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Episode 08
रिवार्ड्स
रोसिए दीवार के साथ तक लगाए बैठी होती है, उसका जिस्म घूँसा बना होता है और वो अपनी टांगें मज़बूती से झप्पी होती है जबकि सिकंदर धीरे धीरे अपने खौफनाक क़दमों के साथ उसके करीब आता है.
उसकी आँखों में नदामत का एक सिलसिला चल पड़ता है जब वो सिकंदर को दहशत से देखती है.
वो पूरी तरह उदासी और be-basii में डूबी होती है जब वो सिकंदर को अपने सामने आधी भेड़िये की शकल में देखती है, ‘मैंने इसे यहाँ क्यों लाया? अब तो मेरी मौत पक्की है... पर जीने का भी क्या फ़ायदा? शायद एहि बेहतर है.’
मगर जैसे hi वो आँखें बंद करती है ताके मौत का सामना करे...
क्रैश!
एक शीशे का शीशा ज़ोर से toot’ta है जब सिकंदर उसमें से छलांग लगता है, शीशे के टुकड़े हर तरफ उड़ जाते हैं और कुछ सीधा रोसिए की तरफ आ रहे होते हैं.
रोसिए की आँखें हैरानी से पहात जाती हैं.
वो फ़ौरन अपना सर मोड़ती है और अपने हाथों से अपना चेहरा और सर छुपाने की कोशिश करती है जब उसे वह टूटे हुए शीशे उसकी तरफ आते नज़र आते हैं.
टुकड़े रोकने के बाद रोसिए फ़ौरन उठती है और खिड़की की तरफ देखती है.
सिकंदर एक जंगली जानवर की तरह भागता हुआ जंगल की तरफ जा रहा होता है.
ये देख कर रोसिए को थोड़ा हैरानी होती है, उसे एहसास होता है के सिकंदर ने किसी तरह अपनी हालत पर काबू प् लिया और मेन्शन छोड़ दिया. उसकी आँखों में एक हलकी सी रहत और ताज्जुब चमक उठता है.
‘वो वाक़ई इंसान है… कोई सुपरनैचरल इंसान को मारने में हिचकिचाता नहीं.’
‘मगर उसे क्या हुआ था?’ रोसिए सोचती है और उसका चेहरा उदास हो जाता है.
जब सिकंदर की पीठ जंगल में गायब हो जाती है, रोसिए पीछे देखती है और मुस्कराती है जब वो dekh’ti है के ट्रेनिंग रूम में हर जगह उसके नाखूनों के निशान बने हुए हैं.
वो अपने हाथों को कमर पे रखती है और नीचे होठ kaat’ti है, ‘अब मैं ये सब कैसे समझाउंगी?’
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सूरज अपनी रौशनी से दुनिया को रोशन करता है.
सूरज की चमक हर चीज़ को छू कर रोशन करती है जबकि सिकंदर की आँखें हलकी सी हरकत करती हैं. वो आँखें खोलता है और फ़ौरन उसे सूरज की रौशनी टकराती है.
सिकंदर अपना हाथ उठता है रौशनी से बचने के लिए और अपने आस पास के माहौल का जायज़ा लेता है.
कुछ दिएर बाद वो धीरे से उठता है.
"ुर्घः..." वो दर्द से कराहता है जब उसे महसूस होता है के उसका पूरा जिस्म जैसे टूट चूका हो.
वो अपने सीधे हाथ से अपनी दही तरफ की पसलियों को छू कर कहता है, "दर्द हो रहा है! लगता है टूट गयी है," वो चीखता है.
खरा होने के बावजूद, उसका सर अब भी घूम रहा होता है.
सिकंदर याद करने की कोशिश करता है के रात को क्या हुआ था, मगर अचानक उसे सब याद आता है और उसकी आँखें गोल हो जाती हैं.
रात का मंज़र उसके ज़ेहन में धुंधला सा उभर आता है.
"नहीं, नहीं, नहीं... मैं वेयरवोल्फ नहीं हूँ!" सिकंदर चीखता है जब उसकी आँखों में आंसू भर जाते हैं. वो ये तस्लीम नहीं कर प् रहा के वो अब इंसान नहीं रहा.
वो ज़मीन को जोर से पकड़ता है, उसके इमोशंस में गुस्सा सबसे ज़्यादा होता है.
उसके बाज़ुओं और गर्दन की रग्गेन उभर जाती हैं जब वो ज़मीन में अंगूठा घूंट है, "राररगह!!" वो चीखता है उदासी से.
जबकि वो यकीन नहीं करना चाहता, उसे सब कुछ साफ़ याद है.
सिकंदर ज़मीन पर गिर जाता है, अपना सर पकड़ता है, ‘कैसी मज़ाक है तक़दीर का... जिसको सबसे ज़्यादा नफरत की, मैं वही बन गया...’ वो अपनी हालत पर हंस देता है.
