Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed) - Page 9 - SexBaba
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Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed)

अपडेट _ 72

बेटी क्या मैं गीता से मिल सकती हुईं गेट पर hi कड़ी रागनी ने शीतल से पूछा जो शीतल को मुस्कुराते हुवे देख कर रागनी को अजीब तो लगा मगर रागनी ने अभी शीतल पर ज्यादा धयान नहीं दिया अभी रागनी को किसी तरह गीता से मिलना था मगर अभी शीतल ने रागनी को रुकने को बोल कर जल्दी से गेट बंद कर दिया आवर जल्दी से भगति हुयी पायल के पास आ गयी जो पायल अभी भी रो hi रही थी पायल प्लीज तुम अभी के अभी रोना बंद आवर मेरी बात को धयान से अभी बहार रागनी आंटी आई है गीता से मिलने के लिए तुम सब को रट देख कर सायद उनेह अच्छा न लगे आवर सायद वह कुछ बोले hi चली जाएगी तो प्लीज पायल अभी रोना बंद करो आवर उनेह अच्छे से अंदर लेकर आओ तब तक मैं जाकर गीता को भी ये खुसखबरी दे देती हुईं वह भी खुश हो जाएगी पायल को बोल कर शीतल गीता की रूम की तरफ जल्दी चली गयी आवर पायल गेट खोलने चली गयी पायल जो अभी तो रही थी अब उसके आँखों मैं आंसू के बदले चहरे पर ख़ुशी था पायल ने गेट खोला तो रागनी अभी भी गेट पर hi कड़ी थी पायल अचानक गिराने की एक्टिंग करते हुवे रागनी के गले लग गयी पायल ने रागनी को पूरी मज़बूती से पकड़ लिया पायल को अपने बहन मैं गिरते हुवे प् कर रागनी ने भी पायल को अपने सीने से लगा ली रागनी के दिल को तो बहुत hi सकूँ मिल रहा था रागनी पायल के पीठ पर अपना हाँथ भी फेरने लगी थी पायल भी रागनी के गले लग कर उसे भी बहुत ख़ुशी हो रही थी सॉरी आंटी वह गलती से गिर गयी आप अंदर आ जाइये पायल अलग होकर रागनी को घर के अंदर आने को कहा रागनी तो अभी पायल से अलग नहीं होना चाहती थी मगर खुद hi अलग हो गयी तो रागनी भी कुछ नहीं कहा आवर पायल के साथ अंदर चली आई हॉल मैं आकर बैठ गयी !

पायल : आंटी आप एहि पे बैठिये मैं अभी कुछ खाने को लती हुईं आप के लिए

बोल कर पायल किचेन की तरफ भागी चली गयी !

तब तक शीतल जाकर गीता को बता दी थी गीता तो रूम मैं hi रह गयी क्यू गीता अभी ऊपर से निचे नहीं आ सकती थी उसे बहुत परेशां होती मगर अभी शीतल के साथ शांति भी नीच आ गयी रागनी शांति को देख कर हाँथ जोड़े दी बदले मैं शांति भी हस्ते हुवे रागनी को गले लगा ली दीदी वह गीता कहा पे है मुझे अभी कुछ बताना है उसे बाबा ने भेजा है मुझे रागनी शांति के गले लगे hi बोलने लगी मगर शांति मुस्कुरा रही थी !

शांति : ठीक है बहन रागनी गीता बेटी एहि है बैठो तुम अभी थक गयी होगी पहले कुछ खा लो फिर गीता बेटी से भी मिल लेना देखो पायल ने तुम्हारे लिए ला भी दिया खाना चलो पहले कहते है बोल कर शांति रागनी को लेकर बैठ गयी साथ मैं शीतल आवर पायल भी बैठ गयी रागनी बहुत भूखी भी थी वह रात भर चलती हुयी जंगल से भगति हुयी आई थी सहर तक रागनी खाना खा रही थी आवर शांति आवर पायल उसे कहते हुवे देख रही थी जल्दी जल्दी खाने से रागनी को खासी आ गयी जो पायल ने जल्दी से रागनी को पानी दी रागनी पानी का गिलास लेकर कर पायल को देखने लगी क्यू पानी देते समय पायल ने रागनी को माँ बोल दिया था जो रागनी का दिल ख़ुशी से मचल गया आवर रागनी की आँखें भी भर आई थी मगर रागनी ने पानी पि कर अपनी आँखों से आंसू पोछा लिया रागनी को लगा किसी ने देखा नहीं है मगर उसे क्या पता सब ने देखा था रागनी को अपने आंसू पोछते हुवे मगर कुछ बोलै hi नहीं पायल आवर शांति ने मगर पायल उठ कर किचेन की तरफ चली गयी तो रागनी भी खा कर उठ गयी ! दीदी वह मैं गीता से मिल लेती तो रागनी ने शांति से कहा जो अभी सब हॉल मैं बैठी थी फिर मुझे जाना भी है !

शांति : रागनी अब तुमेह कही जाने की कोई ज़रूरत नहीं है तुम हम्हारे साथ रह सकती हो मेरी छोटी बहन बन के तुम चाहो तो शांति ने साफ साफ बोल दिया रागनी को अपनी माँ की बात को सुन के पायल तो खुश हो गयी आवर अब रागनी की तरफ एक तक देखने लगी की वह क्या कहती है !

रागनी : दीदी मैं समझी नहीं आप कहना क्या चाहती है मैं यह किसे रह सकती हुईं रागनी की तो दिल ख़ुशी से उछाल गया था रागनी तो एहि चाहती थी की वह अपने सभी बच्चों के साथ रहे जो शांति ने बोल भी दिया मगर रागनी सोच मैं पड़े गयी के ऐसा क्यू कहा शांति दीदी ने रागनी एक तक कभी शांति तो कभी पायल आवर शीतल को देखती रही मगर कुछ बोल नहीं रही थी सच तो ये था के रागनी को ख़ुशी के मरे आवाज़ hi नहीं निकल रहा था !

शांति : रागनी क्या सोच रही हो हम सब को मालूम चल गया है तुम कौन हो आवर तुम बार बार यह क्यू आती रहती हो तुम बस ये बोलो की क्या तुम अपने बच्चों के साथ रहना चाहती हो की नहीं मुझे कोई भी परेशानी नहीं है की मेरे बच्चे तुमेह भी माँ पुकारे मैं भी तुमेह अपनी छोटी बहन की तरह प्यार करुँगी

रागनी उठ कर शांति को दीदी कहते हुवे शांति के पैरों मैं गिर गयी हआ दीदी मैं अपने बच्चों के साथ मैं रहना चाहती हुईं मैं बहुत hi तदपि हुईं अपने बच्चों के लिए मैं आप की छोटी बहन बन के रहना चाहती हुईं दीदी रागनी शांति के पैरों मैं गिर कर रट हुवे कहने लगी मगर शांति ने रागनी को उठा कर अपने गले लगा ली पायल भी दौड़े कर अपनी दोनों माँ के गले लग गयी !

शांति : है चलो अब चुप हो जाओ हमेह सब कुछ मालूम है इस लड़की की वजह से ये तुम्हारी माँ से भी मिल चुकी है वह बहुत परेशां है तुम्हारे लिए हमेह उनेह फ़ोन कर के बताना होगा तुम ठीक हो शांति ने शीतल की तरफ इशारा कर के कहा पायल भी दोनों के गले लगे ख़ुशी से उसकी आंसू निकल रहे थे तभी उनेह बहार गाड़ी की आवाज़ सुनाई दी माँ लगता है बड़ी माँ आ गयी पायल बोल के जल्दी से घर के बहार भाग गयी !

इधर नैना गाड़ी से निकल कर hi दौड़े के घर के अंदर भागी चली आ रही थी जो पायल से तकरार गयी पायल दीदी क्या हुवा है गीता दीदी को वह रो क्यू रही थी नैना पायल से टकरा कर गिर गयी मगर जल्दी hi उठ कर पायल से पोछने लगी !

पायल : गुड़िया तुझे छोट तो नहीं लगी न देखा मुझे गीता दीदी ठीक है अअअअअअअ गुड़िया तेरे पेअर काट गया है तुझे दर्द तो नहीं हो रहा है पायल दीदी मैं ठीक हुईं ये छोटी सी काट है बोल कर नैना पायल के छूट कर जल्दी से गीता के रूम की तरफ भाग गयी !

दीदी आप रो क्यू रही थी आप को कहा छोट लगी है नैना गीता के रूम मैं जाकर hi गीता से बोलने लगी गीता बस नैना को चूमते hi जा रही थी कुछ देर के बाद दोनों संत हो गयी गुड़िया तू ठीक है न मैं बस दर गयी थी मुझे कुछ नहीं हुवा है मैं ठीक हुईं !

शाम मैं शांति माया आवर काजल कोमल रूम मैं बैठी थी आवर शांति माया को रागनी के बारे मैं सब बता रही थी जो माया को यकीन तो नहीं हो रहा था लेकिन शांति की बात भी माया को यकीन करने पर मज़बूती कर रही थी छोटी अगर ये सच है तो मुझे भी कोई भी परेशानी नहीं है हमहारी परिवार मैं रागनी की भी स्वागत है वह भी यह पे रह सकती है हमहारी छोटी बहन बन के वैसे भी गीता को भी सब याद आ गया है तो हमेह मन्ना hi होगा की रागनी भी इन सब की माँ है माया ने शांति से कहा काजल आवर कोमल भी अपनी माँ रागनी की कहानी को सुन कर वह दोनों तो रो रो कर माया के गॉड मैं गिर गयी थी कुछ देर के बाद पायल ने सब को खाने को बोलने आई !

दीदी मुझे गीता बेटी से मिलना है शांति दीदी कारन नहीं दिख रहा है वह नहीं आ या क्या रागनी ने शांति से कहा

शांति : रागनी वह कारन मुस्कान के घर पे hi आज रुक गया है वह सुबह तक आ जायेगा बोल कर शांति ने रागनी को गीता के रूम मैं ले वह नैना पहले से थी रागनी नैना आवर गीता को hi देखे जा रही थी अरे अब मिल भी ले बस तू देखे hi जा रही है जा मिल ले अपनी दोनों बेटी से मैं चलती हुईं बोल कर शांति चली गयी रागनी अभी भी वही कड़ी बस दोनों को देखे hi जा रही थी रागनी का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था आवर वही हल गीता आवर नैना का भी था नैना रागनी को देख नैना का सर चकराने लगा गीता दीदी मेरा सर दुःख रहा है मैं आंटी को जब भी देखती हुईं मुझे कुछ याद आता है आवर मेरे आँखों के सामने hi कई चेहरे आने लगते है मगर दीदी मुझे वह सब चहरे धुंधली नज़र आती है दीदी ये आंटी कौन है नैना अपनी सर को पकड़े बोल रही थी रागनी नैना को अपनी गॉड मैं लेली नैना बेटी तुम जयादा मत सोचो बस तुम अभी सो जाओ आवर फिर रागनी नैना के सर दबाने लगी नैना भी कुछ hi देर मैं सो गयी रागनी के गॉड मैं रागनी नैना को सुला दी बीएड पर जो गीता भी रागनी के गॉड मैं अपना सर को रख दिया माँ आप पहले क्यू नहीं बताया की मैं आप की बेटी हुईं गीता ने रागनी से कहा !

रागनी : गीता बेटी मैं बताने वाली थी जब मुझे पता चला के तुम लोग यह पे मगर बाबा ने मुझे अभी तुम सब को बताने से मन कर दिए था आवर मैं आज यह उनके hi कहने पर आई हुईं बेटी ताकि मेरे बेटे को कुछ हो नहीं !

गीता: माँ क्या होगा मेरे कारन को भाई को माँ बाबा ने ऐसा क्यू किया आवर आज आप को क्यू बताने को यहाँ भेजा है माँ बाबा ने क्यू भेजा है आप को आवर मेरे कारन को क्या होगा बोलिये न माँ मैं कारन को कुछ नहीं होने दूंगी कौन मेरे कारन को नुकसान पहुँचाना चाहता है माँ मैं उसकी जान ले लुंगी बोलिये न मास !

रागनी : बेटी ये वही है जो इस घर मैं किसी को बीटा नहीं होने दे रहा था वह कई सल्ल से जंगल मैं शिव कर रहा था जो पूरा हो गया है वह कारन को मार कर कारन की साडी सकती उससे चिन्ना छठा है आवर बाबा ने कहा है वह बहुत सकती साली भी है वह मेरे कारन को मार भी देगा अब तुम hi अपने भाई को बचा सकती है गीता बेटी ! है माँ मैं अपने कारन भाई को कुछ नहीं होने दूंगी मैं उस ढोंगी पापी को जान से मार दूंगी अगर वह मेरे कारन के पास भी आया तो गीता की आँखे लाल होने लगी थी गीता को बहुत गुस्सा आ रहा था आवर गीता गुस्से मैं रागनी की जांघ को मसल रही थी जो रागनी को दर्द हो रहा था मगर रागनी कुछ बोल नहीं रही थी !

रागनी : बेटी तू उससे अकेली नहीं लड़ सकती है उसे तुम दोनों भाई बहन hi मिल के मार सकती हो मगर पहले तुमेह अपनी सकती हासिल करनी होगी तभी तुम दोनों उस पापी को मार पाओगी !

गीता : माँ मैं अपने भाई को बचने के लिए सकती हासिल करुँगी चाहे कितनी भी मुश्किल क्यू न हो मैं सकतिया हासिल कर के hi रहूंगी क्या करना है मुझे सकती हासिल करने के लिए माँ आप बस मुझे बता दीजिये !

रागिनी : बेटी पहले तू मुझसे वडा कर की तू कुछ भी करेगी कारन के लिए तभी hi मैं तुझे बताउंगी की शक्तियों को हासिल कैसे करना है !

माँ मैं वडा करती हुईं मैं कुछ भी करुँगी अपने भाई के लिए आवर आप को पता भी है मैं क्या कर सकती हुईं आप से बेहतर मुझे कौन जान सकता है तो आप मुझे बताइये मुझे क्या करना है !

