Vihaan Aur Ashita - Bhai Behen ki kahani - SexBaba
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Vihaan Aur Ashita - Bhai Behen ki kahani

hotaks

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इंट्रोडक्शन

कहानियों में पढ़ा है, फिल्मों में देखा है, कल्पनाओं में, ख्यालों में ायें होंगे ऐसे बात मगर किआ अस्सल ज़िन्दगी में ऐसा हुआ होगा कहीं? किआ रियल लाइफ में किसी भाई और बेहेन के बीच ऐसे रिश्ते होते हैं जिनके प्यार इतने बढ़ जाते हैं के मेहबूब और मेहबूबा की तरह जीने लगते हैं?

यह कहानी एक ऐसे रिश्ते के बारे में है जिनको यह दोनों खुद नहीं समझ पाए और एक दूसरे के बिना ज़िंदा रहना मुनासिब रहा hi नहीं इन् दोनों के लिए.

ये विहान और अशिता की कहानी है. भाई बेहेन हैं दोनों, सेज वाले. एक hi माँ बाप की पैदाइश. विहान 4 साल बड़ा. उसस्के पैदा होने के 4 साल बाद अशिता पैदा हुई. घर में और कोई नहीं, मतलब और कोई बचा नहीं हुए इन् दोनों के बाद.

बाप बैंक में मामूली मुलाज़िम है और माँ हाउसवाइफ. मॉडेस्ट फॅमिली के लोग हैं, और आज की नयी जनरेशन के बचे हैं दोनों विहान और अशिता.

माँ बाप, बच्चों के ख़ुशी और तरक्की के लिए कुछ भी करने को तैयार - ऐसे पेरेंट्स थे इन् दोनों के. एक छोटा सा घर था जो अपने थे, कोई किराया या लोन वग़ैरा नहीं था.

तो इन् दोनों भाई बेहेन के रिश्ते कैसे इन्सेस्ट में तब्दील हुए, कब से सब शुरू हुआ, किन्न हालात से गुज़ारना पड़ा इन् दोनों को, पेरेंट्स को पता चला के नहीं? और अगर पता चला तो किआ रिएक्शंस हुए, बाकी मोहल्ले के लोगों को कुछ पता चला? अगर हाँ तो उनके किआ रिएक्शंस हुए, लोगों ने किआ कहा और किया?

किआ विहान और अशिता के ज़िन्दगी आराम से गुज़रे? कैसा प्यार था दोनों में? कितना प्यार था? गहरायी किआ थी इन् दोनों के रिश्ते का?

किआ बाकी के ज़िन्दगी एक साथ गुज़ारना मुमकिन था दोनों के लिए? किआ विहान के ज़िन्दगी में कोई और लड़की आती है? और किआ अशिता के ज़िन्दगी में कोई और लड़का अत है? किआ पेरेंट्स दोनों को अलग करेंगे इनके सीक्रेट रिश्ते को जान्ने के बाद?

आखिर यह सब शुरू कैसे हुआ और अंत किआ होगा?

यह सब हम देखेंगे इस कहानी में जो जल्द hi शुरू होने वाली है इस फोरम पर.......

ा स्टोरी बी कासिनर.

किंग सून.
 
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इंडेक्स ऑफ़ उपदटेस

इंट्रोडक्शन



अपडेट 1 थे अर्ली डेज ऑफ़ लाइफ

अपडेट 2 थेइर क्लोसनेस्स

अपडेट 3 हाउ विहान ग्रेजुअली अप्प्रोचेस हेर

अपडेट 4 थेइर बॉन्डिंग कॉन्टिनुएस…

अपडेट 5 – थेइर रोमांस तुरंस तो सडनेस

अपडेट 6 – थे टफ मोमेंट एंड ??

अपडेट 7 विहान एंड अशिता बोंडेड इवन मोरे

अपडेट 8 थे हद ा ग्रेट मॉर्निंग

अपडेट 9 अशिता इन ट्रबल्स

अपडेट 10 Ashita’s फादर इन ट्रबल नाउ

अपडेट 11 व्हाट दीद Ashita’s फादर तेल्ल हेर?

अपडेट 12 विहान वैरी वरीड

अपडेट 13 – थे डिस्टेंस….

अपडेट 14 Ashita’s रुदेनेस्स

अपडेट 15 डिस्टेंस मैनटैनेड

अपडेट 16 एंड सोमेटिमे लेटर इन लाइफ….
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अपडेट 17 ात थे हॉस्पिटल

अपडेट 18 अशिता रेस्टलेस

अपडेट 19 अशिता वरीड एंड साद

अपडेट 20 - थे मोबाइल, अशिता एंड थे डॉक्टर

अपडेट 21 थे डॉक्टर मोलेस्टिंग अशिता
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अपडेट 22 एंड अशिता इस सेफ और not?(pics)

अपडेट 23 अशिता विथ इंस्पेक्टर राणे

अपडेट 24 विजिटिंग विहान थें कॉलेज

अपडेट 25 – मीटिंग डॉक्टर अग्रवाल (ा)

अपडेट 26 - मीटिंग डॉक्टर अग्रवाल (बी) -विहान बैक

अपडेट 27 इस विहान रेकवरिंग?

अपडेट 28 – अशिता सेदूसेड विहान

अपडेट 29 अशिता विथ विहान ों बीएड

अपडेट 30 थे नेक्स्ट मॉर्निंग

अपडेट 31 समवन कॉल्ड अशिता

अपडेट 32 व्हेन अशिता रिटर्न्ड फ्रॉम कॉलेज

अपडेट 33- विहान अशिता हद ग्रेट टाइम

अपडेट 34- थे नेक्स्ट डे

अपडेट 35 प्रिय ास्क्स अशिता….

अपडेट 36 विजिट तो डॉक्टर अग्रवाल - सरप्राइज

अपडेट 37 डॉक्टर अन्नोउंसेस रिकवरी ऑफ़ विहान

अपडेट 38 विहान एक्सप्लाइन्स अशिता आल

अपडेट 39 अशिता टेल्स व्हाई शी वास् डिस्टेंट

अपडेट 40 अशिता रेलटेस आल तो विहान

अपडेट 41 Weekend's स्पेशल

अपडेट 42 इनसाइड थे हाउस (ा)

अपडेट 43 इनसाइड थे हाउस (बी)

अपडेट 44 अशिता ास्क्स विहान समथिंग

अपडेट 45 अशिता गेट्स ा गिफ्ट

अपडेट 46 सुमन तोरमेन्ट्स अशिता मोरे

अपडेट 47 अनिरुद गोत क़ुएस्तिओनेड

अपडेट 48 थे ट्रबल स्टार्टस

अपडेट 49 अनिरुद मानगेस थे सिचुएशन

अपडेट 50 अनिरुद कॉन्टिनुएस तो तेल्ल

अपडेट 51 सुमन गेट्स इन एंड सुरपरिसेस आल ऑफ़ थम

अपडेट 52 सुमन….

अपडेट 53 थे समिति

अपडेट 54 कभी ख़ुशी कभी ग़म-1

अपडेट 55 कभी ख़ुशी कभी ग़म-2

अपडेट 56 – बैक होम तहत नाईट

अपडेट 57 नाईट ऑफ़ ेरोटिकिसम

अपडेट 58 अशिता डीड्स

अपडेट 59 थे प्लान तो बे टुगेदर

अपडेट 60 थे ट्रिप

अपडेट 61 बैक फ्रॉम थे ट्रिप

अपडेट 62 इन थे विलेज

अपडेट 63 स्टिल इन थे विलेज

अपडेट 64 थे सेपरेशन

अपडेट 65 थे फर्स्ट नाईट आफ्टर सेपरेशन

अपडेट 66 थे नई ओने

अपडेट 67 रूचि…

अपडेट 68 विहान एंड रूचि

अपडेट 69 विहान ैकपेनी हेर

अपडेट 70 रैपिड चेंज इन Vihaan’s लाइफ (ा)

अपडेट 71 रैपिड चेंज इन Vihaan’s लाइफ (बी)

अपडेट 72 विहान चैट्स विथ रूचि

अपडेट 73 एंड थे मेट

अपडेट 74-फर्स्ट डे ात कॉलेज

अपडेट 75 थे क्लास

अपडेट 76 अशिता के साथ यह हुआ Kia?(with पिक्स)

अपडेट 77 एंड थिस हप्पेनेड

अपडेट 78 लुकिंग फॉर रूचि

अपडेट 79 थे माउंटेन पीपल

अपडेट 80 विहान एंड फूलवट्टी

अपडेट 81 अशिता इन ट्रबल (ा)

अपडेट 82 अशिता इन ट्रबल (बी)

अपडेट 83 अशिता त्रिएस समथिंग....

अपडेट 84 व्हाट रूचि हद रिटेन

अपडेट 85 अशिता & डैड +विहान मीट्स अशिता

अपडेट 86 आफ्टर 4 मोनथस अशिता मैक्स लव

अपडेट 87 बोथ स्टिल टुगेदर

अपडेट 88 विहान बैक तो विलेज

अपडेट 89 Anirud’s प्लान

अपडेट 90 थे लास्ट अपडेट

 
बहोत शुक्रिया और थ्रेड पर वेलकम है भाई.

मुझे ख़ुशी है के आप को ऐसी स्टोरी की तलाश थी तो मतलब आप इससे ज़रूर फॉलो करोगे और आप के कमैंट्स का हर अपडेट पर इंतज़ार रहेगा मुझे...... उम्मीद है के जिस्सकी आप को तलाश थी इस कहानी में मिलेगा..... और आप सुझाव भी दे सकते हो मुझे किसी भी ीुपड़ते के बाद या तो पं से या थ्रेड पर hi.....

थैंक वैरी मच.......

आज शाम तक अपडेट आजाएगा, अभी लिखने बैठा हूँ
 
अपडेट 1 थे अर्ली डेज ऑफ़ लाइफ

विहान के जन्म के 4 साल बाद अशिता पैदा हुई. विहान को तब अशिता पसंद नहीं थी. वो इस लिए के विहान को एक छोटा भाई चाहिए था बेहेन नहीं. उस्सने मुंह पहला कर चेहरा बना लिया था और अशिता के तरफ देखता hi नहीं था.

माँ बाप के लाख समझाने, बहलाने, फुस्लाने के बावजूद विहान एक कोने में रहता और एक तरफ देखता रहता. जब कभी अशिता की रोने की आवाज़ आती तो विहान अपने दोनों कानों पर अपना हाथ दबा कर घर से बाहर भाग जाता.

दोनों माँ बाप को फ़िक्र रहता के पता नहीं कब विवान अशिता को एक्सेप्ट करेगा. बहोत दिनों तक ऐसा चला. विहान अपने आप में खोये हुए से रहते. वो भी बचा था और सब एक hi कमरे में रात को सोते थे, विहान इशिता के जन्म से पहले अपने पापा और मम्मी के साथ hi सोता था, और अब अशिता के पैदा होने के बाद, विहान ने उस बीएड को शेयर करने से इंकार किया. उस्सने कहा वो अकेले सोयेगा एक दूसरे बीएड पर. दूसरा बीएड तो था hi नहीं, और सिर्फ दो कमरे वाला छोटा सा घर था जिस में टॉयलेट, बाथरूम और किचन अलग से जुड़े हुए थे एक वाल सेपरेशन से. बीच में एक कॉरिडोर था जो दोनों रूम को सेपरेट करते थे. सामने एक छोटा सा लिविंग था जिस्सको अपना लाउन्ज कहते थे सब. लाउन्ज से कॉरिडोर में होकर दोनों तरफ में एक एक कमरा था फिर किचन कॉरिडोर एन्ड होने के बाद, और राइट में टॉयलेट और बाथरूम थे.

अब दूसरा रूम खाली था, सिर्फ एक छोटा सा मेज़ और चेयर हुआ करता था उस में. ज़्यादा पैसा भी नहीं था के एक नया बीएड ख़रीदा जा सके उन् दिनों को. बाप मामूली बैंक का मुलाज़िम, महीने भर का तनख्वा से घर की राशन, वेजटेबल्स, इलेक्ट्रिसिटी बिल, पानी का बिल, इंटरनेट कनेक्शन इन् सब के एक्सपेंसेस से महीना का तनख्वा एन्ड हो जाता था कुछ बचता hi नहीं था. तो नए बीएड खरीदने का सवाल hi नहीं पैदा हुआ बल्कि दोनों माँ बाप ने यह सोचा के अब विहान को मैटरनल स्कूल में दाखिल कर देना चाहिए.

तो रात को उन् दिनों विहान दूसरे कमरे में जाकर उस टेबल पर एक चादर लगा कर सो जाता था. माँ बाप दोनों को बहुत अफ़सोस होता उस्सकी उस रवैये से. एक ब्लैंकेट से उस्सको बाप जाकर ओढ़ा देता और बार बार रात को उस्सको देखने जाते दोनों बारी बारी. जब भी रात में अशिता जागती तब अशिता को पिलाने के बाद माँ उस कमरे में विहान को देखने जाती.

चाँद हफ़्तों के बाद बाप ने विहान का दाखिला करा दिया मैटरनल स्कूल में. इतने दिनों में विहान ने एक बार भी अशिता के चेहरे को नहीं देखा था. माँ को डर था के कहीं विहान अशिता को अकेले पाकर उस्सको चोट नाह पहुंचाएं, उस्सको कहीं मारे नहीं, इन् सब बातों को सोचकर hi उस्सको स्कूल में दाखिल करवाया गया.

