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- Dec 5, 2013
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Saima...bhai भाई उठो कितना सोयेगे मैं चाय बना रही हूँ..
Me..hmm उठ रहा हूँ और ये क्या..
Saima..kya ..
Me..bhai क्यों बोल रही है भूल गई क्या..
Saima..nahi भूली हूँ भाई दोस्त न दोस्त हूँ भाई मगर दोस्त बोलना अच्छा नहीं लगता मैं भाई hi बोलोगी मगर एक दोस्त के नाते समझे..
मैं मुस्कुरा देता हूँ मेरे लुंड में एक हलचल होती है मेरा दिल बहुत ज़ोर से धड़क रहा था क्या बताऊ मैं एक्ससिटेड था अंदर से बहुत खुश हो रहा था जैसे मैंने कुछ अचीवे कर लिया हो सीमा निच्चे चली जाती है मैं फ्रेश हो कर निच्चे आ जाता हूँ हमारे घर में टीवी नहीं थी अम्मी के पास एक कीपैड मोबाइल था मेरे पास एंड्राइड था तोह बस सोना पड़ना खाना यही होता था इस घर में निच्चे गया अम्मी और सिया दोनों बैठी थी सीमा चाय बना रही थी ..मैं जा कर अम्मी के सामने वाले कुर्सी पर बैठ जाता हूँ..
Me..ammi मैं आया तोह आप सो रही थी..
Ammi...haa बीटा
अम्मी की आवाज़ थोड़ी भरी थी..
Me..kya हुआ अम्मी आपकी आवाज़ भरी आ रही है तबियत तोह ठीक है न..
Ammi..wo थोड़ा भुखार सा आ रहा है..
Me..dawa लिया आप ने ..
सिया ...कहा किया मैंने कहा तोह बोल रही है थोड़ा आराम कर लुंगी तोह ठीक हो जाएगा ..
Me..kya अम्मी आप भी न..
इतने में सीमा चाय ले कर आ जाती है मैं चाय पीटा हूँ और चाय ख़तम करके ..
Me..ammi मैं दवा ले कर आ रहा हूँ सीमा ..
Saima..haa भाई..
Me..mere साथ चलो ..
अम्मी सिया सीमा तीनो शोकेड हो जाती है क्युकी घर का सारा रसन मैं अकेले लता हूँ सारा सामान भी लता हूँ बस अम्मी सिया सीमा अपना परसनल सामान लेने अकेले जाते है वो भी 6 महीने में एक बार ..
Siya...kya हो गया भाई आज आप एपीआई को बहार ले कर जाएंगे आपने साथ..
Me..haa क्या हुआ कोई परेशानी है क्या तुम्हे..
Siya..nahi मुझे भी ले चलिए..
Me..toh यहाँ कोण रहेगा अम्मी के साथ मैं दवा ले कर आ रहा हूँ सीमा को साथ ले जा रहा हूँ..
Ammi...thik है बीटा जाओ तुम दोनों..
मैं ऊपर अपने रूम में जाता हूँ और बाइक की चाभी ले कर आता हूँ क्युकी सब कुछ हमारे घर से दूर पर है हम रोड से बहुत दूर एक मैदान में में रहते है जहा हमारा घर है चारो तरफ बस हरी हरी ग्रास है बस 1 कम में बाद hi दुकान पड़ती है इसीलिए कोई नहीं जाता सीमा सिया स्कूल पैदल जाती थी जाने और आने में 1 हर से ज्यादा लगता उन्हें लेकिन कभी कंप्लेंट नहीं किया सीमा मेरे साथ आई मैंने बाइक स्टार्ट किया सीमा सीधा बैठ गई और पीछे बाइक का रॉड पकड़ लिया तोह मैं..
Me..aise कैसे बैठ रही हो..
Saima..toh कैसे बैठु..
Me..jaise मैं बैठा हूँ दोनों पेअर इदर उदर करके ..
Saima..bhai नहीं बैठ सकती ऐसे hi चले न..
Me..bola न मैंने दोस्त की बात नहीं मन नई यही दोस्ती है..
