- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 146,310
अपडेट 18
अलीना की आँख सुबह 5 बजे खुल गयी
और उसने देखा
की मैं उससे नंगा लिप्त हुआ हूँ
उसने मेरे सर पे किश किया
अलीना
रोहित
रोहित
रोहित
मैं
सोने दो न
अलीना
तुम बिना कपड़ो के सोये हो
मैं
तुम भी सो जाओ
अलीना
पागल माँ और बहने भी यही पे सोई हैं
मैं
क्या मुसीबत है
मैं उठा
रूम में अँधेरा था
बहार में जो लाइट जल रही थी
उसकी रौशनी आरही थी रूम में
मैं उसे किश किया
और फिर खड़ा हो गया
तभी अलीना के नजर मेरे लुंड पे पड़ी
वह कुछ नहीं बोली
और अपनी नजरें नीचे कर ली
मैं
वाह बीवी आज शर्मा रही हो
अलीना
यह लो चादर और लपेट के जाओ
मैं
सोने भी नहीं देती चैन से
अलीना
मैं अपने लिए नहीं कह रही
इस हालत में तुम्हें देखेंगी माँ
तोह बोलेंगी कुछ नहीं
लेकिन उन्हें दुःख होगा
मैं
माँ को दुःख कब नहीं होता
उनका तोह काम hi यही है
अलीना
ऐसा क्यों बोलते हो
अब तोह तुम्हारे बीच सब कुछ ठीक हो चूका है
मैं
तुम नहीं समझोगी
यह बोलके मैं छोटे चाचा के रूम में जाके सो गया
मीरा चची अब ठीक हो चुकी थी
जैसे hi उनकी नजर मुझपे पड़ी
वह मुझे देखने लगी
मीरा मन में
कमीना कहीं का
ऐसा हालत तोह सुहागरात के अगले दिन भी नहीं हुई थी
जैसा तूने मेरा कल किया था
तभी मीरा चची को महसूस हुआ
की उनकी बूर पानी बहाने लगी है
कलमुही तुझे भी चैन नहीं है
मैं करवट लिया
मीरा चची फिरसे सो गयी
कुछ देर बाद रेखा चची की आँख खुली
और उन्होंने मेरे लुंड को देखा
फिर मेरे ऊपर चादर डालके चली गयी
कुछ देर बाद मेघा चची की आँख खुली
और उन्होंने मेरे लुंड को देखा
पहले उन्होंने गेट लॉक किया
फिर मेरे पास आयी
और मेरे लुंड को पकड़के देखने लगी
मीरा
कलमुहे तूने तोह मेरी हालत hi ख़राब कर दी है
काश तेरे चाचा होते यहाँ
मेरा बहुत मन कर रहा है
तभी मेघा चची को आवाज आयी
और वह जल्दी से मेरे ऊपर चादर डालके
गेट खोलके चली गयी
मीरा चची बीएड से नीचे उत्तरी और मेरे पास आयी
एक बार मुझे देखा
फिर चली गयी
आज काजल बुआ करीना को लेके दिल्ली जा रही थी
उसका एग्जाम था न
हमेशा की तरह पायल बर्तन धो रही थी
अलीना नेहा बुआ राधा दीदी और अलका दीदी
रसोई में थी
मैं अपनी कमर पे चादर लपेटके आँगन में आके बैठ गया
और उबासी लेने लगा
तभी मेरी नजर कोमल दीदी पे पड़ी
जो फ़ोन चला रही थी
मैं
रसोई में हाथ भी बता दिया करो
कोमल दीदी ने यह सोचा की वह मुझे इग्नोर कर सकती है
मैं पायल के पास गया
उसने नजरें उठके देखि
तभी उसकी नजर मेरे शरीर पे पड़ी
बॉडी तोह हम बढ़िया बनाया था
मज़ेदार
वह थूक निगलके रह गयी
मैं
कोमल दीदी को कुछ समझा
वह मेरी बात नहीं सुनती
यह सुनके पायल कड़ी हुई
और कोमल को घूरके देखि
कोमल अब भी फ़ोन में लगी हुई थी
पायल कोमल के पास गयी
कोमल ने एक बार पायल को देखा
और फिरसे फ़ोन में लग गयी
एक ज़ोरदार थप्पड़ मारा कोमल को पायल ने
कोमल की आँखों में आंसू आगये
पायल
मेरे पति की बात क्यों नहीं सुनती तू
कमीनी दिन भर फ़ोन में लगी रहती है
जो उन्होंने बोलै है कर जाके
कोमल रट हुए
इसी लिए आपकी यह हालत है
पायल ने एक बार फिर कोमल को मारा
कोमल रोने लगी
सबने जब कोमल के रोने की आवाज सुनी
तोह बहार आगयी
दादी
क्या हुआ कोमल
क्यों रो रही है
कोमल
दादी देखो न पायल दीदी बेवजह मुझे मार रही हैं
सीमा चची यह सुनके गुस्से में बोली
करमजली कुट्टी कमीनी
क्यों सुबह सुबह उसे मार रही है
पायल
मारु नहीं तोह आरती उतारू
हर वक़्त फ़ोन में लगी रहती है
