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- Dec 5, 2013
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अलका: ऐसे क्यों देख रहे हो मुझे.
मई : मिस आप अभी भी जवान और खूबसूरत फिर आपने शादी क्यों नहीं की.
अलका: क्यों तुम क्या करोगे जान क्र .
मई : मई तो बीएस ऐसे hi पूछ रहा था .
मिस: ठीक है बताती हु रुको एक मिनट.
फिर मिस ने अपने माइड को आवाज लगाई और चाय लेकर आने को खा और वो आकर मेरे पास hi बैठ गई.
मिस : ये बात 21 साल पहले की है जब मई इस घर के मालिक दीनदयाल को एक सड़क किनारे बेहोस मिली उन्हों ने मुझे उठाया और अपने साथ घर लेकर आ गए ,घर पर hi उन्होंने मेरा इलाज कराया फिर एक हफ्ते बाद मुझे होस आया तब मुझे कुछ भी यद् नहीं था उन्होंने hi मुझे बताया की मई सड़क किनारे उन्हें बेहोस मिली और वो मुझे लेकर यह आ गए .
फिर उन्होंने अपनी पूरी पहुंच लगा दी मेरे रिस्तेदारो को तलाशने में लेकिन कोई भी नहीं मिला इस बिच एक महीने निकल गए थे अंत में उन्होंने मुझे अपनी बेटी बना लिया और तब से मई यह रहने लगी जिस कॉलेज में तुम पढाई करते हो वो भी उन्ही का है मई उनके साथ रोज कॉलेज जाने लगी मई वह की बुक्स को एक बार पढ़ लेती तो वो मेरे दिमाग में पूरा फिट हो जाता एक दिन ऐसे hi मई उनके साथ कॉलेज गयी उस दिन एक प्रोफेसर नहीं आया था तो बाबा खुद hi चले गए साथ में मुझे भी ले गए फिर वो जिस सब्जेक्ट को पढ़ा रहे थे वो मुझे पूरा पता था तो मैंने बाबा से खा की बाबा मई आपके बदले ये सब्जेक्ट पढ़ो तो बाबा ने खा तुम पढ़ा लोगी तो मैंने भी पूरी कॉन्फिडेंस से कह दिया है बाबा पढ़ा लुंगी ,
फिर मैंने जिस तरीके से उन्हें वो सब्जेक्ट समझाया की बाबा भी खुश हो गए और तभी hi उन्होंने दिसिडे क्र लिया की अब से मई यह पर पढ़ो तब से लेकर आज तक मई वह पढ़ा रही हु ,
5 साल पहले hi बाबा का एक कार एक्सीडेंट में उनका निधन हो गया उन्होंने अपनी पूरी जायदात मेरे नाम पर क्र दी थी क्यों की मेरे शिव उनका और कोई नहीं था.
बाबा ने एक बार मुझे सदी के लिए पूछा भी था लेकिन मैंने hi मन क्र दिया की मई आपको छोड़ क्र कहि नहीं जाउंगी ये थी मेरी कहानी .
मई : आपको अभी तक ये पता नहीं चला के आप कहा पैदा हुई आपके असली माँ बाप कोण है रिश्ते दर कुछ भी.
मिस : नहीं मुझे कुछ भी यद् नहीं और न hi मुझे पता चला लेकिन मुझे जानना जरूर है मेरे अतीत के बारे में .
मिस : मई तुम्हे एक बात बताऊ न जाने क्यों तुम्हे देख क्र मुझे अहसास होता है की तुम अपने हो और तुम्हारे इन नीली आखो ने पता नहीं मुझ पर क्या जादू क्र दिया है दुब जाने का मन करता है .
मई : आँखे तो आपकी भी नीली है मिस और ऐसा मुझे भी लगता है आपकी आखो को देख क्र .
ऐसे बोलते हुए हम एकदूसरे की आँखों में देखने लगे देखते hi देखते हमारे होठ कब एक दूसरे के पास आये हमे पता hi नहीं चला और फिर हमारे होठ एक दूसरे से मिल गए हमे कोई होस hi नहीं था न hi कोई फ़िक्र हम तो किश में पूरी तरह दुब गए थे हमे कोई जल्द बजी नहीं थी हम बड़े आराम से एक दूसरे को फील क्र रहे थे.
इधर उनकी माइड जो एक लेडी थी वो हमे देख क्र मुस्कुरा थी वो आयी और चाय नास्ते का ट्रे टेबल पर रखा और मिस को आवाज लगाई एक बार में तो कुछ नहीं हुआ माइड के दो तीन बार आवाज लगाने पर हमे ये अहसास हुआ की यह कोई और भी है हम ने तुरंत hi किश टुडे और उस माइड की तरफ देखा जो हमे hi घर रही थी मुझे तो बड़ी hi सरम आ रही थी इसलिए मैंने अपना सर निचे झुका लिया पता नहीं मिस का क्या हॉल हो रहा होगा .
मिस ने अपने आपको सम्हाल क्र माइड की तरफ देखा और उसे जाने को कहा माइड के जाने के बाद कुछ देर सन्ति रही फिर मिस ने hi मुझे कहा.
