राजेश अपने खड़े land को हाथ में पकड़कर मूतने की कोशिश करने लगा, पर मूत बाहर नहीं आ रहा था।
सुनिता _बेटा, जल्दी करो न, कही ऐसा न हो की स्वीटी हमे ढूंढती हुई यहां आ जाए।
राजेश _मां कोशिश तो कर रहा हूं, पर मूत बाहर ही नहीं आ रहा, देखो। राजेश सुनिता के सामने होकर अपना land दिखाते बोला।
सुनिता _मैने कहा न, तुम्हारा ये जब तक अकड़ा रहेगा पेशाब बाहर नहीं आएगी।
राजेश _तो ठीक है मां, मै बिना पेशाब किए चलता हूं और वह अपना लोअर ऊपर कर लिया।
सुनिता _हंसते हुवे बोली, बेटा अपने लोवर को तो देखो, स्वीटी तुम्हे ऐसे हालात में देखेगी तो क्या समझेगी।
राजेश _
राजेश अपने खड़े land को हाथ में पकड़कर मूतने की कोशिश करने लगा, पर मूत बाहर नहीं आ रहा था।
सुनिता _बेटा, जल्दी करो न, कही ऐसा न हो की स्वीटी हमे ढूंढती हुई यहां आ जाए।
राजेश _मां कोशिश तो कर रहा हूं, पर मूत बाहर ही नहीं आ रहा, देखो। राजेश सुनिता के सामने होकर अपना land दिखाते बोला।
सुनिता _मैने कहा न, तुम्हारा ये जब तक अकड़ा रहेगा पेशाब बाहर नहीं आएगी।
राजेश _तो ठीक है मां, मै बिना पेशाब किए चलता हूं और वह अपना लोअर ऊपर कर लिया।
सुनिता _हंसते हुवे बोली, बेटा अपने लोवर को तो देखो, स्वीटी तुम्हे ऐसे हालात में देखेगी तो क्या समझेगी।
राजेश _मां तो क्या करें?
सुनिता _बेटा, मै और स्वीटी दोनो जा रहे हैं, तुम जब नार्मल हो जाओ तो थोड़ी देर में आ जाना।
राजेश _हां, मां ये ठीक रहेगा।
सुनिता वहा से चले गई।
स्वीटी _मां आप अकेले आ रही है। भईया कहा है?
सुनिता _बेटी, राजेश का पेट थोड़ा गड़बड़ लग रहा था, तो वह फ्रेस होकर आएगा। चलो हम लोग चलते हैं।
स्वीटी और सुनिता वहा से चली गईं।
इधर राजेश का land बैठने का नाम नहीं ले रहा था। तभी उसने कुछ सोचा, और वह उस ओर जाने लगा जिधर वह औरत और युवक छुड़ाई chudai कर रहे थे।
राजेश ने देखा वह औरत का land चूस रही थी। शायद उसका एक राउंड हो चुका था और दूसरा राउंड के लिए लडके को तैयार कर रही थी।
राजेश ने कड़क आवाज में कहा, अबे क्या हो रहा है वहा,,
राजेश की आवाज सुनकर वे दोनो हड़बड़ा गए, और औरत ने उस लडके का land चूसना छोड़ दिया।
और सहमे हुवे खड़े हो गए।
राजेश उनके पास जाकर बोला, ये क्या कर रहे हों तुम दोनो, तुम्हारे घर वाले उधर तुम्हे ढूंढ रहे हैं और तुम लोग यहां रंगरेली मना रहे हो, अभी जाकर उन्हें बताता हूं की तुम लोग यहां क्या कर रहे थे।
लडका _चाची ये लडका है और इसने अगर मम्मी पापा को बता दिया तो, क्या होगा।
औरत _तुम कौन हो, हम कुछ भी करे तुम्हे क्या मतलब?
