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- Dec 5, 2013
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अपडेट 24
आज क दिन और ऐसे hi ख़तम होजाता ही.
अशी और शहीद एक दोसराय की जिसम से खेलती रेहटी हैं
साद अपने ऑफिस में बिजी
आबिद अपने ऑफिस टीम से कोआर्डिनेशन में बिजी था वो मंडे की प्रेजेंटेशन क लिए सब फॉलो उप ले रहा था.
कोमल सो रही थी
जिब्रान बाहर घूम रहा था
जब वो वापसी आता ही तो कोमल जग जाती ही
मो हैट धो क्र फ्रेश होती ही
थोड़े टाइम में आबिद आजाता ही
और सब को डिनर क लिए ले जाता ही.
ा. सब सुबह जल्दी जाग जाना
सुबह साद गारी भज देगा तम सब घूम पहर क अऊ.
आज रात पहर जिब्रान कोमल को हुग क्र क सू जाता ही.
नेक्स्ट डे मॉर्निंग
साद सुबह बचो को उठा देता ही
अशी और शहीद तैयार होकर गारी में निकल जाती हं
होटल से नूर जिब्रान और कोमल ज्वाइन करलेती हं.
रस्त्य में hi नाश्ता क्र क अबू धाबी निकल जाती हं.
ाशी कोमल से फुल क्लोज होनी लगती ही
नूर ाशी और कोमल की भट ज़ादा गैप शाप रहती ही
जिब्रान भी शहीद से ाचा ट्रीट करता ही बूत अस बारे भाई थोड़े सा ऐटिटूड क साथ.
रात को सब वापसी आती हं
ड्राइवर एक रेस्टोरेंट ले जाता ही
वह साद और आबिद पेहली से थय.
सब साथ डिनर कृत्य हं.
साद. आबिद सैटरडे संडे में फ्री हो.
आबिद. यव सैटरडे तो कल hi ही
स. तो भाई कोनसा कुछ काम करना ही बैग में एक एक ड्रेस डालो और सहलो.
कल सुबह नाश्ता क्र क निकलती हं 2 ऑवर की ड्राइव ही बस, शाम में बची वाटर एक्टिविटी क्र लेंगी नाईट वही स्टे कृत्य हं संडे नाश्ता क्र क वापसी अजयएगय
आबिद: मेरी तरफ से दोने
प्रोग्राम फाइनल होजाता ही
साद. अशी और शहीद से बीटा कल फ़ुजैरा बीच जयएगय हम, घर जाकर बैग पैक करलेना.
आबिद. है भए तुम सबब भी अपनी प्रेपराशंस करलेना
सुबह नष्ट क्र क होटल से निकलेंगी.
नूर. साद भाई एक जारी में तो सब ैएज्ञ नहीं.
स. भाबी मेरी कार में, आप में और आबिद चल लेंगी.
बचो क लिए एक गारी अलग करदेंगी
वो लोग उस में साथ साथ अजयएगय.
न. सेट ही.
आबिद की फमलीय होटल आजाती ही.
आबिद. भए मेरा तो चाइए पीनी का मूड तम लोगो ने पीनी ही तो बैठक लगाइए वर्ण रूम में मंगवा लो.
ज. ने ने बाबा मंगवा ले में भी पीओ गए.
A..chalo पहर ाजाओ सब.
सब चाइए पीटत हं.
नूर दोनों बचो से बीटा छोटे वाली बैग में कपड़े, और बाकि कुछ ज़रूरत का सामान हो तो रख लेना.
ज.. मां सनब्लॉक ने ही.
क. है मां भाई jal.jal क वैसे कला होगया ही और कला होजेगा
सब हंसी लगती हं.
ा. सुबह रस्त्य से लेंगी
क.. मां सुनें
न. है बीटा
कोमल नूर को अलग लेजाती ही.
K...Mama में क्या ड्रेस लो क्या वह बीच पर भी burqa(Abhaya) पहन क जाओ
न. हस्ती ही, बीटा जब नहाने जाऊँगी जब नई जीन्स वाली ट्रॉउज़र ले थय वो लेलो और फ्रॉक क नीची एक तशत पहन लेना
वर्ण नहाने क बाद कपड़ो में से पूरा जिसम देखता ही.
पर्दा जिसम का होना चाइए कपड़े उस क अकॉर्डिंग निकल लेना.
कोमल समझ जाती ही
ठीक हे मां.
अब सब अपने अपने रूम में आजाती हं.