अब उस स्कूल में नर्सरी वाले हिस्सा भी था, जहाँ पेरेंट्स अपने बेबीज को चोरर कर काम करने चले जाते और शाम को काम से वापस निकलने के बाद वहां से बेबीज को ले जाते. और वह बगल वाले कमरे में थे जहाँ विहान की क्लास थी…. अक्सर इस क्लास के बचे उस नर्सरी के बेबीज को देखने और उन् से खेलने को जाते थे…. अब उस स्कूल के टीचर्स और हेल्पर्स स्कूल के बच्चों को इस लिए उन् बेबीज से घुलने मिलने देते ताके बेबीज को ऐसा लगे के उनके पास खेलने वाले छोटे बच्चे भी हैं……

तो विहान अपने क्लास से जब बेबीज के रोने की आवाज़ सुनता तो उस्सको अपने घर में अशिता की रोने वाली आवाज़ सुनाई देता. अब, जब बाकी के बच्चे बेबीज से खेलने को जाते तो विहान हैरान रहता के कैसे यह सब बचे इतने छोटे बेबीज से खेलने को जाते हैं; इस तरह एक दिन एक बचे को फॉलो करते हुए विहान भी उस नर्सरी में गया जहाँ बहोत सारे बेबीज थे क्राडलेस में.

विहान दरवाज़े पर सत् कर खड़े उन् सब क्राडलेस में बेबीज के तरफ देख रहे थे अपने एक ऊँगली को चूस्ते हुए. एक हेल्पर ने एक बेबी को हाथ में लिए हुए दूद पीला रही थी बोतल से और एक बचे को अपने पास बुलाया और उस बचे को दूद वाली बोतल दिया और बेबी को पिलाने को कहा. विहान देख रहा था और उस्सने उस बेबी के चेहरे को देखा. उस्सको बेबी बहोत क्यूट लगा. वो रो नहीं रही थी बुसस आराम से बोतल के निप्पल से दूद पी रही थी. उस लेडी ने विहान को देखा और अपने पास बुलाया मगर विहान ने सर हिलाते हुए नाह कहा और वापस अपने क्लास में भाग गया.

उस दिन को स्कूल से घर वापस आने के बाद विहान ने छुप छुप कर अशिता को झाँका जब वो बीएड पर सो रही थी. माँ उस वक़्त किचन में थी और विहान अशिता को घुर्र रहा था. हिमत करके वो आहिस्ते आहिस्ते बीएड के तरफ बढ़ा और काफी पास जा कर अशिता को देखने लगा.

माँ ने किचन से आवाज़ दिया, “कहाँ हो विहान बीटा? किआ कर रहे हो?!”

विहान अशिता को देखते हुए इतना ख्यालों में डूबा हुआ था के उस्सको अपनी माँ की आवाज़ सुनाई नहीं दी, तो माँ का दिल ज़ोर से धड़का यह सोच कर के कहीं विहान अशिता को कुछ कर नाह दें और वो जल्दी से कमरे के तरफ बढ़ी….

कमरे के दरवाज़े के पास आकर देखा के बीएड के पास खड़ा विहान अशिता को आराम से देख रहा था बीएड पर. माँ वहीँ रुक गयी और कुछ देर कड़ी देखती रही के विहान किआ करेगा. यह पहली बार थी कई महीनों के बाद जब विहान को अशिता को देखते हुए पाया था माँ ने. माँ की ेंखें भर आयी उस्सको उस तरह से अशिता को देखते हुए देख कर. विहान बहोत प्यार भरी नज़रों से देख रहा था अशिता को. लग रहा था के वो उस्सको अपने बाहों में लेना छह रहे हो जैसे. विहान बीएड के इतने करीब चला गया था और लगता था वो अपना हाथ बढ़ाने वाला है अशिता को छूने के लिए, मगर माँ को डर भी लग रही थी के विहान कहीं अशिता को मारे नाह! फिर भी वो कड़ी देखती रही, यह जानना चाहती थी के विहान किआ करना छह रहा है.

विहान ने अपनी एक ऊँगली को मुंह में लिए हुए चूस्ते हुए घुर्र रहा था अपनी बेबी बेहेन को जो नींद में थी. और उस्सने अपने एक पेयर को बीएड के ऊपर किया और ज़्यादा नज़दीक से अशिता को देखने लगा तब माँ को और भी डर लगा और अंदर दाखिल हो गयी यह कहते हुए, “हम्म तुम अपनी बेहेन को गॉड में लेना चाहते हो विहान?!”

मगर जैसे hi विहान ने अपने माँ की आवाज़ सुना वह झट से बीएड से उतर कर भागते हुए दूसरे कमरे में चला गया.

माँ को बहोत फ़िक्र हुई उस मंज़र को देख कर. वह सिर्फ यह सोच रही थी के विहान अशिता को ज़रूर तकलीफ पहुंचता अगर वो अंदर नहीं आती तो.

रात को उस्सने विहान के पापा को सब कुछ बताया तो बाप ने कहा के हो सकता है अब विहान अशिता के करीब आने की कोशिश कर रहा है, हो सकता है अब वह उस्सको एक्सेप्ट करने लगा है, उस्सको चोरर देना चाहिए था, यह देखना था के वो करता किआ आखिर.

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बाकी दिनों को स्कूल में विहान कई बार बेबीज के रूम में जाते. उस्सने कई बेबीज के गाल को छुवा, हाथ से सहलाया, और प्यार से सब को देखा, उन् बेबीज में लड़के और लडकियां भी थे. एक बार एक टीचर ने बेबी को पिलाते वक़्त विहान को बोतल दिया और बेबी को पिलाने को कहा जो विहान ने किया. और बेबी ने थोड़ा दूध मुंह से बाहर फेंका तो विहान चिलाय, “नहीं पी रही है, उगल रही है वापस!” तो टीचर ने हँस्ते हुए बेबी का मुंह पोंछा और कहा के उगल नहीं रही है गिर्र रही है क्यूंकि ज़्यादा ऊपर उठाया हुआ है बोतल को उस्सने.

घर वापस आने के बाद विहान फिर गया अशिता को बीएड पर देखने. माँ उसी के इंतज़ार में थी और वहीँ दरवाज़े के पास छुप कर कड़ी देखने लगी के वो किआ करेगा. माँ को हैरानी हुई देख कर के विहान ने बड़े प्यार से अशिता के गाल पर अपना हाथ फेर्रा. माँ की ेंखें भर आयी और अपने ेंख पोंछते हुए मुस्कुराकर कहा, “क्यों रे, तू छुप छुप कर क्यों अपनी बेहेन से प्यार करता है?!”

इस बार विहान नहीं भगा, वहीँ बीएड के पास खड़ा रहा और सर झुका लिया निचे. माँ उसस्के करीब आयी और उस्सको गॉड में लेकर कहा, “देख कितनी प्यारी है नाह? हम्म? तू इस से प्यार करता है नाह बोल?”

विहान ने सर को हाँ में हिलाया. माँ ने उस्सको ज़ोर से सीने से लगाते हुए कहा, “अरे मेरा बचा मुझे बहोत ख़ुशी हुई आज.” तो विहान ने कहा, “आज स्कूल में मैं ने एक ऐसी hi बेबी को बोतल से दूध पिलाया!”

तब माँ ने जल्दी से बोतल वाले दूध तैयार किया और अशिता को जगाया और विहान को पिलाने को दिया. स्कूल में तो बेबी क्रैडल में लेते हुए दूध पिया था मगर यहाँ पर माँ ने अशिता को विहान के गॉड में रख दिया और हाथ में बोतल दे दिया और पिलाने को कहा… विहान ने अपने कोमल हाथों में अपनी छोटी बेहेन को लिए उस्सको दूध पिलाने लगा और मुस्कुराते हुए उसस्के चेहरे में देखते हुए कहा, “अभी देखना उगल देगी दूध को अगर मैं ने बोतल को ज़्यादा ऊपर उठाया तो!”

माँ ने हँस्ते हुए कहा, “अरे वह, तुझे तो अब बहोत कुछ पता है बेबीज के बारे में!”

और विहान ने देखा के अशिता अपनी छोटी छोटी ेंखों से उस्सको देख रही है दूध पीते हुए फिर अचानक अशिता की नन्ही सी हाट ने विहान का हाथ पाकर लिया तो विहान ज़ोर से चिलाय, “माँ िस्सने मेरा हाथ पाकर लिया बोलो मेरे हाथ चौररने को देखो िस्सने कैसे मेरा हाथ पकड़ा हुआ है और मुझे घुर्र रही है !!!”

माँ ने हँस्ते हुए कहा, “अरे तो किआ हुआ? वो भी तुमसे प्यार करती है उस्सको पता है के तू उस्का भाई है इसी लिए उस्सने तेरा हाथ पकड़ा……”

तो इस तरह से विहान ने अशिता को एक्सेप्ट किया और उससे अपनी बेहेन से प्यार हुआ और उस दिन के बाद वो वापस बीएड पर सोने लगा सबके साथ, ख़ास कर अशिता के पास सोता रात को, अशिता रोटी तो माँ से पहले विहान जागता और अशिता को खामोश करता…..

और दिन गुज़रते गए और दोनों अशिता और विहान बढ़ते गए और दोनों एक दूसरे के बग़ैर रह नहीं पाते….. स्कूल से वापस आते hi विहान सबसे पहले अशिता से मिलता, उस से खेलता, उसस्के साथ पूरा वक़्त बीतता……

और जब विहान कुछ और बड़ा हुआ तो अशिता शामे स्कूल में अपने भाई के साथ सुबह निकलती जाने के लिए और दोनों साथ वापस घर आते…….

तो बे कॉन्टिनोएड…………..
 
मिथिलेश भाई अगर तुमको लगता है के भाई और बेहेन के बीच अडुल्टेरी हो सकता है तो वही प्रीफिक्स लिखता.

अगर सरजू में तुमको सिर्फ अडुल्टेरी दिखा तो किआ कहूं. और इनोसेंट वाइफ में साफ़ लिखा है स्टार्टस बी अडुल्टेरी थें तुरंस तो इन्सेस्ट. थे ईन्सेस्तुओस एनकाउटर ऑफ़ ा बहु और नेहा बहु में बाप बेटी, भाई बेहेन के बीच सेंकरों उपदटेस हैं. वो सब सिर्फ तुमको एडुटेरी लगा तो किआ कहूं मैं....

और मुझे आज पहली बार किसी ने कहा "आप और इन्सेस्ट स्टोरी" बहुत HI अच्छा लगा क्यूंकि पिछले 9 सालों में सब ने मुझको अस ान इन्सेस्ट राइटर hi बुलाया है, बल्कि इन्सेस्ट वाला टैग इस तरह से लगी के मानलो एक धब्बा जैसा चिपका रहा था मेरे नाम क साथ.

मगर मेरे 6000 से भी ज़्यादा पर्सनली इन्सेस्ट रीडर्स थे एक्सबी पर और उन्ही दोस्तों के लिए मैं इन्सेस्ट लिखता रहा.

आप को मेरे इन्सेस्ट कहानियां अडुल्टेरी लगी मेरे लिए गर्व की बात है.

थैंक यू भाई.
 
अपडेट 2 थेइर क्लोसनेस्स

दोनों को माँ अक्सर एक साथ नहलाते स्कूल जाने से पहले. और ऐसा भी होता वीकेंड्स में, के विवान और अशिता एक साथ माँ के बिना भी बाथ लेते. बाथरूम में बहोत शोर शराबा होता जब दोनों एक साथ पाए जाते. बहुत मस्ती करते दोनों बाथरूम में. पानी से खेलते एक दूसरे के बाल नोचते, हुलाध मचाते थे.

क्यूंकि अशिता के लम्बे बाल थे माँ उस्सको सर तक नहीं नहलाती थी हर सुबह को स्कूल जाने से पहले बल्कि हफ्ते में सिर्फ एक बार उस्सकी बाल धोती थी. और विहान तो सर से पाऊँ तक नाहटा था एक साथ शामे बाथरूम में तो अशिता नाराज़ होती थी के क्यों उस्सको सर से नहीं नहाने दिया जाता, और इस पर विहान उस्सको चेररता के वो सर तक नहीं नाहा पायी! माँ समझती के उसस्के लम्बे बाल है और सूखने में वक़्त लगेगा, वो बीमार हो सकती है इस लिए उस्सको हर रोज़ बाल नहीं धोना चाहिए…..

अब क्यूंकि साथ नहाते वक़्त विवान ने देख लिया था के किश तरह से उस्सकी माँ अशिता के बाल धोते हैं इस लिए वीकेंड्स पर जब दोनों एक साथ नहाते माँ के बिना तो विहान अशिता को नहलाता और उसस्के बाल धोता जैसे उस्सकी माँ धोती है ताके उसस्के ेंखों में साबुन नाह जाए नहीं तो वो बहोत चिलाती थी ेंखों में साबुन के जाने से….

और आखिर में बाप ने एक नया बीएड ख़रीदा उन् दोनों के लिए जिस्सको दूसरे रूम में लगाया गया और वो रूम इन् दोनों के बैडरूम बन गए. मगर शुरू में सिर्फ विहान सोता था अपने बीएड पर रात को अशिता अपने मम्मी पापा के साथ रहती थी मगर अशिता रोने लगी यह कहकर के उस्सको भी नई बीएड पर सोना है विहान के साथ. अशिता नहीं रहना चाहती थी अपने भाई के बग़ैर. दोनों साथ स्कूल जाते, साथ वापस आते, साथ होमवर्क्स करते, साथ टीवी देखते और साथ सोने जाते. दोनों के टास्ते भी बहोत मिलते जुलते थे, सीरियल पसंद आये तो दोनों को एक hi, गण पसंद आये तो भी दोनों के फवौरीते एक hi थे, हीरो और हीरोइन जो विहान के फवौरीते थे वही अशिता के बी फवौरीते होते.