Saima..are भाई ऐसा नहीं है ठीक है बैठती हूँ..
सीमा सीधा बैठ जाती है पेअर फैला कर कच्चा रास्ता था बहुत उबड़ खाबड़ उसके बाद रोड आएगा तोह मैंने ..
Me..acche से पकड़ लो रास्ता बहुत ख़राब है गिर जाओगी..
Saima..(sharma रही थी क्युकी ये पहली बार था कभी मैं नहीं ले गया और कभी चिपकती भी नहीं थी दूर दूर से हम सब एक दूसरे से बात करते थे ) हम्म
सीमा दोनों हाथ मेरे शोल्डर पर रखती बीच में गैप बना लेती है मैं बाइक स्टार्ट करता हूँ और चलने लगता हूँ रास्ता तोह ख़राब था hi साथ साथ मेरी नियत भी मैंने थोड़ी ज्यादा स्पीड से चालू किया और अचानक ब्रेक मारा जिससे सीमा सरक के मुझसे चिपक गई पहली बार किसी के चुके मुझे महसूस हुए क्या बताऊ ऐसा लगा किसी पनीर के टुकड़े में मेरे पीठ पर आ कर डाब गए ..
Saima..ahhh भाई आराम से कैसे चला रहे हो आप..
Me..main क्या करू रास्ता hi ख़राब है मैंने तोह कहा तुम्हे ज़ोर से पकड़ो मुझे तुमने hi सिर्फ हाथ रखा ..
Saima..solo चलोगे आप तोह ठीक से होगा न..
Me..accha ठीक है लेकिन अच्छे से पकड़ कर बैठो तुम..
Saima..theek है भाई..
फिर मैं वैसे hi स्पीड में ले जा कर ज़ोर से ब्रेक मारा फिर वैसे hi हुआ ..
Saima..kya कर रहे हो भाई
मैं मिरर में देख रहा था उसका चेहरा लाल हो रहा था क्युकी उसके लिए बहुत शर्मिंदगी वाली बात हो रही थी ..
Me..tum सही से पकड़ नहीं रही रुको.
मैंने सीमा का दोनों हाथ पकड़ा क्या बताऊ कितने मुलायम हाथ से मेरे काळा मजबूत हाथ में एक मुलायम हाथ जैसे राबड़ी थी सीमा कसमसाई लेकिन मैंने हिम्मत करके दोनों हाथ को अपनी कमर में दाल दिया और खुद से चिपका दिया सच बताऊ तोह मेरी गांड फैट रही थी ये सब करने में ..
Saima..ye क्या कर रहे है भाई मैं ऐसे कैसे बैठु मैं ऐसे नहीं बैठ पाउगी मैं घर जाती हूँ आप दवा ले कर आये ..
Me..(saima के चेहरे पर अजीब हाय थी वो शर्मा रही थी एक बहन कैसे अपने भाई के साथ ऐसे बैठ सकती है) क्या हो गया ऐसे तुम नहीं गिरेगी और दिक्कत भी नहीं होगी..
Saima...nahi भाई ..
Me..oohh तोह दिक्कत है तुम्हे बैठने में ऐसे मेरे साथ क्या लग रहा है तुम्हे बताओ..
Saima..kuch नहीं भाई बस मैं ऐसे नहीं बैठ सकती...
Me..kyu आखिर क्यों ये बताओ..
Saima...kyuki आप मेरे भाई हो और मुझे अजीब लग रहा है..
Me..bhai फिर भाई बोलै हम दोस्त है अभी दूहर के समय तुम्हे कहा तुम मेरी दोस्त बनोगी अब ऐसे कर रही हो जाओ तुम्हे जाना है तोह ..
Saima..bhai वो बात नहीं है..
में .क्या बात है मुझे साफ़ समाज आ रहा है अभी मेरे साथ बैठे से इंकार कर रही हो कल बात क्या करोगी..
Saima..bhai क्या बोल रहे हो मुझे शर्म क्यों आएगी आपके साथ बैठने में..
Me..toh क्या दिक्कत आ रही है बताओ..