राजेश _अच्छा, तो ठीक है मैं जा रहा हूं तुम्हारे परिवार वालों को तुम लोगो की रासलीला के बारे में बताने।
राजू _चाची कही सच में घर वालों को बता दिया तो,,
औरत _देखो तुम ऐसा मत करो अगर तुमने ऐसा किया तो घर वालों को हम अपना मुंह नही दिखा सकेंगे।
राजेश _अब आई न लाइन पर।
ठीक है नही बताउंगा।
पर मुझे क्या मिलेगा।
औरत _तुम क्या चाहते हो।
राजेश _देखो तुम दोनो को देखकर मैं भी गर्म हो गया हूं। मुझे भी आप के साथ मजा करना है।
वह लडका तो पतला दुबला और राजेश से उम्र में भी छोटा था। जबकि राजेश का शरीर गठीला, और तानकत वर था।
औरत, राजू की ओर देखते हुए बोली, राजू अब क्या करें।
राजू _चाची मुझे लगता है की हमे इनका कहना मान लेना चाहिए ।
राजेश _दोनो, फुसफुसा रहे हो, तुम लोग राजी हो या जाऊ।
औरत _देखो, हम तैयार है, तुम हमारे घर वालों को कुछ मत बताना।
राजेश _ये हुई न बात।
राजेश अपना लोअर निकाल दिया जिससे उसका तना land उन दोनो के सामने आ गया।
राजू और वह औरत राजेश के land को आंख फाड़े देखने लगे। ऐसा land तो उसने chudai वीडियो में देखा था। अब वह हकीकत में देख रहे थे।
राजेश के लंबा और मोटा लण्ङ देखकर उस औरत के शरीर में एक अलग रोमांच भर गया।
राजू से एक बार chudne के बाद भी उसकी प्यास नहीं बुझी थी और वह राजू को फिर से तैयार करने के लिए land चूस रही थी पर राजू का land ढीला ही था।
औरत ने राजेश से कहा _तुम्हारा लन्ड तो काफी बड़ा और मोटा है।
राजेश _क्यू पसन्द आया, चल चूस साली इसको।
राजू _हा भाई, चाची ठीक कह रही है आपका land तो मेरे से दोगुना है।
राजेश _अभी तू बच्चा है। तुम सीखो मुझसे औरत को कैसे संतुष्ट करते हैं।
राजेश औरत से बोला,अब तुम देखती रहोगी या चूसना शुरु करोगी।
औरत राजेश के टांगों के नीचे बैठ गई। और राजेश के land को पकड़कर राजेश के आंखो में देखने लगी।
राजेश _औरत को देखकर बोला, चूस मेरी जान।
औरत ने राजेश के land को अपने हांथ में लेकर थोड़ा हिलाया फिर उसे अपने अपने मुंह में भर लिया। और फिर चूसना शुरु कर दिया।
राजेश उसका सिर अपने हाथों से पकड़कर लिया चूस मेरी जान आह मजा आ रहा है, हा ऐसे ही, तू बड़ी मस्त चूस रही है। हा और अदंर ले हा,,
राजेश तो स्वर्ग में पहुंच गया।
वैसे क्या नाम है तुम्हारा,।
औरत ने कहा, शशि।
राजेश _बड़ा प्यारा नाम है।
चूस मेरी रानी और जोर जोर से चूस, बड़ा मज़ा आ रहा है।
शशि भी राजेश का land देखकर उत्तेजित हो गई थी। ऐसा land वह पहले नही देखा था। उसका पति का land भी राजेश के land से काफी छोटा था। जैसे land से chudne की वह कल्पना करती थी, आज उसके आंखो के सामने थी।
इधर राजू अपने चाची को राजेश का land चूसते हुवे देख रहा था। वह अपने ढीले पड़ चुके land को अपने हाथों से हिलाकर खड़ा करने का प्रयास कर रहा था।
राजेश _अरे यार राजू, तू खडा क्या देख रहा है चांट अपनी चाची की chut