घर का कुछ काम भी नहीं करती
सीमा चची
रुक जा तू
बहुत सर पे चढ़ रही है तू
वह क्या सीमा चची को कुछ ज्यादा hi लगाव था कोमल दीदी से
वह पायल की तरफ बढ़ी उसे मारने के लिए
मैं
कहाँ चची
कहाँ
उसे हाथ सिर्फ मैं लगा सकता हूँ
सीमा छाछ कुछ नहीं बोली
tabhi.main काजल बुआ को देखा
मैं
बुआ तुम गयी नहीं अब तक
काजल बुआ
एक घंटे बाद गाडी आएगी बीटा
कुछ देर बाद
मैं नाश्ता कर रहा था
अलीना मेरे पास बैठी थी
अलीना
अच्छे से खाओ
आज कल कमज़ोर हो गए हो
मैं
तुम दूध नहीं पिलाती अब
इसी लिए कमज़ोर हो गया हूँ
अलीना
तुम hi नहीं पीते
पता नहीं कहाँ ध्यान रहता है
आज कल तुम्हारा
यह बोलके वह दूसरी तरफ देखने लगी
मैं
अब तोह ताने भी मारने लगी हो
और मैं उसे किश किया
अलीना
खा लो पहले
मैं नाश्ता किया
और फिर अलका दीदी आयी प्लेट लेने
तभी मेरी नजर उनके दूध पे पड़ी
मैं खो सा गया
अलका दीदी का तोह पहले ध्यान नहीं गया
लेकिन जब उन्हें पता चला
वह मुंह बनके चली गयी
और फिर मेरी नजर अलीना पे पड़ी
वह मुझे ऐसे देख रही थी
जैसे अभी खा जायेगी
तभी किसी ने मुख्या द्वार की माँ छोड़नी शुरू कर दी
ज़ोर ज़ोर से पीते जा रहा था कोई गेट
सिया गयी गेट खोलने और तभी सोनल मेरी साली
रट हुए अंदर आयी
मेरे पास पहुंची
सोनल
भैया मीनल को जान से मार देंगे
उन्होंने उसे बहुत मारा
मैं
इसकी माँ का दूध
यह बोलके मैं दौड़ने लगा
अब सरपंच का घर गाओं के दूसरी तरफ था
मैं भागता हुआ वहां पहुंचा
देखा वह मादरचोद मेरा साला पूर्ण
मीनल के ऊपर मिटटी का तेल दाल रहा था
मैं गुस्से में उसकी तरफ बढ़ा
और एक हाथ मारा उसके कान के नीचे
उसकी आँखों के सामने अँधेरा छ गया
मैं उसके गले को पकड़ा
और उठके उसे ज़मीन पे दे मारा
उसकी चीख निकल गयी
मैं उसे छोड़ मीनल को उठाया
वह मुझसे लिपटके रोने लगी
मार मार का उसका चेहरा सुजा दिया था
मैं चीखा
और फिर पूर्ण के पास पहुंचके उसे उठाया
उसके पेट में पंच मारा
फिर उसके चेहरे पे पंच मारा
और फिर उसे छोड़ दिया
मैं रसोई में गया
गैस सिलिंडर उठाया
और उसे पूर्ण के पास ले गया
मैं
मादरचोद बड़ा शौक है तुझे आग से खेलने का
तेरी यह मजाल की तू रोहित भाई की बीवी को हाथ लगाएगा
मादरचोद
तभी मेरी नजर रूम में पड़ी
उस भड़वे ने अपनी माँ और बीवी को रूम में बंद किया हुआ था
मैं एक लात उसे मारा
और फिर सिलिंडर को उसके ऊपर रख दिया
और फिर उसके ऊपर मिटटी के तेल का डब्बा उड़ेल दिया
मैं इधर उधर देखा
माचिस पे नजर पड़ी मेरी
पूर्ण को जब समझ आया की मैं क्या कर रहा hoon.tu उसकी गांड फैट गयी
वह रोने लगा
वहां उसकी माँ और बीवी चीख रही थी
मैं
साले दल्ले मादरचोद
तभी मीनल ने आके मेरे पेअर पकड़ लिए
मीनल
मेरे भैया को छोड़ दीजिये
छोड़ दीजिये
वह रट हुए बोली
मैं उसे उठाया
और फिर अपने सीने से लगा लिया
वह रोटी रही
कुछ देर बाद वह चुप हुई
मैं उसे लेके खाट पे बैठ गया
सोनल तब तक वापस आचुकी थी
और जाके उसने गेट खोला रूम का
सुनीता आगे बढ़ी और मीनल को अपने सीने से लगा ली
मैं
यह झूठे आंसू बहाना बंद करो
तुम जैसी भोसड़ी मैंने आज तक नहीं देखा
मीनल
माँ की कोई गलती नहीं है
भैया आज hi शहर से वापस आये थे
उन्होंने आते hi जब मेरी मांग में सिन्दूर देखा
तोह भड़क गए
भाभी ने उन्हें बता दिया
आपने जो किया
वह आपको गालिया देने लगे
मैंने उन्हें मन किया
तोह वह मुझे मारने लगे
मैं मीनल की भाभी को घूरके देखा
मैं
भोसड़ी तेरे अंदर बड़ी गर्मी है
चल आज तुझे कोठे पे छोड़ आता हूँ
