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अपडेट. 115
वीर ......अह्ह्ह सॉरी भाबी जी
पैर इस कुत्ते की तो बंद मैं हे बजूँगा
ीदार काफी भेड़िये देव द्वारा बनाये गए अदृस्य द्वार में जा गुस्से जैसे मायावी लोक में पेअर रखे वो सब अग्नि की भीषण लपटों में सामने लगे
वीर जा कर वुल्फ किंग से भीड़ गया
सिंह जैसे जैसे भेडियो को मार रहा था वैसे वैसे उसका क्रोध भाड़ रहा था
भेडियो के मरते हे उनके सरीर से निकलती काली सकतिया सिंह में सामने लगी
( दरअशल इसके पीछे देव की सकती थी इसके लिया हे देव ने सिंह को अपने अंदर समाया था ) .........
अब आगे ........
रुद्रांश .......सिंह अभी वक़्त है अपने क्रोध को उचित दिशा में प्रयोग करने का
सिंह. ......उचित कहा रुद्रांश भाई आपने ये सेल भेड़िये तो रुकने का नाम हे नहीं ले रहे है
ीदार दिव्या अपने पुरे रूद्र अग्नि रूप में चंडिका बन भेडियो को भसम कर रही थे
दिव्या जिस रस्ते गुजरती वह भेड़िये की रख के अलावा रस्ते में कुछ भी नहीं बचता
वीर वोल्फकिंग के साथ भिड़ा हुआ था कभी वीर भरी पड़ता तो कभी वुल्फ किंग
दोनों लड़ते लड़ते किल्ले के बहार निकल गए
तभी टेलेपोर्टेशन द्वार से फीमेल वेयरवोल्फ आने लगी
सिंह उनकी तरफ बढ़ा हे था की बिच में हे चंचल आवर कोमल आ जाती है
कोमल सिंह आपको सरम नहीं आती लड़कियों पे हाथ उठाओगे क्या
सपना ......सिंह इनके के पीक लीडर को डंडो आवर उनको ख़तम करो ये फीमेल वुल्फ अपने लीडर के बिना कमजोर हो जाती है
सिंह ......जी महारानी जी
सिंह अगले हे पल वह से गोली के रफ़्तार से अग्नि पुंज बन कर निकला तभी सामने से
रुद्रांश को काफी भेडियो के बिच गिरः हुआ देख उस तरफ भाड़ गया
सिंह .....रुद्रांश ये वक़्त क्या खेलने का है
ख़तम करो इनकी तादात आवर भदरी जा रही है
अभी तो भेड़िया लड़किया भी आने लगी है ालो को जितना मारो ऊंटनी हे आते जा रहे है
रुद्रांश अपने सोर्ड से उनको चोर्ने लगा वही सिंह उनको अपने अग्नि से जलने लगा
रुद्रांश ......तुम बहुत गौड़ कर रहे हो फीमेल भेडियो पे क्यों कोई पसंद तो नहीं आ गई
सिंह ......मेरी इतनी भी चॉइस ख़राब नहीं जो कुटियों पे चढ़ता फिरू
मेरी शेरनी भी कही मेरा इन्तजार के रही होगी
रुद्रांश .......कब मिलवा रहे हो मुझे
सिंह .....बुरा न मन्ना रुद्रांश भाई तुम देव भाई के अंश जरूरी हो पैर तुम्हारा कोई भरोषा नहीं कब मेरी शेरनी के पीछे लग जाओ
रुद्रांश ......हाहाहा यार मैं इतना भी ठरकी नहीं हूँ
तभी सिंह के आँखों के सामने एक चल चित्र चेहरा आता है
अचानक से सिंह रुक जाता है
सिंह को ऐसे खड़ा देख रुद्रांश उसने होश में लता है
रुद्रांश ......अबे खुली आँखों से सपने देखना बंद कर चिंता न कर मैं कुछ नहीं करूँगा तेरी शेरनीओ को
सिंह .......भाई मैंने अभी अभी अपनी शेरनी का चेहरा देखा वो बहुत खूबसूरत है
सपना ......अभी योध में ध्यान दो वर्ण सपने हे देखना कभी भी मिलने नहीं दूंगी उस से जिसके सपने तुम अभी देख रहे हो
सिंह .....जी जी माफ कीजिये रानी माँ
निधि अपनी पाटवी तत्वा का प्रयोग कर भेडियो को जमीं में दशा कर कर अपने भले से उन सबका सीना चिर रहे थे
ीदार सपना को अहसास हुआ की वीर कमजोर पद रहा है
तो वो वह जा पहुंची
सपना .....वीर तुम बलियो से निपटाओ इसगे मैं देखती हूँ
सपना अपने दिव्या सोर्ड को याद करती है
जिसे देख वोल्फकिंग की भी पसीने निकलने लगे
सपना अपने सोर्ड से तेजी से वोल्फकिंग पे वॉर करने लगती है
अपने आपको सपना के सामने कमजोर पड़ता देख वोल्फकिंग वह से भागने लगा पैर सपना उस हे भागने दे तब नहीं
ीदार जूही आवर रितिका तलवार आवर गन्स से कहर भरपाई रही थे भानगढ़ का किला लगभग ध्वस्त हो चूका था पूरी तरह
रितिका की गोली जिस भी वुल्फ को लगती वो अगले हे पल चीथड़े चीथड़े हो कर जमीं पे गिरा नजर आता तभी एक बहुत बड़े ओल्ड तो दिखने में बलियो से अजुन था