Saima..wo भाई वो
सीमा बता नहीं पा रही थी लेकिन मैं समाज रहा था लेकिन मैं सुन न च रहा था ..
Me..kya बोलो ..
Saima..chale भाई मैं बैठ रही हूँ..
फिर सीमा वैसे बैठ जाती है और घबराते हुए मेरे दोनों हाथ से कमर पकड़ लेती है मगर चिपकती नहीं है मैं भी जल्दबाजी नहीं करना छह रहा था इसीलिए मैंने बाइक स्टार्ट किया और चलने लगा धीरे धीरे ब्रेक मरता जिससे वो मेरे पास सरक रही थी और कुछ देरी के बाद वो मुझसे चिपक गई उसकी मैदे की तरह गड़े दार बूब्स एक दम मेरे पीठ में देश रहे थे क्या बताऊ गाइस कैसा महसूस हो रहा था मेरा लुंड एक दम अकड़ कर खड़ा हो गया हम दोनों कुछ भी बात नहीं कर रहे थे करीब 20 मं बाइक चलने के बाद एक मेडिकल के पास रुकता हूँ सीमा उतरती है और अपना कपडा सही करती है सीमा की आँख में वो हाय नजर आ रही थी मगर कुछ कह रही नहीं थी मैं भी अपना लुंड ाचे से सेट करके उतरता हूँ और मेडिकल से दवा लेता हूँ और कुछ आगे जा कर गोलगप्पे लेता हूँ वापस हम घर चले जाते है घर जाते समय भी सीमा ने वैसे hi मुझे पकडे हुए था घर पहुंच कर सीमा उतर टी है और घर के अंदर जाती है मैं भी आता हूँ..
मुझे देख कर अम्मी..
Ammi...aa गए
Me..haa अम्मी ये दवा ले सुबह साम खाना है एक एक और ये गोलगप्पे खा ले ..
Siya..wow भाई क्या बात है मजा आएगा..
सिया किचन में जा कर सामान बर्तन लाती है और गोलगप्पे निकलने लगती है ..
Ammi...saima कहा गई..
Me..ander hi तोह आई थी..
Siya..toilet गई hogi..saima एपीआई एपीआई आओ गोल गप्पे कहते है..
Saima..aa रही हूँ
सीमा आई सीमा मुझसे नजर नहीं मिला रही थी वो शर्मा रही थी जो भी हुआ सच में नार्मल नहीं था वो 18 साल की हो गई लेकिन आज तक ऐसा कुछ नहीं हुआ हम भाई बहन के दूसरे को कभी नहीं छूटे बस बात करते है आज जो हुआ सीमा को शर्म से बुरा हाल था मेरा भी हार्ट बीट बहुत फ़ास्ट चल रहा था सीमा आ कर सिया के पास बैठ जाती है और खाने लगती है मैं भी एक दो खता हूँ तब hi.
Ammi...beta आज मालिश नहीं कर पाउगी माफ़ करना बहुत थक गई हूँ..
Me..ye क्या कह रही है अम्मी आपको तोह मैं हमेशा मन करता हु लेकिन आप hi नहीं मानती ...
Ammi...haa मन तोह करता है तू मगर तुम्हारी सेवा जरुरी है बीटा तुम्हे समाज नहीं आएगा..
Me..ammi मैं समझता हूँ मैं ये नहीं कह रहा हूँ मालिश न हो आप नहीं तोह सीमा कर देगी क्यों सीमा..
Saima..(meri तरफ थोड़े अचराये से देखते हुए)
Ammi...use कहा आता है..
Me...use आप सीखेगी तब न आएगा कोई सिख कर थोड़े hi आता सबको यही सीखना पड़ता है मैं बताता रहुगा वो कर देगी..
Ammi...thik है सीमा आज से तुम भाई की मालिश करना ठीक है..
Saima...hmm अम्मी
सीमा का चेहरा लाल हो रहा था वो कुछ बोल नहीं रही थी ..
Me..theek है आप दवा खा कर आराम करे मैं भी आराम कर लून थोड़ा रात के खाने पर बुला लेना..