मिस : लो टाइगर कुछ खा लो .
मैंने फिर ट्रे की तरफ देखा तो उसमे अच्छा खासा नास्ता बना के रखा हुआ था.
मई : मिस आप भी लीजिये न.
फिर हम दोनों ने सन्ति से नास्ता किये फिर चाय पिने लगे-
मिस: टाइगर एकबात तुम मेरे मानोगे.
मई : बोलिये मिस .
मिस: आज तुम यह रात रुक सकते हो अगर तुम चाहो तो .
मैंने कुछ देर सोचा और मान में लड्डू फूटा फिर मैंने है क्र दी.
फिर मिस ने मुझे अपना पूरा घर दिखाया और मुझे एक रूम में छोड़ क्र फ्रेश होने के लिए कहा.
मई फ्रेश होकर बहार आया कुछ देर बाद मिस भी तैयार होकर बहार आयी कसम से क्या लग रही थी मई तो उन्हें मुँह फाडे देखता hi रहा वो धीरे से मेरे पास आकर मेरे कण में खा- मुझ बंद और लो अपना नहीं तो मक्खी घुस जागेगी.
फिर मिस मुझे अपने साथ लेकर निकल गए घूमे अभी शाम हो चुकी थी .
मैंने पहले से hi दिव्या को बता दिया था की मई आज नहीं आ पाउँगा इसलिए वो नीलम को अपने घर ले जाये.
इधर स्नेहा जब माँ पापा के साथ घर पहुंची तो उसे 2 खबर मिली.
1 उसे छोटी चची ने दी .
छोटी चची: स्नेहा मई आज डॉक्टर के पास गयी थी उन्होंने मुझे बताया की मई माँ बनने वाली हु.
स्नेहा: ये तो बहुत hi खुसी की बात है छोटी चची इस बात के लिए तो मिठाई बॉटनी चाहिए.
छोटी चची: है मैंने तुम्हारे चाचा को बोल दिया है वो आते वक्त मिठाई लेकर आये.
रात में खाना खाने के बाद सभी बहने सुमन के रूम में आते है .
सुमन: दीदी मुझे आपको कुछ बताना है.
स्नेहा: है बोलो न .
सुमन : डीडीई बात ye...hai...ki... मेरे पीरियड इस बार मिस हो गए है .
सोनम: तो डॉक्टर को दिखा इसमें दीदी से पूछने की क्या बात है.
सुमन: गयी थी तो डॉक्टर ने की .....
स्नेहा: क्या कहा डॉक्टर ने.
सुमन: डॉक्टर ने कहा की मई प्रेग्नेंट हु......
अलका: ऐसे क्यों देख रहे हो मुझे.
मई : मिस आप अभी भी जवान और खूबसूरत फिर आपने शादी क्यों नहीं की.
अलका: क्यों तुम क्या करोगे जान क्र .
मई : मई तो बीएस ऐसे hi पूछ रहा था .
मिस: ठीक है बताती हु रुको एक मिनट.
फिर मिस ने अपने माइड को आवाज लगाई और चाय लेकर आने को खा और वो आकर मेरे पास hi बैठ गई.
मिस : ये बात 21 साल पहले की है जब मई इस घर के मालिक दीनदयाल को एक सड़क किनारे बेहोस मिली उन्हों ने मुझे उठाया और अपने साथ घर लेकर आ गए ,घर पर hi उन्होंने मेरा इलाज कराया फिर एक हफ्ते बाद मुझे होस आया तब मुझे कुछ भी यद् नहीं था उन्होंने hi मुझे बताया की मई सड़क किनारे उन्हें बेहोस मिली और वो मुझे लेकर यह आ गए .
फिर उन्होंने अपनी पूरी पहुंच लगा दी मेरे रिस्तेदारो को तलाशने में लेकिन कोई भी नहीं मिला इस बिच एक महीने निकल गए थे अंत में उन्होंने मुझे अपनी बेटी बना लिया और तब से मई यह रहने लगी जिस कॉलेज में तुम पढाई करते हो वो भी उन्ही का है मई उनके साथ रोज कॉलेज जाने लगी मई वह की बुक्स को एक बार पढ़ लेती तो वो मेरे दिमाग में पूरा फिट हो जाता एक दिन ऐसे hi मई उनके साथ कॉलेज गयी उस दिन एक प्रोफेसर नहीं आया था तो बाबा खुद hi चले गए साथ में मुझे भी ले गए फिर वो जिस सब्जेक्ट को पढ़ा रहे थे वो मुझे पूरा पता था तो मैंने बाबा से खा की बाबा मई आपके बदले ये सब्जेक्ट पढ़ो तो बाबा ने खा तुम पढ़ा लोगी तो मैंने भी पूरी कॉन्फिडेंस से कह दिया है बाबा पढ़ा लुंगी ,
फिर मैंने जिस तरीके से उन्हें वो सब्जेक्ट समझाया की बाबा भी खुश हो गए और तभी hi उन्होंने दिसिडे क्र लिया की अब से मई यह पर पढ़ो तब से लेकर आज तक मई वह पढ़ा रही हु ,
5 साल पहले hi बाबा का एक कार एक्सीडेंट में उनका निधन हो गया उन्होंने अपनी पूरी जायदात मेरे नाम पर क्र दी थी क्यों की मेरे शिव उनका और कोई नहीं था.
