Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed) - Page 2 - SexBaba
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Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed)

अपडेट 8



गीता अपने ऑफिस के गेट पे थी आवर गार्ड ने उसे गेट पे hi रोक दिया था

गीता : प्लीज मुझे अंदर जाने दीजिये मुझे नौकरी की बहुत ज़रूरत है

गार्ड : चलो मैं तुमेह अंदर जाने दूंगा तो मुझे के मिले गए


गीता के आधी नंगी चूंकि को खा जाने वाली नज़रों से घोरते हॉवे कहा

गीता : मेरे पास अभी कुछ भी नहीं है जो मैं तुमेह दे सकती हुईं मगर जब मेरी नौकरी लग जाएगी तो उसमे से कुछ पैसे मैं देती रहूंगी

गार्ड : नहीं मुझे पैसे नहीं चाहिए मुझे बस एक बार अपनी कबूतर को देखा दो

गीता को गुस्सा तो बहुत आ रहा था मगर इस वकत वह अपने गुस्से की घूंट पि रही थी

गीता : प्लीज मुझे जाने दीजिये मैं अच्छे घर की लड़की हुईं मगर अभी हम बड़ी मुसीबत मैं है मेरी माँ हॉस्पिटल मैं है आवर इलाज के लिए मुझे नौकरी करनी पड़े रही है आवर मेरी माँ के अलउआ मेरा कोई नहीं प्लीज जाने दो

गीता वह अपनी बहुत सी मज़बूरी बया गार्ड को मगर उसे कोई दया नहीं आया उसे फिर गीता वह से घर चली गयी

नैना : दीदी आप कहा गयी थी मैं कब से ढूंढ रही थी

गीता : अरे मेरी राजकुमारी मुझे क्यू ढूंढ रही थी

नैना : दीदी मैं कब से कह रही थी पायल दीदी से मुझे माँ के पास जाना है मगर वह मुझे नहीं ले जा रही है

गीता : ओह इस लिए ढूंढ रही थी चलो मैं अपनी राजकुमारी को ले चलती हुईं

फिर दुनो हॉस्पिटल के लिए निकल रहे थे तभी गीता का फ़ोन बाज़ा

hello : मुन्ना के हुवा बोलो कुछ पता चला कहा है रहीम चाचा

मुन्ना नया ड्राइवर था आवर गीता सुबह hi उसे रहीम का पता करने के लिए भेजा था

मुन्ना : जी मेम शाहब रहीम का पता चला गया है वह अभी अपने घर पे है

गीता : ठीक है मुन्ना तुम घर पे आ जाओ ..... पायल पायल

पायल : जी दीदी

गीता : अभी मुझे एक काम याद आयी है तो तुम अभी नैना को हॉस्पिटल ले जाउंगी

पायल :ठीक है दीदी

पायल के जाने के बाद गीता भी रहीम चाचा के घर पे चली गयी रहीम चाचा भी घर पे hi थे

रहीम : अरे बिटिया तुम कितनी बड़ी हो गयी हो तुम जब मेरे साथ यह आती थी तो कितना डर्टी थी आवर आज इतनी बड़ी हो गयी हो की अकेली आगयी

रहीम चाचा के आप सरब पि कर ड्राइव कर रहे थे गीता कॉफ़ी पिटे हुवे पूछा

रहीम नहीं बिटिया तुम जानती हो मैं सरब पीना तो दूर मैं देखना भी पसंद नहीं करता

गीता : तो जो रिपोर्ट विक्रम फूफा ने दिखाया वह के था आवर आप ने माँ को सचाई बताया क्यू नहीं

रहीम : बिटिया मैं नहीं चाहता की तुम्हारे परिवार वाले को कुछ हो मैंने तुम्हारा नमक खाया था आवर मेरा फ़राज़ था सचाई जानना आवर मेरा पहला साख विक्रम पे गया तब से उस पे नज़र रखने लगा

गीता : फिर भी चाचा ये बात माँ को बता सकते थे आवर के पता चला विक्रम फूफा के बारे मैं

रहीम : एक दिन बड़ी मालकिन यह आई थी मुझसे मिलाने आवर मैंने सब कुछ उनेह बताया तो वह विक्रम से पूछने की बात करने लगी तो मैंने उनेह मन कर दिया कुछ भी पूछने से क्यू एक वही था जो कंपनी का देख भल कर सकता था .....आवर विक्रम के पीछे करते ये पता चला है की विक्रम बस एक मोहरा है

गीता : मैं कुछ समझी नहीं छाछ विक्रम फूफा एक मोहरा है इस का के मतलब हुवा

रहीम : है बिटिया विक्रम ज़रूर इन सब मैं शामिल है वह भी तुम्हारी दुलत के लिए.... मगर कोई आवर है जो उस की मदद कर रहा है आवर क्यू ये मुझे पता नहीं चल रहा है

गीता : तो एक को मैं जानती हुईं छाछ जो हमारी सवालो का जवाब दे सकता है

रहीम : कौन बिटिया

गीता :
मोहित

अअअअअ दीदी मैं किसी से नहीं बताऊंगा प्रॉमिस

के हुवा वीर फिर से सपना देखा जब मुस्कान आवर कारन टीवी देख रहे आवर कारन टीवी देखते hi सो गया आवर सपना देखने लगा एक लड़की की जब छिलने लगा तो मुस्कान ने पूछा

यह कारन को मुस्कान ने वीर नाम दिया है आवर स्कूल मैं भी वीर hi लिखा है

वीर : है मुस्कान वह लड़की hi है मगर अब कुछ कुछ पहले से जयादा उस का चेहरा दिख रहा है

नेक्स्ट मॉर्निंग

दीदी दीदी उठिये न आज आप को ऑफिस जाना है कोमल ने कहा

ओह है चुटी अभी टाइम के हुवा है गीता जल्दी से उठ कर बाथरूम जाती हुयी पूछा

कोमल : दीदी 7 ऍम बज रहे है

सब लोग नास्ता कर रहे थे तभी गीता का फ़ोन बजा उठ कर अपने रूम मैं जा कर बात करने लगी क्यू की ये फ़ोन रहीम का था

hello छाछ के मिल गया मोहित आप को

रहीम : है बिटिया वह अब हम्हरे कब्ज़े मैं है तुम बैश अभी अस जाओ

गीता : ठीक है चाचा अभी मैं ऑफिस जा रही हुईं ऑफिस से एते hi मैं वह आ करुँगी तब तक आप उसे जो चाहे करे सोचे जानने के लिए
 
अपडेट 9

आवर गीता विक्रम के साथ ऑफिस के लिए निकल गयी ....जब गार्ड ने देखा विक्रम की गाड़ी आ गयी है तो जल्दी से भगा गेट खोलने के लिए जब गेट खुला तो गार्ड के भी मुंह खुल गया आवर सलाम मेम शाहब कह के वही खड़ा रहा जैसे उसे ज़मीन ने पकड़ लिया है

गीता : मेरा मुंह के देख रहे हो हटो आगे से

विक्रम गीता को ऑफिस के सभी लोगो से इंट्रोडक्शन करवाया मालकिन के रूप में मगर गीता को दो तीन लोग को देख कर ाज़िब लगा फिर एक लड़की को देख कर गीता कुश हो गयी तब तक वह लड़की भी गीता के पास आगयी

विक्रम : गीता बीटा ये है सपना आवर सपना ये है इस कंपनी के मालकिन गीता सिंह ...गीता बीटा ये आज से तुम्हारे साथ रहेगी... सपना तुम ने अच्छे से ऑफिस को सहज दिया है न

सपना : जी सर

विक्रम : तो ठीक है गीता को ऑफिस मैं ले जाओ आवर आज से तुम गीता के साथ रहूंगी

गीता : सपना तुम अभी से जॉब करने लगी के बात है.... अपने ऑफिस मैं आते hi गीता ने सपना से कहा गीता आवर सपना अमेरिका मैं साथ मैं स्टेडी कर रहे थे

सपना : करनी पड़े रही है सपना ज़मीन देखते हुवे कहा जो उस के आँखों में आंसू थे गीता आज पता चला गरीबी किसे कहते है आवर अपने आँखों से अंशु पॉच लिया

