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- Dec 5, 2013
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मेघा अभी तक नार्मल भी नहीं हो पायी थी की उसके कंधे पैर रम्य का हाथ आया जिस से वो एक दम घबरा गयी
रब- क्या हुआ मेघा तुम इतनी घबराई हुई क्यों हो
म- वो कुकुछ नहीं बुआ सीढ़ियों से पेअर फिसल गया था मगर बच गयी इसलिए थोड़ी घबराहट हो गयी
रब- ओह्ह चलो कोई नई अब निचे चलते है नास्ता करते है
म- हां बुआ में भी निचे hi जा रही थी
ऐसे hi बात करते हुए दोनों निचे टेबल पैर आ कर बैठ गयी उनके बैठ ते hi सुरभि ने उन्हें कॉफ़ी दी और मेघा से रूद्र के लिए पूछा
माँ- मेघा रूद्र उठा की नहीं
म- नहीं माँ वो अभी सू रहा है
माँ- इतना टाइम हो गया है पैर ये लड़का न कभी सुधर नहीं सकता
रब- ये कैसी बाते कर रही हो भाभी उसी ने सब कुछ संभाला है भैया के बाद यहाँ तक की अपनी पढाई भी छोड़ दी परिवार के लिए और आप हो की आज कल कुछ ज्यादा hi गुस्सा करती हो उस पैर
माँ- रम्य मुझे मत बताओ तुम अगर ज्यादा छूट दूंगी न तो हाथो से निकल जायेगा
म- सॉरी माँ पैर में बुआ से सहमत हु और अभी उसकी उम्र भी क्या है इस उम्र में तो बच्चे मौज मस्ती करते है जिसमे वो घर को संभल रहा है
माँ - ( अब इन्हे क्या बताऊ की वो क्या करने की सोच ने लगा है) सब पता है मुझे और अभी तुम भी इतनी बड़ी नहीं हुई की मुझे सलाह दो
अभी ये लोग बाते कर hi रहे थे की ऊपर से माहि और रूद्र भी आ कर टेबल पैर बैठ गए
माँ- तो सुबह हो गयी आपकी भी वैसे इतनी जल्दी क्या थी उठ ने की खेतो पैर तो नौकर है hi
अपनी माँ की बातो को सुनकर रूद्र धीरे से बोलै
र- सॉरी माँ वो बस आँख नहीं खुली और खेतो पैर hi जा रहा हु
माँ- नहीं और सू जाए में खुद देख लुंगी तू यहाँ बैठकर नास्ता कर
सुबह सुबह अपनी माँ की जाली कटी बाते सुनकर रूद्र चुप चाप उठ कर जाने लगा तो फिर से सुरभि बोली
माँ- अब जा कहा रहा है राजकुमार नास्ता तो कर ले
पैर रूद्र बिना कोई जवाब दिए खेतो पैर चला गया उसके ऐसे बिना कुछ खाये चले जाने से माहि को गुस्सा आज्ञा
माहि- बस मिल गयी शांति या कुछ और भी कहना आपको माँ हमेसा भाई के पीछे पड़ी रहती हो करो अब आप hi नास्ता मुझे भी नहीं करना
माँ- चुप चाप यही बैठ जा और नास्ता कर छोटी है तो छोटी hi रह समझी
माहि- सॉरी माँ पैर में भाई नहीं हु जो आपको जाली कटी सुनकर भी चुप चाप आपकी बात मानु मुझे नहीं करना नास्ता
माहि अपनी बात कहकर उठ के अपने रूम में चली गयी और सुरभि आवाज़ लगाती रही
माँ- देख लिया रम्य अब ये भी जुबान लड़ने लगी है
रब- सॉरी भाभी पैर गलती आप की है आप कुछ ज्यादा hi रियेक्ट करने लगी हो एंड थैंक्स फॉर कॉफ़ी
रम्य भी इतना बोल के अपने रूम में चली गयी और उसके पीछे पीछे hi मेघा भी
