रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - १४२/१
तब धिरेन खुस होते बहार नीकल गया ओर गाना गुनगुनाते अपनी बाइक लेकर होस्टेलकी ओर नीकल गया.. तो वहा पहेलेसे ही नीलम धिरेनके इन्तेजारमे इधर उधर टहेल रही थी.. आज उसने रीसेसके बाद स्कुलमे बंक मारलीया था.. तभी धिरेन वहा पहोंच गया.. तो वहाकी हेडनेभी उनको पहेचान लीया.. ओर उसने नीलमको नीचे बुला लीया.. फीर हेडसे बात करके नीलमको लेकर होस्टेलसे बहार आगया....अब आगे
धिरेन : (हसते) हां तो रानीसाहीबा.. कहो पहेले कीधर जाना हे.. हें..हें..हें.. आज इन कपडोमे क्या मस्त लग रही हे..
नीलम : (सरमाते हसते) थेन्क्स.. कल आपहीने दिलवाये हे.. तो आज पहेन लीया.. हें..हें..हें..
धिरेन : (बाइक स्टार्ट करते धीरेसे मुह पीछे करते) मेनेतो ओरभी कपडे दीलवाये हे.. तो क्या आज वोभी पहेना हे.. हें..हें..हें..
नीलम : (सर्मसार होते अेक पीठमे मुका मारते) मुजे नही पता.. आप बहुत गंदे हो.. नही बताना मुजे.. अब चुपचाप चलीये..
धिरेन : (हसते) हंम चल ठीक हे.. वैसे मेतो कीसीभी तराह उसे देख ही लुगा.. बोल पहेले कीधर चलना हे..?
नीलम : (मुस्कुराते) अरे मुजे क्या पता..? मेने यहा थोडीना कुछ देखा हे.. जहा आपका मन करे लेलो.. अगर कोइ गार्डन जैसा हो.. ओर वहा बहुत कम लोग हो.. फीर हम फील्म देखने चले जायेगे..
धिरेन : (हसते) नीलु.. आजतो तेरी मेट्रन कुछ नही बोली..? क्या तुमने उसे घर जानेकी बात करली..? वो तुजे परेसान तो नही करती..?
नीलम : (सरमाते हसते) नही.. मेने कलही उनको बोल दियाथा की जीजाजी मुजे लेने आयेगे.. ओर वो पुनमदीदीकी पहेचान वाली हे.. तो घर जानेकी बातभी करली हे.. आप फीकर मत करो..
धिरेन : नीलु.. अब जबभी तुम मेरे साथ बहार नीकलो.. अपना मुह अपने दुपटेसे ढक लीया करो.. पता नही यहा कौन हमारे पहेचान वाले मील जाये ओर हमे देखले.. तो बी केरफुल..
नीलम : (दुपटा बांधते) हंम.. अब खयाल रखुगी.. चलीयेनां.. हम वही जाकर बात करेगे..
फीर दुपटा बांधकर नीलम अेक लवरकी तराह धिरेनके पीछे उनसे चीपककर पीछे बैठ गइ.. कुछही देरमे दोनो अेक गार्डनमे चले गये.. तो वहा थोडे बहुत लोग दीखाइ दे रहेथे.. ओर वहा ज्यादातर कपलही अेक दुसरेसे चीपककर बैठे थे.. तब धिरेन ओर नीलमभी सबलोगो से थोडे दुर अेक खाली पेडके नीचे उनके पीछे जाकर बैठ गये.. तो नीलमके दिलकी धरडन थोडी तेज होगइ.. ओर वो धिरेनसे बहुत सरमाने लगी..

दोनोही अेक दुसरेके साथ सटकर बैठ गये.. तब धिरेनने नीलमकी जागपे हाथ रखदीया.. तो नीलम सरसे पांव तक हील गइ.. ओर उसने सरमाकर धिरेनके कंधेपे सर रख दीया.. तो धिरेनने उनकी कमरमे हाथ डालकर उसे ओर नजदीक अपने तनसे सटालीया.. तब नीलम बहुतही सरमाइ.. ओर वो नजरे चुराते धिरेनकी ओर देखने लगी.. तभी धिरेनने अपना मुह नीलमके मुहके पास धीरेसे लेजाते उनके होठोपे होठ रखदीया..
