Incest The Tiger - Page 18 - SexBaba
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Incest The Tiger

अपडेट: 125

अलका: ऐसे क्यों देख रहे हो मुझे.

मई : मिस आप अभी भी जवान और खूबसूरत फिर आपने शादी क्यों नहीं की.

अलका: क्यों तुम क्या करोगे जान क्र .

मई : मई तो बीएस ऐसे hi पूछ रहा था .

मिस: ठीक है बताती हु रुको एक मिनट.

फिर मिस ने अपने माइड को आवाज लगाई और चाय लेकर आने को खा और वो आकर मेरे पास hi बैठ गई.

मिस : ये बात 21 साल पहले की है जब मई इस घर के मालिक दीनदयाल को एक सड़क किनारे बेहोस मिली उन्हों ने मुझे उठाया और अपने साथ घर लेकर आ गए ,घर पर hi उन्होंने मेरा इलाज कराया फिर एक हफ्ते बाद मुझे होस आया तब मुझे कुछ भी यद् नहीं था उन्होंने hi मुझे बताया की मई सड़क किनारे उन्हें बेहोस मिली और वो मुझे लेकर यह आ गए .

फिर उन्होंने अपनी पूरी पहुंच लगा दी मेरे रिस्तेदारो को तलाशने में लेकिन कोई भी नहीं मिला इस बिच एक महीने निकल गए थे अंत में उन्होंने मुझे अपनी बेटी बना लिया और तब से मई यह रहने लगी जिस कॉलेज में तुम पढाई करते हो वो भी उन्ही का है मई उनके साथ रोज कॉलेज जाने लगी मई वह की बुक्स को एक बार पढ़ लेती तो वो मेरे दिमाग में पूरा फिट हो जाता एक दिन ऐसे hi मई उनके साथ कॉलेज गयी उस दिन एक प्रोफेसर नहीं आया था तो बाबा खुद hi चले गए साथ में मुझे भी ले गए फिर वो जिस सब्जेक्ट को पढ़ा रहे थे वो मुझे पूरा पता था तो मैंने बाबा से खा की बाबा मई आपके बदले ये सब्जेक्ट पढ़ो तो बाबा ने खा तुम पढ़ा लोगी तो मैंने भी पूरी कॉन्फिडेंस से कह दिया है बाबा पढ़ा लुंगी ,

फिर मैंने जिस तरीके से उन्हें वो सब्जेक्ट समझाया की बाबा भी खुश हो गए और तभी hi उन्होंने दिसिडे क्र लिया की अब से मई यह पर पढ़ो तब से लेकर आज तक मई वह पढ़ा रही हु ,

5 साल पहले hi बाबा का एक कार एक्सीडेंट में उनका निधन हो गया उन्होंने अपनी पूरी जायदात मेरे नाम पर क्र दी थी क्यों की मेरे शिव उनका और कोई नहीं था.

बाबा ने एक बार मुझे सदी के लिए पूछा भी था लेकिन मैंने hi मन क्र दिया की मई आपको छोड़ क्र कहि नहीं जाउंगी ये थी मेरी कहानी .

मई : आपको अभी तक ये पता नहीं चला के आप कहा पैदा हुई आपके असली माँ बाप कोण है रिश्ते दर कुछ भी.

मिस : नहीं मुझे कुछ भी यद् नहीं और न hi मुझे पता चला लेकिन मुझे जानना जरूर है मेरे अतीत के बारे में .

मिस : मई तुम्हे एक बात बताऊ न जाने क्यों तुम्हे देख क्र मुझे अहसास होता है की तुम अपने हो और तुम्हारे इन नीली आखो ने पता नहीं मुझ पर क्या जादू क्र दिया है दुब जाने का मन करता है .

मई : आँखे तो आपकी भी नीली है मिस और ऐसा मुझे भी लगता है आपकी आखो को देख क्र .

ऐसे बोलते हुए हम एकदूसरे की आँखों में देखने लगे देखते hi देखते हमारे होठ कब एक दूसरे के पास आये हमे पता hi नहीं चला और फिर हमारे होठ एक दूसरे से मिल गए हमे कोई होस hi नहीं था न hi कोई फ़िक्र हम तो किश में पूरी तरह दुब गए थे हमे कोई जल्द बजी नहीं थी हम बड़े आराम से एक दूसरे को फील क्र रहे थे.

इधर उनकी माइड जो एक लेडी थी वो हमे देख क्र मुस्कुरा थी वो आयी और चाय नास्ते का ट्रे टेबल पर रखा और मिस को आवाज लगाई एक बार में तो कुछ नहीं हुआ माइड के दो तीन बार आवाज लगाने पर हमे ये अहसास हुआ की यह कोई और भी है हम ने तुरंत hi किश टुडे और उस माइड की तरफ देखा जो हमे hi घर रही थी मुझे तो बड़ी hi सरम आ रही थी इसलिए मैंने अपना सर निचे झुका लिया पता नहीं मिस का क्या हॉल हो रहा होगा .

मिस ने अपने आपको सम्हाल क्र माइड की तरफ देखा और उसे जाने को कहा माइड के जाने के बाद कुछ देर सन्ति रही फिर मिस ने hi मुझे कहा.

मिस : लो टाइगर कुछ खा लो .

मैंने फिर ट्रे की तरफ देखा तो उसमे अच्छा खासा नास्ता बना के रखा हुआ था.

मई : मिस आप भी लीजिये न.

फिर हम दोनों ने सन्ति से नास्ता किये फिर चाय पिने लगे-

मिस: टाइगर एकबात तुम मेरे मानोगे.

मई : बोलिये मिस .

मिस: आज तुम यह रात रुक सकते हो अगर तुम चाहो तो .

मैंने कुछ देर सोचा और मान में लड्डू फूटा फिर मैंने है क्र दी.

फिर मिस ने मुझे अपना पूरा घर दिखाया और मुझे एक रूम में छोड़ क्र फ्रेश होने के लिए कहा.

मई फ्रेश होकर बहार आया कुछ देर बाद मिस भी तैयार होकर बहार आयी कसम से क्या लग रही थी मई तो उन्हें मुँह फाडे देखता hi रहा वो धीरे से मेरे पास आकर मेरे कण में खा- मुझ बंद और लो अपना नहीं तो मक्खी घुस जागेगी.

फिर मिस मुझे अपने साथ लेकर निकल गए घूमे अभी शाम हो चुकी थी .

मैंने पहले से hi दिव्या को बता दिया था की मई आज नहीं आ पाउँगा इसलिए वो नीलम को अपने घर ले जाये.

इधर स्नेहा जब माँ पापा के साथ घर पहुंची तो उसे 2 खबर मिली.

1 उसे छोटी चची ने दी .

छोटी चची: स्नेहा मई आज डॉक्टर के पास गयी थी उन्होंने मुझे बताया की मई माँ बनने वाली हु.

स्नेहा: ये तो बहुत hi खुसी की बात है छोटी चची इस बात के लिए तो मिठाई बॉटनी चाहिए.

छोटी चची: है मैंने तुम्हारे चाचा को बोल दिया है वो आते वक्त मिठाई लेकर आये.

रात में खाना खाने के बाद सभी बहने सुमन के रूम में आते है .

सुमन: दीदी मुझे आपको कुछ बताना है.

स्नेहा: है बोलो न .

सुमन : डीडीई बात ye...hai...ki... मेरे पीरियड इस बार मिस हो गए है .

सोनम: तो डॉक्टर को दिखा इसमें दीदी से पूछने की क्या बात है.

सुमन: गयी थी तो डॉक्टर ने की .....

स्नेहा: क्या कहा डॉक्टर ने.

सुमन: डॉक्टर ने कहा की मई प्रेग्नेंट हु......
 
अपडेट 126

सुमन: डॉक्टर ने कहा की मई प्रेग्नेंट हु..

स्नेहा: ये... ये ....तू क्या बोल रही है सुमन .

सोनम : दीदी देखो न कितनी सां से बता रही है की मई प्रेग्नेंट हु पता नहीं किसका बच्चा पल रही है अपने पेट में .

स्नेहा : इस बारे में घर में किसी को पता चला तो क्या होगा और तू किसी और का बच्चा पल रही है मुझे तो झा तक पता है की तेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है ओह माय गॉड कही ये बच्चा टाइगर का तो नहीं ?

सोनम: टाइगर का, है हो भी सकता है क्यों की जब भाई यह पर चाय था तब ये ...

सुमन: तू ये कैसे सोच सकती है की मई किसी और का बच्चा पल रही हु ये बच्चा मेरे और टाइगर की प्यार की निसानी है समझी सोनम की बच्ची .

स्नेहा: अरे वो तो ठीक है और अब क्या करना है वो सोचो मेरी तो काम से काम सदी हो चुकी है और तू तो कुवारी है .

समान : तो क्या आप इतने दिन टाइगर के साथ थी तो आप लोगो ने कुछ नहीं किया और इन्हे देखो काम समय में hi प्रेग्नेंट भी हो गयी ा रे भाई प्रोटेक्शन नाम की भी कोई चीज होती है.

सुमन: बोल तो ऐसे रही है जैसे तू कई बार करवा चुकी है जब टाइगर जैसा प्यार करने वाला हो तो इनसब चीजों की कोई जरुरत नहीं पड़ती.

सोनम: नहीं मई अभी तक वर्जिन हु और मेरा भी टाइगर से मिलान होगा तो मई भी इन सब चीजों के बारे में भूल जाउंगी.

स्नेहा : ये तुम लोग भी क्या बोले जा रही हो जो प्रॉब्लम सामने है उसके बारे में सोचो .

सोनम : दीदी अब हम लोग क्या क्र सकते है जिसने किया है उसे भी तो पता चले फिर वो बताएगा की क्या करना है.

स्नेहा : है ये तूने सही कहा मई कल सुबह hi टाइगर से इस बारे में बात करुँगी.

इधर टाइगर के बुआ के घर पर-

समिति: भाभी अब 8 महीना चल रहा है डॉक्टर बोल रहे थे की किसी भी दिन आपका पैन होना स्टार्ट हो सकता है तो क्या हम टाइगर को यह बुला ले.

सीता: नहीं समिति जब तक काव्य और टाइगर के बिच सुलह न हो तब तक ये ठीक नहीं होगा है बच्चा पैदा होने के बाद वो मुझ से और अपने बेटे से मिलने तो आएगा hi आखिर बाप जो है इस का. जो मेरे पेट में पल रहा है उसका अह्ह्ह्ह..... देखो कैसे बाप का जिक्र किया और ये लत मरने लगा पूरा अपने बाप पर जायेगा.

समिति: बाप तो अपने हथियार से मरता है ये तो अभी लत hi मरेगा.

सीता: चुप क्र कुछ भी बोलती है

बैक तो टाइगर एंड मिस अलका-

सबसे पहले मिस मुझे मॉल में लेकर आयी मेरे लिए कुछ कपडे लिए और फिर लेडीज सेक्शन में गयी मुझे भी अपने साथ में ले लिए वह पर सेल्सगर्ल ने puchha-kya दिखाऊ मम आपके लिए.

मिस: पहले तो ब्रा पैंटी दिखा दो बाद दूसरा कुछ देख लेंगे.

सेल्सगर्ल : रेगुलारल या फैंसी.

मिस : फैंसी में दिखा दो और थोड़ी लेटेस्ट दिखाना.

सेल्सगर्ल: जी नंबर क्या है मम आपका.

मिस: 38-28-38

मिस के नंबर बताते hi मेरा धयान मिस के बूब्स पर गया सच में बड़े और कमल के लग रहे थे मिस ने तो मुझे अपनी तरफ घूरता तो नहीं देखा लेकिन सेल्सगर्ल ने जरूर देख लिया और वो मुस्कुराने लगी.

फिर सेल्सगर्ल ने बहुत सी लेटेस्ट ब्रा एंड पैंतीस दिखाई जिसमे से मिस ने मेरी पसंद के 3 जोड़ी ब्रा एंड पैंतीस का सेट लिया फिर कुछ ड्रेस खरीदी ये सब खरीदारी करते हुए हमे रात हो गयी थी फिर हम ने एक अच्छे से रेस्ट्रोरेंट में जाकर खाना खाया फिर हम घर की तरफ निकल गए.