आज जिब्रान मूड में था
वो पेहली hi जाकर चेंज करलेता ही अपने कपड़े निकल कोमल को देता ही ये लो कोमल मेरा सामान
कोमल उसको देख क्र सर्फ ठीक ही बोल क चली जाती ही
कोमल नाईट ड्रेस चेंज क्र क आती ही.
अपने कपड़े निकालनी लगती ही
इतनी ने जिब्रान अपने बीएड से उठ क ठीक उस क पिच्य जाकर चिपक जाता ही
कोमल क हाथ में उसी टाइम ब्रा थी
वो फौरन उसको मुठी में कपनी की कोशिश करती ही.
जिब्रान इतनी में उसकी हालत समझ जाता ही
उसकी नैक पर किश करता ही
और बोलता तुम अपना काम क्र क ाजाओ सोने
और जिब्रान उसको चोर देता ही.
थोड़ी देर में कोमल आजाती ही
जिब्रान पेहली से उस क बीएड पर hi था.
क. भाई जगा तो दे में कहा लेटो.
जिब्रान उठ क्र कहरा होता ही उसको उठा क्र बीएड पर पाठक देता ही
ये ही न जगा मेरी प्यारी से क्यूट कोमल की अजा.
कोमल गुस्से में
भाई मजे लग सकता था
इतनी ज़ोर से झटका आया कमर में
जिब्रान उस क गाल पर एक किश करदेता
और कण पाकर क सॉरी यव पता ने था लग जायेगी
कोमल उसक गाल पर प्यार से हैट रख क ाचा कोइए बात ने अब सजाओ.
जिब्रान कोमल को खींच क्र फुल चिपक जाता ही.
और आज अगेन कोमल क साथ सोता ही.
साद क वह
ाशी अपना और शायद का एक बैग बनती ही
और पापा का एक.
(अशी का बारी में बताता चलो)
अशी सर्फ नार्मल स्क्रफ करती रही
बुर्का ने पहनती थी
घर में बाप भाई क सामन्य नार्मल माहौल था
तशत ट्रॉउज़र सब नार्मल था घर में no दुपट्टा वगेरा.
बाहर वो कपड़े लूसे पहनती थी
लिखे जीन्स तोउसेर पर फॉक्स
या कुर्ती पजामा वगेरा.
साद क सोने क बाद
ाशी शहीद क हिलती ही वो जाग रहा था
उसका हैट पाकर क फ्लैट की गैलरी में ले जाती ही
शहीद आपि खैरियत ही न बाबा घर पर ही और आप का मूड बणगया.
ा. कोइए मूड ने बना ही बात करनी क लिए बुलाया ही
स. ग आपि बोलेन
ा.. शहीद देख वह सब होगी अगर किसी टाइम हम अकेले भी हो तो गलती से कुक्सह तरय ने करना कोई देख सकता ही
हम घर पर अकेले होती सकें से बाद में भट कुछ ोाजिएगा
ये बात याद रखना मजे ज़रा भी तुमर्हि तरफ से कोइए शिकायत होए तो मू तोर डोंगी.
S...Aapi मजे पता ही हमे ये सब सीक्रेट रखना ही
आप मेरी इज़्ज़त हो और अपनी इज़्ज़त को कभी बदनाम होनी ने डोंगा फ़िक्र न करे.
ा. उसकी बात सुन क्र प्यार से देखती ही और छोटी से लिप किश करदेती ही.
स. आपि सुनु
ा. है बोल
स.. अप्पी मजे रिलैक्स करदो
ा. शहीद पापा घर में ही
स. आपि पापा सो गये ही बस थोड़ी से देर लगेगी गई.
ा. ाचा रुक.
ाशी अपने बाल भांड क्र ज़मीन पर बेथ जाती ही
शहीद का ट्रॉउज़र नीची करती ही
और उसका लोरा मू में लेलेती ही
ाशी उसको लोराय क टोपे पर पेहली किश करती ही
पहर टोपे पर ज़बान पह्रति रहती ही.
शहीद. आह आपि लव ु.
ा. चुप क्र क खरा रह बिलकुल आवाज़ ने आइए.
स. हम.
ाशी अब पूरा लोराय मो मई ले लेती ही और चूसने लगती ही.
थोड़ी देर में शहीद आपि मेरा होनी वाला ही.
ाशी. बोलै न चुप खरा रह
स. आप ी म किंग
ाशी पूरा मू खोल देती ही.
शहीद अपना मणि डिस्चार्ज करनी लगता ही.
और सारा पानी ाशी क मू में दाल देता ही.
ाषि उसको मुस्करा क डेक्टि ही
और सारा मणि पी लेती ही.
खरे होकर चल अब सजाओ जाकर.
