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- Dec 5, 2013
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प्लांट के अधिकारियो ने मजदूर यूनियन के पुराने पदाधिकारियों से किसी तरह संपर्क बनाया और उन्हे गुप्त रूप से रात 8बजे बंगले पे कंपनी की मालकिन सुजाता मैडम से मिलने के लिए कहा।
इधर राजेश कंपनी के अधिकारियो से मोबाइलसे संपर्क में रहा और जानकारी लेता रहा।
अधिकारियो ने राजेश को बताया कि मजदूर यूनियन के पुराने पदाधिकारी मैडम से मिलने के लिए तैयार हो गए हैं।
रात के 8बजे सभी पुराने पदाधिकारी लोगों से छिपते छिपाते किसी तरह बंगला में पहुंचे। जब सभी पूर्व पदाधिकारी मीटिंग हॉल में इकठ्ठा हो गए तब राजेश और सुजाता ने हाल में प्रवेश किया।
सभी पूर्व पदाधिकारियों ने सुजाता का अभिवादन किया।
प्लांट के मुख्य प्रबंधक _मैम ये महेंद्र सिंग है, मजदूर यूनियन के पूर्व अध्यक्ष।
महेंद्र सिंग ने हाथ जोड़ सुजाता को नमस्कार किया।
महेंद्र सिंग _मैडम जी आपने हमे कैसे याद किया?
राजेश _महेंद्र सिंग, तुम प्लांट की स्थिति से वाकिफ हो, हड़ताल के कारण हमारे कंपनी मुसीबत बे आ गई है। अगर हड़ताल कुछ और दिन चला तो प्लांट बंद करना पड़ेगा, और यह प्लांट बंद हो गया तो यहां काम करने वाले गरीब मजदूरों के लिए हित में नहीं होगा। इन बातों को ध्यान में न रखते हुए वर्तमान यूनियन लीडर अपने मांगो को लेकर जिद पर अड़ा हुआ है, वह समझौता के लिए तैयार ही नहीं है। आप इस यूनियन के पुराने लीडर रहे हैं। आप से कई मज़दूर जुड़े हुए होंगे। आप मजदूरों और कंपनी दोनों के हित को ध्यान में रखकर, आप हमारा साथ दीजिए।
महेंद्र सिंग_ साहब, हम लोग के साथ साथ कई मजदूर भी चाहते है कि हड़ताल को वापस लिया जाए लेकिन ये राकेश सिंह और उसके साथी गुंडे प्रवृत्ति के लोग हैं उसके खिलाफ जाने से सभी डरते हैं। कोई उनका विरोध नहीं कर पा रहा है।
कम्पनी की हालत जानकर हम भी काफी चिंतित है।
कम्पनी की भलाई के लिए हम आपके साथ है बोलिए हमे क्या करना होगा?
राजेश _अगर तुम लोग हमारा साथ दो तो राकेश सिंह और उसके साथी किसी का कुछ नहीं कर पाएगा।
अन्य पधाधिकारी _बोलिए साहब हमे क्या करना है, हम आपके साथ है।
राजेश _देखिए, जीतने भी मज़दूर हड़ताल वापस लेने के पक्ष में है आप लोग उनसे सम्पर्क कर उन्हे एक जुट करो।
कल मैम हड़ताल मंच पर सभी मजदूरो के सामने अपनी बात रखेगी तुम लोग भीड़ में अलग अलग जगह बैठे रहोगे और मैडम की बातो का समर्थन करोगे।
बस इतना कर दिए तो समझो काल हड़ताल टूटने से कोई रोक न सकेगा।
महेंद्र सिंग _ठीक है साहब हम आपके बताए अनुसार ही कार्य करेंगे?
राजेश _तो ठीक है, कल प्रातः 12बजे मैम मजदूरों के बीच अपनी बात रखेगी, आप सभी अपने समर्थकों को तैयार रखना और इस बात का ध्यान रखना की राकेश और उसके साथियों को इस बात का कोई भनक भी न लगे।
महेंद्र सिंग _ठीक है साहब, आप चिंता न करें इस बात की जानकारी हमारे विरोधियों को बिलकुल नहीं होगी।
राजेश _तो ठीक है आप लोग जाइए और कल की तैयारी में लग जाइए।
सभी लोग वहा से चले गए।
लोगों के जाने के बाद प्लांट के एक अधिकारी ने कहा मैडम भोजन तैयार है, आप लोग डिनर कर लीजिए।
सुजाता _ठीक है, चलिए सभी डिनर कर लेते हैं।
डिनर करने के बाद, अधिकारी अपने घर चले गए।
इधर राजेश और सुजाता अपने कमरे में पहुंचे।
राजेश, सुजाता के कमरे में ही रह कर उसे कल मज़दूरों के सामने किस तरह अपनी बाते रखना है समझाने लगा।
सुजाता _पर राजेश, मज़दूरों के बीच कही मामला बिगड़ गया तो, वहा पर हिंसा भी हो सकता है।
राजेश _हमे हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा, यहां के थाना प्रभारी से कह दो की मैं कल मज़दूरों के बीच अपनी बातो को रखने जा रही हूं किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो उसके लिए अपना पुलिस फोर्स तैनात रखे।
सुजाता _हां, ये ठीक रहेगा।
राजेश _अच्छा मैम रात काफी हो गई है अब आप आराम कीजिए, मै भी अपने कमरे में जाता हूं।
सुजाता _ठीक है, राजेश, गुड नाईट। कल सुबह मिलते है।
राजेश अपने कमरे में सोने चला गया।
अगले दिन, हड़ताल स्थल पर सभी पूर्व पदाधिकारी और उसके समर्थकअपनीतैयारी के साथ मौजूद थे ।
करीब बारह बजे के समय सभी मज़दूर धरना स्थल पर पहुंच गए थे।
मज़दूरों की काफी भीड़ थी। थाना प्रभारी भी अपने दल बल के साथ हड़ताल स्थल पर उपस्थित हो चुके थे।
तभी अधिकारियो ने राजेश को काल कर कहा कि सब तैयारिया हो चुकी है धरना स्थल पर मज़दूरों की काफी भीड़ है। आप लोग धरने स्थल पर पहुंच जाइए।
राजेश _ठीक है हम लोग अभी पहुंच रहे हैं।
मैम चलिए, अब सही समय आ गया है, अपनी योजना को सफल बनाने का।
सुजाता _राजेश सब ठीक तो होगा न।
राजेश _मैम सब ठीक होगा, आप भरोसा रखे।