फिर अचानक उसे कुछ याद आता है, ‘सिस्टम?!’
जैसे hi वो ‘सिस्टम’ सोचता है, एक होलोग्राम नोटिफिकेशन उसके सामने उभर आता है. और एक नयी इंटरफ़ेस सामने आ जाती है जो उसे हैरान कर देती है.
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<ट्रांसफॉर्मेशन रिवार्ड्स>
ट्रांसफॉर्मेशन टाइम: 4 घंटे 27 मिनट
Full-Moon टाइप: ब्लड मून
ब्लड मून इफ़ेक्ट:
यूजर के स्टैट्स में 500% इज़ाफ़ा
सनीति स्टैट्स में 30% कमी
बर्सर्क स्टैट्स में 40% इज़ाफ़ा
ब्लड मून के दौरान यूजर ग़ुस्से और खून की भूख में दीवाना हो जाता है!
रिवार्ड्स: 420 ऍक्स्प और ग्राउंड स्प्लिंटर स्किल
<लेवल उप!>
<लेवल उप!>
<लेवल उप!>
<तमाम स्टैट्स में +3>
<9 ात्त्रिभुताब्ले स्टैट्स हासिल हुए>
<तालों ऑफ़ बैलिस्टिक गरुड़ हासिल हुई>
<मुबारक हो! आप ने raah-e-behisaab ताक़त की शुरुआत कर दी है!>
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सिकंदर आँखों में हैरानी के साथ नोटिफिकेशन्स देखता है. अब भी सब कुछ उसे झूट लग रहा होता है.
मगर वो जल्द अपने होश में आता है, "मुझे ये ताक़त नहीं चाहिए! मैं कोई सुपरनैचरल नहीं बनना चाहता! मेरे जिस्म से निकल जाओ!" वो गुस्से से चीखता है.
मगर:
<ुनाबले तो एक्सेक्यूटे ऑर्डर्स>
ये देख कर सिकंदर का गुस्सा आस्मां को छू लेता है. वो ज़मीन से एक टूटे हुए लकड़ी उठता है जो तेज़ किनारा रखती है, "अगर तू मेरे अंदर से नहीं निकलेगा, तो मैं अपना काम ख़तम कर दूंगा!"
मगर जैसे hi वो खुद को मारने वाला होता है, उसका हाथ रुक जाता है.
उसके ज़ेहन में एक फ़्लैश आता है – उसके माँ बाप की मौत का मंज़र, और उस भेड़िये का दरिन्दाना चेहरा.
वो भेड़िया जिसका हंसना उसे आज तक नींद में सताता है.
उस भेड़िये को याद करके सिकंदर का सांस लेना तेज़ हो जाता है, वो धीरे से लकड़ी नीचे रख देता है.
‘मैं अभी नहीं मर सकता...’ वो सोचता है.
तब एक और नोटिफिकेशन आता है:
<तो किल मॉन्स्टर्स, यू हैवे तो बे ओने>
एक सिंपल और गहरी बात जो सिकंदर के दिल तक उतर जाती है. उसे एहसास होता है के उसकी सोच ग़ुस्से से धुंदली हो गयी थी... मगर अब सब साफ़ हो गया है.
‘हाँ... कोई बात नहीं अगर मैं भी उन जैसों बन जाऊं. जब तक मुझे ताक़त मिल रही है उन्हें मारने की... एहि काफी है.’
सिकंदर की आँखों में नफरत और इरादे की चमक होती है.
‘मैं इस ताक़त का इस्तेमाल करूँगा तकय सुपरनतुरलस का naam-o-nishaan मिटा दूँ... और जब सब ख़तम हो जाए... तब मैं खुद को ख़तम कर दूंगा.’
वो उठता है और सिस्टम से पूछता है, ‘सिस्टम, क्या तू मुझे वाक़ई ताक़तवर बनाएगा?’
<यस>
‘क्या मैं इस ताक़त से जो चाहूँ वो कर सकता हूँ?’
<यस>
ये देख कर उसकी आँखों में खौफनाक चमक आ जाती है.
फिर उसके ज़ेहन में एक और सवाल आता है:
‘अगर तू मुझे सुपरनैचरल पावर दे रहा है, तो क्या इसका मतलब तू भी सुपरनैचरल साइड में है?’
‘क्या फ़र्क़ पड़ता है के मैं किस साइड में हूँ?’
<यूजर जो चाहे कर सकता है – चाहे इंसानों को मारना हो या सुपरनतुरलस को, दोनों पर इनाम मिलेगा>
ये पढ़ते hi सिकंदर के होंठों पर एक दीवाना सा मुस्कराहट उभर आता है.
सब कुछ क्लियर होने के बाद, वो आस पास देखता है – जगह अब भी toot-phoot में डूबी होती है, ‘सबसे पहले, यहाँ से निकलते हैं.’
