Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती - Page 28 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती

सुधीर : भाइ.. अच्छा हुआ आज आप आगये.. वरना सुबह मुजे आपके पास आना पडता.. कल सुबह मे दो दिनके लीये बोम्बे कोन्फरन्समे जा रहा हु.. तो आप ओर चारुभाभी नीशाका खयाल रखीयेगा..

चारु : (हसते) अरे देवरजी येभी कोइ कहेनेकी बात हे.. मे हुनां.. नीशा तो मेरी छोटी बहेन ही हे.. ओर रातमेभी मे उनके पास ही रहुगी.. तो आप फीकर मत करना..

नीशा : (सबको पानी देते) सुधीर.. तुम मेरी फीकर मत करो.. भाभी हे हमारे देवरजी हे.. रश्मीभाभी वंदु सब हे.. तो यहा मुजे कोइ तकलीफ नही हे.. बस तुम अपना खयाल रखना..

सुधीर : (खुस होते) ठीक हे ठीक हे.. मेतो बस.. अ‍ैसेही केह रहा था.. नीशा आज हम सबके लीये मस्त दुध कोल्ड्रींक बनादे.. कीतने दिनोके बाद आज देवु आया हे..

नीशा : (हसते) हां वोतो मे बना दुगी.. पहेले मुजे मेरे देवरसे कुछ पुछने तो दो.. देवरजी.. सुना हे वो साहुकारके लडका लडकी दोनो ही धरसे भाग गये हे..? क्या ये सच हे..? हें..हें..हें..

सुधीर : (जोरोसे हसते) अरे तुजे इनमे इतनी बडी दिल चस्पी क्यु हे..? पहेले इनको कुछ ठंडातो पीलाओ.. फीर वो हमसे बात करेगे.. हें..हें..हें..

चारु : (हसते हुअ‍े खडी होते) हां नीशा.. चल पहेले हम दोनो इनके लीये कुछ बनाते हे.. फीर हम आरामसे बैठकर बाते करेगे.. चल..

कहेते दोनोही देवायतकी ओर कातील मुस्कान करते कीचनमे चली गइ.. तब सुधीर कीचनकी ओर देखते धीरेसे सरकके देवायतके पास आकर बैठ गया.. ओर दोनोही धीरेसे बाते करने लगे..

सुधीर : (मुस्कुराते) भाइ.. आपने सुना.. सायद कल या परसो मुना ओर बरखा उनकी मम्मीको लेकर कही मंदिरपे जाने वाले हे.. वो इस बारेमे कल आपसे बात करेगा.. कहेता था ठाकुरसाहेबने मंदिरका इन्तजाम करदीया हे..

देवायत : हा सुधीर.. मे उनको हमारे आश्रमपे भेज रहा हु.. वहा बाबा उन दोनोकी सादी करवा देगे.. ओर सुन.. इस बारेमे अभी कीसीको पता नही चलना चाहीये.. तेरी बीवीको भी नही.. मेने बाबाको सब कहे दीया हे.. वो उन दोनोकी सादी करवा देगे..

सुधीर : भाइ आप फीकर मत करो.. अ‍ैसाही होगा.. (सरमाते धीरेसे हीच कीचाते) भाइ.. अब आपसे कैसे कहु..? वो.. वो.. भाइ.. मेने ओर नीशाने कुछ मीलके तैय कीया हे.. तो आप कल आकर अ‍ेक बार नीशाको पुछलो.. वोही आपको सब कुछ बता देगी..

देवायत : (समज गया फीरभी अनजान बनते) क्या..? इसमे क्या हे.. मे अभी इसे पुछ लेता हु..

सुधीर : (जटसे धीरेसे) नही नही भाइ.. अभी नही.. वो.. इस वक्त चारुभाभी भी साथमे हे.. तो.. प्लीज.. ये बात थोडी सीक्रेट हे.. आप कल अकेले आकर नीशाको मीललो.. वोही आपको सबकुछ बतायेगी..

देवायत : सुधीर.. सच बताना क्या तुम दोनोके बीच फीर कोइ जगडा तो नही हुआ..? कोइ सीरीयस मेटर तो नही..? अभी अभी साला रमेशके घर भी वोही सब चल रहाथा..

सुधीर : (हसते) अरे नही नही भाइ.. अ‍ैसी कोइ बात नही हे.. अबतो हम दोनोकी जींदगी मस्त चल रही हे.. बस.. बाकीका आप कल नीशाको पुछलेना.. हें..हें..हें..

देवायत : चल ठीक हे.. मे कल भाभीको मील लुगा.. ओर बता.. कुछ नया जाननेको हे..?

सुधीर : (धीरेसे) भाइ.. लगता हे हमारा रमेश अबभी नही सुधरा.. उस दिन चारुभाभीने उनको कीतनी फटकार लगाइ थी.. फीरभी वो जयाभाभीके पीछे पडा हे.. पता नही जयाभाभीने उनपे क्या जादु कर दीया हे.. वो हमारे रमेशको छोडनेके लीये तैयार ही नही हे.. साली बहुतही ठरकी औरत लगती हे..

देवायत : सुधीर.. अब हमे रमेशको कुछभी कहेनेकी जरुरत नही हे.. ओर तुमभी इस बारेमे उनसे बात मत करना.. जब उनको ठोकर लगेगी तब खुद सुधर जायेगा.. अभी उसे समजानेकी कोसीस करना बेकार हे.. ओर वैसेभी हमे उन दोनोकी असलीयके बारेमे पता नही चलता तबतक हम कीसीको दोस नही दे सकते.. वरना सोचो.. जयाभाभीके इतने बडे सादीके लायक दो दो संता हे.. फीरभी वो अ‍ैसा क्यु कर रही हे.. उनका कुछतो रीजन होगा..

सुधीर : भाइ.. ठीक कहा आपने.. मे कोसीस कर चुका हु.. वो बात माननेको तैयार ही नही हे.. सुना आजभी वो दोनो सहेरमे गयेथे.. दोनोही आगे पीछे आधे घंटेके गेपमे आये हे.. साला मेरी तराह अपनी बीवीकोतो सम्हाल नही सकता.. ओर दुसरेकी औरत के पीछे पडा हे.. फीरभी आप जो कहे रहेहो उसके बारेमे पता लगाना पडेगा..

देवायत : नही सुधीर.. तुम जो समज रहेहो बात वो नही हे.. बात कुछ ओर ही हे.. हमारा रमेश नही.. खुद जयाभाभी उनके पीछे पडी हे.. लगता हे वो रमेशको ब्लेकमेइल करके उनके साथ जबरदस्तीसे रीलेशन रखती हे.. वो अ‍ैसा क्यु कर रही हे हमे उसके बारेमे पता लगाना हे.. आज चारुभाभीकी बातोसे मुजे अ‍ैसा लगा हे..

सुधीर : भाइ.. तबतो हमारा रमेश बडी मुसीबतमे फस सकता हे.. हमे कुछ करना चाहीये..

देवायत : नही सुधीर.. वो मुसीबतमे फस सकता हे नही फस चुका हे.. अब हमे ठंडे दिमागसे सोचना पडेगा की रमेशको हम कैसे बहार नीकाले.. इसके लीये हमे कुछ समयका इन्तजार करना पडेगा.. बस तुम रमेशपे थोडा ज्यादा ध्यान रखना.. ओर उनकी सब खबर मुजे देते रहेना.. मामला अपने आपही बहार आजायेगा.. ये बात तुम मुनाको भी कहेना.. वोभी उनपे ध्यान रखेगा.. वो बहुत ही होशीयार लडका हे..

सुधीर : (हसते) ठीक हे भाइ.. लगता हे मुना आपका कुछ खास आदमी होगया हे.. हें..हे..हें.. हर वक्त आपके काममेही लगा रहेता हे.. हें..हें..हें..

देवायत : हां सुधीर.. वो कुछ देरके लीये कही जाता हे तो जाने देना.. बहुत कामका आदमी हे..

दोनोही बात कर रहेथे तब चारु ओर नीशाभी कीचनमे जातेही अ‍ेक दुसरेकी बाहोमे समा गइ.. ओर चारुने धीरेसे नीशाके बुब्स दबाते उनके होंठ चुम लीये.. तब नीशा बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर सरमाते मुस्कुराने लगी.. तब चारु उनसे अलग होगइ.. ओर नीशाके दोनो हाथ पकडकर उनकी आंखोमे देखते हसने लगी.. तो नीशाने सरमके मारे पानी पानी होगइ.. ओर अपनी नजरे जुकाते मुस्कुराती रही..





चारु : नीशा.. मेरी बहेन.. अब वक्त आगया हे.. कल तुमभी हमारी टीममे सामील होजाओगी.. तुम नीचे सफाइ बफाइ करके कंपलीट रहेना.. मे देवुको लेकर आजाउगी.. कल सीर्फ तुजे ही प्यार करना हे..

नीशा : (सरमाते धीरेसे) भाभी.. आप साथमे रहेना.. मेने हमारी वंदुकी हालत देखी हे.. सुना हे इनका बहुत बडा हे.. क्या मे इसे जेल तो पाउगीनां..? रश्मी भाभी केह रहीथी.. वो हमारी चीखे नीकलवा देते हे..

चारु : (धीरेसे हसते) अरे तुम डरो मत.. मे साथ हुनां.. अ‍ैसा कुछ भी नही हे.. बस अ‍ेक बार इनका अंदर लेले.. फीरतो वो हमे जनतकी सेर करवाता हे.. जालीम बडेही जोसमे करता हे.. चीखे नीकलवाते भी हमे बहुत मजा देता हे.. उनसे अलग होनेका मनही नही करता.. बस थोडी हींमत रखना.. जब तुम उनका पहेली बार अंदर लोगीनां.. तो बस थोडा मामुली दर्द होगा.. जो हमे पहेली बार करनेमे होता हे.. ओर कुछ नही.. हम सादी सुदा औरतोको ज्यादा तकलीफ नही होती..

नीशा : (थोडा डरते) भाभी.. लेकीन मेतो अभी तक वर्जीन हु.. तो क्या मुजे ज्यादा तकलीफ नही होगी..?

चारु : (हींमत देते) अरे नही रे.. मे हुनां.. तो फीर तुम क्यु गभराती हो.. तुजे कुछ नही होगा.. चल इनके लीये कुछ बादाम अंजीर डालकर मस्त दुध बना.. ताकी कल उनमे ताकात आजाये.. हें..हें..हें..

नीशा : (सरमाकर हसते) क्या भाभी.. आपभीनां.. भाभी.. अ‍ेक बात पुछु..? आप दोनो कीतनी बार मीले हो..? आइमीन.. बीस्तरमे..