वह दर से सेहम गयी
मैं
लेकिन यह तुझे जान से क्यों मारने वाला था
मीनल
वह ठाकुर साहब का आदेश है न
की गाओं का कोई भी लड़का और लड़की शादी नहीं कर सकते
और अगर किसी ने किया
तोह उसके पूरे परिवार को बीच गाओं में बांधके जला दिया जाएगा
मैं
और इस मादरचोद ने यह सोचा
की यह तेरी बलि देके
बाकी सबको बचा लेगा
मेरी सास सुनीता झेंप गयी
मुक्ति
माँ जे इनकी हालत बिगड़ रही है
मैं
मरने दे मादरचोद को
मुक्ति रोने लगी
मैं
चल अब तू यहाँ नहीं रहेगी
मेरे साथ रहेगी
मरने दे इन भोस्दियो को
मीनल
मेरे भैया को हॉस्पिटल ले जाइये न
मैं
तुझे भी तोह ले जाना पड़ेगा
मीनल
मैं ठीक हूँ
मैं पूर्ण की तरफ देखा
सुन मादरचोद आज के बाद अगर तूने कभी गलती से भी मेरी मीनल की तरफ देख भी लिया
तोह मारूंगा नहीं
ऐसी जगह भेजूंगा
जहाँ तू मौत की भीख मांगेगा
लेकिन मौत आएगी नहीं तुझे
मैं नीलम को मैसेज कर दिया
लेकिन आज तोह नीलम के साथ चमेली भी आयी थी
मैं नीलम को घुरा
नीलम
आपसे मिलने की ज़िद्द कर रही थी
मैं
इस भड़वे को हॉस्पिटल पहुंचा दो
और डॉक्टर को यहाँ भेज दो
लड़कियां पूर्ण को उठा के ले गयी
और उसके साथ उसकी जोरू भी गयी
नीलम भी गयी
मैं चमेली को अपने साथ आने को बोलै
और हम बहार आये
मैं
कहो क्यों मिलना था मुझसे
चमेली
मेरा वहां मन नहीं लगता
मुझे अपने घर जाना है
मैं
तोह चली जाओ
मैंने रोका है क्या
चमेली
ठाकुर
मैं
वह अब कुछ नहीं करेगा
चमेली
आपका उपकार मैं ज़िन्दगी भर नहीं भूलूंगी
आपको कभी भी मेरी जरूर पड़े
तोह मुझे जरूर याद कीजियेगा
मैं
वैसे तोह मुझे तुम्हारा दूध पीना था
लेकिन अब क्या कर सकते हैं
यह सुनते hi वह झेंप गयी
फार्महाउस पे नीलम और उसके साथ बाकी रह रही लड़कियों ने उसे मेरे बारे बता दिया था
जो भी वह मेरे बारे में जानती थी
और फिर चली गयी वह
मैं वापस घर में गया
और मीनल के गाल सहलाया
मैं
कितनी बेरहमी से मारा है मादरचोद ने
साले की माँ छोड़ दूँ मैं
वहीं मेरी सास बैठी थी
जो बुरी तरह से लज्जा गयी
मीनल
इतनी गन्दी बातें क्यों बोलते हैं आप
मुझे अच्छा नहीं लगता
मैं
ठीक है नहीं बोलता
तू उदास मत हो
सुनीता
सोनल दामाद जी के लिए कुछ खाने को ला
मैं
कोई जरुरत नहीं है
कुछ देर में एक डॉक्टर आयी
और मेरे सामने झुक गयी
जैसे मैं कोई राजा हूँ
डॉक्टर
मेरी बीवी को चेक करो
डॉक्टर ने मेरी बीवी को चेक kiya.use कुछ दवाई लिखके दी
फिर एक इंजेक्शन निकाली
मीनल रट हुए
मैं नहीं लगवाउंगी नहीं लगवाउंगी
मैं इंजेक्शन लिया
मैं
चल अब पेट के बल लेट
मीनल
आप मुझे जान से मार दीजिये
लेकिन मैं इंजेक्शन नहीं लगवाउंगी
मुझे बहुत दर लगता है
मैं
मुझपे भरोसा नहीं है तुझे
यह सुनके वह कुछ नहीं बोली
मैं
चल जल्दी कर
वह पेट के बल लेट गयी
मैं उसके कूल्हे में इंजेक्शन लगा दिया
मीनल
अब लगा भी दीजिये
मैं
लगा तोह दिया
मीनल
हैं
मुझे तोह पता hi नहीं चला
आप डॉक्टर भी हैं
मैं
हम आल इन ओने हैं
थैंक यू डॉक्टर
डॉक्टर फिरसे एक बार मेरे सामने झुकी
और फिर चली गयी
सोनल
यह यहाँ की डॉक्टर तोह नहीं लगती
मैं
शहर बुलवाया है
यह मेरे फार्महाउस पे hi रहती है
सोनल
आपका फार्महाउस भी है
मैं
और नहीं तोह क्या
चलना कभी घूमने
वह कुछ नहीं बोली
मैं कुछ देर वहीं बैठा रहा
सुनीता
चाय पीयेंगे
मैं
दूध पीला दीजिये
वह चली गयी
मीनल
मेरे बापू कैसे हैं
मैं
किस भड़वे का नाम ले लिया
मीनल
वह ठीक तोह हैं न
मैं
हाँ ठीक है
जब पूरी तरह से ठीक हो जाएगा
तोह आजायेगा