गीता : ये के तेरी आँखों में ांशो है तू तो हमेशा हस्ते रहती थी कुछ हुवा है के प्लीज बता न तू तो मुझे अपनी बेस्टफ्रेंड कहती थी तो मुझे नहीं बताएगी

सपना से आवर नहीं रहा गया आवर गीता के गले लग बिलक बिलक कर रोटी रही ...गीता भी उसे रोने दिया फिर कुछ देर बाद पूछा चल बता के हुवा है

सपना : अमेरिका से जब तो घर चली गयी तो कुछ दिन बाद माँ का फ़ोन आया की हमारा कंपनी घाटे मैं चल रही है तो मैं घर आगयी घर आने के बाद देख पापा जो पहले कभी कभी ड्रिंक करते थे अब हर दिन करने लगे फिर एक दिन पापा ने आत्महत्या कर लिए पापा के मरने के बाद हमारे पास जो कुछ भी था सब ख़तम हो गया तो मैं जॉब करने लगी आवर तूने क्यू स्टेडी चुद दो

फिर गीता ने भी अपनी कहानी सोना दिया जिसे सून कर पायल को लगा मुझसे भी ज्यादा गीता दुःख में है

कुछ डिअर बाद सपना जो गेट पे गार्ड है वह कैसा आदमी है

सपना : बहुत hi नीच हरामी है वह लड़की की मज़बूरी का फायदा उठा कर गलत हरकत कर ता है

गीता : तो जा कर उस निकल दो ऐसे लोगो की ज़रूरत नहीं है मुझे

गीता सपना घर कैसे जाएँगी तो ऑफिस से निकलते हुवे पूछा

सपना : टेक्सी से

गीता : तो चल मैं तुझे घर चूड़े दूंगी ... आवर तुम गए नहीं अभी तक गीता जब गेट पे खड़ा गार्ड को देखा तो पूछा

गार्ड : सॉरी मेम शाहब गलती हो गयी मांफ कर दीजिये मेरे छोटे छोटे बांचे है

आवर गीता के कदमो में गिर कर गिड़गिड़ाने लगा

गीता : ठीक है यह नौकरी करना है अच्छे से करो नहीं तो तुम जा सकते हो ... चलो सपना

गार्ड कमीना मुस्कान लिए कहने लगा साली बड़ी गर्मी है तेरे अंदर ठंडा कर दूंगा

रहीम चाचा कहा है मोहित गीता सपना को घर चुदने के बाद सीधे रहीम के घर गयी आवर चाकू उठा लिया

रशिम : बेटी अंदर है कुछ भी नहीं बोल रहा है बहुत मारा इसे

गीता मोहित के पास जाते hi चाकू उस के जांघ पे मार दिया मोहित दर्द से तड़पने लगा मगर गीता ने चाकू निकल कर फिर मार दिया मोहित से अब दर्द बर्दास्त नहीं हुवा आवर बेहोश हो गया ...... फिर कुछ देर बाद जब मोहित को हश हश आया तो पहले hi अपनी गर्दन है मैं हिलने लगा

मोहित : मुझे बस इतना पता है ये सब तुम्हारी शांति आंटी के लिए हो रहा है कोई शमशेर सिंह का बीटा है जो तुम्हारी शांति आंटी को पाना चाहता है आवर उस की मदद विक्रम कर रहा है आवर तुम्हरा पापा आवर चाचा को भी उन्ही लोगो ने मारा है आआआआ प्लीज अब मुझे चूड़े दो

गीता : चाचा हमारा काम हो गया मार दीजिये इसे .... हम कल बात करते है के करना उन कमीनो का

इसी तरह दिन बिट रहे थे आवर गीता अपने ऑफिस के साथ अपने परिवार आवर शमशेर सिंह के बारे मैं भी पता किया आवर उस के बेटे के बारे में

गीता : चची आप किसी शमशेर सिंह को जानती है

शांति : है जानती हुईं मगर अभी ये सब के पूछने लगी चल जल्दी कर आज कारन का 18 जनम दीं मानते है

यह वीर अपने सपने मैं आने वाली लड़की की फोटो की तस्वीर बना दिया था जो कितने दिन के बाद आज पूरा हुवा .... वीर उस फोटो को देख कर बहुत खुश हो रहा था आवर अपने मैं बाटे कर रहा था कौन हो आप आवर मेरे सपने मैं बार बार क्यू आती है आवर मैं आप को दीदी कह कर क्यू बोलता हुईं तभी फोटो को मुस्कान वीर से चीन कर भाग गयी ......... मुस्कान न जाने कब से वह थी मगर एक बार भी वीर मुस्कान को नहीं देखा जो ऐसा कभी नहीं हुवा था के मुस्कान वीर के सामने हो आवर वीर कुछ न बोले उसे मगर आज वीर फोटो में उलझा था आवर मुस्कान भागते हुवे अपने घर वालो के पास चली गयी जो सभी नास्ता कर रहे थे

परेम सिंह : मुस्कान बीटा अब तुम बच्ची नहीं रही जो इस तरह कुढ़ रही हो

मुस्कान : ओह पापा मैं तो अभी भी चुटी लड़की हो पूछ लो दादू से क्यू दादू मैंने सही कहा न

दादा : है परेम बीटा अभी मेरी मुस्कान तो बंचि hi है

मुस्कान : दादू ये देखिये वीर ने आज अपने सपने मैं आने वाली लड़की की तस्वीर पूरी कर ली ये देखिये

मुस्कान ने वह तस्वीर अपने दादा आवर माँ को देखने के बाद पापा के को देखने hi वाली थी तभी वीर ने तस्वीर मुस्कान से चीन लिया


दोस्तों आज रात इंट्रोडक्शन भी दे दूंगा
 
अपडेट 10

इंट्रोडक्शन

तीजपरताब सिंह / हीरो के दादा जी / जो अब इस दुनिया में नहीं है इन के चार बच्चे है 2 लड़के आवर 2 लड़की

ममता देवी / हीरो के दादी जी/ ेगे 64


पंकज सिंह /हीरो के बड़े पापा/ इन की बस एक बेटी है /ेगे 46

माया देवी /हीरो के बड़ी माँ/ ेगे 44

गीता सिंह /पंकज आवर माया की बेटी /आवर हीरो की बड़ी बहन/ 25

सुनीता सिंह /हीरो के बड़ी बोवा / आवर ममी भी क्यू की माया के भाई से शादी हुवा है इन की कोई औलाद नहीं है /ेगे 45

विनय सिंह सुनीता का पति / हीरो के बड़े फोफा आवर बड़े मां भी /47

कविता सिंह / हीरो के बड़ी बोवा/ इन की 2 बेटी है /ेगे 44

विक्रम सिंह / हीरो के छूटे फूफा आवर कविता का पति/ ेगे 46

ये दुनो अपने दादा दादी के साथ रहती है

रिया सिंह /हीरो की बड़ी बहन/ कविता आवर विक्रम की बेटी ेगे 23

पिंकी सिंह / हीरो की बड़ी बहन / कविता आवर विक्रम की चुटी बेटी / ेगे 22

रमेश सिंह / हीरो के पापा / ेगे 42

शांति देवी /हीरो की माँ/ इन के 5 बांचे है एक बेटे के लिए लड़की की लाइन लगा दी /ेगे 42

पायल सिंह / हीरो की बड़ी बहन/ ेगे 22 शांति आवर रमेश की 1बेटी

काजल सिंह / हीरो की बड़ी bahan/ege 21 शांति आवर रमेश की / 2 बेटी

कोमल सिंह / हीरो की बड़ी बहन/ ेगे 20 शांति आवर रमेश की /3 बेटी

कारन सिंह उर्फ़ वीर /हीरो / शांति आवर रमेश का बीटा

नैना सिंह / हीरो की चुटी बहन/ शांति आवर रमेश की / 4 बेटी

मुस्कान सिंह / हीरोइन

आवर भी लोग हँगे जो उन का परिचय होता रहेगा

तो स्टोरी' पे आते है

पायल देख कारन बाबू दीदी तेरे लिए वीडियो कॉल किया है ले बात कर ... कारन नहीं मैं नहीं बात करदूंगा दीदी ने बोलै था वह मेरा जनम दिन पे आएगी मगर वह नहीं आई