स्कूल में टिफ़िन लेजाता तो सिर्फ विहान, उसी के पास अशिता का टिफ़िन होता था और ब्रेक में दोनों एक साथ खाना कहते थे. क्लासेज तो अलग थे दोनों के क्यूंकि विहान बड़े क्लास में था और 2 साल छोटी अशिता निचे के क्लास में थी मगर हर ब्रेक में अशिता दौड़ कर विहान के पास जाती और दोनों हमेशा एक साथ दीखते स्कूल के कंपाउंड में.

जब विहान 20 साल का हुआ तो अपने पापा से मोबाइल की मांग करने लगा क्यूंकि उसस्के हर दोस्त के पास मोबाइल्स थे. घर की तंग हालत को देख कर जब उसस्के पापा ने समझाया के मुश्किल है एक मोबाइल खरीदना उस हालत में. तो अशिता ने बड़ी आसानी से अपने पापा से कह दिया के हिरे परचेस में तो खरीद सकते हैं हर दूकान में हिरे परचेस में मिलती है मोबाइल.

अनिरुद, जो विहान के पापा का नाम था उस्सको कभी भी हिरे परचेस वाला आईडिया पसंद नहीं था. उस्सने कभी भी ज़िन्दगी में कुछ भी क्रेडिट पर नहीं ख़रीदा था आज तक, और अब लगने लगा के बच्चों के खातिर उस्सको वो करना पड़ेगा.

अनिरुद रात को अपनी पत्नी, सुमन से इस बारे में बात कर रहा था के अब उस्सको हिरे परचेस पर मोबाइल खरीदना पड़ेगा विहान के लिए. सुमन ने कहा के उस्सको शायद अब नौकरी कर लेनी चाहिए क्यूंकि अब बचे बड़े हो गए हैं.

सुमन ज़्यादा पढ़ी लिखी तो नहीं थी, हाँ इंग्लिश बोल लेती थी, और सब कुछ पढ़ भी सकती थी मगर हायर एजुकेशन वाली नहीं थी, मगर सिलाई अछि करती थी पर शादी के बाद बचे होने के बाद सिर्फ घर के काम काज में लगी हुई थी…..

जहाँ अनिरुद काम करता था वहां उसस्के बैंक के कुछ करीब एक नया भौतिक ओपन हुआ था और उस्सकी मालकिन ने अनिरुद की बैंक से लोन का बंदोबस्त किया था.

तो दूसरे दिन अनिरुद उस भौतिक के मालकिन से मिलने गया अपनी वाइफ के लिए नौकरी की तलाश में. क्यूंकि भौतिक के मालकिन अनिरुद को जानता था उस्सने जब जाना के सुमन को सिलाई आती है तो उस्सने कहा के अक्सर ऐसा होता है के जब कोई लड़ी एक सूट खरीदती है तो उस में एडजस्टमेंट करना पढता है, वहीँ भौतिक में मशीन भी है और सीने का सब सामान भी मौजूद है तो किआ सुमन वो कर सकती है… बाकी दिन भर भौतिक की देख भल और कस्टमर्स को अटेंड भी कर पाएगी….

तो इस तरह से सुमन भी काम पर लग गयी.

विहान को चाह नहीं लगा के उस्सकी माँ काम करने लगी और लड़का कुछ खुदार था तो उस्सने अपने पापा से कहा के उस्सको मोबाइल नहीं चाहिए हिरे परचेस पर कुछ नहीं खरीदना होगा उस्सको.

अब विहान कंप्यूटर क्लास में बहुत तेज़ था. घर पर उसस्के पापा के लैपटॉप पर काम करता था मतलब स्कूल वर्क्स करने के लिए अपने पापा के लैपटॉप इस्तेमाल करता था, मगर उस्सको लैपटॉप भी अपनी पर्सनल चाहिए था.

तो विहान ने किया यह के एक डील किया इंटरनेट साफé की ओनर से के हफ्ते में 4 दिन वो शाम को 4 से लेकर रात 11 बजे तक उसस्के हर कंप्यूटर इश्यूज को सोल्वे करेगा. काम तो बहोत सारे होते हैं एक इंटरनेट साफé में जहाँ 30 से ज़्यादा कंप्यूटर होते हैं हर किसी एक कंप्यूटर में कुछ नाह कुछ इश्यूज होता रहता है दिन भर.

तो इस तरह से विहान को part टाइम जॉब मिल गया करने को. माँ बाप बहोत खुश हुए के उंनका बीटा कितना खुदार और हेल्पफुल है.

जीन दिनों को विहान काम पर जाता स्कूल से वापस आने के बाद अशिता को अकेली घर में अच्छा नहीं लगता तो उस्सने एक दिन विहान से कहा, “भाई मुझे भी अपने साथ लेचलो नाह अपने जॉब पर!”

विहान ने जवाब दिया, “तू पागल है किआ ऋ? रात को 11 बजे तक मेरे साथ उस इंटरनेट साफé में किआ करेगी तू?”

अशिता: “चलो ठीक है, मैं शाम को 6 बजे वापस आजाऊंगी, 4 से 6 बजे तक तो तुम्हारे साथ रह सकती हूँ वहां?!”

दोनों में बेहेज़ हुई और विहान ने मन किया. बात माँ बाप तक गए तो माँ बाप ने भी अशिता को विहान के साथ जाने को मन किया.

अशिता को खामोश होना पड़ा मगर मुंह पहला लिया.

माँ ने एक नयी अलमारी ख़रीदे उन् दोनों के लिए जो उन् के कमरे में लगाया गया. और विहान और अशिता के सभी कपड़े माँ ने अपने वाले अलमारी से निकाल कर उस नए अलमारी में रख दिए और दोनों को दिखा दिया के किश के कपडे कौन सी वार्ड में हैं. अशिता ने चोसे कर लिए के राइट वाला दूर उस्सकी है और लेफ्ट वाला विहान का. विहान ने एक्सेप्ट कर लिया.

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एक दिन हुआ यह के विहान ने अशिता वाले अलमारी की दूर को ओपन किया तो उसस्के हाथ 3 बरस लगे छोटे छोटे, स्माल साइज के. उस वक़्त अशिता नहाने गयी थी और माँ बाप दोनों काम पर चले गए थे और स्कूल की छुट्टी के दिन थे…..

विहान को नहीं पता था के अशिता ब्रा बी उसे करने लगी है….. अस्सल में लड़की की जिस्म किश उम्र में काफी बढ़ जाती है और कुछ लड़कियां के ब्रैस्ट निकल आते हैं तो अशिता की माँ ने वो सब बंदोबस्त कर दिया था अशिता के लिए… कई लड़कियां की तो और भी बाली उम्र में hi ब्रेअस्ट्स निकल आते हैं, वो उस्सकी जिस्म की ग्रोथ पर देपेंद करता है….

तो उस दिन को विहान ने उन् 3 बरस को एक्सामिने किया, हाथ में लेकर काफी देर तक देखता रहा…. फिर पता नहीं क्यों विहान ने तीनों ब्रा को किश किया फिर नाक से लगाया और उनको सुंघा…. और उस्का खड़ा हो गया!

वो मैं hi मान अशिता की जिस्म को सोचने लगा, अपने ख्यालों में अशिता को सामने पाया और आहिस्ते से उस्सने अपने ज़िप खोले और अपने लुंड पर ब्रा को लगाया और अपने तन्ने हुए लुंड पर जैसे hi उस्सने ब्रा रगड़ना चाहा कमरे की दरवाज़ा खुला और अशिता दाखिल हुआ!

अशिता एक ड्रेस में थी, उसस्के बाल भीगे हुए थे, पानी की बूँदें कुछ चेहरे पर तो कुछ उसस्के बाज़ुओं पर दिख रहे थे, एक तौलिया से वो सर को एक तरफ झुकाये हुए अपने बालों को रब कर रही थी. क्यूंकि उस्का सर एक तरफ झुका हुआ था उस ने कुछ नहीं देखा के विहान किआ कर रहा था, तो झट से विहान ने अपना ज़िप ऊपर किया और ब्रा को वापस रखा अलमारी में और कमरे से लाल चेहरे के साथ निकला तेज़ दिल की धड़कन के साथ…..

फिर कुछ देर बाद वह वापस कमरे में आया जब अशिता बीएड पर बैठी हुई थी. हँस्ते हुए वो अशिता को देख रहा था. अशिता ने उस्सको हँस्ते हुए देखा तो पूछा, “क्यों हंस रहे हो ऐसे किआ हुआ?”

विहान वैसे hi हँस्ते हुए अलमारी के पास गया तो मुड़कर अशिता उस्सको नज़रों से फॉलो करते हुए फिर पूछा, “अरे हुआ किआ भाई हंस क्यों रहे हो?”

तब तक विहान अलमारी का दरवाज़ा खोल के अशिता के बरस को हाथ में लेकर अशिता को दिखाते हुए कहा, “तुम कब से यह उसे करने लगी ऋ?!”

अशिता लाल चेहरे के साथ झट से उठकर वहां गयी और चिलाते हुए कहा, “तुम मेरी वाली दूर क्यों ओपन कर रहे हो चोर्रो इससे, यह तुम्हारा नहीं है चोर्रो नाह!!” अब दोनों ने बरस को हाथ में थामे हुए थे और विहान ज़ोरों से हँस्ते जा रहा था. तो अशिता ने बरस को चोरर दिया और मुंह पहला कर वापस बीएड पर बैठ गयी.

विहान बरस को हाथ में लिए उसस्के पास गया और प्यार से कहा, “इस में नाराज़ होने वाली किआ बात है भला हम्म?” अशिता ने सर निचे झुकाया हुआ था ज़मीन देखते हुए. विहान ने कहा,

“हममरे बीच कभी कोई सीक्रेट रहा है किआ? बोल? क्यों मुझसे छुपाती है? भला कब से तू ब्रा उसे करने लगी और मुझे पता भी नहीं चला? बता नाह कब से उसे कर रही है ब्रा तू?!”

सर झुकाये हुए hi अशिता ने कहा, “लास्ट ईयर से. मम्मी ने ख़रीदे थे.!”

विहान ने उसस्के गाल पर हाथ फरते हुए कहा, “सिर्फ तीन हैं? अभी तुमने एक पहना हुआ है किआ?”

अशिता ने नाह में सर हिलाया.

विहान: “क्यों? अभी क्यों नहीं पहना है फिर?”

अशिता ने एक हल्का सा मुस्कराहट में कहा, “नाह, घर पर नहीं पहनती हूँ, स्कूल जाती हूँ तब पहनती हूँ मम्मी ने कहा!”

तो विहान ने कहा, “एक वाइट है, एक ब्लैक और एक पिंक, बुसस एहि 3 हैं?

अशिता ने विहान के हाथ से बरस छींटे हुए वापस रखने गयी यह कहते, “हाँ बुसस तीन hi हैं अभी; मम्मी ने कहा नेक्स्ट मंथ और 3 खरीदेगी.”

विहान अशिता को ऊपर से निचे तक निहारते हुए कहा,

“तू कितनी जल्दी इतनी बड़ी हो गयी ऋ मुझे पता hi नहीं चला और एक बात बोलूं किआ?!”

अलमारी का दरवाज़ा बांध करते हुए अशिता मुड़कर विहान को देखते हुए पूछा, “किआ?”

विहान ने मुस्कुराते हुए कहा, “तू बहोत हॉट और सेक्सी भी दिखने लगी है मुझे अब!”

तो बे कॉन्टिनोएड…………….
 
अपडेट 3 हाउ विहान ग्रेजुअली अप्प्रोचेस हेर

विहान अशिता को ऊपर से निचे तक निहारते हुए कहा,

“तू कितनी जल्दी इतनी बड़ी हो गयी ऋ मुझे पता hi नहीं चला और एक बात बोलूं किआ?!”

अलमारी का दरवाज़ा बांध करते हुए अशिता मुड़कर विहान को देखते हुए पूछा, “किआ?”

विहान ने मुस्कुराते हुए कहा, “तू बहोत हॉट और सेक्सी भी दिखने लगी है मुझे अब!”

अब आगे…….

अशिता का चेहरा और ज़्यादा लाल हो गया विहान के मुंह से यह बात सुनकर और उस्सने कोई जवाब नहीं दिया बुसस कुछ ख्यालों में डूबा वहीँ अलमारी के पास कड़ी कुछ सोचती रही.

तो उसस्के तरफ देखते हुए विहान ने कहा,

“किआ हुआ? किआ सोचने लगी तू? इधर आह नाह तुझसे और बहुत कुछ कहना है मुझे.”

अशिता अपने निचे वाले होंठ को थोड़ा सा मोड़ते हुए जैसे विहान को चिढ़ाते हुए सर को नाह में हिलाया.

विहान उठकर अशिता के तरफ बढ़ा मगर अशिता ने जैसे पकड़ा पकरि कहलते हैं वैसे विहान से एक तरफ होकर उस्सको एक हल्का सा झटका देते हुए कमरे से भागते हुए निकल गयी हँस्ते हुए ज़ोरों से.

विहान ने भी दौड़ते हुए उस्का पीछा किया. और अपने पेरेंट्स के कमरे में जाकर अशिता को पकड़ा विहान ने और उस्सको अपने बाहों में भरते हुए आराम से थोड़ा हांफते हुए पूछा, “क्यों? तुझे खेलने का मैं कर रहा है किआ अब?!”

