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मैं बहुत धीरे और देर के मारे ये सब कर रहा था कही सीमा नाराज न हो जाये और मैं जो चाहता हूँ कही उसे पता न चल जाये बहुत ध्यान और कण्ट्रोल के साथ आगे बाद रहा था मैंने देखा सीमा खामोश मेरा दिया हुआ डंडा हैंडल की तरह पकड़ कर आहे भर रही है अपनी आँख बंद करके मैं उसके कमर पर अपना हाथ रख कर हल्का हल्का सहलाने लगा ऐसा लग रहा था मैं किसी मखमली चीज़ पर हाथ फेर रहा हूँ एक दम मुलायम मेरा खुर दूर हाथ को सुकून मिल रहा था इतना चिकना और मुलायम जिस्म था सीमा का मेरी हिम्मत थोड़ी बड़ी तोह मैं कमर को अच्छे से और पकड़ कर सहलाने लगा ..
सीमा एक दम निढाल इस नए जिस्म की गर्मी और अहसास के नशे में मेरे ऊपर पद गई मैं भी बिना कुछ कहे उसे अपने जिस्म से चिपका लिया और हम दोनों अपनी जिस्म की गर्मी में मदहोश होने lage...maine सीमा के शोल्डर को अपने कैंप ते होंठ से चूमा ..
Saima...ahhhh िष्ठ्हह
की सिसकी करने लगी मैं भी देखा सीमा मेरा विरोध या किसी तरह का सवाल नहीं कर रही है और न hi कुछ बोल रही है मैं उसके नंगे कंधे को चूमने laga..or उसके गर्दन को भी
Saima...ahhh अह्ह्ह्ह ईशःठ ऊह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ऊह्ह्हह्ह..
सीमा की सिसकी तेज़ हो गई मैंने अपना हाथ धीरे से थोड़ा ऊपर किया और सीमा को उन छुए हुए चुकी जो की एक दम ताज़ी तैयार हुई थी उस पर रख दिया सीमा एक दम उछाल गई जिससे मैंने वापस उसे अपने लुंड पर बैठा लिया और हाथ वैसे hi रखे रहा और गर्दन को चूमता रहा फिर मैंने अपना हाथ जो सीमा के चुकी पर हल्का सा रखा था ऐसा लग रहा था मैंने किसी कपास की रुए को हाथ में ले लिया हो एक दम मुलायम जैसा कुछ भी न हो अम्मी की चुकी हार्ड थी मगर सीमा की चुकी एक दम नरम और गोल शेप में जो की 32 की थी मैं हौले हौले सीमा की चुकी को दबाने लगा मुझे इतना मजा आ रहा था मैं बता नहीं सकता ऐसा लग रहा था मैं अपना ज़िन्दगी जी रहा हूँ जो चाहता हूँ वो पूरा हो रहा है मैं अपनी लाइफ से इतना खुश हर दिन मेरी ज़िन्दगी एक दम एक्ससिटेड थी जबसे मैंने अपनी लाइफ में सेक्स का मोड लाया हूँ मेरा हर दिन एक्ससिटेड हो गया कैसे मैं करू अम्मी के साथ सीमा के साथ इतने दिन की म्हणत और प्लानिंग और खुद पर कण्ट्रोल सब कुछ मेरे हिसाब से हो रहा था मैं सीमा को चूमना छोड़ दिया और चुकी को दबाने लगा मुझे जोश आने लगा मैं थोड़ा तेज़ और दबाओ के साथ सीमा की चुकी दबाने लगा...
Saima...ahhh अह्ह्ह्ह ऊह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह उम्म्म्म अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह ऊह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्हह...
हम दोनों कुछ भी बात नहीं कर रहे थे बस मैं सीमा के जिस्म के साथ खेल रहा था और मुझे मजा आ रहा था सीमा को भी ये नया अहसास रास आया मुझे उसके हाव् भाव से पता चल गया जो की मेरे लिए बहुत अच्छी बात है सीमा ने अपना दोनों हाथ बहुत ज़ोर से दबाया हुई थी वो अपनी फीलिंग कण्ट्रोल कर रही थी मगर उसे रहा नहीं गया और अब थोड़ी और झुक गई आगे की और मैंने उसका फायदा उठाया सीधा अपना खड़ा लुंड सीमा के गांड पर रगड़ ने लगा और चुकी को दबाने लगा मुझे ऐसा लग रहा था मैं कोई सपना देख रहा हूँ..
