Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed) - Page 10 - SexBaba
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Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed)

उपडेट _ 81

एक घर मैं एक लड़का अभी नंगा सो रहा था आवर उसके आस पास गीता की कई सरे फोटो थी जो उसके बीएड पर बिखड़ी पड़ी थी लड़का की अचानक hi नींद खुली तो लड़का उठ कर गीता की एक फोटो को उठा कर अपने लैंड पर बड़े hi प्यार से रगने लगा जैसे की अभी उसके सामने गीता hi उसके लैंड कुश रही हो आअह्ह्ह तुम सिर्फ मेरी हो हहहहहह तुमेह कोई जुड़ा नहीं कर सकता है मुझसे लड़का बोलते हुए गीता की फोटो अपने लैंड पर खूब रगडते जा रहा था आवर गीता के बारे में सोचते हुवे वह झाड़ गया जो सारा उसके लैंड के पानी गीता के फोटो पर hi गिरा दिया लड़का जब झड़ने के बाद संत हुवा तो गीता की फोटो को चाटने लगा जो खुद hi गीता की फोटो खड़ा था जो अपने hi लैंड के पानी को चाट रहा था जैसे गीता की छूट hi चाट रहा हो जब अपने hi लैंड का सारा पानी चाट गया तो गीता की साडी फोटो बीएड पर से उठा कर अपने अलमारी मैं रख दिया आवर बाथरूम मैं चला गया बाथरूम से आने के बाद तैयार होकर अपने रूम से बहार आया तो सामने एक ोुरत की मोती गांड देख कर लड़का का दिल मचल गया मगर लड़के ने उस औरत की गांड से अपनी नज़र हटा ली कांटा नास्ता लगा दो जल्दी से लड़के के कहा आवर वही टेबल पर बैठ गया जो औरत ने जल्दी से नास्ता लगा दिया आवर लड़के के बगल मैं hi कड़ी हो गयी आवर अपनी गांड लड़के के जिसम पर hi टाच करने लगी जो लड़के की हालत ख़राब होने लगा जो लड़के ने अपनी आँखे बंद कर लिया कुछ देर के लिए फिर कुछ सोच कर hi औरत को दूर कर दिया कांटा तुम मुझे तंग मत करो अभी मेरा मुंड नहीं है आवर मुझे ऑफिस भी जाना है लड़के ने औरत से गुस्से मैं लड़के की आँखे भी लाल हो गया था जिसे औरत देख कर थोड़ी देर के लिए दर गयी थी आउट किचेन की तरफ चली गयी जो लड़का भी नास्ता कर के जल्दी से निकल गया !

वही किचेन मैं औरत अपनी आँखे बंद कर के रो रही थी जैसे उसे बहुत दुःख हुवा हो लड़के के मन करने से बाटी आज भी मैं नाकाम हो गयी तुम मुझे मनाफ़ कर देना बेटी तेरी माँ आज भी नाकाम हो गयी है आवर औरत वही किचेन मैं बैठ कर रोने लगी !

कांटा एक देहात की रहने वही है कांटा का पति दिन भर सिर्फ सरब के नशे मैं रहता है आवर कांटा को नशे मैं बहुत मरता भी था कांटा को फिर भी कांटा उसके साथ hi रहती थी अपनी एक बेटी के साथ कांटा गाँव में एक ठाकुर के घर पे नौकरानी की काम करती थी कांटा बहुत hi खूबसूरत थी आवर बहुत अच्छी भी आवर वही उसका पति कला आवर बदसूरत के साथ शराबी भी था कांटा को लड़के वाले पसंद तो कर लेते थे फिर दहेज़ की वजह से पीछे हैट जाते थे इस लिए एक सराबी से मज़बूरी मैं कांटा की माँ बाप ने शादी कर दी !

कांटा जिस ठाकुर के घर काम करती थी उसका hi ठाकुर के बेटे की नज़र कांटा पर पड़ी आवर वह कांटा की जिसम देख कर कांटा को सहर लेकर आ गया नौकरी के लिए कांटा भी अपने ठाकुर के कहने पर सहर आगयी आवर यह आकर ठुकरा के बेटे ने कांटा को जबरदस्ती छोड़ने लगा आवर कांटा कुछ नहीं कर सकती थी जो धीरे धीरे कांटा भी उसके साथ देने लगी क्यू के लड़का कांटा को बहुत पैसे भी देता था जिससे कांटा अपनी बेटी को हॉस्टल मैं पढ़ा रही थी आज भी कांटा को पैसे की ज़रूरत थी जो कांटा आज लड़के को रिझा रही थी जो उसने साफ मन कर दिया !

इधर लड़का ऑफिस मैं बैठा था तभी वह कुछ बन्दे आ गए क्या हुवा भाई आज भी तू कही गीता की याद मैं तो नहीं है न एक ने हस्ते हुवे कहा आवर दोनों बन्दे हसने लगे जो लड़का दोनों पर गुस्सा हो गया मगर चुप hi रहा दोनों कुछ देर तक लड़के से मज़ा मस्ती कर के चले गए लड़का अभी अपने ऑफिस मैं बैठा था की उसका फ़ोन बाज़ा जो लड़के ने उठा कर देखा तो उसके बॉस का फ़ोन था hello सर आज आप ने मुझे फ़ोन किया मुझे बहुत खुसी हो रही है लड़के ने कहा!

बॉस : सुधीर मैं तुमेह फिर एक मक्का दे रहा हुईं के तुम अपनी बहादुरी शाबित कर सको इस बार फ़ैल हुवे तो इस बार तुम अपने घर जा सकते हो तुम्हारा कोई जगह नहीं होगा यह पर !

सुधीर : थैंक्स सर इस बात मैं अपनी बहादुरी शाबित कर के hi रहूँगा क्या करना होगा सर !

बॉस : तुमेह कुछ नहीं करना है जो भी करेगी no 1 कर देगी तुमेह बस उसके साथ जाना है समझ गए !

सुधीर : जी सर मैं समझ गया मगर सर no 1 तो अभी बीमार है न सर फिर वह कैसे जाएगी सुधीर तो no1 को अपने साथ जाने को सुन कर hi वह बहुत खुश हो गया था फिर सुधीर को अभी झटका भी लगा की no1 इतनी जल्दी ठीक कैसे हो गयी !

बॉस : no1 बिलकुल ठीक है उसने hi फ़ोन किया था तुमेह कल hi निकलना है उसके साथ तुम तैयार रहना वह तुम्हारे घर पर आ जाएगी !

अपने बॉस के फ़ोन रखने पर लड़के के चेहरे पर एक कमीना मुस्कान आगयी एहि मक्का है सुधीर जो तू गीता को हासिल कर सकता है सुधीर के मन से आवाज़ आई जो सुधीर हसने लगा की गीता को हासिल कर लेगा उसके साथ जाकर !

गीता आज कितने दिन के बाद आज अपने घर के बहार गार्डन में निकली थी जो गीता का दिल बहुत hi खुश था गीता गार्डन मैं बैठ कर कॉफ़ी पिटे हुए ठंडी हवा की मज़ा ले रही थी गीता बेटी कैसे लग रहा है तुझे आज कितने दिन के बाद बहार आकर रागनी ने कहा गीता के बगल बैठते हुवे !

गीता : माँ मुझे बहुत ाचा लग रहा है अब मैं बिलकुल ठीक हो गयी ये सब आप की वजह से हुवा है आप अगर नहीं आती तो सायद मैं इतनी जल्दी ठीक नहीं होती !

आवर गीता रागनी के गाल पर किस कर दिया खुश होते हुवे उह मेरी बच्ची ये सब तो तेरे भाई की वजह से हुवे है बेटी मैं एक बात पुछु अगर तुझे बुरा न लगे तो रागनी ने कहा !

गीता: माँ आप क्या बोल रही हो मैं क्यू आप की बात पर गुस्सा होने लगी आप मुझसे कुछ भी पूछ सकती है बोलिये क्या जानना है आप को !

रागनी : गीता बेटी तुझे बुरा तो नहीं लगा न अपनी भाई के साथ तू समझ रही है न मैं क्या बोल रही हुईं बेटी आवर रात को क्या हुवा था तेरे साथ आवर तेरा भाई कैसे आया वह पर रागनी ने शर्मा कर कहा जो गीता भी अपनी माँ की बात समझ कर शर्मा गयी !

गीता : माँ मैं समझ गयी माँ मुझे बुरा नहीं लगा भाई के साथ मैं खुश हुईं भाई के वजह से आज मैं कितने दिन के बाद ठीक हो गयी मगर माँ कल क्या हुवा मुझे कुछ भी समझ मैं नहीं आया मुझे खिड़की के बहार से कुछ आवाज़ सुनाई दिया मैं देखने गयी तो लगा की खिड़की से अंदर आकर कुछ मुझसे टकराया आवर मुझे ठण्ड लगने लगी जो मैं वही पर कंपनी लगी फिर जब मुझे होश आया तो देखा मैं बिलकुल नंगी ज़मीन पर लेती थी कारन के साथ आवर रूम मैं पायल कड़ी थी जो मुझे बहुत सरम आ रही थी पायल के सामने माँ कारन कैसे आया मुझे नहीं पता मगर कारन के वजह से मेरी जिसम मैं गर्मी हुयी थी !

रागनी : सायद गीता बाटी कारन को तेरे दर्द का अहसास हुवा हो जो कारन तेरे पास आ गया हो

माँ कही ऐसा तो नहीं मेरी दर्द भाई को पता चल रहा है तो क्या भाई आवर मेरा जिसम एक हो गए है जो कारन को पता चल गया मेरी दर्द का गीता हरण होते हुयी कही

रागनी : बेटी मुझे भी एहि लग रहा है सायद तेरी जिसम की दर्द को कारन अहसास कर के तेरे पास आ गया हो इसका मतलब हुए के कारन आवर तेरी सम्बन्ध के कारन तुम दोनों को सकती hi नहीं मिली तुम दोनों का जिसम भी एक दूसरे से जुड़ चूका है जो बहुत अच्छा भी है हम सब के लिए ठीक है बेटी चल नास्ता करते है तू सुबह से एहि बैठी है !

गीता : माँ आप चलिए मैं अभी आयी ये क्या हो गया अब तो यकीनन hi भाई जान जायेगा मैं कौन सा काम करती हुईं आवर कल तो मुझे जाना भी है क्या इसके बारे मैं भी मेरे भाई को पता चल जायेगा गीता ने मन मैं सोचा आवर उठ कर रूम की तरफ चल दी
 
ुउपडेट _ 82

आज सुबह से नैना बहुत खुश थी आवर कारन के इंतज़ार कर रही जो कारन अभी नहाने बाथरूम मैं गया था आवर नैना कारन के बाथरूम के गेट से भैया जल्दी कीजिये बोल रही थी जो कारन भी जल्दी से नाहा कर निकल गया भाई आप कितना नहाते हो लड़कियों की तरह नैना बोल पड़ी

जो कारन एक नज़र नैना को देखा आवर अपना सर हिला दिया जो कारन के बालो पर जो पानी थे नैना के ऊपर भी गिर गया

नैना : भैया ये क्या किया आप ने मेरे कपडे को गन्दा कर दिया अब मुझे फिर से नहाना होगा मैं आप को अभी नहीं छोडूंगी

आवर नैना कारन के पास जाकर कारन को मरने लगी जो कारन बस हस्स रहा था मरते हुआ अचानक नैना के हाँथ मैं कारन का टावल आ गया नैना ने टावल पकड़ कर खींचने लगी भाई आज मैं आप को नहीं छोडूंगी देखना मैं टावल को खोल दूंगी नैना टावल को खींचते हुवे कहने लगी


कारन : ओह्ह्ह्ह छोटी गलती हो गयी अब मैं ऐसा कभी नहीं करूँगा प्लीज छोड़ दे दीदी देखिये गुड़िया क्या कर रही है

कारन दरवाज़े के तरफ देख कर कहा जो नैना दरवाजे का ध्यान दरवाजे की तरफ चला जो कारन मक्के का फायदा को उठा के फिर से बाथरूम मैं भाग गया नैना ने जब दरवाजे की तरफ देखि तो कोई भी नहीं था नैना फिर कारन के तरफ देखि तो कारन वह पर नहीं था तभी नैना को गेट बंद होने की आवाज़ आई जो नैना समझ गयी भाई फिर से बाथरूम मैं भाग गया भैया आप फिर से बाथरूम मैं क्यू गए है आप जान भुज कर देरी कर रहे है नैना ने गेट पीटते हुवे कहा

कारन : गुड़िया तू पहले निचे चल मैं अभी कपडे पहन कर आ रहा हुईं अगर तू नहीं जाएगी तो मैं भी बाथरूम से बहार नहीं आऊंगा फिर मत कहना मैंने देरी किया है

नैना मन मैं सोचने लगी मैं अभी यह रही तो भैया आवर देरी करेंगे फिर सूप्पिंग भी नहीं कर पाऊँगी नहीं मैं कितने दिन के बाद तो मेरी प्यारी गीता दीदी ने सूप्पिंग करने को बोल के गयी है अभी मैं चली जाती हुईं कारन भाई को फिर कभी देख लुंगी मैं नैना मन मैं सोच कर चली गयी को

नैना जाकर टीवी देखने लगी जो वह पर पहले से काजल आवर पायल कोमल टीवी देख रही थी नैना जाकर काजल के बगल में बैठ गयी गुड़िया कारन अभी तक आया क्यू नहीं पायल ने कहा

नैना : दीदी कारन भैया बस आ hi रहे है

अभी बाटे hi कर रही थी पायल आवर नैना की कारन वह पर आगया कारन को सामने देख कर सभी बहने बहुत खुश हुयी और पायल तो अपने आँखों काजल निकल कर लगा दी मगर दो आँखे मैं अजीब सी ख़ुशी थी कारन को देख कर