राजेश ने, शशि के चूतड को अपने हाथो से ऊपर उठाकर उसके साड़ी और पेटीकोट को ऊपर कर दिया ताकी राजू उसके chut चांट सके।
अब राजू निचे बैठ गया और अपनी चाकी के chut को चाटने लगा ।
राजू द्वारा छूट चाटने से शशि और ज्यादा उत्तेजित हो गई। और चूसना छोड़कर मुंह से सिसकारी निकालने लगी।
राजेश _अरे चूसना क्यू रोक दी मेरी रानी, चूस बड़ा मजा आ रहा है। और अपने land को उसके मुंह में ठूंस दिया।
शशि फिर land चुसने लगी।
राजू के द्धारा chut चुसाई से अत्यंत कामोत्तीज होकर शशि अपने chut से पानी बहाने लगी, अपनी चाची की chut का पानी चाटने में राजू को भी मज़ा आने लगा। वह उसके chut के पानी को चांट चांट कर पीने लगा।
राजेश _अब बस कर राजू, नही तो तुम्हारी चाची ऐसी ही झड़ जायेगी।
चल मेरी जान अब निचे लेट जा। अब तुम्हे मै जन्नत की सैर कराता हूं।
शशि जमीन पर लेट गईं।
राजेश उसके टांगो के बीच आ गया।
राजेश _अरे मेरी रानी अपने संतरे का तो दर्शन कराओ, मै भी तो देखू उसमे कितना रस भरा है।
राजेश, शशि के ब्लाउज का हुक खोलने लगा पर हुक, नही खुल रहा था। तब शशि ने स्वयं अपना ब्लाउज का हुक खोलने लगी, जब ब्लाउज का हुक खुला तो, राजेश ने उसकी ब्रा को नीचे खिसका कर उसके चूची को आजाद कर दिया।
उसके चूची देखकर राजेश का जोश और बढ़ गया। हाय सच में राजू तेरी चाची के संतरे तो काफी बड़े बड़े और सुडौल है बे,,
लगता है तुम्हारा चाचा संतरे को मसलकर इसका रस नही निकलता।
राजेश शशि के चूची को अपने हाथों में लेकर मसलने लगा।
राजेश का मर्दाना एवम अनुभवी हाथ जब शशि के चूची को मसलना शुरु किया तो उसे लगा कि पहली बार किसी मर्द से उसका सामना हुआ है।
अब राजेश, शशि के चूची को मुंह में भरकर चुसने लगा। शशि तो आनद में सिसकने लगी। उसके chut की ओर रक्त का प्रवाह और तेज गति से होने लगा।
राजेश _सच में राजू तेरी चाची तो क्या हॉट मॉल है?
अब राजेश शशी की खूबसूरत होंटो को अपने मुंह में भरकर चुसने लगा।
शशि को राजेश की इन यौन क्रियाओं से गजब का आनद मिला रहा था। वह भी राजेश के ओंठ को अपने मुंह में भरकर कर जोर जोर से चुसने लगी।
इधर राजू उन दोनो की यौन क्रियाओं को देखकर मजा ले रहा था और अपना land हिला रहा था।
अब राजेश शशि की टांगो को फैला दिया और अपने land को अपने हाथो में पकड़कर शशि की chut में पीटने लगा।
राजेश _हाय, यार राजू क्या मस्त chut है तेरी चाची की पाव रोटी की तरह फूली हुई,, एकदम चिकनी, लगता है आज ही बाल साफ़ की है चुदाने के लिए। हाय इसे बजाने में बड़ा मज़ा आएगा।
अब राजेश land के टोपे को शशि के बुर के छेद पर रख कर दिया।
शशि का को डर लग रहा था की पता नही इतना बड़ा land वह कैसे ले पाएगी। अभी तक उसके chut में उसके पति और राजू का land गया था जो राजेश के land से आधा ही था।