सुरभि अब अकेली रह गयी थी टेबल पैर और वो सोच रही थी की आखिर रूद्र ने किया hi क्या था जो वो इतना हाइपर हो रही है गरम तो वो खुद हुई थी रूद्र ने तो उसके साथ कोई हरकत नहीं की थी यही सब सोच कर वो कड़ी हुई और रूद्र के लिए नास्ता लेकर खेतो के लिए निकल गयी
सुरभि पीछे से जाते हुए भी जबरदस्त लग रही थी अब ऐसा जिस्म हो तो कोण नहीं देखेगा
जिस का सुरभि को भी पता था की वो कितनी गदराई हुई है तभी तो खेत में काम कर रहे मजदूर भी आँखे फाड़े उसे घूरे जा रहे थे
इन सबको नज़र अंदाज़ करती वो खेत में पहुंची और रूद्र को ढूंढ ने लगी पैर रूद्र कही भी नज़र नहीं आ रहा था तो सुरभि उसे ढूंढ़ते हुए झाड़ियों की तरफ चल दी अभी थोड़ा hi अंदर गयी थी की उसके कदम रुक गए और आँखे छोड़ी हो गयी क्युकी सामने उसका बीटा अपने बड़े से लुंड को निकले ज़मीन पैर बैठा उसके साथ खेल रहा था
जिसे देख कर hi सुरभि के पेअर काँप ने लगे और वो जल्दी से वह से वापस घर की तरफ भाग ने लगी आज उसे घर बहुत दूर लग रहा था घर में जाते hi वो बाथरूम में घुस गयी अंदर घुसते hi सुरभि ने अपने सारे कपडे खोल दिए और शावर ों करके उसके निचे कड़ी हो गयी
क्या करने गयी थी खेत पैर और क्या हो गया बस यही सब सोच रही थी की छूट में गर्मी बढ़ ने लगी और न चाहते हुए भी सुरभि अपनी छूट और चुकी को मसल ने लगी
ऊपर से गिरता ठंडा पानी भी उसकी बेचैनी को काम करने में पार्यप्त नहीं था फिर भी वो अपनी गांड को पानी की गिरती बोंडे के निचे लिए कड़ी रही
पैर शायद आज उसे सकूं मिलने वाला नहीं था इसलिए जल्द hi बहार से रम्य की आवाज़ आने लगी तो सुरभि ने जल्दी से नहाते हुए hi रम्य को जवाब दिया
सुरभि- आयी बस 2 मं में
बाथरूम से निकल कर सुरभि हॉल में आयी तो रम्य और मेघा वही बैठी मिली
सुरभि- हां बोल रम्य क्या बात है
रब- वो भाभी में और मेघा खेतो पैर जा रहे है तो रूद्र के लिए खाना ले जाये
सुरभि - नहीं खाने की कोई जरुरत नहीं और न hi वह जाने की में दे आयी नास्ता उसे
रब- आपका भी समझ नहीं आता कभी इतनी शख्त कभी इतनी नरम पैर हम घूम तो आये
सुरभि- नहीं कल चली जाना आज वह वो काम कर रहा है
सुरभि की बाते सुनके दोनों मुँह लटका के वापस ऊपर चली गयी और बाते करने लगी
रब- ये भाभी को भी पता नहीं क्या हो गया है आज कल
म- माँ की छोड़ो बुआ आप अपनी बताओ देख रही हु काफी खिली खिली से लग रही हो कही कोई पहुपा तो नहीं ढून्ढ लिया आप ने मेरे लिए
रब- अरे नहीं रे पगली तुझे ऐसे hi लग रहा है वैसे तू बता खुश खबरि कब दे रही है अब तो 1.5 साल होने वाला है तेरी शादी को
रम्य की बात सुनकर मेघा का हस्ता हुआ चेहरा लटक गया जिसे रम्य ने भी देखा
रब- क्या हुआ मेघा कुछ प्रॉब्लम है बीटा तो बता मुझे
म- बस क्या बताऊ दीदी एक तो उन्हें टाइम नहीं मिलता और जब मिलता है तो बैठ कर शराब पिने लगते है तो आप hi बताओ बच्चा कैसे होगा
रब- वैसे तो ठीक है न सेक्स में वो
