Episode 57
यूल मून इस किंग
सुपरनैचरल टेरिटरी – वैम्पायर किंगडम
सोलोमन के क़िला के अंदर
सोलोमन के क़िला के अंदर एक azeem-o-shaan हॉल था — इतना वासी के हज़ारों लोग एक साथ खरे हो सकते थे बिना किसी घुटन के.
इस हॉल के बीच में be-shumar इंसान जमा हुए थे… सब कांपते हुए, डरे हुए.
ज़्यादा तर इंसान ज़ख़्मी नहीं थे,
लेकिन उन के गिर्द खरे वामपिरेस की नज़रें उन के लिए किसी क़तल से काम नहीं थी.
वामपिरेस ने इंसानो को बीच में रख कर दायरा बना लिया था.
उन की आँखें लाल थी, सांस भरी हुई,
और उन के हलक़ से भूक और जूनून भरी गरौल निकल रही थी.
उन्हें इंसानो के जिस्म के अंदर बेहतय हुए खून की हर लहर महसूस हो रही थी.
यह उन के लिए एक अज़ीम अज़ाब था —
जैसे भूके शिकारी के सामने be-bas शिकार हो…
लेकिन हाथ बंधे हुए हों.
गुस्से और हवस ने उन्हें पागल कर दिया था.
हॉल के दाएं दरवाज़े से
सोलोमन और नज़र अंदर आये —
उन के पर फैले हुए, शाही और खौफनाक.
सोलोमन के सियाह और लाल पर रौशनी छोर रहे थे,
जैसे खुद अँधेरा और खून उन के घुलम हों.
जैसे hi वह दोनों हॉल में दाखिल हुए,
वामपिरेस की गरौलिंग फ़ौरन खामोश हो गयी.
सब पीछे हैट गए,
रास्ता बनाया गया.
सोलोमन ने अपनी लाल आँखों से दोनों तरफ नज़र डाली.
इंसानों की तादाद देख कर उस के चेहरे पर हलकी सी मुस्कराहट आ गयी.
“हम्म… मेरी उम्मीद से ज़्यादा हैं.”
नज़र ने ठंडी और नफरत भरी नज़रों से इंसानो को देखा.
“सो यह कौनसा रिचुअल है जिस का तुम ज़िकर कर रहे थे?”
उस ने पुछा, आवाज़ में सख्ती थी.
उस के चेहरे से साफ़ ज़ाहिर था के
वह इंसानो के साथ एक hi कमरे में सांस लेना भी गवारा नहीं करती.
सोलोमन हंसा.
“तुम खुद देखोगी.”
सोलोमन ने अपने पर ज़ोर से फैलाये
और हवा में उठ गया.
उस ने वामपिरेस की तरफ देखा —
जिन के जिस्म तनय हुए थे,
जैसे बस इजाज़त का इंतज़ार हो.
“मेरे लोगों… शुरू करो.”
गरुवोल!!
अगला लम्हा क़ियामत था.
वामपिरेस इंसानो पर टूट परे —
जैसे मुर्दे पर कीड़े पर जाते हैं.
“आआह्ह्ह!!”
“नहीं! खुदा के वास्ते, यह मेरा बीटा है!”
चीखों और फर्यादों ने पूरा हॉल भर दिया.
यह qatal-e-aam था.
कोई भी इंसान ावकेनेड नहीं था.
और हर वैम्पायर काम आज काम रैंक फाइव का था.
इंसानों के लिए कोई चांस नहीं था.
नज़र ने भोंह चढ़ा दी.
उस ने सोलोमन की तरफ देख कर कहा,
“यह तोह आम फीडिंग जैसा hi लगता है. इस में रिचुअल क्या है?”
सोलोमन फिर हंसा —
इस दफा और ज़्यादा शरारती.
“बस देखते रहो.”
नज़र को हैरानी हुई,
क्यों के सोलोमन काम hi ऐसे मुस्कुराता था.
उस ने तवज्जो से देखा.
और फिर…
उसे फ़र्क़ नज़र आया.
हर वैम्पायर सिर्फ एक मर्तबा हर इंसान को काट रहा था.
किसी ने भी दुबारा बाईट नहीं किया.
जैसे कोई an-dekha क़ानून उन्हें रोक रहा हो.
कुछ दिएर बाद,
वामपिरेस पीछे हैट गए
और अपनी जगह पर वापस आ गए.
उन के दांतों से खून टपक रहा था —
सिर्फ एक छोटा सा घोंट लिया गया था.
यह उन के लिए बिलकुल na-kaafi था,
लेकिन सोलोमन की लाल नज़रों के सामने
किसी की हिम्मत नहीं थी.
इंसानो की गर्दनों पर दो खुनी निशान चमक रहे थे.
दर्द काम था…
लेकिन खौफ हद से ज़्यादा.
“रिचुअल शुरू होता है.”
सोलोमन की आँखें गहरी लाल हो गयीं.
उस ने अपने बाज़ू फैला दिए.
अगला लम्हा…
इंसानो की गर्दनों से खून हवा में उठने लगा.
खून के क़तरे उन के सर के ऊपर जमा हो गए.
इंसान लाचारी में अपनी गर्दन ढकने लगे.
उन्हें दर्द नहीं हो रहा था —
बस एक ग़लत, गन्दी सी फीलिंग महसूस हो रही थी.
सोलोमन ने हाथ घुमाया.
खून ने मिल कर
एक अज़ीम सुर्ख रूण बना दिया —
सैंकड़ों अजीब ो ग़रीब निशानों से भरा हुआ.
पूरा हॉल लाल रौशनी में डूब गया.
नज़र की सांस रुक गयी.
यह पावर…
उसे कभी महसूस नहीं हुई थी.
“अन्सिएंट…”
उस के ज़ेहन में सिर्फ एहि लफ्ज़ आया.
सोलोमन ने आँखें बंद कर के
अजीब ज़बान में चांट शुरू की.
यह ज़बान नज़र ने कभी नहीं सुनी थी.
यह क़दीम दौर की ज़बान थी —
जो सोलोमन ने नोलकुला से हासिल की थी,
और खुद अपनी मर्ज़ी से इस रिचुअल के लिए ढली थी.
चांट ख़तम हुई.
सोलोमन की आँखें खुल गयीं.
बोऊं!!
लाल शॉकवेव्स उस की आँखों से फूट परे
और सीधा इंसानो पर जा लगे.
“खून के आग़ाज़ के नाम पर…
तुम सब मेरी नेसल के घुलम बनोगे!”
स्वुयश!!
इंसानों के जिस्म लाल रौशनी से चमक उठे.
रूण से अन्सिएंट एनर्जी बरसी
जो उन्हें पूरी तरह घेर चुकी थी.
वामपिरेस और नज़र दोनों
सांस लेना भूल गए.
यह एनर्जी…
बिलकुल उन के ओरिजिन जैसी थी.
मुक़द्दस.
Pur-sukoon.
और खौफनाक.
किसी को बोलने की हिम्मत नहीं हुई.
इंसानो की आँखें लाल हो गयीं.
फिर…
चीखें शुरू हो गयीं.
जिस्म चटखने लगे.
हड्डियां चीखने लगीं.
दांत लम्बी हो कर फंगस बनने लगे.
खून उन के जिस्म के हर सुराख से बहने लगा.
“ाआरघः!!”
सोलोमन और नज़र ख़ामोशी से देखते रहे.
उन के लिए यह मंज़र
खूबसूरत था.
जैसे रात में
कोई क़ीमती चीज़ आँखों को छेड़ रही हो.
कुछ दिएर बाद…
चीखें रुक गयीं.
ट्रांसफॉर्मेशन मुकम्मल हो चुकी थी.
लेकिन हर कोई ज़िंदा नहीं रहा.
Teen-chauthai इंसान
इस अज़ाब को बर्दाश्त नहीं कर पाए.
सिर्फ aik-chauthai बचे.
जब वह खरे हुए…
तोह सोलोमन और नज़र की आँखें
हैरत से फैल गयीं.
जो चीज़ उन के सामने खरी थी…
वह इंसान नहीं थे.
“यह… यह मैं क्या देख रही हूँ?”
नज़र ने हैरानी से कहा.
सोलोमन के चेहरे पर एक शैतानी मुस्कराहट आ गयी जब उस ने अपनी आँखों के सामने मौजूद मख्लूक़ को देखा.
“कामयाब हो गया… कामयाब हो गया! यह वाक़ई काम कर गया! ओरिजिन ने हमें अपनी बरकत दे दी है!”
