In Love.. With You... - Page 10 - SexBaba
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In Love.. With You...

अपडेट 70

ेपीलोगे

एक साल बाद....

नेहा- आज मेरे लिए इतना इम्पॉर्टन्ट दिन है और आप नहीं आ रहे?

राघव- आई एम सॉरी जान लेकिन यहा का काम पूरा नहीं हुआ है और मेरा यहां रुकना जरूरी है

नेहा- मैं आपको अभी से मिस कर रही हु

राघव- तो तुम्हें क्या लगता है मैं तुम्हें मिस नहीं कर रहा? मैं तुम्हारी आवाज तुम्हारी हसी सब बहुत बहुत मिस कर रहा हु

नेहा- तो आप नहीं आ रहे हैना?

राघव- नहीं आ पाऊँगा!

नेहा- तो वही रहिए कोई जरूरत नहीं आने की, I don’t need you !

राघव – वो तो रात मे पता चलेगा मेरी जरूरत है या नहीं

नेहा- शट उप!

और नेहा ने फोन काट दिया, वो राघव को मिस कर रही थी तभी श्वेता वहा आई

श्वेता- भाभी रेडी हो आप? सब पुछ रहे है आपके बारे मे

नेहा- हा तुम चलो मैं अभी आई

श्वेता- ऐसे उदास मत होइए भाभी हम सब है आपके साथ, और भईया के बस मे होता तो वो ये दिन कभी मिस नहीं करते

श्वेता ने नेहा के उतरे चेहरे को देखते हुए कहा जिसपर नेहा ने एक फीकी मुस्कान दे दी

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“कन्ग्रैट्स नेहा!” ये 30-35 साल की महिला ने नेहा से कहा

नेहा- थैंक यू सो मच मालिनी मैम, आपकी हेल्प के बिना ये पॉसिबल नहीं होता

नेहा मुसकुराते हुए कहा

आज नेहा की डांस अकादेमी की दूसरी ब्रांच का इनॉग्रेशन था, पिछले एक साल मे उसने अपनी अकादेमी मे बहुत मेहनत की थी और उसके मालिनी के साथ के कॉलेब्रेशन ने उसे आगे बढ़ने मे बहुत मदद की थी, उसका परिवार तो हमेशा उसके सपोर्ट मे था ही और उसका सबसे बाद सपोर्टर तो राघव था

मालिनी- आज तुम्हारा बहुत स्पेशल दिन है ऐसे ही आगे बढ़ते रहो, वैसे मिस्टर देशपांडे कहा है?

नेहा- वो एक्चुअली बिजनस रेलेटेड काम ने आउट ऑफ सिटी है

नेहा ने कहा

राघव- हा लेकिन डील मेरी बीवी की खुशी से ज्यादा इम्पॉर्टन्ट नहीं है ना!

नेहा ने जैसे ही ये आवाज सुनी उसके आंखे चमक उठी उसने पीछे पलट कर देखा तो वहा राघव 3 पीस सूट पहने बिखरे बालों के साथ वहा खड़ा था वो अभी अभी डायरेक्ट एयरपोर्ट वो वहा आया था उसके हाथ उसके पैन्ट की जेब मे थे और चेहरे पर मुस्कान थी

वो नेहा के पास आकार खड़ा हुआ और नेहा को साइड से हग कर लिया

मालिनी- आपको देख कर अच्छा लगा मिस्टर देशपांडे

राघव- थैंक यू फॉर योर सपोर्ट मिसेज मालिनी

जिसके बाद उनलोगी के बीच कुछ बातचित हुए और फिर मालिनी ये कहते हुए चली गई के उसे और भी लोगों से मिलना है और अब वहा राघव और नेहा बस बचे थे

नेहा – आप तो नहीं आने वाले थे फिर क्या हुआ??

नेहा ने उसकी पोजिशन मे पूछा

राघव- मैं अपनी बेबी का सक्सेस कैसे मिस कर सकता था?

राघव ने नेहा के गाल खिचते हुए कहा और उसके होंठों पर हल्के से चूम लिया और नेहा की आंखे बड़ी हो गई

नेहा- बेशर्म! जगह तो देखिए सब लोग है यहा

नेहा ने उसके सीने पर हल्के से मारते हुए कहा

राघव- कम ऑन चिक्की तुम मालकिन हो यहा की, ये जगह तुम्हारी है और तुम मेरी

तभी

जानकी- तो आ गए तुम

जानकी जी ने वहा आते हुए कहा और वो दोनों एकदूसरे तो थोड़ा दूर हटे

राघव- हा आगया मा

राघव ने उनके पास जाते हुए कहा

जानकी- लेकिन तुम तो कह रहे थे नहीं आ पाओगे

राघव- आपको मिस कर रहा था न तो आ गया

जानकी- चल चल ड्रामेबाज़, सब जानती हु मैं, नेहा चलो बेटा रिबन काट कर ओपनिंग करो चलो

जिसके बाद वो तीनों वहा से चले गए

दादी ने नेहा से ओपनिंग करने कहा था क्युकी पहली अकादेमी की ओपनिंग दादी और दादू ने की थी, नेहा ने गेट के पास जाकर राघव को अपने पास आने का इशारा किया और राघव भी उसके पास पहुचा

नेहा- आप मेरी सबसे बड़ी ताकत है इसीलिए मैं चाहती हु के आप मेरे साथ इस जगह की ओपनिंग करे नेहा ने राघव का हाथ पकड़ते हुए कहा

रिद्धि- हाउ रोमांटिक!!

