Hayaan - Ek Insaan Ya Shaitaan - Page 8 - SexBaba
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Hayaan - Ek Insaan Ya Shaitaan

शुक्रिया बहुत बहुत शुक्रिया शाहब ...!!

इतना शामदार जबर्दश्त रेविएवस देने के लिए .....

आपके रिव्यु पढ़कर दिल को शुकून मिलता hai....Ahsas होता है की म्हणत बेकार नहीं गयी...

मंटा हु कबीर के साथ बुरा hua...But सिचुएशन hi ऐसी आ पड़ी थी....

देखते है आगे क्या होता है...


आज हु किय पता कल न रहु.

समय दे बड़ा कोई नहीं hota......Ye बात तो सच लेकिन मेरी दुआ hai....Aap हमेसा यूँही शालमत रहो...

एक बार फिर थैंक्स....!!

मेरी म्हणत वसूल हो गयी....
 
Abb...takk..

मैं दर्द से तड़पने लगा,

मेरी स्किन से खून बहने लगा और सर में तेज़्ज़ दर्द उठा...

सर को पकडे हुए मैं जमीन में लेट गया,

आँखों के सामने अँधेरा छाने लगा...

शायद मेरी अंतिम घडी आ चुकी थी..

मैं वहीँ पर बेहोश हो गया.....

*Update..No..33*

Abb...Aage...

इधर घर में...

कबीर के जाने के बाद मीरा सब के साथ मिलकर फंक्शन का सारा सामान समेटने लगी....

जिसमे हयान और अन्य भी मीरा की हेल्प कर रहे थे...

सब कुछ सही कर देने के बाद सभी एक कमरे में बैठ गए और आज के बारे में बातें करने लगे...

लेकिन इधर हयान के मैं में कुछ hi चल रहा था...

वो बीएस अन्य को देखे जा रहा था...

तभी इशारों hi इशारों में अन्य ने हयान को रूम से बहार चलने को कहा...

अन्य - माँ मैं जा रही शावर लेने, बहुत थकावट हो रही है...??

मीरा - ठीक है जल्दी से बाथ लेकर वापस यहीं आओ....

अन्य उठकर बहार चली गयी...

हयान - माँ क्या डैड को हमें साथ लेकर नहीं जाना चाहिए था,

हम भी उनकी हेल्प कर देते...??

मीरा - वो खुद को संभल लेंगे,

जैन भी तो है साथ में,

तुमको फ़िक्र करने की जरुरत नहीं...

हयान - Okay माँ !!

मैं भी फ्रेश होकर आता हु..

कपडे चेंज कर लू...??

माँ - चल मैं भी साथ चलती हु...??

हयान - आप रहने दो न, मैं अब बचा नहीं हु खुद कर लूंगा..??

मीरा - इतना भी बड़ा नहीं हुआ, की अपनी माँ को बेवक़ूफ़ बनाने की कोशिश कर पाए....??

हयान - माँ !! आप भी न कुछ भी कहती रहती है,

मैं भला क्यों आपको बेवक़ूफ़ बनाने लगा..

बस 5 मं में यूँ गया यूँ आया..??

मीरा - ओनली 5 मं, वर्ण मैं तेरे रूम आ जाउंगी....??

हयान उठकर दूसरे रूम की तरफ चला गया,

जहा अन्य उसका वेट कर रही थी...

अन्य - कितनी देर लगा दी आने में हय्यू !!

हयान - माँ को तो आप जानती हो सब जान जाती है...!!

बताओ किश लिए बुलाया है ...??

अन्य - मुझे घबराहट हो रही है..??

जैसे की कुछ बहुत बुरा होने वाला है,

मेरे ख्याल से हमें डैड के पास जाना चाहिए...??

हयान - मुझे भी लग रहा है, डैड किसी खतरे में है....??

लेकिन माँ..

वो हमें अपनी नजरों से ओझल भी नहीं होने देंगी....

बहार जाना तो दूर की बात है...??

अन्य - मेरे पास एक प्लान है, बहार निकलने का...??

बीएस किसी तरह कुछ देर माँ से पिछ्ह छूट जाये...

फिर अन्य, हयान को कुछः समझती है...??

दोनों मुस्कुराते हुए आगे बढ़ चलते है...

कुछः देर बाद,

अन्य रूम में एंटर करते हुए.. ..

अन्य - माँ मेरी हेड मस्सगे कर दो सर दुःख रहा है..??

मीरा - आ इधर बैठ, मैं आयल गरम करके लती हु...

मीरा, अन्य को निचे बिठाके मालिश करने लगती है...