तो नीलमकी आंख बंध होगइ.. ओर वो धिरेनका साथ देने लगी.. जबसे धिरेनको हवेलीपे रुममे अकेली मीलीथी तबसे नीलमकी आग भडकी हुइथी.. हर दिन वो धिरेनको इमेजींग करते अपनी चुतमे उगलीया करते अपने आपको सांत करती थी.. ओर आज फीरसे नीलम ओर धिरेन अकेले मील गये नीलम धिरेनको मीलकर आज वोही प्यार पाना चाहती थी.. तो वो बहुतही अेक्साइटेड थी..
तभी उसे अपने छोटे संतरे जैसे बुब्सपे धिरेनका हाथ महेसुस हुआ.. तो नीलम कांपने लगी.. उनके दोनो उरोज सख्त होगये.. उनकी चुतमे सुरसुराहट होने लगी.. ओर उसने जोरोसे धिरेनको अपनी बाहोमे भीच लीया.. उनको समजमे नही आ रहाथा की वो क्या करे.. उनकी सांसे उखडने लगी.. जो धिरेन उनकी सासंको साफ सुन पा रहाथा.. तब धिरेन अेक बार फीर नीलमके होंठ चुमते उनके बुब्सको हल्कासा दबाते मसल दिया..
तब नीलमभी उतेजीत होने लगी.. ओर वो आधी आंद चडाते मदहोस होने लगी.. उसने अपना मुह हटाते धिरेनके कंधेपे रख लीया.. वो धिरेनको सबकुछ करने दे रहीथी.. वो चाहती थी की धिरेन आजही उनको चोदकर उनका काम तमाम करदे.. धिरेन उसे पुरी तराह मसलदे.. नीलम अपनी मम्मी रमा की तराह ही बहुत कामुक लडकी थी.. जबसे लखनने अपने दिलकी बात रमासे कही तबसे रमा भी भानु ओर लखनके बीच असंमजमे फसी हुइ थी..
लेकीन नीलमका विजन बीलकुल क्लीयर था.. वो मनसे धिरेनको पुरी तराह समर्पीत हो चुकी थी.. लेकीन अभी नीलमको अपने आने वाले भविस्यके बारेमे नही पताथा.. इधर वो धिरेनको अपना सबकुछ मान चुकीथी.. लेकीन उनकी मम्मी रमाके मनमे कोइ ओरही प्लान घुम रहा था.. वो लताकी तराह नीलमको भी लताकी सौतनके रुपमे हवेलीकी रानी बनानेका सपना देख रहीथी.. तभी धिरेनने नीलमके बुब्सको जोरोसे मसल दिया.. तो..
नीलम : (भारी सांसोसे धीरेसे) बस.. बस.. धिरे दबाओना दर्द होता हे.. धिरेन.. अभी यहा नही.. कोइ हमे देख लेगा.. चलोना हम कही ओर जाते हे.. यहा डर लग रहा हे..
धिरेन : (धीरेसे गाल चुमते) नीलु यहा कीसीसे डरनेकी जरुरत नही.. सब हमारी तराह वोही करने आये हे..
नीलम : (बाहोमे भीचते सरमाते) नही.. फीरभी यहा जाहेरमे अेक डर लग रहा हे.. कही कोइ हमे पहेचान वाले देखनाले.. कही ओर चलीयेनां..? क्या कीसी दोस्तका कोइ रुम बुम नही हे..? वहा हमे मीलनेमे आसानी रहेगी.. वहा आपको जोभी करना हे करलीजीये..
धिरेन : (मुस्कुराते) हंम.. मतलब तेरीभी बहुत मीलनेकी इच्छा हे.. हें..हें..हें..