म- बस ठीक ठाक hi है बुआ
रब- तो उस से बैठ कर बात कर बच्चे बहुत लम्बी ज़िन्दगी है ऐसे कैसे चलेगा
म- कई बार कोशिश की है बुआ पैर वो हर बार बाद में बात करेंगे बोल कर बात ख़तम कर देते है
रब- चल कोई नई सब ठीक हो जायेगा में भाभी से बात करुँगी वो सब संभल लेंगी
म- खैर छोड़ो आप ये बताओ शादी कब करोगी आप
रब- मुझे नहीं करनी शादी में ऐसे hi खुश और वैसे भी अब मैं नहीं है
म- पैर बुआ जिस्म की भी कोई जरुरत होती है वो कैसे पूरी करती हो आप
रब- डिलडो मंगवाया था अपनी एक सहेली से जब जयादा मैं करता है
दोनों ऐसे hi बाते करती रही वही दूसरी तरफ खेतो का काम ख़तम करके सोनू के घर की तरफ चल दिया क्युकी सोनू से मिले भी कई दिन हो गए थे
जब रूद्र उनके घर पंहुचा तो कोई दिख नहीं रहा था तो वो वापस जाने लगा की उसे कुछ आवाज़ सुनाई दी जो किसी की चुदाई की थी जिन्हे सुन कर रूद्र के कान खड़े हो गए और वो सोच ने लगा की सोनू के घर में तो वो hi मर्द है तो फिर ये किसकी आवाज़ है अपना शक यकीं में बदल ने के लिए वो चल पड़ा आवाज़ के पीछे और जब जा कर देखा तो हैरत से रूद्र की आँखे फटी रह गयी क्युकी अंदर सोनू उसकी बहिन हुमा को छोड़ रहा था और हुमा अपनी माँ की छूट चाट रही थी जबकि शीला सिसकिया ले रही थी
शीला- आआह्ह्ह सोनू जल्दी से इसे ठंडा कर अब मेरी छूट भी लुंड मांग रही उउउउउफफ्फ्फफ्फ्फ़ छ्हात छिनाल ऐसे hi चाट अपनी माँ की छूट को उउउउउफफ्फ्फ्फ़
सोनू- अरे माँ दीदी बस झड़ने hi वाली है फिर तेरी hi छूट फाड़ूंगा रुक जा बस थोड़ा
शीला- अरे अभी कहा झाड़ेगी ये रंडी अभी तो ये तेरी सवारी भी करेगी ऊऊफफफ
शीला के कहते hi हुमा ने पोजीशन बदल ली और सोनू के लुंड पैर बैठ के अपनी माँ के होठो को चूस ने लगी
अपनी बेटी की इस हरकत में शीला भी अपनी चुकी दबा के उसका साथ देने लगी पुरे कमरे में उन तीनो की सिसकिया गूंज रही थी और बहार ये सब देख कर रूद्र का हाल बुरा हो रहा था वही शीला ने अब अपने बेटे के मुँह पैर अपनी छूट रख दी जिसे सोनू बड़े प्यार से चाट ने में लगा हुआ था इस बात से बेखबर की आज उसका दोस्त उसे उसकी माँ और बहिन को छोड़ते हुए देख रहा है
शीला- आआआह्ह्ह्ह मेरे बच्चे मेरे लाल ऐसे hi चाट ऊऊफफफफफफ तेरी यो जीभ भी कमाल की है उउउउउफफ्फफ्फ्फ़ maaaaaaaaaa ऐसा लगता है आज बिना लुंड लिए hi झाड़ जाउंगी आआह्ह्ह ख्हहआ जाआ इसे माआआआआ
अभी ये तीनो चुदाई में मस्त थे की बहार रूद्र का हाथ मजे में वह रखा कांच का गिलास गिर गया जिसकी आवाज़ से तीनो हड़बड़ा गए
खुद रूद्र भी जैसे होश में आया और जल्दी से भाग लिया वह से
काफी दूर आने के बाद रूद्र तेज़ तेज़ सांस लेने लगा और मैं में बड बढ़ाया
र- ाचा हुवा किसी ने देखा नहीं कल बात करूँगा साले सोनू से
पैर वो बेचारा क्या जाने की दो आँखे उसे बहुत पहले hi देख चुकी थी उस खेल को देखते हुए और वो भी अब बस कल के इंतज़ार में थी
