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- Dec 5, 2013
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अपडेट NO 34
radha:*roo मैट देना वार्ना और थपड पड़े गए और सुन्न अगर तूने यह काम कर दिया मेरा तोह तुझे इनाम भी दूगी स्कूल की जिस लड़की से बोले गए तेरी फ्रेंडशिप करा दूगी अगर नहीं हुआ तोह तेरी हाड़िया तोड़ दूगी चल भाग यहाँ से
वह लड़का तोह वह से ऐसे भागता है जैसे भूत लगा हो उसके पीछे राधा भी उसकी अछि खासी ढुलई करने के बाद चल देती है अपने क्लास में
अब आगे.......
राज रश्मि नैना और संजना जब घर पोछे तोह दरवाजा राज की मम्मी ने खोला उनके हाथो में आरती की थाली थी
जिसे देख कर सब हैरान और खुश हो गए
raj:*mummy अप्प यह थाली क्यों लायी है
mummy:*(muskura कर) क्योकि मेरी बेटी जीत जो गयी है इस लिए इसकी नज़र तोह उतरनी होगी ना ताकि ऐसे hi कामयाब होती रहे
rashmi:*par मदर इंडिया आपको पता कैसे लगा दीदी जीत गयी
mummy:*tune अपनी मम्मी को क्या समझ रखा है सब खबर रखती हु मैं
rashmi:*acha माता shree...kahi ऐसा तोह नहीं है के हमरे पीछे सीबीआई एजेंट लगा रखा हो apne...fir हमरी मस्ती का क्या होगा
mummy:bohot बोलने लगी है अब चुप रहे मुझे आरती लेने दे मेरी बेटी की
उसके बाद मम्मी सब की आरती उतरती है और सभी को अंदर लेकर आ जाती है
सभी हॉल में बैठ जाते है राज की मम्मी फटाफट जाकर सबके लिए जूस लेकर आ जाती है और खुद उनके सामने बैठ जाती है
mummy:*sanjana बेटी तुम बड़े दिनों बाद आयी हो हम्मे तोह भूल hi गयी क्या दिल नहीं करता यहाँ आने का
rashmi:*mummy आप भी ना संजना जी तोह कब से बैठी है इस घर में आने को वह तोह भैया hi नहीं मान रहे
mummy:*haa तोह क्यों नहीं बैठे गयी क्या कमी है मेरी बची में फूलो और परियो की सहजादी है इस से अछि बहु कहा मिले गयी मुझे ढूंढ़ने से भी
रश्मि ने यह बात मजाक में कही जिस मम्मी थोड़ी सीरियस होकर संजना को बढ़ई करती है वही राज इन् सब में अजीब सा फील कर रहा था पर नैना रश्मि की बात से परेशान हो गयी थी साथ में रश्मि पर गुस्सा भी आ रहा था घर में मम्मी और बाकि थे तोह वह कुछ नहीं बोलती पर इस तरह संजना का नाम राज के साथ जोड़ना उस से बरसात नहीं हो रहा था
naina:*mummy मैं चेंज कर के आती हु
mummy:*baith ना रुक कर चली जाना अभी तोह सब आये हो और कितने दिनों के बाद घर में ख़ुशी आयी तेरी वजह से
naina:*mummy मुझे भूख लग रही है सुबह से कुछ नहीं खाया मैं फ्रेश होकर आती हु ना
mummy:*acha ठीक है जल्दी आ मैं खाना लगा देती हु
sanjana:*chaliye आंटी मैं मदत कर देती हु
rashmi:*oh मेरी प्यारी भोली स होने वाली भाभी अभी वक़्त है फिर बाद में अपने hi करना है फ़िलहाल रेस्ट करिये ना भैया से बाते करिये अपनी गाडी आगे चलिए तब तक हम खाना लगा देते है
रश्मि ने जैसे hi यह सब कहा उसकी मम्मी ने मुस्कुरा कर हल्का सा थपड उसके सर मारा और दोनों किचन चले गए
वही रश्मि की बात नैना को अपने रूम में जा रही थी उस ने भी सुन्न लिया था उससे बहुत गुस्सा आ रहा था पर वह कुछ नहीं कर सकती थी सिवये अपने रूम में जाने के
रश्मि की इस बात का सबसे ज्यादा असर संजना पर पड़ा था उसका गोर गाल सुर्ख गुलाबी हो गए थे
वह निचे देख अपनी उंगलिया से खेल रही थी वही राज इस सब को समझने की कोसिस कर रहा था अब दोनों ऐकले थे हॉल में
raj:sorry रश्मि थोड़ी मजाकिया है इस लिए कुछ भी बोल देती
sanjana:*kuch भी कहा उस ने मेरे दिल की बात कही है काश ऐसा हो जाये जैसा रश्मि कहती है
raj:*vaise तुम इतना शर्मा क्यों रही हो
sanjana:*toh और क्या करो रश्मि आंटी जी के सामने ऐसे बोल रही थी तोह शर्म आये गयी ना
raj:*mujhe नहीं पता था तुम्हे शर्म भी आती है मैं तोह सोचता था तुम बिन्दसस्स लड़की हो
sanjana:*hu तोह पर मुझे शर्म भी आती है मैं भी लड़की हु