घर पहुंच क्र मिस ने मुझे जिस रूम में मई फ्रेश हुआ व्ही ले गयी और कहा की फ्रेश हो क्र मेरे रूम में आ जाना फिर मिस वह से चली गयी.

मई भी कपडे उतर क्र बाथरूम में घुस गया और अच्छे से नहा धोकर जो नए कपडे लाया था उसे पहन क्र रेड्डी हुआ और फिर मिस के रूम में गया वह जाकर देखा तो बाथरूम से पानी की आवाज आ रही थी ,सायद मिस नहा रही थी मई जाकर बीएड पर बैठ गया और उनके निकलने का इंतजार करने लगा.

जब मिस बाथरूम से बहार निकली उसने एक सेक्सी से गाउन पहना था जिसकी लम्बाई उसके कमर थोड़ी सी नीची थी जिसमें वह बहुत hi सेक्सी लग रही थी मैं तो एक तक उसे hi देखे जा रहा था वो एक ऐडा के साथ बाथरूम के दूर पर कड़ी हो गयी मई खड़ा हुआ और उसके पास गया मेरे पास जाते hi वो मेरे ऊपर टूट hi पड़ी मुझे जरा भी इसकी उम्मीद नहीं थिस की वो इतनी जल्दी ऐसा कुछ करेगी वो जोरो से मेरे होठो को चूस रही थी मैंने भी उसके कर्मा को कास क्र पकड़ लिया और उसके किश का रिस्पांस देने लगा मई उसे धीरे धीरे बीएड तक लाया और उसे धक्का देकर बीएड पर गिरा दिया और फिर से मिस के ज़ुबान को चूसने लगा

मिस भी अच्छे से रेस्पोंस देने लगी हमारी किश धीरे धीरे वाइल्ड में बदल गई .

किस्स्स करते हुवे मैंने मिस के गाउन उतर दी फिर मिस ने अपने आंखे बंद कर के पड़ी थी फिर मैंने मिस के ब्रा के उप्पेर से hi किस्स्स कर थे हुवे नीचे आरा था .

मिस के सांसे लेने से उसकी चुकी ऊपर नीचे होने लगी वो नज़ारा देककर मेरा लुंड भी धीरे से अपनी ोकत में आने लगा .

मिस: sssssssssss ssssshhhhhhhhhhhhhhhh hhhhhhhhhhhhhhhhhhhh.

मई : आप कितनी पियरी लग रही हो मिस

मिस : सच में .

मई : हां मिस आप दुनिया की हसीं लड़कियों में से एक हो .

मिस : शर्म थे हुवे अच्छा लेकिन तुम मुझे मिस कहना बंद करो या तो मेरा नाम लो या कुछ और कहो.

मई : ok मेरी जान.

अब मेरे से सबर नहीं हो रहा था मैंने अलका के ब्रा पहाड़ दिया था .

हुक टूटने की आवाज़ से अलका अपनी आंख खोलती है .

अलका: ये किया किया तुमने ये मैंने आज hi खरीदी थी.

मई : अब मेरे से बर्दाश नहीं हो रहा .

अलका :अब से तो मई तुम्हारी होना तो .

मई : पता है लकिन आज मुझे मेरे हल पे छोड़ दो.

अलका : ऐसे कपडे फाड़ेंगे थो किया होगा.

मई : तुम उसकी फ़िक्र मत करो.

अलका : हस्ते हुवे हां वो तो बात बराबर है .

मई : आज मई तुम्हारे हर एक अंग को टच करूँगा बीएस देखती जाओ.

मुझे अलका किकुची को देख के बर्दाश नहीं हो रहा था कब मई ुस्क़ुए निचोड़ क्र ढूढ़ पीयू मेरा सबर का बंद टूट रहा था मैंने अलका के ब्रा को खींच के निकल दिया.

अलका : ऐसा क्या देख रहे ho.isko सिर्फ देखते hi रहो गए क्या .

मई : मैंने आज तक इतनी बड़ी चुकी नहीं देखि आज मई इसको नेसल मसल क्र इसमें से दूद निकलूंगा ये बोल मई अलका के चुकी को मुँह में लेकर चूसने लगा .

एक चाची को चूसते हुवे दूसरे चुकी कोदाबा रहा था .

अलका: sssssssshhhhhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa.

अलका : कितनी मीठी चुकी है तुम्हारी .

अलका : चूस से मेरी जान इनको आज तक किसी बे नहीं चूसा है.

मई : आज मई इन चुकी को निचोड़ ने वाला हु .

अलका: jjjjjjjjjjjjjooooooooooooooocccccccccchhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaayyyyyyyeeeeeeeeeeeee करो .

मई : तुमको वो दुनिया दिखाऊंगा की तुमने कबि नहीं देखी होगी .

अलका : wwwwwwwwwwwwwaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaakithna मज़ा आरा है .

अलका अब पोरे मस्ती में आ चुकी है .

अलका: ccccccccchhhhhhhooooooosssssssssooooooooooooooooooooooooo .

मैंने दोनों चुकी को चोस कर लाल कर दिया .

फिर मैंने उसके नैवेल को चाटने लगा .

अलका : aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh.

मई : कितना पियारा जिसम है तुम्हारा.

अलका : hhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa.

मई :कितनी मीठी खुशबू आरही है .

अलका : hhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiirrrrrrrrrrrrrrrrreeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee.

मई : तुम्हारे जिस्म से खेलने का मन कर था है.

अलका : खेलौना किस ने रोका है .

मई : किया गज़ब का जिसम hi .

अलका : hhhhhhhhhhhaaaaaaaaiiiiiiiiiiiiiiirrrrreeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee.alka: तुमने तो मेरे पोरे कपडे उतर दिए तुम्हारे कपडे है अभी भी बदन में .

मई : तुम उतरो न .

अलका : ठीक है .

अलका ने एक एक कर के मेरी शर्ट बनियान पंत उठेर कर फेकडी फिर मैंने अलका को सिदा लेता कर उनको चूमा छठा फिर मैंने उसकी पंतय उतरने लगा .

पंतय निकल के फेख नेके बाथ मैंने उसकी चूत देखी उसमे एक बी बल नै था जैसे एक डैम साफ था मुझसे बर्दाश नहीं हुआ

मई ने अलका का छूट चेतना सुरु kiya..mera लुंड पूरा तना हुआ tha..alka की छूट पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और वो छोड़ने को तैयार थी…

मई अलका के पैरों के बीच बैठे और उसके चुतर को पाकर कर अपने मच तक उठा लिए और अपनी जीभ निकल के अपनी जीभ से hi उसकी छूट को चाटने लगा…

अलका uhhh….ahhh… कर रही थी और अपने गांड को उछाल उछाल के मेरे के मच पे दे रही थी…

कुछ देर तक मई ऐसे hi अलका की छूट को छोड़ता रहा अपनी जीभ से फिर मैंने उसकी चूतर को बीएड पे रखा और अपने लुंड का गुलाबी सुपर अलका के छूट के ओपनिंग पे रखा…

मैंने जैसे hi अपने लुंड को अंदर करने की कोशिश ki…alka ने मुझ से रिक्वेस्ट किया की वो धीरे धीरे अंडर kare…nahi तो उन्हें काफी दर्द hoga…Mai ने उसे भरोसा दिया की कुछ नहीं होगा बल्कि उसे मज़ा आएगा…

मैंने अलका के दोनों पैरों को अपने कंधे पे रखा और अपना हाथ ालकके चूचियों के ऊपर और धीरे से एक धक्का lagaya…Alka कराह uthi…lund 2-3 िच अंदर चला गया था …मैंने वही पे अपने लुंड को रोका और अलका की चिचियों को मसलने लगे और उसकी चुतर को सहलाने lage….jab मैंने देखा की …अलका नार्मल हो गयी है …फिर से एक धक्का दिया और उन्होंने अपना लुंड आधा अंदर घुसा दिया…

अलका दर्द से कराह uthi…lekin मई तो इस खेल में खिलाडी tha…Maine फिर से अलका के चूचियों और चुतरों के साथ खेलने लगा …जब अलका सांत huyi…agle दो- तीन धक्को में मैंने अपना पूरा लुंड अलका के बूत में धसा diye…Alka की ने मेरा पूरा लुंड निगल लिया tha..aur अब मुझे लग रहा tha…ki जैम कर छोड़ू…

अलका : टाइगर मेरी जान पूरा चला गया क्या…

मई : ha…Alka baby…main बोल रहा था न ा की तुम्हे पता भी नहीं चलेगा और ये अंदर घुस jayega…tumhari छूट काफी गहरी hai..aur मेरा लुंड उसमे पूरा समां गया है…

अलका: मुघे बिलीव नहीं हो रहा hai….etna बड़ा लुंड कैसे पूरा अन्दर चला गया…

अलका ने अपना हाथ बड़ा के देखा छूट के upar..to उसे पता चला की सही में सारा लुंड अन्दर घुस गया है…

अब मैंने अपने आपको रोक नहीं paye…aur अपना लुंड बहार खींचा और फिर से एक hi धक्के ने उसे अंदर दाल diya…Alka चीखी ..लेकिन दूसरे hi पल उसे मेरे धक्के से मजे भी आने लगे और वो अपना चुतर उछाल उछाल के चुदाई में सहयोग देनी लगी…

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
अपडेट 127

अब मैंने अपने आपको रोक नहीं paye…aur अपना लुंड बहार खींचा और फिर से एक hi धक्के ने उसे अंदर दाल diya…Alka चीखी ..लेकिन दूसरे hi पल उसे मेरे धक्के से मजे भी आने लगे और वो अपना चुतर उछाल उछाल के चुदाई में सहयोग देनी लगी

कुछ देर तक मैंने उसे ऐसे hi छोड़ता रहा.

अलका: मुझे कुछ हो रहा है मेरी जान जोर से छोड़ो फाड् दो मेरी बुर आअह्ह्ह हुम्म्म..

मैंने भी अपनी गति बढ़ा दी और जोर जोर से उन्हें छोड़ने लगा मेरे धक्के से अलका के बूब्स तेजी से ऊपर निचे होने लगे इसलिए मैंने दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथो से पकड़ा और तेजी से छोड़ने लगा कुछ hi देर में अलका झटके खा खा क्र झाड़ गयी.

मैंने भी अपना लुंड बहार निकली और उसके बाजु में लेट गया.

थोड़ी देर तक अलका आँखे बंद क्र के सुस्ताती रही फिर जब वो पूरी तरह संत होने के बाद अपनी आँखे खोली और सीधा मेरे लुंड को देखा.

ये तो अभी भी वैसा का वैसा hi खड़ा हुआ है इसे भी संत करना होगा ये बोल क्र वो ठौर वो मेरे लुंड को अपने मच में लेके चूसने lagi…Mai देख रहा था की कैसे वो मेरा लुंड अपने मुँह में ले रही है.

मेरे लम्बे और मोठे लुंड को अपने मुँह में पूरा नहीं ले प् रही थी लेकिन जितना भी ले प् रही थी उस से उसकी ये कोशिश थी की मेरा पानी निकल दे .

लेकिन वो मेरा पावर को नहीं जानती थी अगले 10 मिनट तक अलका ने पूरी कोशिश कर ली ..लेकिन पानी नहीं निकल पायी लुंड का…

अलका मेरा लुंड इतनी जल्दी हार मैंने वालो में से नहीं है ऐसा करो तुम मेरे ऊपर आ जाओ

अलका अब मेरे ऊपर thi…alka ने अपनी छूट को मेरे लुंड पे अपनी हाथो से सेट किया और बस बैठ गयी uspe..mera लुंड सरसराता हुआ ..अलका की छूट के अंदर चला गया…

अलका मेरे ऊपर लेट gayi..aur अपनी मोती चुतर को उसके लुंड पे उछलने lagi…mujhe बहुत hi मज़ा आ रहा tha..alka भी बरसो की भूखी थी और इतने सैलून के बाद उसे मौका मिला था चुदाई का तो पुरे जोश में छोड़ना छाती थी…

रूम के अंदर chhap…chap की आवाज गूंज रही …जैसे hi अल्काप्ने चुतर को ऊपर उठती

मेरा लुंड बहार निकलता और फिर अलका फाॅर्स में अपनी चुतर को निचे करती और मेरा लुंड में उसमे समां जाता….