रागनी : बेटी तुझे कारन के साथ सम्भोग करना होगा तभी तुझे आवर कारन को अपनी सकतिया मिलेगी रागनी बोल तो गयी मगर गीता का जिसम सुन पद गया
 
:थैंक्यू: सभी भाई

रागनी ने पहले वडा इस लिए की सायद गीता अपने भाई से शंभंध बनने को राज़ी न हो मगर रागनी को पता भी है गीता कारन के लिए कुछ भी कर सकती है है भाई कारन आवर मुस्कान को अभी उनकी यादे अभी पूरी तरह से नहीं आई है अब शायद कारन को कुछ याद आ जाये अपनी गीता दीदी का प्यार को पाकर देखते है भाई अब अगर गीता राज़ी भी हो जाती है तो कारन को कैसे मानती है 🙏
 
अपडेट _ 73

गीता का जिस्म एक वक़्त के लिए सुन hi पड़े गया था गीता कारन से प्यार तो बहुत hi करती थी जो कारन के लिए कुछ भी कर सकती थी मगर कारन के साथ सेक्स ये कभी नहीं सोचा था गीता ने गीता को अभी समझा मैं नहीं आ रहा था वह रागनी को अब क्या जवाब दे गीता ने अपने कारन के वजह से रागनी से वडा भी कर लिया था की वह कुछ करेगी कारन के लिए बेटी क्या सोच रही है तू अपने भाई के लिए क्या इतना भी नहीं कर सकती तुम अगर गीता बेटी तुझे कारन के साथ सम्भोग करने मैं परेशानी है तो मैं तैयार हुईं बेटी अब मैं कारन के साथ सम्भोग करुँगी अपने कारन के जान बचने के लिए मैं तुझे इस लिए कहा की अगर तुमने कारन के साथ सम्भोग किया तो तुझे भी सकतिया मिल जाएगी मैं चाहती थी तू अपने भाई के साथ मिल के उस पापी को जान से मार दे रागनी साफ साफ गीता से बोल गयी !

गीता : माँ आप ये क्या बोल रही है के आप कारन के साथ नहीं माँ मैं तैयार हुईं मगर माँ क्या कारन मेरे साथ गीता बोल भी नहीं प् रही थी !

रागनी : गीता बेटी कारन भी राज़ी हो जायेगा कारन तेरी बात को कभी नहीं ताल सकता है गीता बेटी बस तुझे कारन को सिर्फ तुमेह अपने तरफ आकर्षित करनी होगी कारन बीटा को गुरु जी का कहना है कारन अभी किसी की भी जिसम देख कर उसे रहा नहीं जायेगा !

गीता : माँ मैं तैयार हुईं अपने कारन को बचने के लिए मैं अपनी जिसम क्या है उसपे तो मेरी जान भी कुर्बान है माँ मगर माँ कारन मेरे तरफ आकर्षित नहीं हुवा तो माँ कारन मुझे बहुत hi ज्यादा प्यार करता है वह मेरे साथ शंभोग के बारे मैं सोच भी नहीं सकता है आवर सायद कारन मान भी गया तो मैं यह घर पे कैसे कर सकती हुईं क्या आप ने ये बात माँ आवर छोटी माँ को भी बता दिया है !

रागनी : गीता बेटी तू चिंता मत कर मैं बात कर लुंगी माया दीदी आवर शांति दीदी से मैं बहुत खुश हुईं तू मान गयी है चलो बहुत रात हो गयी है अब तुम सो जाओ गीता बाटी एक बात पूछनी थी क्या तू अभी तक की इतना बोल कर रागनी रुक गयी गीता भी अपनी माँ को देख कर समझा गयी के वह क्या पूछने वही थी !

गीता : माँ मुझे अभी तक किसी भी लड़के ने नहीं छुआ है मैं अभी भी कुंवारी हुईं गीता बोल कर अपनी नज़र निचे कर ली रागनी भी अपनी बात पर थोड़ी शरमीना हो गयी आवर नैना को अपने बहन मैं ले कर सो गयी मगर गीता को नींद नहीं आ रही थी उसे सोच सोच कर hi सरम आ रही थी की माँ ने ऐसे क्यू पूछा गीता की जिसम भी गरम हो रहा था अपनी माँ की बात से !

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वही कारन बिंदास सो रहा था मुस्कान के घर पर मगर मुस्कान अभी भी जाग रही थी मुस्कान का दिल बार बार बोल रहा था वह कारन के रूम मैं जाये आवर कारन को बोल दे की कारन मैं तुमेह बहुत प्यार करती हुईं आज तुम मुझे अपना बना लो मुस्कान से रहा नहीं गया तो मुस्कान अपने रूम से निकल कर कारन के रूम मैं जाने लगी मगर सामने कड़ी अपनी माँ रम्य को देख मुस्कान वही रुक गयी क्या हुवा बेटी तू इतनी रात को यह क्या कर रही है अपनी बेटी को कड़ी देख कर रम्य बोल पड़ी !

मुस्कान : माँ वह पानी पिने जा रही थी सामने अपनी माँ को देख कर मुस्कान तो पहले hi दर गयी थी ऊपर से अपनी माँ की बात सुन कर मुस्कान रुक रुक कर बोल रही थी ठीक है ये ले पानी पि आवर अपने रूम मैं जा रात बहुत हो गयी है रम्य पानी की बोतल मुस्कान को देते हुवे रम्य ने कहा मुस्कान अपनी माँ से बोतल लेकर जल्दी से अपने रूम मैं चली गयी आआआआआ बच गयी अगर माँ अभी देख लेती कारन के रूम मैं जाते तो मुस्कान सोच कर hi उसकी दिल धड़क गया मुस्कान अपने बीएड पे hi गिर पड़ी !

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गीता रात भर नहीं सोइ थी कारन के बारे मैं hi सोच रही थी सुबह जब नैना उठी तो देखा उसकी दीदी की आँखें लाल है गीता दीदी क्या हुवा आप रात मैं नहीं सोई क्या आप की आँखें भी लाल हो गयी है आप क्या सोच रही है नैना अपनी आँखें मसलते हुवे कहा !

गीता ! नहीं गुड़िया मैं भी अभी hi उठी हुईं चल आज हम दोनों साथ मैं नहाते है बोल कर गीता उठ गयी नैना ने जल्दी से गीता को सहारा दिया गीता अभी भी ठीक से चल नहीं प् रही थी दोनों hi बाथरूम मैं चली गयी नैना ने जल्दी hi अपने सरे कपडे निकल कर ब्रा पेंटी मैं हो गयी नैना की चूंकि अभी जयादा बड़ी नहीं हुई थी मगर नैना की गांड बड़ी हो गयी थी जो उसके उम्र के हिसाब से कुछ जयादा hi बड़ी हो गयी थी नैना कपडे निकल कर झरने के निचे कड़ी होकर नहाने लगी जो गीता अभी नैना के सामने अभी अपने कपडे निकलने मैं शर्मा रही थी दीदी अब क्या हुवा कपडे निकल कर आ जाइये साथ मैं नहाते है नैना बोल कर गीता के पास hi आ गयी आवर गीता की मैक्सी को निकलने लगी गीता को आज पहली बार बहुत शर्म आती रही थी नैना के सामने कपडे निकलने मैं दीदी ये क्या है नैना अपनी आँखें बड़ी कर के गीता को इशारा कर के बोल hi पड़ी जब नैना गीता के मैक्सी को निकला तो गीता के छूट के ऊपर बल देख कर नैना बोल पड़ी क्यू गीता अंदर से बिलकुल नंगी थी नैना के हाँथ का इशारा देख कर गीता ने जल्दी से अपने हाँथ छूट के ऊपर रख ली गीता को आवर भी शर्म आने लगी नैना के सामने गीता ने अपनी सर निचे कर ली

नैना : ये क्या दीदी देखिये कितना गन्दा लग रहा आप ने कितने दिन से साफ नहीं किया है इसे आप मुझे बोल देती मैं कर देती न वह सॉरी सॉरी दीदी अरे मैं तो यह थी hi नहीं तो कैसे बोलती आप रुकिए अभी साफ़ कर देती हुईं इसे बहुत गन्दा लग रहा है नैना मैं तो वैसे भी साफ़ करने hi वाली थी क्यू की तुझे नहीं पता आज मेरी बिना शादी के सुहागरात है नैना तू अनजाने मैं hi सही मगर अपनी दीदी की छूट को साफ़ अपने भाई के लिए कर रही है जो आज hi तेरा भाई तेरी दीदी की ये छूट मैं अपना लैंड डालेगा गीता नैना को देख कर मन मैं सोचने आवर अपने आप शर्मा भी गयी फिर नैना ने गीता की छूट के सारा बल को साफ करदिया जो गीता की छूट माखन की तरह हो गया दोनों ने फिर नाहा कर निकल गयी बाथरूम से !

कारन जब घर आया तो घर मैं उसे कोई भी नहीं दिख तो कारन अपनी माँ के रूम मैं गया मगर गेट पर hi खड़ा रहा गया क्यू के अंदर शांति नाहा कर टावल से अपनी कोमल गदरायी हुयी मदमस्त जिसम को पॉच रही थी आईने के सामने कड़ी हो कर शांति अभी सिर्फ पेंटी मैं थी शांति ने ब्रा भी नहीं पहनी थी आवर घर मैं कोई भी नहीं था तो गेट भी बंद नहीं की थी शांति आईने के सामने कड़ी होकर अपनी भरी भरकम गांड मैं पेंटी को ठीक कर रही थी शांति की पेंटी छोटी पद रही थी शांति के बड़ी गदरायी मसलदर गांड के सामने कारन अपनी माँ के बड़ी गांड मैं पेंटी को पहनते हुवे देख कर hi कारन का लैंड टाइट होने लगा कारन से आवर गेट पर बर्दाश्त नहीं हुवा तो कारन जाकर अपनी माँ शांति को पीछे से पकड़ लिया जो शांति का जिसम सुन पड़े गया आवर शांति की सांसे भी तेज़ चलने लगी शांति झटके मैं कारन से अलग हो गयी आवर टावल अपनी जिसम पर दाल ली कक्करं बीटा चू कब आया शांति ने सामने खड़ा कारन को हस्ते हुवे देखा तो पूछा मगर अपनी जिसम को टावल से पकड़ लिया था !

कारन : माँ मैं अभी कुछ देर पहले hi आया हुईं सब कहा गए है कोई भी नहीं दिख रहा है बोल कर कारन शांति के करीब hi जाने लगा कारन को अपने तरफ एते हुवे देख कर शांति अपनी टावल को आवर ज़ोर से पकड़ ली बीटा क्या कर रहा है तू बहार जा मुझे कपडे पहनने है शांति हड़बड़ा कर बोल पड़ी मगर कारन शांति के करीब आधा चुक्का था आवर शांति की खुली हुयी गर्दन पर जीभ से चाटने लगा ाःह बीटा सससससस मान जा बीटा ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मत कर ससससस कारन बीटा कोई आ जायेगा सससससस स बीटा अभी कुछ हहहह मत कर बीटा तू रात मैं जो हहहहहह मर्ज़ी मममम कर लेना हह शांति की छूट मैं भी पानी आने लगा हह हहहहह सससससस रागनी कहा फ्श दी जल्दी आ जा वर्ण कारन मुझे यही बीएड पर पटक के मुझे छोड़ देगा शांति ने मन मैं कहा कारन अपना हाँथ आगे कर के शांति के छूट मैं डालने hi वाला था के उसे एक ोुरत की आवाज़ आई तो कारन जल्दी अपनी माँ से अलग हो गया शांति ने भी जल्दी से अपनी कपडे पहन ली माँ मेरा बहुत मन कर रहा है मैं आज रात आप के साथ hi सोने आऊंगा बोल कर कारन रूम से निकल गया ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह हे भगवन बच गयी स्स्सस्स्स्स हहहहह हहहह कितना बड़ा था कारन का लैंड अगर उसने जेन्स नहीं पहनता होता तो उसका लैंड आज मेरी गांड मैं hi चला जाता शांति सोच कर hi छूट से पानी बहाने लगी !

शांति दीदी कारन ने कुछ किया तो नहीं न आप के साथ रागनी रूम मैं आ कर पूछी जो शांति अपनी साड़ी ठीक कर रही थी शांति की धड़कन अभी भी बड़ी ज़ोरज़ोर से धड़क रही थी !

शांति : नहीं रागनी तू टाइम पर आकर मुझे बछड़े ली नहीं तो कारन भी आज अपने पिता के तरह ये बीएड पर वह भी बोल कर शांति शर्मा गयी वह वह समझा गयी शांति दीदी ये वही बीएड है जिसपे जीजू ने आप लड़की से औरत बनाया था बोल कर रागनी भी है दी !

शांति : रागनी मरूंगी जयादा बोली तो चल अभी बहुत तयारी भी करनी है माया दीदी भी अब आती hi होंगी आवर तूने दीदी को बोल दी है न दवा लेने को है दीदी ये मैं कैसे भोले सकती हुईं वैसे फिर से फ़ोन कर देती हुईं कही माया दीदी भूल नहीं जाया तो नहीं फिर सभी लड़की गीता की चीख सुन के वह सब भी जान जाएगी बोल कर रागनी फिर से है पड़ी साथ hi शांति भी हसने लगी रागनी ने माया आवर शांति को बता दी थी साडी बाटे जो माया आवर शांति ने भी गीता आवर कारन के जान को बचने के लिए राज़ी हो गयी थी !

आज कई महीनों के बाद सभी शॉपिंग करने गयी थी तो सभी खुश थी आवर नैना तो ख़ुशी मैं माया को बार बार किस करती hi जा रही थी शाम तक शॉपिंग कर के सभी घर आ गयी रागनी आवर शांति ने मिल के खाना भी बना दिया था नैना आते hi किचेन मैं जाकर शांति को किस करने लगी ख़ुशी मैं माँ कारन भाई आ गए क्या मुस्कान के घर से नैना ने शांति को किस करते हुवे पूछा !

शांति : है गुड़िया तेरा कारन भाई आ गया है जा उसे जगा दे एते hi सो गया है अभी रात भी हो गयी है नैना जाकर कर कारन पे कूद गयी कारन आआआ करते हुवे उठ गया नैना कारन को चीखते हुए देख के हसने लगी मोती गुड़िया क्या तू मुझे अभी मरना चाहती है कारन ने झूठा गुस्सा मैं कहा !

