Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती - Page 29 - SexBaba
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Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती

तभी धिरेन बाथरुमसे अपना मुह पोछते बहार नीकला.. तो नीलम उनकी ओर देखकर सरमा गइ.. ओर धिरेन टोलीयेको बेडपे रखतेही नीलमके पास बेडपे आगया ओर नीलमको अपनी बाहोमे भरलीया.. तो नीलम बहुतही सरमाने लगी.. क्युकी अब वक्त आगया.. की यही बेडपे थोडीही देरके बाद उनका कौमार्य भंग होने वाला था.. ओर यही नीलमकी जमा पुंजीथी.. जो थोडीही देरमे धिरेन उसे लुटने वाला था..

धिरेन : (होंठ चुकते) नीलु.. अब कुछही देरमे तुम हमेसाके लीये मेरी होजाओगी.. तुजे कुछ कहेना हे..?

नीलम : (सरमाते धीरेसे) नही धिरेन.. अब मेने फैसला करलीया हे.. मुजे पुरी जींदगी अब आपके साथही बीतानी हे.. मेतो कबसे अपने आपको आपको समर्पीत कर चुकी हु.. अब ये तनपे सीर्फ आपकाही हक हे.. अब मुजे कुछभी नही सोचना.. आगे जोभी होगा देखा जायेगा.. बस.. मुजे मजधारमे कभी अकेली मत छोडना.. क्युकी आज मे अपना सबकुछ आपको सोंप रही हु.. मेरा कौमार्यभी..

धिरेन : (जोरोसे बाहोमे भीचते) नही नीलु.. बस मे यही सुनना चाहता था.. मेनेभी सब फैसला करलीया हे.. मेने सब सोचलीया हेकी क्या करना हे.. नीलु.. अगर जरुरत पडी तो मे पुनोको डीवोर्स दे दुगा.. ताकी तुजे मे मेरी कायदेसरकी बीवीका दर्जा दे सकु.. ओर मेरी सारी प्रोर्पटीकी वारीस तुजे बना सकु..

नीलम : (गाल चुमते) नही नही धिरेन.. आप उसे डिवोर्स मत देना.. मुजे आपकी प्रोर्पटी नही.. आपका प्यार चाहीये.. भलेही आप प्रोर्पटी पुनो दीदीको देदे.. मुजे कोइ अ‍ेतराज नही.. बस मुजेतो सीर्फ आपसे सादी करके आपका घर सम्हालना हे..

धिरेन : (बाहोमे भीचते) ओह.. नीलु.. तुम कीतनी अच्छी हो.. कास हमारी सादीको सब अ‍ेक्सेप्ट करले..

नीलम : (सरमाते सरारतसे) धिरेन.. अगर नही करेगे तो मे आपको भगा कर लेजाउगी.. हें..हें..हें.. लेकीन फीकर मत करो.. हमारी सादीको सब अ‍ेक्सेप्ट करलेगे.. क्युकी पुनोदीदीके खानदानमे.. दो दो तीन तीन सादीया होती हे.. अरे खुद मेरे पापाने मेरी मां के साथ दुसरी सादी करली हे.. तो हमे कोइ प्रोबलेम नही आयेगी..

धिरेन : (हसते) नीलु.. सही कहा तुमने.. इनके खुद मेरी मम्मीभी बाकात नही हे.. अच्छा ये बता..? तुजमे इतनी हींमत हे..? तो चल हम अभी भाग जाते हे.. हें..हें..हें..

नीलम : (सरमाते हसते) नही.. अभी नही.. अभीतो मेरा बोयफ्रेन्ड मुजे भगाकर इधर लेआया हे.. पता नही आज मेरे साथ क्या क्या करेगा.. बडा ही कमीना यार मीला हे मुजे.. हें..हें..हें..

धिरेन : (जोरोसे बुब्स मसलते) अच्छा मे कमीना.. ओर तुम..? मेरी कमीनी.. हें..हें..हें..

कहेते दोनोही मस्तीया करते अ‍ेक दुसरेके साथ छेडछाड करने लगे.. तो नीलमभी जोरोसे हसते धिरेनसे अपने बुब्सको बचाते इधर उधर भागनेकी कोसीस करने लगी.. ओर धिरेनने नीलमको बेडपे गीरा दीया ओर उनके उपर चड गया.. तबभी नीलम जोरोसे हसते धिरेनसे छुटनेकी नाकाम कोसीस करती रही.. जैसे हर ओरत करती हे.. लेकीन मनमे तो चाहती हे की जल्दही उनका यार उनको पेलदे..





ओर आखीर नीलम मस्तीया करते थोडी सांत होगइ.. ओर धिरेनकी ओर कामुक नजरोसे देखते मुस्कुराने लगी.. तब धिरेनने मस्ती करते धीरेसे अपना होंठ नीलमके होठोपे रख दीया.. ओर होठोको चुमने लगा.. तो नीलमभी थोडी मदहोसीमे धिरेनका साथ उनके होठोका रसपान करते देने लगी.. दोनोही आपसमे मस्तीया करते प्यारकी आगोसमे खोगये.. तो कुछही देरमे धिरेनने नीलमके टोपके बटन खोल दीये..





धिरेनने नीलमका टोप साइडमे करदीया.. ओर अपना हाथ अंदर घुसाते नीलमके संतरे जैसे बुब्सको थामलीया.. तब नीलमके मुहसे सीसकारीया नीकल गइ.. ओर वो धिरेनसे सरमाते अपनी नजरे चुराने लगी.. तो धिरेनभी नीलमके बुब्सको हल्कासा दबाते उनके होठोको चुमने लगा.. तभी नीलमने अपना मुह थोडासा खोल दीया.. ओर अपनी जीभ नीकालकर धिरेनके मुहमे ठुसनेकी कोसीस करने लगी..

तो धिरेननेभी अपना मुह खोल दीया.. ओर दोनोकी जीभ (टंग) आपसमे पेच लडाने लगी.. नीलमके उपर वासना हावी होने लगी.. वो कातील नजरोसे धिरेनकी आंखोमे देखने लगी.. उनकी आंख लाल होने लगी.. वो धिरेनके सीनेको अपने हाथोसे सहेलाने लगी.. तभी धिरेनने उनका टोप ओर उचा करदीया.. ओर अपना मुह नीलमके बुब्सपे लगा दीया.. तो नीलमने जोरोसे धिरेनके सरको अपने बुब्सपे दबा दीया..

नीलम : (मदहोसीमे) सीससस.. धि..रे..न.. आइ लव यु.. मुजे कुछ हो रहा हे.. कुछ करो.. मे टोप नीकालदु..? हंम..

धिरेन : (बुब्सकी नीपलको अपने होठोसे खीचते) नही नीलु.. बुच..बुच.. नी..लु.. आज मे तुजे इसी स्कुलके कपडोमे प्यार करना चाहता हु.. तु बता.. में क्या करु..? हंम..?

नीलम : (सरमाते धीरेसे सरको सहेलाते) मुजे नही पता.. आपही कुछ कीजीये.. आइइइइ.. जानु.. थोडासा धीरे.. दर्द होता हे.. धिरेन.. अपना सर्टभी नीकालोनां.. हंम.. अब रहा नही जाता..

धिरेन : नीलु.. अभीतो तुजे बहुत कुछ करना हे.. बीलकुल अ‍ैसे.. जैसे तुने वो थीअ‍ेटरमे कीयाथा..

नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे) क्या..? हंम..? वो.. मुहमे लेना हे..? हंम.. तो अपने कपडे नीकालोनां..

ओर धिरेनने अपने सब कपडे नीकाल दीये.. तो उनका लंड हवामे खडा होते लहेराने लगा.. तो नीलम उनको देखतेही बहुत सरमाइ.. ओर अपनी नजर घुमाकर सरमाते मुस्कुराने लगी.. ओर धिरेन बेडपे पीठके बल लेट गया.. ओर नीलमका हाथ पकडकर अपने उपर खीच लीया.. तो नीलम धिरेनके सीनेपे गीर गइ.. तब वो खुब सरमाइ.. ओर धिरेनके सीनेमे सर छुपा लीया.. तो धिरेन उनके बालोको सहेलाने लगा..

धिरेन : (लंडकी ओर इसारा करते) नीलु.. अब ठीक हेनां..? हंम.. आजा.. देखले.. अब तुजे सारी जींदगी इसीको जेलना हे.. आज मुजे अ‍ैसा लगता हेकी मे मेरी स्कुलकी गर्ल फ्रेन्डको मेरे घरपे चोदनेके लीये लेकर आया हु.. हें..हें..हें..

नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे) जानु.. आप कीतने गंदे हो.. अ‍ैसाभी कोइ बोलता हे..?

धिरेन : नीलु.. अब सरमा मत.. आजा.. अब यहा हमे नातो कोइ रोकने वाला हे.. ओर नाही कोइ देखने वाला.. अबतो हमारे घरका दरवाजा मन्डेके दिन सुबह ही खुलेगा.. यही समजलो आजसे अभीसे हमारा छोटा हनीमुन हे.. आज हम दोनोकी सुहागरात हे.. अब जल्द ही तुम मेरी सुहागन होगी..

नीलम : (इमोस्नल होते जोरोसे बाहोमे भीचते) ओह धिरेन.. आइ लव यु.. बस मुजे इसी दिनका इन्तजार हे.. मुजे सीर्फ यही सुख चाहीये.. धिरेन.. मे कभी आपको सीकाफतका मौका नही दुगी.. तुम जोभी कहोगे मे करुगी.. कहो मुजे क्या करना हे..? हंम..? इसे मुहमे लेलु..? हंम..? आप लेटे रहो मे कुछ करती हु..

