतना बादक रहा है वह अपने साथ है जनता है ना वह तुझसे भी तोह छुड़वा चुकी है

Raychhod:-yahi बकचोदी तोह मुझे समझ नहीं आ रहा बहनचोद जब तू छोड़ चूका है उसका भाई छोड़ चूका है उसका चाचा यानि रमेश छोड़ चूका है उसका मां यानि मैं छोड़ चूका हु तोह साली ने यह क्यों कहा तू उसका रपे करने वाला है जिस से बच के यहाँ आयी है वह

रायछांद की बात सुन्न मला भी एक मिंट के लिए सोच में पड़ जाता है

Mla:-kya उसने कहा हमने रपे करने की खोसिस की

Raychhand:-haa वह भी सबके सामने

Mla:-dekh यार वह चालक लोमड़ी है कुछ भी उसके दिमाग में चल सकता है हम्मे अपने बदन तक को हाथ लगाने से मन कर दिया था कुछ दिन पहले... ऐसा कहना उसका प्लान हो सकता है तू नज़र रख और मौका मिले तोह बात करने की खोसिस कर उस से तू

Raychand:-jada उसने फड़के की खोसिस की ना तोह जान से मरने में मुझे वक़्त नहीं लगे गए

Mla:-aisa कुछ करने की जरूरत नहीं पड़े गयी मैं जनता हु अपनी बेटी को वह कभी मुझे धोखा नहीं देगी यह उसका प्लान है तू उस से बात कर पहले

Raychhand:-teek है मैं बात करने की कोसिस करता हु तू भी उस से खोसिस कर कुछ पता लगे तोह

उसके बाद रायचंद कॉल कट कर देता है और सोचने लगता है आखिर क्या वजह है यह सब झूट कहने की कनिका डरा उससे कुछ समझ नहीं आ रहा था तोह वह बात कर के hi जानने का फैसला करता है
 
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