नैना : भाई मैं मोती नहीं हुईं आप ने फिर मुझे मोती कहा तो मैं गीता दीदी से बोल दूंगी आवर आप से बात भी कभी नहीं करुँगी नैना देखिये मैं आप को कहा से मोती लगाती हुईं नैना घूम कर कारन को देखा कर मुंह बनाते हुवे कहा जो कारन नैना की हरकतों को देख कर हसने लगा मेरी गुड़िया बहुत hi मोती है बोल कर कारन रूम से भाग गया जो नैना भी कारन के पीछे भागी कारन को मरने के लिए कारन गीता के रूम मैं जाकर गीता के पीछे चुप गया जो गीता अभी नाहा कर आई थी आवर अपने बल सवार रही थी आईने के सामने जब कारन ने उसे पीछे से पकड़ा तो गीता की धड़कन तेज़ चलने लगी गीता को शर्म भी आने लगी थी कारन ने गीता को पीछे से पकड़ लिया था जो गीता अभी सिर्फ टावल मैं थी तभी नैना भगति हुयी आई गीता दीदी आप हैट जाइये मैं भाई को छोडूंगी नहीं इन्होने मुझे मोती कहा है आवर नैना भी गीता को आगे से हटाने लगी कारन भी पीछे से गीता को आगे की तरफ से धक्का देने लगा गीता बिच मैं पौष गयी थी आवर अपनी टावल को पकड़ ली थी क्यू गीता ने अंदर कुछ भी नहीं पहनता था हे भगवन अब मैं क्या करूँ ये दोनों तो मुझे अभी hi नंगा कर देंगे तभी नैना की सोर सुन के पायल भी गीता के रूम मैं आ गयी अभी तक नैना आवर कारन को पता नहीं था की गीता सिर्फ टावल मैं गीता एक तो कारन के पीछे से पकड़ने पर hi गीता की छूट गीली हो रही थी वह नैना को रुकने को बोल रही थी जब पायल ने देखा गीता दीदी अपनी टावल पकड़ कर नैना को रोक रही है तो पायल समझा गयी दीदी सायद अंदर कुछ नहीं पहनता है तो पायल ने जल्दी से कारन के पास गयी कारन क्या कर रहा है चोदे दीदी को देख दीदी अभी किस हालत मैं है तब कारन को अहसास हुवा आवर कारन जल्दी से रूम से निकल गया शर्मिंदा होकर सॉरी दीदी सॉरी दीदी बोलते हुवे आवर नैना हसने लगी !

रात मैं सभी ने एक साथ hi खाना खा लिया नैना सीधे गीता के रूम मैं चली गयी जो गीता रूम मैं hi खाना खा रही थी नैना जाकर गीता के पास hi बैठ गयी दीदी जल्दी जल्दी खाइये न मुझे सोना भी है आवर आप ने माँ की साड़ी क्यू पहनी है नैना की बात सुन कर गीता की जिसम मैं एक झटके लगा अब नैना को क्या जवाब दे गीता को कुछ सूझ hi नहीं रहा था एक तो नैना को देख कर hi गीता को शर्म आने लगी ऊपर से नैना ने ये बम्ब भोड़ दिया गीता को आज कुछ जयादा hi शर्म आ रही थी जो अपनी hi माँ बहन को देख कर गीता को बहुत शर्म आ रहा आवर नैना ने ऊपर से सवाल भी करने लगी जो गीता से सभी डरते थे वही गीता आज उनसे शर्मा रही थी गीता खाना खा कर लेट नैना को कोई जवाब दिए माँ आप कहा हो देखिये ये गुड़िया कैसी बसवाल पूछ रही है अब मैं इसे कैसे बताऊँ की मेरी आज सुहाग रात होने वाली है अपने hi भाई के साथ वह भी बिना शादी के यह रहेगी तो मैं किसे कारन के साथ गीता मन मैं बोल पड़ी !

सभी काम कर के माया शांति आवर रागनी ने सभी लड़कियों को दूध दे कर धाम्ने hi पिने को कहा जो शांति फिर गीता के पास गयी तो देखा नैना अभी भी जाग रही थी गुड़िया ये ले दूध पि आवर चल मेरे रूम मैं आज मेरी गुड़िया मेरे साथ सोयेगी शांति ने नैना को दूध देते हुवे कहा

नैना : माँ आज मैं अपनी गीता दीदी के साथ hi सोना चाहती हुईं मैं कल आप के साथ सो जाउंगी प्लीज प्लीज माँ मान जाइये न तभी रागनी आवर माया भी रूम मैं आ गयी नैना की बाते सुन ली माया छोटी क्या कर रही है गुड़िया को एहि पे सोने दे न तुझे भी तो आज एहि सोना है माया ने शांति के कान मैं धीरे से कहा

नैना : बड़ी माँ मैं दीदी के साथ hi सोना चाहती हुईं माँ से बोलिये न मुझे एहि पर सोने दे है ठीक है तू एहि सो जा चल पहले ये दूध पि तभी तुझे मैं यह पे सोने दूंगी तू कभी दूध नहीं पीती है अब नैना को गीता के साथ सोना था तो जल्दी से दूध पि लिया सभी गीता के रूम मैं hi बैठी रही जब तक नैना सो नहीं गयी नैना के सोने के बाद माया आवर रागनी गीता को शांति के रूम मैं ले गयी आवर फिर नैना के पास आ गयी शांति चल जल्दी कारन को फ़ोन लगा माया ने शांति से कहा रूम मैं आने के बाद !

इधर कारन अपनी माँ की यादों मैं लैंड हिला रहा था हहहहहह माँ आज मैं आप को बहुत प्यार करूँगा मैं आप की जिसम की आज साडी गर्मी निकल दूंगा आप ने बहुत hi तड़प लिया मैं जब भी आप को देखता हुईं मुझे अच्छा नहीं लगता की आप तड़प रही हो कारन अपनी माँ शांति के लिए सोच कर लैंड हिला रहा था के उसका फ़ोन बजने लगा देखा तो फ़ोन शांति की थी तो कारन ने फ़ोन उठाया कारन तुम अभी hi मेरे रोम मैं आजा गेट खुला है बीटा तुम लाइट मत जलना मुझे शर्म अति है तू जल्दी से आजा मैं तेरा इंतज़ार कर रही हुईं बोल के शांति ने फ़ोन रख दिया कारन अपनी माँ की बात सुन कर बहुत खुश हो गया आवर अपने रूम से निकल कर अपनी माँ के रूम की तरफ चल दिए !

गीता शांति के रूम मैं बैठी थी रूम का लाइट भी ऑफ था गीता का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था आज वह अपनी भरी जवानी अपने छोटे भाई को देने वाली थी जो इतने दिन से बचा कर राखी हुयी थी गीता बार बार गेट की तरफ देख रही थी अँधेरा होने के बाद भी तभी उसे गेट खुलने की आवाज़ आई तो गीता का पूरा जिसम थरथरा गया गीता अपनी साड़ी को ठीक करने लगी कारन जाकर सीधे गीता को पकड़ लिया गीता का दिल एक पल के लिए धकड़ना रुक गया गीता की एक ससस आआअह्ह्ह्हह निकल गयी आवर गीता थोड़ी आगे बढे गयी

शांति आज क्या होगा हमहारी गीता बेटी को कही कारन जोश मैं एक hi बार मैं न दाल दे मुझे बहुत hi चिंता हो रही है रागनी माया कुछ सोचते हुवे बोलने लगी शांति आवर रागनी दोनों माया को अजीब नज़र से देखने लगी !

रागनी : दीदी आप क्या बोल रही है क्या होगा गीता बेटी को सेक्स करने से किसी को कुछ नहीं होता है है पहली बार दर्द बहुत होता है जो हमहारी गीता बेटी बहुत बहादुर है वह दर्द सह लेगी आप जयादा चिंता मत कीजिये दीदी कारन एक बार मैं दाल दिया तो गीता को दर्द थोड़ी जयादा होगी !

माया : रागनी तू नहीं जानती न एक बार देख लेगी कारन का वह तो तू दर जाएगी मैंने देखा है कारन का वह (लैंड) बहुत बड़ा है सायद hi किसी का इअतना बड़ा होगा आवर क्या हालत कर दिया था भाभी की बेचारी दो तीन दिन तो बीएड से उठी भी नहीं थी आआह्ह मुझे तो सोच के hi दर लग रहा है माया फिर कुछ सोचते हुवे कहा !

शांति : दीदी आप क्या बोल रही है हमेह कुछ समझी मैं नहीं आ रहा है साफ साफ बोलिये आप कहना क्या चाहती है छोटी कारन का लैंड किसी आम आदमी से बड़ा है मैं एहि कहना चाहती हुईं छोटी इस लिए मुझे गीता बेटी की चिंता हो रही छोटी चल न हम रूम के बहार से देखेंगे माया की बात मान कर रागनी आवर शांति भी गीता की रूम की तरफ चल दी !
 
अपडेट _ 74

माया शांति आवर रागनी तीनो बिना कोई सोर किये गीता के रूम के पास जाकर कड़ी हो गयी शांति गेट के पास थी तो हॉल से अंदर देखने लगी मगर रूम मैं अँधेरा होने से अंदर कुछ दिख नहीं रहा था बस अंदर से गीता की आआह्ह्हह्ह्ह्ह सुनाई दिया शांति को गीता की आआह्ह्ह सुन कर शांति के जिसम के रोंगटे खड़े हो गए शांति के आँखों में अजीब से नशा होने लगा जो उसे लगने लगा की अंदर कारन ने यकीनन गीता जिसम को मसल रहा है शांति दीदी आप को दिख तो रहा है न अंदर क्या हो रहा है हटिये न अब मिझे भी देखने दीजिये न दी रागनी बहुत HI उत्सुकता से शांति से कहा शांति का दिल तो नहीं कर रहा था हटने का मगर वह हैट गयी शांति जैसे HI हॉल से हटी रागनी अंदर देखने लगी जो रागनी को भी गीता की एक आह सुनाई दी रागनी अपनी बेटी की आह सुन कर वह भी समझ गयी की अंदर कारन अपनी गीता दी को प्यार करने लगा है !

शांति : छोटी माया दीदी कहा गयी जब शांति ने माया को वह नहीं देखि तो पूछा रागनी से दीदी अभी तो एहि थी माया दीदी रागनी ने अपने पीछे देखते हुवे कहा तू देख मैं अभी आई बोल के शांति रागनी के पास से चली गयी रागनी अंदर देखने लगी आवर गीता की सिसकियाँ सुनने लगी !

अंदर कारन गीता को पीछे से पकड़ कर गीता के पीठ को बस चूमे जा रहा था जो गीता बस सिसक रही थी गीता अभी पूरी कोसिस कर रही थी के उसकी आह सुन कर कारन को अभी पता न चल जाये की कारन जिसके साथ कर रहा है वह छोटी माँ नहीं है उसकी गीता दी है इस लिए गीता अपने आवाज़ को अपने हाँथ से दबा रही थी कारन के चूमने पर आआ उह कारन . हहहहहह आराम से भाई हहहह तेरी दीदी को कुछ हो रहा है हहहह माँ आए भाई हहहहहह भाई हहहह क्या हो रहा है हहहह भाई ोू गीता मन मैं HI मन कारन को अभी रुकने को बोल रही थी आवर कारन गीता के पीठ को चूमते हुवे गीता की दोनों चूंकि को मसलते जा रहा था गीता अपनी आवाज़ को रुकने की पूरी कोशिस कर रही थी आवर गीता की छूट भी गीली होने लगी थी ह्ह्हह्ह्ह्ह मा प्लीज कारन को अभी रोक लो ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कारन रुक जा ह्ह्हह्ज भाई सससससस मैं तेरी हहहहहह दीदी हुईं ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कारन हहहहहह भाई मुझे हहहहहह कुछ हो रहा है आआह्ह्ह्ह नहीं आआह्ह्ह्हह गीता को चूमते हुवे HI कारन ने गीता की बलाउज की बटन खोले बिना बलाउज कारन ने खींच दिया जो गीता को बड़ी HI हैरानी के साथ उसकी अअअअअअअ निकल गयी कारन अपनी दीदी की आआह्ह्ह्हह्ह सुन के HI वह गीता को छोड़े कर दूर हैट गया था कारन अभी रूम से निकलने HI जा रहा था के गीता की आवाज़ सुन कर कारन रुक गया कारन गेट के पास खड़ा हो गया अभी कारन को लग रहा था के कारन अभी रूम से निकल जाया कारन अपनी गीता दीदी की सामना नहीं करना चाहता था मगर जा नहीं प् रहा था तो वह खड़ा रहा


GEETA:KARAN आ मेरे पास बैठ मुझे कुछ बात करनी है फिर चले जाना तुझे मेरी बातों पे यकीन न हो तो गीता कैसे बोल रही थी गीता HI जानती थी !

कारन अपनी दीदी की बात को सुन के पहले लाइट जला कर कारन गीता के पास जाकर गीता से थोड़ी दूर बैठ गया दीदी वह सॉरी मुझे नहीं पता था आप यहाँ है ये तो माँ का रूम है आप यह क्या कर रही है दीदी अभी मुझत जाना है दीदी मुझे मनाफ़ कर दीजिये कारन ने अपने सर निचे किये हुवे ह गीता से कहा !

GEETA:BHAI तुझे मनफ़ी मांगने की कोई ज़रूरत नहीं है तुमने कोई गलती नहीं की है जो कुछ भी हुवा है वह मेरी मर्ज़ी से हुवा है बस तुझे इस बारे में पता नहीं है बोल के गीता भी चुप हो गयी आवर अपनी साड़ी को अपने सीने पर दाल लिया गीता ने क्यू की गीता की बलाउज फटने से गीता की काली ब्रा दिख रही थी जो गीता ने अपनी दोनों बड़ी चुकी को छिपा लिया कारन के नज़र से !

कारन : गीता दीदी मैं समझा नहीं आप कहना क्या छह रही है मुझे बस पता नहीं है दी मिझे कुछ समझ मैं नहीं आ रहा है गीता दीदी आवर कारन अपना सर को दबाने लगा कारन का लैंड अभी फूल टाइट हो गया था जो कारन से अभी बर्दाश्त भी नहीं हो रहा था कारन को अभी बस अपने लैंड को ठंढा करना था क्यू के सामने गीता की चुकी देख कर कारन का लैंड आवर दर्द कर रहा था !

गीता : भाई तुझे पता है जो हम्हरे घर आंटी आई है वह कौन है वह आंटी हम्हारी माँ है हम सब का दूसरा जनम हुआ है सायद अभी तुझे याद नहीं आ रहा है जो मुझे सब कुछ याद आ गया है अब तुझे अपनी गीता दीदी की कसम है तू अब कुछ भी नहीं पूछेगा मैं जो कहने को कह रही हुईं तू बस वह कर तुझे आज रात को अपनी दीदी की बात माननी है कारन तू अपनी दीदी की बात मानेगा न बोल भाई गीता के आँखों मैं बोलते हुवे आंसू आ गए था जो कारन गीता से लिपर्ट गया हां दीदी मैं आप की बात मानूंगा बोलिये मुझे क्या करना है !