कहेते नीलम धिरेनकी ओर कातील नजरोसे देखकर मुस्कुराते होठोको चुमने लगी.. ओर चुमते चुमते नीचेकी ओर सरकने लगी.. तो धिरेनके तनमे भी सुरसुराहट होने लगी.. वो आंख बंध करते आने वाले पलको अ‍ेन्जोय करने लगा.. ओर नीलम चुमते चुमते धिरेनकी नाभीके नीचे पहोंच गइ.. अ‍ेक बार नीलमने सर उठाकर धिरेनकी ओर वासना भरी नजरोसे देखा.. ओर वो धिरेनके लंडकी ओर चली गइ..
 
ओर आखीर नीलमने धिरेनके लंडको अपनी मुठीमे थामही लीया.. वो धिरेनकी ओर देखते लंडको होले होले सहेलाने लगी.. धिरेनका गोरा लंड देखकर नीलमकी आंखोमे वासनाके डोरे मंडराने लगे.. ओर धीरेसे सर जुकाते अपना होंठ धिरेनके लंडपे रख दीया.. ओर धिरेनके लंडकी उपरकी चमडीको अपने होठोसे खीचने लगी.. तब धिरेनके तनसे अ‍ेक बीजलीसी लहेर दोड गइ..





धिरेन : (सीसकारीया करते मदहोसीमे) नी..लु.. आइ.. लव.. यु.. बस.. अ‍ैसेही करना हे.. मुहमे लेले..





कहातो नीलम अपनी जीभ नीकालकर लंडपे घुमाने लगी.. ओर आखीर नीलमने लंडको अपने हाथोमे थाम लीया.. ओर लंडको नीचेसे उपरकी ओर जीभसे चाटने लगी.. तो धिरेनका तन कांपते हील गया.. नीलम धिरेनकी ओर देखते लंडको चाटती रही.. वो धिरेनकी अ‍ेक अ‍ेक हरकतको देखकर अ‍ेन्जोय कर रहीथी.. नीलमकी आंखमे वासना साफ दीखने लगी.. ओर आखीर उसने धिरेनके लंडको अपने मुहमे भरही लीया..





नीलम धिरेनके लंडको मुहमे लेकर अंदर बहार करने लगी.. तो धिरेनधी कोनीके बल बैठ गया ओर नीलमकी हरकतको देखने लगा.. धिरेनको अब नीलम बहुतकी कामुक दीखने लगी.. जैसे कोइ धरतीपे अप्सराह उतरके आइ हो.. धिरेनके तनमे वासना हावी होने लगी.. उनका लंड तनके सख्त लोहेकी माफीक हो गया.. ओर लंडसे तरल पानी नीकलने लगा.. तो नीलमको उनका स्वाद नमकीनसा लगा..

लेकीन ये देवायत या लखन थोडीना था.. ये तो धिरेन था.. धिरेन नीलमकी हरकतको ज्यादा देर बरदास्त नही कर सका.. ओर उनके लंडसे अ‍ेक पीचकारी छुट गइ.. ओर नीलमकी हलकमे चली गइ.. तो नीलमने जटसे लंडको मुहसे नीकाल दीया.. ओर अपने मुहपे हाथ रखते जोरोसे खांसने लगी.. ओर जटसे बेडसे उतरकर बाथरुमकी ओर दोडके चली गइ.. ओर अंदर जातेही वोस बेसीनमे थु.. थु.. करने लगी..

नीलमने अपना मुह पानीसे साफ करलीया.. धिरेनका कुछ विर्य उनकी हलकमे चला गया था.. नीलमको अबभी मुहमे उनका स्वाद आ रहाथा.. ओर वो आयनेमे देखने लगी.. तो कुछ बुंदे अबभी उनके चहेरेपे लगी हुइ थी.. तो नीलमने पुरा मुह साबुनसे साफ करलीया.. तभी उनके पीछे धिरेनभी आ गया.. ओर अपना लंड साफ करने लगा.. जब दोनो कंपलीट होगये तो धिरेनने फीरसे नीलमको अपनी गोदमे उठा लीया..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) जानु.. धीरेसे.. मे गीर जाउगी.. छोडीयेनां..

धिरेन : (बेडपे बीठाते) नही नीलु.. तुजे मे गीरने नही दुगा.. अबतो परसो सुबह तक तुजे अ‍ैसेही गोदमे लेकर घुमता रहुगा.. मेरी नीलम.. बहुत नाजुक हे.. अ‍ेक कच्ची कली.. जो कुछही देरमे इस घरमे फुल बनकर खीलेगी.. नीलु.. आइ लव यु.. चल अब जनतकी सेरके लीये तैयार होजा..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) जानु.. अभी अभीतो आपका नीकला हे.. तो क्या इतनी जल्दी वापस हो सकता हे..? मेनेतो सुना हे अ‍ेक बार नीकलनेके बाद कुछ वक्त लगता हे.. मुजे बताइअ‍ेना.. मुजे कुछ मालुम नही..

धिरेन : (बाहोमे भीचते) हां डार्लींग तुमने सही सुना हे.. लेकीन इसमे तुम मदद करो तो ये फीरसे जट खडा होजाता हे.. चल तुजे आज सब कुछ सीखाता हु.. लेकीन ये सब तुजे कीसने कहा..?

नीलम : (सरमाते हसते) वो.. मेरी बेस्ट फ्रेन्ड.. दिया.. उसीने मुजे बताया था.. आज वो भी अपने बी.अ‍ेफ.के घर गइ हे.. वो दोनोभी वहा मजे कर रहे होगे..

धिरेन : (मुस्कुराते) हंम.. लगता हे तुम दोनोके बीच काफी अच्छी अंडरस्टेन्डींग हे.. हें..हें..हें..

नीलम : (सरमाते हसते) हंम.. कमीनीने मुजे बहुत कुछ सीखाया हे.. जानु पता हे..? वो ओर उनके बी.अ‍ेफ. कइ बार सेक्स कर चुके हे.. वो उनके घरपेही हे.. ओर आजभी वो हमारी तराह दो दिन वही करने वाले हे.. जानु आज सामकोही उनका फोन आया था.. वो दोनोभी हमारी तराह सादी करने वाले हे..

धिरेन : (हसते) ठीक हे.. लेकीन तुम उसे मुजे मीलवाती तो हो नही.. उनकी बात जानकर क्या करुगा.. हें..हें..हें..

नीलम : (हसते अ‍ेक मुका मारते) नही.. अभी नही मीलवाउगी.. हमारी सादीके बाद मीललेना.. वरना जनाबका उनको देखकर इरादा बदल गया तो..? हें..हें..हें..

धिरेन : (जोरोसे बाहोमे भीचते) नही नीलु.. अब उपरसे खुद अप्सरा उतरके आये.. तोभी मे तुमको छोडने वाला नही हु.. बस.. मुजेतो सीर्फ मेरी नीलु चाहीये.. जो मेरी हर तम्मना बीना कोइ सवाल कीये पुरी करती जा रही हे.. नीलु.. मेतो तुजे पाकर धन्य होगया.. कास ये बात पुनम समज पाती.. मुजे उनसे अ‍ेक नफरतसी हो गइ हे.. नीलु.. मुजे कभी मत छोडना वरना मे जी नही पाउगा..

नीलम : (जोरोसे बाहोमे भीचते) धिरेन.. आइ लव यु.. बस.. अब कुछभी मत बोलना.. अबतो हम जीयेगेभी साथ ओर मरे..

इतना सुनतेही धिरेन नीलमके मुहपे हाथ रख देता हे.. ओर दोनोही अ‍ेक दुसरेकी बाहोमे काफी देर तक बेठे रहे.. नीलमकी आंख गीली होगइ थी.. धिरेन उनके आंसु अपने हाथोसे पोछने लगा.. लेकीन उन दोनोको नही मालुम थाकी इस गांवसे दुर पुनम अपने पहेले पती देवायतसे जमकर चुदवाकर नहा धोकर जब सृती ओर देवायत सोगये तब ध्यान लगाकर बैठी हे.. ओर इन दोनोके उपर अपनी नजर जमाये बैठी हे.. पुनम इन दोनोका प्यार देखकर मुस्कुराने लगी..
 
क्युकी इन दोनोके बारेमे सीर्फ वो ओर मंजुही जानती थी.. जो इस वक्त दोनो साथ जीने मरनेकी कसम खा रहेथे.. तब नीलमको भी नही पताथा की उनके नसीबमे कीतने लंड लीखे हे.. तभी पुनमको लखनके बारेमे भी खयाल आया की अभी उनका छोटा भाइभी दो दो बीवीया सम्हालकर बैठा हे.. ओर बहारभी उनका कीतनी ओरतोके साथ रीलेशन हे.. तो लखन अब नीलम ओर उनकी मांको कैसे सम्हाल पायेगा..?

तभी पुनमके मनमेभी अ‍ेक खयाल आया.. ओर वो मनही मन मुस्कुराने लगी.. पुनमने इस बारेमे अ‍ेक बार अपनी भाभी मंजुसे बात करना उचीत लगा.. क्युकी जो जडीबुटी देवायतको मंजुने दी हुइथी.. वोही जडी बुटी थोडीसी पुनम लखनको देना चाहती थी.. ताकी लखन उनकी दोनो बीवीओके साथ साथ नीलम ओर उनकी मां रमाको सम्हाल सके.. ओर ओरतो को बच्चा देनेभी सक्षम होसके..

