Incest यह क्या हुआ - Page 14 - SexBaba
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Incest यह क्या हुआ

कुछ दिन बीत गए। एक दिन राजेश सुबह जिम से आने के बाद अखबार पढ़ रहा था। उसकी नजर अखबार की एक खबर पर पड़ी।

आज राज्य सरकार विधानसभा में आरक्षण बिल पास करवाने वाला है, क्यू की चुनाव को केवल छह माह रह गया है। अगर यह बिल पास हो गया तो आगामी चुनाव में उसे जबरदस्त लाभ होगा। इस राज्य में बड़ी संख्या में अनुसूचित जन जाति वर्ग के लोगों की बड़ी संख्या थीं और इस वर्ग के लोगों का लंबे समय से मांग थी कि उनके आरक्षण को बढ़ाया जाए। लेकीन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार कुल आरक्षण की सीमा 50 % से अधिक नही होना चाहिए। इसलिए राज्य सरकार ने नए बिल के अनुसार अन्य वर्गो के आरक्षण को कम कर अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षण को बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया था।

राजेश ने इस खबर को ध्यान से पढ़ा।

जब वह कालेज गया, तो उसने इसकी जानकारी भगत को दिया।

राजेश _भगत, आगर तुम आगे चलकर नेता बनना चाहते हो तो यह तुम्हारे लिए अच्छा मौका है।

राज्य सरकार विधानसभा में विशेष वर्ग के लोगों की मांग पूरी करने के लिए नया आरक्षण बिल विधान सभा में पास कराने जा रहा है।

इस आरक्षण बिल के विरोध में तुम्हे आवाज उठानी पड़ेगी।

भगत _पर भाई हम मांग क्या रखेंगे?

राजेश _हमारी मांग होगी, नई बिल पास करने से पहले आवश्यक संशोधन किया जाए।

O, सामान्य वर्ग को छोड़कर प्रत्येक वर्ग को उनकी जनसंख्या के आधार पर आरक्षण दिया जाय।

O,आरक्षण का लाभ गरीब वर्ग को मिल सके इसके लिए केवल जाति को आधार मानकर आरक्षण न दिया जाए बल्कि आर्थिक स्थिति को भी देखा जाए, क्यू की एक परिवार जहां माता पिता आरक्षण के आधार पर उच्च पद पर पदस्थ हैं उनके बच्चे ही आरक्षण का लाभ ज्यादा ले रहें हैं और गरीब लोगों के बच्चे इससे वंचित हो रहे है,जिससे आरक्षण देने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है और इसका लाभ गलत लोग उठा रहे है।

हमारी तीसरी मांग होगी, सामान्य वर्ग के लिए भी कुछ आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए। क्यू की सामान्य वर्ग के कुछ परिवार भी गरीबी रेखा से नीचे रहकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

इस प्रकार समस्त गरीबों का कल्याण हो सकेगा।

भगत _पर भाई ये सब होगा कैसे?

राजेश _इस राज्य में जितने भी कालेज है उनके छात्र संघ के अध्यक्षों को मेसेज करो और इसी पर चर्चा के लिए मीटिंग रखो।

फिर आगे बताऊंगा क्या करना है?

भगत _ठीक है भाई, वैसे हमारा व्हाट्स एप ग्रुप बना huwa है। मीटिंग कब रखना है, बतादो।

राजेश _हमारे पास समय कम है, इसलिए कल ही मीटिंग रख दो।

भगत ने व्हाट्स एप ग्रुप में मेसेज कर दिया की सभी छात्रसंघ के अध्यक्षों काआवश्यक बैठक कल दोपहर 2 बजे रखा गया है।

राजेश ने भगत को बताया कि बैठक पर क्या बोलना है?

अगले दिन निर्धारित स्थान पर अधिकांश कालेजों के अध्यक्ष समय पर पहुंच चुके थे। भगत भी राजेश के साथ अपने संघ के जीतने भी पदाधिकारी थे उनके साथ बैठक में उपस्थित हुए।

सभी अध्यक्षों ने जानना चाहा की आखिर बैठक का एजेंडा क्या है?

राजेश ने भगत को अपनी बात रखने का इशारा किया,,

भगत ने सभा अपनी बात रखी,,

भगत_विभिन्न कालेज से आए हुए छात्रसंघ के अध्यक्ष एवम पधाधिकारी गण, मैं आप सभी को सादर प्रणाम करता हूं।

आप सभी यहां आए उसके लिए मैं हृदय से आप सभी को धन्यवाद देता हूं।

दोस्तो मैंने यहां आप सभी को इस लिए बुलाया है कि आप सभी को पता होगा कि राज्य सरकार विधानसभा में आरक्षण की नई बिल पास कराने जा रही है। जिसमे सभी वर्गो की आरक्षन कम कर एक विशेष वर्ग के लोगों का आरक्षण बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया गया है।

साथियों, हम किसी आरक्षण के विरोध में नही है, पर हम चाहते हैं की सभी वर्ग के गरीब पिछड़े लोगों को इसका लाभ मिल सके, इसके लिए आरक्षण बिल में आवश्यक संशोधन किया जाए। ताकि आरक्षण देने उद्देश्य पुरा हो सके।

हमारे कालेज के छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने आपस में चर्चा करके विधान सभा में ले गए आरक्षण बिल पर संशोधन के लिए कुछ बिंदु तैयार किए हैं जिसे मैं आ सबके सामने रखने जा रहा हूं।

हमारी प्रमुख मांगे है,,

, O,सामान्य वर्ग को छोड़कर प्रत्येक वर्ग को उनकी जनसंख्या के आधार पर आरक्षण दिया जाय।

O,आरक्षण का लाभ गरीब वर्ग को मिल सके इसके लिए केवल जाति को आधार मानकर आरक्षण न दिया जाए बल्कि आर्थिक स्थिति को भी देखा जाए, क्यू की एक परिवार जहां माता पिता आरक्षण के आधार पर उच्च पद पर पदस्थ हैं उनके बच्चे ही आरक्षण का लाभ ज्यादा ले रहें हैं और गरीब लोगों के बच्चे इससे वंचित हो रहे है,जिससे आरक्षण देने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है और इसका लाभ गलत लोग उठा रहे है।

हमारी तीसरी मांग होगी, सामान्य वर्ग के लिए भी कुछ आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए। क्यू की सामान्य वर्ग के कुछ परिवार भी गरीबी रेखा से नीचे रहकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

इस प्रकार समस्त गरीबों का कल्याण हो सकेगा।

दोस्तो हम एक जिम्मेदार पद पर बैठ हुए हैं, हमे उन गरीब छात्रों के हित के लिए कार्य करना चाहिए जिन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही जिन्हें अच्छे कालेज में प्रवेश नही मिल पा रहा।

और इसलिए,

हमारे कालेज के छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि हम अपनी मांग को राज्य सरकार के जिम्मेदार मंत्री के पास रखे। और मांगे न मानी जाने पर इसके लिए आंदोलन करे।

पर किसी एक कालेज के स्टूडेंट्स द्वारा आंदोलन सफल नहीं हो सकता, इसके लिए आप सभी का समर्थन आवश्यक है।

आप सभी से समर्थन एवम सहयोग मांगने के लिए ही आज का यह बैठक रखा गया है।

आप सभी को आधे घण्टे का समय सोचने के लिए दिया जा रहा है और उसके बाद आप सभी अपना विचार रखेंगे।

विभिन कालेज से आए हुए छात्रसंघ के पदाधिकारि आपस मे विचार विमर्श करने लगे।

भगत _राजेश भाई, अपनी बात ठीक ढंग से रखी न।

राजेश _बहुँत अच्छे ढंग से बाते रखी, मुझे लगता है की अन्य कालेज के छात्रसंघ के अध्यक्ष जरूर प्रेरित होंगे।

आधे घण्टे के बाद विभिन्न कालेज के अध्यक्षों को अपनी विचार रखने के लिए एक एक कर मंच पर आमंत्रित किया गया।

अधिकांश कालेज के पदाधिकारियों ने राजेश की बातो का समर्थन किया और पुरा सहयोग देने एवम मांग न मानने पर आंदोलन में शामिल होने की बात की।

पर कुछ कालेज के पदाधिकारी जो राज्य सरकार चलाने वाले पार्टी के समर्थक थे। वे आंदोलन में जाने से इंकार कर दिया।

राजेश ने कहा की किसी भी मांग को राज्य सरकार के मंत्री तक रखने के लिए, हमे एक संघर्ष मोर्चा बनाना होगा।

इसके लिए आप सभी को मिलकर विभिन्न पदों के लिए नाम सुझाना होगा।

अधिकांश, छात्र संघ के अध्यक्षों ने संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष पद के लिए भगत का नाम सुझाया और सर्व सम्मति से भगत को संघर्ष मोर्चा का अध्यक्ष चुना गया।

संघर्ष मोर्चा की सभी आवश्यक पदों पर नियुक्ति सम्पन्न होने के बाद। भगत ने कहा कि आंदोलन के लिए आवश्यक रणनीति बनाने के लिए एक मार्ग दर्शक का होना बहुत जरुरी है इसके लिए मैं राजेश का नाम प्रस्तावित करता हूं।

सभी ने राजेश के नाम का समर्थन किया।

और राजेश संघर्ष मोर्चा का प्रमुख मार्ग दर्शक बना।

अगले दिन कालेज के प्रशासन को इस बात की जानकारी देकर, भगत संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी को लेकर मंत्रालय चला गया और अपनी मांगों से अवगत करवाया।

मंत्री जी ने यह बात मंत्रिमंडल की बैठक में रखने का आश्वासन दिया।

दो दिन बाद मंत्रिमंडल के बैठक में जिम्मेदार मंत्री ने आरक्षण बिल में आवश्यक संशोधन के लिए छात्र संघ की ओर से आए मांगों की बातो को रखा गया, और यह भी बताया की अगर मांगों पार विचार नहीं किया गया, तो संघर्ष मोर्चा आंदोलन करेगी।

मंत्री मंडल के सभी मंत्रियों ने अपना विचार रखा और ये निर्णय लिया की अगर हम इनके मांगों पर विचार करेंगे तो आहे और कई संगठन आयेंगे और बिल को पास होने सी रोकने का प्रयास करेंगे। चुनावी लाभ लेने के लिए यह बिल हर हाल में पास होने चाहिए।

और मंत्रिमंडल ने संघर्ष मोर्चा की बातो पर कोईभी विचार करने से इंकार कर दिया।

जब राजेश और भगत को पता चला कि उनकी मांगों पर आरक्षण बिल पर संशोधन के लिए कोई विचार नहीं किया,,, तब राजेश ने कहा।

भगत अब आंदोलन ही एक रास्ता बच गया है।

कल से कालेज में हड़ताल शुरू करो,,

भगत ने वाट्स अप पर यह मेसेज डाल दिया की राज्य सरकार ने हमारी मांगी पर कोई विचार नहीं किया इसलिए कल से सभी कालेजों में हड़ताल का आगाज होगा।

सभी कालेज के छात्रसंघ के अध्यक्षो को अपने कालेज के सभी स्टूडेंट्स को साथ देने के लिए निवेदन करने सभा का आयोजन करने कहा।

राजेश ने कहा उसके लिए हमे बैनर पोस्टर बनाने होंगे, प्रचार सामग्री के निर्माण के लिए हमे फंड की आवश्यकता होगी।

सभी स्टूडेंट्स को इसके लिए अपनी क्षमता अनुसार, राशि दान करने एक बॉक्स रख दिया गया।

रोहन ओर उसके दोस्तो ने किसी भी प्रकार का सहयोग करने से इंकार कर दिया जबकि अन्य सभी स्टूडेंट्स ने अपना क्षमता अनुसार सहयोग प्रदान किया।

सीमा और निशा ने राजेश और भगत का खुलकर समर्थन किया।

सीमा ने राजेश से कहा कि मुझे यकीन है कि हम जरूर सफल होगे।

कुछ देर में ही एक बड़ी राशि इकट्ठा हो गया। इससे बैनर पोस्टर तैयार किया गया।

राजेश जब घर पहुंचा,,

सुनिता उससे पूछी,,

राजेश बेटा मैं ये क्या सुन रही हूं,?कल से कालेज में हड़ताल शुरू हो रही है।

और तुम उस का मार्ग दर्शक बने हो।

राजेश _हा मां आपने सही सुना है।

सुनिता _देखी बेटा तुम इन लफड़ो में न पड़ो। अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो।

राजेश _मां, किसी की मदद कर सको तो पीछे ना हटना।

मां इस आंदोलन से उन लाखो गरीबों का भला होगा, सही और जरूरत मंद को नौकरी और अच्छी शिक्षा मिलेगी। क्या आप ये चाहती है कि आपका बेटा सिर्फ अपना स्वार्थ देखे। और इतना बड़ा आंदोलन का हिस्सा न बने।

सुनिता _पर बेटे, तुम किसी मुसीबत में भी तो फस सकते हो।

राजेश _मां, आप विश्वास रखो ऐसा कुछ नहीं होगा।

सुनिता _मैं भगवान से प्रार्थना करूंगी बेटा की आंदोलन सफल रहे।

अगले दिन से सभी कालेजो में हड़ताल प्रारंभ हो गया।

कालेज के सामने मंच बना कर। सभी स्टूडेंट्स धरने पर बैठ गए। रोहन और उसके दोस्त कालेज जाना चाहते थे पर आंदोलनकारियों के डर से वे अपने घर चले गए।

इधर हड़ताल में सभी को एकजुट रहने और साथ चलने पर हड़ताल में सफलता मिलने की बात कही जाने लगी।

हड़ताल को लगातार तीन दिन हो गए किसीसरकार के कानो में जू तक नही रेंगी। बल्कि कालेज प्रशासन पर हड़ताल तोड़ने के लिए दबाव बनाने को कहा गया।

कुछ स्टूडेंट्स जो हड़ताल के खिलाफ थे वे अन्य छात्रों को भी हरताल से दूर रहने के लिए समझाने का नापाक प्रयास जारी रखा था।

कई कालेज प्र शासन अपने छात्र संघ के पदाधिकारियों को आंदोलन वापस लेने अन्यथा कालेज से बाहर निकालने की धमकी भरा पत्र जारी कर दिया। जिसे सभी स्टूडेंट्स और उद्वेलित हो गए

राजेश _अब, कालेज के सामने बैठे रहने से कुछ नहीं होने वाला,

सभी कालेज के पदाधिकारियों को राजधानी बुलाओ ओर राज्य शासन द्वारा निर्धारित धरना स्थल पर कल से आन्दोलन के लिए इकट्ठा होने बोलो।

राजेश के निर्देश पर भगत संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी यो के साथ डीएम का दफ्तर जाकर राजधानी के धरना स्थल पर आंदोलन करते की सूचना दे आया।

डीएम ने धरने स्थल पर कोई अप्रिय घटना घटित न हो उसके लिए कुछ पुलिस वालो को तैनात करवा दिया।

अगले दिन पूरे राज्य के छात्रसंघ के पदाधिकारी ओर राजधानी के सभी कालेजों के स्टूडेंट्स राजधानी के धरने स्थल पर पहुंच गए।

धरने स्थल पर काफ़ी भीड़ बड़ गई। पुलिस विभाग के आला अफसर के कान खड़े हो गए वे पुलिस की संख्या और बड़ा दिया।

उधर मीडिया एवम पत्रकारों को जब पता चला की धरना स्थल पुरी तरह छात्रों से भर गया है, वे भागे भागे धरने पर पर पहुंचने लगे।

इधर राजेश ने भगत को बतादिया था किस प्रकार भाषण देना है ? मीडिया वाले पूछे तो उनके सवालों का क्या जवाब देना है।

न्यूज चैनल वालो ने भगत से पूछा,,

आप ये हड़ताल क्यू कर रहे हैं?

भगत _गरीब छात्र छात्राओं की भलाई के लिए।

क्या आप आरक्षण के विरोध में है।

भगत _नही हम आरक्षण के विरोध में नही है हम आरक्षण बिल में संशोधन चाहते हैं ताकि इसका लाभ गरीब वर्ग के लोगों का मिल सके।

आप आरक्षण बिल में क्या क्या संशोधन चाहते हैं?

हमारी प्रमुख मांगे है,,

, O,सामान्य वर्ग को छोड़कर प्रत्येक वर्ग को उनकी जनसंख्या के आधार पर आरक्षण दिया जाय।

O,आरक्षण का लाभ गरीब वर्ग को मिल सके इसके लिए केवल जाति को आधार मानकर आरक्षण न दिया जाए बल्कि आर्थिक स्थिति को भी देखा जाए, क्यू की एक परिवार जहां माता पिता आरक्षण के आधार पर उच्च पद पर पदस्थ हैं उनके बच्चे ही आरक्षण का लाभ ज्यादा ले रहें हैं और गरीब लोगों के बच्चे इससे वंचित हो रहे है,जिससे आरक्षण देने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है और इसका लाभ गलत लोग उठा रहे है।

हमारी तीसरी मांग है,सामान्य वर्ग के लिए भी कुछ आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए। क्यू की सामान्य वर्ग के कुछ परिवार भी गरीबी रेखा से नीचे रहकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

इस प्रकार समस्त गरीबों का कल्याण हो सकेगा।

टीबी चैनलों पर भगत का इंटरव्यू दिखाया जाने लगा।

इधर राजधानी के धरने स्थल पर धरना देते चार दिन हो गए और स्टूडेंट्स में लगातर आक्रोश बढ़ता का रहा था।

सरकार द्वारा बात न सुनी जाने पर एक आक्रोश रैली निकालने का प्लान राजेश ने बनाया।

उस आक्रोश रैली में भगत के नेतृत्व में स्टूडेंट्स ने बदचड़कर हिस्सा लिया।

राजधानी के मैन रोड से जब रैली गुजरा तो आने जाने वालों को खूब परेशानी हुई। जिससे शासन प्रशासन पर दबाव बड़ गया।

इधर मंच पर आकर विभिन्न पार्टी और ग्रुप के लोगों ने संघर्ष मोर्चा को अपना नैतिक समर्थन देने लगे।

आम आदमियों का भी समर्थन मिलने लगा।

जिससे राजी सरकार की बौखलाहट और बढ़ती जा रही थी।

वह किसी तरह इस अंदोलन को कुचलना चाहते थे।

इसके लिए पुलिस विभाग के आला अधिकारियों और मंत्रियों की एक गुप्त बैठक हुई।

दरअसल रात में धरना स्थल पर ही कुछ छात्र जो दूर से आए हुए थे वे सभी वही धरना स्थल पर ही सो जाए थे। बाकी छात्र जो आस पास के थे वे सभी अपने घर चले जाते थे।

पुलिस प्रशासन ने इसी का फायदा उठाकर रात में ही सोए हुए छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया और मंच को तोड़ फोड़ दिया।

धरने स्थल को चारो तरफ से घेर लिया ताकि कोई भी यहां न आ सके।

मीडिया वालो को इस बात के जानकारी हुई तो यह ब्रेकिंग न्यूज अपने अपने चैनलों पर दिखाने लगा।

सरकार के प्रति लोगो की नाराजगी बढ़ने लगी, और कुछ लोगो ने सरकार की की इस दमन कारी नीति के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया।

भगत ने राजेश को काल किया,राजेश भाई, अबे आगे क्या करना है?

राजेश _भगत, कल हमे आक्रोश रैली निकालना होगा।

भगत _पर भाई, धरना स्थल पर पहुंच पाना संभव नहीं है, चारो ओर पुलिस ने धरना स्थल को घेर लिया है।

राजेश _तुम सभी छात्रों से कहो की कल दूसरी जगह इकट्ठा हो ने को।

भगत ने सभी छात्रों को कल दूसरी जगह इकट्ठा हो ने को कह दिया।

इधर पुलिस प्रशासन भी सचेत था कि कल आंदोलनकारी अपनी रणनीति बदल सकता है। इसलिए पुलिस वालो को छात्र एक जगह इकट्ठा न हो सके इसके लिए छात्र जहा भी दिखे उन्हें वही रोक दो।

इधर स्टूडेंट्स छुपते छुपाते किसी तरह निर्धारित जगह पर इकट्ठा होने लगे।

पुलिस ने चारो ओर नाका बंदी कर रखी थी। कोई भी छात्रा राजधानी में न घुस सके।

फिर भी छात्र नई स्थल पर पहुंचने में कामयाब हो गए। पर ज्यादा संख्या में नही पहुंच सके।

भगत _भाई मुझे खुफिया जानकारी मिली है कि आज पुलिस वाले सभी आंदोलन कारियो को जेल में डालने का प्लान बनाया है। आज आप रैली में न जाओ।

राजेश _क्यू भगत? अगर मैं भी जेल चला गया तो खुशी होगी।

भगत _नही भाई अगर आप भी जेल चले गए तो आगे की रणनीति कैसे बनेगी?

आंदोलन असफल हो जायेगा, आपका बाहर रहना जरूरी है।

राजेश _ठीक है भगत, तुम धैर्य रखना और अपने साथियों से कहना की हिंसा का कोई भी मार्ग न अपनाएं। सरकार हिल चुकी है, अब यह आंदोलन अपनी कामयाबी की ओर बड़ रही है।

भगत _ठीक है भाई।

भगत भी किसी तरह नए स्थल पर पुलिस से बचते हुए पहुंच गया।

वहा पर भगत के नेतृत्व में सरकार के दमनकारी कार्यवाही के विरोध में आक्रोश रैली निकाला, और जेल में डाले छात्रों को छोड़ने कहा,,

मीडिया वालो को इसकी खबर हुई तो वे वहा पहुंच कर सीधा प्रसारण दिखाने लगे,,

भगत ने मीडिया से कहा_हम शासन के दमनकारी नीतियों से डरने वाले नही है।

हम अपनी आखरी सांस तक गरीब छात्र छात्राओं के हित के लिए लड़ेंगे।

मंत्रीने आला अफसरों फटकार लगाई की, इतने पुलिस वालो के रहते आखिर इतने छात्र एक जगह एकत्र कैसे हो गए? सब निकम्मे हो।

अफसर _सर अब क्या करे?

मंत्री _सब को पकड़ कर जेल में डाल दो।

अफसर _पर सर इससे मामला बिगड़ सकता है.

मंत्री _भोसडी के जो होता है देखा जायेगा, कर दो सब सालो को अन्दर।

अफसर _ठीक है सर।

पुलिस प्रशासन का आदेश मिलते ही, आक्रोश रैली में शामिल सभी स्टूडेंट्स को बसों में भरकर जेल ले जाया गया।

जिसका सीधा प्रसारण न्यूज चैनलों पर दिखा या जाने लगा।

सभी छात्रों को अलग अलग स्थानों पर अस्थाई जेल बनाकर डाल दिया गया।

भगत, राजेश से आगे की रणनीति के बारे मे जानने का इंतजार कर रहा था।

किसी तरह राजेश ने भगत से तक यह संदेश पहुंचाया की आज से भूख हड़ताल पर बैठ जाओ।

सभी जेल में डाले गए स्टूडेंट्स तक यह बात पहुंची की आगे क्या करना है।

सभी भूख हड़ताल में बैठ गए।

न्यूज चैनल पर ब्रेकिंग न्यूज चलने लगा कि सभी आंदोलनकारी छात्र भूख हड़ताल में बैठ गए है।

स्टूडेंट्स के माता पिता चिंतित हो गए।

इधर आम लोगो का समर्थन छात्रों को बढ़ता ही जा रहा था।

इधर सरकार के खिलाफ लोग एकजुट होने लगे, भूख हड़ताल को दो दिन हो गए कुछ छात्रों की स्थिति बिगड़ने लगी, पुलिस प्रशासन के हाथ पाव फूलने लगे।

राजेश ने बाबा को काल किया ।

बाबा ने काल उठाया ।

बाबा _बोलो राजेश क्या बात है?

राजेश _बाबा, हम लोग जो आंदोलन कर रहे हैं उसके बारे में तो पता ही होगा।

आप हमारी मदद कीजिए।

बाबा _राजेश, बोलो क्या करना है?

राजेश _आप मीडिया में आकर हमारा समर्थन कीजिए , और लोगो को हमसे जुड़ने के लिए प्रेरित कीजिए।

बाबा _ठीक है राजेश, तुम चिंता न करो, तुम लोग जरूर सफल होगे!