नीलम : (अेकदम सर्मसार होते) नही नही.. वो.. वो.. उस दिन आप आग लगाकर जो गयेहो.. तबसे कही चेइनही नही मीलता.. कास उस दिन भावना मम्मी नही आती.. वरना उसी दिन हमारे बीच सबकुछ होजाता.. जानु चलोना हम कही ओर जाते हे.. जहा कोइ हमे देखता ना हो.. मुजे कुछ हो रहा हे.. क्या हम आज नही कर सकते..? हंम..?
धिरेन : (उनकी गोदमे सर रखते लेटते) नही नीलु.. बस थोडासा कंट्रोल करले.. हम दोनो जल्द ही मीलन करेगे.. वोभी अेक खास जगाहपे.. हंम.. थोडी ही देरमे हमे फील्म देखने जाना हे.. थोडी देर इधर बैठ मुजे तुमसे बात करनी हे..
नीलम : (सरमाते मुस्कुराते गाल चुमते) क्या..?
धिरेन : नीलु.. हमारे मेनेजरको अपना मकान बेचना हे.. तो मे चाहता हु तुम उसे देखले.. अगर तुजे पसंद आगया तो वो हमे लेना हे.. वो कोइ बडा मकान ले रहेहे तो बेच रहे हे..
नीलम : (सरमाते हसते) तो मुजे क्यु दीखाते हो..? अपनी बीवीको दीखादो.. वोही सब तैय करेगी..
धिरेन : (मुस्कुराते) तो उसीकोतो दीखाने ले जा रहा हु.. नीलुु.. मेरी असली बीवी तुम हो.. मुजे तुमसे जो प्यार मीला हे वो प्यार मुजे पुनो नही दे पाइ.. ओर ये मकान मे तेरे लीये ले रहा हु.. पुनोके लीये नही.. जब हमारी सादी होजायेगी तब तुजे यही रहेना हे.. मेरी बीवी बनके.. बस मेरी अेकही तम्मना हे..
नीलम : (मनमे खुस होते मुस्कुराते गाल सहेलाते) क्या..? कहो मे आपकी हर तम्मना पुरी करनेकी कोसीस करुगी.. आइ प्रोमीस..
धिरेन : (लेटेही उनकी आंखोमे देखते) नीलु.. बस प्यारमे अेक ही तम्मा बाकी रेह गइ.. मुजे पुनोसे सादीसे पहेले वो प्यार नही मीला.. जो मे चाहता था.. क्या वो प्यार तुम मुजे दोगीनां..?
नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे गरदन हांमे हीलाते) हंम.. धिरेन ये बात पहेलेही आपने मुजे कहीथी.. बस मेरा खयाल रखना.. कही मुजे मजधारमे अकेली छोडकर मत चले जाना.. वरना मे कहीकी नही रहुगी.. बस यही अेक डर सता रहा हे.. वरना मेतो कबसे आपको अपना पती मानचुकी हु.. मे सबकुछ करनेके लीये रेडी हु..
धिरेन : नीलु.. मे मांकी कसम खाते कहेता हु.. मे तुजे कभी नही छोडुगा.. बस.. तुम अच्छेसे पढले.. तेरी लास्ट अेक्जाम खतम होते ही हम सादी करलेगे.. आइ प्रोमीस.. क्या अबभी कोइ डर हे..?
नीलम : (सर्मसार होते नामे गरदन हीलाते) नही.. आप कसम मत खाओ.. मे आपकी हर तम्मना पुरी करनेकी कोसीस करुगी.. जब आप कहो.. क्या आज आपको करना हे..? तो चलीये.. मे रेडी हु..
धिरेन : (मुस्कुराते खुस होते) थेन्क्स नीलु.. बस यही बातपे मे तेरे उपर फीदा हु.. जीतनी आसानीसे तुम सबकुछ करनेको तैयार हो.. वोही बातके लीये पुनोने मुजे मना करदीयाथा.. वो हमारी सादीके बाद सबकुछ करनेको केह रहीथी.. थेन्क्स अगेइन.. मेरे प्यारमे विस्वास करनेके लीये.. नीलु.. आइ लव यु..