इधर धिरेन ओर नीलम अ‍ेक दुसरेके अंगोके साथ खेल रहेथे.. तो कुछ वक्तके बाद फीरसे धिरेनका लंड फीरसे सख्त होने लगा.. तो नीलमने उसे मुठीमे भर लीया.. ओर धिरेनकी ओर वासना भरी नजरोसे देखने लगी.. दोनो कबसे ओरल सेक्स कर रहेथे.. तो अब नीलमकी धिरेनके साथ मीलन करनेकी तडप बढने लगी.. वो बार बार धिरेनके सरको अपने बुब्सपे दबाने लगी.. ओर बारी बारी अपने दोनो बुब्स धिरेनको चुसवाने लगी..

तो धिरेनभी अ‍ेक बुब्सको मसलते दुसरे बुब्सको चुमने लगता.. दोनोही फीरसे काम वासनामे जलने लगे.. अचानक धिरेन नीलमके सामने सही होकर बैठ गया ओर नीलमके दोनो हाथ थालीये.. तो नीलम धिरेनकी आंखोमे देखने लगी.. तो धिरेनभी नीलमकी आंखोमे देखने लगा.. दोनोही खामोस होकर अ‍ेक दुसरेकी आंखोमे देखने लगे.. तब आंखोही आंखोमे दोनोने बहुत सारी बाते करली..





ओर नीलमने सरमाते धीरेसे अपनी आंख जुकाली.. ओर धीरेनकी बाजुओको पकडते बेडपे पीठके बल लेटने लगी.. तो धिरेनभी उनके उपर जुकता गया ओर नीलमके उपर लेट गया.. तो नीलम धिरेनकी नंगी पीठमे हाथ घुमाने लगी.. तभी धिरेनका लंड नीलमकी चुतपे ठोकर मारने लगा.. तो नीलमने धिरेनको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचते अपने बदनसे चीपका लीया.. ओर पहेली बार था.. जो नीलम अ‍ेक मर्दके नीचे लेटी हुइ थी..





अब वक्त आगया था.. की नीलम.. अपनी जींदगीका पहेला मीलन करने जा रहीथी.. दोनोही काम वासनामे इतने जल रहेथे.. की नीलम अपना डर बर सब कुछ भुल चुकी थी.. उनकोतो बस इन्तजार थातो उस पलका.. जो धिरेन उनका कौमार्य भंग करेगा.. वो लगातार धिरेनकी ओर वासना भरी नजरोसे देखती रही.. तो धिरेन उनके उपर लेटकर नीलमके गलेको चुमते उनके होठोका रसपान करने लगा..





आग दोनो तरफ बराबर लग चुकीथी.. बस इन्तजार था तो सीर्फ पहेलका.. नीलमकी चुत लगातार पानी छोडने लगी.. उनके दोनो बुब्स सख्त हो चुकेथे.. तभी धिरेनने उनके होठोको चुमते बुब्सको अपने हाथोमे थामलीया.. ओर जोरोसे मसलने लगा तो नीलम आंख बंध करके छटपटाने लगी.. ओर उसने हिंमत करते अ‍ेक हाथ नीचे लेनाकर धिरेनके लंडको पकड लीया.. ओर सभी सरम त्यागते अपनी चुतपे घीसने लगी..

धिरेन : (होंठ चुमते) नीलु.. अब डालदु..? हंम..? बहुत मन कर रहा हे..?

नीलम : (सरमाते धीरेसे) हंम.. जानु.. अब नही रहा जाता.. डाल दीजीये..

धिरेन : (होंठोको चुमते) नीलु.. क्या डालदु..? हंम..? थोडा स्कर्ट उचा करदे.. तुम इस स्कुलके ड्रेसमे मस्त लग रही हे.. बस इसी ड्रेसमे हमारा पहेला मीलन होगा..

नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे) जानु.. अब मत तडपाओ.. मे रेडी हु.. आप डालोनां.. आपको इसी ड्रेसमे करना थानां..? हंम..? जानु.. अब मुजे लडकीसे ओरत बनादो.. इसके लीये मे बहुत तडपी हु..

कहतो धिरेन थोडी कमर उची करते अपने लंडको पकडता हे.. ओर नीलमकी चुतपे सेट करता हे.. तो नीलम सतर्क होगइ.. ओर अपने होठोको दांतोसे दबाते अपनी आंख बंध करली.. ओर धिरेनकी हरकतका इन्तजार करने लगी.. तभी धिरेनने अपनी कमरको थोडासा चुतपे पुस कीया.. तो धिरेनका लंड नीलमकी चुतसे नीकले पानीसे गीला था.. तो फीसलकर चुतसे नीलमकी जांगोमे घुस गया.. तो धिरेनने फीरसे लंडको पकड लीया.. ओर वापस चुतपे सेट करते फीरसे पुस कीया..





तो वापस लंड फीसलकर नीलमकी जांगोमे घुस गया.. ओर धिरेन सर्मीन्दा होने लगा.. तो नीलमभी सरमाकर मुस्कुराते धिरेनकी ओर देखने लगी.. अ‍ेक बारतो नीलमको लगाकी धिरेन अबभी इस मामलेमे अनाडी हे.. ओर उनको धिरेनने कही अपने हनीमुनपे पुनमकी चीखे नीकलवानेकी बातभी गलत लगी.. इतना सोचते ही नीलमके मुहसे मुस्कुराट गायब होगइ.. ओर वो धिरेनकी ओर सवालीया नजरोसे देखने लगी.. तभी....

कन्टीन्यु
 




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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - १५७

तो वापस लंड फीसलकर नीलमकी जांगोमे घुस गया.. ओर धिरेन सर्मीन्दा होने लगा.. तो नीलमभी सरमाकर मुस्कुराते धिरेनकी ओर देखने लगी.. अ‍ेक बारतो नीलमको लगाकी धिरेन अबभी इस मामलेमे अनाडी हे.. ओर उनको धिरेनने कही अपने हनीमुनपे पुनमकी चीखे नीकलवानेकी बातभी गलत लगी.. इतना सोचते ही नीलमके मुहसे मुस्कुराट गायब होगइ.. ओर वो धिरेनकी ओर सवालीया नजरोसे देखने लगी.. तभी....अब आगे

धिरेन : (सरमाते धीरेसे) नीलु.. तेरा पहेली बार हेनां..? तो मे ध्यान रखकर धीरेसे कर रहा था.. वरना तुजे नीचे तकलीफ होगी..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) जानु.. कोइ बात नही.. आप फीरसे कोसीस करो.. मे कुछ मदद करु..? हंम..?

कहातो धिरेनको अपनी मर्दानगीपे जो गर्वथा उनपे चोट आते नजर आइ.. जैसे नीलम इनकी मर्दानगीपे सक कर रही हो.. धिरेनने नीलमको नां मे गरदन हीलाते मना करदीया.. ओर फौरन अपना लंड वापस मजबुतीसे पकड लीया.. इसबार वो ध्यानसे नीलमकी चुतके लव होलको ढुंढने लगा.. ओर अपना लंड लवहोल मे पुस करके फसा दीया.. फीर नीलमकी ओर देखकर फीरसे अपनी कमरको चुतपे पुस कीया..

तो लंड थोडासा अंदर फस गया.. तो नीलमको कुछ अजीबसा महेसुस हुआ.. ओर उनके मुहसे आह.. की आवाज नीकल गइ.. ओर धिरेनके सीनेपे हाथ रखते उनको धका मारते रोकने लगी.. तो धिरेनका लंड वापस टेडा होकर वापस बहार नीकल गया.. तो दोनोही अ‍ेक दुसरेके चहेरेकी ओर देखने लगे.. तब..

धिरेन : (थोडा गुस्सेसे) नीलु.. क्या कर रही हो.. अभी अंदर तो गयाथा.. तो मुजे क्यु रोक दीया..?

नीलम : (सरमाते धीरेसे) धिरेन.. मुजे अ‍ैसा लगा.. की नीचे कीसीने कुछ बडी चीज घुसादी हो.. तो थोडा दर्द होने लगाथा.. तो अ‍ैसा होगया.. आइ अ‍ेम सोरी..

धिरेन : (मुस्कुराते होंठ चुमते) नीलु कोइ बात नही.. क्या हेनां आज तेरा पहेली बार हेनां..? तो अ‍ैसा लगता होगा.. तुम डरो मत.. तुजे कुछ नही होगा.. अगर तुजे अ‍ैसा लगता हे तो तुम खुद इसे पकडकर अंदर डालनेकी कोसीस करो.. मे कुछ नही करुगा..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) हंम.. जानु.. मे कोसीस करती हु.. आप मुजे सम्हाल लेना..

कहेते नीलमने अ‍ेक हाथ नीचे लेजाकर धिरेनके लंडको पकडलीया.. ओर अपनी नजरे चुराते लंडको अपनी चुतपे धीसने लगी.. तो धिरेनका लंड गीला होने लगा.. नीलम धीरे धीरे करते अंदर तक धीसती रही.. ओर आखीर अपनी चुतके लव होमे फसाकर धीरे धीरे अंदर पुस करने लगी.. तब लंड उनकी चुतकी जीली तक चला गया.. ओर नीलमने लंडको छोडकर धिरेनको अपनी बाहोमे भीचते अपने तनसे चीपका लीया..





धिरेन इतनाभी अनाडी नही था.. वो पुनमकी काफी बार चुदाइ कर चुकाथा.. उनको भी पताथा की नीलम अ‍ेक कच्ची कुआरी हे.. ओर पहेली बारमे कीतना दर्द होता हे.. अब उसने नीलमपे कोइ रहेम नही खाया.. ओर उसने नीलमके सरको दोनो हाथोसे पकडलीया.. ओर अपना होंठ नीलमके होठोपे रखते लीपलोक करलीया.. तब नीलम भी समज गइकी अब वो लडकीसे ओरत बनने जा रही हे.. तो उसने भी अपनी आंखे जोरोसे भीचते बंध करली..