वहीं दूसरी तरफ मुखिया और सरपंच एक रूम में बंधे पड़े थे
वह भी नंगे
और कई लड़के बारी बारी उन दोनों की गांड मार रहे थे
मैं
मेरी माँ से मिलेगी
मीनल
जैसे आपको अच्छा लगे
मैं
चल फिर तैयार हो जा
ले चलता हूँ
वहीं आराम भी कर लियो
शाम में वापस ले आऊंगा तुझे
मीनल तैयार होक आगयी
मैं उसे लेके अपने घर पहुंचा
मैं ज़ोर से
माँ कहाँ हो
माँ रूम से बहार निकली
माँ ने मीनल को देखा
मैं
यह तुम्हारी बहु है
सरपंच की बिटिया
तुमसे मिलने आयी है
तभी माँ ने मीनल के चेहरे पे मार के निशाँ देखे
माँ मीनल को अपने पास आने का इशारा की
और फिर मीनल उनके पास गयी
उनके पेअर छुए
माँ ने बड़े प्यार से उसके सर पे हाथ फेरा
मैं
आप सब भी आजाओ
अपनी बीवी से मिलवाता हूँ
सब आँगन में जमा हो गयी
मैं मीनल को बताने लगा
की कौन मेरी क्या लगती है
मैं
सिया अपनी भाभी के पेअर छू
तभी मुझे सुनाई दिया
मधु बुआ दादी से बोल रही थी
माँ देखो तोह कितनी काली है
मैं
तुम्हारी बूर भी तोह काली है
उसको hi गोरा कर लो
मधु बुआ का खून खौल गया
नेहा बुआ
रोहित
मैं
हाँ तोह मेरी बीवी को काली क्यों बोल रही है बुआ
है तोह है
मधु बुआ रट हुए रूम में चली गयी
सिया
आओ भाभी
तुमको मैं अपना मैं घर दिखती हूँ
méenal ने अलीना को देखा
मीनल
यह कौन हैं
मैं
मेरी बीवी है
अलीना आगे बढ़ी और मीनल को अपने सीने से लगा ली
अलीना
यह अगर तुम्हें परेशां करे
तोह मुझे बताना
साला पार्टी बदल ली
राधा दीदी
कस्तूरी को भी ले आता
जब इसे लाया है तोह
मैं
हमें अपनी ज़िन्दगी में अशांति नहीं लानी है
वह साली बहुत तेज़ है
राधा दीदी
हाँ तोह तुझे कौनसा दर लगता है
मैं
दीदी हम मजबूर हूँ
राधा दीदी
क्यों
मैं
आप नहीं समझोगी
राधा दीदी
समझा न फिर
मैं
माँ राधा दीदी परेशां कर रही है
राधा
माँ ने आँख दिखाया दीदी को
कमीना कहीं का
मैं खाट पे लेट गया
पायल एक तरफ बैठी थी
मीनल उसके पास गयी
मीनल
आपके बारे में नहीं बताया इन्होने
मैं
है तोह मेरी बीवी hi
लेकिन इसको मैं अपनी रखेल भी न बनाऊ
भोसड़ी
पायल को बड़ा दुःख हुआ इस बात का
उसकी आँखों में आंसू आगये
बाकी सब तोह घर के थे
लेकिन मीनल के सामने उसे अपनी बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई
मीनल
ऐसा क्यों बोलते हैं
कितनी खूबसूरत तोह हैं
मैं
हाँ वह तोह है
यह बोलके मैं छोटे चाचा के रूम में घुस गया
तीनो चची टीवी देख रही थी
मैं उनके पास जाके बैठ गया
रेखा
आज हमारी कैसे याद आगयी रोहित
मैं
आपको भूला hi कब था चची
रेखा
वैसे कल तू गुस्से में ठाकुर के पास गया था
क्या हुआ वहां
मैं
उसकी माँ को
उसकी दोनों बीवी को
उसकी बहु को
उसके भाई की बीवी को
और उसकी बेहेन सिमरन सबको छोड़ डाला
यह सुनके चाचियों के होश उड़द गए
मीरा चची
क्या मतलब
मैं
मतलब अब ठाकुर के घर की औरतें मेरी रखेल हैं
मेघा चची
क्या फेकाम फेक रहा है
हलवा है क्या
मैं
लो देखो
मैं अपने फ़ोन में एक वीडियो प्ले किया
और उनकी तरफ कर दिया
वह सब आँखें फाड़े देखती रही
और तभी रेखा चची ने मुंह घुमा लिया
रेखा
नहीं देखना मुझे
मैं वीडियो बंद किया
मेघा चची
तूने उन सबके साथ एक बार में कर लिया
मैं
और नहीं तोह क्या
एक घंटे तक चुदाई करता हूँ मैं चची
रेखा चची
रोहित
मैं
हाँ तोह पूछ hi क्यों रही हो
मैं वहां से निकल गया
रेखा चची
कमीना कहीं का
मीरा चची को अब छोड़ने के मन करने लगा था
मीरा चची
दीदी मैं ललिता के यहाँ से होक आती हूँ
और मीरा चची चली गयी ललिता के यहाँ
मैं भी रिद्धिमा से मिलने निकल गया...
