Fantasy 'सुप्रीम' एक रहस्यमई सफर - Page 21 - SexBaba
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Fantasy 'सुप्रीम' एक रहस्यमई सफर

SANJU ( V. R. )

kamdev99008

avsji and bhabhi ji🙏🏼

Sanju@

DEVIL MAXIMUM

Update kal raat se start kar diya hai :announce:
 
#107.

माया महल

(19,110 वर्ष पहलेः ऐजीयन सागर, ग्रीक प्रायद्वीप)

नीले रंग का समुद्र का पानी देखने में बहुत सुंदर लग रहा था। बहुत से खूबसूरत जलीय जंतु गहरे समुद्र में तैर रहे थे।

समुद्र का पानी बिल्कुल पारदर्शी और स्वच्छ लग रहा था। मछलियों का विशाल झुंड पानी में बुलबुले बनाते हुए अठखेलियां खेल रहा था।

उसी गहरे पानी में एक बड़ा सा मगरमच्छ तेजी से तैरता हुआ एक दिशा की ओर जा रहा था। उस मगरमच्छ पर एक अजीब सा दिखने वाला जलमानव सवार था।

देखने में वह जलमा नव मनुष्य जैसा ही था, पर उसके हाथ की उंगलियों के बीच मेढक के समान जालीदार संरचना थी। उसके शरीर की चमड़ी का रंग भी हल्के हरे रंग की थी।

उसके कान के पीछे मछलियों की भांति गलफड़ बने हुए थे, जिसके द्वारा वह जलमानव पानी में भी आसानी से साँस ले रहा था।

पानी के सभी जलीय जंतु, उस मगरमच्छ को देखकर उसके रास्ते से हट जा रहे थे।

कुछ ही देर में उस जलमानव को पानी की तली में एक जलमहल दिखाई दिया।

वह महल पूरी तरह से मूंगे और मोतियों से बना हुआ था। महल बनाने में कुछ जगह पर धातुओं का भी प्रयोग किया गया था।

वह महल काफी विशालकाय था। समुद्री रत्न जड़े उस महल की भव्यता देखने लायक थी।

महल के बाहर पहुंचकर वह जलमानव मगरमच्छ से उतरा और तेजी से भागकर महल में दाखिल हो गया।

महल के अंदर भी हर जगह पानी भरा था। महल में कुछ अंदर चलने के बाद उस जलमानव को एक बड़ा सा दरवाजा दिखाई दिया।

उस दरवाजे के बाहर एक घंटा लगा था। जलमानव ने घंटे को 2 बार जोर से बजाया और दरवाजे के बाहर खड़े होकर, सिर झुकाकर दरवाजे के खुलने का इंतजार करने लगा।

कुछ ही देर में वह दरवाजा खुला। दरवाजे के खुलते ही जलमानव अंदर दाखिल हो गया।

दरवाजा एक बहुत बड़े कमरे में खुल रहा था, वह कमरा देखने में किसी राजा के दरबार की मांनिंद प्रतीत हो रहा था।

उस कमरे के एक किनारे पर लगभग 50 सीढ़ियां बनीं थीं। ये सीढ़ियां एक विशालकाय सिंहासन पर जा कर खत्म हो रहीं थीं। वह सिंहासन भी समुद्री रत्नों से बना था।

उस सिंहासन पर एक भीमकाय 7 फिट का मनुष्य बैठा था, जिसने हाथ में एक सोने का त्रिशूल पकड़ रखा था।

यह था समुद्र का देवता- पोसाईडन।

पोसाईडन के घुंघराले बाल पानी में लहरा रहे थे। पोसाईडन की पोशाक भी सोने से निर्मित थी और जोर से चमक बिखेर रही थी।

वह जलमानव पोसाईडन के सामने सिर झुकाकर खड़ा हो गया।

“बताओ नोफोआ क्या समाचार लाये हो?” पोसाईडन की तेज आवाज वातावरण में गूंजी।

पोसाईडन की आवाज सुन नोफोआ ने अपना सिर ऊपर उठाया और फिर धीरे से बोला-

“ऐ समुद्र के देवता मैंने आज अटलांटिक महासागर में, समुद्र की लहरों पर तैरता हुआ एक बहुत खूबसूरत महल देखा। मैंने आज तक वैसा सुंदर महल इस दुनिया में कहीं नहीं देखा। वह नाजाने किस तकनीक से बना है कि पत्थरों से बने होने के बावजूद भी वह पानी पर तैर रहा है।”

“पानी पर तैरने वाला महल?” पोसाईडन की आँखों में भी आश्चर्य के भाव उभरे- “यह कौन सी तकनीक है? और कौन है वह दुस्साहसी जिसने बिना पोसाईडन की अनुमति लिये समुद्र की लहरों पर महल बनाने की

हिम्मत की?”

“मैंने भी यह जानने के लिये, उस महल में घुसने की कोशिश की, पर किसी अदृश्य दीवार की वजह से मैं उस महल में प्रवेश नहीं कर पाया।” नोफोआ ने कहा।

“ठीक है, तुम मुझे वहां की लहरों की स्थिति बता दो, मैं स्वयं जा कर उस महल को देखूंगा।” पोसाईडन ने नोफोआ को देखते हुए कहा।

“ठीक है देवता।” यह कहकर नोफोआ ने उस कमरे में रखे एक बड़े से ग्लोब को देखा।

वह ग्लोब पूर्णतया पानी से बने पृथ्वी के एक मॉडल जैसा था, जो कि पानी में होकर भी अपनी अलग ही उपस्थिति दर्ज कर रहा था।

वह पानी का ग्लोब एक छोटी सी सोने की टेबल पर रखा था। ग्लोब के बगल में लकड़ी में लगे, कुछ लाल रंग के फ्लैग रखे थे। फ्लैग आकार में काफी छोटे थे।

नोफोआ ने पास रखे एक छोटे से फ्लैग को उस ग्लोब में एक जगह पर लगा दिया- “यही वह जगह है देवता, जहां मैंने उस महल को देखा था।”

“ठीक है अब तुम जा सकते हो।” पोसाईडन ने नोफोआ को जाने का इशारा किया।

इशारा पाते ही नोफोआ कमरे से बाहर निकल गया।

“मेरी जानकारी में पानी पर महल बनाने की तकनीक तो पृथ्वी पर किसी के पास भी नहीं है।” पोसाईडन ने मन ही मन में सोचा - “अब तो इस महल के रचयिता से मिलकर, मेरा इस नयी तकनीक के बारे में जानना बहुत जरुरी है।”

यह सोच पोसाईडन अपने स्थान से खड़ा हुआ और सीढ़ियां उतरकर उस पानी के ग्लोब के पास आ गया।

पोसाईडन ने एक बार ध्यान से ग्लोब पर लगे फ्लैग की लोकेशन को देखा और फिर अपने महल के बाहर की ओर चल पड़ा।

महल के बाहर निकलकर पोसाईडन ने अपने त्रिशूल को पानी में गोल-गोल घुमाया।

त्रिशूल बिजली की रफ्तार से पोसाईडन को लेकर समुद्र में एक दिशा की ओर चल दिया।

साधारण इंसान के लिये तो वह दूरी बहुत ज्यादा थी, पर पोसाईडन, नोफोआ के बताए नियत स्थान पर, मात्र आधे घंटे में ही पहुंच गया।

पोसाईडन अब समुद्र की गहराई से निकलकर लहरों पर आकर खड़ा हो गया।

अब वह उस दूध से सफेद महल के सामने था। नोफोआ ने जितना बताया था, वह महल उस से कहीं ज्यादा खूबसूरत था।

समुद्र की लहरों पर एक 400 मीटर क्षेत्रफल का संगमरमर के पत्थरों का गोल बेस बना था, जिसकी आधे क्षेत्र में उन्हीं सफेद पत्थरों से एक शानदार हंस की आकृति बनी थी। उस हंस की पीठ पर सफेद पत्थरों से निर्मित एक बहुत ही खूबसूरत महल बना था।

दूर से देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी हंस ने एक महल को अपनी पीठ पर उठा रखा हो।

हंस अपने पंखों को भी धीरे-धीरे हिला रहा था।

हंस के सिर के ऊपर एक सफेद बादलों की टुकड़ी भी दिखाई दे रही थी, जो उस महल के ऊपर सफेद मखमली बर्फ का छिड़काव कर रही थी।

हंस की चोंच से एक विशाल पानी का झरना गिर रहा था, जो कि हंस के नीचे खड़े एक काले रंग के हाथी पर गिर रहा था।

हाथी के चारो ओर एक पानी का तालाब बना था, हाथी अपनी सूंढ़ से पानी भरकर चारो ओर, हंस के सामने मौजूद बाग में फेंक रहा था।

हंस के सामने बना बाग खूबसूरत फूलों और रसीले फलों से भरा हुआ था, जहां पर बहुत से हिरन और मोर घूम रहे थे।

बाग में एक जगह पर एक विशाल फूलों का बना झूला भी लगा था। उस बाग में कुछ अप्सराएं घूम रहीं थीं।

महल के बाहर समुद्र के किनारे-किनारे पानी में कुछ जलपरियां हाथों में नुकीले अस्त्र लिये घूम रहीं थीं।

उन्हें देखकर ऐसा महसूस हो रहा था, मानों वह महल की रखवाली कर रहीं हों। पोसाईडन इतना शानदार महल देखकर मंत्रमुग्ध रह गया।

“इतना खूबसूरत महल तो मैंने भी आजतक नहीं देखा, ऐसा महल तो समुद्र के देवता के पास होना चाहिये। लेकिन पहले मुझे पता करना पड़ेगा कि ये महल बनाया किसने? और इसको बनाने में किस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है?” यह सोच पोसाईडन उस महल की ओर बढ़ गया।

महल में जाने के लिये सीढ़ियां बनीं हुईं थीं। पोसाईडन जैसे ही सीढ़ियों पर कदम रखने चला, जलपरियों ने

पोसाईडन का रास्ता रोक लिया।

यह देखकर पोसाईडन को पहले तो आश्चर्य हुआ और फिर जोर का गुस्सा आया। वह गर्जते हुए बोला- “तुम्हें पता भी है कि तुम किसका रास्ता रोक रही हो ?”

“हमें नहीं पता?” एक जलपरी ने कहा- “पर हम बिना इजाजत किसी को भी अंदर जाने नहीं दे सकतीं। आपको हमारे स्वामी से महल में प्रवेश करने की अनुमति लेनी पड़ेगी।”

“बद्तमीज जलपरी, मैं सर्वशक्तिमान समुद्र का देवता पोसाईडन हूं, मेरे क्षेत्र में मुझे किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। पर तुम्हें मुझे रोकने की सजा जरुर भुगतनी पड़ेगी।”

इतना कहकर पोसाईडन ने अपना त्रिशूल हवा में लहराया, तुरंत एक पानी की लहर उठी और उस जलपरी को लेकर पानी की गहराई में समा गयी।

“और किसी में है हिम्मत मुझे रोकने की?” पोसाईडन फिर गुस्से से दहाड़ा।

पर इस बार कोई भी जलपरी आगे नहीं आयी, लेकिन सभी जलपरियां अपनी जगह खड़ी हो कर मुस्कुराने लगीं।

पोसाईडन को उन जलपरियों का मुस्कुराना समझ में नहीं आया, पर वह उनकी परवाह किये बिना सीढ़ियों की ओर आगे बढ़ा।

सिर्फ 4 सीढ़ियां चढ़ने के बाद पोसाईडन को अपने आगे एक अदृश्य दीवार महसूस हुई।

पोसाईडन ने दीवार पर एक घूंसा मारा, पर दीवार पर कोई असर नहीं हुआ। यह देख पोसाईडन ने गुस्से से अपना त्रिशूल खींचकर उस दीवार पर मार दिया।

त्रिशूल के उस दीवार से टकराते ही एक जोर की बिजली कड़की, पर अभी भी दीवार पर कोई असर नहीं हुआ।

अब पोसाईडन की आँखों में आश्चर्य उभरा- “ये कैसी अदृश्य दीवार है, जिस पर मेरे त्रिशूल का भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा ?”