किसी आवर की नज़र न लगे मेरे भाई पर पायल ने कहा कारन के आने पर सभी कड़ी होकर बहार की तरफ चली गयी पटल भी कारन के हाँथ पकड़ कर बहार की तरफ चल पड़ी सभी गाड़ी मैं बैठ कर मार्किट की तरफ चल पड़ी अभी काजल गाड़ी चला रही थी और काजल के साथ नैना बैठी थी आगे आवर बिच मैं पायल कोमल आवर कारन थे कोई 15 मिनट मैं काजल ने गाड़ी रोक दी एक मोल्ल के पास

ये सहर का सबसे बड़ा मोल्ल था जो यह सर आमिर लोग hi सूप्पिंग कर सकते थे गरीब तो इस मोल्ल मैं आने से पहले 100 बार सोचेगा मोल्ल मैं हर चीज मिलता था जो नैना आज बहुत उत्सुक थी क्यू यह आने से पहले परमेसन लेना पड़ता था जो गीता घर से जाने से पहले hi ले चुकी थी ताकि गीता को जाते वक़्त मैं जयादा सवाल न करे

नैना जल्दी से गाड़ी से जल्दी मैं निकली जो किसी से टकरा गयी मगर नैना ने उसे सॉरी बोल कर मोल्ल मैं चली गयी पायल दीदी देखिये कितनी खुश है गुड़िया कोमल पायल के साथ चलती हुआ कहा

सभी तो मोल्ल मैं चली गयी वह बस एक लड़का अभी भी खड़ा होकर पायल कोमल आवर काजल को जाते हुआ 3 की गांड देख कर हस्स रहा था पायल कोमल आवर काजल जैसे hi लड़के के आँखों से ुझल हुयी लड़का भी मोल्ल मैं चल दिया

नैना एक काउंटर पर कड़ी हो कर कपडे देख रही थी तब तक कारन भी अपनी बहनो के साथ नैना के पास पहुँच गया कभी देर तक कपडे को देख देख कर पसंद कर रही थी मगर यह भी दो आँखे कारन को hi बस देख रही थी मगर कारन प्रेसन हो रहा था अपनी बहनो की सूप्पिंग करते देख फिर कारन वह से हैट कर दूसरी तरफ चल दिया यह

सूप्पिंग करते हुआ अचानक नैना कोमल को कुछ इशारा करने लगी गुड़िया क्या हुआ आवर भी कुछ लेना है तुझे काजल ने कहा नैना

काजल दी मुझे बाथरूम जाना है नैना काजल के कण मैं धीरे से कहा शरमाते हुवे

काजल क्या बोल रही है गुड़िया उसे आवर कुछ भी लेना है तो बोल दे लेने को पायल जो थोड़ी दूर कपडे देख रही थी काजल को बोलते हुवे सुना तो काजल के पास आकर कहा

पायल दी नैना सूप्पिंग करने के लिए इतनी बेचैन थी के घर पर पिसाब करने को भी भूल गयी गुड़िया को बाथरूम जाना है पायल के कण मैं हस्ते हुवे काजल बोल पड़ी जो पायल भी हस्स पड़ी

बिलकुल पागल है ये लड़की पायल नैना के सर पे मर कर कहा

काजल नैना को लेकर बाथरूम की तरफ चल पड़ी मोल्ल मैं जो बाथरूम था मोल्ल के बगल मैं था जो निकल कर जाना पड़ा काजल आवर नैना को

दोनों को बहार की तरफ जाते देख कर वह लड़का भी उनके पीछे चल पड़ा

काजल आवर नैना बाथरूम में चली गयी वही गेट पर एक गार्ड लड़की थी जो सिर्फ लड़कियों आवर औरत को अंदर जाने दे रही थी

काजल आवर नैना के बाथरूम मैं जाने के बाद लड़का भी बाथरूम मैं जाने लगा तो गार्ड लड़की ने लड़के को वही पे रोक दी जो लड़के ने गार्ड को टेपार मर दिया साली रैंड तेरी हिम्मत भी कैसे हुयी मुझे रोकने की लड़के ने कहा

लड़की जो ज़मीन पर गिर पड़ी मगर लड़के को जाते हुआ पेअर पकड़ ली सर प्लीज ऐसा मत कीजिये मेरी नौकरी चली जाएगी कई औरत ने मैनेजर से बोल दिया है के मैं आप को कई बार अंदर जाने दिया है लड़की ने कहा

लड़का : तू साली रैंड फिकर मत कर मैं मैनेजर से बात कर लूंगा मगर साली रांड फिर कभी मुझे रोकने की कोशिश की तो तेरे घर पर आ जाऊंगा आवर तेरे पति के सामने hi तू समझ गयी न आवर हसने लगा

जो लड़की दर कर पीछे हैट गयी लड़का बाथरूम मैं गया तो काजल आवर नैना दोनों साथ में एक hi बाथरूम मैं थी लड़का बाथरूम से पीछे से अंदर देखने की कोसिस करते हुवे फ़ोन मैं रिकॉर्ड करने लगा नैना पिसाब कर के अपने कपडे सही कर रही थी आवर काजल अपनी साड़ी उठ कर पिसाब कर रही थी जो काजल की बड़ी गांड लड़के के फ़ोन में रिकॉर्ड होने लगा आवर लड़का काजल की गांड का रिकॉर्ड तो कर hi रहा था आवर एक हाँथ से अपना लैंड मसल रहा था आज अपने जीवन मैं पहली बार इतनी खूबसूरत गांड देखा था जो लड़के का लैंड बार बार उठ रहा था लड़का इतना उत्तजित हो गया की लैंड की ज़ोर ज़ोर से हिलने लगा आवर कुछ hi देर मैं आअह्ह्ह्हह करते हुवे लैंड से पानी गिरा दिया जो लड़के की आह्ह्ह्ह सुन कर काजल जल्दी hi उठ कर अपनी पेंटी पहन ली तब तक नैना भगति हुयी बाथरूम के पीछे जाकर लड़के को पकड़ ली आवर फ़ोन को चुनने पगी कुत्ता हरामी फ़ोन दे नहीं तो मैं तेरा खून पि जाउंगी तूने मेरी दीदी की वीडियो क्यू बनाई

नैना लड़के को गली देते हुवे फ़ोन छीन रही थी मगर लड़का अपना हाँथ ऊपर कर के नैना को दूर कर रहा था तब तक काजल भी वह पहुंचा गयी आवर लड़के से फ़ोन छीन कर पटक लड़का मैं को धक्का देकर बहार भाग गया मगर नैना भगति हुयी फिर बहार लड़के को पकड़ कर मरने लगी लड़का किसी तरह अभी यह से भागना चाहता था जो नैना उसे भागने नहीं दे रही थी काजल भी पीछे से आकर लड़के को पकड़ ली कुछ hi देर मैं मोल्ल के सामने बहुत लोग जमा हो गया

मोल्ल के बहार सोर सुन कर मोल्ल मैं जो लोग थे सभी बहार की तरफ जाने लगे सब को जाते देख कर पायल कारन को आवाज़ देते हुवे कोमल को लेकर बहार आई आवर नैना आवर काजल को किसी लड़के को मरते देख कर दोनों को दूर करने लगाई पायल दीदी ये कुत्ता हमारी वीडियो बना रहा था मैं इसे जान से मर दूंगी नैना रोटी हुयी कहने लगी मक्का देख कर लड़का भागना चाहा मगर भाग न सका आवर आआआआ आ करते हुवे ज़मीन पद गिर गया मरने वाला आवर कोई नहीं कारन था कारन जैसे hi आया आवर नैना को रट हुवे देखा उसका खून जलने लगा कारन लड़के को बस मरते hi जा रहा था आवर लड़का चीख रहा था आवर भागने की कोसिस कर रहा था कारन मरते हुवे लड़के का गाला पकड़ लिए जो लड़के का डैम घुटने लगा

छोड़े दो नहीं तो मैं सूत कर दूंगा भिड़े मैं से आवाज़ आई मगर कारन लड़के को छोड़ा नहीं तभी 4 से 5 पुलिस वाले कारन को पकड़ लिया आवर लड़के को दूर कर दिया सेल बहुत चर्बी छड़ी है सब उतर दूंगा ले चलो इसे पुलिस स्टेशन इंस्पेक्टर कारन को एक थप्पड़ मर कर कहा

आवर लड़के के पास चला गया आदित्य सर आप ठीक तो है ने इंस्पेक्टर लड़के को सर कहते हुवे कहा

मगर लड़के ने अभी कुछ कहा नहीं आवर चुप चाप चला गया लड़के को जाते देख नैना फिर उसे पकड़ने भागी मगर नैना को इंस्पेक्टर ने पकड़ लिया आप मेरे भाई को क्यू पकड़े रहे है दोसी वही है जो मेरी आवर दीदी की नैना आगे आवर नहीं बोल पायी आवर रोने लगी

इनपेक्टोर : क्या साबुत है वही लड़का था आवर कहा है फ़ोन उसके पास तो कोई फ़ोन hi नहीं है मैं उसे जनता हुईं वह बहुत शरीफ लड़का है वीडियो बनने वाला ये लड़का होगा

आआआआ ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह

अभी बोल hi रहा था के कोमल ने आकर इंस्पेक्टर को एक जमा कर थप्पड़ मर दी जो इंस्पेक्टर का दिमाग hi हिल गया तू पुलिस वाला hi है न ये कुत्ता है जो तुझे समझ मैं नहीं आ रहा है वह हमारा भाई है वह कैसे अपनी बहनो का वीडियो बना सकता है कोमल ने कहा तब तक वह मोल्ल का मैनेजर भी आ गया आवर इंस्पेक्टर को बता दिया की कारन तो मोल्ल मैं था तुमने मुजरिम को छोड़े दिया वह जो लोग थे वह सब भी बोलने लगे जो इंस्पेक्टर ने कारन को छोड़ने को कहा पुलिस वाले से


आवर इंस्पेक्टर जाने लगा तभी इंस्पेक्टर के सामने कारन आ गया जो इंस्पेक्टर कारन को देख कर दर कर पीछे हैट मुझे कल तक वह हरामी चाहिए नहीं तो मैं तुझे एहि लेकर नंगा कर के मरूंगा ये धमकी नहीं है कल तक उसे नहीं लाया तो कर के देखा दूंगा ये मेरा वडा है म का कारन ने इंस्पेक्टर के कण मैं कहा जो म नाम सुन कर hi इंस्पेक्टर के माथे पर पसीने छूट गया आवर जीई सर बोलते हुवे इंस्पेक्टर चला गया

सर गाड़ी मैं तो बैठिये पीछे से हवलदार ने इंस्पेक्टर से कहा जो इंस्पेक्टर ने हवलदार को गली देकर आगे चलने को कहा आवर इंस्पेक्टर पैदल hi चलने लगा

क्या कहा होगा उस लड़के ने जो सर गाड़ी मैं भी नहीं बैठ रहे है ये तो दूसरे को पैदल चलने पर मज़बूर कर देते है मगर लड़के से मिलने के बाद खुद पैदल चल रहे है हाव्दार गाड़ी चलते हुवे सोचा
 
उपडेट _ 83

कारन जब घर आया आवर अपनी काजल दीदी आवर नैना की बातें सुना तो कारन का खून hi खोल गया कारन कुछ देर घर मैं अपनी बहनो के साथ रहा कारन फिर घर से निकल गया कारन अभी एक परक मैं बैठा था आवर कारन को बार बार अपनी काजल दीदी के रोने की आवाज़ सुनाई दे रहा थे जो कारन आवर बेचैन हो रहा था उसे मरने के लिए फिर कारन को अभी परक मैं बैठे हुए थोड़ी hi देर हुआ के कारन के बगल मैं एक लड़का भी बैठ गया

सर वह लड़का किसी बड़े आदमी के रखे का लड़का है सर वह कभी एक जगह नहीं रहता है सर वह जयादा तर किसी दूसरे के घर मैं hi मिलेगा बाकि उसके बारे मैं आप को डिटेल इस फ़ैल मैं मिल जायेगा कारन को एक फ़ैल लड़के ने देते हुवे कहा कारन से

ठीक है तुम अब जा सकते हो आवर हो सके तो उसके बारे मैं पता करो मुझे वह चाहिए कारन ने बड़े प्यार से लड़के से कहा

कारन अभी भी वही पार्क मैं बैठा रहा आवर कारन बार बार एक लड़के को देख रहा था वह लड़का सायद कारन से भी बड़ा था आवर कोई बड़े कंपनी मैं काम करने वाला लग रहा था वह भी परक मैं बैठ काट कुछ लिख रहा था एक डायरी मैं आवर बार बार अपनी आँखों से आंसू भी पॉच रहा था

कारन को जानने की आस हुयी आवर कारन उस लड़के के तरफ जाने लगा तो फिर कारन रुक गया आवर बेंच पर बैठ गया आवर कारन अपने फ़ोन मैं अभी चेहरे को देखने लगा मगर कारन अपना चेहरा नहीं देख रहा था कारन फ़ोन के ज़रिये उस लड़के को देख रहा था

जब कारन लड़के के तरफ जाने के लिए उठा तो उसी वक़्त लड़का भी उठ गया आवर चरों तरफ देख रहा था के उसे कोई देख तो नहीं रहा इस लिए कारन दूसरी तरफ बैठ कर फ़ोन मैं लड़के को देखने लगा की वह क्या करता है