सुजाता और भगत धरने स्थल के लिए निकल पड़े साथ में बॉडी गार्ड भी था।
कुछ समय में दोनों धरना स्थल पर पहुंच ठीक कुछ समयपहले मुख्य प्रबंधक भी वहा पर पहुंचे थे वह सुजाता और राजेश का इंतजार कर रहा था।
अब तीनों मंच कि और आगे बड़े सभी मज़दूर कंपनी की मालकिन को आश्चर्य से देख रहे थे।
उन्हे इसकी उम्मीद नहीं थी की धरना स्थल पर मैडम पहुंचेगी।
मज़दूर संघ भी आश्चर्य में थे।
मंच पर एक नेता भाषण दे रहे थे।
जैसे ही उसने कंपनी की मालकिन को आते देखा, वह वह कम शब्दों में ही अपनी बाते खत्म कर दी।
प्रबन्धक ने माइक संभाला
उसने माइक पर मजदूरों को बताया की कंपनीआपलोगो की अधिकांशमांगे मान ली है, और आप आप लोगों के लिए ये खुशी की बात है कि मालकिन खुद ही आप लोगो से बात करने आई है।
उम्मीद है आप लोग उनकी बातों को ध्यान से सुनेंगे और मजदूरों और कंपनी की भलाई के लिए हम किसी निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे।
सुजाता ने माइक अपने हाथो में ले लिया,
सुजाता _मेरे कंपनीके मज़दूर भाईयो, मै आज आपके बीच मालकिन बनकर नही आई हूं। हमारा कंपनी एक परिवार है और मैं और आप सभी इस कम्पनी के सदस्य है, और इस परिवार के मुखिया होने के नाते आपलोगो से मिलने आई हूं।
मेरे भाईयो आप लोगो के मेहनत के कारण से ही हमारा कंपनी बुलंदियों को छू पाया था। लेकिन आज आप लोगो की नाराजगी के कारण हमारा यह कंपनी अपने बुरे दौर से गुज़र रहा है।
मैं आप लोगों को यह बताने आई हूं की हमारी कंपनी आपकी सभी जायज मांगों को मान ली है।
कुछ चीजों पर गतिरोध बना हुआ है जिसे हमे आपस में विचार विमर्श कर उसे भी दूर करना है।
हमारी कंपनी सदा अपने हर सदस्यों का ख्याल रखा है। और आगे आगे भी रखेगी।
मैं यह घोसना करती हूं कि किसी भी मज़दूर भाई का सेवा के दौरान आकस्मिक निधन होता है तो उसके परिवार को 10लाख रुपए दिया जाएगा।
उसके परिवार केएक सदस्य को सेवा पर रखा जाएगा।
किसी भी मज़दूर भाई के साथ कुछ हादसा होता है तो उसका पूरा इलाज कंपनी के द्वारा कराया जाएगा और उसके परिवार को मजदुरी भी मिलती रहेगी।
जब आप इस कम्पनी से सेवामुक्त हो जायेंगे तो जीवकोपार्जन के लिए पेंशन का प्रावधान बनाया जायेगा।
जहां तक वेतन में 50% वेतन में वृद्धि का सवाल है अभी तत्काल में 12% वेतन में वृद्धि की घोषणा करती हूं। यह 12 %वृद्धि हर साल किया जाएगा। जो आसपास के किसी भी कंपनी से कही अधिक है।
साथ ही आपको यह भी बताना चाहूंगी आपको दिवाली पर जो बोनस दिया जाता है वह बोनस अब कंपनी को प्राप्त होने वाले लाभ के बराबर दिया जायेगा।
मेरे भाईयो हमारी कंपनी सदेव आप लोगों के साथ खडा है, आप लोगो की भलाई के लिए कार्य किया है, मै आप लोगों को विश्वास दिलाती हूं की जब कंपनी की स्थिति अच्छी होगी तो आपके हित में और भी फैसले लिए जायेंगे।
अब आगे हमे कंपनी के हित के लिए कार्य करना होगा। क्यू की आज कंपनी की जो स्थिति है। उससे आप सभी भली भांति परिचित हैं।
आप लोगों से मै निवेदन करती हूं की आप लोग कंपनी की हित को ध्यान में रखते हुए अपने काम पर लौट आए, क्यू की कंपनी के हित में ही हम सबकी हित छुपा huwa है।
मैने अपनी बात आप सबके सामने रखी, अब मैं आप लोगों का विचार सुनना चाहती हूं।
तभी महेंद्र सिंग मंच पर आ गया,,
महेंद्र सिंग _भाईयो, हमारी कंपनी की मुखिया का बाते मैने सुना, वह हमारी लगभग सभी मांगे मान चुकी है। भाईयो आज कंपनी की जो स्थिति हैहम सब उससे अंजान नही है, अगर हम सब अपनी जिद पर अड़े रहे तो पता नही कंपनी का क्या होगा? हो सकता है कंपनी ही बिक जाए।
क्या आप चाहते हैं हमारी कंपनी बिक जाए।
बोलिए, यह खामोश रहने का समय नहीं है।
मजदूरों ने कहा नही हम कंपनी को बिकने नही देंगे।
हा मै जानता हूं की हमारे कोई भी मज़दूर भाई नही चाहते की कंपनी बिक जाए।
कम्पनी की भलाई के लिए जरूरी है की जब हमारी अधिकांश मांगे मान ली गई हो तो हमे भी उदार दिखाते हुए काम पर लौट जाना चाहिए।
बोलो कौन कौन मेरे बातो से सहमत हैं।
एक एक करके खड़े होकर पूर्व के मज़दूर यूनियन के पदाधिकारी खड़े होकर महेंद्र सिंग को अपना समर्थन देने लगे।
धीरे धीरे वे सभी मज़दूर जो राकेश सिंह के भय से अपनी आवाज नहीं उठा पा रहे थे वे भी खड़े होकर महेंद्र सिंग का समर्थन करने लगे।
जब राकेश सिंह ने देखा मामला बिगड़ रहा है उसने माइक सम्हाल ली।
राकेश सिंह _साथियों, इन लोगो के बहकावे में आप लोग मत आइए यह महेंद्र सिंग भी कंपनी मालकिन से मिला huwa है। अगर हम आज झुक गए तो हमारी मांगे कभी पूरी नहीं होगी।
तभी एक मज़दूर ने खड़े होकर कहा,
जब कंपनी रहेगी तभी तो हम मांग कर सकेंगे। जब कंपनी ही नहीं रहेगी तो किससे मांग करेगें।
हम तुम्हारे बहकावे में नहीं आएंगे।
आपने हमे बहुत गुमराह किया है।
अब हम वही करेगें जो महेंद्र बाबू कहेंगे।
क्यों भाईयो?