अगले 10 मिनट तक अलका अपनी चुतर को ऐसे hi उछलती रही और मेरे लुंड से खेलती rahi…kuch देर बाद उसने अपनी स्पीड बड़ाई और vo..fir से निढाल होक मेरे ऊपर लेट gayi…dono ऐसे कुछ देर तक सांत होक लेते रहे… फिर मैंने उसे अपने ऊपर से उठाया और डौगी पोजीशन में किया फिर पीछे से लुंड दाल क्र उसकी कमर को पकड़ा और तेजी से धक्के मरने लगी अलका पूरी हिल जाती मेरे हर धक्के पे मैंने सुरु से hi जो दर धक्के लगा रहा था मेरा लुंड सटासट उसकी बुर में जा रहा था दो बार झड़ने के कारन वो थोड़ी पास्ट हो गयी थी अब मेरा भी होने वाला था इसलिए मैंने उस और रहम नहीं दिखाई और जोर जोर से छोड़ने लगा कुछ hi देर में मेरा पानी भी निकल गया और मई भी पास्ट हो क्र साइड में लुढ़क गया जब हम दोनों में थोड़ी ताकत आयी तब बरी बरी से बाथरूम गए फिर वापस बीएड पर आकर लेट गए.

अलका: तुम ने तो मेरी जान hi निकल ली थी इतने जोर से किया न तुम ने मुझे की, मई तो सहन hi नहीं और प् रही थी .

मई : बीएस एक hi बार में तुम्हारी जान निकल गयी मेरे चाहने वाले तो मुझे रात भर सोने नहीं देते .

अलका: ऐसा है तो फिर मई भी आज तुम्हे सोने नहीं दूंगी.

मई : सोच लो सुबह तुम्हारी क्या हालत होगी पता नहीं पूरा दिन सोती रहोगी.

अलका: अब बोल दिया तो बोल दिया चाहे कुछ भी हो परवाह नहीं है मुझे.

मई :अब तुम्हारे इन मदमस्त गदराये हुए गांड की बरी .

अलका : पर मैंने कभी सोचा नहीं इस बारे में की मई कभी गांड में भी लुंड दूंगी ऊपर से तुम्हारा लुंड भी काफी मोटा और बड़ा है और मेरे गांड का छेड़ बहुत छूटा है कैसे जायेगा बहुत दर्द होगा मुझे न बाबा न मई नहीं ले पाऊँगी अपने गांड में तुम्हारा लुंड.

मई : चलो मैं ..पहले इस रस्ते को आसान बना देता हु…

मई उठा और ड्रावर में से एक तेल का बोतल निकला और मैंने अलका के चौरे बड़े चुतर पे मलने लगा..

दोस्तों ये सीन देखने में बहुत hi रोचक tha…alka घुटनो के बल अपनी गांड उठा के बैठी थी और उसकी चौड़ी और बड़ी चुतरों पे मई तेल से मालिश कर रहा था. बीच बीच में मई अपनी उंगली अलका के गांड की दरार में दाल देते थे. जिससे अलका की चीख निकल जाती थी…

अलका फिर से मुझे रोकने lagi…lekin मैंने उन्हें सांत कर दिया और अपनी एक ऊँगली उसके गांड में दाल के उंगली से उसकी गांड को छोड़ने लगे.

मेरे लिए बहुत hi मनमोहक सीन था ये.

मैंने पहले एक ऊँगली डाली फिर अपनी दूसरी ऊँगली भी अलका के गांड में दाल diya….dhire धीरे अलका का दर्द काम हुआ और वो मजे से अपनी गांड को पीछे की तरफ फेकने लगी…

ये देख के मई समझ गए की अब अलका तैयार है मेरा लुंड तो पहले से hi तैयार था मैंने अपने लुंड पर भी थोड़ा सा तेल लगाया और अपने लुंड का सुपर अलका के गांड की छेद पे टिका दिया.

उंगली अंडर करने से अलका के छेद खुल गया tha…aur मेरे लुंड का सुपर आसानी से उस छेद में फस गया…

अब मैंने अलका के लटके हुए बड़ी चूचियों को सहलाया ..फिर उनकी चुतरों को सहलाया और फिर मैंने धीरे से अपना विशाल लुंड अलका की गांड में आगे बड़ा दिए..

मिस अलका की चीख निकल गयी…

अलका : टाइगर मेरी जान प्ल्ज़ निकल liziye….bahut दर्द हो रहा है…

मई : बस मेरी jaan…toda इंतजार करो फिर बहुत मज़ा आएगा तुम्हे..

मैंने अपना लुंड वैसे hi अंदर रखा …और अलका के चूचियों को सहलाने लगे और उनकी चुतरों को भी. एक मिनट तक वो ऐसे hi करते रहा जब मैंने देखा की अलका शांत hai..phir मैंने एक जोर का धक्का diya…mera एक चौथाई लुंड पहले से hi अंदर था …जब मैंने जोर से धक्का मारा तो मेरा पूरा लुंड अलका के गांड के अंदर चला गया..

मई : लो पूरा चला गया.

ये देख के अलका को बहुत ताजुब्ब हुआ की इतना बड़ा लुंड पहली बार की चुदाई में hi कैसे मेरे गांड में चला gaya..lekin ये सब देख के उसे मज़ा भी बहुत आ रहा था. उसने मान लिया की टाइगर बहुत बड़े छोड़कर है

मई पुरे जोश के साथ अपना लुंड अलका के गांड से अंदर बाहर कर रहा the..room में तफ तफ की आबाज गूंज रही thi..kyoki टाइगर के विशाल लुंड अलका की बड़ी चौड़ी चुतर का मिलान हो रहा …और ये मिलान लाजबाब tha…ab अलका को खूब मज़ा आ रहा था और सोच रही थी क्यों नहीं आज तक उन्होंने अपनी गांड मरवाने के बारे में नहीं सोचा.

अलका को अपनी गांड मरवाने में बहुत hi मज़ा आ रह था. और मुझे अलका के चोरी गांड बहुत hi पसंद आयी thi…Mai जार जोर से धक्के लगा रहा था और फिर मैंने अपना पोज़ चेंज किया अब अलका मेरे ऊपर आ गयी और मेरे खरे लुंड पे अपने गांड को रखकर बैठ gayi…ab मेरा पूरा लुंड आसानी से अलका की गांड में जार अहा tha…Alka मेरे लुंड पर कूदती रही और अगले12-13 मिनट में में अपना पूरा वीर्य अलका की तित गांड में गिरा दिया…

फिर मैंने अलका को अपनी गॉड में उठा क्र बाथरूम ले गया क्यों की वो गांड मरै के कारन चलने में प्रॉब्लम हो रही थी ,वह पर मैंने हम दोनों को साफ किया फिर बीएड पर आकर सो गए क्यों की रात भी बहुत काम बची थी .

अगली सुबह टाइगर को बहुत से झटके लगने वाले थे वो क्या क्या हो सकता है बताओ दोस्तों?
 
अपडेट 128

दूर घने जंगल में एक गुफा में एक बहुत बड़ा तांत्रिक अपने कुछ चलो के साथ मंटो के साथ हवं कुंड में आहुति पे आहुति दिए जा रहा था पता नहीं वो किस सिद्धि के लिए ये सब क्र रहा था आइये देखते है

चेले कुछ दूर आपस में बात चित क्र रहे थे,

चेला 1 : लगता है आज गुरु जी जिनो को बुला क्र उनकी दुनिया में जा क्र hi रहेंगे.

चेला 2: पर वो क्यों गुरु जी को अपनी दुनिया में लेकर जायेंगे.

चेला: अरे तुम्हे नहीं पता है की गुरु जी उस जिन को पहले अपने काबू में रख क्र अपने बुरे काम उसी से तो करवाता था फिर बाद मई उसे आजाद क्र दिए ये कह के की काम के समय बुलाने पर वो आ जाये.

तभी धुआँ का बब्बर उठा और वह पर एक विशाल के जिन आया .

जिन : क्या हुकम है मेरे आँका .

तांत्रिक: जिन्जड मैंने तुम्हे आज कई साल बाद एक जरुरी काम से डुलाया है .

जिन : आप बीएस हुकुम करे मेरे आँका .

तांत्रिक: तुम्हे मुझे और मेरे चलो को अपनी दुनिया में एक गुप्त स्थान पर लेकर जाना है.

जिन: पर आँका दूसरी दुनिया के लोगो को अपनी दुनिया में लेकर जाना हमारी दुनिया में घोर दंड करने के बराबर होता है.

तांत्रिक: वह पर किसी पता चला तभी तो दंड मन जायेगा न लेकिन तुमने ऐसा नहीं किया तो मेरा दंड पाने के लिए तैयार हो जाओ.

जिन: नहीं आँका नहीं अब मेरी दुनिया में मेरी बेगम और .2 बच्चे है उनकी खातिर मई आपको वह लेकर जा सकता हु और मेरी भी एक सरत है की वह लेजाने के बाद मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी .

तांत्रिक: मंजूर है वह हम हमारा इंतजाम खुद hi क्र लेंगे.

फिर जिन ने अपने साथ तांत्रिक और उनके चलो को एकसाथ गायब क्र दिया फिर वो लोग जिन लोक में जंगल के एक गुफा में थे ये गुफा काफी बड़ी थी.

चेला 1: गुरु देव ये गुफा तो हमारी गुफा से काफी बड़ी है और ये क्या ये जिन भी यह आकर छोटा हो गया .

जिन : है यह हर चीज तुम्हारी दुनिया के मुकाबले बड़ी होंगी और रहा सवाल मेरे छोटे होने का तो हम लोग हमारी दुनिया में ऐसे hi रहते है जब हमे जरुरत होती है तब हम हमारे आकर को बढ़ा लेते है

अब मुझे आज्ञा दीजिये मई चलता हु .

उसके बाद जिन वह से चला गया फिर तांत्रिक जोरो की हसी हस्ता है

तांत्रिक: है है है है ये मुर्ख जिन्जड मेरी मनसा नहीं समझ पाया की मई यह उसके लोक में क्यों आया हु, हाहाहा यह पर मई 11 जिन कन्याओ की बलि देकर कई हजार साल तक जीवित रह सकता हु क्यों की जिन्जड हजारो वर्ष तक जीवित रह सकते है .

फिर तांत्रिक जोरो से हस्ता है जिससे वो पूरा गुफा उसकी हसी से गूंज उठता है.

अब इधर आते है वापस टाइगर के पास.

टाइगर और अलका दोनों hi नंगे सो रहे थे सुबह के 9 बजे सबसे पहले अलका की आँखे खुलती है उस समय टाइगर की पीठ उसकी तरफ होती है ,अलका टाइगर की पीठ पर बने शेर के टैटू वाले नीसाण को देख क्र उसके चेहरे पर मुस्कराहट आ जाती है फिर वो न्यास hi उसे पलटती है तब वो टाइगर के चेहरे को देख क्र उसके चेहरे के रंग उड़ जाते है वो कुछ देर के लिए मूर्ति जैसे हो जाती उसे कुछ समझ में नहीं आता फिर वो इधर उधर देखती है वो दिमाग में सोचती है ये कोण है और मई इसके साथ नंगी बिस्तर पर कैसे सो रही थी तब वो धीरे से बिस्टेर से उठती है और अपने कपडे लेकर बाथरूम में घुस जाती है वह जाकर वो उस दिन को यद् करती है जब उसके पति में उन्हें यह भेजा था.

हुआ ये था की टाइगर से मिलान के बाद अलका की याददास्त वापस आ गयी थी और वो टाइगर के पीठ पर बने शेर के टैटू को देखती है तब वो सोचती है की वो उसके पति है

अब चलते है नील प्लेनेट की तरफ जिस समय नील प्लेनेट का विनास होने वाला था

सेजेन्दर: मैंने तुम लोगो के बारे में कुछ सोचा है.