तभी धिरेनने अपनी कमरको पुस ना करते अ‍ेक जोरोका जटका देदीया.. तो धिरेनका लंड नीलमकी चुतकी जीलीको चीरते थोडासा अंदर घुस गया.. तभी नीलमके मुहसे जोरोकी चीख नीकल गइ.. ओर वो आंसु बहाते दर्दसे तील मीलाते अपने दोनो पैर बेडपे पटकने लगी.. ओर धिरेनके सीनेपे हाथ रखते उनको अपने उपरसे हटानेकी कोसीस करने लगी.. फीरभी धिरेनने नीलमको होठोको नही छोडा..





ओर नीलम कुछ समज पाती उनसे पहेले ही धिरेनने अपनी कमरको अ‍ेक ओर जटका देदीया.. तो धिरेनका पुरा लंड नीलकी चुतमे घुस गया.. तो नीलम अ‍ेक बार फीर जोरोसे चीखते धिरेनके सीनेमे मुके मारने लगी.. ओर अपने दोनो पेर बेडपे पटकते अपना मुह इधर उधर करते धिरेनसे लीपलोक छुडवानेकी कोसीस करने लगी.. तो धिरेन अ‍ैसेही रुकते नीलमके सरको सहेलाने लगा.. ओर होठोको चुमने लगा..

नीलमको अ‍ैसा लगाकी कीसीने उनकी चुतमे बोइ डंडा घुसा दीया हो.. उनकी चुतमे जलन होने लगी.. ओर चुतसे मामुली खुन जैसा नीकल गया.. तो धिरेनको भी अ‍ैसा लगाकी उसने अपना लंड कीसी गरम भठी मे डाल दीया हो.. उनके लंडपे नइ चुतकी वजहसे गरमाहट महेसुस होने लगी.. जीनकी वजहसे उनका लंड ओर सख्त होगया.. तो धिरेनका जोस कइ गुना बढ गया..

वो नीलमके होठोको जोरोसे चुमते अ‍ेक हाथसे उनके सरको सहेलाता रहा तो दुसरे हाथसे नीलमके बुब्सको मसलने लगा.. तब नीलम अबभी दर्दसे तील मीला रहीथी.. ओर धिरेनने लीपलोक छोड दीया.. तो नीलम रोने लगी.. ओर धिरेनसे छुटनेकी मनते करने लगी.. वो दर्दके मारे अपना मुह बीगाडते धिरेनसे नजरे चुराते इधर उधर देखने लगी.. नीलमने आज पहेली बार कीसीका लंड अपनी चुतमे लीयाथा.. तभी..

नीलम : धिरेन.. प्लीज.. नीकालदो.. मुजे नही करना.. बहुत दर्द हो रहा हे..

धिरेन : नीलु सांत होजा.. जो होनाथा होगया.. अब तुजे कुछ नही होगा.. दर्द अभी चला जायेगा..

नीलम : (दर्दसे मुह बीगाडते) धिरेन.. नीचे बहुत जलन हो रही हे.. मुजे कुछ होगातो नही..? उइइइ मां.. आहहह.. सीसससस.. मम्मीइइइ.. मुजे नही करना.. छोडो मुजे.. मे मर जाउगी.. प्लीज..





धिरेन : (थोडा गुस्सेसे सरको सहेलाते) नीलु.. पागल हो गइ हो क्या..? क्यु चीला रही हो..? आजतक इनमे कोइ मरा हे क्या..? कहथानां अभी दर्द चला जायेगा.. पुनमकोभी अ‍ैसा हुआथा.. वो तो नही मरी.. बात करती हे..

नीलम : (थोडी सांत होते) धिरेन.. मुजे कुछ होगातो नही..? हंम..?

धिरेन : (प्यारसे समजाते) नही नीलु.. तुजे कुछ नही होगा.. मे हुनां..? बस तु उस दर्दसे अपना ध्यान हटा.. ओर मुजे कीस करती रहे.. अभी तेरा दर्द खतम हो जायेगा.. सबको पहेली बार अ‍ैसाही होता हे.. क्या तुजे तेरी फ्रेन्डने नही कहाथा..? हंम..? डार्लीग.. जो दर्द होनाथा वो होलीया.. अबतो तु जनतकी सैर करेगी.. देखना फीरतो तुमही मुजे सामनेसे चुदवानेके लीये कहेगी..

कहतो नीलम हां मे गरदन हीलाने लगी.. धिरेन उनको सरमजाते बाते करने लगा.. ओर नीलमको थोडी देर बातोमे उलजाते रखा.. तब कुछही देरमे नीलमका दर्द काफी कम होगया.. ओर उसे पताभी नही चला.. तब बीच बीचमे धिरेन नीलमके होठोको ओर उनके बुब्सको बारी बारी चुमता रहा.. तब नीलमको रीयलाइज हुआकी उनका दर्द चला गया हे ओर धिरेनका लंड अबभी उनकी चुतमे हे..

ओर नीलमने राहतकी सांस ली.. नीलमकी दर्द भरी सीसकारीया कामुक सीसकारीयोमे तबदील होने लगी.. ओर नीलमने धिरेनको अपनी बाहोमे भीचलीया.. ओर सामनेसे धिरेनके होठोको चुमने लगी.. तब धिरेन समज गयाकी नीलमका दर्द खतम होचुका हे.. ओर वो नीलमके गले ओर उनके बुब्सको जोरोसे चुमने लगा.. तो नीलमभी धिरेनकी पीठ सहेलाने लगी..

धिरेन : (मुस्कुराते) नीलु.. दर्द चला गया..? हंम..? मे सुरु करु..?

नीलम : (सरमाते धीरेसे) हंम.. अब नही हे.. धिरेन अब बहुत अच्छा लग रहा हे.. आप धीरे धीरे करना..

कहतो धिरेन धीरे धीरे अपनी कमर हीलाते लंडको अंदर बहार करने लगा.. तो नीलनको अबभी थोडा दर्द महेसुस होता रहा.. ओर वो कोइ रीअ‍ेक्शन दिये बगैर अ‍ैसेही पडी रही.. धिरेन होले होले कमर हीलाते नीलमको चोदने लगा.. धिरेनका लंड बहुतही छोटाथा.. चुतमे थोडाही जा रहाथा.. तो नीलमभी पहेली बार चुदवा रहीथी.. लेकीन फीरभी धिरेनका लंड नीलमका कौमार्य भंग करनेके लीये काफीथा..
 
नीलम धिरेनके छोटे छोटे जटकेको अ‍ैसेही पडी रहेते जेलने लगी.. नीलमको तो बस अपनी चुतमे सीर्फ धिरेनका लंड घर्सण होता ही महेसुस हो रहाथा.. वैसेभी धिरेनका लंड बच्चेदानीसे बहुत दुर रहेता था.. ओर उनका स्पमभी इतना कमजोर थाकी बीच रास्तेमेही दम तोड देता था.. तो धिरेन कीसीभी लडकीको मां बनानेमे सक्षम नही था.. तो नीलम भी अ‍ैसेही पडी रहेते धिरेनके जटकेको जेलती रही..





तो कुछही देरमे धीरे धीरे करते नीलम वापस उतेजीत होने लगी.. उनको धिरेनका अ‍ैसे चोदना अच्छा लगने लगा.. ओर अ‍ेक बार फीर नीलमके तनमे वासना हावी होने लगी.. उनकी आंख लाल होने लगी.. वो धीरे धीरे सीसकारीया करने लगी.. तब कुछही देरके बाद वो पुरी तराह मदहोस हो चुकीथी.. ओर उसने धिरेनके गलेमे हाथ डालकर धिरेनको अपने तनसे चीपका लीया.. तो धिरेन उनके गलेमे मुह डालते उनको चुमते अपनी कमरको जटके देने लगा..

धिरेन : नीलु.. अब मजा आ रहा हे..? हंम.. थोडा जोरोसे करु..? हंम..?

नीलम : (मदहोसीमे सीसकारीया करते) सीसस.. आह..आह..आह.. हं..म... जानु.. बहुत.. म..जा.. आ..र.. हा.. हे.. आइइ.. आह..आह..आह... अहं.. अहं.. अहं.. आप.. करते ..रही..ये.. थोडा.. जोर..से.. हंम..

आखीर नीलम ओर धिरेनका मीलन हो ही गया.. धिरेनकी नीलमको उनके स्कुलके ड्रेसमे चोदनेकी तम्मना आज नीलमने पुरी करदी.. इस वक्त नीलम धिरेनके नीचे वोही स्कुल ड्रेसमे अ‍ेक स्कुल गर्ल बनके चुदवा रहीथी.. नीलम वाकइ आज अ‍ेक कच्ची कलीकी तराह लग रहीथी.. अ‍ैसा लगताथा की वो स्कुलसे बंक मारके अपने यारके घर उसे मीलने आइ हो.. ओर उनके यारने उनको जबर दस्तीसे चोदलीया हो..

धिरेनने अपने चोदनेकी रफ्तार थोडी बढाइ.. तो नीलम बहुतही कामातुर हो गइ.. ओर उसजे जोरोसे धिरेनको अपनी बाहोमे भीचलीया ओर धिरेनके होठोको जोरोसे चुसते अपनी कमरको हीलाते जटके देने लगी.. नीलम अब बीन्दास्त कामुक नजरोसे धिरेनकी आंखोमे देखती रही.. ओर धिरेनके साथ अ‍ेक खेली खाइ रंडी की तराह अपनी कमर उछालते धिरेनको ताल मेलमे साथ देने लगी..