जल्द मिलेंगे
मेघा अभी तक नार्मल भी नहीं हो पायी थी की उसके कंधे पैर रम्य का हाथ आया जिस से वो एक दम घबरा गयी
रब- क्या हुआ मेघा तुम इतनी घबराई हुई क्यों हो
म- वो कुकुछ नहीं बुआ सीढ़ियों से पेअर फिसल गया था मगर बच गयी इसलिए थोड़ी घबराहट हो गयी
रब- ओह्ह चलो कोई नई अब निचे चलते है नास्ता करते है
म- हां बुआ में भी निचे hi जा रही थी
ऐसे hi बात करते हुए दोनों निचे टेबल पैर आ कर बैठ गयी उनके बैठ ते hi सुरभि ने उन्हें कॉफ़ी दी और मेघा से रूद्र के लिए पूछा
माँ- मेघा रूद्र उठा की नहीं
म- नहीं माँ वो अभी सू रहा है
माँ- इतना टाइम हो गया है पैर ये लड़का न कभी सुधर नहीं सकता
रब- ये कैसी बाते कर रही हो भाभी उसी ने सब कुछ संभाला है भैया के बाद यहाँ तक की अपनी पढाई भी छोड़ दी परिवार के लिए और आप हो की आज कल कुछ ज्यादा hi गुस्सा करती हो उस पैर
माँ- रम्य मुझे मत बताओ तुम अगर ज्यादा छूट दूंगी न तो हाथो से निकल जायेगा
म- सॉरी माँ पैर में बुआ से सहमत हु और अभी उसकी उम्र भी क्या है इस उम्र में तो बच्चे मौज मस्ती करते है जिसमे वो घर को संभल रहा है
माँ - ( अब इन्हे क्या बताऊ की वो क्या करने की सोच ने लगा है) सब पता है मुझे और अभी तुम भी इतनी बड़ी नहीं हुई की मुझे सलाह दो
अभी ये लोग बाते कर hi रहे थे की ऊपर से माहि और रूद्र भी आ कर टेबल पैर बैठ गए
माँ- तो सुबह हो गयी आपकी भी वैसे इतनी जल्दी क्या थी उठ ने की खेतो पैर तो नौकर है hi
अपनी माँ की बातो को सुनकर रूद्र धीरे से बोलै
र- सॉरी माँ वो बस आँख नहीं खुली और खेतो पैर hi जा रहा हु
माँ- नहीं और सू जाए में खुद देख लुंगी तू यहाँ बैठकर नास्ता कर
सुबह सुबह अपनी माँ की जाली कटी बाते सुनकर रूद्र चुप चाप उठ कर जाने लगा तो फिर से सुरभि बोली
माँ- अब जा कहा रहा है राजकुमार नास्ता तो कर ले
पैर रूद्र बिना कोई जवाब दिए खेतो पैर चला गया उसके ऐसे बिना कुछ खाये चले जाने से माहि को गुस्सा आज्ञा
माहि- बस मिल गयी शांति या कुछ और भी कहना आपको माँ हमेसा भाई के पीछे पड़ी रहती हो करो अब आप hi नास्ता मुझे भी नहीं करना
माँ- चुप चाप यही बैठ जा और नास्ता कर छोटी है तो छोटी hi रह समझी
माहि- सॉरी माँ पैर में भाई नहीं हु जो आपको जाली कटी सुनकर भी चुप चाप आपकी बात मानु मुझे नहीं करना नास्ता
माहि अपनी बात कहकर उठ के अपने रूम में चली गयी और सुरभि आवाज़ लगाती रही
माँ- देख लिया रम्य अब ये भी जुबान लड़ने लगी है
रब- सॉरी भाभी पैर गलती आप की है आप कुछ ज्यादा hi रियेक्ट करने लगी हो एंड थैंक्स फॉर कॉफ़ी
रम्य भी इतना बोल के अपने रूम में चली गयी और उसके पीछे पीछे hi मेघा भी