हयान - लाओ माँ आज मैं भी आपके सर की मस्सगे कर दू..

दिन भर थक गयी होंगी न...

मीरा - क्या बात है बेतु, आज माँ पर इतना रहें और प्यार...??

हयान - आप न माँ बहुत शक करती हो...??

न जाने कैसे पापा आपको बर्दाश करते है...??

हयान और अन्य जोरर जोरर से हसने लगे..

मीरा की भी हंसी फुट पड़ी...

मीरा - इधर आ मैं तुझे बताती हु, बहुत बदमाश हो गया है...

अन्य - करवा लो न मस्सगे,

माँ जब इतने प्यार से कह रहा है.. वैसे भी जल्दी से किसी काम के लिए राज़ी नहीं होता..??

मीरा - चल ठीक है, आजा बेतु...

हयान - बीएड पर चढ़ गया और हाथों में तेल लेकर मस्सगे करने लगा...

और अचानक hi न जाने क्या किया की मीरा बेहोश हो गयी....??

हयान और अन्य Fata-fat उठे..

फ़ोन उठाकर बेस पर कॉल कर दी...

""कहा की घर में इमरजेंसी है, सभी गार्ड घर की रखवाली करे....

और दोनों भागते हुए सदनं जी के पास गए और मीरा के बेहोश होने का बताया...??

और दोनों भागकर अंडर ग्राउंड टनल की तरफ चल दिए.....

बेस पहुंचकर कबीर की बाइक ली और फुल स्पीड से देहरादून के लिए निकल गए....

इधर ऑफिस के अंदर कबीर अपनी आखिरी साँसे गईं रहा था..

और बहार 3 गार्ड्स और जैन बेहोश पड़े थे....

हयान और अन्य को तो ऑफिस पता hi था वो सीधा K.M.Tower पहुंचे...

जहा का हाल देखकर उन्हें अपनी घबराहट का सच होने का पता चला....

जैन को वहीँ पड़ा छोड़कर सबसे पहले कबीर को खोजने लगे.....

जो उन दोनों को ऑफिस में बेहोश मिला...

कबीर की हालत देखकर दोनों अपने आंसू रोक न पाए...

दौड़कर अपने डैड को अपनी बाँहों में समेत लिया..

कबीर की सांसे अभी चल रही थी.. बस उखड़ी हुयी थी....

अन्य ने तुरंत अपने हाथ को अपने डैड के हेड पर फिराया...

फिर धीरे धीरे धीरे सभी जख्मों पर....

एक तरफ जहाँ अन्य रट हुए अपने डैड के जख्मों को हील कर रही थी...

वही हयान का सर गुस्से से फटा जा रहा था,

अपने डैड की ये हालत देखकर....

हयान का गुस्सा इतना बढ़ गया...

की उसके बॉडी से आग के लपटे निकालनी लगी...

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अन्य तो अपने डैड को ठीक करने में बची थी...

Eka-ek रूम का टेम्परेचर बदलने लगा और गर्मी का अहसास होने पर,

अन्य ने तुरंत पलट कर हयान की तरफ देखा...

उसकी तो डर के मारे चीख निकल गयी...

हयान का भयानक रूप देखकर..

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अन्य को समझ नहीं आ रहा था की वो अब हयान को शांत कैसे करे....

क्युकी अब उसके पूरी बॉडी से आग की लपटे उठ रही थी....

अगर हाथ भी लगाती तो खुद भी जल जाती...

लेकिन अन्य से रुका न गया वो खुद की परवाह किये बिना भागकर हयान के गले लग गयी....

अन्य के ऐसे करने से उसे असहनीय दर्द से गुज़ारना पड़ा..... वो खुद आग में झुलसने लगी और दर्द से चिल्लाने लगी...

कुछ देर ऐसे दर्द में तड़पती रही और धीरे धीरे आग ठंडी होने लगी...

हयान शांत होकर पहले जैसे नार्मल हो गया लेकिन अन्य पूरी तरह से आग में झुलस चुकी थी...

अन्य का ऐसा हाल देखकर हयान जोरर जोरर से रोने laga...Apni गॉड में लेकर...

अन्य बेहोश हो चुकी थी....

हयान, अन्य को लेकर ऑफिस के बाथरूम में घुश गया और शावर ों कर दिया....

इधर कबीर को होश आ गया...

वो खुद को सही सलामत देखकर बहुत शॉक हुआ.....

वो तुरंत ऑफिस के बहार भगा जहा उसे सब बेहोश मिले...

सब पर पानी डालकर होश में लाया...

यहाँ पर क्या हुआ, जैन से पूछने लगा....

