- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 147,091
अपडेट. 26
नेक्स्ट मॉर्निंग..... गीता फ्रेश हो कर होटल रूम मैं इधर से उधर टहल रही थी जो सैयद गुस्से मैं थी काजल अभी बाथरूम मैं फ्रेश होने गयी थी.. आवर जैसे hi काजल बाथरूम से निकली गीता उसे तप्पड़ पे तप्पड़ मरने लगी काजल को मरने के बाद बीएड पे बाथ कर खुद hi रोने लगी
काजल : दीदी मुझे आवर मार लीजिये मगर आप रोइये नहीं मैं आप से बहुत पैर करती हुईं प्लीज दीदी चुप हो जाइये प्लीज... काजल भी गीता के पैरो मैं गिर कर रोने लगी
गीता : रोने के शिव मैं आवर कर भी के सकती हुईं तुझे मरती हुईं तू चोट मुझे लगती है मैंने के कुछ नहीं किया अपने परिवार के लिए मगर तुम ने मुझे बहुत hi दुःख दिया है तुम्हारे लिए मैंने घर पे कितनी बार झोट बोलै है आवर तुम मेरे लिए एक नशा नहीं चोदे सकती हो अब मैं बहुत थक गयी हुईं मैं तुझे ऐसे अपनी ज़िन्दगी बर्बाद करते हुवे नहीं देख सकती हुईं मेरी बहन प्लीज मेरे लिए तू ये नशा करना चोदे दे मैं तेरी पेअर पड़ती हुईं... गीता काजल की पैड पकड़ने लगी मगर काजल पीछे हैट कर अपने मुंह पे हाँथ रख कर आँखों से ांशो बहा रही थी जैसे झरना बाह रहा है
काजल : दीदी आप प्लीज ऐसा न करिये आप कहो तू मैं अभी आप के लिए अपनी जान दे दूंगी मगर प्लीज मुझे नशा करने से मत रोकिये एक एहि तू है जो मैं जी सकती हुईं
गीता : ये के कह रही है मेरी बहन कोई नशा से कैसे जी सकता है आवर तू मेरे लिए अपनी जान दे सकती है मगर नशा नहीं चोदे सकती है आखिर के वजह है बता मुझे तुझे मेरी कसम है अगर तुम ने मुझे नहीं बताया तो मैं खुद अपनी जान एहि दे दूंगी मैं तुझे अपनी नज़रो के सामने घोट घोट कर मरते हुवे नहीं देख सकती ... गीता ने अपनी पर्स से गन निकल कर अपनी सर पे लगा लिया
काजल : डीई प्लीज गन हटाइये वह से मैं आप को सब बता दूंगी प्लीज गीता दीदी गन हटा लीजिये वह चल जाएगी मैं आप को सब बता दूंगी..... काजल गीता के हाँथ मैं गन देख कर आवर दर गई
गीता : तुम चाहती है के मैं गन अपने सर से हटा लो तू पहले कारन का कसम खा के तू मुझे सब सोच बताइये गई
काजल : हहहहहह दीदी कारन की कसम मैं आप को बताउंगी आप प्लीज गन हटाइये वह से वह चल जाएगी
गीता : ठीक है बता आखिर के हुवा है तेरे साथ मैं सब ठीक कर दूंगी चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े ...... काजल जल्दी गन गीता से हाँथ से ले कर फेक दिया
काजल : दीदी मुझे ंस्नाफ कर देना मैं भाई से दिलो जान से प्यार करती हुईं अगर वह मुझे नहीं मिला तू मैं मर जाउंगी मैं रातो को सो भी नहीं पति हुईं सोने के बाद मुझे भाई सी नज़र अत है इस लिए मैं नशा करती हुईं के वह मुझे याद न आये फिर भी उस की याद नहीं जाती लगता है मैं पागल हो जाउंगी प्लीज मुझे अपने हांथो से मर दीजिये मैं कैसी बहन हुईं जो अपने छोटे भाई से प्यार करती हुईं
गीता : आ इधर तू सोच मैं कारन से प्यार करती है मगर ये हुवे कैसे आवर इस मैं नशा करने की के ज़रूरत थीं
काजल : दीदी आप मुझसे गुस्सा नहीं है के मैं भाई से प्यार करती हुईं
गीता : नहीं मैं अपनी बहनो से बहुत प्यार करती हुईं अगर तुझे कारन प्यार हो गया तो के कर सकते है मगर ये कैसे हुवा