कारन ने देखा लड़के को जब यकीन हो गया के उसे किसी ने भी नहीं देखा तो वह लड़का अभी जिस डायरी मैं लिख रहा था उसे वही एक पेड़ के बगल मैं एक बेंच था लड़के ने उसी बेंच के अंदर डायरी रख कर फिर चारो तरफ देखा आवर चला गया कारन अपने फ़ोन मैं सब देख रहा था जब लड़का पार्क के बहार निकल गया तो कारन कुछ देर के बाद वह गया आवर बेंच के निचे देखा तो वह डायरी नहीं था कारन थोड़ा हरण रह गया क्यू के अभी कारन ने खुद लड़के को डायरी रखते हुवे देखा था मगर डायरी अभी वह नहीं था अरे ये क्या अभी मैंने देखा उसने डायरी रखा फिर कहा चला गया कारन ने मन मैं कहा

कारन कई बार बेंच के निचे देखा मगर उसे डायरी नहीं मिली फिर कारन घर की तरफ निकल गया

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वही गीता की अभी खून से पूरा कपडा भिनगा हुआ था आवर अभी सुधीर एक लाश को एक प्लास्टिक में पैक कर रहा था आवर बहुत hi घबराया हुवा था वही गीता बिंदास अपने कपडे को निकल कर बाथरूम मैं चली गयी

इधर सुधीर लॉस को प्लास्टिक में थुश रहा था साला कहा फस गया आया था गीता को पटाने के बाद नंगा करने आवर यह साला एक नंगे मुर्दे को पैक कर रहा हुईं ये गीता तो मेरे सोच से भी कई आगे है मैंने जो सुना था गीता के बारे मैं गीता उससे भी बड़ी खतरनाक है इससे तो दूर hi रहना अच्छा है तो मुझे भी मर देगी साली सुधीर ने देखा था गीता ने कितने तड़पा तड़पा कर इस आदमी को मरी थी जिससे सुधीर पूरा hi दर गया था

सुधीर क्या कर रहे हो क्या पूरी रात पैक hi करते रहोगे क्या तुमसे कुछ नहीं होने वाला है चलो हटो आवर सुधीर को हटा कर गीता ने जल्दी से लॉस को पैक कर दिया आवर सुधीर के साथ लॉस को उसी रूम के एक अलमारी मैं रख दी चलो ये सारा खून साफ कार्डो गीता बोल कर भीड़ बाथरूम मैं चली गयी

सुधीर किसी कुत्ते की तरह गीता की बात मन रहा था

गीता जब बाथरूम से निकली तो सुधीर के आँखों मैं चमक hi आ गयी क्यू की गीता अभी सुधीर के सामने टावल मैं थी गीता की पूरी जांघ hi सुधीर को दिख रहा था जो सुधीर मुंह फाडे देख रहा था क्या टावल भी निकल दू पूरी जिस्म hi देख लेना गीता ने हस्ते हुवे कहा जो सुधीर खुश हो गया जैसे अभी गीता सच मैं टावल गिरा hi देगी

अब घूरना बंद करो आवर मेरे आपके लेकर रूम मैं जाओ मैं अभी आती हुईं आवर सुनो सरे सामान पैक कर देना हम जितना जल्दी हो सके यह से निकल चलते है गीता ने सुधीर से कही जो सुधीर मुंह बना कर रूम से निकल गया

Hello J.K मैं बोल रही हुईं मुझे तू जनता hi होगा गीता ने फ़ोन पर कही

J.K : है तुझे कौन नहीं जनता है तुहि तो एक है जिसे सब पाना चाहते है मगर कुछ महीने से तू पता नहीं कहा थी आवर तो आवर आज तक तुमने अपनी कातिलाना जिस्म तो क्या अपनी चेहरा भी किसी को नहीं देखती क्यू आज कल जयादा गरम हो रही है क्या . तू कहे तो मैं तेरी जिस्म की साडी गर्मी निकल दूंगा बस एक बार बोल कर तो देख

तू रहने दे भड़वे मेरे जिसम की गर्मी पूरी तरह से निकल दिया है किसी ने चल तुझे गर्मी hi निकलना है तो जाकर अपनी भाई की बीवी की निकल नहीं तो कोई दूसरे से निकलने लगेगी तू समझ रहा है न मैं क्या कहना चाहती हुईं

J.K : साली क्या किया है मेरे भाई के साथ मैं तुझे जान से मर दूंगा बता मेरा भाई कहा है साली हरामजादी

तेरे भाई को भी मुक्ति दे दिया मैंने अब वह सन्ति से रहेगा अब वह किसी लचर को तंग नहीं करेगा अब तेरी बरी है जिस दिन मुझे तेरा नाम मिला उस दिन तेरी आखिरी दिन होगा चल मैं तुझे एक तोहफा बेझ रही हुईं बाये j.k आवर गीता ने फ़ोन से सिम निकल कर रौदे कर फेक दिया

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डायरी अभी कारन के आँखों के बिलकुल सामने डायरी दिख रही थी जो अभी डायरी वही बेंच के बगल मैं जो पेड़ था उसमे एक बड़ा सा बिल था जो आवर उसी पेड़ के अंदर डायरी थी जिसे कारन अभी देख रहा था कारन डायरी पकड़ रहा था मगर वह डायरी कारन के हाँथ मैं नहीं आ रहा था
 
उपडेट _ 84

कारन अभी अपने रूम मैं सोया था आवर वह सोते हुवे hi अपने आप को उस पार्क मैं दिख रहा था आवर डायरी भी इस दिख रहा था आवर कारन डायरी लेने की कोसिस कर रहा था जो कारन डायरी पकड़ नहीं पा रहा था जब कारन के हाँथ मैं डायरी नहीं आई तो कारन ने गुस्से मैं डायरी पर मार दिया अभी कारन को एक चीख सुनाई देता है जो कारन हड़बड़ा कर उठ जाता है आवर सामने देख कर कारन हसने लगता है

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ओह्ह आह्ह्ह्ह कारन ओह्ह आह्ह्ह्ह भाई दर्द हो रहा है ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई प्लीज रुक जा हहहहह माँ देखिये हहहहहह प्लीज रुक जा भाई वह नहीं ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह नहीं जाएगा उसमे ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह तेरा वह बड़ा है ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह मैं बार बार कारन को मन कर रही थी आवर कारन अपने लैंड बार बार hi मेरी कुवारी बड़ी गदरायी हुयी मस्त गांड मैं लैंड डालने की कोसिस कर रहा था जो मेरी छोटी सही गांड की बिल मैं कारन का बड़ा लैंड नहीं जा रहा था आवर मुझको बहुत दर्द भी हो रहा था जो मैं कारन को मन कर रही थी जो कारन मान hi नहीं रहा था भाई प्लीज फिर कभी तू उसमे दाल लेना अभी मेरी छूट मैं दाल ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मैं भाई से बोलने लगी तब कारन ने अपना लैंड को मेरी छूट मैं लैंड दाल कर धक्के पे धक्का मरने लगा आवर मैं हहह ओह्ह ोूहः ओह्ह आठ हह करने लगी मैं पूरी मस्ती मैं कारन से अपनी चौड़ाई का आनंद ले रही थी आह्ह्ह्हह ओह्ह भाई आवर तेज़्ज़ आआआह ओह्ह्ह हहह आवर मैंने अपनी छूट से पानी गिराने लगी

गीता गीता गीता दो से तीन बार पुकारने पे मैं हड़बड़ा कर उठ गयी आवर अपने आप को बीएड पर प् कर मैं अपने आप hi शर्माने लगी फिर सामने सुधीर को देख कर मुझे अभी गुस्सा भी आने लगा मैंने अभी कितना अच्छा सपना देख रही थी अपने भाई के साथ आवर ये कमीना आकर मुझे उठा दिया तुम अंदर कैसे आये क्या तुमेह ज़रा भी तमीज नहीं है निकलो अभी के अभी मेरे इस रूम से मैंने गुस्से मैं कहा सुधीर से

जो थोड़ी देर के लिए सुधीर भी दर गया मगर वही खड़ा रहा

सुना नहीं क्या कही मैंने निकलो मेरे रूम से मैंने फिर से गुस्से मैं कहा मुझे अभी बहुत hi गुस्सा आया रहा था सुधीर पर


सुधीर :: सॉरी गीता मैं तुम को कब से आवाज़ दे रहा था जो तुम कोई जवाब भी नहीं दे रही थी तो मैंने मैनेजर से रूम की दूसरी छवि मांग कर रूम खोल कर यह आ गया लो बॉस तुमसे बात करना चाहते है

मगर मैं अभी भी सुधीर को गुस्से मैं देख रही थी फ़ोन लेकर सुधीर से उसे बहार जाने को कहा जो सुधीर बहार चला गया

वही सुधीर के आँखों मैं बहुत ख़ुशी थी क्यू की अभी उसने मुझको सिर्फ ब्रा मैं मेरी बड़ी चुकी जो देखा था कमीना कही का उसके जाते हुवे मैं मन बोल पड़ी आवर बॉस से बात करने लगी

फिर मैंने फ़ोन लेकर hello कहा बॉस से

hello 1 तुमेह जल्दी से वह से निकलना होगा वह अभी खतरा है तो जितना जल्दी हो सके तुम वह से निकालो दूसरी तरफ से बॉस ने मुझसे कहा

ok बॉस मैं निकल रही हुईं मैंने कहा

आवर जल्दी से अपने सरे कपडे को पैक करने लगी आह्ह्ह्हह्ह भाई देखो तुम्हारे याद मैं मेरी क्या हालत हो गयी है आवर मेरा हाँथ अपने आप अपनी पेंटी पर चला गया जो मेरी पेंटी भींग गयी थी तब मुझे याद आया की सपनो मैं मुझे भाई ने मेरी छूट से पानी निकल दिया था सोच कर मैंने फिर से शर्मा गयी

मैं आ रही हुईं तुम्हारे बिना मेरा मन नहीं लग रहा है अब तो तुम सोते हुए भी मेरी सपनो मैं आने लगे हो मैं कपडे पैक करते हुवे सोच रही थी आवर मन hi मन मुस्कुरा भी रही थी मैं कपडे पैक कर के फिर नहाने चली गयी

मैं जब रूम से निकली तो वह सुधीर बहार hi मिल गया मगर सुधीर इस बार मुझको हवश की नज़र से देख रहा था मुझे अभी सुधीर पर गुस्सा तो बहुत आ रहा था मगर मैंने कुछ कही नहीं आवर

मैं आवर सुधीर होटल से निकल कर अपने घर की तरफ hi निकल चुके थे हमेह दोनों को होटल से नाइके अभी 15 से 20 मिनट hi हुवे थे की वह 4 से 5 गाड़ी आ कर रुकी आवर उनमें से काळा कपडे पहने हुवे हाँथ मैं गन लिए गुंडे निकले आवर सभी होटल मैं गूढ़ गए ुएँ सब को देख कर होटल मैं जितने भी लोग थे दर कर पीछे हैट रहे थे तभी उनमे से एक होटल के मैनेजर के पास पहुँच बोल किस रूम मैं है दोनों गुंडे ने मैनेजर से पूछा

वह 10 no सके रूम मैं है मैनेजर ने डरते हुवे कहा जो गुंडे ने अपने आदमियों को उधर जाने को कहा आवर सभी गुंडे 10 no वाले रूम की तरफ बढ़ गए आवर रूम के बहार से hi गोलियां चलने लगे 5 मिनट गोलियां चलने के बाद जब गेट पूरी तरह से खुल गया तो सभी एक साथ रूम मैं चले गए मगर वह उनेह कोई नहीं मिला

सर लगता है वह लोग पहले hi निकल गए उनमे से एक ने कहा

है मुझे भी एहि लगता है सेल बच कर निकल गए उनके लीडर ने कहा आवर अपने बॉस को फ़ोन लगा दिया

hello बॉस 1 यह पर नहीं है हम्हारे आने से पहले hi साली निकल गयी गुंडे ने अपने बॉस से कहा

मुझे किसी भी हालत मैं वह चाहिए साली को मैं अपनी रंडी बनाऊंगा पूछ उस मैनेजर से क्या उसने उस साली की चहरे को देखा है बॉस ने कहा दूसरी तरफ से

जी बॉस मैं अभी उससे पूछ लेता हुईं गुंडे ने कहा आवर मैनेजर के पास चल दिया

क्या तुमने उस लड़की का चेहरा देखा है गुंडे ने मैनेजर से पूछा

मैनेजर : नहीं मैंने इस लड़की का चेहरा नहीं देखा क्यू की वह लड़की अपनी चहरे पर मास्क लगा कर आई थी मगर मैंने उसके साथ जो लड़का था उसको तो देखा था मंजर बहुत दर्द हुआ था जो रुक रुक कर बोल रहा था

चल फिर ठीक है चल हम्हारे साथ उसका हुलिया बताना कैसा था वह मैनेजर जाना तो नहीं चाहता था मगर मैनेजर को पता था अगर मन किया तो उसे एहि पर मगर देंगे इस लिए मैनेजर को उनके साथ जाना hi पड़ा

मैं आवर सुधीर अपने सहर मैं आ गए थे मगर मैं अभी घर नहीं गयी सीधे मैं अपनी ऑफिस चली गयी आवर सुधीर अपने घर चला गया