हुआ ये था की..

जब चेयरमैन यहाँ आया तो सबसे पहले गाडी में बैठे बैठे hi..

किसी गन से सबको शूट कर दिया जिससे चरों का हल्का दर्द हुआ और बेहोश होकर गिर पड़े...

सब के बेहोश हो जाने के बाद कबीर के पास गया...

लेकिन कबीर को अब भी कुछ समझ नहीं आ रहा था,...

वो सोंच में पद गया...

कबीर - मैं तो घायल था,

फिर ऐसे कैसे ठीक हो गया ... कही अन्य.....

""जैन, अन्य और हयान यही कही है ढूंढो जल्दी, ""

इधर बाथरूम में अन्य के जख्म भरने लगे थे....

लेकिन अभी होश नहीं आया था...

हयान उस पर पानी गिराए जा रहा था....

हयान को खुद के ऊपर बहुत गुस्सा आ राजा था,

उसके वजह से आज अन्य की ये हालत हो गयी....

पानी की बूंदों के साथ उसके आंसू भी गिर रहे थे अन्य पर..

कुछ देर ऐसे hi भीगते रहने के बाद,

अन्य नार्मल होने लगी और उसे होश आ गया..

अब हयान की ख़ुशी का कोई ठिकाना था...

वो बस अन्य को अपने बाँहों में भरते हुए उसके पुरे चेहरे को चूमते हुए ख़ुशी के आंसू बहाने लगा...

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अन्य का भी यही हाल था, वो भी अपने भाई का प्यार देखकर खुद को रोक न पायी..

और तप तप आंसू बहाने लगी....

एकदूसरे के बेशुमार प्यार को महसूस करने लगे..

दोनों एक दूसरे को प्यार करने में बिजी थे....

तभी बहार किसी के आने की आहात हुयी...

कबीर भागते हुए ऑफिस आया,

तभी उसे बाथरूम में पानी गिरने की आवाज़ सुनी वो सीधा बाथरूम में चला आया...

जहा दोनों भाई - बहन एक दूसरे की बाँहों में लिपटे रो रहे थे...

कबीर को बहुत ख़ुशी हुयी दोनों को सही सलामत देख कर..

वो भी सीधा जाकर दोनों को अपने गले से लगा लिया और खुद की ख़ुशी का इज़हार करने लगा.....



आज के लिए बस इतना hi....

वोटिंग प्ल्ज़....

नेट स्लो है पिक्स अपलोड नहीं हो रही...

थैंक्स गाइस !!
 
ही गाइस !!





@

@

@ @राजीवशव

@ @

@ .

@





नेट स्लो के कारन आज इतने ऐ hi काम चला लीजिये..

वैसे काफी है...

मैंने तो पूरी कोशिश की थी की अपडेट अच्छा हो...

शायद कोई कमी रह गयी....

आप लोग सुग्गेस्टिव दे मैं सुधर करूँगा...

टुडे अपडेट ात पेज No.116
 
थैंक्स शाहब !!

फॉर योर ब्यूटीफुल रिव्यु...

हमेशा की तरह शानदार...

ाचा लगता है आपका ऐसे कमेंट करना....

रही बात हयान के गुस्से की वो गलत हुआ ऐसा नहीं होना chahuye...tha !???

हयान को न पता चले कातिल कौन तो अच्छा है...??

नेक्स्ट अपडेट रात 10 बजे डेली की तरह ...

थैंक्स भाई..
 
Update...No..34



Abb..Takk...

जहा दोनों भाई - बहन एक दूसरे की बाँहों में लिपटे रो रहे थे...

कबीर को बहुत ख़ुशी हुयी दोनों को सही सलामत देख कर..

वो भी सीधा जाकर दोनों को अपने गले से लगा लिया और खुद की ख़ुशी का इज़हार करने लगा.....

Abb...Aage...

इधर सोनपुर में...

हयान और अन्य ने जैसे hi सदनं जी को बताया की माँ बेहोश हो गयी है..

वो तुरंत मीरा के पास पहुंचे और पानी छिड़क कर होश में लाये...

मीरा ने होश में आते hi सबसे पहले एहि सवाल किया....

""हयान और अन्य कहा है...??""

जिसका जवाब शायद अभी किसी के पास नहीं था,

सदनं जी और मीरा परेशां हो गए....

गार्ड्स को बुलाकर जानकारी लेने लगे....

मीरा को सब कुछ समझ आ चूका था...

की उसके साथ अन्य और हयान क्या किया और क्यों किया...??