AMmi..theek है बीटा जाओ आराम करो कुछ चाहिए..
Me..nahi ामी मैं बता दूंगा जो चाहिए अपने दोस्त को..
Ammi...dost कोण दोस्त
Siya..haa भाई कोण दोस्त है आपका बताये तोह..
सीमा मेरे तरफ सवालिए नजर से देख रही थी क्युकी इस फॅमिली में ये सब नार्मल नहीं था अम्मी को ये सब पसंद नहीं है उनका कहना भाई बहन दूर रहे बस बात करे ये तहज़ीब की बात है
Me...sab तुझे जान न चल खा चुप चाप
मैं वह से ऊपर अपने कमरे में आ जाता हूँ और सोचने लगता हूँ क्या सही किया मैंने ..
Pm...kyu मजा आया न अपनी बहन की चुकी अस्पर्श करके ..
Me...kya बताऊ बहुत मजा आया एक बार हाथ में ले कर दबाने को मिल जाये और मजा आ जाएगा ..
Pm...wo भी हो जाएगा सबर करो इतनी जल्दबाजी सही नहीं बेटे..
Me..sahi कहा आज hi सीमा का मुँह बन गया था ..
Pm..haa बनेगा hi न अपनी हवस पर थोड़ा कण्ट्रोल करो ये कोई बहार की लड़की नहीं है जो बात करो छोड़ दो बहन हैं उस मोकम पर पहुंचने में टाइम लगेगा पहले उससे बात कर जो मन करे उसे कम्फर्टेबले कर क्युकी सुरु से तू अपनी बहन से उतनी बात नहीं करता है और अचानक ये सब उसे बहुत अजीब लगेगा समझा ..
Me..samaj गया बॉस
Gm...bahut बढ़िया क्या रास्ता बना रहे हो ..कभी सक्सेस नहीं होगा जिस दिन उसे लता चलेगा सब ख़तम हो जाएगा कैसे अपनी अम्मी से नजर मिला पाएगा तू खुद की नजर से गिर जाएगा
Pm...chup बे लोदु कभी तोह अच्छी बात किया कर
Me..hmm उठ रहा हूँ और ये क्या..
Saima..kya ..
Me..bhai क्यों बोल रही है भूल गई क्या..
Saima..nahi भूली हूँ भाई दोस्त न दोस्त हूँ भाई मगर दोस्त बोलना अच्छा नहीं लगता मैं भाई hi बोलोगी मगर एक दोस्त के नाते समझे..
मैं मुस्कुरा देता हूँ मेरे लुंड में एक हलचल होती है मेरा दिल बहुत ज़ोर से धड़क रहा था क्या बताऊ मैं एक्ससिटेड था अंदर से बहुत खुश हो रहा था जैसे मैंने कुछ अचीवे कर लिया हो सीमा निच्चे चली जाती है मैं फ्रेश हो कर निच्चे आ जाता हूँ हमारे घर में टीवी नहीं थी अम्मी के पास एक कीपैड मोबाइल था मेरे पास एंड्राइड था तोह बस सोना पड़ना खाना यही होता था इस घर में निच्चे गया अम्मी और सिया दोनों बैठी थी सीमा चाय बना रही थी ..मैं जा कर अम्मी के सामने वाले कुर्सी पर बैठ जाता हूँ..
Me..ammi मैं आया तोह आप सो रही थी..
Ammi...haa बीटा
अम्मी की आवाज़ थोड़ी भरी थी..
Me..kya हुआ अम्मी आपकी आवाज़ भरी आ रही है तबियत तोह ठीक है न..
Ammi..wo थोड़ा भुखार सा आ रहा है..
Me..dawa लिया आप ने ..
सिया ...कहा किया मैंने कहा तोह बोल रही है थोड़ा आराम कर लुंगी तोह ठीक हो जाएगा ..
Me..kya अम्मी आप भी न..
इतने में सीमा चाय ले कर आ जाती है मैं चाय पीटा हूँ और चाय ख़तम करके ..
Me..ammi मैं दवा ले कर आ रहा हूँ सीमा ..