अब पोसाईडन की आँखें गुस्से से जल उठीं। उसे अब जलपरियों के हंसने का कारण समझ आ गया।

इस बार पोसाईडन ने अपना त्रिशूल उठा कर आसमान की ओर लहराया।

आसमान में जोर से बिजली कड़की और समुद्र का पानी अपना विकराल रुप धारण कर सैकड़ों फिट ऊपर आसमान में उछला और पूरी ताकत से आकर उस महल पर गिरा।

सारी जलपरियां इस भयानक तूफान का शिकार हो गईं, पर एक बूंद पानी भी उस छोटे से महल के ऊपर नहीं गिरा, सारा का सारा पानी उस अदृश्य दीवार से टकरा कर वापस समुद्र में समा गया।

पोसाईडन के क्रोध का पारा अब बढ़ता जा रहा था। अब पोसाईडन ने अपना त्रिशूल पूरी ताकत से उस महल की सीढ़ियों पर मारा, एक भयानक ध्वनि ऊर्जा वातावरण में गूंजी।

महल की 4 सीढ़ियां टूटकर समुद्र में समा गईं, पर उस अदृश्य दीवार ने पूरी ध्वनि ऊर्जा, अपने अंदर सोख ली और महल पर इस बार भी कोई असर नहीं आया।

अब पोसाईडन की आँखें आश्चर्य से सिकुड़ गईं। लेकिन इससे पहले कि पोसाईडन अपनी किसी और शक्ति का प्रयोग उस महल पर कर पाता, तभी महल का द्वार खोलकर एक लड़का और एक लड़की बाहर आये।

उन्होंने झुककर पोसाईडन का सम्मान किया और फिर लड़के ने कहा-

“सर्वशक्तिमान, महान समुद्र के देवता को कैस्पर और मैग्ना का नमस्कार। शांत हो जाइये देवता, उन जलपरियों को आपके बारे में कुछ

नहीं पता था। अच्छा किया जो आपने उन्हें दंड दिया। देवता, हम आपका अपमान नहीं करना चाहते थे, सब कुछ गलती से हो गया। जिसके लिये हम एक बार फिर आपसे क्षमा मांगते हैं और हम आपसे निवेदन करते हैं कि आप हमारे महल का आतिथ्य स्वीकार करें।”

ऐसे विनम्र स्वर को सुनकर पोसाईडन का गुस्सा बिल्कुल ठंडा हो गया।

कैस्पर ने महल से बाहर आकर पोसाईडन के हाथ पर एक रिस्टबैंड बांध दिया- “अब आप अंदर प्रवेश कर सकते हैं देवता।”

पोसाईडन ने एक बार अपने हाथ में बंधे रिस्टबैंड को देखा और फिर कैस्पर और मैग्ना के साथ महल के अंदर की ओर चल दिया।

महल के अंदर जाने का रास्ता हंस के गले के नीचे से था, वहां कुछ सीढ़ियां बनी थीं जो कि एक द्वार तक जा रहीं थीं। द्वार से अंदर जाते ही पोसाईडन मंत्रमुग्ध हो गया।

वह एक बहुत ही खूबसूरत कमरा था। कमरे की एक तरफ की दीवारों पर प्रकृति के बहुत ही सुंदर चित्र बने हुए थे, उन चित्रों में दिख रहे झरने और जानवर चलायमान थे।

कमरे की दूसरी ओर की दीवारों पर रंग-बिरंगे फूलों के पौधे, तितलियां और पंछियों के चित्र बने थे। चित्र में मौजूद तितलियां और पंछी भी आश्चर्यजनक तरीके से चल-फिर रहे थे।

कमरे की छत पर ब्रह्मांड दिखाई दे रहा था, जिसमें अनेकों ग्रह हवा में घूमते हुए दिख रहे थे।

कमरे की जमीन काँच से निर्मित थी, जिसके नीचे जलीय-जंतु तैरते हुए दिख रहे थे।

उसी काँच की जमीन पर एक बहुत बड़ी अंडाकार काँच की टेबल रखी थी, जिस पर हजारों तरीके के पकवान और फल रखे नजर आ रहे थे।

काँच की टेबल के चारो ओर सोने की कुर्सियां रखीं थीं। कैस्पर ने पोसाईडन को बीच वाली बड़ी कुर्सी पर बैठने का इशारा किया।

पोसाईडन उस महल की कारीगरी देख बहुत खुश हुआ।

कैस्पर और मैग्ना ने अपने हाथों से पोसाईडन के लिये कुछ पकवान और फल परोस दिये।

थोड़ी सी चीजें खाने के बाद पोसाईडन ने अपने हाथ उठा दिये, जो अब कुछ ना खाने का द्योतक था।

कैस्पर और मैग्ना अब हाथ बांधकर पोसाईडन के सामने खड़े हो गये और उसके बोलने का इंतजार करने लगे।

“तुम लोग कौन हो? और इस महल का निर्माण किसने किया?” पोसाईडन ने पूछा।

“हम साधारण मनुष्य हैं देवता। हमें हमारी गुरुमाता ‘माया’ ने पाला है।”

कैस्पर ने कहा- “इस महल का निर्माण हम दोनों ने ही मिलकर किया है। यह विद्या हमारी गुरुमाता ने ही हमें सिखाई है, इसलिये हमने अपनी इस पहली रचना का नाम ‘माया महल’ रखा है।”

“मैं तुम्हारी गुरुमाता से मिलना चाहता हूं।” पोसाईडन ने कहा- “उनसे जा कर कहो कि समुद्र का देवता पोसाईडन स्वयं उनसे मिलना चाहता है।”

“क्षमा चाहता हूं देवता, पर हमारी गुरुमाता यहां नहीं रहती हैं। वह यहां से 5000 किलोमीटर दूर समुद्र की अंदर बनी गुफाओं में रहतीं हैं।” इस बार मैग्ना ने कहा।

“समुद्र के अंदर बनी गुफाओं में?” पोसाईडन ने आश्चर्य से कहा- “समुद्र के अंदर ऐसी कौन सी गुफा है, जिसके बारे में मुझे नहीं पता।”

“वह स्थान किसी भी मनुष्य और देवता की पहुंच से दूर है।” कैस्पर ने खड़े हो कर चहलकदमी करते हुए कहा- “वह पिछले लगभग 900 वर्षों से वहीं पर रह रहीं हैं, वह हमारे सिवा किसी से नहीं मिलतीं, पर मैं

आपका यह संदेश उन्हें जरुर दे दूंगा और उन्हें आपसे मिलने के लिये आग्रह भी करुंगा।”

“मैं चाहता हूं कि तुम दोनों मेरे लिये भी, समुद्र के अंदर ऐसा ही एक महल बनाओ।” पोसाईडन ने दोनों को बारी-बारी देखते हुए कहा।

“अवश्य बनाएंगे देवता।” मैग्ना ने कहा- “आपके लिये महल बनाना हमारे लिये सौभाग्य की बात है, पर इसके लिये एक बार हमें गुरुमाता से मिलकर बात करनी होगी।”

“ठीक है कर लो बात।” पोसाईडन ने खड़े होते हुए कहा- “मैं तुम्हें 5 दिन का समय देता हूं, 5 दिन बाद मेरा सेवक नोफोआ आकर तुमसे यहीं पर मिल लेगा। उसके आगे का निर्देश तुम्हें वही देगा।”

“ठीक है देवता।” कैस्पर ने कहा।

इसके बाद कैस्पर और मैग्ना पोसाईडन को सम्मान देते हुए बाहर तक छोड़ आये।

जारी रहेगा________✍️
 
SANJU ( V. R. )

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#108.

श्राप (20,032 वर्ष पहले, हिमालय)

हिमालय के पर्वत शिखर पर चारो ओर श्वेत बर्फ फैली हुई थी। मंद-मंद बह रही हवा मन को लुभा रही थी।

आसमान से भी हल्की बर्फ के फाहे बरस रहे थे। ऐसे में एक 5 फुट ऊंचा बालक नंगे पाँव बर्फ पर ठुमकता हुआ जा रहा था। उसके दोनों हाथों में ‘मोदक’ थे।

ज्यादा भोजन करने की वजह से उस बालक का पेट थोड़ा बाहर निकल आया था।

उस बालक का सिर एक हाथी के समान था। यह बालक और कोई नहीं महा..देव पुत्र गणे..श थे।

उनके पीछे एक चूहा भी उछलता हुआ जा रहा था। वह चूहा बार-बार उछलकर उनके हाथ से मोदक छीनने की कोशिश कर रहा था।

पर वह चूहा जितनी बार उछलता, गणे.श अपना हाथ ऊपर कर लेते। आखिरकार थक कर वह चूहा एक जगह रुक गया।

उन्होंने पीछे पलटकर चूहे को देखा और फिर एक मोदक को वहीं बर्फ पर रख दिया।

मोदक को बर्फ पर रखते देख वह चूहा भागकर मोदक की ओर आया, पर चूहे के पास आते ही गणे..श ने फिर बर्फ पर रखे मोदक को उठा लिया।

“अच्छा मूषक जी, आप थके नहीं थे।” उन्होंने कहा- “आप थकने का नाटक कर रहे थे। अभी आपको एक भी मोदक नहीं मिलेगा, मोदक के लिये अभी आपको प्रतीक्षा करनी होगी।”

इतना कहकर गणे..श वापस ठुमकते हुए आगे बढ़ गये। तभी वातावरण में एक जोरदार हंसी सुनाई दी।

“हाऽऽ हाऽऽ हाऽऽऽऽऽऽ! कैसा हाथी जैसा बालक है, चूहे का खाना छीनकर खा रहा है और....और इसका पेट तो देखो, लगता है खा-खा कर फटने वाला है।”

यह शब्द सुन गणे..श ने अपना चेहरा आवाज वाली दिशा में घुमाया। उनको सामने पत्थर पर बैठी हुई एक खूबसूरत अप्सरा दिखाई दी।

“आप कौन हो देवी और आप इस प्रकार मेरा उपहास क्यों उड़ा रही हो ?” गणेश के शब्दों में मिठास भरी थी।

“मैं स्वर्ग की अप्सरा मणिका हूं, मैं यहाॅ पर देवी पा..र्वती की पूजा करने आयी हूं, पर तुम कौन हो बालक?” मणिका ने पूछा।

“मैं देवी का पुत्र गणे..श हूं, ये मूषक मेरी सवारी है, जिसे लेकर मैं ऊपर पर्वत की ओर जा रहा हूं।” उन्होंने भोलेपन से कहा।

“तुम और देवी पा..र्वती के पुत्र! ऐसा कदापि नहीं हो सकता।” मणिका ने पुनः हंसते हुए कहा- “देवी पा.र्वती का पुत्र तुम्हारी तरह हाथी के सिर वाला नहीं है, और.... और यह मूषक तुम्हारी सवारी है। हाऽऽ हाऽऽ हाऽऽऽऽऽऽ अब हाथी भी मूषक की सवारी करेगा... हाऽऽ हाऽऽ हाऽऽऽऽऽऽ।”

“आपको एक बालक पर इस प्रकार से परिहास नहीं करना चाहिये, आप तो मेरी माता के समान हैं।” गणे..श के शब्दों में भोलापन झलक रहा था।