नीलम : (कामुक आवाजमे) जानु.. आइ..लव..यु.. मुजे ओर जोरोसे चोदो.. बहुत.. मजा..आ रहा.. हे..

कहातो धिरेनने नीलमके गलेमे मुह डाल दीया.. ओर गलेको चुमते होले होले सोट मारने लगा.. तो नीलमके मुहसे कामुक सीसकारीया नीकलने लगी.. ओर वो बहुतही उतेजीत होगइ.. नीलम अपने होठोको अपनेही दातोसे दबाते आधी आंख चडाकर मदहोस होगइ.. तभी धिरेनने उनके दोनो बुब्स नीलमका टोप उचा करके अपने हाथोमे थामलीया.. ओर अपना मुह लगाते दोनो बुब्सकी नीपलको चुमते खीचने लगा..





तो नीलमकी काम वासना ओर भडक गइ.. ओर वो अपनी कमर जोरोसे उछालते धिरेनको वासना भरी नजरोसे देखते ओर जोरोसे चोदनेके लीये उक्साने लगी.. लेकीन धिरेन नीलमको अपनीही रफ्तारसे चोदे जा रहाथा.. तो अ‍ेक बारतो नीलमभी मनमे धिरेनको गालीया देने लगी.. दोनोके बीच काफी देरतक चुदाइका दौर चला.. तभी अचानक धिरेन नीलमसे चीपकते उनके गलेमे मुह डालते नीलमको जोरोसे चोदने लगा..

तो नीलमके तनमे भी सुरसुराहट होने लगी.. ओर दोनोने अ‍ेक दुसरेको अपनी बाहोमे भीचलीया ओर दोनोने अपने होठोको आपसमे मीलाते लीपलोक करलीया.. तब धिरेन अपनी कमरको जटके देने लगा.. तो नीलमको अपनी चुतमे थोडा गरम महेसुस हुआ ओर वोभी उतेजनासे कांपने लगी.. ओर दोनोही साथमे जडने लगे.. तब धिरेन अबभी रुक रुकके अपनी कमरको जटके दे रहाथा..

ओर आखीर नीलमके सीनेपे सर रखते ढेर होगया.. तो नीलम अपनी सांसे दुरस्त करते धिरेनकी पीठको अनायास ही होले होले सहेलाती रही.. आज दोनोकी पहेली चुदाइका पहेला ओर्गेनीज्म था.. तो कुछही देरमे धिरेनका लंड सीकुडकर ढीला होते छोटा होगया.. ओर अपने आपही नीलमकी चुतसे बहार नीकल गया.. तो नीलमकी चुतसे खुनके साथ दोनोका थोडासा कामरसभी बहार नीकला..





नीलमने वही पडे नीकरको अपनी चुतपे रख दीया.. ओर साफ करने लगी.. तो नीलमको अपनी चुतमे थोडीसी जलन होने लगी.. तो वो फौरन बैठ गइ.. ओर बेडसे उतरते बाथरुमकी ओर जानेके लीये खडी होगइ.. तो चुतपे ज्यादा जलन होने लगी.. तो नीलम वापस बेडपे बैठ गइ.. ओर धिरेनकी ओर सरमाते देखने लगी.. तो धिरेन समज गया.. ओर उसने नीलमको अपनी गोदमे उठालीया..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) जानु.. नीचे बहुत जलन हो रही हे.. कुछ होगातो नही..? हंम..?

धिरेन : अरे नही नीलु.. बस मामुली दर्द हे.. अभी तेरी चुतकी सीकाइ करदुगा.. ओर तुजे अ‍ेक पेइनकीलर देदुगा.. तो सब ठीक हो जायेगा..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) हां जानु.. वो दियाभी कुछ अ‍ैसाही केह रहीथी.. कहाथाकी पहेली बारमे दर्द होगा तो गरम पानीसे सीकाइ करलेना.. वरना तेरे जीजुको कहेना वोही करदेगे..

धिरेन : (बाथरुमके अंदर जाते) हंम.. लगता हे तेरी फैंन्डको इनका काफी अक्सीरीन्स हे.. हें..हें..हें..

कहातो नीलम सर्मसार होगइ.. ओर मुस्कुराते धिरेनको अ‍ेक मुका जड दिया.. तो धिरेनभी हसने लगा.. फीर धिरेनने गरम पानीसे नीलमकी चुतकी सीकाइ करदी.. ओर दोनो साथमे सावर लेने लगे.. धिरेन नीलमको तनमे मल मलके साबुन लगा रहाथा.. तब नीलम बहुतही सर्मसार होने लगी.. ओर वोभी सरमाते धिरेनके बदनमे साबुन लगाने लगी.. फीर दोनोने नहालीया तो धिरेन नीलमको गोदमेही वापस रुममे लेकर आगया..

आकर देखा तो धिरेनके बेडपे सफेद चदरके बीच छोटासा खुनका धब्बा हो गयाथा.. तो उसे देखकर अ‍ेक बारतो नीलमभी गभरा गइ.. धिरेनने नीलमको वही बेडके कीनारे बीठा दीया ओर चदर खीचके नीकालदी.. तो गदेकी ओर देखकर धिरेनभी थोडा परेसान होगया.. क्युकी चदर चेन्ज करकेभी कोइ फायदा नही था.. खुनके धब्बे नीचे गदे तक चले गये थे..

ओर धिरेन चदरको लेकर बाथरुम मे चला गया ओर उसे वोशींग मशीनमे डाल दीया.. फीर अलमारीसे नइ चदर लेकर बीछाने लगा.. तब नीलम उसे देखती ही रही.. उसने धिरेनकी मदद करना चाही लेकीन धिरेनने उसे मना करदीया.. धिरेनके चहेरेपे परेसानीके भाव अबभी दिख रहेथे.. उसे लगाकी अगर ये धब्बे पुनमने देखलीये तो उनके कीतने सवालोका जवाब देना पडेगा.. तभी..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) धिरेन.. अगर ये पुनमदीदीने देखलीया तो..? आपको कुछ कहेगीतो नही..?

धिरेन : (मुस्कुराते चदर बीछाते) नीलु.. तुम इसकी चीन्ता मत करो.. मे सब सम्हाल लुगा.. वो कुछभी नही कहेगी.. मेने हमारे फ्युचरकी पुरी प्लानींग सोचके रखी हे.. बस अ‍ेक बार पुनम ओर बडे जीजु आजाये.. तो पुनमको वो मकान दीखादु.. ओर बडे जीजुके हाथोसेही उनका सौदा करवालु.. फीर कोइ दीकत नही..

नीलम : (अ‍ेक दम सरमाते धीरेसे) धिरेन.. थेन्क्स.. आपने मुजे आज अ‍ेक लडकीसे औरत बना दीया.. आपने आज मुजे वाकइ जनतकी सेर करवादी.. जानु.. अब मे कपडे पहेनलु..? हंम..

धिरेन : (उनके पास बैठते बाहोमे भीचते) नही नीलु.. आज हमारी सुहागरात हे.. अब परसो सुबह तक हम दोनोमे से कोइ कपडे नही पहेनेगे.. यही समजलो हम यहा हनीमुन मना रहे हे.. हां अगर पहेनना होतो सीर्फ अपनी ब्रा ओर पेन्टी पहेनना.. बाकी कुछभी नही..

नीलम : (सर्मसार होते मुस्कुराते) हंम.. जानु.. क्या हनीमुनमे सब अ‍ैसेही करते हे..? हंम..? क्या आप ओर पुनमदीदी.. लखनजीजु ओर लतादीदीने भी वही कीयाथा..?

धिरेन : (होठोको चुमते) हंम.. जब तक हम हमारे रुममे रहेते थे.. तो अ‍ैसेही रहेते थे.. जब हमे घुमने जाना होताथा.. तबही हम कपडे पहेनते थे.. बाकी लखनभैया ओर लताभाभीकी बातही कुछ ओर थी.. दोनोही बीन्दास्त थे.. ओर अ‍ेक दुसरेको प्यारभी बहुत करते हे.. तो लताभाभी तो बहारभी मस्त सेक्सी ड्रेस पहेनकर आती थी.. वैसेतो पुनमभी सब लेटेस्ट कपडे पहेनती थी.. वो हमारी सादीके बाद मेरे साथ काफी खुल चुकीथी..

नीलम : (सरमाते मुस्कुराते) हंम.. मतलब आपका हनीमुन मस्त गया.. जानु.. अ‍ेक बात पुछु..? जब हमारी सादी होजायेगी तब आप मुजे कहा हनीमुनपे लेजायेगे..? हें..हें..हें..

धिरेन : (बुब्स दबाते होठ चुमते) जहा मेरी नीलम डार्लींग कहेगी.. नीलु.. तु जहा कहेगी हम चलेगे.. बस अ‍ेक बार हमारी सादी होजानेदे.. फीर देख.. तुजे कैसे मेरी रानी बनाके रखता हु..

नीलम : (सरमाते हसते) जानु.. अब हम सोजाये.. हंम.. अभी भी नीचे थोडासा दर्द हो रहा हे..

धिरेन : (थोडा मायुस होते) नीलु.. क्या सोना हे..? आज हमारी सुहागरात हे.. हम पुरी रात जागते हेनां.. मुने अ‍ेक बार ओर करना हे.. आज तुजे थोडा दर्द हे इसीलीये अब सीर्फ अ‍ेक बार.. वरना मे तुजे पुरी रात चोदना चाहता था.. हम कल पुरी रात जागेगे.. हंम..

नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे कामुक नजरसे देखते) धिरेन.. क्या आपको सचमे अभी करना हे..? लेकीन मुजे दर्द हो रहा हे.. कुछ होगातो नही..? हंम..? अगर आपका मन हे तो करलो.. अबतो मेने अपना सबकुछ आपको सोंप दीया हे.. अब ये नीलम सीर्फ तुम्हारी हे.. जो मरजी आये करलो..

धिरेन : (बुब्स चुमते) बुच..बुच.. थेन्क्स नीलु.. क्या तेरा मन नही हे..? हंम.. तो रहेने दे.. हम कल करेगे.. नीलु.. मे जानवर नही हु.. तुजे सचमे बहुत प्यार करता हु.. कल सुबह तक तुम बीलकुल ठीक होजाओगी.. तो हम कल करेगे..

नीलम : (जटसे) अरे नही नही.. आप करलो.. लेकीन अभी सीर्फ अ‍ेक बार.. इस बार तुम धीरे धीरे करना..
 
कहातो धिरेन नीलमको बाहोमे भरते उनके गले ओर होठोको चुमने लगा.. तो नीलम फीरसे मदहोस होने लगी.. दोनो मेसे कीसीने कपडे नही पहेने थे.. तो नीलम बीना कपडोमे अ‍ेक काचकी पुतलीकी तराह चमक रहीथी.. ओर वैसेभी नीलमका रंग उनकी मां रमाकी तराह अ‍ेकदम गोरा था.. ओर नैन नक्सभी उनकी मां की तराह तीखे थे.. लंबे बाल उनकी कामुक्ताको ओर उजागर कर रहेथे..





कुछही देरमे दोनो फीरसे बहेकने लगे.. दोनोके उपर पुरी तराह कामवासना हावी हो चुकीथी.. धिरेन लगातार नीलमके बुब्स गले ओर होठोको चुमता रहा.. जीनकी वजहसे अब नीलमसे बरदास्त करनाभी मुस्कुल होने लगा.. ओर नीलमने धिरेनके लंडको अपनी मुठीमे पकडलीया.. ओर होले होले सहेलाने लगी.. जीनकी वजहसे धिरेनका लंड अ‍ेक बार फीर लोहेके माफीक सख्त हो गया..

ओर उसने नीलमको जोरोसे बाहोमे भीचलीया.. वो नीलमको बाहोमे भीचते बेडसे खडा होगया.. ओर नीलमको भी साथमे बडा करदीया.. दोनोने अ‍ेक दुसरेको अपनी बाहोमे भरते जोरोसे भीचलीया.. ओर अपने होठो मीलाते अ‍ेक दुसरेके मुहके रसको पीने लगे.. दोनोही अ‍ेक दुसरेकी जीभसे आपसमे पेच लडाने अ‍ेक दुसरेके मुहमे घुसानेकी कोसीस करते रहे.. आज कामदेव ओर रतीभी इन दोनोपे कुछ ज्यादाही महेरबान थे..





नीलमकी आंखोमे वासना पुरी तराह हावी हो चुकीथी.. वो धिरेनकी आंओमे वासनाभरी नजरोसे लगातार देखते उनका लंड अपनी चुतपे घीसने लगी.. तो धिरेन समज गया.. ओर उसे अब देर करना उचीत नही लगा.. वो खडे खडेही नीलमका पैर जांगोसे उठा लेता हे.. तो नीलम धिरेनके गलेमे हाथ डालते धिरेनके लंडको अपनी चुतका रास्ता दीखा देती हे..

ओर लंडको थोडासा अपनी चुतमे फसाके धिरेनकी ओर वासनाभरी नजरोसे देखती हे.. तो धिरेनने अपनी कमरको आगेकी ओर जटका दीया.. तो उनका लंड नीलमकी चुतमे घुस गया.. तो नीलमके मुहसे हल्कीसी चीख नीकल गइ.. ओर उसने धिरेनके गलेमे अपना मुह छुपा लीया.. तो धिरेनने नीलमके गलेमे हाथ डालकर अपनी कमरको जोरोसे आगे पीछे करते नीलमकी खडे खडेही चुदाइ करने लगा..





नीलमभी धिरेनसे मजेसे चुदवाने लगी.. वो अपना सारा दर्द भुल चुकीथी.. ओर लगातार धिरेनकी आंखोमे वासना भरी नजरोसे देखते धिरेनके हर जटकेको अ‍ेन्जोय कर रही थी.. ओर बीच बीचमे वो खुद धिरेनके होठोको चुम लेतीथी.. ओर अ‍ेक बार फीर दोनोके बीच चुदाइका दौर चल पडा.. नीलम ओर धिरेन पहेली बार खडे खडे चुदाइ कर रहेथे.. तब नीलम धिरेनको ज्यादा देर बरदास्त नही करपाइ..

ओर नीलमने धिरेनको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचलीया ओर उनके गलेमे मुह डाल दीया.. तब धिरेनको अपने लंडपे गरमाहट महेसुस हुइ तो वो समज गयाकी नीलम जड चुकी हे.. तो धिरेनने जटसे अपना लंड नीलमकी चुतसे नीकाल दीया.. नीलम कुछ समज पाती उनसे पहेलेही धिरेनने नीलमको बेटपे जुकाते उनको घोडी बना दीया.. ओर खुदभी जल्दीसे बेडपे चडते घुटनोके बल नीलमके पीछे सेट हो गया..





अबतो नीलमभी इस खेलमे काफी कुछ जानने लगीथी.. उसने फौरन अपना अ‍ेक हाथ नीचे लेजाकर धिरेनके लंडको पकडके अपनी चुतपे जटसे सेट करदीया.. तो धिरेन नीलमकी कमरको पकडते जटके देने लगा.. धिरेनका पुरा लंड नीलमकी चुतमे पीछेसे घुस गया.. ओर धिरेन नीलमके नीतंबको पकडकर अपनी कमरको आगे पीछे करते फीरसे नीलमकी जबरदस्त चुदाइ करने लगा..

इस बार नीलमको अपनी चुतमे थोडासा दर्द होने लगा.. फीरभी वो दर्दको जेलते अपना मुह खुला रखते धिरेनसे चुदवाती रही.. काफी देरके धकापैनी चुदाइके बाद अ‍ेक बार फीर धिरेनने नीलमकी चुतको अपने पानीसे सीचदीया.. तो नीलमभी धिरेनके साथ जडते वही बेडपे ढेर होगइ.. ओर धिरेनभी उनकी पीठपे सर रखते ढेर होगया.. दोनोही पसीनेसे लथबथ हो चुकेथे.. ओर अपनी अपनी सांसोको दुरस्त कर रहेथे..

नीलम : (कुछ देरके बार धीरेसे) जानु.. अब उपरसे हटीयेनां.. इस बार आपने मुजे थका दीया..

धिरेन : (धीरेसे हटते) नीलु.. आज बहुत मजा आगया.. तुमने मेरी सारी तम्मना पुरी करदी.. इतनी बारतो मेने पुनमकी भी चुदाइ नही की.. तुम वाकइ सेक्सी हो.. अ‍ेकदम मस्त.. चल अब नहाकर सोजाते हे..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) धिरेन.. तुमही मुजे ले चलो.. अबतो मुजमे हीलनेकी भी ताकात नही हे.. इस बार आप कीतना जोरोसे कर रहेथे.. बहुत मजा आगया.. बस अब अ‍ैसेही करना..

अ‍ेक बार फीर धिरेन नीलमको लेकर बाथरुममे चल गया.. वहा दोनोने सावर लीया.. तो इस बार नीलमने धिरेनको अपने साथ कोइ सरारत नही करनेदी.. फीर दोनोही नहाकर बहार आगये.. ओर थकानकी वजहसे अ‍ैसेही नंगे अ‍ेक दुसरेके साथ चीपककर सोगये.. तो दोनोको पता नही चलाकी दोनो कब नींदकी आगोसमे चले गये..

जबसे दोनो पहेली बार खरीदी करके आते समय कारमे मीलेथे.. तबसेही आपसमे मीलनके सपने देख रहेथे.. ओर अबतक बीचमे कीतनीभी अडचन आनेके बावजुद आज दोनोका सपना पुरा होगया.. आज नीलम अ‍ेक कच्ची कुआरीसे अ‍ेक औरत बन चुकीथी.. वो अ‍ेक कलीसे फुल बनकर धिरेनके घरको सजानेका सपना देख रहीथी.. धिरेन ओर नीलम दोनो ही नंगे अ‍ेक दुसरेकी बाहोमे अ‍ेक पती पत्नीकी तराह सो रहेथे..

आज नीलमने उनकी मां रमाका नीलमको हवेलीकी रानी बनानेका सभी सपना चकनाचुर कर दीया था.. तब नीलमको पता नही थाकी इसके लीये उनकी मां रमाको ओर खुदको इनकी कीतनी बडी कीमत चुकानी पडेगी.. आज ना इस गांवमे बल्की देवायत भानु ओर राजीवके गांवमेभी सनाटा छाया हुआ था.. सबलोग गहेरी नींद सो चुके थे.. जैसे तुफानके पहेलेकी सांती हो..
 
आज सुबह जब सुरज नीकला तब गांवमे उसे कोइ दिखाइ नही दे रहाथा.. सीर्फ अ‍ेकल दुकल लोग जो बुढे थे वोही अपने खेतोकी ओर जा रहेथे.. बाकी सभी लोग अबभी गहेरी नींद सो रहेथे.. तो सुबह पुनमकी आंख खुल गइ.. तो वो जटसे खडी होगइ.. ओर फटाफट अपने करपडे पहेनने लगी.. जब कपडे पहेनलीया तो देवायतके होठ चुमकर जटरसे बहारकी ओर जाने लगी..