सभी मज़दूर चिल्लाने लगे,
महेंद्र बाबू हम आपके साथ है।
महेंद्र बाबू जिंदा बाद, सुजाता मैडम जिंदा बाद।
तभी मज़दूर यूनियन के एक सदस्य मंच पर आ गया।
साथियों आप लोगो ने मुझे भी हौसला बड़ा दिया सच्चाई सब के सामने रखने की, अब तक मै चुप था क्यू कि मुझे डर था की अगर मैने सच्चाई बता दिया तो यूनियन के पदाधिकारी मुझे जिंदा नहीं छोड़ेंगे।
साथियों मैने खुद ही अपने आंखो से देखा है यूनियन लीडर को हड़ताल न वापस लेने के लिए हमारे कंपनी के लोगो कुछ लोगो से पैसा लेते हुए।
सभी मज़दूर क्रोधित हो गए,
चिल्लाने लगे, मारो साले को, मज़दूर मंच की ओर बड़ने लगे।
राकेश _ये झूठ बोल रहा है, मुझ पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है।
पर मज़दूर माने नही, और वर्तमान यूनियन के सभी पदाधिकारियों को पीटने लगे।
पुलिस वालो ने मजदूरों को रोकने का बहुत प्रयास किया।पर मज़दूर रुके नहीं।
कुछ लोग राकेश सिंह को मंच से दूर ले गए वहां मजदूरों ने जमकर पिटाई किया।
मामला बिगड़ता देख राजेश ने सुजाता को माइक पर सबको शांत हो जाने के लिए बोलने कहा।
सुजाता _कृपया, आप सभी से निवेदन है कि आप सभी शान्त हो जाइए।
महेंद्र सिंह ने भी कहा साथियों अपने गुस्सा को काबू में रखिए और शांत हो जाइए।
मजदूरों ने यूनियन के पदाधिकारियों की पिटाई रोक दिया।
महेन्द्र सिंग_ भाईयो, इन लोगो को छोड़ दीजिए, कंपनी फैसला लेगी की इनके साथ क्या करना है।
सुजाता _इन लोगो ने लालच में आकर, कंपनी और मजदूरों दोनों के लिए मुसीबत खड़ी की है इसलिए कंपनी सेइन लोगो को बाहर निकाला जाता है।
सभी यूनियन पदाधिकारी की हालत पिटाई से खराब हो चुकी थीं।
वे वहा से जानें में ही अपना भलाई समझा।
अपमान का घुट पीकर वे सभी वहा से चले गए।
महेंद्र सिंह _साथियों, कंपनी को हमारी हड़ताल की वजह से काफी नुकसान पहुंचा है। अब हमारा फर्ज है की हम दिन रात मेहनत कर हमारी कंपनी का मान सम्मान फिर से से वापस दिलाए। हम सबको आज से ही अपने काम पर लग जाना चाहिए।
मैडम जी मै हम सभी मज़दूर भाईयो की ओर से आपसे माफी मांगता हूं।
हम लालची लोगो के बहकावे में आकर अपने कंपनी के साथ साथ अपने ही लिए गड्डे खोद रहे थे।
सुजाता _भाईयो, जो होना था हो गया, कंपनी को आप लोगो की जरूरत है। आप लोग अपने कार्य पर लग जाइए। कंपनी आपके हितों की रक्षा करेगी मै यह आप सभी से वादा करती हूं।
सभी मज़दूर चिल्लाने लगे, सुजाता मैडम ,जिंदा बाद सुजाता मैडम,जिंदा बाद।
फिर सभी मज़दूर फिर से कारखने की ओर चलने लगे। कारखाने का सायरन बजने लगा।
जब सभी मज़दूर अपने कार्य में लग गए।
वहा पर काफी देर तक महेंद्र सिंग, सुजाता राजेश और प्लांट के मुख्य अधिकारियो के बीच सलाह मशविरा होता रहा।
महेंद्र सिंग ने भरोसा दिलाया की आगे ऐसी स्थिति कभी नहीं आएगी।
उसके बाद राजेश और सुजाता, बंगला में आ गए।
सुजाता, राजेश को गले से लगा ली।
ओह राजेश आखिर तुमने कर दिखाया।
राजेश _मैम मैने क्या किया? जो कुछ भी किया आपने किया मैने तो सिर्फ मार्गदर्शन किया।
अब मीडिया वालो को बोलो की सभी न्यूज चैनलों पर यह खबर चलाए।
सुजाता के कहने पर सभी न्यूज चैनलों ने यह खबर चलाने लगे की, सुजाता एंडविशाल ग्रुप्सकी सोनपुर स्थित सीमेंट प्लांट में मजदूरों ने हड़ताल खत्म कर आज से ही काम पर लौटे।
जिसका सकारात्मक असर शेयर मार्केट पर पड़ा और कुछ ही देर में सुजाता की कंपनी के शेयर में तेजी आने लगा।
इधर रीता के सीईओ ने यह बात रीता को बताई की सुजाता की सीमेंट प्लांट के मजदूरों ने हड़ताल वापस ले लिया है।
रीता _हूं, जानती थी यही होने वाला है। उस लड़के के लड़के ने आखिर कर दिखाया।
रीता ने सुजाता को काल की,
सुजाता _बोलो रीता।
रीता _सुना है मजदूरों ने हड़ताल वापस ले लिया।
सुजाता _हां,re, ये सब राजेश की वजह से हो पाया।
रीता _ बधाई हो।जानती हूं, राजेश कुछ न कुछ जरूर करेगा।
वैसे कब वापस आ रही हो।
सुजाता कल दोपहर में निकलेंगे।
रीता _ठीक है, तुम वापस आओ फिर मुलाकात करते हैं।
सुजाता ने निशा को काल की।
सुजाता _बेटी, कैसी हो? तुम्हारे डैड कैसे हैं?
निशा _मॉम मैऔरडैड ठीक है ।आप वहा ठीक तो है न।
निशा _हां बेटा मै भी बिलकुल , बेटी एक खुशखबरी है। मजदूरों ने हड़ताल वापस ले लिया है और आज से ही काम पर लौट आए है।
निशा _मॉम, ये तो बहुत बड़ी खुशखबरी है मॉम।
सुजाता _हा बेटा, ये सब राजेश की वजह से हो पाया।
निशा _मॉम, अब आप लोग जल्दी से वापस आ जाओ। आपके बिना यहां अच्छा नही लग रहा।
सुजाता _कल दोपहर को हम घर के लिए निकलेंगे बेटा, कुछ काम है उसे निपटा कर।
अच्छा बेटा मै फ़ोन रखती हूं अपना और अपने पिता जी का ख्याल रखना।
निशा _ओके मॉम, लव यू।
सुजाता _लव यू टू बेटा।
निशा फ़ोन रखने के बाद,,, अपने कमरे में बेड में लेट कर,,
ओह राजेश आखिर तुमने कर दिखाया,,
वह अपनी मोबाइल के गैलरी पर रखी राजेश के फोटो को देखने लगी और मंद मंद मुस्कुराने लगी।
इधर राजेश और सुजाता डिनर करने के बाद फिर से प्लांट पे काम काज का जायेजा लेने के लिए चला गया।
दिनभर वही रुक कर काम काज देखते रहे जब वहा से लौटे तो रात के 8बज चुके थे।
बंगला में आने के बाद दोनों अपने कमरे में फ्रेश होने लगे, कुछ देर आराम करने के बाद, नौकरानी ने कमरे में आकर डिनर के लिए पूछा।
सुजाता ने नौकरानी को डिनर की तैयारी करने को कह दिया।
और राजेश के कमरे में चली गई।
सुजाता _क्या कर रहे हो राजेश?