काजल : दीदी आप तू जानती हो हम एक भाई के लिए कितना तदपि है जब कारन का जनम हुवे तो जयादा तर कारन मेरे साथ सो ता था धीरे धीर हम बड़े होते गए जब मैं 12 की थी तो एक दिन मैं अपने एक दोस्त के घर गयी तो देखा वह पे दो लोग मरे थे आवर घर वाले वही बाथ कर रो रहे थे आवर फिर मेरी दोस्त भी जाकर रोने लगी तू मैं घर आ गयी दूसरे दिन मेरी दोस्त स्कूल नहीं आई इसी तरह वह कई दिन स्कूल नहीं आई तू मैं उसके घर चली गयी तू उसके घर पे टाला लगा हुवा था वह से मैं घर आने लगी तभी एक लड़की वह मिल गयी वह भी मेरी hi कॉल्स मैं थी मैंने उस से पूछा तो वह कहने लगी उसका भाई अपने hi बहन से प्यार करता था आवर उस के पापा ने दुनो को जान से मार दिया मैं उस दिन बहुत दर गई थी क्यू की मैं भी कारन से प्यार करती थी मगर वह एक भाई बहन वाला प्यार था मैंने सोचा पापा को पता चला वह भी मेरे साथ कारन को मार देंगे इस लिए मैं कारन से दूर रहने लगी फिर मोहित घर आया आवर मुझे नशा की आदत लगा दी मैं भी कारन से दूर रहने के लिए नशा करने लगी ............ फिर आप तू जानती है के हुवा आप भी हम सब को चोदे कर चली गयी कारन को ढूंढने मगर मुझे कारन की बहुत याद आती थी मगर मुझे नहीं पता था के मुझे वह भाई वाला प्यार था ये लव ..... मगर मैं जैसे जैसे बड़ी होती गयी मुझे कारन से मिलने की बेचैनी बढ़ती गई जब कारन घर आया तो मुझे ऐसा लगा मुझे साडी खुसी मिल गयी मगर मुझे जब वह बचपन की वह यात आती है तो मैं दर जाती हुईं इस लिए मैं नशा करने लगी
गीता : है तू कारन से बचपन से प्यार करती मगर तुझे पता hi नहीं था के वह एक भाई वाला पेयर था या लवर वाला मगर अब मुझे पूरा यकीं है तू सोच में कारन से भाई वाला नहीं एक लवर वाला पेयर करती है मगर अब तुझे कारन से भागना नहीं है तू अब कारन के साथ रह कर उसे अपना पेयर देखा सैयद कारन भी तुझसे प्यार कर ले मगर खा मेरी कसम की अब तू नशा नहीं करे गई
काजल : प्रॉमिस दीदी अब मैं नशा नहीं करुँगी मगर आप भी वडा कीजिये आप मेरी मदद करेंगी भाई का पेयर पाने में
गीता : हहहह के ज़माना आ गया है अब एक बहन को hi अपने भाई के लिए बहन की हेल्प करनी पड़े रही है ठीक है जो मुझसे हो गए मैं करुँगी मुझे बस अपनी भाई बहन की खुसी पायरी है
नेक्स्ट मॉर्निंग..... गीता फ्रेश हो कर होटल रूम मैं इधर से उधर टहल रही थी जो सैयद गुस्से मैं थी काजल अभी बाथरूम मैं फ्रेश होने गयी थी.. आवर जैसे hi काजल बाथरूम से निकली गीता उसे तप्पड़ पे तप्पड़ मरने लगी काजल को मरने के बाद बीएड पे बाथ कर खुद hi रोने लगी
काजल : दीदी मुझे आवर मार लीजिये मगर आप रोइये नहीं मैं आप से बहुत पैर करती हुईं प्लीज दीदी चुप हो जाइये प्लीज... काजल भी गीता के पैरो मैं गिर कर रोने लगी
गीता : रोने के शिव मैं आवर कर भी के सकती हुईं तुझे मरती हुईं तू चोट मुझे लगती है मैंने के कुछ नहीं किया अपने परिवार के लिए मगर तुम ने मुझे बहुत hi दुःख दिया है तुम्हारे लिए मैंने घर पे कितनी बार झोट बोलै है आवर तुम मेरे लिए एक नशा नहीं चोदे सकती हो अब मैं बहुत थक गयी हुईं मैं तुझे ऐसे अपनी ज़िन्दगी बर्बाद करते हुवे नहीं देख सकती हुईं मेरी बहन प्लीज मेरे लिए तू ये नशा करना चोदे दे मैं तेरी पेअर पड़ती हुईं... गीता काजल की पैड पकड़ने लगी मगर काजल पीछे हैट कर अपने मुंह पे हाँथ रख कर आँखों से ांशो बहा रही थी जैसे झरना बाह रहा है
काजल : दीदी आप प्लीज ऐसा न करिये आप कहो तू मैं अभी आप के लिए अपनी जान दे दूंगी मगर प्लीज मुझे नशा करने से मत रोकिये एक एहि तू है जो मैं जी सकती हुईं
गीता : ये के कह रही है मेरी बहन कोई नशा से कैसे जी सकता है आवर तू मेरे लिए अपनी जान दे सकती है मगर नशा नहीं चोदे सकती है आखिर के वजह है बता मुझे तुझे मेरी कसम है अगर तुम ने मुझे नहीं बताया तो मैं खुद अपनी जान एहि दे दूंगी मैं तुझे अपनी नज़रो के सामने घोट घोट कर मरते हुवे नहीं देख सकती ... गीता ने अपनी पर्स से गन निकल कर अपनी सर पे लगा लिया