हॉल के अंदर मौजूद तमाम ज़िंदा बच जाने वाले इंसान पूरी तरह तब्दील हो चुके थे.
अब वह इंसान नहीं रहे थे.
उनकी जिल्द लाश की तरह फीकी हो चुकी थी, दांत चाकू की तरह तेज़ हो गए थे, और आँखें खून जैसी सुर्ख और be-rahm चमक रही थी.
तमाम बचे हुए इंसान वैम्पायर बन चुके थे.
उनकी नज़रें इधर उधर भटक रही थीं, जैसे उन्हें अपना गुज़रा हुआ वजूद याद hi न हो.
उनकी इंसानियत, उनकी तब्दीली के साथ hi ख़तम हो चुकी थी.
स्निफ्फ… स्निफ्फ…
नए बने हुए वामपिरेस की तवज्जोह ज़मीन पर बिखरे हुए खून पर जा टिक्की.
जो खून मरे हुए इंसानो से बहा था, वह उन्हें अपनी तरफ खींच रहा था.
उन्हें अजीब सा एहसास हो रहा था… वह खून जो पहले उन्हें घिनोना लगता था, अब लज़ीज़ नज़र आ रहा था.
उन्हों ने la-sha’oori तौर पर निगला.
उनके अंदर एक न qabil-e-bardasht प्यास पैदा हो चुकी थी.
तब सोलोमन ने भारी और दबाओ भरी आवाज़ में कहा,
“तुम उनका खून पी सकते हो… जितना चाहो, पी सकते हो.”
फिर उस ने मुस्कुराते हुए कहा,
“खानदान में खुश आमदीद.”
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सिकंदर और आधार जल्दी जल्दी अमेथिस्ट होटल से बहार निकले.
दोनों सीधा अपनी जारी की तरफ बढ़े और बिना वक़्त जाया किये वहां से रवाना हो गए.
जारी चलते हुए सिकंदर गहरी सोच में गम था जब के आधार बिलकुल खामोश थी.
“शुक्र है मैं उन्हें रोकने में कामयाब हो गया… बस एक ग़लत क़दम, और मेरी मौत यक़ीनी थी,”
सिकंदर ने दिल hi दिल में सोचा.
अटकिंस की अचानक ज़हूर ने उसे बिलकुल be-khabar पाकर लिया था.
अभी तक उसे समझ नहीं आ रहा था के अटकिंस इतनी आसानी से उन्हें ट्रैक कैसे कर पाए.
और सब से अजीब बात यह थी के उन्हों ने कारन को ढूंढने की भी कोशिश नहीं की — जब के असल चोरी उस ने की थी.
“तुम किसे कॉल कर रहे हो?”
आधार ने पुछा, जब उस ने सिकंदर के चेहरे पर परेशानी देखि.
सिकंदर जारी तेज़ चलता हुआ बोलै,
“सूरज को. हमें अपनी साड़ी कमज़ोरियों को मेहफ़ूज़ करना होगा, वर्ण वह फिर हमला कर सकते हैं.”
फ़ोन काफी दिएर तक रिंग होता रहा… मगर सूरज ने जवाब नहीं दिया.
“यह कहाँ है? कॉल क्यों नहीं उठा रहा?”
सिकंदर ने सोचा.
फिर भी उसे ज़्यादा फ़िक्र नहीं थी — वह सूरज की सलाहियत पर भरोसा करता था.
तक़रीबन आधा घंटा बाद, सिकंदर अपने घर पोहंच गया.
वह और आधार घर के अंदर गए और देखा के कारन पहले से वहां मौजूद था.
कारन ने हाथ में एक कागज़ पकड़ा हुआ था.
“यह लो. मैं ने उस रात जो कुछ याद आ सका, सब लिख दिया है.”
सिकंदर ने कागज़ लिया और घोर से पढ़ना शुरू किया.
अचानक उसकी भौंहें सीकर गयीं.
“तीन ताक़तवर मोजूदगियां?”
सिकंदर के ज़ेहन में ख्याल उभरा.
“क्या वह तीन ावकेनेड मुझ से ज़्यादा ताक़तवर थे? तुम याद कर सकते हो के उनकी ताक़त मेरी मुक़ाबले में कैसी थी?”
सिकंदर ने पुछा.
कारन कुछ दिएर सोचता रहा, फिर बोलै,
“दो के बारे में नहीं कह सकता… लेकिन उन में से एक यक़ीनन तुम से ज़्यादा ताक़तवर था.”
सिकंदर और आधार ने एक दोसराय की तरफ देखा.
“अगर स्पैलबुक्स प्लाची के ज़रिये डिलीवर होनी थीं… तो फिर अटकिंस वहां क्या कर रहे थे?”
सिकंदर ने सोचा.
अचानक दोनों को एक hi वक़्त एहसास हुआ.
“स्पैलबुक्स अटकिंस के लिए नहीं थीं!”
दोनों एक साथ बोल उठे.
अगर स्पैलबुक्स अटकिंस के लिए होतीं, तो उनका वहां मौजूद होना be-maani होता.
इस का मतलब सिर्फ एक hi था…
अटकिंस भी उन्हें चुराने आये थे.
कारन बस ग़लत वक़्त पर ग़लत जगह पोहंच गया और ग़लत बॉक्स उठा लिया —
इसी लिए जब उनकी सिकंदर से मुलाक़ात हुई, तो वह इतने ग़ुस्से में थे.
“अगर स्पैलबुक्स अटकिंस के लिए नहीं थीं… तो फिर किस के लिए थीं?”
सिकंदर ने कहा.
आधार भी गहरी सोच में गम हो गयी.
अब सिर्फ दो मुमकिन नाम बचे थे —
गरंलोर या रिड फॅमिली.
सिकंदर का झुकाओ रिड फॅमिली की तरफ था, क्यों के उनका दर्जा और रावबित अटकिंस के ज़्यादा क़रीब थे.
कुछ दिएर सोचने के बाद, सिकंदर ने अचानक पुछा,
“तुम्हारे डैड कहाँ हैं?”
आधार ने जवाब दिया,
“यहाँ से काफी दूर हैं. काम आज काम 6 घंटे लग जाएँ गए.”
“कल सुबह निकलते हैं. तैयारी करो,”
सिकंदर ने फैसला सुना दिया.
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इसी वक़्त…
सूरज अभी तक क्लस्टर डोमेन में था.
वह जान बूझ कर रुखा हुआ था, ताके बहार निकलना मेहफ़ूज़ हो.
अचानक वह नींद से जाग गया जब उस ने महसूस किया के कोई उसके ऊपर बैठा हुआ है.
उस ने आँख खोली तो देखा —
छोटा सा साईक्लोप्स, दिरमिर, उसके सीने पर बैठा था.
“तुम क्या कर रहे हो?! नीचे उतरो!”
सूरज घबरा कर बोलै.
मगर दिरमिर हंसने लगा और सूरज के पेट पर कूदने लगा, जैसे यह सब उसे मज़े का खेल लग रहा हो.
“मिस्टर… तुम लाल क्यों नहीं हो?”
दिरमिर ने पुछा.
सूरज ग़ुस्से में उसे पकड़ने hi वाला था के अचानक —
ज़ैप!
दिरमिर बिजली बन कर गायब हो गया और अगले लम्हे सूरज के बाएं तरफ ज़ाहिर हुआ.
उसके हाथ में सूरज का फ़ोन था.
सूरज उठ कर उसके पीछे भागा, मगर वह उसे पाकर hi नहीं प् रहा था.
“यह क्या बकवास है… एक साईक्लोप्स और लाइटनिंग एफिनिटी? यह मुमकिन hi नहीं,”
सूरज ने झुंझला कर सोचा.
तब उग्रक ने आगे बढ़ कर दिरमिर को पाकर लिया और फ़ोन वापस सूरज को दे दिया.
“दिरमिर बच्चा है,”
उग्रक ने सिर्फ इतना कहा.
सूरज ने फ़ोन पकड़ते हुए पुछा,
“क्या यह नार्मल है? क्या साईक्लोप्स के पास लाइटनिंग एफिनिटी हो सकती है?”
उग्रक ने सर हिला कर कहा,
“उग्रक भी हैरान है… यह नामुमकिन होना चाहिए.”
दोनों be-bas नज़रों से दिरमिर को देखने लगे जो अब भी थके बग़ैर इधर उधर भाग रहा था.
“मुझे लगा था इंसानी बचे hi मुश्किल होते हैं… मगर यह तो अलग hi लेवल का है,”
सूरज ने सोचा.