पुरे सरीर पे लोहे का भरी भरकम कवच
हठी में पहने नुकीले खंजर जैसे ( क्ष में मूवी का वॉल्वरिन हो )
जैसे दोनों के बिच में पंहुचा उसने रितिका आवर जूही पे हमले कर दिया
जूही तो तेजी से बच गई पैर उसका एक खंजर रितिका को गायक करता हुआ निकल गया
रितिका के मुँह से दर्दनाक चीख गूंज उठी
चिक सुन कर ऊपर से हम्म कर रहे शीतल की नजर इनपे पड़ी शीतल आवर रुद्रांश फ़ौरन इस आवर भाड़े
शीतल ने अपने आइस तीर की बौछार करनी सुरु कर दी रुद्रांश आगे भाड़ रितिका को उठता है उसका घाव डेरी डेरी भर रहा था
पैर रुद्रांश रितिका के बाजु आवर सीने के ऊपरी हिसे से बाह्य खून देख रुद्रांश का रूद्र जग उठा
रुद्रांश पुरे गुस्से से चिमटा है
रुद्रांश ......तूने मेरी रितिका को चौथ पहुंचे कमीने
देख मैं कैसे तूजगे जहनुम पहुंचाया हूँ
डेरी डेरी रुद्रांश का सरीर आग की लपटों में घिरने लगा
रुद्रांश आगे भध उसके दोनों कलाई थम ली
देल्हते हे देखते उसकी चीखे गूंजने लगे पहले उसका कवच पिंगल कर निचे गिरा फिर उसका सरीर जलने लगा
रितिका तो बस प्यार से रुद्रांश को हे देख रही थे उसका घाव भी भर चूका था
सपना के हाथो वोल्फकिंग काफी गायक हो चूका था
जगह जगह से उसके सरीर से खून बाह रहा था
( वोल्फकिंग ....मुझे जिन्दा रहना है तो यहाँ से निकलना होगा वर्ण इनके हाथो मैं भी मारा जाऊंगा अब तो मेरी लाखो के सीना भी कुछ गिनी चुनी हे बची है )
सपना ....भागने की सोचना भी नहीं
आज तुम मेसे कोई भी जिन्दा नहीं बचेगा
दिव्या चंचल कोमल निधि अलीमा ालिस शीतल अपने पूरी ताकत से इनका मुकाबला करते रहे
इनको योध करते हुए सुबह के 4 बजने को आये
ज्यादातर भेडियो का इन्होने सफाया कर दिया था
अभी भी 200 से 300 भेड़िये बचे हुआ थे
जिनका बड़ी तेजी से सफाया कर रहे थे
तभी दिव्या आवर कोमल की बॉडी चेंज होने लगी
अचानक से दिव्या आवर कोमल की बॉडी से रेड आवर ब्लू ऊर्जा बहार निकली
जिसे देख सब चोंग गए
चौंके का कारन था उस ऊर्जा का अपने आप रूप दर्जन करना
दिव्या के सरीर से निकली ऊर्जा ने अग्नि ड्रैगन का रूप दर्जन किया
दिखने में ये रियल ड्रैगन जैसा हे था
ऐसा हे कुछ कोमल की ऊर्जा के साथ हुआ उस से ड्रैगन हे बना विद्युत् ड्रैगन
रुद्रांश ......इनको आदेश दो की ये सभी वुल्फ को ख़तम कर दे
दिव्या आवर कोमल दोनों ने ऐसा हे किया दोनों हे पुरे किल्ले में गम गिम कर भेडियो को चीरते हुए निकल
कुछ हे देर में सभी भेडियो को समाप्त कर दिया अभी केवल वुल्फ किंग आवर उसके जैसे हे दिखने वाला एक भेड़िया बच्चा था
वुल्फ किंग ......तुम लोगो ने भले हे मेरी लाखो की सेना को मिटा दिया पैर मुझे नहीं मार सकते हो
सपना ....भले हे हम तुम्हे मार नहीं सकते है पैर तुम्हे बंदी बना सकते है
सपना अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करती है साथी हे निधि दिव्या कोमल चंचल शीतल
5 तत्वों के ऊर्जा से दोनों वुल्फ को बंदी बना लेती है
तभी वह देव प्रकट होता है
देव .....लगता है पार्टी ख़तम हो गई है मेरे आने से पहले हे
सपना ......आप आ गया स्वामी मतलब वह का कार्य पूर्ण हुआ आवर आपके लिया हमने 2 को बचा कर रखा है
देव .....है सपना वह का कार्य पूर्ण हुआ थोड़ा समय लगा पैर सब प्लान के अनुसार हे हुआ
dev.......koi आवर बच्चा तो नहीं न अग्नि देवो
10 के 10 अग्नि देव वह प्रकार होते है
10 देव .....नहीं मालिक कोई नहीं बचा जो भी महल से नहर निकला हमने उनको ख़तम कर दिया
हमारा कार्य पूरा हुआ
देव ......उचित है अपने स्थान पे लौट जाओ
सभी 10 अग्नि देव आगे भाड़ देव में सामने लगे
सपना .....ये क्या है स्वामी
देव ....बाद में बताऊंगा सपना अभी इनको तो ख़तम कर दूँ रुद्रांश जब मैं अग्नि प्रहार वोल्फकिंग पे कृ ठीक इश्क वक़्त दूसरे वुल्फ पे पूरी सकती से अग्नि प्रहार करना
रुद्रांश .......जी भाई