चारु : (सरमाते धीरेसे) नीशा.. हमे मीलनेके बहुत कम मौके मीलते हे.. फीरभी हम दोनोने अभी तक चारसे पांच बार मील चुके हे.. लेकीन जीतनी बार मीले मेरी जींदगीका हसीन यादगार लम्हा होजाता हे.. जालीमने मेरी हालत खराब करदेता हे.. क्या मस्त चुदाइ करता हे.. लेकीन अब फीकर नही हे.. वो वंदुसे सादी करने वाले हे.. ओर वंदु सादीके बाद भी हमारे घरपे रहेने वाली हे.. तो अब उनका हमारे घरपे आना जाना लगा रहेगा.. तो अब हमे मीलनेके बहुत मौके मीलेगे..

नीशा : (ठंडा ग्लासमे नीकालते) भाभी.. कीतना अजीब हेनां.. अ‍ेक आदमी कीतनी सारी औरतोको सम्हालके बैठा हे.. ओर अ‍ेक ये हमारे पती.. हमे ठीकसे प्यारभी नही कर पाते.. तभीतो हमे उनके पास जाना पडता हे.. चलीये.. उनको ठंडा पीला देते हे.. वरना कहेगे इतनी देर दोनो क्या कर रही हे.. हें..हें..हें..

चारु : हां चल.. (दोनो बहार ठंडा लाते) अरे.. दोनो भाइ आपसमे कबसे क्या खुसर पुसर कर रहेहो.. हमेभी बताइअ‍ेनां..

सुधीर : (हसते) अरे कुछभी नही भाभी.. बस हमतो अ‍ैसेही गांवकी बात कर रहे थे.. हें..हें..हें..

नीशा : (सबको ठंडा देते) हां तो हमेभी सुनाइअ‍ेना..

देवायत : भाभी.. वो हमारे गांवमे साहुकारके दोनो भाइके लडका लडकी भाग गये हे.. ओर उन्होने आपसमे कोर्टमे सादी भी करली हे.. रीस्तेमे दोनो ही कजीन भाइ बहेन हे.. ओर अभी मे उनके घरसे ही आया हु.. उन दोनोके मा बापने मेरे समजानेपे इस रीस्तेको मंजुर करलीया हे.. तो अ‍ेक दो दीनमे दोनो ही वापस आजायेगे तो उनके माता पीता दोनोकी सादी बडी ही धुमधामसे कर देगे ओर कुछ जानना हे..? हें..हें..हें..

नीशा : (सरमाते हसते) अरे.. आपने तो अ‍ेकही सास मे हमे सबकुछ बता दीया.. हें..हें..हें..

सुधीर : भाभी.. अबतो आये दिन हमारे ओर आजु बाजुके गांवमे आपको अ‍ैसा बहुत कुछ सुननेको ओर दिखनेको मीलेगा.. भाइ.. लगता हे आजु बाजुके गांवमे भी अ‍ैसा बहुत कुछ चल रहा हे.. अब आप जल्दीही यहा अ‍ेक होस्पीटल खुलवादो.. हें..हें..हें..

चारु : (जोरोसे हसते) देवरजी.. आपको अ‍ैसा क्यु लगता हे की आजु बाजुके गांवमेभी अ‍ैसा हो रहा हे..?

सुधीर : (हसते) भाभी.. आपतो जानती हे.. हमारे आजु बाजुके गांवमे सीर्फ मेही अ‍ेक अकेला डोक्टर हु.. तो कइ ओरते ओर कुवारी लडकीया कीसीभी बीमारीके बहाने मेरे यहा आती हे.. ओर सबसे छुपकर मुजसे प्रेगनन्सी रोकनेकी टेबलेट लेकर चली जाती हे.. क्युकी गांवकी लडकी कीसी मेडीकल स्टोरमे अ‍ैसी टेबलेट मांगने जाये तो लोगोको उनपे सक होजाता हे.. ओर वो अ‍ैसी टेबलेट मांगनेमे भी बहुतही सरमाती हे.. इसीलीये मेरे पाससे लेजाती हे.. हें..हें..हें..

चारु : (आस्चर्यसे हसते) हे भगवान.. तबतो आने वाले दिनोमे हमे क्या क्या देखनेको मीलेगा.. हें..हें..हें..

नीशा : (सरमाते धीरेसे) देवरजी.. अब आप गांवमे जल्द ही अ‍ेक बडी होस्पीटलके बारेमे सोचीये..

देवायत : (मुस्कुराते) हां भाभी.. सायद आजकल रमेश इसीके लीये सहेरका चकर काट रहा हे.. लगता हे वो जल्ही हमे खुसखुबर देगे.. की हमे होस्पीटलके लीयेभी जमीन ह मील गइ हे..

चारु : (थोडा मुह बीगाडते) हा.. आप होस्पीटलकी जमीनका इन्तजार करते रहीये.. वोतो कही ओर बंजर जमीनको हरी भरी करनेमे लगे हुअ‍े हे..

कहातो नीशा सुधीर ओर देवायत तीनोही अ‍ेक दुसरेके सामने देखकर जोरोसे हसने लगे.. तीनो ही चारुका इसारा समज गयेथे.. फीर तीनोको हसते हुअ‍े देखकर चारु भी सरमाके हसने लगी.. फीर कुछ देर बाते करके देवायत वहासे नीकलनेके लीये खडा होगया.. तो साथमे चारुभाभीभी जानेके लीये खडी होगइ.. तो नीशाने सबसे छुपकर चारुभाभीकी ओर देखते हसते हुअ‍े अ‍ेक आंख मारदी..

तो चारु बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर नीशाकी ओर बडी आंख करते सरमाकर मुस्कुराने लगी.. फीर दोनोही बहार नीकलने लगे.. तब सुधीर आगे चलने लगा.. तो नीशा जान बुजकर पीछे रेह गइ.. ओर मौका मीलते ही वो देवायतका हाथ पकडलेती हे.. ओर उनके कानके पास मुल लेजाते उनको कल रातमे आनेको कहेती हे.. तो देवायतभी उनकी ओर देखके हसने लगा.. फीर वो ओर चारु दोनोसे विदाय लेकर अपने घरकी ओर चलने लगे.. तभी....

कन्टीन्यु
 




my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
 
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - १५५

तो चारु बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर नीशाकी ओर बडी आंख करते सरमाकर मुस्कुराने लगी.. फीर दोनोही बहार नीकलने लगे.. तब सुधीर आगे चलने लगा.. तो नीशा जान बुजकर पीछे रेह गइ.. ओर मौका मीलते ही वो देवायतका हाथ पकडलेती हे.. ओर उनके कानके पास मुल लेजाते उनको कल रातमे आनेको कहेती हे.. तो देवायतभी उनकी ओर देखके हसने लगा.. फीर वो ओर चारु दोनोसे विदाय लेकर अपने घरकी ओर चलने लगे.. तभी....अब आगे

चारु : (देवायतका हाथ पकडकर चलते) जानु.. पुरा गांवमे अंधेरा हे.. कोइ नही दीखता ओर रमेशकोभी पता हे हम दोनो सुधीरभाइके यहा गये हुअ‍े हे.. तो चलीयेना कही चले जाते हे.. जबसे आपको साथ आइ हु तबसे मन कही काबुमे नही हे.. आज बहुत मन कर रहा हे..

देवायत : डार्लींग सब्रका फल मीठा होता हे.. बस कल तक इन्तजार करले.. कल नीशाके घर तुजे ओर उनको दोनोको प्यार करुगा.. ओर हां दुसरी बात.. सायद कल सुबह हमे कही जाना भी हे.. तुंम दोनो तैयार रहेना..

चारु : (सरमाते धीरेसे) जानु.. हम कल कहा जा रहे हे..? ओर कल सीर्फ आपको नीशाको प्यार देना हे.. तो फीर मे बीचमे कहा आउगी..?

देवायत : नही चारु नीशाका पहेली बार हे.. तो सायद वो मुजे कल दो से तीन बारही जेल पायेगी.. फीर हम दोनोके पास पुरी रात होगी.. कल मे मेरी इस बीवीको खुब प्यार करुगा.. कल तेरी सारी कशर पुरी कर दुगा.. क्या पता सायद कल हम दोनोकी भी सुहागरात होजाये..

चारु : (देवायतकी ओर सरमाते देखते) जानु.. क्या कल आप ओर वंदु सादी कर रहे हे..?

देवायत : (कमरमे हाथ डालकर खीचते) नही चारु.. मेने वंदनासे पहेले तुमसे सादीका वादा कीयाथा.. कल हम दोनो अ‍ेक मंदिरमे जाकर गांधर्व सादी कर रहे हे.. क्युकी मुजे तेरे बारेमे बहुत कुछ पता चल गया हे.. मे कल तुजे सुबह फोन करुगा.. तुम सीर्फ नीशाको लेकर आजाना.. हम दोपहर तक वापस आजायेगे..

चारु : (गलीमे ही देवायतको जोरोसे बाहोमे भीचते) देवु.. आइ लव यु.. आइ लव यु सो मच.. मुजे नही पताथा की आप हमे इतना चाहते हे.. मे हमेसाके लीये आपकी हो जाना चाहती हु.. बस मुजे अपना लीजीये.. कल रमेश चला जायेगा तब मे रेडी रहुगी.. आप फोन करना..

देवायत : हां चारु.. अब तुम ओर वंदना दोनोही मेरी बीवी बनके तुम्हारे घरपेही रहोगी.. मे वहा आता जाता रहुगा.. बस अब वक्त आगया हे जो बहुत कुछ बदलने वाला हे..

चारु : (सामने देखकर) देवु.. जबसे मेने जयाभाभीसे बात कीहे.. तबसे ही मुजे कुछ कुछ अंदाजा होगया हे.. की आगे जाकर ना जाने क्या क्या होगा.. हो सकता हे रमेश हमसे अलग होजाये..

देवायत : चारु.. अभी इतनी दुर तक सोचनेका वक्त नही हे.. बस.. हमे कुछ वक्त इन्तजार करना चाहीये..

चारु : (देवायतको अ‍ेक सुमसान जगाहकी ओर खीचते) जानु चलोनां.. सीर्फ अ‍ेक बार.. मुजसे रहा नही जाता.. बस अ‍ेक बार.. मुजे आज मेरे इस पतीको खुब प्यार करना हे.. लेकीन अभी वक्त नही हे.. तो मुजे सीर्फ अ‍ेक बार ठंडी कर दीजीये.. फीर मुजे आप मेरे घर छोड देना..

देवायत : नही चारु यहा जोखीम हे.. हमे कोइभी देख सकता हे.. तो हम तुम्हारे घरपेही चलते हे.. वेसेभी रमेश सो गया होगा.. तो घरही चल..