फिर उस ने उग्रक की तरफ देख कर कहा,
“क्या सिकंदर को इसके बारे में पता है? हैरानी है के उस ने अभी तक इसे ज़ंजीर नहीं लगायी.”
उग्रक ने सर हिला दिया —
सिकंदर को अभी तक दिरमिर के बारे में कुछ भी नहीं पता था.
आखरी दफा जब सिकंदर यहाँ आया था, दिरमिर सो रहा था…
इतना एक्टिव नहीं था.
“शायद मुझे सिकंदर को बता देना चाहिए,”
सूरज ने दिल hi दिल में सोचा.
_ _ _ _
अगलेय दिन,
सूरज क्लस्टर डोमेन से वापस आ चूका था और सीधा सिकंदर के घर पोहंचा.
उस ने सिकंदर को बताया के स्पैलबुक्स बिलकुल मेहफ़ूज़ हैं और अभी भी क्लस्टर डोमेन के अंदर hi हैं.
लेकिन…
एक मसला था.
सूरज ने बताया के जब वह क्लस्टर डोमेन में दाखिल होने hi वाला था, उस पर प्लाची फॅमिली के लोगों ने हमला कर दिया था.
अगर उग्रक वक़्त पर न आता, तो शायद बात बोहोत खतरनाक हो जाती.
मसला यह था के
उन में से एक शख्स भाग निकलने में कामयाब हो गया था,
और उस ने उग्रक को ेमहम फारेस्ट में देख लिया था.
यह सुन कर सिकंदर ने अपनी पेशानी दबाई, गहरी सोच में डूब गया.
आखिरकार उस ने फैसला किया,
“जब तक उग्रक खुद बहार नहीं आता, तब तक कोई बारे मसला नहीं होगा.”
इस वक़्त सिकंदर के पास पहले hi बोहोत ज़्यादा अर्जेंट मैटर्स थे.
वह और वक़्त जाया नहीं कर सकता था.
उस ने सूरज को अपना पूरा प्लान समझा दिया.
ुवो के लिए कंटिंगेंकी प्लान
सिकंदर और सूरज ने मिल कर ुवो के लिए एक ऑफिसियल फॉर्म तैयार किया,
ताके अगर अटकिंस फॅमिली ने कोई भी ग़लत हरकत की, तो फ़ौरन रिपोर्ट की जा सके.
इस फॉर्म की कपीस:
सिकंदर
सूरज
आधार
कारन
और हत्ता के रीज़े के पास भी थी
अगर अटकिंस फॅमिली ने उन में से किसी को भी मार दिया,
तो जो भी ज़िंदा बचता,
वह यह फॉर्म ुवो तक ज़रूर पोहचता.
ओरिजिनल फॉर्म रीज़े के पास था.
किसी को नहीं पता के सिकंदर ने रीज़े को फ़िरेबंद मार्किट से खरीदा था या नहीं,
लेकिन अब रीज़े का सब से बारे काम यही था
के ज़रुरत पर्ने पर यह फॉर्म ुवो तक पोहंचाये.
पेरेंट्स को छुपाना
स्पैलबुक्स सिक्योर करने और ुवो का काम कम्पलीट करने के बाद,
सिकंदर ने सूरज को हुक्म दिया के:
“अपनी माँ और उसके शोहर को क्लस्टर डोमेन ले जाओ.”
सिकंदर की माँ सूरज को पहचानती थी,
इस लिए वह पैरानॉयड नहीं होती.
सिकंदर ने दिल hi दिल में सोचा:
“उम्मीद है माँ, उग्रक से मिल कर पैनिक नहीं करेगी…”
क्लस्टर डोमेन अब तक की सब से मेहफ़ूज़ जगा थी जो सिकंदर के पास थी.
इस जगा के बारे में सिर्फ:
सिकंदर
आधार
और रोसिए
को hi इल्म था.
यह जगा सिकंदर को डार्क मून के दौरान ग़लती से मिली थी,
लेकिन अब यही उन सब की हिफाज़त का जरिया थी.
चाहे पेरेंट्स को उग्रक जैसे सुपरनैचरल से मिल कर दर लगे,
उन्हें बचने का यही एक तरीक़ा था.
आधार का फादर
सिकंदर और आधार ने फैसला किया के
आधार के वालिद को भी फ़ौरन उठा कर क्लस्टर डोमेन पहंचाया जाये.
सिचुएशन बोहोत तेज़ी से एस्कलटे हो रही थी.
जो भी उन के करीबी थे,
बार्गेनिंग चिप बन सकते थे.
अटकिंस फॅमिली बिलकुल भी पीछे नहीं हटने वाली थी.
मीटिंग से पहले hi वह पहला हमला करना चाहती थी.
सिकंदर और आधार दोनों जानते थे
के उन की सब से बरी कमज़ोरी उन के पेरेंट्स हैं.
अगर पेरेंट्स पकड़े गए,
तो उन की साड़ी बार्गेनिंग पावर ख़तम हो जाती.
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ोचीरा यूनिवर्सिटी
इस वक़्त सिकंदर और आधार ोचीरा यूनिवर्सिटी में थे.
उन्हें आधार के फादर तक पोहॉंछने के लिए ट्रैन लेनी थी,
क्यों के यही सब से तेज़ जरिया था.
लेकिन जैसे hi वह ट्रैन स्टेशन के क़रीब पोहंचे,
सिकंदर की नज़र अचानक एक ब्राउन ट्रेंच कोट पहने हुए आदमी पर पारी
जो प्रिंसिपल के साथ बात कर रहा था.
सिकंदर ने फ़ौरन आधार को रोका.
“तुम यहीं रुको.”
वह खुद धीरे धीरे उन के क़रीब गया,
लेकिन 15 मीटर का डिस्टेंस बरक़रार रखा.
प्रिंसिपल और ट्रेंच कोट वाला आदमी
एक कमरे में दाखिल हो गए,
जहाँ गार्ड्स पहले से मौजूद थे.
सिकंदर रुक गया.
तब hi उस ने महसूस किया:
“इस आदमी की खुशबू… बोहोत जनि पहचानी लग रही है.”
अचानक उसे याद आ गया.
“यह वही लकड़ी जैसी वुडी सेंट है…
बिलकुल जाने वाली, जो कल रात अटकिंस के साथ थी!”
सिकंदर की एनहांस्ड स्मेल्लिंग एबिलिटी
15 मीटर दूर से भी सेंट पाकर सकती थी.
अब उसे यक़ीन हो गया था:
यह आदमी किसी न किसी तरह अटकिंस से जुड़ा हुआ है.
“क्या यह डिटेक्टिव है?
या अटकिंस के लिए काम कर रहा है?”
जब ेअवेस्ड्रोप का कोई तरीक़ा न मिला,
सिकंदर वापस आधार के पास आया.
आधार ने फ़ौरन पुछा:
“क्या हुआ?”
सिकंदर गहरी सोच में था.
कुछ दिएर बाद उस ने कहा:
“आधार, तुम अपने डैड को लेने जाओ और उन्हें क्लस्टर डोमेन ले जाओ.
मुझे यहाँ एक काम करना है.”
आधार ने उस का हाथ पाकर लिया.
उस की आँखों में ज़िद थी.
“तुम क्या करने वाले हो?”
सिकंदर ने उसे एक खाली जगह पर ले जा कर सब कुछ समझाया.
“अगर यह आदमी जाने से मिला है,
तो इसका मतलब स्पैलबुक्स शायद सिर्फ अटकिंस के लिए नहीं हैं.
मुझे पता करना होगा के यह सब किस के लिए है.”
आधार ने सर हिला दिया.
नॉलेज इस पावर,
और वह यह बात अछि तरह जानती थी.
सिकंदर वहां बैठ कर इंतज़ार करता रहा.
दो घंटे बाद,
ट्रेंच कोट वाला आदमी बहार निकला,
ब्राउन हैट पहनी और प्रिंसिपल को अलविदा कहा.
सिकंदर ने उस का पीछा शुरू कर दिया.
बस, फिर दूसरा एरिया,
और आखिरकार वह फाए ऑफिस में दाखिल हो गया.
“यह वाक़ई डिटेक्टिव हो सकता है…”
लेकिन जब सिकंदर वापस मूर्धन्य लगा,
उस ने महसूस किया…
कोई और भी उसे फॉलो कर रहा है.
कासुअल कपड़ों में एक आदमी,
हर दूकान के बहार रुक जाता,
फ़ोन देखने का नाटक करता.