देव आवर रुद्रांश दोनों हे वुल्फ
पे एक साथ हमले करते है जिस से वुल्फ किंग चीखें लगता है
जैसे वोल्फकिंग को अग्नि ने अपने लपटों में घेरना सुरु किया वैसे हे दूसरे वुल्फ की भी चीखे निकलने लगे
देखते हे देखते वोल्फकिंग रख में बदलने लगा उसके बाद दूसरे वुल्फ के साथ भी ऐसा हे कुछ हुआ
दोनों के ख़तम होने के बाद दूसरे वुल्फ के सीने पे जो लाल मणि लगी थी वो वो हवा में उठ कर देव की तरफ भाड़ गई
सपना ने उस मणि को भी एक बॉक्स में भर लिया
देव .....सपना इस स्थान को पहले जैसा बना दो मैं अभी आता हूँ
सपना अपने कार्य में जूथ गयी वही देव
इस महल में बने गुप्त तहखाने में जाता है
देव ......रानी रत्नावती गबराये नहीं मेरे सामने आइये आपका मुक्ति पाने का समय हो गया
है
कुछ देर बाद एक स्त्री की आत्मा देव के सामने आती है
देव .....रानी रत्नावती को प्रिंस रुद्रदेव सींग राणा का परनाम
अब आपको इस महल का मोह ठगना होगा रंज जी
रानी रत्नावती ......हम त्यार है बरसो से इस महल में अपने मोह के कारन कैद रहे अब हमें मुक्ति दे दीजिये
देव आगे भाड़ रानी रत्न वती के सर पे हाथ रख मंतर पड़ता है देखते हे देखते रानी रत्नावती का तेज भेदने लगा आवर कुछ हे देर बाद वो एक सफ़ेद ऊर्जा पुंज में बदल कर वह से गायब हो गई
ीदार सपना बहार अपना कार्य पूरा कर चुकी थी
सब वह से मायावी लोक के लिया निकल गए
अब थोड़ा पीछे चलते है ......
देव ध्यान के माद्यम से गुरुदेव से जुड़ कर पिसाच किंग के गुप्त स्थान को देख चूका था अब इंतजार था तो 12 बजने का जब एक पल के लिया कवच कमजोर होता है तब का
देव पूर्ण रूप से त्यार था उस उल्का पिंड में जाने की जहा पिसाच किंग अपना बलि यज्ञ कर रहा था
आवर वो समय भी आग गया
देव मायावी लोक से निकल कर उस उल्का पंड के सामने अररिया रूप में जा पंहुचा
देव वही कुछ पल इंतजार किया तभी वो कवच एक पल के लिया हाथ तो देव अपने सम्पुट ताकत के साथ लाइट स्पीड से उस ुलका पिंड से जा टकराया
बहार से गुरुदेव ने उस कवच पे एक आवर कवच का निर्माण कर वह से गायब हो गए
देव के अंदर घुसते हे पिसाच किंग को इसका अहसास हो गया की कोई उसके स्थान पे गुस्स आया है
पिसाच किंग ने अपने माया का निर्माण किया
जिस में देव फर्श गया पिसाच किंग
अंदर की प्रतिमा के सामने बेथ ध्यान में देव को ढूंढ़ने लगा
काफी मसकर करने के बाद
पिसाच किंग देव तक पंहुचा पैर न देव का चेहरा देख प् रहा था आवर न उसकी ऊर्जा को महसूस कर प् रहा था
पिसाच किंग को जो ऊर्जा देव स्व महसूस हो रही थी वो किसी आवर की ऊर्जा थी
जिसको महसूस कर पिसाच किंग ध्यान से बहार आ गया
पिसाच किंग ........ये कैसे संभव है वो यहाँ नहीं आ सकती
अगर वो यहाँ होती तो डेविल को उसकी खबर लग चुकी होती आवर अगर उनसे किसी तरह अपनी शक्तियों को अपनी ऊर्जा को बंद भी लिया तो वो यहाँ पहुंच नहीं सकती थी
मुझे यहाँ से निकलना होगा मुझे यहाँ खतरे का अहसास हो रहा है
वही देव काफी देर तक उस माया में उलझा हुआ बार बार गम कर एक हे स्थान पे वापिस लौट आता है
देव ......यहाँ किसी माया का तिलिस्म का प्रयोग किया हुआ लगता है पैर ये तिलिस्म भी नहीं अथार्त
ये पिसाच किंग की माया है
जल्दी हे मुझे इसका तोड़ निकलना होगा अन्यथा वो यहाँ से भागने का कोई न कोई मार्ग निकल हे लेगा
इन सब में देव को लगभग 1हर का समय लग गया
देव .....किसी भी काली सकती द्वारा रची माया को तोड़ने के लिया महादेव का दिव्या मूल मंत्र का प्रयोग कारनामे चाइये हमारे वेदो में तो यही लिखा
देव वही बेथ आने ध्यान में लीं हो..... ....मंत्र का जप करने लगता है
जिसका असर जल्दी हे होता है आवर एक विस्फोट के साथ वह की माया नस्ट हो जाती
देव ध्यान से निकल पिसाच किंग को खोजने लगता है
ये उल्का पिंड बहार से जितना छोटा दीखता है ये अंदर से उस से कही ज्यादा बड़ा था
