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- Dec 5, 2013
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धृवकी मम्मी ओर धृव अेक दुसरेकी ओर देखने लगे.. उनको अभी भी यकीन नही हो रहा थाकी दोनो चुदाइ करते पकडे गये.. ओर इतना कुछ हो गया.. दोनो नीरास होते बेडपे बैठ गये.. लेकीन धृवको अब भी भावीकाके उपर यकीन नही था.. ओर उसने अेक फैसला करलीया ओर अपना फोन उठाया.. फीर कीसीसे बात करने लगा.. ओर फोन रख दीया..
धृवकी मम्मी : (सामने देखते) कीसको फोन कीया..?
धृव : (सामने देखते) मोम.. अब ये हमारे लीये खतरा बन चुकी हे.. हम इनपे भरोसा नही कर सकते.. इनको अेक्सीडन्टमे..
धृवकी मम्मी : (धृवके गालपे अेक तमाचा मारते) हरामी.. तेरा बाप क्या कम था जो अब तुभी ये सब करने लगा.. तेरे बापसे तो तंग आ चुकी हु.. कमसे कम तुतो सुधरजा.. क्या तुने सुना नही उसने क्या कहा..? उसे भी अपनी जानकी परवा हे.. जब वोही डरती हे तो ये सब करनेकी क्या जरुरत हे..? उसे मना करदे.. उनको कुछ ना करे..
धृव : (सामने देखते) लेकीन मोम..
धृवकी मम्मी : (जोरोसे) अरे मना कर उसे.. तुमने सुना नही क्या..? (सांत लहेजेमे) बीटु.. मेने तेरे पापाको तो खो दीया हे.. मे तुजे खोना नही चाहती.. मेने तेरे साथ क्या क्या सपने सजाये हे.. तु कुछ मत कर.. मुजे ही कुछ सोचने दे.. कुछ अैसा.. जो साप भी ना मरे.. ओर लाठी भी टुट जाये..
धृव : (सामने देखते) मतलब..? मे कुछ समजा नही..
धृवकी मम्मी : (सामने देखते) धृव.. अेक बात बता.. तु मुजे ओर तेरी बहेनको कीतना प्यार करता हे..?
धृव : (सामने देखते) अपनी जानसे भी ज्यादा.. क्यु..?
धृव : (सामने देखते) क्या जींदगीभर मेरा साथ नीभा सकता हे..? मे ओर पुजा हम दोनो ही तुजे खुस रखेगी.. मुजसे सादी करेगा..?
धृव : (सामने देखते) येस मोम.. येतो पुजादी ओर आपके कहेने पे मेने सादी की.. वरना मे आप दोनोसे ही खुस था.. आइ प्रोमीस.. मे जीदगीभर आपका साथ नीभाउगा.. जब आप कहो मे आपसे सादी भी करलुगा.. ओर मेने आपको कइ बार कहा भी हे.. की मुजसे सादी करलो..
धृवकी मम्मी : (मुस्कुराते गले लगते) बस.. मुजे तुमसे यही उमीद थी.. सुन.. हमने आज तक जो भी कुछ कीया उनका मुजे कोइ पछतावा नही हे.. ओर असली खतरा ये लडकी नही हे..
धृव : (आस्चर्यसे देखते) तो फीर कौन हे..?
धृवकी मम्मी : (आंखोमे देखते धीरेसे) तेरे पा..पा.. जीतना डर हमे तेरे पापाका हे इतना डर इस लडकीसे नही हे.. वो अेक डोक्टर हे.. अपनी जान जोखीममे नही डाल सकती.. देखा नही डीवोर्स पेपर पहेलेसे ही रेडी रखे थे.. वो खुद डरी हुइ हे.. अब इस लडकीको भुलजा.. हम दोनो अपनी अलग दुनीया बसायेगे..
धृव : (सामने देखते) मोम.. तो फीर क्या करे..?
धृवकी मम्मी : (मुस्कुराते) हमे कोइ गलत कदम नही उठाना.. अब जो भी करुना हे.. मे करुगी.. तु बस.. देखता जा ओर मेरा साथ दे.. अगर सब सही हुआ.. तो आइ प्रोमीस.. हम दोनो जींदगी भर साथ रहेगे.. फीर मुजे ओर अेर्बोसन करजानेकी जरुरत भी नही पडेगी.. मे हमारे प्यारकी नीशानी इस दुनीयामे लाउगी..