सिकंदर समझ गया.
सिकंदर मॉल में घुसा,
सीधा मूवी थिएटर.
एक खाली स्टूडियो.
स्टाफ मेंबर ने रोकने की कोशिश की,
लेकिन अल्फा इंटिमीडेशन के सिर्फ एक झटके से
वह दर के मरे बेहोश हो गयी.
ट्रेंच वाला स्टाल्कर अंदर आया…
लेकिन स्टूडियो खाली था.
अचानक—
ज़ूम!!
ज़मीन अचानक सियाह हो गयी.
पूरी स्टूडियो की फ्लोर पर काली बिजली हलकी हलकी चमकने लगी, और चाँद hi लम्हों में वह सियाही पूरी जगह को निगल गयी.
यह देख कर उस आदमी ने भोने चढ़ा लिए.
वह छह रहा था के छलांग लगा कर ज़मीन को छूने से बच जाये, लेकिन दिएर हो चुकी थी.
अचानक ज़मीन से काली बिजली के चार चाबुक निकल आये.
वह चाबुक सीधा उस आदमी को निशाना बना कर उस का पीछा करने लगे.
आदमी idhar-udhar छलांग लगता रहा, बाएं और दाएं डॉज करता रहा.
वह बाएं तरफ से आने वाले एक चाबुक से बच गया—
लेकिन अगले hi लम्हे उसकी आँखों के सामने नामुमकिन हुआ.
बिजली का चाबुक मुद गया
और सीधा उसके बाएं बाज़ू पर आ कर ज़ाप्प कर गया.
“क्खह!”
उसके मुंह से दर्द भरी कराह निकली.
काली बिजली उसके बाज़ू से होती हुई उसके पूरे जिस्म में फैल गयी,
उसका जिस्म सुन्न पर गया, ताक़त ख़तम होती महसूस हुई.
वह भागने hi वाला था के—
सिकंदर अचानक उसके सामने आ खरा हुआ.
सिकंदर के चेहरे पर एक शैतानी मुस्कराहट थी.
वह धीमी आवाज़ में बोलै:
“मिस्टिक शॉक…”
देग!
जैसे hi अलफ़ाज़ उसके होंठों से निकले—
आदमी का दिल ज़ोर से धड़का.
उसके जिस्म के अंदर मौजूद काली बिजली अचानक पहात पड़ी,
उसका पूरा जिस्म परलयज़े हो गया
और वह घुटनों के बल ज़मीन पर गिर गया.
सिकंदर ने हाथ घुमाया.
काली बिजली के चारों चाबुक ने उस आदमी के हाथ और पाऊँ पाकर लिए.
हर बार जब वह मन एक्टिवटे करने की कोशिश करता,
बिजली उसे और ज़्यादा जला देती.
वह बिलकुल be-bas हो चूका था.
उस हाल में देख कर सिकंदर के होंठों पर हलकी सी मुस्कराहट आ गयी.
जो जादू सिकंदर ने ज़मीन को सियाह करने के लिए इस्तेमाल किया था,
वह उसका नया स्पेल था:
ब्लैक फील्ड ोरको
यह स्पेल एक ऐसा फील्ड बनता है जो उस के अंदर मन के फ्लो को बिगाड़ देता है.
कमज़ोर मन कण्ट्रोल वाले ावकेनेड
इस फील्ड के अंदर स्पेल्स इस्तेमाल hi नहीं कर सकते.
इसके साथ सिकंदर ने लाइटनिंग साल्वो भी उसे किया था—
काली बिजली के चाबुक जो फील्ड के अंदर
heat-seeking मिसाइल की तरह टारगेट का पीछा करते हैं.
फ़र्क़ सिर्फ यह था के
लाइटनिंग साल्वो सिर्फ उन लोगों को निशाना बनता है
जिन्हें सिकंदर चाहे.
और जब मिस्टिक शॉक को इस के साथ जोर दिया जाये—
तोह यह पूरा एरिया एक qatal-khaana बन जाता है.
यहाँ तक के
रैंक-4 मिड लेवल ावकेनेड
भी इस फील्ड में आसानी से गिर जाता है.
सिकंदर आहिस्ता आहिस्ता उस आदमी के पास गया.
वह अभी भी सुन्न और ज़मीन पर जाककरा हुआ था.
सिकंदर उसके सामने बैठ गया
और उसके कपड़े पहाड़ दिए.
उसके सीने पर एक टैटू नुमाया हुआ—
अटकिंस फॅमिली का क्रेस्ट.
एक परिंदा,
हरे रंग की आँखें,
और पूरी ताक़त से फैले हुए पर.
बिलकुल वही निशान
जो सिकंदर ने पिछली रात जाने की स्पिरिट एनर्जी में देखा था.
सिकंदर मुस्कुराया.
“देखो तोह सही…
अटकिंस फॅमिली का एक स्टाल्कर.”
वह खरा हुआ, थोड़ी दिएर सोचा, फिर चीख के बोलै:
“लगता है अटकिंस यह समझ रहे हैं के मैं मज़ाक़ कर रहा हूँ?
मुझे फॉलो करने के लिए ऐसे लोग भेज रहे हैं?”
आदमी ने मुश्किल से सर उठाया.
“मुझे छोर दो…
तुम अटकिंस फॅमिली को नहीं जानते.
तुम ग्रेट अटकिंस फॅमिली से दुश्मनी नहीं मोल ले सकते.”
उसकी आवाज़ में फख्र था.
सिकंदर हंस पड़ा.
“ओह रियली?
ग्रेट अटकिंस फॅमिली का एक स्टाल्कर मुझे धमका रहा है?
मैं तोह बोहत डर गया.”
उस आदमी ने गुस्से से दांत पीस लिए.
अक्सर लोग अटकिंस का नाम सुनते hi झुक जाते थे—
लेकिन सिकंदर के लिए
यह सिर्फ एक मज़ाक़ था.
सिकंदर की मुस्कराहट गायब हो गयी.
उसकी आँखें ठंडी और खतरनाक हो गयीं.
“अपने बॉस को यह पैग़ाम दे देना,”
सिकंदर ने सख्ती से कहा,
“अगर दोबारा मेरे पीछे ऐसे लोग भेजे…
तोह उसके क़ीमती स्पैलबुक्स कभी वापस नहीं मिलेंगे.”
“मैं मज़ाक़ नहीं कर रहा,”
उसकी आवाज़ और भी ठंडी हो गयी,
“वर्ण पछताना पड़ेगा.”
आदमी खामोश हो गया.
सिकंदर की और इतनी भरी थी
के वह समझ गया—
अगर सिकंदर चाहे
तोह इसी लम्हे उसे मार सकता है.
सिकंदर ने सीढ़ी नज़र उसकी आँखों में डाली.
“मैं ज़्यादा सब्र वाला नहीं हूँ.”
यह कह कर सिकंदर ने चाबुक हटा लिए.
आदमी लड़खड़ाता हुआ उठा
और भागने hi वाला था के—
सिकंदर की आवाज़ आयी:
“रुको.”
“ओह हाँ…
तुम एक मिसाल बनो गए.”
“स्टाल्कर की सजा—
एक आँख.”
सिकंदर के चेहरे पर शैतानी मुस्कराहट फैल गयी.
उसका हाथ काली बिजली से भर गया
और एक पल में—
ज़ैप!
बिजली सीढ़ी उस आदमी की बाएं आँख में घुस गयी.
सप्लरत!!
“ागरगठ्ह!”
चीख स्टूडियो में गूँज उठी.
सिकंदर ने उसकी बाएं आँख नूच कर बहार निकाली
और ज़मीन पर फ़ेंक दी.
फिर उस आदमी को ज़ोर से लात मारी.
“अब वापस जाओ,”
सिकंदर ने सार्ड लहजे में कहा,
“और उन्हें बताओ—
मैं इंतज़ार कर रहा हूँ.”
_ _ _ _
सिकंदर अपने खून से भरे हाथ साफ़ करता हुआ स्टूडियो से बहार निकल आता है.
पहले जो स्टाल्कर था, वह अब जगह छोर चूका था.
सिकंदर ने अटकिंस फॅमिली के लिए एक मिसाल क़ाइम कर दी थी — उसकी बायीं आँख ले कर.
चाहे वह अभी स्टूडेंट hi क्यों न हो, उसे हल्के में लेना एक भूल होती.
यही बात सिकंदर उन्हें याद दिलाना चाहता था.