बाबा ने मीडिया को बुलाया और स्टूडेंट्स द्वारा चलाए जा रहे अंदोलन पर अपना वक्तव्य दिया।

मीडिया वालो ने पूछा _बाबा जी अभी जो राज्य के स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं राज्य सरकार के द्वारा की जा रही कार्यवाही के बारे में आपका क्या विचार है?

बाबा _देखिए, स्टूडेंट्स हमारे देश के भविष्य है। राज्य सरकार के द्वारा उन पर जो भी कार्यवाही किया जा रहा है वह घोर निंदनीय है। मैं आम गरीब लोगो से कहना चाहूंगा, ये बच्चे तुम्हारे लिए ही लड़ रहे हैं।

बैठ कर बाहर तमाशा देखने से अच्छा है कि आप सभी उनका साथ दीजिए।

सब्जी न्यूज चैनलो पर बाबा के वक्तव्य को दिखाया जाने लगा।

जिससे आम गरीब लोग भगत के समर्थन में आ गए।

इधर राजेश ने भीमा को काल किया।

भीमा _बोलो राजेश भैया, आगर हम लोग आपके कुछ काम सा सके तो बताओ।

राजेश _कल अपने साथियों और बाबा के अनुयायियों को लेकर सरकार के कार्यवाही के खिलाफ,एक बड़ा रैली निकालो।

भीमा _भैया आप फिक्र न करे, अब आप देखिए भीमा क्या करता है?

इधर कई संगठन के लोग सरकार के खिलाफ और छात्रों के मातापिता भी अगले दिन प्रदर्शन की योजना बनाने लगे।

अगले दिन जब अलग अलग संगठन के लोग अलग अलग स्थानों पर इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी एवम बच्चो को छोड़ने के लिए धरना प्रदर्शन करने लगे।

इधर पुलिस अफसर ने मंत्री को बताए की सर यहां की हालत बहुत अधिक खराब हो चुका है। किसी भी समय कुछ भी अनहोनी हो सकता है।

मंत्री चिंता में पड़ गया।

इधर भीमा अपने साथियों और बाबाके हजारों अनुयायियों को अलग अलग बटकर मंत्रियों के घर के सामने प्रदर्शन करने लगे। जिसकी जानकारी मंत्रियों के परिवार वालो ने मंत्रियों को दी ,की लोग कभी भी हमारे आवास पर हमले कर सकते हैं।

मंत्रियों ने आपात बैठक रखी।

सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से कहा की लोग हमारे खिलाफ हो गए है। हमारे घरों को घेर लिया गया है।

अगर हमने लोगो को नही रोका तो हमारे घरों पर हमला कर सकते हैं।

पुलिस प्रशासन ने भी अपनी हाथ खड़ा कर दिया है।

अब छात्रों की बात मानने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है।

लोग हमारे खिलाफ हो चुके हैं, सामने चुनाव है, अब तो भगवान ही मालिक है।

मुख्य मंत्री ने सभी मीडिया वालो को बुलाकर कांफ्रेंस आयोजित किया।

उसने कहा कि , हमारी पार्टी गरीबों के भलाई के लिए काम करती रहीं हैं और करती रहेगी। हमने उनके भलाई के लिए ही यह आरक्षण बिल लाया था।

लेकीन छात्रों को यदि लगता है कि इसमें कुछ आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए तो हमारी पार्टी ने यह फैसला लिया है कि इस बिल को हम वापस लेते हैं और छात्र संघ ने इसमें जो भी संशोधन करने के लिए अपनी विचार दिए है उन्हें बिल में शामिल कर हम नई बिल पेश करेंगे। छात्रों से निवेदन है कि वे अपनी भूख हड़ताल तोड़े , पढ़ाई पर ध्यान दे और लोगो से अनुरोध है कि वे राजधानी में शांति कायम रखे।

जीतने भी कार्यवाही की गई है उसके लिए खेद प्रकट करते मैं क्षमा मांगता हूं।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद, लोगो मे खुशी का लहर दौड़ गया।

इधर मीडिया ने भगत को एक नया उभरता हुआ नेता माने लगा।

भगत लोगो के बीच लोकप्रिय हो गया।

सभी छात्रों को छोड़ दिया गया। भीमा और

लोग भगत के जेल से बाहर आने का बेसब्री से इंतजार करने लगा। जैसे ही बाहर आया भगत को लोगो ने फूल की मालाओ से लाद दिया।

भीमा ने भगत को बधाई दिया।

और नारे लगाने लगे।

इधर दूसरे दिन सभी कालेज में पढ़ाई शुरू हो गई।

कालेज में छात्रों के बीच अध्यापको कीउपस्थिति में भगत को फूल की हार पहनाकर उसका सम्मान किया गया।

भगत ने कहा दोस्तो इस सम्मान का असली हकदार मैं नहीं बल्कि राजेश है। मैं तो राजेश के मार्गदर्शन में कार्य किया।

सम्मान का असली हकदार राजेश भाई है और वह फूलो का हार उतार कर राजेश के गले में डाल दिया, राजेश को गले से लगा लिया।

पुरा कालेज परिसर राजेश और भगत के जयकार से गूंज उठा।


अध्यापकों एवम प्राचार्य ने राजेश और भगत को बधाई दिया।
 
जब भगत ने राजेश को गले लगाया। सभी स्टूडेंट्स ताली बजाने लगे निशा और सीमा भी वहा मौजूद थीं।

निशा के आंखो में आंसू भर आए। जब सीमा ने निशा की ओर देखा।

सीमा _ये क्या निशा तुम्हारे आंखो में आंसू।

निशा _नही, तो।

ओ लगता है,

मेरे आंखो कुछ कंकड़ चला गया है।

इधर राजेशऔर भगत की कामयाबी देखकर रोहन और उसके दोस्तों को जलन हो रही थी।

सभी स्टूडेंट्स अपनी अपनी क्लास में चले गए। दोपहर में लंच के समय राजेश और भगत अपने दोस्तो के साथ कैंटीन में बैठे थे, तभी निशा और सीमा भी पहुंच गई।

निशा ने राजेश और भगत दोनो को बधाई दी।

तभी कुछ मीडिया वाले कैंटीन में पहुंच गए।

वे भगत से सवाल पूछने लगे।

मीडिया _सरकार के द्वारा, कड़े कदम उठाए जाने के बाद भी आप मजबूती से अंदोलन में डटे, रहे क्या आपको यकीन था कि सरकार झुक जाएगी।

भगत _मुझे अपने दोस्तों अपने साथियों और छात्र छात्राओं का पूरा साथ मिल रहा था। इसलिए सरकार के कड़ी कार्यवाही के बाद भी हम मैदान में डटे रहे।

मीडिया _इस कामयाबी का श्रेय आप किसे देना चाहेंगे।

भगत _मेरे दोस्तों, छात्र संघ के पदाधिकारियों, कालेज के सभी छात्र छात्राओं को जो मेरे पीछे खड़े थे। और स्पेशल मेरे दोस्त राजेश को जिनकी बनाए रणनीति से हमे कामयाबी मिली।

मीडिया _हमारी ऑडियंस जानना चाहती है कि इतनी बड़ी कामयाबी मिलने के बाद। आगे आपका क्या प्लानिंग है? क्या आप राजनीति में जायेंगे?

भगत _हा, आगे मुझे राजनीति में जाना है। फिर हाल मैं अपनी कालेज पूरी कर लूं।

मीडिया _आगामी चुनाव को देखते हुए चुनावी लाभ के लिए, राजनीतिक पार्टियां आपको अपनी पार्टी जुड़ने के लिए प्रयास करेगी, क्या आपने सोच रखा है कि आप किस पार्टी में जायेंगे ?

भगत _नही, अभी इसके बारे में सोचा, नही है।

मीडिया _लोग आपको, इस राज्य के भविष्य के बड़े नेता के रूप में देख रहे है। इस पर आप क्या कहना चाहेंगे।

भगत _ये तो जनता की भावना है, आगे चलकर कौन क्या बनेगा? ये तो भगवान ही बता सकता है, मैं तो गरीबों का छोटा सेवक बनकर सदा उनके उत्थान के लिए कार्य करना चाहता हूं।

राजेश एक सवाल आपसे,

मीडिया _सुनने में आया है कि इस अंदोलन के सफल होने के पीछे आपके द्वारा बनाया गया रणनीती था। क्या आगे चलकर आप भी राजनीति में जायेंगे?

राजेश _नही, राजनीति में जाने का मेरा कोई इरादा नहीं। मैं आई ए एस अफसर बनकर जनता की सेवा करना चाहता हूं।

क्लास की घंटी बजने के बाद मीडिया वाले चले गए राजेश और उसके साथी भी के अपनी अपनी क्लास में चले गए।

जब छुट्टी huwa तभी भगत को कालेज के चौकीदार की बीवी चमेली का फोन आया,

भगत _किसका काल है भगत।

राजेश _चमेली चाची का।

भगत ने काल उठाया _हां बोलो चाची कैसे याद की?

चमेली _तुम लोगो की कामयाबी, की बधाई देने के लिए काल की थी ,अब तुम दोनो तो अपनी चाची को भूल ही गए। कितने दिन हो गए मिले।

मैने घर में तुम दोनो की कामयाबी की खुशी में गाजर का हलवा बनाया है। हलवा खाकर घर चले जाना।

भगत _चाची मैं राजेश भाई से पूछ कर बताता हूं।

राजेश_क्या बोल रही है चाची?

भगत _भाई चमेली चाची घर में गाजर का हलवा बनाई है, हमे हलवा खाने घर बुला रही है। भाई आज खुशी का दिन है चलो न आज इंजॉय करते हैं।

भगत _अबे, बात पहले जैसी नहीं रही अब कई लोगो की नजरे तुम्हारी गतिविधियों पर रहेगी। विरोधी लोग तुम्हारी कमियां ढूंढेंगी।

अब तुम्हे अपनी हसरतों पर नियंत्रण पाकर सोच समझकर कार्य करना पड़ेगा नही तो सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। तुम बड़े नेता क्या सरपंच भी नही बन पाओगे।

भगत _भाई, ऐसा क्या?

पर चाची बुलाई है तो चलो हलवा खाकर ही आ जाते हैं।

राजेश _ठीक है चलो।

घर आने की बात भगत ने चमेली को बता दिया।

चमेली खुश हो गई।

कुछ देर बाद राजेश और भगत दोनो चमेली के घर पहुंचे।

चमेली खूब सजी धजी थी, काफ़ी हाट लग रही थी। पर उसका पेट थोड़ा निकला हुआ था।

चमेली _कितने दिन बाद आए हो तुम लोग , अपना चाची को तो भूल ही गया राजेश।

राजेश _ओह, माफ करना चाची, समय ही नहीं निकल पा रहा थाऔर ज्यादा आ जा भी नहीं सकते , लोग गलत समझने लगते हैं।

चमेली _तो बदनामी से डर लगता है?

भगत _बार बार आने की कोई वजह भी तो होनी चाहिए न।

चमेली _मैने तो अपनी घर की दरवाजा तुम दोनों के लिए, सदा के लिए खोल दिया था।

खैर छोड़ो, तुम दोनों की कामयाबी देखकर बडी खुशी हुई। मैंने गाजर का हलवा बनाया है, ला रही हूं।

चमेली ने दोनों के लिए प्लेट में गाजर का हलवा ले आया।

चमेली _तुम लोग हलवा खाओ, मैं काफ़ी बनाकर लाती हूं।

भगत _चाचीजी, चाचा और बच्चे कही दिखाई नही दे रहे।

चमेली _मैने कुछ सामान और सब्जी लाने के लिए मार्केट भेजा है। बच्चे अपने दोस्तों के साथ खेलने गए हैं।

चमेली काफी बनाने किचन में चली गई।

भगत _भाई लगता है चाची पेट से है। देखा नही उसका पेट कैसे बाहर निकला huwa है।

तभी किचन से आवाज आई,

राजेश थोड़ा इधर आना तो,

भगत _भाई, चाची आपको बुला रही है, काफ़ी बनने में लेट हो तो आप चिंता न करना, मैं इधर का सम्हाल लूंगा, हंसते हुए कहा।

राजेश _अबे बकवास बंद कर।

राजेश किचन में चला गया।

राजेश _चाची कुछ काम था क्या?

चमेली ने राजेश का हाथ पकड़ा और अपना पेट पर रख दी।

चमेली _राजेश मैं पेट से हूं, सात माह चल रहा है। जानते हो ये किसका है?

राजेश _किसका है चाची।

चमेली _तुम्हारा।

तुम उस दिन अपना बीज मेरे कोख में छोड़ कर गए थे न वह अब फूल बन गया है। उस माह मैने तुम्हारे चाचा का land अपनी बूर में लिया ही नहीं।

जब अगले माह मेरा मासिक धर्म नही आया तो मैं समझ गई की मैं पेट से हो गई हूं। इसके बाद तुम्हारे चाचा को सक न हो इसके लिए उसका land अपने बूर में ली।

आई लव यू राजेश।

और चमेली राजेश के आंखो में देखती हुई उसकी ओंठो को चूमने लगी।

राजेश तुम चिंता न करना किसी को पता नही चलेगा कि यह बच्चा तुम्हारा है।

चमेली राजेश को अपनी बाहों मे भर ली।

राजेश ने भी चमेली को अपने लिए प्यार देखकर बाहों में भर लिया।

फिर राजेश ने चमेली की आंखो में देखा और उसके ओंठ को अपनी मुंह में भरकर चूसने लगा।

दोनों एक दूसरे को चूमने लगे।

दोनों की सांसे तेज होने लगी।

चमेली नीचे बैठी और राजेश के पैंट का चेन खोलकर उसका land बाहर निकाल दी और उसको अपनी मुंह में भरकर चूसने लगी।

राजेश उसके सिर के प्यार से सहलाने लगा।

राजेश का land तनकर लोहे की की तरह सख्त हो गया।

राजेश चमेली की चूची को अपने हाथ से मसलने लगा जिससे चमेली सिसकने लगी।

उसकी बूर में पानी भरने लगी वह उत्तेजित हो गई।

चमेली खड़ी हुई और किचन को पकड़कर घोड़ी बन गई।

राजेश ने इसका पेटी साड़ी सहित उठाकर कमर तक चढ़ा दिया।

चमेली पेंटी नहीं पहनी थी।

चमेली की बूर को अपने हाथ से सहलाने लगा।

चमेली सिसकने लगी। जब राजेश एक उंगली चमेली के बूर में डाला तो उसकी उंगली बूर के पानी से पूरी तरह भीग गया।

राजेश ने अपना land अपने हाथो से पकड़ कर चमेली के बूर के छेद पर रख कर हल्का सा दबाव डाला।

Land का टोपा बूर में चला गया।

फिर राजेश ने एक हल्का धक्का मारा land बूर को चीरकर आधा घुस गया।

चमेली की मुंह से ऊ मां,,,

मादक सिसक निकल पड़ीं।

अब राजेश चमेली के दोनों चूची पकड़कर मसलते हुए।land को बूर में धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा।

Land बूर के पानी से चिकना हो जाने के कारण धीरे धीरे पूरा अन्दर घुस गया।

अब राजेश चमेली को गच गच चोदने लगा। पर इस बात का ध्यान रखा की बच्चे को कोई नुकसान न हो।

कुछ ही देर में दोनों जन्नत में पहुंच गए।

राजेश अब चमेली की कमर को पकड़ कर गच गच पेलने लगा।

कमरे में चमेली की मादक सिसकारी, उनकी चूड़ियों की खनक और फ्च फाच के आवाज गूंजने लगा।

दोनों को chudai में बहुत मजा आ रहा था।

चमेली खुद को ज्यादा देर तक रोक न सकी और झड़ने लगी।

उसकी हाथ पैर कपकपाने से बूर के सिकुड़ने फूलने एवम चमेली के सुस्त पड़ जाने से राजेश समझ गया की चमेली झड़ गई है।

उसने चोदना बंद कर दिया।

और अपना land को बूर में ही डाले हुवे चमेली के ऊपर झुक गया।

कुछ देर बाद जब चमेली नार्मल हुई।

चमेली _राजेश अब बस करो, तुम्हारे चाचा जी आने ही वाले है।

राजेश _पर चाची मेरा अभी huwa नही है, थोड़ा चोदने दो ना।

चमेली _क्या चाहते हो की हम पकड़े जाएं, मुझे अपना डर नहीं, पर मैं नहीं चाहती तुम्हारे कैरियर पर बुरा प्रभाव पड़े।

राजेश ने अपना लन्ड चमेली के बूर से बाहर निकाल दिया। जो चमेली के बूर के पानी से चमक रहा था। और झटके मार रहा था।

चमेली ने land पर लगे बूर का पानी अपनी पेटीकोट से साफ किया।

राजेश ने अपना लन्ड किसी तरह अपने पेंट के अन्दर किया।

चमेली _अब तुम जाओ मैं काफ़ी लेकर आती हूं।

राजेश जब किचन से बाहर गया तो भगत की नजर राजेश के पैंट पर गया। वह हसने लगा।

राजेश _अबे हस क्यू रहा?

भगत _लगता है चाची ने आपको आधे ही छोड़ दिया।

तभी सुखीराम मार्केट से आ गया।

सुखीराम ने राजेश और भगत को बधाई दिया और घर आने पर काफ़ी खुशी जाहिर किया।

काफ़ी पीने के बाद राजेश और भगत दोनों वहा से चले गए।

घर आने के बाद राजेश ने देखा उसकी मां किचन में है वह किचन के जाकर सुनिता को पीछे से अपनी बाहों में भर लिया।

सुनिता _आ गया मेरा बेटा कहा रह गया था?

राजेश _अपने दोस्तों के साथ। मां मैं आज बहुत खुश हु।

सुनिता _जानती हूं, स्वीटी ने मुझे सब बता दिया कि कालेज में क्या huwa?

मुझे अपने बेटे पर गर्व है।

राजेश ने सुनिता को अपनी बाहों में और कस लिया।

उसका land तो पहले से तना huwa था ही पर जैसे ही सुनिता की गाड़ का अहसास huwa land और कड़ा हो गया।

सुनिता को राजेश का land चुभने लगा।

सुनिता _मुस्कुराते हुवे बोली,तू फिर बदमाशी कर कर रहा है।

मैं तुम्हारी मां हूं, बीबी नही, जब मुड बना चढ़ने की कोशिश करने लगे ।

राजेश _आज अपनी मां पर बहुत प्यार आ रहा है चिपकने का बडा मन कर रहा है।

सुनिता _अब छोड़ो मुझे बहुत प्यार कर लिया कही छोटी न आ जाए।

राजेश _मां थोड़ा देर और प्यार करने दो न। राजेश ने सुनिता की गालों को चूम लिया।

सुनिता _हूं, तेरी बदमाशी, बढ़ती जा रही है। अब छोड़ बाबा, मुझे तुमसे डर लगने लगी है।

अब जाओ अपने कमरे में,

सुनिता ने राजेश को धकियाते हुवे अपने से अलग किया।

जब उसकी नजर राजेश की पेंट पर पड़ी वह मुस्कुराने लगी।

राजेश किचन से चला गया और अपने कमरे में जाकर फ्रेश हो गया।

वह अपने कमरे में आराम करने लगा,

रात में

डिनर करने के बाद, शेखर अपने कमरे मे चला गया उधर , स्वीटी भी कमरे मे चली गई।

रात को राजेश सोने की कोशिश करने लगा, लेकीन उसे नींद नहीं आ रही थी, उसका chudai का बडा मन था।

वह बेड से उठा और हाल में चला आया,

स्वीटी भी सोई नही थी, उसने आहट पाकर कमरे से बाहर आई उसने देखा,राजेश किचन की ओर जा रहा है।

जब राजेश कीचन में घुसा। स्वीटी भी चुपके से वहा कीचन के दरवाजे के पास जाकर खड़ी हो गई और अन्दर क्या हो रहा है जानने की कोशिश करने लगी।

इधर कीचन में सुनिता बर्तन धो रही थी।

राजेश उसे बाहों में भर लिया।

सुनिता _अरे तू अभी तक सोया नही।

राजेश _मां नींद नहीं आ रहीं।

सुनिता _क्यू?

राजेश ने अपना land का दबाव सुनिता के गाड़ में दबाते हुए कहा।

आपको प्यार करने का मन कर रहा था इसलिए चला आया।

सुनिता _कही, तुम्हारे पापा और स्वीटी ने प्यार करते हुए देख लिया तो क्या समझेंगे?

राजेश _यही की मां बेटे के बीच प्यार हो रहा है।

बर्तन धोते तक राजेश सुनिता को अपनी बाहों में लेकर कभी उसके कंधे तो कभी उसकी गालों को चूम रहा था।

राजेश की इन हरकतों से सुनिता भी गर्म हो चुकी थी। उसकी बूर से पानी बहने लगी थी।

जब सुनिता ने कीचन का काम खत्म कर लिया तब राजेश से बोली।

सुनिता _बहुत हो गया, अपने मां से प्यार अब छोड़ो मुझे। और जाओ अपने कमरे मे जाकर सो जाओ।

राजेश_ नींद नहीं आएगी।

सुनिता _तो क्या चाहता है?