राजेश ने एक हल्का धक्का मारा। शशि की chut तो एकदम गीली हो चुकी थी,land का टोपा आसानी से chut में चला गया। शशि सिसक उठी।
अब राजेश एक जोर का धक्का मारा,land का आधा से ज्यादा भाग शशि के chut को चीरता हुआ अंदर चला गया। शशि के मुख से चीख निकल गई।
राजेश _क्या huwa जानेमन चीख क्यू रही है। दर्द हो रहा है क्या।
शशि _तुम्हारा काफी बड़ा है आराम से करो।
अब राजेश, शशि के स्तन को अपने हाथो में लेकर उसको मसलने एवम चुसने लगा।
जिससे शशि के chut की ओर खून फिर तेज गति से बहने लगा। उसके मुंह से सिसकारी निकलने लगी।
अब राजेश उकड़ू बैठकर शशि के चूची को मसलते हुए land को धीरे धीरे chut में अदंर बाहर करने लगा।
अब शशि को दर्द के बजाए मजा आना सुरू हो गया। अब राजेश अपना गति बड़ाना शुरू कर दिया। land शशि के chut से पुरी तरह जकड़ा huwa अदंर बाहर होने लगा।
राजेश _राजू बड़ी टाइट है तेरी चाची की chut देखो land कितना कसा कसा अदंर बाहर हो रहा है। लगता है तुम्हारी चाची की chut को किसी ने अच्छे से रगड़ा नही है। हाय बड़ा मज़ा आ रहा है chut मारने में।
अब राजेश जोर जोर से धक्का लगाकर शशि की बुर को चोदने लगा। पूरा land जड़ तक शशि के बुर में धस कस अदंर बाहर हो रहा था।
इधर शशि को यकीन ही नहीं हो रहा था की उसकी बुर ने इतना बड़ा land को पुरी तरह निगल गया है।
Land शशि की बुर की दीवारों को अच्छी तरह रगड़ता हवा गपागप अंदर बाहर होने लगा।
शशि और राजेश दोनो को बहुत मजा आ रहा था।
राजेश का land मोटा होने के कारण chut को पुरी तरह फाड़ दिया था जिससे chut का भगनसा land से अच्छी तरह रगड़ खा रहा था। जिससे शशि बहुंत ज्यादा उत्तेजित होकर मादक सिसकारी निकालने लगी। वह राजेश के क़मर का अपने हाथों से पकड़कर अपनी क़मर उचकाकर राजेश का सहयोग करने लगी।उसके chut से पानी झरने की तरह बह रही थी, जिससे लैंड बीना किसी रुकावट के आसानी से गपागप अन्दर बाहर हो रहा था।
हर धक्के के साथ शशि की चूड़ियां भी खनक रही थी। Chut से पानी बहने के कारण land फच फ्च, गैच गाच करते हुए अदंर बाहर हो रहा था।
शशि तो जैसे जन्नत में पहुंच गई थी। वह हवस में अपनी मुंह से सिसकारी निकालने के साथ साथ बड़बड़ाने लगी। उई मां ई। आई,,,, ऊ ओ,,,, आह ,,, उन,,,, और जोर जोर से चोदो में raa,,,,jja,,, आई,, ऊ,, उई मां,, मै मर गईं
_क्या मस्त चोदता है re तू, कहा था अभी तक, तू मुझे पहले क्यू नही,,,,,मिला,,,, उई,,,,मां ,,आ,, ई,,,
और जोर जोर से चोदो,, और जोर से,,,,,,
राजेश भी,, ले शाली रण्डी ले,,, ले और ले, तू भी क्या याद रखेगी,, किस मर्द से पाला पड़ा है,,, हाय क्या मस्त chut है तेरी,,,, ले,, ले, एक और ले,,, ले शाली,, आज तेरी chut की सारी प्यास बुझा दूंगा,,,
शशि _हा ऐसे ही मेरे राजा और जोर से आह मर गई मैं,, उई, ई ई। मां,, आह, उई,,, मै गई re,, मै गई,,,,,,,,,,