अमांडा: क्या सोचा है मालिक.

सेजेन्दर: मैंने सोचा है की मई तुम लोगो को भी व्ही भेज दू झा तुम लोगो ने अपने बच्चो को भेजा है.

सकेंद्र: नहीं मालिक हम आपको छोड़ क्र कही नहीं जायेंगे .

अमांडा: है मालिक हम आपको छोड़ क्र कही नहीं जायेंगे चाहे कुछ भी हो जाये.

तब सेजेन्दर अपनी सकती से उन तीनो को स्तब्ध (स्टेचू )क्र देता वो तीनो बीएस देख और सुन तो प् रहे थे लेकिन हिल दल नहीं प् रहे थे .

सेजेन्दर: मुझे माफ़ करना मेरे पास और कोई चारा नहीं था तुम लोगो को अभी जीना है तुम लोग hi हमारे बच्चो को यह की संस्कृति के बारे में बताओगी और यह की आबादी भी तो बढ़ानी है इस लिए मैंने ये फैसला लिया है की मई तुम लोगो को भी व्ही भेज दू झा तुम लोगो के बच्चे hai,vha तुम्हारी पिछली बाटे यद् नहीं रहेगी जब तक तुमलोगो को यह के नए राजा और तुम लोगो के नए मालिक से मिलान न हो जाये मिलान होते hi तुम लोगो को साडी बाटे यद् आ जाएगी .

ये बोल क्र सेजेन्दर उन तीनो को व्ही भेज देते है झा उनके बच्चे गए थे.

अलका ये सोच क्र रोने लगती है क्यों की अब उसके पति जिन्दा नहीं थे कुछ देर रोने के बाद वो यह पृथ्वी पर आने के बाद क्या हुआ वो सोचती है तब उसे पूरा पता चल गया की वो कोण है कहा से आयी है और यह पर जो कुछ भी हुआ उसे सब समझ में आ गया
 
अपडेट 129

जब अलका बाथरूम में होती है तब मेरी की आँख खुलती है तब मई देखता हु की अलका मिस बिस्तर पर नहीं होती है और बाथरूम भी अंदर से बंद था मई समझ गया की मिस अंदर hi है फिर मई भी उस रूम से निकल क्र दूसरे रूम में आ गया वहां जाकर में भी फ्रेश हुआ और बहार आया फिर निचे गया तो देखा की अलका मिस निचे hi थी मैं जाकर उठ गए गुड मॉर्निंग विश किया उन्होंने भी मुझे जवाब दिया लेकिन वह मुझसे नज़रे नहीं मिला रही थी मैंने सोचा सायद कल रात की वजह से ऐसा हुआ होगा.

तभी उनकी नौकरानी आयी और हमें ब्रेकफास्ट के लिए कहा तब मिस ने मुझे कहा टाइगर आओ ब्रेकफास्ट करते हैं, ब्रेकफास्ट करते हुए अलका बे मुझ से एक सवाल पूछा -

अलका: टाइगर आप अपने बारे में कुछ बताओ .

मई : मेरे बारे में हम्म्म है मई दूसरे सहर से हु मेरे माता पिता भी व्ही रहते hai,Mai यह पढ़ने ले लिए आया हु , पहले मई अपने बुआ के घर रहता था वो भी यही रहती है लेकिन अब अलग से किराये के माकन में रहता हु .

अलका: ये सब छोडो ,तुम नील प्लेनेट के बारे में क्या जानते हो ?

मई : पर आप नील प्लेनेट के बारे में कैसे जानती है.

अलका: सवाल मैंने पहले पूछा है आप से .

मई : मेरा जन्म भले hi पृथ्वी पर हुआ है लेकिन मई नील प्लेनेट का hi एक प्राणी हु नील प्लेनेट के फर्स्ट किंग शेर सिंह ने मुझे बताया की नील प्लेनेट के विनास के आखरी समय में मेरी माँ ने अपनी कोख से निकल क्र मुझे और मेरी बहन को यह पृथ्वी पर भेजा मई यह जो मेरी माँ है आरती उनकी कोख से पैदा हुआ और मेरी बहन वो मेरी ममी के कोख से पैदा हुई , नील प्लेनेट में मेरी माँ का नाम अमांडा था और पिता का नाम सेजेन्दर था .

ये बात सुनते hi वो तो padi.tab मैंने उनसे पूछा.

मई : आप क्यों तो रही है मिस.

अलका : क्यों मई hi अमांडा हु तुम को मैंने hi अपनी कोख से निकल क्र यह पृथ्वी पर भेजा था मई hi वो बदनसीब माँ हु जिसने अपने बेटे को पैदा भी न क्र पाई मुझे माफ़ क्र देना .

मई : क्या मतलब आप hi मेरी माँ है ओह गॉड ये क्या हो गया मुझ से अब मई क्या कृ मुझे भी माफ़ क्र देना माँ मुझ से भी बहुत बड़ी गलती हो गयी अगर मुझे पहले पता चल जाता तो मई कभी ऐसी गलती नहीं करता.

(अब से जब जरुरत होगी तभी अलका लिखूंगा अब से अलका की जगह अमांडा उसे होगा.)

अमांडा: इसमें तुम्हारा कोई दोस्त नहीं है मालिक यह तो सब नियति का खेल है इसमें तुम अपने आप को दोष मत दो एक शब्द दो पहले से लिखा हुआ है तुम्हारे पिता को भी पता चल गया था इसलिए उन्हें hi मुझे बाद में भेजा और अब से तुम मेरे मालिक हो मतलब मेरे पति और नील गृह के राजा.

मई : पर ये सब कैसे हो सकता है आप मेरी माँ है ,मई आपका पति कैसे हो सकता हु.

अमांडा: नील प्लेनेट के नियम के अनुसार जब कोई राजा मरता है तो उसकी साडी जायदाद पूरी प्रजा और राज धरने की जितनी भी स्तरीय होती है उन सभी का मालिक नया राजा होजा है और मुझ से तो आपका मिलान भी हो गया है तो आप मेरे पति भी हो चुके है.

मई : ओह सीट ये नील प्लेनेट में ऐसे और कितने कायदे कानून है क्या आप मुझे बताएंगी.

अमांडा: समय समय पर सब आपको मालूम हो जायेगा और अब से आप मुझे आप लग क्र नहीं बुलाएँगे मेरा नाम लेकर बोलना होगा.

मई : जो आज्ञा मेरी माआ.

अमांडा: माँ भी नहीं हमारे माँ बेटे का रिस्ता तो उसी दिन ख़तम हो गया था जिस दिन तुम्हारे पिता की डेथ हुई इसलिए अब से सिर्फ मेरा नाम लेना.

अच्छा ये बताओ मेरी बेटी वो कहा है क्यातुम जानते हो .

मई : है बिलकुल वो भी आपके नजरो के सामने रही फिरभी आप ने उसेही पहचाना.

अमांडा: कोण कोण है बताओ न प्लीज मई अपनी बेटी से मिलना चाहती हु एकवो hi तो है मेरी बेटी जिसे मई बच्चो वाला प्यार क्र सकती हु.

मई : है क्र लेना पहले नाम तो सुन लो कोण है वो?

अमांडा: है बताओ न प्लीज जल्दी बताओ.

मई : रुको रुको आराम से ,वो कोई ोरन्हि नीलम hi है, वो hi है आपकी बेटी.

अमांडा: क्या नीलम ! तभी मई कहु इसकी आँखे भी नीली कैसे है वो भी मुझे अपनी hi लगती थी जब भी मई उसे देखती थी ओह गॉड, लैब मिलवा थे हो मुझे उससे.

मई : कभी भी मिलवा देंगे लेकिन एक बात और है जो मई आपको सॉरी तुम्हे बता दू ये बेटी भी कुछ समय बाद तुम्हारी सौतन बन जाएगी.

अमांडा: ये तो होना hi था नील प्लेनेट के प्राणी जो हो ये सब तो उनके खून में होता है और क्या सच में हमारे घगवान शेर सिंह आपसे बात करते है.

मई: है ये सच है कभी कभी तो जरुरत पड़ने पर वो खुद hi बहार आते है , तो क्या नील प्लेनेट के घगवान है .

अमांडा: है व्ही तो थे नील प्लेनेट के पहले किंग जिसने पुरे ब्रम्हांड में अपना लोहा मनवाया था, उनसे जायदा सक्तिसाली कोई नहीं था उस समय फिर जब नील प्लेनेट खतरे में थी तब उन्ही बे तो बचाया था और तब से नील प्लेनेट के लोग उनको भगवान् मानते है लोग कहते थे की उनका जन्म फिर से होगा पता नहीं वो फिर से कब आएंगे पर तुमसे बात करते है ये hi बहुत बड़ी बात है .

मई : अच्छा अब मई चलता हु बहुत समय हो गया है.

अमांडा: आप फिर कब आएंगे , अच्छा आपने बताया था की आप किराये के माकन में रहते है तो आप यह क्यों नहीं आ जाते.

मई: अभी जैसा चलता है वैसे hi चलने दो इस साल मेरा फाइनल ईयर है फिर मई अपने सहर वापस चला जौना और तुम भी यह का जैसे भी निपटना हो देख लेना उसके बाद मेरे साथ hi चलना है तुम्हे समझी.

अमांडा: जी मालिक समझ गयी और कुछ.

मई : नहीं अब मई चलता हु.

ये बोल क्र मैंने अपनी बाइक उठाई और निकल गया दिव्या के घर की तरफ वह पर मई दिव्या के घर के अंदर जा hi रहा था की स्नेहा का मुझे फ़ोन आया.

मई : है बोलो मेरी जान इतनी जल्दी मेरी यद् आ गयी अभी अभी तो गयी हो तुम यह से .

स्नेहा: तीन दिन हो गए है मुझे यह आये हुए और आज मैंने कॉल किया तुम तो मुझे यद् भी नहीं करते नहीं तो रोज कॉल करते.

मई : नहीं ऐसी बात नहीं है मेरी जान वो मई थोड़ा बिजी था इसलिए मई तुम्हे hi कॉल करने वाला था.

स्नेहा: चल झूठे , खैर ये छोडो मुझे तुम्हे कुछ बताना है .

मई : है बोल.

स्नेहा: पता है छोटी चची जी माँ बनने वाली है और......

मई : और क्या ?

स्नेहा: और सुमन भी माँ बनने वाली है.

मई : क्या सुमन भी ! यह कैसे हो सकता है हे भगवन यह क्या हो गया ,अब क्या होगा.

स्नेहा: अब ये सब तुम्हे सोचना है की अब क्या करना है .

मई : ठीक है मैं कुछ सोचता हूँ.

स्नेहा: जल्दी सोचा न होगा तुम्हे समय बहुत काम है.

मई : ok bye.

फिर मैंने फ़ोन रख दिया में सोचने लगा की एक और नै मुसीबत मेरी गली पानी थी आप क्या करूँ....

इधर रॉकी संध्या को कहीं घूमने ले जाना चाहता था लेकिन संध्या नहीं जाना चाहती थी लेकिन रोके जोर जबस्ती मन करके उसे ले गया ऊके साथ उसके ग्रुप के और भी लड़के लड़कियां गई थी रॉकी चाहता था की वो वह संध्या को लेजाकर अपनी हसरते पूरी करना चाहता था.

वो लोग सहर से दूर जंगल में टेंट लगाकर रुके हुए थे ,शाम होते hi सभी लड़के और लड़किया बियर ये सरब जो पसंद आये पिने लगे लेकिन संध्या को ये सब पसंद नहीं था वो टेंट में जाकर अपने आप को कोस रही थी की क्यों आयी वो रोके के साथ.

उधर रोके और उनके दोस्तों को नसे का सुरूर चढ़ने लगा एक लड़के में म्यूजिक सिस्टम ों क्र दिया सभी लड़के और लड़किया डांस करने लगे .

रॉकी को सरब पूरी चढ़ चुकी थी वो संध्या को ढूंढता हुआ टेंट तक पंहुचा.