खाने के बाद, जब उसका पेट भर चूका था, वह मॉल से बहार निकला और अपने घर की तरफ चल पारा ताके कारन का हाल देख सके.
सूरज और आधार बिलकुल वही कर रहे थे जो उसने उन्हें कहा था, इस लिए उसके लिए अब कोई काम बाक़ी नहीं था.
उसने खुद अपनी फॅमिली को लेने का फैसला नहीं किया, क्यों के उसे डर था के कोई उसका पीछा कर रहा है — और बाद में यह एहसास बिलकुल सही साबित हुआ.
“कल डिटेक्टिव को दोबारा चेक करूँगा… उसे मुझे कुछ देना hi होगा,” सिकंदर ने सोचा जब वह बस स्टॉप पर खरा था.
वह आसमान की तरफ देखता है, आँखें थोड़ी सी सिक्योरटी हुई.
सूरज सीधा उसके सर पर चमक रहा था, और सिकंदर महसूस कर सकता था के धुप की गर्मी उसकी जिल्द के अंदर तक उतर रही है के अचानक—
उसकी नज़र धुंधली हो जाती है.
सिकंदर दो तीन मर्तबा पलकें झपकते है, लेकिन जब अपने gird-o-nawaah को देखता है, तो सब लोग ग़ैब हो चुके होते हैं.
भीड़ का शोर भी ख़तम हो चूका होता है.
“हम्म?” सिकंदर हैरानी से अपने आस पास देखता है.
अभी चाँद सेकण्ड्स पहले यहाँ लोगों का हुजूम था, लेकिन अब ऐसा लगता है जैसे हवा ने सब को उठा कर ले गया हो.
वह बाएं और दाएं देखता है, दिल में अजीब सा खतरा महसूस करता हुआ.
फिर उसे एहसास होता है के धुप की गर्मी भी गायब हो चुकी है.
उसका माहौल गहरा नीला हो जाता है, जैसे सूरज की जगह किसी और चीज़ ने ले ली हो.
उसके बिलकुल ऊपर, आसमान में एक गहरा नीला गोला था.
सिकंदर उसे घोर से देखता है और समझ जाता है के यह चाँद है — लेकिन यह आम चाँद जैसा नहीं था.
अचानक—
उसने महसूस किया के उस नीले चाँद की रौशनी उसके जिस्म को चुभने लगी है.
यह चुभन धीरे धीरे बढ़ती चली गयी, इतनी के जैसे उसकी जिल्द जल रही हो.
“यह क्या हो रहा है?” सिकंदर घबरा कर सोचता है.
वह देखता है के उसकी जिल्द राख जैसी सियाह होती जा रही है, चाँद की रौशनी की वजह से.
आहिस्ता आहिस्ता, उसका जिस्म राख में तब्दील होने लगता है.
सिकंदर घबरा जाता है और उस राख को पकड़ने की कोशिश करता है, लेकिन बेकार.
वह सिर्फ be-basi से देखता रहता है के कैसे उसका जिस्म का हिस्सा हिस्सा राख बन रहा है — और फिर अचानक—
उसकी आँख खुल जाती है.
तीन!!
सामने से गाड़ियों के हॉर्न बजते हैं, जो सिकंदर को हकीकत में वापस ले आते हैं.
उसका माहौल फिर से नार्मल हो चूका होता है.
सिकंदर अपना हाथ छोरता है जो साइड में लगी मैटेलिक पोल को जोरर से पकड़े हुए था.
वह पोल को देखता है — वह उसकी पाकर की वजह से मुर चुकी होती है.
“माँ, क्या यह टीवी वाले ावकेनेड जैसा है?”
एक छोटा लड़का अपनी माँ से पूछता है, सिकंदर की तरफ इशारा करते हुए.
दोनों बस स्टॉप पर बैठे होते हैं के उसकी माँ फ़ौरन उसका मुंह धक् देती है.
“बस करो माइकल, किसी अजनबी की तरफ ऊँगली उठाना बदतमीज़ी होती है,”
वह हलकी सी दांत कहती है.
सिकंदर पीछे देखता है तो माँ शर्मिंदगी के साथ मुस्कुराती हुई नज़र आती है.
वह फिर अपनी नज़र आगे करता है और अपना स्टैट्स तब खोलता है.
(स्टैट्स)
पैक: सिल्वेर्स्टर (2/2)
लेवल: 26 (2,481,000 / 10,000,000)
रेस: हाई वेयरवोल्फ
Full-Moon: 8 डेज – यूल मून
बर्सर्क: 62%
सनीति: 33%
मेन्टल: 51 (+32)
स्ट्रेंथ: 115 (+60)
अगिलिटी: 59 (+2)
ेंदुराने: 46 (+26)
इंटेलिजेंस: 82 (+20)
<एवरेज ह्यूमन एडल्ट्स के पास हर स्टेट के लिए सिर्फ 5–7 पॉइंट्स होते हैं, सिवाए इंटेलिजेंस के>
अपने स्टैट्स देखते हुए,
सिकंदर को एहसास हुआ के अगला फुल मून सिर्फ एक हफ्ते दूर है.
उस ने इस के लिए कोई ख़ास तैयारी नहीं की थी, क्यों के मसाइल एक के बाद एक उस पर टूट रहे थे.
“मेरी सनीति बोहोत लौ है… मुझे इसे बढ़ाना होगा,” सिकंदर ने खुद से सोचा.
फुल मून के दौरान सनीति स्टैट्स कैलकुलेट होते हैं, और वह नहीं चाहता था के उसकी सनीति इतनी काम रहे.
काम आज काम 70% या उस से ज़्यादा होनी चाहिए थी.
सोचते सोचते, अचानक उसे धुप से बेचैनी महसूस हुई.
उस ने देखा के बस क़रीब आ चुकी थी, लेकिन इंतज़ार करने के बजाये वह दौर कर बस की तरफ गया और ज़ोर से दरवाज़ा खटखटाया.
“सब्र करो जवान, मैं कहीं भागा नहीं जा रहा,”
बस ड्राइवर ने सर हिलाते हुए कहा.
सिकंदर फ़ौरन बस के पिछले सीट पर जा कर बैठ गया.
जैसे hi उसका जिस्म सीढ़ी धुप से दूर हुआ, उसे थोड़ा सुकून महसूस हुआ.
“क्या जो अजीब सी डार्क ब्लू मून मैं ने देखि… वही अगला फुल मून है?”
सिकंदर ने दिल में सोचा.
⟨यस, थे यूजर सॉ ा ग्लिम्पसे ऑफ़ थे यूल Moon’s पावर⟩
यह पढ़ कर सिकंदर की भौंवें सिकुड़ गयीं.
“ये फुल मून मुझे अपनी विज़न क्यों दिखा रही है?
मैं ने कभी किसी और फुल मून के साथ ऐसा महसूस नहीं किया…”
⟨आईटी इस नॉट ा विज़न, बूत राथेर ा वार्निंग फ्रॉम थे यूल मून⟩
सिकंदर और भी कंफ्यूज हो गया.
उसे सिर्फ इतना पता था के फुल मून एक वेयरवोल्फ को ज़्यादा ताक़त देता है.
मगर यह सब… बिलकुल मुख्तलिफ था.
वह बस के पिछले हिस्से में ख़ामोशी से बैठा रहा, चेहरा संजीदा था.
“क्या इसका मतलब है के यूल मून मेरे लिए खतरनाक है?
और जो अजीब सी बेचैनी मुझे धुप से महसूस होती है…
क्या वह इसी से जुडी हुई है?”
कुछ दिएर सोचने के बाद, सिकंदर ने सिस्टम शॉप खोल ली.
उस ने यूल मून के लिए कोई ब्रीथिंग तकनीक ढूंढने की कोशिश की,
लेकिन हैरानी की बात थी के कुछ भी नहीं मिला.
उस ने कीवर्ड डाला: “यूल मून”
शॉप ने सिर्फ लॉक्ड आइटम्स दिखाए —
जिन के लिए वह रिक्वायरमेंट्स पूरी नहीं करता था.
तब उसकी आँखें अचानक खुल गयीं.
“अगर यूल मून के लिए कोई ब्रीथिंग तकनीक hi नहीं है…
तो इसका मतलब है के यह वह फुल मून नहीं जहाँ वेरेवोल्वेस अपनी ताक़त बढ़ाते हैं.”
उसे अपनी पहली विज़न याद आ गयी.
“बिलकुल उस विज़न की तरह…
अगर मैं इस मून की रौशनी के सीधे सामने आया,
मेरा जिस्म रख बन सकता है.”