धृव : (खुस होते बाहोमे भरते) मोम सच..? आइ लव यु..
धृवकी मम्मी : (होंठ चुमते) लव यु टु मेरी जान.. जा पहेले नीचे जाकर देखले.. वो क्या कर रही हे..?
धृव : (नीचेकी ओर जाते) मोम.. कल सुबह अेक हप्तेके लीये बोम्बे अपनी कोन्फरन्स ओर ट्रेनींगके लीये जाने वाली थी.. देखकर आता हु..
धृव दोडके नीचे जाता हे.. ओर अपने कमरेमे जाकर देखता हे.. अलमारी खुली थी.. भावीकाके सभी कपडे गायब थे.. उनके सभी पेपर गायब थे.. धृव समज गयाकी भावीकाने घर छोड दीया हे.. तभी उसे सीक्युरीटी गार्ड जो अेक बडी उमरका हे वो याद आगया.. वो जटसे वही चला गया..
धृव : (जटसे) दादा.. आपने भावीकाको देखा..? उनकी कार भी नही हे..
सीक्युरीटी : (थोडी परेसानीमे) बेटा क्या हुआ..? बहु रानी तो चली गइ.. कहेती थी बहारगांव जाना हे..
धृव : साथमे कोइ सामान था..?
सीक्युरीटी : (सामने देखते) हां बेटा.. दो बडे बडे सुटकेश थे.. मेने खुद अपने हाथोसे कारमे रखवाये.. आज कार भी उन्होने बहार रखी थी.. अंदर रखनेको कहा.. तो कहाकी अभी देर रात नीकलना हे..
धृव : (वापस आते) ठीक हे दादा.. आप ध्यान रखीये..
कहेते धृव वापस अपने रुममे चला गया.. इस बार सब अलमारी चेक करने लगा.. भावीकाका अेक भी सामान नही था.. वो धृवकी सभी गीफ्ट ओर उनके दीये गहेने भी वही छोडके गइ थी.. ससुरलाका अेक भी सामान नही लीया था.. तो धृव वापस अपनी मम्मीके पास चला गया..
धृवकी मम्मी : (सामने देखते) कीसको फोन कीया..?
धृव : (सामने देखते) मोम.. अब ये हमारे लीये खतरा बन चुकी हे.. हम इनपे भरोसा नही कर सकते.. इनको अेक्सीडन्टमे..
धृवकी मम्मी : (धृवके गालपे अेक तमाचा मारते) हरामी.. तेरा बाप क्या कम था जो अब तुभी ये सब करने लगा.. तेरे बापसे तो तंग आ चुकी हु.. कमसे कम तुतो सुधरजा.. क्या तुने सुना नही उसने क्या कहा..? उसे भी अपनी जानकी परवा हे.. जब वोही डरती हे तो ये सब करनेकी क्या जरुरत हे..? उसे मना करदे.. उनको कुछ ना करे..
धृव : (सामने देखते) लेकीन मोम..
धृवकी मम्मी : (जोरोसे) अरे मना कर उसे.. तुमने सुना नही क्या..? (सांत लहेजेमे) बीटु.. मेने तेरे पापाको तो खो दीया हे.. मे तुजे खोना नही चाहती.. मेने तेरे साथ क्या क्या सपने सजाये हे.. तु कुछ मत कर.. मुजे ही कुछ सोचने दे.. कुछ अैसा.. जो साप भी ना मरे.. ओर लाठी भी टुट जाये..
धृव : (सामने देखते) मतलब..? मे कुछ समजा नही..
धृवकी मम्मी : (सामने देखते) धृव.. अेक बात बता.. तु मुजे ओर तेरी बहेनको कीतना प्यार करता हे..?
धृव : (सामने देखते) अपनी जानसे भी ज्यादा.. क्यु..?