करीब 30 मं से ज्यादा मैं सीमा के जिस्म के साथ खेल रहा था सीमा भी कुछ नहीं कह रही थी तब hi मैं पीछे हैट जाता हूँ मेरे पीछे हटने से सीमा लम्बी लम्बी सांस लेती है और सीधी कड़ी हो जाती उसकी पीठ मेरे तरफ थी..
Me...saima बहुत रात हो गई सो जाते है कल सुबह तुम्हे स्कूटी भी सीखना है..
Saima..(meri तरफ बिना देखे) हम्म..
मैं ऐसे रियेक्ट करने की कोसिस कर रहा था जैसे मैंने कुछ किया hi नहीं मैंने सीमा को उसका दुपट्टा देते हुए ..
Me..ye लो अपना दुपट्टा और सो जाओ अच्छे से सोना कल चलना है ठीक है ..
Saima..hmm
इतना कह कर वो दुप्पटा लेती है और रूम से बहुत तेज़ी से बहार चली जाती है मैं बीएड पर लेट कर सोचने लगता हूँ कितना मजा आया मेरा लुंड एक दम टाइट था मैं उसे सहलाते हुए..
मजा आया न दोस्त आज नयी गांड को रगड़ तूने आज तोह बैठने का नाम hi नहीं ले रहा है तू चली गई तेरे लुंड की रानी सो जा और मुझे भी सोने दे मैं खुद से हस्ते हुए ये बात कर रहा था ..
निच्चे सीमा वाशरूम जा कर पेशाब करती है उसकी छूट एक दम गीली होती पहली बार था बिना पेशाब के उसका सलवार गिला हो गया था उसने हाथ लगा कर देखा चिप छिपा था उसका बदन में एक बिजली की तरह दौड़ी बहुत कामुक था सीमा के लिए सीमा सब साफ़ करके सलवार पंतय दोनों चेंगे करके बीएड पर लेट गई और सोचने लगी ये सब क्या था और क्यों क्या भाई ने जान भुज कर ऐसा किया लेकिन मुझे अच्छा लग रहा था भाई मेरे बारे में क्या सोच रहे होंगे मेरी सुसु निकल गई ची भाई से मैं कैसे नजर मिला पाउगी सीमा शर्म हाय के मारे एक दम कातिल मुस्कान के साथ सोने लगी लेकिन उसे नींद नहीं आ रही थी उसका जिस्म ने पहला अहसास जो लिया था वो करवट बदलती रही मगर नींद दूर दूर तक नहीं थी वो बस मेरे बारे में सोच रही मैं क्या सोचु गए उसके बारे में वो खुद से शर्मिंदा थी और शर्मा रही थी सीमा को लग रहा था उसने ये सब किया है ऐसे hi वो सो गई और मैं भी सुबह मैं उठा मैं आज बहुत एक्ससिटेड था सीमा अभी भी सो रही थी मैं निच्चे गया सीमा नहीं दिखी मुझे तोह मैं सीधा उसके रूम में गया मैंने देखा सीमा सो रही है ..सीमा ऐसे सोई हुई थी उसकी गांड पूरी एक तरफ बहार नजर आ रही थी सुबह सुबह ऐसा नजारा देख कर मेरे लुंड की बेचैनी एक दम बाद गई और वो अपना रूप में आ गया ..
मैं अपने लुंड को सहलाने लगा और मैंने सिया के तरफ देखा वो भी सो रही थी उसने चादर ोधी हुई थी मगर उसका दुपट्टा अलग था वो करवट में सो रही थी जिससे उसकी उभरी हुई जवानी की पहचान बहार नजर आ रही थी उसकी चुकी दोनों आपस में डाब कर ऊपर की और ज्यादा नजर आने लगी ..