अगर सिस्टम कह रहा था के वह विज़न एक वार्निंग थी,
तो इसका मतलब था के यूल मून खुद उसे वारं कर रही है.
और शॉप में ब्रीथिंग तकनीक का न होना…
उसकी थ्योरी को कन्फर्म कर रहा था.
सिकंदर ने सूरज की तरफ देखा.
उसके ज़ेहन में अभी तक वह डार्क ब्लू मून चमक रही थी.
“क्या मुझे कोई अंडरग्राउंड जगह ढूंढनी चाहिए?”
उस ने खुद से पुछा.
.
.
.
.
मैंवहीले…
सूरज सिकंदर की माँ के घर पोहंच चूका था.
ोचीरा यूनिवर्सिटी ज़्यादा दूर नहीं थी, इस लिए वह जल्दी वहां आ गया.
उस ने कपड़े ठीक किये और दरवाज़े पर दो तीन दफा नॉक किया.
कुछ hi लम्हों बाद, दरवाज़ा खुला.
सामने एक middle-aged आदमी खरा था.
ग्रे slick-back बाल, ग्रे आँखें,
उम्र के बावजूद पोस्चर काफी स्ट्रांग था.
बाज़ू से एक टैटू झलक रहा था.
सफ़ेद शर्ट, और आँखों पर ब्लैक रीडिंग ग्लासेज.
“तुम कौन हो?”
उस आदमी ने सूरज को ऊपर से नीचे तक देखते हुए पुछा.
सूरज ने पोलाइट मुस्कराहट के साथ हाथ आगे बढ़ाया.
“सॉरी बोथेर करने के लिए.
मेरा नाम सूरज है, मैं सिकंदर का दोस्त हूँ.
क्या मरस. ग्रीन घर पर हैं?”
आदमी ने हाथ मिलाया.
“मैं उसका शोहर हूँ, रोबर्ट.
वह अभी घर पर नहीं, थोड़ी दिएर में आ जाएँगी.”
सूरज कुछ और पूछना चाहता था,
लेकिन रोबर्ट ने पहले hi अंदर आने का इशारा कर दिया.
सूरज ने शिस्तगी से अंदर क़दम रखा.
घर अंदर से बोहोत कोजी था,
लेकिन सिर्फ दो लोगों के लिए काफी ज़्यादा बारे.
नए फर्नीचर की खुशबू हवा में घुली हुई थी.
सूरज ने सोचा:
“लगता है सिकंदर ने इन पर काफी पैसा लगाया है… सब कुछ नया है.”
“प्लीज बैठो,”
रोबर्ट ने सोफे की तरफ इशारा किया.
फिर मुस्कुराते हुए पुछा:
“कॉफ़ी या पानी?
मेरी बीवी ने अछि कॉफ़ी ली है, रेकमेंड करता हूँ.”
“कॉफ़ी hi ठीक है,”
सूरज ने मुस्कुराते हुए कहा.
कुछ hi दिएर में, रोबर्ट दो कप्स ले कर आया.
सूरज ने कॉफ़ी की खुशबू महसूस की और एक सिप ली.
“कैसी है? ज़बरदस्त है न?”
रोबर्ट ने फखर से पुछा.
सूरज ने सर हिला कर हाँ कहा.
उसकी नज़र बैकयार्ड पर चली गयी.
वहां मज़दूर काम कर रहे थे —
स्मेल्टिंग, हममेरिंग… धुप के बावजूद म्हणत.
रोबर्ट ने कहा:
“नया पूल बनवा रहे हैं.
मेरी बीवी पूल्स की बोहोत शौक़ीन है.”
सूरज सिर्फ ावक्वार्ड मुस्कुराया.
फिर रोबर्ट ने पुछा:
“तुम सिकंदर के दोस्त हो?
यूनिवर्सिटी में मिले थे?”
“नहीं… हम मिलिट्री में मिले थे.
जब सिकंदर सर्विस में था,”
सूरज ने थोड़ी उदासी के साथ जवाब दिया.
रोबर्ट हैरान हुआ.
“मुझे यक़ीन नहीं होता के उसका कोई पुराण दोस्त भी हो सकता है.
वह बोहोत खामोश लड़का है.”
फिर बातों बातों में, रोबर्ट सूरज को गेराज ले गया.
वहां चार मोटरसाइकिल्स थी —
हर एक मुख्तलिफ टाइप की.
रोबर्ट अपनी जवानी के क़िस्से सुनाने लगा.
“उस वक़्त बाइक्स के साथ लड़कियां खुद लाइन में लग जाती थी,”
वह हंस कर बोलै.
“जवानी में मज़े कर लो…
वर्ण बाद में एक hi लड़की के साथ फँस जाओगे.”
रोबर्ट हंस रहा था.
मगर सूरज का चेहरा बदल गया.
“एक्सक्यूज़ में… बाथरूम?”
बाथरूम में पोहंच कर, सूरज ने पानी खोला
और ज़ोर से अपना चेहरा धोया.
उसकी सांस तेज़ थी,
जिस्म पसीने से भर गया.
आँखों के सामने फ्लेशबैक्स आने लगे.
बूम!
गोलियों की आवाज़ें!
लोगों की चीखें!
“मेडिक! इधर आओ!”
“मेरी बाज़ू!”
“मैं मरना नहीं चाहता!”
आईने में अब उसका अक्स नहीं था,
बल्के ज़ख़्मी और खून में डूबे लोग थे.
वह मिलिट्री यूनिफार्म में था,
बाज़ू पर मेडिक का बंद.
वह तय नहीं कर प् रहा था
किस की जान पहले बचाये.
सूरज फिसल कर दीवार के साथ बैठ गया
और सर पाकर लिया.
यह बात उस ने कभी किसी को नहीं बताई…
न hi सिकंदर को.
कुछ दिएर बाद, वह बहार निकला.
चेहरा फिर से नार्मल था.
और तभी दरवाज़ा खुला.
मरस. ग्रीन शॉपिंग बैग्स के साथ अंदर आयी.
डिज़ाइनर कपड़े, क्लासी अंदाज़.
सूरज को देख कर वह ख़ुशी से बोली:
“सूरज! आओ, मुझे हुग दो!”
_ _ _ _
मरस. ग्रीन धीरे धीरे सूरज की तरफ आयी और उसे गले लगा लिया.
दोनों की पहली मुलाक़ात उस दिन हुई थी जब ुवो ने उन्हें बहादुरी के मेडल्स दिए थे. उस दिन के बाद सूरज, मरस. ग्रीन से काफी फेमिलिअर हो चूका था—
खासकर जब भी उसे याद आता के सिकंदर ने उसके लिए अपनी जान क़ुर्बान कर दी थी.
“तुम कैसे हो बीटा? काफी महीने हो गए हैं तुम्हें देखे हुए,”
मरस. ग्रीन ने मुस्कुराते हुए कहा.
सूरज के लिए ये देख कर दिल को सुकून मिला के वो अब ठीक लग रही थी.
सूरज ने नरमी से मुस्कुराते हुए जवाब दिया,
“मैं बिलकुल ठीक हूँ मरस. ग्रीन… और मुझे अफ़सोस है के मैं कुछ अरसे से आप से मिलने नहीं आ सका.”
ये सुन कर मरस. ग्रीन हलकी सी हंस पारी.
“इस में सॉरी किस बात का? मुझे पता है तुम लोग कितने मसरूफ हो,”
उन्हों ने कहा और रोबर्ट को इशारा किया के शॉपिंग बैग्स ले जाये.
अपने दोस्त की माँ को इतना ठीक देख कर सूरज भी खुश हो गया.
उसे याद था पिछली mulaqat—jab मरस. ग्रीन बिलकुल टूट चुकी थी.
आज उनकी आँखों में ज़िन्दगी वापस देख कर सूरज का दिल हल्का हो गया.
मरस. ग्रीन, सूरज को सोफे तक ले आयी.
दोनों बैठ गए.
“तुम पहले बता देते के आ रहे हो, मैं तुम्हारे लिए खुद खाना बनती,”
उन्हों ने प्यार से कहा.
“कोई बात नहीं मरस. ग्रीन,” सूरज ने अदब से जवाब दिया.
ये सुन कर मरस. ग्रीन फ़ौरन खरी हो गयी.
“ये क्या बात हुई? मैं अभी बना लेती हूँ!”
लेकिन सूरज ने उनका हाथ पाकर कर उन्हें रोका.
वो हैरानी से सूरज को देखने लगी.