राजेश _मुझे आपका दूदू पीना है।

सुनिता _बेटा कोई आ जाएगा। समझा कर।

राजेश _कितना दिन हो गए आपका दूदू पीए, आज बड़ा मन है। राजेश ने सुनिता की चुचियों को मसलता हुआ बोला।

सुनिता सिसकते हुए बोली, देखो मैं तुम्हारे पापा और स्वीटी के कमरे चेक कर के आती हूं। वो सो रहे हैं कि नही।

जब स्वीटी अपनी मां की बात सुनी वह फौरन अपने कमरे में दबे पांव भागी और दरवाजा बंद कर अपने बेड में सो गई।

इधर सुनिता अपने बेडरूम में गई शेखर नींद में खर्राटे भर रहा था फिर दरवाजा बंद कर स्वीटी के कमरे में गई। स्वीटी सोने की कमरे का दरवाजा बंद थी लाइट ऑफ थी वह समझी स्वीटी सो गई है।

सुनिता हाल में आई, राजेश सोफे पर बैठ कर अपनी मां का इंतजार कर रहा था।

जब सुनिता आई राजेश ने उसे खींचकर अपने गोद में बिठा लिया।

सुनिता _तू बडा बदमाश हो गया है, मेरा कहना मानता ही नहीं।

सुनिता ने अपनी ब्लाउज का बटन खोल दी और चूची निकाल कर बोली।

ले पी ले अपनी मां की दूदू।

राजेश अपनी मां की चूची अपने हाथ में भरकर मसल मसल कर चूची पीने लगा।

राजेश _आह मां सच में आपके चूची आज भी कितने मस्त है।

सुनिता के मुंह से मादक सिसकारी गूंजने लगी।

इधर स्वीटी अपने बेड से उठी और चुपके से हाल के तरफ़ जाकर, छुपकर राजेश और सुनिता का खेल देखने लगी।

वह उत्तेजित होकर अपनी चूची और बूर मसले लगी।

राजेश ने सुनिता के चूची को कुछ देर तक मसल मसल कर पीने के बाद उसकी साड़ी को निकालकर अलग कर दिया। वह अब केवल पेटीकोट में थी।

राजेश ने अपना कपड़ा निकाल कर नंगा ही गया और अपना land सुनिता के मुंह के पास ले गया।

सुनिता ने राजेश का लंद अपने मुंह में लेकर चूसने लगी।

राजेश तो जन्नत में पहुंच गया। कुछ देर तक land चुसवाने के बाद राजेश ने सुनिता को घोड़ी बनने को कहा ,

सुनिता घोड़ी सोफे को पकड़ कर घोड़ी बन गई।

राजेश सुनिता की मस्त चिकनी फुली हुई chut को चाटने लगा

कमरे में सुनिता की मादक सिसकारी गूंजने लगीं।

कुछ देर chut चाटने के बाद राजेश ने अपना land पकड़ा और सुनिता के बूर में रख कर गच से पेल दिया।

लंद सरसरता huwa सुनिता के बूर में अन्दर घूस गया।

राजेश ने सुनिता की क़मर को दोनों हाथो से पकड़ा और गप गप चोदना शुरू कर दिया।

कुछ ही देर में दोनों जन्नत में पहुंच गए।

हाल सुनिता की मादक सिसकारी, उसकी चूड़ियों की खनक और land को बूर में अन्दर बाहर होने से फच फाच की आवाज गूंजने लगी।

दोनों को chudai में बडा मजा आ रहा था।

सुनिता के बूर से पानी झरने की तरह बहने लगी।

Land बूर में बिना किसी रोक के गपागप अन्दर बाहर होने लगा।

राजेश जोश में आकर कहा,

मां सच तुम्हारी chut मारने का मजा ही कुछ और है, बहुत मजा आ रहा है।

सुनिता _चुप बदमाश मां से गंदी बातें करता है।

राजेश _मां मै सच कह रहा हूं। मां तुम्हे मजा आ रहा है न।

सुनिता _हु,,,

दोनों संभोग के परम सुख को प्राप्त कर रहे थे

कुछ देर इसी आसन में काम सुख प्राप्त करने के बाद राजेश ने सुनिता को अपने land पर उठाकर सोफे पर बैठ गया। सुनिता राजेश की ओर पीठ कर land पर बैठ गई और राजेश के land पर उठक बैठक कर चुदाने लगी।

उधर स्वीटी भी काफी उत्तेजित होकर अपनी उंगली अपनी बूर में अन्दर बाहर करने लगी। सिसकने लगी।

राजेश सुनिता के चुचियों को मसल मसल कर नीचे से अपनी क़मर उचकाकर बूर में लंद पेलने लगा।

लंद सुनिता के बच्चे दानी को ठोकने लगा।

जिससे वह चरम सुख की ओर बड़ने लगी।

हाल राजेश और सुनिता की आह आह की कराहो से गूंजने लगीं।

सुनिता को इस आसन में इतना मजा आ रहा था की वह जोर जोर से उछलने लगी,और झड़ने लगी।

वह उछलना बंद कर दी।

राजेश ने स्वयं सुनीता के साथ सोफे पर करवट लेकर सो गया।

दोनों एक ऐसे ही कुछ देर सुस्ताने लगे, फिर राजेश ने सुनिता की चूची को मसलना और पीना शुरू किया।

कुछ देर में ही सुनिता फिर से गर्म हो गई।

राजेश ने इसी पोजीशन में लंद को बूर में अन्दर बाहर करना शुरू किया।

कुछ देर में

राजेश और सुनिता को फिर से मजा आना शुरू हो गया।

अब राजेश और सुनिता दोनों सोफे से खड़े हो गए। राजेश ने सुनिता की पेटीकोट का नाडा खीच दिया।

सुनिता नंगी हो गई।

अब राजेश ने सुनिता को सोफे में पीठ के बल लिटा दिया और उसकी टांगो को फैला कर स्वय उसके बीच में आ गया।

राजेश घुटने पर खड़ा था। सुनिता के बूर पे land रख कर गप से पेल दिया। फिर उसकी चूची पकड़ कर दनादन चोदने लगा।

उसके बाद राजेश सुनिता की टांगे को अपने कंधे पर रख कर जमकर चोदा। सुनिता फिर एक बार झड़ चुकी थी।

इधर स्वीटी भी झड़ चुकी थी । झड़ने के बाद वह अपने कमरे में गई और बेड पर लेट गई।

बेड में लेट कर राजेश का land याद कर, अपनी बूर को फिर सहलाने लगी।

इधर सुनिता की बूर की हालत खराब हो चुकी थी।

वह कीचन में गई और घी का डिब्बा औरगाजर लेकर, राजेश को उनके कमरे में चलने को कहा।

सुनिता ने एक हाथ से राजेश के खड़े लंद को और दूसरे हाथ से घी का डिब्बा लेकर राजेश के साथ कमरे में पहुंची।

कमरे का दरवाजा बंद कर, बोली बेटा अब मैं तुम्हारा यह land अपनी बूर में नही ले सकूंगी।

अब शायद मुझे भी अपनी दूसरी सुराख पे land लेनी पड़ेगी।

राजेश _पर मां क्या तुम अपनी गाड़ में मेरा land ले पाओगी।

सुनिता _कोशिश करते हैं बेटा।

चलो अब कोशिश करो।

राजेश ने अपनी उंगली में घी लिया।

सुनिता बेड पर चडकर नीचे झुक गई।

अपनी गाड़ को ऊपर उठा दी।

राजेश ने घी सुनिता के गांड़ के छेद में डाल दिया और एक उंगली गाड़ के अन्दर गलकर चारो तरफ़ घुमाने लगा।

सुनिता _को थोड़ा अलग अनुभव होने लगी।

राजेश ने कुछ देर एक उंगली घुसाने के बाद अपना दो उंगली घुसाने में सफल हो गया और उसके बाद उसने पतला गाजर पर घी चुपड़ा और उसकी गाड़ में डाल दिया। गाजर का सिरा पतला और जड़ मोटा था।

सुनिता दर्द से चीखने लगी।

राजेश धीरे धीरे गाजर को अन्दर करता गया सुनीता का गाड़ फैलता गया।

राजेश ने सुनिता के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया।

और गाजर को गहराई तक अन्दर बाहर करने लगा।

फिर थोड़ा मोटा गाजर लेकर गाड़ में डाल दिया। इस प्रकार धीरे धीरे सुनिता की गाड़ काफी फेल गई।

जब राजेश को लगा की अब उसका लंद गाड़ में जा सकता है वह घी को अपने लंद में अच्छी तरह लगा दिया और सुनिता की गाड़ में भी।

अब राजेश ने अपना लंद का टोपा गाड़ के छेद में रख कर एक जोर का धक्का मारा।

लंद का टोपा गाड़ को फाड़कर गाड़ में धस गया।

सुनिता जोर से चीखना चाही पर वह चीख न सकी और उसकी आंखो में आंसू आ गए।

राजेश _, क्या huwa दर्द हो रहा है क्या? कहो निकाल दू।

सुनिता ने न में सिर हिलाया।

राजेश ने अब गाड़ परऔर दबाव बनाया लंद का कुछ भाग और गाड़ में घुस गया।

अब राजेश इतने में ही लंद को अन्दर बाहर करने लगा।

सुनिता दर्द से कराह रही थी। पर राजेश ने अपना काम चालू रखा जिसका नतीजा ये huwa की लंद सुनिता की गाड़ में अपनी जगह बना लिया। आधे से ज्यादा लंद गाड़ में घुस चुका था और आसानी से land गाड़ में अन्दर बाहर होने लगा।

राजेश को यकीन नहीं हो रहा था की वह अपनी मां की गाड़ मार रहा है। वह जोश में आ गया। और उसे अपनी मां की गाड़ मारने में बडा मजा आने लगा।

इधर सुनिता को भी दर्द से राहत महसूस होने लगी।

जैसा जैसा समय बीत रहा था गाड़ की ढीली होती जा रही थी।

और गाड़ मरवाने में सुनिता को भी एक अलग मजा आने लगा।

इधर राजेश ने एक उंगली से सुनिता के बूर को रगड़ते हुए और गाड़ मारने लगा । जिससे सुनिता को डबल मज़ा आने लगा।

वह अपनी कमर हिला हिला कर लंद गाड़ में लेने लगी।

राजेश भी जोश में आ गया था। इधर सुनिता की बूर फिर से पानी फेकने लगी।

राजेश ने अपना लन्ड गाड़ से निकाला और बूर में पेल दिया।

और दनादन बूर चोदने लगा।

कुछ देर बूर चोदने के बाद फिर सुनिता की गाड़ में land डालकर गाड़ मारने लगा।

सुनिता और राजेश दोनो को बहुँत मजा आ रहा था।

लेकीन गाड़ पे तेज रगड़ खाने के कारण राजेश खुद को रोक न सका और गाड़ में ही झड़ने लगा।

इधर सुनिता भी एक बार और झड़ गई।

 
अगली सुबह राजेश जब जिम के लिए जा रहा था, वह कीचन में गया और सुनता जो कीचन में काम कर रही थी को पिछे से अपनी बाहों में भर लिया।

तभी सुनिता कराह उठी ,

राजेश _क्या huwa मां।

सुनिता _पिछवाड़ा सूजा कर कहता है क्या huwa ?

दर्द के मारे मैं ठीक से चल नहीं पा रही।

राजेश _पिछवाड़ा ठुकवाने का फैसला तो आपका ही था। इसमें मेरी क्या गलती। मैने तो आपको चेताया भी था। राजेश ने धीरे से सुनिता के कानो में कहा।

सुनिता _मुझे क्या पता था कि सुबह इतना दर्द होगा।

राजेश ने सुनिता को और अपनी बाहों मे कसते हुए कहा , मॉम पहली बार है ना, इसलिए धीरे धीरे आदत पड़ जायेगी फिर मजा ही मजा है।

सुनिता _चल हट बेशरम कही के अब भूल जा ये सब, पता नही कैसी तेरी बातो में आए जाती हूं।

मां को अपना बीवी समझ रखा है, जब मन करता है चढ़ने लग जाता है, चल अब जाओ।

राजेश हंसते हुए,

ओके मां बाई,

राजेश चला गया।

इधर सुनिता कुछ सामान उठाने नीचे झुकी दर्द से कराह उठी, हाय उह मां,

बुरी तरह रगड़ा है कमबख्त ने, जितना 22साल में इसके बाप ने नही रगड़ा उससे ज्यादा तो केवल चार बार में ही रगड़ डाला।

रहा जिम से आए गया, सभी लोग नहाकर तैयार होगए ओर नास्ते के लिए डाइनिंग रूम पे बैठे थे।

शेखर ने सुनिता को लंगड़ा कर चलते देखा तो बोला,

शेखर _सुनिता क्या huwa तुम लंगड़ा कर क्यू चल रही हो,

सुनिता _कुछ नही जी, सुबह नहाते समय बाथरूम में पैर फिसल गया था न इसलिए।

शेखर _ओह, ज्यादा चोट तो नही आयी है।

सुनिता _थोडा पैर में मोच आ गया है, दवाई लगाईं हैं ठीक हो जाएगी, चिंता की कोई बात नहीं।

राजेश _मां आप कहो तो जहा चोंट लगी है वहा, मूव लगाकर अच्छे से मालिश कर दू। अपनी मां का मजाक उड़ाते हुए कहा।

सुनिता ने राजेश को गुस्सा से अपनी आंखे दिखाने लगी।

स्वीटी _मां, भैया से नही मालिश करानी है तो मैं कर देती हूं।

सुनिता _रहने दो उसकी कोई जरूरत नही।

स्वीटी अपने आप से कहने लगी,

लगता है भैया ने कल रात जमकर इसकी गाड़ मारा है।

पापा के सामने कैसी नाटक कर रही है? चुड़ककड़ कही की।

दोपहर में लंच के समय राजेश अपने दोस्तों के साथ कैंटीन में बैठा था।

भगत _भाई, कालेज प्रशासन ने कालेज में वार्षिक उत्सव समारोह का डेट तय कर दिया है। 1जनवरी को कार्यक्रम होना है। इस बार सिर्फ़ समूह में ही परफारमेंस होना है, प्रत्येक समूह के 15मिनट का समय दिया जाएगा।

केवल 10दिन का समय रह गया है, तैयारी के लिए।

राजेश _हा, भगत हमे आज से ही तैयारी शुरु कर देनी चाहिए।दोस्तों से कहो की आज शाम को तैयारी के लिए निखिल के फॉर्म हाउस में सब इकठ्ठा हो।

भगत _ठीक है भाई।

तभी वहां निशा और स्वीटी भी पहुंच गई।

सीमा _हैलो भगत, हैलो राजेश।

भगत _हेलो जी, आइए बैठिए, काफी मंगवाऊ।

सीमा _ओ, क्यू नही?

भगत _सीमा जी आप लोग इस बार वार्षिकोत्सव में परफॉर्म करेंगी न।

सीमा _करना तो चाहते हैं, भगत पर इस बार सिर्फ़ समूह परफारमेंस देनी है।

भगत _आप लोग हमारे ग्रुप में क्यू नही शामिल हो जाती।

निशा _क्या आप लोग हमें अपने ग्रुप में शामिल करोगे?

भगत _क्यू नही, क्यू राजेश भाई?

राजेश _हां, आप दोनो हमारे ग्रुप में शामिल होंगी तो हमें खुशी होगी। आज शाम हम तैयारी के लिए एक जगह इकट्ठा हो रहे हैं, आप लोग भी आ जाना।

सीमा _ यही तो दिक्कत है।

निशा की मां निशा को कही जाने की इजाजत नहीं देगी।

भगत _ओह, तब तो तैयारी कैसे हो पाएगी?

निशा _मां से आज बात करूंगी, हो सकता है कोई रास्ता निकले।

राजेश _ठीक है निशा , हम कल देखेंगे क्या करना है। तैयारी कल से करेंगे?

रात में डिनर के समय निशा सुजाता से बोली,

निशा _मॉम मुझे आपसे कुछ बात पूछनी है।

सुजाता _बोलो बेटा क्या बात है?

निशा _मॉम कल 1जनवरी को कालेज में वार्षिक उत्सव है इस बार केवल ग्रुप में परफारमेंस करना है।

दोस्तो के साथ मुझे तैयारी करने के लिए शाम को समय देना होगा। वे सभी एक दोस्त के फॉर्म हाउस में इकठ्ठा हो रहे हैं।

सुजाता _बेटा मैं भी चाहती हूं की तू परफॉर्म करे, लेकिन तुम्हारी सुरक्षा में कोई ढिलाई नही चाहती। इस लिए मैं बाहर जाने के लिए सहमति नहीं दे सकती।

निशा अपनी मां की बात सुनकर उदास हो गई।

जब विशाल ने निशा को उदास देखा तो

विशाल _बेटा, तुम अपने दोस्तो को अपने घर क्यू नही बुला लेती तैयारी करने? क्यू सुजाता क्या खयाल है तुम्हारा?

सुजाता _हां, तुम्हारा डैड ठीक कह रहा है।अपने दोस्ती को यही बुला लो, यही तैयारी करो।

निशा _क्या सच में मॉम?

सुजाता _हां ।

निशा _ओह, थैंक यू मॉम, आप कितनी अच्छी है। मैं इस बारे में अपने दोस्तो से बात करूंगी।

निशा, सुजाता के सीने से लिपट गई। सुजाता उसके बालो को प्यार से सहलाने लगी, मेरी प्यारी बच्ची।

इधर रात में स्वीटी ने आज फैसला कर लिया था कि वह आज राजेश से चुदेगी।

वह सेक्सी नाईटी पहन कर राजेश के कमरे मे मूव लेकर चली गई।

स्वीटी ने राजेश के कमरे का दरवाजा खटखटाया।

राजेश ने दरवाजा खोला।

राजेश _स्वीटी, तुम इस वक्त कुछ काम था क्या?

स्वीटी _ओ भईया मेरा पीठ दर्द कर रहा है। थोडा मालिश कर दो।

राजेश _आओ कमरे में।

स्वीटी कमरे में, जाकर बेड पर बैठ गई।

स्वीटी अन्दर जाकर, अपनी नाइटी निकालने लगी,,

राजेश _स्वीटी, तुम ये क्या कर रही हो?

स्वीटी _भैया, कपडे निकालूंगी, तभी तो अच्छे से मालिश होगी।

राजेश _अरे कपड़े रहने दो, मैं बिना मूव लगाए ऐसे ही पीठ के मालिश कर देता हूं।

स्वीटी _भईया, मूव लगाकर मालिश करेगे, तभी राहत मिलेगी।

स्वीटी ने अपनी नाइटी उतार दी, एबी वह केवल ब्रा और पेंटी में थी।

उनकी चूचियां काफी आकर्षक लग रहे थे।

वह राजेश की ओर देखा, लो भैया अब मालिश शुरू करो।

इधर राजेश को कुछ ठीक नहीं लग रहा था।

उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें।

स्वीटी अपनी पीठ को राजेश की ओर कर दी, लो भैया अब सोंचो मत और मूव से मालिश कर मुझे दर्द से राहत दो।

राजेश _ने मूव अपनी उंगली में लेकर जैसे ही पीठ पर मलने को huwa

स्वीटी _रुको भैया, मैं वे ब्रा निकाल देती हूं ताकि मूव ब्रा में न लगे।

स्वीटी ने ब्रा का हुक खोल कर, ब्रा निकाल दी अब केवल वह पेंटी में थी।

स्वीटी का गोरा बदन चमक रहा था।

स्वीटी अपनी हाथो से चूची छिपा ली।

इधर राजेश अजीब मुसीबत में अपने को फसा महसूस कर रहा था।

स्वीटी _भैया अब सोच क्या रहे हो, चलो मूव लगाकर मालिश शुरु करो।

राजेश न चाहते हुवे भी मूव को उंगली मे लेकर पहले निशा के पीठ पर लगाया, उसके बाद अपनी हथेलियों से दबाव बनाकर मालिश करने लगा।

राजेश केहाथ पीठ पर लगते ही स्वीटी सिहर उठी।

जैसे जैसे राजेश मालिश करता गया, स्वीटी उत्तेजित होने लगी। उसकी पेंटी गीली होने लगी।

कुछ देर मालिश करने के बाद राजेश बोला,

राजेश _लो हो गया मालिश, अब तुम्हरा दर्द कम हो गाया होगा?

स्वीटी _पीठ का दर्द तो कम हो गया भैया, अब दर्द दूसरी जगह हो रही है।

राजेश _और कहा पे दर्द हो रहा है?

तभी स्वीटी राजेश की ओर मुड़ी।

वह अपने दोनो हाथ से राजेश के हाथ पकड़ा और अपनी चूची पर रख दी।

स्वीटी _भैया, दर्द यहां पर बड़ गया है? मालिश कर दो।

राजेश ने अपनी हाथ झटकते हुए कहा ,

स्वीटी ये तुम क्या कर रही हो, ये गलत है।

स्वीटी _अगर ये गलत है तो जो मां के साथ करते हो वो क्या सही है?

राजेश _स्वीटी, ये तुम क्या कह रही हो?

स्वीटी _हा, मैं सब जानती हूं तुम्हारे ओर मां के बीच जो खेल चल रहा है।

कल भी मां की तुने जमकर ठुकाई की है, मैंने अपने आंखों सी देखा है।

बोलो ये झूठ है?

राजेश _क्या तुम सब जानती हो?

स्वीटी _हा, मुझे सब पता है, वहा भरत पुर में मां को बाथरूम में ठोक रहे थे, उसकी सिसकारी बाथरूम से बाहर आ रही थी।

बोलो क्या ये झूठ है?

राजेश _देखो, स्वीटी, तुम अभी छोटी हो, ये तुम्हारी उम्र नही है ये सब करने की। अगर अभी से ये सब शुरु कर दी तो, तुम्हारी पढ़ाई प्रभावित होगी, तुम पढ़ाई में ध्यान नहीं लगा पाओगी।

स्वीटी _नही भैया अब मैं छोटी नही रही, देखो मेरे चूचे कितनी बडी बडी हो गई है। मुझे भी सेक्स की इच्छा होती है। मुझे भी आपके साथ सेक्स करना है।

राजेश _स्वीटी, अगर अभी से तुम, खुदवाने लगी न तो, तुम्हारा ढीला समान देखकर,शादी के बाद तुम्हारे पति को पता चल जायेगा की तुम शादी से पहले ही पुरषों से संबंध बना चुकी हो, वो तुम्हे तलाक दे देगा।

और मैं नहीं चाहता कि तुम्हारे साथ ऐसा कुछ हो।

स्वीटी _नही भईया, मैं कुछ नहीं जानती, मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है।

स्वीटी राजेश से लिपट गई।

राजेश _स्वीटी छोड़ो, मुझे।

पार स्वीटी मानी नही और राजेश की लोवर खींचने लगी।

राजेश ने स्वीटी के गालों पर एक जोर का थप्पड़ मारा,

स्वीटी के ऊपर चढ़ा, हवस का नशा उतर चुका था।

वह रोने लगी, राजेश उससे माफी मांगने लगा।

स्वीटी अपनी कपड़े लेकर अपने कमरे में चली गई।

अगले दिन कालेज जाते समय, राजेश ने स्वीटी को अपने बाइक पर बैठने कहा,,

स्वीटी _मुझे नही जाना है आपके साथ, मैंने अपनी सहेली को काल कर दिया है वो आती होगी।

सुनिता _बेटा तुम दोनो के बीच झगड़ा वगैरा huwa है क्या?

राजेश _नही मां ऐसी कोई बात नही, ओ थोड़ी नाराज हैं मान जायेगी।

कालेज में रोहन ने जब निशा को अपने ग्रुप में परफॉर्म करने को कहा तो उसने मना कर दी,

सीमा _रोहन हम लोग, राजेश की ग्रुप से परफॉर्म करेंगे।

रोहन के दोस्तो ने कहा _भाई, अब हम क्या करेंगे?

ये निशा तो राजेश के जाल में फंसती ही जा रही है।

रोहन _अबे, राजेश अपने साथ चाहे जिसे भी नचाले, जीत तो हमारी ही होगी।

रही बात निशा की, तो एक दिन जरूर वो मेरे पास आ जायेगी, देखना ।

राजेश के दोस्त _वो तो ठीक है भाई, पर हमारे ग्रुप में भी किसीअच्छी लडकी का शामिल होना जरूरी है।

दोपहर में लंच के समय रोहन स्वीटी के क्लास में गया।

रोहन _हाई स्वीटी।

स्वीटी _हाई।

रोहन _स्वीटी, आप वार्षिकोत्सव में हमारे ग्रुप की ओर से परफारमेंस क्यू नही करती?

हमे आपके जैसी टैलेंट और खूबसूरत लड़की की आवश्यकता है, प्लीज।

स्वीटी _आपके क्लास में निशा तो है न अप लोगो का साथ देने।

रोहन,_अरे नही यार, सीमा और निशा तो राजेश के ग्रुप में शामिल हो गई।

स्वीटी _अगर ऐसी बात है तो मैं और मेरी सहेलियां आपके ग्रुप मे शामिल होने तैयार है। मैं भी भाईऔर निशा को आसानी से जितने नही दुंगी।

रोहन _ ये हुई न बात आज से हम अच्छे दोस्त, चलो इसी बात पर कैंटीन में जाकर काफी पीते है।

स्वीटी _ओह क्यू नही?

स्वीटी और उसकी सहेलियां रोहन और उसके दोस्तो के साथ कैंटीन पहुंची।

इधर निशा, सीमा, राजेश भगत और उसके दोस्त कैंटीन में मौजुद थे।

निशा ने राजेश ओर भगत को बताया कि मां ने कहा है के हमारे घर में आकर तैयारी करें।

सभी लोग निशा की बात मान गए।

जब रोहन और उसके दोस्तो के साथ स्वीटी को देखकर।

राजेश ग्रुप के लोग चौंके।

भगत _भाई, उधर देखो स्वीटी रोहन के साथ।

राजेश भी हैरान था, कल की बात से स्वीटी उससे इतनी खफा हो जायेगी, इसे यकीन नहीं हो रहा था।

रोहन _अबे सबके लिए मस्त काफी लगा, वेटर से कहा।

अब देखना स्वीटी, वार्षिकोत्सव में हम ऐसा धमाल मचाएंगे की पुरा कालेज देखता रह जायेगा।

राजेश और उसके दोस्तो के चिडाते हुवे कहा।

भगत _हम भी देखना चाहेंगे,कौन हमे हरा पाता है।

इधर जब स्वीटी घर पहुंची, राजेश ने स्वीटी से कहा,

राजेश _स्वीटी, ये तुम ठीक नही कर रही हो।

स्वीटी _क्या ठीक नही कर रही? अब मैं अपनी हर फैसला खुद लूंगी, मुझे किसी की सलाह की जरूरत नही मुझे क्या करना है क्या नही?

राजेश _रोहन और उसके दोस्त ठीक नही है तुम उसके साथ सेफ नहीं रहोगी?

स्वीटी _अच्छा, आप भी तो कइयों के साथ मुंह काला कर चुके हैं। अब दूसरो को खराब बता रहे हो।

मुझे इस मुद्दे पर और कोई बात नहीं करनी है।

स्वीटी अपने कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर दी।

सुनिता _क्या huwa बेटा ये स्वीटी तुमसे बहस क्यू कर रही है।

राजेश_कुछ नही huwa है मां वो कुछ नाराज चल रही है न मेरे से इसलिए है, सब ठीक हो जायेगा।

सुनिता _पता नही तुम दोनो के बीच क्या चल रहा है?