बाबा ने एक बार मुझे सदी के लिए पूछा भी था लेकिन मैंने hi मन क्र दिया की मई आपको छोड़ क्र कहि नहीं जाउंगी ये थी मेरी कहानी .
मई : आपको अभी तक ये पता नहीं चला के आप कहा पैदा हुई आपके असली माँ बाप कोण है रिश्ते दर कुछ भी.
मिस : नहीं मुझे कुछ भी यद् नहीं और न hi मुझे पता चला लेकिन मुझे जानना जरूर है मेरे अतीत के बारे में .
मिस : मई तुम्हे एक बात बताऊ न जाने क्यों तुम्हे देख क्र मुझे अहसास होता है की तुम अपने हो और तुम्हारे इन नीली आखो ने पता नहीं मुझ पर क्या जादू क्र दिया है दुब जाने का मन करता है .
मई : आँखे तो आपकी भी नीली है मिस और ऐसा मुझे भी लगता है आपकी आखो को देख क्र .
ऐसे बोलते हुए हम एकदूसरे की आँखों में देखने लगे देखते hi देखते हमारे होठ कब एक दूसरे के पास आये हमे पता hi नहीं चला और फिर हमारे होठ एक दूसरे से मिल गए हमे कोई होस hi नहीं था न hi कोई फ़िक्र हम तो किश में पूरी तरह दुब गए थे हमे कोई जल्द बजी नहीं थी हम बड़े आराम से एक दूसरे को फील क्र रहे थे.
इधर उनकी माइड जो एक लेडी थी वो हमे देख क्र मुस्कुरा थी वो आयी और चाय नास्ते का ट्रे टेबल पर रखा और मिस को आवाज लगाई एक बार में तो कुछ नहीं हुआ माइड के दो तीन बार आवाज लगाने पर हमे ये अहसास हुआ की यह कोई और भी है हम ने तुरंत hi किश टुडे और उस माइड की तरफ देखा जो हमे hi घर रही थी मुझे तो बड़ी hi सरम आ रही थी इसलिए मैंने अपना सर निचे झुका लिया पता नहीं मिस का क्या हॉल हो रहा होगा .
मिस ने अपने आपको सम्हाल क्र माइड की तरफ देखा और उसे जाने को कहा माइड के जाने के बाद कुछ देर सन्ति रही फिर मिस ने hi मुझे कहा.
मिस : लो टाइगर कुछ खा लो .
मैंने फिर ट्रे की तरफ देखा तो उसमे अच्छा खासा नास्ता बना के रखा हुआ था.
मई : मिस आप भी लीजिये न.
फिर हम दोनों ने सन्ति से नास्ता किये फिर चाय पिने लगे-
मिस: टाइगर एकबात तुम मेरे मानोगे.
मई : बोलिये मिस .
मिस: आज तुम यह रात रुक सकते हो अगर तुम चाहो तो .
मैंने कुछ देर सोचा और मान में लड्डू फूटा फिर मैंने है क्र दी.
फिर मिस ने मुझे अपना पूरा घर दिखाया और मुझे एक रूम में छोड़ क्र फ्रेश होने के लिए कहा.
मई फ्रेश होकर बहार आया कुछ देर बाद मिस भी तैयार होकर बहार आयी कसम से क्या लग रही थी मई तो उन्हें मुँह फाडे देखता hi रहा वो धीरे से मेरे पास आकर मेरे कण में खा- मुझ बंद और लो अपना नहीं तो मक्खी घुस जागेगी.
फिर मिस मुझे अपने साथ लेकर निकल गए घूमे अभी शाम हो चुकी थी .
मैंने पहले से hi दिव्या को बता दिया था की मई आज नहीं आ पाउँगा इसलिए वो नीलम को अपने घर ले जाये.
इधर स्नेहा जब माँ पापा के साथ घर पहुंची तो उसे 2 खबर मिली.
1 उसे छोटी चची ने दी .
छोटी चची: स्नेहा मई आज डॉक्टर के पास गयी थी उन्होंने मुझे बताया की मई माँ बनने वाली हु.
स्नेहा: ये तो बहुत hi खुसी की बात है छोटी चची इस बात के लिए तो मिठाई बॉटनी चाहिए.
छोटी चची: है मैंने तुम्हारे चाचा को बोल दिया है वो आते वक्त मिठाई लेकर आये.
रात में खाना खाने के बाद सभी बहने सुमन के रूम में आते है .
सुमन: दीदी मुझे आपको कुछ बताना है.
स्नेहा: है बोलो न .
सुमन : डीडीई बात ye...hai...ki... मेरे पीरियड इस बार मिस हो गए है .
सोनम: तो डॉक्टर को दिखा इसमें दीदी से पूछने की क्या बात है.
सुमन: गयी थी तो डॉक्टर ने की .....
स्नेहा: क्या कहा डॉक्टर ने.
सुमन: डॉक्टर ने कहा की मई प्रेग्नेंट हु......