और शशि राजेश के क़मर को अपने टांगो से जोर से जकड़ लिया, अपने हाथो से उसके पीठ को पकड़कर बीच लिया, और कपकपाते हुए झड़ने लगी, झड़ते हुवे आनंद के मारे बेहोश सी हो गई।
राजेश chudai रोक दिया वह भी थोड़ा सुस्ताने लगा।
इधर राजू भी दोनो की धमाकेदार chudai देखकर बहुत उत्तेजित होकर अपने land को तेजी से हिलाते हुए आह आह करके झड़ गया।
कुछ देर बाद शशि को होश आया , तो वह शर्माने लगी पता नही जोश में आकर वह पराया मर्द को क्या क्या कह रही थी।
राजेश _कैसा लगा मेरी जान,
शशी _तुम्मे तो बहुत ताकत है।
मुझे थका दी।
राजेश _अभी मेरी ताकत कहा देखी हो मेरी जान।
अभी तो मेरा huwa ही नही है।
वह अपने land को शशी को दिखाते हुए बोला देखो अभी भी कैसे खड़ा ठुमक रहा है।
राजेश का land शशि के chut का रस पीकर और लंबा और मोटा हो गया था जिसे देखकर शशी दंग रह गई।
बाप re ये तो और लंबा मोटा हो गया है। अपने छूत की ओर देखी उसका बुर तो बुरी तरह फट गया था। उसका द्वार फेल गया था। हे भगवान इसने तो मेरी chut ही फाड़ दिया।
शशी _क्या नाम है तुम्हारा,
राजेश _वैसे तो मेरा नाम राजेश है पर लड़किया प्यार से राज कहती है।
राज _तुम तो कमाल के हो, तुम्हारा एक बार नही huwa है और मेरी प्यास बुझा दी। देखो मेरी chut की क्या हालात हो गई है।
राजू कुछ सीखा राज से औरत को कैसे खुश करते हैं।
राजू _हा चाची, राज भाई का जवाब नहीं है गजब की ताक़त है इनमे।
शशी _राज अब बस करो अब मैं और नही chud पाऊंगी। वैसे भी काफी लेट हो गई है घर वाले परेशान हो रहे होंगे।
शशि और राजू अपने कपड़े ठीक करने लगें। इधर राजेश ज्यादा जोर जबरदस्ती भी नहीं कर सकता था। उसे मन मारकर रहना पड़ा।
शशी _चलो, राजू चलते हैं, काफी लेट हो गई है।
वे दोनो जंगलसे बहते पानी की धारा की ओर जाने लगे। जब वे बहते पानी के पास पहुंचे राजू की नजर किनारे की दूसरी ओर पानी पी रहे , तेंदुए पर पड़ा। वह रुक गया,राजू थर थर कापने लगा।
शशी _क्या huwa re, रुक क्यू गया
राजू _चाची सामने देखो। तेंदुवा।
शशि ने जब तेंदुए को देखा, डर के मारे उसकी हालात खराब होने लगी।
तभी तेंदुए की नजर उन दोनो पर पड़ी वह
तेंदुवा उन दोनो को देखकर गुर्राने लगा। राजू और शशि को लगा की यहां से भागने में ही भलाई है। पर पानी में भाग नही सकती इसलिए,,
शशि _राजू ये तेंदुवा, तो हमे देखकर गुर्रा रहा है। भागो यहां से नही तो ये हम पर हमला कर देगा।
वे वापस भागने लगे।
राजू आगे निकल गया शशी साड़ी पहनी थी वह पीछे रह गई, उन दोनो को भागता देखकर तेंदुवा पानी पार करके उन दोनो पर हमला करने के लिए दौड़ा,,
इधर राजेश ने जब राजू को देखा,,,
राजेश _क्या huwa राजू क्यू भागता huwa वापस आ गया। चाची कहा है।
राजू हांफते हुवे कहा, राज भैया वो तेंदुआ, पीछे,,,,,
हमारे पीछे पड़ा है,,,
राजेश_क्या?
तभी उन दोनो ने देखा चाची उनके ओर भागते हुए आ रही हैं, और तेंदुवा उसके पीछे उस पर हमला करने दौड़ रहा है?
