- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 31,768
“इसके लिये वर्तमान बादशाह से आज्ञा लेनी पड़ेगी।”
“तुम्हारा क्या ख्याल है – क्या बादशाह इजाजत दे देगा।”
“शायद नहीं।”
“अच्छा बेताल। तुम यही रुके रहो, मैं जरा अपने साथी से विचार विमर्श कर लू।”
मैंने अर्जुनदेव को सारी समस्या बताई।
“उससे पूछो यदि हमारे साथ राजघराने का कोई वंशज रहा तो क्या हमें सीमा पार करने दी जायेगी।”
“मैंने बेताल से पूछा।”
“हाँ – तब सम्भव है।” उसका जवाब था।
मैंने अर्जुनदेव को उसका उत्तर सुना दिया।
“उससे पूछो – काले जादू से बचने का क्या तरीका है। विशेषकर काले पहाड़ पर पहुँचने के बाद।”
मैंने यह प्रश्न दोहराया।
“अगर मैं साथ रहूँ तो हर जादू की पूर्व सूचना दे सकता हूं साथ ही उसे काट भी सकता हूं परन्तु काले पहाड़ पर मैं आपके साथ नहीं रहूँगा। फिर भी वहां काले जादू में एक विशेष बात है– वह राजघराने के किसी वंशज पर हमला नहीं करता इस लिये जब तक कोई व्यक्ति आपके साथ रहेगा आप सुरक्षित है और यदि वह आपकी नजरों से ओझल हो जाता है तो आप उस जादू के प्रकोप में आ सकते हैं। राजघराने के वंशज के चारो तरफ एक परिधि लगभग सौ गज के दायरे तक होती है या राजघराने का सदस्य इस परिधि को इच्छाशक्ति से बढ़ा सकता है। यह पहाड़ियां बड़ी रहस्यमय है, इसलिये कोई इस तरफ नहीं जाता और जाता है तो लौटकर नहीं आता।”
मैंने अर्जुनदेव को यह बात बताई।
“फिर तो काम बन जायेगा।” अर्जुनदेव ने कहा।
“लेकिन किस प्रकार! हमारे साथ राजघराने का कौन सा सदस्य है।”
“क्या तुम उस बच्चे को भूल गये, जिसका तुम अपहरण कर लाये थे।”
मैं एकदम चौंक पड़ा।
और अर्जुनदेव हंस पड़ा।
यह छोटी सी बात मेरी समझ में क्यों नहीं आई थी कि वह बच्चा भी तो राजघराने का है– ठाकुर की संतान है।
“तुम्हारा क्या ख्याल है – क्या बादशाह इजाजत दे देगा।”
“शायद नहीं।”
“अच्छा बेताल। तुम यही रुके रहो, मैं जरा अपने साथी से विचार विमर्श कर लू।”
मैंने अर्जुनदेव को सारी समस्या बताई।
“उससे पूछो यदि हमारे साथ राजघराने का कोई वंशज रहा तो क्या हमें सीमा पार करने दी जायेगी।”
“मैंने बेताल से पूछा।”
“हाँ – तब सम्भव है।” उसका जवाब था।
मैंने अर्जुनदेव को उसका उत्तर सुना दिया।
“उससे पूछो – काले जादू से बचने का क्या तरीका है। विशेषकर काले पहाड़ पर पहुँचने के बाद।”
मैंने यह प्रश्न दोहराया।
“अगर मैं साथ रहूँ तो हर जादू की पूर्व सूचना दे सकता हूं साथ ही उसे काट भी सकता हूं परन्तु काले पहाड़ पर मैं आपके साथ नहीं रहूँगा। फिर भी वहां काले जादू में एक विशेष बात है– वह राजघराने के किसी वंशज पर हमला नहीं करता इस लिये जब तक कोई व्यक्ति आपके साथ रहेगा आप सुरक्षित है और यदि वह आपकी नजरों से ओझल हो जाता है तो आप उस जादू के प्रकोप में आ सकते हैं। राजघराने के वंशज के चारो तरफ एक परिधि लगभग सौ गज के दायरे तक होती है या राजघराने का सदस्य इस परिधि को इच्छाशक्ति से बढ़ा सकता है। यह पहाड़ियां बड़ी रहस्यमय है, इसलिये कोई इस तरफ नहीं जाता और जाता है तो लौटकर नहीं आता।”
मैंने अर्जुनदेव को यह बात बताई।
“फिर तो काम बन जायेगा।” अर्जुनदेव ने कहा।
“लेकिन किस प्रकार! हमारे साथ राजघराने का कौन सा सदस्य है।”
“क्या तुम उस बच्चे को भूल गये, जिसका तुम अपहरण कर लाये थे।”
मैं एकदम चौंक पड़ा।
और अर्जुनदेव हंस पड़ा।
यह छोटी सी बात मेरी समझ में क्यों नहीं आई थी कि वह बच्चा भी तो राजघराने का है– ठाकुर की संतान है।