Saima..haa भाई..
Me..mere साथ चलो ..
अम्मी सिया सीमा तीनो शोकेड हो जाती है क्युकी घर का सारा रसन मैं अकेले लता हूँ सारा सामान भी लता हूँ बस अम्मी सिया सीमा अपना परसनल सामान लेने अकेले जाते है वो भी 6 महीने में एक बार ..
Siya...kya हो गया भाई आज आप एपीआई को बहार ले कर जाएंगे आपने साथ..
Me..haa क्या हुआ कोई परेशानी है क्या तुम्हे..
Siya..nahi मुझे भी ले चलिए..
Me..toh यहाँ कोण रहेगा अम्मी के साथ मैं दवा ले कर आ रहा हूँ सीमा को साथ ले जा रहा हूँ..
Ammi...thik है बीटा जाओ तुम दोनों..
मैं ऊपर अपने रूम में जाता हूँ और बाइक की चाभी ले कर आता हूँ क्युकी सब कुछ हमारे घर से दूर पर है हम रोड से बहुत दूर एक मैदान में में रहते है जहा हमारा घर है चारो तरफ बस हरी हरी ग्रास है बस 1 कम में बाद hi दुकान पड़ती है इसीलिए कोई नहीं जाता सीमा सिया स्कूल पैदल जाती थी जाने और आने में 1 हर से ज्यादा लगता उन्हें लेकिन कभी कंप्लेंट नहीं किया सीमा मेरे साथ आई मैंने बाइक स्टार्ट किया सीमा सीधा बैठ गई और पीछे बाइक का रॉड पकड़ लिया तोह मैं..
Me..aise कैसे बैठ रही हो..
Saima..toh कैसे बैठु..
Me..jaise मैं बैठा हूँ दोनों पेअर इदर उदर करके ..
Saima..bhai नहीं बैठ सकती ऐसे hi चले न..
Me..bola न मैंने दोस्त की बात नहीं मन नई यही दोस्ती है..
Saima..are भाई ऐसा नहीं है ठीक है बैठती हूँ..
सीमा सीधा बैठ जाती है पेअर फैला कर कच्चा रास्ता था बहुत उबड़ खाबड़ उसके बाद रोड आएगा तोह मैंने ..
Me..acche से पकड़ लो रास्ता बहुत ख़राब है गिर जाओगी..
Saima..(sharma रही थी क्युकी ये पहली बार था कभी मैं नहीं ले गया और कभी चिपकती भी नहीं थी दूर दूर से हम सब एक दूसरे से बात करते थे ) हम्म
सीमा दोनों हाथ मेरे शोल्डर पर रखती बीच में गैप बना लेती है मैं बाइक स्टार्ट करता हूँ और चलने लगता हूँ रास्ता तोह ख़राब था hi साथ साथ मेरी नियत भी मैंने थोड़ी ज्यादा स्पीड से चालू किया और अचानक ब्रेक मारा जिससे सीमा सरक के मुझसे चिपक गई पहली बार किसी के चुके मुझे महसूस हुए क्या बताऊ ऐसा लगा किसी पनीर के टुकड़े में मेरे पीठ पर आ कर डाब गए ..
Saima..ahhh भाई आराम से कैसे चला रहे हो आप..
Me..main क्या करू रास्ता hi ख़राब है मैंने तोह कहा तुम्हे ज़ोर से पकड़ो मुझे तुमने hi सिर्फ हाथ रखा ..
Saima..solo चलोगे आप तोह ठीक से होगा न..
Me..accha ठीक है लेकिन अच्छे से पकड़ कर बैठो तुम..
Saima..theek है भाई..
फिर मैं वैसे hi स्पीड में ले जा कर ज़ोर से ब्रेक मारा फिर वैसे hi हुआ ..
Saima..kya कर रहे हो भाई
मैं मिरर में देख रहा था उसका चेहरा लाल हो रहा था क्युकी उसके लिए बहुत शर्मिंदगी वाली बात हो रही थी ..
Me..tum सही से पकड़ नहीं रही रुको.