रॉकी: अरे संध्या बड़ी तुम यह हो मई कब से तुम्हे ढूंढ रहा था आओ न डांस करते.

संध्या: प्लीज रोके मुझे डांस नहीं करना तुम जाओ यह से .

रॉकी: ठीक है डांस नहीं तो कुछ और hi क्र लेते है .

ये बोल क्र रॉकी टूट पड़ा संध्या पर.

लेकिन संध्या किसी तरह अपनी इज्जत बचते हुए.

संध्या: रॉकी छोडो मुझे मई ऐसी लड़की नहीं हु आह रॉकी छोडो प्लीज.

ये बोल क्र संध्या ने रॉकी के गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मार दिया .

रॉकी: साली मुझे मरती है रुक अभी देख मई तेरे साथ क्या करता हु

ये बोल क्र रॉकी टेंट के बहार चला गया
 
अपडेट 130

रोके नसे में धुत दिल में गुस्सा लिए टेंट से बहार निकला और वो अपने दोस्तों को बुला क्र उनसे बात करने लगा.

रोके: साली इस संध्या का आज कुछ करना hi पड़ेगा.

(F=friend)

फ1: क्या हुआ रोके भाई.

रोके: साली मुझे मरती है मई कुछ गलत थोड़ी hi क्र रहा था ,सब बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड में ये सब कॉमन है साली बोलती है मुझ से प्यार करती है लेकिन मेरा लुंड भी नहीं लेती साली .

फ2: तो क्या करना है यार रोके तू बोल बीएस तू बोलेगा तो अभी हम उस लोंड़िया को नंगी तेरे सामने ला देंगे.

रोके: नहीं मुझे कुछ और hi करना है सुनो , हम सब उस साली संध्या का गेम बजा देते है फिर साली को जोंनि भाई को बेच देते है क्या बोलते हो मज़ा और माल दोनों मिल जायेगा.

फ1 : है रोके भाई आप सही बोलते हो .

फ2: मेरी भी एक बात सुन लो अगर लोंड़िया को बेचना hi है तो फटी छूट वाली लड़की का जोंनि भाई 2लाख बीएस देगा और अगर सील पैक लोंड़िया हो तो जोंनि भाई 5 लाख देगा अब सोच लो

रॉकी: है यार बात तो तूने सही की है 5 लाख में तो हम कई दिन तक ऐश क्र सकते है मई अभी जोंनि भाई को फ़ोन करता हु उनके आदमी आकर इसे ले जागेंगे और हमे माल दे देंगे , ये सुन एक काम क्र एक गलास में कोल्ड ड्रिंक लेकर उसमे बेहोसी की दवा मिला देना और अपनी गर्ल फ्रेंड को बोल उसे लेजाकर संध्या को पीला दे .

रोके जोंनि भाई को फ़ोन करता है और इधर टाइगर दिव्या के घर में जाकर अपनी प्रॉब्लम सभी को बताता है

दिव्या : सुमन की अभी सदी भी नहीं हुई है और तुमने उसे भी प्रेग्नेंट क्र दिया अब क्या करना है.

दीपिका: सदी को छोडो घर में किसी को भनक भी लग गयी तो सोचो क्या होगा.

नीलम: एक काम करो तुम उसे यह बुला लो उसका बच्चा भी यही पैदा करा देंगे.

मई : लेकिन बुलाऊ भी तो कैसे घर में क्या बोलूंगा और बच्चा पैदा हो जाने के बाद उसे रखेंगे कहा सुमन तो उसे लेकर नहीं घूम सकती ,मेरा तो दिमाग hi काम नहीं क्र रहा है.

रम्भा: मेरे पास एक रास्ता है .

मई ठीक है तुम भी बता दो क्या रास्ता है.

रम्भा: दीदी कहती थी की उसे बिज़नेस लाइन में काम करना है और तुमने भी कहा था की तुम खुद अपने पैरो पे खड़ा होना चाहते हो.

मई : है तो .

रम्भा: तो मई ये कह रही थी की अपने घर में बोलो सुमन दीदी के लिए एक जॉब है वो क्र लेगी तो बाद में वो आपकी मदद क्र सकती है.

मई : है इससे काम हो सकता है लेकिन बच्चे का क्या.

रम्भा: बच्चे को मई पल लुंगी या फिर मेरे बाबा के घर में रहेगा जब तक सब ठीक न हो जाये.

मई : वह मेरी जान तुम्हारे पास सो हर समस्या का समाधान है ी लव यू.

दिव्या : हम भी अभी यही है हमारे सामने hi चालू मत हो जाना.

मई : क्यों मई तुम लोगो के सामने नहीं क्र सकता क्या तुम लोग मेरी अपनी नहीं हो क्या .

दिव्या: ये बाकि जो है उनसे तो तुम ने सदी क्र ली है लेकिन मुझ से तो नहीं की है न और अगर तुम मेरे सामने hi सुरु हो गए और हम ने भी अपना कण्ट्रोल खो दिया तो इनलोगो का तो मुझे पता नहीं पर मेरी भी हालत सुमन जैसी हो जनि है जो मई नहीं चाहती.

मई : ठीक है फिर हम घर चलते है .

दीपिका: यही रात रुक जाओ न मेरा भी मन कुछ कुछ करने को हो रहा है.

दिव्या: टाइगर तुम जल्दी से जाओ यह से नहीं तो मेरी दोनों बहनो को बहकते देर नहीं लगेगी और ये दोनों गयी तो समझो मई भी गयी.

नीलम : यही रुकने दो न दी मेरा भी मन कुछ कह रहा है और आप भी सदी से पहले मज़ा ले लीजिये

दिव्या : देखा मैंने कहा था न और मुझे ऐसा अभी कुछ नहीं करना है तो टाइगर तुम जल्दी से निकलो यह से नहीं तो मेरा भी मन बदल जायेगा.

नीलम : तो हम चले जाते है न टाइगर के पास उसके घर.

दिव्या: नहीं माँ में तुम लोगो की जिम्मेदारी मुझे सौपी है और मई नहीं चाहती तुमलोगो ऐसा कुछ करो जिससे बाद में प्रॉब्लम हो और वैसे भी टाइगर के पास ऐसे बहुत से प्रॉब्लम है.

मई : ठीक है मई चलता हु सुबह मिलते है.

दीपिका रम्भा से: जाओ जाओ आज तो तुम्हारी खैर नहीं .

रम्भा: मई तो लैब से रेड्डी हु तुम दोनों अपना जुगाड़ क्र तो बैगन या खीरा है है है ........

हम लोग घर से निकल गए फिर भी उनलोगो की बात चलती रही

नीलम: दीदी हम दोनों की सदी कब से हो गयी है फिर भी हम लोगो ने सुहागरात नहीं मनाया आज बढ़िया मौका था आपकी वजह से वो भी चला गया .

दिव्या: ारी पगली सुहागरात ऐसे थोड़ी न मनाया जाता है वो तो स्पेशल रात होती है जिसमे सिर्फ पति और पत्नी hi होते है तीसरा और कोई नहीं जिसमे पति साडी रात तुम्हे सोने नहीं देता और तुम लोग ऐसे hi सुहागरात मन लेती थ्री सम फोर सम मन लेती .

दीपिका सॉरी दी आप बिलकुल सही बोल रही हो हम कुछ स्पेशल करेंगे सुहागरात के दी .

इधर मई घर आया खाना तो हम दिव्या के घर से खा के आये hi थे इसलिए हम में कोई देरी नहीं की बैडरूम में जाते hi कपड़ो का पता नहीं किस किस कोने में गया हम अपने काम में लग गए उस रात रम्भा को मैंने दो बार छोड़ के पास्ट क्र दिया आखरी में बेचारी बिस्तर से उठ भी न पाई और ऐसे hi सो गयी मई भी साफ सफाई क्र के सो गया सुबह जॉगिंग से आने के बाद जब मई फिर से बीएड रूम में गया तो रम्भा के प्यारे से चेहरे ने मेरे सैतान को फिर से जगा दिया फिर क्या था कपडे तो ऐसे गायब हुए की वो मेरे बदन पर रहना hi नहीं चाहते थे बेचारी रम्भा मस्त सपनो में खोई हुई थी मैंने धीरे से से दोनों टैंगो को फैला क्र जब उसके बुर में में एक hi बार में अपना लुंड डाला तो ाः के आवाज के साथ उसकी दोनों आँखे बड़ी हो गयी .

रम्भा: आप बड़े ख़राब हो सोते हुए भी कोई ऐसे करता है क्या पता है मई कितनी हसीं सपने देख रही थी.

मई : क्या देख रही थी सपने में .

रम्भा: मई देख थी की मई आप और हमारा बच्चा तीनो मस्ती से घूम रहे है दुकानों में सामान खरीद रहे है और जब मई अपने कपडे ट्रायल करने रूम में गयी तब आपने मेरा ये दबा दिया जिससे मेरी आह निकल गयी उसकी समय आपने अपना वो घुसा दिया .

मई : मई उसी की तयारी तो क्र रहा हु मेरी जान और ये वो क्या सीधे से नाम नहीं ले सकती.

रम्भा : नहीं मुझे सरम आती है.

मई : है रे मेरी शर्मीली

ये बोल क्र मैंने धक्के पे धक्के मरने लगा सुबह की धुआँ धार चुदाई से रम्भा पास्ट हो गयी थी इस लिए मैंने hi उसे उठाया और बाथरूम में ले गया वह हम दोनों ने एक दूसरे को नहलाया और थोड़ी बहुत मस्ती क्र hi रहे थे की हमारे दरवाजे पे किसी ने दस्तक दी.....
 
अपडेट 131

दरवाजे पे दस्तक देने वाला कोई और नहीं विनोद और उसके पिता जी थे हमलोग नहा रहे थे तब रम्भा ने hi मुझे भेजा था.

रम्भ: ाजी जेक देखिये न कोण है जो दरवाजा ठोके जा रहा है.

मई :अरे यार अब कोण आ गया इतनी सुबह ठीक से नहाने भी नहीं दिया

फिर मैंने टॉवल लपेटा और दरवाजा खोला तो विनोद और उसके पापा थे

मई : सॉरी अंकल मई नहा रहा था इसलिए थोड़ा लेट हो गया.

अंकल: अरे बीटा सॉरी तुम क्यों बोल रहे हो सॉरी तो हमे बोलना चाहिए जो इतनी सुबह तुम्हारे पास आ गए और बात हे कुछ ऐसी थी की हमे आना पड़ा.

मई : hi अंकल कहिये क्या बात है.

विनोद: टाइगर बात ये है की संध्या कल रात से घर hi नहीं आयी है और न hi उसका फ़ोन लग रहा है हमे तो समझ में hi नहीं आ रहा हम क्या करे.

मई : अआप लोग पहले अंदर आइये मई अभी कपडे पहन क्र आता हु.

तब तक रम्भा भी नहा क्र आ चुकी थी तो मैंने उसे चाय बनाने के लिए कह दिया था फिर मई भी कपडे पहन क्र रेड्डी हो क्र बहार आया और चाय पिटे हुए उनसे बाटे करने लगा.

मई : विनोद वो बता क्र नहीं गयी की वो कहा और किसके साथ जा रही है .

विनोद: यार वो बोल क्र गयी थी की मई अपने फ्रेंड्स के साथ पिकनिक पे जा रही हु लेट नाईट घर आउंगी और तो और उसका फ़ोन भी स्विच ऑफ आ रहा है .

मई : कुछ समय वेट क्र लेते है हो सकता है कही फास गए होंगे और फ़ोन में बैटरी न हो चल हम लोग कॉलेज चल क्र पूछ ताछ करते है.

फिर हम लोग कॉलेज आ गए मेरे बाइक पर बैठ क्र फिर हम लोगो ने दो तीन लड़कियों से बात चित की जिसे संध्या जानती थी तभी मेरे दिमाग की बत्ती जाली और मेरे जुबान पर एक नाम आया रॉकी .

विनोद: क्या रॉकी.