“असल में… मैं आप दोनों को कहीं ले जाने आया हूँ,”
सूरज ने थोड़ा हिचकिचाते हुए कहा.
इसी वक़्त रोबर्ट वापस आया और बात सुन ली.
“ट्रिप?” रोबर्ट ने उदासी से कहा,
“माफ़ करना सूरज, लेकिन मैं शायद नहीं आ सकता. काम बोहत ज़्यादा है.”
मरस. ग्रीन ने फ़ौरन कहा,
“मैं आ सकती हूँ, तुम फ़िक्र मत करो. बताओ, कहाँ जा रहे हैं?”
सूरज ने सीधा रोबर्ट की तरफ देखा.
“नहीं… आप दोनों को आना होगा. ये ट्रिप सिकंदर ने प्लान की है. अगर आप नहीं आये तो वो बोहत उदास हो जायेगा.”
रोबर्ट हैरान रह गया.
“सिकंदर ने प्लान की है?”
मरस. ग्रीन की आँखों में चमक आ गयी.
“तुम सिकंदर से मिले? ये तो बोहत अछि खबर है!”
फिर उन्हों ने रोबर्ट को कहा के एक दिन की छुट्टी ले ले.
थोड़ी दिएर सोचने के बाद रोबर्ट मान गया.
“लेकिन अगर तुम सिकंदर से मिले हो तो वो खुद क्यों नहीं आया?”
मरस. ग्रीन ने पुछा.
सूरज ने फ़ौरन जवाब दिया,
“यूनिवर्सिटी में उसका कुछ ज़रूरी काम है, इस लिए नहीं आ सका.”
दोनों ने सर हिला दिया और पैकिंग शुरू कर दी.
सूरज ने कहा के वो जल्द रवाना होंगे.
‘शुक्र है ये मान गए… बाक़ी बात सिकंदर खुद समझा देगा,’
सूरज ने दिल hi दिल में सोचा.
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राटमवटी सिटी के किसी कोने में…
एक azeem-o-shaan मेन्शन के अंदर एक खानदान नाश्ता कर रहा था.
सफ़ेद और हरी रंग से सजा हुआ ये मेन्शन हर तरफ से गार्ड्स से घिरा हुआ था.
लक्ज़री कार्स सामने खरी थी, और हर चीज़ बिलकुल परफेक्ट लग रही थी—
लेकिन माहौल घुटन भरा था.
डाइनिंग हॉल में पांच अफ़राद बैठे थे.
सब के बाल हरी रंग के थे, सिवाए एक दरमियानी उम्र की औरत के जिसके बाल भूरे थे.
ख़ामोशी इतनी गहरी थी के चमच की हलकी आवाज़ भी तेज़ लग रही थी.
खानदान का सरबराह आराम से खाना खा रहा था,
लेकिन उसकी तेज़ नज़रें अपनी बेटी पर जमी हुई थीं.
अगर सिकंदर यहाँ होता,
तो वो इस लड़की को पहचान लेता—
ये वही जाने थी जो उस से पिछली रात अमेथिस्ट होटल में मिली थी.
जाने ने नज़रें नीचे कर राखी थीं.
उसके हाथ काँप रहे थे और वो टेबल के नीचे उँगलियों से खेल रही थी.
“तो तुम कह रही हो… के ये सिकंदर नाम का लड़का तीनो स्पैलबुक्स रखता है?”
बाप ने उसकी बात दोहराई.
जाने ने होंठ काट लिए.
“जी… उसके पास सबूत था. और वो हमारे खानदान से बिलकुल नहीं डरता.”
ये सुन कर पूरा हॉल और ज़्यादा भारी हो गया.
ये बात के कोई ‘आम लड़का’ उन्हें धमका सके—
ये वेस्ली अटकिंस के लिए बर्दाश्त से बहार था.
“उसने तुम से और क्या कहा?”
वेस्ली ने पुछा.
“उसने कहा के वो आपसे बात करना चाहता है…
वो चाहता है के उसकी शर्तें सुनी जाएं.
वो aapse—Wesley Atkins—se बात करना चाहता है.”
वेस्ली ने गहरी सांस ली.
“मैं ने तुम्हें स्पैलबुक्स चुराने को कहा था.
तुम्हें सिर्फ प्लाची से डील करनी थी.
और तुम कह रही हो के सिकंदर ने तुम से पहले हाथ मार लिया?”
जाने फ़ौरन बोली,
“नहीं फादर… उसका कहना है के उसने जान बूझ कर नहीं लिया.
उसके लोग ग़लत बॉक्स ले आये.
और लगता है वो प्लाची का भी दुश्मन है.”
प्रांग!
वेस्ली की और पहात पड़ी.
पलटें और खाना हवा में उड़ गया.
“ये कोई जस्टिफिकेशन नहीं है!”
वेस्ली ने घुर्राटे हुए कहा.
“तुम रैंक सिक्स हो!
और तुम एक स्टूडेंट से हार गयी जो मुश्किल से रैंक फोर तक पोहंचा है?!”
वो उठ कर जाने के बिलकुल क़रीब आ गया.
“स्पैलबुक्स की अहमियत मैं ने समझायी थी!
अगर ये हाथ से निकल गए तो हम टॉप तेन से नीचे गिर जायेंगे!”
इसी वक़्त एक गार्ड आगे आया और वेस्ली के कान में कुछ कहा.
वेस्ली की आँखें फैल गयीं.
फिर उसका चेहरा सख्त हो गया.
“मैं खुद जा कर इस हरामज़ादे से मिलूंगा,”
उसने कहा.
“तुम फिलहाल अपना हिसाब बराबर करने की कोशिश करो.”
ये कह कर वेस्ली हॉल से निकल गया.
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.
अगला दिन…
सिकंदर अपने घर में रीज़े और कारन के साथ नाश्ता कर रहा था.
उसकी नज़र कारन पर पारी—
उसकी आँखों के नीचे गहरे सियाह हलके थे.
वो रात भर सो नहीं सका था.
उसे डर था के जैसे hi वो सोये, दुश्मन हमला कर देंगे.
“मैं मदद करना चाहता हूँ…
मुझे मदद करने दो,”
कारन ने pur-azm लहजे में कहा.
सिकंदर ने उस रिमाइंडर की तरफ देखा, फिर गहरी सांस ली.
“तुम मुश्किल soorat-e-haal में हो,”
सिकंदर ने कहा.
“अगर मदद करनी है…
तो पहले अपनी ग़लतियों पर सोचो जो तुम्हें यहाँ तक ले आयी.
और दोबारा वो ग़लती मत दोहराना.”
कारन ने मजबूरन ख़ामोशी इख़्तियार कर ली.
सिकंदर का मूड वैसे भी ख़राब था.
उस विज़न के बाद उसे समझ आ चूका था—
यूल मून उसे मज़ीद ताक़त नहीं दे सकती…
और ये बात उसके लिए सब से ज़्यादा खतरनाक थी.
इतनी साडी चीज़ें एक साथ हो रही थीं के सिकंदर का दिमाग़ भरी हो चूका था.
उसे पूरी उम्मीद थी के आने वाली फुल मून उसे बोहत ज़्यादा स्ट्रांग बना देगी, क्यों के वह एक वेयरवोल्फ था.
लेकिन अब…
उसे अछि तरह पता था के अगली फुल मून उसकी मदद नहीं करेगी.
यूल मून के क़रीब होने और अपनी काम सनीति को देख कर, सिकंदर समझ चूका था के सिर्फ इंतज़ार से काम नहीं चले गए.
इस लिए उस ने सिस्टम शॉप खोलने का फैसला किया.
“शायद यहाँ कुछ ऐसा मिल जाये जो मेरी मदद कर सके…”
उस ने शॉप खोली और फ़िल्टर को ‘स्पिरिट’ पर सेट कर दिया.
जैसे hi फ़िल्टर अप्लाई हुआ, उस के सामने मुख्तलिफ किसम के स्पिरिट्स आ गए — आग, पानी, हवा, ज़मीन और बिजली के एलिमेंट्स के साथ, हर एक के अपने अजीब इफेक्ट्स थे.
इस वक़्त सिकंदर को हैरानी भी नहीं हुई.
सिस्टम से वह अब काफी कुछ देख चूका था.
स्क्रॉल करते हुए उसे एहसास हुआ के तमाम चाय स्पिरिट्स काम आज काम 20,000 गोल्ड से शुरू हो रहे थे — और इतना गोल्ड उस के पास फिलहाल बिलकुल नहीं था.