सुरभि अब अकेली रह गयी थी टेबल पैर और वो सोच रही थी की आखिर रूद्र ने किया hi क्या था जो वो इतना हाइपर हो रही है गरम तो वो खुद हुई थी रूद्र ने तो उसके साथ कोई हरकत नहीं की थी यही सब सोच कर वो कड़ी हुई और रूद्र के लिए नास्ता लेकर खेतो के लिए निकल गयी
सुरभि पीछे से जाते हुए भी जबरदस्त लग रही थी अब ऐसा जिस्म हो तो कोण नहीं देखेगा
जिस का सुरभि को भी पता था की वो कितनी गदराई हुई है तभी तो खेत में काम कर रहे मजदूर भी आँखे फाड़े उसे घूरे जा रहे थे
इन सबको नज़र अंदाज़ करती वो खेत में पहुंची और रूद्र को ढूंढ ने लगी पैर रूद्र कही भी नज़र नहीं आ रहा था तो सुरभि उसे ढूंढ़ते हुए झाड़ियों की तरफ चल दी अभी थोड़ा hi अंदर गयी थी की उसके कदम रुक गए और आँखे छोड़ी हो गयी क्युकी सामने उसका बीटा अपने बड़े से लुंड को निकले ज़मीन पैर बैठा उसके साथ खेल रहा था
जिसे देख कर hi सुरभि के पेअर काँप ने लगे और वो जल्दी से वह से वापस घर की तरफ भाग ने लगी आज उसे घर बहुत दूर लग रहा था घर में जाते hi वो बाथरूम में घुस गयी अंदर घुसते hi सुरभि ने अपने सारे कपडे खोल दिए और शावर ों करके उसके निचे कड़ी हो गयी
क्या करने गयी थी खेत पैर और क्या हो गया बस यही सब सोच रही थी की छूट में गर्मी बढ़ ने लगी और न चाहते हुए भी सुरभि अपनी छूट और चुकी को मसल ने लगी
ऊपर से गिरता ठंडा पानी भी उसकी बेचैनी को काम करने में पार्यप्त नहीं था फिर भी वो अपनी गांड को पानी की गिरती बोंडे के निचे लिए कड़ी रही
पैर शायद आज उसे सकूं मिलने वाला नहीं था इसलिए जल्द hi बहार से रम्य की आवाज़ आने लगी तो सुरभि ने जल्दी से नहाते हुए hi रम्य को जवाब दिया
सुरभि- आयी बस 2 मं में
बाथरूम से निकल कर सुरभि हॉल में आयी तो रम्य और मेघा वही बैठी मिली
सुरभि- हां बोल रम्य क्या बात है
रब- वो भाभी में और मेघा खेतो पैर जा रहे है तो रूद्र के लिए खाना ले जाये
सुरभि - नहीं खाने की कोई जरुरत नहीं और न hi वह जाने की में दे आयी नास्ता उसे
रब- आपका भी समझ नहीं आता कभी इतनी शख्त कभी इतनी नरम पैर हम घूम तो आये
सुरभि- नहीं कल चली जाना आज वह वो काम कर रहा है
सुरभि की बाते सुनके दोनों मुँह लटका के वापस ऊपर चली गयी और बाते करने लगी
रब- ये भाभी को भी पता नहीं क्या हो गया है आज कल
म- माँ की छोड़ो बुआ आप अपनी बताओ देख रही हु काफी खिली खिली से लग रही हो कही कोई पहुपा तो नहीं ढून्ढ लिया आप ने मेरे लिए
रब- अरे नहीं रे पगली तुझे ऐसे hi लग रहा है वैसे तू बता खुश खबरि कब दे रही है अब तो 1.5 साल होने वाला है तेरी शादी को
रम्य की बात सुनकर मेघा का हस्ता हुआ चेहरा लटक गया जिसे रम्य ने भी देखा
रब- क्या हुआ मेघा कुछ प्रॉब्लम है बीटा तो बता मुझे
म- बस क्या बताऊ दीदी एक तो उन्हें टाइम नहीं मिलता और जब मिलता है तो बैठ कर शराब पिने लगते है तो आप hi बताओ बच्चा कैसे होगा
रब- वैसे तो ठीक है न सेक्स में वो
म- बस ठीक ठाक hi है बुआ