नीलम : (सरमाते मुस्कुराते) आइ लव यु टु.. जानु.. तो अब हम चले..? वहा टीकीटभी लेनी हे..
फीर दोनोही खडे होगये तब नीलम फीरसे दुपटेसे अपना मुह ढकने लगी.. ओर दोनो गार्डनसे बहार आगये.. नीलु धिरेनकी बातोसे बहुतही उतेजीत हो चुकीथी.. वो धिरेनको दिलोजानसे चाहने लगी थी.. लेकीन उनको पता नही थाकी उनकी चाहत प्यार नही.. उनकी उम्रकी वजहसे महज अेक वीपरीत लींगका आकर्सणकी वजहसे अेक वासना हे.. तब उनकी चुतकी दोनो नाजुक पंखुडीया फडफडाते पानीका रीसाव करने लगी थी..
नीलम अेक बहुतही कामुक लडकीथी.. तब नीलमको नही पताथा की.. उनकी आने वाली जींदगीमे उनके नसीबमे कीतने लंड लीखे थे.. अेक तरफ जल्दसे जल्द धिरेन नीलमको चोदनेकी फीराकमे था तो दुसरी ओर हमारे लखन भैया अपनी साली मानकर उनपे हक जमानेको तैयार थे.. नीलमको पानेके लीये खुद उनकी मा रमाको सेट करनेमे लगे हुअे थे.. ओर इस मामलेमे वो थोडा बहुत कामयाब भी हो गयाथा..
जबसे लखनने रमाके सामने देखना ओर उनसे बाते करना बंध करदीयाथा तबसे रमाको कही चेइनही नही मीलताथा.. वो कीसीभी हालमे लखनसे बात करना चाहती थी.. बस सीर्फ वो सही मौकेकी तलासमे थी.. तो दुसरी ओर नीलमको भी जल्द से जल्द अेक सख्त लंडकी कमी महेसुस हो रहीथी.. बस इस वक्त कोइभी आकर नीलमको थोडासा प्यारसे पटाले.. तो वो उनके नीचे लेटनेके लीये तुरंत रेडी होजाती..
दोनोही अेक अैसे थीअेटरपे चले गये जहा ज्यादा भीड नही होती.. फील्म चाहे कोइभी हो.. दोनोको ही फील्मसे कोइ मतलब नही था.. बस उनकोतो अेकांत चाहीये था.. आग दोनोकी ओरसे बराबर लग चुकीथी.. धिरेनने दो टीकीट कोर्नरकी लेली.. ओर दोनोही अंदर केन्टीनमे चले गये.. वहा दोनोने कुछ खानेको ओर ठंडा लीया.. तब पीछला सो खत्म हुआ ओर लोग बहार नीकल गये.. तब दोनोही अंदर चले गये..
अंधेरेकी वजहसे नीलमने धिरेनका हाथ थाम लीया.. ओर टीकीट दीखाइ.. तो दोनोही पछेकी ओर चले गये ओर अपनी जगाहपे बैठ गये.. वहा आजु बाजु कोइ नही था.. तो नीलमकी दिलकी धडकन अेक बार फीर बढ गइ.. पुरे थीअेटरमे पचास लोगभी नही थे.. पुरा थीअेटर खाली दीख रहाथा.. ओर जो आयेथे वो भी धिरेनकी तराह अपनी मासुकाके साथ मजे करनेके लीये आये थे..
ओर धिरेनने अपना अेक हाथ पीछे लेजाते नीलमके कंधेपे रख दीया.. ओर अपनी ओर खीच लीया तब नीलमभी सरमाते धिरेनसे सटकर बैठ गइ.. वो जींदगीमे पहेली बार अपने यारके साथ अैसे अकेली फील्म देखने आइथी.. तब उसेभी पताथा की फील्म सीर्फ अेक बहाना हे.. वो अपने यारको प्यार देनेके लीये मानसीक रुपसे अेकदम रेडीथी.. क्युकी गार्डनमे धिरेनने उनके साथ काफी छेडछाड कीथी..