चारु : (हाथ पकडते जटसे चलते) ठीक हे जानु.. आप दरवाजेपे खडे रहेना मे घरमे देखकर आती हु.. अगर रमेश हमारे बेडरुममे सोगया हे तो हम वंदनाके रुममे चले जायेगे.. फीर आप मुजे अ‍ेक बार ठंडी करके चले जाना.. अब मुजसे रहा नही जाता..

देवायत : (सरारतसे हसते धीरेसे) तो फीर अपने पतीके पासही सोजाओ.. उनसे करवा लेना.. हें..हें..हें..

चारु : (देवायतको पीठमे अ‍ेक मुका मारते) आप उस कमीनेका नामभी मत लो.. अब मेरा उनके साथ कोइ लेना देना नही हे.. आज अगर वो हमे देखभी ले.. फीर भी मुजे उनकी कोइ परवा नही.. चलो..

चारु बहुतही कामी औरत थी.. वो देवायतको लगभग हाथ पकडके घसीटते अपने घरपे ले गइ.. ओर देवायतको दरवाजेके अंदर ही रोक लीया.. ओर वो धीरेसे दरवाजा खोलकर अंदर चली गइ.. अंदर जाकर देखातो उनका पती रमेश घोडे बेचकर अपने बेडरुममे खर्राटा मारके गहेरी नींद सो रहाथा.. तो चारु उनको देखकर मुस्कुराइ.. फीर खुस होते बहारसेही अपने बेडरुमको धीरेसे लोक करदीया..

ओर जटसे बहार आकर देवायतका हाथ पकडके सीधेही होलमे आगइ.. ओर उनकाभी दरवाजा लोक करके देवायतको लेकर वंदनाके रुममे चली गइ.. तब देवायत चारुकी ठरक देकर मुस्कुराता ही रहा.. ओर जैसेही दोनो वंदनाके रुममे आगये तो चारु फटाफट अपने सब कपडे नीकालने लगी.. ओर देवायतके कपडेभी नीकाल दीये.. ओर देवायतको बेडपे लेजाकर अपने दोनो पैर फैलाकर लेट गइ.. तो देवायत चारुके उपर चडके जुक गया..

चारु : (जोरोसे बाहोमे भीचते होठ चुमते) जानु.. देर मत करो.. पहेले इसे अंदर घुसादो.. कीतने दिन होगये हमने नही कीया.. आप अपने हथीयारको अंदर डालदो.. मुजसे रहा नही जाता..

कहेतेही चारुने देवायतका तगडे लंडको अपनी मुठीमे पकड लीया.. ओर अपनी चुतपे घीसने लगी.. चारुकी चुतसे लगातार पानी छोड रहीथी.. तो कुछही देरमे पुरा लंड गीला होगया.. तो चारुने उसे अपनी चुतके लव होलमे दबाकर फसा दीया.. ओर देवायतके गालेमे दोनो हाथ डालके उनको जोरोसे बाहोमे भीचने लगी.. तभी देवायतनेभी चारुके होठोको लीपलोक करते अपनी कमरको जटका दीया..





तो देवायतका लंड चारुकी चुतमे धुस गया तो थोडी देरके लीये चारु मुह बीगाडते छटपटाने लगी.. ओर देवायतने लीपलोक छोडदीया ओर हाथके बल उचा होकर चारुको जोरोसे कमर हीलाते चोदने लगा.. तो चारु अपनी इतनी जबरदस्त चुदाइसे सीथील होगइ.. उनका मुह खुलाही रेह गया.. ओर वो देवायतके जबरदस्त सोटको जेलती रही.. देवायत उनको इतनी जोरोसे चोद रहा था.. की वो देखते ही रेह गइ..

चारुकी चुतमे दर्द होने लगा.. वो जानतीथी की आज वो देवायतको जबरदस्तीसे अपने घरपे लेगइ हे.. तो देवायत उनको छोडने वाला नही हे.. वैसेभी देवायतके लंडको जेलना इतना आसान नही हे.. ओर वो मनही मन देवायतको जल्दीसे जड जानेकी प्रार्थना करने लगी.. पता नही आज देवायतने अ‍ेकही बारमे चारुकी हालत कैसे खराब करदी.. वो चारुको बडेही जोरसे बेह रेहमीसे चोद रहाथा..





अबतक चारु दो बार जड चुकीथी.. वो सीथील होकर देवायतसे जबदस्त तरीकेसे चुदवा रहीथी.. ओर देवायतके जडनेका इन्तजार कर रहीथी.. जब देवायत छुटनेको आया.. ओर वो हाथोके बल उचा होते जोरोसे अपनी कमर हीलाते चारुको चोदने लगा.. तो चारु दर्दसे तील मीलाने लगी.. वो अपने मुहपे हाथ रखते धीरेसे चीलाने लगी.. तभी उसे अपनी बच्चीदानीमे गरम गरम महेसुस होने लगा.. तो वो समज गइ की देवु जड रहा हे..

तो चारुभी कांपने लगी.. ओर उनकी चुतसेभी अ‍ेक फवारा नीकल गया.. ओर देवायतके पुरे लंडको भीगोने लगा.. जब देवायत जड गया तो थोडी देर अ‍ैसेही रहेते अ‍ेकही जटकेमे अपने लंडको बहार नीकाल देता हे जीनकी वजहसे चारुको अपनी चुतमे दर्दसे जटका लगा.. ओर वो मुह बीगाडते करवट लेते अपनी चुतके दर्दको जेलने लगी.. तबतक देवायत अपने लंडको साफ करते कपडे पहेनने लगा..





ओर चारु उनसे कुछ कहे इनसे पहेलेही देवायत वहासे नीकल गया.. तो चारु अबभी दर्दके मारे मुह बीगाडते बेडपे इधर उधर करवटे ले रहीथी.. फीर काफी देरके बाद उनको कुछ राहत महेसुस हुइ.. तो वो बेडपे थोडी देर अ‍ैसेही पडी रही.. फीर धीरेसे बैठ गइ.. ओर अपनी चुतको अपने नीकरसे साफ करने लगी.. लेकीन तबतक बेडपे दोनोका कामरस गीरके फैल चुकाथा.. ओर चारु बेडसे उतर गइ..

ओर दरवाजा बंध करने होलमे जाने लगी.. तो वो दर्दके मारे वापस बैठ गइ.. ओर मनही मन उनकी इतनी बेदर्दीसे चुदाइके कारण देवायतको मनमे गालीया देने लगी.. फीर महा मुस्कीलसे लंगडाते चलते दरवाजा बंध करके वंदनाके रुममे वापस आकर सोगइ..आज देवायतने वाकइ चारुकी हालत बीगाडदी थी.. चारुका अ‍ेक अ‍ेक अंग दर्द कर रहाथा.. लेकीन वो पुरी तराह संतुस्ट हो चुकीथी..
 
इधर हवेलीपे लखनके रुममे लखन ओर रजीया दोनोही अपनी चुदाइमे मसगुल थे.. तो नीचे देवायतके रुममे सृती सो रहीथी.. तब देर रात पुनमभी उनके रुममे आगइ.. फीर दोनोही देवायतका इन्तजार करते लेस्बीयन खेलने लगी.. दोनोही अ‍ेक बारतो अ‍ेक दुसरेको ठंडी करते आराम करने लगी फीरभी देवायतको आनेमे देर होगइ.. तो दोनो ही देवायतको गालीया देने लगी..





जब देर रात देवायत अपने रुमपे आयातो दोनोही उनको मारनेके लीये दोड पडी ओर थोडी देर रुममे धमाल होती रही.. फीर देवायत बाथरुममे नहानेके लीये चला गया.. ओर जैसेही नहाकर बहार नीकला तब दोनोही देवायतके उपर टुट पडी.. देवायत पुरी रात सृती ओर अपनी बहेन पुनमको बारी बारी चोदता रहा.. ओर सुबह तक चोद चोदके दोनोकी हालत पतली करदी.. सृती ओर पुनम दोनोही लंगडाते चलने लगी.. फीर तीनोही साथमे सावर लेकर नंगेही अ‍ेक दुसरेके साथ चीपककर सोगये..

आजतो देवायत सुबहसे लेकर रात तक कीसीना कीसीको चोदता ही रहा.. फीरभी उनको थकान महेसुस नही होतीथी.. ये सब बाबाकी जडी बुटीका कमाल था.. तो दुसरी ओर आज रात रमाका मुड ठीक नही था.. तो उसनेभी भानुको छुने नही दिया.. ओर अ‍ैसेही लखनकी यादमे आंसु बहाते सोगइ.. तो लताभी देवायतको याद करके अपनी चुतमे उगली करती हे.. ओर जब जड गइतो मुस्कुराते देवायतके बारेमे सोचते सोगइ..

आजकी रात वाकइ कयामतकी रात थी.. हर रातसे थोडी अलग रात थी.. सबके दिलो दिमागमे प्यार परवानेपे था.. सबके दिलो मिागमे वासना पुरी तराह हावी हो चुकी थी.. सबके सब अपने यार या मासुकाके साथ चुदाइ करवाके सोये हुअ‍े थे.. तब इस गांवसे दुर आज धिरेनके घरपे अ‍ेक अलग ही सुहागरात होने जा रही थी.. लेकीन आइअ‍े इनसे पहेले जानते हे की राजीवके घरपे आज रात क्या हुआ..

आज जबसे मंजु देवायतको जाते वक्त मीली.. तबसे उनकी ठरकभी बढ गइथी.. तो वो चंदा ओर भावनाकी ओर वासना भरी नजरोसे देखती रही.. तब अ‍ेक बारतो चंदानेभी सरमाके मंजुकी पीठमे मुका मार दीया.. तो भावना हसने लगी.. तो दुसरी ओर आज राजीव सामको सभी लोग चाइ नामस्ता कर रहेथे तबसे ही नीर्मलाको छेड रहाथा.. तो नीर्मलाभी बहुतही सर्मसार हो रही थी..

उनकोभी पता था आज उनको राजीव छोडने वााला नही हे.. तो दुसरी ओर आज दिनमे आते वक्त भुमीकाको देवायतने बडे ही बेह रेहमीसे जंगलमे चोद लीयाथा तो आज वो आराम करना चाहती थी.. ओर रातका डीनर खतम होतेही वो अपने रुममे जाकर सो गइ.. तो भावना चंदानेभी सब का नीपटा लीया.. तब तक राजीव नीर्मला ओर मंजु आपसमे बाते करते रहे.. ओर बच्चोके साथ खेलते रहे..