रब- तो उस से बैठ कर बात कर बच्चे बहुत लम्बी ज़िन्दगी है ऐसे कैसे चलेगा
म- कई बार कोशिश की है बुआ पैर वो हर बार बाद में बात करेंगे बोल कर बात ख़तम कर देते है
रब- चल कोई नई सब ठीक हो जायेगा में भाभी से बात करुँगी वो सब संभल लेंगी
म- खैर छोड़ो आप ये बताओ शादी कब करोगी आप
रब- मुझे नहीं करनी शादी में ऐसे hi खुश और वैसे भी अब मैं नहीं है
म- पैर बुआ जिस्म की भी कोई जरुरत होती है वो कैसे पूरी करती हो आप
रब- डिलडो मंगवाया था अपनी एक सहेली से जब जयादा मैं करता है
दोनों ऐसे hi बाते करती रही वही दूसरी तरफ खेतो का काम ख़तम करके सोनू के घर की तरफ चल दिया क्युकी सोनू से मिले भी कई दिन हो गए थे
जब रूद्र उनके घर पंहुचा तो कोई दिख नहीं रहा था तो वो वापस जाने लगा की उसे कुछ आवाज़ सुनाई दी जो किसी की चुदाई की थी जिन्हे सुन कर रूद्र के कान खड़े हो गए और वो सोच ने लगा की सोनू के घर में तो वो hi मर्द है तो फिर ये किसकी आवाज़ है अपना शक यकीं में बदल ने के लिए वो चल पड़ा आवाज़ के पीछे और जब जा कर देखा तो हैरत से रूद्र की आँखे फटी रह गयी क्युकी अंदर सोनू उसकी बहिन हुमा को छोड़ रहा था और हुमा अपनी माँ की छूट चाट रही थी जबकि शीला सिसकिया ले रही थी
शीला- आआह्ह्ह सोनू जल्दी से इसे ठंडा कर अब मेरी छूट भी लुंड मांग रही उउउउउफफ्फ्फफ्फ्फ़ छ्हात छिनाल ऐसे hi चाट अपनी माँ की छूट को उउउउउफफ्फ्फ्फ़
सोनू- अरे माँ दीदी बस झड़ने hi वाली है फिर तेरी hi छूट फाड़ूंगा रुक जा बस थोड़ा
शीला- अरे अभी कहा झाड़ेगी ये रंडी अभी तो ये तेरी सवारी भी करेगी ऊऊफफफ
शीला के कहते hi हुमा ने पोजीशन बदल ली और सोनू के लुंड पैर बैठ के अपनी माँ के होठो को चूस ने लगी
अपनी बेटी की इस हरकत में शीला भी अपनी चुकी दबा के उसका साथ देने लगी पुरे कमरे में उन तीनो की सिसकिया गूंज रही थी और बहार ये सब देख कर रूद्र का हाल बुरा हो रहा था वही शीला ने अब अपने बेटे के मुँह पैर अपनी छूट रख दी जिसे सोनू बड़े प्यार से चाट ने में लगा हुआ था इस बात से बेखबर की आज उसका दोस्त उसे उसकी माँ और बहिन को छोड़ते हुए देख रहा है
शीला- आआआह्ह्ह्ह मेरे बच्चे मेरे लाल ऐसे hi चाट ऊऊफफफफफफ तेरी यो जीभ भी कमाल की है उउउउउफफ्फफ्फ्फ़ maaaaaaaaaa ऐसा लगता है आज बिना लुंड लिए hi झाड़ जाउंगी आआह्ह्ह ख्हहआ जाआ इसे माआआआआ
अभी ये तीनो चुदाई में मस्त थे की बहार रूद्र का हाथ मजे में वह रखा कांच का गिलास गिर गया जिसकी आवाज़ से तीनो हड़बड़ा गए
खुद रूद्र भी जैसे होश में आया और जल्दी से भाग लिया वह से
काफी दूर आने के बाद रूद्र तेज़ तेज़ सांस लेने लगा और मैं में बड बढ़ाया
र- ाचा हुवा किसी ने देखा नहीं कल बात करूँगा साले सोनू से
पैर वो बेचारा क्या जाने की दो आँखे उसे बहुत पहले hi देख चुकी थी उस खेल को देखते हुए और वो भी अब बस कल के इंतज़ार में थी
जल्द मिलेंगे