“मैं और तुम्हारी माता ! कदापि नहीं, मैं ऐसे हाथी के सिर वाले बालक की माता नहीं बनना चाहती, तेरे जैसा बालक होने से अच्छा है कि मेरे बालक ही ना हो।” मणिका ने एक बार फिर उनको देख अभद्र टिप्पणी की।

यह सुन अब गणे.श को क्रोध आ गया।

“मैं आपको बार-बार समझाने की कोशिश कर रहा हूं, पर लगता है कि आपको किसी बालक से बात करने का ढंग ही नहीं पता। जाइये मैं आपको श्राप देता हूं कि आपको कभी पुत्र की प्राप्ति नहीं होगी।”

“आप सदैव दूसरों के पुत्र को ही पालती रहेंगी। जिस प्रकार कलुषित मन से आपने मेरा उपहास उड़ाया है, आपका शरीर भी उसी प्रकार काला हो जायेगा और आप कितना भी कड़वा बोलने की कोशिश करें, पर आप कड़वा बोल नहीं पायेंगी।” गणे..श ने क्रोध से कहा।

उनके ऐसा कहते ही आसमान में घने काले बादल घिर आये और उसमें से एक बिजली आकर मणिका पर गिरी।

बिजली के गिरते ही मणिका का शरीर एक कोयल में परिवर्तित हो गया। यह देख मणिका घबरा गयी। वह गणे..श के पैरों में आकर गिर गयी-

“क्षमा... क्षमा गजानन, मैं आपको पहचान नहीं सकी, जिसकी वजह से मेरे मुंह से आपके लिये अपशब्द निकल गये। मुझे क्षमा कर दीजिये लंबोदर... मैं आपको वचन देती हूं कि आज के बाद मैं किसी भी बालक के लिये अपने मुंह से अपशब्द नहीं निकालूंगी।”

मणिका के वचनों को सुन उनको को दया आ गयी और वह बोले-

“मैं अपने श्राप को वापस नहीं ले सकता, पर अपने श्राप के प्रभाव को कम अवश्य कर सकता हूं। हे देवी आपकी शादी के 20000 हजार वर्ष के बाद, आपको पुत्र रत्न की प्राप्ति होगी।”

इतना कहकर गणे..श अंतध्र्यान हो गये। मणिका कुछ देर तक वहां बर्फ पर पड़ी रोती रही, फिर वहां से

उड़कर जंगलों की ओर चली गयी।

माया शक्ति (19130 वर्ष पहले, कैरेबियन सागर)

‘नाईट ओशन’ नाम का एक जहाज कैरेबियन सागर में लहरों पर आगे बढ़ रहा था।

जहाज के डेक पर सोफिया अपने नवजात बच्चे कैस्पर के साथ एक कुर्सी पर बैठी थी।

सोफिया का पति मेरोन डेक की रेलिंग को पकड़े समुद्र की लहरों को उठते-गिरते देख रहा था।

“मेरोन हमारा बेटा कैस्पर कितना सुंदर है।” सोफिया ने कैस्पर को निहारते हुए कहा- “बिल्कुल अपने दादा ‘जीयूष’ पर गया है।”

“श्ऽऽऽऽऽऽऽ।” मेरोन ने सोफिया को धीरे बोलने का इशारा करते हुए कहा- “धीरे बोलो, हमें किसी को नहीं बताना है कि हम ‘जीयूष’ और ‘हेडिस’ के बच्चे हैं।”

“मेरोन हम कब तक ऐसे भागते रहेंगे?” सोफिया ने इस बार धीमे स्वर में कहा- “इस नन्हें से बच्चे को लेकर हम सिर्फ देवताओं से बचकर भाग रहे हैं। एक जगह शांति से ठहर भी नहीं सकते। कभी ना कभी तो

हम पकड़े ही जायेंगे। फिर... फिर हमारे कैस्पर का क्या होगा?”

“सोफिया तुम जानती हो कि हम एक जगह पर ठहर नहीं सकते।” मेरोन ने कहा- “जमीन पर मेरे पिता जीयूष हमें जीने नहीं देंगे और पाताल में तुम्हारे पिता हेडिस हमें रहने नहीं देंगे। अब बचा सिर्फ समुद्र..... जहां कि पोसाईडन हमें ढूंढ रहा है। हम जायें भी तो कहां ? और मुझे नहीं लगता कि यह तीनों हमें जीवन भर कभी माफ करेंगे? पिछले एक साल से हम देवमानव होकर भी छिपकर मनुष्यों की तरह जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं, मगर हमारे पास इसके अलावा कोई चारा भी तो नहीं है।

इस समय पूरी दुनिया में कोई भी हमारा साथ नहीं देना चाह रहा, सभी तीनों देवताओं से डरते हैं, पर तुम चिंता ना करो, अगर ईश्वर ने हमें मिलाया है तो हमारी रक्षा का भी कोई ना कोई उपाय उनके पास जरुर होगा? देखना एक दिन सब ठीक हो जायेगा।”

तभी एक ऊंची लहर के आ जाने से जहाज थोड़ा लहरों पर उछला, जिसकी वजह से मेरोन का हाथ जहाज की रेलिंग पर फिसला और एक लकड़ी का नुकीला सिरा मेरोन के हाथ में धंस गया।

मेरोन के मुंह से कराह निकल गयी और उसके हाथ से खून की 2 बूंद निकलकर समुद्र में गिर गयी।

यह देख सोफिया और मेरोन भयभीत हो गये।

“तुम्हारे..... तुम्हारे खून की एक बूंद समुद्र में जा गिरी।” सोफिया ने डरते हुए कहा- “अब पोसाईडन को कुछ ही देर में हमारे बारे में पता चल जायेगा..... फिर वह बाकी दोनों देवताओं तक हमारी सूचना अवश्य ही पहुंचा देगा।......अब क्या होगा मेरोन?”

अब मेरोन के चेहरे पर भी भय साफ-साफ नजर आने लगा था। उसने तुरंत अपने हाथ से बहते खून पर, एक रुमाल कसकर बांधा और आगे बढ़कर सोफिया के सामने रखी कुर्सी पर बैठ गया।

“बीच समुद्र में हमारे पास बचकर निकलने का समय भी नहीं है।” मेरोन ने कहा- “अब तो वहीं होगा जो ये तीनों देवता चाहेंगे।”

“जीयूष और हेडिस ने आपसी दुश्मनी निभाते हुए, पहले ही हमें मारने का आदेश दे दिया था।” सोफिया ने गुस्से से अपने पिता और चाचा का नाम लेते हुए कहा- “वो अभी भी हमें जिंदा नहीं छोड़ेंगे। मुझे तो चिंता अब बस कैस्पर की हो रही है।”

“परेशान मत हो सोफिया, हम अपने पिताओं को कैस्पर का चेहरा दिखायेंगे। हो सकता है इस अबोध बालक को देख वह हमें जीवनदान दे दें।” मेरोन ने कहा।

तभी दोनों को आसमान में काले घने बादल घिरते हुए दिखाई दिये। जिसे देख दोनों बुरी तरह से डर गये।

“लो.....जिस बात का डर था वही हुआ.... तुम्हारे पिता जीयूष का आगमन हो गया।”सोफिया ने डरते हुए कहा- “बादलों को देखकर ही लग रहा है कि वह कितने गुस्से में हैं?”

तभी समुद्र की लहरें भी ऊंची-ऊंची उठना शुरु हो गयीं। जहाज के सभी यात्री घबरा कर इधर-उधर भागने लगे।

बादल इतने स्याह और खतरनाक दिख रहे थे, मानों आज वह प्रलय ला देने वाले हों।

तभी जोर की बिजली कड़की और समुद्र में जा गिरी। बिजली गिरने से समुद्र का पानी सैकड़ों फिट ऊपर उछला।

ऐसा महसूस हो रहा था कि जैसे जीयूष ने अपनी बिजली के माध्यम से पोसाईडन को कोई संदेश दिया हो।

अचानक समुद्र की लहरों ने विकराल रुप धारण कर लिया। अब वह उछलकर जहाज के ऊपर डेक तक आने लगीं थीं।

सोफिया ने कैस्पर को डरकर जोर से अपने सीने से चिपका लिया।

मेरोन ने आसमान की ओर चेहरा करते हुए जोर से चीखकर कहा-

“क्षमा कर दीजिये पिताजी। मैं मानता हूं कि हमसे गलती हो गयी। मुझे बिना आपकी इजाजत से सोफिया से शादी नहीं करनी चाहिये थी। पर अब हमारे पास आपका पोता भी है, कम से कम इसका तो ख्याल करिये।”

पर मेरोन का चीखना व्यर्थ जा रहा था। इतने खराब मौसम में तो उसकी आवाज डेक पर खड़े लोगों को ही सुनाई नहीं दे रही थी, फिर भला जीयूष क्या सुनते? या ये भी हो सकता है कि जीयूष चाहकर भी ये सब सुनना नहीं चाहते थे।

तूफान की रफ्तार और ज्यादा तेज हो गयी। अब वह जहाज पानी में किसी कागज के नाव की तरह डोल रही थी।

यह देख घबरा कर मेरोन ने कैस्पर को सोफिया के हाथों से लिया और अपने सिर के ऊपर उठा कर आसमान की तरफ देखते हुए चीखा-

“पिताजी , देखिये इस अबोध नन्हें बालक को। ये आपका ही वंशज है, क्या इसे जीने का कोई हक नहीं ? अभी तो इसने इस पृथ्वी पर कुछ भी नहीं देखा है? कम से कम हमारे लिये नहीं, तो इसके लिये हमें क्षमा कर दीजिये।”

तभी मेरोन को आसमान में जीयूष का गुस्से से भरा चेहरा दिखाई दिया। उनके चेहरे के भाव देखकर साफ पता चल रहा था कि मेरोन को क्षमा करने का उनका कोई इरादा नहीं है।

जीयूष ने गुस्से से मेरोन के हाथ में पकड़े नन्हें कैस्पर को देखा और अपना अस्त्र ‘थंडरबोल्ट’ उठा कर कैस्पर पर फेंक कर मार दिया।

आसमान में जोर की बिजली कड़की और आसमान से उतरकर तेजी से कैस्पर की ओर झपटी।

यह देख सोफिया जोर से चीखकर मेरोन की ओर भागी, पर इससे पहले कि सोफिया मेरोन तक पहुंचती, आसमान से गिरी बिजली कैस्पर पर आकर गिरी।

एक जोरदार आवाज वातावरण में गूंजी और एक पल के लिये मेरोन को छोड़, सबकी आँखें बंद हो गयीं।

मेरोन ने देखा कि आसमान से गिरी बिजली कैस्पर से एक फुट की दूरी पर आकर हवा में विलीन हो गयी।

ऐसा लगा जैसे किसी अदृश्य दीवार ने कैस्पर की रक्षा की हो। यह देख जीयूष के चेहरे पर भी आश्चर्य के भाव आ गये। आज तक ऐसा नहीं हुआ था कि कोई थंडरबोल्ट के वार को झेल पाया हो ?