जैसे hi वो चलता है, दर्द से रुक जाता है, ‘रिब्स तो वाक़ई टूट चुकी हैं...’
<रिकवरी एस्टिमेशन: 9 घंटे>
‘रेगेनेरशन होना फ़ायदा मंद है...’ वो सोचता है और घर लौटने का फैसला करता है.
रास्ते में कोई नया हादसा नहीं होता, लेकिन लोग उसे घूर कर देखते हैं.
‘ट्रांसफॉर्मेशन के दौरान मेरी शर्ट पहात गयी थी, मैं उन्हें जज नहीं कर सकता.’
अपनी सूरत देखते हुए, वो खुद हैरान होता है के किसी ने उसे अब तक भीक क्यों नहीं दी.
चलते चलते उसे रात की बात याद आती है...
‘ओह हाँ! मुझे रोसिए को ढूंढना होगा, उसे कहना होगा के वो जो कुछ देखा उसे छुपाये, वर्ण मैं इंसानों में नहीं रह सकता.’
मगर फिर अचानक:
---
<सुद्दीन क्वेस्ट!>
यूजर ने ब्लड मून के दौरान कण्ट्रोल खोया और रोसिए को यूजर के सुपरनैचरल होने का पता चल गया. यक़ीन दिलाएं के रोसिए यूजर की असलियत का राज़ रखे.
रिवॉर्ड: 1000 ऍक्स्प और 1 स्किल अपग्रेड
फेलियर: तुम्हें अकोस्टा फॅमिली शिकार बनाएगी
टाइम लिमिट: 14 दिन
"हम्म? क्या मैंने सिर्फ रोसिए के बारे में सोच कर कोई क्वेस्ट ट्रिगर कर लिया? चाहे यह क्वेस्ट हो या नहीं, मुझे यह यक़ीन करना होगा के रोसिए ने किसी को कुछ नहीं बताया," सिकंदर ने सोचते हुए सुद्दीन क्वेस्ट को देखा.
सोच में घूमे हुए, उसे पता भी नहीं चला के वह अपने घर के सामने खरा था.
घर एक आम दो मंज़िला माकन था जिसमे तीन बैडरूम थे. अंदर जाते hi एक आराम देह लिविंग रूम नज़र आया जिसमे एक सफ़ेद सोफे, सामने दीवार पर टीवी और उसके नीचे एक छोटा फायरप्लेस था.
सालों फ़ौज में रह कर वापस आना, घर का नज़ारा देख कर सिकंदर को नास्टैल्जिया महसूस हुआ.
दरवाज़ा खुलते hi उसकी माँ, मरस. ग्रीन, किचन से झांकती हैं.
"ओह, सिकंदर! तुम कहाँ थे?" मरस. ग्रीन ने एक शोख़िया भरी मुस्कराहट के साथ पुछा. उन्हों ने उसे सर से पाऊँ तक देखा और कल के मुकाबले में उसकी सूरत हल कुछ और hi थी.
सिकंदर ने तुरंत कोई वजह सोची और जवाब दिया,
"रोसिए अचानक बीमार हो गयी थी, तोह मैं उसे घर छोड़ने गया था."
वह मुस्करा कर झूट बोलने की कोशिश करता है.
लेकिन मरस. ग्रीन के चेहरे पर मज़ीद मिस्चिएवोउस मुस्कराहट देख कर लगता था के उनको यक़ीन नहीं आया.
"वाक़ई? मुझे तोह लगता है तुम झूट बोल रहे हो."
वह शक भरी नज़रों से उसके पास आयीं.
फिर अचानक वह उसका कोहनी पकड़ कर धीरे से हंस कर बोली,
"आज कल के जवान तोह वाक़ई बोल्ड हो गए हैं... पहली बार उस से मिले और वह तुम्हें अपने घर तक ले गयी?"
"क्या?! नहीं माँ, मैं बस—" सिकंदर का चेहरा सुर्ख हो गया, लेकिन उसकी बात मुकम्मल होने से पहले hi...
"हाँ हाँ! मुझे झूट मत बोलो. मगर बताओ ज़रा, वह कितनी तेज़ थी के तुम्हारे कपड़े भी बचा नहीं पाए!" मरस. ग्रीन ने हंस कर कहा. वह मज़ा ले रही थी सिकंदर के शर्म से भरे चेहरे का.
"मा!!" सिकंदर चीख पड़ा शर्म से.
कुछ कहने का इंतज़ार किये बग़ैर वह सीधा अपने कमरे में भाग गया और दरवाज़ा बंद कर दिया. पीछे सिर्फ उसकी माँ की हंसी रह गयी.
---
अपने कमरे में आते hi, सिकंदर सीधा बीएड पर मुँह के बल गिर गया.
"थक गया हूँ... घर आना ाचा लगा," उसने धीरे से कहा.