raj:*achi बात है और शर्माते हुए बहुत खूबसूरत लगती हो
sanjana:*aap भी ना
संजना एक बार फिर शर्म से लाल हो जाती है वही अभी अभी नैना जो फ्रेश हो निचे आ रही थी उससे राज और सनजना आपस में इस तरह बात करते हुए अचे नहीं लगते उससे गुस्सा आने लगता है
वह फटाफट राज और संजना के बिच आकर बैठ जाती है
naina:*sanjana घर कब जाना है
mummy:*(piche से) खाना खाने के बाद चलो सब आ जाओ खाने
sanjana:*nhi आंटी मैं चलती हु टाइम बहोत हो गया
mummy:*maine क्या बोलै सुन्ना नहीं संजना क्या तुम भूल गयी मैं कोण हु राज वही करे गए जो मैं कहु गयी
संजना राज के मुंय की बात सुन्न अपनी जगह से उठ कर दिंनिंग टेबल पर आ जाती है वही राज की मम्मी मुस्कुरा देती है
इस सब में नैना को हर तरफ अपने दुसमन hi नज़र आ रहे थे वह बहुत मुश्किल से अपना गुस्सा कण्ट्रोल किये हुए थी ताकि उसका इतना ाचा दिन ना ख़राब हो जाये
सब मिल कर दिंनिंग टेबल पर बैठ जाते है और खाना सुरु करते है
दिंनिंग टेबल पर भी रश्मि अपने अंदाज़ में सब का दिल लगा के रखती है सब हस्सी मजाक में अपना खाना ख़तम करते है
खाने के बाद संजना थोड़ी देर और रूकती है और फिर वापस अपने घर को चल देती है अब घर में अपने लोग hi रह जाते है तोह वह आपस में बाते करने लगते है पर नैना का दिल घबरा रहा था दर रहा था
वह अपने hi सोच में घूम थी सभी बातो में इतने मस्त होते है के टाइम का पता hi नहीं लगता राज की मम्मी फ़ोन करके राज के पापा को भी नैना के जीत की खुश देती है
राज के पापा आते वक़्त मीठा लेकर आते है और सब मिल कर आज बहार से hi डिनर माँगा कर करते है बहुत दिंनो के बाद सभी फॅमिली इस तरह बैठ कर हसी मजाक कर रहे थे जिस कारन नैना भी अपना दिमाग से साडी बाते झटक सबका साथ एन्जॉय करती है
*****************
सैंडी उससे से पागल हो गया था उस से हार बर्दास्त नहीं हो रही थी ऊपर से सबके सामने राज और उनके दोस्तों के डरा की बजती उसकी नींद हराम कर राखी थी
वह घर आते hi एक बोतल खोल के शराब पी रहा था अपने बेटे की हार की खबर सुन्न कर उसका बाप भी आ जाता है
Mla:*tu चिंता ना कर एक कॉलेज इलेक्शन hi तोह था
sandy:*ek कॉलेज इलेक्शन था अपने वादा किया था
mla:*haa पर वह लड़का चाक निकला दुबले मात दे गया
sandy:*ab मुझे hi कुछ करना होगा उस ने बहुत बजती की है मेरी मैं इसके इस गजमद को टॉड कर रख दुगा
mla:*bilkul टॉड देना पर उसके लिए शराब नहीं दिमाग चाहिए तोह शराब को दूर रख और दिमाग चला
sandy:*woh तोह लगाओ गए hi पापा और मुझे पता है उस कुत्ते को कैसे छोट पोछनि है अब टेंशन ना लीजिये
mla:*tu जो मर्जी का पर परदे के पीछे सामने तेरा चेहरा नहीं आना चाहिए अपने आदमी लगा इस काम में अगले साल मक के इलेक्शन में उतर रहा हु तुझे तोह इमेज ना खराब ना हो
sandy:*(apna गलास ख़तम कर) कुछ ख़राब नहीं होगा पापा जो ख़राब होगा अब उस राज का hi होगा आप टेंशन ना लो
mla:*chl ठीक है जो भी करे गए मुझे बाते रहना अभी मुझे एक जरुरी मीटिंग में शामिल होना है तोह चलता हु पर अब दारू मात पीना
उसके बाद मला अपने बेटे को समझा कर निकल जाता है सैंडी भी एक दो और पेग लगा बोतल साइड कर देता है और आखे बंद कर कुछ प्लान सोचने लगता है
**********************
अंचल इस वक़्त अपने रूम में थी और उसके कपडे ास्ट व्यस्त थे
उसके हाथो में सिगरेट थी जो सायद भरी हुयी थी
अंचल देखने से hi लग रही थी वह नशे में है
रात के 9 बजह रहे थे तभी रूम के बाथरूम का दूर ओपन होता है और उस में से रमेश बहार आता है
ramesh:*meri जान बहुत नशीली हो अब बस करो कितना पियो गयी
anchal:*mujhe मात रखो मैं जब भी होश में आती हु मुझे मेरे बेटे के पास जाने का दिल करता है
ramesh:*tumhra बीटा है कहा जाये गए जल्द hi तुम्हरे पास ला दुगा
anchal:*sach में...
