- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 147,091
अपडेट. 36
दीदी फिर आप चीखी क्यू आप कोई बोरा सपना तू नहीं देख लिया था आप ने कारन चिंतित होते हुवे कहा .. है भाई मैंने बोरा सपना hi देख लिया था गीता ने कारन आवर पायल को देखते हुवे कहा चोलो अब मैं ठीक हुईं .... अब गीता िनेह कैसे बताती के वह सपने मैं माता रानी को देखा अपनी आँखों के सामने.. तब तक सुबह भी हो गयी थी नरः भी गीता को अच्छे से देख कर चली गयी................... घर पे रागनी भी सुबह hi उठ गयी थी आवर वह शांति को देख रही थी आवर सोच भी रही थी ....... भगवन ने कैसा खेल खेला है मेरे साथ जो बच्चे सिर्फ मेरे थे आज वही बच्चे के 3 माँ है मगर मैं बहुत खुश हैं के मेरे बच्चे को इतनी पैर करने वाली माँ मिली है कास ये लोग मेरी हकीकत जान कर मुझे भी अपने परिवार मैं शामिल कर ले ..... रागनी अभी सोच hi रही थी तब तक शांति उठ कर बाथरूम मैं चली गयी ........... के सोच रही हो बहन शांति बाथरूम से निकल कर कहा
रागनी : नहीं कुछ भी नहीं आप कब उठी अभी तू आप सो रही थी ... रागनी को थोड़ी ार्चाये हुवा के शांति कब उठ कर बाथरूम जा कर आ भी गयी आवर मुझे पता भी नहीं चला
शांति : बहन मैं तू उठ कर बाथरूम से भी आ गयी पता नहीं तुम किस यादो मैं खोई हो ... ठीक है तुम बाथरूम हो कर आओ मैं कॉफ़ी बना देती हुईं ...... रागनी उठ कर बाथरूम चली गयी .... आवर शांति किचन मैं चली गयी कॉफ़ी बनाने के लिए ......... रागनी बाथरूम से आकर अपनी साड़ी अच्छे से पहन रही थी ...... तभी काजल माँ माँ कहती हुवे शांति के रूम आ गयी ..... आवाज़ सून कर रागनी जब पलटी तू काजल के खूब सूरत चेहरे को देख कर खो गयी .
काजल : रागनी के सामने छोटकी बजाते हुवे कहा आप कौन हो आवर मेरी माँ कमरे मैं के कर रही है ........ मगर रागनी बस काजल को hi देख रही थी आवर सोच रही थी कितनी पेयरी है मेरी बेटी ये मेरी माँ की तरह दिख रही है ....... hello कहा खो गयी आप मैं पूछ रही हुईं कौन हो आप आवर मेरी माँ के कमरे के कर रही है काजल थोड़ी चिल्ला कर कहा .......... काजल बेटी तू कैसी बाटे कर रही है मैंने तुझे एहि सिखाया है बड़े से ऐसे बाटे नहीं करते चलो सॉरी बोलो .... तब तक रागनी भी होश मैं आ गयी
काजल : सॉरी जो आप से ऐसी बात की
रागनी : कोई बात नहीं मैं कही खो गयी थी ......... फिर शांति ने रागनी को कॉफ़ी दी पिने को आवर चली गयी .... बाबा भी उठ गए थे तू शांति ने उनेह भी कॉफ़ी दी पिने को आवर नास्ता बनाने चली गयी ............ बाबा के बात है आप अचानक यह आ गए नास्ता करते हुवे माया ने कहा