ओर धीरेसे दरवाजा खोलकर अपना मुह बहार नीकालते देख लीया.. तो चंपाभाभी कीचनमे काम कर रहीथी ओर रजीयाभी सुबह लखनके रुमसे जल्दी नीकलकर तैयार होकर उपरकी मंीलपे सफाइ कर रहीथी.. तो दयाने पुनमको सुबह सुबह देवायतके रुममे देख लीया तो.. तो वो सरमाकर पुनमकी ओर देखते मुस्कुराने लगी.. तभी दयाकी ओर नजर पडतेही पुनमने दयाको इसारेसे चंपाभाभीके लीये पुछा..

तो दयाने बीना कुछ बोले जटसे कीचनकी ओर इसारा कीया.. वो पुनमको अपने हाथोसे जटसे अपने रुममे जानेका इसारा करने लगी.. ओर उनके सामने सरमाते हसने लगी.. तो पुनमभी सर्मसार होगइ.. ओर दयाकी ओर मुस्कुरते जटसे दबे पांव अपने रुममे चली गइ.. तब दया समज गइकी पुनम पुरी रात उनके भाइके रुममे थी.. दयाको पुनम ओर देवायतके बारेमे पहेलेसेही सब पताथा..

तो उपरकी मंजीलमे लखन अबभी घोडे बेचकर सो रहाथा.. तो नीचे देवायत ओर सृतीभी अबभी नंगे अ‍ेक दुसरेसे चीपककर सोये हुअ‍े थे.. तो बसंतीके घर आज बरखाभी मुनासे पुरी रात चुदवाकर थोडा लंगडाते अपने रुममे जाने लगी.. तो उनकी मम्मी बसंतीने देख लीया.. दोनोकी आंख मीलीतो बसंती अपने नैन नचाते बरखाकी ओर हसते उनको चीडाने लगी.. तो बरखाभी सर्मसार होगइ.. ओर अपनी मम्मीपे जुठा गुस्सा करते अपने रुममे धुस गइ..

बसंती : (बरखाके पीछे अंदर आते) क्युरी बहु.. अगर तेरे पतीने तेरी हालत बीगाडी हे तो इसमे मेरा क्या कसुर..? जो मुजपे गुसा कर रही हे..? हें..हें..हें..

बरखा : (अ‍ेकदम सर्मसार होते) मम्मी आपभीनां..? आपको अ‍ैसा कहेते सरमभी नही आती.. आप मेरी सांस होकी मां.. मुजेतो कुछ पताही नही चलता.. देखना अ‍ेक दिन मेभी इसका बदला लुगी..

बसंती : मां नही हु तेरी.. अबतो तुजे अपनी बहु बनाकर ही बखुगी.. हें..हें..हें.. लेकीन तु मेरी बेटी भी हे तो अ‍ेक मां तो चीन्ता करेगीनां.. चल तेरी सीकाइ करदु..? हंम..

बरखा : (सरमाते मुस्कुराते) नही मां.. अभी नहाने जा रही हु.. तो खुद ही करलुगी.. आप चीन्ता मत करो..

बसंती : (पास आते धीरेसे सर सहेलाते) बरखा.. क्या तु मुनाके साथ खुस तो हेनां..? हंम..? बेटी.. उनको कहे जरा प्यारसे.. हंम..? क्युकी तेरे पेटमे उनका बच्चा हे.. तो ध्यान रखकर करना.. हंम..?

बरखा : (हग करते) हां मां.. भाइ मेरा बहुत अच्छा खयाल रखते हे.. उनकोभी सब पता हे.. वो ध्यान रखकर करते हे.. मां.. मे इनके साथ बहुत खुस हु.. आइ अ‍ेम सोरी.. हमेभी आपके अकेलेपन की बहुत चीन्ता रहेती हे..

बसंती : (हग करते) हंम.. मेरी बच्ची.. मेरी चीन्ता मत कर.. अब मे अपने वादेसे कभी नही हटुगी.. बस.. तु अपना खयाल रखना..

बरखा : (आंखोमे देखते सरमाते धीरेसे) मम्मी.. आपसे अ‍ेक बात कहु..? कही नाराज तो नही होगी..? अगर आप चाहोतो वो हम दोनोही अ‍ैसे खुस रेह सकती हे.. अबतो गांवमे इतना कुछ बदलने वाला हे तो आप अ‍ेक बार मेरी बातपे गौर कीजीयेगा.. अगर आप चाहोतो भाइ हम दोनोको अ‍ैसेही खुस रख सकते हे..

बसंती : (थोडा सोक्त होते) बरखा.. तु क्या बोल रही हे..? तुजे पता हे..? हंम..? ये बात तेरे दिमागमे आइ भी कैसे..? क्या इसके लीये तुजे कीसीने कुछ कहा हे..? वो बेटा हे मेरा.. कही उसनेतो..

बरखा : (सरमाते दोनो हाथ थामते) नही मम्मी.. मुजे कीसीने कुछ नही कहा.. ओर बेटा हेतो क्या हुआ..? लेकीन मुजसे आपकी तडप देखी नही जाती.. ओर उपरसे हमने आपको वो अवैध रीस्तोको रोकलीया हे.. तो मुजे खयाल आयाकी क्युना हमभी घरमेही सब समजोता करले.. ताकी घरकी बात घरमेही रहेगी ओर बहार कीसीको पताभी नही चलेगा.. ओर आपकी समस्याका भी समाधान होजायेगा.. मम्मी.. प्लीज.. अ‍ेक बार ठंडे दिमागसे सोचना.. फीर मुजे बताना..

बसंती : (प्यारसे सर सहेलाते) ठीक हे.. पता नही तु मेरी बेटी हेकी बहु हेकी अ‍ेक सहेली.. मे तुजे समजही नही पाइ.. हम इस बारेमे बादमे सोचेगे.. चल पहेले फटाफट नहाले.. ओर अपने पतीकोभी जगादे.. हमे आज आश्रमपे जाना हे.. कही देर ना होजाये.. ओर सुन मेने सादीका जोडा दुसरा सामान बेगमे रखा हे वही जाकर चेन्ज करलेना.. ओर फुलहार हम रास्तेमे ही लेलेगे..

बरखा : (सरमाते मुस्कुराते) लेकीन.. मम्मी.. पापा..? हम उसे क्या कहेगे..?

बसंती : (मुस्कुराते) सुन.. उनकी चीन्ता मत कर.. मेने तेरे पापाको केह दीया हे हम सहेर खरीदी करने जा रहे हे.. ओर मे अभी उनका खाना बना रही हु.. हम उसे टीफीन देकर नीकल जायेगे.. तु मुनाको जगादे..

कहेतेही बसंती मनमे बहुत खुस होते कीचनकी ओर चली गइ.. तो बरखाभी सरमाते बाथरुममे घुस गइ.. बसंती आज बरखाकी बाते सुनकर बहुतही खुस होने लगी.. क्युकी जो बात उसने मुनाको बरखाको समजानेके लीये कहीथी.. वोही बात आज बरखाने सामनेसे कहेदी.. तो बसंतीभी इस बातसे बरखाके उपर गुस्सा करनेके बजाये उनसे प्यारसे बात कर रहीथी.. तो इस बातसे बसंतीको मनानेके लीये बरखाका कोन्फीडन्स भी बढने लगा..
 
तो आज सांतीभी सुबह जल्दी उठ गइ.. ओर बंसीको अ‍ैसेही सोते छोडकर अपने रुममे नहानेके लीये चली गइ.. क्युकी कल देर रात उनको बंसीके रुममे जाते जागृतीने देखलीया था.. ओर उसे बडी ही आसानीसे अपने यारके रुममे जानेका हाथसे इसारा कीया था.. तो इस बातसे सांतीको बडाही आस्चर्य हुआथा.. ओर वो अ‍ेक बार जागृतीसे अकेले मीलकर उनसे बात करना चाहती थी..

तो देखा जागृतीका रुम अबभी बंध था.. वोभी अभी तक सो रही थी.. तो सांती अपने रुमकी ओर नहाने जा रहीथी.. तो देखा उनकी भाभी जया कीचनमे थोडा लंगडाते हुअ‍े जा रहीथी.. तो सांती उनकी ओर देखते सबकुछ समज गइ.. की उनकी भाभी कल सहेरमे क्यु गइथी.. इस बारेमे दोनो भाभी ननंदके बीच अ‍ेक बार बात हो चुकीथी.. तो सांती पहेले नहाकर कंपलीट होगइ.. फीर तैयार होकर कीचनमे आगइ.. तभी..

जया : (मुस्कुराते) अरे मेरी प्यारी बहु.. सुबह सुबह ही तैयार होकर अपनी सासकी मदद करने आगइ..?

सांती : (सरमाते मुस्कुराते) हंम.. भाभी.. क्या मे कुछ मदद करु..? हंम..? भाभी.. क्या हुआ पैरमे..?

जया : (मुस्कुराते) अरे कुछ नही.. तु जागुको जगादे मे सब करलुगी.. ओर सुन.. अब मे तेरी भाभी नही हु..

सांती : (बहार जाते पीछे मुडकर रुकते) भाभी.. आपसे अ‍ेक बात कहु..? जीस दिन आप ये भाभी वाला काम छोड देगी.. उस दिन मे खुसी खुसी आपको अपनी सांस मानलुगी.. छोड दिजीये उनको..