मीरा ने तुरंत कबीर को फ़ोन लगाया, लेकिन कॉल पिक न हुयी...

जैन भी फ़ोन नहीं उठा रहा था...

सायद नेटवर्क प्रॉब्लम थी...

क्युकी इस वक़्त देहरादून High-Alert पे था, इंटरनेट और सिग्नल जैम कर दिए गए थे...

जब किसी से भी मीरा की बात न हुयी तो उसे दिल hi दिल घबराहट होने लगी...

उसे गुस्सा भी आ रहा था और रोना भी....

हयान और अन्य की हरकतों पर....

इधर सदनं जी भी परेशां थे हयान के इस कदम से....

उन्हें तो बस एक एहि डर सत्ता रहा था की क्या होगा... यदि किसी अनहोनी के चलते हयान की पावर जागृत हो गयी तो....??

जिस राज़ को 12 बरस से छिपाये हुए थे...

उसकी भनक उन्हें हो जाएगी और वो उसके पीछे पद जायेंगे...??

लेकिन एक ख़ुशी की किरण भी नजर आ रही thi....Ki अन्य उसके साथ है....??

मीरा रो रो कर अपना बुरा हाल किये बैठी थी..

माजी और रिया दोनों उसे समझने में लगे थे...

लेकिन माँ थी मेरा दोनों की...

जिन्हें कभी घर से बहार निकलने की इजाज़त न थी वो आज बिन बताये कही गायब थे....

मीरा के अंदर दोनों के साथ कुछ गलत न हो जाये का डर खाये जा रहा था.....

वहीँ दूसरी तरफ...

अननोन प्लेस...

चेयरमैन - मैं सच कह रहा हु, उसे मैंने ख़त्म कर दिया है,

मुझे उसके ऑफिस में सिवाय अंतितोड़े के कुछ नहीं दिखा...

मैंने हर जगह की अच्छे से Chhan-Been की... लेकिन कुछ नहीं मिला...??

सक्कूबी - तुम्हें जितना कहा गया था, ुतं hi करना था...??

उसे मार क्यों दिया..??

जिन्दा भी तो पकड़ कर ला सकते थे....

चेयरमैन - मुझे माफ़ कर दीजिये मालकिन !! मैं लहुड के गुस्से को बर्दाश्त न कर सका,

उसने बॉस के बारे में बहुत गलत कहा जिसकी मैंने उसे सजा दी....

नरकिस्सा - तुमने क्या सोंचा ऐसे करने से बॉस तुम्हें,

इनाम देंगे...??

तुमने आसान काम को और बिगाड़ दिया...??

सक्कूबी - सजा के लिए तैयार रहना..

चेयरमैन - मुझे एक चांस और दे..

मैं अपनी वफादारी साबित कर दूंगा..

वैसे भी मेरे मर जाने किसी का फायदा नहीं..

मैं अपनी कंपनी में रहते हुए सब कुछ पता लगा सकता हु...

अभी उस कंपनी की मद जिन्दा है..??

उसके पास hi सभी अथॉरिटी है..??

नरकिस्सा - जाओ एक और मौका दिया...

इस बार खली हाथ मत आना...

चेयरमैन वह से Dum-Daba के भगा....

सक्कूबी - तुमने भी महसूस kiya...Jo मैंने किया..??

नरकिस्सा - है मुझे महसूस हुआ..

लेकिन महामहिम तो अनंत गहराई के है..

फिर उनकी शक्तियां हम यहाँ कैसे महसूस कर सकते है..??

सक्कूबी - कैद से निकलने का वक़्त तो नहीं आ गया...??

बुमलीन तभी वह प्रकट हुआ...

""वो महामहिम की नहीं किसी और की शक्तियां थी, उन शक्तियों में मुझे वाइट एनर्जी के अंश भी महसूस हुए..

सक्कूबी - तब तो हमें तुरंत कस्सदेया मालिक से मिलकर उन्हें इस बात से अवगत करवाना चाहिए...??

बुमलीन - क्या कहोगी जाकर की हमने किसी महाशक्ति को महसूस किया...??

नरकिस्सा - तो फिर तुम hi बताओ, कैसे खोजे उसे..??

सक्कूबी - उसे ढूढ़ना व्यर्थ है,

वो खुद उन जंगलों में आएगा शक्ति की खोज में...

क्या कहा था कस्सदेया मालिक ne....Humein उससे दूर रहना है..!!

बुमलीन - सक्कूबी तुम ठीक कह रही हो..

हमें जो कार्य दिया गया है,

बस वही करें तो ज्यादा ठीक रहेगा हमारे लिए.....