बाबा : नहीं बेटी मैं एहि था तू पता चला गीता बेटी का एक्सीडेंट हुवा है तू देखने चला आया तुम तू जानती हो गीता मेरे साथ कितने दिन रही साथ मैं तू मैं गीता से एक रिस्ता बन गया है इस लिए देखने चला आया
शांति : है बाबा जी हमेह सब मालूम है गीता ने बताया था थी है बाबा जी नास्ता कर के चलते है हॉस्पिटल ........ रागनी बस नैना काजल आवर कोमल को hi देख रही थी आवर सैयद उसके के आँखों मैं ांसो भी आ रहा था मगर वह ांसो खोसी का था
शांति : बहन नास्ता करो न के सोच रही हो .... जब शांति ने देखा रागनी नास्ते करने के बजाये बस उसके के बेटियों को hi देख रही है
रागनी : हहहहह दीदी मैं कुछ नहीं सोच रही हुईं ...... आवर नास्ता करने लगी मगर कभी कभी उनेह देख भी रही थी .......... अरे बहन मैंने तुम से तुम्हारा नाम नहीं पूछ के नाम है तुम्हारा गाड़ी मैं बैठते हुवे शांति ने कहा
रागनी : रागनी नाम है दीदी मेरी ... है अच्छा नाम है .......... कोमल तू अपने मोबाइल मैं बिज़ी थी ..... मगर नैना बार बार रागनी को देख रही थी आवर सोच रही थी मुझे ऐसा क्यू लग रहा है मैंने कही देखा है िनेह महार पूछा नहीं उसने .......... काजल ड्राइव करते हुवे गाड़ी हॉस्पिटल की तरफ कर ते हुवे चल दी ....... माया आज घर पे hi रुक गयी माँ जी को देख भल करने के लिया
..............................................................
इधर धर्म सहर मैं पहुँच गया था आवर वह अचानक ड्राइवर ने बारीक लगा दिया जो धर्म को झटका लगा
धरम : साला कैसे गाड़ी चला रहा है आवर तूने गाड़ी क्यू रुक दी गुस्से मैं ड्राइवर से कहा ....... मालिक वह बचा आगे आ गया था तू रुक दिया ड्राइवर ने डरते हुवे कहा
धरम : तू थोक देना था आगे से मेरी गाड़ी कभी मत रुकना नहीं तू मैं तेरी सांसे रुक दूंगा ........ तभी एक लड़के ने शीशे पे मुक्का मारा जो टूट गया ..... जब शिक्षा टुटा तू धर्म कौन है बे कहते हुवे गाड़ी से निकला
धरम : तेरी हिम्मत कैसे हुवा मेरी गाड़ी को चुने की सेल एहि पे थूक दूंगा
लड़का : जयादा फाड़े फाड़ा मत अभी इस बचे की जान जाने वाली थी अगर मैं नहीं आया होता तू ये सड़क तेरे बाप की नहीं है जो इतनी तीज गाड़ी चला रहा है ये बाजार है यह लोग गाड़ी धीरे चलते है न की तीज ......... धर्म को इतना गुस्सा आया की उसने गन निकल कर लड़के पे तान दी
धरम : मेरी गाड़ी है मैं चाहे कितनी भी तीज चलौ तुझे के मुझे तू जनता नहीं है एहि थूक दूंगा मेरा कोई कुछ नहीं बिगड़ सकता है ....... अभी धरम धमकी hi दे रहा था .... तब तक लड़के ने गन चीन कर धरम पे hi तान दिया
लड़का : सून बे सुवर के औलाद है गाड़ी तू तेरी है मगर सड़क तेरे बाप की नहीं है आवर तुझे पता होना चाहिए के सड़क पे लोग भी चलते है ......... तभी रखा गाड़ी से निकल कर कहा भाई मनाफ़ करदे गलती हो गयी .....