गीता : भाई जो तू करने आया था वही करना है तुझे अपनी दीदी के साथ तुझे मेरी कसम है तू न मत करना वर्ण तेरी दीदी अपनी जान दे अअअअअअअ अभी गीता कुछ बोलती उससे पहले HI कारन ने जल्दी गीता के होंठों पे अपना होंठ रख दिया गीता की दोनों हाँथ ऊपर उठा गयी कारन के अचानक किस करने से कारन पहले से HI गरम था जो कारन किस करते हुवे गीता की चुकी दबाने लगा गीता भी कारन का सर को दबा कर किस करने लगी !

आगे की स्टोरी गीता की जबानी चलेगी

गीता : कारन के किस करने से HI मेरी रोम रोम कड़ी हो गयी आवर कारन मेरा भाई मुझर चूमते HI जा रहा था आवर मेरी जिसम तो पूरी तरह गरम होने लगी थी कारन मेरी चुकी तो ऐसे दबा रहा था की मेरी चुकी को वह अपने साथ लेकर HI जाना चाहता हो मैं किस तो कई बार कर चुकी थी मगर आज मैं अपने कारन के साथ किस कर के मुझे बहुत शर्म आ रही थी आवर मेरी जिसम मैं गुदगुदी हो रही थी कारन मुझे किस करते HI जा रहा था मेरा डैम घुटने लगा तो मैं कारन से अलग हो गयी मगर कारन मुझर अजीब HI तरह से मुझे देखने लगा जो मुझे लगा कारन पूछ रहा हो दीदी आपने किस क्यू रोक दी कारन को इस तरह देखना मुझे भी ाचा नहीं लगा तो मैं खुद HI कारन को फिर से HI किस करने लगी कारन मेरे होंठों को बड़ी HI प्यार से चूस रहा था आवर मैं कारन के गर्दन पे हाँथ फेरने लगी मगर इस बार कारन ने मुझे किस करते हुवे मुझे अपने बहन मैं भर रहा था मेरी तो हालत HI ख़राब होने लगी थी मेरी डैम खुटनड लगी थी मैं अपनी चुकी को कारन के सीने पर रगडने HI लगी थी अचानक मेरी धड़कन बछड़े गयी आवर मेरी छूट से पानी HI गिरने लगा मैं कारन को अपनी सीने मैं दबा ली क्यू के कारन ने किस करते हुवे मुझे उठा लिया था आवर अपने लैंड पर HI मुझे बैठा दिया जो कारन का लैंड फुल खड़ा था आवर मुझे लगा कारन का लैंड मेरी गांड मैं चला गया है मैं कारन को अपने सीने पर दबाते हुवे छूट से पानी छोड़ने लगी आवर मैं कुछ HI देर मैं कारन के बहुएं मैं गिर गयी मैं आज पहली बार HI इतनी जल्दी झड़ी थी वह भी बिना कुछ डेल HI अपनी छूट मैं मैं कारन के बहुएं मैं शर्मा रही थी !

वही शांति जब माया को देखते गयी तो माया शांति को कही पे भी नहीं. मिली तो शांति फिर से रागनी के पास आ गयी रागनी अंदर देखते हुवे सिसक रही थी आउट रागनी का एक हाँथ उसकी साड़ी के अंदर था जब रागनी को लगा के पीछे कोई खड़ा है तो रागिनी ने जल्दी अपना हाँथ साड़ी से निकल ली मगर शांति को देख कर शर्मा भी गयी दी वह मैं कोई बात नहीं चल हैट मैं अब देखती हुईं जा तू सु सु काट के आ रागनी के बोलने से पहले HI शांति बोल कर हसने लगी रागनी शरमीना कर जल्दी से बाथरूम भाग गयी !

माया अभी सिर्फ ब्रा पेंटी मैं हो गयी थी आवर माया की पेंटी भी पूरी तरह भींगी थी माया लम्बी लम्बी सांसे ले रही थी आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह क्या कर दिया मैंने कारन मेरा बीटा है मुझे नहीं करना चाहिए था मगर मैं क्या करूँ मैं जब भी कारन को इस तरह देखती हुईं मेरी ये छूट खुद बा खुद गरम HI होने लगती है माया जब ठंडी हो गयी तो उसे अहसास हुवा के उसने क्या कर दिया !

वही माया जब इन दोनों के साथ आई तो वह बिना कुछ बोले HI चली गयी माया को पता था की हॉल एक HI है हम तीन है जो ठीक से नहीं देख सकते है तो सीधे अपने रूम मैं HI चली गयी माया की रूम शांति के HI बगल मैं था शांति को पता नहीं था के माया के रूम मैं एक हॉल है जो माया ने खुद HI किया था शांति जब भी अपनी छूट मैं ऊँगली करती थी माया अपने HI रूम से देखती थी आवर माया भी ऊँगली करती थी माया आज उसी हॉल से अपनी HI गीता बेटी की चुदाई देख रही थी

इधर रागनी बाथरूम मैं आकर अपनी पेंटी निकल कर के रागनी अपनी छूट को पोछ रही थी हे भगवन कही शांति दीदी मुझे देख तो नहीं लिया अपनी HI बेटी को देख कर छूट मैं ऊँगली को करते हुवे मुझे लगता है दी ने देख HI लिया होगा तभी तो दीदी ने कहा मुझे बाथरूम में जाने को ह्ह्हह्ह्ह्ह मैं क्या करती गीता ने ऐसी ह्ह्हह्ह्ह्ह भरी की मुझसे रहा नहीं गया गीता तो कारन को अपने बहन मैं भर कर HI छूट से पानी गिरा रही थी मिझे लगा अभी तो कारन ने कुछ किया HI नहीं है उससे पहले गीता बेटी ने पानी गिरा दी है ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह मैं क्या सोच रही हुईं गीता तो अभी जवान है तो उसने पानी गिरा दी छूट से मगर मैं तो मैं भी तो अभी कुवांरी HI हुईं बोल कर रागनी खुद बा लहुड शर्मा गयी
 
उपडेट _ 75

भाइयों आप सब के जानकारी के लिए बता रहा हुईं धीरज आवर प्रमोद दो बाबा है जो एक सही आवर एक गलत है जो कारन के तरफ बाबा है वह प्रमोद है आवर जो कारन को मरना चाहता है वह धीरज बाबा है .....

वही धीरज प्रमोद बाबा के पास hi पहुँच गया था आवर प्रमोद बाबा को अपनी सकती से उनेह तड़पा रहा था जो बाबा सिर्फ चीख रहे थे धीरज तू चाहे कितना भी जुलम तू मुझपे कर ले लेकिन मैं तुझे कुछ बी नहीं बताने वाला प्रमोद बाबा ने कहा


धीरज : मैं जनता हुईं प्रमोद तू मुझे कुछ भी नहीं बताइयेगा मैं बस तुझे अपनी सकती देखा रहा हूँ आगे से मेरे रस्ते मैं आना भी मत नहीं तो तेरे लिए अच्छा नहीं होगा तू फिकर मत कर मैं कारन को कुढ़ hi धुंध लूंगा आवर प्रमोद बाबा को छोड़े के चल दिया धीरज ने ......

कारन ने अब मुझे किस करना बांड कर दिया था आउट मेरी गॉड मैं सर रख कर मुझे देख रहा था मेरी चुकी कारन के मुंह के सामने था आवर बार बार कारन के मुंह मैं लग रहा था क्यू की मैं खुद hi कारन के सर को उठा कर अपनी चुकी पे सत्ता रही थी सच कहूं तो मैं तो अभी छह रही थी के कारन मेरी चुकी को अपने मुंह मैं लेकर चूस ले और उसे खूब दबाये मसले जो मुझे भी लगे की आज मैं एक लड़की से औरत बन रही हुईं भाई क्या तुमने पहले भी किसी के साथ सेक्स किया है मैं कारन से ये कैसे पूछी मैं hi जानती हुईं पूछते वक़्त मेरी छूट मैं हलचल के साथ गुदगुदी हो गयी मैं पूछ तो लिया कारन से मगर कारन मुझे hi देखने जो मैं अपनी hi बात पर शर्मा गयी भाई ऐसे मत देख तू मुझे कुछ हो रहा है मैं बोल hi पड़ी :

कारन : गीता दीदी मैं सच कहूं तो मुझे नहीं पता दीदी आप ने भी कभी ये किया है किसी के साथ कारन की बात को सुन के मेरी तो धड़कन hi तेज़ हो गयी आवर मेरी तो नज़र भी शर्मा आवर मैं कारन को पकड़ क कारन का सर अपनी चुकी मैं दबा दी नहीं भाई तेरी गीता दीदी अभी तक किसी को भी खुद को चुने नहीं दिया है तू पहला लड़का है जो अपनी गीता दीदी को छू कर ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह मैं तो बोल भी नहीं पायी आवर शर्मा गयी कारन ने मेरी ब्रा के हुनक भी खोल दिया मेरी नंगी चुकी अब कारन के मुंह के सामने था जो पूरी तरह hi टाइट था मेरी चुकी मैं एक खाश बात थी के मेरी चुकी के निप्पल हह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह भाई स्स्सस्स्स्स ऊऊऊ ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मम मेरी निप्पल को कारन अपने मुंह मैं ले लिया मेरी निप्पल थोड़ी बहार निकली थी जो एक माँ बानी औरत की होती जो बच्चे के दूध पिने से हो जाते है मेरी चुकी भी वैसे hi थी कारन मेरी चुकी को बस पिटे hi जा रहा था आवर मैं बस सिसक hi रही थी ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई हहहहहह भाई हहहहहह आराम से भाई मममममम ोोू भाई स्स्सस्स्स्स पिजा भाई हहहहहह तेरी दीदी की बोब्ब्स बहुत तडप रही है ह हहहहहह स्स्स्सस्स्स्स कारन मेरी चुकी को किसी बचे की तरह चूस रहा था आवर मैं कारन के सर को सहला कर देख रही थी कारन धीर ेधीरे अपना हाँथ मेरी पेंटी मैं दाल रहा था जो मेरी छूट से पहले से पानी टपक रही थी छूट से कारन मेरी पेंटी को निकलने लगा मैं कारन के हाँथ को पकड़ ली मेरी पेंटी मेरी गदरायी बड़ी गांड पर फस गयी थी कारन ने मुझे किस करते हुवे hi बीएड पर लेता दिया अब मैं बीएड पर निचे थी आवर कारन मेरा भाई मेरे ऊपर था मेरी चुकी कारन के मजबूत सीने से दबी हुयी थी आवर कारन मुझे किस करते हुवे मेरी पेंटी निकलने लगा कारन का लैंड फुल तू फुल टाइट होकर मेरी छूट मैं चुभ रहा था आवर मुझे बड़ा hi आनंद मिल रहा था hhhhhhhhhh कितना बड़ा है कारन का लैंड स्स्सस्स्स्स ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह म्मम्मा मेरी छोटी सी छूट मैं भाई कैसे जायेगा ये तुम्हारा इतना बड़ा लैंड hhhhhhhhhh मैं सोच सोच कर hi मेरी छूट से पानी गिरने लगा गीता दी मुझे आवर नहीं रहा जायेगा मुझे अभी डालना है hhhhhhhhhhhh दीदी कारन अचानक छिलने लगा जो मैं जल्दी से अपनी गांड उठा दी आवर कारन ने मेरी पेंटी निकल दिया कारन मेरी छूट मैं अपना एक ऊँगली दाल दिया जो मैं स्स्स्सस्स्स्शह्ह्ह्ह करती हुयी अपनी गांड उठा ली कारन मेरी छूट मैं ऊँगली करते hi जा रहा था आवर मैं बीएड पर स्स्स्सस्स्स्स सिसक रही थी हहहह भाई मेरी छूट hhhhhhhhhhhh माँ कारन मेरी छूट मैं अपना दो ऊँगली दाल रहा था जो नहीं जा प् रहा था मैं अपनी छूट मैं अपनी दो ऊँगली दाल चुकी थी मगर कारन का हाँथ की ऊँगली मेरी ऊँगली से मोती थी जो जा नहीं प् रही थी कारन मेरी छूट में ऊँगली करते हुवे अचानक कारन ने मुझे किस करना बंद कर दिया आवर मेरी छूट की तरफ जाने लगा मेरी तो हालत hi ख़राब होने लगी की कारन अब क्या करने वाला है क्या अब कारन मेरी छूट मैं लैंड डालेगा मुझे तो अब दर लगने लगा था कारन मेरी छूट के पास जाकर मुंह लगाने वाला था के मैं उठ गयी ची भाई क्या कर रहा है वह गन्दी जगह है मैं बोल पड़ी जो कारन रुक गया

मैं भाई वह गन्दी जगह है वह पर मुंह नहीं लगते तो कारन ने है मैं सर हिल्ला दिया आवर अपना चड्डी निकल दिया मेरी तो सांसे hi एक वक़्त के लिए रुक गयी हे भगवान भाई ये क्या है इतना बड़ा तो मैं आगे बोल भी नहीं पायी क्यू के कारन का लैंड जो था वैसा लैंड मैंने वीडियो मैं hi देखि थी कारन का लैंड लगा मुझे 8.5 इंच के करीब था hhhhhhhhhh ये तो मुझे कल ठीक से चलने लायक भी नहीं छोड़ेगा मैं मन मैं hi बोल पड़ी मगर मेरी छूट तो कारन के लैंड को देख कर hi मचने लगी कारन मुझे फिर से लेता दिया बीएड पे आवर मेरी दोनों जांघ के बिच मैं ा गया मेरी छूट से अभी भी पानी गिर रहा था कारन अपना लैंड को मेरी छूट पर रहने लगा मेरी तो हालत hi ख़राब हो रही था आवर मैं सिसक भी रही थी भाई एक बार मैं अंदर मैं डालना नहीं तो तेरी दीदी सह भी नहीं पायेगी मैं कारन से प्यार से कहा कारन अपना लैंड मेरी छूट में दाल रहा था जो कारन का लैंड मेरी छोटी सी छूट के बिल मैं नहीं जा प् रहा था कारन ने कई बार डाला छूट मैं लैंड मगर जा नहीं रहा था मैं हर बार अपनी आँखे बंद क्र रही थी दर के आवर अपनी गांड को बीएड पर निचे दबा दे रही थी !