तो अशिता उसस्के बाहों से निकलने की कोशिश करते हुए, थोड़ा ांसाते हुए कहा,

“नहीं मुझे कुछ भी करने को मैं नहीं कर रहा है, भाई मुझे चोर्रो नाह, चोर्रो मुझे, मुझे बाहर जाना है, उफ़ क्यों मुझे इतना ज़ोर से पकड़ा हुआ है तुमने चोर्रो नाह भाई!!”

और अशिता ने थोड़ा ज़ोर लगाया और विहान के बाहों से निकल गयी और भाग कर घर से बाहर निकल गयी, सामने आँगन में एक पत्थर पर जाकर बैठ गयी और अपने खुले हुए गेसू को धुप देने लगी. उसस्के बाल अभी भी कुछ भीगे हुए थे जिस्सको वो सुखाने की कोशिश कर रही hi धुप में, मगर एक नज़र घर की द्वार पर किये हुए थी यह देखने के लिए के विहान भी बाहर निकल रहा है के नहीं, और थोड़ा मुस्कुरा भी रही थी अशिता.

मगर विहान दरवाज़े पर नज़र नहीं आये क्यूंकि वो तो घर के सामने वाले खिड़की से झाँक रहा था अशिता को. बल्कि निहार रहा था उस्सको वह. विहान को लग रहा था के उस्का प्रेमिका बैठी हुई है वहां आँगन में अपने भीगे बाल को सुखाते हुए, बिल्कुल उस्सको ाधिता अपनी बेहेन नहीं दिख रहे थे.

और विहान देख रहा था जिस पोज़ में अशिता बैठी थी, अपने गर्दन को दाएं तरफ झुकाये हुए, उस तरफ अपने सर के पुरे बालों को फैलाये हुए, थोड़े भीगे हुए और थोड़े सूखे हुए लम्बे काळा बाल, जो अशिता के जाँघों को भी धक् रहे थे ड्रेस के ऊपर से होते हुए. विहान ने देखा के किश तरह से अशिता घर के सामने वाले दरवाज़े पर अपनी नज़रें किये हुए थे और किश तरह से अपने होंठ को मोड़ रही थी, और उस्सकी प्यारी प्यारी ेंखें कितनी खूबसूरत दिखने लगे थे अचानक विहान को.

अपनी छोटी बेहेन को उस तरह से निहारते हुए विहान ने खुद से कहा, “मुझे इस लड़की से प्यार हो गया है अब लगता है…. कितनी खूबसूरत है हमारी अशिता, मुझे और कोई भी ऐसी लड़की कहीं भी मिल hi नहीं सकता…. कितनी प्यारी है, कितनी कोमल है, कितनी भोली भली है, कितनी नरम दिल है, कितनी अच्छी है, सुशिल भी है और मेरी उस से कितना बनता है, तो यह तो मेरा गर्लफ्रेंड बनने लायक है, क्यों और किसी को मैं गर्लफ्रेंड बनाऊं जब खुद घर में इतनी खूबसूरत और प्यारी गर्लफ्रेंड है!!?”

वो बुसस छुप कर अशिता को देखे जा रहा था और उधर अशिता इतनी देर इंतज़ार करने के बाद जब देखा के विहान उसस्के पास नहीं आया तो उस्सको फुकरा,

“भाई! किधर हो तुम? बाहर आओ नाह देखो कितनी अछि धुप है, बहोत ाचा लग रहा है आओ नाह यहाँ!”

विहान ने हँस्ते हुए खुद से कहा, “लो! मेरा गर्लफ्रेंड मुझको बुला भी रही है तो चलो अपने गर्लफ्रेंड के पास जाता हूँ अब!”

विहान ने सोचा के उस्सको अब कितना कुछ कहना है अशिता से, मगर वो तो कुछ सुन्ना hi नहीं चाहती, बुसस भाग रही है दूर दूर, और बाहर आँगन में तो बात नहीं कर पाएगा, क्यूंकि रास्ते पर षाले लोग देख और सुन भी सकते हैं….. विहान को बड़ा मैं था अशिता को अपने बाहों में भरके बहोत सारे बातें करने को, और आँगन में तो वो यह सब नहीं कर पाएगा… फिर भी गया अशिता के पास, उसी पत्थर पर बैठा और उसस्के काँधे पर अपना हाथ रख कर कहा, “किआ हुआ? क्यों बुलाया मुझे यहाँ?!”

अशिता ने एक बहोत प्यारी सी मुस्कान में कहा, “देखो नाह कितनी अछि धुप है, बहोत ाचा लग रहा है, मेरे पास बैठो नाह भाई अंदर घर में ठण्ड है!”

अब विहान को अशिता के सब बातें बहोत ज़्यादा अचे लगने लगे, उस्सकी आवाज़ और भी ज़्यादा सुरीले लगने लगे, विहान को अब सिर्फ अशिता को सुनने का मैं कर रहा था और उस्सकी मुस्कान को देखने का मैं कर रहा था. विहान ने वैसे hi उसस्के काँधे पर हाथ रखे हुए धीरे से उसस्के चेहरे से बालों को एक तरफ सरकाया और एक नज़र रास्ते पर किया देखने को के कहीं कोई उन् दोनों को देख तो नहीं रहा, फिर अशिता के गाल को सहलाया और अशिता के चेहरे को अपने चेहरे के तरफ उठाया. तो जब अशिता ने उस्सने चेहरे में देखा तो मासूमियत से अपने भाई के चेहरे में देखते हुए पूछा, “किआ?”

विहान ने प्यार से मुस्कुराते हुए कहा, “कुछ नहीं बुसस तुमको देखने को मन कर रहा था!”

अशिता: “ोफो किआ देखने को मैं कर रहा था मुझे? तुम बड़े नटखट हो रहे हो आज कल भाई मुझे नहीं पसंद जब तुम ऐसे करते हो बिना वजा के यह वो करना ऐसे!”

तो विहान ने उसी तरह से अशिता के चेहरे को अपने हाथ में थामे अपने चेहरे के तरफ किये हुए hi उस्सको जवाब दिया,

“मुझे तो बहोत पसंद अत है तुम कुछ भी करो, बिना वजह यह वो भी करो तब बी मुझे तो बहोत पसंद अत है, तुम हंसो, चिल्लाओ, शोर करो, कुछ भी करो मुझे तो हमेशा सब पसंद अत है!”

यह सुनकर अशिता छुप हो गया और सर झुका लिया, पीर विहान का हाथ अपने हाथ में थाम कर कहा, “चाह अब चलो वापस अंदर चलते हैं बहोत धुप सेंक लिए हमने!”

विहान को लगा के उस्सकी गर्लफ्रेंड ने उस्का हाथ थमा है और आँगन से चलते हुए घर के अंदर तक अशिता विहान का हाथ पकड़े हुए गए जिस से विहान को बहोत मजा आया क्यूंकि उसस्के लिए तो उस्सकी गर्लफ्रेंड ने उस्का हाथ थामा था.

अपने कमरे में आते hi दोनों अपने बीएड पर बैठे. विहान ने फिर अशिता के काँधे पर अपना हाथ रखा और पूछा,

“तुम्हारा पीरियड स्टार्ट हो गया है?”

अशिता झट से उठ कड़ी हुई और आईने के पास जाकर कंघी लिया और अपने बाल बनाने लगी आईने में से विहान को बीएड पर बैठे उसस्के तरफ देखते हुए देखते….

विहान फिर उसस्के करीब गया और उसस्के हाथ से कंघी लिया अशिता के बाल में फरने के लिए….. हाँ बचपन से विहान अशिता को कंघी करते अयाह ै, वो अपने माँ से सीखा, जब अशिता और भी छोटी थी तो अक्सर माँ बिजी होती थी तो विहान hi अशिता के बाल बना देता था अक्सर. तो यह आदत थी विहान की िक्सी लिए अशिता ने उस्सको कंघी दे दिया और विहान उसस्के बाल में कंघी चलाने लगा मगर बात भी किया,

“तुम ने क्यों रिप्लाई नहीं किया?”

अशिता बोली, “भाई ऐसे बातें मत पूछा करो नाह मुझको शर्म आती है!”

विहान: “अरे पुगली इतस नेचुरल, इस में शर्म नहीं आना चाहिए यह नेचुरल है सभी लड़कियों को होता है यह नार्मल बात है….. देखो मुझे क्यों शर्म नहीं आयी तुमसे पूछने को…. तो बताओ स्टार्ट हो गयी या नहीं!”

अशिता ने आईने में विहान के चेहरे में देखते हुए थोड़ा शर्माते हुए कहा, “हाँ” और जल्दी से नज़रों को झुका लिया.

तो विहान मुस्कुराया और कहा,

“देखा, कौन सी बड़ी बात हो गयी बुसस तुमने बता दिया और मुझे पता चल गया इतस नार्मल, अरे हम दोनों में कभी कोई सीक्रेट रहा है किआ? हम्म? तो तुम मुझसे आज के बाद कोई भी बात नहीं छुपाओगी okay दोने? बोलो!”

अशिता ने एक नखरे वाली अदा में कहा, “OKAY भाई!”

उस वक़्त विहान अशिता के पीछे खड़ा था उसस्के बाल को कंघी करते हुए, अशिता सामने था… कद में विहान अशिता से ऊंचा था, तो झुक कर विहान ने अशिता के गाल पर किश किया, और अशिता से कहा, “मुझको भी एक किसी दो अब!”

तो अशिता ने कहा, “क्यों? आज तुम्हारा बर्थडे तो नहीं है!”

तो विहान ने हँस्ते हुए कहा, “अरे तो सिर्फ बर्थडे पर किश करते हैं किआ? मैं ने तो दिया अभी तुमको एक किसी अब तुम भी मुझे वैसे किसी दो नाह!”

अशिता ने एक नटखटी अदा में कहा, “नाह!”

मगर तब विहान ने उस्सको जाकर लिया और खुद अपने गाल को अशिता के होंठों पर दबाया और कहा, “अब किसी दो वार्ना तुमको नहीं छोड़ूंगा अब!!”

अशिता ज़ोरों से हंससने लगी, “हीहीहीही…. भाई चोर्रो नाह प्लीज चोर्रो नाह!!”

विहान उस्सको जाकर हुए अपने गाल को और ज़ोर से अशिता के चेहरे पर दबाते हुए कहता गया, “किसी दो, किसी दो तब चोरडूंगा….”

और अशिता ने एक नहीं तीन चार किसी दिए विहान के दोनों गालों पर!!

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इस तरह से दोनों के बीच बहोत सारे ऐसे सीटुएशन्स आये जहाँ दोनों ने कभी ावक्वार्ड फील किया या विहान अशिता से बहोत ज़्यादा आकर्षित हुआ. जैसे के एक रात को विहान इंटरनेट साफé से रात को 11.30 को घर वापस आया तो अशिता को सोता हुआ पाया बीएड पर. दोनों एक साथ शामे बीएड पर सोते थे तब तक. अशिता की ड्रेस जाघों के बहोत ज़्यादा ऊपर उठा हुआ था जिस से उस्सकी बहोत खूबसूरत जांघें साफ़ नज़र आरहे थे. वो होता है नाह जांघ के ऊपर वाले हिस्से जो हमेशा ड्रेस के निचे होता है, तो ऊपर उस हिस्से का रंग कुछ ज़्यादा सफ़ेद रहता है ड्रेस के निचे होने से, वह part जो ज़्यादा मुलायम होते हैं, जिस्का रंग ज़्यादा आकर्षित करता है मर्दों को, उसी हिस्से को विहान देख रहा था कमरे में दाखिल होने के बाद. बहोत hi सेक्सी दिख रहे थे और विहान की सांसें बढ़ने लगे अशिता को वैसे देखते हुए… उस्सने नज़र ऊपर के तरफ किया देखने को के अशिता नींद में है के नहीं, चादर उसस्के जिस्म से बिल्कुल हट गए थे करवट लेने से और अशिता वैसे hi बेहाल पड़ी हुई थी गहरी नींद में….

विहान ने कुछ देर वैसे hi निहारा अपनी बेहेन के जिस्म को और अपने कपडे उतरा सोने के लिए. तब उस्सने अपने खुद के जाँघों को देखा तो पाया के उस्सकी जांघें अशिता के जाँघों से ज़्यादा पतला था तो खुद से कहा,

“कमाल है यह मुझसे 2 साल छोटी है मगर इस्सकी जांघें कैसे इतने बड़े हैं भला?!” उस्सको यह नहीं पता था के लड़कियों के जिस्म लड़कों से बहोत ज़्यादा बढ़ते हैं उस उम्र में… तो विहान काफी हैरान हुआ….. और चादर को ओढ़ने से पहले उस्सने आहिस्ते से अशिता के जाघों को छुआ और हलके से किश किया और तब अशिता ने एक अंगराई ली, और नींद में hi बड़बड़ायी, “भाई सो जाओ नाह क्यों लाइट ों किया हुआ है हम्म्म!”

और विहान जल्दी से बीएड पर चढ़ गया और अशिता को बाहों में भर लिया, और अशिता ने भी अपने बाहों को नींद में hi विहान से लपेटा और दोनों सोने लगे….. दोनों को बचपन से वैसे hi एक दूसरे को बाहों में भरके सोने की आदत थी… मगर आज की रात वाली बात कुछ और थी…. दोनों एक दूसरे के टांगों को भी क्रॉस करके सोते थे बचपन से, मगर आज जब विहान ने अपने टांगों को अशिता के टांगों में क्रॉस किया तो पाया के उस्का बिल्कुल खड़ा हो गया था और उस्का अशिता के जाँघों पर डाब रहा था और विहान ने दबाते हुए थोड़ा सा रगड़ा भी अशिता के जाँघों पर मगर जल्द hi उस्सको नींद आ गयी…..