लेकिन फिर उसे याद आया के उसे सिस्टम से कुछ रिवार्ड्स मिले थे.
सिकंदर ने सिस्टम को बुलाया और सीधा स्टैट्स तब पर गया.
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<स्टैट्स>
नाम: सिकंदर सिल्वेर्स्टर
लेवल: 4 (20/300)
रेस: Half-Blood (वेयरवोल्फ)
Full-Moon: 27 दिन - डार्क मून
बर्सर्क: 60%
सनीति: 58%
मेन्टल: 2
स्ट्रेंथ: 12
अगिलिटी: 10
ेंदुराने: 9
इंटेलिजेंस: 0
ात्त्रिभुताब्ले स्टैट्स: 9
<आम इंसान के पास हर स्टेट में 5-7 पॉइंट्स होते हैं सिवाए इंटेलिजेंस के>
---
सिकंदर ने देखा के Full-Moon का हिंसा ब्लड मून से डार्क मून में बदल गया था.
"तोह यह बताता है के अगली फुल मून कब है... लेकिन इसका असर क्या होगा? शायद अनजाने में फिर से ट्रांसफॉर्म होने से बचा सकता हूँ," उसने सोचा.
बर्सर्क और सनीति में इज़ाफ़ा हुआ था, लेकिन इसका मतलब अभी भी उसे समझ नहीं आया.
"सनीति का लेना देना Full-Moon से है... और मेन्टल स्टेट उसमें शामिल होती है," उसने याद किया.
इंटेलिजेंस स्टेट में पॉइंट्स डालने की कोशिश की लेकिन सिस्टम ने मन कर दिया:
<ुनाबले तो रेज इंटेलिजेंस स्टेट>
फिर उसने मेन्टल स्टेट में पॉइंट्स डाले – जो सक्सेसफुल रहा.
सिकंदर ने 3 पॉइंट्स मेन्टल में डाले, ताके उसकी सनीति बढ़ सके.
अब फिजिकल स्टैट्स पर ध्यान दिया: स्ट्रेंथ, अगिलिटी, और ेंदुराने.
थोड़ी देर सोच कर, उसने कहा:
"आज काफी सोच लिया... बाक़ी सब स्ट्रेंथ में दाल देता हूँ."
अपडेटेड स्टैट्स:
---
<स्टैट्स>
नाम: सिकंदर सिल्वेर्स्टर
लेवल: 4 (20/300)
रेस: Half-Blood (वेयरवोल्फ)
Full-Moon: 27 दिन - डार्क मून
बर्सर्क: 60%
सनीति: 58%
मेन्टल: 6
स्ट्रेंथ: 17
अगिलिटी: 10
ेंदुराने: 9
इंटेलिजेंस: 0
ात्त्रिभुताब्ले स्टैट्स: 0
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सिकंदर ने अपडेटेड स्टैट्स देख कर तसल्ली महसूस की. आँखें भरने लगी थी थकन की वजह से.
लेकिन फिर उसे याद आया:
"सिस्टम, तालों वाली चीज़ कहाँ है?"
सिस्टम ने जवाब दिया:
<आइटम्स जो रिवॉर्ड में मिलती हैं वह इन्वेंटरी तब में होती हैं>
सिकंदर ने इन्वेंटरी खोला, एक आइटम वहां था.
क्लिक करते hi उसे उसका डिस्क्रिप्शन मिल गया:
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<तालों ऑफ़ बैलिस्टिक गरुड़>
यह एक third-rank मुतातेड़ जानवर का तालों है. लोहे की तरह सख्त है, वेपन बनाने के काम आ सकता है. यह यूजर के क्लॉस को एनहान्स भी कर सकता है.
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"एनहान्स कर सकता है? कैसे?" सिकंदर ने सोचा.
फिर उसने तालों को वहां से निकाला – वह अचानक उसके हाथ में सॉकर बॉल के बराबर का तालों आ गया.
तालों का रंग सियाह था, भारी था और सूरज की रौशनी में चमक रहा था.
उसने तालों को अपने नाख़ून के करीब ले जाय, तोह एक नोटिफिकेशन आयी:
<क्या यूजर तालों ऑफ़ बैलिस्टिक गरुड़ से अपने क्लॉस एनहान्स करना चाहता है?>
"हाँ!" सिकंदर ने सोचा.
तालों उसके नाख़ून में घुल गया. थोड़ा दर्द हुआ लेकिन उसने बर्दाश्त किया.
फिर एक और नोटिफिकेशन आयी:
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<100 क्लॉ ऍक्स्प हासिल हुए>
<आपके क्लॉस का लेवल बढ़ गया है!>
<स्ट्रेंथ +3>
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सिकंदर की आँखें खुली की खुली रह गयी:
"मैं क्लॉस का लेवल बढ़ा सकता हूँ?! तोह क्या बाक़ी बॉडी पार्ट्स का भी?! यह तोह काफी आप है!"