मैं वही पर खड़ा ये नजर देख मन कर रहा था सीमा के गांड में लुंड दाल दूँ और सिया के बूब्स को पकड़ कर खूब दबाउ और चुसो मैं अपनी किस्मत पर गर्व महसूस कर रहा था और अपने किये हुए फैसले पर संतुष्टि महसूस कर रहा था सुरु में मुझे गिल्ट हो रहा था अपनी माँ बहन के बारे में ऐसा सोचने पर लेकिन अब गर्व महसूस होता तीनो एक से बाद कर एक है मैंने थोड़ा खुद पर काबू दिखाया और सीमा को हल्का सा ढाका दिया उसके पीठ पर हाथ रख कर सीमा जगी और मुझे देख कर अपना कपडा सही किया और..
Saima...bhai आप मेरी नींद hi नहीं खुली ..
में ..कोई बात नहीं धीरे बोलो सिया सो रही है बहार आओ जल्दी मैं वेट कर रहा हूँ..
Saima...ji .
सीमा जल्दी से उठी मुँह पर पानी मारा और बहार आ गई हम दोनों निकल गए मैदान के पास पहुंच गए मैं सीमा को समझने लगा ..
Me..samaj गई अब मैं बैठा रहा हूँ. तुम्हारे पीछे रात में जैसे बताये था न वैसे hi करना ठीक मैं पीछे hi हूँ..
सीमा ने जैसे hi ये बात सुनी उसकी छूट गीली होने लगी रात का वो अहसास फिर होने लगा सीमा की सांस गहरी हो गई उसकी आँख बदलने लगी मैंने देखा सीमा शर्मा रही है उसे सेक्स के बारे में कुछ नहीं पता लेकिन सेक्स किश पसंद नहीं मगर एक रिश्ते की वजह से कुछ ज्यादा शर्मा रही थी और वो मेरी इज़्ज़त करती है इसीलिए कुछ कह भी पा रही थी..
Me...haa एक और बात यद् है मैंने रात में. क्या कहा था..
Saima...(Dhimi आवाज़ में) क्या भाई..
मैंने उसे सेर पर हल्का से मारा..
Me..dhyan कहा रहता है तुम्हारा मैंने कहा था न दुपट्टा हटा देना वर्ण फास जाएगा टायर में एक्सीडेंट हो सकता है ..
Saima..haa सॉरी भाई..
Me..yad रखो जो मैं कहता हूँ कहा रहता है तुम्हारा ध्यान..
Saima..(sharminda होने लगती है) सॉरी भाई ..
उसका मन नहीं था दुपट्टा हटाने का लेकिन उसे ये बात यद् नहीं थी और मेरे ऐसे बात करने से उसकी हिम्मत नहीं हुई मुझे कुछ कहने को इसीलिए वो अपना दुपट्टा हटा कर मुझे दे देती है मैं स्कूटी की सीट उठा कर दुपट्टा उसमे दाल देता हूँ और सीमा पहले बैठ जाती है और मैं उसके पीछे बैठ जाता हूँ मैं एक दम चिपक कर बैठ जाता हूँ और अपना दोनों हाथ सीमा के हाथ के ऊपर हैंडल पर रखता हूँ मैं अंडरवियर नहीं पहनता इसीलिए मेरा लुंड सीधा सीमा के कमर के हिस्से पर दबा जिससे ...
Saima...ahhhh
में ..क्या हुआ ..
Saima...kuch नहीं..
Me..chalo ऐसे स्टार्ट करो और आराम से चलो मैं पकडे हुआ हूँ..
मैंने स्कूटी स्टार्ट की और चलने लगा फिर मैंने धीरे से मैंने हैंडल छोड़ा और सीमा के कमर पर हाथ रखा एक hi जटके में..
Saima..ishhhh
में... धीरे चलो आराम आराम से एक्सेटर एक जैसा लो दूर से मोड़ो..
मैं सीमा के कमर को पकड़े हुए बता रहा था सीमा अच्छे से चला रही थी मैं पीछे से अपना लुंड सीमा के गांड पर तोह नहीं लेकिन उसके पीछे दबा रहा था और अपने हाथ को मैंने धीरे धीरे ऊपर ला रहा था और इतने ऊपर ले आया की मैंने सीमा की चुकी पर ला कर रोक दिया ..