पायल : देख ऐसे बात नहीं करते गीता दीदी तुझे काटना प्यार करती है देख तू नहीं बात करेगा तो दीदी रोने लग्गी

नैना : कारन भैया बात कर लो न दीदी से

कारन ने फ़ोन पायल के हांथो से ले लिया आवर देखा तो सोच मैं उस की गीता दीदी रो रही थी कारन दीदी प्लीज आप मत रोइये ... गीता तो पहले प्रॉमिस करो तुम मुझसे गुस्सा नहीं होगा आवर मुझसे कभी बात न करने की बात करेगा ..... प्रॉमिस गीता दीदी मैं आप से कभी गुस्सा नहीं हूँगा आवर बात भी हमेशा करूँगा आप प्लीज चुप हो जाईये .........वीर उठो वीर उठो सुबह हो गयी आवर तुम किससे बात कर रहे थे अभी ...... कारन गड़भाड़े कर उठ गया

परेम सिंह /मुस्कान के पापा / वह कारन को उठाने ए थे जो अभी तक सो रहा था वीर मगर जब वह वीर के कमरे में आये तो देखा वीर सोते हुवे बोलते जा रहा था

कारन : ौंकल मुझे याद आ गया जो मेरा सपने मैं जो लड़की है वह मेरी गीता दीदी है

ौंकल / ये तो अच्छी बात है तो तुमेह अपना घर वाले भी याद होंगे आवर तुम्हारा घर कहा है आवर अपना नाम भी

वीर : ौंकल मुझे बस तुड़ी तुड़ी अपनी फॅमिली की याद आ रही है मगर मुझे गीता दीदी की बहुत याद आ रही है मैं जब उन से बात नहीं करता तो वह बहुत रोटी थी

ौंकल : ठीक है वीर बीटा जब तुमेह अपनी फॅमिली की पूरी यादें नहीं आ जाती तुम एहि रहना ठीक है चलो जल्दी मुझे सहर भी जाना है

कुछ देर बाद सभी नास्ता कर रहे थे

परेम सिंह : अच्छा मुस्कान बेटी मैं अब सहर जा रहा हुईं आवर वही पे तुम्हारा आवर वीर का एडमिशन भी करा दूंगा

मुस्कान : ठीक है पापा मैं अभी अपना सरे पीपर लती हुईं आवर वीर की भी

परेम सिंह : मुस्कान बेटी तुम अपनी पीपर ले कर औ मैं वीर से मांग कर ला रह हुईं

जब परेम वीर के कमरे में गया तो देखा वीर बाथरूम मैं था तो वह वही कुर्सी पे बाथ गया आवर वीर को आवाज़ दे कर बुलाया वीर कुछ hi देर में आ गया

वीर : है ौंकल बोलिये

परेम सिंह : बीटा तुम अपना सरे डाक्यूमेंट्स दे दो मुझे मैं तुम्हारा भी एडमिशन वही करा दूंगा

वीर : ठीक है ौंकल

आवर वीर अपना सरे पीपर निकलने लगा अचानक खिड़की से हवा आने लगी आवर जो वीर ने तस्वीर बनाया था वह परेम सिंह के पास जा पहुंची आवर परेम सिंह ने वह तस्वीर उठा कर जब देखा तो ये तो काजल की बहन जैसी लग रही है

वीर के एहि तस्वीर तुम ने बनाया है
 
अपडेट 11

वीर के एहि तस्वीर तुम ने बनाया है परेम सिंह तस्वीर देखते हुवे वीर से पूछा

वीर : है ौंकल एहि है मेरी गीता दीदी के आप जानते उनेह

परेम सिंह : है वीर बीटा सैयद 3. 4 शाल पहले ये लड़की अपनी बहन को सीरियस हालत मैं ले कर आई थी मेरे हॉस्पिटल मैं आवर मैंने hi इलाज़ किया था

के उनका नाम काजल था वीर से रहा नहीं गया जैसे उसे कुछ याद आया हो

परेम सिंह : है उस का नाम काजल hi था .... ओह कही वही तुम्हारी फॅमिली तो नहीं

वीर : है ौंकल काजल दीदी मेरी बहन है मैं अभी अपना पार्किंग कर रहा हुईं मैं भी आप के साथ चलूँगा

परेम सिंह : ठीक है मगर तुम मेरे साथ रहूंगी जब तक तुम्हारा फॅमिली नहीं मिल जाती

वीर : के मतलब ौंकल मेरी फॅमिली मिल नहीं जाती ...आप को तो पता होगा न मेरी फॅमिली कहा रहती है

परेम सिंह : नहीं वीर मुझे नहीं पता के तुम्हारा फॅमिली कहा रहती है मगर हॉस्पिटल मैं तुम्हारा फॅमिली का सैयद एड्रेस मिल सकता है मैं वह जाकर पता करता हुईं पता चलते hi मैं तुम्हे वह बोलै लूंगा

वीर : नहीं ौंकल मुझे आप के साथ जाना है

परेम सिंह : ठीक है मैं अभी जा रहा हुईं आवर तुम दुनो का अड्मिशन हो जाने के बाद तुम मुस्कान को लेकर वह आ जाना ठीक है क्यू की अभी पापा भी नहीं है यह उनेह बुरा भी लगे के तुम बिना उनेह बताय चले गए

वीर : ठीक है ौंकल मगर ज़रा जल्दी करना दादा जी के आने के बाद मैं आप को फ़ोन करूँगा

परेम सिंह :ठीक है वीर बीटा मैं चलता हुईं जब तक पापा नहीं आ जाते तुम इस घर के मालिक हो आवर मुस्कान आवर अपनी आंटी का ध्यान रखना ठीक है

अच्छे से धेयान रखता है मेरा बीटा आप की तरह नहीं जो कभी भी भाग जाते है रूम के अंदर आते हुवे मुस्कान की माँ ने कहा

ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग

ओह आआआ दीदी उठिये न नैना पर्सन होते हुवे कहा

गीता : के हुवा गुड़िया सोने दे न

नैना : दीदी देखिये आप ने मेरी बूब्स लाल करदी पकड़ते हुवे

नैना रात भर पर्सन थी गीता उसे पकड़ कर सो रही थी

गीता : मैंने के किया है

नैना : ये देखिये आप ने मेरी बूब्स का के हल किया है अगर आप रोज़ इस दबती रही तो ये आप से भी बड़ी हो जाएगी लगता है बड़ी माँ से कह कर आप को शादी करवानी hi हूँगी आवर उठ कर भाग गयी आवर भागते हुवे कहा दीदी आप का फ़ोन कब से बज रहा है

गीता : रुक सैतान की नानी अभी तुझे बताती हुईं आवर हसने लगी

परेम सिंह : मरिया तुम ज़रा मेरा ऑफिस मैं आना

मरिया : है सर बोलिया किस लिए बुलाया है कोई काम था के

परेम सिंह : है मरिया उस काजल का फ़ैल ले कर आओ जिसे हमने टिर्टमेन्ट किया था

मरिया : सॉरी सर मगर वह फ़ैल तो आग लगने से जल गयी आवर साथ में आवर भी फ़ैल जल गयी

हो no अब कैसे वीर की फॅमिली का पता चलेगा परेम सिंह पर्सन होते हुवे कहा

इधर गीता ने देखा तो बहुत सरे मिस कॉल थे आवर उस ने फ़ोन लगा दिया मगर उधर से सिर्फ रोने की आवाज़ आ रही थी

गीता : प्लीज बुवा रोइये मत मैं आप को फ़ोन करने hi वाली थी

सुनीता : रट हुवे तो जब अमेरिका मैं मेरे पास थी तो उठ कर पहले मुझे बिस करती थी मगर जब से वह गयी तब से मुझसे सही से बात भी नहीं करती

गीता : सॉरी सॉरी सॉरी माँ प्लीज रोइये मत नहीं तो मैं भी रोने लगूंगी आवर गीता की भी आँखे नाम हो गयी