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रिवार्ड्स
रोसिए दीवार के साथ तक लगाए बैठी होती है, उसका जिस्म घूँसा बना होता है और वो अपनी टांगें मज़बूती से झप्पी होती है जबकि सिकंदर धीरे धीरे अपने खौफनाक क़दमों के साथ उसके करीब आता है.
उसकी आँखों में नदामत का एक सिलसिला चल पड़ता है जब वो सिकंदर को दहशत से देखती है.
वो पूरी तरह उदासी और be-basii में डूबी होती है जब वो सिकंदर को अपने सामने आधी भेड़िये की शकल में देखती है, ‘मैंने इसे यहाँ क्यों लाया? अब तो मेरी मौत पक्की है... पर जीने का भी क्या फ़ायदा? शायद एहि बेहतर है.’
मगर जैसे hi वो आँखें बंद करती है ताके मौत का सामना करे...
क्रैश!
एक शीशे का शीशा ज़ोर से toot’ta है जब सिकंदर उसमें से छलांग लगता है, शीशे के टुकड़े हर तरफ उड़ जाते हैं और कुछ सीधा रोसिए की तरफ आ रहे होते हैं.
रोसिए की आँखें हैरानी से पहात जाती हैं.
वो फ़ौरन अपना सर मोड़ती है और अपने हाथों से अपना चेहरा और सर छुपाने की कोशिश करती है जब उसे वह टूटे हुए शीशे उसकी तरफ आते नज़र आते हैं.
टुकड़े रोकने के बाद रोसिए फ़ौरन उठती है और खिड़की की तरफ देखती है.
सिकंदर एक जंगली जानवर की तरह भागता हुआ जंगल की तरफ जा रहा होता है.
ये देख कर रोसिए को थोड़ा हैरानी होती है, उसे एहसास होता है के सिकंदर ने किसी तरह अपनी हालत पर काबू प् लिया और मेन्शन छोड़ दिया. उसकी आँखों में एक हलकी सी रहत और ताज्जुब चमक उठता है.
‘वो वाक़ई इंसान है… कोई सुपरनैचरल इंसान को मारने में हिचकिचाता नहीं.’
‘मगर उसे क्या हुआ था?’ रोसिए सोचती है और उसका चेहरा उदास हो जाता है.
जब सिकंदर की पीठ जंगल में गायब हो जाती है, रोसिए पीछे देखती है और मुस्कराती है जब वो dekh’ti है के ट्रेनिंग रूम में हर जगह उसके नाखूनों के निशान बने हुए हैं.
वो अपने हाथों को कमर पे रखती है और नीचे होठ kaat’ti है, ‘अब मैं ये सब कैसे समझाउंगी?’
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सूरज अपनी रौशनी से दुनिया को रोशन करता है.
सूरज की चमक हर चीज़ को छू कर रोशन करती है जबकि सिकंदर की आँखें हलकी सी हरकत करती हैं. वो आँखें खोलता है और फ़ौरन उसे सूरज की रौशनी टकराती है.
सिकंदर अपना हाथ उठता है रौशनी से बचने के लिए और अपने आस पास के माहौल का जायज़ा लेता है.
कुछ दिएर बाद वो धीरे से उठता है.
"ुर्घः..." वो दर्द से कराहता है जब उसे महसूस होता है के उसका पूरा जिस्म जैसे टूट चूका हो.
वो अपने सीधे हाथ से अपनी दही तरफ की पसलियों को छू कर कहता है, "दर्द हो रहा है! लगता है टूट गयी है," वो चीखता है.
खरा होने के बावजूद, उसका सर अब भी घूम रहा होता है.
सिकंदर याद करने की कोशिश करता है के रात को क्या हुआ था, मगर अचानक उसे सब याद आता है और उसकी आँखें गोल हो जाती हैं.
रात का मंज़र उसके ज़ेहन में धुंधला सा उभर आता है.
"नहीं, नहीं, नहीं... मैं वेयरवोल्फ नहीं हूँ!" सिकंदर चीखता है जब उसकी आँखों में आंसू भर जाते हैं. वो ये तस्लीम नहीं कर प् रहा के वो अब इंसान नहीं रहा.
वो ज़मीन को जोर से पकड़ता है, उसके इमोशंस में गुस्सा सबसे ज़्यादा होता है.
उसके बाज़ुओं और गर्दन की रग्गेन उभर जाती हैं जब वो ज़मीन में अंगूठा घूंट है, "राररगह!!" वो चीखता है उदासी से.
जबकि वो यकीन नहीं करना चाहता, उसे सब कुछ साफ़ याद है.
सिकंदर ज़मीन पर गिर जाता है, अपना सर पकड़ता है, ‘कैसी मज़ाक है तक़दीर का... जिसको सबसे ज़्यादा नफरत की, मैं वही बन गया...’ वो अपनी हालत पर हंस देता है.