जैसे मैंने चुकी पर हाथ रखा सीमा ने गाड़ी को रोक दिया एक जटके में जिससे में लुंड एक दम उसके पीठ से दबा और मेरा हाथ जो चुकी पर ज़ोर से डाब गया..
Saima...ahhhhh भाई ओह्ह
Me..kya हुआ क्यों रोक दिया ..
Saima...bhai वो वो..
सीमा शर्मा रही थी बोलने में लेकिन वो इशारे से मेरा हाथ देखा रही थी मैंने कहा रखा है
सीमा एक दम निढाल इस नए जिस्म की गर्मी और अहसास के नशे में मेरे ऊपर पद गई मैं भी बिना कुछ कहे उसे अपने जिस्म से चिपका लिया और हम दोनों अपनी जिस्म की गर्मी में मदहोश होने lage...maine सीमा के शोल्डर को अपने कैंप ते होंठ से चूमा ..
Saima...ahhhh िष्ठ्हह
की सिसकी करने लगी मैं भी देखा सीमा मेरा विरोध या किसी तरह का सवाल नहीं कर रही है और न hi कुछ बोल रही है मैं उसके नंगे कंधे को चूमने laga..or उसके गर्दन को भी
Saima...ahhh अह्ह्ह्ह ईशःठ ऊह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ऊह्ह्हह्ह..
सीमा की सिसकी तेज़ हो गई मैंने अपना हाथ धीरे से थोड़ा ऊपर किया और सीमा को उन छुए हुए चुकी जो की एक दम ताज़ी तैयार हुई थी उस पर रख दिया सीमा एक दम उछाल गई जिससे मैंने वापस उसे अपने लुंड पर बैठा लिया और हाथ वैसे hi रखे रहा और गर्दन को चूमता रहा फिर मैंने अपना हाथ जो सीमा के चुकी पर हल्का सा रखा था ऐसा लग रहा था मैंने किसी कपास की रुए को हाथ में ले लिया हो एक दम मुलायम जैसा कुछ भी न हो अम्मी की चुकी हार्ड थी मगर सीमा की चुकी एक दम नरम और गोल शेप में जो की 32 की थी मैं हौले हौले सीमा की चुकी को दबाने लगा मुझे इतना मजा आ रहा था मैं बता नहीं सकता ऐसा लग रहा था मैं अपना ज़िन्दगी जी रहा हूँ जो चाहता हूँ वो पूरा हो रहा है मैं अपनी लाइफ से इतना खुश हर दिन मेरी ज़िन्दगी एक दम एक्ससिटेड थी जबसे मैंने अपनी लाइफ में सेक्स का मोड लाया हूँ मेरा हर दिन एक्ससिटेड हो गया कैसे मैं करू अम्मी के साथ सीमा के साथ इतने दिन की म्हणत और प्लानिंग और खुद पर कण्ट्रोल सब कुछ मेरे हिसाब से हो रहा था मैं सीमा को चूमना छोड़ दिया और चुकी को दबाने लगा मुझे जोश आने लगा मैं थोड़ा तेज़ और दबाओ के साथ सीमा की चुकी दबाने लगा...
Saima...ahhh अह्ह्ह्ह ऊह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह उम्म्म्म अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह ऊह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्हह...
हम दोनों कुछ भी बात नहीं कर रहे थे बस मैं सीमा के जिस्म के साथ खेल रहा था और मुझे मजा आ रहा था सीमा को भी ये नया अहसास रास आया मुझे उसके हाव् भाव से पता चल गया जो की मेरे लिए बहुत अच्छी बात है सीमा ने अपना दोनों हाथ बहुत ज़ोर से दबाया हुई थी वो अपनी फीलिंग कण्ट्रोल कर रही थी मगर उसे रहा नहीं गया और अब थोड़ी और झुक गई आगे की और मैंने उसका फायदा उठाया सीधा अपना खड़ा लुंड सीमा के गांड पर रगड़ ने लगा और चुकी को दबाने लगा मुझे ऐसा लग रहा था मैं कोई सपना देख रहा हूँ..
करीब 30 मं से ज्यादा मैं सीमा के जिस्म के साथ खेल रहा था सीमा भी कुछ नहीं कह रही थी तब hi मैं पीछे हैट जाता हूँ मेरे पीछे हटने से सीमा लम्बी लम्बी सांस लेती है और सीधी कड़ी हो जाती उसकी पीठ मेरे तरफ थी..