तो बे कॉन्टिनोएड…………. (2150 वर्ड्स)
 
अपडेट 4 थेइर बॉन्डिंग कॉन्टिनुएस…

और विहान जल्दी से बीएड पर चढ़ गया और अशिता को बाहों में भर लिया, और अशिता ने भी अपने बाहों को नींद में hi विहान से लपेटा और दोनों सोने लगे….. दोनों को बचपन से वैसे hi एक दूसरे को बाहों में भरके सोने की आदत थी… मगर आज की रात वाली बात कुछ और थी…. दोनों एक दूसरे के टांगों को भी क्रॉस करके सोते थे बचपन से, मगर आज जब विहान ने अपने टांगों को अशिता के टांगों में क्रॉस किया तो पाया के उस्का बिल्कुल खड़ा हो गया था और उस्का अशिता के जाँघों पर डाब रहा था और विहान ने दबाते हुए थोड़ा सा रगड़ा भी अशिता के जाँघों पर मगर जल्द hi उस्सको नींद आ गयी…..

अब आगे……

अगले सुबह को क्यूंकि छूती थे स्कूल के तो काफी लेट तक दोनों सोते रहे. काम पर जाने से पहले माँ ने कई बार उन् दोनों के कमरे के दरवाज़े को खोल कर उनको उठाने के लिए गयी मगर दोनों मस्त और मजे में सो रहे थे सिर्फ “हम्म्म हाँ हम्म” में आवाज़ दिए दोनों ने.

माँ ने एक बार अनिरुद को दोनों के कमरे में बुलाया दिखाने के लिए के किश तरह से दोनों एक दूसरे के साथ लिपटे हुए सोये हुए हैं, और किश तरह से दोनों के टांगें एक दूसरे के टांगों में फंसे हुए हैं, और अनिशा की ड्रेस कैसे ऊपर कमर तक उठे हुए हैं, उस्सकी जाँघों के बीच कैसे विहान के जांघें बंधे हुए हैं…..

बाप ने बुसस बात को अनदेखा करते हुए कहा, “अरे हमारे बचे हैं दोनों एक साथ ऐसे सोने से प्यार बढ़ता है और गरम महसूस होता है दोनों को सोने दो नाह, स्कूल की छूती है दोनों अपने टाइम से उठेंगे तुम क्यों फ़िक्र करती हो, चलो लेट हो जाएगा हमें, रहने दो दोनों को सोते हुए hi!”

मगर सुमन को कुछ ठीक नहीं लगा. उस्सने कहा, “अशिता के लिए अलग इंतज़ाम करना चाहिए अब, दोनों एक साथ नहीं सो सकते ऐसे मैं सोचती हूँ. कहीं कुछ हो गया तो?!”

बाप ने कहा, “चुप कर तू फ़ालतू की बातें करना, किआ हो जाएगा? भाई बेहेन हैं दोनों तुम किआ अनाप शनाप बकने लगी अब!”

दोनों काम के लिए निकल गए मगर सुमन के मैं में दिन भर वो मंज़र अत रहा जो उस्सने दोनों के बीएड पर देखा सुबह को और उस ने सोच लिया के अब एक अलग बीएड खरीदेगी अशिता के लिए.

उधर जब विहान की नींद टूटी दिन के सादे नव बजे तो सुबह सुबह जो सामान खड़ा हुआ रहता है, वैसे hi उस्का खड़ा हुआ था और अशिता की टांगें उसस्के टांगों में लिप्त हुआ था तो उस्सने अपने लुंड को कपडे के अंदर से hi अशिता के जांघ पर दबाया और हल्का सा रागढ दिया….. अशिता ने एक अंगराई लेते हुए आधे नींद की हालत में बड़बड़ाते हुए कहा, “हम्म्म किआ कर रहे हो भाई, कल रात को सोने से पहले भी तुमने ऐसा किया था मुझे पता है हम्म्म्म ऐसा मत करो नाह मुझे पता है तुम किआ कर रहे हो! गंदे हो तुम भाई!”

यह सुनकर विहान झट से उस से अलग होते हुए सोचा के यह तो अच्छी बात है अगर अशिता को पता है के वो किआ कर रहा था, मगर उस्सको शर्म आयी के उस्सकी चोरी पकरि गयी और वो शर्माते हुए उठकर ब्रश करने चला गया अपने तन्ने हुए लुंड को दबाते हुए. जब वो उठकर जा रहा था तो अशिता एक ेंख बांध किये हुए दूसरी ेंख को खोलके उस्सको जाते देख रही थी, और फिर सोने लगी कम्बल को अपने सर के ऊपर करके.

मगर उस्सको अब नींद नहीं आ रही थी तो बुसस कुछ मिनट बाद वो भी गयी ब्रश करने को जहाँ विहान आलरेडी ब्रश कर रहा था. लजीली चलते हुए, ढीली बदन में अशिता ने अपना ब्रश लिया और विहान को हलके से धक्का देकर उस्सको बगल में खिस्काते हुए वो आईने के सामने हुई खुद के चेरे को देखने के लिए.

तब विहान ने ज़ोर से हँस्ते हुए उस्सको चिढ़ाया यह कहकर, “हाहाहाहा देख देख अपना चेहरा सोने के बाद किसी लगती है हाहाहाहा अपनी बाल को देख बिल्कुल गन्दी दिख रही है हाहाहाहा!”

अशिता ने मुहं फुलाते हुए तिरछी नज़र से विहान के चेहरे में देखा और कहा, “तू बड़ा हीरो दिख रहा है किआ अभी खुद को भी तो देख! हीहीहीहीही”

बुसस इतना hi कहा अशिता ने के उस्सकी ब्रश टूट गयी और दो टुकड़े हो गए….. अब उस्सने मुंह फुलाते हुए विहान से कहा, “अब मैं कैसे ब्रश करुँगी भाई यह देखो, इस्सके तो दो टुकड़ा हो गया ह्म्म्मम्म!”

विहान उस्सको और चिढ़ाते हुए ज़्यादा ज़ोर से हंससने लगा…. तो अशिता ने विहान के हाथ से उस्का ब्रश चीन लिया और धोकर ुसस्पर टूथपेस्ट लगा कर अपने टीथ ब्रश करने लगी अपने भाई के ब्रश से…. वैसे विहान का ब्रश हो गया था तब तक….. विहान ने माउथ वाश कर लिया तो अशिता को ब्रश करते हुए देखते हुए कहा, मेरे मुंह के अंदर से निकले हुए ब्रश को अपने मुंह में दाल दिया तुमने इस्सके मतलब समझती है किआ?!”

तो उस वक़्त अशिता ने वो किया जो विहान ने बिल्कुल भी नहीं सोचा था के वो ऐसा करेगी – अशिता ने जल्दी से अपने मुंह के टूथपेस्ट के फोम को विहान के सर पाकर के उसस्के मुंह में डाला उसस्के दोनों गालों को दबाते hue….uss एक्शन से अशिता के जीब भी गए विहान के मुंह में……

यह करने के बाद अशिता बड़े ज़ोर से हंससने लगी, और विहान तो बुसस हकबका गया और हैरत से अशिता के चेहरे में देखता रहा फ्रीज होकर!

माउथ वाश करने के बाद अशिता ने कहा,

“कौन से बड़ी बात हो गयी भाई अगर मैं ने तुम्हारे ब्रश को अपने मुहं में डाला? हम एक दूसरे के झुत्तं नहीं खाते किआ? मैं और छोटी थी तो तुम अक्सर पहले अपने मुंह में चीज़ों को कुचलने के बाद मुझको खिलाते थे, तब वो झुत्तं नहीं होता था किआ? तुम्हारे मुंह के अंदर से निकले हुए कितने चीज़ों को खिलाया है तुमने मुझे, माँ और पापा ने भी तो वैसा किया है तो इस में कौन सी बड़ी बात है?!”

विहान ने सोचा सही तो कह रही थी और दोनों एक hi टॉवल के दो एन्ड से चेहरा पोंछते हुए एक दूसरे को देखते हुए हंस रहे थे तब विहान ने कहा,

“तू तो अब बड़ी सयानी हो गयी है ऋ!”

अशिता ने आगे चलते हुए जवाब दिया,

“लड़कियां सयानी hi होते हैं और लड़के बुद्धू!”

तो झपक के विहान ने उस्सकी छोटी पकड़ा और कहा,

“तुमने मुझे बुद्धू कहा अभी बताता हूँ!”

और दोनों झगड़ने लगे, वही झूट मूठ की लड़ाई, प्यार वाले झगडे जो भाई बहनों के बीच अक्सर होता है….

दोनों चाय पीने गए, बिस्किट्स वग़ैरा लिए तो अशिता ने कहा, “चाय ठंडी हो गयी है भाई, ठहरो मैं नयी बनती हूँ!”

हाँ अशिता किचन के बहोत सारे काम करती थी, उस्सकी माँ ने उस्सको बचपन से hi किचन में काम करना सिखाया है और अशिता को किचन में पकाना, केक्स कुक करना और बहोत सारे चीज़ें बनाना अत था, और स्कूल में होम एक भी करती थी तो यह सब उस्सको पसंद था. वैसे काफी कुछ विहान को भी अत था क्यूंकि उस्सने भी माँ से बहोत कुछ सीखा था जब अशिता बेबी थी तब.

अब विहान अशिता को चाय बनाते हुए निहार रहा था. ऐसा लग रहा था एक हस्बैंड बैठा हुआ वाइफ की हाथ की चाय पीने का वेट कर रहा था.

खैर चाय पीते वक़्त विहान को एक आईडिया सुझा. उस्सने कहा, “सुन, अगर झुत्तं खाने से तुझे कोई प्रॉब्लम नहीं तो चल एक टेस्ट करते हैं, मैं देखता हूँ तू अब भी मेरा झुत्तं खाती है के नहीं!”

दोनों चाय के कप लिए और बिस्कुट लिए बैठे हुए थे टेबल पर तो अनिशा ने कहा, “okay.”

और विहान ने बिस्कुट का एक टुकड़ा अपने मुंह में डाला, उस्सको भिगो दिया और अशिता के मुंह के पास किया और कहा, “इससे अपने मुंह में ले ले!”

अशिता ने बिना प्रॉब्लम के अपना मुंह खोला और विहान के मुंह से उस भीगे हुए बिस्कुट के तड़के को अपने मुंह में ले लिया और खा लिया.

विहान को बहोत ाचा लगा, और उस्सने जान बूझकर अपने जीब को अशिता के जीब से टकराया वैसा करते वक़्त. फिर कहा, “एक और बार करते हैं!”

तो अशिता ने मुंह खोल दिया और अपने मुंह को विहान के मुंह के पास कर दिया, जल्दी से विहान ने एक और बिस्कुट का टुकड़ा मुंह में लिया और अशिता के मुंह में डाला फिर से अपने जीब को अपनी बेहेन के जीब से टकराया उस्सने.

विहान को कुछ होने लगा था, उसस्के जिस्म में एक आग जैसे भड़क रहे थे वो अशिता के चेहरे में घुर्र रहा था और अचानक अशिता ने कहा, “अब मेरी बारी, तुम अब मेरे मुंह से खाओगे भाई okay?”

और विहान जैसे फ्रीज होते हुए अपने सर्र को हाँ में हिलाया और इस बार अशिता ने अपने मुंह से बिस्कुट को विहान के मुंह में डाला, वो करने के लिए अशिता को चेयर से खड़ा होना पड़ा और विहान के ज़्यादा करीब होना पड़ा. और जिस वक़्त अशिता के मुंह से विहान के मुंह में बिस्कुट ट्रांसफर हो रहे थे उस दौरान विहान के दोनों हाथ अशिता के कमर पर हुए और उस्सने अशिता को ज़ोर से बाहों में भर लिया, और अपने मुंह में अशिता के मुंह को ले लिया और उसस्के जीब को अपने मुंह में लेकर चुस्सने लगा…… अशिता का हाथ विहान के काँधे पर गए और उस्सने छोटे छोटे थपथपाहट किये विहान के काँधे पर… मतलब रुकने का इशारा कर रही थी….. कोई 20 सेकण्ड्स तक विहान ने अपनी बेहेन के जीब को चूसा उस वक़्त और यह पहली बार हुआ था.

विहान ने सोचा के अशिता नाराज़ होगी, चिल्लाएगी और शोर मचाएगी मगर वो बहोत हैरान हुआ के अशिता ने कुछ नहीं कहा, नाह किया बुसस बिल्कुल नार्मल थी जैसे कुछ हुआ hi नहीं; और हु वापस अपनी बिस्कुट खाने लगी. विहान अशिता के चेहरे में देखते जा रहा था सोचते हुए के किआ अशिता को पता भी है के अभी अभी दोनों के किश किये पहली बार, रियल वाले फ्रेंच किश किये दोनों ने किआ अशिता को पता था?!

विहान का जमके खड़ा हो गया और अशिता को घुररते जा रहा था मगर अशिता जैसे कुछ हुआ hi नहीं वैसे नार्मल बेहवे कर रही थी, तो विहान ने कहा,

“मैं ने दो बार तुमको बिस्कुट खिलाया अपने मुंह से और तुमने सिर्फ एक hi बार किया, एक बार और करना है नाह?!”