और दोनों सोने चलें जाती हं.
आज क दिन और ऐसे hi ख़तम होजाता ही.
अशी और शहीद एक दोसराय की जिसम से खेलती रेहटी हैं
साद अपने ऑफिस में बिजी
आबिद अपने ऑफिस टीम से कोआर्डिनेशन में बिजी था वो मंडे की प्रेजेंटेशन क लिए सब फॉलो उप ले रहा था.
कोमल सो रही थी
जिब्रान बाहर घूम रहा था
जब वो वापसी आता ही तो कोमल जग जाती ही
मो हैट धो क्र फ्रेश होती ही
थोड़े टाइम में आबिद आजाता ही
और सब को डिनर क लिए ले जाता ही.
ा. सब सुबह जल्दी जाग जाना
सुबह साद गारी भज देगा तम सब घूम पहर क अऊ.
आज रात पहर जिब्रान कोमल को हुग क्र क सू जाता ही.
नेक्स्ट डे मॉर्निंग
साद सुबह बचो को उठा देता ही
अशी और शहीद तैयार होकर गारी में निकल जाती हं
होटल से नूर जिब्रान और कोमल ज्वाइन करलेती हं.
रस्त्य में hi नाश्ता क्र क अबू धाबी निकल जाती हं.
ाशी कोमल से फुल क्लोज होनी लगती ही
नूर ाशी और कोमल की भट ज़ादा गैप शाप रहती ही
जिब्रान भी शहीद से ाचा ट्रीट करता ही बूत अस बारे भाई थोड़े सा ऐटिटूड क साथ.
रात को सब वापसी आती हं
ड्राइवर एक रेस्टोरेंट ले जाता ही
वह साद और आबिद पेहली से थय.
सब साथ डिनर कृत्य हं.
साद. आबिद सैटरडे संडे में फ्री हो.
आबिद. यव सैटरडे तो कल hi ही
स. तो भाई कोनसा कुछ काम करना ही बैग में एक एक ड्रेस डालो और सहलो.
कल सुबह नाश्ता क्र क निकलती हं 2 ऑवर की ड्राइव ही बस, शाम में बची वाटर एक्टिविटी क्र लेंगी नाईट वही स्टे कृत्य हं संडे नाश्ता क्र क वापसी अजयएगय
आबिद: मेरी तरफ से दोने
प्रोग्राम फाइनल होजाता ही
साद. अशी और शहीद से बीटा कल फ़ुजैरा बीच जयएगय हम, घर जाकर बैग पैक करलेना.
आबिद. है भए तुम सबब भी अपनी प्रेपराशंस करलेना
सुबह नष्ट क्र क होटल से निकलेंगी.
नूर. साद भाई एक जारी में तो सब ैएज्ञ नहीं.
स. भाबी मेरी कार में, आप में और आबिद चल लेंगी.
बचो क लिए एक गारी अलग करदेंगी
वो लोग उस में साथ साथ अजयएगय.
न. सेट ही.
आबिद की फमलीय होटल आजाती ही.
आबिद. भए मेरा तो चाइए पीनी का मूड तम लोगो ने पीनी ही तो बैठक लगाइए वर्ण रूम में मंगवा लो.
ज. ने ने बाबा मंगवा ले में भी पीओ गए.
A..chalo पहर ाजाओ सब.
सब चाइए पीटत हं.
नूर दोनों बचो से बीटा छोटे वाली बैग में कपड़े, और बाकि कुछ ज़रूरत का सामान हो तो रख लेना.
ज.. मां सनब्लॉक ने ही.
क. है मां भाई jal.jal क वैसे कला होगया ही और कला होजेगा
सब हंसी लगती हं.
ा. सुबह रस्त्य से लेंगी
क.. मां सुनें
न. है बीटा
कोमल नूर को अलग लेजाती ही.
K...Mama में क्या ड्रेस लो क्या वह बीच पर भी burqa(Abhaya) पहन क जाओ
न. हस्ती ही, बीटा जब नहाने जाऊँगी जब नई जीन्स वाली ट्रॉउज़र ले थय वो लेलो और फ्रॉक क नीची एक तशत पहन लेना
वर्ण नहाने क बाद कपड़ो में से पूरा जिसम देखता ही.
पर्दा जिसम का होना चाइए कपड़े उस क अकॉर्डिंग निकल लेना.
कोमल समझ जाती ही
ठीक हे मां.
अब सब अपने अपने रूम में आजाती हं.