Me...saima बहुत रात हो गई सो जाते है कल सुबह तुम्हे स्कूटी भी सीखना है..
Saima..(meri तरफ बिना देखे) हम्म..
मैं ऐसे रियेक्ट करने की कोसिस कर रहा था जैसे मैंने कुछ किया hi नहीं मैंने सीमा को उसका दुपट्टा देते हुए ..
Me..ye लो अपना दुपट्टा और सो जाओ अच्छे से सोना कल चलना है ठीक है ..
Saima..hmm
इतना कह कर वो दुप्पटा लेती है और रूम से बहुत तेज़ी से बहार चली जाती है मैं बीएड पर लेट कर सोचने लगता हूँ कितना मजा आया मेरा लुंड एक दम टाइट था मैं उसे सहलाते हुए..
मजा आया न दोस्त आज नयी गांड को रगड़ तूने आज तोह बैठने का नाम hi नहीं ले रहा है तू चली गई तेरे लुंड की रानी सो जा और मुझे भी सोने दे मैं खुद से हस्ते हुए ये बात कर रहा था ..
निच्चे सीमा वाशरूम जा कर पेशाब करती है उसकी छूट एक दम गीली होती पहली बार था बिना पेशाब के उसका सलवार गिला हो गया था उसने हाथ लगा कर देखा चिप छिपा था उसका बदन में एक बिजली की तरह दौड़ी बहुत कामुक था सीमा के लिए सीमा सब साफ़ करके सलवार पंतय दोनों चेंगे करके बीएड पर लेट गई और सोचने लगी ये सब क्या था और क्यों क्या भाई ने जान भुज कर ऐसा किया लेकिन मुझे अच्छा लग रहा था भाई मेरे बारे में क्या सोच रहे होंगे मेरी सुसु निकल गई ची भाई से मैं कैसे नजर मिला पाउगी सीमा शर्म हाय के मारे एक दम कातिल मुस्कान के साथ सोने लगी लेकिन उसे नींद नहीं आ रही थी उसका जिस्म ने पहला अहसास जो लिया था वो करवट बदलती रही मगर नींद दूर दूर तक नहीं थी वो बस मेरे बारे में सोच रही मैं क्या सोचु गए उसके बारे में वो खुद से शर्मिंदा थी और शर्मा रही थी सीमा को लग रहा था उसने ये सब किया है ऐसे hi वो सो गई और मैं भी सुबह मैं उठा मैं आज बहुत एक्ससिटेड था सीमा अभी भी सो रही थी मैं निच्चे गया सीमा नहीं दिखी मुझे तोह मैं सीधा उसके रूम में गया मैंने देखा सीमा सो रही है ..सीमा ऐसे सोई हुई थी उसकी गांड पूरी एक तरफ बहार नजर आ रही थी सुबह सुबह ऐसा नजारा देख कर मेरे लुंड की बेचैनी एक दम बाद गई और वो अपना रूप में आ गया ..
मैं अपने लुंड को सहलाने लगा और मैंने सिया के तरफ देखा वो भी सो रही थी उसने चादर ोधी हुई थी मगर उसका दुपट्टा अलग था वो करवट में सो रही थी जिससे उसकी उभरी हुई जवानी की पहचान बहार नजर आ रही थी उसकी चुकी दोनों आपस में डाब कर ऊपर की और ज्यादा नजर आने लगी ..
मैं वही पर खड़ा ये नजर देख मन कर रहा था सीमा के गांड में लुंड दाल दूँ और सिया के बूब्स को पकड़ कर खूब दबाउ और चुसो मैं अपनी किस्मत पर गर्व महसूस कर रहा था और अपने किये हुए फैसले पर संतुष्टि महसूस कर रहा था सुरु में मुझे गिल्ट हो रहा था अपनी माँ बहन के बारे में ऐसा सोचने पर लेकिन अब गर्व महसूस होता तीनो एक से बाद कर एक है मैंने थोड़ा खुद पर काबू दिखाया और सीमा को हल्का सा ढाका दिया उसके पीठ पर हाथ रख कर सीमा जगी और मुझे देख कर अपना कपडा सही किया और..