लड़का : ठीक है समझा देना वर्ण अच्छा नहीं होगा इस के लिए आवर चला गया ........ धर्म भी गुस्से की घुट पि कर चला गया
लड़का : सत्य एक सिगरेट पीला यार सेल ने दिमाग hi गुमा दिया
सत्य : के हुवा वीर तू इतना गुस्से मैं क्यू है ..... है भाई लोग ये कारन hi था .... आवर सत्य ने अपनी जीब से सिगरेट निकल कर दे दिया
वीर : साला हॉस्पिटल मैं मेरा दिमाग घूम गया था वह बस दवा का hi बड़बो आ रहा था तू सोच बहार जा कर एक phok.mar लो आवर फिर सत्य को बताया के हुवा अभी
सत्य : चल चोदे जाने दे कुछ लोग होते है कुत्ते की दम जो टेड़े hi रहते है ..... आवर तू हॉस्पिटल मैं के कर रहा था के हुवा है तुझे
वीर : अरे यार मेरी दीदी का एक्सीडेंट हो गया था मेरी दीदी को बहुत चोट लगी थी मगर अब ठीक है
सत्य : तू सेल मुझे क्यू नहीं बताया है तू मुझे भला क्यू बताइये गए मुझे तू अपना मंटा hi नहीं है
वीर : नहीं यार ऐसी कोई बात नहीं है मैंने तुझे इस लिए नहीं बताया के तू अपना सारा काम चोदे कर आ जाता मेरे साथ फिर यह काम कौन करता एक तुहि तू है काम करने वाला अपने घर का तेरा मां भी अब बीमार रहता है इस लिए नहीं बताया तुझे
सत्य : फिर भी यार ........ वीर ठीक है गलती हो गयी मनाफ़ कर दे .......अब सत्य भी कुछ नहीं बोलै जनता था वीर ने मांफी मांग लिया है अब कुछ बोलै तू ये कुछ भी कर सकता है साला आधा पागल hi है
सत्य : ठीक है भाई तू घर चले गए मेरे साथ मैंने माँ को बताया था के तेरी फॅमिली मिल गयी है जो इसी सहर मैं रहती है तू माँ खुश भी हुवे थी आवर नाराज़ भी के तुम ने माँ से मिलने नहीं गया
वीर : ठीक है भाई आंटी से मेरी तरफ से सॉरी बोल देना मैं जल्द hi तेरा घर आऊंगा मुझे अब जाना होगा दीदी पर्सन हो रही होगी मैंने उनेह बताया भी नहीं है ....... आवर वीर चल दिया हॉस्पिटल की तरफ
इधर काजल हॉस्पिटल के सामने गाड़ी रुक दिया आवर डाब उतर कर हॉस्पिटल के अंदर चले गए .काजल गाड़ी पार्क करने चली गयी ... मगर रागनी सब से पीछे चल रही थी आवर अपनी आँचल भी सर पे रख लिया था शांति कोमल आवर बाबा गीता के रूम मैं चली गयी मगर रागनी बहार hi रुक गयी ....... नैना भी रागनी को hi देख रही थी .. आवर नैना सोच भी रही थी िनेह कहा देखा है मुझे ऐसा क्यू लग रहा है के मैं िनेह अच्छे से जानती हुईं आवर जब से िनेह देखा है मुझे अंदर से बहुत खोसी हो रही है ......... नैना से रहा नहीं गया
नैना : आंटी के आप मुझे जानती है .......... जब नैना ने रागनी से बोलै तू उसे इतनी खोसी हुवी के उसे एक पल लगा के कह दे के मैं तेरी माँ हुईं आवर जी भर के गले लगा लू मगर कह न सकीय
रागनी : नहीं बीटा मैं तू तुमसे सुबह hi मिली हुईं तुमेह ऐसा क्यू लगा ....
नैना : नहीं आंटी मैंने जब से आप को देखा है लगता है मैं आप से पहले भी मिल चुकी हुईं आवर आप से बाटे करते हुवे भी मुझे इतनी खोसी हो रही है के मैं बता नहीं सकती .......... रागनी अंदर से खुश होते हुवे है बेटी मुझे भी उतनी hi खोसी हो रही है क्यू तुम मेरी दिल की धड़कन हो मैं तुमेह जल्द hi बता दूंगी के मैं तुम्हारी माँ हुईं
...