नरकिस्सा - ठीक है,

लेकिन जेनेटिक प्रोजेक्ट का क्या....??

बुमलीन - वो सफल रहा,

6 ह्यूमन जेनेटिक वेपन्स रेडी हो रहे हैं,

उनकी ट्रेनिंग चल रही..

सक्कूबी - 300 में से सिर्फ 6 hi सफल हुए...

बाकी 294 टूरिस्ट का क्या..??

बुमलीन - वो ज्यादा ताकतवर नाहिब्बान पाए, लेकिन उन्हें अपनी सेना में शकील कर लिया गया है..

उनकी ट्रेनिंग भी जारी है...

नरकिस्सा - यानि सब ठीक रहा !!

तो आज का जश्न कहा पे रखा गया है...

3दिन से किसी को चखा नहीं....

बुमलीन - विक्टोरिया पीक, Hong-Kong..

सक्कूबी - कच्ची काली का इंतेज़ाम करना,

आज बहुत जोररो की प्यास है...??

Khooni-Jismani प्यास....

बुमलीन - जो हुक्म मेरी मालिकाओं !!

जी भरके चखना और पीना,..!!

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ात सोनपुर...

हयान और अन्य को गए 6 घंटे बीत चुके थे...

न तो इन दोनों की खबर थी और न hi कबीर की....

मीरा ने पूरा घर सर पे उठाये रखा था...

माजी और रिया के लाख समझने के बाद भी उसपर कोई असर नहीं पद रहा था....

बस लगातार रोये जा रही थी...

बस मेरे हयान और अन्य को कोई ला दो....

सदनं जी पास में खड़े मीराबके प्रेम व्याकुलता को सीख रहे थे की.... माँ की ममता

तभी घर का अलार्म अचानक बजने लगा....

सभी घबरा गए की अचानक ये क्या हुआ....

तभी घर के बहार से सभी गार्ड अंदर आकर घर को लॉक कर दिया और सभी को घेर कर खड़े हो गए...

सभी लोग डरे सहमे

गार्ड्स के बीच एक दूजे को पकडे बैठे थे.....

गार्ड्स भी तैयार थे आने वाले खतरे को सबसे पहले अपने ऊपर लेने के लिए....

तभी अचानक मीरा को न जाने क्या हुआ..

वो उठ कड़ी हुयी और गार्ड्स को चीरते हुए बीच से निकल भागी...

और दौड़ लगा दी बेसमेंट की तरफ....

""माँ तू ऐसी क्यों है..??

जब जब मैं उदास हुआ तू समझ जाती है..

जब कभी लागु मैं हारा सा तू आकर मुझे जीता जाती है....

मानता नहीं मैं बात तेरी पर तू हर जगह सही सी है..

करता खुद की बात तू रखती मेरा ध्यान....

क़दमों के आहात से पहचान जाती है....

लाख मन करती है फिर भी मेरी बात मानती है....

माँ तू ऐसी क्यों है....??""

मीरा के पीछे सभी...

माजी, रिया और गार्ड्स भागे जा रहे थे...

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मीरा भागते हुए जाके सीधा हयान और अन्य को पकड़ के दोनों के गले से लिपट गयी....

बेइंतेहा जार जार आंसू बहते हुए...

दोनों के चेहरे पे किश की बरसात कर दी....

लगातार चूमे जा रही थी दोनों को...

दोनों को अपनी बाँहों में भरके जोरर जोरर से रोने लगी....

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कबीर ने आगे बढ़ते हुए मीरा को अपनी आगोश में ले लिया..

और बहलाने लगा..

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हयान और अन्य को खुद की हुयी गलती पर अब अफ़सोस हो रहा था...

लेकिन क्या दोनों की गलती थी...??

शायद वो भी अब समझ चुके थे एक माँ की ममता को...

कबीर किसी तरह मीरा को समझा - बूझकर कमरे में ले गया....

इधर सभी को सही सलामत देख कर सब खुश थे...

माजी और रिया ने हयान और अन्य को ख़ुशी से गले लगा लिया...

सभी सारे शिकवे गीले दूर करने लगे...

वहीँ दूसरी तरफ चेयरमैन ऑफिस में बैठा गुस्से से tam-tama रहा था...

तभी वो किसी को बुलाता है...

""जाओ जेक उस पर नजर रखो..

और मौका देख कर उठा लाओ उसे....??""

आज के लिए बस इतना hi...

वोट प्ल्ज़...

..

..

..

""लाइक्स, कमेंट, सपोर्ट का रखना Dhyaan.....Aapka दोस्त हयान..!!""
 
ही गाइस !!