कारन : गीता दीदी आप बार बार अपनी गांड निचे क्यू कर रही हो अगर आप को दर लग रहा है तो नहीं करते है कारन ने गुस्से मैं कहा मैं जब कारन के आंखों मैं देखि तो मैं दर hi गयी क्यू के कारन के दोनों आँखे लाल हो रहा था फिर कारन मेरी छूट मैं लैंड फिर से डालने लगा कारन का अभी 1 इंच hi गया की मैं ज़ोर ज़ोर से छिलने लगा अअअअअ भाई निकल ले मैं मर जाउंगी आअज मेरी छूट मा मुझे बचा लो हहह मेरी छूट मेरी आंखों मैं अभी आंसू आ गए थे कारन लैंड ठेलते hi जा रहा था मैं रो रो कर अपने भाई कारन को रोक रही थी अअअअअ आ माँ भाई रुक जा प्लीज भाई अअअअअ तेरी दीदी मर जाएगी hhhhhhhhhhhh भाई मेरी छूट पहात जाएगी मैं बस बोल रही थी आवर कारन उतने पर hi रुक गया था मगर लैंड निकल नहीं रहा था छूट से !

शांति अकेले hi हॉल से देख रही थी शांति की छूट पानी छोड़े रही थी मगर अपनी गीता की हालत को देख क शांति को थोड़ी तकलीफ भी हो रही थी तभी शांति के पास माया आई माया अभी बहुत हैंग रही थी छोटी तुझे अभी अंदर जाना होगा नहीं तो गीता की हालत बहुत बुरी हो जाएगी माया ने शांति से कहा आवर माया एक जैसी की बोतल शांति क्र हाँथ मैं रख दी जो शांति भी समझ गयी !

शांति: माया दीदी मैं कैसे जाउंगी अंदर मुझे बहुत शर्म ा रही है गीता बेटी आवर कारन क्या सोचेंगे कुछ नहीं सोचेंगे अभी तू अंदर जा देख कारन का लैंड गिला भी नहीं है इस तरह तो कभी नहीं जायेगा गीता क छूट मैं आवर गीता को बहुत दर्द भी होगा बोल कर माया ने शांति को रूम मैं धक्का दे दिया जो कारन गेट बंद करना भूल गया था गेट की आवाज़ से कारन आवर गीता उधर hi देखने लगे hhhhhhhhhh छोटी माँ मुझे बचा लो मैं शांति माँ को देख कर बोलने लगी जो छोटी माँ ने आकर कारन को मुझसे दूर काट दिया तब मुझे थोड़ी आराम मिला मेरी तो हालत hi बुरी हो गयी थी मेरी छूट म बहुत जलन हो रही थी मैं शांति माँ को पकड़ लिया छोटी माँ बहुत दर्द हो रहा है मुझे कारन का वह बहुत बड़ा है जो मेरी छूट में नहीं जा रहा है मैं इतना दर hi गयी थी की मैं छोटी माँ से बोले hi जा रही थी !

शांति : कुछ नहीं होगा तुझे गीता बेटी मैं आ गयी हुईं बस तुझे अब थोड़ी सी दर्द होगी कारन बीटा ये ले अपने उसपे अचे से लगा ले छोटी माँ ने एक तेल की शिरडी कारन को दिया आवर छोटी माँ ने उसमे से ताल अपने भी हाँथ मैं ले ली आवर मेरी छूट मैं लगाने लगी छोटी माँ मेरी छूट को दबा भी रही थी जो मुझे मीठा सा दर्द भी हो रहा था आवर मैं बस सिसक रही थी कारन अपने मोठे लैंड पर तेल लगा रहा था जो अभी कारन का लैंड चमक रहा था आवर इधर छोटी माँ मेरी छूट मैं ताल लगते hi जा रही थी कुछ तेल मेरी छूट के अंदर भी दाल रही थी ऊँगली से मुझे दर्द आवर मज़ा दोनों मिल रही थी जो मैं छोटी माँ को देख कर hi अपनी आँखे बंद कर ली koi5minat करने के बाद छोटी माँ ने कारन को कहा मेरी छूट मैं लैंड डालने को मैं तो फिर से दर गयी छोटी माँ कारन से बोलिये न धीरे धीरे डालने को ये एक hi बार मैं दाल रहा है भाई इस बार आराम से डालना तुझे अपनी दीदी की कसम है है बीटा तू आराम से hi डालना तेरी दीदी की छूट की छेद बहुत छोटी है कारन फिर से मेरी छूट के पास आ गया आवर अपना लैंड को मेरी छूट के ऊपर रख दिया मैं जल्दी से छोटी माँ को पकड़ ली छोटी माँ ने मेरी गलो पे हाँथ करने लगी गीता मेरी बच्ची तुझे कुछ नहीं होगा बोल कर छोटी माँ ने कारन को इसरा की तो कारन ने अपना लैंड मेरी छूट में दाल दिया आवर मैं आह्ह्ह्ह चीख कर छोटी माँ को पकड़ लिया मेरी तो अभी जान hi निकल गयी ऐसा लगा मेरी आंखों मैं आंसू hi आ गयी थी आअह्ह्ह्ह छोटी माँ मुझे बहुत दर्द हो रहा है माँ मेरी छूट पहात गयी है ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह भाई तूने अपनी दीदी की छूट पहाड़ दिया आ ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मैं चीख रही थी आवर छोटी माँ मेरे आंसू पॉच रही थी बस मेरी बच्ची होगा अब तमुझ आवर दर्द नहीं होगा करा. भी रुक गया था जो अभी मिझे ज्यादा दर्द नहीं हो रहा था कारन का लैंड 4 इंच hi अभी मेरे अंदर गया जो भी बहुत दर्द हो रहा था मुझे जब थोड़ी सी आराम मिला तो मैं खुद अपनी गांड उठा कर कारन के लैंड को अपनी छूट में लेने लगी अब मुझे मीठा मीठा सा दर्द हो रहा था कारन ने जैसे hi अपने लैंड पर मुझे अपनी गांड उठाने का पता चला कारन मेरी छूट मैं धक्का मरने लगा मैं हहहहहह स्स्स्सस्स्स्स मममममुह हह माँ अभी अअअअअ आए कितना बाकि है स्स्स्सस्स्स्स कारन का लैंड अंदर जाने मैं मम्मा ऊह्ह्ह्ह भाई हहहहह फाड़े दिया मेरी आअह्ह्ह्हह छूट को मैं बोल रही थी आउट माँ मेरे सर पर हाँथ फेर रही थी बस मेरी बेटी अब तुझे दर्द नहीं होगा तू चिंता मत कर कारन का लैंड तेरी छूट में चला गया है अब तू लड़की से औरत बन गयी है कारन अब मेरी छूट में धक्का तेज़ी से मरने लगा था मैं चीखते हुवे छोटी माँ की एक चुकी को पकड़ लिए ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई अअअअअ अब रूम मैं सिर्फ मेरी चीखो के साथ चाप चाप की आवाजे गूंज रही थी कारन मुझे छोड़ते hi रहा था कारन का लैंड जब मेरी छूट मैं जा रहा था मैं आह्हः भर के छोटी माँ की कभी चुकी तो कभी उनकी पेट मसल दे रही थी hhhhhhhhhh माँ मुझे बहुत धंधा लग रही है अचानक मेरी जिसम ठंढी hi होने लगी जो अभी मेरी छूट से आग निकल रही थी वह अब पानी की तरह ठंढा होने लगी कारन अब आवर ज़ोर से मेरी छूट मैं धक्का मरने लगा था मुझे लग रहा था कारन अब झड़ने वाला है मैं तो तीन बार अपनी छूट से पानी गिरा चुकी थी जो कारन ने एक बार भी पानी नहीं निकला था अब मुझ ज़रा भी दर्द नहीं हो रहा कारन हहहहह कतरे हुवे मेरी छूट मैं अपना पानी गिराने लगा जो मैं अपनी आँखे बंद कर के अपने भाई के पानी को छूट मैं महसूस करना छह रही थी तभी छोटी माँ चीख बड़ी गीता बेटी आग जब मैं छोटी माँ की बात पर धयान दिया तो मैं कारन को लेकर बीएड से निचे गिर गयी कारन आउट मैं एक दूसरे से लिपटे हुवे थे कारन के जिसम से अभी आग निकल रहा था आवर मेरी जिसम किसी बर्फ की तरह ठंढी हो गयी थी कारन का लैंड अभी भी मेरी छूट मैं hi था कारन ाःह दीदी कर के वही बेहोश हो गया मुझे तो अभी इतनी ठंढी लग रही थी के मैं कारन से दूर नहीं होना चाहती थी क्यू कारन के जिसम से आग भी निकल रहा था जो मैं अपनी जिसम मैं गर्मी ला रही थी मुझे कब निनाद लग गयी मुझे पता भी नहीं चला
 
अपडेट _ 76

सुबह जब मेरी आँखें खुली तो सामने मैंने माँ को देखा जो माँ मेरे सर पे हाँथ फेर रही थी मैं अपनी माँ को देख कर शर्मा गयी क्यू के मेरा सर अभी माँ के गॉड मैं था माँ टाइम कितना हो रहा है मैंने माँ से पूछा आवर माँ के पेट पर अपनी सर छुपा ली क्यू मुझे शर्म भी आती रही थी माँ के सामने ओह्ह ओह्ह तो मेरी बेटी शर्माती भी है रात को तो बड़ी सिसकियाँ ले रही थी आवर चिल्ला भी रही थी और अभी देखो इसे कैसे शर्मा रही है माँ ने मुझे अपनी बाँहों मैं भर के कहा जो मैं आवर शर्मा गयी मा मैं शर्मा कर चीख पड़ी माँ पर माँ हसने लगी तभी रूम मैं रागनी माँ आगयी और साथ मैं छोटी माँ भी थी रागनी माँ के हाँथ मैं एक जग था दीदी क्या गीता बेटी उठ गयी रागिनी माँ ने माँ से पूछा उनकी बाते तो मैंने भी सुनी आवर माँ से गॉड से सर निकल कर गुड मॉर्निंग कहा मगर मुझे समझ मैं नहीं आ रहा था रागिनी माँ ने जग को कपडे से क्यू पकड़ा है क्यू के अगर जग मैं पानी है तो फिर कपडे का क्या काम है !

माया : है रागिनी गीता बेटी उठ अच्छा किया तूने गर्म पानी कर के ला दी चल तू बाथरूम मैं आवर शांति मिल कर गीता बेटी को लेकर अभी आते है मुझे कुछ भी समझ मैं नहीं आरहा था ये सब हो क्या रहा है माँ क्या बोल रही है मैं उठने की कोसिस की तो मैं आआआहहहहह कर के रह गयी क्यू के मुझे बहुत दर्द हुआ छूट मैं माँ बहुत दर्द हो रहा है वह आआआह्ह्ह्ह माँ बहुत आअह्ह्ह्ह मैं माँ से बोलने लगी !

माया : हआ मेरी बच्ची मुझे पता है तुझे दर्द हो रहा है इस लिए तो तेरी रागनी माँ ने पानी गरम कर के लती है ताकि तुझे तेरी दर्द काम करदे चिंता मत कर मेरी बच्ची तुझे अब जयादा दर्द नहीं होगा तुझको माँ ने कहा और फिर मुझे बीएड से उठा कर दोनों बाथरूम मैं ले गयी मेरी छूट मैं बहुत जलन हो रही थी फिर उन्होंने ने मुझे निचे लेता दी दीदी ये तो इतना बोल के रागनी माँ चुप हो गयी क्यू की मैंने देखा माँ ने इसरा किया रागनी माँ को चुप रहने का ! माँ क्या बोल रही है आप मैंने पूछा रागनी माँ से आवर मैं अपनी छूट को देखने के लिए सर उठाने लगी तो माँ ने रोक दिया मुझे मगर मैं उठ गई आवर अपनी छूट को देख कर चीख hi पड़ी के माँ ने मेरी मुंह पर हाँथ रख दिया !

रागनी : बेटी कुछ नहीं हुआ है ये ठीक हो जायेगा तू बस लेती hi रह मगर मुझे अभी रोने का मन कर रहा था मेरी छूट बिलकुल hi खुली हुई थी आवर मेरी छूट पर खून लगने से लाल हो गयी थी जो मेरी छूट मैं तो अच्छे से दो उंगली भी नहीं जाती थी अब मुझे लग रहा था मेरी हाँथ की सभी उँगलियों चली जाएगी मुझे तो दर्द भी कभी hi होने लगा था छूट को देख देख कर माँ ने मेरी hi पेंटी को गरम पानी से मेरी छूट के ऊपर से खून साफ़ करने लगी आआह्ह्ह्ह भाई देख तूने क्या हाल कर दिया है अपनी दीदी की छूट की मैंने मन मैं कहा मुझे मीठा मीठा दर्द भी हो रहा था कुछ hi देर मैं माँ ने मेरी छूट से सारा खून साफ़ कर दिया फिर मुझे नहला कर बीएड पर सुला दिया मुझे अब जयादा दर्द नहीं हो रहा था क्यू रागनी माँ फिर से मेरी छूट को सेक रही थी मुझे मीठा मीठा दर्द भी हो रहा था जो मैं अब सिर्फ सिसक रही थी ! ?

गौरी दीदी मुझे भी आप के साथ hi जंगल जाना है आप हर वक़्त बस एहि कहती रहती है बाद मैं लेकर जाउंगी आवर आप मुझे नहीं ले जाती माँ आप बोलिये न दीदी से मुझे भी लेकर जाने को पर्श ने गौरी को पड़के बोल रहा था अभी कुछ दिन पहले hi parsh18sall का हुआ मगर गौरी अभी भी उसे छोटा बच्चा hi समझती थी गौरी इतना प्यार करती थी अपने दोनों hi भाई बहन से जो कोई भी काम करने नहीं देती थी !

Gauri:bhai अगली बार मैं तुझे पक्का अपने साथ लेकर जाउंगी तू बस इस बार मन जा देख गुड़िया भी आ रही है उसे पता चला तो वह भी साथ मैं जाने की ज़िद करने लगेगी मन जा भाई गौरी ने परेश के सर पे अपने हाँथ फेरते हुवे कहा क्यू सामने से निम्मी आ रही थी आवर गौरी को अच्छे से पता था वह भी जाने कहेगी पर्श भी मन गया !