सुधीर बहुत गरम हो गया था गीता की बड़ी बड़ी चुकी को देख कर ब्रा मैं उसका लैंड बैठ hi नहीं रहा था सुधीर जल्दी से घर जाना चाहता था आवर अपने लैंड को शांत करना चाहता था सुधीर घर मैं जाते hi अपनी नौकरानी की साड़ी मैं बड़ी गांड देखा जो अभी वह किचेन मैं खाना बना रही थी अपनी बेटी के लिए जो कितने दिन के बाद आई थी सुधीर किचेन मैं जाते hi नौकरानी की साड़ी उठा कर उसकी पेंटी निकल कर पीछे से hi अपना लैंड उसकी छूट मैं दाल कर छोड़ने लगा नौकरानी को कुछ समझ मैं hi नहीं आया जब नौकरानी ने पीछे देखि तो अपने मालिक को देख कर वह रुकने को बोलने लगी की उसकी बेटी घर मैं है छोड़े दीजिये मगर सुधीर बस उसके छूट मैं धक्के मर रहा था सुधीर छोड़ तो नौकरानी को रहा था मगर सुधीर बार बार गीता को याद कर रहा था वही नौकरानी रट हुवे सुधीर को मन कर रही थी सुधीर अचानक नौकरानी की एक तंग उठा कर अपने कंधे पर रख लिया आवर नौकरानी को किस करते हुवे उसे छोड़ने लगा नौकरानी बस रोटी हुयी उसे मन कर रही थी सुधीर बड़ी hi तेज़्ज़ तेज़्ज़ उसकी छूट मैं लैंड दाल रहा था जो नौकरानी अपनी मुंह बंद कर रही थी ताकि उसकी आवाज़ उसकी बेटी न सुन ले सुधीर 5 मिनट छोड़ा आवर अपना पानी भी नौकरानी के छूट मैं गिरा दिया आवर नौकरानी को वही छोड़े कर चला गया आवर बेचारी नौकरानी वही रोटी हुयी बैठ गयी उसकी छूट से सुधीर का पानी ज़मीन पर गिर रहा था कैसा इम्तिहान ले रहा है भगवन हाँ से क्या मैं इंसान नहीं हुईं क्या मुझे जीतने का कोई हक़ नहीं है नौकरानी रोटी हुयी भगवन से पूछने लगी उसे आज बहुत दर लग रहा था की कही उसकी बेटी ने देख लिया होता तो उसकी क्या इज़्ज़त रह जाती अपनी बेटी के सामने कुछ देर रोने के बाद बेचारी नौकरानी फिर से खाना बनाने लगी अपनी बेटी के लिए
 
उपडेट _ 85

कोमल बीएड पेट के बल लेती अभी किताब पढ़ रही थी आवर कोमल का कुरता भी ऊपर की तरफ उठ गया था कारन भी कोमल के साथ लेता हस्स रहा था मगर कोमल कारन की तरफ धयान नहीं दे रही थी कोमल जानती थी कारन अभी उस पर hi हस्स रहा है भाई अब रहने दे नहीं तो मेरे हांथो से मर खायेगा तू एक तो तूने मुझे रात मैं मर कर उठा दिया आवर अभी भी हस्स रहा है कोमल ने कारन को सर पर मरते हुवे कहा

काजल दीदी मैंने जान भुझ कर थोड़े मारा आप को वह तो अनजाने मैं हो गया मगर आप कैसे उठ कर बैठ गयी थी अपने गाल पर हाँथ रख कर मुझे सोच सोच कर hi हस्सी आ रहा है कारन ने कहा आवर फिर हसने लगा

कारन को हस्ते देख कोमल को अच्छा नहीं लगा आवर कोमल ने कारन को पकड़ लिया कारन अभी बीएड पर लेता था आवर कोमल कारन के ऊपर थी आवर वह कारन के मुंह बंद कर रही थी ताकि कारन आवर न हसे मगर कारन हस्ते hi जा रहा था कोमल की टाइट चुकी अभी कारन के पीठ पर दबी हुयी थी मगर कोमल को कोई फर्क नहीं पद रहा था वही जब कारन को अपनी कोमल दीदी की टाइट चुकी का अहसास हुआ तो कारन का लैंड टाइट होने लगा कारन कोमल से अलग होना छह रहा था मगर कोमल कारन को नहीं छोड़ रही थी कारन अपनी ताक़त लगा कर पलट गया आवर कोमल का दोनों हाँथ पकड़ लिया मगर कोमल फिर भी कारन को पकड़ कर कारन पर hi गिर रही थी आवर कोमल की दोनों चुकी कारन के मुंह के सामने आया रहे थे आवर कोमल को कोई फर्क नहीं पद रहा था अचानक hi कोमल ने कारन से अपनी दोनों हाँथ छोड़ा कर कारन पर गिर गयी अब कोमल कर के ऊपर थी आवर कोमल को दोनों टाइट चुकी बिलकुल कारन के मुंह पर था

कारन को अपनी कोमल दीदी की टाइट चुकी अपने मुंह के पास प् कर कारन का लैंड भी बहुत हार्ड टाइट हो गया ऊपर से अभी कोमल की बड़ी गांड भी कारन के लैंड के ऊपर दबा हुआ था जो कारन का लैंड उठ नहीं प् रहा था ऊपर से कोमल भी कारन को पकड़ कर कारन को मरने के हिल रही थी जो कोमल की गांड बार बार कारन के लैंड से टाच हो रहा था कारन बस दीदी दीदी बोल कर उठने के लिए बोल रहा था फिर अचानक hi कोमल आआआउच कर के कारन के ऊपर गिर गयी आवर कोमल की दोनों चुकी कारन के मुंह मैं डाब गया आवर कारन का हाँथ भी कोमल के गांड पर चला गया कारन कोमल की गांड को मसलने लगा कोमल अभी भी कारन के ऊपर hi रही आवर आह्हः भरने लगी क्या था वह हहहहहह भाई अअअअअ भाई ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह माआ

अचानक hi कोमल कारन के ऊपर से उठी आवर कारन का लैंड उठ गया आवर कोमल की मोलायम बड़ी गांड मैं टाच हो गया अपनी मोलायम गांड पर कारन का हार्ड लैंड का अहसास होते hi कोमल के मुंह से एक आअह्ह्ह निकल गया आवर कोमल सीधे hi कारन के ऊपर गिर गयी जिससे कारन भी अब गरम हो गया आवर कोमल की गांड दबाने लगा अब कोमल बस आह्ह्ह्हह्ह भर रही थी आवर कारन कोमल की गांड दबा रहा था फिर कारन कोमल के ऊपर आ गया अब कोमल निचे थी आवर कारन कोमल के ऊपर कारन का हाँथ अब कोमल की दोनों चुकी पर था कोमल को कुछ समझ मैं नहीं आ रहा था उसके साथ अभी कारन क्या कर रहा है कोमल बस कारन को देख कर सिसक रही थी कारन कोमल की चुकी दबाते हुवे अपना मुंह कोमल के होंठों के पास कर दिया कारन का मुंह अपने होंठों के पास पाकर कोमल की पूरा जिसम hi शहर उठा आवर कोमल ने अपनी आँखें बंद कर लिया कोमल की दोनों गुलाबी होंठ खुल चुके थे अपनी कोमल दीदी की नरम गुलाबी होंठ को देख कर कारन ने अपना होंठ भी रख दिया कारन का होंठ को अपने होंठ पर अहसास होते hi कोमल का पूरा जिसम hi कैंप सा आवर कोमल अपनी जिसम भी कपन कर उठ दी

कोमल को ऐसा लगा उसकी छूट से भी कुछ निकल गया कोमल भी कारन के सर को पकड़ कर कारन का होंठ चूसने लगा दोनों भाई बहन एक दूसरे को बड़ी hi सिद्धत से एक दूसरे की होंठ चूस रहे थे वही कारन का लैंड बिलकुल कोमल की छूट के ऊपर था आवर कारन एक हाँथ से कोमल की चुकी भी दबा रहा था जो कोमल रह रह कर सिसक रही थी दोनों मैं से कोई एक दूसरे से अलग भी नहीं हो रहे थे कारन इतना गरम हो गया था की वह समझ hi नहीं पा रहा था वह अभी जिसकी होंठ चूस रहा है वह उसकी कोमल दीदी है

कारन किस करते हुवे अपना एक हाँथ निचे लेजाकर कर कोमल की छूट ऊपर से पकड़ने लगा जो कोमल ने कारन का हाँथ को पकड़ लिया कुछ पांच मिंट के बाद दोनों अलग हुवे कोमल तो अलग होकर लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी वही अभी कारन कोमल की पेट पर लेता था जिससे कोमल को आवर भी गुदगुदी हो रही थी कारन थोड़ी hi देर मैं निचे आने लगा आवर कोमल की छूट के ऊपर से hi उसपे मुंह रख दिया अपनी छूट पर कारन का मुंह का अहसास होते hi कोमल एक वक़्त के लिए अपनी पूरी जिसम hi उठा कर बैठ गयी आवर कारन को दूर करने लगा

मगर कारन अब कहा रुकने वाला था कारन ने जल्दी से कोमल की चुकी दबाने लगा जो कोमल फिर से बीएड पर गिर गयी आअह्ह्ह भाई मत कर ओह्ह्ह्ह हहहहहह आआआह्ह्ह्ह ोूहः कोमल को आज पता चल रहा था जब कोई लड़का चुकी दबाता है तो कितना दर्द होता है कारन बस कोमल को चुकी दबाते hi जा रहा था जिससे कोमल को दर्द से कोमल की आँखों मैं आंसू आने लगा मगर कोमल कारन पर गुस्सा नहीं हो रही थी बस वह कारन को नहीं करने को बोल रही थी

मगर कारन को अपनी कोमल दीदी की आवाज़ नहीं सुनाई दे रहा था कारन कोमल की कुरता मैं हाँथ दाल कर कोमल की चुकी को दबाने लगा जिससे कोमल को आवर दर्द होने लगा आवर कोमल दर्द मैं hi कारन को दूर होने को बोल रही थी अअअअअ ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह नहीं ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊह्ह्ह हहहहहह मममममअअअअ भाई ह्ह्हह्ह्ह्ह मत कर माँ देखिये भाई ह्ह्हह्ह्ह्ह अब कोमल दिल hi दिल मैं आवर रोने लगी थी हहहहहह भाई ऐसे नहीं ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मैं दीदी हुईं कोमल बोलती hi जा रही थी

कारन कोमल की कुरता निकल कर कोमल की चुकी मुंह मैं लेकर चूसने लगा था आवर अपने हाँथ से कोमल की छूट कपडे के ऊपर से मशाल रहा था जो कोमल को बहुत hi दर्द हो रहा था कोमल बस बीएड पर तड़प रही थी

अब कारन का पूरा जिसम भी फुल गरम होने लगा था जो कोमल को आवर भी गरमी लगाने लगी थी आवर कोमल की जिसम से पसीने भी निकलने लगी थी कोमल सिसक सिसक कर कारन को रुक रही थी आवर मन मैं hi रोने लगी थी तभी किसी को गेट पीटने की आवाज़ से कोमल पूरी ताक़त से कारन को धक्का दे दिया जो कारन निचे गिर गया आवर कोमल जल्दी से भाग गयी गेट के पास आवर अपने सामने अपनी गीता दीदी को देख कर गीता से लिपट कर रोने लगी

मैं जब घर आई तो घर पर मुझे कोई नहीं दिखा फिर दादी के रूम मैं गयी थी दादी के साथ माँ आवर चची थी फिर मैंने कारन के बारे मैं पूछी तो माँ ने बोली कारन कोमल के रूम मैं है आवर मैं कोमल के रूम मैं आई आवर अपनी कोमल ने गेट खोल कर मुझसे लिपट कर रोने लगी जो मुझे बहुत गुस्सा आया जीने मेरी कोमल को रुलाया फिर मैं कोमल को अंदर लेकर आई आवर कारन को देख कर कोमल दर गयी आवर भाई भाई बोल कर रोने लगी अब मैंने क्या करू मुझे कुछ समझ मैं नहीं आ रहा था

कोमल चुप होकर कुछ नहीं हुआ है कारन को मैं कोमल से बोल hi रही थी के कारन मेरे पास hi आ गया आवर मेरी चुकी पकड़ लिया मेरी तो आह्हः hi निकल गयी मैं समझ गयी कारन आवर कोमल के बिच कुछ तो हुवा है जो कारन का ऐसा हल हो गया है कारन अब बिलकुल नंगा मुझसे लिपटा था जो कोमल देख कर अपने मुंह पर हाँथ रख लिया

गुड़िया तू जा कारन को कुछ नहीं हुवा है मैं देखती हुईं बोल कर मैं कोमल को बहार करने लगी मगर कोमल जा hi नहीं रही थी

नहीं मैं नहीं जाउंगी कारन को क्या हुवा है आवर इसके जिसम से इतने पसीने क्यू निकल रहा देखिये पूरा जिसम hi भींग गया है कोमल ने कहा

इधर कारन मेरे चुकी दबाता hi जा रहा था गरम तो मैं भी थी मैं तो कारन को इस लिए hi धुंध रही थी ताकि कारन मेरी गर्मी संत कर दे मगर कोमल के सामने मैं तो सोच भी नहीं सकती थी ऊपर से कारन अब मेरी कपडे भी निकलने लगा था

ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह कोमल मेरी प्यारी गुड़िया प्लीज अभी जा तू ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह नहीं ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
 
अपडेट _ 86

मैं कोमल को बहार जाने को बोलती रही मगर कोमल अपनी जगह से हिल भी नहीं पा रही थी आवर ऊपर से कारन मुझे चूमने की कोशिश करते जा रहा था आवर मेरे कपडे भी