राजेश _मैम आप, कुछ नहीं बस आराम कर रहा था।
सुजाता _मुझे लगता हैं तुम किसी के याद में खोए थे।
राजेश _मैम मै किसकी याद में खाऊंगा।
सुजाता _अपनी किसी गर्लफ्रेंड की।
कौन है वो खुशनशीब मै भी तो जानू?
राजेश _मैम, लड़कियों में तो सिर्फ दो ही दोस्त हैं, एक सीमा और दूसरी निशा और तो कोई है नहीं, जिसकी यादों में हम खोए रहे।
सुजाता _चल झूठे कही के ऐसा कैसे हो सकता है? क्या तुमने अभी तक किसी को प्रपोज नही किया।
राजेश _न।
सुजाता _बताओ, तुम्हें कैसी लड़की चाहिए।
राजेश _बिल्कुल आप ही की तरह।
सुजाता _क्या मै इतनी खूबसूरत हूं?
राजेश _ये भी पूछने की बात है। खुद को आईने में देखो, कितनी सुंदर हो स्वर्ग की किसी अप्सरा की तरह।
सुजाता _चल हट झूठा कही, चली डिनर का समय हो गया है।
सुजाता वहा से शरमाते हुवे चली गई।
रात में डिनर करने के बाद वे कुछ देर हाल में ही बैठ कार बात चीत करते रहे। फिर अपने अपने कमरे में सोने चले गए।
कमरे में जानें के बाद, सुजाता अपनी नाइटी पहन ली और बेड पर लेट कर राजेश के द्वारा कही बातो की उसे मेरी जैसी लड़की चाहिए,को याद कर मुस्करा रही थी।
सोने की कोशिश कर रही थी पर नींद नहीं आ रही थी। वह उठी और राजेश के कमरे की ओर चली गई और दरवाजा खटखटाई।
राजेश ने दरवाजा खोला।
राजेश _मैम, आप इस वक्त।
सुजाता _ओह राजेश मुझे नींद नहीं आ रही थी, तो सोचा तुमसे थोड़ी देर बात चीत कर लू।
कही तुम्हें डिस्टर्ब तो नही कर दिया।
राजेश _नही मैम आइए न।
सुजाता कमरे के अंदर आकर बेड पर बैठ गई।
सुजाता _राजेश, मै सोच रही थी कि यहां आस पास बहुत से मनोरम दृश्य है हम कल सुबह घूमने चले। पास में ही यहां पर एक झरना भी है क्यू ना हम वहा नहाने का मजा ले। पता नहि फिर यहां आने का कब मौका मिले।
राजेश _ओ तो ठीक है मैम पर वहा पर मौजुद लोग यदि तुमको पहचान लिया कि तुम सुजाता और विशाल ग्रुप की मालकिन हो वे सभी नहाना छोड़कर तुम्हें नहाते देखेंगे और वीडियो बनाकर वायरल कर देंगे।
सुजाता _अरे बाबा मै पूरी साड़ी पहनकर नहाऊंगी। और यहां आकर कपडे चेंज करूंगी।
अपने बॉडी गार्ड को भी नही ले जाऊंगी। सिर्फ हम दोनों ही जायेंगे। कोई नही जान पाएगा। हम बिलकुल सिंपल सा ड्रेस पहनेंगे।
क्या तुम मेरी इतनी सी इच्छा पूरी नहीं कर सकते?
राजेश _ठीक है, मैम।
सुजाता _खुश होकर, ठीक है कल सुबह तैयार रहना।
अब मै चलती हूं। तुम भी सो जाओ काफी रात हो गई है।
इधर निशा, अपने बेड पर करवट लेकर लेटी थी और मोबाइल पर राजेश की फ़ोटो को देख रही थी।
उसकी आंख लग गई।
वह सपने देखने लगी,
उसने सपने में देखा की वह राजेश को किसी सुनसान जगह पर नदी किनारे मिलने बुलाई है।
वह काफी देर से राजेश का इंतजार कर रही है और राज काफी देर बाद आया।
राजेश _बोलो निशा, मुझे यहां क्यूं बुलाई?
निशा _पहले ये बताओ तुम्हें लेट कैसे हो गया? मुझे तो लगा की तुम नही आओगे।
राज_तुम बुलाओगी और मैं न आऊं ऐसा भला हो सकता है।
बोलो क्यूं बुलाई?
निशा _मुझे तुमसे कुछ कहना है?
राजेश _कहो न जो कहना है?
निशा _हूं, मुझे समझ नहीं आ रहा ये बात तुमसे कैसे कहूं, मुझे शर्म आ रही।
राजेश _अच्छा ऐसी बात है तो लिखकर बता दो क्या कहना है?
निशा _हा ये ठीक रहेगा।
तुम पीछे मुंह करो।
राजेश पीछे घूम गया।
वहा पर एक बड़ा सा चट्टान था। निशा ने एक सफेद पत्थर का छोटा टुकड़ा उठाया और चट्टान पर i Love you लिख दी और चट्टान के पीछे जाकर छिप गई।
फिर बोली।
राज अब देखो क्या लिखी है मैने।
राजेश ने पीछे घूमकर देखा I love you Raj पड़कर मुस्कुराने लगा।
राजेश ने चट्टान के पीछे गया।
निशा शर्म के मारे अपने दोनों हाथों से अपनी चेहरा छिपा ली।
राज ने उनके दोनों हाथो को चेहरे से हटाकर कहा,,,
सच में।
निशा ने अपनी झुकी नजरो को उठाकर राज की ओर देखा, फिर हा में सिर हिलाया।
राजेश ने निशा को बाहों मे भर लिया।
निशा भी राजेश से लिपट गई।
फिर दोनों गीत गाने लगे,,
हम तुम्हें इतना प्यार करेगें।
हम तुम्हें इतना प्यार करेगें।
कि लोग हमें याद करेगें।
कि लोग हमें याद करेगें।
हम भूले तो हम हरजाई।
तुम भूले तो तुम हरजाई, हो।
हम भूले तो हम हरजाई।
तुम भूले तो तुम हरजाई
हमने आज किया ये वादा
हमने ये आज कसम ये उठाई
साथ जिएंगे साथ मरेंगे
साथ जिएंगे साथ मरेंगे।
की लोग हमें याद करेगें।
कि लोग हमें याद करेगें
हम तुम्हें इतना प्यार करेगें।
गाना खत्म होने के बाद राजेश ने निशा से एक किस मांगा।
निशा _न शादी के बाद।
राजेश नही माना और निशा की पकड़ने के लिए दौड़ा निशा भागने लगी, तभी निशा का पैर फिशल गया और वह जोर से चिल्लाते हुए ओह मां।
तभी निशा की नींद खुल गई,,
उसकी सांसे तेज तेज चल रही थी।
उसने अपने आसपास देखा, वह समझ गई की वह सपने देख रही थीं।
वह खुद पर शर्मिंदा महसूस करते हुए, राजेश की फ़ोटो को मोबाइल पे फिर से देखी,
तुमने मुझपर ये कैसा जादू कर दिया है।
अब तुम भी सो जाओ और मुझे भी सोने दो।
उसने मोबाइल स्विच ऑफ कर सो गई।
इधर राजेश कंपनी के अधिकारियो से मोबाइलसे संपर्क में रहा और जानकारी लेता रहा।
अधिकारियो ने राजेश को बताया कि मजदूर यूनियन के पुराने पदाधिकारी मैडम से मिलने के लिए तैयार हो गए हैं।
रात के 8बजे सभी पुराने पदाधिकारी लोगों से छिपते छिपाते किसी तरह बंगला में पहुंचे। जब सभी पूर्व पदाधिकारी मीटिंग हॉल में इकठ्ठा हो गए तब राजेश और सुजाता ने हाल में प्रवेश किया।
सभी पूर्व पदाधिकारियों ने सुजाता का अभिवादन किया।
प्लांट के मुख्य प्रबंधक _मैम ये महेंद्र सिंग है, मजदूर यूनियन के पूर्व अध्यक्ष।
महेंद्र सिंग ने हाथ जोड़ सुजाता को नमस्कार किया।
महेंद्र सिंग _मैडम जी आपने हमे कैसे याद किया?