फिर अचानक उसे कुछ याद आता है, ‘सिस्टम?!’
जैसे hi वो ‘सिस्टम’ सोचता है, एक होलोग्राम नोटिफिकेशन उसके सामने उभर आता है. और एक नयी इंटरफ़ेस सामने आ जाती है जो उसे हैरान कर देती है.
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<ट्रांसफॉर्मेशन रिवार्ड्स>
ट्रांसफॉर्मेशन टाइम: 4 घंटे 27 मिनट
Full-Moon टाइप: ब्लड मून
ब्लड मून इफ़ेक्ट:
यूजर के स्टैट्स में 500% इज़ाफ़ा
सनीति स्टैट्स में 30% कमी
बर्सर्क स्टैट्स में 40% इज़ाफ़ा
ब्लड मून के दौरान यूजर ग़ुस्से और खून की भूख में दीवाना हो जाता है!
रिवार्ड्स: 420 ऍक्स्प और ग्राउंड स्प्लिंटर स्किल
<लेवल उप!>
<लेवल उप!>
<लेवल उप!>
<तमाम स्टैट्स में +3>
<9 ात्त्रिभुताब्ले स्टैट्स हासिल हुए>
<तालों ऑफ़ बैलिस्टिक गरुड़ हासिल हुई>
<मुबारक हो! आप ने raah-e-behisaab ताक़त की शुरुआत कर दी है!>
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सिकंदर आँखों में हैरानी के साथ नोटिफिकेशन्स देखता है. अब भी सब कुछ उसे झूट लग रहा होता है.
मगर वो जल्द अपने होश में आता है, "मुझे ये ताक़त नहीं चाहिए! मैं कोई सुपरनैचरल नहीं बनना चाहता! मेरे जिस्म से निकल जाओ!" वो गुस्से से चीखता है.
मगर:
<ुनाबले तो एक्सेक्यूटे ऑर्डर्स>
ये देख कर सिकंदर का गुस्सा आस्मां को छू लेता है. वो ज़मीन से एक टूटे हुए लकड़ी उठता है जो तेज़ किनारा रखती है, "अगर तू मेरे अंदर से नहीं निकलेगा, तो मैं अपना काम ख़तम कर दूंगा!"
मगर जैसे hi वो खुद को मारने वाला होता है, उसका हाथ रुक जाता है.
उसके ज़ेहन में एक फ़्लैश आता है – उसके माँ बाप की मौत का मंज़र, और उस भेड़िये का दरिन्दाना चेहरा.
वो भेड़िया जिसका हंसना उसे आज तक नींद में सताता है.
उस भेड़िये को याद करके सिकंदर का सांस लेना तेज़ हो जाता है, वो धीरे से लकड़ी नीचे रख देता है.
‘मैं अभी नहीं मर सकता...’ वो सोचता है.
तब एक और नोटिफिकेशन आता है:
<तो किल मॉन्स्टर्स, यू हैवे तो बे ओने>
एक सिंपल और गहरी बात जो सिकंदर के दिल तक उतर जाती है. उसे एहसास होता है के उसकी सोच ग़ुस्से से धुंदली हो गयी थी... मगर अब सब साफ़ हो गया है.
‘हाँ... कोई बात नहीं अगर मैं भी उन जैसों बन जाऊं. जब तक मुझे ताक़त मिल रही है उन्हें मारने की... एहि काफी है.’
सिकंदर की आँखों में नफरत और इरादे की चमक होती है.
‘मैं इस ताक़त का इस्तेमाल करूँगा तकय सुपरनतुरलस का naam-o-nishaan मिटा दूँ... और जब सब ख़तम हो जाए... तब मैं खुद को ख़तम कर दूंगा.’
वो उठता है और सिस्टम से पूछता है, ‘सिस्टम, क्या तू मुझे वाक़ई ताक़तवर बनाएगा?’
<यस>
‘क्या मैं इस ताक़त से जो चाहूँ वो कर सकता हूँ?’
<यस>
ये देख कर उसकी आँखों में खौफनाक चमक आ जाती है.
फिर उसके ज़ेहन में एक और सवाल आता है:
‘अगर तू मुझे सुपरनैचरल पावर दे रहा है, तो क्या इसका मतलब तू भी सुपरनैचरल साइड में है?’
‘क्या फ़र्क़ पड़ता है के मैं किस साइड में हूँ?’
<यूजर जो चाहे कर सकता है – चाहे इंसानों को मारना हो या सुपरनतुरलस को, दोनों पर इनाम मिलेगा>
ये पढ़ते hi सिकंदर के होंठों पर एक दीवाना सा मुस्कराहट उभर आता है.
सब कुछ क्लियर होने के बाद, वो आस पास देखता है – जगह अब भी toot-phoot में डूबी होती है, ‘सबसे पहले, यहाँ से निकलते हैं.’
