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- Dec 5, 2013
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धृव : (मुस्कुराते) दीदी.. आप मेरे दोस्त लखनको जानती हेनां..?
पुजा : (मुस्कुराते) हां बहुत अच्छी तराह.. पापाके दोस्तका लडका हे.. वो अेक रोयल फेमीलीसे बीलोन्ग करता हे.. ओर तेरा दोस्त भी हे.. कइ बार हमारे घरपे आचुका हे.. तो लखनका क्या..?
धृव : (सरमाते धीरेसे मुस्कुराते) दीदी.. उनकी अेक बहेन भी हे.. पुनम नाम हे उनका.. जो हमारे स्कुलमे ही पढती हे.. दरसल.. वो.. मीन्स.. लखन भैया अपनी ही बहेनको प्यार करते हे..
पुजा : (कोल्डड्रीन्क्स पीते रुकते आस्चर्यसे) व्होट..? अपनी सगी बहेनको..? मगर ये कैसे हो सकता हे..?
धृव : (मुस्कुराते) दीदी.. हो सकता हे.. सीर्फ इतना ही नही.. उनके खानदानमे पीछली कइ पीढीयोसे सबलोग उनकी बहेनसे ही सादी करते आये हे.. मानोना.. उनके खानदानकी ये परंपरा हे.. तो मुजे भी आपका खयाल आया.. ओर मेभी आपको अपनी मासुकाकी नजरसे देखने लगा.. तो मुजे आपमे दुनीयाकी सबसे खुबसुरत लडकी नजर आइ.. ओर मे आपसे प्यार करने लगा.. इसीलीये ये सब नाटक कीया.. दीदी.. आइ लव यु..
पुजा : (अपना सर पकडपे) ओह गोड.. मेरे भाइ ये नही हो सकता.. मे तेरी सगी बहेन हु.. ओर भाइ बहेन बीचमे ये सब नही होता.. तु अपने दिमागसे ये गंदा खयाल नीकालदे..
धृव : (आंख गीली करते) दीदी.. पता हे मुजे.. हमारा समाज अैसे रीस्तोको कभी स्वीकार नही करता.. लेकीन ये सच हे.. मे आपसे सचमे प्यार करने लगा हु.. मेने अपने दिलको समजानेकी बहुत कोसीसकीे लेकीन साला ये दिल हेकी मानता ही नही.. दीदी.. मेरा प्यार कबुल करलो.. प्लीज.. वरना मे जी नही पाउगा..
पुजा : (अपना चहेरा हाथोमे छुपाते) भाइ.. भाइ.. मे तुम्हे कैसे समजाउ..? ये तुमने मुजे कैसी उलजनमे डालदी.. मेरी तो कुछ समजमे नही आ रहा.. ये नही हो सकता..
धृव : (हाथ थामते) दी.. मे समजाता हु.. भुल जाओ मे आपका भाइ हु.. मुजे अेक लडकेकी नजरसे देखो.. मानलो मे आपका बोय फ्रेन्ड हु.. सारी उलजन खतम होजायेगी.. मे वादा करता हु.. मे सारी अयासीया छोड दुगा..
पुजा : (अपना सर पकडते) भाइ.. भाइ.. मे तुजे कैसे समजाउ.. ये गलत हे..
धृव : (हाथ थामते) दीदी अगर ये गलत होता तो लखनके खानदानमे अैसी परंपरा क्यु हे..?
अब कोल्डड्रीन्क्सने अपना असर दीखाना सुरु करदीया था.. ओर उनकी बहेनके उपर धीरे धीरे वासना हावी होने लगी थी.. जो इतनी देरतक धृव उनको मनाता रहा तब वो भाइ बहेनका हवाला देते उनके साथ रीलेशन बनानेको मानती नही थी..
ओर गोलीका असर होते ही उनका वीरोध कम होने लगा.. आखीर कामोतेजक गोलीकी वजहसे वो बहुत ही उतेजीत हो चुकी थी.. उनकी चुत फडफडाने लगी.. ओर पुजा अपने भाइको अेक लडकेकी नजरसे देखने लगी.. ओर आखीर धृवके साथ रीलेशन बनानेको तैयार होगइ..
धृव : (इमोस्नल ब्लेकमेइल करते) दीदी.. प्लीज.. करलोना मेरा प्यार कबुल.. वरना मे आपके बीना जी नही पाउगा.. मे सचमे मर जाउगा..
पुजा : (प्यारसे देखते धीरेसे) भाइ.. तुम समजते क्यु नही..? हम समाजको क्या कहेगे..? समाजकी छोडो.. हम हमारे मम्मी पापाको क्या जवाब देगे..? अगर कीसीको पता चलानां तो हमारी नाक कट जायेगी.. ये आपने कभी सोचा हे..?
धृव : (पैरके पास बैठते) दीदी.. मेने सब सोचलीया हे.. हम कीसीको बतायेगे ही नही.. घरपे भी नही.. सबके सामने हम भाइ बहेन ही रहेगे.. दीदी.. मे आपसे सादी करनेके लीये भी तैयार हु.. हम हमारा प्यार सबसे छुपायेगे.. मे वादा करता हु.. आपका साथ जींदगी भर नीभाउगा.. चाहे कुछ भी होजाये.. मम्मी पापाकी कसम..