खोलनेकी कोशिश कर रहा था गुड़िया प्लीज तू गेट बंद कर दे

मैं कोमल से बोली

कोमल तो मुझे आवर कारन को देखते हुआ गेट बंद कर दिया कारन मुझे किस करते हुवे hi मेरे कपडे निकलने लगा था मैं तो एहि चाहती थी कारन मुझे आज जिह भर के प्यार करे मगर सामने कोमल को देख कर मैं कुछ कर नहीं प् रही थी ऊपर से मेरे कारन को पता नहीं क्या हुआ था वह बस मेरे कपडे को hi निकलना चाहता जो मुझे बीएड पर गिरा कर कारन ने मेरे कपडे को निकल दिया अब बीएड पर मैं आवर कारन एक दूसरे से लिपट रहे थे कारन तो मेरी ब्रा भी निकल दिया आवर मेरी चुकी अपने मुंह भर कर चूसने लगा आवर मैं अपनी आँखें बंद कर के आहे भर रही थी मुझे तो शर्म भी लग रही थी कोमल को सामने खड़े देख कर इस लिए मैं अपनी आँखें बंद कर लिया था कारन का लैंड मैं अपनी छूट के ऊपर महसूस कर रही थी आवर कारन का लैंड अपनी छूट के पास पाकर मेरी छूट का मुंह बार बार खुल बंद हो रहा था आवर जब कारन का लैंड मेरी छूट मैं टाच हो रहा तो मैं अपनी छूट उठा कर आवर कारन का लैंड मैं सत्ता रही थी ताकि कारन का लैंड मेरी छूट मैं चला जाये आवर वही हुवा कारन ने अपना लैंड मेरी नाजुक छूट मैं दाल दिया मैं तो सहम hi गयी आवर मेरी एक आअह्ह्ह भी निकल गयी मुझे इतना दर्द हुआ की मैं कारन को पूरी तरह अपनी बहन मैं भर लिया

वही कोमल गेट के पास मैं hi कड़ी होकर अपनी गीता दीदी आवर भाई को चौड़ाई करते हुवे देख रही थी हे भगवन दीदी आवर भाई क्या कर रही है कारन का इतना बड़ा वह गीता दीदी अंदर कैसे चला गया मेरी तो ऊँगली भी नहीं जाती क्या गीता दीदी भाई के साथ पहले भी कर चुकी है कोमल वही पे कड़ी होकर मन मैं सोचती जा रही थी आवर कोमल की छूट मैं भी पानी आ रहा था ऊपर से गीता अब हहहहह ऊऊह्ह्ह करती hi जा रही थी

कारन मेरी छूट मैं धक्के मरता hi जा रहा था मेरी तो छूट से दूसरी बार पानी निकलने लगा था मगर कारन का अभी तक एक बार भी नहीं निकला थी जो मुझे थोड़ी हैरानी हो रही थी ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई मुझे दर्द हो रहा है ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई रुकजा आआआह्ह्ह्ह भाई प्लीज रुकजा हहहहह मेरी छूट ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई मुझे अब दर्द होने लगा था मेरी आँखों से आंसू निकलने लगे थी मैं अपनी पेअर भी ज़ोर ज़ोर से पटक रही थी मगर भाई को कोई फर्क नहीं पद रहा था

जब कोमल ने अपनी गीता दीदी को तड़पते आवर रट हुए देखि तो कोमल से रहा नहीं गया आवर कोमल ने कारन को धक्का देकर मेरे ऊपर से हटा दिया मैं तो बेजान लाश की तरह वही पड़ी रही मेरी आँखों से बस आंसू निकल रहे थे जो कोमल ने मुझे अपने गॉड मैं लेकर रोने लगी गीता दीदी आप ठीक है ना दीदी भाई ने ये अच्छा नहीं किया वह बहुत बुरा मैं उसे कभी मांफ नहीं करुँगी

कोमल मुझे अपनी गॉड मैं लेकर बोलती hi जा रही थी मैं तो बस कोमल को देख रही थी जो कोमल दर्द मैं रोटी हुई बोल रही थी मुझे थोड़ी बहुत दर्द अभी भी हो रहा था मगर मुझे अभी अपने कारन का फिकर भी हो रहा था मैं उठ कर कारन को देखने लगी जो कारन अभी निचे बेहोश hi पड़ा था गुड़िया कारन बोलते हुए मैं उठाने की कोशिश की मगर मैं उठ न सकीय क्यू की मेरी छूट मैं दर्द होनी लगी

कोमल : दीदी छोड़िये उसे वह ठीक है आप को जयादा दर्द तो नहीं हो रहा कैसे वह आप के साथ किसी जानवर की तरह कर रहा था पहले मेरे साथ किया फिर आप के साथ मैं नहीं देखूंगी उसे

कोमल साफ मन कर रही थी के वह कारन को नहीं देखेगी जो मुझे अच्छा नहीं लगा मगर मैंने कोमल को देखि तो दांग रह गयी उसकी आँखें मैं बहुत आंसू थे जो मुझे समझ मैं नहीं आया की कोमल की आँखों मैं आंसू मेरे लिए है या फिर कुछ आवर वजह है या कारन ने पहले उसके साथ जबरदस्ती की उसके लिए कोमल इतना रो रही है मगर फिर मैंने सोची अगर कोमल कारन पर गुस्सा थी तो मेरे आने पर कुछ कही क्यू नहीं आवर कुछ सोचती के मुझे फिर से कारन की याद आई आवर मैं किसी तरह उठी मुझे उठाते देख कर कोमल ने मुझे पकड़ लिया गुड़िया मैं ठीक हुईं चल पहले कारन को बीएड पर लेता देते है प्लीज अपनी दीदी की बात मान ले

मैंने कही तो कोमल ने मेरे साथ मिल कर कारन को बीएड पर लेटाया

गुड़िया रागिनी माँ को भेज देना मुझे कुछ बात करनी है कोमल जाने लगी तो मैंने उससे कहा

आवर मैं कारन के साथ hi लेट गयी मुझे कुछ समझ मैं नहीं आ रहा था कारन को क्या हो गया था कारन ने मेरे साथ भी इतने बुरे तरह से क्यू कर रहा था जैसे कारन मेरी आवाज़ hi नहीं सुन रहा हो उसे बस सेक्स hi करना है इस लिए मैं रागनी माँ से hi नष्ट करने की सोची सायद रागिनी माँ को कुछ पता हो कारन के साथ क्या हो रहा है ऊपर से कारन का जिसम भी बहुत गरम था जो मैं आवर परेशान हो रही थी मैं अभी अपनी दर्द भी भूल गयी थी

क्या हुआ बेटी कोमल रो क्यू रही है क्या उसने तुम दोनों को साथ मैं देख लिया रागनी माँ रूम मैं आते hi बोल पड़ी

मैंने अपनी सर हां मैं हिला दिया जो माँ को थोड़ी चिंता हुयी आवर माँ मेरे पास आकर बैठ गयी

रागनी : बेटी कोमल के सामने hi करने की क्या जरुरत थी वह रो भी रही है तुम दोनों को देख कर आवर कारन को क्या हुआ है इसका तो जिसम भी गरम हो रहा है

माँ भी परेशां थी कारन को देख कर माँ पता नहीं क्या हुवा आवर मैंने साडी बात माँ को बता दिया रूम मैं कोमल आवर कारन कैसे थे माँ कुछ तो हो रहा है कारन के साथ जो कारन को कुछ होश hi नहीं था मैंने माँ से कही

रागनी : गीता इस बारे मैं बाबा को बताना होगा आखिर कारन के साथ ऐसा बार बार क्यू हो रहा है

माँ आप क्या बोल रही है आज पहली बार तो हुवा है कारन के साथ ऐसा आवर आप बार बार बोल रही है मैंने कही

रागनी : नहीं कारन के साथ कई बार हो चूका है ऐसा दीदी के

रागनी माँ फिर चुप हो गयी जो मैं समझ गयी रागनी माँ को कुछ आवर भी पता है कारन के बारे मैं माँ क्या बोल रही हो आवर किसके साथ कारन ने ऐसा किया है कही माँ के साथ तो नहीं किया न मैंने हरण होते हुवे कही

रागनी : गीता बेटी वह शांति दीदी बता रही थी के कारन ने एक बार उनके साथ भी ऐसा किया था आवर माया दीदी ने भी एहि बताया माया दीदी तो बता रही थी के कारन ने उनके साथ बहुत बेरहमी से उनकी दूध को मसला था मगर कारन को उस वक़्त भी होश नहीं था माया दीदी ने बताया

माँ फिर तो बाबा से मिलना hi चाहिए बाबा से आखिर हम्हारे कारन के साथ क्या हो रहा है अब मेरा दिल भी मचलने लगा आखिर मेरे भाई के साथ क्या हो रहा है

रागनी : है गीता मैं कल hi बाबा के पास चली जाउंगी बाबा को सायद पता हो कारन के साथ क्या हो रहा है

माँ मैं भी आप के साथ चलूंगी मैंने माँ से कहा तो माँ ने मन कर दिया

भाई तुम बहुत बुरे हो तुमने दीदी के साथ अच्छा नहीं किया मैं तुमेह कभी मांफ नहीं करुँगी कोमल अपने रूम मैं रोटी हुयी बोल रही थी मगर कोमल अभी बहुत दर्द मैं थी जैसे उसका कोई सपना टूट गया हो
 
उपडेट _ 87

कोमल रट रट hi बिस्टेर पर सो गयी

मैं अभी भी कारन के साथ मैं hi सो रही थी क्यू के कारन अभी भी होश मैं नहीं था जो मुझे थोड़ी परेशां भी होने लगी थी मैं कारन को अपने बहन मैं भर कर सो रही थी

गीता बेटी मैं बाबा के पास जाने की तयारी करती हुईं मुझे दोनों दीदी से भी बात करनी है माँ ने कहा तो मैंने है मैं सर हिला दी

कारन अभी भी सो hi रहा था तो मैं उठ कर बाथरूम मैं चली गयी जब मैं बाथरूम से निकल के देखि तो कारन अपना सर दबा रहा था मैं भाग कर कारन के पास चली गयी क्या हुआ भाई तुम ठीक है न मैंने कारन को अपनी गॉड मैं भर कर पूछी

मगर कारन अपने आप को नंगा देख कर मेरी बहन मैं झट से उठाना चाहा मगर मैंने भी कारन को पकड़ लिया

कारन : गीता दीदी आप कब आई आवर कोमल दीदी कहा है

कारन कुछ आवर पूछता उससे पहले hi मैं कारन के होंठ पर अपनी होंठ रख कर चूसने लगी मैंने कारन का एक हाँथ उठा कर अपनी एक चुकी पर रख कर दबाने लगी मगर कारन ने अपना हाँथ हटा कर मेरी जिसम पर रख दिया जो मैं मचल गयी मैं अभी टावल मैं थी आवर अंदर कुछ भी नहीं पहनी थी किश करते हुवे hi मेरी टावल जिसम से अलग हो गयी मेरी दोनों चुकी मेरे कारन के सीने मैं दबी थी कुछ hi देर मैं मुझको कारन का लैंड अपनी छूट के पास महसूस हुआ जो मेरी छूट मैं जाने के लिए तड़प रहा था मैंने अपनी गांड उठा कर अपनी छूट कारन के लैंड मैं सत्ता दिया जिससे कारन ने किश तोड़ कर मेरी कमर पर दोनों हाँथ रख दिया जो मैं समझ गयी कारन मुझे फिर से छोड़ेगा मगर अभी मेरी छूट भी बहुत दर्द कर रही थी कारन तू कुछ मत कर मुझे दर्द हो रहा है तू बस लेट जा प्लीज अपनी दीदी के लिए

कारन अभी धक्का मरता उससे पहले hi मैं बोल पड़ी जो कारन मेरी बात मन कर बीएड पर मेरे ऊपर लेट गया मैंने धीरे धीरे कारन का लैंड अपनी छूट मैं दाल दी आवर कारन के ऊपर आ गयी अब कारन निचे था आवर मैं कारन के ऊपर थी आवर कारन का लैंड का कुछ हिस्सा मेरी छूट मैं चला गया था मैं ऊपर आकर कारन को पूरी ताकत से पकड़ ली जो कारन का लैंड मेरी छूट के अंदर चली गयी मैं बस हहहहहह कर के रह गयी मैं कारन के ऊपर hi सोई थी आवर धीरे धीरे अपनी गांड हिला रही थी जो मुझे मीठा मीठा दर्द महसूस हो रहा था वही कारन मुझे बस देख रहा था जब मेरी नज़र कारन से टकराई तो मैं शर्मा गयी आवर अपनी मुंह कारन के सीने मैं छिपा लिया

करीब मैं कारन के लैंड पर 20 मिनट तक उछलती रही तभी कारन मुझे उठने को बोलै तब मैं भी समझ गयी कारन का पानी निकलने वाला है मैं तो कारन का सारा पानी अपनी छूट मैं लेना चाहती थी कुछ सोच कर मैंने कारन के ऊपर से हैट गयी मगर मेरे उठाते वक़्त hi कारन का सारा पानी मेरे पूरी जिसम पर गिर पड़ी मैं फिर से बाथरूम मैं चली गयी मैं जब बाथरूम मैं थी तभी कारन भी वह आ गया मैं कारन के आते hi जल्दी से निकल गयी मुझे पता था मैं कारन के पास रही तो कारन फिर से मुझे छोड़ने लगेगा

गीता बेटी रागनी अकेली कैसे जाएगी उस जंगल मैं गीता बेटी मेरा दिल नहीं कर रहा है के रागनी अकेली जाये मैं जब किचेन मैं गयी तो माँ ने कहा साथ मैं शांति छोटी माँ भी हामी भर दी माँ के साथ

मैं देखि वही पर रागनी माँ आवर शांति छोटी माँ भी थी जो रागनी माँ के लिए थोड़ी परेशान लग रही थी

आप दोनों परेशां मत होइए मैं रागनी माँ को अकेली नहीं जाने दूंगी रागनी माँ के साथ रहीम चाचा भी जायेंगे मैंने उनसे बात कर लिया है मैंने माँ आवर छोटी माँ से कहा