सुनीता : ठीक है मैं नहीं रोटी चल तो भी चुप हो जा आवर प्रॉमिस करो तुम मुझे रोज़ फ़ोन करेगी

गीता : प्रॉमिस बोवा

ा
 
अपडेट 12

गीता: प्रॉमिस बुवा मैं आप को हर रोज़ कॉल करुँगी

सुनीता : चल अब नातनकी बंद कर आवर बता घर में सब कैसे है

गीता हमेशा hi ऐसा करती थी जब भी सुनीता नाराज़ होती या कोई काम निकलना होता तो गीता माँ कह कर रोने लगती थी आवर सुनीता माँ सून कर बहुत खुश होती आवर गीता हर मनाग पूरी करती

गीता : सब अच्छे है बोवा लो माँ भी आ गयी लो बात कर लो

सुनीता : है भाभी को दे दे मगर पहले मुझे पप्पी दे

गीता ूउम्मम्मा आवर फ़ोन अपनी माँ को दे कर बाथरूम चली गयी मगर गीता का बाथरूम का के गेट बंद था

गीता : चुटी माँ जल्दी कीजिये न मुझे सो सो आई है

गीता जानती थी के उस के बाथरूम मैं चुटी माँ hi जा सकती है गीता का बाथरूम सिर्फ बड़े hi बिना पूछे उसे कर सकते है आवर नैना भी मगर आवर बहाने गीता का बाथरूम पूछ कर उसे करती है

शांति : आई बाबा इतनी बड़ी हो गयी है आवर तुड़ी देर बर्दास्त नहीं कर सकती है

गीता : चुटी माँ तीज लगी है तो क्या करू आवर आप कितनी देर से अंदर है के कर रही थी कही वो वो थो नहीं आवर बाथरूम की गेट बंद कर दिया

सुनीता : गेट खोल अभी बताती हुईं अंदर के के रही थी ये आज कल के बांचे भी न कुछ भी बोलते रहते है मगर मेरी गीता बेटी बहुत समझ्यादार हे भगवन मेरी बेटियां को ऐसे hi खुश रखना

इधर हरिया मायुश चेहरे ले कर आ रहा था...... वीर के हुवा चाचा आप मायुश क्यू है आवर दादा जी कहा है .... हरिया वह वीर बीटा मालिक को ........कुछ भी नहीं हुवा है वीर बीटा ये अपने घर जाने की बात कर रहा था तो मैंने अभी मन कर दिया राजेंदर सिंह पीछे आते हुवे कहा आवर हरिया को घूरने लगे

वीर : अरे चाचा इस मैं मायुश होने की ज़रूरत है कुछ दिन बाद चले जाना है न दाद्दु

हरिया : मालिक आप ने बताने क्यू नहीं दिया वीर बीटा को हवेली के अंदर आते हुवे कहा

राजेंद्र सिंह : हरिया तुझे पता है न वह कितना गुस्सा करता है अगर उसे पता चला के मेरे साथ क्या हुवा है तो जा कर सब को पिटे गए इस लिए तो उसे कभी भी ये बात उसे नहीं बताना

इधर सभी बहने एक साथ बैठ कर टीवी देख रही थी ....... नैना : कोमल दीदी वह कितनी अच्छी साड़ी पहनी है न नैना टीवी पे हीरोइन को देखते हुवे कहा हम भी माँ आवर बड़ी माँ के लिए ऐसी hi साडी लेने चले

सभी बहने नैना को देखते हुवे मुस्कुरा रही थी वह जानती थी के नैना माँ के ज़रिये अपने लिए शॉपिंग करनी चाहती है

कोमल : तो तुझे के करना है जब माँ आवर बड़ी माँ मार्किट जाएँगी तो ले लेंगी मैं जानती हुईं तो उन के बहाने अपनी सिप्पिंग करने वाली है मोती कही की

नैना : चिदते हुवे दीदी मैं मोती नहीं हुईं देखिये मैं मोती नहीं huin.....our नैना अपने तिसरत उतर दिया

ये के मेरी राजकुमारी नंगी क्यू है गीता ऑफिस से घर आते हुवे कहा

नैना मायुश होते हुवे जा कर गीता से लिपट गयी .... दीदी देखिये न कोमल दीदी मुझे मोती कह रही है आवर पायल दीदी आवर काजल दीदी है रही है मैं मोती नहीं हुईं

गीता : तुम लोगो को आवर काम नहीं है जो मेरी राजकुमारी को तंग कर रही हो देखना एक दिन सभी मेरी हांथो से मर घेंगी

काजल : दीदी मैंने के किया है मैं तो कभी अपनी गुड़िया को मोती नहीं कहा आवर गीता को आंख मर दी ..... पायल : आवर मैंने भी अपनी गुड़िया को मोती नहीं कहा आवर पायल भी आँख मार दिया

नैना : देखिये आप के सामने hi इन्होने मुझे मोती कहा मैं अभी अपनी Jen's उतर कर देखती हुईं मैं मोती नहीं हुईं

गीता : ाएर अरे नहीं रुको आवर तुम सब सून लो मेरी राजकुमारी मोती नहीं अब कहा न तो देख लेना

कोमल फिर गीता को बता दिया के ये सिप्पिंग करने की बात कर रही है

गीता : है तो मैं अपनी राजकुमारी को कल हम सब सिप्पिंग करने चलिए गए चलो मेरी राजकुमारी रूम मैं आज मैं भी तो देखूं की तुम मोती हो की नहीं आवर सभी हसने लगी

नेक्स्ट morning..sabhi नास्ता कर रहे थे वीर .....आंटी के ौंकल को कॉल आया था आज ौंकल के गए हुवे 6 दिन हो गए


रम्य : नहीं बीटा अभी तो नहीं आया सैयद ज़रूरी काम में बहस गए हँगे इस लिए कॉल नहीं किये हँगे तुम फिकर मत करो जल्द hi कॉल करेंगे ...... मुस्कान की माँ का नाम रम्य है

वीर : ठीक है आंटी प्लीज ौंकल से पता कीजिये न मेरी फॅमिली मिली के नहीं मैंने बहुत बार फ़ोन किया मगर लग hi नहीं रहा

इधर सभी बहने गाड़ी से उतरती है जो सभी कहर ध रही थी वह पे जितने लोग थे सब आहे भर रहे थे आवर एक जगह चार लड़के बाटे कर रहे थे

लड़का 1: विकी वह देख के माल है साला लैंड खड़ा हो गया है

सभी उस तरफ देखने लगे तभी एक की नज़र गीता पे पड़ी आवर उसने कहा मोंटी चुप हो जा नहीं तो वह तेरी जो लैंड खड़ा है न वह काट देगी

मोंटी : सेल विमल तो डरता बहुत हैं वह एक लड़की है हमारे के बिगड़े लेगी चलो मज़ा लेते है

विमल : तो hi जा मैं नहीं जाऊंगा तुझे आज पता चल जायेगा के वह लड़की नहीं शोला है उसे छूटे hi जल जायेगा
 
अपडेट 13

पायल : गुड़िया चल तो इधर आ तुझे बोलै है न हमारे साथ hi रहना

नैना : दीदी मैं तो आप के साथ hi हुईं दीदी उधर चलिए न वह देखिये कितना अच्छी लहंगा है

गीता : गुड़िया कोई शैतानी नहीं करना कोमल देख के लेगी जा दिला दे मैं घर वालो के लिए कुछ ले लेती हुईं

इधर मोंटी अपने दोस्तों के साथ नैना आवर कोमल के पीछे चल दिया

दीदी आप का क्या नाम है नैना वह जा कर सेल्स गर्ल से पूछा

सेल्स गर्ल : मुस्कुराती हुवी पूर्वी मगर तो यह मेरा नाम पूछने आई हो या कुछ लेना है