ीदार पिसाच किंग अपने भागने की तयारी कर रहा था पर बहार गुरुदेव द्वारा निर्मित कवच से वो भाग नहीं प् रहा था
पिसाच किंग .....ये जरूर कोई शत्रु है जो यहाँ आया है अब कोई रास्ता नहीं है मुझे इसका सामना करना हे होगा
ीदार देव भी पिसाच किंग को खोजते हुए बालू स्थल तक आ पंहुचा
सामने पिसाच किंग आने कल्टी हुए आँखों से देव को देख रहा था
जब गौर से देव को देखा तो आश्चर्य हुआ पिसाच किंग को
पिसाच किंग .....कोण हो तुम आवर तुम्हारे पास मेरी बहन लावण्या की ऊर्जा कैसे आई
देव ......तुम किसकी बात कर रहे हो मैं नहीं जनता
पिसाच किंग ......तुम असत्य बोल रहे हो तुम्हारे भीतर मेरी बहन प्रिंसेस लावण्या की ऊर्जा विद्मान है
देव .....प्रिंस कभी असत्य नहीं बोलता है
पिसाच किंग गुस्से से देव पे अग्नि पुंज का प्रहार करता है
देव सामने से जल तत्वा का इस्तेमाल करता है एक के बाद एक पांच तत्वा के इस्तेमाल से पिसाच किंग पे हमले होने से पिसचकींग गुस्से में आ कर
आ कर के देव पे अनगिनत वॉर करता है
जिस से पिसाच किंग की ऊर्जा जो व्यर्थ हो रही थे वो देव में सामने लगी
देव उचित समय का इंतजार करते हुए पसाच किंग से कफ समय तक योध करता है योध करते हुए देव बलि स्थान तक आ पंहुचा देव ने अपने सम्पूर्ण जल आवर अग्नि ऊर्जा का प्रयोग करते हुए
पिसाच किंग पे वॉर करता है पिसाच किंग आदिक ऊर्जा को मह्सुश कर सामने से हाथ जाता है
जिस से देव का प्रहार पिसाच किंग को न लग कर अंदर की प्रतिमा को लगता है जल आवर अग्नि के मिश्रण से हुए वॉर के कारन वो प्रतिमा नस्ट हो जाती है आवर एक बहुत हे भनक विस्फोट होता है जिस से वो पूरा स्थान उल्का पिंड के साथ नस्ट हो जाता है गुरुदेव द्वारा बनाया कवच पिशाच किंग के कवच के साथ नस्ट हो गया
देव आवर पिसाच किंग इस भयंकर दमके से अंतरिक्ष के दो चोर में एक दूसरे से विपरीत दिशा में कफ दूर जा गिरे
पिसाच किंग के गिरते हे वह डेविल प्रकट होता है आवर पिसाच किंग को ले कर वह से गायब हो जाता है
कुछ देर बाद देव वह का निरिक्षण करता है पर पिसाच किंग उसने कहे नहीं मिलता सूर्य जब उल्का पिंड के बिच देखता है तो वह उसने एक रेड स्टोन मिलता है जो आंसर्स की मूर्ति में लगा हुआ था
देव उसे वह से उठा कर एक बॉक्स में रख लेता है
आवर 6 लड़किया जिनकी इस समजे से लौट हो चुकी थी उनको वहीँ अंतरिक्ष में अग्नि संस्कार कर देव भानगढ़ की तरफ निकल गया
मायावी लोक ...
देव ........आज आप सबने बहुत अच्छा कार्य किया है
सपना .......क्या पिसाच किंग ला बलि यज्ञ नस्ट हुआ
देव .....है उसका बलि यज्ञ नस्ट हो गया किन्तु वो मेरे हाथो से बच निकला अगर शीतन प्रतिमा में विस्फोट न होता तो सायद वो बच नहीं पता
सिंह ......सायद उसके कुछ ाँसे आवर लिखी थे
देव सपना को वो रेड स्टोन दे देता है
सपना .....इसमें तो उन सभी की ा आत्माये कैद है जिनकी बलि पिसाच किंग ने शीतन को अर्पित की थी
देव .....है ये सायद उस विस्फोट में बच गया जब शीतन की मूर्ति नस्ट हुए थी तब
सपना ....यहाँ का समय अलग कीजिये ताकि सब कुछ समय विश्राम कर सके
देव .....जो हमको महारानी साहिबा
देव पहले के जैसे हे मायावी दुनिया को परतवि लोक के समय से अलग कर देता है कुछ चंगेस के साथ
देव .....अब सब विश्राम करो बलि सब बाते बाद में करेंगे
देव अपने इच्छा अनुसार महल में बने रूम में चले गए आराम करने
वही सिंह अपने शेरनी के खयालो में खोया हुआ था
रुद्रांश .....लगे रहो भाई सीमा बहुत जल्द वो खवाबो की शेरनी तुम्हारे साथ होगी
सिंह .....प्रिंस भाई की कब दया होगी वही जाने ......
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ........
अपडेट में छोटी मोती गलती इग्नोर कारनामे फ्रेंड्स
नेक्स्ट अपडेट परसो आएगा भाई लोगो
अब से एक दिन इस स्टोरी पे आवर एक दिन दूसरी स्टोरी पे अपडेट आएगा ......