मई : ा बे रॉकी को ढूंढ या कोई उसके ग्रुप का एकांत लड़का जो भी मिले

मैंने पूरा कॉलेज छान मारा पर मुझे कोई नहीं मिला मई विनोद के पास आ रहा था तो देखा वो किसी लड़की से बात क्र रहा है मई भी तुरंत उसके पास गया.

मई : क्या हुआ कुछ पता चला.

विनोद: है ये है रवीना ये रॉकी के ग्रुप के एक लड़के की एक्स गर्लफ्रेंड है .

मई : रवीना तुम्हे मालूम है की रॉकी इस समय कहा है.

रवीना : है मुझे पता है वो लोग सभी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सहर से बहार जंगल में मंगल करने गए है मई भी कई बार उनलोगो के साथ गयी हु .

मई : थैंक्स फॉर थे इनफार्मेशन चल विनोद .

विनोद: तो क्या संध्या रॉकी के ग्रुप के साथ गयी है .

मई : है क्यों की रॉकी संध्या का बॉयफ्रेंड है क्यों तुम्हे नहीं पता.

विनोद: नहीं यार मई तो सोचता था की ऐसे hi दोस्ती होगी उनकी मई नहीं जनता था की वो दोनों एक दूसरे को लिखे करते है छोड़ो रहने दो वो आ जाएगी bye मई चलता हु .

मई : अबे सुन मेरी बात तो सुन सेल .

लेकिन वो कुछ नहीं सुना चुप चाप निकल गया वह से . लेकिन पता नहीं मुझे ऐसा लग रहा था की वो खतरे में है इसलिए मैंने उसे ढूढ़ने का फैसल किया फिर मैंने बाइक उठाई और कॉलेज से निकल क्र एक गार्डन में गया वह अपनी बाइक पार्क की फिर एक सुनसान जगह देखकर वह पर गया और व्ही से उड़ गया आसमान में .

उड़ते हुए मेरा पूरा धयान निचे था मई पहले पुरे सहर में घूम क्र संध्या और रॉकी को तलाशने की कोसिस क्र रहा था मगर मुझे वह पर कोई भी नहीं मिला इसलिए मैंने सहर के बहार जाने का फैसला किया और सहर के बहार जंगल था इस लिए मई बड़ी hi बारीकी से चारो तरफ देख रहा मई सहर से बहुत आगे निकल आया था मगर मुझे कुछ भी नहीं दिखा अभी और थोड़ी दूर गया था की मुझे कुछ दिखा ये तो बाइक है सर कुछ hi दुरी और मुझे 5-6 टेंट नजर आया मई व्ही उतर गया 5-6 बाइक में मुझे रॉकी का बाइक भी नजर आ गया मई उसे अच्छी तरह पहचान गया था क्योकि मैंने कई बार उसे संध्या को पिक करते देखा था .

बाइक को पहचानते hi मई टेंट की तरफ गया एक टेंट के परदे को उठा क्र देखा तो उसमे एक लड़की घोड़ी बनी हुई थी और रॉकी का दोस्त पीछे से उसे छोड़ रहा था मुझे देख क्र वो रुक गया फिर बोलै

फ1 : ा रे टाइगर तुम यह कैसे अच्छा मज़े करने आये हो अस जाओ तुम भी मज़े लो इस घोड़ी के .

मई : नहीं मेरे पास अभी इन सब के लिए टाइम नहीं है तू ये बता रॉकी कहा है.

फ1 : रॉकी वो कोई टेंट में होगा देख लो अभी तो मई इसको देखता हु.

फिर मई दूसरे टेंट को देखा तो उसमे भी वैसा hi चल रहा था तभी एक टेंट से आवाज आयी- साली नखरे दिखा रही थी अब वह दिखने अपने नखरे.

लड़की : किसकी बात क्र रहे हो.

......- अरे थी एक बेच दिया मैंने उसे अच्छे खासे रकम मिले मुझे और उसी पैसे से तुम भी आ गयी और दारू भी हो गया.

मई ये आवाज को अच्छी तरह पहचान गया ये आवाज रॉकी की हु थी इसलिए मैंने पूरा टेंट hi उखड दिया मुझे देखते hi एक पल के लिए रॉकी दर सा गया और उस लड़की बे तुरंत अपने बदन पर कपडा ढाका .

रॉकी: टट्ट्टीगर भाई आआप यह कैसे .

मई : मई तुमसे बीएस एक सवाल hi पूछूंगा संध्या कहा .

रॉकी: ससस संध्या मुझे नहीं पता वो कहा है मई तो यह अपने दोस्तों के साथ मस्ती करने के लिए आया था .

मई : तू ऐसे नहीं बोलेगा.

मैंने एक घुसा उसके नक् पे दे मारा उसका नक् hi फिर गया जिससे उसके नक् से खून निकलने लगा जिसे देख क्र वो लड़की चीख पड़ी उसकी चीखे सुन क्र वह पर 5-6 लोंदे थे वो अपनी टेंट से बहार आ गए और के नक् से खून निकलता देख वो लोग मुझे मरने आये मैंने एक एक लत घुसो में सभी को ढेर क्र दिया उसमे से एक लोंदा मुझे जनता था.

फ3 : मुझे मत मरना टाइगर मई सब बताता हु संध्या हमारे साथ hi आयी थी उसे बेहोस क्र के रोके में उसे किसी को बेच दिया है.

मई : क्या बेच दिया (मई रॉकी के पास गया) सेल वो कोई चीज थी जो तूने उसे बेच दिया.

मैंने एक घुसा और उसके थोबड़े में दे मारा

मई : चल बता कहा है संध्या और किसको बेचा है तुम ने .

रोके: मैंने उसे मुंबई के एक माफिया जोंनि भाई को 10 लाख में बेच दिया.

मई : वो क्या करते है लड़किया खरीद क्र.

रॉकी: पहले वो उनको किसी बड़े आदमी से छुड़वाएगा क्यों की वो वर्जिन है तो इसके बदले उसे बहुत पैसे मिलेंगे उसके बाद वो विदेश में लेजाकर संध्या को बेच देगा.

इतना सुनते मैंने एक पांच और उसके चेहरे पे मारा जिससे वो बेहोस हो गया और मई रॉकी के बाकि दोस्तों को उसे हॉस्पिटल ले जाने को बोल क्र वह से निकल गया.

इधर जिन लोक में तांत्रिक ने अपनी सिद्धि के लिए वह की कुवारी लड़कियों का अपहरण क्र अपने देवता को बलि देने लगा उसमे से एक उसी जिन की बेटी भी होती है जिसने तांत्रिक को जिन लोक में लेकर आया था वो जान गया था की ये तांत्रिक का काम है वो अपने राजा को भी इस बारे में नहीं बता प् रहा था क्योकि तांत्रिक को वो खुद hi यह लेकर आया था और न hi वो तांत्रिक का सामना क्र सकता था इसलिए वो संत रहने के शिव कुछ नहीं क्र प् रहा था तभी उसे लगा की तांत्रिक का सामना करने के लिए पृथ्वी लोक से hi किसी को ढूढ़ना पड़ेगा इसलिए वो पृथ्वी लोक में आ गया और ढूढ़ने लगा किसी ऐसे को जो तांत्रिक का सामना क्र सके.

व्ही पृथ्वी लोक पर hi एक खतरनाक साइंटिस्ट एक जिव पर प्रयोग क्र रहा था वो दिखने में बहुत hi छोटा था तभी उस साइंटिस्ट में उस और कुछ केमिकल डाला जिससे उस जिव के दो हाथ और दो पेअर आ गए मानवो के जैसे लेकिन उसका चेहरा मानवो जैसा नहीं था .

साइंटिस्ट: है है है कुछ hi दिन में मेरा ये प्रयोग दुनिया भर में मिसाल बन जायेगा बीएस कुछ hi प्रयोग बाकि है उसके बाद मेरे अविष्कार को पूरी दुनिया देखेगी.

उसके बाद वो साइंटिस्ट अपने लैब से बहार चला गया
 
अपडेट 132

अब मुझे संध्या को ढूंढने के लिए मुंबई जाना था इसलिए मैं जंगल से बहार निकला और तुरंत उड़ते हुए निकल गया मुंबई की तरफ कुछ hi देर में मैं मुंबई में था जोहनी भाई को ढूंढने के लिए ये मुझे सबसे पहले ा यहाँ के लोकल गुंडों बदमाशों तक पूछना था वही बता सकते थे की मुझे जोहनी भाई कहाँ मिलेंगे और इसके लिए मुझे यहीं रुकना था क्यूंकि गुंडे बदमाश रात में Hi मुझे मिल सकते थे मैं पहले नीलम को फ़ोन किया.

मई : hello नीलम मैं कुछ दिनों के लिए बहार जा रहा हूँ तो थोड़ा फ्रॉम भाग का ध्यान रखना.

नीलम: मैं देख रही हूँ की आजकल तुम्हारा बहार में कुछ ज्यादा hi काम रहता है कहीं कोई और तो नहीं मिल गई.

तब मैं किसी तरह नीलम को दन्त करके उसे चुप करवाया और फ़ोन रख दिया.

अब मुझे यहाँ रुकने की टेंशन थी कोई यहाँ का रिश्तेदार होता तो बहुत अच्छा होता तब मैंने मम्मी को कॉल किया क्यूंकि वही बता सकते हैं कोई हमारा रिश्तेदार मुंबई में है की नहीं.

मई: hello मन प्रणाम

आरती: खुश रहो मेरे बेटे बोलो बीटा कुछ काम था क्या.

मई: क्या मन जब कुछ काम रहेगा तभी मैं आपको फ़ोन करूँगा क्या ऐसे नहीं कर सकता आप भी न.

आरती: मैं जानती हूँ तुझे जरूर कुछ काम होगा तभी तुमने मुझे ा फ़ोन किया है नहीं तो फ़ोन भी नहीं करता.

मई: ok मेरी अंतर यामी माता मई हार गया आपकी जीत गए अब सुनिए क्या हमारे कोई रिश्तेदार मुंबई में रहता है क्यूंकि मैं कुछ काम से मुंबई आया था और यहाँ मुझे होटल में रुकना अच्छा नहीं लगता क्यूंकि मुझे घर के खाने की आदत है.

आरती: बीटा है तो पर पता नहीं वो तुम्हे अपने यह रुकने देगी या नहीं.

मई : कोण है वो माँ जो मुझे अपने घर रुकने नहीं देगी.

आरती: बीटा वो तेरी मसि है आराध्य नाम है उसका उसने घर से भाग क्र शादी की थी इसलिए हम लोगो ने उससे अपने सरे रिश्ते नाते तोड़ दिए थे अब मैं सोच रही थी बाकि लोग भले hi बात न करें लेकिन वह मेरी बहन है मैं तो उससे बात कर सकती हूँ इसलिए तुम्हें भेज रही हूँ शायद वह मन जाए.

मई : है माँ आपने सही सोचा है मैं उन्हें मानूंगा आप बस मुझे उनका अड्रेस बता दीजिये क्यूंकि इतने बड़े शहर में उन्हें कहा धुंध लूंगा.

आरती: ठीक है बीटा मैं अभी तुम्हारे मोबाइल में अड्रेस सेंड करती हूँ.

फिर कुछ देर बाद मेरे मोबाइल पैर एड्रेस निचे में पूछते पूछते मौसी के घर तक पहुंचा घर तो देखने से अच्छा लग रहा था अब पता नहीं अंदर कैसा होगा मैं ढोल बजे तो एक सफ़ेद सदी पहनी हुई एक औरत बहार आयी और मुझसे पूछा.

औरत: कोण हो तुम और किस्से मिलना है.

मई : जी मेरा नाम टाइगर है और मुझे आराध्य जी से मिलाना है.

औरत: है मेरा Hi नाम आराध्य है बोलो क्या काम है.

तब मैंने उनके पेअर छुए.

आराध्य: ा रे रे ये क्या क्र रहे हो कोण हो तुम?

मई : मेरी मन का नाम आती है और मेरे पिता का नाम राजेस्वर ठाकुर है.