ramesh:*haa बिलकुल वैसे मेरा काम हुआ
anchal;*kaha हुआ वह डॉक्टर जो ड्रग दे रही थी वह अरेस्टेड हो गयी और राज को भी पता लग गया कितना भरा बुला कह कर गया था वह
ramesh:*tu उदाश क्यों हो रही हो आज कह कर गया है कल प्यार भी करे गए तुम जो कर रही हो वह अपने बेटे को पाने के लिए hi तोह कर रही हो
anchal:*main अपने बेटे को पाने के लिए कुछ भी कर सकती हु
ramesh:*hamm तोह अब तुम्हे उसके लिए कुछ करना होगा
anchla:*main कुछ भी करने को त्यार हु अपने बेटे को पाने के लिए
ramesh:*teek है तोह समझा तुम्हरा बीटा आ गया तुम्हरे पास
उसके बाद रमेश कुछ बाते समझता है जिसे सुन्न कर अंचल पहले तोह मन करती है पर रमेश राज को मोहरा बना कर अंचल से बात मनवा hi लेता है
radha:*roo मैट देना वार्ना और थपड पड़े गए और सुन्न अगर तूने यह काम कर दिया मेरा तोह तुझे इनाम भी दूगी स्कूल की जिस लड़की से बोले गए तेरी फ्रेंडशिप करा दूगी अगर नहीं हुआ तोह तेरी हाड़िया तोड़ दूगी चल भाग यहाँ से
वह लड़का तोह वह से ऐसे भागता है जैसे भूत लगा हो उसके पीछे राधा भी उसकी अछि खासी ढुलई करने के बाद चल देती है अपने क्लास में
अब आगे.......
राज रश्मि नैना और संजना जब घर पोछे तोह दरवाजा राज की मम्मी ने खोला उनके हाथो में आरती की थाली थी
जिसे देख कर सब हैरान और खुश हो गए
raj:*mummy अप्प यह थाली क्यों लायी है
mummy:*(muskura कर) क्योकि मेरी बेटी जीत जो गयी है इस लिए इसकी नज़र तोह उतरनी होगी ना ताकि ऐसे hi कामयाब होती रहे
rashmi:*par मदर इंडिया आपको पता कैसे लगा दीदी जीत गयी
mummy:*tune अपनी मम्मी को क्या समझ रखा है सब खबर रखती हु मैं
rashmi:*acha माता shree...kahi ऐसा तोह नहीं है के हमरे पीछे सीबीआई एजेंट लगा रखा हो apne...fir हमरी मस्ती का क्या होगा
mummy:bohot बोलने लगी है अब चुप रहे मुझे आरती लेने दे मेरी बेटी की
उसके बाद मम्मी सब की आरती उतरती है और सभी को अंदर लेकर आ जाती है
सभी हॉल में बैठ जाते है राज की मम्मी फटाफट जाकर सबके लिए जूस लेकर आ जाती है और खुद उनके सामने बैठ जाती है
mummy:*sanjana बेटी तुम बड़े दिनों बाद आयी हो हम्मे तोह भूल hi गयी क्या दिल नहीं करता यहाँ आने का
rashmi:*mummy आप भी ना संजना जी तोह कब से बैठी है इस घर में आने को वह तोह भैया hi नहीं मान रहे
mummy:*haa तोह क्यों नहीं बैठे गयी क्या कमी है मेरी बची में फूलो और परियो की सहजादी है इस से अछि बहु कहा मिले गयी मुझे ढूंढ़ने से भी
रश्मि ने यह बात मजाक में कही जिस मम्मी थोड़ी सीरियस होकर संजना को बढ़ई करती है वही राज इन् सब में अजीब सा फील कर रहा था पर नैना रश्मि की बात से परेशान हो गयी थी साथ में रश्मि पर गुस्सा भी आ रहा था घर में मम्मी और बाकि थे तोह वह कुछ नहीं बोलती पर इस तरह संजना का नाम राज के साथ जोड़ना उस से बरसात नहीं हो रहा था
naina:*mummy मैं चेंज कर के आती हु
mummy:*baith ना रुक कर चली जाना अभी तोह सब आये हो और कितने दिनों के बाद घर में ख़ुशी आयी तेरी वजह से