शाम के समय राजेश और उसके दोस्त निशा के घर पहुंचे।

निशा ने सबसे पहले नौकरों से बोलकर सबके लिए नाश्ता और काफी बनाने कहा

और फिर तैयारी में लग गए।

उधर वार्षिक उत्सव में भाग लेने जीतने भी ग्रुप थे वे सभी डांस सिखाने के लिए डांसर और म्यूजिक के लिए आर्केस्ट्रा वालो को रख लिए थे।

रोहन ने भी नामी डांस मास्टर और आर्केस्ट्रा वालो को बडा रकम देकर नियुक्त कर लिया था।

स्वीटी और उसके दोस्त रोहन के घर जाकर तैयारी करने लगे।

इधर राजेश और उसके दोस्त प्रैक्टिस कर रहे थे तभी सुजाता भी आ गई।

सभी ने सुजाता को नमस्ते किया।

सुजाता _नमस्ते, बच्चो कैसी चल रही है तुम लोगो की तैयारी।

निशा _मॉम आप ही देख कर बताना की, हम ठीक से कर रहे हैं की नही।

तभी राजेश, सुजाता के पास आया।

राजेश _नमस्ते मैम,

सुजाता _नमस्ते राजेश, मुझे यकीन है तुम लोग बेस्ट परफॉर्मर बनोगे।

राजेश _मैम आपकी थोड़ी हेल्प चाहिए

सुजाता _कैसा हेल्प राजेश। मैम आप तो कुशल नृत्यांगना रह चुकी है, अपने समय कई कई प्रतियोगिता जीती है।

अगर आप हमारे टीम को मार्गदर्शन करें तो हम बेहतर परफॉर्मेंस दे पाएंगे।

निशा और सीमा भी राजेश की बातो को दोहराया।

सुजाता _ओके, मैं फ्रेस होके आती हूं।

सुजाता _फ्रेस होने के बाद आई।

ओर सोफे पर बैठ कर उनकी तैयारी देखने लगी।

तभी लगा की निशा राजेश के साथ नाचते समय गलतियां कर रही है।

सुजाता ने निशा और सीमा को रुकने कहा और उसने उन्हें बताए की क्या गलतियां कर रही है?

निशा _मॉम आप करके दिखाओ न हम गलतियां कहा कर रहे है।

सुजाता ठीक है देखो कैसे करनी है?

राजेश ने म्यूजिक के लिए दोस्तो को इसारा किया।

सुजाता और राजेश नृत्य करने लगे, नौकर भी वहा इकठ्ठा हो गए थे, देखने के लिए, सभी राजेश और सुजाता की जुगलबंदी देखकर ताली बजाने लगे।

निशा _wow बेहतरीन मॉम।

सुजाता _देखा न किस तरह से करना है?

निशा _हा मॉम।

उधर रीटा भी यह देखने घर जल्दी पहुंच गई की रोहन और उसके दोस्तो की तैयारी कैसी चल रही है।

घर जाने के बाद वह डांस मास्टर से बोली,

लेडीज मशहूर डांस मास्टर सनम खान से बोली, देखो सनम जी प्रैक्टिस में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। हर हाल में रोहन ग्रुप को बेस्ट परफॉर्मर बनना है।

सनम खान _मैडम आप बेफिक्र रहिए। इन 10दिनों में, इनको ऐसे तैयार करूंगी की इन्हे कोई हरा नही पाएगा।

सनम खान स्वयं नृत्य कर रोहन और स्वीटी को बता रही थीं की कब, क्या, और कैसे करना है।

अन्य ग्रुप के लोग भी तैयारी में लग गए।

घर में जब सुनिता को पता चला की स्वीटी, रोहन के ग्रुप में शामिल हैं और वह रोहन के घर तैयारी करने जाती है।

सुनिता _स्वीटी, क्या ये सच है की तुम रोहन के ग्रुप में शामिल हो ओर उसकी घर प्रैक्टिस के लिए जाती हो।

स्वीटी _हा, मां ये सच है।

सुनिता _स्वीटी, रोहन ओर उसकी मां अच्छे लोग नही है। तुम्हे उससे दूर रहना चाहिए।

Switi _मां मुझे लगता है किसी ने आपके कान भरे हैं वो बहुत अच्छे लोग है। मेरे साथ तो अभी तक कोई दुर्व्यवहार नही किया है।

सुनिता _बेटी ये लोग, मौका देखकर फायदा उठाने वाले लोग है,इनसे बच कर रहना।

स्वीटी _मां, तुम बेकार ही चिन्ता कर रही हो।

इधर सुजाता एक तरह से डांस मास्टर की भूमिका में थी जो निशा सीमा को डांस की प्रैक्टिस करा रहीं थीं।

वह राजेश के साथ खुद नृत्य करती थीं, डांस करते समय वह कहीं खो सी जाती थीं।

एक दिन रात में सुजाता को सपने आया, राजेश उसकी कंपनी में काम करता है।

एक दिन राजेश काम के सिलसिले से,उसका घर आया है और घर में कोई भी नही।

राजेश को पता है कि वह एक कुशल नृत्यांगना है।

राजेश, सुजाता से नृत्य देखने की इच्छा जाहिर की।

राजेश के जिद करने पर वह नृत्य करने तैयार हो गई।

राजेश ने होम थियेटर पर एक रोमांटिक गाना लगा दिया ।

सुजाता गाने पर नृत्य करने लगी। राजेश भी उसके साथ नाच रहा है।

नृत्य करते हुए वे दोनो एक दूसरे के करीब आ गए।

नृत्य करते हुवे, राजेश उसके बदन पर चुम्बन लेने लगा।

वह भी मदहोश सी हो गई।

जब म्यूजिक बंद huwa, वे एक दूसरे के आंखो मे खोए थे।

राजेश ने उसे अपने गोद में उठाया और बेडरूम में ले

गया।

बेड रूम में ले जाकर वह उसकी ओंठ को अपनी मुंह में भरकर चूसने लगा।

फिर गालों को, गर्दन, पे चुम्बन लेते हुए नाभी को चूमने लगा।

सुजाता मदहोश सी हो गई, वह भी राजेश से लिपट गई।

राजेश ने आगे बढ़ते हुवे इसकी साड़ी उसके बदन से अलग कर दिया। और उसके नाभी पे चुम्बनो की बरसात कर दिया।

तभी दरवाजे पर कोई खड़ा था जो ये सब देख रहा था।

वह दरवाजे की ओर देखी विशाल खड़ा था। विशाल कुछ नही बोला और वह वहा से चला गया।

तभी सुजाता की नींद खुल गई।

उसने इधर उधर देखा बाजू में विशाल लेटा था।

सुजाता _हे भगवान अच्छा huwa जो, ये सब सपना था। छी मैं कैसे इतनी गंदा सपना देख सकती हूं?

इधर वार्षिक उत्सव में नामांकित सभी ग्रुप , की तैयारी अपनी अंतिम अवस्था में पहुंच गया।

रोहन और उसके दोस्तो ने switi के साथ अभी तक कोई दुर्व्यवहार नही किया था क्यू की उन्हें पता था कि अगर वे कोई दुर्व्यवहार करते है, इसकी जानकारी राजेश और भगत को huwa तो वे उन्हें छोड़ेंगे नहीं।

इधर निशा तैयारी के दौरान राजेश के और करीब आ गई थीं।

स्वीटी भी रोहन को अच्छा लड़का मानने लगा।

उनके बीच दोस्ती और बड़ गई।

आखिर वह दिन आ ही गया जब वार्षिक उत्सव समारोह था। शाम के छः बजेसे प्रोग्राम शुरु होना था।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, राज्य के कारपोरेट जगत की दूसरी सबसे पावर फूल महिला रीता मेहता को बनाया गया था।

रीता समय पर पहुंच गई। समय पर कार्यक्रम का शुभारंभ huwa ।

अतिथियों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि का स्वागत करने राजेश और भगत को भी मंच पर बुलाया गया।

जब राजेश गुलदस्ता लेकर मंच पर पहुंचा तो रीता ने राजेश ने कहा,

रीता _हैलो राजेश कैसे हो?

राजेश ने गुलदस्ता देते हुए कहा, समारोह में आपका स्वागत है।

रीता _ओह थैंक यू।

मुझे लगता है इस बार भी,, आप जीत नही पाएंगे।

राजेश _जो भी होता है ऊपर वाले की मर्जी सभा को सम्बोधित करने के लिए से ही होता है। मुख्य अथिति को आमंत्रित किया गया।

रीता ने सभा को संबोधित किया।

उसने कहा कि शिक्षण संस्थान का कार्य है विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को निखारना, और उसका शारीरिक मानसिक और सांस्कृतिक एवम सामाजिक विकास करना।

और मुझे खुशी है की आरके कालेज अपनी जिम्मेदारी अच्छे से निभा रहा है।


सभी वार्षिक उत्सव समारोह में भाग लेने वाले ग्रूप के विद्यार्थियों को बेहतर परफॉर्मेंस करने के लिए प्रेरित की और शुभकामनाएं दी।
 
मुख्यअतिथि के द्वारा सभा को संबोधित करने के पश्चात्, सभी प्रतिभागी ग्रुप को नाम क्रम से एलाउंस किया गया , इसी क्रम में परफॉर्मेंस के लिए बुलाया जाएगा।वे अपना तैयारी कर ले।

कार्यक्रम की प्रस्तुति में किसी प्रकार का विलम्ब न हो। राज्य के नामी कलाकारों को निर्णायक की भूमिका हेतु आमंत्रित किया गया था। वे सभी भी अपनी उपस्थिति दे चुके थे। कालेज के प्राचार्य द्वारा उन सभी निर्णायको का स्वागत किया गया।

विद्यार्थियों के

कुल 16ग्रुप , वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देने के लिए नामांकित थे।

शाम 6: 30बजे से पहला ग्रुप ने अपना प्रस्तुति के लिए मंच पर उपस्थिति दिया।

दर्शको ने जमकर तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। प्रत्येक ग्रुप को 15मिनट का समय दिया गया था। अपनी प्रस्तुति देने के लिए ।

जिसमे वे नृत्य, डांस और रोल प्ले भी कर सकते थे।

पहला ग्रुप ने अपना परफॉर्मेंस दिया, सभी दर्शको ने उन प्रस्तुति देने वालो के लिए ताली बजाकर उनका हौसला अफजाई किया।

इधर रीता ने पैसे के दम पर निर्णायको को सेट कर ली की रोहन ग्रुप्स को प्रथम स्थान देना है।

पहला ग्रुप्स अपना परफॉर्मेंस दे चुका था।

दर्शको ने ताली बजाकर उनको बिदाई दिया।

उसके बाद दूसरे ग्रुप को, अपनी प्रस्तुति देने के लिए मंच पर आमंत्रित किया गया।

वे अपनी प्रस्तुति देने लगे।

एक एक करके 14ग्रुप्स ने अपना परफॉर्मेंस दे चुके थे।

15वे नंबर पर आमंत्रित किया गया , रोहन एंड स्वीटी ग्रुप्स को।

जैसे ही मंच पर ग्रुप्स का नाम अलाउंस किया गया। उसके समर्थक रोहन, रोहन करके चिल्लाने लगे।

मंच पर पहले रोहन आया उसने कुछ देर अकेले अपने दोस्तो के साथ,परफॉर्म किया फिर स्वीटी ने एंट्री की, उनके समर्थकों ने जोर दार ताली बजाकर, रोहन रोहन, स्वीटी, स्वीटी चिल्लाते हुए ताली बजाने लगे।

रोहन और स्वीटी ने तीन तीन नए गानों में जबर्दस्त परफॉर्मेंस दिया।

दर्शको के बीच दोनो ने खूब वाह वाही लूटा।

उनके परफॉर्मेंस के बाद देर तक ताली बजते रहे।

अब तक जीतने भी ग्रुप्स ने परफार्म दिए थे, उसमें रोहन के ग्रुप्स को सबसे ज्यादा तालियां मिली।

अब अंतिम प्रस्तुति के लिए राजेश एंड निशा ग्रुप को आमंत्रित किया गया।

नाम अलाउंस होते ही राजेश के समर्थक ताली बजाकर स्वागत किया।

राजेश एंड निशा ग्रुप ने म्यूजिकल ड्रामा तैयार किया था।

जैसे ही मंच का पर्दा हटा,

मंच पे अंधेरा था।

तब लोगो को आवाज सुनाई दी,

वे कहानी दो बचपन की सहेलियों की है जो एक दूसरे पर जान छिड़कते है। ये आवाज राजेश की थी, सभी लोग ध्यान पूर्वक सुनने लगे।रिया और प्रिया,,

प्रिया एक अमीर बाप की लड़की, रिया उसकी मुलाजिम की लड़की । इस समय दोनो कालेज में है और दोनो कालेज के फंक्शन में अपनी प्रस्तुति दे रहे है।

इसके साथ ही म्यूजिक ऑन होता है। लाइट ओन होता है और मंच पर नजर आते है रिया और प्रिया।

रिया के रोल में निशा थी और प्रिया के रोल में सीमा थी।

दोनो को मंच पर देखते ही लोग सीमा निशा, सीमा निशा चिल्लाते हुए, ताली बजाने लगे।

अपनी दोस्ती पर गीत गाते हुवे,,

निशा और सीमा ने जोरदार नृत्य का प्रदर्शन किया।

सभी दर्शक उनके नृत्य से काफी प्रभावित हुए।

दोनो के नृत्य के बाद मंच कि लाइट एक बार फिर बंद कर दिया गया।

उसके बाद राजेश ने फिर कहानी सुनाया।

फिर उस कालेज में एक लड़का का एडमिशन हुवा नाम था, राहुल

एक अलबेला सा मस्ताना सा, अपनी बातो से लोगो का दिल जीतने वाला, रोते को हसाने वाला,

आइए मिलिए राहुल से,,

तभी गिटार पे, मधुर धुन बजने लगता है।

लाइट एक चेयर पर बैठा लड़के पर फोकस होता है।

जो गिटार बजा रहा था।

सभी दर्शक राज राज करके चिल्लाने लगते है।

राजेश गाना शुरू करता हूं ,,

मैं हूं अलबेला, दीवाना,मस्ताना,,,

मैं आया हूं यहा पे,,,

सबको प्यार सीखाने,,,

टूटे दिलों पे,,,

नया अरमान जागने,,

मैं आया हूं यहां पे,,

सबको प्यार सीखाने,,

इस गीत पर उनके अन्य साथी भी राहुल का साथ देने लगते है।

धमाकेदार परफॉर्मेंस देखकर दर्शक झूम उठते हैं।

राजेश के परफॉर्मेंस के बाद मंच कि लाइट फिर ऑफ हो जाती है।

राजेश फिर कहानी सुनाने लग

राजेश अलबेला पन, मस्ती, उनके व्यवहार से प्रभावित होकर रीया, प्रिया और राहुल घनिष्ट मित्र बन जाते है।

रिया और प्रिया दोनो मन ही मन राहुल को चाहने लगते है। जबकि राजेश रिया को, प्यार का इजहार करना चाहता है।

दोनो सहेली एक दूसरे से कोई भी बात आज तक नही छुपाई है। हर बात को एक दूसरे शेयर करते हैं।

तभी मंच का लाइट ऑन हो जाता है।

मंच पर रिया और प्रिया खड़ी थी।

प्रिया, रिया से कहती है,,

प्रिया _रिया मैं तुम्हे बताने के लिए यहां बुलाई हूं।

रिया _आज, बहुंत खुश लग रही हो, मेरी बहना, बताओ क्या बात है? जरा मैं भी तो जानू।

प्रिया _रिया, मुझे प्यार हो गया है?

रिया _तुमको और प्यार,,

तुम तो कहती थी कि मुझे इस लफड़े में नहीं पड़ना,,

प्रिया _मैं गलत थी, राहुल ने मेरे दिल में प्यार जगा दिया। मैं राजेश से प्यार करने राहुल, i Love राहुल।

रिया _क्या? राहुल से।

प्रिया _हा प्रिया, राहुल कितना प्यारा है? मैं राहुल से बहुत प्यार करती हूं।

बोलो रिया मैं क्या करू?

रिया के आंखो में आंसू आ जाती हैं।

अपनी आंसुओ को छिपाते हुवे कहती है।

रिया _अगर तुम राहुल से प्यार करती हो, तो जाओ उसे बता दो, कही देर न हो जाए।

प्रिया _सच में।

रिया _हा, जाओ, अभी।

प्रिया _ओके मैं अभी जाती हूं, राहुल के पास और उसे अपनी प्यार का इजहार करता हूं।

प्रिया चली जाती हैं।

इधर रिया के आंसू बहने लगती है। अपने आप से कहती है तुम्हे प्रिया के खुशी के लिए राहुल को भूलना होगा।

फिर उसका एक मन कहता है,, मैं कैसे भुल पाऊंगी राहुल को, मैं यूज बहुत प्यार करती हूं।

नही, क्या तू प्रिया के आंखो में आंसू देकर राहुल के साथ खुश रह पाएगी।

नही, मैं प्रिया की आंखो मे आंसू नहीं देख सकती।

तभी राहुल रिया के ढूंढते हुए वहा पहुंचा।

राहुल _रिया मैंने तुम्हे कहा कहा नहीं ढूंढा तुम यहां हो।

रिया _राहुल, तुम यहां, क्या बात है?

राहुल _रिया, मुझे तुमसे कुछ कहना है।

Riya _बोलो,राहुल क्या कहना है?

राहुल ने रिया की दोनो हाथो को पकड़ कर कहा।

रिया i Love यू।

रिया _राहुल ये क्या मजाक है?

राहुल _ये मजाक नही सच है। मैं तुमसे प्यार करता हूं।

रिया _देखो राहुल, मैंने तुम्हे एक अच्छा दोस्त समझा है। मैंने तुम्हारे बारे में कभी ऐसा सोंचा नही।

राहुल _तो अब सोंचो। अपने दिल पर हाथ रख कर बोलो की तुम मुझसे प्यार नही करती।

रिया _राहुल मैं तुमसे प्यार नहीं करती, देखो राहुल मेरे कुछ सपने है मैं किसी अमीर लड़के से शादी करना चाहती हूं, ताकि मैं भी प्रिया की तरह ठाठ बाट से रह सकू। ये प्यार व्यार शब्द सब मेरे लिए बेकार है।

और तुम भी आज के बाद मुझे ऐसे शब्द न बोलना नही तो हमारी दोस्ती भी टूट जायेगी।

राहुल _नही रिया, मेरा प्यार भले ही कबूल न करो।

पर दोस्ती न तोड़ना।

राहुल वहा से चला गया।

राहुल के जाने के बाद, रिया फुटफुट कर रोने लगीमंच पर दर्द भरे गीत, चलने लगा,,

हम थे जिनकी सहारे, वो हुवे न हमारे।

डूबी जब दिल की नैया, सामने थे किनारे,,

रिया की हालत देखकर, सभी दर्शक की आंखो में आंसू सा गए।

मंच का लाइट फिर ऑफ huwa।

राजेश आगे की कहानी बताया,

प्रिया अगले दिन राजेश से मिली, और अपने प्यार का इजहार कर दिया।

राहुल, रिया के ठुकराने के बाद वह भी टूट चुका था। उसे भी सहारे की जरूरत था, वह प्रिया को मना नही किया क्यों कि वह जानता था कि अगर वह प्रिया को मना कर दीया तो प्रिया की के ऊपर भी वही गुजरेगी जो रिया के ठुकराने से उन पर बीत रही है।

प्रिया बहुत खुश थी।

आज राहुल प्रिया की सगाई है।

घर में सभी खुश है।

मंच पर लाईट ऑन होता है।

दर्शक देखते है मंच पर प्रिया और राहुल कि सचमुच की सगाई हो रही हो,,

मंच में एक बार फिर म्यूजिक ऑन होता है। रिया और उसके दोस्त राहुल और प्रिया को सगाई की बधाई देते हुऐ गीत गाते हैं। प्रिया और राहुल की भी उनके साथ नाचने लगते हैं।

दर्शको को एक बार फिर से धमाकेदार परफॉर्मेंस देखने को मिलता है।

दर्शक भी झूमने और नाचने लगते है।

मंच का लाईट फिर ऑफ होता हैं

राजेश आगे की कहानी सुनाता है।

प्रिया और राहुल के सगाई के बाद,

रिया बहुत टैलेंटेड थी अमेरिका कि एक कम्पनी में जाब के लिए अप्लाई कर दी थी।

वहा से नियुक्ति आदेश मिलने पर अमेरिका जाने का फैसला कर ली।

प्रिया को जब पता चला कि रिया अमेरिका जा रही है

वह रिया के पास पहुंच जाती है।

मंच का लाइट ऑन होता है।

मंच पर दर्शको को रिया और प्रिया खड़ी नजर आती है।

प्रिया _रिया, ये मैं क्या सुन रही हूं? तुम अमरीका जा रही हो।

रिया _हा, प्रिया। तुमने सही सुना है।

प्रिया _क्या मुझे छोड़कर चली जायेगी? तू मेरी सहेली नही। मेरी जान हैं तू। तू चली जायेगी तो अपनी बाते किससे शेयर करूंगी।

रिया _अब राहुल हैं नतेरे पास, तेरे दुख सुख का साथी।

प्रिया _, प्रिया तुम्हारे लिए यहां भी कोई जाब की कमी नहीं है, तुम मत जाओ,

रिया _मुझे जाना होगा रिया, मुझे भी कुछ बनना हैं, मेरे भी कुछ सपने है।

मंच का लाइट फिर ऑफ हो जाता हैं।

राजेश आगे की कहानी सुनाने लगता है।

रिया अमेरिका चली जाती है, और वहा की एक कंपनी में जाब करने लगती हैं।

अपने साथ ले गई थी प्रिया और राहुल कि फोटो।

वहा एक छोटे से मकान किराया पे लेकर रहती।

वह अमेरिका मे बहुत अकेला पन महसूस कर रही थी। वह किसी तरह राहुल और प्रिया के साथ कालेज में बिताए पल को याद कर जी रही थी उसकी सेहत भी बिगड़ती जा रही थी।

जब भी प्रिया से फोन पर बात होती, वह अपने आपको बहुत खुश बताती।

6माह बाद राहुल और प्रिया की शादी होनी थी। 6माह गुजर गए।

प्रिया, रिया को शादी का कार्ड देने खुद अमरीका जाना चाहती थी, उसे भी रिया से दूर रहकर अच्छा नही लग रहा था, वह रिया से मिलना चाहती थी।

रिया को बिना बताए, राहुल और प्रिया पहुंच गईअमरीका।

वहा जाने के बाद पता चला, रिया ड्यूटी पर गई है। वे उसकी आने का इंतजार करने लगे।

बाजू मकान मालकिन से प्रिया ने रिया के बारे में पूछी।

मकान मालकिन ने कहा _वह दिनभर तुम्हारे बारे में ही बात करती रहती है। तुम दोनो को बहुत चाहती है।

पर दुखी रहती है, वह यहां खुश नही। दिन बदिन उसकी सेहत बिगड़ती जा रही है।

मुझे बेचारी पर बहुत तरस आता है। पर मैं भी क्या कर सकती हूं। वह बताती नही की उसे क्या दुख है?

मकान मालकिन की बातो को सुनकर प्रिया की आंखो मे आंसू भर गए।

कुछ देर बाद रिया घर पहुंची।

वहा पर राहुल और प्रिया को देखकर चौंकी।

रिया _प्रिया, राहुल तुम लोग यहां, मुझे बताया नही तुम लोग यहां आ रहे हो।

प्रिया ने रिया की हालत देखी

रिया तुम तो कह रही थी यहां बहुत खुश हो, देखो अपने को कैसी थी और क्या हो गई है।

वह रिया को गले लगा ली, रिया मुझे बताओ आखिर बात क्या है? तुम मुझसे कुछ छुपा रही हो।

रिया _प्रिया तुम्हे कोई गलत फहमी हुई है, मैं तो बहुत खुश हूं यहां, मेरे सेहत को क्या huwa है।

पहले जैसे ही हूं।

हा तुम पहले से कुछ मोटी लग रही हो।

आओ अंदर बैठो।

राहुल और प्रिया अंदर रूम मे गए।

तभी रिया टेबल से कुछ उठाई और आलमारी में छुपा दी।

प्रिया नई देख लिया।

रिया ने कहा _मैं तुम लोगो के लिए कुछ नाश्ता बना दू।

प्रिया_ठीक हैं।

रिया किचन मे चली गई नाश्ता बनाने।

प्रिया यह जानने के लिए की रिया ने क्या छुपाई है?