सोफिया ने भी डरते-डरते अपनी आँख को खोलकर, कैस्पर की ओर देखा। वह नन्हा बालक अभी भी मेरोन के हाथ में सुरक्षित मुस्कुरा रहा था।

यह देखकर सोफिया की जान में जान आयी। लेकिन इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, एक विशालकाय समुद्र की लहर ने पूरे जहाज को पानी में पलट दिया। शायद यह पोसाईडन का क्रोध था।

एक पल में जहाज के सारे यात्री पानी में थे। मेरोन अब समुद्र के अंदर गोता लगा रहा था, पर मेरोन ने कैस्पर को अपने हाथों से अभी भी नहीं छोड़ा था।

तभी सोफिया भी तैर कर मेरोन के पास आ गयी। दोनों को ही पानी में देर तक साँस लेने का अच्छा अभ्यास था, पर उन्हें नन्हें कैस्पर की चिंता थी।

सोफिया की नजर मेरोन के हाथ में पकड़े कैस्पर की ओर गयी।

वह यह देखकर हैरान रह गयी, क्यों कि कैस्पर को चारो ओर से एक अदृश्य किरण ने घेर रखा था, जिससे पानी उसके पास ही नहीं आ रहा था और कैस्पर पानी के अंदर भी आराम से साँस ले रहा था।

मेरोन भी यह देखकर हैरान हो गया। तभी पानी में एक तीव्र तरंगे उत्पन्न हुईं, जिसने उस स्थान पर मौजूद, पानी के अंदर की हर चीज को बुरी तरह से पानी में नचा दिया।

यह देख मेरोन ने सोफिया को पानी के और नीचे जाने का इशारा किया और स्वयं भी गहराई की ओर छलांग लगा दी।

कुछ ही देर में सोफिया और मेरोन समुद्र की अधिकतम गहराई तक पहुंच गये।

अब वह समुद्र की सतह की ओर देख रहे थे। सतह पर पोसाईडन का क्रोध अब भी जहाज के यात्रियों पर कहर ढा रहा था।

मेरोन को पता था कि कुछ ही देर में पोसाईडन को उनकी वास्तविक स्थिति का पता चल जायेगा और फिर उनका बच पाना मुश्किल होगा, पर फिर भी वह ज्यादा से ज्यादा देर तक अपने परिवार को बचाना चाहता था।

मेरोन और सोफिया का ध्यान ऊपर की तरफ था, तभी उनके पीछे से मगरमच्छ पर बैठा हुआ, नोफोआ प्रकट हुआ।

नोफोआ ने अपने भाले जैसे अस्त्र से मेरोन पर निशाना साधा, तभी मेरोन को पानी में पीछे किसी के होने का अहसास हुआ और वह पलटा।

पीछे खड़े नोफोआ को देख, मेरोन ने घबरा कर सोफिया को पीछे की ओर इशारा किया।

अब सोफिया की भी नजर नोफोआ पर जा कर टिक गयी, मगर इससे पहले कि नोफोआ अपने अस्त्र का प्रयोग उन दोनों पर कर पाता, तभी कहीं से एक विशालकाय ब्लू व्हेल प्रकट हुई।

उसने मेरोन और सोफिया को कैस्पर सहित अपने मुंह में भर लिया और तेजी से तैरती हुई समुद्र में गायब हो गयी।

यह देख नोफोआ के चेहरे पर खुशी के भाव उभर आये, वह तुरंत इस शुभ समाचार को पोसाईडन को सुनाने उसकी ओर बढ़ गया।

उधर मेरोन और सोफिया अभी भी ब्लू व्हेल के मुंह में कैस्पर संग सुरक्षित थे।

“ये व्हेल ने हमें अभी तक निगला क्यों नहीं?” सोफिया के चेहरे पर आश्चर्य के भाव आ गये।

“कोई है ऐसा, जो हमारी मदद कर रहा है?” मेरोन ने कहा- “जीयूष के थंडरबोल्ट से कैस्पर का बचना कोई इत्तेफाक नहीं था, किसी ने अदृश्य किरणों से कैस्पर की रक्षा की थी और मुझे पूरी उम्मीद है कि यह ब्लू व्हेल भी उसी की है, जो हमें शायद उस अदृश्य शक्ति के पास लेकर जा रही है।”

“पर इस ब्रह्मांड में ऐसी कौन सी शक्ति है, जो जीयूष के थंडरबोल्ट को निष्क्रिय कर दे।” सोफिया ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा।

तभी व्हेल के मुंह में एक स्त्री की अदृश्य आवाज गूंजी- “महादेव की माया में बहुत शक्ति है, जो किसी भी देवता के शस्त्र को निष्क्रिय कर सकती है।”

यह अंजानी आवाज सुन मेरोन और सोफिया पूरी तरह से घबरा गये।

“आप कौन हो और इस व्हेल के अंदर आपकी आवाज कैसे गूंज रही है?” मेरोन ने साहस करते हुए पूछा।

“मेरा नाम माया है, मैं तुम लोगों से हजारों किलोमीटर दूर हूं।” माया ने कहा।

“हजारों किलोमीटर!” सोफिया ने आश्चर्य से कहा- “फिर आप हमसे बात कैसे कर सकती हो?”

“हिं..दू धर्म के अनुसार माया शब्द का अर्थ मैजिक होता है, अब जिसके नाम में ही मैजिक हो, उसे भला चमत्कार करने से कौन रोक सकता है।” माया के शब्दों में रहस्य की झलक नजर आ रही थी।

“क्या हम जान सकते हैं कि आपने हमें क्यों बचाया और आपकी शक्तियों का स्रोत क्या है?” मेरोन ने पूछा ।

“तुम लोगों को बचाने का कारण तुम्हारा पुत्र ही है, वह भविष्य में किसी कार्य में मेरी मदद करने वाला है, इसीलिये मैंने उसे बचाया और मेरी शक्तियों का स्रोत ग्रीक देवी-देवताओं से सम्बन्धित नहीं है।” माया ने कहा।

“क्या आप भविष्य को देख लेती हैं?” सोफिया ने पूछा।

“मैं भविष्य के बारे में, सितारों से गणना करके बहुत कुछ पता लगा लेती हूं, पर सब कुछ नहीं जानती ।” माया ने कहा।

“क्या आप बता सकती हैं कि मेरे पुत्र के भविष्य में क्या है?” सोफिया ने शुद्ध माँ की भूमिका निभाते हुए कहा।

“तुम्हारे पुत्र का भविष्य बहुत अच्छा है।” माया ने कहा- “आगे जाकर तुम्हारा पुत्र पूरे आकाश पर राज करेगा और तुम लोग उसे देखकर उस पर गर्व करोगे।”

“इसका मतलब जीयूष और हेडिस हमें क्षमा कर देंगे?” मेरोन ने पूछा।

“इसका जवाब मैं तुम्हें नहीं दे सकती, इस प्रश्न का उत्तर भविष्य पर छोड़ दो।” माया ने कहा- “फिलहाल तुम लोग मेरे घर में प्रवेश करने वाले हो।”

यह सुन मेरोन और सोफिया शांत हो गये, पर उनके चेहरे पर भविष्य की खबर सुन, खुशी साफ देखी जा सकती थी।

जारी रहेगा______✍️
 
#109.

तभी ब्लू व्हेल का मुंह खुला। उसके मुंह को खुलते देख सोफिया और मेरोन ब्लू व्हेल के मुंह से बाहर आ गये। कैस्पर अभी भी मेरोन के ही हाथों में था।

बाहर निकलकर सोफिया और मेरोन की दृष्टि अपने आस-पास गयी। चारो ओर नीले रंग का पानी ही पानी नजर आ रहा था। वह इस समय समुद्र के अंदर किसी पहाड़ी गुफा में थे।

उनके सामने एक अप्सराओं सी खूबसूरत स्त्री खड़ी थी। पानी के अंदर उसके काले बाल हवा में लहरा रहे थे।

वह माया थी। माया के चेहरे पर एक असीम तेज दिख रहा था।

मेरोन और सोफिया ने झुककर माया को अभिवादन किया। माया ने दोनों को अपने पीछे आने का इशारा किया इसके बाद माया पलटकर गुफाओं की ओर चल दी।

पानी के अंदर सुरंगों का जाल बिछा था। कुछ देर तक विभिन्न सुरंगों से गुजरने के बाद समुद्र के पहाड़ में एक दरवाजा बना दिखाई दिया।

माया के हाथ के इशारे से वह दरवाजा खुल गया। माया उस खुले दरवाजे से अंदर प्रवेश कर गयी।

सोफिया और मेरोन भी माया के पीछे-पीछे अंदर प्रवेश कर गये।

अंदर एक आलीशान कमरा बना था, जिसमें चारो ओर असंख्य दरवाजे लगे थे।

उस कमरे में एक बूंद भी पानी नहीं था, पता नहीं कहां से वहां शुद्ध ऑक्सीजन मिल रही थी।

माया ने दोनों को कमरे में बैठने का इशारा किया। सोफिया और मेरोन वहां रखी कुर्सियों पर बैठ गये।

“कैस्पर को उस बिस्तर पर लिटा दो।” तभी कमरे में आवाज गूंजी।

सोफिया और मेरोन ने आश्चर्य से माया की ओर देखा, पर माया के होंठ तो हिले ही नहीं थे, फिर ये आवाज कहां से आयी? तभी दोनों को फिर माया की आवाज सुनाई दी-

“मुझे किसी से बात करने के लिये अपने होंठों को हिलाने की जरुरत नहीं है।” यह सुन मेरोन ने कैस्पर को बिस्तर पर लिटा दिया।

“तुम्हारा पुत्र यहां पर बिल्कुल सुरक्षित है। ब्रह्मांड की कोई शक्ति इसे यहां हाथ भी नहीं लगा सकती।” माया ने सोफिया को देखते हुए कहा।

“पर यह स्थान तो समुद्र के अंदर ही है, हममें से किसी के रक्त की एक बूंद भी यदि समुद्र के पानी में मिली तो पोसाईडन को इस जगह के बारे में पता चल जायेगा, क्यों कि हममें देवताओं का रक्त है, फिर वह इस पूरी जगह को नष्ट कर देगा।” मेरोन ने कहा।

“यहां की धरती, पानी, हवा और जलीय जंतु मेरा आदेश मानते हैं, पोसाईडन को इस जगह के बारे में कभी भी पता नहीं चलेगा।” कहते-कहते माया ने अपना हाथ हिलाया।

माया के हाथ हिलाते ही टेबल पर रखे 2 गिलासों में पानी अपने आप भरा और हवा में चलते हुए वह दोनों गिलास सोफिया और मेरोन के पास आ गये।

दोनों ने पानी पी लिया। उस पानी में अजीब सी ताजगी थी, दोनों ही अब पूरी तरह से थकान रहित नजर आने लगे।

“अब आप दोनों क्या चाहते हो? यह मुझे बताओ।” माया ने बारी-बारी दोनों को देखते हुए पूछा।

मेरोन और सोफिया ने माया की बात सुनकर एक दूसरे को देखा। मेरोन ने आँखों ही आँखों में सोफिया को इशारा किया।

“हम चाहते हैं कि आप हमारे पुत्र को तब तक यहां रखें, जब तक इसके सिर पर छाये संकट के बादल हट ना जायें।” सोफिया ने माया से विनम्रता से निवेदन किया।

“ठीक है, मैं ऐसा ही करुंगी।” माया ने खुशी भरे स्वर में कहा- “और इसे इतना काबिल भी बनाऊंगी कि कोई देवता इसका कुछ ना बिगाड़ पाये। पर आप लोग अब क्या करना चाहते हो?”