तो नीलम बहुतही गरम हो चुकीथी.. तभी कुछही देरमे अंधेरा होगया.. ओर फील्म सुरु होगइ.. तो यहाभी धिरेन ओर नीलम अेक दुसरेके साथ छेडछाड करने लगे.. धिरेनने नीलमके चहेरेको अपनी ओर करदीया.. ओर अपना होंठ नीलमके होठोपे रख दीया तब नीलम बहुतही सरमाइ.. उनकी आंखोमे अेक नसा छाने लगा.. दोनोही अेक दुसरेके मुहमे जीभ डालके अेक दुसरेके मुहके रसको पीने लगे..
दोनोही मदहोस होकर सब कुछ भुल चुकेथे.. ओर प्यारका खेल खेलने लगे.. धिरेनने आहिस्तासे नीलमका टोप थोडा उपर करके अपना हाथ घुसा दीया ओर उनके संतरे जैसे बुब्सको अपने हाथोमे थाम लीया.. आज धिरेन डायरेक्ट पहेली बार नीलमके बुब्सको छु रहा था.. तो नीलमभी सीहर गइ.. उनके तनमे अेक जुनजुनाहट की लहेर दोड गइ.. ओर धिरेन उनके होठोको चुमते बुब्सको धीरेसे दबाते मसलने लगा..
तब नीलमसे बरदास्त करना मुस्कील हो गया ओर उसने बैठेही जोरोसे धिरेनको अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर दोनोही अेक दुसरेके होठोको जोरोसे चुसने लगे.. तब नीलम पुरी तराह कामाग्नीमे जलते कदहोस हो चुकीथी.. उनके उपर वासना पुरी तराह हावी हो चुकीथी.. उनकी चुतसे लगातार पानीका रीसाव होने लगा.. अचानक धिरेन नीलमके होंठ चुमते उनके टोपके बटन खोलने लगा..
तब नीलमने कोइ विरोध नही कीया.. धिरेन जोभी करता था नीलम उसे करने देती थी.. ओर धिरेनने नीलमका टोप आगेसे खुला करदीया तो नीलमके गोरे संतरे जैसे बुब्स धिरेनने दिलवाइ ट्रन्सपरन्ट ब्रामे कैद होते दीखने लगे.. ओर धिरेनने धीरेसे ब्राको थोडी उची करदी.. तब नीलमका अेक बुब्स थोडा उछलके बहार आगया तो धिरेनने उसे अपने हाथोमे थाम लीया.. फीर हल्कासा दबाकर वो बुब्सकी ओर जुक गया..
ओर अपना मुह बुब्सपे लगाके बुब्सकी नीपलको अपने हाठोसे दबाते बुब्सको मुहमे भरलीया.. आज नीलमका ये पहेला अनुभव था.. तो वो सरसे पव तक कांपने लगी.. उसने धिरेनके सरको अपने दोनो हाथोमे भीडलीया ओर बुब्सपे दबाव बनाने लगी.. तबतक धिरेन दोनो बुब्स आजाद करते उसे बारी बारी चुम रहाथा.. तो नीलम पुरी तराह मदहोस होकर आधी आंख चडाते अपने बुब्स चुसाइका मजा लेने लगी.. तब..
नीलम : (कामुक सीसकारीया करते धीरेसे कानमे) सीइइइ.. आह.. जा..नु.. आइ.. लव..यु.. मुजे.. कु..छ.. हो रहा.. हे.. जानु क्या.. कर.. दिया..आपने.. बहुत मजा.. आरहा.. हे..कुछ.. कीजीयेना.. नही रहा जाता..
धिरेन : (कामुक आवाजमे धीरेसे) हंम.. बुच.. बुच.. नीलु.. क्या करु..? हंम.. डालदु अंदर..? हंम..