वह अलमारी को खोलकर देखने लगी।

कपड़े के नीचे उसे एक फोटो फ्रेम मिला।

राहुल का फोटो था।

प्रिया _रिया राहुल का फोटो क्यू छिपाई?

मतलब,,,,,,

तभी रिया रूम मे आई।

प्रिया ने आलमारी बंद कर दी।

रिया _वैसे अचानक किसी काम से आए जो क्या?

प्रिया _, क्यू, हम लोग तुमसे मिलने नही आ आ सकते।

रिया _आ सकते हो, पर अचानक।

प्रिया _हम तुम्हे लेने आए हैं। 5दिन बाद हमारी शादी हैं और हम चाहते है कि हमारी शादी मे तुम उपस्थित रहो।

रिया _ये तो बड़ी खुशी की बात है, कि आप दोनो कि शादी तय हो गई है।

तुम लोग बता देते मैं आ जाती।

प्रिया _अरे नही तुम्हारा कोई भरोसा नही था न आने का कोई बहाना कर देती, इसलिए हम खुद ही आ गए।

इधर रिया की हालत पर राहुल को भी बहुत दुख हो रहा था। वह आज भी रिया को बहुत चाहता था। पर वह कर भी क्या सकता था रिया ने उसका प्यार ठुकरा दिया था।

प्रिया _रिया अगर तुम नही चलोगी तो हम शादी नही करेंगे।

रिया _मुझे कंपनी मे छूटी के लिए आवेदन देना होगा।

प्रिया _रिया अब बहुत हो गया, कंपनी वगेरा छोड़ो और हमारे साथ चलो।

रिया _यहां अच्छी खासी जाब है उसे कैसे छोड़ दूं?

प्रिया _तुम नही जावेगी तो हम लोग शादी नही करेंगे।

ये हम लोगो का अंतिम निर्णय हैं।

रिया _ठीक है बाबा, मैं अभी तो नही चल सकती पर शादी के दिन मैं जरूर पहुंच जाऊंगी,।

राहुल और प्रिया वहा से भारत लौट गए, और शादी की तैयारी करने लगे।

इधर शादी के दिन भी आ गए।

शादी की 2घंटे पहले रिया , प्रिया के घर पहुंची।

प्रिया _आ गई मेरी रिया, अगर तुम नही आती तो आज ये शादी नही होती।

मैंने तुम्हारे लिए ड्रेस बनवाए हैं उसे पहन लो। अपने जैसे ही प्रिया ने रिया के लिए भी ड्रेस बनवाए थे।

रिया मै इसे पहन कर क्या करूंगी ये तो दुल्हन के कपड़े लगते है।

प्रिया _तू मेरे खुशी के लिए इसे नही पहन सकती।

रिया ने वह वह जोड़े पहन ली।

प्रिया के पिता जी,_बेटी पंडित जी बुला रहे है, चलो मंडप में।

प्रिया _आप चलो हम आ रहे हैं पापा।

उसके बाद मंच का लाईट ऑन हो गया और फिर सामने दर्शको ने देखा मंच पर मंडप सजा था।

राहुल, दूल्हे के ड्रेस में था, प्रिया और रिया दुल्हन के ड्रेस में थी।

पंडित _दुल्हन को मंडम पर बिठाइए।

प्रिया के पिता ने प्रिया को मण्डप पार बैठने कहा।

प्रिया _पाप मंडप पर राहुल के साथ मै नही रिया बैठेगी।

सभी लोग चौके।

प्रिया के पिता _बेटी ये तुम क्या कह रही हो, हां पिता जी मै सही कह रहा हूं।

रिया _प्रिया, ये कैसा मजाक है।

प्रिया _रिया, मै मजाक नही कर रही। मुझे सब पता चल गया है।

रिया _क्या पता चल गया है?

प्रिया _यही कि तुम राहुल से प्यार करती हो। उस दिन अमेरिका मे राहुल का फोटो तुमको छिपाते देख मै सब समझ गई कि तुम क्यों मुझसे दूर चली गई।

तुम्हे क्या लगता हैं? प्यार कि कुर्बानी सिर्फ तुम दे सकती हो मै नही।

मैंने तुम्हे अपनी दिल की बात बताया, लेकिन तुमने अपनी दिल कि बात मुझसे छिपाई।

कि राहुल से प्यार करती हो।

रीया _नही प्रिया ये झूठ, ऐसा कुछ भी नही।

प्रिया _अगर ये साब झूठ हैं तो मेरे सिर पर हाथ रख कर कहो कि तुम राहुल से प्यार नही करती। बोलो, जवाब दो खाओ कसम, चुप क्यों हो।

खाओ कसम,,,

रिया _नही, मै तुम्हारी कसम नही खा सकती।

प्रिया _रिया तुम्हे सच बोलना होगा, अगर अभी सच न बोली तो हम तीनों की जिन्दगी बर्बाद हो जायेगी।

बोलो रिया बोलो,,,, चीखते हुए बोली।

रिया _हा, हां मै राहुल से प्यार करती, पर मै तुम्हे दुखी नही देख सकती थी क्यू कि तुमने मुझसे पहली ही बता दी कि तुम राहुल से प्यार करती हो। तुम कितनी खुश लग रही थी। मै तुम्हे निराश होते नही देख सकती थी।

प्रिया _पर, परिया राहुल तो तुम्हे चाहता है न, फिर तुम्हे ये सब करने की क्या जरूरत थी?

रिया _तुम्हे ये सब किसने कहा।

प्रिया _मैंने राहुल से कई बार खुलकर बोले को कहा, प्रिया i Love यू बोलने।

लेकिन कभी स्पष्ट बोला नहीं। अमेरिका से आने के बाद मै राहुल के दोस्तो से मिला उन लोगों से मुझे सच्चाई का पता चला कि राहुल रिया से प्यार करता था उसने रिया से इजहार भी किया लेकिन तुमने ठुकरा दिया।

राहुल तुम चुप क्यों खड़े हो बोलो क्या मै जो बोल रही हूं गलत है।

राहुल, कुछ न बोला,,,

प्रिया _रिया, क्या तू समझती हैं मै राहुल से शादी कर तुम्हे इस हालत मे देखकर खुश रहूंगी। बोलो। मै अपने आप को कभी माफ नही कार पाती। अच्छा huwa जो मुझे सच्चाई का समय पर पता चल गया।

रिया, मुझे खुश देखना चाहती हो तो राहुल के साथ मंडप पर बैठो।

रिया, प्रिया की गले लगकर रोने लगी।

प्रिया _रिया, ये खुशी का दिन है ऐसे मौके पर रोते नही, आज मै खूब नाचूंगी।

इधर दर्शक लोग दो सहेलियो के बीच प्यार देखकर

भाऊक हो गए ।

ताली पे ताली बजा रहे थे।

प्रिया के पिता _प्रिया बेटा, मुझे तुम पर गर्व है।

रिया राहुल के साथ मंडप पर बैठ गई।

दोनों की शादी huwa और एक बार फिर राहुल, रिया प्रिया और इसके ने धमाकेदार समूह नृत्य का प्रदर्शन किया।

जब प्रस्तुति समाप्त huwa तो दर्शको की ताली रुकने का नाम ही नही के रहा था।

हालाकि 15मिनट का समय, 20मिनट ले गया था।

लेकिन निशा, सीमा और राहुल कि ऐसी यादगार परफॉर्मेंस देखकर सबकी जुबां पर राजेश और निशा का ही नाम था।

अंतिम प्रस्तुति के बाद आधे घण्टे बाद आज केतीन बेस्ट परफा रमरो की घोषणा किए जाने का अलाउंस किया गया।

इधर निर्णायक असमंजस में पड़ गए थे। किसको प्रथम विजेता घोषित करे।

क्यू कि बेस्ट परफॉर्मर रोहन एंड स्वीटी ग्रुप को दे तो कालेज के स्टूडेंट्स हंगामा खड़ा कर सकते हैं।

जबकि रिया हर हाल रोहन ग्रुप को ही प्रथम स्थान दिलाने का दबाव डाल रखा था।

अंत मे कालेज प्रशासन पर ही छोड़ दिया गया।

आखिर आधे घण्टे बाद आज के विजेता टीमों की घोषणा किया गया पहले तृतीय स्थान, फिर द्वितीय स्थान वाले टीमों की घोषणा किया गया।

अंत मे फैसला सुनाने वाले ने कहा कि पहली बार कालेज में प्रथम स्थान संयुक्त रूप से दो टीमों रोहन और राजेश ग्रुप को दिया जाता है।

स्टूडेंस खुश नही थे, पर सबका मानना पड़ा।

दोनों टीमों के प्रतिभागियों को मंच पर बुलाया गया और एक प्रथम स्थान वाला कप राजेश और रोहन दोनों के हाथो मे थमाया गया।

उनके समर्थक राजेश राजेश तो रोहन के समर्थक रोहन रोहन चिल्लाने लगे।

कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद रात्रि भोज का व्यवस्था किया गया था।

रात्रि भोज करने के बाद

सभी लोग अपने अपने साथियों से इजाजत लेकर घर की ओर प्रस्थान करने लगे।

रात के 12बज चुके थे।

राजेश _स्वीटी चलो बाइक में बैठो, घर चलना है रात बहुत हो गई हैं।

स्वीटी _आप जाओ, रोहन मुझे घर छोड़ देगा।

क्यू रोहन।

रोहन _हां क्यू नही?

राजेश भगत से कुछ कह कर घर निकल गया।

शायद रोहन पर नजर रखने।

इधर रोहन अपने कार में स्वीटी को लेकर उसके घर छोड़ने चला गया।

रास्ते में,,

रोहन _थैंक्स, स्वीटी अगर तुम साथ नही देती तो हम राजेश ग्रुप से पीछे रह जाते।

स्वीटी _थैंक्स तो मुझे आपका बोलना चाहिए जो अपने ग्रुप में मुझे लिया।

तभी रोहन ने कार रोक दिया।

स्वीटी आज बड़ी खुशी की दिन है।

क्यू न हम सेलिब्रेट करे।

वह स्वीटी के करीब आकर उसे किस करने की कोशिश करने लगा।

स्वीटी _रोहन को रोकते हुए कहा, देखो रोहन हम एक अच्छे दोस्त हैं।

पर ये मुझे पसंद नहीं। प्लीज।

रोहन _यार दोस्त हैं इसलिए तो इंजॉय करने बोल रहा हूं।

रोहन _नही रोहन, मै ये सब नही कर सकती, मुझे फोर्स मत करो, प्लीज।

रोहन स्वीटी पर ज्यादा दबाव भी नहीं बना सकता था कही वह नाराज हो गई तो मामला और बिगड़ सकता है, सोचकर।

रोहन _स्वीटी, मुझे माफ कर दो, पता नही मुझे क्या हो गया था। तुम कितनी खूबसूरत हो, अकेले मे बहकने लगा था मुझे माफ कर दो। प्लीज। ऐसा फिर कभी नही होगा।

स्वीटी _ओके, मै तुम्हे अच्छा दोस्त समझता हूं, भरोसे को बनाए रखना।

रोहन ने कार स्टार्ट किया।

कुछ देर बाद,

लो मेरा घर आ गया।


बस यही पे छोड़ दो।
 
सुजाता ने अपने ऑफिस में कंपनी के अधिकारियों की आपात बैठक रखी।

बैठक में कंपनी के अधिकारियों ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर,सुजाता को बताया कि सोनपुर स्थित हमारी प्रमुख सीमेंट प्लांट में मजदूरों हड़ताल कर दिया है।

वहा के प्रबंधक ने इस बात की जानकारी भेजी है। मजदूरों के यूनियन ने जो मांग रखी है उसकी जानकारी भेजी है।

मजदूर यूनियन का प्रमुख मांग,,

1*मजदूरी में 50% वृद्धि।

2. रिटायर होने वाले मजदूरों को दस लाख रुपए ।

3 दुर्घटना से मृत्यु होने पर, परिवार के एक सदस्य को नौकरी एवम 10लाख रुपए।

सुजाता _क्या हम मजदूरों की मांग को मानने की स्थिति में है?

वित्तीय प्रबंधक _नही, मैम अगर हम मजदूरी में 50%वृद्धि करते हैं तो हमारी कंपनी घाटे में चली जायेगी।

सुजाता _कितनी वृद्धि की जा सकती है?

वित्तीय प्रबंधक _10%से ज्यादा वृद्धि नही की जा सकती।

सुजाता _वहा के प्रबंधक से मजदूर यूनियन से बात करे। 10%वृद्धि के लिए कंपनी तैयार है।

अपने पास सीमेंट का स्टॉक कितना है।

अधिकारी _कंपनी मे प्रोडक्शन रुक जाए तो अपने प्रोजेक्ट के लिए 15दिन का स्टॉक है। लेकिन यदि 15दिन के बाद भी अगर प्रोडक्शन शुरू नही हुआ तो फिर हमारे प्रोजेक्ट के काम रुक जायेंगे।

क्यू कि हमारे बड़े बड़े प्रोजेक्ट के लिए 70% सिमेंट उसी प्लांट से मिलते हैं। हम अन्य कंपनी को भी सीमेंट सप्लाई करते है।

प्रोजेक्ट का काम रुका तो फिर हमारे निवेशकों मे भय आ सकते हैं, जिससे वे अपने शेयर बेचने लगेंगे।

हमारी कंपनी मुसीबत में आ जाएगी।

ऐसी स्थिति आने से पहले ही हमे मजदूरों का हड़ताल तोड़ना पड़ेगा।

सुजाता _वहा के प्रबंधक से बोलो, यूनियन से बात कर, जल्द से जल्द उन्हे मनाने का प्रयास करे।

अधिकारी _ठीक है मैम।

घर आने के बाद सुजाता थोड़ी चिंतित नजर आने पर विशाल ने पूछा _क्या बात है सुजाता, कुछ चिंतित लग रही हो।

सुजाता _हमारे सोनपुर स्थित सीमेंट प्लांट में मजदूरों ने हड़ताल कर दिया है, वहा प्रोडक्शन कार्य रुक गया है।

विशाल _सुजाता, पहले भी हमने, ऐसी स्थिति का सामना किया है, सब ठीक हो जाएगा तुम बेकार ही चिंता कर रही।

सुजाता _पता नही जी, मेरे मन में कुछ भय सा लग रहा है। भगवान करे सब ठीक हो जाय।

वैसे,मैंने वहा के प्रबंधक से कह दिया है कि मजदूर यूनियन से बात कर जल्द से जल्द प्रोडक्शन कार्य सुरू कराने।

डिनर के समय निशा ने अपने मां को चिंतित देख पूछी_मां कुछ बात है क्या? चिंतित लग रही हो?

सुजाता _नही बेटी कोई बड़ी बात नहीं है।

तुम बताओ तुम्हारा कालेज कैसा चल रहा है।

निशा _बहुत बढ़िया।

सुजाता _वैसे मैने सुना है कि तुम लोगो का वार्षिक उत्सव में तुम्हारे ग्रुप का परफॉर्मेंस बहुत अच्छा था फिर भी निर्णायको ने संयुक्त रूप से तुम्हारे ग्रुप को प्रथम स्थान दिया।

निशा _हा, मॉम, किसी को भी बात समझ नहीं आई। निर्णायको ने ऐसा फैसला क्यू लिया?

अगले दिन राजेश और भगत कैंटीन में बैठे थे।

भगत को किसी का काल आया, भगत फोन पे बात करने लगा।

जब बात खत्म huwa

राजेश _किसका काल था बे।

भगत _भाई, ये राजनीति पार्टी वाले मुझसे मिलना है है, वे चाहते है कि मै उनकी पार्टी में शामिल हो जाऊ।

मुझे तो समझ ही नही आ रहा की मैं क्या करू?

आप ही बताओ, आगे क्या करना चाहिए?

राजेश _अभी किसी भी पार्टी में शामिल होने की जल्दबाजी मत करो, आगे मौका देख कर निर्णय करेंगे कि क्या करना है।

अभी तुम अपने इंस्टाग्राम, फेसबुक में नए नए मित्रो को जोड़ो ओर अपने समर्थकों कि संख्या बढ़ाओ।

अपनी शक्ति बढ़ाओ।किसीभी पार्टी वालों को उनके पार्टी में शामिल होने के बारे में कोई वक्तय न दो।

भगत _ठीक है, भाई।

राजेश कालेज से जब घर गया।

वह किचन में गया अपनी मां से मिलने, तभी किचन मे उसकी मामी सुमित्रा भी थी।

राजेश _मामी, तुम कब आई?

सुमित्रा _अरे बेटा मै तो दोपहर में आई। हॉस्पिटल गई थी, चेक अप कराने।

तभी राजेश ने सुमित्रा को पीछे से अपनी बाहों में भर लिया।

सुमित्रा _अरे बेटा क्या कर रहा है? छोड़ो मुझे तुम्हारे मामा जी भी आए हैं वे कमरे मे है?

राजेश _मामी आ तुम बड़ी प्यारी लग रही हो।

मामी _चल झूठा कही का।

राजेश _मै झूठ नहीं बोल रहा, मां से पूछ लो।

सुनीता वही पर थी।

सुनीता _औरत जब मां बनने वाली होती है न तो उसका शरीर निखर जाता है।

अ ब छोड़ कमबख्त अपनी मामी को, कही तुम्हारे मामा जी आ गए न तो मुसीबत हो जायेगी।

राजेश _आने दो मामा जी को, बोल दूंगा मै अपनी मामी को प्यार कर रहा हूं।

सुनीता _अच्छा, ऐसा चिपक कर दूदू से खेलते हुए कोई अपनी मामी से प्यार करता है। चल जा अपने कमरे मे।

सुमित्रा हसने लगी।

राजेश _मां तुम भी न, लगता है जलन हो रही है आपको। मामी और भांजे के बीच प्यार देख कर।

सुमित्रा _बेटा, तुम्हारी मां ठीक कह रही है, अब छोड़ो मुझे और जाओ अपने कमरे में।

राजेश _मामी तुम भी मां की बातो मे आ गई।

राजेश का अपने मामी को छोड़ने का मन नही था। पर वह बे मन से अपने कमरे मे नाराजगी जताते हुए वहा से चला गया।

कुछ देर बाद सुमित्रा काफी लेकर राजेश के कमरे में गई।

सुमित्रा _क्या कर रहा है मेरा राजेश बेटा?

राजेश _मामी आप।

सुमित्रा _काफी लै हूं।

राजेश ने सुमित्रा को अपने गोद में बिठा लिया।

सुमित्रा _फिर बदमाशी शुरू।

राजेश _मामी क्या मेरी याद नही आती आपको।

सुमित्रा _अच्छा, क्या तुम मुझे याद करते हो।

राजेश _हा, बहुँत।

सुमित्रा _चल झूठा कही का। फिर एक बार फोन क्यू नही किया।

राजेश _ओ क्या है न मामी कालेज मे फंक्शन था न उसकी तैयारी मे व्यस्त था।

सुमित्रा _बहाना बनाना तो कोई तुमसे सीखे। सच तो ये है कि यहां तेरे चाहने वालों की कोई कमी नहीं, फिर कहा से तुम्हे मामी याद आयेगी।

राजेश _मामी, चाहने वाली तो बहुत है पर आपके साथ जो मजा आता है वह दूसरों के साथ नही।

सुमित्रा _अच्छा।

राजेश _मामी, बहुत दिन हो गए, आपके साथ आज दोगी ना।

सुमित्रा _न बाबा।

राजेश _क्यू?

सुमित्रा _न बाबा, मेरी हालत तो देख रहे हो न। एक तो बड़ी मुस्किल से मां बनने वाली हूं। कुछ गडबड हो गया तो, न बाबा मै रिस्क नहीं ले सकती।

राजेश _मामी हम सावधानी से करेंगे, बच्चे को कुछ नहीं होगा।

सुमित्रा _न, मै कोई रिस्क लेना नही चाहती।

वैसे ये निशा और सीमा कौन है? बड़े चर्चे हो रहे हैं, तेरा उनके साथ।

राजेश _तुम्हे किसने कहा।

सुमित्रा _कालेज के फंक्शन मे तुम लोगो ने जो ड्रामा प्रस्तुत किया न उसका यू ट्यूब का लिंक स्वीटी ने भेजी थी। मैने वो देखी।

उन दोनों के साथ कोई चक्कर तो नही चला रहा है।

राजेश_मामी ऐसी कोई बात नही हम सिर्फ अच्छे दोस्त हैं, कुछ लोग गलत अफवाह फैलाते हैं।

सुमित्रा _तुम्हारी मां ने भी वीडियो देखी, ओ चिंतित हैं कही तुम बड़े लोगो के चक्कर में पड़कर किसी मुसीबत में न पड़ जाओ।

राजेश _मामी, मैने कहा न कि ऐसा कुछ नहीं है, वैसे भी निशा और उसके मॉम डैड बड़े अच्छे लोग है।

सुमित्रा _तेरा साप तो खड़ा हो गया है re

राजेश _वो आपके बिल में जाना चाहता है। राजेश ने सुमित्रा के कानो में धीरे से कहा।

सुमित्रा _मेरा बिल अब तभी खुलेगा जब मै मां बनूंगी।

अब तो इस नाग को अपने मां के ही बिल में डालो।

राजेश _मां तो डांट कर भगा देती है, कहती हैं पढ़ाई लिखाई में ध्यान दो, जब देखो खाली यही सूझता है।

सुमित्रा _अच्छा, तुम्हारे तो और भी कई होंगे, उन्ही से काम चलाओ।

राजेश _उन सबकी हालत तो आपके जैसे ही हो गई है।

सुमित्रा _क्या? तुमने सबको पेट से कर दिया है।

राजेश _मैने तो सिर्फ प्यार किया, पता नही सब पेट से कैसे हो गई?

सुमित्रा _लगता है तू बड़े दिनों से भूखा है।

राजेश _हां।

सुमित्रा _अच्छा, अब मै चलती हूं। नही तो तुम्हारी मां आ जायेगी देखने कही ये लोग शुरू तो नही हो गए?