गौरी अकेली hi जंगल की चली गई गौरी के जाते hi कुछ देर के बाद पर्श भी गौरी के पीछे चल दिया गौरी को मालूम भी नहीं था के उसके छोटा भाई भी उसके पीछे आ रहा है गौरी जंगल मैं जाकर लकड़ी काटने लगी लकड़ी काटने से गौरी पसीने से पूरी hi तरह भींग चुकी थी पसीने से गौरी कपडे भीगने से गौरी की गोरी गोरी पीठ दिख रही थी गौरी का जिसम बहुत hi मजबूत था गौरी के कपडे भीगने से उसकी चीची कपके से पूरी तरह दिख रहा था क्यू गौरी ने अंदर कुछ भी नहीं पढ़ना था अभी यह कोई बुद्धा भी होता उसका लैंड खड़ा नहीं होता होगा तो गौरी के जिसम को देख के खड़ा होही जाता ऐसा था गौरी का जिसम जो गौरी जैसी कोई भी नहीं थी गाओ मैं गौरी लड़की को बांध कर वही पास मैं एक झरने बाह रहा था वही नहाने चली गई पर्श भी गौरी के पीछे पीछे चुप कर hi गौरी का पीछा कर रहा था जो गौरी को मल्लों hi नहीं था आवर गौरी उसी तरह hi झरने के निचे बैठ के नहाने लगी गौरी नहाते वक़्त देखा की यह इस जंगल मैं कोई भी अभी नहीं आ सकता है तो गौरी अपने कपडे भी सोचा धो लेती हुईं आवर गौरी ने अपनी कपडे निकल दी अपनी दीदी की आम की तरह चुकी को देख कर पर्श की आँखे hi बड़ी हो गयी आवर पर्श के धोती मैं लैंड तैयार होने लगा अभी पर्श को कुछ पता भी नहीं था के उसके लैंड खड़ा है वह एक तक गौरी की जिसम को देखे जा रहा था गौरी की गांड पारस के आँखों के सामने था जो गौरी के बैठ कर कपडे धोने से गौरी की गांड हिल रही थी परेश का हाँथ कब उसके लैंड पे जाना पहुँच पर्श को पता भी नहीं चला परेश अपनी गौरी दीदी की गदरायी गांड को देख कर लैंड को मसलने लगा उधर गौरी तो कपडे धो रही थी गौरी कपडे धोकर उसे फिर से पहन ली आवर फिर गौरी अपनी पजामा निकलने लगी गौरी झुक कर अपनी पजामा निकल रही थी झुकने से पर्श को गौरी की गांड की गुलाबी बिल पर्श को दिख गयी परेश का लैंड आवर टाइट होकर दर्द करने लगा आवर परेश चीख पड़ा किसी लड़के की आवाज़ सुन के गौरी ने जल्दी से अपनी पजामा ऊपर चढ़ा ली आवर कौन है कौन है बोलने पड़ी जो परेश दर कर वही पथल के पीछे छिप गया परेश अभी भी झरने के बाद भी कैंप रहा था आवर कहर भी रहा था क्यू अभी भी परेश का लैंड टाइट hi था जो परेश को बहुत hi दर्द भी हो रहा था गौरी को बड़ी hi हैरानी हुई थी के कौन है जो उसे चुप कर देख रहा है गौरी को अभी बहुत गुस्सा भी आया रहा था गौरी पास से hi एक पाठक उठा कर कौन है कौन है चिल्ला रही थी गौरी पाठक के सामने जा कर कड़ी हो गयी तभी उसे पीछे से किसी की सहभागिता सुनाई दिया गौरी पीछे जाकर देखि तो बस गौरी के मुंह से निकला आअह्ह्ह भाई तुझे क्या हुआ गौरी भूल hi गयी के पर्श अभी उसे चुप के देख रहा था गौरी पाठक को फेक कर पर्श के टाइट लैंड को देखने लगी क्यू परेश लैंड को पकड़ कर तड़प रहा था !

गौरी : आठ मेरे भाई क्या हुआ है क्या इसमें दर्द हो रहा है आवर गौरी पर्श के लैंड पर फुक मरने लगी फिर भी पर्श को कोई आराम नहीं मिल रहा था दीदी ओह आह्हः दीदी बहुत दर्द कर रहा परेश तड़पते हुआ कहा अपने भाई को तड़पते देख गौरी कर गौरी के आँखों मैं भी पानी आ गया गौरी पर्श के लैंड को ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी जो गौरी की मेहनत काम ै आवर पर्श फिर से झाड़ गया परेश का लैंड का पानी आधा गौरी के मुंह पर तो आधा गौरी के कपडे पर गिर गए मगर अपने भाई को शांत होते देख कर गौरी ने रहत की शंस ली भाई अब तो दर्द नहीं हो रहा है न तुझे गौरी उठ कर अपनी हाँथ को खट्टे हुए पूछा क्यू गौरी का हाँथ मैं भी दर्द होने लगा था !

पर्श: नहीं दीदी अब नहीं हो रहा है पर्श अपने लैंड को धोती के अंदर करते हुवे सर निचे कर के बोलै अहह मैं तो दर hi गयी तुझे मना किया था न फिर क्यू आया तू आवर आया भी तो मुझे पहले क्यू नहीं तुझे कुछ हो जाता तो मैं क्या जवाब देती माँ आवर गुड़िया को आवर मेरे कपडे फिर से तूने गन्दा कर दिया पता नहीं तुझे क्या हो गया था आवर ये क्या है गौरी ने मुंह बनाते हुवे खा गौरी फिर से झरने के पास जा कर अपने हाँथ आवर कपडे धो कर घर आ गयी !

एक दिन गौरी एक गाओ के भाभी के घर गयी साथ मैं परेश आवर निम्मी भी थी भाभी गौरी से बहुत hi मजाक करती थी जब गौरी उनके घर गयी तो भाभी गौरी को देख कर अजीब hi मुंह बना ली जैसे भाभी को गौरी के आना ाचा नहीं लगा हो भाभी क्या हुआ ऐसे क्यू मुंह बना रही हो मैं आप के पास खाने के लिए नहीं आई हुईं आप को भूख लगी है तो खा लो गौरी ने कहा!

गौरी तुम सब के रहते मैं कैसे खाउंगी ये पेट की भूख थोड़ी है जो खाना को खाने से चली जाएगी भाभी ने उदास सा चेहरा बनाते हुवे कही क्या मतलब है भाभी की खाने से नहीं जाएगी आप को अगर अच्छा नहीं लगा हमेह यह आना तो मैं चली जाती हूँ गौरी ने बोल दिया तना मरते हुवे अब गौरी को क्या पता भाभी किस भूख की बात कर रही है तभी घर मैं से आवाज़ आई पुरवा मैं खेत पर जा रहा हुईं अब शाम को hi आऊंगा बोल कर आदमी निकल गया जो भाभी आवर उदास हो गयी !

पुरवा : गौरी कहा जा रही अपने पति आवर ननद को लेकर भाभी ने कहा अब भाभी को कलपद हो गया था तो गौरी से मजा लेना hi समझी पुरवा ने भाभी आप को शर्म नहीं अति मेरी बहन भाई है आप कुछ भी बोलती है गौरी ने चिड़े कर कहा !

पुरवा : है तो फिर कर ले शादी परेश से आवर फिर मेरे hi घर मन लेना सुहागरात भी तुझे बहुत मजा आएगा क्यू पर्श तेरा शेर तो ताक़वर है न क्यू की गौरी की श्रेणी से मिलाने के लिए तुझे जंगल से होकर जाना पड़ेगा जो बहुत hi मुश्किल है क्यू गौरी जी सही कहा न पुरवा ने है कर कहा जो उसकी बात न गौरी को न hi परेश को समझा मैं ै भाभी पता नहीं क्या क्या बोलती रहती है चल भाई इनके यह से चलते है गौरी जाने लगी तो उसे पुरवा भाभी ने पकड़ लिया तब तक परेश आवर निम्मी घर से पुरवा गौरी को पकड़ के गौरी की दोनों चुकी बड़ी hi ज़ोर से दबा दी गौरी आह्हः कर के रह गयी आवर उसी पर पुरवा ने गौरी के पाजामे के ऊपर से hi गौरी के छूट को पकड़ ली भाभी अहह भाभी बहुत दर्द हो रहा है आआह्ह्ह्ह तेरी छूट तो बहुत hi गरम है ननद रानी बच के रहना नहीं तो कभी पर्श इसमें अपना डंडा दाल देगा बोल के पुरवा भाभी ने गौरी के छूट मैं ऊँगली दर दी आआआह्ह्ह्ह ममममआ मैं इतनी ज़ोर से चीखी की सभी hi भगति हुई मेरे hi रूम मैं आ गयी जो मैं सिर्फ आआआह्ह्ह्ह कर के सांसे ले रही थी
 
उपडेट _ 77

मैं अभी चिल्ला hi रही थी के देखा गुड़िया मेरे पास मैं आकर मेरा सर दबाने लगी जो मैं थोड़ी दर गयी अब मैं क्या करूँ गुड़िया मुझे अभी नंगी देख लेगी तो फिर मुझे अपने कपडे पर धयान गया तो पाया मैं नंगी नहीं हुईं

गीता दीदी क्या हुवा है आप चीख क्यू रही हो गुड़िया ने खा

मैं अब क्या जवाब दुइन कुछ भी मुझे समझा मैं नहीं आ रहा था ऊपर से काजल आवर पायल भी मुझे hi देखते जा रही थी आवर दोनों भी परेशान भी लग रही थी !

गुड़िया चुप हो जा कुछ नहीं हुवा है तेरी गीता दीदी को ये बस सोते हुवे दर गयी थी इस लिए चिल्लाने लगी मैं भी तो एहि थी माँ ने खा तो मैंने रहत की शंस ली मगर काजल आवर पायल मेरे पास hi बैठ गयी मुझे अभी थोड़ी बहुत दर्द अभी भी हो रहा था जो मैं बर्दास्त कर रही थी !

दीदी आप कौन सा सपना देख कर दर गयी थी नैना ने फिर से पूछा !

मैंने नैना की तरफ देखि तो नैना दरी हुयी लगी मुझे जो मैं फिर से सोचने लगी की अब मैं नैना को क्या जवाब दूँ

गुड़िया चल दीदी को अभी सोने दे चल नास्ता कर जल्दी से फिर तुझे कॉलेज भी जाना है तूने अपनी स्टर्डी काफी मिस कर दी है पायल बोल पड़ी मेरे कुछ बोलने से पहले hi !

पायल दीदी आज मुझे कॉलेज नहीं जाना है आज मैं गीता दीदी के पास hi रहना है एक ऊँगली देखते हुवे नैना ने पायल से कहा जो काजल बहुत hi खिल खुल्ला कर हसने लगी नैना ने ऐसी कहा hi था !

हसी तो मेरी भी निकल गयी थी आवर पायल भी पलट कर है hi रही थी नैना की बात को सून कर पायल जल्दी से अपनी हसी को रोक कर पलट भी गयी जो अभी पायल के चहरे पर थोड़ी सी गुस्सा था जो नैना को hi देख रही थी !


नैना : दीदी मैं नहीं जाउंगी कॉलेज काजल दी आप है क्यू रही है गीता दीदी आप बोल दीजिये न पायल दी को कॉलेज मैं नहीं भेजने के लिए !

ओह्ह सॉरी सॉरी मेरी मोती गुड़िया बोलते हुवे काजल भाग गयी जो नैना मुझे घर कर देखने लगी

गुड़िया ने इतना प्यार आवर भोले पैन से कहा की मैं तो अपना दर्द hi भूल गयी मैंने पायल को कुछ कहने से मन करदी


दीदी आप इसे बिगड़ देंगी इतना बोल कर पायल नैना को एक बार देखकर hi चली गयी जो नैना ने मुझे किस hi करदिया हस्ते हुवे !

गीता दी ने गुड़िया को एकदम बिगड़ दी है गुड़िया जो भी बोल देती है कभी उसे मन नहीं करती है मैंने तो उनके लिए hi गुड़िया को कॉलेज जाने को बोल रही थी टेक वह अभी आराम कर सके मगर नहीं उनेह तो बस अपनी गुड़िया के साथ मैं hi अच्छा लगता है पायल अपने hi आप से बात करते हुवे hi कारन के रूम मैं चली गयी जो कारन अभी भी सो रहा था

भाई अब उठ भी जा कितना सोता है तू पायल ने कहा !

आवर पायल अभी कारन को उठा hi रही थी के कारन ने पायल को पकड़ लिया पायल सिहर गयी क्यू के कारन ने पायल की कमर को मज़बूती से पकड़ लिया था

आअह्ह्ह भाई क्या कर रहा है छोड़ दे स्स्सस्स्स्स हहहहह मा कारन पायल के कमर को बड़ी hi ज़ोर से मसल रहा था पायल सिसक रही थी ससससस क्या करूँ कारन अभी नींद मैं है लग रहा है हहहहह पायल छूटने की कोसिस कर रही थी मगर हो नहीं प् रही थी आवर कारन ने निनाद मैं hi पायल को अपने साथ hi सोला लिया आवर पायल की जिसम को दबाने लगा तभी hi पायल ने कारन को टेपार मर दिया जो कारन आह करते हुवे उठ गया तो सामने अपनी पायल दीदी को देख कर कुछ वक़्त के लिए रुक गया फिर अचानक hi पायल के एक चुकी पर हाँथ रख दिया आवर पायल की चुकी दबाने भी लगा आअह्ह्ह्ह क्या कर रहा है भाई ओह्ह हह मत कर सससस आआ ह्ह्हह्ह्ह्ह पायल सिसकियाँ लेते हुए hi कारन को रोक रही थी !

कारन को अभी कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था बस दिखाई hi दे रहा था एक गदराया हुवा जिसम कारन का लैंड भी टाइट होकर पायल के पेट पर चुभ रहा था पायल के होंठ भी अब सूखने लगे थे जो पायल की अभी सांसे भी तेज़ी से चलने लगी थी कारन पायल की चुकी को दबाते हुआ अपने होंठ को पायल के होंठ पर रख दिया आवर कारन पायल की रसभरी होंठ को चूसने लगा पायल अभी भी अपनी पूरी ताक़त से hi कारन को दूर करने की कोशिस कर रही थी मगर कर नहीं प् रही थी कारन hi कर रही थी अपनी दीदी की बात सुनाई hi नहीं दे रहा था उसे सिर्फ अभी अपनी पायल दीदी की जिसम नज़र आ रहा था कारन अब पायल की चुकी को बेदर्दी से hi मसलते जा रहा था जो पायल अब अपना बस खोटी hi जा रही थी पायल की छूट मैं भी अब पानी आने लगी थी जो पायल भी कारन के अब साथ देने लगी थी जो पायल भी अब करने के साथ मैं किस करने लगी थी !