कोमल : सॉरी ये तुड़ी सैतान है मगर आप बोरा नहीं मानिये मेरी गुड़िया बहुत अच्छी है

सेल्स गर्ल : कोई बात नहीं है बोलिये के देखा दो

नैना : वह वाला लहंगा देखा दीजिये ..... नैना आवर कोमल लहंगा ले कर अपने दीदी के यह जाने लगी .... मगर रस्ते मैं hi मोंटी पीछे चलते हुए नैना के गांड पे हाँथ फेर दी ....... नैना ने सोचा अनजाने में हुवा होगा तो वह आगे चलती रही मगर आगे तुड़ी भिड़े था ....तभी मोंटी भिड़े का फायदा उठा कर नैना के गांड बेदर्दी से दबा दिया नैना आउउउच कर के उछाल पड़ी

कोमल : के हुवा गुड़िया ठीक से चल न ....... नैना तेज़ी मैं चले हुवे अपनी बाँहों के पास चली गयी

पायल : गीता दीदी आप ने माँ बड़ी माँ बुवा के लिए सिप्पिंग कर लिया के

गीता : है कर लिया आवर तुम सब ने भी कर लिया न ........ ये लोग आपस में बातें कर रहे थे मगर नैना के तरफ ध्यान नहीं दे रहे थे जो बेचारी सहमी सी कड़ी थी आज पहली बार किसी ने उस की जेसम को चुवा था चुवा था कहना गलत होगा बेदर्दी मसला था जो अभी भी नैना की गांड दर्द कर रह था जब नैना को पीछे कड़ी देखा तो वह दरी हुवी थी जो गीता को बहुत बोरा लगा आवर वह कोमल पे भड़क गयी

गीता : कोमल तुझे अच्छा नहीं लगता के गुड़िया तेरे साथ रहे तो मन कर देती मैं खुद अपनी नैना को सिप्पिंग करा देती तेरी वजह से इस के आँखों से आंसू बाह रही है मुझे अच्छा नहीं लगा

कोमल मायुश होकर दीदी मैंने कुछ भी नहीं किया गुड़िया के साथ ये वह जो भी कहा सब दिला दिया आवर उस की आँखे नाम हो गयी.... नैना गीता से जा कर लिपट कर कहने लगी दीदी कोमल दीदी ने कुछ भी नहीं किया आवर फिर गीता को अपनी उंगली से मोंटी के तरफ इशारा कर के बता दिया के किया है उस के साथ ..... गीता को अपसोस हुवा बिना जाने कोमल को बोल दिया

पायल : तुम इन की घर ले जा ..... पायल दीदी आप कहा जा रही है ......गीता : पायल को आँख देखते हुवे मैंने के कहा सोना नहीं

इधर मोंटी अपने दोस्तों से कहता है के मज़ा आया साला नरम गांड था लगा गद्दी हो लगता है उसे भी मज़ा आया होगा इस लिए रंडी ने कुछ भी नहीं बोलै तब तक गीता भी वह पहुंच गयी आवर उस के हांथो पे लोहे का रेड था आवर जाते hi बिना कुछ पूछे सब मरने लगी वह बस छिलने की आवाज़े आने लगी कुछ hi देर मैं वह मॉल के मैनेजर भी आज्ञा

मैनेजर : के हुवा मेम आप िनेह मार क्यू रही है प्लीज आप यह हंगमा मत कीजिये हमारे मोल्ल की बदनामी हो जाएगी प्लीज मेम

गीता : तुम अभी यह से हैट जाओ वर्ण तुम भी मार खाओ के उस वकत कहा था जब मेरी बहन के साथ ये गन्दी हरकत कर रहा था.... आवर तो सेल चल अपने हरमि बाप को कॉल कर ...... मोंटी के हालत ख़राब था फिर भी कंपते हुवे अपने बाप को फ़ोन लगा दिया..... आवर कुछ hi वकत मैं मोल्ल पे 2 टाटा सोमो आ कर रुकी आवर उसमे से एक लम्बा सा आदमी निकला .... जब मैनेजर ने उस आदमी को देखा तो भाग कर वह चला गया

मैनेजर : अरे राणा साहब आप का बीटा है के

राणा : सेल कमीने मेरे बीटा को एक लड़की मार रही है आवर तो यह मुझसे पूछने आ रहा है आवर एक तप्पड़ मैनेजर को मार दिया आवर गीता के पास जाकर तो है कौन रंडी जो मेरे बेटे मार रही है तुझे एहि नंगा कर के रेप करूँगा

गीता : गुस्से मैं आवर मोंटी को मारने लगी सून बे सुवर अभी तो तेरे ये हरामी बेटे को hi मारा है आवर कुछ बोलै न तो जो तेरी इज़्ज़त है न एहि उतर दूंगी ......... राणा आग बाबुल होकर अपने आदमियों को गीता को मरने भेजने hi वाला थे के 2 गाड़ी से एक बोड्डी बिल्डर सा आदमी भागते हुवे आया आवर सब को रुक दिया आवर का नाम शेरा था

शेरा : सॉरी मेम गलती हो गयी मांफ कर दीजिये प्लीज आप यह से चली जाईये आप को कोई कुछ नहीं करेगा

ये के शेरा तूने उस रंडी को जाने क्यू दिया घर आने के गुस्से मैं कहा

शेरा : अभी संत रहिये राणा साहब वह जो दिखती है वह नहीं जो है वह दिखती नहीं बस इतना जान लीजिये अभी हम उस का कुछ नहीं बिघडे सकते है

ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग...... रम्य hello आप कहा थे अब जा कर फ़ोन किया है यह वीर वह जाने के लिए पर्सन है

परेम सिंह : ाएर बाबा एक एमर्जेन्सी केस मैं फस गया था आवर है तुम कल मुस्कान आवर वीर को यह भेज देना मैंने उन दुनो के एडमिशन करा दिया है अभी फ़ोन रखता हुईं रात मैं कॉल करूँगा ...... 9 पं सभी डाइनिंग टेबल पे खाना खा रहे थे

कविता : नैना तेरी गीता दीदी कहा है अभी तक घर नहीं आई कितना वकत हो गयी है


नैना : बुवा गीता दीदी का ज़रूरी काम आज्ञा था तो वह ऑफिस चली गयी ... खाना खाने के बाद आज नैना कोमल के रूम मैं सोने चली ggayi....sorry दीदी मेरी वजह से गीता दीदी ने आप को डांटा मायुश सा चेहरा बना कर कहा

कोमल : इधर आ मुझे बोरा नहीं लगा के दीदी ने मुझे डांटा मगर मैं तुम से नाराज़ हुईं के तुम ने मुझे क्यू नहीं बताया मैंने पूछा भी था तुम से चलो वडा करो अब से कुछ बात होगा मुझे बताएगी

नैना : प्रॉमिस अब मैं आप को हर बात बता दूंगी अब आप नाराज़ नहीं है न

लन्दन मैं दो लोग पूरी तरह सरब पि कर लूंड थे उनमे से एक ने कहा

सेल विक्रम तो अभी तक शांति को मेरे नीचे नहीं ला पाया है तो है तेरी ज़िन्दगी पे सेल तेरे लिए अपने बाप से कह कर उन दुनो को भी मरवा दिया अब तो श्री प्रॉपर्टी का मालिक भी हो गया फिर भी मेरा काम नहीं किया

विक्रम : के करो सूरज जब से साली गीता आई है मुझे कुछ करने hi नहीं देती आवर हर वकत अपनी फॅमिली के साथ रहती है अब तो कविता hi कुछ कर सकती है

सूरज : साली कविता लगता है उसे दवा नहीं पीला रही है अब तक तो शांति की छूट की गर्मी बछड़े जनि चाहिए थी चल रंडी को कॉल लगा

ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग

hello मालिक इतनी रात को फ़ोन क्यू किया है मेरा पति एहि पास मैं सो रहा है कविता घबराते हुवे कहा

विक्रम : साली रंडी अब तक के कर रही है शांति को दवा दे रही है की नहीं

कविता : फिकर मत करो विक्रम बहुत जल्द शांति मेडम की छूट लैंड मांगने लगेगी सुबह hi मैंने देखा है वह अपनी छूट में बहुत hi बेरहमी से मसल रही थी जयादा दिन वह अपनी छूट की गर्मी बर्दास्त नहीं कर सकती है
 