मंजुका बेटा विजय अब चार महीनेका हो चुकाथा.. इतना छोटे होनेके बावजुदभी बहुतही स्मार्ट लग रहाथा.. मंजु उनको दुध पीलाते सोचने लगती.. की मेरा बेटा वीजय अभी मेरा दुध पी रहा हे.. जब बडा होजायेगा तब यही विजय मेरे दुसरे जन्ममे इस दुधुके साथ खेलते मेरी चुतकी धजीया उडायेगा.. वही सब सोचते मंजु बहुतही अक्साइटेड हो रहीथी.. तभी चंदा ओर भावना सब काम नीपटाकर बच्चोको लेने आगइ.. ओर लेकर उपरकी मंजीलपे अपने रुममे चली गइ..

तब मंजुने घरके सभी दरवाजे अच्छेसे बंध करदीया तब राजीव ओर नीर्मलाभी मंजुको गुडनाइट कहेते अपने रुममे जाने लगे.. ओर मंजुने सब लाइट बंध करदी.. फीर वोभी उपरकी मंजीलपे अपने रुममे चली गइ.. क्युकी आज भुमीका आइथी तो उनको नीचेका दुसरा रुम भुमीकाको सोनेके लीये दे दीया था.. ओर तीनो उपरकी मंजीलपे चली गइ.. ओर अ‍ेकही रुममे तीन बेड कर दीया..
 
मंजु उपर गइ तब भावना अपनी बच्चीको दुध पीला रही थी.. तो चंदा विजय सो गयाथा तो उनको जुलेमे डाल रहीथी.. तभी मंजु दरवाजा बंध करके आइ ओर हसते हुअ‍े चंदापे टुट पडी.. तो चंदा जोरोसे हसते मंजुकी बाहोसे छुटनेकी नाकाम कोसीस करती रही.. ओर मंजुने चंदाके दोनो बुब्सको अपने हाथोमे थाम लीया.. तब भावना अपनी बच्चीको दुध पीलाते दोनोकी ओर देखते जोरोसे हस रहीथी.. तभी..

चंदा : (भावनाकी ओर देखते) कमीनी तु क्या हस रही हे.. आजा.. तेरी बहेनसे बचा मुजे.. कमीनी आजतो मेरा बलात्कार ही कर देगी.. जबसे देवु गयाहे तबसे मुजे घुर रहीथी.. ठरकी कहीकी.. हें..हें..हें..

मंजुला : (हसते) भावु तु आज बीचमे मत आना.. आजतो मौसी गइ कामसे.. कमीनी क्या फटाका बनके घुम रही हे.. मे खुद अपने आपपे कंट्रोल नही कर पाइ.. अगर देवु होते तो आज पका इनको चोद चोदके प्रेगनेन्ट कर देते.. हें..हें..हें..

चंदा : (सर्मसार होते हसते) कमीनी.. छोड मुजे.. आज कल तुम बहुत बीगड गइ हो.. हें..हें..हें..

भावना : (हसते धीरेसे) मौसी.. अब आपको नही लगता जीजु ओर आपकाभी अ‍ेक बच्चा होना चाहीये..

मंजुला : (मुस्कुराते चंदाके बुब्स मसलते) दीदी.. फीकर मत करो.. बस.. कुछ महीनो इन्तजार करलो.. वोभी होजायेगा.. चंदादीदी मेरे देवुकी अ‍ेक खुबसुरत बेटीको जन्म देगी.. जो बडी होकर आपके भावेशकी बीवी होजायेगी.. हें..हें..हें..

भावना : (खुसीसे हसते आस्चर्यसे) क्या..? मौसीकी बेटी मेरे भावेशकी बीवी होगी..? दीदी आपकोतो सब पता चल जाता हे.. तो क्या ये सच हे..?

मंजुला : (मुस्कुराते चंदाके होठ चुमते) हां भावु.. मौसी तेरी समधन हे.. तुजे इनका बहुत खयाल रखना पडेगा.. चल आजा.. तेरी समधनको कुछ प्यार ब्यार करते उनको खुस करले.. हें..हें..हें..

चंदा : (बहुतही सर्मसार होते) मंजु.. अ‍ेक मारुगी तुजे.. इस बेचारीको क्यु बीचमे घसीट रही हे..

मंजुला : (जोरोसे हसते) क्यु..? समधनके उपर बडीही तरस आ रही हे.. हें..हें..हें..

चंदा : (सरमाते हसते) नही.. अ‍ैसा कुछ नही हे.. वैसे भावु.. तुतो हम सबसे छोटी हे.. फीरभी तुजे अभीसे दो दो बच्चे पैदा करनेकी क्या जरुरत थी..? इतनी जल्दी क्या थी..?

भावना : (सरमाते धीरेसे) मौसी.. जल्दी मुजे नही भानुको थी.. कमीना बच्चे पैदा करनेका बहुत सौकीन हे.. हें..हे..हें..

चंदा : (सरमाते हसते) कमीनी.. अपने पतीको गालीया देती हे.. हें..हें..हें..

मंजुला : (भावनाकी ओर देखते धीरेसे) भावु.. बस.. उनका इसी सौकका तुजे फायदा उठाना हे.. तु समज गइनां..?

भावना : (सर्मसार होते हसते धीरेसे) हां दीदी.. आपने मुजे सब समजातो दीया हे.. बस मे उसी प्लानींगसे आगे बढुगी..

मंजुला : (हसते) भावु.. तो चल इसी खुसीमे आज तुमभी हमारे साथ सामील होजा.. तुजे आज तेरी समधनका खुबसुरत बदन हीखाती हु.. आज लुटले इसे.. हें..हें..हें..

कहातो मंजु हसते हुअ‍े चंदाके पीछे चली गइ.. तब मंजु ओर चंदा दोनोकी सारीया अपने बदनसे गीर चुकीथी.. ओर मंजुने पीछे जाकर चंदाके दोनो बुब्स अपने हाथोमे थाम लीया ओर चंदाके गलेको चुमने लगी.. तब चंदा मदहोसीके आलम मे चली गइ.. ओर आंख बंध करके अपने बुब्स दबवाते मजे लेने लगी.. तब मंजु पीछेसे भावनाकी ओर देखते मुस्कुराने लगी..





ओर भावनाको आंख मारते इसारोसे उनकोभी अपने साथ सामील होनेको कहेने लगी.. तो भावना सर्मसार होगइ.. ओर अपनी नजरे चुराते मंद मंद मुस्कुराने लगी.. आज मंजुके उपर ठरक पुरी तराह हावी हो चुकीथी.. तो चंदाभी नसेकी हालतमे चली गइ थी.. तो लगातार मंजुका साथ उनके होठोको चुमते देती रही.. तब उसे पताभी नही चलाकी मंजुने कब दोनोके सभी कपडे नीकाल दीये.. दोनोही सीर्फ टु पीसमे रेह गइ..





तब भावनाकी बच्चीभी नींदकी आगोसमे चली गइथी.. तो भावना उसेभी जुलेमे डालकर सुलाने लगी.. तभी चंदाने मंजुको भावनाकी ओर इसारा कीया ओर उनके कानमे कुछ कहेने लगी.. तो मंजुनेभी चंदाको कुछ कहातो चंदा सर्मसार होगइ.. ओर हांमे गरदन हीलाते पुरी नंगी होगइ.. ओर बेडपे बीच जाकर नंगीही लेट गइ.. तभी मंजु सोफेसे खडी होकर भावनाको दबोच लेती हे..

ओर उसेभी जबरदस्ती नंगी कर देती हे.. भावना जोरोसे हसते सरमाते ना नुकुर करती रही.. लेकीन मंजु ओर चंदाके सामने उनकी अ‍ेकभी नही चली.. जब भावना पुरी तराह नंग होगइ.. तो मंजुने उनके बुब्सपे अपना मुह लगा दीया.. ओर उनको जोरोसे चुसने लगी.. तो भावनाभी इतने दिन बगैर लंडके तडप रहीथी.. तो वोभी कामातुर होगइ.. ओर मदहोस होकर मंजुका साथ देने लगी.. आज कीतने दिनोके बाद थ्रीसम लेस्बीयनका खेल चल रहा था..





भावना : (नसेकी हालतमे) बस.. बस. दीदी.. ओर नही.. मे बरदास्त नही कर पाउगी.. छोडदो मुजे..

मंजुला : भावु.. मुजे पता हे.. तु अभी कीस हालमे जी रही हे.. तुम फीकर मत कर.. अब वो वक्त दुर नही हे.. तब मेरी जगाह तेरे जीजाजी होगे.. जो तेरा इस खुबसुरत बदनके साथ खेलेगे.. तुजे अब सारी जींदगी तेरे जीजाजी ही सम्हाल लेगे.. तुजे इसी घरमे उनकी बीवी बनके रहेना हे.. ओर इसी घरमे तुम दोनोका मीलन होगा.. आजा.. आज जीले अपनी जींदगी..

चंदा : (सरमाते धीरेसे) हां भावु.. आज तुमभी हमारे साथ सामील होजा.. हम अ‍ैसे कइ बार कर चुके हे.. मुजे तेरे बारेमे मंजुने सबकुछ बता दीया हे.. तु फीकर मत कर हमारा देवु इतना सक्षम हेकी वो हम सबको सम्हाल सकता हे..

भावना : (सर्मसार होते धीरेसे) मौसी.. आज बहुत अच्छा लगा.. आप दोनोकी मे अहेसान मंद रहुगी.. आप दोनो कीतनी आसानीसे अपना पती मेरे साथ बांट रही हे.. थेन्क्स..

मंजुला : (मुस्कुराते होंठ चुमते) कमीनी.. ज्यादा थेन्क्स मत बोल.. मुजे पता हे तुमभी हमारी सौतन हो.. आजा.. आजतो हम दोनो तुजे ठंडी करते हे.. फीरतो तेरे जीजाही तुजे ठंडी करते रहेगे..





कहेते मंजु भावनाके होठोको चुमने लगी.. तो आज भावनाभी सभी सरम त्यागकर मंजुका होंठ चुमते उनका साथ देने लगी.. तब चंदा आज दोनो बहेनको पहेली बार अ‍ैसे प्यार करते देख रहीथी.. ओर मनही मन खुस हो रहीथी.. कुछही देरके बाद तीनोही अपने बेडपे नंगी होकर प्यारके खेलमे आगे बढ चुकीथी.. जब मंजु भावनाके उपर जुकते उनके गलेको चुमते अ‍ेक हाथसे भावनाकी चुतको उगली डालकर खरोद रहीथी..





तो भावना बेडपे लेटे चदर पकडते छटपटा रहीथी.. जब भावना जड गइ तो मंजु चंदाके पास चली गइ.. ओर उनकी चुतमे उंगली डालकर चंदाको छेडने लगी.. तब चंदाने मंजुको पकडकर अपने उपर खींचके चडादी.. तो मंजु अ‍ेक लडकेकी भांती चंदाकी चुतपे चुत धीसते चंदाको चोदने लगी.. तब चंदा बहुतही कामातुर होकर अ‍ेक रंडीकी तराह मंजुका साथ देने लगी.. आज भावना चंदाका ये रुप पहेली बार देख रहीथी..