काजल : डीई प्लीज गन हटाइये वह से मैं आप को सब बता दूंगी प्लीज गीता दीदी गन हटा लीजिये वह चल जाएगी मैं आप को सब बता दूंगी..... काजल गीता के हाँथ मैं गन देख कर आवर दर गई
गीता : तुम चाहती है के मैं गन अपने सर से हटा लो तू पहले कारन का कसम खा के तू मुझे सब सोच बताइये गई
काजल : हहहहहह दीदी कारन की कसम मैं आप को बताउंगी आप प्लीज गन हटाइये वह से वह चल जाएगी
गीता : ठीक है बता आखिर के हुवा है तेरे साथ मैं सब ठीक कर दूंगी चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े ...... काजल जल्दी गन गीता से हाँथ से ले कर फेक दिया
काजल : दीदी मुझे ंस्नाफ कर देना मैं भाई से दिलो जान से प्यार करती हुईं अगर वह मुझे नहीं मिला तू मैं मर जाउंगी मैं रातो को सो भी नहीं पति हुईं सोने के बाद मुझे भाई सी नज़र अत है इस लिए मैं नशा करती हुईं के वह मुझे याद न आये फिर भी उस की याद नहीं जाती लगता है मैं पागल हो जाउंगी प्लीज मुझे अपने हांथो से मर दीजिये मैं कैसी बहन हुईं जो अपने छोटे भाई से प्यार करती हुईं
गीता : आ इधर तू सोच मैं कारन से प्यार करती है मगर ये हुवे कैसे आवर इस मैं नशा करने की के ज़रूरत थीं
काजल : दीदी आप मुझसे गुस्सा नहीं है के मैं भाई से प्यार करती हुईं
गीता : नहीं मैं अपनी बहनो से बहुत प्यार करती हुईं अगर तुझे कारन प्यार हो गया तो के कर सकते है मगर ये कैसे हुवा
काजल : दीदी आप तू जानती हो हम एक भाई के लिए कितना तदपि है जब कारन का जनम हुवे तो जयादा तर कारन मेरे साथ सो ता था धीरे धीर हम बड़े होते गए जब मैं 12 की थी तो एक दिन मैं अपने एक दोस्त के घर गयी तो देखा वह पे दो लोग मरे थे आवर घर वाले वही बाथ कर रो रहे थे आवर फिर मेरी दोस्त भी जाकर रोने लगी तू मैं घर आ गयी दूसरे दिन मेरी दोस्त स्कूल नहीं आई इसी तरह वह कई दिन स्कूल नहीं आई तू मैं उसके घर चली गयी तू उसके घर पे टाला लगा हुवा था वह से मैं घर आने लगी तभी एक लड़की वह मिल गयी वह भी मेरी hi कॉल्स मैं थी मैंने उस से पूछा तो वह कहने लगी उसका भाई अपने hi बहन से प्यार करता था आवर उस के पापा ने दुनो को जान से मार दिया मैं उस दिन बहुत दर गई थी क्यू की मैं भी कारन से प्यार करती थी मगर वह एक भाई बहन वाला प्यार था मैंने सोचा पापा को पता चला वह भी मेरे साथ कारन को मार देंगे इस लिए मैं कारन से दूर रहने लगी फिर मोहित घर आया आवर मुझे नशा की आदत लगा दी मैं भी कारन से दूर रहने के लिए नशा करने लगी ............ फिर आप तू जानती है के हुवा आप भी हम सब को चोदे कर चली गयी कारन को ढूंढने मगर मुझे कारन की बहुत याद आती थी मगर मुझे नहीं पता था के मुझे वह भाई वाला प्यार था ये लव ..... मगर मैं जैसे जैसे बड़ी होती गयी मुझे कारन से मिलने की बेचैनी बढ़ती गई जब कारन घर आया तो मुझे ऐसा लगा मुझे साडी खुसी मिल गयी मगर मुझे जब वह बचपन की वह यात आती है तो मैं दर जाती हुईं इस लिए मैं नशा करने लगी
गीता : है तू कारन से बचपन से प्यार करती मगर तुझे पता hi नहीं था के वह एक भाई वाला पेयर था या लवर वाला मगर अब मुझे पूरा यकीं है तू सोच में कारन से भाई वाला नहीं एक लवर वाला पेयर करती है मगर अब तुझे कारन से भागना नहीं है तू अब कारन के साथ रह कर उसे अपना पेयर देखा सैयद कारन भी तुझसे प्यार कर ले मगर खा मेरी कसम की अब तू नशा नहीं करे गई
काजल : प्रॉमिस दीदी अब मैं नशा नहीं करुँगी मगर आप भी वडा कीजिये आप मेरी मदद करेंगी भाई का पेयर पाने में
गीता : हहहह के ज़माना आ गया है अब एक बहन को hi अपने भाई के लिए बहन की हेल्प करनी पड़े रही है ठीक है जो मुझसे हो गए मैं करुँगी मुझे बस अपनी भाई बहन की खुसी पायरी है