राजेश _महेंद्र सिंग, तुम प्लांट की स्थिति से वाकिफ हो, हड़ताल के कारण हमारे कंपनी मुसीबत बे आ गई है। अगर हड़ताल कुछ और दिन चला तो प्लांट बंद करना पड़ेगा, और यह प्लांट बंद हो गया तो यहां काम करने वाले गरीब मजदूरों के लिए हित में नहीं होगा। इन बातों को ध्यान में न रखते हुए वर्तमान यूनियन लीडर अपने मांगो को लेकर जिद पर अड़ा हुआ है, वह समझौता के लिए तैयार ही नहीं है। आप इस यूनियन के पुराने लीडर रहे हैं। आप से कई मज़दूर जुड़े हुए होंगे। आप मजदूरों और कंपनी दोनों के हित को ध्यान में रखकर, आप हमारा साथ दीजिए।
महेंद्र सिंग_ साहब, हम लोग के साथ साथ कई मजदूर भी चाहते है कि हड़ताल को वापस लिया जाए लेकिन ये राकेश सिंह और उसके साथी गुंडे प्रवृत्ति के लोग हैं उसके खिलाफ जाने से सभी डरते हैं। कोई उनका विरोध नहीं कर पा रहा है।
कम्पनी की हालत जानकर हम भी काफी चिंतित है।
कम्पनी की भलाई के लिए हम आपके साथ है बोलिए हमे क्या करना होगा?
राजेश _अगर तुम लोग हमारा साथ दो तो राकेश सिंह और उसके साथी किसी का कुछ नहीं कर पाएगा।
अन्य पधाधिकारी _बोलिए साहब हमे क्या करना है, हम आपके साथ है।
राजेश _देखिए, जीतने भी मज़दूर हड़ताल वापस लेने के पक्ष में है आप लोग उनसे सम्पर्क कर उन्हे एक जुट करो।
कल मैम हड़ताल मंच पर सभी मजदूरो के सामने अपनी बात रखेगी तुम लोग भीड़ में अलग अलग जगह बैठे रहोगे और मैडम की बातो का समर्थन करोगे।
बस इतना कर दिए तो समझो काल हड़ताल टूटने से कोई रोक न सकेगा।
महेंद्र सिंग _ठीक है साहब हम आपके बताए अनुसार ही कार्य करेंगे?
राजेश _तो ठीक है, कल प्रातः 12बजे मैम मजदूरों के बीच अपनी बात रखेगी, आप सभी अपने समर्थकों को तैयार रखना और इस बात का ध्यान रखना की राकेश और उसके साथियों को इस बात का कोई भनक भी न लगे।
महेंद्र सिंग _ठीक है साहब, आप चिंता न करें इस बात की जानकारी हमारे विरोधियों को बिलकुल नहीं होगी।
राजेश _तो ठीक है आप लोग जाइए और कल की तैयारी में लग जाइए।
सभी लोग वहा से चले गए।
लोगों के जाने के बाद प्लांट के एक अधिकारी ने कहा मैडम भोजन तैयार है, आप लोग डिनर कर लीजिए।
सुजाता _ठीक है, चलिए सभी डिनर कर लेते हैं।
डिनर करने के बाद, अधिकारी अपने घर चले गए।
इधर राजेश और सुजाता अपने कमरे में पहुंचे।
राजेश, सुजाता के कमरे में ही रह कर उसे कल मज़दूरों के सामने किस तरह अपनी बाते रखना है समझाने लगा।
सुजाता _पर राजेश, मज़दूरों के बीच कही मामला बिगड़ गया तो, वहा पर हिंसा भी हो सकता है।
राजेश _हमे हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा, यहां के थाना प्रभारी से कह दो की मैं कल मज़दूरों के बीच अपनी बातो को रखने जा रही हूं किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो उसके लिए अपना पुलिस फोर्स तैनात रखे।
सुजाता _हां, ये ठीक रहेगा।
राजेश _अच्छा मैम रात काफी हो गई है अब आप आराम कीजिए, मै भी अपने कमरे में जाता हूं।
सुजाता _ठीक है, राजेश, गुड नाईट। कल सुबह मिलते है।
राजेश अपने कमरे में सोने चला गया।
अगले दिन, हड़ताल स्थल पर सभी पूर्व पदाधिकारी और उसके समर्थकअपनीतैयारी के साथ मौजूद थे ।
करीब बारह बजे के समय सभी मज़दूर धरना स्थल पर पहुंच गए थे।
मज़दूरों की काफी भीड़ थी। थाना प्रभारी भी अपने दल बल के साथ हड़ताल स्थल पर उपस्थित हो चुके थे।
तभी अधिकारियो ने राजेश को काल कर कहा कि सब तैयारिया हो चुकी है धरना स्थल पर मज़दूरों की काफी भीड़ है। आप लोग धरने स्थल पर पहुंच जाइए।
राजेश _ठीक है हम लोग अभी पहुंच रहे हैं।
मैम चलिए, अब सही समय आ गया है, अपनी योजना को सफल बनाने का।
सुजाता _राजेश सब ठीक तो होगा न।
राजेश _मैम सब ठीक होगा, आप भरोसा रखे।
सुजाता और भगत धरने स्थल के लिए निकल पड़े साथ में बॉडी गार्ड भी था।
कुछ समय में दोनों धरना स्थल पर पहुंच ठीक कुछ समयपहले मुख्य प्रबंधक भी वहा पर पहुंचे थे वह सुजाता और राजेश का इंतजार कर रहा था।
अब तीनों मंच कि और आगे बड़े सभी मज़दूर कंपनी की मालकिन को आश्चर्य से देख रहे थे।
उन्हे इसकी उम्मीद नहीं थी की धरना स्थल पर मैडम पहुंचेगी।
मज़दूर संघ भी आश्चर्य में थे।
मंच पर एक नेता भाषण दे रहे थे।
जैसे ही उसने कंपनी की मालकिन को आते देखा, वह वह कम शब्दों में ही अपनी बाते खत्म कर दी।