तीनोही अ‍ेक दुसरेको ठंडी करती रही.. फीर तीनोही साथमे सावर लेने बाथरुममे घुस गइ.. तो वहाभी मंजुने चंदाको अ‍ेक बार ठंडी करदी.. तब चंदा बहुतही सरमाइ.. फीर तीनोही नंगी बहार अपने बेडपे आगइ ओर अ‍ेक दुसरेको चीपककर नंगीही सोगइ.. तब मंजुके अलावा चंदा ओर भावनाको नही पताथाकी आज राजीव ओर नीर्मला नीचे अपने रुममे क्या कर रहेथे.. आज राजीव कीसीभी हालमे नीर्मलाको चोदना चाहता था..
 
तो अंदर जातेही जैसेही नीर्मलाने रुमका दरवाजा बंध कीया.. तबही राजीवने नीर्मलाको वही दबोच लीया.. ओर उनके बुब्स जोरोसे मसलते नीर्मलाको पागलोकी तराह चुमने लगा.. तो नीर्मलाभी राजीवका उतावलापन देखकर सर्मसार होगइ.. ओर हसती रही.. ओर राजीव नीर्मलाको चुमते उसे बेड तक ले आया.. ओर नीर्मलाको बेडपे लीटाकर उनके उपर चड गया.. राजीवने उनके बुब्सको मसलते नीर्मलाके चहेरेपे चुंबनोकी बारीस करदी..

नीर्मला : (सरमाते हसते धीरेसे) भाइ अब बसभी करो.. आजतो आप बीलकुल पागल होगये हे..

राजीव : (सामने देखकर मुस्कुराते) बस.. नीमु आज कुछभी मत बोलना.. आज कीतने दिनोके बाद मे मेरी बहेनके साथ मीलन करुगा.. आज मुजे मत रोकना वरना मे पागल होजाउगा.. आजा.. अपने सब कपडे नीकालदे..

नीर्मला : (सरमाते धीरेसे गाल सहेलाते) भाइ.. जब हमारा पहेली बार मीलन हुआथा तबतो आपने खुद मेरे कपडे उतारेथे.. तो फीर आज मे क्यु उतारु..? अगर आज आपको मुजसे प्यार करना हेतो आज आपही को सबकुछ करना पडेगा.. यही समजलो आज हमारी सुहागरात हे.. मे कुछभी नही करुगी.. हें..हें..हें..

राजीव : (नीर्मलाकी सारी खीचते) नीमु.. आज तु जोभी कहेगी मे सब करुगा.. बस मुजेतो आज तुजे चोदना हे.. ओर वोभी जमकर.. आज तुजे पुरी रात सोने नही दुगा..

कहातो नीर्मला अ‍ेक दुल्हनकी भांती सर्मसार होने लगी.. ओर अपनी नजरे चुराते मंद मंद मुस्कुराती रही.. उनकोभी पताथा आज राजीव उनको चोदे बीना मानने वाला नही हे.. तो वोभी मदहोस होने लगी.. तबतक राजीव नीर्मलाके सभी कपडे उतार चुकाथा.. ओर खुदके कपडे नीकाल रहाथा.. तब नीर्मला टेडी नजरसे राजीवके लंडको देखने लगी.. तो राजीवका लंड तनके खडा होते जटके मार रहाथा..

तो नीर्मला उसे देखकर अ‍ेकबार फीर सर्मसार होगइ.. उसे अपना राजीवके साथ पहेला मीलन याद आगया.. तबभी वो अ‍ैसेही राजीवके लंडको पहेली बार देख रहीथी.. जैसे आज देख रहीथी.. राजीव कपडे नीकालकर नीर्मलाके उपर चडके छा गया.. तो नीर्मलानेभी राजीवको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर दोनोके बीच प्यारका खेल सुरु होगया.. राजीव नीर्मलाके दोनो बुब्स बारी बारी चुम रहाथा..

तब नीर्मला उनके सरको सहेलाते मदहोस हो चुकीथी.. राजीव उनको चुमते चुमते नीचेकी ओर सरकने लगा तब नीर्मला सातवे आसमानपे जा चुकीथी.. वो पुरी तराह मदहोस होकर आधी आंख चडाते अपनी चुतपे राजीवके मुहसे हमेला इन्तजार करने लगी.. ओर आखीर राजीवने अपनी जीभ नीकालकर नीर्मलाकी चुतमे घुसादी.. ओर जीभसे चुतके दानेको छेडने लगा.. तब नीर्मला चदर पकडकर छटपटाने लगी..





नीर्मला : (मदहोसीमे) बस.. बस.. भाइ.. ओर नही.. मे बरदास्त नही कर पाउयी.. आजा मेरे उपर.. अपना हथीयार मेरी चुतमे डालदो.. आज जीभरके चोदलो मुजे .. अब मुजसे रहा नही जाता.. आपने तो आज मुजे पागल करदीया.. आजाओ.. प्लीज.. चोदलो मुजे..

राजीव : (भारी सांसोसे) नीमु.. मुजे खेलने दे.. आज मे मेरी बहेनको अ‍ेक बार अ‍ैसेही जडा दुगा.. कीतने दिनोके बाद तेरी चुत नसीब हुइ हे.. आज मुजे इनके साथ जीभरके खेलने दे..

नीर्मला : (सर्मसार होते धीरेसे) भाइ.. ओर मत छेडो मुजे.. मे पागल होजाउगी.. आजतो आप वाकइ मुजे जनतकी सैर करवा रहे हो.. भाइ.. अ‍ेक बार मे आपसे मेरे हीसाबसे चुदवाना चाहती हु.. फीर आप दुसरी बारमे मुजे अपने हीसाबसे चोद लेना.. आज मेभी आपको सोने नही दुगी..

राजीव : (नीर्मलाकी चुतमे उगलीसे हीलाते) ठीक हे बहेना.. आज तुमभी अपने मनकी करले..

कहेते राजीव नीर्मलाके उपर चड गया ओर उनके बुब्सको अपने मुहमे लेकर चुसने लगा ओर अ‍ेक उगलीसे नीर्मलाकी चुतको जोरोसे खरोदने लगा.. तब नीर्मला राजीवके सरके बालोको खीचने लगी.. ओर उनसे बरदास्त करना मुस्कील होगया.. उनकी चुत जोरोसे फडफडाने लगी.. ओर वो बहुतही उतेजीत होगइ.. तभी अचानक अपनी कमरको उची करते जडने लगी.. ओर अपने पानीसे रावीजके हाथको भीगो दीया..

जब नीर्मला जड गइ तब धडामसे अपनी कमरको नीचे पटकदी.. ओर अपनी सांसोको दुरस्त करते राजीवके सरको सहेलाती रही.. जब सांत होगइ.. तब राजीवकी ओर देखते उनके चहेरे पे अ‍ेक मुस्कान आगइ.. तो राजीवभी मुस्कुराने लगा ओर अ‍ेक कपडेसे अपना हाथ पोछने लगा.. फीर उसी कपडेसे राजीवने नीर्मलाकी चुतकोभी साफ करदीया.. तब नीर्मलाकी हसी नीकल गइ.. ओर उसने राजीवको अपने उपर खीचलीया.. ओर दोनो बाते करने लगे..





नीर्मला : (सरमाते होठ चुमते) भाइ.. आज आपने मुजे कीतना प्यारा अहेसास करवा दीया.. मुजे बीना लंड डाले अ‍ैसेही जडा दीया.. बीलकुल हमारे पहेले मीलनकी तराह.. आज आपने मुजे हमारे पहेले मीलनकी याद दीलादी..

राजीव : (प्यारसे सरको सहेलाते) नीमु.. तुजे पता हे.. जब किशनने उनकी बहेनसे सादी करके तुजे छोड दीया.. तबही मेने तुजे अपनानेका मन बना लीया था.. की मे भी मेरी बहेनसे सादी कर लुगा.. ओर इस बच्चेको अपना नाम दुगा.. नीमु.. मे तुजे तबसे प्यार करने लगाथा.. ओर आखीर तुम मुजे मील गइ..

नीर्मला : (राजीवके बालोको सहेलाते) भाइ.. वो मेरी सबसे बडी भुल थी.. अगर मुजे पहेले पता होता की आपभी मुजे चाहते हो तो मे आपसे ही प्यार करती.. कमसे कम मे मेरे भाइको अपना कौमार्य तो सोपती..

राजीव : (गालको चुमते) नीमु.. तुम दिल छोटा मत कर.. तु मेरे लीये आजभी कुंआरी हे.. मे तुजे जबभी फीजीकर होताहु तब यही समजकर होता हुकी मे मेरी बहेनको आज पहेली बारही चोद रहा हु..तु हमेसा मेरे लीये कुआरी हे.. नीमु.. मुजेतो ये तन भोगनाही था.. कीसीभी हालमे.. ओर भगवानने हमे मीला दीया.. नीमु.. मे अ‍ेक बार फीर जन्म लेकर आउगा.. मेरी भावुकी कोखसे.. तुम याद रखना..

नीर्मला : (आस्चर्यसे देखते) भाइ.. क्या आपको ये बात बाबाने कही हे..? हंम..? क्या हम अगले जन्ममे भी मीलेगे..?

राजीव : हां नीमु.. मुजे बाबाने बहुत कुछ बता दीयाथा.. हम अगले जन्ममे भी मीलेगे.. लेकीन तुम मेरी अमानत नही हो.. तुम हमारे देवुकी अमानत हो.. ओर अगले जन्ममे उनके पोतेकी अमानत हो.. मे तो खामखा तुम दोनोके बीच आगया हु.. तुम पीछले जन्मकी उस राजाकी बहेन सोनु हो..

नीर्मला : (आस्चर्यसे मुह फाडकर देखते) ओह माय गोड.. भाइ.. आपतो सबकुछ जानते हे.. ये बाततो मुजे हमारी मंजुभी केह चुकी हे.. तो फीर आप कोन हो..? येभी आपको पता होगा.. ओर अगर मे सोनु हु.. तो फीर मे आपको कैसे मीली..? क्युकी उस कहानीमे वो तो सीर्फ अपने भाइकोही मीलती हे..