पुजा : (थोडी परेसान होते) भाइ.. अेक पल तो मानलो.. मे आपसे प्यार भी करने लगु.. लेकीन हमारी सादी नही हो सकती.. अगर हमारे मम्मी पापाको पता चलेगा तो वोतो हम दोनोको मार ही डालेगे..
धृव : ठीक हे दीदी.. हम सादी नही कर सकते.. मगर प्यारतो कर सकते हेनां.. मेरा यकीन मानो.. मे सचमे आपसे प्यार करता हु.. ओर वो प्यार नही.. जो मे ओर लडकीओके साथ करता था.. सच्चा प्यार.. जो मे जींदगी भर आपका साथ नीभाउगा.. फीर चाहे मेरी सादी होजाये या फीर आपकी.. मे आपसे प्यार करता रहुगा..
पुजा : (प्यारसे आंखोमे देखते) भाइ.. इतना प्यार करते हो मुजसे..? कही मुजे मजधारमे छोड दीया तो..?
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. तब मुजे जहेर देकर मार देना.. या फीर मे सुसाइड कर लुगा.. लेकीन आपको नही छोडुगा..
पुजा : (खडी होकर कंधेसे पकडकर खडा करते बाहोमे भीचते) भाइ.. मत करो मरनेकी बात.. मुजे आपपे पुरा भरोसा हे.. की आप मेरा साथ मरते दम तक नीभायेगे.. भाइ.. मुजे आपका प्यार कबुल हे.. आइ लव यु सो मच.. बस.. देखना हमारे रीस्तेके बारेमे कभी मम्मी पापाको पता ना चले.. मे दुनीयासे तो लड जाउगी.. मगर अपनोसे नही.. भाइ.. अपनालो मुजे.. आजसे ये पुजा आपकी होगइ.. बस..?
कहेते पुजा धृवके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगी.. धृवको यकीन ही नही हो रहा थाकी उनकी बहेनने उनका प्यार कबुल करलीया हे.. दोनो अेक दुसरेके चहेरेको चुमते रहे.. ओर धृवो पुजाका चहेरा अपने हाथोमे थाम लीया.. ओर उनकी आंखोमे देखने लगा तो पुजा बहुत सरमाइ.. ओर अपनी नजरे जुकाली.. धृवने धीरेसे अपने होठोको पुजाके होठोपे रख दीया.. तो पुजा सरसे पांव तक हील गइ..

पुजा : (मुस्कुराते) हां बहुत अच्छी तराह.. पापाके दोस्तका लडका हे.. वो अेक रोयल फेमीलीसे बीलोन्ग करता हे.. ओर तेरा दोस्त भी हे.. कइ बार हमारे घरपे आचुका हे.. तो लखनका क्या..?
धृव : (सरमाते धीरेसे मुस्कुराते) दीदी.. उनकी अेक बहेन भी हे.. पुनम नाम हे उनका.. जो हमारे स्कुलमे ही पढती हे.. दरसल.. वो.. मीन्स.. लखन भैया अपनी ही बहेनको प्यार करते हे..
पुजा : (कोल्डड्रीन्क्स पीते रुकते आस्चर्यसे) व्होट..? अपनी सगी बहेनको..? मगर ये कैसे हो सकता हे..?
धृव : (मुस्कुराते) दीदी.. हो सकता हे.. सीर्फ इतना ही नही.. उनके खानदानमे पीछली कइ पीढीयोसे सबलोग उनकी बहेनसे ही सादी करते आये हे.. मानोना.. उनके खानदानकी ये परंपरा हे.. तो मुजे भी आपका खयाल आया.. ओर मेभी आपको अपनी मासुकाकी नजरसे देखने लगा.. तो मुजे आपमे दुनीयाकी सबसे खुबसुरत लडकी नजर आइ.. ओर मे आपसे प्यार करने लगा.. इसीलीये ये सब नाटक कीया.. दीदी.. आइ लव यु..
पुजा : (अपना सर पकडपे) ओह गोड.. मेरे भाइ ये नही हो सकता.. मे तेरी सगी बहेन हु.. ओर भाइ बहेन बीचमे ये सब नही होता.. तु अपने दिमागसे ये गंदा खयाल नीकालदे..
धृव : (आंख गीली करते) दीदी.. पता हे मुजे.. हमारा समाज अैसे रीस्तोको कभी स्वीकार नही करता.. लेकीन ये सच हे.. मे आपसे सचमे प्यार करने लगा हु.. मेने अपने दिलको समजानेकी बहुत कोसीसकीे लेकीन साला ये दिल हेकी मानता ही नही.. दीदी.. मेरा प्यार कबुल करलो.. प्लीज.. वरना मे जी नही पाउगा..
पुजा : (अपना चहेरा हाथोमे छुपाते) भाइ.. भाइ.. मे तुम्हे कैसे समजाउ..? ये तुमने मुजे कैसी उलजनमे डालदी.. मेरी तो कुछ समजमे नही आ रहा.. ये नही हो सकता..