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@ @राजीवशव

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कोशिश की है अच्छा देने की

शायद कोई कमी रह गयी....

आप लोग सुग्गेस्टिव दे मैं सुधर करूँगा...

टुडे अपडेट ात पेज No.124
 
क्या रिज़वान Bhai...Aap भी न....

डेली अपडेट आते है....

छोटा हो या बड़ा क्या फर्क पड़ता है..??

बड़ा तो वो देते है जो हफ्ते में 3 अपडेट अपडेट है....,

मेरी तो ये कोशिश रहती है एक दिन में एक सन ख़त्म हो जाये.....

एक hi सन को ज्यादा न खींचना पड़े.....

थैंक्स फॉर योर सुग्गेस्टिव....

नेक्स्ट टाइम बड़ा......
 
*Update..No..35*

( MeGa-UpDate )




""एक नयी subah....Ek नया दिन,

एक नयी शुरुआत.....

भूल के कल की बातो ko.....Fir तुझे ढूंढूंगी आज - ज़िन्दगी..!!""

ज़िन्दगी तो बस चलते जाने का नाम है....

आज सोनपुर में एक नयी सुबह ने कबीर के दरवाज़ा पर दस्तक दी..

कल का दिन तो बहुत खूबसूरत tha...Lekin Jate-Jate काफी सरे बदलाव कर गया...

अपनी काली छाप छोड़ते छोड़ते रह गया....

कल का दिन भूल नहीं पाए थे... बस मन एहि सवाल उठ रहे थे... की आखिर क्यों..??

नाश्ते के टेबल में सभी बैठे थे....

सभी tak-taki लगाए कबीर की तरफ देख रहे थे....

सब को जाना था की आखिर हुआ क्या...??

कबीर तो इन बातों से बचना चाहता था लेकिन शायद आज उसे बताना hi पड़ेगा....

क्युकी बीते कल की घटना आने वाले कल को बदल सकती थी...??

कबीर ने लम्बी आह्ह्ह्ह भरते हुए बोलना शुरू किया....

जेनेटिक वेपन्स, टूरिस्ट, Db.Boss, चेयरमैन, रिसर्च सेंटर........

सब कुछ बताता चला गया....

जिसपर तीन लोगों का ध्यान कुछ ज्यादा था...

सदनं जी, हयान और अन्य.....!!

सब कुछ बोलने के बाद कबीर खामोश हो gaya...aur गुरु सदनं जी की तरफ आशा भरी नज़रों से देखने लगा.....

सब कुछ जानने के बाद गुरूजी भी समझ चुके थे की ये साड़ी घटनाये एक दूसरे से पूरी तरह जुडी हुयी है....

जिससे बच पाना इतना आसान नहीं होगा....

सब बातों पर गौर करते हुए गुरु जी बोलने लगे....

सदनं जी - देखो कबीर ये सभी घटनाये एक दूसरे से जुडी है, लेकिन sath-Sath तुमसे भी जुड़ चुकी है,

तुम खुद को जितनी जल्दी इनसे अलग कर लोगे,

तुम्हारे और तुम्हारी फॅमिली के लिए उतना hi अच्छा होगा...

ये तो अच्छा हुआ की कबीरा पैलेस में रहने वाले लोग अभी जीवित है...

उनपर तुम्हारे धोखे सिर्फ हमला हुआ...

कोशिश तो पूरी की थी तुम तक पहुंचने की...

कबीर - एक बार नाम जुड़ जाये तो कहा अलग हो पता है,

वैसे भी साडी रिसर्च गोवत. को सौंप दी hai.....Fir भी वो मेरे पीछे आ रहे है....

सदनं जी - तुम अब उनके लिए मर चुके हो,

मुसीबत तो अब रश्मि के फॅमिली पर आएगी...

जितनी जल्दी हो सके उनकी सुरक्षा का इंतेज़ाम करो...

कबीर - हम्म मैंने सोंच रखा है, आज hi जैन जाकर उनके फॅमिली को यहीं ले आएगा....

हयान जो काफी देर से उनकी बातों पर गौर कर रहा था....

हयान - बूत डैड इसके लिए आपको कोई प्लान करना चाहिए कब तक आप भागोगे...??

सदनं जी - है पुत्र तुम्हारा कहना सही है...

रश्मि की फॅमिली को यहाँ ले आओ लेकिन कुछ प्लान करके उन्हें कही और शिफ्ट होने का दर्शाओ...

इससे उनका ध्यान भटका रहेगा और वो वही उलझ के रह जायेंगे..

कबीर - ठीक है गुरु जी मैं कुछ करता हु...