अलीना की आँख सुबह 5 बजे खुल गयी
और उसने देखा
की मैं उससे नंगा लिप्त हुआ हूँ
उसने मेरे सर पे किश किया
अलीना
रोहित
रोहित
रोहित
मैं
सोने दो न
अलीना
तुम बिना कपड़ो के सोये हो
मैं
तुम भी सो जाओ
अलीना
पागल माँ और बहने भी यही पे सोई हैं
मैं
क्या मुसीबत है
मैं उठा
रूम में अँधेरा था
बहार में जो लाइट जल रही थी
उसकी रौशनी आरही थी रूम में
मैं उसे किश किया
और फिर खड़ा हो गया
तभी अलीना के नजर मेरे लुंड पे पड़ी
वह कुछ नहीं बोली
और अपनी नजरें नीचे कर ली
मैं
वाह बीवी आज शर्मा रही हो
अलीना
यह लो चादर और लपेट के जाओ
मैं
सोने भी नहीं देती चैन से
अलीना
मैं अपने लिए नहीं कह रही
इस हालत में तुम्हें देखेंगी माँ
तोह बोलेंगी कुछ नहीं
लेकिन उन्हें दुःख होगा
मैं
माँ को दुःख कब नहीं होता
उनका तोह काम hi यही है
अलीना
ऐसा क्यों बोलते हो
अब तोह तुम्हारे बीच सब कुछ ठीक हो चूका है
मैं
तुम नहीं समझोगी
यह बोलके मैं छोटे चाचा के रूम में जाके सो गया
मीरा चची अब ठीक हो चुकी थी
जैसे hi उनकी नजर मुझपे पड़ी
वह मुझे देखने लगी
मीरा मन में
कमीना कहीं का
ऐसा हालत तोह सुहागरात के अगले दिन भी नहीं हुई थी
जैसा तूने मेरा कल किया था
तभी मीरा चची को महसूस हुआ
की उनकी बूर पानी बहाने लगी है
कलमुही तुझे भी चैन नहीं है
मैं करवट लिया
मीरा चची फिरसे सो गयी
कुछ देर बाद रेखा चची की आँख खुली
और उन्होंने मेरे लुंड को देखा
फिर मेरे ऊपर चादर डालके चली गयी
कुछ देर बाद मेघा चची की आँख खुली
और उन्होंने मेरे लुंड को देखा
पहले उन्होंने गेट लॉक किया
फिर मेरे पास आयी
और मेरे लुंड को पकड़के देखने लगी
मीरा
कलमुहे तूने तोह मेरी हालत hi ख़राब कर दी है
काश तेरे चाचा होते यहाँ
मेरा बहुत मन कर रहा है
तभी मेघा चची को आवाज आयी
और वह जल्दी से मेरे ऊपर चादर डालके
गेट खोलके चली गयी
मीरा चची बीएड से नीचे उत्तरी और मेरे पास आयी
एक बार मुझे देखा
फिर चली गयी
आज काजल बुआ करीना को लेके दिल्ली जा रही थी
उसका एग्जाम था न
हमेशा की तरह पायल बर्तन धो रही थी
अलीना नेहा बुआ राधा दीदी और अलका दीदी
रसोई में थी
मैं अपनी कमर पे चादर लपेटके आँगन में आके बैठ गया
और उबासी लेने लगा
तभी मेरी नजर कोमल दीदी पे पड़ी
जो फ़ोन चला रही थी
मैं
रसोई में हाथ भी बता दिया करो
कोमल दीदी ने यह सोचा की वह मुझे इग्नोर कर सकती है
मैं पायल के पास गया
उसने नजरें उठके देखि
तभी उसकी नजर मेरे शरीर पे पड़ी
बॉडी तोह हम बढ़िया बनाया था
मज़ेदार
वह थूक निगलके रह गयी
मैं
कोमल दीदी को कुछ समझा
वह मेरी बात नहीं सुनती
यह सुनके पायल कड़ी हुई
और कोमल को घूरके देखि
कोमल अब भी फ़ोन में लगी हुई थी
पायल कोमल के पास गयी
कोमल ने एक बार पायल को देखा
और फिरसे फ़ोन में लग गयी
एक ज़ोरदार थप्पड़ मारा कोमल को पायल ने
कोमल की आँखों में आंसू आगये
पायल
मेरे पति की बात क्यों नहीं सुनती तू
कमीनी दिन भर फ़ोन में लगी रहती है
जो उन्होंने बोलै है कर जाके
कोमल रट हुए
इसी लिए आपकी यह हालत है
पायल ने एक बार फिर कोमल को मारा
कोमल रोने लगी
सबने जब कोमल के रोने की आवाज सुनी
तोह बहार आगयी
दादी
क्या हुआ कोमल
क्यों रो रही है
कोमल
दादी देखो न पायल दीदी बेवजह मुझे मार रही हैं
सीमा चची यह सुनके गुस्से में बोली
करमजली कुट्टी कमीनी
क्यों सुबह सुबह उसे मार रही है
पायल
मारु नहीं तोह आरती उतारू
हर वक़्त फ़ोन में लगी रहती है
घर का कुछ काम भी नहीं करती
सीमा चची
रुक जा तू