वीर ......अह्ह्ह सॉरी भाबी जी
पैर इस कुत्ते की तो बंद मैं हे बजूँगा
ीदार काफी भेड़िये देव द्वारा बनाये गए अदृस्य द्वार में जा गुस्से जैसे मायावी लोक में पेअर रखे वो सब अग्नि की भीषण लपटों में सामने लगे
वीर जा कर वुल्फ किंग से भीड़ गया
सिंह जैसे जैसे भेडियो को मार रहा था वैसे वैसे उसका क्रोध भाड़ रहा था
भेडियो के मरते हे उनके सरीर से निकलती काली सकतिया सिंह में सामने लगी
( दरअशल इसके पीछे देव की सकती थी इसके लिया हे देव ने सिंह को अपने अंदर समाया था ) .........
अब आगे ........
रुद्रांश .......सिंह अभी वक़्त है अपने क्रोध को उचित दिशा में प्रयोग करने का
सिंह. ......उचित कहा रुद्रांश भाई आपने ये सेल भेड़िये तो रुकने का नाम हे नहीं ले रहे है
ीदार दिव्या अपने पुरे रूद्र अग्नि रूप में चंडिका बन भेडियो को भसम कर रही थे
दिव्या जिस रस्ते गुजरती वह भेड़िये की रख के अलावा रस्ते में कुछ भी नहीं बचता
वीर वोल्फकिंग के साथ भिड़ा हुआ था कभी वीर भरी पड़ता तो कभी वुल्फ किंग
दोनों लड़ते लड़ते किल्ले के बहार निकल गए
तभी टेलेपोर्टेशन द्वार से फीमेल वेयरवोल्फ आने लगी
सिंह उनकी तरफ बढ़ा हे था की बिच में हे चंचल आवर कोमल आ जाती है
कोमल सिंह आपको सरम नहीं आती लड़कियों पे हाथ उठाओगे क्या
सपना ......सिंह इनके के पीक लीडर को डंडो आवर उनको ख़तम करो ये फीमेल वुल्फ अपने लीडर के बिना कमजोर हो जाती है
सिंह ......जी महारानी जी
सिंह अगले हे पल वह से गोली के रफ़्तार से अग्नि पुंज बन कर निकला तभी सामने से
रुद्रांश को काफी भेडियो के बिच गिरः हुआ देख उस तरफ भाड़ गया
सिंह .....रुद्रांश ये वक़्त क्या खेलने का है
ख़तम करो इनकी तादात आवर भदरी जा रही है
अभी तो भेड़िया लड़किया भी आने लगी है ालो को जितना मारो ऊंटनी हे आते जा रहे है
रुद्रांश अपने सोर्ड से उनको चोर्ने लगा वही सिंह उनको अपने अग्नि से जलने लगा
रुद्रांश ......तुम बहुत गौड़ कर रहे हो फीमेल भेडियो पे क्यों कोई पसंद तो नहीं आ गई
सिंह ......मेरी इतनी भी चॉइस ख़राब नहीं जो कुटियों पे चढ़ता फिरू
मेरी शेरनी भी कही मेरा इन्तजार के रही होगी
रुद्रांश .......कब मिलवा रहे हो मुझे
सिंह .....बुरा न मन्ना रुद्रांश भाई तुम देव भाई के अंश जरूरी हो पैर तुम्हारा कोई भरोषा नहीं कब मेरी शेरनी के पीछे लग जाओ
रुद्रांश ......हाहाहा यार मैं इतना भी ठरकी नहीं हूँ
तभी सिंह के आँखों के सामने एक चल चित्र चेहरा आता है
अचानक से सिंह रुक जाता है
सिंह को ऐसे खड़ा देख रुद्रांश उसने होश में लता है
रुद्रांश ......अबे खुली आँखों से सपने देखना बंद कर चिंता न कर मैं कुछ नहीं करूँगा तेरी शेरनीओ को
सिंह .......भाई मैंने अभी अभी अपनी शेरनी का चेहरा देखा वो बहुत खूबसूरत है
सपना ......अभी योध में ध्यान दो वर्ण सपने हे देखना कभी भी मिलने नहीं दूंगी उस से जिसके सपने तुम अभी देख रहे हो
सिंह .....जी जी माफ कीजिये रानी माँ
निधि अपनी पाटवी तत्वा का प्रयोग कर भेडियो को जमीं में दशा कर कर अपने भले से उन सबका सीना चिर रहे थे
ीदार सपना को अहसास हुआ की वीर कमजोर पद रहा है
तो वो वह जा पहुंची
सपना .....वीर तुम बलियो से निपटाओ इसगे मैं देखती हूँ
सपना अपने दिव्या सोर्ड को याद करती है
जिसे देख वोल्फकिंग की भी पसीने निकलने लगे
सपना अपने सोर्ड से तेजी से वोल्फकिंग पे वॉर करने लगती है
अपने आपको सपना के सामने कमजोर पड़ता देख वोल्फकिंग वह से भागने लगा पैर सपना उस हे भागने दे तब नहीं
ीदार जूही आवर रितिका तलवार आवर गन्स से कहर भरपाई रही थे भानगढ़ का किला लगभग ध्वस्त हो चूका था पूरी तरह
रितिका की गोली जिस भी वुल्फ को लगती वो अगले हे पल चीथड़े चीथड़े हो कर जमीं पे गिरा नजर आता तभी एक बहुत बड़े ओल्ड तो दिखने में बलियो से अजुन था
पुरे सरीर पे लोहे का भरी भरकम कवच