“हमें सबसे ज्यादा चिंता अपने पुत्र की ही थी।” मेरोन ने कहा- “पर अब हमारी चिंता खत्म हो गयी। जो स्त्री जीयूष के थंडरबोल्ट से मेरे पुत्र की रक्षा कर सकती है, जो पोसाइडन के समुद्र में भी मेरे पुत्र को छिपा

कर रख सकती है, उससे अच्छा हमारे पुत्र की देखरेख करने वाला पूरे ब्रह्मांड में हमें कहां मिलेगा? अब हम सभी चिंताओं से मुक्त हैं। अब हम दोनों यहां से निकलकर सीधे सोफिया के पिता हैडिस के पास जायेंगे और उन्हें समझाने का एक आखिरी प्रयत्न और करेंगे, चाहे इसके लिये वो हमारी जान ही क्यों ना ले लें।”

“जैसी तुम दोनों की इच्छा।” माया ने आह भरते हुए कहा- “पर मैं कैस्पर को कभी भी तुम्हारी कमी महसूस नहीं हो ने दूंगी, वह मेरी बेटी मैग्ना के साथ बिल्कुल खुश रहेगा।”

माया के इतना कहते ही कमरे का एक दरवाजा खुला और हवा में लेटी हुई एक छोटी सी बच्ची, हवा में उड़ते हुए कमरे में आयी और कैस्पर के बगल वाले बेड पर आकर लेट गयी।

देखने में वह बच्ची भी कैस्पर की ही हमउम्र लग रही थी।

“वाह! कितनी सुंदर बेटी है।” सोफिया ने मैग्ना के गालों को छूते हुए कहा- “ये आपकी बेटी है?”

“काश ये मेरी बेटी होती ! पर ऐसा नहीं है, ये भी आप ही की तरह किसी वक्त के सताये की बेटी है।” माया ने आह भरते हुए कहा।

“ठीक है फिर अब हमें आशीर्वाद दीजिये कि हम अपने पिता को मनाने में सफल हो जाएं।” सोफिया ने सिर झुकाते हुए कहा।

“महा..देव तुम्हारे पिता को सद्बुद्धि दें।”इतना कह माया बिना सोफिया के सिर पर हाथ रखे पलट गयी।

सोफिया ने आश्चर्य भरी नजरों से माया को देखा, पर कुछ बोली नहीं, लेकिन वह समझ गयी थी कि पाताल में कुछ तो उसके साथ बुरा होने वाला है?

“अब तुम दोनों यहां से बाहर निकल जाओ, बाहर वही ब्लू व्हेल खड़ी है, वह तुम्हें पाताल के द्वार तक छोड़ देगी।” माया ने कहा और फिर दोनों के नमस्कार की मुद्रा में हाथ जोड़े।

उन्हें हाथ जोड़ते देख सोफिया और मेरोन ने भी अपने हाथ जोड़, उन्हें नमस्कार किया और कैस्पर के गालों पर एक चुंबन ले उस कमरे से बा हर निकल गये।

अगर आप किसी कारणवश ‘सुप्रीम’ की अब तक की कहानी को नहीं पढ़ पाये, तो आइये उसके अब तक के सारांश को पढ़कर उस उसकी यादों को ताजा कर लें, या फिर पढा है तो एक बार यादें ताजा कर लें-

‘सुप्रीम’ का सारांशः

माइकल अपनी पत्नि मारथा और अपनी 13 वर्षीय बेटी शैफाली के साथ ‘सुप्रीम’ नामक पानी के जहाज से न्यूयार्क से सिडनी जाने का प्लान बनाता है क्योंकि माइकल के कॉलेज के समय के प्रोफेसर अलबर्ट भी उसी जहाज से सिडनी जाने वाले थे। चूंकि शैफाली अपने जर्मन शेफर्ड कुत्ते ब्रूनो के बिना नहीं जाना चाहती थी, इसलिये माइकल जहाज के कैप्टेन से ब्रूनो को ले जाने के लिये विशेष अनुमति ले लेता है।

अभी ये लोग बात कर ही रहे होते हैं कि तभी जन्म से अंधी शैफाली को सोते समय कुछ विचित्र से सपने आते हैं। उन सपनों से शैफाली डरकर उठ जा ती है। माइकल और मारथा को आश्चर्य होता है कि जन्म से अंधी शैफाली को सपने कैसे आ सकते हैं।

सुप्रीम न्यूयार्क बंदरगाह से अपने सफर पर चल पड़ता है। सुप्रीम के डेक पर खड़ा ऐलेक्स एक इटैलियन लड़की क्रिस्टी को देखता है जो एक किताब पढ़ रही होती है। तभी क्रिस्टी के कॉलेज की दोस्त

लॉरेन उसे मिल जाती है। क्रिस्टी, लॉरेन के साथ बात करते हुए वहां से चली जाती है, पर उसकी किताब वहीं छूट जाती है, जिसे ऐलेक्स उठा लेता है। उधर क्रिस्टी और लॉरेन एक दूसरे से अपनी पुरानी बातें शेयर

करतीं हैं।

क्रिस्टी को पता चलता है कि लॉरेन का ब्वायफ्रेंड भी इसी जहाज पर है। क्रिस्टी लॉरेन से उसकी फोटो दिखाने के लिये जिद करती है। लॉरेन क्रिस्टी को अपने ब्वायफ्रेंड की फोटो अगले दिन दिखाने का

वादा करती है। लॉरेन बताती है कि वह इस जहाज पर ड्रीम्स डांस ग्रुप के साथ आयी है, जिसकी मुख्य डांसर जेनिथ के साथ वह उसके कमरे में रहती है।

शाम को ऐलेक्स क्रिस्टी का रुम नम्बर पता करके उसकी किताब वापस करने जाता है और क्रिस्टी को डिनर पर चलने के लिये कहता है, पर क्रिस्टी ऐलेक्स में अपना इंट्रेस्ट नहीं दिखाती।

रात में डिनर के समय सुप्रीम का कैप्टेन सुयश सभी यात्रियों से अपने चालक दल का परिचय कराता है। इसके बाद जेनिथ और लॉरेन का डांस शुरु हो जाता है। डांस खत्म होने पर जेनिथ को वहां तौफीक

दिखाई देता है। जेनिथ लॉरेन को बताती है कि तौफीक ने एक बार एक एक्सीडेंट से उसकी जान बचाई थी। वह लॉरेन से तौफीक का कमरा नम्बर पता करने को कहती है।

तभी उनके कमरे में जैक और जॉनी नाम के 2 बदमाश घुस जाते हैं और जेनिथ से बद्तमीजी करने लगते हैं। यह देख लॉरेन जहाज के कप्तान और सिक्योरिटी के आदमियों को बुला लेती है।

सुयश जैक और जॉनी को चेतावनी देकर छोड़ देता है। तभी सुप्रीम के कंट्रोल रुम में न्यूयार्क बंदरगाह से बताया जाता है कि उनके जहाज पर कुछ अपराधी भी घुस आये हैं। सुयश को कहा जाता है कि अपराधी को वह स्वयं से ढूंढे और अगले स्टापेज पर उसे इंटरपोल के हवाले कर दें।

सुयश असिस्टेंट कैप्टेन रोजर और सिक्योरिटी इंचार्ज लारा के साथ मिलकर एक निशानेबाजी की प्रतियोगिता का प्लान बनाता है। जिसमें 28 प्रतियोगी भाग लेते हैं और तौफीक, लोथार और जैक क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार जीतते हैं। सुयश अब सिर्फ इन्हीं 28 प्रतियोगियों के कमरों को अपनी सिक्योरिटी के लोगों को न्यूइयर वाले दिन चेक करने को कहता है।

उधर अलबर्ट शैफाली का दिमाग चेक करने के लिये शैफाली का अलग-अलग तरह से टेस्ट लेता है और शैफाली की प्रतिभा से प्रभावित हो जाता है। वहीं दूसरी ओर जेनिथ अपने प्यार का इजहार तौफीक से करती है।

अगले दिन लॉरेन ऐलेक्स को अपना ब्वायफ्रेंड बना कर क्रिस्टी से मिलाती है, पर क्रिस्टी अपने तेज सवालों से जान जाती है कि ऐलेक्स लॉरेन का ब्वायफ्रेंड नहीं है। उधर जॉनी, जैक से 10000 डॉलर की शर्त लगा लेता है कि वह सबके सामने जेनिथ को किस करके दिखाएगा।

अपनी शर्त को पूरा करने के लिये जॉनी जेनरेटर रुम में काम करने वाले आर्थर को कुछ पैसे देकर अपना काम करने के लिये मना लेता है। मगर जॉनी का पूरा प्लान जहाज के सिक्योरिटी इंचार्ज ब्रैंडन को पता चल जाता है, वह सुयश को बता देता है कि जॉनी न्यू इयर के दिन एक मिनट की लाइट ऑफ करवाकर किसी को किस करना चाहता है। सुयश कहता है कि लाइट को 30 सेकेण्ड में ही ऑन करवा देना। इससे जॉनी बीच प्लान में पकड़ा जा येगा।

न्यू इयर के दिन जहाज के कंट्रोलरुम में जहाज का सेकेण्ड असिस्टेंट कैप्टेन असलम, सभी को शराब पिलाकर न्यू ईयर सेलीब्रेट करता है। उधर जहाज के हॉल में जैसे ही न्यू इयर पर लाइट ऑफ होती है, एक गोली की आवाज सुनाई देती है और जब लाइट को जलाया जाता है तो स्टेज पर लॉरेन की लाश दिखाई देती है, जिसके कि माथे पर एक गोली लगी होती है। हॉल से सुयश को एक रिवाल्वर भी बरामद हो जाती है।

सुयश को लगता है कि जिसने भी गोली चलाई होगी उसने जरुर रिवाल्वर को रुमाल से पकड़ रखा होगा। यह सोचकर सुयश सभी के रुमाल जमा करवा कर लैब में चेक करने के लिये भेज देता है। बाद में ध्यान से देखने पर सुयश को लॉरेन के गले में पड़ा एक लॉकेट दिखाई देता है, जिसमें रेडियम लगा होता है।

सुयश समझ जाता है कि इसी रेडियम को देखकर कातिल ने अंधेरे में गोली चलाई होगी। वह लॉरेन की लाश को स्टोर रुम में रखवा देता है। बाद में सिक्योरिटी वाले बताते हैं कि जब वो जैक का कमरा चेक

कर रहे थे तो उन्हें बगल वाले कमरे से कुछ अजीब सी आवाजें सुनाई दीं।

सुयश उस रुम में जाकर चेक करता है तो पता चलता है कि वो रुम शैफाली का है और वह विचित्र सी आवाज ब्रूनो के दरवाजा खुरचने की वजह से आ रही थी। तभी शैफाली उसे कातिल की कुछ आदतों के बारे में बताती है। सुयश भी शैफाली के तर्क सुनकर शैफाली से प्रभावित हो जाता है।

तभी एक सिक्योरिटी का आदमी आकर बताता है कि कंट्रोलरुम में कोई दरवाजा नहीं खोल रहा है। सुयश कंट्रोलरुम का इमर्जेंसी दरवाजा खुलवाता है। कट्रोलरुम के सभी सदस्य शराब के नशे में बेहोश पड़े थे।

तभी उन्हें फ्लोरिडा से एक मैसेज मिलता है कि उनका जहाज गलत दिशा में भटक कर बारामूडा त्रिकोण के खतरनाक क्षेत्र में पहुंच गया है।

तभी जहाज के ऊपर से एक नीली रोशनी बिखेरती उड़नतश्तरी निकलती है। जिसके बाद जहाज के सारे इलेक्ट्रानिक यंत्र खराब हो जाते हैं। अभी सब लोग ठीक से समझ भी नहीं पाते हैं कि तभी ‘सुप्रीम’ के आगे एक विशालकाय भंवर आ जाती है जिसमें सुप्रीम फंस जाता है। सुयश के अनुभव और सूझबूझ से चालक दल जहाज को भंवर से निकालने में सफल हो जाते हैं।

मगर भंवर से बचने के चक्कर में सुप्रीम बारामूडा त्रिकोण के क्षेत्र में और अंदर पहुंच जाता है।