गीता दीदी मैं भी जाउंगी रागनी माँ के साथ कहा जा रही है रागनी माँ किचेन मैं आते हुवे नैना ने कहा


शांति : गुड़िया तू कहा थी इतने देर से जो कॉलेज से अभी आ रही थी काजल दीदी कहा है तेरी बता मुझे नहीं तो तू आज मेरे हांथो से मार खायेगी पता नहीं कहा कहा घूमती रहती है

छोटी माँ की दांत सुन कर गुड़िया मेरे पीछे आकर कड़ी हो गयी आवर मुझे आगे की तरफ धक्का देने लगी ताकि मैं छोटी माँ को बोलने से रोकू

छोटी माँ आप कुछ भी बोलती रहती हो मेरी गुड़िया को ये अभी कॉलेज से घर hi तो आ रही है क्यू गुड़िया मैं ठीक कह रही हुईं न मैंने छोटी माँ से कहा


नैना : है गीता दीदी मैं तो कॉलेज से घर hi आ रही थी फिर काजल दीदी ने मुझे अपनी एक दोस्त के घर लेकर चली गयी इस लिए देर हो गयी अब गीता डीडू आप hi बोलिये इसमें मेरी क्या गलती है माँ से बोलिये काजल दीदी को दांते

सुन लिया न छोटी माँ गुड़िया तो घर hi आ रही थी चोलो तुम पहले फ्रेश होक फिर मैं तुझे एक गिफ्ट दूंगी मैंने कहा तो नैना मुझसे लिपट कर मुझे किश करने लगी जो सभी हसने लगी

रात के 8 बज गए थे मगर कोमल अभी भी अपने रूम से नहीं निकली थी बस रो रही थी

पायल एक पलेट मैं खाना निकल दे मैंने कहा

मैं खाना खा कर किचेन मैं गयी तो पायल खाना निकल रही थी तो मैंने एक आवर पलेट मैं खाना निकलने को कहा पायल से

कोमल कोमल 2 से दिन बार आवाज़ दिया तब कोमल ने रूम का गेट खोली आवर गेट खोल कर फिर बीएड पर जाकर गिर गयी मैं खाना टेबल पर रख कर कोमल के बीएड पर बैठ गयी

गुड़िया चल उठ भी जा देख मैंने तेरे लिए मैं खाना लेकर आई हुईं मैं कोमल के सर पर हाथ फेर कर बोली


कोमल : दीदी मुझको भूख नहीं लगी है आप ले जाइये खाना मैं नहीं खाउंगी

गुड़िया मुझे पता है तुझे भूख लगी है पर तू खाना नहीं चाहती चल उठ भी जा मैं कोमल को कई बार कहा पर कोमल कोई भी जवाब hi नहीं दे रही थी

गुड़िया क्या तुम अपनी दीदी से प्यार नहीं करती ठीक है मैं जा रही हुईं मैं उदाश होते हुवे कही

आवर उठ कर जाने लगी तभी कोमल ने मुझे पकड़ कर रोने लगी दीदी भाई ने अच्छा नहीं किया आप कितनी रो रही थी आवर वह आप को दर्द देते hi जा रहा था दीदी भाई ने अच्छा नहीं किया आप के साथ मैं उसे कभी भी मांफ नहीं करुँगी

कोमल मुझे पकड़े हुवे hi बोलती जा रही थी आवर अभी भाई पर बहुत गुस्सा भी थी

गुड़िया कारन ने जो कुछ भी किया उसे खुद नहीं पता है हम्हरा भाई बहुत अच्छा है मैंने कोमल कहा


कोमल : नहीं दीदी भाई बहुत गन्दा लड़का है वह आप के आने से पहले मेरे साथ भी वही करने वाला था कमीना कही का

गुड़िया कोमल कुछ आवर बोलती के मैं चीख पड़ी जो कोमल चुप हो गयी कुछ देर के लिए कोमल सहम भी गयी थी जो मुझे अपने आप पर गुस्सा आने लगा

सॉरी गुड़िया के मैं तुम पर अभी चिल्लाई ऐसे नहीं बोलते कितने सैलून के बाद तो कारन हमहारे घर जनम लिया है एक वही तो हम्हरा भाई है गुड़िया कारन हाँ दोनों के नज़र मई जैसा भी है है तो हम्हरा भाई न आवर भाई को कमीना बोल रही है देख कारन के वजह से माँ आवर छोटी माँ कितनी खुश रहती है पायल आवर काजल कितनी खुश रहती है आवर मुझे एहि पता है तू कारन को सबसे जयादा प्यार करती है चल छोड़े हाँ बाद मैं बात करेंगे चल पहले खाना खा

मैं जब बोल रही थी आवर कोमल की तरफ देखि तो वह आवर भी रो रही थी तो मैं चुप हो गयी आवर खाना खाने को कहा मगर

मुझे गुड़िया पर गुस्सा आया गया था अब कोमल को क्या पता था मैं कारन के लिए कितनी दुःख आवर दर्द के साथ मुश्किलें सही थी जब अपनी पहली जनम के बारे मैं सोचती हुईं तो मेरी रूह hi कम्प जाती है

कोमल ने अब कुछ नहीं कहा चुप चाप खाना खाने लगी मैं कोमल को बस देख रही थी कोमल ने बस एक रोटी खाई आवर मन कर दी मैंने भी कुछ बोली नहीं

चलो आज मैं अपनी कोमल गुड़िया के साथ मैं सो जाउंगी मैंने कहा तो कोमल थोड़ी मुस्कुराई

सच दीदी आज आप मेरे साथ मैं सोयेगी कोमल ने पूछा

मैं हां मैं सर हिला कर कोमल को साथ मैं लेकर बीएड पर गिर गयी

रहीम चाचा अच्छे से लेकर जाइएगा माँ को मैंने रहीम चाचा से कही जो रहीम चाचा घर पर आगये थे आवर माँ से बात कर रहे थे


रहीम : बेटी तुम चिंता मत करो मुझे बड़ी मालकिन ने सब बता दिया है ये घर की छोटी मालकिन है तुम बिलकुल भी चिंता मत करो मैं उनेह अच्छे से लेकर जाऊंगा

माँ देखिये रागनी माँ तैयार हुयी की नहीं

hello गीता तुम तो भूल hi गयी है मुझे जब से तेरी माँ मिली है क्या हुवा आज तुझे मेरी याद आई तुझे पता है न मैं तेरी बेस्टफ्रेंड हुईं या भूल गयी है

मैं जब शीतल के पास फ़ोन की तो शीतल बोलने लगी तना मरते हुवे

शीतल मैं तुझे कैसे भूल सकती हुईं तू मेरी बेस्टफ्रेंड है आवर आगे भी रहेगी समझी मैंने कहा जो मुझे शीतल की हंसी सुनाई दिया


शीतल : है मैं जानती हुईं मैं hi तेरी बेस्टफ्रेंड रहूंगी मैं तो सिर्फ मजाक कर रही थी बोल क्या हुवा है कोई बात तो नहीं है न

शीतल मुझे 4 से 5 आदमी चाहिए जो तेरी वफादार हो आवर लड़ने मैं काबिल भी क्यू की माँ अभी कही जा रही है आवर तुझे पता है रागनी माँ के पीछे कौन लोग लगे है मैं नहीं चाहती माँ को कुछ हो


शीतल : ok गीता मैं समझ गयी तू चिंता मत कर मैं खुद जाउंगी रागनी आंटी के लिए मुझे बस बता कब जाना है

थैंक्स शीतल मैं अभी तुझे बता रही हुईं माँ के निकलते hi नहीं तो तू अभी मेरे घर की तरफ आ सकती है तो आजा एहि से रागनी माँ की गाड़ी के पीछे से चलती रहना


शीतल :
ठीक है गीता मैं अभी निकल रही हुईं

शीतल के जाने से मैं अब परेशान भी नहीं थी शीतल साथ मैं रहेगी तो माँ को कुछ भी होगा

रागनी माँ के निकलते hi मैंने शीतल को बता दिया जो शीतल ने कहा पीछे जा रही है

इधर रहीम चाचा रागनी को लेकर जंगल की तरार निकल रहे थे

रहीम भाई क्या हुवा गाड़ी क्यू रोक रहे है रागनी ने कहा


रहीम : मालकिन लगता है तेल ख़तम हो गया है आगे तेल लेना पड़ेगा इस लिए गाड़ी धीरे कर रहा हुईं

है रहीम भाई ठीक है रागनी ने कहा

रहीम चाचा अभी तेल ले hi रहे थे की सामने एक गाड़ी आकर रुकी आवर गाड़ी मैं जो गुंडे थे पहले अपनी गाड़ी मैं तेल डालने को बोलने लगे उस गाड़ी मैं करीब 8 से 9 गुंडे थे जो सभी के हांथो मैं गन थी तेल वाला गन देख कर hi दर गया आवर पहले गुंडे के गाड़ी मैं तेल डालने लगा तेल लेने के बाद गाड़ी आगे ले जाकर रोक दिया उन गुंडों ने आवर सभी उतर कर पेट्रोल पंप पर कितनी भी गाड़ी थी सभी मैं देखने लगी अभी उसने से एक रहीम चाचा के गाड़ी के पास आता उससे पहले hi तेल भर गया आवर रहीम चाचा ने गाड़ी चालू कर दिया जो वह गुंडा देख नहीं पाया

अबे सेल पागल हो गया है क्या वह गाड़ी मैं थोड़ी मिलेगी बॉस ने कहा है जंगल मैं देखने के लिए चल हमेह जंगल की तरफ चलना है एक ने आवाज़ दिया तो सभी गाड़ी मैं बैठ गया आवर जंगल की तरार निकल पड़े

आगे रागनी की गाड़ी चल रही थी आवर उनके पीछे उन गुंडों की जो वह भी जंगल की तरफ hi जा रहे थे

सेल बहुत कमीना लोग थे अब अगर सामना हुवा तो उनकी माँ याद दिला रहीम चाचा गाड़ी चलते हुवे बोल रहे थे
 
अपडेट _ 88

रागनी माँ के जाने के बाद मैं मेरा दिल बहुत घबरा रहा था मगर मुझे अपनी दोस्त शीतल पर पूरा यकीन था वह मेरी रागनी माँ को कुछ नहीं होने देगी

माँ मुझे जल्दी से कॉफ़ी दो मैं किचेन मैं जाकर माँ से बोली आवर माँ के पास hi टेबल पर बैठ गयी

माया : गीता बेटी क्या हुआ तुम ठीक तो हो न बेटी

मेरी परेशां चहरे को देख कर माँ भी परेशां होते hi बोली

है माँ मैं ठीक हुईं बस रागनी माँ के लिए थोड़ी परेशान हुईं मैंने माँ से कहा

माया : तू परेशां मत हो रागनी ठीक से बाबा के पास चली जाएगी ले कॉफ़ी पि आवर अपनी लाडली बहन को भी ये कॉफ़ी ले जा अभी तक सो रही है वह

माँ ने मुझको कॉफ़ी देते हुवा कहा

ठीक है दीजिये ये लड़की अभी तक उठी क्यू नहीं मैं जाकर देखती हुईं माँ से कॉफ़ी लेकर मैं गुड़िया की रूम की तरफ चली गयी

Aaaaaaaaaa दीदी ये आप क्या कर रही हो गन्दी कही की

गुड़िया चल अब उठ भी जा देख सुबह कब की हो गयी है आवर तू है की अभी तक सो रही है

आवर मैं दूसरे तरफ मुंह कर के हसने लगी वही अभी गुड़िया मुझे गुस्से मैं देखे जा रही थी

मैं जब रूम मैं गयी तो देखि गुड़िया अपने ऊपर एक चादर दाल कर सो रही थी जो मैंने गुड़िया की ऊपर से उस चादर को हटा दी जो गुड़िया अअअअअ करते हुवे उठ गयी क्यू की गुड़िया ब्रा पेंटी मैं hi सो रही थी

नैना : दीदी आप ने चादर को खिंच दिया आप को पता है न मैं कैसे सोती हुईं अगर यह पे भाई आ जाते तो आवर मुझे अभी नंगी देख लेते तो जाइये मुझे आप से कोई बात नहीं करनी

अरे मैं पागल थोड़ी हुईं जो अपनी प्यारी सी गुड़िया को भाई के सामने नंगी करुँगी मुझे तो पहले से पता था मेरी गुड़िया रानी तो नंगी hi सोई होगी मगर अब मुझे लगता है मेरी गुड़िया मुझसे नाराज़ हो गयी है कोई नहीं चलो आज मैं अकेली hi चली जाउंगी अब मेरी गुड़िया तो गुस्सा हो गयी मैं बोल जाने लगी के नैना उसी तरह भाग कर नंगी hi मेरे आगे कड़ी हो गयी

नैना: कहा जा रही हो गीता दीदी मैं भी आप के साथ मैं चलूंगी अगर आप मुझको नहीं ले गयी तो मैं सच मैं आप पर गुस्सा हो जाउंगी सोच लेना मैं कह देती हुईं

नैना मेरे आगे कड़ी होकर अपनी ऊँगली देखते हुवे hi मुझसे कहने लगी नैना को बोलते हुवे देख कर मैं बस है रही थी

इसका मतलब की अभी गुड़िया मुझसे नाराज़ नहीं है क्या मैंने सही कहा

मैं नैना से बोली तो नैना भाग कर मुझे किस करने लगी

नैना : मैं भला क्यू अपनी गीता दीदी से नाराज़ होने लगी मैं तो बस ऐसे hi बोल दी थी गीता दीदी कहा जाना है