हठी में पहने नुकीले खंजर जैसे ( क्ष में मूवी का वॉल्वरिन हो )
जैसे दोनों के बिच में पंहुचा उसने रितिका आवर जूही पे हमले कर दिया
जूही तो तेजी से बच गई पैर उसका एक खंजर रितिका को गायक करता हुआ निकल गया
रितिका के मुँह से दर्दनाक चीख गूंज उठी
चिक सुन कर ऊपर से हम्म कर रहे शीतल की नजर इनपे पड़ी शीतल आवर रुद्रांश फ़ौरन इस आवर भाड़े
शीतल ने अपने आइस तीर की बौछार करनी सुरु कर दी रुद्रांश आगे भाड़ रितिका को उठता है उसका घाव डेरी डेरी भर रहा था
पैर रुद्रांश रितिका के बाजु आवर सीने के ऊपरी हिसे से बाह्य खून देख रुद्रांश का रूद्र जग उठा
रुद्रांश पुरे गुस्से से चिमटा है
रुद्रांश ......तूने मेरी रितिका को चौथ पहुंचे कमीने
देख मैं कैसे तूजगे जहनुम पहुंचाया हूँ
डेरी डेरी रुद्रांश का सरीर आग की लपटों में घिरने लगा
रुद्रांश आगे भध उसके दोनों कलाई थम ली
देल्हते हे देखते उसकी चीखे गूंजने लगे पहले उसका कवच पिंगल कर निचे गिरा फिर उसका सरीर जलने लगा
रितिका तो बस प्यार से रुद्रांश को हे देख रही थे उसका घाव भी भर चूका था
सपना के हाथो वोल्फकिंग काफी गायक हो चूका था
जगह जगह से उसके सरीर से खून बाह रहा था
( वोल्फकिंग ....मुझे जिन्दा रहना है तो यहाँ से निकलना होगा वर्ण इनके हाथो मैं भी मारा जाऊंगा अब तो मेरी लाखो के सीना भी कुछ गिनी चुनी हे बची है )
सपना ....भागने की सोचना भी नहीं
आज तुम मेसे कोई भी जिन्दा नहीं बचेगा
दिव्या चंचल कोमल निधि अलीमा ालिस शीतल अपने पूरी ताकत से इनका मुकाबला करते रहे
इनको योध करते हुए सुबह के 4 बजने को आये
ज्यादातर भेडियो का इन्होने सफाया कर दिया था
अभी भी 200 से 300 भेड़िये बचे हुआ थे
जिनका बड़ी तेजी से सफाया कर रहे थे
तभी दिव्या आवर कोमल की बॉडी चेंज होने लगी
अचानक से दिव्या आवर कोमल की बॉडी से रेड आवर ब्लू ऊर्जा बहार निकली
जिसे देख सब चोंग गए
चौंके का कारन था उस ऊर्जा का अपने आप रूप दर्जन करना
दिव्या के सरीर से निकली ऊर्जा ने अग्नि ड्रैगन का रूप दर्जन किया
दिखने में ये रियल ड्रैगन जैसा हे था
ऐसा हे कुछ कोमल की ऊर्जा के साथ हुआ उस से ड्रैगन हे बना विद्युत् ड्रैगन
रुद्रांश ......इनको आदेश दो की ये सभी वुल्फ को ख़तम कर दे
दिव्या आवर कोमल दोनों ने ऐसा हे किया दोनों हे पुरे किल्ले में गम गिम कर भेडियो को चीरते हुए निकल
कुछ हे देर में सभी भेडियो को समाप्त कर दिया अभी केवल वुल्फ किंग आवर उसके जैसे हे दिखने वाला एक भेड़िया बच्चा था
वुल्फ किंग ......तुम लोगो ने भले हे मेरी लाखो की सेना को मिटा दिया पैर मुझे नहीं मार सकते हो
सपना ....भले हे हम तुम्हे मार नहीं सकते है पैर तुम्हे बंदी बना सकते है
सपना अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करती है साथी हे निधि दिव्या कोमल चंचल शीतल
5 तत्वों के ऊर्जा से दोनों वुल्फ को बंदी बना लेती है
तभी वह देव प्रकट होता है
देव .....लगता है पार्टी ख़तम हो गई है मेरे आने से पहले हे
सपना ......आप आ गया स्वामी मतलब वह का कार्य पूर्ण हुआ आवर आपके लिया हमने 2 को बचा कर रखा है
देव .....है सपना वह का कार्य पूर्ण हुआ थोड़ा समय लगा पैर सब प्लान के अनुसार हे हुआ
dev.......koi आवर बच्चा तो नहीं न अग्नि देवो
10 के 10 अग्नि देव वह प्रकार होते है
10 देव .....नहीं मालिक कोई नहीं बचा जो भी महल से नहर निकला हमने उनको ख़तम कर दिया
हमारा कार्य पूरा हुआ
देव ......उचित है अपने स्थान पे लौट जाओ
सभी 10 अग्नि देव आगे भाड़ देव में सामने लगे
सपना .....ये क्या है स्वामी
देव ....बाद में बताऊंगा सपना अभी इनको तो ख़तम कर दूँ रुद्रांश जब मैं अग्नि प्रहार वोल्फकिंग पे कृ ठीक इश्क वक़्त दूसरे वुल्फ पे पूरी सकती से अग्नि प्रहार करना
रुद्रांश .......जी भाई
देव आवर रुद्रांश दोनों हे वुल्फ