राजीव : (प्यारसे होठ चुमते) हां नीमु.. मेनेभी बाबाको ये प्रस्न कीयाथा.. तो कहा हमारी मंजुको बाबाने बहुत सारी सक्तिया दीहे.. वो हम सबके बारेमे सबकुछ जानती हे.. तुमसे सच कहा.. वो सोनु सीर्फ अपने भाइको ही मीलती हे.. मे उस जन्ममे सुनील था.. तबभी मेने सादी होनेके बावजुद अपनी बहेनको प्यार कीयाथा.. ओर वोभी मेरी दुसरी बीवी थी.. नीमु.. भलेही हम सब कोइ भी हो.. लेकीन जब इस धरतीपे मनुष्य बनके आये हे.. तो कर्मके बंधनसे हमभी नही छुट पाते.. बस इसीके फल स्वरुप इस जन्ममे सोनु होनेके बावजुद भी तुम मुजे मीली हो..

नीर्मला : (प्यारसे गाल सहेलाते) भाइ.. मे कुछ ठीकसे समजी नही.. आप मुजे खुलके बताइअ‍े..

राजीव : (मुस्कुराते) नीमु.. उस जन्ममे जब मे सुनील था.. तब मेरी दोनो बीवीओने मुजसे छुपकर उन राजासे अपना रीलेशन रखाथा.. मेरी वो दोनोही बीवीया अपने तनकी प्यास उन राजाके साथ फीजीकल होते बुजाती थी.. मेरी बहेन सरीता भी.. तो इनके फल स्वरुप मुजे इस जन्ममे उन राजाकी बहेनको भोगनेका सौभाग्य प्राप्त हुआ हे.. नीमु.. तुम ही उन राजाकी चहीती रानी ओर बहेन थी.. जो इस जन्ममे अभी तुम मेरी बहेन होकरभी मेरी बीवी हो ओर अभी मेरे नीचे लेटी हुइ हो.. बस अ‍ैसेही इस संसारका चक्र चलताही रहेगा..

नीर्मला : (सर्मसार होते मुस्कुराते) भाइ.. कीतना अजीब हेनां..? कर्म कीसीको नही छोडता.. ठीक हे.. आप आज उन राजाकी बीवी ओर बहेनको जीभरके चोदलो.. उनकी बीवी अभी आपके नीचेही लेटी हे.. ओर आपके लंडको अपनी चुतमे लेनेके लीये बडी बेताब हे.. भाइ आज मुजे जमकर चोदलो.. आजाओ..

कहेते नीर्मला राजीवके लंडको पकड लेती हे.. ओर अपनी चुतपे घीसने लगती हे.. राजीवका लंड अबभी जटके पे जटका मार रहाथा.. ओर नीर्मलाकी चुतमे घुसनेके लीये मचल रहाथा.. तभी अचानक नीर्मला राजीवको जोरोसे बाहोमे भीचलेती हे.. ओर अ‍ेक पैर राजवकी कमरपे डालकर पलट जाती हे.. तब राजीव अब नीर्मलाके नीचे आगया था.. तो नीर्मला अपने दोनो पैर मोडकर राजीवकी कमरपे बैठ गइ..
 
फीर धीरेसे अपनी कमर उची करके राजीवके लंडको अपनी चुतपे सेट करदेती हे.. ओर राजीवकी ओर कातील नजरोसे देखते कामुक स्माइल करते धीरेसे बैठने लगी.. ओर राजीवका पुरा लंड अपनी चुतकी गीरफ्तमे ले लीया.. ओर धीरे धीरे कमरको उछालते नीर्मला राजीवको चोदने लगी.. आज वो राजीवकी बाते सुनकर बहुतही कामुक हो चुकीथी.. जैसे वो खुद उस राजाको कहेना चाहती हो.. की देखलो आज तुम्हारी बीवी ओर बहेनको कोइ ओर चोद रहा हे..





राजीव भी अपनी कमर उछालते नीर्मलाको चोदनेकी कोसीस करने लगा.. तब कुछही देरमे राजीवभी जोसमे आगया.. ओर अपनी कमरको जोरोसे उछालते नीर्मलाको चोदने लगा.. तब कुछही देरमे नीर्मला अ‍ेक बार फीर जड गइ.. तब राजीवभी हाथके बलसे बेडपे बैठ गया.. तब उनका लंड अबभी नीर्मलाकी चुतमे था.. तो नीर्मलानेभी राजीवको गलेके हाथ डालक अपने तनसे चीपका लीया.. ओर दोनोही अपनी कमरको आगे पीछे करते फीरसे चुदाइमे मसगुल होगये.. राजीव बडीही कामुक्तासे नीर्मलाकी चुदाइ करता रहा..





दोनोही बैठे बैठे अ‍ेक दुसरेकी कमरमे पेर फसाकर चुदाइमे मसगुल थे.. तब अचानक राजीव थोडा जुक गया ओर नीर्मलाके बुब्सको अपने मुहमे लेकर जोरोसे चुसने लगा.. ओर अपनी कमरको जोरोसे हीलाने लगा.. तब नीर्मला समज गइ.. ओर उसने राजीवको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचते अपने तनसे चीपका लीया.. तब कुछही देरमे राजीवके लंडसे गरम लावा फुट पडा.. ओर नीर्मलाकी चुतको भरने लगा..

तब राजीवके गरम विर्यकी वजहसे नीर्मलाकी चुतमेभी सुरसुराहट होने लगी.. ओर वोभी राजीवके साथही जडने लगी.. जब दोनो जडके सांत होगये तब दोनोही पसीनेसे भीग चुके थे.. राजीवकी सांसे जोरोसे चलने लगी.. तो नीर्मलाभी राजीवके सरको सहेलाते अपनी सांसोको दुरस्त करने लगी.. दोनोही अ‍ेक दुसरेको सम्हालते अ‍ैसेही बैठे रहे.. तब राजीवका लंड सीकुडकर नीर्मलाकी चुतसे बहार नीकल गया..

तो नीर्मलाकी चुतसे दोनोका कामरस चुतसे नीकलते बेडपे गीरने लगा.. तो नीर्मलाने जटसे अपना नीकर उठाकर अपनी चुतपे रख दीया.. ओर चुतको साफ करने लगी.. तब राजीव अबभी अपनी सांसोको कंट्रोल करनेमे लगा हुआ था.. फीर दोनोही नंगे बेडसे उतर गये ओर बाथरुममे चले गये.. वहा दोनोने साथमे सावर लीया ओर अपना तन पोछकर नंगेही बहार आकर बेडपे अ‍ेक दुसरेको बाहोमे भरके लेट गये.. तब..

नीर्मला : (थोडी चीन्तासे) भाइ.. क्या आप ठीकतो हेनां..? हंम..? कुछ हुआतो नही..?

राजीव : (मुस्कुराते) अरे नही नीमु.. मुजे कुछभी नही हुआ.. देख तेरे सामने बीलकुी ठीक हु.. तुम डरो मत..

नीर्मला : (प्यारसे बाल सहेलाते) भाइ.. आपने मुजे कभी बताया नही की आपभी सबकुछ जानते हे.. हंम..?

राजीव : (होंठ चुमकर) नही नीमु.. कुछ बाते अ‍ैसी होती हे जो समय आने पर ही बतानी चाहीये.. इसीलीये मेने ये बात आज तुजे बताइ.. अब क्या पता दुबारा ये बात बतानेका मुजे मौका मीले या ना मीले..

नीर्मला : (जोरोसे बाहोमे भीचते) भाइ.. मत करो अ‍ैसी बाते.. मुजे डर लग रहा हे.. आपको कुछ नही होगा.. मे आपसे बहुत प्यार करती हु..

राजीव : (मुस्कुराते) नीमु.. मेभी तुजे बहुत चाहता हु.. ओर पता हे..? उस जन्ममे मेभी अपनी बहेनको बहुत प्यार करता था.. ओर हमनेभी दुबारा मीलनेकी कसमे खाइ थी.. तो अगले जन्ममे वो मुजे जरुर मीलेगी..

नीर्मला : (मुस्कुराते थोडी उत्सुक्तासे) भाइ.. तो बताओना.. आप स्योर हे की वो आपको अगले जन्ममे दुबारा मीलेगी..? कौन हे वो..? वोभी तो आपको पता होगा..?

राजीव : (गाल चुमते हसते) हंम.. क्या करेगी जानकर.. हंम..? सुन.. नीमु.. जहा तक बाबाने मुजे कहाथा ओर मुजे याद हे तब मे भी दुसरे जन्ममे हमारी भावुकी कोखसे जन्म लेकर देवुके पोतेका मामा बनकर आउगा.. ओर तब मे देवुकी ही अ‍ेक बेटीसे सादी करुगा.. ओर वोही मेरी पीछले जन्मकी बहेन होगी.. मेरी सरीता..

नीर्मला : (हसते) भाइ.. कास तब अगले जन्ममे मुजे सब पीछले जन्मका याद होता.. मे आपको तब पहेचान जाती.. की यही मेरे पीछले जन्ममे भाइ ओर पती थे.. हें..हें..हें.. भाइ चलोना मुजे वापस इच्छा होने लगी हे.. भाइ.. अब मुजे अपनी बीवी मानकर नही बहेन मानकर चोदीयेनां.. मुजे बहुत मजा आता हे..

राजीव : (हसते होंठोको चुमते) नीमु.. पता हे मे जबभी तुमसे फीजीकल होता हु तो तुजे बहेन मानकर ही चोदता हु.. मुजेभी बीवीसे ज्यादा बहेनको चोदनेके मजा आता हे.. बस कुछ देर आराम करले फीर हम वापस चुदाइ करेगे.. आज बहुत मजा आगया..

नीर्मला : (हसते) भाइ.. बस आप मुजे अ‍ैसेही चोदते रहेना.. अब आपका जबभी मन करे मुजे बता देना.. हम दोनोको अब कीसीकी परवाह नही करनी.. हम हमारे रुममे आजायेगे.. तब आपका जीतना मन करे मुजे चोद लेना.. अब मुजे मेरे भाइको सीर्फ प्यारही करना हे..





दोनोही अ‍ैसी बाते करते लेटे रहे.. काफी देर आराम करनेके बाद नीर्मला राजीवके पैरोके बीच आगइ.. ओर उनका लंड अपने मुहमे लेकर जोरोसे अंदर बहार करते चुसने लगी.. तब कुछही देरमे राजीवका लंड फीरसे खडा हो गया.. ओर जटके मारने लगा.. तब नीर्मला जटसे अपने दोनो पैर फैलाकर बेडपे लेट गइ.. ओर राजीवको खीचकर अपने उपर चडा देती हे..

जब राजीव उपर चड गया तब नीर्मलाने लंड पकडकर अपनी चुतमे फसाकर सेट करदीया.. तब राजीवनेभी देर ना करते अपनी कमरको अ‍ेक जटका देदीया.. ओर राजीवका पुरा लंड नीर्मलाकी चुतमे घुस गया.. हालाकी नीर्मलाको देवायतसे चुदवानेके बाद राजीवका लंड अपनी चुतमे कुछ खास फील नही हो रहाथा फीरभी वो मंजुके कहेनेपी आज अपने पतीको खुस करनेमे लगी हुइ थी..