ले पहले कॉफ़ी पीकर फ्रेश होकर जल्दी से निचे आ तब बताउंगी गन्दी लड़की कही अभी भी नंगी hi कड़ी है अपनी दीदी के सामने

aaaaaaaaaaaa

गीता दीदी ये आप के इतने बड़े किऐसे होने लगा नैना बोल कर भाग गयी

नैना तो भाग गयी मगर मैं तो पूरी तरह शर्मा गयी आवर अपनी एक चुकी को सहलाने लगी जो अभी गुड़िया ने बड़ी ज़ोर से दबा कर भाग गयी थी

मैं अपनी चुकी को सहला रही थी फिर नैना की बात याद आई आवर जब मैं अपनी चुकी को देखि तो मैं फिर से शर्मा गयी क्यू की नैना ने सच hi कही थी मेरी दोनों चुकी सच मैं पहले से थोड़ी बड़ी हो गयी थी

गुड़िया तुझे क्या बताउंगी इसे बड़ा करने वाला कोई आवर नहीं हम्हरा hi भाई है मैं सोचती हुवे खुद hi शर्मा गयी तभी मुझे कारन का याद आया तो मैं कारन के रूम की तरार चल पड़ी

कोमल क्या हुवा तू अभी तक क्यू सो रही है चल अब उठ भी जा देख सुबह भी कब की हो गयी ले कॉफ़ी कर फ्रेश होजा माँ निचे नास्ता लगा रही है पायल ने कहा जो अभी कोमल के रूम मैं कॉफ़ी लेकर आई थी

मगर पायल ने अभी कोमल की तरफ धयान नहीं दी थी कोमल को सिर्फ उठा कर आवर कॉफ़ी टेबल पर रख कर बाथरूम मैं चली गयी

वही कोमल अपनी गीता दीदी के उठ के जाने के बाद उसे फिर से कारन की याद आ गयी आवर कोमल फिर से रोने लगी थी कोमल का दिल बहुत तड़प रहा था

कोमल तुझे क्या हो गया है तुझे क्या गीता दीदी तो भाई को कुछ नहीं कहा फिर तू क्यू इतनी गुस्सा हो रही है तेरे साथ तो कारन ने कुछ किया भी नहीं फिर तू दुखी हो रही है

म मैं क्यू परेशां हो रही हुईं मुझे क्या हो रहा है भाई ने जो भी किया गीता दी के साथ किया फिर मुझे क्यू भाई पर इतना गुस्सा आ रहा है आवर मेरे दिल मैं इतनी बेचैनी आवर दर्द क्यू हो रही है कारन तो मेरा सबसे अच्छा आवर प्यारा भाई है मगर उसने गीता दीदी के साथ हहहहहह मैं पागल हो जाउंगी

कोमल अपने आप से hi लड़ रही थी कोमल का दिल कुछ कह रहा था तो दिमाग कुछ आवर कह रहा था जो कोमल को कुछ समझ मैं नहीं आ रहा था उसके साथ क्या हो रहा है

गुड़िया क्या कर रही है तू अभी तक उठी क्यू नहीं चल उठ नहीं तो अब मेरे हांथो से मगर खायेगी देख जल्दी से उठ जा नहीं तो अभी माँ को भेज रही हुईं बोल कर पायल चली गयी

कोमल अभी अपने आप मैं hi खोई थी के पायल बाथरूम से आ भी गयी आवर कोमल को अभी भी सोते हुवे hi देखि जो बोल पड़ी

पायल के जाने के बाद कोमल अपनी आँखों से बहती हुई आंसू पॉच कर बाथरूम मैं चली गयी

पता नहीं ये लड़की आज कल कितनी सोती है जब देखो बस सोती रहती है पहले तो दिन भर सिर्फ किताबों मैं hi खोई रहती थी मगर अब तो ठीक से पढाई भी नहीं कर रही है

दीदी क्या हुवा आप इतने किस पर गुस्सा हो रही है काजल ने कहा

पायल अपने आप से बोलती जा रही थी वही काजल अभी पायल को बोलते हुवे चुप चाप सुन रही थी आवर अपनी फ़ोन चला रही थी कॉफ़ी पिटे हुवे जब पायल चुप नहीं हुई तो बोल पड़ी

पायल : अरे वही कोमल गुड़िया रे देख अभी तक सो रही है मैं उसे कब की कॉफ़ी देकर बाथरूम मैं गयी थी मैं बाथरूम से फ्रेश होकर भी आ गयी फिर भी वह सो hi रही है इतने इतने टाइम तक सोयेगी तो कैसे चलेगा अगर बड़ी माँ आवर माँ को पता चलेगा तो वह दोनों मुझे hi डाँटेगी बोलेंगी तूने hi उसे बिगड़ दिया है

काजल : हां दीदी कोमल आज कल कुछ खोई खोई सी लगाती है मैंने भी देखि कॉलेज मैं वह मुस्कान को कुछ बोल रही थी जो मुस्कान को जाते हुवे देखि वह मायुश होकर जा रही थी

पायल : क्या कोमल ने ऐसा क्या कह दिया मुस्कान से जो मुस्कान मायुश हो गयी नहीं मेरी कोमल ने कुछ नहीं कही होगी कोई आवर बात होगी जो मुस्कान मायुश होगी

काजल : हां दीदी सायद कोई आवर बात होगी मैंने दूर से hi देखि थी

हां कोई आवर बात होगी काजल चल नास्ता करते है नहीं तो माँ ऊपर आ जाउंगी तो मुझे hi बोलेंगी पायल ने काजल से कही जो दोनों साथ मैं निचे चली गयी नास्ता करने के लिए

मगर काजल के दिमाग मैं कुछ चल रहा था कोमल को लेकर काजल भी कुछ दिनों से कोमल को लेकर परेशां थी
 
अपडेट _ 89

लग भाग अभी दो पहर होने वाला था आवर कुछ जंगल के पास मैं hi रहीम चाचा गाड़ी रोक दिया क्यू के गाड़ी अब आवर जंगल के अंदर नहीं जा सकता है

रहीम भाई आप एहि पर रुकिए मैं कुछ hi देर मैं आती हुईं बाबा जे से मिल कर बोल कर रागनी जंगल मैं जाने लगी रहीम चाचा भी ठीक है कहा आवर गाड़ी मैं hi रुक गए

फिर पता नहीं रहीम चाचा के दिमाग मैं क्या हुवा रहीम चाचा गाड़ी चालू कर के गाड़ी को जंगल के कुछ आवर अंदर ले गए आवर एक बड़ा पेड़ के पीछे गाड़ी खड़ा कर दिया वह पेड़ भी बहुत पुराण था मगर अभी भी हरा भरा था आवर बहुत मोटा भी था जो पेड़ के पीछे से गाड़ी बिलकुल भी नज़र नहीं आ रहा था

कोई तो बात है जो गीता बेटी ने मुझे यह भेजा है रागनी मालकिन के साथ मुझे गीता बेटी को फिर से निराश नहीं करना है रहीम चाचा ने मन मैं सोचा आवर फिर गाड़ी मैं बैठने गए मगर फिर बैठ नहीं सके आवर गाड़ी लॉक कर के रागनी के पीछे चल दिए कुछ hi दुरी पर रागनी चल रही थी आवर रागनी के पीछे hi रहीम चाचा चल रहे थे

वही गाड़ी वाले गुंडे भी जंगल के पास hi आ गए थे

बॉस अब क्या करे आगे गाड़ी ले जाने का रास्ता नहीं है आवर कुछ hi वक़्त मैं शाम भी होने वाली है अब हम क्या करे गाड़ी मैं से एक गुंडे ने कहा


बॉस: काली जा देख कर आ आगे जाने का रास्ता है की नहीं फिर हम गाड़ी हम एहि पर लगा कर जंगल के अंदर चलेंगे आवर फिर शाम होने से पहले हम जंगल से निकल कर एहि आ जायेंगे

जी बॉस मैं देख कर आता हुईं एक गुंडे ने कहा आवर गाड़ी से उतर कर जंगल के थोड़ा अंदर जाकर देखा तो उसे कोई रास्ता नज़र नहीं आया तो वापस गाड़ी के पास आ गया

बॉस जंगल मैं गाड़ी ले जाने का कोई रास्ता नहीं है गुंडे ने अपने बॉस से कहा


बॉस:ठीक है फिर हम गाड़ी को एहि लगा देते है आवर हम सब जंगल मैं चलते है आवर रात होने से पहले हम सब एहि आ जायेंगे

गाड़ी को वही लगा कर सभी जंगल के अंदर चलने लगे

इधर रागनी भी जंगल मैं बहुत hi तेज़ी से जा रही थी रागनी बस जल्दी से बाबा से मिल कर अपने बच्चों के पास जाना चाहती थी

इधर रहीम चाचा भी रागनी को जाते हुए देख कर रागनी के पीछे जा रहे थे रहीम चाचा थोड़े बुड्ढे हो गए थे तो वह थोड़ा धीरे hi चल रहे थे मगर रागनी को जल्दी जल्दी चलने से रहीम चाचा भी तेज़ चलने की कोशिश कर रहे थे

वही जंगल के पास मैं एक आवर गाड़ी अभी आकर रुकी आवर उसमे से बहार निकली एक ब्लैक कपड़ों मैं एक लड़की जो अभी एक लडको सैनिक लग रही थी आवर उसके साथ मैं 3 से 4 लड़के हुई निकले जो सभी के हांथों मैं गन था

मेम क्या एहि गाड़ी है मिस 1 की माँ का उनमे से एक लड़के ने लड़की से पूछा

नहीं ये वह गाड़ी नहीं है रागनी आंटी की ये कोई आवर गाड़ी है आवर मुझे पता है किसकी ये गयी है हमेह अब हांड़ी से जंगल मैं जाना होगा रागनी आंटी अभी खतरे मैं है लड़की अपनी गन मैं गोली ठीक से चेक कर के कही

शीतल मैं मैं कुछ समझा नहीं आप को किऐसे पता ये गाड़ी किसकी है दूसरे लकड़ी ने पूछा

ये लड़की आवर कोई नहीं शीतल है जो रागनी की पीछा करते हुए जंगल तक आ गयी थी आवर अब शीतल को पूरा यकीन भी हो गया था रागनी आंटी अभी खतरे मैं है


शीतल:राजा तुम गाड़ी के पीछे देखों पता चल जायेगा की ये गाड़ी किसकी है चलो हमेह जल्दी से रागनी आंटी के पास जाना होगा

शीतल के बताने पर जब लड़के ने गाड़ी के पीछे देखा तो समझ hi गया ये गाड़ी किसकी है आवर वह लोग कितने खतरनाक है

क्यू की उस गाड़ी के पीछे एक कोबरा का निशान था जो लड़के के साथ सभी लड़कों ने देख कर hi अपनी गन निकल कर अपने हांथों मैं ले लिया आवर शीतल के साथ जंगल मैं चल दिए

इधर रागनी अब बाबा जे के कुटिया मैं पहुँच गयी थी जो बाबा जी भी कुटिया मैं hi थे वह बहुत बीमार भी लग रहे थे बाबा क्या हो गया है आप को ये किसने किया है आप के साथ रागनी बाबा आवर उस कुटिया की हालत क देख का बोल पड़ी आवर रागनी के आँखों मैं आंसू भी आ गए

रागनी जब कुटिया मैं गयी तो कुटिया मैं बाबा लेते था आवर बाबा के पूरा कपडा खून से भिनगा हुवा था आवर उस कुटिया के हर तरफ खून hi खून था जो बहुत hi डरवाना लग रहा था


बाबा:
रागनी बेटी तुम आ गयी मैं तुम्हारा hi रह देख रहा था तुम सही समय पर आ गयी मैं तो सोच रहा था तुम्हारे आने से पहले hi मैं मर जाऊंगा

रागनी:
बाबा जी क्या बोल रहे है आप किसने किया है आप की ऐसी हालत मैं उस जान से मर दूंगी बाबा आप का बी खूब बाह रहा है चलिए हॉस्पिटल चलते है

रागनी बाबा जी को उठाने लगी मगर बाबा जी की बात सुन कर रुक गयी


बाबा:रागनी बेटी मैं अब बच नहीं सकता हूँ वह मुझे अब आवर जीने नहीं देगा मेरा उसने साडी शक्तियां भी चीन लिया है तुम किस लिए आई हो जल्दी से बताओ मेरे पास वक़्त काम है

रागनी:बाबा कौन है वह जिसने आप की साडी शक्तियां चीन लिया बाबा आप को कुछ नहीं होगा आप मेरे साथ अभी चलिए मैं आप को खोना नहीं चाहती मैं आप के वजह से आज इतनी खुश हुईं अपने बच्चों के साथ आवर दो बड़ी बहन भी मिली है जो मुझे अपनी छोटी बहन की तरह प्यार करती है

बेटी मैं भी बहुत hi खुश हुईं की तुमेह तुम्हारा परिवार मिल गया है इस परिवार से मिलने के लिए तुम न जाने कितनी तदपि हो मुझे सब पता है अब जल्दी से बताओ भी तुम क्यू आई हो तुमेह मेरा कसम है बाबा ने अपने मुंह पर हाँथ रखते हुवे बोले

क्यू के बाबा के मुंह से रह रह कर खस्ने से खून निकल रहा था वही बाबा की हालत को देख कर रागनी बस रोटी hi जा रही थी रागनी को बहुत hi दर्द हो रहा था बाबा जी के हालत को देख कर


रागनी:बाबा जी पता नहीं कारन के साथ क्या हो रहा है वह कभी कभी अजीब अजीब से हरकत करने लगता है आवर उसे कुछ होस भी नहीं रहता है फिर रागनी ने माया आवर शांति से लेकर गीता आवर कोमल के साथ जो भी उसे पता चला था सब बाबा जी को बता दिया