तो अशिता ने मुस्कुराते हुए कहा, “ok ठीक है और एक बार करती हूँ…”

और वही हुआ फिरसे….. जैसे hi अशिता ने विहान के मुंह में बिस्कुट का टुकड़ा डाला विहान ने उस्सको ज़ोर से बाहों में भरते हुए अशिता के गर्दन के पीछे हाथ से ज़ोर लगाते हुए उस्सको अपने मुंह पर दबाया और अशिता के जीब को बिस्कुट समेत अपने मुंह में लिया और अपनी बेहेन के जीब को चुस्सने लगा…. अशिता वैसे hi विहान से लिपटी रही और अपने भाई को जीब चुस्सने दिया जैसे के बिस्कुट खा रहा था उसस्के जीब से… लास्ट बार 20 सेकंड तक हुआ इस बार 45 सेकण्ड्स तक चूसा उस्सने अशिता के जीब को… और जब रुका तो बिल्कुल नोर्मल्ली अशिता ने विहान के चेहरे में देखते हुए पूछा, “हो गया? बुसस?”

विहान उस्सकी मासूमियत पर मुस्कुरा दिए और कुछ देर उसस्के चेरे में ग़ौर से देखने के बाद पूछा,

“तुमको पता भी है के अभी हम दोनों ने किआ किआ आशु?”

अशिता ने अपने कन्धों को ऊपर उठाते हुए कहा,

“किआ किया? बिस्कुट खिलाया तुमको और किआ?!”

विहान: “और उसस्के इलावा किआ किया हम दोनों ने आशु?”

अशिता: “कुछ भी तो नहीं किया!”

विहान सोचने लगा किआ अशिता भोली बनने की ढोंग कर रही है या सच में उस्सको समझ में नहीं आया के दोनों ने अभी अभी किश किये! तो उस्सने कहा,

“ाचा डार्लिंग एक काम करते हैं…”

अशिता बहोत ज़ोर से हंससने लगी और पूछा, “तुमने मुझको ‘डार्लिंग’ क्यों कागा भाई हीहीहीहीहीहीहीहीहीही!”

तो विहान ने कहा, “आरी तो डार्लिंग, स्वीटहार्ट, माय लव’ यह सब जिस से बहोत प्यार करते हैं उसी को ऐसे बुलाते हैं नाह!”

अशिता ने कहा, “हाँ तो तुम मुझको क्यों ऐसे बुलाने लगे अचानक?!”

विहान: “चलो आज के बाद मैं तुमको इन् 3 नामों से hi बुलाऊंगा, या डार्लिंग, स्वीटहार्ट या माय लव okay?!”

अशिता: “हम्म और मम्मी पापा ने सुना तो?!”

विहान: “नहीं उनके सामने नहीं बुलाऊंगा, जब हम अकेले होंगे तब ऐसे बुलाऊंगा ठीक है?!”

अशिता: “okay हाँ तो तुम किआ बोल रहे थे जब पहली बार डार्लिंग बोलै तब हीहीहीही!”

विहान ने कहा: “हाँ तो तुम मुझको बिस्कुट खिला रही थी तुमने कहा नाह? तो बिना बिस्कुट खिलते हुए वैसे hi आकर मुझको खिलाने जैसे एक्शन कर फिर कहता हूँ जो कहना था समझ गयी?”

अशिता समझ गयी और चेयर से उठकर विहान के पास आयी, और विहान ने वैसे hi उस्सको बाहों में लिया, अशिता ने मुंह खोला और विहान ने अपने जीब निकला और अशिता के मुंह में डाला जिस्सको अशिता ने अपने मुंह में लिया और chussa…aur विहान ने अशिता के जीब को चूसा…..

उसस्के बाद अशिता से विहान ने पूछा,

“तो अब बता हम ने अभी अभी किआ किया? इस से पहले तो बिस्कुट खिला रहा थे एक दूसरे को नाह? तो अभी अभी हमने जो किया वो किआ था?!”

अशिता छुप छुप कर हंस रही थी फिर विहान को देखते हुए कहा, “कुछ नहीं हम वैसे hi एक्ट कर रहे थे जैसे एक दूसरे को बिस्कुट खिलते हैं, झूट मुठ के बिस्कुट खिला रहे थे!”

विहान ने कहा, “अरे धत तेरी की! तू खुद को सायानी कहती है नाह तो क्यों नहीं पता तुझे के हम किआ कर रहे थे अभी?”

तब अशिता आराम से चेयर से उत्तरी, विहान के पास गयी, उसस्के गाल पर किश किया और कहा, “भाई तुम सच में बुद्धू हो किआ? मुझे पता है हम किआ कर रहे थे और हाँ मैं तुमसे भी सयानी हूँ तुम बुद्धू hi हो ीूऊऊऊह्ह्ह्ह!”

तो बे कॉन्टिनोएड……………. (2400 वर्ड्स)
 
अपडेट 5 – थेइर रोमांस तुरंस तो सडनेस

दोनों के बीच ऐसे बहोत प्यार बढ़ता गया और जब भी अकेले होते दोनों तो कुछ नाह कुछ गुल खिलाते रहते. दोनों के अपने सीक्रेट्स थे जो घर में माँ बाप के सामने बिल्कुल नहीं दिखाते, और जब भी कमरे में अकेले होते तो आशिकों की तरह रहते थे दोनों. अब दोनों कॉलेज में आ गए थे.

कॉलेज रेसुंएस हो गए और दोनों वापस कॉलेज जाने लगे थे. अब विहान कॉलेज में भी अशिता पर नज़र रखता. क्यूंकि मिक्स्ड स्टूडेंट्स थे कॉलेज में, दोनों लड़के और लड़कियां तो अशिता के क्लास में भी लड़के थे और उन् में से एक अशिता के काफी करीब था. मगर सिर्फ क्लास में वो अशिता से थोड़ा फ़्लर्ट करता क्यूंकि बरअक्स में तो अशिता हमेशा विहान के साथ रहती थी. मगर फिर भी कभी कभार अशिता अपने दोस्तों के साथ भी हो जाती थी ब्रेक में भी.

और एक दिन विहान ने देखा के वो लड़का, आदित्य नाम का जिस से अशिता बात कर रही थी एक दिन ब्रेक में. विहान ने दूर से देखा, और कुछ देर देखने के बाद के अशिता उस लड़के से हंस कर बात करती जा रही थी और वो लड़का अशिता के काफी क्लोज था तो विहान जल्दी से अशिता के तरफ बढ़ा और उस्सको बाहों के पाकर कर एक तरफ लगाया और पूछा,

“कौन है वो?”

अशिता ने आराम से रिप्लाई किया,

“आदित्य है, मेरा क्लास मात है.”

विहान ने पूछा, “तुम्हारे पास बैठता है किआ क्लास में?”

अशिता, “ोफो नहीं भाई मैं तो शालिनी के पास बैठती हूँ!”

विहान, “लड़कों से ज़्यादा दोस्ती मत करना तुम कह देता हूँ!”

अशिता ने हँस्ते हुए पूछा, “अरे मगर क्यों? तुम्हारे भी तो कितने सारे लड़कियां दोस्त हैं नाह भाई?!”

विहान: “वो अलग बात है, तुम्हारी बात अलग है समझा करो नाह स्वीटहार्ट!”

अशिता ने विहान को चिढ़ाते हुए कहा,

“यू जेलस भाई इउउउउउउउउ!!”

अशिता को पता था विहान जलता है जब वो किसी लड़के के साथ होती है तो, और अपने भाई को दुःख नहीं देना चाहती थी इस लिए लड़कों से दूर hi रहती थी.

एक दिन शाम को कॉलेज से निकलने के बाद, दोनों एक वाक करते हुए माल्स में विंडो शॉपिंग करने लगे… बड़े अचे अचे चीज़ें देख रहे थे दोनों और किसी को यह बहोत पसंद अत तो किसी को वो… इतने सारे बाध्य बाध्य चीज़ें डिसप्लाएड थे सभी शॉप्स के लुक्सुरिओउस सामानों में के दोनों के बुसस लाड टपक रहे थे. और अशिता ने कहा,

“भाई हम आमिर होते तो हमारे पास यह सब होते नाह?!”

फिर कुछ दूर पर वह दोनों एक लिंगेरी शॉप के पास रुके और विंडोज में अछि अछि हाई क्वालिटी के निघटिएस, ब्रा और पैंतीस डिसप्लाएड हुए दिख रहे थे.

कुछ इस तरह के लिंगेरिएस थे

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अशिता ने बुसस एक नज़र देखा और वहां से हट गयी मगर विहान खड़ा देखता रहा और फिर अशिता को अपने पास बुलाया. अशिता को पता था के वो किआ देख रहा है, जब पास आयी तो इन् कपड़ों को दिखाते हुए विहान ने अशिता से कहा, “देख कितनी सेक्सी लग रहे हैं, तुम पर बहुत hi ाचा लगेगा, इस में से वो रेड वाले ब्रा खरीदूं किआ तम्हारे लिए?”

अशिता ने धीरे से चरों तरफ देखने के बाद कहा, “भाई चलो यहाँ से लोग देख रहे हैं, यह बहोत महंगे वाले हैं, मेरे ब्रा तो मम्मी ने बाजार से ख़रीदे हैं जो 25 रूपए में 3 मिलते हैं!”

और अशिता ने विहान का हाथ खींचते हुए वहां से दूसरे शॉप्स के तरफ बढ़ गयी.

विहान को वो ब्रा बहोत पसंद आया और सोच लिया के जो part टाइम जॉब करता है वहां से पहला तनख्वा मिलने पर पहला गिफ्ट अशिता के लिए वही खरीदेगा.

फिर वहां से चलते हुए दोनों एक नदी के पास से गुज़रते, टहलते हुए घर को जाने लगे. वैसे हर रोज़ बस से जाते हैं मगर आज दोनों को चलने फिररने का मैं था तो चलते हुए जा रहे थे.

उस नदी के पीछे एक कच्चा रास्ता था जिस के बगल में बहोत सारे पेयर पौधे थे और लोगों का आना जाना उस तरफ बहोत कम था, कुछ एक बाघ जैसा था जो लगता तो एक पार्क जैसा था मगर अबंदोनेद था और डर भी लगता था उस तरफ से गुज़ारना. उस तरफ कोई भी नहीं दिख रहे थे और दोनों एक दूसरे के हाथ पकडे चलते जा रहे थे और एक जगह एक बड़े पेयर के पास विहान रुका और अशिता को अपने बाहों में भर्र लिया तो अशिता ने कहा,

“मुझे पता था तुम इसी लिए मुझे इधर लेकर आये हो aaj!!kia भाई घर पर तो मुझे बाहों में भर सकते हो यहाँ क्यों लाये हो?!”

विहान ने उसस्के गाल पर अपने होंठ को फरते हुए भुनभुनाया,

“यहाँ का माहौल तो देखो कितना रोमांटिक है स्वीटहार्ट, ऐसे जगह पर प्यार करना अलग बात होता है, है नाह?!”

अशिता, ने उसस्के काँधे पर हाथ बढ़ाते हुए कहा,

“अरे बाबा मुझे तो डर लग रहा है कुछ रोमांटिक वोमान्टिक नहीं लग रहा, तुम भी नाह भाई पता नहीं किआ किआ सोचते रहते हो, चलो यहाँ से!

विहान ने तब तक अपना मुंह उसस्के होंठों तक कर लिया था और तड़पते आवाज़ में कहा, चलो एक किसी दो नाह…”

अशिता ने सर ऊपर उठाते हुए अपने होंठों को विहान के होंठों से लगाते हुए बचपने अंदाज़ में “हम्म्म किआ भाई यह! यह! यह!”

और विहान ने वैसे hi खड़े होते हुए अशिता को ज़ोर से बाहों में भड़के किश किया. फिर झट से अशिता ने किश रोकते हुए चरों तरफ देखा और कहा,

“अब चलो घर चलते हैं अगर किसी ने किसी कोने से हमको देख लिया तो मुसीबत आजाएगी भाई तुमको ज़रा सा भी डर नहीं लगता किआ? मैं तो चली!”

और वो तेज़ क़दमों से विहान के आगे चलने लगी थोड़ा डॉट हुए……

विहान को उसस्के पीछे भागना पड़ा और दोनों घर पहुंचे.

घर पर तो वो दोनों पहले पहुँचते थे, माँ और बाप तो घंटों बाद वापस आते थे काम से.

तो विहान ने फिर अशिता को जकरा और बीएड पर लेटाया, मगर अशिता नहीं चाहती थी और कहा के रात भर तो साथ रहना है तो अभी क्यों इतना उतावला हो रहा है, वो विहान को पुश करके नहाने चली गयी.

अब विहान उसस्के पीछे गया, अशिता ने अंदर से बाथरूम लॉक कर लिया था और विहान ने बहोत मिनतें किये खोलने के लिए मगर अशिता मन कर रही थी तो विहान ने कहा,

“आरी हम दोनों ने कितने बार साथ बाथ किये हैं, आज फिर से सही, दोनों साथ में नहाते हैं नाह खोलो नाह प्लीज!”

अशिता ने अंदर से हँस्ते हुए जवाब दिया,

“भाई तब हम दोनों छोटे थे अब बड़े हो गए हैं एक साथ नहीं नाहा सकते!”

विहान ने मुंह बनाते हुए कहा,

“ोफो क्यों ज़ुल्म कर रहे हो मुझपर मुझे कितना मैं है तुमको वैसे देखने को, जब से तेरे बूब्स हुए हैं आज तक नहीं दिखाया तुमने, कम से कम अंदर तो अच्छी तरह से देख सकूंगा, प्लीज खोलो नाह आशु!”