अपडेट 14

नेक्स्ट मॉर्निंग ...... रम्य : मुस्कान बीटा तुम ने अपनी साडी सामान रख लिया है न अच्छे से ला देखा के के रखा है देखो तो

मुस्कान : ओह ओह मेरी प्यारी माँ मैंने सभी सामान रख लिया है है मगर मुझे वीर देखे नहीं दिया कहा है वह

रम्य : वह तेरा बहार कब से इंतज़ार कर रहा है

आवर कुछ hi वकत मैं वीर आवर मुस्कान ने उन्हें अलविदा कर के सहर के लिए निकल पड़े....... इधर गीता आवर सपना होटल के रूम में नंगी हालत मैं सो रही थी ऐसा लाग रहा था जैसे रात भर दुनो जौंग लड़ी हो गीता निनाद से जागते hi सपना की छूट को चूसने लगी

सपना : हहहह गीता अभी तक तेरा मन नहीं भरा के रात भर तूने मेरी छूट से कितनी बार पानी निकल दिया है ओह हहहह ओह अअअअअ करते हुवे सपना ने अपनी अमृत जल गीता के मुंह मैं झड़ने लगी जो गीता सारा पानी पि गयी

गीता :ओह सपना के टेस्ट है तेरी छूट की पानी का कितने दिन के बाद पिने का मक्का मिला है ..... ये दुनो उसे मैं हमेशा hi एक दूसरे की छूट की पानी निकलती थी आवर कितने दिन के बाद आज ये दुनो को मक्का मिला .... गीता का फ़ोन बजा ... दूसरी तरफ से hello के मैं 1 से बात कर रहा हुईं

गीता : सैयद बोलो के बात है.... दूसरी तरफ से अरे यार कभी तो अच्छे से बात कर ला . अच्छा मेरी बात धेयान से सुनो ज़रा संभल के रहना सूना है कुछ लोग तुझे टारगेट करने वाले है

गीता : तो ये बात है तुम फिकर मत करो मैं सब संभल लुंगी तुम जानते हो न मेरा नाम 1 है

एक एलिसन बांग्ला मैं 5 लोग बात कर रहे थे .. आदमी 1 : शमशेर भाई 1 जब से आई है जीना हराम कर दिया है हमें कुछ करना hi होगा नहीं तो हमारा कोई इज़्ज़त नहीं रहेगा आवर शेरा बता रहा था के उस ने राणा साहब के बीटा को भी बोरी तरह मारा उस ने जो अभी तक हॉस्पिटल मैं है

शमशेर सिंह : अरे वह हमेह बहुत hi पर्सन कर रही है साला पहले हमेह उस के सभी साथी को मरना होगा फिर जब वह अकेली पड़े जाएगी तब उसे मरेंगे

कैसी है मेरी राजकुमारी मुझे तो गुस्से मैं लग रही है

नैना : जाईये मुझे आप से बात नहीं करनी जानती है मैंने सब से झूट बोलै है आप के लिए के आप ऑफिस मैं है आवर आप ने मुझे कॉल किया था सब ने आप के बारे में पूछा तो बताया

गीता : ओह मेरी चुटी गुड़िया उउउउउम्मम्मम चलो सॉरी अब से मैं तुम्हे बता के जाउंगी

नैना : दीदी के आप ने उन सब बदमाश लड़को की पिटाई किया के

गीता : तो के मेरी तो एक hi चुटी राजकुमारी है आवर उन हरामी ने जहा मेरा हक़ है वह हाँथ लगाया तो मैं उसे ऐसे hi चूड़े देती आवर नैना की बूब्स को दबा दी

नैना : मुंह बनाते हुवे देखने दीदी एक दिन में भी आप की ये बहुत दबाऊँगी

गीता : चल रात मैं दबा लेना अभी चल खाना कहते है मेरी प्यारी गुड़िया कविता दीदी आप की बहन कब तक आएंगी कितने दिन हो गए उनेह गए हुवे

कविता : गीता मेम शाहब कमला दीदी जल्दी hi आजाएंगी मुझे भी घर की याद आ रही है..... नोट ... ये कविता कमला की बहन है जो ये गीता के यह पारा पारी रहते है कमला घर जाती है तो कविता यह रहती है अपने पति के साथ

गीता : ठीक है खाना लगाओ .. गुड़िया घर में कोई देखे नहीं दे रहा है कहा गए सब

नैना : दीदी सभी दादी के घर गयी है दादी का सुबह कॉल आया था के उन का भाई मर गए है इस लिए सभी देखने चले गए है मगर पायल दीदी एहि है नहाने गयी है

गीता : ठीक है खाना खा मैं दादी से बात कर लुंगी कब आ रही है

हरिया : बड़े मालिक शमशेर सिंह कुछ ज्यादा hi उड़े रहा है ऐसा चलता रहा तो वह एक दिन हमारा भी ज़मीन पर कब्ज़े कर लेगा आप ने अचछा नहीं किया वीर बीटा को बता देना चाहिए था के उस ने आप को तप्पड़ मारा है

राजेंद्र सिंह :चुप बिलकुल चुप रह जनता नहीं है उस दिन खेत पे के हुवा था वह रामु मुझसे सिर्फ सही से बात नहीं कर रहा था तो उस ने उसे मरते हुवे भगा दिया था जब ये सूने गए की शमशेर सिंह ने मुझे तप्पड़ मारा है तो न जाने क्या कर देगा इस लिए नहीं बताने दिया

इधर शांति बेचैन थी उसे छूट बहुत परेशां कर रही थी आवर वह अपनी हाँथ बार बार अपनी छूट में दाल रही थी जो माया ने देख लिया जो वह सभी लोग बाथ कर बाटे कर रहे थे जो माया को अच्छा नहीं लगा

माया : चुटी तो ये क्या कर रही है सरम नहीं आती जब ये लोग देख लेंगे तो के सोचेंगे तेरे बारे मैं धीरे से शांति के कान मैं कहा

शांति : ने भी माया के कान मैं कहा दीदी मेरी छूट मैं बहुत खुजली हो रही है मैं मर जाउंगी आठ प्लीज कुछ कीजिये प्लीज धीरे धीरे सीस किरिया लेते हुए कहा

माया ने भी शांति के आँखों में देखा तो उस की आँखे मदहोश नज़रे लगी तो वह उसे रूम मैं ले गयी

माया : चुटी मुझे समझ मैं नहीं आ रहा है तूने यह के देख लिया जो इतनी गरम हो गयी है के लोगो के सामने hi अपनी छूट में उंगली करने लगी आवर माया ने 20 मिनट्स तक शांति की छूट मैं ऊँगली करती रही तब जाकर शांति अपनी छूट से पानी चुदने लगी आवर दुनो वही सो गयी

ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग गीता ने सोते हुवे फ़ोन उठाया.. hello कौन बूल रहा है

दूसरी तरफ से hello अपने साथियों की जान बचाना छाती हो तो अभी यह पहुँचों नहीं तो सभी को मार दूंगा ...... गीता हड़बहट हुवे जल्दी से उस के बताई हुवी जगह पे पहुँच गयी आवर देखा उस के साथी जख्मी हालत में पड़े है

गीता : तुम लोग कौन हो आवर मेरे शांतियों को क्यू पकड़ते हुवे हो

गुंडा : तुझे मरने के लिए तुझे जिस को भी याद करना है कर ले फिर कभी याद करने की नहीं रहेंगी

गीता : अच्छा तो ये बात है तूने मुझे मरने के लिए मेरे शांतियों को पकडे लिया है चल मैं भी तो देखूं तुझे मैं कितना ताकत है जो मुझे मरना चाहता

आवर गीता ने अपनी झांग से गन निकल कर चलने लगी दुनो तरफ से गुलिया की आवाज़े आने लगी किसी तरह गीता ने अपनी एक साथी को बचा कर भागने लगी मगर कुछ आवर गुंडे ने पीछे से गोली चलने लगे गीता को भी एक गोली पीठ पे लगी गीता वह से रेलवे स्टेशन की तरफ भगति हुवी किसी से टकरा गयी वही पे गिर गयी