बाबा: बेटी अब कारन की शक्तियां उसके बस मैं नहीं है जो कारन अपनी सकती को काबू नहीं कर प् रहा है इसके लिए कारन को अपनी शक्तियों पर काबू करना होगा नहीं तो आगे चल कर ये बहुत खतरनाक भी हो सकता है लड़कियों के लिए

बाबा ये तो बहुत बड़ी मुसीबत हो जाएगी बाबा क्या मुझे कारन को आप के पास लेकर आना चाहिए था मगर आप की भी हालत ठीक नहीं है अब क्या होगा मेरे कारन को रागनी थोड़ी परेशां होते हुवे बोली


बाबा:बेटी तुझे चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है कारन को तू बस यह से मेरे गुरु के पास ले जाना वह पर कारन को अपनी सकती पर काबू करना शिखा देगी मिनाक्षी वह मेरे गुरु की लड़की है जो बहुत hi सकती साली है मिनाक्षी को बस कारन के साथ जो भी हो रहा है बता देना आवर बोलना मैंने भेजा है

बाबा: बाबा जी जाना कहा है कारन को लेकर मैं जाउंगी बाबा कहा पर रहती है मिनाक्षी जे आवर बाबा अगर उन्होंने ने मदद करने से मन कर दिया तो मैं क्या करुँगी

बाबा:
बेटी तुझे उधम आवर जाना है मिनाक्षी वही रहती है उसका बहुत बड़ा आसाराम है वह यकीनन तेरी मदद करेगी आवर अगर नहीं की तो ये लो उसे बस दे देना आवर फिर तुमसे मिनाक्षी कोई सवाल नहीं करेगी बेटी तुम मिनाक्षी से बोलना मुझे बहुत दुःख है उसके लिए

बाबा जी ने इतना hi अभी बोलै था के उनकी शैशे रुक गयी रागनी बाबा बाबा चीखती रही मगर बाबा जी तो अब इस दुनिया से जा चुके थे

रागनी बहन अभी हमेह यह से निकलना होगा जल्दी करो रागनी बहन रहीम चाचा ने चीख कर कहा मगर रागनी तो बाबा के गम मैं रोटी hi जा रही थी तभी बाबा के कुटिया से एक गोली निकली जो बाबा के कुटिया मैं आग लग गयी तब रागनी को गोली की आवाज़ सुन कर रहीम चाचा की तरार भागी

रहीम भाई ये क्या हो रहा है कौन लोग है जो इस जंगल मैं गोली चला रहे है रागनी ने रहीम चाचा से बोली

मुझे नहीं पता रागनी बहन हमेह बस अभी यह से निकलना है जल्दी से चलिए मेरे साथ आवर रहीम चाचा रागनी को लेकर जगनल से निकल गए मगर जंगल मैं गोली की आवाज़ अभी भी आ रही थी

रहीम भाई बाबा को उस कुटिया मैं मुझे नहीं छोड़ना चाहिए था था रागनी गाड़ी मैं बैठते हुवे बोली

रागनी बहन तुम चिंता मत करो उस कुटिया मैं आग लग चुकी है मुझे पूरा यकीन है बाबा जी उस कुटिया मैं hi जल जायेंगे ये तो अच्छा है उनके लिए रहीम चाचा बोल कर गाड़ी सहर की तरफ चल दिए
 
अपडेट _ 90

अब रहीम चाचा रागनी को लेकर सड़क पर निकल गए था आवर घर की तरफ जा रहे थे मगर अभी रागनी थोड़ी बहुत दुखी थी क्यू के बाबा जी ने रागनी की बहुत hi बुरे समय मैं मदद किये थे वर्ण आज सायद रागनी जिन्दा भी नहीं होती इस लिए रागनी को बाबा जी की रह रह कर बहुत याद आ रहे थे बाबा जी जो रागनी के आँखों से आंसू भी निकल रहे थे

वही जंगल मैं अब चरों तरफ सिर्फ धुवा hi धुवा हो गया था आवर बाबा जी का कुटिया भी जल रहा था

पवन वह बच कर जाना नहीं चाहिए हमेह उसे पकड़ना hi होगा नहीं तो बहुत बड़ी मुसीबत हो जाएगी शीतल ने चीख कर अपने एक साथी से बोली

मेम आप चिंता मत कीजिये हम उसे पकड़ लेंगे आप रागनी में को देखिये वह मुश्किल मैं तो नहीं है पवन बोल कर एक गुंडे की तरार भगा आवर उसके पीछे तीनो साथी भी भागे गुंडे को पकड़ने के लिए

शीतल जांघों मैं इधर उधर भाग रही थी आवर रागनी को धुंध रही थी जो शीतल को रागनी की कोई पता नहीं चल रहा था तभी शीतल को एक कुटिया देखे दिया जो बहुत hi तेज़ी से जल रहा था शीतल उस कुटिया के पास गयी मगर शीतल को अंदर जाने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था

ही भगवन कही रागनी आंटी अभी इस झोपड़ी मैं तो नहीं है मैं क्या जवाब दूंगी गीता को शीतल ने बोल कर अपनी सर पकड़ के वही पर बैठ गयी

शीतल रोने से कुछ भी नहीं होने वाला है सायद रागनी आंटी यह पर नहीं हो आवर अगर रागनी आंटी एहि है तो तुझे किसी भी तरह झोपड़ी मैं जाकर देखना चाहिए वर्ण गीता तुझे कभी भी मनाफ़ नहीं करेगी गीता ने ये काम तुझे दिया क्यू की उसे तुझपे पूरा यकीन था शीतल के दिमाग ने सोचा

शीतल फिर जल्दी से उठ कड़ी हुई आवर झोपड़ी मैं अंदर जाने के लिए तड़पने लगी शीतल को एक रास्ता दिखा आवर शीतल वह जलती हुई झोपड़ी मैं जाने लगी अभी शीतल को बस रागनी आंटी का फिकर हो रहा था इस लिए बिना कुछ सोचे hi शीतल ने अभी झोपड़ी के अंदर जाने का फैसला कर लिया अभी शीतल जलती हुई झोपड़ी मैं जाती के किसी ने उसे पकड़ लिया

मेम ये आप क्या कर रही है इसमें जाने के बाद आप भी जल जाएँगी सम्भालिये खुद को मुझे यकीन है रागनी में यह नहीं होंगी शीतल के एक साथी ने कहा जो शीतल को ढूंढते हुवे आ गया था

नहीं राजू मुझे अभी अंदर जाकर देखना hi होगा रागनी आंटी अंदर है की नहीं तुम मुझे जाने दो अगर रागनी आंटी अंदर हुई आवर उनेह कुछ हो गया तो मैं अपनी बहन जैसी दोस्त गीता को क्या जवाब दूंगी शीतल ने अपने साथी अलग होते हुवे बोली

शीतल मेम आप मेरा यकीन कीजिये रागनी मेम इस झोपड़ी मैं नहीं है वह इस जंगल से जा चुकी है आप मेरे साथ चलिए हमने उसे पकड़ लिया है

शीतल के साथी ने कहा आवर शीतल को अपने साथ लेकर चल दिया शीतल भी रोटी हुई चल पड़ी अपने साथी के साथ

इधर घर पर कारन अभी अपने रूम मैं उदास घुस शूम बैठा था कारन को कुछ कुछ याद आ रहा था के कल उसने अपनी कोमल दीदी के साथ क्या कर रहा था

मैंने ठीक नहीं किया अपनी कोमल दीदी के साथ कोमल दीदी मेरे बारे मैं क्या सोच रही होंगी मेरे साथ क्या हो जाता है कभी कभी पहले भी मैंने इतनी गिरा हुवा हरकत माँ आवर बड़ी माँ के साथ कर दिया है मैं बहुत बुरा लड़का हुईं जो अपने hi माँ बहन पर इतना गिरा हुवा हरकत कर रहा हूँ दीदी मैंने जान भुज कर नहीं किया था प्लीज आप मुझसे गुस्सा मत हो जाइएगा कारन मन मैं सोच रहा था आवर बहुत दुखी भी था मुझे कोमल दीदी से मांफी मांग लेना चाहिए वह मुझे बहुत प्यार करती है मुझे मनाफ़ कर देंगी

कारन ने मन मैं hi सोच आवर अपनी कोमल दीदी की रूम की तरफ चल दिया

कारन अभी कोमल की रूम के पास जा hi रहा था के कारन को कोमल अपनी रूम से निकलते दिखाई दी मगर कारन को अपनी तरफ आते देख कोमल फिर रूम मैं चली गयी आवर अपनी रूम लॉक कर दिया

कारन जब अपनी कोमल दीदी के रूम के पास पहुंचा तो अपनी कोमल दीदी का रूम का गेट बंद पाया तो कारन अपनी कोमल दीदी को आवाज़ देने लगा दीदी प्लीज गेट खोलिये मुझे आप से बात करना है कारन ने बहार से hi कहा

मगर कोमल ने कोई जवाब नहीं दिया कारन कुछ देर तक कोमल का गेट पर बोलता रहा मगर कोमल ने फिर भी कोई जवाब नहीं दिया जो कारन मायुश होकर वह से चला गया

वही रूम मैं कोमल भी रो रही थी बीएड पर आवर अभी कोमल के हाँथ मैं एक फोटो भी था वह फोटो एक छोटे लड़के का था जो कोमल उस फोटो को देख देख कर रो रही थी

करीब रात के 9 पं तक रागनी घर पहुंची

वही जब बहार से गाड़ी की आवाज़ आई तो मैं भगति हुई बहार भागी अपनी रागनी माँ के पास आवर रागनी माँ को जाकर गले लग गयी माँ आप को कुछ हुवा तो नहीं न आप ठीक तो है न क्या हुवा है आप को मैं अपनी रागनी माँ की भींगी हुयी आँखों को देख कर बोलने लगी

रागनी : गीता मैं ठीक हुईं मुझे कुछ नहीं हुवा है देख मैं बिलकुल थी हुईं आवर रागनी गीता के साथ घर मैं आ गयी

माँ अभी भी दुखी थी आवर चुप चाप बैठी थी मुझसे भी कुछ भी नहीं बोल रही थी वही मैं माँ से बार बार पूछ रही थी

माँ आप कुछ बोल क्यू नहीं रही है क्या हुवा है क्या आप बाबा जी से मिली क्या बोले बाबा जी ने मैं माँ से बोली आवर जब माँ ने कोई जवाब नहीं दिया तो मैंने माँ को ज़ोर से हिला के बोली

तब माँ ने मेरी तरफ देखि आवर मैंने माँ के आँखों मैं देखि जो अभी माँ की आँखों मैं आंसू थे फिर माँ ने मुझे एक बार देखि आवर मेरी गाला लग गयी

बेटी बाबा जी अब दुनिया मैं नहीं रहे वह मुझे चोदे कर चले गए माँ बोल बोल कर रोने लगी

माँ आप संत हो जाइये सब ठीक हो जायेगा मैं माँ के आंसू पॉच का बोली

ओह no बाबा जी के साथ अच्छा नहीं हुआ भगवन का सुकर है माँ बच गयी मैं मन मैं सोची

जब से शीतल ने मुझे फ़ोन पर बताया की जंगल मैं क्या हुआ आवर माँ भी जंगल से कहा चली गयी तब से मैं बेचैन थी मैं अभी घर से निकलने hi वाली थी के माँ घर आ गयी तब मैंने चैन की संश ली अपनी माँ को देख कर मगर बाबा जी के बारे मैं सुन के मुझको भी दुःख हुवा क्यू की मैं भी बाबा के साथ कुछ दिन रह चुकी थी

माँ क्या हुआ था वह आवर बाबा जी के झोपड़ी मैं आग किसने लगाया क्या आप ने कुछ देखा वह पर मैंने माँ से पूछी

मगर माँ बस रोटी hi जा रही थी आवर मैं बार बार पूछ रही थी माँ आप को कुछ भी हुवा तो नहीं है

मेरी अभी खून खोल रही थी मैं अब किसी को भी नहीं छोडने वाली थी आवर मुझे पता भी चल hi गया था वह कौन लोग थे

गीता दीदी रागनी माँ ठीक है आप की वजह से देखिये रागिनी माँ आवर भी रो रही है पायल ने मुझे माँ से अलग करते हुवे बोली आवर मुझे रूम से निकलने लगी

मैं तो नहीं जाना चाहती थी मगर मुझे पायल की बात सही लगी तो मैं पायल के साथ रूम से निकल गयी तब तक माँ आवर शांति माँ आ गयी आवर रग्बी माँ के साथ मैं बैठ गयी

दीदी कभी कभी आप को क्या हो जाता है देख नहीं रही थी रागनी माँ अभी दरी हुई थी पता नहीं क्या हुवा है जंगल मैं उनके साथ आवर आप बार बार उनसे पूछती hi जा रही है पायल ने थोड़ी गुस्से मैं बोली

मगर मैंने अभी पायल को कोई जवाब नहीं दिया

मैं वही हॉल मैं बैठ गयी आवर पायल किचेन मैं चली गयी

मैं हॉल मैं बैठी hi थी के मेरी फ़ोन बजने लगा मगर फ़ोन तो मेरे पास hi नहीं था मैंने फ़ोन की रिंग की आवाज़ सुनते हुवे भागी तब तक फ़ोन किसी ने उठा लिया था

Hello गीता ये कुछ बता hi नहीं रहा है हमने इसे बहुत hi मार कर देख लिया मगर ये अपना मुंह hi नहीं खोल रहा है शीतल ने फ़ोन उठने पर बोली

किसे उठा लिया है आप कौन बोल रही है इधर एक लड़की ने बोली

तब तक शीतल ने फ़ोन काट दिया ओह no कौन थी वह कही मेरी आवाज़ तो नहीं पहचान जाएगी शीतल ने एक शंश लेकर बोली
 
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