दीदी फिर आप चीखी क्यू आप कोई बोरा सपना तू नहीं देख लिया था आप ने कारन चिंतित होते हुवे कहा .. है भाई मैंने बोरा सपना hi देख लिया था गीता ने कारन आवर पायल को देखते हुवे कहा चोलो अब मैं ठीक हुईं .... अब गीता िनेह कैसे बताती के वह सपने मैं माता रानी को देखा अपनी आँखों के सामने.. तब तक सुबह भी हो गयी थी नरः भी गीता को अच्छे से देख कर चली गयी................... घर पे रागनी भी सुबह hi उठ गयी थी आवर वह शांति को देख रही थी आवर सोच भी रही थी ....... भगवन ने कैसा खेल खेला है मेरे साथ जो बच्चे सिर्फ मेरे थे आज वही बच्चे के 3 माँ है मगर मैं बहुत खुश हैं के मेरे बच्चे को इतनी पैर करने वाली माँ मिली है कास ये लोग मेरी हकीकत जान कर मुझे भी अपने परिवार मैं शामिल कर ले ..... रागनी अभी सोच hi रही थी तब तक शांति उठ कर बाथरूम मैं चली गयी ........... के सोच रही हो बहन शांति बाथरूम से निकल कर कहा
रागनी : नहीं कुछ भी नहीं आप कब उठी अभी तू आप सो रही थी ... रागनी को थोड़ी ार्चाये हुवा के शांति कब उठ कर बाथरूम जा कर आ भी गयी आवर मुझे पता भी नहीं चला
शांति : बहन मैं तू उठ कर बाथरूम से भी आ गयी पता नहीं तुम किस यादो मैं खोई हो ... ठीक है तुम बाथरूम हो कर आओ मैं कॉफ़ी बना देती हुईं ...... रागनी उठ कर बाथरूम चली गयी .... आवर शांति किचन मैं चली गयी कॉफ़ी बनाने के लिए ......... रागनी बाथरूम से आकर अपनी साड़ी अच्छे से पहन रही थी ...... तभी काजल माँ माँ कहती हुवे शांति के रूम आ गयी ..... आवाज़ सून कर रागनी जब पलटी तू काजल के खूब सूरत चेहरे को देख कर खो गयी .
काजल : रागनी के सामने छोटकी बजाते हुवे कहा आप कौन हो आवर मेरी माँ कमरे मैं के कर रही है ........ मगर रागनी बस काजल को hi देख रही थी आवर सोच रही थी कितनी पेयरी है मेरी बेटी ये मेरी माँ की तरह दिख रही है ....... hello कहा खो गयी आप मैं पूछ रही हुईं कौन हो आप आवर मेरी माँ के कमरे के कर रही है काजल थोड़ी चिल्ला कर कहा .......... काजल बेटी तू कैसी बाटे कर रही है मैंने तुझे एहि सिखाया है बड़े से ऐसे बाटे नहीं करते चलो सॉरी बोलो .... तब तक रागनी भी होश मैं आ गयी
काजल : सॉरी जो आप से ऐसी बात की
रागनी : कोई बात नहीं मैं कही खो गयी थी ......... फिर शांति ने रागनी को कॉफ़ी दी पिने को आवर चली गयी .... बाबा भी उठ गए थे तू शांति ने उनेह भी कॉफ़ी दी पिने को आवर नास्ता बनाने चली गयी ............ बाबा के बात है आप अचानक यह आ गए नास्ता करते हुवे माया ने कहा
बाबा : नहीं बेटी मैं एहि था तू पता चला गीता बेटी का एक्सीडेंट हुवा है तू देखने चला आया तुम तू जानती हो गीता मेरे साथ कितने दिन रही साथ मैं तू मैं गीता से एक रिस्ता बन गया है इस लिए देखने चला आया