मैंने सीमा का दोनों हाथ पकड़ा क्या बताऊ कितने मुलायम हाथ से मेरे काळा मजबूत हाथ में एक मुलायम हाथ जैसे राबड़ी थी सीमा कसमसाई लेकिन मैंने हिम्मत करके दोनों हाथ को अपनी कमर में दाल दिया और खुद से चिपका दिया सच बताऊ तोह मेरी गांड फैट रही थी ये सब करने में ..
Saima..ye क्या कर रहे है भाई मैं ऐसे कैसे बैठु मैं ऐसे नहीं बैठ पाउगी मैं घर जाती हूँ आप दवा ले कर आये ..
Me..(saima के चेहरे पर अजीब हाय थी वो शर्मा रही थी एक बहन कैसे अपने भाई के साथ ऐसे बैठ सकती है) क्या हो गया ऐसे तुम नहीं गिरेगी और दिक्कत भी नहीं होगी..
Saima...nahi भाई ..
Me..oohh तोह दिक्कत है तुम्हे बैठने में ऐसे मेरे साथ क्या लग रहा है तुम्हे बताओ..
Saima..kuch नहीं भाई बस मैं ऐसे नहीं बैठ सकती...
Me..kyu आखिर क्यों ये बताओ..
Saima...kyuki आप मेरे भाई हो और मुझे अजीब लग रहा है..
Me..bhai फिर भाई बोलै हम दोस्त है अभी दूहर के समय तुम्हे कहा तुम मेरी दोस्त बनोगी अब ऐसे कर रही हो जाओ तुम्हे जाना है तोह ..
Saima..bhai वो बात नहीं है..
में .क्या बात है मुझे साफ़ समाज आ रहा है अभी मेरे साथ बैठे से इंकार कर रही हो कल बात क्या करोगी..
Saima..bhai क्या बोल रहे हो मुझे शर्म क्यों आएगी आपके साथ बैठने में..
Me..toh क्या दिक्कत आ रही है बताओ..
Saima..wo भाई वो
सीमा बता नहीं पा रही थी लेकिन मैं समाज रहा था लेकिन मैं सुन न च रहा था ..
Me..kya बोलो ..
Saima..chale भाई मैं बैठ रही हूँ..
फिर सीमा वैसे बैठ जाती है और घबराते हुए मेरे दोनों हाथ से कमर पकड़ लेती है मगर चिपकती नहीं है मैं भी जल्दबाजी नहीं करना छह रहा था इसीलिए मैंने बाइक स्टार्ट किया और चलने लगा धीरे धीरे ब्रेक मरता जिससे वो मेरे पास सरक रही थी और कुछ देरी के बाद वो मुझसे चिपक गई उसकी मैदे की तरह गड़े दार बूब्स एक दम मेरे पीठ में देश रहे थे क्या बताऊ गाइस कैसा महसूस हो रहा था मेरा लुंड एक दम अकड़ कर खड़ा हो गया हम दोनों कुछ भी बात नहीं कर रहे थे करीब 20 मं बाइक चलने के बाद एक मेडिकल के पास रुकता हूँ सीमा उतरती है और अपना कपडा सही करती है सीमा की आँख में वो हाय नजर आ रही थी मगर कुछ कह रही नहीं थी मैं भी अपना लुंड ाचे से सेट करके उतरता हूँ और मेडिकल से दवा लेता हूँ और कुछ आगे जा कर गोलगप्पे लेता हूँ वापस हम घर चले जाते है घर जाते समय भी सीमा ने वैसे hi मुझे पकडे हुए था घर पहुंच कर सीमा उतर टी है और घर के अंदर जाती है मैं भी आता हूँ..
मुझे देख कर अम्मी..
Ammi...aa गए
Me..haa अम्मी ये दवा ले सुबह साम खाना है एक एक और ये गोलगप्पे खा ले ..
Siya..wow भाई क्या बात है मजा आएगा..
सिया किचन में जा कर सामान बर्तन लाती है और गोलगप्पे निकलने लगती है ..
Ammi...saima कहा गई..
Me..ander hi तोह आई थी..