सुयश सही रास्ते को पता करने के लिये रोजर को हेलीकॉप्टर से भेजता है, जहां एक रहस्यमय द्वीप को देखते हुए रोजर का हेलीकॉप्टर दुर्घटना ग्रस्त हो जाता है।

उधर सुयश के कपड़े एक ब्लूव्हेल भिगो देती है, जिससे ब्रैंडन को सुयश की पीठ पर बना एक सूर्य का टैटू दिख जाता है। उसी रात शैफाली के सोते समय कोई उसके पास एक सोने का सिक्का छोड़ जाता है। अलबर्ट बताता है कि यह सोने का सिक्का प्राचीन लुप्त शहर अटलांटिस का है, जिस पर वहां की देवी और एक डॉल्फिन का चित्र अंकित था।

उसी समय शैफाली को फिर सपने आते हैं, जिसमें उसे एक रहस्यमय द्वीप और एक सुनहरा मानव दिखाई देता है।

अगले दिन असलम को वही रहस्यमय द्वीप दिखाई देता है, पर सुयश जहाज को उस द्वीप की ओर मोड़ने से मना कर देता है। सुयश लारा को ब्लैक थंडर नामक एक जहाज की कहानी सुनाता है, जो 16 वर्ष पहले सुप्रीम की ही भांति बारामूडा त्रिकोण में खो गया था। तभी लारा और सुयश को एक परछाई, अपने कंधे पर कोई चीज उठाए, भागती दिखाई देती है। दोनों उसका पीछा करते हैं, पर वह परछाई पानी में कूद जाती है।

सुयश और लारा वहां डेक पर खड़े अलबर्ट से पूछताछ करते है। पर उससे कुछ खास पता नहीं चलता। सुयश को डेक की रेलिंग पर एक फटा हुआ कपड़ा मिलता है, जो वह अपने पास रख लेता है। तभी इन

सभी को क्रिस्टी की चीख सुनाई देती है। जब ये सब क्रिस्टी के कमरे में पहुंचते हैं तो इन्हें एक खतरनाक हरा कीड़ा दिखाई देता है, जो कि वहां खड़े एक गार्ड को मार देता है। तौफीक उस कीड़े को गोली मार देता है।

अलबर्ट बताता है कि उस कीड़े को इसके पहले साइबेरिया में देखा गया था। गार्ड की लाश को भी स्टोर रुम में रखने के लिये भेज दिया जाता है। तभी गार्ड की लाश को ले जाने वाले दोनो व्यक्ति भागकर आते हैं और बताते हैं कि लॉरेन की लाश स्टोर रुम से गायब हो गयी है। सुयश सहित सभी व्यक्ति जब भागकर स्टोर रुम पहुंचते हैं, तो वहां लॉरेन की लाश के साथ अभी मरे गार्ड की लाश को भी गायब पाते हैं।

सुयश ब्रूनो को गायब हुई लॉरेन की लाश की जगह सुंघाता है, तो ब्रूनो भागकर एक डेक पर आ जाता है, जहां सुयश को एक रुमाल मिलता है, जो शायद लाश गायब करने वाले का था। उस रुमाल पर अंग्रेजी के ‘जे’ या उर्दू के ‘लाम’ जैसी आकृति बनी होती है। बहुत देर के वाद-विवाद के बाद भी सुयश को पता नहीं चलता कि वह रुमाल किसका है? सुयश दोबारा स्टोर रुम में आकर ब्रूनो को फिर वह जगह सुंघा कर पीछे की तरफ जाने का इशारा करता है।

इस बार ब्रूनो जेनिथ के रुम के दरवाजे पर पहुंच जाता है। दरवाजा खोलने पर जेनिथ के कमरे का सारा सामान बिखरा हुआ दिखाई देता है, ऐसा लगता है जैसे किसी ने कमरे की तलाशी ली हो। एक बार फिर स्टोर रुम में जाकर सभी गार्ड की लाश की जगह की जांच करते हैं तो अलबर्ट को एक खिड़की के पास समुद्र का पानी गिरा हुआ दिखता है। ऐसा महसूस होता है कि जैसे को ई खिड़की के द्वारा समुद्र से आकर गार्ड की लाश ले गया हो?

उधर न्यूयार्क बंदरगाह पर राबर्ट और स्मिथ के पास एक व्यक्ति आकर, स्वयं को सुप्रीम का सेकेण्ड असिस्टेंट कैप्टेन असलम बताता है। वह कहता है कि कोई उसे बेहोश कर उसकी जगह लेकर सुप्रीम पर चला गया है। जिसके बाद इस केस को हल करने के लिये जेरार्ड सी.आई.ए के काबिल एजेंट व्योम को इस मिशन पर भेज देता है।

उधर सुयश को दूसरी बार वही रहस्यमयी द्वीप दिखाई देता है। सुयश फिर उस द्वीप पर नहीं जाने का विचार करता है, पर लारा सुयश को जबरदस्ती मना कर 2 गार्ड के साथ उस द्वीप की ओर चल देता है, पर पानी में मौजूद कोई रहस्यमय जीव लारा और दोनों गार्ड को मार देता है।

दूसरी ओर व्योम को समुद्र में वही रहस्यमय द्वीप दिखाई देता है, व्योम हेलीकॉप्टर से उस रहस्मय द्वीप के पीछे जाने की कोशिश करता है, पर उसे वह द्वीप पानी पर घूमता दिखाई देता है। उस द्वीप पर उसे पोसाइडन पर्वत के पास एक झोपड़ी हवा में उड़ती हुई दिखाई देती है।

इसके बाद उसका हेलीकॉप्टर द्वीप से निकली रहस्यमय तरंगों का शिकार होकर हवा में लहराने लगता है। व्योम हेलीकॉप्टर को सुरक्षित पानी पर उतारने में सफल हो जाता है, वह अब हेलीकॉप्टर को बोट बनाकर द्वीप की ओर बढ़ने लगता है। तभी पीछे से आई एक विशालकाय पानी की लहर व्योम की बोट को तोड़ देती है और व्योम पानी में गिरकर बेहोश हो जाता है। बेहोश होने से पहले वह देखता है कि वह किसी सुनहरे मानव के हाथों में है।

सुप्रीम पर ऐलेक्स को कुछ हरे कीड़े दिखा ई देते हैं। वह ये बात सुयश और ब्रैंडन को बता देता है। बाद में अलबर्ट के साथ जब सभी उसके कमरे में पहुंचते हैं तो उन्हें अलबर्ट की पत्नि मारिया अपनी जगह से

गायब दिखाई देती है, जिसके बाद अलबर्ट अर्द्धविक्षिप्त सा हो जाता है।

सुयश और ब्रैंडन दोबारा गश्त पर निकलते हैं तभी जॉनी सीढ़ियों से आकर उनके पास गिरता है और डेक पर जाकर लोथार को बचाने को कहता है। सुयश ब्रैंडन के साथ जब डेक पर पहुंचता है तो उसे लोथार डेक की रेलिंग पर खड़ा दिखाई देता है। सुयश के मना करने के बाद भी लोथार एक ओर इशारा करके पानी में कूद जाता है।

जब सुयश की नजर उस दिशा में जाती है तो उसे वहां एक साया खड़ा हुआ दिखाई देता है। सुयश उसे पकड़ने की कोशिश करता है, पर वह साया भी पानी में कूद जाता है। सुयश के हाथ में उस साये का फटा हुआ कॉलर आ जाता है, जिस पर रोजर के नाम की नेम प्लेट लगी होती है।

दूसरी तरफ ब्रैंडन पानी में गिरे लोथार को बचाने की बहुत कोशिश करता है, पर लोथार को पानी में

मौजूद कोई अंजान जीव खींच ले जाता है। बाद में जॉनी बताता है कि उसने लॉरेन की आत्मा को देखा था, जो कि लोथार को अपनी ओर बुला रही थी।

अभी ये लोग डेक पर खड़े ही होते हैं कि तभी इन्हें पानी पर दौड़ता हुआ एक सुनहरा मानव दिखा ई देता है जो कि एक दिशा की ओर इशारा करके गायब हो जाता है। सुयश जहाज को उसी दिशा में मोड़ लेता है।

सुप्रीम के डेक पर खड़े ऐलेक्स को एक पहाड़ी तोता ऐमू दिखाई देता है, जो कि जाने क्यों सुयश को अपना दोस्त बताने लगता है। सुयश इस बार सुप्रीम को ऐमू के आने वाली दिशा में मोड़ देता है।

थॉमस अपनी लैब में बैठा, लॉरेन के कत्ल के समय जमा किये सभी रुमाल चेक कर रहा था । अचानक उसे लॉरेन के कातिल का पता चल जाता है। तभी लॉरेन का कातिल वहां पहुंचकर थॉमस को भी मार देता है और लैब से सारे सबूत मिटाने के लिये लैब में आग लगा देता है।

उधर शैफाली को इस बार खुली आँखों से सपने दिखाई देते हैं, जिसके बारे में सुनकर असलम घबरा जाता है। शैफाली असलम से ऐसे सवाल करती है कि सुयश को असलम पर शक हो जाता है। सुयश ड्रेजलर से इस बात की पुष्टि भी कर लेता है कि न्यू ईयर की रात असलम ने ही सबको शराब पिलाई थी।

जारी रहेगा_______✍️
 
#110.

तभी पानी पर एक बार फिर से वही रहस्यमयी द्वीप दिखाई देता है। सुयश को पता चलता है कि सुप्रीम का सारा फ्यूल किसी ने बिखेर दिया है। सुयश तब भी सुप्रीम को उस द्वीप की ओर नहीं मुड़वाता है।

आगे बढ़ने पर सुप्रीम को एक भयानक तूफान 3 तरफ से घेर लेता है, तूफान से बचने के लिये सुयश सुप्रीम को द्वीप की ओर मुड़वा देता है। द्वीप की ओर जाता हुआ जहाज एक झटके से रुक जाता है। सुयश पानी के नीचे 2 गोताखोरों को जहाज के रुकने का कारण पता लगाने के लिये भेजता है, पर कुछ ही देर में दोनों गोताखोरों की लाशें पानी में नजर आती हैं।

सुयश इस कारण का पता लगाने के लिये स्वयं पानी के नीचे जाने की बात करता है। मगर जैसे ही सुयश मोटरबोट को उतारकर पानी में जाने वाला होता है, अचानक किसी अंजान कारणों से सुप्रीम पानी में धंसना शुरु हो जाता है।

यह देखकर जहाज पर खड़े कुछ यात्री पानी में कूदकर उस बोट पर चढ़ जाते हैं और सुप्रीम पानी में

डूब जाता है। कुछ बचे यात्रियों को ढूंढने के लिये जब बोट को वापस उस क्षेत्र में लाया जाता है तो शैफाली और ब्रूनो को छोड़कर कोई जिंदा यात्री उन्हें नहीं मिलता।

तभी अचानक आश्चर्यजनक तरीके से पानी पर तैर रही लाशें पानी के अंदर समाने लगती हैं। सुयश सहित कुल 12 लोग ही इस खतरनाक हादसे में जिंदा बचकर उस रहस्यमय द्वीप पर पहुंचने में कामयाब हो पाते हैं। रात होने की वजह से कोई भी द्वीप के अंदर दाखिल नहीं होता और सभी वहीं समुद्र किनारे सो जाते है।

वेगा अपनी दोस्त वीनस के साथ लाइब्रेरी में जाकर एक 500 वर्ष पुरानी किताब ‘अटलांटिस का इतिहास’ पढ़ता है, जिसमें अटलांटिस का इतिहास और एक कृत्रिम द्वीप ‘अराका’ का वर्णन था। किता ब पढ़ने के