फिर उस की नज़र एक स्पिरिट पर जा कर रुक गयी.
एक अज़ीम स्पिरिट जिस ने 11,000 साल पहले क्लाउड्स के पुराने गेटकीपर को रेप्लस किया था.
देवो एक इन्तेहाई पावरफुल lightning-based स्पिरिट है.
जिस लाइटनिंग ेलेमेंटलिस्ट के साथ यह बाँध होता है, उस की ताक़त तीन गुना बढ़ जाती है.
इफ़ेक्ट ग्रैनेड:
• एनहांस्ड Lightning-Based
ाबिलिटीज़
• एक्सपैंडेड मन अब्सॉर्प्शन
रेडियस
• वेअथेर कण्ट्रोल
सिकंदर की आँखों में चमक आ गयी.
यह स्पिरिट बिजली का था, जो बिलकुल उस के साथ कम्पेटिबल था — लेकिन असल वजह कुछ और थी.
एक्सपैंडेड मन अब्सॉर्प्शन रेडियस.
“यह… यह मेरी ज़िन्दगी बदल सकता है…”
अगर नोर्मल्ली रैंक 6 तक पोहॉंछने में सिकंदर को 4 महीने लगते, तो इस स्पिरिट के साथ वह शायद आधा वक़्त, या उस से भी काम में रैंक उप कर सकता था.
सिर्फ तसव्वुर hi उस के जिस्म को कपकपा गया.
अगर वह स्ट्रांग हो जाये…
तो उस के तमाम मसाइल ख़तम हो सकते हैं.
लेकिन फिर उस की नज़र प्राइस पर पारी.
100,000 गोल्ड.
सिकंदर ने गहरी सांस ली और ठंडी यह भरी.
“हाई स्पिरिट है… सस्ता तो हो hi नहीं सकता.”
‘पहले रैंक फाइव तक पोहंचना होगा… फिर hi मैं इसे खरीद सकता हूँ,’
सिकंदर ने दिल hi दिल में सोचा.
सोचते सोचते वह be-ikhteyar दूसरे कमरे में चला गया, जब के रीज़े और कारन किचन में hi मौजूद थे.
कई घंटे गुज़रने के बाद, सिकंदर कमरे से बहार निकला.
उस की आँखों में अब आज़म था.
उस के ज़ेहन में एक प्लान बन चूका था — अगर यह प्लान कामयाब हो गया, तो वह सिर्फ स्ट्रांग hi नहीं…
बालकः नयी बुलंदियों को छू सकता था.
सिकंदर फिर से फाए ऑफिस की तरफ गया.
इस मर्तबा उस का मक़सद था —
डिटेक्टिव का पीछा करना और यह jaan’na के स्पैलबुक्स असल में किस के लिए हैं.
अब तक यह बात उसे बिलकुल भी क्लियर नहीं थी.
लेकिन जैसे hi वह घर से बहार निकला, उस ने देखा के गलियों में फाए के बोहत से मेंबर्स मौजूद हैं.
कहीं छोटे ग्रुप्स में, कहीं अकेले…
और बोहत से तो ोचीरा यूनिवर्सिटी के अंदर तक फैल चुके थे.
“यह यक़ीनन स्पैलबुक्स की तलाश में हैं,”
सिकंदर ने सोचा.
उस ने एक स्टाल से टोपी खरीदी, फिर यूनिवर्सिटी के अंदर चला गया.
उसे डिटेक्टिव की खुशबू महसूस हो रही थी.
वेयरवोल्फ होने की वजह से सिकंदर के तमाम सेंसेस हद्द से ज़्यादा तेज़ थे —
खासकर स्मेल.
सिर्फ एक दफा दूर से स्मेल कर के, वह किसी की खुशबू याद रख सकता था.
वह एक कोने में पोहंचा और देखा के डिटेक्टिव कुछ फाए मेंबर्स से बात कर रहा है.
इसी दौरान सिकंदर का फ़ोन बज उठा.
स्क्रीन पर सूरज का नाम चमक रहा था.
“सब कैसा चल रहा है?” सिकंदर ने पुछा.
“मैं रास्ते में हूँ,”
सूरज ने जवाब दिया, आवाज़ से लग रहा था के वह कार में है.
“तुम्हें भी वहां पोहंच कर उन्हें सिचुएशन एक्सप्लेन करनी होगी.”
“समझ गया,”
सिकंदर ने कहा और कॉल बंद कर दी.
डिटेक्टिव फाए मेंबर्स को सर्च रेडियस के बारे में बता रहा था,
लेकिन सिकंदर को वहां से कोई ख़ास मालूमात नहीं मिली.
जब वह वापस जाने hi वाला था…
उस ने कुछ देखा.
डिटेक्टिव अचानक ग्रुप से अलग हो गया.
वह आम लोगों के साथ नार्मल अंदाज़ में चल रहा था,
idhar-udhar नज़र डालते हुए.
सिकंदर ने उस का पीछा जारी रखने का फैसला किया.
यूनिवर्सिटी से बहार निकल कर डिटेक्टिव एक छोटे से घर के सामने रुक गया.
उस ने idhar-udhar देखा —
जिस पर सिकंदर फ़ौरन एक बारे हमले के पीछे छुप गया.
इत्मीनान के बाद के कोई पीछा नहीं कर रहा,
डिटेक्टिव ने दरवाज़े पर एक कोड नॉक की —
जो सिकंदर ने अपनी तेज़ आँखों से नोट कर लिया.
डिटेक्टिव के अंदर जाने के बाद,
सिकंदर दीवार के साथ लग कर दरवाज़े के क़रीब आ गया.
वह पूरी तरह सुन नहीं सकता था,
लेकिन कुछ अलफ़ाज़ उस के कानों तक पोहंच रहे थे.
“हमारे लोगों ने महसूस किया है के स्पैलबुक्स किसी चोर के पास हैं… और वह यहीं के आस पास है,”
एक औरत की आवाज़ सुनाई दी.
“हम पूरी कोशिश कर रहे हैं, ma’am,”
डिटेक्टिव ने जवाब दिया.
“हो सकता है यह अटकिंस फॅमिली हो,”
औरत ने कहा.
“वह हाल hi में काफी हरकत में हैं.”
डिटेक्टिव ने हिचकिचाते हुए पुछा,
“फिर क्या मुझे उन की प्रॉपर्टी सर्च करनी चाहिए?”
“नहीं,”
औरत ने सख्ती से कहा.
“स्पैलबुक्स बोहत सीक्रेट हैं.
हम यह बात पब्लिक नहीं कर सकते के हम उन्हें ढूंढ रहे हैं.”
फिर वह बोली,
“अगर तुम स्पैलबुक्स ढूंढ कर हमें दे दो,
तो रिड फॅमिली तुम्हारी क़र्ज़दार होगी…
और तुम्हें भरपूर इनाम मिलेगा.”
यह सुन कर सिकंदर की आँखें फैल गयीं.
“रिड फॅमिली…?”
उसे जैसे hi इतनी मालूमात मिल गयी,
वह वहां से हटना hi चाहता था के…
अचानक!
किसी ने पीछे से उस का मुंह पाकर लिया.
काली एनर्जी ने दोनों को ग़ैर लिया.
सिकंदर ने पूरी ताक़त से छूटने की कोशिश की,
लेकिन be-faida.
उस ने देखा के उस का जिस्म पूरी तरह ब्लैक एनर्जी में डूब गया —
और अगले hi लम्हे…
टेलिपोर्ट!
ज़मीन पर ज़ोर से गिरते हुए वह आगे फेंक दिया गया.
थुड़!
दर्द से दांत पीस कर, सिकंदर ने पीछे देखा.
और जिसे देखा…
उस की सांस अटक गयी.
“A-Aap…?”
“प्रिंसिपल?!”
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आज के लिए इत्नाह hi. ी होप ये अपडेट बे आप को पसंद ाहये गह.
अब से 2 3 उपदटेस मेगा अपडेट हूँ गे. क्यों क मिशन जल्दी खतम काटना चाहता. क्यों के काफी लोगों को ये उपदटेस पसंद नहीं यह रहे. कुछ लोग चाहते है क ओनली फाइट हो. लेकिन अहसा बे नहीं चलता, कुछ मिशंस फाइट से नहीं जीते जाते. उन को जीतने के लिए दिमाग से काम लेना परता, ये मिशन बे अहसा hi है.
बाकि टारगेट शामे 50.
बने रहिये साथ. मिलते है नेक्स्ट episode मई तब तक के लिए.
थैंक्स एंड Bye.