पायल बेटी ये क्या हो रहा है शांति जब रूम मैं आई तो अपने दोनों बीटा आवर बेटी को एक दूसरे को चूमते देखि तो बोल पड़ी !

अपनी माँ की आवाज़ सुन कर hi पायल कारन को धक्का देकर उठ गयी आवर अपनी माँ की तरफ देखे बिना hi रूम से जल्दी hi निकल कर अपने रूम मैं भी चली गयी आवर अपने बीएड पद जा कर गिर गयी !

वही कारन भी आआह कर के उठ गया था पायल के धक्का देने पर कारन निचे गिर गया था जो आह्हः कर के उठ गया

माँ आप ओह्ह सॉरी माँ बोलते हुए कारन बाथरूम मैं hi भाग गया !

शांति को अभी कुछ भी समझ मैं नहीं आया की जो उसने अभी देखा वह क्या था क्यू के पायल भी कारन को किस कर रही थी शांति कारन के बीएड को ठीक से कर के किचेन मैं चली गयी

कमल दीदी कमल दी मुस्कान कब से कोमल को बोलै रही थी जो कोमल मुस्कान की आवाज़ hi नहीं सुन रही थी तब मुस्कान ने कोमल को ज़ोर से हिल्ला दिया आअह्ह्ह्हह करते हुवे कोमल अपनी यादों से बहार आ गयी तो सामने मुस्कान को देखकर कोमल थोड़ी दर गयी मगर मुस्कान को जाहिर नहीं होने दी

कोमल / हां क्या हुए मुस्कान तू यह पे क्या कर रही है जा कॉलेज मैं कोमल अचानक से अभी अपने सामने मुस्कान को देख कर कोमल कुछ भी बोल गयी मुस्कान को जो मुस्कान नहुष होकर चली गयी कुछ बोले बिना hi !

हहहहहह क्या बोल दिया मुस्कान को मुझे इस तरह से मुस्कान को नहीं बोलना चाहिए था जो मुस्कान मायुश हो कर चली गयी मुस्कान के जाने के बाद मैं कोमल को अपनी गलती का अहसास की उसे मुस्कान को नहीं बोलना चाहिए था !

क्या करू मैं अभी मुस्कान स जाकर सॉरी बोल दू नहीं मैं मुस्कान को बाद मैं सॉरी बोल दूंगी अभी घर जाती हुईं मगर अभी घर भी नहीं जा सकती हुईं माँ पूछेगी इतनी जल्दी मैं कैसे आगयी तो माँ से क्या कहूँगी कोमल ने सोच कर उठ गयी !

कोमल अभी सोल्लगे के केंटीन मैं बैठी थी कोमल सोल्लगे तो आई थी मगर अपने कॉलेज मैं नहीं गयी थी आवर केंटीन मैं बैठ कर कुछ सोच hi रही थी की अचानक hi मुस्कान उसे पुकारने लगी जो कमल को गुस्सा आगया आवर मुस्कान को बोल दिया !

पायल की चुकी बहुत hi दर्द कर रहा था जो पायल धीरे से अपनी चुकी को सहला रही थी आअह्ह्ह्ह ऊह्ह्ह्ह हहहहह भाई क्या कर दिया है ऐसे भी कोई कोई दबाता है क्या जो अभी भी दर्द काट रहा है हहहहहह हह पायल बोल कर अपनी चुकी को सहला ये hi जा रही थी पायल की जिसम किसी आग की तरह अभी जल रही थी पायल से आवर नहीं रहा गया तो पायल बीएड से उठ कर बाथरूम मैं चली गयी आवर झरने के निचे बैठ गयी क्या हो गया था मेरे भाई को जो उसने मेरे साथ ऐसा करने लगा था अच्छा हुवा माँ आ गयी नहीं तो पता नहीं कारन क्या करता मेरे साथ मैं भी तो उसका साथ देने लगी थी आवर कारन का लैंड भी मुझे टाइट लगा था ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मैं भी क्या सोच रही हुईं ची ची बोल कर पायल अपनी आँखे बंद कर ली कारन अगर सो रहा था तो मुझे ऐसा क्यू लग रहा था की भाई कुछ बोल भी रहा था पायल अभी भी कारन के बारे मैं hi सोच रही थी !

कारन बाथरूम मैं बिलकुल नंगा hi खड़ा था झरने के निचे कारन का लैंड अभी भी टाइट hi खड़ा था आवर कारन अपना लैंड हिला रहा था अभी मगर कारन के चेहरे पर एक बेहद hi गुस्सा था कारन लैंड तो हिल्ला रहा था मगर कारन का धयान कही आवर था अचानक कारन माँ माँ माँ बोलने लगा कारन के आँखे बंद थी ऐसा लग रहा था के कारन माँ से कुछ बोल रहा है आवर कारन आए काट के रुक गया माँ अगर अर्जुन सिंह ने भी जनम लिया है माँ अर्जुन सिंह कही भी होगा मैं उसे धुंध के जान से मर दूंगा

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उपडेट _ 78

अरे पार्वती कोमल को देखा क्या तुमने काजल जब कैल्लस से निकल के केंटीन की तरफ जा रही थी तो उसे कोमल की एक सहेली को देख कर पूछा !

नहीं काजल दीदी कमल साथ तो कॉलेज मैं आई थी फिर वह पता नहीं कहा चली गयी आवर मैं कैल्लस मैं चली गयी पार्वती ने कहा !

काजल : पार्वती क्या मतलब की कमल साथ मैं आई थी फिर कही चली गयी कहा गयी है कोमल जो पार्वती तुमेह पता नहीं है काजल ने थोड़ी चिल्ला के कहा जो आस पास के लड़किया आवर लड़के काजल और पार्वती को देखने लगे तो काजल पार्वती का हाँथ पकड़ कर अलग जगह पर ले गयी आवर फिर पार्वती से पूछा कमल कहा पे गयी है !

पार्वती : काजल दी मैं सच कह रही हुईं कोमल कहा पे गयी है मुझे नहीं पता है मगर काजल दीदी कोमल पहले भी कई बार इतना बोल पार्वती चुप हो गयी काजल को लगा की पार्वती कुछ छिपा रही है !

काजल: पार्वती प्लीज मुझे तुम पूरी बात बताओ की पहले भी कोमल कही गयी है यह से आवर कहा पर जाती है कुछ हुवा मेरी बहन को तो मैं तुमेह छोडूंगी नहीं समझी काजल को अब गुस्सा आ रहा था पार्वती पर जो गुस्से मैं hi पार्वती को धमकी देने लगी अब बताने के शिवा कोई रास्ता नहीं था पार्वती के पास क्यू की पार्वती जानती थी काजल थोड़ी सनकी है !

पार्वती: दीदी जब कोमल अपनी नानी के घर पे नहीं गयी थी तब की बात है हम दोनों साथ मैं hi कॉलेज अति थी मगर कोमल मुझे कॉल्स मैं जाने को बोल कर वह कही चली जाती थी एक दिन जब कोमल ने कहा तो मैं जल्दी से अपनी किताब को कॉल्स मैं रख कर कोमल के पीछे गयी तो देखा की कोमल उस पद के पीछे नथी थी आवर कुछ लिख रही थी मैं अभी देखने की कोशिश की के कोमल क्या लिख रही है तभी मुझे चीख आ गयी जो कोमल जल्दी से अपनी कोप्पी को बंद कर दी और मेरे ऊपर hi गुस्सा होकर मुझे hi बोलने लगी मैं भी कुछ बोलने hi जा रही थी के कोमल गुस्से मैं कॉलेज से चली गयी मुझे कुछ समझ मैं नहीं आया की कोमल ने मुझपे गुस्सा क्यू किया कोमल ऐसा क्या लिख रही थी जो मैं देख लेती तो कुछ हो जाता फिर मैं कॉल्स रूम मैं चली गयी उसके बाद कोमल दो दिन कॉलेज नहीं आई तो मैं घर गयी थी तो पायल दी ने मुझे बताया की कोमल नानी के घर गयी है तो मैं घर आ गयी फिर कल hi कोमल ने मुझे फ़ोन किया आवर कॉलेज मैं साथ चलने को कहा तो मैं उसके साथ hi सोल्लगे आई फिर पता नहीं कोमल कहा चली गयी मुझे नहीं पता काजल दी

अगर तुम्हारी बात सही है तो पार्वती मुझे भी तुमसे कोई भी शिकायत नहीं है तुम जा सकती हो आवर हां पार्वती तुम कोमल को इस बारे मैं कुछ भी बताना नहीं पार्वती को जाते हुए काजल ने रोक के कहा

काजल भी वही से घर की तरफ चल दी काजल थोड़ी सी परेशान भी थी कोमल को लेकर काजल घर आकर सीधे hi कोमल के रूम मैं चली गयी मगर कोमल की रूम अभी बंद था तो काजल बहार से hi कोमल को पुकारने जो कोमल ने थोड़ी hi देर के बाद अपनी रूम की गेट खोल दी क्या हुवा दीदी कोमल ने काजल से कहा !

काजल को जवाब दिए hi रूम मैं चली गयी आवर कोमल को गेट बंद करने को कहा आवर सोफे पर बैठ गयी कोमल को लगा गया की काजल दीदी सायद सोल्लगे के बारे मैं पूछेगी इस लिए कोमल भी जाकर काजल के बैठ मैं hi गयी मगर अभी कोमल कुछ सहमी हुयी थी जैसे कुछ काजल को पता न चल जाये दीदी क्या हुवा कुछ काम था आप को कोमल किताब को उठाते हुवे काजल से कहा

काजल: कोमल तू आज सोल्लगे क्यू नहीं गयी थी तुम तो मुझसे भी पहले घर से निकल गयी थी कहा गयी थी तू !

कोमल : दीदी मैं तो कॉलेज hi गयी थी फिर मेरी सर दर्द करने लगी तो मैं घर पर आ गयी आप पूछ क्यू रही हो सोल्लगे मैं कुछ हुवा है क्या जो आप भी घर आ गयी !

काजल : कॉलेज मैं कुछ भी नहीं हुवा है मैंने तेरी उस का क्या नाम है है पार्वती मिली तो मैंने उसके साथ मैं तुझे नहीं देखा तो पूछा तो उसने बताया की तुम उसके साथ सोल्लगे मैं गयी थी मगर तुम कैल्लस मैं नहीं गयी थी तो मैंने तुझे फ़ोन भी कई बार किया जो तुमने फ़ोन भी नहीं उठायी जो मैं परेशान हो गयी तेरे लिए आवर घर पर आ गयी क्या तुमने दवा लिया सर दर्द का !

काजल ने अभी कुछ भी नहीं पूछा कोमल से आवर कोमल की सर चेक करने लगी कही कोमल की सर दर्द करने से कोमल की जुखाम भी तो नहीं हो गया है मगर कोमल का सर बिलकुल ठंडा था जो अभी काजल को थोड़ी रहत मिली ठीक है कोमल दवा खा लिया है तो किताब को रख के अभी तुम आराम करो ठीक है काजल ने कहा !

कोमल : ठीक है दीदी काजल दी माँ को मत बताइयेगा वर्ण वह मुझे डाटेंगी प्लीज दी

काजल : ठीक है मैं माँ को नहीं बताउंगी चलो अब तुम आराम करो आवर काजल रूम से निकल गयी क्या मैं कोमल से अभी hi पूछ लूँ नहीं अभी नहीं फिर कभी पंच लुंगी काजल ने मन hi मैं सोचा !

पायल अभी तक अपने रूम में सो hi रही थी जो अब शाम भी होने वाली थी पायल का जिसम भी कनाप रहा था ये कारन पहला लड़का था जिसने पायल की जिसम को बहुत hi बेदर्दी से मसला था जो पायल का अपना hi भाई था पायल कारन के बारे मैं जितना सोच रही थी वह उतनी hi गर्म हो रही थी उसे बस कारन का मसलना hi याद आ रहा था ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह माँ क्या हो रहा है मेरे साथ जो मैं सिर्फ अपने भाई के लिए hi सोचे जा रही हुईं क्या कर दिया है भाई तुमने अपनी दी का हल आ देख ले भाई तेरी दी को तेरा प्यार चाहिए हहहहह तेरी दीदी तड़प रही है हहहह ये मैं भी क्या सोच रही हु कारन तो मेरा भाई है पति नहीं आवर पायल के चेहरे पर मुस्कान आ गयी !

वही काजल जब रूम से चली गयी तो कोमल ने थोड़ी चैन की शंस ली आवर फिर बिस्टेर पे गिर गयी आवर अपनी तकिये के निचे से एक डायरी को निकल ली आवर डायरी के ऊपर एक बचे की लगी फोटो को चुम लिया जो कोमल फोटो को चुम कर hi खुद शर्मा गयी तुम बहुत hi चालक हो हर बार की तरह आज भी मुझसे किश ले hi लिया मगर तुमने कभी मुझे किश नहीं किया मैं भी जितना तुमेह किश किया है सब गईं के वापस लुंगी देख लेना आज तो मैं पकड़ी hi जाती अच्छा हुआ रूम बंद कर दिया था चलो अब मुझे देखना बंद करो अब मुझे सोना है आवर कोमल डायरी को अपने सीने से लगा कर सो गयी !
 
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अभी कोमल को सोये हुवे कुछ hi देर हुवा था के फिर किसी ने कोमल की रूम का गेट पीटने की आवाज़ आई जो कोमल अंगड़ाई लेते हुवे उठ गयी अब कौन आ गया है रुको अभी खुलती हुईं बोलते हुवे कोमल जल्दी से डायरी को अपने तकिये के निचे छिपा दी आवर गेट खोल दी तो देखा गेट पर उसकी पायल दीदी थी !