राजेश तेजी से शशि की ओर दौड़ा,,
इधर तेंदुवा ने शशि पर छलांग लगा दिया,,
राज ने उस तेंदुए पर छलांग लगा दिया।
तेंदुवा दूर जा गिरा, राज भी दूर कर तेजी से अपने को सम्हाला और खड़ा हो गया।
तेंदुवा पुरी तरह गुस्से में आ गया, उसने राज की ओर गुस्से में देखकर गुर्राने लगा।
राजेश भी पुरी तरह हमले का सामना करने तैयार होकर तेंदुए के आंखो में देखने लगा।
दोनो एक दूसरे की आंखों में गुस्से से देखने लगे, राजेश अपनी दांतो को भींच कर बडी बडी आंखो से तेंदुए को ललकारने लगा।
इधर राजू और शशि दोनो गहरी सांस लेते हुए, भयभीत होकर,तेंदुए और राजेश की की ओर देख रहे थे।
कुछ देर तक तेंदुवा और राजेश यू ही, एक दुसरे पर गुस्से से हमला के पोजिशन पर खड़े रहे, पर राजेश का साहस तेंदुवा पर भारी पड़ा और तेंदुवा वहा से भाग गया।
तेंदुवा के भागते ही शशी और राजू के जान में जान आया।
शशि तेजी से भागते हुए राजेश के पास गई।
शशी _राज तुम ठीक तो हो न।
राज तुम नही होते तो पता नही तेंदुवा मेरा क्या हाल करता।
राज तुम ताकत वर होने के साथ साहसी भी हो।
राजू _हा राज भईया, तुम तो बिल्कुल नही डरे तेंदुए से बल्की तेंदुआ को ही भागना पड़ा।
शशि _राज मुझे माफ़ कर देना मैने तुम्हे अधूरे में ही छोड़ कर जा रही थी। तुम चाहो तो मुझे फिर से भोग सकते हो।
राजेश _नही चाची जी, माफी तो मुझे मांगनी चाहिए, मैने हवस में आकर आप लोगो को ब्लैक मेल किया, मुझे माफ़ कर दीजिए।
शशि _पहले तो मुझे बुरा लगा था, लेकीन मै अब बहुंत खुश हूं कि मैं तो किस्मत वाली हूं जो आपका सानिध्य पाया।
और राजेश को शशि अपने बाहों में भर ली।
और बोली, चलो राज मै तुम्हे अपने परिवार वालों से मिलाती हू,,,
इसे तो तुम जानते हो ये राजू है मेरा जेठ का लडका।
अब वे तीनों वापस अपने परिवार वालों के पास जाने के लिए निकल पड़े आपस मे बात चित करते हुए।
राजेश _वैसे तो आप लोग बड़े अच्छे घर के लग रहे हो,फिर यहां इस सुनसान जगह पर ये सब,,,
शशि _राज हम भरत पुर से है, हमारे कपड़े और ज्वेलरी का व्यापार है।
मेरा पति जल्दी झड़ जाते है, मुझे संतुष्ट नहीं कर पाते। एक रात राजू और मैं घर में अकेले थे तो मैं बहक गई और हम दोनो में सम्बंध बन गए। तब से हम दोनो को जब मौका मिलता हम सम्बंध बनाते। काफी दिन हो गए थे हमे सम्बंध बनाए। हम आज यहां परिवार वालों के साथ पिकनिक मनाने आए थे।
तभी हम लोग मौका का फायदा उठाने परिवार वालों से पेट खराब होने का बहाना बनाकर इधर चले आए।
वैसे तुम कहा से हो क्या यहां अकेले आए हो।
राजेश _मै अकेला नहीं हू साथ में मेरे पापा, मम्मी और मेरी बहन भी है, हम राजधानी के रहने वाले है। यहां छुट्टी मनाने भरत पुर आए हैं।
इधर सुनिता राजेश का ही राह देख रही थी। शशि और राजू के परिवार वाले भी वही पर मौजूद थे जहां सुनिता और स्वीटी बहते पानी में नहाने का आनंद लें रहे थे।
जब सुनिता ने राजेश को शशि और राजू के साथ आते हुवे देखा, मन में सोचने लगी।
ये औरत और लडका तो वहीं है जो chudai कर रहे थे। राजेश इन लोगो के साथ क्यू आ रहा है,, उसे कुछ अच्छा नहीं लगा,,