 
अपडेट 15



गीता उस लड़के से टकराते hi वही पैट हो कर जमीन पर गिर गयी आवर उस के पीठ पे लगी गोली की जगह से खून बाह रहा था और वीर गीता को उठाने वाला था तभी

मुस्कान : वीर तुम ये सब लफड़े मैं मत पदों ये गाओ नहीं है जो इस लड़की की मदद कर रहे हो ये सहर है यह पे जो मदद करता है उसे hi मार देते है तो प्लीज चलो मेरे साथ पापा आते hi होंगे

वीर : मुस्कान गाओ हो या सहर मुझे कोई फरक नहीं पड़ता आवर तुम अभी मुझे जाने के लिए बोल रही हो अगर इस लड़की की जगह आंटी होती तो भी के तुम तब भी एहि कहती

मुस्कान अपनी सर नीचे कर के सर्मिन्दा हो गयी वीर जल्दी से टेक्सी बोलै कर मुस्कान के मदद से गीता को ले कर हॉस्पिटल की तरफ चल दिया वीर ने अभी तक गीता का चेहरा नहीं देखा था उसे अभी गीता का खून दिख रहा था जिसे देख कर वीर को ऐसा लग रहा था जैसे वह खून उस की जिस्म से बाह रहा हो रस्ते मैं hi मुस्कान ने अपने पापा को कॉल केर के कह दिया के हम एक लड़की को ले कर हॉस्पिटल पहुँच रहे है जो इमरजेंसी है गाड़ी तीजी से चलती हुवी हॉस्पिटल पहुँच गयी जो वह परेम पहले से उस के लिए तैयार था गीता ी स ो मैं भर्ती हो गयी 30 मिनट के बाद परेम ी स ो से बहार निकला जो उस के चेहरे पे ख़ुशी थी

वीर : ौंकल अब वह लड़की कैसी है जल्दी बताइये न देखिये मेरे सीना कितना तीजी से धडक रहा है ऐसा लग रहा है जैसे मुझे hi गोली लगी हो

परेम : अभी घर चलो अब वह लड़की खतरे से बिलकुल बहार है 2 ह मैं उसे होश आ जाएगी तब देख कर तुमेह पता चल जायेगा ठीक है

वीर : मगर ौंकल प्लीज मुझे अभी उस लड़की को देख लेने दीजिये न फिर चलते है

परेम : वीर ज़िद क्यू कर रहे हो मैं कह रहा हुईं न वह खतरे से बिलकुल बहार है चलो तुम दुनो थक गए होंगे पहले घर जा कर नाहा खा लो तब तक लड़की को हश भी आ जाएगी ..... परेम अभी नहीं चाहता था के वीर को पता चले की वह लड़की वीर की बहन है जान कर वह यह रोटा रहे आवर परेम की बात मान कर वीर आवर मुस्कान दुनो घर चलिए गए .... इधर गुंडे गीता को ढूंढते रहे मगर गीता नहीं मिली आवर वह फिर अपनी जगह पे पहुंचे गीता के साथी को पकड़ने मगर वह भी वह से भाग गया था 2 ह बाद गीता को हश आते hi बलेड परिसर अचानक बढ़ने लगा डॉ डॉ माया छिलने लगी जो परेम सिंह जल्दी आ गया

परेम सिंह : गीता प्लीज अभी कुछ भी मत सोचो तुम अभी तुड़ी कमज़ोर हो इस लिए संत रहो मगर गीता की धड़कन तेज़ी से धडक रहा था आवर गीता ने बस इतना कहा मेरा भाई आ गया तब तक परेम ने उसे बेहोशी की इंजेक्शन दे दिया
 
अपडेट 16

दीदी दीदी सोते हुवे अचानक नैना छिलने लगी...... पायल वही साथ मैं पढ़े रही थी नैना के चीखे पर उस के सर दबाते हुवे पूछने लगी के हुवा गुड़िया

नैना : बस दरी हुवी थी गीता दीदी कह कर पायल से लिपट गयी

पायल: तुझे कितनी बार कहा है दिन में मत सो मगर तो मेरी बात सुनती hi नहीं आवर गीता दीदी को के हुवा है जो रो रही है ......

नैना : वह पायल दीदी मैंने देखा गीता दीदी भैया भैया कह कर बहुत रो रही थी.

पायल : चलो चुप हो जाऊ तुम ने अभी सपना देखा है गीता दीदी सुबह hi ऑफिस गयी है

उसी वकत पायल का फ़ोन बजा

पायल : है काजल तुम लोग वह से चल दिए है के

काजल : है दीदी हम सब आ रहे है तुम अभी जिस हॉस्पिटल मैं मेरा टिर्टमेन्ट हुवा था वह पहुँचो मैं भी सब को घर ले जा कर वही आ रही हुईं

पायल: सब ठीक तो है न तू मुझे हॉस्पिटल मैं जाने को क्यू बोल रही है

काजल : दीदी कुछ देर पहले डॉ परेम का फ़ोन आया था के दीदी को तुड़ी सी चोट आई है मैंने अभी किसी को नहीं बताया है ........ नैना दीदी काजल दीदी ने के कहा है

पायल : कुछ नहीं गुड़िया तुम घर पे रहो माँ आ रही है मैं अभी आई ....... नैना: नहीं दीदी मैं भी आप के साथ चलूंगी मुझे ठीक नहीं लग रहा है प्लीज प्लीज मुझे भी अप्प के साथ जाना है

पायल: ठीक है पहले वडा करो के तुम वह चुप रहोगी आवर घर में किसी को कुछ नहीं बताउंगी .... नैना ठीक है दीदी

वीर : मुस्कान के कर रही हो यार अभी हम हॉस्पिटल जा रहे है सधी मैं नहीं जो इतनी सहज रही हो

मुस्कान : है है पता है चलो आवर कहने लगी कितना बोद्धो है ये कभी मुझे देखता hi नहीं ही रे मेरी किस्मत सारा स्कूल के लड़के मेरे पीछे पागल है आवर मैं इस के पीछे पागल हुईं आवर मुस्कुरा दी

हॉस्पिटल के गेट पे दुनो तरफ से गाड़ी रुकी एक मैं से पायल जल्दी उतर कर नैना को ले कर हॉस्पिटल मैं चली गयी आवर उतनी hi तीजी मैं वीर भी उतर कर हॉस्पिटल के अंदर गया आवर वीर का दिल हॉस्पिटल के पास आ कर आउट तेज़ी से धडक रहा था वीर पायल दुनो एक साथ डॉ से पूछा के हम मिल सकते है आवर एक दूसरे को देखने लगे

पायल: सोचने लगी मुझे ऐसा क्यू लग रहा है जैसे मैं इस लड़के को जानती हुईं दिल कह रहे है अभी इसे अपने सीने से लगा लो .... मगर वीर से रहा नहीं गया आवर उस ने पायल से लिपट गयी आवर उसका दिल जो पहले डेज़ी से धडक रहा था अब स्लो हो गया आवर पायल को ऐसा लगा जैसे वह कारन को गले लगाई है

इधर मुस्कान
को जलन होने लगी आवर आवर तो उसने वीर को पायल से अलग कर दिया पायल को अच्छा नहीं मगर वह गीता के पास चली गयी

पायल के आँखों में ांशो थे मगर वह रो नहीं रही थी नैना के वजह से वह जानती थी नैना ने देख लिया तो वह भी रोने लगेगी

पायल : दीदी आप को चोट कैसे लगी आप तो सुबह ऑफिस कह कर गयी थी आवर आप का सांसे इतनी क्यू फॉल रही है मैं अभी डॉ को बोलती huin....tab तक गीता ने पायल का हाँथ पकड़ लिया आवर कहने लगी पायल हमारा कारन इस सहर मैं आ गया है .....