बाद वेगा लाइब्रेरियन को सम्मोहित करके वह किताब अपने घर लेता जाता है।

उधर द्वीप पर बचे हुए लोग, सुयश को ही अपना लीडर घोषित कर, उस रहस्यमयी जंगल में दाखिल हो जाते हैं। जंगल में शैफाली के द्वारा सीटी बजाने पर पोसाईडन पर्वत पर मौजूद मूर्ति की आँखें लाल हो जाती हैं और शैफाली को फुसफुसाहट के रुप में एक शब्द ‘अराका’ सुनाई देता है।

आगे बढ़ने पर उन्हें नीले रंग के फलों वाला एक पेड़ दिखाई देता है, जो जैक द्वारा फल को तोड़ने की कोशिश करने पर, उसे ना देकर, वह सारे फल शैफाली के लिये तोड़कर नीचे गिरा देता है।

दूसरी ओर अंटार्कटिका की धरती पर जेम्स और विल्मर को बर्फ की खुदाई के दौरान एक सुनहरी ढाल दिखाई देती है, जो कि एक सुनहरी दीवार से चिपकी होती है। वह सुनहरी दीवार जमीन के अंदर 1 किलोमीटर के क्षेत्र में फैली थी। जेम्स और विल्मर अगले दिन ढाल को काटकर निकालने का प्लान करके वहां से चले जाते हैं।

उधर जेनिथ एक जादुई बर्फ के तालाब में फंस जा ती है, जहां पर एक मगरमच्छ मानव जेनिथ को मारने की कोशिश करता है, पर शैफाली के ‘जलोथा’ कहते ही वह मगरमच्छ मानव डरकर वापस तालाब में समा जाता है।

वहीं दूसरी ओर जब वेगा‘ अटलांटिस का इतिहास’ किताब के साथ अपने घर पहुंचता है, तो कार पार्किंग एरिया में एक रहस्यमयी बाज वेगा पर हमला करके, उसकी किताब छीनने की कोशिश करता है, पर बाद में वह बाज, एक सिक्योरिटी गार्ड द्वारा मारा जाता है। वेगा के जाने के बाद, वह बाज धुंआ बनकर गायब हो जाता है।

वेगा जब अपने कमरे में पहुंचता है तो उसे न्यूज चैनल पर सुप्रीम के गायब हो ने के बारे में पता चलता है, तभी वेगा के पास उसके भाई युगाका का फोन आता है, जहां वेगा अपने भाई से अटलांटिस की किताब का जिक्र करता है।

सुयश की टीम को जंगल में कुछ अजीब सी आकृतियों वाले पत्थर मिलते हैं, जहां शैफाली उन्हें बताती है कि उन पत्थरों को उसने अपने सपने में देखा था और वह पत्थर सभी का भविष्य बता रहे हैं। तभी

ड्रेजलर के ऊपर एक अनाकोंडा सरीखा बड़ा सा अजगर हमला कर देता है। सभी ड्रेजलर को बचाने की बहुत कोशिश करते हैं, पर आखिर में ड्रेजलर मारा जाता है।

उधर वेगा की बात सुनकर युगाका परेशान हो जाता है, इस परेशानी से बचने के लिये युगाका अपने बाबा कलाट से मिलता है। कलाट अपने तीन वैज्ञानिक ‘किरीट-रिंजो-शिंजो’ से कहकर युगाका को वेगा के लिये

एक ‘जोडियाक वॉच’ दिलवा देता है, जिसमें 12 राशियों की शक्तियां थीं, जो वेगा को मुसीबत के समय छिप कर उसे बचातीं।

उधर सुयश की टीम शाम होने के बाद एक छोटे से तालाब के पास जा कर रुक जाते हैं, जहां शैफाली रात में सबसे उनके सीक्रेट बताने को कहती है। जैक अपने सीक्रेट के तौर पर एक बैंक डकैती का राज खोल

देता है, जिसमें बैंक डकैती के दौरान जैक और जॉनी ने मिलकर एक व्यक्ति को गोली मार दी थी।

ब्रैंडन बताता है कि जैक और जॉनी ही वह अपराधी थे, जिनके लिये ‘सुप्रीम’ पर फोन आया था।

आधी रात को जब जेनिथ जागती है, तो उसे एक लड़की क्रिस्टी बनकर, बहकाकर एक दिशा में ले जाने की कोशिश करती है, पर असली क्रिस्टी के जाग जाने पर वह इस कार्य में सफल नहीं हो पाती है।

जेम्स और विल्मर दूसरे दिन उस सुनहरी ढाल को काटने की कोशिश करते हैं, पर वह इस कार्य में सफल नहीं हो पाते। तभी जेम्स के छूने से वह ढाल जमीन में समा जाती है। जेम्स और विल्मर को वहां से जमीन में जाती हुई सीढ़ियां दिखाई देती हैं।

कुछ अजीब से तिलिस्मी रास्तों को पार करने के बाद जेम्स और विल्मर वहां मौजूद देवी शलाका

और उनके 7 भाईयों को जगा देते हैं, जो कि 5000 वर्ष से वहां शीतनिद्रा में सो रहे थे। देवी शलाका जेम्स और विल्मर से बाद में बात करने को कह उन्हें एक कमरे में रुकने को कहती हैं, उस कमरे में बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं होता।

उधर जंगल में सबको किसी के रोने की आवाज सुनाई देती है, तभी सबको अपने पास से शैफाली गायब दिखाई देती है। ढूंढने पर शैफाली उन्हें एक पेड़ के पास दिखाई देती है। वह नयनतारा पेड़ शैफाली को पकड़ कर उसकी आँख में अपने एक फल का रस निचोड़ देता है, जिसकी वजह से आश्चर्यजनक तरीके से जन्म से अंधी शैफाली की आँखें आ जाती हैं।

उधर युगाका वेगा के जन्मदिन के एक दिन पहले, उसे जोडियाक वॉच गिफ्ट कर देता है।

जंगल में सभी को शलाका मंदिर दिखाई देता है, जो भारतीय कला के हिसाब से बना दिखाई देता है, जहां पर एक छोटे से तिलिस्म को पार कर, सुयश देवी शलाका की मूर्ति को छू लेता है। तभी सुयश के शरीर पर

बने टैटू से सतरंगी किरणें आकर टकराती हैं और सुयश के टैटू में एक अंजानी शक्ति प्रवेश कर जाती है।

उधर जब रोजर का हेलीकॉप्टर धुंध में फंसकर अराका द्वीप पर गिरता है, तो रोजर को पायलेट की लाश एक शेर ले जाता दिखाई देता है, जो पायलेट की लाश को जंगल में बने एक पिरामिड के बाहर रख कर,

एक दिशा की ओर चला जाता है। रोजर उस शेर का पीछा करता है, एक झरने के पास जाकर वह शेर एक इंसानी आकृति में बदल जाता है और उस झरने के पीछे छिपे रास्ते में प्रवेश कर जाता है।

रोजर उस व्यक्ति का पीछा करते हुए एक ऐसे कमरे में पहुंचता है, जहां पर एक लड़की आकृति

को, एक तांत्रिक कुछ समझा रहा होता है। आकृति का चेहरा देवी शलाका से मिलता है।

तांत्रिक के जाने के बाद आकृति रोजर को अराका के कई रहस्यों के बारे में बताती है। जहां आकृति रोजर से सुप्रीम को भटकाने की बात करती है और रोजर को एक कमरे में बंद कर देती है।

उधर सुयश को जंगल में फिर ऐमू मिल जाता है। तभी सुयश को एक आदमखोर पेड़ पकड़ लेता है, इस मुसीबत से सुयश को उसके शरीर पर बना टैटू बचाता है। आदमखोर पेड़ सुयश के टैटू से निकली सुनहरी

रोशनी से जल जाता है।

दूसरी ओर कुछ दिन पहले आकृति रोजर को सुनहरा मानव बना कर, सुप्रीम को भटकाने के लिये भेजती है। रास्ते में रोजर पानी में बेहोश हुए व्योम को बचाकर, अराका द्वीप के किनारे रख देता है और स्वयं सुप्रीम की ओर चल पड़ता है। परंतु सुप्रीम के पास पहुंचकर रोजर सुयश को सही राह दिखाता है।

सुयश और उसकी टीम को रास्ते में कुछ खंडहर दिखाई देते हैं, जहां रात गुजारने के लिये वो लोग रुकने की सोचते हैं, तभी एक घंटा बजाने पर जमीन से एक सोने का सिंहासन निकलता है, जिस पर बैठते ही सुयश समय के चक्र को तोड़ 5020 वर्ष पहले के काल में हिमालय पर पहुच जाता है।

हिमालय पर उसे अपनी ही शक्ल का एक इंसान आर्यन दिखाई देता है जो शलाका और अन्य 12 लोगों के साथ एक रहस्यमयी विद्यालय ‘वेदालय’ में पढ़ रहा होता है। वहां सुयश को 15 अद्भुत लोक के बारे में

पता चलता है। जहां पर एक प्रतियोगिता के अन्तर्गत आर्यन और शलाका को दूसरे लोगों से प्रतिस्पर्धा करते हुए, किसी धेनुका नाम की गाय से स्वर्णदुग्ध लाना रहता है।

इस पूरी प्रतियोगिता में सुयश भी आर्यन और शलाका के साथ ऊर्जा के रुप में उनके साथ रहता है। सुयश को उस समयकाल में ऐमू भी दिखाई देता है, जिसकी जान आर्यन ही बचाता है।

अपने बुद्धि कौशल से आर्यन यह प्रतियोगिता जीत जाता है। सुयश को उस विद्यालय में आकृति नाम की एक लड़की भी दिखाई देती है जो आर्यन को शलाका के साथ देखकर जलती है।

सुयश उस समयचक्र से वापस आकर सभी को अपनी कहानी के बारे में सुना देता है। जहां सुयश को महसूस होता है कि आर्यन उसका ही पिछले जन्म का नाम है। सबके सो जाने के बाद युगाका ब्रैंडन को बहुत ही खौफनाक सपना दिखा कर डरा देता है, उस सपने में ब्रैंडन को सभी लोग मरे दिखाई देते हैं।

वहीं दूसरी ओर लुफासा, सीनोर की सेनापति सनूरा के साथ मकोटा से मिलने उसके महल जाता है, जहां मकोटा उसे हर रोज एक लाश लाकर पिरामिड में रखने को कहता है। लुफासा अपनी इच्छाधारी शक्ति का प्रयोग कर छिपकर पिरामिड में जाकर देखता है तो उसे पता चलता है कि अंधेरे का देवता जैगन पिरामिड में बेहोश पड़ा है और मकोटा वहां लाशों के साथ कोई प्रयोग कर रहा है।

तभी मकोटा का सेवक वुल्फा मच्छर बने लुफासा को मार देता है। बाद में लुफासा से पता चलता है कि सुप्रीम से लॉरेन और गार्ड की लाश, लुफासा ही लेकर भागा था। लुफासा ने ही व्हेल बनकर व्योम की बोट को डुबाया था और उसी ने ऑक्टोपस बनकर लोथार और लारा को मारा था।

अगले दिन जंगल में सबके कहने पर ब्रूनो को आगे-आगे चलाया जाता है, जहां युगाका के एक इशारे पर एक पेड़ से, एक बेर के समान फल टूटकर ब्रूनो के सिर पर गिरता है। फल के सिर पर गिरने से ब्रूनो के

पंख निकल आते हैं और ब्रूनो उड़कर गायब हो जाता है।

यह देख शैफाली रोने लगती है, पर ऐमू के चिढ़ाने पर गुस्सा हो कर ऐमू को देखती है। ऐमू को घूरने की वजह से शैफाली की आँखों में ऐमू की तस्वी र छप जाती है, जो कुछ देर बाद अपने आप सही हो जाती है।