naina:*mummy मुझे भूख लग रही है सुबह से कुछ नहीं खाया मैं फ्रेश होकर आती हु ना
mummy:*acha ठीक है जल्दी आ मैं खाना लगा देती हु
sanjana:*chaliye आंटी मैं मदत कर देती हु
rashmi:*oh मेरी प्यारी भोली स होने वाली भाभी अभी वक़्त है फिर बाद में अपने hi करना है फ़िलहाल रेस्ट करिये ना भैया से बाते करिये अपनी गाडी आगे चलिए तब तक हम खाना लगा देते है
रश्मि ने जैसे hi यह सब कहा उसकी मम्मी ने मुस्कुरा कर हल्का सा थपड उसके सर मारा और दोनों किचन चले गए
वही रश्मि की बात नैना को अपने रूम में जा रही थी उस ने भी सुन्न लिया था उससे बहुत गुस्सा आ रहा था पर वह कुछ नहीं कर सकती थी सिवये अपने रूम में जाने के
रश्मि की इस बात का सबसे ज्यादा असर संजना पर पड़ा था उसका गोर गाल सुर्ख गुलाबी हो गए थे
वह निचे देख अपनी उंगलिया से खेल रही थी वही राज इस सब को समझने की कोसिस कर रहा था अब दोनों ऐकले थे हॉल में
raj:sorry रश्मि थोड़ी मजाकिया है इस लिए कुछ भी बोल देती
sanjana:*kuch भी कहा उस ने मेरे दिल की बात कही है काश ऐसा हो जाये जैसा रश्मि कहती है
raj:*vaise तुम इतना शर्मा क्यों रही हो
sanjana:*toh और क्या करो रश्मि आंटी जी के सामने ऐसे बोल रही थी तोह शर्म आये गयी ना
raj:*mujhe नहीं पता था तुम्हे शर्म भी आती है मैं तोह सोचता था तुम बिन्दसस्स लड़की हो
sanjana:*hu तोह पर मुझे शर्म भी आती है मैं भी लड़की हु
raj:*achi बात है और शर्माते हुए बहुत खूबसूरत लगती हो
sanjana:*aap भी ना
संजना एक बार फिर शर्म से लाल हो जाती है वही अभी अभी नैना जो फ्रेश हो निचे आ रही थी उससे राज और सनजना आपस में इस तरह बात करते हुए अचे नहीं लगते उससे गुस्सा आने लगता है
वह फटाफट राज और संजना के बिच आकर बैठ जाती है
naina:*sanjana घर कब जाना है
mummy:*(piche से) खाना खाने के बाद चलो सब आ जाओ खाने
sanjana:*nhi आंटी मैं चलती हु टाइम बहोत हो गया
mummy:*maine क्या बोलै सुन्ना नहीं संजना क्या तुम भूल गयी मैं कोण हु राज वही करे गए जो मैं कहु गयी
संजना राज के मुंय की बात सुन्न अपनी जगह से उठ कर दिंनिंग टेबल पर आ जाती है वही राज की मम्मी मुस्कुरा देती है
इस सब में नैना को हर तरफ अपने दुसमन hi नज़र आ रहे थे वह बहुत मुश्किल से अपना गुस्सा कण्ट्रोल किये हुए थी ताकि उसका इतना ाचा दिन ना ख़राब हो जाये
सब मिल कर दिंनिंग टेबल पर बैठ जाते है और खाना सुरु करते है
दिंनिंग टेबल पर भी रश्मि अपने अंदाज़ में सब का दिल लगा के रखती है सब हस्सी मजाक में अपना खाना ख़तम करते है
खाने के बाद संजना थोड़ी देर और रूकती है और फिर वापस अपने घर को चल देती है अब घर में अपने लोग hi रह जाते है तोह वह आपस में बाते करने लगते है पर नैना का दिल घबरा रहा था दर रहा था
वह अपने hi सोच में घूम थी सभी बातो में इतने मस्त होते है के टाइम का पता hi नहीं लगता राज की मम्मी फ़ोन करके राज के पापा को भी नैना के जीत की खुश देती है