पे एक साथ हमले करते है जिस से वुल्फ किंग चीखें लगता है
जैसे वोल्फकिंग को अग्नि ने अपने लपटों में घेरना सुरु किया वैसे हे दूसरे वुल्फ की भी चीखे निकलने लगे
देखते हे देखते वोल्फकिंग रख में बदलने लगा उसके बाद दूसरे वुल्फ के साथ भी ऐसा हे कुछ हुआ
दोनों के ख़तम होने के बाद दूसरे वुल्फ के सीने पे जो लाल मणि लगी थी वो वो हवा में उठ कर देव की तरफ भाड़ गई
सपना ने उस मणि को भी एक बॉक्स में भर लिया
देव .....सपना इस स्थान को पहले जैसा बना दो मैं अभी आता हूँ
सपना अपने कार्य में जूथ गयी वही देव
इस महल में बने गुप्त तहखाने में जाता है
देव ......रानी रत्नावती गबराये नहीं मेरे सामने आइये आपका मुक्ति पाने का समय हो गया
है
कुछ देर बाद एक स्त्री की आत्मा देव के सामने आती है
देव .....रानी रत्नावती को प्रिंस रुद्रदेव सींग राणा का परनाम
अब आपको इस महल का मोह ठगना होगा रंज जी
रानी रत्नावती ......हम त्यार है बरसो से इस महल में अपने मोह के कारन कैद रहे अब हमें मुक्ति दे दीजिये
देव आगे भाड़ रानी रत्न वती के सर पे हाथ रख मंतर पड़ता है देखते हे देखते रानी रत्नावती का तेज भेदने लगा आवर कुछ हे देर बाद वो एक सफ़ेद ऊर्जा पुंज में बदल कर वह से गायब हो गई
ीदार सपना बहार अपना कार्य पूरा कर चुकी थी
सब वह से मायावी लोक के लिया निकल गए
अब थोड़ा पीछे चलते है ......
देव ध्यान के माद्यम से गुरुदेव से जुड़ कर पिसाच किंग के गुप्त स्थान को देख चूका था अब इंतजार था तो 12 बजने का जब एक पल के लिया कवच कमजोर होता है तब का
देव पूर्ण रूप से त्यार था उस उल्का पिंड में जाने की जहा पिसाच किंग अपना बलि यज्ञ कर रहा था
आवर वो समय भी आग गया
देव मायावी लोक से निकल कर उस उल्का पंड के सामने अररिया रूप में जा पंहुचा
देव वही कुछ पल इंतजार किया तभी वो कवच एक पल के लिया हाथ तो देव अपने सम्पुट ताकत के साथ लाइट स्पीड से उस ुलका पिंड से जा टकराया
बहार से गुरुदेव ने उस कवच पे एक आवर कवच का निर्माण कर वह से गायब हो गए
देव के अंदर घुसते हे पिसाच किंग को इसका अहसास हो गया की कोई उसके स्थान पे गुस्स आया है
पिसाच किंग ने अपने माया का निर्माण किया
जिस में देव फर्श गया पिसाच किंग
अंदर की प्रतिमा के सामने बेथ ध्यान में देव को ढूंढ़ने लगा
काफी मसकर करने के बाद
पिसाच किंग देव तक पंहुचा पैर न देव का चेहरा देख प् रहा था आवर न उसकी ऊर्जा को महसूस कर प् रहा था
पिसाच किंग को जो ऊर्जा देव स्व महसूस हो रही थी वो किसी आवर की ऊर्जा थी
जिसको महसूस कर पिसाच किंग ध्यान से बहार आ गया
पिसाच किंग ........ये कैसे संभव है वो यहाँ नहीं आ सकती
अगर वो यहाँ होती तो डेविल को उसकी खबर लग चुकी होती आवर अगर उनसे किसी तरह अपनी शक्तियों को अपनी ऊर्जा को बंद भी लिया तो वो यहाँ पहुंच नहीं सकती थी
मुझे यहाँ से निकलना होगा मुझे यहाँ खतरे का अहसास हो रहा है
वही देव काफी देर तक उस माया में उलझा हुआ बार बार गम कर एक हे स्थान पे वापिस लौट आता है
देव ......यहाँ किसी माया का तिलिस्म का प्रयोग किया हुआ लगता है पैर ये तिलिस्म भी नहीं अथार्त
ये पिसाच किंग की माया है
जल्दी हे मुझे इसका तोड़ निकलना होगा अन्यथा वो यहाँ से भागने का कोई न कोई मार्ग निकल हे लेगा
इन सब में देव को लगभग 1हर का समय लग गया
देव .....किसी भी काली सकती द्वारा रची माया को तोड़ने के लिया महादेव का दिव्या मूल मंत्र का प्रयोग कारनामे चाइये हमारे वेदो में तो यही लिखा
देव वही बेथ आने ध्यान में लीं हो..... ....मंत्र का जप करने लगता है
जिसका असर जल्दी हे होता है आवर एक विस्फोट के साथ वह की माया नस्ट हो जाती
देव ध्यान से निकल पिसाच किंग को खोजने लगता है
ये उल्का पिंड बहार से जितना छोटा दीखता है ये अंदर से उस से कही ज्यादा बड़ा था