शेखर – हा हा इन दोनों ने तो रोमांटिक होने के सारे रिकार्ड तोड़ दिए है

शेखर ने कहा

धनंजय- अरे बस करो भाई अब रिबन कट करो मुहूरत निकल रहा है

जिसके बाद नेहा और राघव ने अकादेमी की ओपनिंग की,

जब ईवेंट खतम हो गया तब वहा सिर्फ घरवाले और कुछ वर्कर्स बचे थे

मीनाक्षी- चलो सब बढ़िया हो गया

राघव- नहीं चाची! अभी भी एक चीज बाकी है!

राघव ने अपनी चाची से कहा फिर अपने दादा दादी और मा बाप को देखा जिन्होंने हा मे गर्दन हिला दी

रमाकांत- राघव अब तुम लोग जाओ और उसके साथ जल्दी वापिस आओ, तुम जानते हो मैं क्या कह रहा हु

जानकी- हा अब और इंतजार नहीं होता

जानकी जी ने एक्साइट होते हुए कहा

गायत्री- हा जाओ अब तुम लोग हम घर पर सब तयारी करके रखते है

धनंजय- बेस्ट ऑफ लक

मीनाक्षी- और जल्दी आना

विवेक- हा भाई भाभी हमने भी तयारी करके रखी है

राघव- हा आप लोग घर पहुचो हम आते है

जिसके बाद राघव और नेहा वहा से निकल गए

कुछ समय बाद राघव और नेहा गाड़ी मे बैठे थे राघव ने नेहा को देखा तो वो काफी ज्यादा नर्वस थी और अपने नाखून चबा रही थी

राघव- डोंट वरी जान सब सही होगा देखना तुम

राघव ने नेहा का हाथ पकड़ते हुए कहा

नेहा- मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा, सब लोग कितने खुश है उन्होंने हमे हर बात मे सपोर्ट किया है, किसी ने एक बार भी हमे नहीं रोका या किसी को ऐसा नहीं लगा के हम गलत कर रहे है जैसा अक्सर होता है मैं उन्हे निराश नहीं करना चाहती

राघव- ऐसा कुछ नहीं होगा सब सही होगा देखना तुम

राघव ने कार रोकते हुए कहा वो अपनी मंजिल पर पहुच चुके थे उन्होंने बाहर आकार उस जगह को देखा

'जमनादास अनाथआश्रम'

वो लोग बच्चा गोद लेने आए थे, अब इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं था के राघव या नेहा मे कोई कमी थी बल्कि वो किसी ऐसे हो जिंदगी देना चाहते थे जो पहले ही इस धरातल पर मौजूद था, उन्होंने इस बारे मे अपने परिवार से बात की थी जिसमे उन्होंने भी इन्हे सपोर्ट किया था

राघव ने नेहा का हाथ पकड़ा और उन्होंने अपना कदम आगे बढ़ाया, नेहा तो नर्वस थी ही लेकिन राघव की हालत भी कुछ अलग नहीं थी, वो पेरेंट्स बनने वाले थे, उन्होंने पहले ही सोचा था के नेहा के अकादेमी के इनॉग्रेशन के दिन वो बच्चा एडॉप्ट करेंगे लेकिन फिर राघव को बाहर जाना पड़ा था तो पहले तो नेहा ने सोचा किसी और दिन लेकिन जो होना तय था हो रहा था

“मैंने आपसे रिलेटेड सारे डॉक्युमेंट्स चेक कर लिए है मिस्टर एण्ड मिसेज देशपांडे, हम किसी को भी ऐसे ही बच्चे की कस्टडी नहीं देते है लेकिन आप बच्चा एडॉप्ट करने के लिए एलिजबल है और सबसे बड़ी बात आप दोनों ये खुद की मर्जी से कर रहे है ना की किसी दूसरी वजह से या किसी कॉम्प्लिकेशन की वजह से, आप जैसे बहुत कम लोग है दुनिया मे वरना यहां तो सबको अपना खून ही प्यारा है”

“वो बहुत ही शांत और शर्मिला है मिस्टर एण्ड मिसेज देशपांडे आपको उसे बहुत प्यार से हंडेल करना पड़ेगा, चलिए”

अनाथआश्रम के मैनेजर ने कहा और वो उनके साथ गार्डन की ओर आए

“वो रहा वो, अब आपको उसे संभालिए मैं आता हु”