बहुत सर पे चढ़ रही है तू
वह क्या सीमा चची को कुछ ज्यादा hi लगाव था कोमल दीदी से
वह पायल की तरफ बढ़ी उसे मारने के लिए
मैं
कहाँ चची
कहाँ
उसे हाथ सिर्फ मैं लगा सकता हूँ
सीमा छाछ कुछ नहीं बोली
tabhi.main काजल बुआ को देखा
मैं
बुआ तुम गयी नहीं अब तक
काजल बुआ
एक घंटे बाद गाडी आएगी बीटा
कुछ देर बाद
मैं नाश्ता कर रहा था
अलीना मेरे पास बैठी थी
अलीना
अच्छे से खाओ
आज कल कमज़ोर हो गए हो
मैं
तुम दूध नहीं पिलाती अब
इसी लिए कमज़ोर हो गया हूँ
अलीना
तुम hi नहीं पीते
पता नहीं कहाँ ध्यान रहता है
आज कल तुम्हारा
यह बोलके वह दूसरी तरफ देखने लगी
मैं
अब तोह ताने भी मारने लगी हो
और मैं उसे किश किया
अलीना
खा लो पहले
मैं नाश्ता किया
और फिर अलका दीदी आयी प्लेट लेने
तभी मेरी नजर उनके दूध पे पड़ी
मैं खो सा गया
अलका दीदी का तोह पहले ध्यान नहीं गया
लेकिन जब उन्हें पता चला
वह मुंह बनके चली गयी
और फिर मेरी नजर अलीना पे पड़ी
वह मुझे ऐसे देख रही थी
जैसे अभी खा जायेगी
तभी किसी ने मुख्या द्वार की माँ छोड़नी शुरू कर दी
ज़ोर ज़ोर से पीते जा रहा था कोई गेट
सिया गयी गेट खोलने और तभी सोनल मेरी साली
रट हुए अंदर आयी
मेरे पास पहुंची
सोनल
भैया मीनल को जान से मार देंगे
उन्होंने उसे बहुत मारा
मैं
इसकी माँ का दूध
यह बोलके मैं दौड़ने लगा
अब सरपंच का घर गाओं के दूसरी तरफ था
मैं भागता हुआ वहां पहुंचा
देखा वह मादरचोद मेरा साला पूर्ण
मीनल के ऊपर मिटटी का तेल दाल रहा था
मैं गुस्से में उसकी तरफ बढ़ा
और एक हाथ मारा उसके कान के नीचे
उसकी आँखों के सामने अँधेरा छ गया
मैं उसके गले को पकड़ा
और उठके उसे ज़मीन पे दे मारा
उसकी चीख निकल गयी
मैं उसे छोड़ मीनल को उठाया
वह मुझसे लिपटके रोने लगी
मार मार का उसका चेहरा सुजा दिया था
मैं चीखा
और फिर पूर्ण के पास पहुंचके उसे उठाया
उसके पेट में पंच मारा
फिर उसके चेहरे पे पंच मारा
और फिर उसे छोड़ दिया
मैं रसोई में गया
गैस सिलिंडर उठाया
और उसे पूर्ण के पास ले गया
मैं
मादरचोद बड़ा शौक है तुझे आग से खेलने का
तेरी यह मजाल की तू रोहित भाई की बीवी को हाथ लगाएगा
मादरचोद
तभी मेरी नजर रूम में पड़ी
उस भड़वे ने अपनी माँ और बीवी को रूम में बंद किया हुआ था
मैं एक लात उसे मारा
और फिर सिलिंडर को उसके ऊपर रख दिया
और फिर उसके ऊपर मिटटी के तेल का डब्बा उड़ेल दिया
मैं इधर उधर देखा
माचिस पे नजर पड़ी मेरी
पूर्ण को जब समझ आया की मैं क्या कर रहा hoon.tu उसकी गांड फैट गयी
वह रोने लगा
वहां उसकी माँ और बीवी चीख रही थी
मैं
साले दल्ले मादरचोद
तभी मीनल ने आके मेरे पेअर पकड़ लिए
मीनल
मेरे भैया को छोड़ दीजिये
छोड़ दीजिये
वह रट हुए बोली
मैं उसे उठाया
और फिर अपने सीने से लगा लिया
वह रोटी रही
कुछ देर बाद वह चुप हुई
मैं उसे लेके खाट पे बैठ गया
सोनल तब तक वापस आचुकी थी
और जाके उसने गेट खोला रूम का
सुनीता आगे बढ़ी और मीनल को अपने सीने से लगा ली
मैं
यह झूठे आंसू बहाना बंद करो
तुम जैसी भोसड़ी मैंने आज तक नहीं देखा
मीनल
माँ की कोई गलती नहीं है
भैया आज hi शहर से वापस आये थे
उन्होंने आते hi जब मेरी मांग में सिन्दूर देखा
तोह भड़क गए
भाभी ने उन्हें बता दिया
आपने जो किया
वह आपको गालिया देने लगे
मैंने उन्हें मन किया
तोह वह मुझे मारने लगे
मैं मीनल की भाभी को घूरके देखा
मैं
भोसड़ी तेरे अंदर बड़ी गर्मी है
चल आज तुझे कोठे पे छोड़ आता हूँ
वह दर से सेहम गयी
मैं