शांति : है बाबा जी हमेह सब मालूम है गीता ने बताया था थी है बाबा जी नास्ता कर के चलते है हॉस्पिटल ........ रागनी बस नैना काजल आवर कोमल को hi देख रही थी आवर सैयद उसके के आँखों मैं ांसो भी आ रहा था मगर वह ांसो खोसी का था
शांति : बहन नास्ता करो न के सोच रही हो .... जब शांति ने देखा रागनी नास्ते करने के बजाये बस उसके के बेटियों को hi देख रही है
रागनी : हहहहह दीदी मैं कुछ नहीं सोच रही हुईं ...... आवर नास्ता करने लगी मगर कभी कभी उनेह देख भी रही थी .......... अरे बहन मैंने तुम से तुम्हारा नाम नहीं पूछ के नाम है तुम्हारा गाड़ी मैं बैठते हुवे शांति ने कहा
रागनी : रागनी नाम है दीदी मेरी ... है अच्छा नाम है .......... कोमल तू अपने मोबाइल मैं बिज़ी थी ..... मगर नैना बार बार रागनी को देख रही थी आवर सोच रही थी मुझे ऐसा क्यू लग रहा है मैंने कही देखा है िनेह महार पूछा नहीं उसने .......... काजल ड्राइव करते हुवे गाड़ी हॉस्पिटल की तरफ कर ते हुवे चल दी ....... माया आज घर पे hi रुक गयी माँ जी को देख भल करने के लिया
..............................................................
इधर धर्म सहर मैं पहुँच गया था आवर वह अचानक ड्राइवर ने बारीक लगा दिया जो धर्म को झटका लगा
धरम : साला कैसे गाड़ी चला रहा है आवर तूने गाड़ी क्यू रुक दी गुस्से मैं ड्राइवर से कहा ....... मालिक वह बचा आगे आ गया था तू रुक दिया ड्राइवर ने डरते हुवे कहा
धरम : तू थोक देना था आगे से मेरी गाड़ी कभी मत रुकना नहीं तू मैं तेरी सांसे रुक दूंगा ........ तभी एक लड़के ने शीशे पे मुक्का मारा जो टूट गया ..... जब शिक्षा टुटा तू धर्म कौन है बे कहते हुवे गाड़ी से निकला
धरम : तेरी हिम्मत कैसे हुवा मेरी गाड़ी को चुने की सेल एहि पे थूक दूंगा
लड़का : जयादा फाड़े फाड़ा मत अभी इस बचे की जान जाने वाली थी अगर मैं नहीं आया होता तू ये सड़क तेरे बाप की नहीं है जो इतनी तीज गाड़ी चला रहा है ये बाजार है यह लोग गाड़ी धीरे चलते है न की तीज ......... धर्म को इतना गुस्सा आया की उसने गन निकल कर लड़के पे तान दी
धरम : मेरी गाड़ी है मैं चाहे कितनी भी तीज चलौ तुझे के मुझे तू जनता नहीं है एहि थूक दूंगा मेरा कोई कुछ नहीं बिगड़ सकता है ....... अभी धरम धमकी hi दे रहा था .... तब तक लड़के ने गन चीन कर धरम पे hi तान दिया
लड़का : सून बे सुवर के औलाद है गाड़ी तू तेरी है मगर सड़क तेरे बाप की नहीं है आवर तुझे पता होना चाहिए के सड़क पे लोग भी चलते है ......... तभी रखा गाड़ी से निकल कर कहा भाई मनाफ़ करदे गलती हो गयी .....