राज के पापा आते वक़्त मीठा लेकर आते है और सब मिल कर आज बहार से hi डिनर माँगा कर करते है बहुत दिंनो के बाद सभी फॅमिली इस तरह बैठ कर हसी मजाक कर रहे थे जिस कारन नैना भी अपना दिमाग से साडी बाते झटक सबका साथ एन्जॉय करती है
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सैंडी उससे से पागल हो गया था उस से हार बर्दास्त नहीं हो रही थी ऊपर से सबके सामने राज और उनके दोस्तों के डरा की बजती उसकी नींद हराम कर राखी थी
वह घर आते hi एक बोतल खोल के शराब पी रहा था अपने बेटे की हार की खबर सुन्न कर उसका बाप भी आ जाता है
Mla:*tu चिंता ना कर एक कॉलेज इलेक्शन hi तोह था
sandy:*ek कॉलेज इलेक्शन था अपने वादा किया था
mla:*haa पर वह लड़का चाक निकला दुबले मात दे गया
sandy:*ab मुझे hi कुछ करना होगा उस ने बहुत बजती की है मेरी मैं इसके इस गजमद को टॉड कर रख दुगा
mla:*bilkul टॉड देना पर उसके लिए शराब नहीं दिमाग चाहिए तोह शराब को दूर रख और दिमाग चला
sandy:*woh तोह लगाओ गए hi पापा और मुझे पता है उस कुत्ते को कैसे छोट पोछनि है अब टेंशन ना लीजिये
mla:*tu जो मर्जी का पर परदे के पीछे सामने तेरा चेहरा नहीं आना चाहिए अपने आदमी लगा इस काम में अगले साल मक के इलेक्शन में उतर रहा हु तुझे तोह इमेज ना खराब ना हो
sandy:*(apna गलास ख़तम कर) कुछ ख़राब नहीं होगा पापा जो ख़राब होगा अब उस राज का hi होगा आप टेंशन ना लो
mla:*chl ठीक है जो भी करे गए मुझे बाते रहना अभी मुझे एक जरुरी मीटिंग में शामिल होना है तोह चलता हु पर अब दारू मात पीना
उसके बाद मला अपने बेटे को समझा कर निकल जाता है सैंडी भी एक दो और पेग लगा बोतल साइड कर देता है और आखे बंद कर कुछ प्लान सोचने लगता है
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अंचल इस वक़्त अपने रूम में थी और उसके कपडे ास्ट व्यस्त थे
उसके हाथो में सिगरेट थी जो सायद भरी हुयी थी
अंचल देखने से hi लग रही थी वह नशे में है
रात के 9 बजह रहे थे तभी रूम के बाथरूम का दूर ओपन होता है और उस में से रमेश बहार आता है
ramesh:*meri जान बहुत नशीली हो अब बस करो कितना पियो गयी
anchal:*mujhe मात रखो मैं जब भी होश में आती हु मुझे मेरे बेटे के पास जाने का दिल करता है
ramesh:*tumhra बीटा है कहा जाये गए जल्द hi तुम्हरे पास ला दुगा
anchal:*sach में...
ramesh:*haa बिलकुल वैसे मेरा काम हुआ
anchal;*kaha हुआ वह डॉक्टर जो ड्रग दे रही थी वह अरेस्टेड हो गयी और राज को भी पता लग गया कितना भरा बुला कह कर गया था वह
ramesh:*tu उदाश क्यों हो रही हो आज कह कर गया है कल प्यार भी करे गए तुम जो कर रही हो वह अपने बेटे को पाने के लिए hi तोह कर रही हो
anchal:*main अपने बेटे को पाने के लिए कुछ भी कर सकती हु
ramesh:*hamm तोह अब तुम्हे उसके लिए कुछ करना होगा
anchla:*main कुछ भी करने को त्यार हु अपने बेटे को पाने के लिए
ramesh:*teek है तोह समझा तुम्हरा बीटा आ गया तुम्हरे पास
उसके बाद रमेश कुछ बाते समझता है जिसे सुन्न कर अंचल पहले तोह मन करती है पर रमेश राज को मोहरा बना कर अंचल से बात मनवा hi लेता है