Saima...bhai आप मेरी नींद hi नहीं खुली ..
में ..कोई बात नहीं धीरे बोलो सिया सो रही है बहार आओ जल्दी मैं वेट कर रहा हूँ..
Saima...ji .
सीमा जल्दी से उठी मुँह पर पानी मारा और बहार आ गई हम दोनों निकल गए मैदान के पास पहुंच गए मैं सीमा को समझने लगा ..
Me..samaj गई अब मैं बैठा रहा हूँ. तुम्हारे पीछे रात में जैसे बताये था न वैसे hi करना ठीक मैं पीछे hi हूँ..
सीमा ने जैसे hi ये बात सुनी उसकी छूट गीली होने लगी रात का वो अहसास फिर होने लगा सीमा की सांस गहरी हो गई उसकी आँख बदलने लगी मैंने देखा सीमा शर्मा रही है उसे सेक्स के बारे में कुछ नहीं पता लेकिन सेक्स किश पसंद नहीं मगर एक रिश्ते की वजह से कुछ ज्यादा शर्मा रही थी और वो मेरी इज़्ज़त करती है इसीलिए कुछ कह भी पा रही थी..
Me...haa एक और बात यद् है मैंने रात में. क्या कहा था..
Saima...(Dhimi आवाज़ में) क्या भाई..
मैंने उसे सेर पर हल्का से मारा..
Me..dhyan कहा रहता है तुम्हारा मैंने कहा था न दुपट्टा हटा देना वर्ण फास जाएगा टायर में एक्सीडेंट हो सकता है ..
Saima..haa सॉरी भाई..
Me..yad रखो जो मैं कहता हूँ कहा रहता है तुम्हारा ध्यान..
Saima..(sharminda होने लगती है) सॉरी भाई ..
उसका मन नहीं था दुपट्टा हटाने का लेकिन उसे ये बात यद् नहीं थी और मेरे ऐसे बात करने से उसकी हिम्मत नहीं हुई मुझे कुछ कहने को इसीलिए वो अपना दुपट्टा हटा कर मुझे दे देती है मैं स्कूटी की सीट उठा कर दुपट्टा उसमे दाल देता हूँ और सीमा पहले बैठ जाती है और मैं उसके पीछे बैठ जाता हूँ मैं एक दम चिपक कर बैठ जाता हूँ और अपना दोनों हाथ सीमा के हाथ के ऊपर हैंडल पर रखता हूँ मैं अंडरवियर नहीं पहनता इसीलिए मेरा लुंड सीधा सीमा के कमर के हिस्से पर दबा जिससे ...
Saima...ahhhh
में ..क्या हुआ ..
Saima...kuch नहीं..
Me..chalo ऐसे स्टार्ट करो और आराम से चलो मैं पकडे हुआ हूँ..
मैंने स्कूटी स्टार्ट की और चलने लगा फिर मैंने धीरे से मैंने हैंडल छोड़ा और सीमा के कमर पर हाथ रखा एक hi जटके में..
Saima..ishhhh
में... धीरे चलो आराम आराम से एक्सेटर एक जैसा लो दूर से मोड़ो..
मैं सीमा के कमर को पकड़े हुए बता रहा था सीमा अच्छे से चला रही थी मैं पीछे से अपना लुंड सीमा के गांड पर तोह नहीं लेकिन उसके पीछे दबा रहा था और अपने हाथ को मैंने धीरे धीरे ऊपर ला रहा था और इतने ऊपर ले आया की मैंने सीमा की चुकी पर ला कर रोक दिया ..
जैसे मैंने चुकी पर हाथ रखा सीमा ने गाड़ी को रोक दिया एक जटके में जिससे में लुंड एक दम उसके पीठ से दबा और मेरा हाथ जो चुकी पर ज़ोर से डाब गया..
Saima...ahhhhh भाई ओह्ह
Me..kya हुआ क्यों रोक दिया ..
Saima...bhai वो वो..
सीमा शर्मा रही थी बोलने में लेकिन वो इशारे से मेरा हाथ देखा रही थी मैंने कहा रखा है