ीदार पिसाच किंग अपने भागने की तयारी कर रहा था पर बहार गुरुदेव द्वारा निर्मित कवच से वो भाग नहीं प् रहा था
पिसाच किंग .....ये जरूर कोई शत्रु है जो यहाँ आया है अब कोई रास्ता नहीं है मुझे इसका सामना करना हे होगा
ीदार देव भी पिसाच किंग को खोजते हुए बालू स्थल तक आ पंहुचा
सामने पिसाच किंग आने कल्टी हुए आँखों से देव को देख रहा था
जब गौर से देव को देखा तो आश्चर्य हुआ पिसाच किंग को
पिसाच किंग .....कोण हो तुम आवर तुम्हारे पास मेरी बहन लावण्या की ऊर्जा कैसे आई
देव ......तुम किसकी बात कर रहे हो मैं नहीं जनता
पिसाच किंग ......तुम असत्य बोल रहे हो तुम्हारे भीतर मेरी बहन प्रिंसेस लावण्या की ऊर्जा विद्मान है
देव .....प्रिंस कभी असत्य नहीं बोलता है
पिसाच किंग गुस्से से देव पे अग्नि पुंज का प्रहार करता है
देव सामने से जल तत्वा का इस्तेमाल करता है एक के बाद एक पांच तत्वा के इस्तेमाल से पिसाच किंग पे हमले होने से पिसचकींग गुस्से में आ कर
आ कर के देव पे अनगिनत वॉर करता है
जिस से पिसाच किंग की ऊर्जा जो व्यर्थ हो रही थे वो देव में सामने लगी
देव उचित समय का इंतजार करते हुए पसाच किंग से कफ समय तक योध करता है योध करते हुए देव बलि स्थान तक आ पंहुचा देव ने अपने सम्पूर्ण जल आवर अग्नि ऊर्जा का प्रयोग करते हुए
पिसाच किंग पे वॉर करता है पिसाच किंग आदिक ऊर्जा को मह्सुश कर सामने से हाथ जाता है
जिस से देव का प्रहार पिसाच किंग को न लग कर अंदर की प्रतिमा को लगता है जल आवर अग्नि के मिश्रण से हुए वॉर के कारन वो प्रतिमा नस्ट हो जाती है आवर एक बहुत हे भनक विस्फोट होता है जिस से वो पूरा स्थान उल्का पिंड के साथ नस्ट हो जाता है गुरुदेव द्वारा बनाया कवच पिशाच किंग के कवच के साथ नस्ट हो गया
देव आवर पिसाच किंग इस भयंकर दमके से अंतरिक्ष के दो चोर में एक दूसरे से विपरीत दिशा में कफ दूर जा गिरे
पिसाच किंग के गिरते हे वह डेविल प्रकट होता है आवर पिसाच किंग को ले कर वह से गायब हो जाता है
कुछ देर बाद देव वह का निरिक्षण करता है पर पिसाच किंग उसने कहे नहीं मिलता सूर्य जब उल्का पिंड के बिच देखता है तो वह उसने एक रेड स्टोन मिलता है जो आंसर्स की मूर्ति में लगा हुआ था
देव उसे वह से उठा कर एक बॉक्स में रख लेता है
आवर 6 लड़किया जिनकी इस समजे से लौट हो चुकी थी उनको वहीँ अंतरिक्ष में अग्नि संस्कार कर देव भानगढ़ की तरफ निकल गया
मायावी लोक ...
देव ........आज आप सबने बहुत अच्छा कार्य किया है
सपना .......क्या पिसाच किंग ला बलि यज्ञ नस्ट हुआ
देव .....है उसका बलि यज्ञ नस्ट हो गया किन्तु वो मेरे हाथो से बच निकला अगर शीतन प्रतिमा में विस्फोट न होता तो सायद वो बच नहीं पता
सिंह ......सायद उसके कुछ ाँसे आवर लिखी थे
देव सपना को वो रेड स्टोन दे देता है
सपना .....इसमें तो उन सभी की ा आत्माये कैद है जिनकी बलि पिसाच किंग ने शीतन को अर्पित की थी
देव .....है ये सायद उस विस्फोट में बच गया जब शीतन की मूर्ति नस्ट हुए थी तब
सपना ....यहाँ का समय अलग कीजिये ताकि सब कुछ समय विश्राम कर सके
देव .....जो हमको महारानी साहिबा
देव पहले के जैसे हे मायावी दुनिया को परतवि लोक के समय से अलग कर देता है कुछ चंगेस के साथ
देव .....अब सब विश्राम करो बलि सब बाते बाद में करेंगे
देव अपने इच्छा अनुसार महल में बने रूम में चले गए आराम करने
वही सिंह अपने शेरनी के खयालो में खोया हुआ था
रुद्रांश .....लगे रहो भाई सीमा बहुत जल्द वो खवाबो की शेरनी तुम्हारे साथ होगी
सिंह .....प्रिंस भाई की कब दया होगी वही जाने ......
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ........
अपडेट में छोटी मोती गलती इग्नोर कारनामे फ्रेंड्स
नेक्स्ट अपडेट परसो आएगा भाई लोगो
अब से एक दिन इस स्टोरी पे आवर एक दिन दूसरी स्टोरी पे अपडेट आएगा ......