सदनं जी - पुत्री मीरा तुम्हें इन बच्चों से नाराज़ होने की कोई आवश्यकता नहीं, क्युकी एहि दोनों की वजह से आज तुम्हारा पति जीवित है...

मीरा - मैं नाराज़ नहीं हु गुरु जी, लेकिन एक साथ कल तीन लोग मुसीबत में थे...

मुझे तो अपने बच्चों पर गर्व है....

ल्व्कीन किसी एक को भी कुछ होता तो शायद hi कोई जीवित रहता, हम सब दूसरे से जुड़ चुके है...

सदनं जी - पुत्री जैसा तुम ठीक समझो,

ऐसे hi बातें होती रही...

गुरूजी और कबीर के बीच बहुत सी प्लानिंग और महत्वपूर्ण कार्य की सूचि बनायीं गयी..

सभी चीज़ों से फारिग होने के बाद..

हयान और अन्य गुरु जी के साथ गार्डन में चले गए....

अपनी सीख्शा और ट्रेनिंग के लिए...

भले hi हयान और अन्य ने बात न मानकर मीरा को ठेस पहुंचाई थी लेकिन उनका फैसला सही tha....Jiske कारन आज कबीर सही सलामत है....

अब कहानी कबीर के शब्दों में....

मैंने जैन को कहके रश्मि दी की फॅमिली को सोनपुर लाने को कहा,

और रश्मि दी, विजय जीजू, अखिल एयर माहि के नाम से फ्लाइट टिकट बुक कराई लंदन के लिए.....

जैन रात के अंधेर में सरे काम को सफाई से अंजाम देने लगा.....

उधर चेयरमैन के गुंडे रश्मि फॅमिली पर नजर गड़ाए बैठे थे, एक एक पल की खबर चेयरमैन तक पहुंचा रहे थे....

ग -1 - बॉस रश्मि और उसकी फॅमिली घर से निकल रहे है,

कही बहार जाने की प्लानिंग हो रही है..??

चेयरमैन- ................'

ग-1 - ठीक है बॉस हम पीछा करने जा रहे है, और मौका मिलते hi उठा लेंगे...

रश्मि फॅमिली कार पे एयरपोर्ट की तरफ जा रही थी जैन के साथ...

लेकिन इनका पीछा दो गाड़िया कर रही थी,

जिसकी खबर जैन को हो चुकी थी....

जैन कार को सीधा एयरपोर्ट के गया....

चेक - इन करके एयरपोर्ट पहुँच गए....

इधर गुंडे भी चेक इन करके पीछा जारी रखा...

जैन और रश्मि फॅमिली लंदन जाने वाली फ्लाइट का वेट करने लगी...

एयरपोर्ट में तो किसी प्रकार खतरा था नहीं..

सभी लोग किसी तरह नज़रों से ओझल होते हुए एक रूम में जा छिपे..

फ्लाइट के जाने के बाद,

जैन किसी तरह चकमा देकर सबको दूसरे रस्ते से एयरपोर्ट से बहार ले आया,

और रात के अँधेरे में सोनपुर के लिए रावण हो गए....

इधर गुंडों के हाथ कुछ न लगा.....

ग-2 - Hello बॉस !!

हम उन्हें न पकड़ सके,

वो लोग एयरपोर्ट में थे तो सिक्योरिटी की वजह से मौका न mila....kidnap करने का,

चेयरमैन - .….........,

ग-2- उन लोगो ने लंदन की फ्लाइट के लिए Check-In किया था..??

चेयरमैन - .............??

ग-2- ठीक है बॉस नेक्स्ट फ्लाइट से मैं लंदन चला जाऊंगा,

और उनकी खबर आप तक पहुंचता रहूँगा....!!

इधर सोनपुर.....

अब हमारा घर पूरा भर चूका था..

सिर्फ खुशियां hi खुशियां थी...

गम और टेंशन के लिए अब इस घर में कोई जगह नहीं थी...

मैं और रश्मि दीदी,

यही सोनपुर में रहते हुए अपना बुसिनेस्स सँभालने लगे,

मेरी मौत से कंपनी को बहुत बड़ा झटका लगा...

लेकिन रश्मि दीदी ने सब कुछ संभल लिया...

दुनिया की नजरों के लिए अब कबीर मर चूका tha....aur रश्मि दी लंदन से अपना बुसिनेस्स ऑपरेट कर रही थी..

बहार का काम असिस्टेंट देखने लगे..

जो भी मीटिंग होती थी उन सब को हमारी सेक्रेटरी मिस कनिका संभालती या फिर रश्मि दीदी विडोकाम के जरिये मीटिंग अटेंड करती...