तभी डॉ परेम की आवाज़ आई सहर मैं नहीं आई तुम्हारा जान भी बचाया है वीर अंदर आ सकते हो परेम ने वीर को पायल के रूम जाते hi बता दिया था के जो तस्वीर तुम ने बनाया था वही लड़की को तुम ने बचाया है तब से वीर अंदर आने के लिए बेचैन था वीर अंदर आकर मूरत की तरह खड़ा था उस की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था

नैना : के ये मेरा कारन भैया है ौंकल

पायल : आप को कैसे पता ये मेरा हमारा कारन भाई है

परेम सिंह : मुझे इस लिए पता है क्यू ये जब से हमारे साथ है तब से ये सपने मैं एक लड़की को हमेशा hi देखता था आवर कुछ दिन पहले hi उस की तस्वीर भी बनाया जो तुम्हारी बहन गीता से मिलती है

आवर परेम सिंह ने वह तस्वीर पायल को देखा दिया जिसे देख कर पायल को आँखे भर आई

गीता : छोटी मुझे भी यकीं है के ये मेरा कारन है क्यू की देख मेरा दिल भी अब धीरे धीरे धडक रहा है जो पहले तेज़ी से धडक रहा था जा कर देख ऐसा ताबीज़ उस के गले मैं है के

जब वीर ने ताबीज़ देखा तो वह अपने आप को नहीं रुक सका आवर जा कर पायल से लिपट गया आवर कहने लगा दीदी मैं आप को जनता हुईं आप मेरी पायल दीदी हो आप को याद है मैंने आप से कहा था के काजल दीदी से नशे के बारे मैं मत पूछिए गए आवर अपनी ताबीज़ देखा दी इतना सुनते hi पायल कारन को अपने सीने से ऐसे लगाया के उस के बूब्स कारन के सीने मैं डाब रहे थे मगर ये प्यार था भाई से बिछाने का ...... खुसी का ठिकाना नहीं था तीनो बहनो का

पायल : ौंकल के मैं दीदी को घर ले जा सकती हुईं

डॉ : है बीटा ये बिलकुल ठीक है इसे गोली सिर्फ को कर निकल गयी थी

ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग....... hello 2 के हुवा है

hello सर हम पे हमला हुवा है आवर हमारे 3 साथी मरे गए आवर मुझे भी गोली लगी है मगर अब मैं ठीक हुईं

सर : चलो ठीक है इस बारे मैं 1 को पता नहीं है न

2 : है सर 1 को भी गोली लगी है मगर अभी मैं नहीं बता सकता वह ठीक है की नहीं

सर : चलो तुम फिकर मत करो वह एक गोली से तो नहीं मर सकती है
 
अपडेट 17

तो इतनी तीजी मैं कहा जा रही है तुड़ी आराम करले दादी ने कहा काजल आते hi जाने लगी

काजल : दादी मैं अभी आई मुझे पायल दीदी ने अपनी सहेली के घर पे बुलाया है कुछ काम है...... अभी काजल दादी से बात कर hi रही थी तो बहार से गाड़ी की हॉर्न सोने दिया जो सब ने सोना

माया : ले तेरी पायल दीदी आ गयी

गाड़ी से उतारते hi नैना कारन को तेज़ी मैं घर के अंदर गिचते हुवे ले जाने लगी आवर अपनी दादी के पास ले जाकर खड़ा कर दिया

नैना : दादी आप का चस्मा कहा है जल्दी बोलियां मैं अभी लेकर आती हुईं तब बताइये गए मेरा बॉयफ्रेंड कैसा है आवर कारन को आँख मार दिया


माया : देख गुड़िया अभी कोई मस्ती नहीं तेरी दादी अभी दुखी है चल अब ये बता कौन है ये

नैना : ओह बड़ी माँ आप कभी मेरी साथ नहीं देती ये बताइये आवर कुछ साल मैं दादी को एक लाठी की ज़रूरत पद सकती है न तो ये वही है दादी का बुढ़ापे का लाठी यानि दादी का पता ....... सभी एक साथ चीख पड़ी के उनेह समझ मैं नहीं आ रहा था वह क्या करे इतनी बड़ी बात नैना ने अचानक दे दी सभी अपनी हाँथ अपने मुंह पे रख लिया कुछ देर तक सब शांत थे शांति तो वही ज़मीन पे बाथ गयी आवर आँखों से आंसू बहा रही थी मगर ये आंसू ख़ुशी का था जो बरसो के बाद निकला था तब तक पायल आवर मुस्कान गीता को सहारा देते हुवे घर के अंदर ला रही थी जो अभी गीता को तुड़ी दर्द हो रहा था

गीता : देख लिया दादी मैंने कहा था मेरा भाई आइयेगा देखिये कितना बड़ा हो गया है

सभी बहुत खुश थे आवर सभी ने कारन को अपने सीने से लगा कर अपनी खुसी ज़ाहिर किया के उनेह कइने दर्द का सामना किया है जो कारन कुछ बोल तो नहीं रहा था मगर उसे सब से गले लगते हुवे पता चल रहा

बड़ी माँ आप ने फिर मेरी प्यारी कोमल दीदी को अपने घर पे छोड़ दिया है वह मुझसे अभी तक मिलने नहीं आई ....... जब सभी छूटे थे तो माया हमेशा कोमल को अपने मइके ले कर जाती थी आवर जब घर आती तो कारन पूछता तो बताती के कोमल को वही रहने दिया जो करना मुंह बना कर चला जाता

माया : अपनी आँखों से ांशो की बोंडे उंगली से निकलते हुवे नहीं ते पायरी कोमल दीदी आते hi बाथरूम मैं चली गयी है जा ऊपर रूम मैं है ... कारन भागते हुवे कोमल के रूम मैं जा कर बाथ गया

बीटा आप का नाम के है शांति मुस्कान को कॉफ़ी देते हुवे कहा

मुस्कान : आंटी मेरा नाम मुस्कान है

दादी : बीटा कारन तुम लोगो के पास कैसे पहुंचा ....... फिर मुस्कान ने बता दिया जो उस के दादा ने उसे बताया था

गीता : मुस्कान तुम्हारा फॅमिली मैं कौन कौन है

मुस्कान : दीदी आप तो मेरे पापा को जानती है उन के बाद मेरी माँ है आवर दादा जी आवर एक वीर

दादी : बीटा तुम्हारे दादा का क्या नाम है

मुस्कान : दादी मेरे दादा का नाम राजेंदर सिंह है

माया आवर शांति कायययययय

इधर कोमल नाहा कर टावल लपेट कर निकली hi थी के उस की नज़र बीएड पे लेते कारन को देखा जो दूसरी तरफ मुंह कर के अपनी फोटो देख रहा था आवर दरवाज़ा खुलने की आवाज़ सोन कर पलट कर कहा

कोमल : अपनी टावल ज़ोर से बांधते हुवे कहा तुम कवन हो

कारन : कोमल दीदी मेरी वह फोटो कहा है जो मैंने आप की पप्पी लेते हुवे फोटो था ....

कोमल माँ माँ छीलते हुवे जल्दी से नीचे भागी

माया : क्या बात है जो बिना कपडे पहने चीला रही है

कोमल : वह वह बड़ी माँ मेरे कमरे में एक लड़का पता नहीं कहा से आ गया है जल्दी चलिए न

शभी हसने लगे

नैना : ओह ओह दीदी वह लड़का नहीं वह कारन भैया है

कोमल : के गुड़िया तू सच कह रही है वह हम्हरा कारन है आवर सभी की तरफ देखने लगी

आवर सब ने अपनी गर्दन है मैं हिला दिया मुस्कुराते हुवे कोमल को जब देखा सब ने है मैं गार्डन हिला रहे है तो उसे इतनी ख़ुशी हुवी की वह टावल मैं hi भागते हुवे जा कर कारन से लिपट गयी जो कारन उसके साथ नीचे आ गया था

माया : अरे अरे पागल लड़की ये क्या जा पहले कपडे तो पहन ले

हरिया : रम्य मालकिन बड़े मालिक कहा है

रम्य : हरिया काका वह तो सुबह hi खेत पे गए है मगर अब तक नहीं आई है मैंने सोचा तुमेह पता होगा आवर आप hi पूछ रहे है

तभी राजेंदर खून से भिनगा हुवा आया जो उसी का खून था आवर आते hi हरिया से कहा

राजेंद्र : हरिया मेरी बहो को ले कर सहर भाग जा वह लोग आते hi होंगे
 
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