नीलम : (सरमाते धीरेसे कानमे) मुजे नही पता.. लेकीन यहा..? नही नही.. कोइ देखलेगा.. चलोना कीसी होटेलपे चले जाये.. हंम.. वहा प्यार करेगे.. आपको करना हे..? हंम.. चलोना.. वही करलेना..
धिरेन : डार्लींग बस.. थोडा सबर करले.. मेभी तेरे बीना नही रेह पाउगा.. मुजेभी जल्दसे जल्द तुमसे मीलन करना हे.. बस अेक दो दिन ठहेरजा मे कुछ जुगाड करता हु.. ये सब मे आरामसे करना चाहता हु.. हमारे बीस्तरपे.. मेरे घर.. आयेगीनां वहा..? हंम..
नीलम : (सरमाते मदहोसीमे) हंम.. हा.. आउगी.. लेकीन वहा मेरी सोतन तो नही होगी..? तो कैसे..?
धिरेन : (होंठ चुमते) उनको मायके भेज दुगा.. सेटर डे सन्डे.. सीर्फ हम दोनोही होगे.. तब हमारी सुहागरात होगी.. नीलु. हमारे बेडपे तुजे कुआरी लडकीसे ओरत बनाउगा.. अेक कलीसे फुल.. हंम..? इसके लीये तुम रेडी होनां..? हंम..?
नीलम : (सरमाते धीरेसे) हंम.. हां.. मेतो अभी भी रेडी हु.. आप करलेना.. मुजेभी आपसे मीलन करनेकी बहुत जल्दी हे.. मुजे बहुत इच्छा होरही हे.. अभी कुछ कीजीयेनां.. प्लीज..
कहा तो धिरेनने अपना हाथ नीलमकी चुतपे रख दीया.. तो नीलम चेयरसेही उछल पडी.. ओर जोरोसे सीसकारीया करते धिरेनका हाथ पकड लेती हे.. ओर उनके कंधेपे सर रख देती हे.. वो कुछ भी बोल नही पाइ.. वोभी कामाग्नीमे जल रहीथी.. वो खुद मनसे चाहतीथी की धिरेन इस मामलेमे आगे बेढे.. ओर उसे आजही चोदले.. तब धिरेनने उनके लोअरमे हाथ डाल दीया..
ओर धीरे धीरे दो उंगलीयोसे नीलमकी चुतको नीकरके उपरसे ही सहेलाने लगा.. तो नीलमका पुरा नीकर गीला हो चुका था.. नीलम अभीभी धिरेनकी बाहोमे उनसे चीपककर बैठीथी.. उनका सरीर अबभी कांप रहाथा.. आज धिरेनने नीलमको पुरी तराह गरम करदीयाथा.. धिरेन अबभी उनकी चुतको सहेला रहाथा.. अगर थीयेटरमे इके दुके लोग होते तो वो आज सामनेसे धिरेनको इधरही चोदनेके लीये कहेती..
नीलम : (अपने दोनो होठ दांतोमे दबाते नजरे चुराते) अंह.. अंह.. अंह.. धि..रे..न.. आइ.. लव..यु.. बस.. बस.. मे कंट्रोल नही करपाउगी.. कुछ कीजीयेना.. आइ.. सीसससइइइइ आह.. आह.. बस.. बस..आइइइइ..
धिरेन : (कामुक आवाजमे गलेको चुमते) नीलु.. आइ लव यु टु.. मजा आ रहा हे..? हंम.. ओर करु..?
नीलम : (गलेमे मुह डालते धीरेसे) हंम.. नही पता.. लेकीन.. बहुत म..जा.. आ रहा हे.. सीइइइ.. धिरेन.. कुछ कीजीयेनां.. नही रहा जाता..
धिरेन : (धीरेसे) नीलु.. मेरी गोदमे आजा.. तेरे बुब्स बहुत अच्छे हे.. मुजे चुसना हे..