जैसे hi वो चलता है, दर्द से रुक जाता है, ‘रिब्स तो वाक़ई टूट चुकी हैं...’
<रिकवरी एस्टिमेशन: 9 घंटे>
‘रेगेनेरशन होना फ़ायदा मंद है...’ वो सोचता है और घर लौटने का फैसला करता है.
रास्ते में कोई नया हादसा नहीं होता, लेकिन लोग उसे घूर कर देखते हैं.
‘ट्रांसफॉर्मेशन के दौरान मेरी शर्ट पहात गयी थी, मैं उन्हें जज नहीं कर सकता.’
अपनी सूरत देखते हुए, वो खुद हैरान होता है के किसी ने उसे अब तक भीक क्यों नहीं दी.
चलते चलते उसे रात की बात याद आती है...
‘ओह हाँ! मुझे रोसिए को ढूंढना होगा, उसे कहना होगा के वो जो कुछ देखा उसे छुपाये, वर्ण मैं इंसानों में नहीं रह सकता.’
मगर फिर अचानक:
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<सुद्दीन क्वेस्ट!>
यूजर ने ब्लड मून के दौरान कण्ट्रोल खोया और रोसिए को यूजर के सुपरनैचरल होने का पता चल गया. यक़ीन दिलाएं के रोसिए यूजर की असलियत का राज़ रखे.
रिवॉर्ड: 1000 ऍक्स्प और 1 स्किल अपग्रेड
फेलियर: तुम्हें अकोस्टा फॅमिली शिकार बनाएगी
टाइम लिमिट: 14 दिन
"हम्म? क्या मैंने सिर्फ रोसिए के बारे में सोच कर कोई क्वेस्ट ट्रिगर कर लिया? चाहे यह क्वेस्ट हो या नहीं, मुझे यह यक़ीन करना होगा के रोसिए ने किसी को कुछ नहीं बताया," सिकंदर ने सोचते हुए सुद्दीन क्वेस्ट को देखा.
सोच में घूमे हुए, उसे पता भी नहीं चला के वह अपने घर के सामने खरा था.
घर एक आम दो मंज़िला माकन था जिसमे तीन बैडरूम थे. अंदर जाते hi एक आराम देह लिविंग रूम नज़र आया जिसमे एक सफ़ेद सोफे, सामने दीवार पर टीवी और उसके नीचे एक छोटा फायरप्लेस था.
सालों फ़ौज में रह कर वापस आना, घर का नज़ारा देख कर सिकंदर को नास्टैल्जिया महसूस हुआ.
दरवाज़ा खुलते hi उसकी माँ, मरस. ग्रीन, किचन से झांकती हैं.
"ओह, सिकंदर! तुम कहाँ थे?" मरस. ग्रीन ने एक शोख़िया भरी मुस्कराहट के साथ पुछा. उन्हों ने उसे सर से पाऊँ तक देखा और कल के मुकाबले में उसकी सूरत हल कुछ और hi थी.
सिकंदर ने तुरंत कोई वजह सोची और जवाब दिया,
"रोसिए अचानक बीमार हो गयी थी, तोह मैं उसे घर छोड़ने गया था."
वह मुस्करा कर झूट बोलने की कोशिश करता है.
लेकिन मरस. ग्रीन के चेहरे पर मज़ीद मिस्चिएवोउस मुस्कराहट देख कर लगता था के उनको यक़ीन नहीं आया.
"वाक़ई? मुझे तोह लगता है तुम झूट बोल रहे हो."
वह शक भरी नज़रों से उसके पास आयीं.
फिर अचानक वह उसका कोहनी पकड़ कर धीरे से हंस कर बोली,
"आज कल के जवान तोह वाक़ई बोल्ड हो गए हैं... पहली बार उस से मिले और वह तुम्हें अपने घर तक ले गयी?"
"क्या?! नहीं माँ, मैं बस—" सिकंदर का चेहरा सुर्ख हो गया, लेकिन उसकी बात मुकम्मल होने से पहले hi...
"हाँ हाँ! मुझे झूट मत बोलो. मगर बताओ ज़रा, वह कितनी तेज़ थी के तुम्हारे कपड़े भी बचा नहीं पाए!" मरस. ग्रीन ने हंस कर कहा. वह मज़ा ले रही थी सिकंदर के शर्म से भरे चेहरे का.
"मा!!" सिकंदर चीख पड़ा शर्म से.
कुछ कहने का इंतज़ार किये बग़ैर वह सीधा अपने कमरे में भाग गया और दरवाज़ा बंद कर दिया. पीछे सिर्फ उसकी माँ की हंसी रह गयी.
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अपने कमरे में आते hi, सिकंदर सीधा बीएड पर मुँह के बल गिर गया.
"थक गया हूँ... घर आना ाचा लगा," उसने धीरे से कहा.