प्रबन्धक ने माइक संभाला
उसने माइक पर मजदूरों को बताया की कंपनीआपलोगो की अधिकांशमांगे मान ली है, और आप आप लोगों के लिए ये खुशी की बात है कि मालकिन खुद ही आप लोगो से बात करने आई है।
उम्मीद है आप लोग उनकी बातों को ध्यान से सुनेंगे और मजदूरों और कंपनी की भलाई के लिए हम किसी निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे।
सुजाता ने माइक अपने हाथो में ले लिया,
सुजाता _मेरे कंपनीके मज़दूर भाईयो, मै आज आपके बीच मालकिन बनकर नही आई हूं। हमारा कंपनी एक परिवार है और मैं और आप सभी इस कम्पनी के सदस्य है, और इस परिवार के मुखिया होने के नाते आपलोगो से मिलने आई हूं।
मेरे भाईयो आप लोगो के मेहनत के कारण से ही हमारा कंपनी बुलंदियों को छू पाया था। लेकिन आज आप लोगो की नाराजगी के कारण हमारा यह कंपनी अपने बुरे दौर से गुज़र रहा है।
मैं आप लोगों को यह बताने आई हूं की हमारी कंपनी आपकी सभी जायज मांगों को मान ली है।
कुछ चीजों पर गतिरोध बना हुआ है जिसे हमे आपस में विचार विमर्श कर उसे भी दूर करना है।
हमारी कंपनी सदा अपने हर सदस्यों का ख्याल रखा है। और आगे आगे भी रखेगी।
मैं यह घोसना करती हूं कि किसी भी मज़दूर भाई का सेवा के दौरान आकस्मिक निधन होता है तो उसके परिवार को 10लाख रुपए दिया जाएगा।
उसके परिवार केएक सदस्य को सेवा पर रखा जाएगा।
किसी भी मज़दूर भाई के साथ कुछ हादसा होता है तो उसका पूरा इलाज कंपनी के द्वारा कराया जाएगा और उसके परिवार को मजदुरी भी मिलती रहेगी।
जब आप इस कम्पनी से सेवामुक्त हो जायेंगे तो जीवकोपार्जन के लिए पेंशन का प्रावधान बनाया जायेगा।
जहां तक वेतन में 50% वेतन में वृद्धि का सवाल है अभी तत्काल में 12% वेतन में वृद्धि की घोषणा करती हूं। यह 12 %वृद्धि हर साल किया जाएगा। जो आसपास के किसी भी कंपनी से कही अधिक है।
साथ ही आपको यह भी बताना चाहूंगी आपको दिवाली पर जो बोनस दिया जाता है वह बोनस अब कंपनी को प्राप्त होने वाले लाभ के बराबर दिया जायेगा।
मेरे भाईयो हमारी कंपनी सदेव आप लोगों के साथ खडा है, आप लोगो की भलाई के लिए कार्य किया है, मै आप लोगों को विश्वास दिलाती हूं की जब कंपनी की स्थिति अच्छी होगी तो आपके हित में और भी फैसले लिए जायेंगे।
अब आगे हमे कंपनी के हित के लिए कार्य करना होगा। क्यू की आज कंपनी की जो स्थिति है। उससे आप सभी भली भांति परिचित हैं।
आप लोगों से मै निवेदन करती हूं की आप लोग कंपनी की हित को ध्यान में रखते हुए अपने काम पर लौट आए, क्यू की कंपनी के हित में ही हम सबकी हित छुपा huwa है।
मैने अपनी बात आप सबके सामने रखी, अब मैं आप लोगों का विचार सुनना चाहती हूं।
तभी महेंद्र सिंग मंच पर आ गया,,
महेंद्र सिंग _भाईयो, हमारी कंपनी की मुखिया का बाते मैने सुना, वह हमारी लगभग सभी मांगे मान चुकी है। भाईयो आज कंपनी की जो स्थिति हैहम सब उससे अंजान नही है, अगर हम सब अपनी जिद पर अड़े रहे तो पता नही कंपनी का क्या होगा? हो सकता है कंपनी ही बिक जाए।
क्या आप चाहते हैं हमारी कंपनी बिक जाए।
बोलिए, यह खामोश रहने का समय नहीं है।
मजदूरों ने कहा नही हम कंपनी को बिकने नही देंगे।
हा मै जानता हूं की हमारे कोई भी मज़दूर भाई नही चाहते की कंपनी बिक जाए।
कम्पनी की भलाई के लिए जरूरी है की जब हमारी अधिकांश मांगे मान ली गई हो तो हमे भी उदार दिखाते हुए काम पर लौट जाना चाहिए।
बोलो कौन कौन मेरे बातो से सहमत हैं।
एक एक करके खड़े होकर पूर्व के मज़दूर यूनियन के पदाधिकारी खड़े होकर महेंद्र सिंग को अपना समर्थन देने लगे।
धीरे धीरे वे सभी मज़दूर जो राकेश सिंह के भय से अपनी आवाज नहीं उठा पा रहे थे वे भी खड़े होकर महेंद्र सिंग का समर्थन करने लगे।
जब राकेश सिंह ने देखा मामला बिगड़ रहा है उसने माइक सम्हाल ली।
राकेश सिंह _साथियों, इन लोगो के बहकावे में आप लोग मत आइए यह महेंद्र सिंग भी कंपनी मालकिन से मिला huwa है। अगर हम आज झुक गए तो हमारी मांगे कभी पूरी नहीं होगी।
तभी एक मज़दूर ने खड़े होकर कहा,
जब कंपनी रहेगी तभी तो हम मांग कर सकेंगे। जब कंपनी ही नहीं रहेगी तो किससे मांग करेगें।
हम तुम्हारे बहकावे में नहीं आएंगे।
आपने हमे बहुत गुमराह किया है।
अब हम वही करेगें जो महेंद्र बाबू कहेंगे।
क्यों भाईयो?