आराध्य: ओह्ह मतलब तुम आरती दीदी के बेटे हो और तुम्हे उन्होंने hi भेजा है ,इतने सालो के बाद अब यब आ रही है मेरी बिच में एक बार ये नहीं पूछा की आराध्य तुम कैसी हो क्या करती हो ,खुस तो हो न, किसी ने भी नहीं पूछा मुझे .

ये बोलते हुए वो तो पड़ी .

मई : मसि उस वक्त सभी गुस्से में थे की अचानक आप बे इतना बड़ा कदम उठा लिया और आप भी तो शादी के बाद एक बार भी अपने घर नहीं गयी फिर .

आराध्य: किस मुँह से जाती घर वालो बे तो इस शादी से साफ इंकार क्र दिया था फिर मैंने ये कदम उठाया अब लगता है भगवान् बे मुझे मेरी करनी की सजा भी दे दी मेरे पति को मुझ से छीन लिया.

तभी घर के अंदर से एक लड़की आयी और अपने माँ को रोटा देख क्र मुझ पर बरस पड़ी.

लड़की: आय लड़के कोण हो तुम और मेरी माँ को क्या बोल दिया जिससे वो तो पड़ी.

तभी मौसी बे उसे डाटा और कहा- मेघा तू चुप क्र बहुत बोलती है बीटा है वो मेरा ,चल बीटा अंदर चल मैंने भी तुम्हे कितनी देर से बहार में hi रोके रखा है.

वो लड़की जो सायद मौसी की बेटी थी वो मुझे देखती hi रह गयी और मई मौसी के साथ अंदर चला गया.

मौसी मुझे अंदर ले गयी और हॉल में मुझे बैठे वो लड़की भी व्ही पर आकर बैठ गई फिर मौसी किचन से मेरे लिए पानी लेकर आयी और मुझे दिया .

आराध्य: बीटा और घर में सब कैसे है दीदी, जीजा जी .

मई : सभी ठीक है मौसी आप कैसी है और में भी जायदा कोई दिखाई नहीं दे रहा है.

आराध्य: बीटा मई तो बीएस hi रही हु इन बच्चो के खातिर क्यों की अब इनके शिव मेरा है hi kon,tere मौसा hi 5साल पहले एक कार एक्सीडेंट में चल बसे अब ये 2 बेतिया है जो मेरे दिल के टुकड़े है .

मई : आप ऐसा क्यों बोलती हो मौसी अब से मई और मेरा पूरा परिवार वाले आपके साथ है .

आराध्य: है बीटा अब जो तू आ गया है अब से मुझे कोई चिंता नहीं है और तुम बताओ तुम लोग कितने भाई बहन हो .

मई : मेरी तीन बड़ी बहने है और मई उनका छटा भाई स्नेहा, सुमन, Sonam,or मई .

आराध्य: स्नेहा को मैंने देखा है मई जब वह थी तो वो पैदा हो गयी थी और दीदी प्रेग्नेंट थी ,यह तुम्हे दो बहने और मिल गयी ये मेघा है अभी 19 साल की है और दूसरी अभी कॉलेज गयी है अभी आती hi होगी उसका नाम महिमा है वो अभी 23 साल की है .

बहुत देर तक मेघा चुप चाप हमारी बाटे सुन रही थी अब वो बोल पड़ी.

मेघा: कोई मुझे भी बतायेगे की ये है कोण .

आराध्य: बेटी ये मेरी बड़ी बहन का बीटा है और तुम्हारा भाई टाइगर.

ये सुनते hi वो उछाल क्र मेरे पास आयी और मुझ से चिपक क्र बैठ गई उसके चिपकने से उसके आनर के साइज के बूब्स मेरे कंधे में डाब गए .

मेघा: अच्छा हुआ भैया आप आ गए मुझे न मेरे स्कूल में कुछ लड़के तंग करते है मम्मी भिव कुछ नहीं बोलती है उन्हें आप कल मेरे साथ चलना और उनसब को मजा चखना .

आराध्य: तू फिर से अपनी चपड़ चपड़ सुरु क्र दी वो बेचारा अभी तो आया है आराम तो करने दे और उसे भी कुछ काम होगा और तू अपनी राम कहानी उसे सुना रही है.

मई : नहीं मौसी अब मई आ गया हु न तो देखता हु की कोण मेरी बहन को तंग करता है और काम तो मुझे रात में है.

आराध्य: ठीक है अभी तुम आराम करो तब तक मई खाना बना लेती हु मेघा जाओ भाई को अपने कमरे में ले जाओ और बाजु वाले कमरे की सफाई क्र देना.

मेघा: ठीक है माँ.

फिर मेघा मेरा हाथ पकड़ क्र अपने कमरे में ले गयी.

मेघा: ये रहा हमारा रूम यह मई और दीदी सोते है.

फिर वह मेरा हाथ पकड़ कर बिस्तर पैर मुझे ले गए और खुद भी मुझसे चिपक कर बैठ गए इस बार भी उसके छोटे छोटे बूब्स मेरे कंधे मैं दुब गए मुझे अच्छा नहीं लग रहा था फिर भी मैंने सोचा अभी नादाँ है फिर मुझसे किधर घर की बातें करने लगी उसके बाद मौसीजी ने उसे आवाज़ लगाई तो वह निचे चले गयी.

मैं भी चादर ओढ़ के सो गया जब मैं सो रहा था तभी रूम में महिमा आयी उसने सोचा की मेघा सो रही है और वह बाथरूम में चली गई मेरी भी नींद अचानक खुल गई मैं आँख माल्टा हुआ बाथरूम में चला गया तभी मैं क्या देखता हूँ बाथरूम में मैं महिमा ब्रा और पैंटी में सीसे के सामने कड़ी थी शायद ड्रेस चेंज कर रही थी मुझे अचानक देख कर चिल्ला पड़ी मई फॉरेन बाथरूम से बहार आया उसकी छिलने की आवाज़ सुनकर मेघा दौड़ी चली आयी.

मेघा: क्या हुआ भैया ये दीदी बाथरूम में क्यों चीख रही है.

मैं कुछ बोलता उससे पहले ा महिमा ड्रेस चेंज करके बहार आयी और मुझसे ा पूछा कौन हो तुम?

मैं कुछ बोलता उससे पहले hi मेघा बोल पड़ी- दीदी यह आरती मसि के बेटे हैं टाइगर नाम है इसका आज hi आये हैं क्यों आपको क्या हुआ जो आप चीख रही थी.

महीना ने एक बार मुझे देखा और कहा

महीना: कुछ नहीं हुआ बाथरूम में कॉकरोच आ गया था इसलिए चीख पड़ी.

मेघा: चलो ठीक है भैया आप भी जाओ बाथरूम में मुंह धो लो आपको मम्मी खाने के लिए बुला रही है.

फिर मैं बाथरूम में फ्रेश होकर खाना खाने गया डाइनिंग टेबल पैर महिमा बार बार मुझे Hi देख रही थी मत चुपचाप खाना खाया उसके बाद ऐसे hi बातें करते करते रात हो गई रात का खाना खाने के बाद मैं मौसी को कुछ काम से ा जा रहा हूँ बोलकर घर से निकल गया और ढूंढने लगा ऐसी जगह जहाँ गुंडे मावली आते जाते हो बहुत ढूंढने के बाद मुझे एक जगह मिली वह एक क्लब जैसा था यह नाम का hi क्लब था अंदर कुछ और Hi था क्लब के अंदर कसीनो भी था जहाँ लोग जुआ खेल रहे थे वहां में भी उन लोगों से के साथ घुलने मिलाने लगा ऐसे hi बातों बातों में मैंने एक बन्दे से पूछा.

मई : भाई ये जोंनि भाई कहा पर मिलेंगे.

तब वह पर जो भी थे सब मुझे घर क्र देखने लगे तभी एक दूसरा बाँदा आया जो थोड़ा नसे में था वो आया और मुझे एक कोने में ले जा क्र बोलै

बाँदा: ये लड़के तू क्यों पूछ रहा है जोंनि भाई को.

मई: बीएस ऐसे hi काम था कुछ.

बाँदा: लगता है उस कमीने में तुम्हारा भी कुछ नुकसान किया है है न.

मई : है भाई बीएस ऐसा hi समझ लो .

बाँदा: सुनो ये क्लब भी जोंनि भाई का hi है और कुछ देर में एक आदमी आएगा जग्गा नाम है उसका वो यह का कलेक्शन लेने आएगा वो जोंनि भाई का खास आदमी है वो hi बता सकता है की जोंनि भाई कहा पर मिलेंगे.

एक घंटे बाद एक आदमी 6-7 लोगो के साथ क्लब में आया और साइड काउंटर के पास गया मैनेजर के साथ कुछ बात चित की फिर एक बैग लेकर गेट के बहार जाने लगा मई भी उसके पीछे चला गया जब वो लोग अपनी गाड़ी में बैठने वाले थे तभी मैं उनके पास गया.

मई : जग्गा मुझे जोंनि भाई से मिलना है.

तभी उनमे से एक बोलै .

गुंडा 1. : ा बे लोंदे चल निकल यह से चले आते है जोंनि भाई से मिलना है.

वो अभी इतना hi बोलै था की मैंने एक मुक्का थोबड़े में दे मारा वो व्ही ढेर हो यह अपने साथी की ऐसी हालत देख क्र बाकि सब भी भी आ गए सिवाय जग्गा के कुछ hi देर में वो लोग भी जमीं पर गिरे पड़े थे. तब जग्गा मेरे पास आया और अपनी जेब से कार्ड निकल क्र मुझे दिया.

जग्गा: इस एड्रेस पे कल रात 12 बजे चले आना वह अपनी ताकत आजमाना तब जोंनि भाई खुद तुम्हारे पास आएंगे..

फिर वो चला गया और मई भी वापस मौसी के घर की तरफ चला गया रात क्र के 2 बज गए थे.
 
अपडेट 133

सुबह मेरी नींद मेघा के जगाने से खुली वह मेरी कमर पैर बैठकर मुझे जगह रही थी और सुबह होने के कारन मेरा लैंड भी पुरे सबब में खड़ा था और उसी के ऊपर बैठ कर मेघा झूल रही थी पता नहीं इस लड़की को कुछ का एहसास होता है या नहीं पैर मेरा तो बुरा हाल हो गया था मैं तुरंत मेघा को यह कह कर उठाया की तुम चलो मैं ा रहा हूँ फिर फ्रेश होने के लिए बाथरूम में चला गया और फ्रेश हो क्र डाइनिंग टेबल पैर पहुंचा वहां पैर सभी मौजूद थे मौसी ने मुझे नाश्ता दिया नाश्ता करते हुए मेघा ने कहा

मेघा : आप आज मुझे स्कूल छोड़ने जाओगे वहां पैर कुछ लड़के मुझे तंग करते हैं आप तुम्हें अच्छा सबक सीखना.

मौसी: क्या तू भी अकेली स्कूल नहीं जा सकती रोज तू जाती है वह बेचारा कुछ काम से आया है और तुम उससे अपनी स्कूल छोड़ने के लिए बोल रही हो चुपचाप अकेले स्कूल जाना.

मई: कोई बात नहीं मौसी वैसे भी सुबह मेरा कोई काम नहीं है मैं स्कूल चला जाऊंगा इसी बहाने में घूमता भी ा जाऊंगा.

महिमा: है मम्मी मई भी इसको आज कॉलेज लेकर जाएँगी.

मौसी : ठीक है ठीक है अब वो टाइगर hi जाने की उसे कहा जाना है और कहा नहीं मई कुछ नहीं बोलूंगी .

फिर ब्रेकफास्ट करने के बाद मई मेघा को उसके स्कूल छोड़ने चला गया रस्ते में हम बात चित करते हुए जा रहे थे वो मेरा हाथ पकड़ कर hi चल रही थी.

मई : मेघा तू 19 साल की हो गयी है फिर भी तू अभी भी बच्चियों जैसी हरकत करती है.

मेघा: मम्मी भी यही बोलती है की तू इतनी बड़ी हो गई है फिर भी बच्चो जैसी हरकत करती है.

मई : ठीक है तो कहा उन्होंने.