अशिता ने और भी ज़ोरों से हँस्ते हुए उस्सको चिढ़ाते हुए कहा,

“बिल्कुल भी नहीं खोलूंगी, तुम जाओ यहाँ से, वो नहीं देखना है तुम्हें!”

विहान: “देखो अगर मैं चाहता तो रात को कभी भी तुम्हारे कपडे उतार कर देख सकता हूँ नाह? मगर किआ मैं ने कभी ऐसा किया? किआ कभी तुमको बेइज़त किया? नहीं नाह? मैं सही तरह से परमिशन लेकर मांग रहा हूँ नाह? तो क्यों नहीं दिखा रही हो तुम? मैं ज़बरदस्ती थोड़ा hi कर रहा हूँ तुम्हारे साथ बेबी?!!”

अशिता ने फिर हँस्ते हुए रिप्लाई किया, “तुम वैसा कर भी नहीं सकते, खबरदार अगर कभी मेरे कपडे उतारे मेरे इजाज़त के बग़ैर, मैं तुमसे बात करना बंद कर दूंगी अगर तुमने वैसा कभी किया तो समझे तुम भाई?! वैसा नहीं करते, गंदे लोग वैसा करते हैं और तुम मेरे अचे भाई हो तो कभी वैसा मत करना वार्ना मैं मम्मी पापा को बता दूंगी सुना तुमने भाई?!”

यह सुनकर विहान को झटका लगा. सोचने लगा किआ होगा अगर कभी अशिता ने सच में मम्मी पापा को बता दिया तो! अरे बाप रे विहान का तो पसीना छूठ गया और चुप चाप वहां से निकल लिए.

अंदर से अशिता उस से बात करती रही यह सोचते हुए के वो वहीँ पर दरवाज़े के पास खड़ा है. मगर जवाब नाह मिलने पर वो समझ गयी के विहान चला गया.

******************************************************

और उस शाम को मम्मी पापा वापस आये तो एक ट्रक में आये जिस में एक नया बीएड लाया गया था!

विहान और अशिता एक दूसरे के चेहरे को देखते रहे और समझ गए के वो बीएड अशिता के लिए hi था…. दोनों बहोत उदास हो गए और विहान ने कहा, “देखा अब कैसे तेरे साथ रहूँगा? अब तुमको मुझसे दूर किया जा रहा है, हुमक बिचार रहे हैं, अलग हो रहे हैं, किआ जाता तेरा अगर एक साथ हम आज बाथ करते तो? तेरे जिस्म को बचपन से देखता आया हूँ किआ हो जाता अगर आज एक बार और देख लेता तेरे जिस्म को तो? अब कभी भी रात को तुमको नहीं छह पाउँगा!”

विहान ने इतना कहा और उसस्के ेंखों से ेंसू चालक पड़े, जिस्सको देख कर अशिता भी रो पड़ी और विहान को हौसला देते हुए कहा, “भाई बीएड को हमारे रूम में hi लगाया जाएगा, तो हम एक hi रूम में तो रहेंगे और मैं रात को तुम्हारे बीएड पर आजाऊंगी नाह!”

मगर जब बीएड को हेल्पर्स घर के अंदर लाने लगे तो मम्मी ने उनको इशारा किया के बीएड को उस्सकी कमरे में लगाना है……..

अनिरुद अपने दोनों बच्चों को देख रहा था और उस्सको दोनों की उदासी दिख गए, माँ ने भी देखा के दोनों बहोत उदास हो गए हैं मगर उस्का इरादा अटल था वो आज से अशिता को अपने रूम में उस नए बीएड पर लाएगी सोने को ऐसा उस्सने सोच लिया था. मैट्रेस्स भी था साथ में. हेल्पर्स ने सब कुछ इंस्टाल करदिया… अशिता की बीएड मम्मी पापा के बीएड के उस तरफ लगाया गया….

तब विहान ने अशिता का हाथ ज़ोर से पकड़ा हुआ था जिस्सको अशिता ने भी बहोत ज़ोर से अपने मुठी में जकरा हुआ था और रो रही थी….. उस्सको रट देख कर विहान ने कहा, “अब रोने से किआ फायदा, तुझे तो खुश होना चाहिए, मुझको इंकार किया नाह अब जा, मुझसे दूर हो गयी…. बिचार गए हम, अलग हो गए, जुड़ा हो गए!!”

अशिता ज़ोर से रोने लगी…. मम्मी उसस्के पास आयी और उस्सको गले लगाते हुए कहा, “आरी इस में रोने वाली कौन सी बात है? तेरा भाई सिर्फ रात को तेरे पास नहीं होगा, उसस्के बाद तो तुम दोनों एक साथ रहोगे नाह? तुम बड़ी हो गयी हो और अब अपने भाई के साथ नहीं सो सकती, अब तुम्हारा अपना बीएड है तुमको तो खुश होना चाहिए देखो कितनी खूबसूरत बीएड है और मैट्रेस्स भी कितना मुलायम है देखो तो!!

तो बे कॉन्टिनोएड…………..
 
अपडेट 6 – थे टफ मोमेंट एंड ??

अशिता ज़ोर से रोने लगी…. मम्मी उसस्के पास आयी और उस्सको गले लगाते हुए कहा, “आरी इस में रोने वाली कौन सी बात है? तेरा भाई सिर्फ रात को तेरे पास नहीं होगा, उसस्के बाद तो तुम दोनों एक साथ रहोगे नाह? तुम बड़ी हो गयी हो और अब अपने भाई के साथ नहीं सो सकती, अब तुम्हारा अपना बीएड है तुमको तो खुश होना चाहिए देखो कितनी खूबसूरत बीएड है और मैट्रेस्स भी कितना मुलायम है देखो तो!!

अब आगे…….

अशिता इतना रोने लगी थी के माँ ने उस्सको गले लगाते हुए कुछ देर उस्सको कम्फर्ट किया यह कहते हुए विहान के सामने, उसस्के तरफ भी देखते हुए,

“देखो बीटा, तुम हर रोज़ रात के 11 या बारह बजे तक अपने होमवर्क्स अपने भाई के रूम में hi एक साथ तो करोगी नाह? तब तक एक साथ hi रहोगे तुम दोनों, सिर्फ सोने के वक़्त अजना इस बीएड पर मेरे रूम में. वैसे सुबह से लेकर रात बारह बजे तक तो तुम दोनों एक साथ hi रहोगे, अलग कैसे होंगे फिर? तुम सुबह को एक साथ तैयार होकर कॉलेज जाओगे, कॉलेज से एक साथ वापस आओगे, फिर रात के बारह बजे तक एक साथ रहोगे, सिर्फ 5-6 घंटे तो दूर होगी अपने भाई से तो क्यों रो रही हो तुम?”

विहान भी बहोत hi उदास दिख रहा था अशिता को वैसे रोटी देख कर, और बार बार सिर्फ अशिता को hi देखे जा रहा था अपनी माँ की बातों को सुनते हुए, तब माँ ने विहान से कहा, “ले तू hi समझा इस्को मैं किचन में चली अब!”

और फिर विहान ने अशिता के कांधों पर हाथ करके उसस्के साथ चलते हुए अपने कमरे में लगाया. दोनों बीएड पर बैठे और विहान ने उदास आवाज़ में कहा,

“चल अब चुप कर नाह! कोई बात नहीं माँ सही तो कह रही है हम दोनों ज़्यादा टाइम तो एक साथ hi होंगे नाह. अगर उन् लोगों को नहीं चाह लगता के हम साथ सोये तो okay, अलग अलग सो लेंगे रात को फिर दिन में तो दोनों जितना चाहे एक साथ रह सकते हैं नाह!”

इतना hi कहा था विहान ने के झट से अशिता ने अपना मुंह विहान के मुंह में किया और दोनों पशनातेली किश करने लगे. अशिता ने बड़े ज़ोर से विहान को अपने बाहों में जकरा हुआ था किश करते वक़्त, ेंखें बांध थे दोनों के और किश को गहराई से फील करते जा रहे थे पर विहान ने ेंख खोल कर दरवाज़े के तरफ देखा, तो जल्दी से किश रोक कर कहा, “रुको नाह देखो दरवाज़ा खुला है अभी अचानक पापा आ सकता है इस तरफ तो और मुश्किल हो जाएगी, तू भी नाह, ऐसे तो मुझसे भागती रहती है और अब जब जुड़ा होना है तो अपने आप मुझे किश करने लगी, नॉटी गर्ल कहीं की!”

अशिता ने नखरें वाली आवाज़ में कहा, “मुझे नहीं सोना अकेले, मुझे तुम्हारे साथ hi सोना है भाई, तुम्हारे साथ गरम लगता है और तुमको बाहों में भरके सोने की आदत है मेरी!”

मुस्कुराते हुए विहान ने कहा, “मुझे भी तो वही आदत हो गयी है, मुझे भी तो तुमको वैसे hi बाहों में बरके सोने की आदत है, और अब तेरी जिस्म की खुस्भू रात भर फील करने की आदत है, अब तुम्हारी जाँघों में अपने टांगों को लपेटने की आदत है और वहां रगड़ने की आदत भी हो गयी है, मुझे भी तो बहोत मुश्किलों से गुज़ारना पड़ेगा मगर किआ करें, पेरेंट्स ने ऐसा डीडे किया तो हमको मन्ना पड़ेगा नहीं तो उनको शक होगा हमारे बारे में, हमको उस्सकी बात मान लेनी चाहिए और चुपचाप अलग से सोना चाहिए स्वीटहार्ट!”

उस तरफ अनिरुद किचन में सुमन के पास गया और कहा,

“तुमने बड़े आराम से अशिता की बीएड तो लगा दिया हमारे रूम में मगर सोचा है के हमारा किआ होगा? मैं कब और कैसे करूँगा तेरे साथ जब अशिता होगी रूम में?!”

सुमन थिरतिएस के उम्र में थी और अनिरुद फोर्टिस के…. अभी तक दोनों के सेक्सुअल लाइफ बिल्कुल बाध्य चल रहा था. सुमन एक बहोत hi खूबसूरत और सेक्सी औरत थी. थिरतिएस में थी मगर दिखती थी 20 /25 की यंग लेडी. उस्सने अपने फिगर को बहोत ाचा मेन्टेन किया हुआ था दो बच्चों के माँ होने के बावजूद.

पिछले 18 सालों में वो घर के काम काज और बच्चों की परवरिश में लगी हुई थी घरेलु औरत की तरह. किसी भी ग़ैर मर्द के साथ कभी कोई चाकर नहीं हुआ था सुमन का. अब जब काम करने लगी थी कुछ मर्दों को दीवाना बनाने लगी है उस तरफ और रास्ते में….. है कई छैला जो उस के इर्द गिर्द घूमते रहते हैं मगर सुमन कोई ढील नहीं देती किसी को. मगर किआ पता कब किआ हो सकता है ऐसी हॉट औरत के साथ.

अनिरुद ने जब उस्सको अपने बारे में कहा तो सुमन ने हँस्ते हुए कहा,

“आप को अपनी पारी है, बेटी जवान होने लगी है घर में, कभी ग़ौर से देखा है अनिशा को आप ने? 18 साल की हो गयी है... उस्सकी छाती पर ग़ौर किया है कभी कितना उभर गया है? किआ पता भाई के साथ चुम्मा छाती करती है या भाई उसस्के छाती को मसलता है, मुझे तो फ़िक्र होती है यह सब सोच कर के कहीं इज़त की धहैजियन नाह ुध जाए इन् दोनों के कारण….. जिस तरह से सुबह को उन् दोनों को जगाने के वक़्त दोनों को जिस जिस पोज़ में सुबह को देखा हुआ हूँ उस से बहोत कुछ दिमाग़ में अत है, एक सुबह को तो अशिता की ड्रेस पूरा ऊपर उठा हुआ था और उसस्के भाई के जांघें उस्सकी जाँघों में इस तरह से फंसे हुए थे और अशिता की पंतय पर उस्का छड़ी सत्ता हुआ tha…maana के रात को नींद में सब हुआ होगा, मगर हस्बैंड और वाइफ की तरह कभी सोते हैं किआ भाई बेहेन? मुझे नहीं पसंद अत वो सब देखने को उन् दोनों के बीच….”

….. और आप को कोई फ़िक्र नहीं करनी वो अपने भाई के साथ रहेगी हर रात को 11 से बारह बजे तक तब तक हम अपना काम तो कर सकते हैं नाह? हमारा टाईमटेबल होना चाहिए अब, सोच लेना किश रात को प्यार करना है, कह देना उस रात को तब हम दरवाज़ा अंदर से लॉक कर देंगे और 11 बजने से पहले काम कर लेना चाहिए, ठीक है जी?!”

अनिरुद के दिल में उस वक़्त अशिता के जिस्म का नज़ारा आया, और उसस्के दिल में एक अजीब सी हलचल हुई अशिता के बदन को सोचकर और विहान और उस्सको सेक्स के बारे में सोचकर…. उसस्के मैं में किआ उमंग उठा था उस वक़्त यह वो भी नहीं समझ पाया उस वक़्त…. तो उस्सने अपने पत्नी को पीछे से अपने बाँहों में दबोचते हुए, उसस्के गर्दन पर पीछे किश करते हुए कहा, “वह रे मेरी रानी, सब कुछ सोच लिया है तुमने तो, साला अब बच्चों की वजह से मुझे एन्जॉय करने के लिए भी टाइम टेबल बनाना पड़ेगा, धत तेरी की!”