सभी मज़दूर चिल्लाने लगे,
महेंद्र बाबू हम आपके साथ है।
महेंद्र बाबू जिंदा बाद, सुजाता मैडम जिंदा बाद।
तभी मज़दूर यूनियन के एक सदस्य मंच पर आ गया।
साथियों आप लोगो ने मुझे भी हौसला बड़ा दिया सच्चाई सब के सामने रखने की, अब तक मै चुप था क्यू कि मुझे डर था की अगर मैने सच्चाई बता दिया तो यूनियन के पदाधिकारी मुझे जिंदा नहीं छोड़ेंगे।
साथियों मैने खुद ही अपने आंखो से देखा है यूनियन लीडर को हड़ताल न वापस लेने के लिए हमारे कंपनी के लोगो कुछ लोगो से पैसा लेते हुए।
सभी मज़दूर क्रोधित हो गए,
चिल्लाने लगे, मारो साले को, मज़दूर मंच की ओर बड़ने लगे।
राकेश _ये झूठ बोल रहा है, मुझ पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है।
पर मज़दूर माने नही, और वर्तमान यूनियन के सभी पदाधिकारियों को पीटने लगे।
पुलिस वालो ने मजदूरों को रोकने का बहुत प्रयास किया।पर मज़दूर रुके नहीं।
कुछ लोग राकेश सिंह को मंच से दूर ले गए वहां मजदूरों ने जमकर पिटाई किया।
मामला बिगड़ता देख राजेश ने सुजाता को माइक पर सबको शांत हो जाने के लिए बोलने कहा।
सुजाता _कृपया, आप सभी से निवेदन है कि आप सभी शान्त हो जाइए।
महेंद्र सिंह ने भी कहा साथियों अपने गुस्सा को काबू में रखिए और शांत हो जाइए।
मजदूरों ने यूनियन के पदाधिकारियों की पिटाई रोक दिया।
महेन्द्र सिंग_ भाईयो, इन लोगो को छोड़ दीजिए, कंपनी फैसला लेगी की इनके साथ क्या करना है।
सुजाता _इन लोगो ने लालच में आकर, कंपनी और मजदूरों दोनों के लिए मुसीबत खड़ी की है इसलिए कंपनी सेइन लोगो को बाहर निकाला जाता है।
सभी यूनियन पदाधिकारी की हालत पिटाई से खराब हो चुकी थीं।
वे वहा से जानें में ही अपना भलाई समझा।
अपमान का घुट पीकर वे सभी वहा से चले गए।
महेंद्र सिंह _साथियों, कंपनी को हमारी हड़ताल की वजह से काफी नुकसान पहुंचा है। अब हमारा फर्ज है की हम दिन रात मेहनत कर हमारी कंपनी का मान सम्मान फिर से से वापस दिलाए। हम सबको आज से ही अपने काम पर लग जाना चाहिए।
मैडम जी मै हम सभी मज़दूर भाईयो की ओर से आपसे माफी मांगता हूं।
हम लालची लोगो के बहकावे में आकर अपने कंपनी के साथ साथ अपने ही लिए गड्डे खोद रहे थे।
सुजाता _भाईयो, जो होना था हो गया, कंपनी को आप लोगो की जरूरत है। आप लोग अपने कार्य पर लग जाइए। कंपनी आपके हितों की रक्षा करेगी मै यह आप सभी से वादा करती हूं।
सभी मज़दूर चिल्लाने लगे, सुजाता मैडम ,जिंदा बाद सुजाता मैडम,जिंदा बाद।
फिर सभी मज़दूर फिर से कारखने की ओर चलने लगे। कारखाने का सायरन बजने लगा।
जब सभी मज़दूर अपने कार्य में लग गए।
वहा पर काफी देर तक महेंद्र सिंग, सुजाता राजेश और प्लांट के मुख्य अधिकारियो के बीच सलाह मशविरा होता रहा।
महेंद्र सिंग ने भरोसा दिलाया की आगे ऐसी स्थिति कभी नहीं आएगी।
उसके बाद राजेश और सुजाता, बंगला में आ गए।
सुजाता, राजेश को गले से लगा ली।
ओह राजेश आखिर तुमने कर दिखाया।
राजेश _मैम मैने क्या किया? जो कुछ भी किया आपने किया मैने तो सिर्फ मार्गदर्शन किया।
अब मीडिया वालो को बोलो की सभी न्यूज चैनलों पर यह खबर चलाए।
सुजाता के कहने पर सभी न्यूज चैनलों ने यह खबर चलाने लगे की, सुजाता एंडविशाल ग्रुप्सकी सोनपुर स्थित सीमेंट प्लांट में मजदूरों ने हड़ताल खत्म कर आज से ही काम पर लौटे।
जिसका सकारात्मक असर शेयर मार्केट पर पड़ा और कुछ ही देर में सुजाता की कंपनी के शेयर में तेजी आने लगा।
इधर रीता के सीईओ ने यह बात रीता को बताई की सुजाता की सीमेंट प्लांट के मजदूरों ने हड़ताल वापस ले लिया है।
रीता _हूं, जानती थी यही होने वाला है। उस लड़के के लड़के ने आखिर कर दिखाया।
रीता ने सुजाता को काल की,
सुजाता _बोलो रीता।
रीता _सुना है मजदूरों ने हड़ताल वापस ले लिया।
सुजाता _हां,re, ये सब राजेश की वजह से हो पाया।
रीता _ बधाई हो।जानती हूं, राजेश कुछ न कुछ जरूर करेगा।
वैसे कब वापस आ रही हो।
सुजाता कल दोपहर में निकलेंगे।
रीता _ठीक है, तुम वापस आओ फिर मुलाकात करते हैं।
सुजाता ने निशा को काल की।
सुजाता _बेटी, कैसी हो? तुम्हारे डैड कैसे हैं?
निशा _मॉम मैऔरडैड ठीक है ।आप वहा ठीक तो है न।
निशा _हां बेटा मै भी बिलकुल , बेटी एक खुशखबरी है। मजदूरों ने हड़ताल वापस ले लिया है और आज से ही काम पर लौट आए है।
निशा _मॉम, ये तो बहुत बड़ी खुशखबरी है मॉम।
सुजाता _हा बेटा, ये सब राजेश की वजह से हो पाया।
निशा _मॉम, अब आप लोग जल्दी से वापस आ जाओ। आपके बिना यहां अच्छा नही लग रहा।
सुजाता _कल दोपहर को हम घर के लिए निकलेंगे बेटा, कुछ काम है उसे निपटा कर।
अच्छा बेटा मै फ़ोन रखती हूं अपना और अपने पिता जी का ख्याल रखना।
निशा _ओके मॉम, लव यू।
सुजाता _लव यू टू बेटा।
निशा फ़ोन रखने के बाद,,, अपने कमरे में बेड में लेट कर,,
ओह राजेश आखिर तुमने कर दिखाया,,
वह अपनी मोबाइल के गैलरी पर रखी राजेश के फोटो को देखने लगी और मंद मंद मुस्कुराने लगी।
इधर राजेश और सुजाता डिनर करने के बाद फिर से प्लांट पे काम काज का जायेजा लेने के लिए चला गया।
दिनभर वही रुक कर काम काज देखते रहे जब वहा से लौटे तो रात के 8बज चुके थे।
बंगला में आने के बाद दोनों अपने कमरे में फ्रेश होने लगे, कुछ देर आराम करने के बाद, नौकरानी ने कमरे में आकर डिनर के लिए पूछा।
सुजाता ने नौकरानी को डिनर की तैयारी करने को कह दिया।
और राजेश के कमरे में चली गई।
सुजाता _क्या कर रहे हो राजेश?
राजेश _मैम आप, कुछ नहीं बस आराम कर रहा था।
सुजाता _मुझे लगता हैं तुम किसी के याद में खोए थे।
राजेश _मैम मै किसकी याद में खाऊंगा।
सुजाता _अपनी किसी गर्लफ्रेंड की।
कौन है वो खुशनशीब मै भी तो जानू?