आज जिब्रान मूड में था
वो पेहली hi जाकर चेंज करलेता ही अपने कपड़े निकल कोमल को देता ही ये लो कोमल मेरा सामान
कोमल उसको देख क्र सर्फ ठीक ही बोल क चली जाती ही
कोमल नाईट ड्रेस चेंज क्र क आती ही.
अपने कपड़े निकालनी लगती ही
इतनी ने जिब्रान अपने बीएड से उठ क ठीक उस क पिच्य जाकर चिपक जाता ही
कोमल क हाथ में उसी टाइम ब्रा थी
वो फौरन उसको मुठी में कपनी की कोशिश करती ही.
जिब्रान इतनी में उसकी हालत समझ जाता ही
उसकी नैक पर किश करता ही
और बोलता तुम अपना काम क्र क ाजाओ सोने
और जिब्रान उसको चोर देता ही.
थोड़ी देर में कोमल आजाती ही
जिब्रान पेहली से उस क बीएड पर hi था.
क. भाई जगा तो दे में कहा लेटो.
जिब्रान उठ क्र कहरा होता ही उसको उठा क्र बीएड पर पाठक देता ही
ये ही न जगा मेरी प्यारी से क्यूट कोमल की अजा.
कोमल गुस्से में
भाई मजे लग सकता था
इतनी ज़ोर से झटका आया कमर में
जिब्रान उस क गाल पर एक किश करदेता
और कण पाकर क सॉरी यव पता ने था लग जायेगी
कोमल उसक गाल पर प्यार से हैट रख क ाचा कोइए बात ने अब सजाओ.
जिब्रान कोमल को खींच क्र फुल चिपक जाता ही.
और आज अगेन कोमल क साथ सोता ही.
साद क वह
ाशी अपना और शायद का एक बैग बनती ही
और पापा का एक.
(अशी का बारी में बताता चलो)
अशी सर्फ नार्मल स्क्रफ करती रही
बुर्का ने पहनती थी
घर में बाप भाई क सामन्य नार्मल माहौल था
तशत ट्रॉउज़र सब नार्मल था घर में no दुपट्टा वगेरा.
बाहर वो कपड़े लूसे पहनती थी
लिखे जीन्स तोउसेर पर फॉक्स
या कुर्ती पजामा वगेरा.
साद क सोने क बाद
ाशी शहीद क हिलती ही वो जाग रहा था
उसका हैट पाकर क फ्लैट की गैलरी में ले जाती ही
शहीद आपि खैरियत ही न बाबा घर पर ही और आप का मूड बणगया.
ा. कोइए मूड ने बना ही बात करनी क लिए बुलाया ही
स. ग आपि बोलेन
ा.. शहीद देख वह सब होगी अगर किसी टाइम हम अकेले भी हो तो गलती से कुक्सह तरय ने करना कोई देख सकता ही
हम घर पर अकेले होती सकें से बाद में भट कुछ ोाजिएगा
ये बात याद रखना मजे ज़रा भी तुमर्हि तरफ से कोइए शिकायत होए तो मू तोर डोंगी.
S...Aapi मजे पता ही हमे ये सब सीक्रेट रखना ही
आप मेरी इज़्ज़त हो और अपनी इज़्ज़त को कभी बदनाम होनी ने डोंगा फ़िक्र न करे.
ा. उसकी बात सुन क्र प्यार से देखती ही और छोटी से लिप किश करदेती ही.
स. आपि सुनु
ा. है बोल
स.. अप्पी मजे रिलैक्स करदो
ा. शहीद पापा घर में ही
स. आपि पापा सो गये ही बस थोड़ी से देर लगेगी गई.
ा. ाचा रुक.
ाशी अपने बाल भांड क्र ज़मीन पर बेथ जाती ही
शहीद का ट्रॉउज़र नीची करती ही
और उसका लोरा मू में लेलेती ही
ाशी उसको लोराय क टोपे पर पेहली किश करती ही
पहर टोपे पर ज़बान पह्रति रहती ही.
शहीद. आह आपि लव ु.
ा. चुप क्र क खरा रह बिलकुल आवाज़ ने आइए.
स. हम.
ाशी अब पूरा लोराय मो मई ले लेती ही और चूसने लगती ही.
थोड़ी देर में शहीद आपि मेरा होनी वाला ही.
ाशी. बोलै न चुप खरा रह
स. आप ी म किंग
ाशी पूरा मू खोल देती ही.
शहीद अपना मणि डिस्चार्ज करनी लगता ही.
और सारा पानी ाशी क मू में दाल देता ही.
ाषि उसको मुस्करा क डेक्टि ही
और सारा मणि पी लेती ही.
खरे होकर चल अब सजाओ जाकर.
और दोनों सोने चलें जाती हं.