नीलम : (सरमाते धीरेसे गीडगीडाते) धिरेन.. कोइ देख लेगा.. यहीसे करलोनां.. वरना चलो कोइ होटेलमे.. वहा आरामसे करलेना.. धिरेन.. प्लीज.. मुजे बहुत इच्छा हो रही हे.. कुछ करोनां..
धिरेन : (कानकी बुट चुमते) हंम.. कोइ नही देखेगा.. सब अपनी गर्लफ्रेन्डके साथ लगे हुअे हे.. आजा..
कहातो नीलम सरमाते हुअे थोडी खडी होकर धिरेनकी गोदमे बैठ गइ ओर उनके गलेमे दोनो हाथ डालकर उनसे चीपक गइ.. तब धिरेनने उनका टोप हटा दीया.. तो धिरेनने दिलवाइ हुइ ट्रान्फरन्ट ब्रा नजर आइ.. ओर धिरेनने दोनो हाथ उनमे डालकर नीलमके दोनो बुब्स अपनी हथलीमे थामलीया.. ओर उसे जोरोसे मसलते दबाने लगा.. तब नीलम धिरेनके गलेमे मुह डालकर आंख बंध करके मदहोसीमे बैठी रही..

नीलमके दोनो बुब्स तनके कठोर होगये थे.. अब उनसे बरदास्त करना मुस्कील हो रहाथा.. ओर अपना अेक हाथ नीचेकी ओर ले गइ.. ओर पेन्टके उपरसे ही धिरेनके लंडको पकड लीया ओर मुठीमे लेकर हल्केसे मसलने लगी.. दोनोही पुरी तराह काम अग्नीमे जल रहेथे.. अब दोनोसे बरदास्त करना मुस्कील होने लगा.. ओर धिरेनने जीलमको गोदमे घुमाके उलटा बीठा दीया.. फीर अेक हाथसे बुब्सको मसलते अेक हाथ नीलमकी नीकरमे डाल दीया..

ओर धिरेनने नीलमकी चुत सहेलाते अेक उंगली नीलमकी चुतमे घुसादी.. तब नीलम उछल गइ.. ओर पीछे मुह करते धिरेनके गले लग गइ.. वो आंख बंध करते जोरोसे सीसकारीया करने लगी.. आज पहेली बार कीसी मर्दने उनकी चुतको छुआथा.. तभी धिरेन नीलमके बुब्सको मसलते उंगलीको चुतमे अंदर बहार करने लगा.. तब नीलम सातवे आसमानमे पहोंच गइ.. वो आंख बंध करके सीसकारीया करती रही..
ओर धिरेनकी अेक अेक मुवमेन्टको अेन्जोय करने लगी.. आज नीलमकी चुतमे उनके अलावा अपने यारने उंगली डालीथी.. तब नीलमका जोस कइ गुना बढ गया.. ओर उनसे बरदास्त करना मुस्कील होने लगा.. वो अपनी कमर आगे पीछे करते हीलाने लगी.. जैसे धिरेनसे चुदवा रही हो.. वो धिरेनके साथ अपनी चुदाइको इमेनींग करते धिरेनका साथ देने लगी.. नीलम जोरोसे धिरेनके होठोको चुमने लगी..
आज उसने अपनी सब सरमको त्याग दिया.. ओर धिरेनकी खुलकर साथ देने लगी.. नीलमके तनमे दोनो ओरसे हमले हो रहेथे.. धिरेनने जोरोसे बुब्सको मसलते बुब्सको लाल कर दीयाथा.. नीलम अपनी कमरको उछालती रही.. ओर अचानक नीलमकी चुतमे सुरसुराहट होने लगी.. ओर नीलम ने पीछे मुडकर जोरोसे धिरेनको अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर धिरेनके होठोसे होेठ मीलाके लीपलोक करलीया..