राजेश _मैम, लड़कियों में तो सिर्फ दो ही दोस्त हैं, एक सीमा और दूसरी निशा और तो कोई है नहीं, जिसकी यादों में हम खोए रहे।
सुजाता _चल झूठे कही के ऐसा कैसे हो सकता है? क्या तुमने अभी तक किसी को प्रपोज नही किया।
राजेश _न।
सुजाता _बताओ, तुम्हें कैसी लड़की चाहिए।
राजेश _बिल्कुल आप ही की तरह।
सुजाता _क्या मै इतनी खूबसूरत हूं?
राजेश _ये भी पूछने की बात है। खुद को आईने में देखो, कितनी सुंदर हो स्वर्ग की किसी अप्सरा की तरह।
सुजाता _चल हट झूठा कही, चली डिनर का समय हो गया है।
सुजाता वहा से शरमाते हुवे चली गई।
रात में डिनर करने के बाद वे कुछ देर हाल में ही बैठ कार बात चीत करते रहे। फिर अपने अपने कमरे में सोने चले गए।
कमरे में जानें के बाद, सुजाता अपनी नाइटी पहन ली और बेड पर लेट कर राजेश के द्वारा कही बातो की उसे मेरी जैसी लड़की चाहिए,को याद कर मुस्करा रही थी।
सोने की कोशिश कर रही थी पर नींद नहीं आ रही थी। वह उठी और राजेश के कमरे की ओर चली गई और दरवाजा खटखटाई।
राजेश ने दरवाजा खोला।
राजेश _मैम, आप इस वक्त।
सुजाता _ओह राजेश मुझे नींद नहीं आ रही थी, तो सोचा तुमसे थोड़ी देर बात चीत कर लू।
कही तुम्हें डिस्टर्ब तो नही कर दिया।
राजेश _नही मैम आइए न।
सुजाता कमरे के अंदर आकर बेड पर बैठ गई।
सुजाता _राजेश, मै सोच रही थी कि यहां आस पास बहुत से मनोरम दृश्य है हम कल सुबह घूमने चले। पास में ही यहां पर एक झरना भी है क्यू ना हम वहा नहाने का मजा ले। पता नहि फिर यहां आने का कब मौका मिले।
राजेश _ओ तो ठीक है मैम पर वहा पर मौजुद लोग यदि तुमको पहचान लिया कि तुम सुजाता और विशाल ग्रुप की मालकिन हो वे सभी नहाना छोड़कर तुम्हें नहाते देखेंगे और वीडियो बनाकर वायरल कर देंगे।
सुजाता _अरे बाबा मै पूरी साड़ी पहनकर नहाऊंगी। और यहां आकर कपडे चेंज करूंगी।
अपने बॉडी गार्ड को भी नही ले जाऊंगी। सिर्फ हम दोनों ही जायेंगे। कोई नही जान पाएगा। हम बिलकुल सिंपल सा ड्रेस पहनेंगे।
क्या तुम मेरी इतनी सी इच्छा पूरी नहीं कर सकते?
राजेश _ठीक है, मैम।
सुजाता _खुश होकर, ठीक है कल सुबह तैयार रहना।
अब मै चलती हूं। तुम भी सो जाओ काफी रात हो गई है।
इधर निशा, अपने बेड पर करवट लेकर लेटी थी और मोबाइल पर राजेश की फ़ोटो को देख रही थी।
उसकी आंख लग गई।
वह सपने देखने लगी,
उसने सपने में देखा की वह राजेश को किसी सुनसान जगह पर नदी किनारे मिलने बुलाई है।
वह काफी देर से राजेश का इंतजार कर रही है और राज काफी देर बाद आया।
राजेश _बोलो निशा, मुझे यहां क्यूं बुलाई?
निशा _पहले ये बताओ तुम्हें लेट कैसे हो गया? मुझे तो लगा की तुम नही आओगे।
राज_तुम बुलाओगी और मैं न आऊं ऐसा भला हो सकता है।
बोलो क्यूं बुलाई?
निशा _मुझे तुमसे कुछ कहना है?
राजेश _कहो न जो कहना है?
निशा _हूं, मुझे समझ नहीं आ रहा ये बात तुमसे कैसे कहूं, मुझे शर्म आ रही।
राजेश _अच्छा ऐसी बात है तो लिखकर बता दो क्या कहना है?
निशा _हा ये ठीक रहेगा।
तुम पीछे मुंह करो।
राजेश पीछे घूम गया।
वहा पर एक बड़ा सा चट्टान था। निशा ने एक सफेद पत्थर का छोटा टुकड़ा उठाया और चट्टान पर i Love you लिख दी और चट्टान के पीछे जाकर छिप गई।
फिर बोली।
राज अब देखो क्या लिखी है मैने।
राजेश ने पीछे घूमकर देखा I love you Raj पड़कर मुस्कुराने लगा।
राजेश ने चट्टान के पीछे गया।
निशा शर्म के मारे अपने दोनों हाथों से अपनी चेहरा छिपा ली।
राज ने उनके दोनों हाथो को चेहरे से हटाकर कहा,,,
सच में।
निशा ने अपनी झुकी नजरो को उठाकर राज की ओर देखा, फिर हा में सिर हिलाया।
राजेश ने निशा को बाहों मे भर लिया।
निशा भी राजेश से लिपट गई।
फिर दोनों गीत गाने लगे,,
हम तुम्हें इतना प्यार करेगें।
हम तुम्हें इतना प्यार करेगें।
कि लोग हमें याद करेगें।
कि लोग हमें याद करेगें।
हम भूले तो हम हरजाई।
तुम भूले तो तुम हरजाई, हो।
हम भूले तो हम हरजाई।
तुम भूले तो तुम हरजाई
हमने आज किया ये वादा
हमने ये आज कसम ये उठाई
साथ जिएंगे साथ मरेंगे
साथ जिएंगे साथ मरेंगे।
की लोग हमें याद करेगें।
कि लोग हमें याद करेगें
हम तुम्हें इतना प्यार करेगें।
गाना खत्म होने के बाद राजेश ने निशा से एक किस मांगा।
निशा _न शादी के बाद।
राजेश नही माना और निशा की पकड़ने के लिए दौड़ा निशा भागने लगी, तभी निशा का पैर फिशल गया और वह जोर से चिल्लाते हुए ओह मां।
तभी निशा की नींद खुल गई,,
उसकी सांसे तेज तेज चल रही थी।
उसने अपने आसपास देखा, वह समझ गई की वह सपने देख रही थीं।
वह खुद पर शर्मिंदा महसूस करते हुए, राजेश की फ़ोटो को मोबाइल पे फिर से देखी,
तुमने मुझपर ये कैसा जादू कर दिया है।
अब तुम भी सो जाओ और मुझे भी सोने दो।
उसने मोबाइल स्विच ऑफ कर सो गई।