लेकिन यह तुझे जान से क्यों मारने वाला था
मीनल
वह ठाकुर साहब का आदेश है न
की गाओं का कोई भी लड़का और लड़की शादी नहीं कर सकते
और अगर किसी ने किया
तोह उसके पूरे परिवार को बीच गाओं में बांधके जला दिया जाएगा
मैं
और इस मादरचोद ने यह सोचा
की यह तेरी बलि देके
बाकी सबको बचा लेगा
मेरी सास सुनीता झेंप गयी
मुक्ति
माँ जे इनकी हालत बिगड़ रही है
मैं
मरने दे मादरचोद को
मुक्ति रोने लगी
मैं
चल अब तू यहाँ नहीं रहेगी
मेरे साथ रहेगी
मरने दे इन भोस्दियो को
मीनल
मेरे भैया को हॉस्पिटल ले जाइये न
मैं
तुझे भी तोह ले जाना पड़ेगा
मीनल
मैं ठीक हूँ
मैं पूर्ण की तरफ देखा
सुन मादरचोद आज के बाद अगर तूने कभी गलती से भी मेरी मीनल की तरफ देख भी लिया
तोह मारूंगा नहीं
ऐसी जगह भेजूंगा
जहाँ तू मौत की भीख मांगेगा
लेकिन मौत आएगी नहीं तुझे
मैं नीलम को मैसेज कर दिया
लेकिन आज तोह नीलम के साथ चमेली भी आयी थी
मैं नीलम को घुरा
नीलम
आपसे मिलने की ज़िद्द कर रही थी
मैं
इस भड़वे को हॉस्पिटल पहुंचा दो
और डॉक्टर को यहाँ भेज दो
लड़कियां पूर्ण को उठा के ले गयी
और उसके साथ उसकी जोरू भी गयी
नीलम भी गयी
मैं चमेली को अपने साथ आने को बोलै
और हम बहार आये
मैं
कहो क्यों मिलना था मुझसे
चमेली
मेरा वहां मन नहीं लगता
मुझे अपने घर जाना है
मैं
तोह चली जाओ
मैंने रोका है क्या
चमेली
ठाकुर
मैं
वह अब कुछ नहीं करेगा
चमेली
आपका उपकार मैं ज़िन्दगी भर नहीं भूलूंगी
आपको कभी भी मेरी जरूर पड़े
तोह मुझे जरूर याद कीजियेगा
मैं
वैसे तोह मुझे तुम्हारा दूध पीना था
लेकिन अब क्या कर सकते हैं
यह सुनते hi वह झेंप गयी
फार्महाउस पे नीलम और उसके साथ बाकी रह रही लड़कियों ने उसे मेरे बारे बता दिया था
जो भी वह मेरे बारे में जानती थी
और फिर चली गयी वह
मैं वापस घर में गया
और मीनल के गाल सहलाया
मैं
कितनी बेरहमी से मारा है मादरचोद ने
साले की माँ छोड़ दूँ मैं
वहीं मेरी सास बैठी थी
जो बुरी तरह से लज्जा गयी
मीनल
इतनी गन्दी बातें क्यों बोलते हैं आप
मुझे अच्छा नहीं लगता
मैं
ठीक है नहीं बोलता
तू उदास मत हो
सुनीता
सोनल दामाद जी के लिए कुछ खाने को ला
मैं
कोई जरुरत नहीं है
कुछ देर में एक डॉक्टर आयी
और मेरे सामने झुक गयी
जैसे मैं कोई राजा हूँ
डॉक्टर
मेरी बीवी को चेक करो
डॉक्टर ने मेरी बीवी को चेक kiya.use कुछ दवाई लिखके दी
फिर एक इंजेक्शन निकाली
मीनल रट हुए
मैं नहीं लगवाउंगी नहीं लगवाउंगी
मैं इंजेक्शन लिया
मैं
चल अब पेट के बल लेट
मीनल
आप मुझे जान से मार दीजिये
लेकिन मैं इंजेक्शन नहीं लगवाउंगी
मुझे बहुत दर लगता है
मैं
मुझपे भरोसा नहीं है तुझे
यह सुनके वह कुछ नहीं बोली
मैं
चल जल्दी कर
वह पेट के बल लेट गयी
मैं उसके कूल्हे में इंजेक्शन लगा दिया
मीनल
अब लगा भी दीजिये
मैं
लगा तोह दिया
मीनल
हैं
मुझे तोह पता hi नहीं चला
आप डॉक्टर भी हैं
मैं
हम आल इन ओने हैं
थैंक यू डॉक्टर
डॉक्टर फिरसे एक बार मेरे सामने झुकी
और फिर चली गयी
सोनल
यह यहाँ की डॉक्टर तोह नहीं लगती
मैं
शहर बुलवाया है
यह मेरे फार्महाउस पे hi रहती है
सोनल
आपका फार्महाउस भी है
मैं
और नहीं तोह क्या
चलना कभी घूमने
वह कुछ नहीं बोली
मैं कुछ देर वहीं बैठा रहा
सुनीता
चाय पीयेंगे
मैं
दूध पीला दीजिये
वह चली गयी
मीनल
मेरे बापू कैसे हैं
मैं
किस भड़वे का नाम ले लिया
मीनल
वह ठीक तोह हैं न
मैं
हाँ ठीक है
जब पूरी तरह से ठीक हो जाएगा
तोह आजायेगा
वहीं दूसरी तरफ मुखिया और सरपंच एक रूम में बंधे पड़े थे