सुमित्रा कमरे से चली गई।

रात में सभी लोग एक साथ बैठ कर डिनर किए। डिनर करने के बाद सभी लोग अपने अपने कमरे में आराम करने चले गए।

सुमित्रा और सुनीता किचन में काम कर रही थी।

राजेश चुपके से किचन में गया और अपनी मामी को अकेला पाकर धीरे से उसकी कान में कहा।

राजेश _मामी रात में मै आपका इंतजार करूंगा।

और वहा से चला गया।

राजेश अपने कमरे का दरवाजा खुला रखा था।

इधर सुमित्रा ने जब देखा उसका पति गहरी नींद में सो गया है, वह चुपके से उठी और दबे पांव राजेश के कमरे की ओर चली गई।

राजेश बेसब्री से सुमित्रा की आने का इंतजार कर रहा था।

राजेश _मामी कितनी देर लगादी आने में।

सुमित्रा _तुम्हारे मामा जी का सोने का इंतजार कर रही थी।

राजेश _देखो मेरा घोड़ा कितना बेचैन है।

राजेश ने अपना लोअर से land बाहर निकाल कर दिखाते हुए कहा।

सुमित्रा _लाओ इसे, मै इसकी बेचैनी दूर कर देती हूं।

राजेश _नही, पहले अपना दूदू पिलाओ।

सुमित्रा _हा हा जानती हूं, तू दूदू का बड़ा दीवाना है।

सुमित्रा अपनी ब्लाउज खोल कर अपना चूची बाहर निकाल दी।

राजेश उसकी चूची मुंह में लेकर हाथो से मसल मसल कर पीने लगा।

सुमित्रा एक हाथ से उसका का लौड़ा सहलाने लगी।

जी भर कर सुमित्रा के स्तन से खेलने के बाद। राजेश ने सुमित्रा को land चूसने के इशारा किया।

सुमित्रा नीचे बैठ गई और राजेश के land को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दी। राजेश जन्नत में पहुंच गया।

राजेश _आह मामी, बड़ा मजा आ रहा है। और अंदर ले लो, आह बहुत बढ़िया, ऐसे ही चूसती रहो।

सुमित्रा जितना हो सकती थी land को मुंह में ले अंदर लेकर चूसने लगी।

राजेश _आह , मामी, क्या मस्त चूसती हो तुम आह बहुत मजा आ रहा है, और थोड़ा तेज चूसो।

राजेश सुमित्रा की सिर को पकड़ लिया और उसके मुंह में धक्के मारने लगा।

Land सुमित्रा के मुंह में गपागप अंदर बाहर होने लगा।

कुछ देर मुंह चोदने के बाद। सुमित्रा को बेड में लिटा दिया।

और राजेश उसके सीने के पास बैठ कर अपना land सुमित्रा के मुंह में डाल दिया।

सुमित्रा राजेश का land मुंह में लेकर चूसने लगी।

फिर राजेश अपना land सुमित्रा के मुंह से निकाल कर, उसके दोनों स्तनों के बीच दबा दिया, सुमित्रा राजेश के लैंड को अपने दोनों स्तनों से दबा कर पकड़ी रही, राजेश धक्का मारने लगा। वह सुमित्रा का दूदू चोदने लगा।

फिर land को सुमित्रा के मुंह में डाल दिया और मुंह चोदने लगा। बारी बारी से कभी मुंह तो कभी दूदू चोदने लगा।

और अंत में अपनेland का सारा पानी सुमित्रा के मुंह में छोड़ दिया।

सुमित्रा, राजेश का सारा वीर्य पी गई।

राजेश को संतुष्ट करने के बाद। सुमित्रा अपने कमरे में चली गई।

अगली सुबह, नाश्ता करने के बाद सुमित्रा और उसका पति अपना घर चला गया। राजेश और स्वीटी कालेज।

कुछ दिन और निकल गए।

इधर सुजाता अपनी ऑफिस में अधिकारियों कि मीटिंग पे मीटिंग रख रही थी।

क्यू कि मजदूर यूनियन अपना हड़ताल वापस लेने तैयार नही थे।

सीमेंट प्लांट के प्रबंधकों ने कंपनी की मालकिन एवम अधिकारियों से प्राप्त निर्देशों के आधार पर यूनियन के पदाधिकारियों को मनाने हर संभव प्रयास किया।

पर वे मानने तैयार नही हुए।

आज अधिकारियों का फिर मीटिंग रखा गया था।

मीटिंग में कंपनी के सीईओ ने कहा,

सीईओ _मैम, हमने हर संभव प्रयास किया, यहां तक मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों को मुंह मांगा रकम देने की बात भी कही लेकिन वे हड़ताल वापस लेने तैयार ही नहीं है।

मुझे लगता है इस यूनियन का लीडर हमारे किसी विरोधी के इशारे पर काम कर रहा है।

सीमेंट का स्टॉक भी लगभग खत्म होने को है।

जल्द ही कुछ नही किया गया तो हमारे बहुत सारे प्रॉजेक्ट का कार्य रुक जायेगा।

हमारे कंपनी के निवेशकों पर गलत मेसेज जायेगा। वे अपना शेयर बेचना शुरू कर देंगे। जिससे कंपनी को बहुत नुकसान होगा।

सुजाता _देखो, हमे इस स्थिति से हर हाल में निपटना होगा। मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों से बात चीत जारी रखो।

कुछ जासूसों को उन लोगो पर नजर रखने बोलो। वे किसी के कठपुतली बनकर काम तो नही कर रहे।

सीईओ _ओके मैम।

सुजाता _किसी को कोई और रास्ता सूझ रही हो तो बताओ।

क्या हम दूसरे कंपनी से सीमेंट नही खरीद सकते?

अधिकारी _मैम अब तक तो हम दूसरे कम्पनी को सीमेंट सप्लाई करते आए हैं। यदि हम दूसरे कम्पनी से मॉल लेने लगे तो कंपनिया हमसे किए कांट्रेक्ट तोड़ सकते हैं जिससे हमे काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।

सुजाता _हर तरफ से मुसीबत ही है।

अब तो इस कम्पनी को भगवान ही बचा सकता है।

 
इधर जब रीता अपने ऑफिस में थी तभी उसकी कम्पनी के सीईओ ने उसे जानकारी दिया कि सुजाता एंड विशाल ग्रुप्स के सोनपुर स्थित सीमेंट प्लांट में मजदूरों की हड़ताल की वजह से प्रोडक्शन कार्य बंद हो चुका है जिससे कम्पनी के बड़े बड़े प्रोजेक्ट्स का कार्य प्रभावित हो रहा है, और कम्पनी मुसीबत में घिरते जा रहा है।

रीता ने सीईओ से कहा _सुजाता बड़ी आसमान में उड़ती फिर रही थी। अब देखना कैसे उसकी कंपनी आसमान से जमीन पर गिरती है?

रीता ने सुजाता को फोन किया _

सुजाता _बोलो रीता

रीता _सुजाता, मुझे पता चला है कि आपकी कम्पनी दिक्कत में है।

सुजाता _हां re हमारे सबसे बड़े सीमेंट प्लांट में मजदूरों की हड़ताल की वजह से प्रोडक्शन कार्य रुक गया है। मजदूर यूनियन अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। हमारा प्रस्ताव मान ही नहीं रहा। समझ ही नहीं आ रहा क्या किया जाए?

रीता _ओह।

आप उस यूनियन के लीडर को पैसे देकर हड़ताल क्यू नही तुड़वा देती।

सुजाता _सारे उपाय करके देख लिए है, ओ मानने को तैयार ही नही है।

रीता _ओह, लगता यूनियन लीडर तुम्हारे किसी विरोधी के संपर्क में है।

पर तुम तो एक मजबूत महिला हो, मुझे यकीन है कि इस मुसीबत से भी तुम निकल जाएगी । वैसे मैं तुम्हारी कोइ मदद कर सकू तो बताना।

सुजाता _धन्यवाद रीता, कोई मदद की आवश्यकता हो तो जरूर कहूंगी।

रीता _अच्छा सुजाता, मै फ़ोन रख रही हूं, अपना ख्याल रखना।

सुजाता _ठीक है रि।

फ़ोन रखने के बाद,,

रीता _बेचारी, बहुत उछल रही थी अब आएगा मजा। अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे। मै भी देखती हूं ये मुसीबत से कैसे निकलती है।

क्यू ना मैं भी उस मजदूर यूनियन के लीडर को पैसे भिजवा दू, ताकि वह हड़ताल को किसी भी शर्त में वापस न ले।

तब तो सुजाता की कम्पनी को डूबने से कोई भी नही बचा पाएगा।

और मैं बन जाऊंगी इस राज्य की सबसे अमीर महिला।

। सुजाता के कारण मुझे कई बार अपमानित होना पड़ा है, लोग पार्टियों में मुझसे ज्यादा उन्हे महत्व देते है।

अब सुजाता को कोई नही पूछेंगे।

रीता हसने लगी,,

इधर सुजाता की ऑफिस में कम्पनी के अधिकारियों कि बैठक पर बैठक का दौर जारी था। वे हर प्रकार की कोशिश में लगे थे कि कैसे इस मुसीबत से बचा जाए।

सुजाता, जब घर पहुंची तो काफी चिंतित थी।

निशा ने जब अपने मां को चिंतित देखा,,

निशा _क्या बात है मां, कुछ चिंतित लग रही हो?

सुजाता _कुछ नही बेटा, तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है?

निशा _अच्छी, मां।

मां आप कुछ उदास लग रही हो, कुछ बात है क्या?

सुजाता _नही बेटा कुछ खास बात नही है, कम्पनी में थोड़ी दिक्कत चल रही है न, इसलिए ।

निशा _मां कोई बड़ी समस्या तो नही।

तभी वहां पर विशाल आ गया।

विशाल _अगर कोई बड़ी समस्या होगी, तो भी तुम्हारी मां उसका हल निकाल लेगी। मैं तुम्हारी मां को अच्छी तरह जानता हूं। तुम्हे परेशान होने की जरूरत नही, बेटा।

निशा _हा, डैड मेरी मां काफी स्ट्रॉन्ग है, वह जरूर मुसीबतों का सामना कर लेगी।

कुछ समय बाद निशा वहा से चली गई।

सुजाता _इस बार समझ नहीं आ रहा क्या किया जाए? मजदूर यूनियन मानने को तैयार ही नहीं है।

अब तो सीमेंट का स्टॉक भी खत्म हो गया है।

दूसरे कम्पनी से सीमेंट लेकर प्रॉजेक्ट कार्य को जारी रखा तो जा सकता है पर प्रॉजेक्ट का लागत बड़ जाएगा।

दूसरे कम्पनी वाले जो हमसे सीमेंट लेते है, वह भी अपना कांट्रेक्ट तोड़ देगा, जिससे हमारी कम्पनी को नुकसान होगा।

हमारी कम्पनी का रिपोटिसन भी खराब होगा।

इस बार हम सच में बड़ी मुसीबत में घिरते जा रहे हैं ।

विशाल _सुजाता, तुम चिंता न करो कोई न कोई रास्ता जरूर निकलेगा ही।

कुछ दिन और निकल गया।

कालेज के कैंटीन में राजेश और भगत ,,

भगत _भाई, काफी दिन हो गए, मजा किए, चलो न आज मजा करने आश्रम चलते हैं।

राजेश _अबे तू क्यू अपना कैरियर बनने से पहले तबाह कर देना चाहता है।

मैने पहले भी तुम्हे कहा था, मीडिया वालो की नजर तुम पर टिकी हुई है। अगर किसी को पता चल गया न तेरी इन रंगीन आदतों के बारे में तो टीवी पर ब्रेकिंग न्यूज़ चलने लगेगी।

भगत _भाई, तो कितने दिनों तक हिला हिला कर काम चलाऊंगा।

राजेश _क्यू बे कौशल्या मां जी तो है न, तुम्हे हिलाने की क्या जरूरत, अब उसी से काम चला।

उधर उधर मुंह मारना बंद कर।

भगत _भाई नेता बनने के लिए सोचा न था कि इतनी बड़ी कुर्बानी देनी पड़ेगी। गांव से चंपा भाभी का भी फ़ोन आया था।

पूछ रही थी, कब आ रहे हो मेरे हीरो। बहुत याद आ रही तेरी।

राजेश _चाहे चम्पा हो या चमेली, सबको मारो गोली इतना तो त्याग करना पड़ेगा अगर तू इस प्रदेश में राज करना चाहता है।

भगत _ठीक है भाई, कौशल्या मां जी से ही काम चला लूंगा।

इधर स्वीटी राजेश से अभी भी नाराज चल रही थी। वह राजेश के साथ कालेज आना जाना छोड़कर अपनी सहेली के साथ आती जाती थी।

राजेश जब साथ चलने बोलता, तो वह मना कर देती।

कभी कभी वह रोहन के साथ बैठकर कैंटीन में कॉफी पीती।

भगत राजेश को कहता भी कि भाई स्वीटी का राजेश से मेल जोल कुछ अच्छा नही लगता आप स्वीटी को रोकते क्यू नही?

राजेश _switi बड़ी जिद्दी हो गई है, घर वालो का कहना मानती ही नहीं। अपने लडको से कहना कि रोहन की गतिविधियों पर नजर रखे कुछ गडबड लगे तो मुझे तुरंत बताने को कहना।

भगत _ठीक है भाई, आप चिंता न करें।

कालेज से छुट्टी के समय, प्रिया ने राजेश को काल की

राजेश _हेलो दी।

प्रिया _कैसा है re, ?तू तो अपने दी के भूल ही गया।

राजेश _दी, आप भी तो मुझे याद नही की।

प्रिया _डॉक्टरी पेशा ही ऐसा होता है कि समय ही नहीं मिलता, परिवार के लिए।

अच्छा सुन, अभी कुछ जरूरी काम तो नही है तुझे।

राजेश _दी, कालेज से घर जा रहा था, वैसे कुछ जरूरी काम तो नही।

प्रिया _अच्छा हॉस्पिटल आ सकता है?

राजेश _दी कुछ काम था क्या?

प्रिया _तुमसे कुछ काम था।

राजेश _कैसा काम दी?

प्रिया _अब, आओ तो बताऊं।

राजेश _ठीक है दी, मै पहुंच रहा हूं।

प्रिया _ठीक है, मै वेट कर रही।

कुछ समय में ही, राजेश हॉस्पिटल पहुंच गया।

वह सीधा प्रिया के केबिन में गया।

प्रिया _आ गया, मेरा गोलू।

राजेश _बोलो दी क्या काम है?

प्रिया _राजेश आज पिंकी का जन्म दिन है, उसके लिए शॉपिंग करनी है।

राजेश _पहले क्यू नही बताया?

प्रिया _बुवा को बता दी है, वे फूफा जी और स्वीटी के साथ रात 8बजे घर पहुंच जायेंगे।

मैने यह भी बता दिया है कि तुम मेरे साथ शॉपिंग करने जा रहे हो।

राजेश _ये आपने ठीक किया तो चलो चलते हैं फिर,,

प्रिया _अभी थोड़ा रुको भई, दो तीन क्लाइंट है उसे निपटा दू।

राजेश _ठीक है दी मै आपका बाहर वेट कर रहा।

प्रिया _ठीक है राजेश।

राजेश वेटिंग हाल में आ गया।

तभी रूबी राजेश के पास आई।

रूबी _राजेश सर आप दिनों बाद आए। बिचारी रेखा तुम्हे बहुत मिस करती है। पूछती रहती है राजेश सर नही आ रहे क्या?

राजेश _ओ क्यू?

रूबी _मुझे क्या मालूम? मुझे क्या मालूम उसके ऊपर तुमने क्या जादू किया है?

राजेश _अच्छा बुलाओ उसे, मै भी तो जानू ओ मुझे याद क्यू करती है?

रूबी ने रेखा को काल किया,,

रेखा _हा, रूबी बोलो कैसे काल की।

रूबी _पूछती रहती है न राजेश सर नही आ रहे क्या? लो,राजेश सर आए हैं, तुमसे मिलना चाहते हैं।

रेखा _क्या? राजेश सर आए हैं, मै आती हूं।

रेखा वार्ड रूम जहा उसकी ड्यूटी थी,से हाल में पहुंची।

रूबी _लो आ गई, रेखा।

राजेश _कैसी हो रेखा जी?

रेखा _मै ठीक हूं सर आप कैसे हैं?

चूंकि राजेश प्रिया का भाई था इसलिए हॉस्पिटल की नर्स राजेश को सर कहते थे।

राजेश _मै भी ठीक हूं। सुना है तुम रूबी को मेरे बारे में पूछती रहती हो। कुछ काम था क्या?

रेखा इस हॉस्पिटल के सबसे खूबसूरत और हॉट नर्स थी, यहां काम करने वाले कई डॉक्टर उसे अपने लाइन में लाने के लिए प्रयास रत थे, पर वह किसी को भाव नही देती थी।

पर उस दिन प्रिया के कहने पर, मजबूरी में राजेश की सीमेन कलेक्ट करने के लिए तैयार हुई थी और इसी बीच बहक गई और राजेश की land से chudne के बाद वह राजेश की दीवानी हो गई थी।

रूबी को पूछती रहती थी की राजेश सर नही आ रहे क्या?

रेखा _न, कुछ काम तो नही,,,

राजेश _फिर मेरे बारे में रूबी से पूछती क्यू रहती हो?

रेखा _बस ऐसे ही।

राजेश _रूबी लगता है, रेखा जी अकेले में हमको बताएगी की मेरे बारे में क्यू पूछती रहती है? कोई खाली कमरा का चाबी दो।

रूबी ने एक रूम की चाबी लाकर दिया,

रूबी _लो सर रूम नंबर 24 की चाबी उधर कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा, और हसने लगी।

राजेश _तो चले रेखा जी।

राजेश आगे आगे और रेखा पीछे पीछे चलने लगी।

रूम का दरवाजा खोलने के बाद दोनों अंदर गए, फिर राजेश ने दरवाजा बंद कर दिया।

राजेश _अब बोलो, क्यू पूछती रहती हो मेरे बारे में?

रेखा _उस दिन आपने मुझ पर ऐसा जादू डाला है, कि तुम्हारी याद आती है, तुम मर्दों को क्या? औरतों के साथ खेले फिर निकल लिए।

पर औरतों की फीलिंग तुम मर्द नही समझ सकते?

राजेश _, हूं, तो ये बात है।

सच में औरतों को समझ पाना पुरषों की बस कि बात नही।

रेखा _कम से काम हाल चाल तो पूछ लिया करो। मै इतने में ही संतुष्ट हो जाऊंगी।

राजेश _ओह, सारी, डियर अब इस बात का ख्याल रखूंगा।

चलो एक किस देदो।

राजेश और रेखा दोनों एक दूसरे के ओंठ चूसने लगे।

दोनों एक दूसरे को चूमते चाटते हुए बेड में गिर पड़े।

इधर सभी क्लाइंट को निपटा लेने के बाद

प्रिया केबिन से बाहर आई।

प्रिया _रूबी, राजेश कहा है?

रूबी _मैम, राजेश सर तो, रेखा के साथ,,

प्रिया _क्या? वह रेखा के साथ क्या कर रहा है?

रूबी _पता नही, रूम नंबर 24में गए हैं दोनों।

प्रिया _ओ हो, हम लेट हो रहे हैं और पता नहीं वो क्या कर रहा है?

जाओ उसे बुलाकर लाओ।

रूबी _जी, मैम।

रूबी चली गई, वह दरवाजा पीटने लगी। पर दरवाजा खुला नही।

रूबी वापस आ गई।

रूबी _मैम, दरवाजा अंदर से बंद है, खोल नही रहे हैं।

प्रिया _ओ हो, हम लेट हो रहे हैं।

अच्छा चलो मैं देखती हूं, तुम दूसरी चाबी लेकर आओ।

प्रिया रूम नंबर 24में पहुंची, दरवाजा पीटी पर दरवाजा खुला नही।

प्रिया _रूबी, दूसरी चाबी से दरवाजा खोलो।

रूबी ने दरवाजा खोला।

जब दरवाजा खुला तो।

प्रिया ने देखा, राजेश, रेखा को घोड़ी बना कर ठोक रहा था। दोनों बिल्कुल नंगे थे। रेखा की सिसकारी से कमरा गूंज रहा था।

प्रिया _राजेश, हम लेट हो रहे हैंऔर तुम यहां रेखा के साथ लगे हो।

राजेश और रेखा का ध्यान प्रिया की ओर गया।

राजेश _दी करने दो ना, बड़ा मजा आ रहा है।

राजेश ने रेखा की boor चोदते हुए कहा।

प्रिया _ओ हो राजेश, जल्दी करो हम लेट हो रहे है।

राजेश _जी दी।

राजेश रेखा को और तेज तेज चोदने लगा।

रेखा बर्दास्त न कर सकी और झड़ने लगी। रेखा बेड पर लुड़क गई।

प्रिया _लो, ये तो खुद ही झड़ गई, तुम्हे अब क्या झाड़ेगी।

राजेश ने रेखा की boor से अपना land बाहर निकाला।

राजेश _ठीक है दी, चलो, मै कपड़ा पहन लूं फिर चलते हैं।

राजेश कपड़ा पहने लगा।

प्रिया ने राजेश के land को देखा जो एकदम अकड़ा हुआ था और रेखा की boor का पानी पीकर चमक रहा था, हवा में झटके लगा रहा था।

प्रिया _अब ऐसी हालत में जाओगे शॉपिंग करने।

लोगो की नजर तुम्हारी पेंट पर पड़ी तो।

राजेश _दी तो क्या करे?

प्रिया _रूबी जाओ तुम राजेश को झाड़ने में रेखा की मदद करो।

रूबी _मैम, मेरी तो अभी शादी नहीं हुई है, इतना मोटा और लंबा land मै कैसे ले पाऊंगी मैम।

प्रिया _28की हो गई है, कोई ब्वॉय फ्रेंड नहीं है क्या तेरा।

रूबी _है न मैम, पर उसका तो बहुत छोटा है।

और उसका मै कभी कभार ही लेती हूं। राजेश का land तो मेरा boor ही फाड़ देगा।

प्रिया _अरे,boor तो फड़वाने के लिए ही बनी है।land कितना ही बड़ा क्यू ना हो boor उसे निगल ही जाती है। तू खामोखा घबरा रही है।

चल जाओ, जल्दी करो।

रूबी _मैम कुछ होगा तो मुझे बचा लेना।

प्रिया _अरे कुछ नहीं होगा, मै हूं न।

रूबी डरी सहमी राजेश के पास जाकर उसके land के नीचे बैठ गई और पहले उसे अपने हाथ से हिलाई फिर अपने मुंह में लेकर चूसने लगी।

राजेश, रूबी की बाल पकड़कर अपनी आंखे बंद कर मजे लेने लगा।

प्रिया राजेश का पीठ सहला रहा था।

इधर रेखा होश में आई। वह रूबी की हरकत देखने लगी।

प्रिया _रेखा, आ ओ रूबी को तैयार करो।

रेखा बेड से उठी और एक एक कर रूबी की सारे कपड़े उतार दिए।

रूबी पूरी नंगी हो गई।

रूबी अपने कपड़े के अंदर इतना खूबसूरत जिस्म छुपाकर रखी थी, ये रेखा और प्रिया को पहली बार पता चला।

गोरा बदन, मस्त बड़ी बड़ी चूचे। सपाट पेट, गहरी नाभी और मस्त फुली हुई चिकनी chut वह सभी चीजे रूबी के पास थी जो एक मर्द को दीवाना होता है।

रूबी घोड़ी बन कर राजेश का land चूसने लगी और रेखा रूबी की फुली हुई चिकनी chut चाटने लगी।

रेखा की हरकतों से कुछ ही देर में रूबी सिसकने लगी उसकी boor पानी फेकने लगी।

प्रिया _रेखा अब हो गया, रूबी जाओ बेड के किनारे लेट जाओ।

रूबी राजेश का land चूसना छोड़ दिया और बेड के किनारे लेट गया।

राजेश रूबी के टांगों के बीच आ गया। और रूबी की टांगों को फैला दिया।

फिर उसकी मस्त chut को अपनी मुंह में भरकर चूसा।

रूबी सिसक उठी।

प्रिया ने राजेश के land को पकड़ा और उसे रूबी के योनी के छेद पर रख दिया।

रेखा बेड पर चढ़ गई और रूबी की सर को अपने गोद में रख दिया और रूबी के मुंह पर अपनी हाथ।

राजेश ने एक जोर का धक्का मारा, एक ही बार में land boor को फाड़कर आधा अंदर घुस गया।

रूबी दर्द से चीख उठी। पर रेखा ने अपना हाथ रूबी के मुंह में रख दिया था इसलिए जोर से चीख नही पाई।

राजेश रूबी की मस्त बड़ी बड़ी सुडौल चुचियों को मसल मसल कर उसकी चूचक को चूसने लगा।

राजेश की इस हरकत से रूबी फिर गर्म होने लगी।

राजेश अब land को धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू किया।

रूबी की चूची से खेलता भी रहा

Land धीरे धीरे boor में पूरा घुस कर अपनी जगह बना लिया रूबी को पता ही नहीं चला।

अब राजेश अपनी गति बढ़ाने लगा।

Land रूबी की chut में बिना किसी रुकावट के गपागप अंदर बाहर होने लगा।

रूबी को दर्द की जगह अब मजा आने लगा।

रूबी की boor land को अच्छी तरह से जकड़ी हुई थी।land boor में कसाकसा अंदर बाहर आ जा रहा था, जिससे राजेश को भी बहुत मजा आने लगा।

इधर राजेश का land रूबी की boor की हर हिस्से को अच्छी तरह से रगड़ रहा था जिससे रूबी को भी बहुत मजा मिलने लगा, राजेश का land मोटा होने के कारण boor की भगनाशा को अच्छी तरह रगड़ रहा था, जिससे रूबी जन्नत में पहुंच गई। उसकी आंखों की पुतलियों पलटने लगी। उसके मुंह से मादक सिसकारी गूंजने लगी, और उसकी boor लगातार पानी बहाने लगी, जिसके कारण land फच फाच गच घच की आवाज करता हूवा boor में अंदर बाहर होने लगा।

रूबी को chudai में ऐसा मजा पहली बार मिल रहा था। अपने बॉयफ्रेंड से chudi जरूर थी लेकीन ऐसा आनद की परिकल्पना भी उसने नही की थी।

रूबी राजेश की कमर को पकड़ ली और अपनी कमर हिला कर राजेश का सहयोग करने लगी।

इधर प्रिया राजेश का पीठ सहला रही थी

रेखा रूबी के स्तनों से खेल रही थी।

राजेश रूबी के boor को दनादन चोदे जा रहा था, रूबी के साथ वह भी जन्नत का मजा लूट रहा था।

रूबी बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गई। वह अपने को ज्यादा देर तक रोक न पाई और झड़ने लगी।

रूबी के पैर कपकपाने लगे, वह अपनी ओंठ अपनी दांतो से चबाने लगी। वह राजेश को जोर से जकड़ ली। और ओह मॉम ओह,, करके झड़ने लगी,,

वह सेक्स में मिलने वाली परम सुख को प्राप्त कर रही थी। वह आनंद के मारे बेहोश सी हो गई।

राजेश ने चोदना बंद कर दिया।

बुर से land निकाल कर खुद बेड पर लेट गया।

और रेखा को अपने land पर बैठने का इशारा किया। रेखा बेड पर खड़ी हो गई और land को अपने हाथ से पकड़ कर अपनी बुर के छेद में रख कर बैठ गई।

राजेश के land पर उछल उछल कर चुदाने लगी।

एक बार फिर कमरा रेखा की कामुक सिसकारी से गूंजने लगी।

राजेश पूरे जोश में रेखा की कमर पकड़कर अपने land पर पटक पटक कर चोदने लगा।

इधर प्रिया रूबी की बुर को सहला रही थी।

जिससे रूबी फिर गर्म हो ने लगी।

राजेश और रेखा के बीच chudai का घमासान जारी रहा। कुछ ही समय में रेखा फिर झड़ गई। वह राजेश की बाजू में लुड़क गई।

इधर रूबी भी फिर से उत्तेजित हो चुकी थी।

राजेश ने रूबी को land पर बैठने का इशारा किया।

रूबी राजेश की ओर पीठ कर land पर बैठ गई।

अब राजेश रूबी की कूल्हे को पकड़ कर उसे हिला हिला कर land को उसकी बुर में अंदर बाहर करने लगा।

रूबी को फिर से मजा मिलने लगी वह जोश में आकर राजेश के land पर उछल उछल कर चुदने लगी।

पर ये क्या राजेश का land काफी लंबा होने के कारण रूबी के गर्भाशय को ठोकने लगा जिससे रूबी की शरीर में एक अलग ही कंपन पैदा होने लगी। रूबी को इतना मजा आने लगा की उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

इधर राजेश झड़ने के करीब पहुंच चुका था वह भी रूबी की कमर को पकड़ कर अपने land पर पटक पटक कर जोर जोर से धक्का मारने लगा।

और फिर आह आह दी आह आह करके कराहते हुए झड़ने लगा। उसका वीर्य रूबी के गर्भाशय को पूरी तरह भर दिया।

गर्म गर्म वीर्य का अद्भुत अहसास पाकर रूबी भी खुद को न रोक सकी और वह भी झड़ने लगी।

रूबी भी राजेश के बगल में लुड़क गई।

कुछ देर सुस्ताने के बाद।

तीनो उठे और अपने अपने कपड़े पहनने लगे।

प्रिया _रूबी कैसा लगा राजेश के साथ?