और उस रात को कोई 9.30 को अनिरुद ने सुमन को निघती में बीएड पर पटका और उसस्के ब्रा निकल फेंका और छोड़ने को तैयार हुआ, फिर अपनी पत्नी की जवान जिस्म को चाटते हुए कहा, “आरी सुमन, तू ने अपनी जिस्म अपनी बेटी को भी दे दिया है क्यों उसस्के जिस्म के बारे में बताया मुझे, अब तेरे जिस्म को चाटते हुए मुझे अशिता याद आने लगी ऋ!!”

सुमन ने हँस्ते हुए कहा, “खबरदार अगर मेरी बेटी को तुमने कभी उस नज़र से देखा तो तुम्हारी ेंखें नोच लुंगी समझे तुम?!”

मगर उस वक़्त सुमन को छोड़ते हुए अनिरुद सिर्फ अशिता को hi सोच रहा था, के कैसे सुमन फिर से और भी जवान हो गयी अशिता के रूप में….. उसस्के ख्यालों में खुद उस्सकी बेटी बस्सी हुई थी अपने पत्नी को छोड़ते वक़्त…. आहिस्ते आहिस्ते दोनों पति पत्नी ने अपने सारे कपडे निकल फेंके और बिल्कुल नंगे होते हुए ज़बरदस्त चुदाई होने लगी दोनों के बीच…..

उस तरफ अपने कमरे में दोनों भाई बेहेन होमवर्क्स कर रहे थे….. विहान मैथमेटिक्स कर रहा था और उस्सको अपने कैलकुलेटर उसे करते वक़्त पता चला के उस्सकी बैटरी बिल्कुल डाउन है, तो उस्सने अशिता को अपने पापा की कैलकुलेटर लाने को कहा उसस्के कमरे से…..

अशिता गयी अपने पेरेंट्स के कमरे में कैलकुलेटर मांगने अपने पापा से, वो नार्मल की तरह जाकर अपने पापा के कमरे के दरवाज़े को आराम से खोला तो जो नज़ारा उसस्के ेंखों के सामने आया उस्सने अशिता को बिल्कुल फ्रीज कर दिया, वो बिल्कुल एक स्टेचू बनकर कमरे में बस दो कदम दाखिल हुई थी के उसस्के ेंखों के सामने उसस्के पापा का नंगा गांड दिखा और उस्का लुंड अपनी माँ के छूट के अंदर आते जाते हुए देखा अशिता ने…… उस वक़्त दोनों पीक पर थे दोनों के आवाज़ें ज़ोर से तड़पते हुए बहार आ रहे थे और ओर्गास्म के हालत में थे दोनों के अशिता को अंदर आते हुए बिल्कुल नहीं सुना किसी ने खुद के आवाज़ जो आ रहे थे और ज़ोरों से हांफ रहे थे दोनों तो किसी को कुछ पता नहीं चला के अशिता अंदर आयी हुई है, और अनिरुद का पीठ दरवाज़े से था और सुमन के चेहरा तो अनिरुद के आग़ोश में था तो उस्सको सिर्फ अनिरुद दिख रहा था दरवाज़ा नहीं…..

अशिता बूथ बानी कड़ी रही कोई 50 सेकण्ड्स तक और उसी वक़्त तेज़ दिल के धड़कनों के साथ उस्सने अपने क़दमों को वैसे hi पीछे लिया जैसे अंदर आयी थी और उसको लगा के स्लो मोशन में उसस्के कदम पीछे जा रहे हैं और वो 50 सेकंड अशिता को कई घंटे लगे….. जब उस्सकी कदम कमरे के बाहर निकल गए तो वैसे hi बहोत hi आहिस्ते से दोनों के जिस्म को देखते हुए अशिता ने दरवाज़े को फिर बांध किया और जैसे एक सपने में चलती हुई वापस अपने कमरे में आयी…..

वैसे hi टेबल पर झुक कर होमवर्क्स करते हुए विहान ने अपने बाज़ू को बिना अशिता के तरफ देखे हाथ उसस्के पास किया कैलकुलेटर लेने के लिए, और जब अशिता स्टेचू की तरह वहीँ कड़ी रही और विहान के हाथ में कैलकुलेटर नहीं आया तो उस्सने मुड़कर अशिता को देखते हुए कहा,

“अरे किआ हुआ? क्यों कैलकुलेटर नहीं लायी तू?!”

अशिता जैसे होश में नहीं थी बुसस सामने मोती मोती ेंखों को फाड़े हुए देख रही थी…. उस्सको उस हालत में देख कर विहान उठकर उस्सको छूटे हुए कहा, “आरी हुआ किआ तुझे? कोई भूत दिख गयी किआ?!... धत, रहने दे मैं खुद लेकर अत हूँ पापा का कैलकुलेटर” और वो कमरे से निकलने लगा तो झट से अशिता ने उसस्के बाहों को पाकर कर रोका और कहा, “मत जाओ भाई पापा के कमरे में अभी मत जाओ तुम!”

विहान हैरानी से अशिता को देखते हुए पूछा, “क्यों? क्यों नाह जॉन? अरे मुझे कैलकुलेटर की सख्त ज़रुरत है इसी वक़्त, मैं अभी अत हूँ!”

मगर अशिता ने उस्सको और भी ज़्यादा ज़ोर से अपने तरफ खींचते हुए जाने से मन किया. विहान के समझ में नहीं ारः था के क्यों अशिता वैसा बेहवे कर रही है और पूछा, “आरी बता तो सही क्यों मुझे जाने से रोक रही है कुछ तो बोल नाह!”

अशिता सामने छत्त देखते हुए कहा, “भाई कोई 15/20 मिनट्स के बाद जाना अभी मत जाओ इस से ज़्यादा मैं कुछ नहीं बता सकती, मैं गयी थी मगर मुझे दरवाज़े से hi तुरंत निकलना पड़ा, समझो नाह भाई!!”

तब विहान के समझ में कुछ बात आयी तो आहिस्ते से पूछा, “चाह? किआ देखा तुमने? वह लोग सेक्स कर रहे हैं किआ? और उन् लोगों ने तुमको नहीं देखा?!”

अशिता तब भी जैसे शॉक में थी और अपने भाई के चेहरे में एक पागल की तरह देखते हुए सिर्फ हाँ में अपना सर हिलाया.

तो विहान ने शॉकेड होते हुए पूछा, “व्हाट? उन् लोगों ने तुमो देखा?!”

तो अशिता जैसे नशे के हालत में बोली, “नहीं उन् लोगों ने नहीं देखा मुझे मगर मैं ने दोनों को वही करते देखा जो तुम ने कहा!! नंगे हैं दोनों!!”

विहान ने हनस्सना शुरू किया मगर आहिस्ते आहिस्ते और अशिता के पास जाते हुए कहा, “ओह तो यह बात है, अरे तो इस में शॉक होने की किआ बात है? यह उन् दोनों का हक़ है, थे अरे मेकिंग लव तो एच इतर, कोई प्रॉब्लम नहीं इस में, हाँ तुमने देख लिया तो वो एक्सीडेंटल था, तुमने जान बुझ कर तो नहीं झाँकने गया नाह! इतस okay टेक आईटी इजी स्वीटहार्ट!”

अशिता ने वैसे hi ऊपर देखते हुए जैसे सपनों में बात करते हुए कहा, “मैं ने आज पहली बार देखा ऐसा नज़ारा, लाइफ में कभी नहीं देखा….. मुझे डर लगने लगा, मेरे सांसें तेज़ हो गए, लगता था मैं गिर्र पड़ूँगी, लगता है बीमार हूँ, मेरे माथे से पसीने छूट गए!”

तब विहान ने अशिता को ज़ोर से बाहों में भरते हुए उसस्के माथे को चूमा, फिर उसस्के गालों को चूमते हुए उस्सको समझाया के सब नार्मल देखा जो कुछ भी देखा उस्सने सब नेचुरल हैं ऐसा होता है, पेरेंट्स का हक़ बनता है वो सब करना…… “थे अरे हस्बैंड एंड वाइफ यार, तुम तो अब नार्मल हो जाओ नाह!!” कहा विवान ने.

तब कोई 30 मीन्स के बाद अशिता कुछ शांत हुआ. और फिर सिर्फ तब विहान खुद गया अपने पापा के कमरे में कैलकुलेटर लेने को, और उस वक़्त माँ बाप को ख्याल आया के उन् लोगों ने दरवाज़ा लॉक नहीं किया था इश्क करते वक़्त. उन् दोनों को बिल्कुल भी पता नहीं चला के अशिता ने उन् लोगों को उस हालत में देखा था.

उस घटने ने अशिता पर किआ एस्सार किया था वो बाद में तो पता चलेगा hi, फिलहाल यह देखते हैं के रात को 11.30 को अशिता अपनी नयी बीएड पर गयी, मगर जाने से पहले अपने भाई को ज़ोर से सीने से लगाया और गुडबाय कहा और कहा के मॉर्निंग में मिलेंगे अब.

मम्मी और पापा वेट कर रहे थे अशिता को कमरे में आने को, और जब वो चली आयी अपनी बीएड पर तब पापा और मम्मी सोने गए. माँ ने अशिता को फुसलाया थोड़ा प्यार व्यार करके. अशिता के दिमाग़ में वो मंज़र घूम फिरके आरहे थे जो उस्सने देखा था जब माँ ने उस्सको सीने से लगाया था… खैर कैसे भी करके सब सोने गए…..

मगर अशिता को रात के 1 बजे तक बिल्कुल नींद नहीं आयी थी, वो करवट पे करवट बदलती जा रही थी मगर उस्सको बिल्कुल नींद नहीं आरही थी, वो अपने भाई को मिस कर रही थी, उसस्के बाहों को मिस का रही थी, उसस्के जिस्म की गर्माहट को मिस कर रही थी.

और उस तरफ विहान का वही हाल था. वो भी सो नहीं पा रहा था. अशिता को बहोत याद कर रहा था वो और वो भी उस्सको मिस कर रहा था….. बल्कि वो तो उठ कर कॉरिडोर में चल फिर रहा था, अपने पेरेंट्स के कमरे के दरवाज़े पर कान लगा कर सुन रहा था जैसे उस्सको पता चल जाएगा के अशिता सो गयी के नहीं….. मगर सच में तो बात यह थी के उस्सको अशिता के पास जाने का मैं कर रहा था, मगर डर रहा था के अगर दरवाज़ा खोला तो मम्मी पापा को पता चल जाएगा के वो उधर आया है इस लिए बाहर से hi वापस लौट गया. विहान बहोत बेचैन था, उस से रहा नहीं जा रहा था, मगर बेबस था और सो नहीं पा रहा था, और उधर अशिता भी नहीं सोई थी बिल्कुल…

और सुबह के 3 बजे अशिता आहिस्ते से उठकर वापस अपने भाई के कमरे में आखिर चली hi गयी जब मम्मी पापा गहरी नन्द में थे, भाई के कमरे में दाखिल होते hi देखा के विहान भी जगा हुआ है तो उस से लिपट कर रोने लगी यह कहते हुए के उस्सकी वजह से विहान भी तड़प रहा है और अभी तक सोया नहीं है, और दोनों ने एक दूसरे को बाहों में भरके बीएड पर कम्बल के नीचे हो गए और, एक दूसरे को चूमने लगे और आहिस्ता आहिस्ता विहान अशिता के जिस्म पर हाथ फरने लगा और अशिता के बूब्स देखने की फरमाईश किया उस्सने….. क्यूंकि कुछ देर पहले बिचार गए थे दोनों इस बार अशिता ने इंकार नहीं किया और अपने भाई को अपने ड्रेस को उतारने दिया और विहान ने उसस्के मुलायम बूब्स को मुंह में ले लिया और चूस्ते हुए अपने कमर को दबाया अशिता के जाँघों के बिच रगड़ते हुए और झाड़ गया अपनी छोटी बेहेन के जाँघों के बीच ऊपर hi रगड़ते हुए…

अशिता सब समझ रही थी के विहान उसस्के साथ किआ कर रहा है, कुछ देर पहले hi तो उस्सने अपने मम्मी पापा को ऐसा करते हुए देखा था तो अशिता के लिए यह अब लव मेकिंग था वैसे hi जैसे उस्सने अपने मम्मी पापा को करते हुए देखा था, तो उस्सने अपने भाई को वही ख़ुशी दिया जो मम्मी ने पापा को दिया था, ऐसा सोच कर अशिता ने विहान को प्लीज होने दिया…. विहान का पानी जब अशिता के जाँघों के बीच लगा तो कुछ लत पथ फील किया अशिता ने और विहान से पूछा वो किआ था, और विहान ने आराम से समझाया के उसे वीर्य, याने स्पर्म कहते हैं…… अशिता अब बहोत कुछ जान्ने लगी और समझने लगी

आखिर में दोनों ने कपडे पेहेन लिए और दोनों गहरे नींद के आगोश में चले गए कुछ लम्हों के बाद.

सुबह को माँ उठी और देखा के अशिता बीएड पर नहीं है तो पापा को जगाया और दोनों जल्दी विहान के कमरे में गए तो देखा के अशिता और विहान एक दूसरे को बाहों में भरे गहरी नींद में सोये हुए हैं!!!!

अनिरुद ने कहा, “देखा वो पता नहीं कब अपने भाई के पास चली आयी, इन् दोनों को अलग करना बेकार है, रहने दो अब….”

मगर किआ सुमन दोनों को एक साथ रहने देती?

अगले अपडेट में देखते हैं किआ होता है आगे…..

तो बे कॉन्टिनोएड……………… (3000 वर्ड्स)
 
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