राजीव होले होले नीर्मलाको चोदने लगा.. आज नीर्मला अपने भाइको हर तराह खुस करना चाहती थी.. ओर धीरे धीरे करते अ‍ेक बार फीर दोनोके बीच घमासान चुदाइका दौर चल पडा.. इस बार राजीवको नीर्मलाको चोदनेमे थोडी ज्यादा तकली हो रहीथी.. लेकीन वो अपने चहेरेपे जाहीर होने देना नही चाहता था.. ओर राजीव लगातार नीर्मलाको चोदेही जा रहाथा.. नीर्मलाको चोदते चोदते वो पसीनेसे लथबथ हो गयाथा..

तब कुछही देरमे वो नीर्मलासे चीपक गया.. ओर उनके गलेमे मुह डालकर गलेको चुमते जोरोसे चोदने लगा तब नीर्मलाभी समज गइ.. ओर राजीवकी पीठको जोरोसे सहेलाने लगी.. तब कुछही देरमे राजीव नीर्मलाकी चुतको भरते जडने लगा.. तो साथमे नीर्मलाभी अपनी कमरको आडी टेडी करते जडने लगी.. कुछही देरमे राजीव नीर्मलाके सीनेपे सर रखते ढेर होगया..





तो नीर्मलाने उसे अपने उपरसे हटाकर साइडमे कर दीया.. ओर खडी होकर अपनी चुतको साफ करते बाथरुमकी ओर चली गइ.. फीर वहा नहाकर वापस बहार आगइ तब राजीव गहेरी नींद सो चुकाथा.. तो नीर्मलाभी उनसे पीछेसे चीपककर नंगी ही सोगइ.. तब नीर्मलाको नही पताथाकी राजीव जडते ही थकानकी वजहसे बेहोस हो चुकाथा.. ओर दोनोही गहेरी नींद सोगये..

तो आज इस गांवसे दुर धिरेनके घर धिरेन ओर नीलमके बीच अ‍ेक अनोखी सुहागरात होने वालीथी.. ओर वोभी सादीसे पहेले.. आज नीलम कच्ची कुआरीसे अ‍ेक औरत बनने जा रहीथी.. ओर आज उन दोनोको रोकने वालाभी कोइ नही था.. बस यही नीलमकी जींदगीका टर्नींग पोइन्ट था.. जब दोनोने साम ढलतेही खाना खालीया.. तब नीलम सभी बर्तन समेटकर कीचने साफ करने चली गइ.. तब धिरेन फुलोकी केरीबेग लेकर उपर अपने रुममे चला गया.. ओर अपना बेड फुलोसे सजाने लगा....

कन्टीन्यु
 




my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
 
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - १५६

तो आज इस गांवसे दुर धिरेनके घर धिरेन ओर नीलमके बीच अ‍ेक अनोखी सुहागरात होने वालीथी.. ओर वोभी सादीसे पहेले.. आज नीलम कच्ची कुआरीसे अ‍ेक औरत बनने जा रहीथी.. ओर आज उन दोनोको रोकने वालाभी कोइ नही था.. बस यही नीलमकी जींदगीका टर्नींग पोइन्ट था.. जब दोनोने साम ढलतेही खाना खालीया.. तब नीलम सभी बर्तन समेटकर कीचने साफ करने चली गइ.. तब धिरेन फुलोकी केरीबेग लेकर उपर अपने रुममे चला गया.. ओर अपना बेड फुलोसे सजाने लगा....अब आगे

जब धिरेन फुलोकी केरी बेग लेकर उपरकी मंजीलपे जाने लगा तब नीलम उसे देखकर बहुतही सरमाने लगी.. वो जानती थीकी अब वक्त आगया हे वो अ‍ेक कलीसे फुल बन जायेगी.. यही सोचते उनकी चुतमे हलचल तेज होने लगी.. ओर चुतसे हल्कासा पानीका रीसाव होने लगा.. उनके दोनो उरोज सख्त होने लगे.. ओर वो सर्मसार होते अपना काम नीपटाने लगी जैसे इस घरकी नइ नइ ब्याहकर आइ बहु हो..

आज नीलमकी दिलकी धडकन जरुरतसे ज्यादाही बढी हुइ थी.. वो काम करते हुअ‍े भी बार बार सीडीयोकी ओर देख रहीथी.. की धिरेन कब बेड सजाकर नीचे आजाये.. ओर उसे अपनी बाहोमे लेले.. आज नीलम मानसीक रुपसे पुरी तराह तैयार थी.. तभ नीलमके फोनकी रींग बजने लगी.. तो अ‍ेक बार तो नीलमकी भी गांड फटने लगी.. की इस वक्त कीसका फोन होगा..?

लेकीन दुसरे ही पल वो नीस्चीत होगइ.. क्युकी इस फोनका नंबर सीर्फ दोही लोगोके पास था.. अ‍ेक धिरेन ओर दुसरी उनकी रुम पार्टनर ओर उनकी बेस्ट फ्रेन्ट दीया.. नीलमने फोनकी डीस्प्लेमे देखातो दियाका फोन था.. ओर उनके चहेरेपे स्माइ आगइ.. वो फोन लेकर सोफेपे जाकर बैठ गइ.. ओर फोन उठाकर कानपे लगा दीया.. ओर मुस्कुराते धीमी आवाजमे उनसे बाते करने लगी..





नीलम : (सरमाते धीरेसे) हाय दीया.. कैसी हो तुम..?

दिया : (सामने फोनपे) हाइ नीलु.. बस मजेमे.. ये बता क्या तुम ओर तेरे जीजु घरपे पहोंच गये..? क्या हुआ वो मकानका..? क्या दोनो देखनेके लीये गये थे..?

नीलम : (सरमाते धीरेसे) हां दिया.. मकान भी देखलीया ओर हमे पसंदभी आया.. बहुत मस्त ओर लक्जरी इन्टीरीयर था.. मुजेतो बहुतही पसंद आया.. अब देखते हे दीदीको पसंद आता हेकी नही.. अभी वो देखकर आधे घंटेके पहेलेही मे ओर धिरेन उनके घरपे पहोचे हे.. तु बता.. क्या अभी अपने बी.अ‍ेफ.के घरपे हे..?

दिया : (सरमाते धीरेसे) हां नीलु.. उनके मम्मी पापा मन्डेको सुबह आयेगे.. तबतक हम दोनोही घरपे अकेले हे.. नीलु.. आज वो मुजसे सादीके लीये केह रहाथा.. तो मेने हां कहे दीया.. क्या मेने ठीक कीयानां..?

नीलम : हां दिया.. तुम बहुत नसीब वाली हो.. अगर वहा उनके घरमे सब सही हेतो करले सादी.. पढाइ करके क्या आचार डालेगी.. अगर वो पैसेवाले हे तो तुजे कहा नौकरी करनी हे.. तु अपना घर बसाले..

दिया : नीलु.. तुमसे बात करके बहुत अच्छा लगता हे.. जब मन्डेको उनके मम्मी पापा आयेगे तब वो उनसे हमारे बारेमे बात करेगे.. फीर देखते हे आगे क्या होता हे.. तु बता इस वक्त दोनो क्या कर रहे हो..?

नीलम : (सरमाते धीरेसे) बस.. कुछ नही.. अभी हमने डीनर कीया.. ओर वो उपर हमारा बेड फुलोसे सजाने गये हे.. दिया.. मुजे बहोत डर लग रहा हे.. मुजे कुछ होगातो नही..? हंम..?

दिया : (मुस्कुराते धीरेसे) अरे नीलु कुछ नही होगा.. बस अ‍ेक बार तेरे जीजुका अंदर लेले.. फीरतो मजेही मजे हे.. फीर भी अगर तुजे अ‍ैसा कुछ लगे तो मुजे फोन करना.. मे तुजे अ‍ेक टेबलेट सजेस करुगी.. जीजुको कहेना वो मेडीकल स्टोरसे लाकर दे देगे.. तुम आगे बढो.. मे तेरे साथ हु..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) हंम.. तुम बताओ.. अभी क्या कर रहे हो दोनो..? कुछ कीयाकी नही..?

दिया : (सरमाते धीरेसे) कीया..? अरे जालीमने मुजे अबतब दो बार जमकर चोद भी लीया.. मेरी तो हालत खराब कर देता हे.. ओर अभी पुरी रात.. कल पुरा दिन.. ओर फीर पुरी रात पडी हे.. पता नही तबतक वो मुजे कीतनी बार चोद लेगा.. जालीम चुदाइभी मस्त करता हे.. जीतो चाहता हे उनसे चुदवाती ही रहु.. हें..हें..हें..

नीलम : (सर्मसार होकर हसते) कमीनी.. तुम भी कीतनी ठरकी हो मुजे पता हे.. देखना.. कही वो तुजे प्रेगनेन्ट ना करदे.. क्या कोइ आइपील बाइपील लेकर गइ हेकी नही..? वरना स्कुलमे पेट फुलाकर घुमती रहेगी.. हें..हें..हें..

दिया : (सरमाते धीरेसे) हाये.. नीलु तेरे मुहमे घी सकर.. यहीतो मे चाहती हुमे.. ताकी उनके मम्मी पापाभी हमारी सादीके लीये मान जाये.. नीलु.. मेने आजही उनसे बाते करते जाना की उनके मम्मी पापा भी मेरे पापाको जानते हे.. मुजे लगता हे हम दोनोकी बात बन जायेगी.. तु बता तुम दोनोका क्या प्लान हे..?

नीलम : दिया.. हम अभी वो मकान देखकर आये हेनां.. वो धिरेन सीर्फ मेरे लीयेही ले रहे हे.. वोभी मुजसे जल्दसे जल्द सादी करना चाहते हे.. ओर सायद इसीलीये मे इतना बडा कदम उठाने जा रही हु.. लेकीन अभी तो पढाइ भी चालु हे.. पता नही ये सब मे कैसे मेनेज करुगी..

दिया : नीलु.. तु पढाइभी करती रहेना.. ओर मजेभी लेती रहेना.. वो भलेही तुमसे सादी करले.. अगर नही भी करेतो अब पीछे हट मत करना.. आज जीले अपनी जींदगी.. इस पल तेरी जींदगीमे दुबारा कभी नही आयेगा.. तुम गभराना नही.. चल फोन रखती हु.. तेरे जीजु मुजे चोदनेके लीये बुला रहे हे.. हें..हें..हें..

नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे) कमीनी.. तु बहुत ठरकी हे.. हें..हें..हें.. चल जा.. बाय..