रूबी शर्मा गई। सच पूछो तो वह राजेश की दीवानी हो चुकी थी।

प्रिया _राजेश चलो अब काफी देर हो चुकी है।

राजेश _जी, दी।

प्रिया ने अपने ड्राइवर से कार की चाबी ले कर राजेश को दे दी, और राजेश की बाइक की चाबी ड्राइवर को देकर कहा कि तुम बाइक लेकर घर चलो हम शॉपिंग करके घर पहुंचते हैं।

राजेश और प्रियाकार में शॉपिंग करने मॉल में चले गए वहां पिंकी के लिए ड्रेस और अपने लिए राजेश की पसंद की साड़ी और गहने खरीद ली।

प्रिया _राजेश तुम भी अपने लिए जींस और शर्ट खरीद लो।

राजेश _दी, मेरे पास कपड़े है, इसकी आवश्यकता नहीं।

प्रिया _अरे ऐसे कैसे आवश्यकता नहीं।

मैं अपनी पसंद की तुम्हारे लिए जींस और शर्ट खरीदूंगी।

प्रिया ने जिद करके राजेश के लिए भी जींस और शर्ट खरीद ली।

पिंकी के लिए कुछ गिफ्ट भी।

फिर दोनों घर के लिए निकल पड़े।

नौकर लोग घर को पहले से ही सजा लिए थे,।

खाना भी तैयार हो चुका था।

राजेश ने घर को सजाने वाले लोगो को कुछ जरूरी निर्देश दिया।

प्रिया ने राजेश से कहा, राजेश पिंकी और मैं तैयार हो रहे हैं तुम भी ये जींस और शर्ट पहनकर तैयार हो जाओ।

राजेश _जींस और शर्ट पहनकर तैयार हो गया।

कुछ देर बाद समीर भी हॉस्पिटल से घर पहुंच गया।

मेहमान भी आने शुरू हो गए।

समीर _अरे यार राजेश मेहमान आने लगे हैं अपनी दी से कहो और कितने देर लगेगी तैयार होने में, देखो जरा।

राजेश _जी, जीजा जी।

जब राजेश प्रिया के कमरे में पहुंचा।

पिंकी तैयार हो चुकी थी।

पिंकी _मामां जी मै कैसी लग रही हूं?

राजेश _वाह, बहुत ही सुंदर, बिल्कुल परियों की तरह।

पिंकी, बेटा जाओ तुम्हारे दोस्तो तुम को खोज रहे हैं।

पिंकी चली गई।

राजेश _दी मेहमान लोग आने लगे हैं, जीजू आपको जल्दी बुला रहे हैं।

प्रिया अपने को आईने में देखकर मेकअप कर रही थीं।

राजेश पीछे से प्रिया को अपनी बाहों मे भर लिया।

राजेश _wow दी आज तो कमाल की लग रही हो।

प्रिया _अरे क्या कर रहे हो, छोड़ो कोई आ जाएगा।

राजेश ने प्रिया की गाल को चूम लिया।

प्रिया _लगता है, रूबी और रेखा का लेकर भी जी नही भरा है।

राजेश _दी, जो बात तुम में है वो रेखा और रूबी में कहा। सच में तुम बहुन्त खूबसूरत लग रही हो।

प्रिया _चल झूठा कही का।

वैसे तु भी इस ड्रेस में बड़ा स्मार्ट लग रहा है।

चलो अब चलते हैं नही तो तुम्हारे जीजू आ जायेगा।

दोनों पार्टी रूम में आ गए।

सुनीता शेखर और स्वीटी भी आ गई।

तीनो ने पिंकी को प्यार, जन्म दिन की शुभकामनाएं और गिफ्ट दिया।

सब मेहमान आ जाने के बाद पिंकी ने केक कांटी।

सभी ने पिंकी को जन्म दिन की बधाई दी।

पिंकी _मा मा जी अब चलो गाना सुनाओ।

राजेश _अरे, हमारी पिंकी की जन्म दिन हो और हम नाचे गाए नही ऐसा हो सकता है क्या?

फिर राजेश ने गिटार लेकर मधुर धुन बजाना शुरू किया, सभी ने ताली बजाया।

राजेश ने पहला गीत गया।

बार बार दिन ये आए

बार बार दिल ये गाए

तू जिए हजारों साल

ये मेरी आरजू

हैप्पी बर्थडे टू यू

हैप्पी बर्थडे टू यू

हैप्पी बर्थडे टू पिंकी

हैप्पी बर्थडे टू यू ,,,

राजेश के साथ सभी लोग गाने लगे।

इसके बाद राजेश ने एक से बढ़कर एक गाना गाया, और डांस किया पार्टी में मौजूद सभी बच्चे और पुरुष और महिलाओं ने राजेश के साथ डांस किया।

इस प्रकार पार्टी को राजेश ने फिर से एक बार यादगार बना दिया।

सभी मेहमान डिनर करने के बाद, प्रिया और समीर से इजाजत लेकर चले गए।

सुनीता _अच्छा प्रिया सभी मेहमान तो चले गए अब हम भी चलते हैं बेटा।

प्रिया _ठीक है बुआ।

राजेश _मां मै बाइक लेकर आ रहा हूं आप लोग कार से निकलो।

सुनीता _ठीक है बेटा, ज्यादा देर न करना, रात हो गई है।

राजेश _ठीक है मां।

राजेश कुछ देर रुकने के बाद समीर और प्रिया से इजाजत लेकर वह भी अपने घर जाने को हुबा।

तभी प्रिया उसे छोड़ने बाइक तक आई।

प्रिया _थैंक्स राजेश। इतना कुछ करते हो हमारी खुशियों के लिए।

राजेश _दी आप मुझे थैंक्स न बोला करो, मुझे अच्छा नहीं लगता। आप मेरी दी है, आपके लिए तो मेरी जान भी हाजिर है।

प्रिया _सच बड़ी किस्मत वाली होगी, जिसके किस्मत में तू लिखा है।

अगर मैं शादी सुदा न होती तो तुमसे शादी कर लेती।

राजेश _दी ये आप क्या कह रही हो? हमारे समाज में भाई बहन के बीच शादी नही होता।

प्रिया _अरे ऐसे बहुत से समाज है जिसमे चाचा या मामा की लड़का लड़की के बीच शादी होता है।

राजेश _बेचारे जीजू का क्या होता?

प्रिया _उसे भी मिल जाता कोई।

राजेश _पर आपकी जैसी नही।

प्रिया _वैसे, निशा के साथ तेरी जोड़ी खूब जमेगी।

राजेश _दी, ये आप क्या कह रही हो, हम सिर्फ एक दोस्त हैं।

प्रिया _अच्छा, तुम लोग सिर्फ अच्छे दोस्त हो।

मैने तुम लोगो का कालेज फंक्शन वाला वीडियो देखा।

निशा ने जो यादगार परफॉर्मेंस दी है वो परफार्मेंस वही लड़की दे सकती है जो किसी को प्यार करती हो। मैं एक महिला हूं, एक लड़की की भावनाओ को अच्छे से महसूस कर सकती हूं। वो भले ही तुमसे प्यार का इजहार न करती हो, पर तेरे प्यार में पड़ चुकी है।

राजेश _दी मुझे तो ऐसा कुछ महसूस नहीं huwa अब तक।

प्रिया _अभी तू इस मामले में ना समझ है।

राजेश _दी अब छोड़ो भी तुम भी किन बातों में लग गई। अब मै चलता हूं नही तो मां परेशान हो जायेगी।

प्रिया _ठीक है, सम्हल कर जाना।

राजेश, चला गया।

इधर प्रिया अपने घर में जाते हुए, पता नही निशा और राजेश का होगा क्या? एक प्यार करती है पर इजहार नही तो दूसरे को कोई अहसास ही नहीं।

 
लाख कोशिशों के बावजूद मजदूर यूनियन ने अपना हड़ताल वापस नहीं लिया, आखिर वही हुवा जिसका डर था। सीमेंट का स्टॉक खत्म हो जाने के कारण सुजाता की कम्पनी की कई प्रॉजेक्ट रुक गए।

समाचार और मीडिया में जब यह समाचार चली , कुछ चैनलों ने तो यह भी दिखाना शुरू कर दिया की कंपनी डूबने वाली है जिससे कम्पनी के शेयर धारक भयभीत हो गए । जिसका नतीजा ये huwa के कम्पनी के शेयर धारक अपने शेयर बेचने लगे। जिससे कम्पनी के शेयर लगातार गोता लगाने लगा।

कम्पनी के निवेशक अपने पैसे डूब जाने के डर से धड़ाधड़ अपनी शेयर बेचने लगे।

कम्पनी के शेयर काफी नीचे चला गया। और सुजाता एंड विशाल ग्रुप्स की संपति आधी रह गई।

वह अमीर उद्योग पतियों की सूची में नंबरएक से 20वे स्थान पर पहुंच गया।

कम्पनी डूबने की स्थिति में आ गई।

सुजाता एवम कम्पनी के अधिकारियों ने चाह कर भी कुछ कर नही पा रहे थे।

कम्पनी को डूबता देख सभी के आंखो से आंसू निकल रहे थे।

अब उन्हें कम्पनी को बचा पाना मुस्किल लग रहा था।

सुजाता बहुत दुखी हो गई थी। कितनी मेहनत से विशाल और सुजाता ने मिलकर इस कम्पनी को खड़ा किया था, कम्पनी को नंबर वन बनाया था, वह इस तरह डूबने की स्थिति में पहुंच जाएगी कभी सोंची नही थी।

सुजाता बहुत दुखी थी, उनके आंखो में गम के आंसू भर गए थे। कम्पनी को डूबता देख विशाल की तबियत भी कुछ ज्यादा बिगड़ गई।

कम्पनी की डूबने की खबर और मां के आंखो में आंसु देख कर निशा के आंखो में भी आंसु भर गए।

विशाल और निशा , सुजाता को समझाने की कोशिश करने लगे,

जो भी होता है वह ईश्वर की इच्छा से होता है। हम सिर्फ कोशिश कर सकते है और सुजाता तुमने पूरी कोशिश की।

आगे जो भी होगा उसे ईश्वर पर छोड़ दो।

सुजाता _कितनी मेहनत से हमने यह कंपनी खड़ी की थी जी, मै इसे ऐसे डूबते नही देख सकती।

सुजाता की आंखो से आंसू बहने लगी।

मां को रोता देख निशा के आंखो से आंसु बहने लगी।

इधर रीता ने अपने ऑफिस में अधिकारियों की मीटिंग रखी थी।

मीटिंग में मिठाई बांटी जा रही थी।

रीता की कंपनी नंबर वन पर पहुंच गई थी।

रीता अमीर उद्योगों की सूची में नंबर वन पर पहुंच गई।

सभी अधिकारियों ने रीता को बधाई दिया।

रीता _हंसते हुवे। आज बड़ी खुशी का दिन है, सबको बधाई ,हमारी कंपनी नंबर वन पर पहुंच गई है।

सुजाता की कंपनी डूबने वाली है।

अगर सुजाता की कंपनी बिकी तो उसे हम खरीदेंगे उसकी तैयारी पहले से ही कर लिया जाए।

बेचारी सुजाता, आंसू बहा रही होगी।

अब तो मैं तुम्हारी कम्पनी खरीदकर तुम्हे अपनी पर्सनल सिकेट्री बनाऊंगी।

सभी अधिकारी हसने लगे।

रीता _उन मजदूर यूनियन को भी पैसे पहुंचा दो और बोल दो की किसी भी शर्त पर हड़ताल वापस न हो। और उन्हें यह पता नही चलना चाहिए की पैसा कौन दे रहा है।

और उन्हे बोल देना तुम लोगो से हमारी कंपनी खुश हैं इस लिए यह तुम लोगो का इनाम है।

वित्त प्रबंधक _जी मैम।

अगले दिन सुजाता तबियत ठीक न लगने की वजह से ऑफिस नही गई।

वह घर में ही आराम करने लगी।

निशा को अपनी मां की चिंता सताने लगी, वह उसकी देखभाल में लग गई।

जब सीमा कालेज जाने के लिए निशा के घर पहुंची, तब निशा ने सीमा को सारी बाते बताई और बोली की मैं आज कालेज नही जा रही घर में रहकर मां की देखभाल करूंगी?

जब सीमा सुजाता से मिली

सीमा _आंटी, आपकी तबियत कैसी है?

सुजाता _मै ठीक हूं सीमा, थोड़ा सिर पर दर्द है। तुम कालेज नही गए अब तक।

सीमा _निशा कह रही थीं कि वह आज कालेज नही जायेगी। आपके पास रहेगी देखभाल के लिए।

सुजाता _क्या?

तभी वहां पर निशा पहुंची?

सुजाता _बेटा, सीमा क्या कह रही है तुम आज कालेज नही जा रही हो?

निशा _हां, मां मैं आज घर में ही रहूंगी, पापा और आपका ख्याल रखूंगी, ऐसी हालत में मेरा कालेज में मन नही लगेगा।

सुजाता _बेटा, तुम हम लोगो की चिंता मत करो। तुम अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो।

निशा _मां, आप लोग इतनी मुस्कील में हो, जब तक सब ठीक नहीं हो जाता मै कालेज नही जाऊंगी, आपके पास रहूंगी।

सुजाता ने निशा को गले लगा ली,

अपनी मां को इतना प्यार करती है।

सीमा _निशा तुम कालेज नही जावोगी तो मेरा भी मन नही लगेगा, मै भी कालेज नही जाऊंगी।

निशा _नही सीमा, तुम कालेज जाओ। कलेज में क्या पढ़ाया गया, आकर मुझे बता देना।

सीमा के न चाहने के बाद भी निशा के कहने पर सीमा कालेज जाने को मजबूर हो गई।

कालेज पहुंचने के बाद, कालेज के स्टूडेंट्स ने निशा के बारे में पूछा।

रोहन ने कहा,

निशा की मां की कंपनी डूब रही है, शायद घर में सब दुखी होंगे इसलिए निशा कालेज नही आई होगी, क्यू सीमा मैंने सच कहा?

सीमा _हां हां, तुम्हे तो बड़ी खुशी हो रही होगी तुम्हारी मां की कंपनी जो नंबर वन हो गई है। तुम सबसे अमीर बाप के लड़के बन गए हो।

रोहन _ भई ये तो अपनी अपनी किस्मत है।निशा के लिए तो मुझे भी दुख है ।

कालेज में लंच के समय सीमा कैंटीन में पहुंची।

वहा, पर भगत और राजेश सुजाता एंड विशाल की कंपनी पर आई विपत्ति पर ही चर्चा कर रहे थे।

जब सीमा वहा पर पहुंची।

भगत _अरे सीमा जी आप अकेली, निशा जी नही आई।

सीमा _नही, वह आज कालेज नही आई है।

राजेश _हमे निशा की कंपनी के बारे में पता चला, काफी दुख लग रहा है। उसके घर में सब ठीक तो है न।

सीमा _नही राजेश, कुछ ठीक नहीं है, निशा के पिता जी तो पहले से ही बीमार थे अब कंपनी को डूबते देख उसकी मां की तबियत भी बिगड़ गई है।

निशा ऐसी परिस्थिति में कालेज कैसे आ सकती है?वह भी बहुत दुखी हैं। अपनी मॉम डैड की देखभाल में लगी है। वे बड़ी मुसीबत में है।

भगत _भाई, हमे निशा के घर चलना चाहिए, ऐसे समय में हमे उन लोगो के साथ खडा रहना चाहिए।

राजेश _भगत तुम ठीक कह रहे हो। हम छुट्टी के बाद सीमा जी के साथ निशा का घर चलेंगे।

जब कालेज का छूटी हु़वा। राजेश, भगत और सीमा तीनों निशा के घर के लिए निकल गए।

वहा पहुंचने पर बाहर कुछ मीडिया वाले खड़े थे। वे सुजाता की इंटरव्यू लेने आए थे। कंपनी की डूबने की स्थिति पर प्रश्न पूछना चाहते थे।

सुजाता ने गार्ड से किसी को भी अंदर आने देने से मना कर दिया था। इसलिए मिडिया वाले गेट के बाहर ही खड़े थे।

सीमा साथ में थी, तो गार्ड ने राजेश और भगत को अंदर जाने से नही रोका।

जब तीनो अंदर गए, हाल में निशा नही थी।

सीमा _लगता है, निशा अपनी मॉम की रूम मे है, मै अभी आती हूं आप दोनों यही बैठो।

भगत _ठीक है सीमा जी।

सीमा, ऊपर गई, सुजाता की कमरे की ओर।

निशा उसकी पास ही बैठी थी।

जब निशा ने सीमा को देखी।

निशा _सीमा, तुम कालेज से आ गई।

सीमा _हा रि पर तुम्हारे बिना, कुछ अच्छा नही लग रहा था कालेज में। तुमसे मिलने के लिए राजेश और भगत आया है।

सुजाता _क्या राजेश आया है?

सीमा _हा आंटी आप लोगो से मिलने। वे भी आप लोगों की कंपनी पर आए संकट की बारे में जानकर अपनी संवेदना व्यक्त करने आए हैं।

सुजाता _हूं, उन्हे ऊपर ही बुला लो।

सीमा ने भगत को फ़ोन लगाया, और ऊपर आने को कहा।

राजेश और भगत सुजाता के कमरे पहुंचे।

सुजाता अपने बेड पर उठकर बैठ गई।

सुजाता _आओ राजेश बैठो।

राजेश और भगत दोनों वही पास में रखे चेयर पर बैठ गए।

राजेश _मैम आपकी तबियत कैसी है? सीमा बता रही थी की आपका स्वास्थ्य थोड़ा खराब हो गया है।

सुजाता _मै ठीक हूं राजेश,सिर पर थोड़ा दर्द था। आप दोनों कैसे हो।

भगत _हम दोनों ठीक है मैम जी। आपकी कम्पनी के बारे में सुना तो काफी दुख हुआ।

सुजाता _अब जो होना है उसे कौन रोक सकता है, भगत शायद सब ईश्वर की मर्जी से हो रहा है।

राजेश _पर मैम आपकी कम्पनी पार ऐसा संकट आया क्यू?

सुजाता _राजेश, हमने पूरी कोशिश की लेकिन मजदूर यूनियन ने अपनी हड़ताल वापस नहीं ली जिससे सीमेंट का प्रोडक्शन बंद हो गया। जिससे हमारे कई प्रॉजेक्ट का काम रुक गया। हमारे निवेशकों में भय पैदा हो गया कि कंपनी में लगाया पैसा डूब सकता है, वे अपने शेयर बेचने लगे जिससे हमारी कंपनी के शेयर काफी नीचे चला गया।

राजेश _आखिर उन मजदूर यूनियन को आप लोग मना क्यू नही पाए।

सुजाता _लगता है, वे लोग हमारे विरोधियों से मिले हुए हैं। उन्ही के इशारों पर ये सब कर रहे है।

राजेश _मैम अगर मजदूर यूनियन कहना नही मान रहे तो आप लोगों को मजदूरों के बीच जाकर अपनी बात रखनी थी।

सुजाता _वहा भीड़ में हड़ताली मजदूरों के बीच जाना सुरक्षित नहीं है। राजेश।

राजेश _मैम, कुछ तो रिस्क उठाना ही पड़ेगा। इस परिस्थिति से बाहर आने के लिए।

निशा वही पर बैठी थी।

निशा राजेश से हाथ जोड़ आंखो में आंसू लाते हुए बोली।

निशा _राजेश, प्लीज अगर तुमसे कुछ हो सकता है तो मॉम की मदद करो।

सीमा _हा राजेश प्लीज कुछ करो।

राजेश _ नही निशा हाथ मत जोड़ो, तुम मेरी दोस्त हो। तुम लोगों की मदद करना मेरा फ़र्ज़ है। राजेश ने निशा की आंखो में देखा, वह मन में कहा, निशा तुम्हारी इन आंसुओ की कसम, जिन लोगों ने तुम लोगों के आंखो मे आंसु दिए हैं उन लोगों को सबक सिखा कर रहूंगा।

मैम आपको को मेरे साथ उस हड़ताल स्थल पर चलना होगा। कहा है वह सीमेंट प्लांट।

Sujata _यहां से 300km दूर सोनपुर गांव में।

राजेश _हमे कल सुबह ही निकलना होगा।

भगत _भाई, मै भी आप लोगों के साथ चलूंगा।

राजेश _नही भगत, तुम्हारे कैरीयर के लिए तुम्हारा,वहा जाना ठीक नहीं। मीडिया वाले तुमसे कई तरह के सवाल करेगें।

भगत _पर भाई, वहा आप लोगों पर मुसीबत भी आ सकती है।

राजेश _हां, पर मै सामना कर लूंगा।

भगत _भाई मुझे तुम पर पूरा भरोसा है, तुम जरूर कामयाब होगे।

राजेश _बाहर मीडिया वाले आपका इंटर व्यू लेना चाहते हैं, आप उन लोगों से मिलकर न्यूज के माध्यम से अपने निवेशकों को कंपनी पर भरोसा बना कर रखने का मेसेज दीजिए।

चलिए मीडिया वालो से मिलिए।

निशा _हा, मां आप एक मजबूत महिला हो, इस विपत्ति का डटकर सामना करो अब तो राजेश भी साथ है।

सुजाता बेड से उठी, निशा और राजेश के वक्तव्य से उसकी शरीर में भी ऊर्जा आ गया।

वहा बेड से उठी और बाथरूम जाकर अपने चेहरे को पानी से धोई, एक अच्छी से साड़ी पहनी।

सुजाता ने गार्ड को मीडिया वालो को अंदर भेजने को बोला।

इधर राजेश ने सुजाता को समझाया की मीडिया वालो के प्रश्नों का जवाब कैसे देना है।

मीडिया वालो ने सुजाता से कई प्रश्न किए, जिसका जवाब, बहुत ही अच्छी तरह से सुजाता ने दिए।

आखरी में मीडिया वालो ने कहा, अंत में आप अपने कंपनी के शेयर धारकों से क्या कहना चाहेंगी?