लड़का : ठीक है समझा देना वर्ण अच्छा नहीं होगा इस के लिए आवर चला गया ........ धर्म भी गुस्से की घुट पि कर चला गया
लड़का : सत्य एक सिगरेट पीला यार सेल ने दिमाग hi गुमा दिया
सत्य : के हुवा वीर तू इतना गुस्से मैं क्यू है ..... है भाई लोग ये कारन hi था .... आवर सत्य ने अपनी जीब से सिगरेट निकल कर दे दिया
वीर : साला हॉस्पिटल मैं मेरा दिमाग घूम गया था वह बस दवा का hi बड़बो आ रहा था तू सोच बहार जा कर एक phok.mar लो आवर फिर सत्य को बताया के हुवा अभी
सत्य : चल चोदे जाने दे कुछ लोग होते है कुत्ते की दम जो टेड़े hi रहते है ..... आवर तू हॉस्पिटल मैं के कर रहा था के हुवा है तुझे
वीर : अरे यार मेरी दीदी का एक्सीडेंट हो गया था मेरी दीदी को बहुत चोट लगी थी मगर अब ठीक है
सत्य : तू सेल मुझे क्यू नहीं बताया है तू मुझे भला क्यू बताइये गए मुझे तू अपना मंटा hi नहीं है
वीर : नहीं यार ऐसी कोई बात नहीं है मैंने तुझे इस लिए नहीं बताया के तू अपना सारा काम चोदे कर आ जाता मेरे साथ फिर यह काम कौन करता एक तुहि तू है काम करने वाला अपने घर का तेरा मां भी अब बीमार रहता है इस लिए नहीं बताया तुझे
सत्य : फिर भी यार ........ वीर ठीक है गलती हो गयी मनाफ़ कर दे .......अब सत्य भी कुछ नहीं बोलै जनता था वीर ने मांफी मांग लिया है अब कुछ बोलै तू ये कुछ भी कर सकता है साला आधा पागल hi है
सत्य : ठीक है भाई तू घर चले गए मेरे साथ मैंने माँ को बताया था के तेरी फॅमिली मिल गयी है जो इसी सहर मैं रहती है तू माँ खुश भी हुवे थी आवर नाराज़ भी के तुम ने माँ से मिलने नहीं गया
वीर : ठीक है भाई आंटी से मेरी तरफ से सॉरी बोल देना मैं जल्द hi तेरा घर आऊंगा मुझे अब जाना होगा दीदी पर्सन हो रही होगी मैंने उनेह बताया भी नहीं है ....... आवर वीर चल दिया हॉस्पिटल की तरफ
इधर काजल हॉस्पिटल के सामने गाड़ी रुक दिया आवर डाब उतर कर हॉस्पिटल के अंदर चले गए .काजल गाड़ी पार्क करने चली गयी ... मगर रागनी सब से पीछे चल रही थी आवर अपनी आँचल भी सर पे रख लिया था शांति कोमल आवर बाबा गीता के रूम मैं चली गयी मगर रागनी बहार hi रुक गयी ....... नैना भी रागनी को hi देख रही थी .. आवर नैना सोच भी रही थी िनेह कहा देखा है मुझे ऐसा क्यू लग रहा है के मैं िनेह अच्छे से जानती हुईं आवर जब से िनेह देखा है मुझे अंदर से बहुत खोसी हो रही है ......... नैना से रहा नहीं गया
नैना : आंटी के आप मुझे जानती है .......... जब नैना ने रागनी से बोलै तू उसे इतनी खोसी हुवी के उसे एक पल लगा के कह दे के मैं तेरी माँ हुईं आवर जी भर के गले लगा लू मगर कह न सकीय
रागनी : नहीं बीटा मैं तू तुमसे सुबह hi मिली हुईं तुमेह ऐसा क्यू लगा ....
नैना : नहीं आंटी मैंने जब से आप को देखा है लगता है मैं आप से पहले भी मिल चुकी हुईं आवर आप से बाटे करते हुवे भी मुझे इतनी खोसी हो रही है के मैं बता नहीं सकती .......... रागनी अंदर से खुश होते हुवे है बेटी मुझे भी उतनी hi खोसी हो रही है क्यू तुम मेरी दिल की धड़कन हो मैं तुमेह जल्द hi बता दूंगी के मैं तुम्हारी माँ हुईं
...