वह भी नंगे
और कई लड़के बारी बारी उन दोनों की गांड मार रहे थे
मैं
मेरी माँ से मिलेगी
मीनल
जैसे आपको अच्छा लगे
मैं
चल फिर तैयार हो जा
ले चलता हूँ
वहीं आराम भी कर लियो
शाम में वापस ले आऊंगा तुझे
मीनल तैयार होक आगयी
मैं उसे लेके अपने घर पहुंचा
मैं ज़ोर से
माँ कहाँ हो
माँ रूम से बहार निकली
माँ ने मीनल को देखा
मैं
यह तुम्हारी बहु है
सरपंच की बिटिया
तुमसे मिलने आयी है
तभी माँ ने मीनल के चेहरे पे मार के निशाँ देखे
माँ मीनल को अपने पास आने का इशारा की
और फिर मीनल उनके पास गयी
उनके पेअर छुए
माँ ने बड़े प्यार से उसके सर पे हाथ फेरा
मैं
आप सब भी आजाओ
अपनी बीवी से मिलवाता हूँ
सब आँगन में जमा हो गयी
मैं मीनल को बताने लगा
की कौन मेरी क्या लगती है
मैं
सिया अपनी भाभी के पेअर छू
तभी मुझे सुनाई दिया
मधु बुआ दादी से बोल रही थी
माँ देखो तोह कितनी काली है
मैं
तुम्हारी बूर भी तोह काली है
उसको hi गोरा कर लो
मधु बुआ का खून खौल गया
नेहा बुआ
रोहित
मैं
हाँ तोह मेरी बीवी को काली क्यों बोल रही है बुआ
है तोह है
मधु बुआ रट हुए रूम में चली गयी
सिया
आओ भाभी
तुमको मैं अपना मैं घर दिखती हूँ
méenal ने अलीना को देखा
मीनल
यह कौन हैं
मैं
मेरी बीवी है
अलीना आगे बढ़ी और मीनल को अपने सीने से लगा ली
अलीना
यह अगर तुम्हें परेशां करे
तोह मुझे बताना
साला पार्टी बदल ली
राधा दीदी
कस्तूरी को भी ले आता
जब इसे लाया है तोह
मैं
हमें अपनी ज़िन्दगी में अशांति नहीं लानी है
वह साली बहुत तेज़ है
राधा दीदी
हाँ तोह तुझे कौनसा दर लगता है
मैं
दीदी हम मजबूर हूँ
राधा दीदी
क्यों
मैं
आप नहीं समझोगी
राधा दीदी
समझा न फिर
मैं
माँ राधा दीदी परेशां कर रही है
राधा
माँ ने आँख दिखाया दीदी को
कमीना कहीं का
मैं खाट पे लेट गया
पायल एक तरफ बैठी थी
मीनल उसके पास गयी
मीनल
आपके बारे में नहीं बताया इन्होने
मैं
है तोह मेरी बीवी hi
लेकिन इसको मैं अपनी रखेल भी न बनाऊ
भोसड़ी
पायल को बड़ा दुःख हुआ इस बात का
उसकी आँखों में आंसू आगये
बाकी सब तोह घर के थे
लेकिन मीनल के सामने उसे अपनी बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई
मीनल
ऐसा क्यों बोलते हैं
कितनी खूबसूरत तोह हैं
मैं
हाँ वह तोह है
यह बोलके मैं छोटे चाचा के रूम में घुस गया
तीनो चची टीवी देख रही थी
मैं उनके पास जाके बैठ गया
रेखा
आज हमारी कैसे याद आगयी रोहित
मैं
आपको भूला hi कब था चची
रेखा
वैसे कल तू गुस्से में ठाकुर के पास गया था
क्या हुआ वहां
मैं
उसकी माँ को
उसकी दोनों बीवी को
उसकी बहु को
उसके भाई की बीवी को
और उसकी बेहेन सिमरन सबको छोड़ डाला
यह सुनके चाचियों के होश उड़द गए
मीरा चची
क्या मतलब
मैं
मतलब अब ठाकुर के घर की औरतें मेरी रखेल हैं
मेघा चची
क्या फेकाम फेक रहा है
हलवा है क्या
मैं
लो देखो
मैं अपने फ़ोन में एक वीडियो प्ले किया
और उनकी तरफ कर दिया
वह सब आँखें फाड़े देखती रही
और तभी रेखा चची ने मुंह घुमा लिया
रेखा
नहीं देखना मुझे
मैं वीडियो बंद किया
मेघा चची
तूने उन सबके साथ एक बार में कर लिया
मैं
और नहीं तोह क्या
एक घंटे तक चुदाई करता हूँ मैं चची
रेखा चची
रोहित
मैं
हाँ तोह पूछ hi क्यों रही हो
मैं वहां से निकल गया
रेखा चची
कमीना कहीं का
मीरा चची को अब छोड़ने के मन करने लगा था
मीरा चची
दीदी मैं ललिता के यहाँ से होक आती हूँ
और मीरा चची चली गयी ललिता के यहाँ
मैं भी रिद्धिमा से मिलने निकल गया...