तभी उनकी चुतसे अेक तेजधार नीकलते धिरेनके हाथोको भीगोने लगी.. ओर कुछही देरमे नीलम जडकर सांत होकर धीरेनकी बाहोमे उनके कंधेपे सर रखके बैठी रही.. तबभी धिरेन हल्केसे नीलमके दोनो बुब्स बारी बारी मसलते नीलमके गलेको चुम रहाथा.. आज धिरेनके द्वारा उनकी पहेला स्खलन हुआथा.. फीर अपना सर थोडासा उचा करते सरमके मारे धिरेनकी ओर अपनी नजरे चुराते दखने लगी.. तब धीरेसे..
धिरेन : (मुस्कुराते) नीलु.. तेरा होगया..? हंम..? मेरा अभी बाकी हे.. तुम कुछ करोनां..?
नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे) हंम..? क्या..? जानु.. आज बहुत मजा आया.. आपनेतो मुजे जनतकी सेर करवादी.. क्या इसमे इतना अच्छा मजा आता हे..? हंम..? धिरेन.. कहीयेना मे क्या करु..? हाथसे हीलादु..? हंम..?
धिरेन : (मुस्कुराते धीरेसे कानमे) नही नीलु.. हाथसे नही.. कुछ ओर करना हे.. अपने मुहसे.. जब ये हथीयार अंदर जाता हेना..? तो इनसेभी ज्यादा मजा आता हे.. येतो कुछभी नही.. चलना.. अब मुजेभी अेक बार ठंडा करदे.. चल मे नीकालता हु..
नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे) मुहसे..? जानु.. कैसे..? आप कहोना..? मुजे नही पता..? हंम.. आप सीखादो..
धिरेन : (कानमे धीरेसे) अरे कुछ नही.. बस ब्लुजोब देना हे.. मुहमे लेकर.. धीरे धीरे चुसना हे..
नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे) हंम.. कुछ होगातो नही.. क्या मुहमे लेना हे..? हंम..? हाथसे करदु..?
धिरेन : (मुस्कुराते) हाथसे नही.. मुहसे.. पहेले थोडा जीभसे गीला करके मुहमे अंदर बहार करना हे.. चल नीचे बैठजा मे नीकालता हु..
तब धिरेनने अपना हाथ रुमालसे पोछते अपनी पेन्टकी क्लीप खोलदी.. तब नीलम धिरेसे सरकते धिरेनके दोनो पैरोके बीच नीचे घुटनोके बल बैठ गइ.. ओर नजरे चुराते धिरेनकी ओर देखने लगी.. ओर धिरेनने नीकरको थोडा नीचे करलीया तब धिरेनका लंड हवामे लहेराने लगा.. तो नीलम उसे देखकर बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर मुह दुसरी ओर करते मुस्कुराने लगी.. आज नीलमने पहेली बार कीसी मर्दका लंड इतने नजदीकसे देखाथा.. ओर नीलमने सरमाते लंडको मुठीमे पकडलीया..
धिरेन : (मुस्कुराते) नीलु.. तुजे पसंद आया..? हंम..?
नीलम : (सर्मसार होते धीरेनकी ओर कामुक नजरोसे मुस्कराते) हंम.. मेरे होने वाले पतीका हे.. बहुत अच्छा हे.. क्या इसे मुहमे लेना हे..?हंम..?
धिरेन : (हसते) हां.. पहेले इसे गीला करो.. फीर मुहमे लेलेना..
कहातो नीलम सर्मसार होते धिरेनके लंडकी ओर अपना मुह लेगइ फीर धिरेनकी ओर देखते अपनी जीभ नीकालते धिरेनके लंडको अपनी मुठीमे थामते अपनी जीभ से लंडको गीला करने लगी.. जब लंड गीला हो गया.. तब नीलमने पहेले अपने होठोसे लंडको पकडकर थोडा दबा लीया..
तो धिरेनके मुहसे सीसकारीया नीकल गइ.. ओर नीलमने धीरे धीरे करते लंडको अपने मुहमे भर लीया.. लंडमे तरल पदार्थकी वजहसे नीलमको मुहमे नमकीनसा स्वाद आने लगा.. ओर धीरेनकी ओर देखते लंडको मुहमे धीरे धीरे अंदर बहार करने लगी....