पायल : क्या हुवा मेरी पायरी सी गुड़िया को जो शाम होने तक भी सो रही है

कुछ नहीं हुआ पायल दीदी मैं बस सो गयी थी कोमल ने कहा आवर फिर बीएड पर सोने जाने लगी


पायल : अरे फिर से क्यू सो रही है देख नहीं रही रात हो गयी है चल जल्दी से मुंह ढोले वर्ण माँ मुझे डाटेंगी

आवर पायल कोमल को बीएड पर से उठा दिया जो कोमल भी उठ कर बाथरूम की तरफ जाने hi लगी की फिर रुक कर चिल्ला पड़ी पायल दीदी कोमल को चिल्लाते हुआ सुन कर पायल वही कड़ी रह गयी आवर हैरानी से कोमल को घुटने लगी तब तक कोमल पायल के पास hi आ गयी दीदी आप जाइये मैं बिस्टेर ठीक कर दूंगी कोमल ने कहा आवर कोमल खुद अपने बीएड को ठीक करने लगी


पायल : है ठीक है तू खुद अपनी बिस्टेर ठीक करले मगर फिर से नहीं सो जाना नहीं तो इस बार मैं पानी दाल दूंगी

मुझे समझ नहीं आता ये लड़की क्यू नहीं कभी भी अपनी बिस्टेर को चुने नहीं देती है जब भी ठीक करने जाती हुईं मुझे मन कर देती है पायल बोलती हुयी रूम से निकल गयी

पायल के जाने के बाद कोमल ने रहत ली क्यू पाया कोमल की बीएड को ठीक करने जा रही थी जो कोमल चिल्ला पड़ी क्यू अगर पायल कोमल की बीएड साफ करती तो यकीनन पायल को कोमल की डायरी मिल जाती आवर कोमल की डायरी की सच्चाई उसे पता चल जाता जो कोमल ये नहीं चाहती थी कोमल बीएड ठीक काट के बाथरूम मैं चली गयी

रात के अभी 12 ऍम हो रहा था जो मेरे घर मैं सभी hi सो गए थे आवर मुझे निनाद नहीं आ रही थी क्यू मुझे अजीब अजीब सी आवाज़ सुनाई दे रही थी मेरे hi बगल मैं मेरी मासूम पायरी गुड़िया चैन से सो रही थी फिर मेरी खिड़की के पल्ला भी ज़ोर ज़ोर से हिलने लगा फिर मुझे लगा कोई मुझे पुकारा रहा है मैं किसी तरह उठ कर खिड़की के पास गयी क्यू मेरी छूट अभी भी दर्द कर रही है मैं खिड़की के पास गयी तो खिड़की से बहुत hi तेज़्ज़ हवा चली जो मुझसे टकरा कर निकल गयी जो मुझे लगा तूफान आया हो मैं खिड़की बंद करने hi जा रही थी के मेरी नज़र बहार गयी जो बहार कोई भी हलचल मुझे नहीं दिखी सरे पेड़ जो मेरे घर के बहार थे वह बिलकुल hi संत थे मुझे थोड़ी देर के लिए दर hi गयी फिर मुझे लगा कोई मेरी खिड़की के सामने खड़ा है मैं पीछे हैट गयी आवर चिल्ला पड़ी जो गुड़िया की नींद खुल गयी आवर गुड़िया उठ कर मेरे पास आ गयी आवर मुझसे पूछने लगी मगर मैं बहुत दर गयी थी मेरी जिसम के रोये भी खड़े हो गए थे गुड़िया मुझे बीएड पर बैठा कर पानी की बोतल मुझे दी जो मैं एक hi साँस मैं पूरी बोतल की पानी पि गयी गीता दीदी आप चिल्ला क्यू थी कौन था बहार आप खिड़की के पास क्या कर रही थी गुड़िया ने पूछा आवर मेरी माथे पर जो पसीना थे उसे साफ़ करने लगी

मैं अभी सच मैं बहुत दर गयी थी जो मुझे गुड़िया की आवाज़ भी नहीं सुनाई दे रही थी आवर मैं गुड़िया की जिसम को दर के वजह से पकड़ रही थी ससससस गीता दीदी क्या हुवा दीदी बोलिये न क्या हुवा गुड़िया ने मुझे अपने सीने से लगा कर मेरी पीठ सहलाते हुवे कहा

मगर मैं कोई भी जवाब नहीं दिया गुड़िया को आवर मैंने आवर hi ज़ोर से गुड़िया को पकड़ लिया गुड़िया वह खिड़की के पास कोई है मैं किसी तरह बोल hi गयी मेरी जिसम भी ठंडा होने लगा जो मैं गुड़िया को आवर ज़ोर से पकड़ रही थी गुड़िया उठने लगी तो मैं उसे चोदे hi नहीं रही थी


नैना : गीता दीदी कुछ भी तो नहीं है खिड़की के पास मैं अभी खिड़की को बंद कर देती हुईं

आवर गुड़िया ने जाकर खिड़की को बंद कर दिया गुड़िया जैसे hi मेरे पास आई मैंने उसे फिर से पकड़ लिया मुझे अब ठण्ड कुछ जयादा hi लगने लगी थी जो गुड़िया ने मुझे चोदे hi दिया आ अअअअअ करते हुवे फिर मेरी जिसम की ठण्ड को महसूस कर के गुड़िया अपनी परवाह न करते हुवे मुझे फिर से गले लगा ली ह्ह्हह्ह्ह्ह गीता दीदी आप की जिसम तो बर्फ की तरह ठंडा पद रहा है गीता दीदी मैं अभी माँ को बोलती हुईं गुड़िया ने कांपते हुवे कहा मगर मैं गुड़िया को मन करती तब तक गुड़िया रूम से निकल गयी मैं बीएड पर कनपटी रह गयी

वही मेरे घर के बहार से एक आदमी गुस्से मैं खड़ा मेरे कमरे की खिड़की की तरफ देख रहा था ये कभी भी नहीं हो सकता है अब तक गीता को मेरे पास आ जाना चाइये था आदमी ने दन्त पिस्टे हुवे कहा फिर जब गीता की रूम की लाइट को जलते हुवे पाया तो वह आदमी चला गया

मैं अभी भी काँप hi रही थी आवर मैं बीएड पर मचल रही थी किसी नगीन की तरह मुझे अभी लग रहा था की कोई मेरे जिसम मैं आग लगा दे तभी कोई मेरे जिसम मैं टाच हुवा आवर मैंने उसे बहुत मज़बूती से पकड़ लिया आवर उसका जिसम की गर्मी मुझे महसूस होने लगी मैं अभी तक देखा नहीं था कौन है क्यू मेरी आँखे खुल hi नहीं रही थी मगर मुझे अभी ठण्ड से रहत मिल रही थी

इधर नैना रट हुवे hi अपनी माँ की गेट पिट रही थी नैना की रोने की आवाज़ सुन कर घर के सभी लोग hi उठ गए आवर सभी hi नैना के पास आ गया नैना बस दीदी दीदी बोल कर रोटी hi जा रही थी माँ जल्दी से चलिए न देखिये मेरी गीता दीदी को क्या हो गया है नैना रट हुवे hi बोलती जा रही थी नैना को सुन कर पायल आवर कोमल गीता के रूम की तरफ भागी काजल नैना को पकड़ कर चुप करा रही थी

इधर जैसे hi पायल आवर कोमल रूम मैं आई आवर रूम की अभी हालत को देख कर दर कर पीछे हैट गयी
 
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पायल आवर कोमल जब रूम के अंदर गयी तो अपनी गीता दीदी आवर अपने भाई कारन को देख कर सहम गयी क्यू गीता अभी कारन के बहुओं मैं थी जो पूरी तरह नंगी थी जो गीता थोड़ी बहुत कनाप भी रही थी वही कारन के जिसम भी आग की तरह जल रहा था आवर दोनों भाई बहन ज़मीन पे एक दूसरे को पकड़ कर लिपटे थे जो पायल आवर कोमल देख कर हरण थी मगर दोनों hi कुछ बोल नहीं रही थी कोमल जा माँ को बोलै के ला जल्दी से

पायल बोल कर कोमल को रूम से बहार निकल दी आवर रूम लॉक कर दी अब पायल क्या करे उसे समझ मैं नहीं आ रहा था तो पायल ने बीएड से चादर उठा कर गीता आवर कारन पर दाल दी आवर दीदी दीदी पुकारने लगी जो गीता को अब ठण्ड भी लग लग रही थी जो गीता पायल की आवाज़ सुन कर अपनी आँखे खोल दी आवर खुद को कारन के बहन मैं देख कर शर्मा गयी फिर उसे जैसे hi पायल की याद आई तो गीता चादर को लेकर उठ गयी आवर चादर से अपनी जिसम छुपा ली आवर पायल को सामने देख कर गीता ने अपनी नज़र निचे कर ली

पायल : गीता दीदी आप को क्या हो गया था आवर भाई यह पे क्या कर रहा है आवर आप के कपडे कहा है

पायल गीता से कैसे बोल रही थी वह hi जानती थी आवर ऊपर से कारन अभी भी वही पर लेता था मगर कारन को कोई भी होश नहीं था कारन पर नहीं गीता की नज़र पद रही थी नहीं पायल की दोनों बस एक दूसरे को देख रही थी पायल तो अभी गीता की जवाब की रह देख रही थी की उसकी दीदी क्या बोलती है मगर गीता चुप hi कड़ी थी दीदी आप कुछ बोल क्यू नहीं रही है पायल गीता के पास चली गयी जो मगर अभी भी गीता ने कोई जवाब नहीं दिया

पायल आवर कुछ बोलती की तभी गेट पीटने की आवाज़ आई गीता दीदी आप कपडे पहन लीजिये मैं गेट खोलती हुईं पायल ने गीता से कहा जो गीता ने जल्दी से का पेड़ पहन ली फिर दोनों बहन ने मिल कर कारन को उठाने लगी कारन क जिसम अभी भी बहुत थोड़ी गरम था गीता को तो कुछ नहीं हो रहा था कारन को पकड़ने से मगर पायल के हाँथ जलने लगे थे मगर पायल ने फिर भी कारन को छोड़ी नहीं आवर कारन को बीएड के निचे लेता दी तजि किसी के नज़र मैं कारन न आये

अहह गीता दीदी भाई का जिसम कितना गरम है पायल अपने हाँथ पर फुख मरते हुए कहा आवर आप की जिसम बर्फ की तरह ठंडा है आह्ह्ह्ह दीदी अच्छा लग रहा है दीदी ये सब क्या है आप का जिसम

गीता : छोटी अभी कुछ मत पूछ मैं तुझे फिर कभी बताउंगी अभी क्या करे सभी बहार है अभी कुछ कर नहीं तो वह लोग कुछ आवर समझ लेंगी पायल रूम मैं सिर्फ तू अकेली आई थी न या कोई आवर भी आया था गीता कुछ सोच कर बोल पड़ी क्यू गीता अभी नहीं चाहती थी की उसके आवर कारन के बारे मैं उसकी कोई भी बहन जाने इस लिए गीता बोल पड़ी

पायल : दीदी वह कोमल भी थी साथ मैं मगर मैंने उसे भेज दिया उसे आप नंगी थी न इसीलिए

गीता : छोटी मैं भी कारन के साथ hi लेट जाती हुईं तू सब को बोल देना की अब मैं ठीक हुईं आवर अभी फिर से सो गयी हुईं

पायल ने जैसे hi गेट को खोल नैना भगति हुयी गीता के पास चली गयी आवर गीता को पकड़ कर रोने लगी नैना को रट सुन कर गीता का दिल भी मचल उठा मगर गीता ने कोई हलचल नहीं काजल कोमल भी गीता के पास जाकर बैठ माँ देखिये न गीता दीदी की जिसम अभी भी ठंडा hi है माँ मेरी गीता दीदी को क्या हो गया है

आवर नैना गीता के हाँथ को रगड़ने लगी कोमल आवर काजल भी गीता की पेअर को रगड़ने लगी कोमल को अभी भी अपनी दीदी आवर भाई नंगे hi नज़र आ रहे थे आवर कोमल कुछ सोचते हुवे गीता की पेअर को रगडते जा रही थी आवर रूम मैं चारो तरफ देख भी रही थी जैसे कुछ धुंध रही हो जो उसे दिख hi नहीं रहा था ये भाई कहा चला गया अभी तो एहि था कोमल ने मन मैं hi सोची आवर गीता की पेअर रगड़ने लगी

गुड़िया देख अभी दीदी सो रही है मैंने दीदी को दवा खिला दिया है वह सुबह तक ठीक हो जाएँगी अगर तू अभी दीदी के पास रोयेगी तो दीदी को नींद कैसे आएगी गीता दीदी बिलकुल थी है तेरी रोने की आवाज़ को सुन के दीदी उठ जाएगी चल दीदी ठीक है देख रात भी कभी हो गई है चुप हो जा पायल ने नैना से कहा

गुड़िया चल जा अभी सो जा तेरी गीता दीदी अभी सो गयी है माया ने पायल के है मैं है मिलते हुवे कहा

मगर नैना ने मन कर दिया जाने से काजल आवर कोमल भी मन कर दी जाने से आवर तीनो मिल कर गीता की जिसम को रगडते रही उन तीनो की तड़प देख कर शांति रागनी आवर माया भयउ उनके साथ hi बैठ कर गीता के हाँथ पेअर को रगडती रही जिससे गीता की जिसम मैं गर्मी आ गयी जो गीता पहले से hi जगी थी वह उठ कर बैठ गयी तब जाकर तीनो ने रहत की शंस ली आवर तीनो hi गीता से लिपर्ट गयी

भगवन जी हर जन्म मैं मुझे एहि परिवार देना जो सभी मुझे इतना पेयर करते है आवर मेरी गुड़िया तो मेरी जान है

अभी गीता सोच hi रही थी की नैना बोलने लगी दीदी आप को क्या हो गया था तब गीता को अपने यादों से बहार आई

गीता :
गुड़िया चलो अब चुप हो जाओ मैं बिलकुल ठीक हुईं पायल ने मुझे दवा खिला दी है काजल आवर तुम दोनों भी इसके साथ रो रही हो चलो अब सोने जाओ अभी बहुत रात हो गयी है मैं ठीक हुईं माँ आप लेकर जाओ िनेह

नहीं मैं आप के साथ मैं hi सो जाउंगी नैना बोल कर hi गीता के बगल मैं सो गयी कुछ देर के बाद सभी रूम से चली गयी अब रूम मैं सिर्फ गीता आवर नैना hi थी

कारन अभी भी नींद मैं hi था जो बीएड के निचे सो रहा था नैना बीएड पर जल्दी hi सो गयी जो गीता उठ कर कारन को फिर से अपने साथ सोला ली
 
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