कनिका (आगे-30)

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घर के बहार का सारा काम जैन को सौंप दिया,

हम अपने hi घर में एक खुशहाल फॅमिली का जीवन व्यतीत करने लगे.....

गुरु डचेन की एक्सरसाइज क्लासेज को अखिल और माहि ने भी ज्वाइन कर लिया...

पांचों स्टडी और नॉलेज का जिम्मा रिया ने आपने कन्धों पे लिया...

गुरु डचेन और जैन ने...

हयान और अन्य की ट्रेनिंग और तुफ्फ कर दी गयी...

गुरु सदनं जी, संसार और जीवन के सभी ज्ञान को हयान और ानायको देने लगे...

उन दोनों के जन्म का उद्देश्य समझने लगे....

प्रत्येक सुबह और शाम पूजा होती थी जिसमे हयान और अन्य को शामिल किया जाता था...

जिससे हयान के अंदर छिपी हुयी शक्तियां बहार आने से उचित समय तक रोके रखने का प्रयाश किया जा रहा था...

हयान और अन्य भी अश्त्र और शाश्त्र का ज्ञान बहुत hi शीघ्रता से सीखने लगे...

15 वर्ष की छोटी आगे में हयान और अन्य को धर्म शाश्त्र और अस्त्र का बहुत अच्छे से ज्ञान हो गया था....

एक तरफ सदनं जी ने दोनों को सभी ग्रंथो और नीतियों के ज्ञान से अवगत कराया तो वहीँ दूसरी तरफ गुरु डचेन ने

हयान, अन्य और तेंजिन को...

मार्टिकल आर्ट्स, Kung-fu, Zudo-Karate और शाओलिन की शिक्षा दे रहे थे जिनमे ये तीनो सकुशल उत्तम प्रदर्शन कर रहे थे...

रश्मि दीदी की खोज जारी चल रही थी..

उन्हें लंदन में कई जगह खोजै गया किन्तु किसी को सुराग न मिला....

मेरे जाने से मेरा प्रोजेक्ट भी बंद हो गया..

अब गोवत. सब कुछ संभल रही थी..

जैसे जैसे दिन बदल रहे थे...

दब. बॉस का आतंक अपने चरम पर पहुँचता जा रहा था...

हर तरफ उसने अपना कला साम्राज्य फैला लिया था,

जिसमे अब उसका साथ गोवत. में ऊँची पोस्ट में बैठे अफसर और लीडर दे रहे थे....

हर तरफ अंडरवर्ल्ड की हुकूमत चल रही थी...

जिससे रोकने वाला कोई नहीं था.....??

लेकिन वो कहते है न...

जब जब धरती में पाप का बोझ बढ़ता जाता है...

तब तब ईश्वर किसी मसीहा को जन्म देता है इस संसार लोक के कल्याण के लिए....

जबकि पाप अपने Charam-Utkarsh सीमा पे था तो इसके अंत के लिए किसी न किसी को सामने तो आना hi था.....??

क्या अब सही समाया hai...uski वापसी का...??

अगर सही समय होता तो अब तक आदिगुरु महाराज को भी आ जाना चाहिए था....??

आज के लिए बस इतना hi...

थैंक्स गाइस...!!

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लाइक्स, कमैंट्स, वोट्स का रखना Dhyan.....Aapka दोस्त हयान..!!

 
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@ @राजीवशव

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@ृछोट 143 @ा वैमपिरे @शुशांत



ही गाइस नेक्स्ट अपडेट पोस्टेड ात पेज No.130..

रीड एंड गिव यू सुग्गीयों एंड वैल्युएबल कमेंट...

थैंक्स फॉर सपोर्ट...!!
 
कोशिश रहेगी हीरो की एंट्री सही ढंग से हो...

यूँही छोटी सी बात पर न कूद पड़े...

Db.Boss का आतंक तो बढ़ hi रहा है...

लेकिन इस तरफ हीरो की ट्रेनिंग भी बढ़ रही..

अब तो बीएस इंतज़ार है आदिगुरु की वापसी का जो हयान और अन्य को पूर्ण सच से अवगत करवाएं...

थैंक्स शाहब फॉर योर वैल्युएबल रिव्यु विथ पॉइंट तो पॉइंट..

आज आपके बेहतरीन सपोर्ट से कहानी के 1 लाच व्यू हो चुके है....

बस ऐसे hi साथ बने रहे.......

Thanks......bhai..

टुडे अपडेट ात 10 O'clock अबाउट.....
 
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