जया : (सरमाते नजरे चुराते) सांती.. तु क्या कहेना चाहती हे..? साफ साफ बोल.. क्युकी अब हम दोनोके बीच कोइ पडदा नही हे.. तुम मेरे बारेमे सबकुछ जानती हो..

सांती : (मुस्कुराते) भाभी.. मेरी आपसे कोइ पर्सनली दुस्मनी नही हे.. बस.. मुजे आपकी चीन्ता हे इसीलीये मे ये बात आपको केह रही हु.. आप जीस आगसे खेल रही हे.. वो आग अब पुरे गांवमे फैल चुकी हे.. बात आपके पती ओर अपने बेटे तब पहोंचे उनसे पहेले आप सम्हल जाइअ‍े.. वरना दोनो घरको बीखरनेमे देर नही लगेगी.. अभी आपको अपनी बेटीकी भी सादी करनी हे.. क्या कल आप सहेरमे उनको मीलने गइ थीनां..?

जया : (सरमाते धीरेसे) सांती.. बस अ‍ेक तुही मेरी बात समज सकती हे.. तुम्हारा भाइ अब मेरी आग मीटानेके लीये सक्षम नही हे.. तो मे अपनी आगको सांत करने कहा जाउगी..? बस मेरे लीयेतो अपनी आग मीटानेका सीर्फ यही अ‍ेक जरीया हे.. सांती मे अब उनके बीना नही रेह सकती.. अब हम दोनोही अ‍ेक दुसरेको चाहने लगे हे.. उनकाभी चारुके साथ रीलेशन अच्छा नही हे.. वोभी उनको छुने नही देती.. तो हम दोनोकी जरुरत हे.. अब तुही बता हम क्या करे..?

सांती : (धीरेसे) भाभी.. इस बारेमे हम दोनोही अकेली होगी तब फुरसतमे बात करेगे.. अभी जागु जाग जायेगी.. ओर सुनीये.. कल उनकोभी मेरे बामे सब पता चल गया हे.. तो मुजे उनसेभी बात करनी पडेगी..

जया : (मुस्कुराते) हंम.. चल ठीक हे.. तुजे उनसे डरनेकी जरुरत नही हे.. वो अगर तुजे कुछ कहे तो मुजे कहेना मे उसे समजा दुगी..

सांती : (मुस्कुराते जाते) थेन्क्स भाभी.. लव यु..

कहेते सांती हसते हुअ‍े जागृतीके रुममे दरवाजा खोलकर अंदर चली गइ.. तो वहा बेडपे जागृती को ना देखकर सांतीको आस्चर्य हुआ.. तभी बाथरुमका दरवाजा खुला ओर जागृती अपने माथेपे टोलीया लपेटक नंगीही बहार नीकली.. तो सांतीको अपने रुममे देखकर उनके मुहसे कातील स्माइल नीकल गइ.. ओर वो अ‍ैसेही नंगी आयनेके सामने चली गइ.. तो सांतीभी उनकी ओर देखकर मुस्कुराने लगी.. ओर जागृतीके पास चली गइ.. तभी..

जागृती : (सरारतसे हसते धीरेसे) आइअ‍े.. आइअ‍े.. भाभीजी.. आजतो सुबह सुबह आपके दर्शन होगये.. हें..हें..हें..

सांती : (सरमाते मुस्कुराते) हंम.. जागु.. कुछतो सरम कर.. दरवाजा खुला रखकर अ‍ैसे नंगी घुम रही हे.. अगर मेरी जगाह कोइ ओर आगया तो..?

जागृती : (सरमाकर हसते) सोरी भाभी.. मेरातो दरवाजेकी ओर ध्यानही नही गया.. क्या भाइको मील लीया..? हें..हें..हें..

सांती : (सरमाकर मुस्कुराते) हंम.. अच्छा हुआ तुजेभी सब पता चल गया.. इसीलीये तुमभी ताने मारने लगी.. मत भुल मे अभी तेरी बुआ हु.. भाभी नही.. हमने अभी सादी नहीकी..

जागृती : (हसते) बुआ.. अगर नही हो तो होजाओगी.. मुजेतो पताही नही थाकी आप भाइको चाहती हे.. वरना मेतो पहेलेसे ही आपको भाभी कहेती.. कहो.. कबसे तुम दोनोके बीच चकर चल रहा हे..?

सांती : (मुस्कुराते) क्या करेगी जानकर..? हंम..? क्या घरमे सबको बता देगी..? हंम.. जा बतादे.. मे कीसीसे नही डरती.. ये बात तेरी मम्मी भी जानती हे..

जागृती : (आस्चर्यसे कातील मुस्कानसे) क्या मम्मी भी..? चलो अच्छा हे.. लेकीन बुआ.. मे क्यु सबको बताउगी..? मुजे आपके ओर भाइके रीलेशनसे कोइ अ‍ेतराज नही.. बल्की मेतो खुस हुकी अब आप मेरी भाभी बनोगी.. देखना अबतो मे आपको भाभी कहेकर ही बुलाउगी हें..हें..हें..

सांती : (प्यारसे हग करते) हंम.. मेरी प्यारी ननंद.. मुजे खुसी हुइ की तुमने हम दोनोका रीस्ता अ‍ेक्सेप्ट करलीया.. लेकीन हम दोनो अकेली हो तब.. अभी भाभी ओर तेरे अलावा हम दोनोके रीलेशनके बारेमे कीसी ओरको पता नही तो बी केरफुल.. हंम..? जागु.. अ‍ेक बात बता.. तेरी सहेली भी अपने भाइको लेकर भाग गइ हे.. तो लगता हे अब हमे तुम्हारी भी सादी जल्द करनी पडेगी.. हें..हें..हें..

जागृती : (सरारतसे हसते) क्या भाभी आपभी.. अब मेरा चांसतो गया हाथसे.. अब मे कीसके साथ सादी करुगी..? क्युकी भाइसे तो आप सादी कर रही हे.. वो भी तो आपके साथ रीलेशनमे हे.. तो अब मे कीसके साथ भागुगी.. हें..हें..हें..

सांती : (सरमाते हसते अ‍ेक मुका मारते) अ‍ेक मारुगीनां.. तुम बहुत ही कमीनी हो.. क्या तुम्हारी सहेलीने अपने भाइको पटालीया तो क्या तुमभी अ‍ैसा करोगी..? चल बहुत मजाक होगया.. अब फटाफट तैयार होजा.. ओर अपना काम नीपटाले.. फीर मेरे रुममे आना हम वहा आरामसे बात करेगे..

कहेते सांती जागृतीकी पीठपे प्यारसे मुका मारके बहार चली गइ.. तो जागृती भी सांतीको बहारकी ओर जाते देखते कातील स्माइल करते अपने बालोको संवारने लगी.. ओर बालोको आज खुलाही छोड दीया.. फीर जागृतीने आज अ‍ेक बहुतही सेक्सी ओर थोडा पादर्शी सलवार कुर्ता पहेन लीया.. ताकी वो अपने भाइको अपने बदनका जलवा बंसीको दीखा सके.. इन कपडोमे वो आज बहुतही सेक्सी ओर कामुक दीखने लगी.. वैसेभी पीछले तीन दिनसे उन्होने अपनी ब्रा को पहेनना छोड दीयाथा.. जागृती तैयार होते मनमे सोचने लगी..

जागृती : (मनमे) बुआ.. ये मजाक नही था.. अब तुम कुछभी करलो.. आपको क्या मालुम भाइ खुद मुजे पाना चाहते हे.. अ‍ेक दिन मेभी आपकी सौतन होजाउगी.. अबतो मे भाइको पटाकर ही रहुगी.. देखती हु भाइ कबतक मुजसे दुर रेह पाता हे.. ओर मेरा लखन भी तो हे..

मे उनकोभी छोडने वाली नही हु.. मुजे आजही उनको मीलकर मेरी सर्तके बारेमे बताना हे.. पता नही जालीम कहा मीलेगा.. ओर मीलेगा तो मुजे अ‍ैसेही चोदे बीना थोडीना छोडेगा.. कीतना मस्त चुदाइ करता हे.. चीखे नीकलवा देता हे.. अभी तो वो भी जयश्री ओर श्रीधरके चकरमे पडा होगा..

यही सब सोचते जागृती कंपलीट तैयार होगइ.. ओर जाडु पोछा लेकर अपने रुमसेही सफाइ करने लगी.. तबतक सांती बंसीको भी जगा देती हे.. तो बंसी भी सांतीको देखकर उनके साथ छेडछानी करते सरारत करने लगा तो सांती बहुतही सरमाइ ओर बडी मुस्कीलसे उनसे छुटकर कीचनमे भाग गइ.. तो वहा उनकी भाभी जया सबके लीये सुबहका नास्ता बना रहीथी.. तो सांतीभी उनकी मदद करने लगी..

जागृती फटाफट अपना काम नीपटाने लगी.. अपना कमरा साफ करके अपने पापाके कमरेमे चली गइ ओर वहा सफाइ करने लगी.. तो उनको अपने पापाके बाथरुमसे पानीकी आवाज सुनाइ देने लगी.. तो वो समज गइकी पापा नहा रहे हे.. वो वहाभी जल्दीसे सफाइ करके सांतीके रुमकी सफाइ करदेती हे.. वो बहार नीकली तो देखती हे की उनकी बुआ ओर उनकी मम्मी कीचनमे काम कर रही हे.. तो वो धीरेसे अपने अपने कुर्तेका उपरका बटन खोल देती हे.. ओर अपने भाइके कमरेमे घुस जाती हे.. तो....

कन्टीन्यु
 




my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
 
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