लेकिन फिर उसे याद आया के उसे सिस्टम से कुछ रिवार्ड्स मिले थे.
सिकंदर ने सिस्टम को बुलाया और सीधा स्टैट्स तब पर गया.
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<स्टैट्स>
नाम: सिकंदर सिल्वेर्स्टर
लेवल: 4 (20/300)
रेस: Half-Blood (वेयरवोल्फ)
Full-Moon: 27 दिन - डार्क मून
बर्सर्क: 60%
सनीति: 58%
मेन्टल: 2
स्ट्रेंथ: 12
अगिलिटी: 10
ेंदुराने: 9
इंटेलिजेंस: 0
ात्त्रिभुताब्ले स्टैट्स: 9
<आम इंसान के पास हर स्टेट में 5-7 पॉइंट्स होते हैं सिवाए इंटेलिजेंस के>
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सिकंदर ने देखा के Full-Moon का हिंसा ब्लड मून से डार्क मून में बदल गया था.
"तोह यह बताता है के अगली फुल मून कब है... लेकिन इसका असर क्या होगा? शायद अनजाने में फिर से ट्रांसफॉर्म होने से बचा सकता हूँ," उसने सोचा.
बर्सर्क और सनीति में इज़ाफ़ा हुआ था, लेकिन इसका मतलब अभी भी उसे समझ नहीं आया.
"सनीति का लेना देना Full-Moon से है... और मेन्टल स्टेट उसमें शामिल होती है," उसने याद किया.
इंटेलिजेंस स्टेट में पॉइंट्स डालने की कोशिश की लेकिन सिस्टम ने मन कर दिया:
<ुनाबले तो रेज इंटेलिजेंस स्टेट>
फिर उसने मेन्टल स्टेट में पॉइंट्स डाले – जो सक्सेसफुल रहा.
सिकंदर ने 3 पॉइंट्स मेन्टल में डाले, ताके उसकी सनीति बढ़ सके.
अब फिजिकल स्टैट्स पर ध्यान दिया: स्ट्रेंथ, अगिलिटी, और ेंदुराने.
थोड़ी देर सोच कर, उसने कहा:
"आज काफी सोच लिया... बाक़ी सब स्ट्रेंथ में दाल देता हूँ."
अपडेटेड स्टैट्स:
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<स्टैट्स>
नाम: सिकंदर सिल्वेर्स्टर
लेवल: 4 (20/300)
रेस: Half-Blood (वेयरवोल्फ)
Full-Moon: 27 दिन - डार्क मून
बर्सर्क: 60%
सनीति: 58%
मेन्टल: 6
स्ट्रेंथ: 17
अगिलिटी: 10
ेंदुराने: 9
इंटेलिजेंस: 0
ात्त्रिभुताब्ले स्टैट्स: 0
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सिकंदर ने अपडेटेड स्टैट्स देख कर तसल्ली महसूस की. आँखें भरने लगी थी थकन की वजह से.
लेकिन फिर उसे याद आया:
"सिस्टम, तालों वाली चीज़ कहाँ है?"
सिस्टम ने जवाब दिया:
<आइटम्स जो रिवॉर्ड में मिलती हैं वह इन्वेंटरी तब में होती हैं>
सिकंदर ने इन्वेंटरी खोला, एक आइटम वहां था.
क्लिक करते hi उसे उसका डिस्क्रिप्शन मिल गया:
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<तालों ऑफ़ बैलिस्टिक गरुड़>
यह एक third-rank मुतातेड़ जानवर का तालों है. लोहे की तरह सख्त है, वेपन बनाने के काम आ सकता है. यह यूजर के क्लॉस को एनहान्स भी कर सकता है.
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"एनहान्स कर सकता है? कैसे?" सिकंदर ने सोचा.
फिर उसने तालों को वहां से निकाला – वह अचानक उसके हाथ में सॉकर बॉल के बराबर का तालों आ गया.
तालों का रंग सियाह था, भारी था और सूरज की रौशनी में चमक रहा था.
उसने तालों को अपने नाख़ून के करीब ले जाय, तोह एक नोटिफिकेशन आयी:
<क्या यूजर तालों ऑफ़ बैलिस्टिक गरुड़ से अपने क्लॉस एनहान्स करना चाहता है?>
"हाँ!" सिकंदर ने सोचा.
तालों उसके नाख़ून में घुल गया. थोड़ा दर्द हुआ लेकिन उसने बर्दाश्त किया.
फिर एक और नोटिफिकेशन आयी:
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<100 क्लॉ ऍक्स्प हासिल हुए>
<आपके क्लॉस का लेवल बढ़ गया है!>
<स्ट्रेंथ +3>
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सिकंदर की आँखें खुली की खुली रह गयी:
"मैं क्लॉस का लेवल बढ़ा सकता हूँ?! तोह क्या बाक़ी बॉडी पार्ट्स का भी?! यह तोह काफी आप है!"
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