कहेते नीलमने हसते हुअ‍े फोन काट दीया.. ओर सीडीओकी ओर दखने लगी.. तभी उनको कुछ आहट सुनाइदी.. तो नीलमकी दिलकी धडकन बढने लगी.. देखा तो धिरेन चेन्ज करके अ‍ेक स्कुल बोयके कपडेको नीचे आ रहाथा.. ओर उन्होने अपने सरपे उल्टी टोपी पहेनी हुइ थी.. तो इधर नीलमभी स्कुलके लीबासमे थी.. धिरेनको देखकर नीलम बहुतही सरमाने लगी.. उनकी ओर देखकर सरमाते मुस्कुराने लगी..

धिरेन : (पास आते) नीलु.. मे कैसा लग रहा हु..? हंम..? क्या दीखता हुना. अ‍ेक स्कुलबोयकी तराह..?

नीलम : (सरमाते धीरेसे) हां धिरेन.. इन कपडोमेतो आप बीलकुल अलग लग रहे हे.. अ‍ेक छोटे लडकेकी तराह.. हें..हें..हें..

धिरेन : नीलु.. मे देख रहा हु.. जबसे तु आइ हे मुजे आप आप ही केह रही हे.. क्या तुम मुजे अ‍ेक बोय फ्रेन्डकी माफीक तु कहेकर नही बुला सकती..?

नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे) नही धिरेन.. अब आप मेरे होने वाले पतीभी हो.. तो मे आपको तु कहेकर कैसे बुला सकती हु.. मुजे अपने पतीको अ‍ैसे बुलाना अच्छा नही लगता..

धिरेन : (अपना सर पकडते) ओह..गोड.. नीलु.. तुम समजती क्यु नही..? तुम कीस जमानेमे जी रही हो..? अबतो सादी करके पत्नीभी उनके सास ससुरके सामने अपने पतीको तु तु कहेते बात करती हे.. अब हम बोयफ्रेन्ट गर्लफ्रेन्ट हे.. ओर मे चाहता हु हमारी सादीके बादभी हम वोही रहे.. तुम मुजे हमारी सादीके बादभी अ‍ैसेही बुलाओगी.. धेट्स ओल..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) ठीक हे धिरेन.. अगर ये आपको सोरी.. आइ मीन.. अगर ये तुमको पसंद नही हे.. तो फीर मे तुजे अ‍ैसेही तु कहेकर बुलाउगी.. अब खुस..? हें..हें..हें..
 
कहतो धिरन बहुतही खुस होगया ओर नीलमसे सटकर बैठ गया.. ओर बैठतेही नीलमके अपनी बाहोमे भरलीया तो नीलम बहुतही सरमाने लगी.. ओर हींमत करते उसनेभी धिरेनको अपनी बाहोमे भीचलीया.. ओर धिरेनके गालको चुमने लगी.. तो धिरेन नीलमको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लेता हे.. ओर नीलमके होठोपे अपना होंठ रखदेता हे.. तब नीलमभी दियाकी बात मानते धिरेनको खुलकर प्यार करने लगी..





तभी उसे अपने बुब्सपे धिरेनका हाथ बुब्सको दबाकर मसलते महेसुस हुआ.. तो नीलम सरसे पांव तक हील गइ.. ओर उसने धिरेनके गलेमे अपना मुह छुपालीया.. धिरेनकी हरकतकी वजहसे नीलम मदहोस होने लगी.. वो मनही मन चाहने लगीकी धिरेन उसे जल्दसे जल्द पुरी तराह मसलदे.. उनकी चुत गीली होते अ‍ेक नीर्दोस पंछीकी तराह फडफडाने लगी.. नीलमके पुरे तन बदनमे अ‍ेक बीजलीसी लहेर दोडने लगी..

धिरेन उनके साथ जोभी कुछ कर रहा था नीलम बीना कोइ विरोध करने दे रहीथी.. वो धिरेनकी सभी हरकतोमे उनका साथ दे रहीथी.. तभी धिरेनने नीलमको सोफेपे जुका दीया ओर उनके उपर छा गया.. ओर उनके बुब्सको मसलते नीलमके होठोको चुमने लगा.. तो नीलमभी पुरी तराह मदहोस हो चुकीथी ओर वोभी धिरेनके होठोका रसपान करने लगी.. दोनोही धीरे धीरे करते कामाग्नीमे जलने लगे..





दोनोही प्यार करनेमे इतना मसगुल होगये.. की नीलमको पताही नही चला.. की धिरेनने कब उनका टोप उचा करदीया ओर कब उनका लोअर ओर नीकर नीकालके नीचेसे नंगी करदी.. वोतो आंधी आंख चडाते नसेकी हालतमे धिरेनके होठोको चुमेही जा रहीथी.. तभी धिरेनने उनकी चुतपे हाथ रखदीया.. ओर चुतको सहेलाने लगा.. तब नीलम कांपते हुअ‍े सोफेके कोर्नरमे पीछे सर पीछे करते ढल गइ.. ओर मुस्कुराने लगी..





तभी धिरेन नीलमके चहेरेकी ओर कामुक नजरोसे देखते नीचेकी ओर सरकने लगा.. ओर उसने धिरेसे नीलमकी चुतपे अपना मुह रखदीया.. वो नीलमकी चुतको अपनी जीभसे चाटने लगा.. तब नीलम सरसे पांव तक कांपते हील गइ.. अ‍ैसा करके धिरेनने नीलमकी कामअग्नीको ओर भडका दीया.. नीलम धिरेनकी ओर नसीली आंखोसे देखते मुस्कुराती रही.. ओर धिरेनके सरको पकडते अपनी चुतपे दबाने लगी..

नीलम : (मदहोसीमे) ओह.. धि..रे..न.. आइ..लव..यु.. आइ.. लव.. यु.. सो मच.. तुमने क्या करदीया..? बहुत म..जा.. आ..रहा.. हे.. कास.. हम पहेले मील जाते..

धिरेन : (मुस्कुराते धीरेसे) नीलु.. बस येतो अभी हमारे प्यारकी सुरुआत हे.. हमारे पास पुरी दो रात ओर अ‍ेक दिन हे.. मे तुजे जनतकी सेर करवाउगा.. यहा हमे रोकने वाला कोइ नही हे.. अब तुम सीर्फ मेरी हो..

नीलम : (मदहोसीमे) धिरेन.. कुछ हो रहा हे.. तुम कुछ करोनां.. आइइइ..सीससससस... आह.. आह.. बहुत मजा आ रहा हे..

कहातो धिरेनने अपनी जीभ नीलमकी चुतमे घुसादी.. ओर उनके भग्नसाको जीभसे खरोदने लगा.. तो नीलम पागल जैसी होने लगी.. ओर वो छटपटाते धिरेनके सरको अपनी चुतपे दबाने लगी.. ओर जोरोसे सीसकारीया करते अपने सरको इधर उधर करते अपनी कमर उछालने लगी.. तब कुछही देरमे नीलमसे बरदास्त करना मुस्कील होगया ओर वो बहुतही उतेजीत होगइ.. तभी नीलम अकडने लगी..

उनको लगने लगा.. की हजारो चीटीया उनके बदनको रेंदते उनकी चुतकी ओर दोड रही हे.. ओर वो परम आनंदकी अनुभुती करते मदहोस होकर आधी आंख चडा देती हे.. ओर धिरेनके सरको जोरोसे अपनी चुतपे दबा देती हे.. तब उनकी चुतसे अ‍ेक तेज पानीका फवारा नीकल गया.. ओर धिरेनके पुरे मुहको भीगो दीया.. तो धिरेन सर उठाकर नीलमकी ओर देखने लगा तो नीलम नसेकी हालतमे मुस्कुराते अपनी सांस दुरस्त कर रहीथी..

धिरेन : (मुस्कुराते) नीलु..? क्या हुआ..? हंम..?

नीलम : (बहुतही सर्मसार होते धीरेसे) धिरेन.. मे बया.. नही कर सकती.. अ‍ैसा लगा मे कीसी जनतमे चली गइ हु.. बहुत मजा आया.. कीतना प्यारा अहेसास करवा दीया तुमने.. वाकइ मुजे जनतकी सेर करवादी..

धिरेन : (मुस्कुराते) नीलु.. येतो कुछभी नही हे..ये सीर्फ ट्रेलर हे.. पीक्चरतो अभी बाकी हे.. तु सोच.. जब हमारा मीलन होगा तब तेरा क्या होगा..? चल अब असली पीक्चरके लीये तैयार होजा..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) जानु.. तो चलोना.. मेतो कबसे तैयार हु.. आज मुजे हर तराहका सुख चाहीये.. धिरेन.. आज हमारी सुहागरात हे.. मे तेरी आगोसमे हर अ‍ेक पलको जीना चाहती हु.. आज कोइ कसर बाकी नही रखनी.. तुम मेरे सपनोके राजकुमार हो.. मुजे तेरे साथ सबकुछ करना हे.. जो मेरा सपना हे..

धिरेन : (सोफेसे खडा होते) नीलु.. तो चलोना.. उपर हमारा बेड रेडी ही हे.. आज वही हमारा मीलन होगा.. आज मे तेरा सभी सपना पुरा करदुगा.. तुमभी मेरी सपनोकी राकुमारी हो..

कहेते धिरेन नीलमको वही अपनी गोदमे उठा लेता हे.. ओर नीलमकी आंखोमे देखते उपरकी मंजीलपे जानेके लीये सीडीया चडने लगता हे.. तब अबभी धिरेनका मुह नीलमके काम रससे भीगा हुआ था.. जीसे देखकर नीलमकी हसी नीकल गइ.. ओर नीलम वासना भरी नजरोसे देखते अपनी उंगली धिरेनके चहेरेपे घुमाकर अपना कामरस धिरेनको दीखाने लगी.. तो धिरेनधी मुस्कुराने लगा.. ओर कहा..

धिरेन : (बेडरुममे आते) नीलु.. फीकर मत कर.. अब इनका बदला मे हमारे बेडपे ले लुगा.. तुजेभी मुजे अ‍ैसेही संतुस्ट करना हे.. फीर हमारा असली खेल सुरु होगा.. तुम तैयार होजा.. मे अभी इसे साफ करके आता हु..

कहेकर धिरेन नीलमको बेडपे बीठा देता हे.. ओर अंदरके अ‍ेटेच बाथरुममे चला जाता हे.. तब नीलम अपने सभी करडे सही करने लगी.. ओर बेडकी ओर देखकर सरमाने लगी.. क्युकी पुरे बेडपे धिरेनने फुल बीछाकर रखेथे.. नीलम सरमाकर बेडके बीच चली गइ.. ओर अपने आपको धिरेनकी दुल्हन समजकर बेडके बीच जाकर अ‍ेक दुल्हनकी भांती बैठ गइ.. वो बैठकर अपने कपडेको सही करने लगी..
 
Back
Top