मेघा: क्या भैया आप भी मैं अपने क्लास की टोपर हूँ और विशाल देखना है 12तह में मेरा रिजल्ट सबसे हाईएस्ट होगा.

हम मेघा के स्कूल पहुँच गए सामने hi hi कुछ लड़कों का एक ग्रुप बैठा हुआ था जो आती जाती लड़कियों को कुछ न कुछ कमेंट कर hi रहे थे मेघा ने मुझे वहीँ रुख्वा दिया.

मेघा: भैया यही है वह लड़के जो मुझे तंग करते हैं और गंदे गंदे इशारे करते हैं.

मैं हूँ लड़कों के पास गया और कहा.

मई : क्यों भाई आप लोग यहाँ पढ़ते आते हो की लड़कियों के छेड़ ने.

मेरी बात का जवाब एक लड़के में दिया जो शायद उन लोगों का लीडर था नाम था उसका भानु.

भानु: क्यों तेरी गांड में क्यों मिर्ची लग रही है जानता है मेरे भाई कौन है जग्गा भाई जोहनी भाई का राइट हैंड है चुपचाप चला जाए यहाँ से नहीं तो अच्छा नहीं होगा.

मई : बुला तेरे जग्गा भाई को देखते हु क्या कर लेता है.

तभी उनमे से लड़का भानु के कण में बोलता है.

लड़का : भानु भाई लगता है बहुत अच्छा हुआ आदमी है तभी तो जगह भाई से भी नहीं डरा और जग्गा भाई को पता चला की आप स्कूल में पढ़ने नहीं लड़कियों में चढ़ने जाते हैं तो उल्टा आप की पिटाई कर देंगे मैं तो कहता हूँ माफ़ी मांग लो और जाने दो उससे क्यूंकि जग्गा भाई ने आपको पहले hi कह दिया था की पढ़ाई पैर hi ध्यान देना अगर कुछ इधर उधर किया तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.

भानु: हाँ बे तू बोले तो एकदम सही रहा है.

तब भानु मुझ से बोलै-

भानु: सॉरी भाई आप जाओ यहाँ से हमसे बहुत बड़ी गलती हो गई आइंदा हम आपकी बहन तो क्या किसी की बहन को नहीं छेड़ेंगे.

मई: यही सही होगा तुम्हारे लिए अपने पढ़ाई पैर ध्यान दो, और वैसे भी आज के बाद तुम अपनी भाई की अकड़ नहीं दिखा पाओगे.

फिर मैं मेघा को उसके क्लास तक छोड़ कर आया हूँ वह अपने फ्रेंड के साथ चली गए फिर मैं वहां से घर आया एक डेढ़ घंटे तक ऐसे hi मौसी के साथ बातचीत करता रहा फिर मैं महिमा के साथ कॉलेज जाने के लिए निकल गया महिमा का कॉलेज थोड़ा दूर Hi था इसलिए उसे बस से जाना पड़ता था हम लोग भी बस स्टैंड पैर आकर खड़े हो गए वहां पैर आकर देखा तो लम्बी लाइन लगी हुई थी हम भी लाइन में लग गए कुछ देर बाद बस आईजो देखने से नहीं रहा था की एक खली है खैर जैसे hi बस रुकी महिमा मेरा हाथ पकड़ कर लाइन तोड़ते हुए मुझे अपने साथ बस के अंदर खींच लिया बाकि सब लाइन वाले बोलते रह गए बस के अंदर भीड़ थी खली सीट का तो नाम ो निशान hi नहीं था खड़े होकर hi हमे जाना था ,अब पीछे से धक्के लगने स्टार्ट हो गए क्यों की पीछे से बाकि लोग जगह के लिए धक्के मर रहे थे और मुझे धक्का पड़ता तो महिमा को धक्का लग्न स्वाभाविक था मेरा लैंड बार बार उसके नरम नरम गांड पर लग रहे थे जिसका असर जा वाकई की धीरे धीरे मेरा लैंड अपनी औकात में आने लगा.

बस पूरी भर जाने के कारन चल पड़ी लेकिन जब ड्राइवर ब्रेक माता तो मैं महिमा की तरफ वीरता जिससे मेरा लैंड महिमा की गांड में लगने लगा महिमा को यह एहसास हो गया था की की मेरा लैंड खड़ा है जो उसके ा नरम नरम गांड पैर दस्तक दे रहा है एक बार ड्राइवर ने जोर से ब्रेक मरी जिसे मई पूरा का पूरा महिमा सजा सत्ता और मेरा लैंड महिमा की दरार में घुस गया महिमा की हलकी सी आह निकल गई उसके बाद मैं महिमा को सॉरी कहा तब महिमा ने पीछे मुड़कर सिर्फ मुस्कुरा दी.

जैसे तैसे करके हम महिमा के कॉलेज के पास पहुंचे महिमा ने मुझे रोक कर कहा.

महिमा: देखो टाइगर मैं तुम्हें यहाँ अपना भाई बना कर नहीं बल्कि अपना बॉयफ्रेंड बना कर ले जा रही हूँ.

मई : पैर ऐसा करने की क्या जरुरत है कोई तो वजह होगी मुझे बताओ तभी तो मैं तुम्हारी हेल्प कर सकता हूँ.

महिमा : वजह यह है की की मेरी सभी फ्रेंड के पास अपने अपने बॉयफ्रेंड है किसी किसी के तो दो हैं और मेरे पास मेरा कोई नहीं है मुझे कोई पसंद hi नहीं आया जिससे मैं अपना बॉयफ्रेंड बना सकूँ ऊपर से यह लोग सब अपनी सेक्स की बातें करते हैं और मुझे यह सब पसंद नहीं क्यूंकि मैं मैं अपने होने वाले पति को hi अपना शरीर दूंगी और किसी को नहीं इसीलिए मैंने आज तक बॉयफ्रेंड नहीं बनाया लेकिन क्या करूँ सभी लोग मुझे चढ़ आते हैं इसलिए मैंने सोचा आज तुम्हे अपना बॉयफ्रेंड बनाकर ले चालू जिससे इन लोगों के तने को बंद होंगे.

मई : ओह ये बात है, तो फिर मेरी गर्लफ्रेंड जैसे चलो न मेरे साथ.

महिमा मेरे हाथों में हाथ डालकर चल रही थी कई लड़कियां उसकी तरफ देख रही थी इसके पहले कभी भी महिमा किसी लड़के के साथ नहीं आयी थी आज अचानक ये किसी लड़के के साथ देख कर सभी हैरान हो गए थे महिमा मुझे ा अपनी फ्रेंड के पास ले जा रही थी क्यूंकि वह उसे दिखाना चाहती थी की की उसे भी बॉयफ्रेंड मिल गया है महिमा के सभी फ्रेंड अपने अपने बॉयफ्रेंड के साथ थी हम भी उनके पास गए तभी उसकी एक फ्रेंड बोलती है-

फ्रेंड: महिमा आज ये किस को अपने साथ ले क्र आयी है क्या तुम्हारा भाई है .

महिमा: भाई होगा तेरा मेरा तो बॉयफ्रेंड है इसी के लिए तो मैंने आज तक किसी को घास तक नहीं डाला.

फ्रेंड: चलो फ़िनली तुझे भी बॉयफ्रेंड मिल hi गया लेकिन तेरा बॉयफ्रेंड तो बहुत हैंडसम है यार कहा मिल गया तुझे ये.

महिमा: मार्किट में तू भी जा खरीद दे साली बात करती .

फ्रेंड: ा रे यार गुस्सा क्यों होती है ,तेरे बॉयफ्रेंड ये हमे भी तो मिला.

महिमा: ये टाइगर है दूसरे सहर में रहता है मेरे बुलाने पर आया है.

मई महिमा और उनकी फ्रेंड्स जोजो बोल रही थी उन्हें मई सुन बीएस रहा था महिमा तो बहुत hi फेक रही थी मई मान hi मान हस रहा था मई भी बिच में बोल पड़ा.

मई : महिमा आज यह कुछ इम्पोर्टेन्ट तो नहीं है न चलो न शॉपिंग करने चलते है.

महिमा: नहीं तो चलो फिर चलते है, bye गर्ल्स....

हमने कॉलेज के पास से टैक्सी ली और शॉपिंग मॉल की तरफ निकल गए महिमा सोच रही थी मैं ऐसे hi बोल रहा था लेकिन उसे सच में मॉल में ले आया मैं इसलिए बोलै था क्यूंकि मेरे पास पहनने के लिए एक्स्ट्रा कपडे नहीं थे..

मैंने वह पर दो तीन जोड़ी कपडे अपने लिए लिए और महिमा को भी उसके पसंद का ड्रेस दिलाया मेघा के लिए भी हम ने कपडे लिए और मौसी के लिए एक नार्मल सी सदी ली .

महिमा तो पूरी तरह इम्प्रेस हो गयी थी मुझ से पता नहीं आगे क्या होने वाला था वो बात बात में चिपक रही थी मुझ से.

महिमा: टाइगर तुम ने तो सुच में hi पूरी शॉपिंग करवा दी, बहुत दिन हो गए थे नए कपडे लिए हुवे थैंक्स टाइगर.

मई: इस में थैंक्स की क्या बात है अब मई यह आया हु तो सिर्फ अपने लिए hi कपडे लेता क्या ,चलो अब चलते है रात में मुझे जाना पड़ता है तो थोड़ा आराम भी क्र लूंगा घर पे .

हम मॉल से निकल hi रहे थे की मेरी नजर एक मास्क और पड़ी मई महिमा को बहार रुकने का बोल क्र उस मास्क के पास गया ये एक टाइगर का hi मास्क था मुझे वो बहुत पसंद आया तो मैंने उसे खरीद लिया क्यों की ये मेरी आइडेंटिटी छुपने के लिए बहुत अच्छा था.

मास्क लेकर में महिमा के पास गया फिर मैं महिमा से कहा की चलो कुछ कहते हैं इसलिए मैं महिमा को एक बढ़िया सा रेस्टोरेंट पूछा तो उसने पास में hi है कह क्र मुझे एक रेस्टोरेंट में ले गयी हम ने अपना आर्डर दिया महिमा कहते हुए मेरी आँखों में hi देख रही थी.

मई : इस तरह मेरी आँखों में मत देखो माडेम कही सच में न प्यार हो जाये.

महिमा: (धीरे से) हो जाने दो .

मई : क्या कहा मैंने सुना नहीं.

महिमा: कुछ नहीं मैं यह कह रही थी की तुम्हारी कितनी गर्लफ्रेंड है.

मई : क्यों तुम क्यों पूछ रही हो.

महिमा: बस ऐसे hi अब देखो मेरा तो कोई बॉयफ्रेंड नहीं है इसलिए मैंने तुमसे पूछ लिया.

मई : मई जनता हु की तुम्हारे मन में क्या चल रहा है फिर भी बता दू की मुझे गर्लफ्रेंड की कमी नहीं है बहुत साडी है , सभी मिल जल के रहती है और सबको पता है मई कब और किस्से मिलता हु .

महिमा: तुम झूठ बोल रहे हो ऐसा थोड़ी न होता है और क्या है मेरे मान में ये बताओ .

मई : बता दू.

महिमा: है बताओ .

मई : तुम भी मुझे चाहने लगी हो राइट.

महिमा तो मुझे आश्चर्य से देखती रह गयी.

महिमा: अब जान hi गए हो तो जवाब hi बता दो.

मई : देखो महिमा तुम अभी मेरे बारे में कुछ नहीं जानती पहले मेरे बारे में अच्छे से जान लो उसके बाद hi कुछ बोलना और मई न नहीं बोऊँगा इतना याद रखना चलो अब अपना खाना फिनिश करो चलते हैं.

महिमा: अभी हम बोल दो न इसमें क्या बुराई है.

मई: पहले मेरे बारे में अच्छे से जान लो उसके बाद hi कुछ बोलना कोई जल्दबाजी नहीं है.

महिमा को थोड़ा दुःख तो हुआ लेकिन वो समझ gyi,fir हम खाना फिनिश क्र के घर के लिए निकल गए.
 
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