धृव : (हाथ थामते) दी.. मे समजाता हु.. भुल जाओ मे आपका भाइ हु.. मुजे अेक लडकेकी नजरसे देखो.. मानलो मे आपका बोय फ्रेन्ड हु.. सारी उलजन खतम होजायेगी.. मे वादा करता हु.. मे सारी अयासीया छोड दुगा..
पुजा : (अपना सर पकडते) भाइ.. भाइ.. मे तुजे कैसे समजाउ.. ये गलत हे..
धृव : (हाथ थामते) दीदी अगर ये गलत होता तो लखनके खानदानमे अैसी परंपरा क्यु हे..?
अब कोल्डड्रीन्क्सने अपना असर दीखाना सुरु करदीया था.. ओर उनकी बहेनके उपर धीरे धीरे वासना हावी होने लगी थी.. जो इतनी देरतक धृव उनको मनाता रहा तब वो भाइ बहेनका हवाला देते उनके साथ रीलेशन बनानेको मानती नही थी..
ओर गोलीका असर होते ही उनका वीरोध कम होने लगा.. आखीर कामोतेजक गोलीकी वजहसे वो बहुत ही उतेजीत हो चुकी थी.. उनकी चुत फडफडाने लगी.. ओर पुजा अपने भाइको अेक लडकेकी नजरसे देखने लगी.. ओर आखीर धृवके साथ रीलेशन बनानेको तैयार होगइ..
धृव : (इमोस्नल ब्लेकमेइल करते) दीदी.. प्लीज.. करलोना मेरा प्यार कबुल.. वरना मे आपके बीना जी नही पाउगा.. मे सचमे मर जाउगा..
पुजा : (प्यारसे देखते धीरेसे) भाइ.. तुम समजते क्यु नही..? हम समाजको क्या कहेगे..? समाजकी छोडो.. हम हमारे मम्मी पापाको क्या जवाब देगे..? अगर कीसीको पता चलानां तो हमारी नाक कट जायेगी.. ये आपने कभी सोचा हे..?
धृव : (पैरके पास बैठते) दीदी.. मेने सब सोचलीया हे.. हम कीसीको बतायेगे ही नही.. घरपे भी नही.. सबके सामने हम भाइ बहेन ही रहेगे.. दीदी.. मे आपसे सादी करनेके लीये भी तैयार हु.. हम हमारा प्यार सबसे छुपायेगे.. मे वादा करता हु.. आपका साथ जींदगी भर नीभाउगा.. चाहे कुछ भी होजाये.. मम्मी पापाकी कसम..
पुजा : (थोडी परेसान होते) भाइ.. अेक पल तो मानलो.. मे आपसे प्यार भी करने लगु.. लेकीन हमारी सादी नही हो सकती.. अगर हमारे मम्मी पापाको पता चलेगा तो वोतो हम दोनोको मार ही डालेगे..
धृव : ठीक हे दीदी.. हम सादी नही कर सकते.. मगर प्यारतो कर सकते हेनां.. मेरा यकीन मानो.. मे सचमे आपसे प्यार करता हु.. ओर वो प्यार नही.. जो मे ओर लडकीओके साथ करता था.. सच्चा प्यार.. जो मे जींदगी भर आपका साथ नीभाउगा.. फीर चाहे मेरी सादी होजाये या फीर आपकी.. मे आपसे प्यार करता रहुगा..
पुजा : (प्यारसे आंखोमे देखते) भाइ.. इतना प्यार करते हो मुजसे..? कही मुजे मजधारमे छोड दीया तो..?
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. तब मुजे जहेर देकर मार देना.. या फीर मे सुसाइड कर लुगा.. लेकीन आपको नही छोडुगा..
पुजा : (खडी होकर कंधेसे पकडकर खडा करते बाहोमे भीचते) भाइ.. मत करो मरनेकी बात.. मुजे आपपे पुरा भरोसा हे.. की आप मेरा साथ मरते दम तक नीभायेगे.. भाइ.. मुजे आपका प्यार कबुल हे.. आइ लव यु सो मच.. बस.. देखना हमारे रीस्तेके बारेमे कभी मम्मी पापाको पता ना चले.. मे दुनीयासे तो लड जाउगी.. मगर अपनोसे नही.. भाइ.. अपनालो मुजे.. आजसे ये पुजा आपकी होगइ.. बस..?
कहेते पुजा धृवके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगी.. धृवको यकीन ही नही हो रहा थाकी उनकी बहेनने उनका प्यार कबुल करलीया हे.. दोनो अेक दुसरेके चहेरेको चुमते रहे.. ओर धृवो पुजाका चहेरा अपने हाथोमे थाम लीया.. ओर उनकी आंखोमे देखने लगा तो पुजा बहुत सरमाइ.. ओर अपनी नजरे जुकाली.. धृवने धीरेसे अपने होठोको पुजाके होठोपे रख दीया.. तो पुजा सरसे पांव तक हील गइ..