सुजाता _मै अपने कंपनी के शेयर धारकों से यही कहना चाहती हूं की आप हमारे कंपनी पर भरोसा बनाए रखे। पहले भी हमारे कंपनी ने आपको कई गुना मुनाफा कमा कर दिया है और आगे भी देगी।

मजदूरों और कंपनी के बीच कुछ गतिरोध जरूर बना हुआ है जिसे हम जल्द ही दूर कर लेगे और प्रोडक्शन कार्य फिर शुरू हो जाएगी और हमारे सारे प्रॉजेक्ट का कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। आप धैर्य बनाकर रखे, किसी तरह के अफवाह में न आएं। हमारे इरादे आज भी पहले की तरह मजबूत है, हमारी कंपनी हर तरह की परिस्थितियों सी लड़ने के लिए तैयार है।

आप लोग हमारी कम्पनी के साथ बने रहे यही मै आपसे निवेदन करती हूं।

सुजाता की बात सुनकर वहा मौजूद सभी लोगों ने ताली बजाया।

मीडिया वाले चले गए।

सुजाता _थैंक्स राजेश हौसला बढ़ाने के लिए।

मैम अभी थैंक्स न कहे अभी तो बहुत से काम करने है। कल हमे सोनपुर जाना है।

सुजाता _ठीक है राजेश मै सुबह तैयार रहूंगी।

भगत जाते समय _निशा जी अब आप चिंता मत करो, भाई सब ठीक कर देगा ।

निशा _ने हां में सिर हिलाया।
 
जब राजेश घर पहुंचा, सुनीता किचन में काम कर रही थी। राजेश चुपके से जाकर पीछे से सुनीता को अपनी बाहों में भर लिया।

सुनीता _आ गया मेरा बेटा कालेज से, इतना लेट कैसे हो गया।

राजेश _ओह मां, क्या है न कि मैं निशा के घर गया था।

सुनीता _क्यू?

राजेश _मां, उसकी मॉम की कंपनी मुसीबत में है। आज निशा कालेज नही गई थी तो दोस्त होने के नाते मैं और भगत उनके घर गए थे।

मॉम मै कल सोनपुर जा रहा हूं।

सुनीता _सोनपुर, वो क्यू?

राजेश _मां, निशा की मॉम सुजाता के साथ उन लोगों को मेरी मदद की आवश्यकता है।

सुनीता _तू कैसा मदद करेगा उन लोगो का।

राजेश _मां सोनपुर में, निशा की मॉम की सीमेंट प्लांट है, जहां मजदूरों ने हड़ताल कर रखी है।

जिससे प्लांट में प्रोडक्शन कार्य बंद हो जाने से कंपनी दिक्कत में आ गई है।

मजदूरों की हड़ताल खत्म कराने, उन लोगो को मेरी मदद चाहिए।

दोस्त होने के नाते मैं मदद के लिए तैयार हो गया।

सुनीता _बेटा, मैने पहले ही कहा था, इन बड़े लोगों के चक्कर में न पड़ो, मुझे डर है कही तुम किसी मुसीबत में ना फस जाओ ।

और निशा का चक्कर छोड़ो, ये बड़े घर की लड़की है। निशा को लेकर अपने मन में कोई अरमा न जगाओ।

मैं नही चाहती की तुम्हारा दिल टूटे। और तुम बिखर जाओ। अगर तुम्हे कुछ huwa तो मैं भी बर्दास्त नही कर पाऊंगी?

राजेश _मां, आप खमोखा चिंता कर रही हो, निशा और मैं सिर्फ दोस्त है। पता नही कौन है जोअफवाह फैला रखा है?

मां उन लोगो को मेरी मदद की जरूरत है। तुम ही कहती हो कि अगर बस में हो तो जरूरत मंद की मदद करने से कभी पीछे मत हटना।

सुनीता _पर बेटा, उस हड़ताल स्थल पर मजदूर उग्र हो गए, तो तुम को हानि भी पहुंचा सकते हैं।

राजेश _मां, मुझे कुछ नहीं होगा, तुम मेरी चिंता न करो । तुम बस भगवान से प्रार्थना करना कि तुम्हारा बेटा अपनी मकसद में कामयाब हो।

सुनीता _मुझे अपने बेटे पर पूरा भरोसा है, मै अपने बेटे को अच्छी तरह जानती हूं, जो जिम्मेदारी तू अपने कंधे पर ले लेता है, उसे पूरा करके ही मानता है।

राजेश _तो मां कल मुझे सोनपुर जाने की इजाजत दे रही हो न।

सुनीता _अब, तुम उन लोगों को मदद करने के आश्वासन दे चुके हो तो मैं तुम्हे कैसे मना कर सकती हूं,?मै नही चाहती की कोई मेरे बेटे को झूठा कहे।

राजेश _ओह, थैंक यू मां।

राजेश ने सुनीता की गालों को चूम लिया।

सुनीता _चल हट बदमाश कही का, पूरा बेशरम हो गया है।

राजेश वहा से चला गया।

अगली सुबह राजेश तैयार होकर, साथ में बैग में कुछ कपडे रख कर, निशा के घर को निकलने के लिए अपने मां का आशीर्वाद लेने किचन में गया।

राजेश _मां मै सोनपुर के लिए निकल रहा हूं, मुझे आशीर्वाद दो।

राजेश ने सुनीता कि पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

सुनीता _बेटा मेरा आशीर्वाद हमेशा तेरे साथ है, पर तुम अपनी हिफाजत करना, इस बात को याद रखना की तुम्हारी मां के प्राण तुझमें है।

राजेश, अपनी बाइक से निशा के घर के लिए निकल गया। जब वह निशा का घर पहुंचा।

सुजाता, तैयार बैठी थी।

निशा _मॉम ,मै भी चलूंगी आप लोगों के साथ।

सुजाता _बेटा तुम भी चली जावोगी तो तुम्हारे डैड को बीमार है, उसकी देखभाल कौन करेगा।

और वहा पर तुम्हारा जाना सुरक्षित नहीं है।

तुम यही रहकर अपने डैड की देखभाल करो।

निशा _ठीक, है मॉम।

निशा ने राजेश से कहा।

निशा _राज, मै अपनी मॉम से बहुत प्यार करती हूं, तुम उसकी हिफाजत करना।

राजेश _निशा जी, तुम चिन्ता न करो। सब ठीक हो जाएगा मेरा भरोसा करो।

निशा _अब तो सिर्फ तुम पर ही भरोसा है राज, इस भरोसे को बनाए रखना।

सुजाता और राजेश कार में पीछे बैठ गए। ड्राइवर और गार्ड आगे।

सुजाता जब भी कही बाहर जाती थीं, उसके साथ उसका गार्ड भी उसकी हिफाजत के लिए रहता था।

जब वे घर से निकले सुबह के 8 बज चुके थे। सोनपुर पहुंचने में कमसे कम 5घंटे लगने थे।

सोनपुर एक पहाड़ी इलाका था। वहा सीमेंट के लिए आवश्यक कच्चा मॉल चुना पत्थर का भंडार था।

सुजाता और राजेश आपस मे बात चीत करते हुए। कार में सफर करने लगे। लगभग 11बजे वे किसी होटल पर चाय नाश्ता करने हेतु रुके।

राजेश _मैम, यहां से और कितने दूर रह गया है सोनपुर।

सुजाता _दो घंटे की सफर और रह गया है राजेश।

यह इस रास्ते का सबसे फेमस होटल है यहां फ्रेश होकर नाश्ता कर फिर आगे निकलेंगे।

राजेश और सुजाता दोनों होटल में फ्रेश हो गए।

सुजाता _राजेश तुम नाश्ता में क्या लोगे?

राजेश _मैम जो आप खाएंगी मैं भी खा लूंगा।

सुजाता ने वेटर से दो डोसा का आर्डर कर दिया।

ड्राइवर और गार्ड को भी अपनी पसंद का नाश्ता करने को कह दिया।

नाश्ता करने के बाद वे फिर से सोनपुर के लिए निकल पड़े।

लगभग डेढ़ घंटे की सफर के बाद पथरीला इलाका शुरू हो गया। झरने,पहाड़, जंगल बहती हुई नदी, नाले प्राकृतिक सुंदरता से वह क्षेत्र आच्छादित था। चारो ओर मनोरम दृश्य नजर आ रहे थे।

सुजाता _राजेश उधर देखो, ओ दूर से जो चिमनी नजर आ रहा है, वही है हमारा सीमेंट प्लांट।

बस अब हम पहुंचने वाले है।

वह देखो गांव नजर आ रहा है, वही सोनपुर है हमारा प्लांट इसी गांव के अंतर्गत आता है। यहां के अधिकांश लोग हमारे प्लांट में ही काम करते हैं।

गांव से कुछ दूर पर एक बहुत बड़ा कालोनी बनाया गया था।

जहा प्लांट के कर्मचारी लोग रहते थे, सभी कर्मचारी को उनके ग्रेड के हिसाब से मकान, फ्लैट आबंटित किए गए थे। बड़ा सा गार्डन, स्कूल, कालेज,हॉस्पिटल, सभी आवश्यक चीजों की व्यवस्था कंपनी के द्वारा किया गया था।

वहा रहने वालो को किसी तरह की कोई दिक्कत न हो।

कालोनी में हजारों मकान बने थे एक छोटा शहर बन गया था, उस क्षेत्र का सोनपुर।

उसी कालोनी में एक बड़ा बंगला बनाया गया था। जब भी कंपनी का मालिक या कोई बड़ा अधिकारी आता उसकी ठहरने की व्यवस्था वही किया जाता।

सीमेंट प्लांट के प्रबंधकों को खबर मिल चुकी थी की मैडम आ रही है, अतः वे सभी आवश्यक तैयारी कर प्लांट के सभी बड़े अधिकारी सुजाता की आने की प्रतीक्षा कर रहे थे।

प्लांट से कालोनी एक km की दूरी पर था। जहा मजदूर धरने पर बैठे थे।

लगभग 1बजे वे कालोनी में स्थित बंगला में पहुंचे।

प्लांट के अधिकारियों ने कार का दरवाजा खोला। सुजाता और राजेश कार से बाहर उतरे।

सभी अधिकारियों ने सुजाता का अभिवादन किया।

सुजाता और राजेश को भवन के अंदर ले गए।

इस भवन में नीचे एक बड़ा हाल और किचन था। ऊपर कई बेडरूम बने थे।

सुजाता, अधिकारियों से कहा आप लोग नीचे हाल में वेट करो मैं फ्रेश होकर आती हूं।

सुजाता और राजेश ऊपर चले गए।

सुजाता पहले भी कईबार आ चुकी थीं। अधिकारी जानते थे की मैडम को कौन सा कमरा पसंद है, वह कमरा तभी खुलता जब सुजाता आती।

सुजाता अपने रूम में घुसी।

वहा पर मौजूद नौकरानी से बोली, ये सामने वाला कमरा राजेश के लिए सफाई कर दो।

नौकरानी _जी मैडम।

राजेश _मैम यह बंगला तो काफी बड़ा और खूबसूरत है।

सुजाता _हा राजेश इस बंगले को मैने अपनी पसंद के हिसाब से डिजाइन कराया था। मै जब भी आती हूं। इसी कमरे में ठहरती हूं।

सुजाता _राजेश जाओ तुम बाथरूम में जाकर फ्रेश हो जाओ। जब सामने वाली कमरे की सफाई हो जाएगी। फिर आपका बैग वहा रखवा दूंगी।

इधर रीता की ऑफिस में मीटिंग चल रही थी।

रीता ने मार्केटिंग ऑफिसर को आज का शेयर मार्केट का रिपोर्ट बताने कहा।

मार्केटिंग ऑफिसर _मैडम, आज भी हमारी कंपनी के शेयर ने नई ऊंचाइयों को छुआ। सुजाता एंड विशाल ग्रुप्स के निवेशकों ने हमारी कंपनी भरोसा जताया है।

उनके निवेशक अब हमारी कंपनी का रुख कर रहे हैं।

हमारी कंपनी अन्य कंपनी से काफी आगे निकल चुकी है।

हमारी कंपनी को टक्कर देने वाला कोई दुसरी कंपनी अभी दूर दूर तक नहीं है।

रीता _गुड। और सुजाता की कंपनी का क्या huwa?

मार्केटिंग ऑफिसर _मैडम सुजाता एंड विशाल ग्रुप्स की शेयर जो लगातार लुढ़क रहे थे। आज स्थिर हो गया है। लगता है सुजाता मैडम ने कल मीडिया वालो को को इंटरव्यू दिया, उसका शेयर धारकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। वे अपना शेयर बेचना रोक दिए है।

रीता _, ओह, मतलब सुजाता की कंपनी अभी कुछ समय के लिए जीवनदान मिल गया है। देखते हैं सुजाता कितने दिनों तक बचा पाती है अपनी कंपनी को।

और कुछ खबर है सुजाता की कंपनी के बारे में।

कम्पनी का सीईओ _मैडम जानकारी मिली है की सुजाता मैडम सोनपुर गई है, मजदूर यूनियन से बात करने, और साथ में कोई राजेश नाम का लड़का भी गया है?

रीता चौंकते हुए बोली,

क्या कहा आपने, सुजाता के साथ राजेश गया है।

ओह नो,

सीईओ _क्या huwa मैडम आप चौंक क्यू गई?

चाहे वे जितने भी प्रयास कर ले मजदूर यूनियन मानने वाले नही है। हमारे आदमियों ने उन तक मॉल भी पहुंचा दिया है।

रीता _ये अच्छी खबर नही है। तुम लोग उस लड़के के बारे में नही जानते। वह नामुमकिन को मुमकिन कर सकता है। देखो उन मजदूर यूनियन तक संदेश भेजवाओ कि उस लड़के के किसी भी बात में ना आए। वह बड़ा शातिर है।

मीटिंग खत्म हो गई।

रीता अपने ऑफिस रूम के चेयर पर बैठ कर सोंच ने लगी।

ये राजेश तो पहले मेरे बेटे के मार्ग पर आ रहा था, अब वह मेरी कंपनी के मार्ग पर आ रहा है। मैने उसे अपनी कंपनी पे बड़ा पद देने के लिए ऑफर किया, यहां तक मै अपनी जिस्म शौपने को तैयार भी हो गई।

लेकिन उसने ठुकरा दिया, और आज वह सुजाता की कंपनी को बचाना चला गया। हे भगवान सुजाता की कंपनी से आगे निकल कर कितनी खुश थीं। अब पता नही क्यू मुझे डर लगने लगा है,ये राजेश मेरी जीत को हार में न बदल दे।

रीता ने सुजाता को, काल की।

रीता _हेलो सुजाता।

सुजाता _बोलो, रीता।

रीता _आपकी कंपनी की स्थिति से मै बहुत दुखी हूं, सुजाता। मै तुमसे मिलने के लिए घर आने वाली थी पर पता चला की तुम सोनपुर गई हो।

सुजाता _हां, रीता। अब कोशिश तो करनी ही पड़ेगी?

रीता _पर मजदूरों के पास जाना क्या सुरक्षित होगी?

सुजाता _अब उनसे सीधे बात करने के अलावा कोई रास्ता भी तो नही है।

रीता _सुना है राजेश भी गया है तुम्हारे साथ।

सुजाता _हा re, वह मेरी मदद के लिए आया है।

रीता _ओह, तब तो तुम्हें चिंता करने की अब कोई बात नहीं, राजेश सब ठीक कर देगा।

सुजाता _भगवान करे सब ठीक हो जाए।

रीता _वैसे राजेश कर क्या रहा है? अभी।

सुजाता _वह बाथरूम में है। फ्रेश हो रहा है। हम लोग अभी अभी तो पहुंचे हैं यहां।

रीता _क्या तुम लोग एक ही कमरे में ठहरे हो?

सुजाता _अरे नही re, मैने राजेश के लिए सामने वाले कमरे की सफाई करने बोल दिया है, नौकरानी सफाई कर रही है, तब तक एक ही कमरे में है।

रीता _ओह, देखो सुजाता, तुम बहुत खूबसूरत हो, जवान हो, आज कल के लडको का कोई भरोसा नहीं, कब बहक जाए, और मौका देख कर तुम्हारे साथ कोई गलत हरकत कर दे।

तुम राजेश से सावधान रहना। जवान लड़के के साथ एक ही कमरे में रहना खतरे से खाली नहीं।

सुजाता , हंसते हुवे,,, लगता है तुम्हें जलन हो रही है। राजेश ऐसा लड़का नही है।

रीता _अरे मै क्यू जलने लगी? तुम मेरी सहेली हो इसलिए तुम्हारी सुरक्षा की चिंता है, इस लिए तुम्हारी भलाई के लिए बोल रही हूं। किसी पराए मर्द पर इतना भरोसा करना ठीक नहीं है।

सुजाता _हंसते हुवे,

ठीक है बाबा, ध्यान रखूंगी, और धन्यवाद सलाह के लिए।

अब मै रखू राज बाथरूम से बाहर निकलने वाला है।

रीता _ओके सुजाता, बाई, अपना ख्याल रखना।

सुजाता _ओके bye

राजेश _, क्या huwa मैम किसका फोन था?

सुजाता _रीता की, वह मुझे तुमसे सावधान रहने को बोल रही थी। कह रही थी की आज कल के लडको का कोई भरोसा नहीं, तुम राजेश के साथ अकेले में सावधान रहना।

राजेश _अच्छा, आपने क्या कहा?

सुजाता _मैने कहा, राज एक अच्छा लड़का है वह मेरे साथ ऐसी हरकत नही करेगा। मैने सही कहा ना।

राजेश _रीता मैम ठीक कह रही है, हमे किसी पर इतना भरोसा नहीं करना चाहिए।

सुजाता _मतलब तुम मेरे साथ कुछ गलत हरकत कर सकता है। लगता है मुझे सच में तुमसे सावधान रहना पड़ेगा।

राजेश _हां आपको मुझसे भी सावधान रहना चाहिए। आखिर मै भी तो एक मर्द हूं।

सुजात, मुस्कुराते हुवे _मुझे तो तुम्हारी बातो से अभी से डर लगने लगा है।

राजेश _मैम चलो अब आप भी जल्दी फ्रेश हो जाओ, मै बाहर आप का वेट कर रहा हूं।

सुजाता _हां ये ठीक रहेगा।

सुजाता भी फ्रेश हो गई।

सुजाता, रूम से बाहर आई।

सुजाता _राजेश के पास पहुंच कर बोली। अब आगे क्या करना है?

राजेश _अब चलो नीचे हाल में चलते हैं यहां के प्रबंधकों से हड़ताल की जानकारी लेते हैं।

राजेश और सुजाता दोनों नीचे हाल में आ गए।

जहां अधिकारी लोग इंतजार कर रहे थे।

राजेश ने अधिकारियों से कहा,,

देखिए, हड़ताल का कोई वीडियो फुटेज होगा तो दिखाओ।

टीवी ऑन करके अधिकारियों ने हड़ताल का वीडियो फुटेज दिखाया।

फुटेज मेंयूनियनोंके अलग अलग पदाधिकारियों के भाषण को दिखाने लगे।

अधिकारी _ये जो भाषण दे रहा है वही है राकेश सिंह मजदूर यूनियन का अध्यक्ष, जब से यह यूनियन का अध्यक्ष बना है। कम्पनी और मजदूरों के बीच किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता आ रहा है।

राजेश ने राकेश सिंह के भाषण को गौर से सुना।

अधिकारियों ने बताया की, यह और इसके अन्य पधाधिकारी गुंडे प्रवृत्ति के है। अन्य मजदूर इनसे भय खाते हैं, इनके खिलाप नही जाते।

राजेश ने इन मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों के भाषणों को सुना और उनके बारे में जानकारी प्राप्त किया।

उसके बाद अधिकारियों से कहा,,

मजदूर यूनियन के नेताओ को बोलो, कंपनी की मालकिन तुम्हारी मांग सुनने एवम बातचीत द्वारा रास्ता कोई रास्ता निकालने,दोपहर तीन बजे तुम लोगों को आमंत्रित किया है।

अधिकारियों ने इसकी जानकारी मजदूर यूनियन तक पहुंचाई।

मजदूर खुश हुवे की कंपनी की मालकिन खुद हमसे बात करने आई है।

मजदूरों की ईच्छा को न टाल पाने और मजबूरी में मजदूर यूनियन के पदाधिकारी,

कंपनी के मालकिन से बात करने तैयार हो गए।

प्रबंधक _मैम भोजन तैयार हो गया है आप लोग लंच कर लीजिए।

सुजाता _ठीक है चलो सभी लोग भोजन कर लेते है, उसके बाद मजदूर यूनियन से बात करने का समय भी हो जाएगा।

लगभग तीन बजे उसी बंगला में मजदूर यूनियन पहुंच गए। बंगला में मीटिंग के लिए एक अलग से हाल था। वहा सुजाता, राजेश और प्लांट के मुख्य प्रबंधक, पहले से मौजूद थे।

जब मजदूर यूनियन के लीडर उस मीटिंग हॉल में पहुंचे, सुजाता ने उन्हें बैठने कहा, फिर उनकी क्या क्या मांग है बताने को कहा।

राकेश सिंह ने मजदूर यूनियन की मांग को सुजाता के सामने रखी।

सुजाता ने मजदूर यूनियन पदाधिकारियों से कहा।

सुजाता _देखिए हमारी कंपनी सदा मजदूरों के हित के बारे में सोचती रही है, और सोचती रहेगी।

तुम्हारी मांगो में जितनी भी मांगे हम पूरी कर पाने की स्थिति में है उन सबको पूरी करने के लिए मैं अपनी सहमति देता हूं।

किसी मजदूर की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 10लाख रुपए मुआवजा देने तैयार है। उनके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने तैयार है। किसी मजदूर के साथ कोई दुर्घटना होने पर इलाज का सारा खर्च कंपनी उठाएगा।

जहां तक मजदूरी में 50%वृद्धि की बात है। कंपनी उस स्थिति में नहीं है की मजदूरीमें एक साथ 50% बड़ोतरी कर सके। हां हर साल 12%वृद्धि करने कंपनी तैयार है। मजदूरों के हित में कुछ हम झुक रहे है कम्पनी के हित में कुछ आप भी झुकिए।

आप लोग आधे घण्टे आपस में चर्चा कर अपने विचार हमे बताइए। और कंपनी के हित में भी ध्यान देकर फैसला कीजिएगा।

राकेश सिंह _, अब सोचना क्या है मैम हम अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे, जब तक हमारी सभी मांगे पूरी नहीं हो जाती हम हड़ताल वापस नहीं लेंगे।

सुजाता _देखिए, कंपनी अभी किस स्थिति में है उस पर आप लोग विचार कीजिए कही आप लोगों के जिद के कारण कंपनी डूब न जाए। इससे यहां कार्य कर रहे गरीब मजदूरों को ही परेशानी होगी। आप लोग अच्छी तरह से विचार कर कोई भी फैसला लीजिए।

राकेश सिंह _नही मैडम हमे और विचार विमर्श करने की आवश्यकता नहीं है, हम अपनी मांगों पर कायम हैं जब तक हमारी सभी मांगे सत प्रतिशत पूरी नहीं होती हड़ताल जारी रहेगी।

अब जब सारी मांगे माननी हो तभी हमे बुलाना, चलो साथियों। हमे इनकी बातों में नही आना है।

मजदूर यूनियन वहा से चले गए।

सुजाता _राजेश ये लोग तो मानने को तैयार ही नही अब क्या करे?

राजेश प्रबंधक से कहा _इसके पहले मजदूर यूनियन का अध्यक्ष कौन था।

प्रबंधक _इसके पहले महेंद्र सिंह मजदूर यूनियन का लीडर था, वह काफी समझदार व्यक्ति था जो मजदूरों और कंपनी दोनों के हित के बारे में सोचता था।

पहले के जितने पदाधिकारी थे उन लोगों से किसी तरह संपर्क साधो और गुप्त तरीके सेआजरात हमसे मिलने को बोलो।

प्रबंधक _ठीक है सर।

 
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