गार्डन में एक और इशारा करके मैनेजर वहा से चला गया नेहा और राघव ने उस ओर देखा जहा बस एक बच्चा था, जिसे उन्होंने एडॉप्ट किया था, उसके साथ उनका नाम जुडने वाला था, जिससे आज दोनों ही खुश थे, आज उनकी फॅमिली कम्प्लीट हुई थी, इस नए मेहमान के आने से उनकी खुशिया दुगनी होने वाली थी

आज उनके पास सबकुछ था, ये कहानी जो एक बिखरे हुए रिश्ते से शुरू हुई थी आज निखर कर एक खूबसूरत प्रेमकहनी मे बदल चुकी थी, जरूरी नहीं के शादी से पहले ही प्यार हो, कभी कभी शादी के बाद भी आपको बेइंतेहा प्यार हो सकता है बस आपको थोड़ा वक्त देने की जरूरत है।

और इसीके साथ ये सफर यही खत्म होता है

With Never Ending Love..!!

The End..!!
 
सो हेरे आईटी इस ानोथेर स्टोरी केस तो ान एन्ड. मैंने जितना सोचा था उससे कही अधिक रिस्पांस मिला है इस कहानी हो. होनेस्त्ली स्पीकिंग, अब कहानी में आगे करने को ज्यादा कुछ बचा नहीं था जिस प्लाट के साथ मैंने कहानी शुरू की थी वो अर्च पूरा हो चूका है और अब यहाँ से इसे आगे खींचना यानि टीवी सीरियल बना देना है इसको जिसमे विललाइंस आते जाये जो मैं नहीं चाहता :डी

और जरुरत से ज्यादा कहानी खींचने में मैं बिलीव नहीं करता उसमे फिर लिखने का इंटरेस्ट ख़तम होते जाता है.

आप सभी ने इस कहानी जो जितना प्यार दिया है उसके लिए आपका बहुत बहुत बहुत शुक्रिया, ये मेरी अब तक की सफ की सबसे पॉपुलर स्टोरी रही है इन टर्म्स ऑफ़ व्यूज एंड रिलीज. और आईटी इस प्रोवेद के हर बार कहानी को सफल बनाने के लिए विलन और एक्शन की जरुरत नहीं पड़ती सोमेतिमेस पुरे रोमांस कैन बे सक्सेस्फुल तू :डी

इस स्टोरी को आगे बढ़ने का प्लाट कभी दिमाग में आता तो इसका सीक्वल जरूर लिखूंगा :डी

एन्जॉय थे उपदटेस गाइस आल्सो निचे एक अनाउंसमेंट है उसे मिस मत करना :डी


:चियर्स:
 
एंड आल माय साइलेंट रीडर्स जिन्होंने कमेंट तो नहीं किया बूत साथ बने रहे

ा स्पेशल थैंक यू तो एच ओने ऑफ़ यू फॉर सपोर्टिंग में इन थिस जर्नी :thank_you:

जिनको मेंशन नहीं कर पाया उनको भी दिल से थैंक यू :शाय:

अब निचे का अनाउंसमेंट पढ़ो :डी
 
नेक्स्ट स्टोरी

"एक दूजे के वास्ते.."

"एक दूजे के वास्ते.."

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"मेरी आँखों मे देख कर कह दो अक्षिता के तुम मुझसे प्यार नहीं करती" उसने चिल्ला कर पूछा

"मैं तुमसे प्यार नहीं करती" अक्षिता ने उसकी आँखों मे देखते हुए कहा

उसने उसे किसी भी चीज से ज्यादा चाहा था बेइंतेहा मोहब्बत की थी

लेकिन आज उसने उसके दिल के टुकड़े टुकड़े कर दिए थे

क्या होगा जब इन दोनों की राहे फिर से टकराएंगी?

1.5 साल बाद दोनों फिर होंगे आमने सामने

क्या वो अपनी जिंदगी मे आगे बढ़ेंगे या शुरू होगा प्यार का एक और सिलसिला

"एक दूजे के वास्ते.."

स्टार्टिंग आफ्टर दिवाली!!
 
थॉट्स आल फॉर्म माय साइड हेरे इस में साइनिंग ऑफ :thank_you:

विशिंग यू गाइस हैप्पी नवरात्री एंड ा हैप्पी एंड प्रोस्पेरोउस दिवाली!!


सी यू गाइस विथ थे नेक्स्ट स्टोरी तब तक इसमें मस्त रेविएवस दो. बेस्ट ओनेस विल में फीचर्ड ों 1सत पेज :डी

बाकि टैग में अन्य्तिमे िफ़ यू नीड अन्य हेल्प तब तक के लिए

सायोनारा


:केओ:
 
वेल that's व्हाट ी कॉल ा परफेक्ट रिव्यु

लम्मे फीचर थिस ों फर्स्ट पेज :ऑनलाइन:

तुम दोस्तों की वजह से hi तो अपुन ये स्टोरी कम्पलीट कर पाया है :डी

थैंक यू फॉर आल थे सपोर्ट में :चियर्स:

ये भले मेरी पहली कहानी है जो तुमने पढ़ी है बूत आईटी won't बे लास्ट ओने :डी

अगली स्टोरी में भी तेरे रेविएवस चाहिए अपुन को :डी
 
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