Siya..toilet गई hogi..saima एपीआई एपीआई आओ गोल गप्पे कहते है..
Saima..aa रही हूँ
सीमा आई सीमा मुझसे नजर नहीं मिला रही थी वो शर्मा रही थी जो भी हुआ सच में नार्मल नहीं था वो 18 साल की हो गई लेकिन आज तक ऐसा कुछ नहीं हुआ हम भाई बहन के दूसरे को कभी नहीं छूटे बस बात करते है आज जो हुआ सीमा को शर्म से बुरा हाल था मेरा भी हार्ट बीट बहुत फ़ास्ट चल रहा था सीमा आ कर सिया के पास बैठ जाती है और खाने लगती है मैं भी एक दो खता हूँ तब hi.
Ammi...beta आज मालिश नहीं कर पाउगी माफ़ करना बहुत थक गई हूँ..
Me..ye क्या कह रही है अम्मी आपको तोह मैं हमेशा मन करता हु लेकिन आप hi नहीं मानती ...
Ammi...haa मन तोह करता है तू मगर तुम्हारी सेवा जरुरी है बीटा तुम्हे समाज नहीं आएगा..
Me..ammi मैं समझता हूँ मैं ये नहीं कह रहा हूँ मालिश न हो आप नहीं तोह सीमा कर देगी क्यों सीमा..
Saima..(meri तरफ थोड़े अचराये से देखते हुए)
Ammi...use कहा आता है..
Me...use आप सीखेगी तब न आएगा कोई सिख कर थोड़े hi आता सबको यही सीखना पड़ता है मैं बताता रहुगा वो कर देगी..
Ammi...thik है सीमा आज से तुम भाई की मालिश करना ठीक है..
Saima...hmm अम्मी
सीमा का चेहरा लाल हो रहा था वो कुछ बोल नहीं रही थी ..
Me..theek है आप दवा खा कर आराम करे मैं भी आराम कर लून थोड़ा रात के खाने पर बुला लेना..
AMmi..theek है बीटा जाओ आराम करो कुछ चाहिए..
Me..nahi ामी मैं बता दूंगा जो चाहिए अपने दोस्त को..
Ammi...dost कोण दोस्त
Siya..haa भाई कोण दोस्त है आपका बताये तोह..
सीमा मेरे तरफ सवालिए नजर से देख रही थी क्युकी इस फॅमिली में ये सब नार्मल नहीं था अम्मी को ये सब पसंद नहीं है उनका कहना भाई बहन दूर रहे बस बात करे ये तहज़ीब की बात है
Me...sab तुझे जान न चल खा चुप चाप
मैं वह से ऊपर अपने कमरे में आ जाता हूँ और सोचने लगता हूँ क्या सही किया मैंने ..
Pm...kyu मजा आया न अपनी बहन की चुकी अस्पर्श करके ..
Me...kya बताऊ बहुत मजा आया एक बार हाथ में ले कर दबाने को मिल जाये और मजा आ जाएगा ..
Pm...wo भी हो जाएगा सबर करो इतनी जल्दबाजी सही नहीं बेटे..
Me..sahi कहा आज hi सीमा का मुँह बन गया था ..
Pm..haa बनेगा hi न अपनी हवस पर थोड़ा कण्ट्रोल करो ये कोई बहार की लड़की नहीं है जो बात करो छोड़ दो बहन हैं उस मोकम पर पहुंचने में टाइम लगेगा पहले उससे बात कर जो मन करे उसे कम्फर्टेबले कर क्युकी सुरु से तू अपनी बहन से उतनी बात नहीं करता है और अचानक ये सब उसे बहुत अजीब लगेगा समझा ..
Me..samaj गया बॉस
Gm...bahut बढ़िया क्या रास्ता बना रहे हो ..कभी सक्सेस नहीं होगा जिस दिन उसे लता चलेगा सब ख़तम हो जाएगा कैसे अपनी अम्मी से नजर मिला पाएगा तू खुद की नजर से गिर जाएगा
Pm...chup बे लोदु कभी तोह अच्छी बात किया कर