धृव : (सामने देखते) क्या जींदगीभर मेरा साथ नीभा सकता हे..? मे ओर पुजा हम दोनो ही तुजे खुस रखेगी.. मुजसे सादी करेगा..?
धृव : (सामने देखते) येस मोम.. येतो पुजादी ओर आपके कहेने पे मेने सादी की.. वरना मे आप दोनोसे ही खुस था.. आइ प्रोमीस.. मे जीदगीभर आपका साथ नीभाउगा.. जब आप कहो मे आपसे सादी भी करलुगा.. ओर मेने आपको कइ बार कहा भी हे.. की मुजसे सादी करलो..
धृवकी मम्मी : (मुस्कुराते गले लगते) बस.. मुजे तुमसे यही उमीद थी.. सुन.. हमने आज तक जो भी कुछ कीया उनका मुजे कोइ पछतावा नही हे.. ओर असली खतरा ये लडकी नही हे..
धृव : (आस्चर्यसे देखते) तो फीर कौन हे..?
धृवकी मम्मी : (आंखोमे देखते धीरेसे) तेरे पा..पा.. जीतना डर हमे तेरे पापाका हे इतना डर इस लडकीसे नही हे.. वो अेक डोक्टर हे.. अपनी जान जोखीममे नही डाल सकती.. देखा नही डीवोर्स पेपर पहेलेसे ही रेडी रखे थे.. वो खुद डरी हुइ हे.. अब इस लडकीको भुलजा.. हम दोनो अपनी अलग दुनीया बसायेगे..
धृव : (सामने देखते) मोम.. तो फीर क्या करे..?
धृवकी मम्मी : (मुस्कुराते) हमे कोइ गलत कदम नही उठाना.. अब जो भी करुना हे.. मे करुगी.. तु बस.. देखता जा ओर मेरा साथ दे.. अगर सब सही हुआ.. तो आइ प्रोमीस.. हम दोनो जींदगी भर साथ रहेगे.. फीर मुजे ओर अेर्बोसन करजानेकी जरुरत भी नही पडेगी.. मे हमारे प्यारकी नीशानी इस दुनीयामे लाउगी..
धृव : (खुस होते बाहोमे भरते) मोम सच..? आइ लव यु..
धृवकी मम्मी : (होंठ चुमते) लव यु टु मेरी जान.. जा पहेले नीचे जाकर देखले.. वो क्या कर रही हे..?
धृव : (नीचेकी ओर जाते) मोम.. कल सुबह अेक हप्तेके लीये बोम्बे अपनी कोन्फरन्स ओर ट्रेनींगके लीये जाने वाली थी.. देखकर आता हु..
धृव दोडके नीचे जाता हे.. ओर अपने कमरेमे जाकर देखता हे.. अलमारी खुली थी.. भावीकाके सभी कपडे गायब थे.. उनके सभी पेपर गायब थे.. धृव समज गयाकी भावीकाने घर छोड दीया हे.. तभी उसे सीक्युरीटी गार्ड जो अेक बडी उमरका हे वो याद आगया.. वो जटसे वही चला गया..
धृव : (जटसे) दादा.. आपने भावीकाको देखा..? उनकी कार भी नही हे..
सीक्युरीटी : (थोडी परेसानीमे) बेटा क्या हुआ..? बहु रानी तो चली गइ.. कहेती थी बहारगांव जाना हे..
धृव : साथमे कोइ सामान था..?
सीक्युरीटी : (सामने देखते) हां बेटा.. दो बडे बडे सुटकेश थे.. मेने खुद अपने हाथोसे कारमे रखवाये.. आज कार भी उन्होने बहार रखी थी.. अंदर रखनेको कहा.. तो कहाकी अभी देर रात नीकलना हे..
धृव : (वापस आते) ठीक हे दादा.. आप ध्यान रखीये..
कहेते धृव वापस अपने रुममे चला गया.. इस बार सब अलमारी चेक करने लगा.. भावीकाका अेक भी सामान नही था.. वो धृवकी सभी गीफ्ट ओर उनके दीये गहेने भी वही छोडके गइ थी.. ससुरलाका अेक भी सामान नही लीया था.. तो धृव वापस अपनी मम्मीके पास चला गया..