उधर अगले दिन वेगा अपने जन्मदिन पर वीनस को लेकर पोटोमैक नदी के किनारे ‘कायक’ चला रहा होता है, तभी उस पर बारी-बारी से टुंड्रा हंस और बुलशार्क हमला करती है। लेकिन वेगा के हाथ में बंधी

जोडियाक वॉच से 2 राशियां कर्क और मीन निकलकर वेगा की रक्षा करती हैं।

उधर व्योम को जब होश आता है, तो वह अपने आप को अराका द्वीप के किनारे पर पड़ा हुआ पाता है। व्योम रहस्य का पता लगाने के लिये जंगल में जाने की कोशिश करता है, पर जंगल के चारो ओर किसी अदृश्य दीवार के होने की वजह से वह जंगल में प्रवेश नहीं कर पाता। कुछ दिन उसी तट पर बीत जाने के बाद एक दिन व्योम को द्वीप के किनारे एक ब्लू व्हेल तैरती हुई दिखाई देती है, व्योम पानी में घुसकर उस व्हेल का पीछा करते हुए, द्वीप के एक ऐसे अंजान हिस्से में पहुंच जाता है, जहां एक कम्प्यूटर प्रोग्राम कैस्पर द्वारा एक तिलिस्म का निर्माण हो रहा होता है।

व्योम को वहां बहुत सी अनोखी चीजें दिखाई देती हैं। व्योम उस स्थान के एक कमरे में रखी ट्रांसमिट मशीन से ट्रांसमिट होकर सामरा राज्य के अंदर पहुंच जाता है।

जंगल में जा रहे सुयश की टीम का सामना एक जंगली सुअर से होता है, सुअर असलम को दौड़ा लेता है, असलम सुअर से बचने की कोशिश में एक दलदल में गिर जाता है। मरने से पहले असलम सभी को

बताता है कि उसका नाम मोईन अली है। वह असलम को मारकर, असलम का भेष बना कर, सुप्रीम पर आ गया था । मोईन कहता है कि सुप्रीम को उसी ने जानबूझकर गलत दिशा में मोड़ा था।

मोईन अपना काला बैग देकर मर जाता है। मोईन के काले बैग से सभी को एक नक्शा, एक लॉकेट और मोईन के पिता उस्मान अली की डायरी मिलती है। जब जेनिथ उस काले बैग से निकले लॉकेट

को देख रही होती है, तभी आश्चर्यजनक ढंग से वह लॉकेट अपने आप जेनिथ के गले में बंध जाता है। उस्मान अली की डायरी पढ़ने पर सबको पता चलता है कि 16 साल पहले उस्मान अली का जहाज भी

भटककर उस द्वीप पर आया था। जहाज के सारे लोग मर जाते हैं। सिर्फ उस्मान अपने दोस्त गिल्फोर्ड के साथ बचता है।

अनेक परेशानियों का पारकर उस्मान द्वीप के अंदर की ओर पहुंच जाता है, जहां कुछ जंगली उस्मान और गिल्फोर्ड को अपने देवी के मंदिर में बांध देते हैं। देवी की मूर्ति के पास उस्मान को एक खजाना बिखरा हुआ दिखाई देता है।

उस्मान वहां पड़े एक हीरे की मदद से अपनी और गिल्फोर्ड के हाथ की रस्सियां काटकर वहां से भाग जाते हैं। गिल्फोर्ड देवी के पैर के पास रखी एक लाल किताब को उठा ले जाता है और विलियम देवी के गले में पड़े लॉकेट को उतार लेता है।

जंगली लगातार उन दोनों का पीछा करते हैं। जंगलियों से बचने के लिये गिल्फोर्ड लाल किताब को लेकर एक पेड़ पर चढ़कर छिप जाता है, जबकि उस्मान एक गुफा में छिप जाता है। गुफा एक भालू की होती है, परंतु जब भालू उस्मान पर आक्रमण करता है, तो उस्मान के गले में मौजूद लॉकेट उस्मान की जान बचाता है। उस्मान गुफा के दूसरी तरफ से बाहर निकलता है। द्वीप के उस तरफ किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं होता।

उस्मान कुछ दिन वहां गुजारकर एक नाव का निर्माण करता है और उसी नाव से उस द्वीप से बचकर भाग

निकलता है। बाद मे एक दूसरे जहाज के लोग उस्मान को बचा लेते हैं। उस्मान मरने से पहले अपनी डायरी, द्वीप का नक्शा और देवी का लॉकेट मोईन को देकर मर जाता है। यह कहानी पढ़कर सुयश को द्वीप के काफी राज पता चल जाते हैं।

उधर युगाका कुछ समय पहले अपनी बहन त्रिकाली के साथ एक आधुनिक ड्रोन में बैठकर सुप्रीम को बचाने की कोशिश करता है, पर लुफासा विकराल ऑक्टोपस बन कर सुप्रीम को डुबा देता है। उसी

स्थान पर हरे कीड़ों से बचने के प्रयास में त्रिकाली की बर्फ की शक्तियां जाग जाती हैं। इन शक्तियों के बारे में त्रिकाली को भी नहीं पता होता है।

उधर जंगल में युगाका ऐलेक्स को बेहोश करके ऐलेक्स बनकर सुयश की टीम में शामिल हो जाता है, ऐलेक्स बना युगाका सबको भ्रमित करने के लिये एक फल को खाकर अपनी आवाज जाने का नाटक करता है, पर शैफाली युगाका को पहचान जाती है। वह युगाका के सिर पर एक डंडा मारकर उसे बेहोश कर देती है।

होश में आने के बाद युगाका खतरनाक तरीके से सब पर आक्रमण कर उन्हें अपनी वृक्ष शक्ति से जकड़

लेता है। यह देख शैफाली युगाका से कुछ क्षणों के लिये उसकी वृक्ष शक्ति छीन लेती है। यह देख युगाका घबरा कर शैफाली से माफी मांगता है और उनकी मदद करने का वचन देता है। तभी युगाका के पास एक इमर्जेंसी सिग्नल आता है, जिसकी वजह से युगाका इन्हें बाद में मिलने को कह, वहां से सामरा द्वीप की ओर चला जाता है।

ऐलेक्स के गायब होने वाले स्थान पर किसी को ऐलेक्स दिखाई नहीं देता। दूसरी ओर देवी शलाका के कमरे में बंद जेम्स को, दीवार में एक रहस्यमयी द्वार दिखाई देता है, उस द्वार से हो ते हुए जेम्स हिमालय के पास पहुंच जाता है। उसी समय हिमालय पर बर्फबारी शुरु हो जाती है, जिससे बचने के लिये जेम्स एक गुफा में शरण लेता है। उस गुफा में एक विशालकाय यति था जो जेम्स को पकड़कर शिवन्या और रुद्राक्ष की जेल में बंद कर देता है।

व्योम ट्रांसमिट होकर सामरा द्वीप पहुंच जाता है, जहां व्योम को एक विचित्र फल खाकर एक हाथी को आकार में चूहे के बराबर बनता देखता है। फिर व्योम एक पहाड़ी पर चढ़कर एक विशालकाय वृक्ष के पास पहुंच जाता है। उस वृक्ष से कुछ किरणें निकलकर व्योम के शरीर में प्रवेश कर जाती हैं।

उधर युगाका कलाट के पास पहुंचता है, जहां कलाट उसे बताता है कि कोई बाहरी व्यक्ति सामरा द्वीप में घुस आया है। उस व्यक्ति के बारे में जा नने के लिये कलाट, युगाका को लेकर महावृक्ष के पास आता है और महावृक्ष से जलतत्व से बनी पुस्तक ‘सागरिका’ को खोलने की बात करता है। महावृक्ष अपनी चमत्कारी शक्तियों से कलाट और युगाका को समुद्र के अंदर मौ जूद अटलां टिस की धरती पर भेज देता है। जहां पर सागरिका एक पहेली के माध्यम से कलाट को एक मैसेज देती है।

सुयश और उसकी टीम को जंगल में एक साफ स्थान पर एक खूबसूरत पार्क बना दिखाई देता है। पार्क में ‘मेडूसा’, जलपरी और एक ड्रैगन की मूर्ति बनी होती है। जलपरी की मूर्ति से निकलती शराब को पीकर जॉनी एक बंदर में परिवर्तित हो जाता है और उछलकर जंगलों में भाग जाता है।

रात में वहां सोते समय मेडूसा की मूर्ति सजीव हो जाती है और शैफाली को एक महाशक्ति मैग्ना के सपने दिखाती है, जिसमें मैग्ना एक ड्रैंगो पर सवार होकर, समुद्र की तली में मौजूद एक स्वर्ण महल से

तिलिस्म तोड़कर, एक शक्तिशाली पंचशूल प्राप्त करती है।

वहां रात में सो रही जेनिथ को एक रहस्यमयी आवाज सुनाई देती है, यह आवाज उसके गले में पड़े देवी के लॉकेट से आ रही होती है। जेनिथ को पता चलता है कि उस लॉकेट में एक महाशक्तिशाली शक्ति का वास है, जो कि दूसरी आकाशगंगा से आयी है। वह शक्ति समय को नियंत्रित करना जानती थी, इसलिये जेनिथ उस शक्ति का नाम ‘नक्षत्रा’ रख देती है और उसे अपना दोस्त बना लेती है। नक्षत्रा दोस्त बनने के बाद जेनिथ को तौफीक की बहुत सी सच्चाई के बारे में बता देता है, जिससे जेनिथ जान जाती है कि सुप्रीम पर होने वाले, कुछ कत्ल को तौफीक ने किया था। जिसे वह अपना सबसे प्यारा दोस्त मान रही थी, वही इस कहानी का सबसे बड़ा विलेन था। नक्षत्रा यह रहस्य सभी को बताने को मना कर देता है।

इधर शलाका जब अपने कमरे में पहुंचती है तो उसे जेम्स कहीं दिखाई नहीं देता। शलाका जेम्स को बचाने के लिये 5000 वर्ष बाद हिमालय पर पहुंचती है। उसे रुद्राक्ष और शिवन्या से जेम्स के बारे में पता चल जाता है, पर रुद्राक्ष और शिवन्या शलाका को एक दिन वहीं रुकने के लिये कहते हैं।

उधर रा स्ते में जंगल में ब्रैंडन को एक भौंरा परेशान करता है, ब्रैंडन उस भौंरे को हाथ से मारकर जमीन में गिरा देता है। वह भौंरा गिरने के बाद एक विशालकाय चक्रवात में परिवर्तित हो जाता है और ब्रैंडन को

अपने में लपेटकर हवा में गायब हो जाता है।

दूसरी ओर मकोटा अंधेरे के देवता जैगन को जगाने के लिये लुफासा को हिमालय पर मौजूद एक शि..व मंदिर से ‘गुरुत्व शक्ति’ लाने के लिये भेजता है। लुफासा गरुण का रुप धरकर हिमालय से गुरुत्व शक्ति लाने की कोशिश करता है, पर रुद्राक्ष और शिवन्या अपनी मानसिक तरंगों से लुफासा के एक रुप को नष्ट कर देते हैं। मगर लुफासा ड्रैगन का रुप धरकर गुरुत्व शक्ति ले जाने में सफल हो जाता है।

रुद्राक्ष और शिवन्या के परेशान होने पर गुरु नीमा महाशक्तिशाली यति हनुका को, लुफासा से गुरुत्व शक्ति छीनकर लाने को कहते हैं। अब उससे आगे ....................................

जारी रहेगा..........✍️
 
Ek update or post kar deta hu, jo uda tha, uske baad fir se patri pe aa jayega🤔
 
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