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- Dec 5, 2013
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ऐसा कह के आरती उसको दवा दिखा देती है .. तब सरिता आरती को दवा के बारे मई सब बता देती है और कहते है..
सर को होश मई आने मई और 2-3 घंटे लगेंगे.. मई अब निकलते हु..
ऐसा कह के नवाज़ को गुस्से से देखते हुई वह से चली जाती है..
नवाज़ सरिता के ऐसे बर्ताव के कारन खुश नहीं था .. अब उसे ाचा नहीं लग रहा tha..idhar आरती भी ये सोच कर खुश थी की सरिता ने उसे भाव नहीं diya.jate टाइम सरिता ने उसे देखा तक नहीं.. अब नवाज़ का मु देखने लायक tha...idhar नवाज़ सरिता के पास आने पर खुश था.. उसे लगने लगा था की सरिता उस के निचे ाअब आ जाएगी ...वो सरिता को पहले भोगने की सोचता है.. और बाद में घर जाने के बाद आरती को पटाने की सोचता hai..par सरिता ने उसके इस ख्याल पर सब पानी फेर दिया था.. वो वही सोच मई था.. तभी आरती उसे कहते है
क्या हुआ नवाज़ तुम इतने उदास कियो हो किसी ने कुछ कहा क्या..
मुझे कोई कुछ कोयन कहेगा.. बस तोड़ा सर दर्द है..
गोली दू क्या..
दे दीजिये.. अब गोली से hi काम चलना पड़ेगा..
तब स्माइल करते हुई आरती नवाज़ को गोली देते है ..
और नवाज़ वो गोली खा लेता है.. तब आरती कहती है..
वो तुम्हारे माशूका के लिए कुछ शॉपिंग करनी है.. पापाजी सो रहे है तब तक जेक आते है..
हाँ चलिए मेमसाब
चलो..
तो बताओ… शहर के कोनसे साइड नीता ने बताया हुआ मटेरियल मिलेगा
मुझे क्या पता
आप को नहीं पता
नहीं
बच्ची नहीं हो आप मेमसाब
तुम भी कोनसे बच्चे हो नवाज़.. और तुमने नीता को पहले चीज़े दिलाये होगी न
उसकी और देखते हुई आरती कहते है ..
हाँ दिलाये है
मुझे पता था
मुझे एक जगह पता है पर
पर क्या
पर वह कार से जाना बहुत मुश्किल है
मतलब
कार से नहीं जा सकते.. छोटे छोटे रोड है.. रोड पाई hi ठेला दाल के लोग बैठे हुई रहते है..
फिर जायेंगे कैसे
बाइक से
अब यहाँ बाइक कहा से लाये..
हाँ…
करो कुछ.. मेरा कुछ नहीं पर तेरे माशूका तेरा दीमक खायेगे.. मई तो कह दंगे तेरा आशिक़ मुझे लेके नहीं गया ..
तब नवाज़ स्माइल करता है..
मई आता हु ऐसा कह के वह से चला जाता है और कुछ 10-15 मं बाद आके नवाज़ आरती को कहता है
चलिए मेमसाब
बाइक मिल गए
हाँ
तब उसकी और देखते हुई कहती है..
मुझे पता था तुम कहा न कहा से जुगाड़ कर के बाइक लाओगे
मेमसाब चलिए चलते है..
चलो .. एक मिनट मई बाथरूम से आती हु..
बाथरूम मई जाने के बाद वो आईने के सामने कड़ी हो जाती है.. फिर वो अपने बालो को खुला चोर देती hai..apni साड़ी का पल्लू वो खुला चोर देती hai..aur पल्लू भी बूब्स के साइड से hi लेती hai..fir वो आपने पर्स से सामान निकल कर हल्का सा मेकअप करती है.. अब वो रेड्डी होकर अपने आप को आईने में देखती है..
तो खुद को देख कर शर्मा जाती है…
फिर बहार आकर कहती है
चलो
उसे देखकर नवाज़ कुश हो जाता hai..aur उसको hi देखते रहता है..
अब आरती नवाज़ के साथ लिफ्ट से ग्राउंड फ्लोर पर आके बाइक के पास पहुँच गयी थी ..निचे आते हुई एक उल्जन थी उसके मन मई.. उल्जन में hi चलते हुए वो निचे आ गयी थी.. जब वो निचे पहुंची तो वो निचे का जायजा लेने लगी..
उसके चहरे पर मायूसी थी पर जब नवाज़ ने उसको देखा तब आरती उसकी और देख कर वो मुस्कुरायी.. अब नवाज़ बाइक पाई बैठ गया था .. पर आरती नहीं बैठे थी अब तक .. आरती बड़े गौर से नवाज़ को देखती है ..तब नवाज़ आरती की तरफ देखता है..
memsaheb....kya हुआ आपको..
तब आरती अपनी नज़ारे नीचे की तरफ झुकाये बस वह कड़ी रहती है .....पर कोई जवाब नहीं देती है ...... आरती के मुन्न में क्या चल रहा था .. उसके बारे मई नवाज़ को कुछ पता नहीं चल रहा था ......तब नवाज़ फिर से कहता है..
नहीं चलना है क्या मेमसाब
तब आरती उसके पीछे एक साइड से बैठ गयी.. उसने सदी पहने थी इस वजह से.. आरती बैठते hi नवाज़ निकल पड़ा..
वैसे आप क्या सोच रही थी मेमसाब
नवाज़ इस शहर मई मेरे ससुर जी के मतलब पापाजी के और अरविन्द जी की बहुत पाचन है.. और मई कॉलेज मई यही पड़ी हु तो मुझे भी बहुत लोग जानते है.. और यहाँ तेरे साथ मई खुले मई बाइक पाई जाउंगी तो मेरे लिए मुश्किल बन जायेगी
आप चिंता मत करो. ..
चिंता न कैसे करू.. किसी ने देख लिया तो..
कोण देखेगा..
कोई भी.. बहुत सरे रिश्तेदार है मेरे यहाँ
नवाज़ हस्ते हुई कहता है
फिर मास्क लेक देता हु आपको
देखो नवाज़ किसी ने देख लिया तो बड़ा खतरनाक हो सकता है.. मेरे रिश्तेदार जितने संस्कारी है उतने hi खतरनाक भी है .. पैसे वाले है.. मुझे डर है. .. मेरे साथ तुम देखकर कहीं तुम कोई नुकसान न पहुंचा दे
नवाज़ को कोई कुछ नहीं कर सकता है.. उसको हानि पहुँचानेवाला अभी पैदा hi नहीं हुआ है .. कहा न आप चिंता मत करो..
लग रहा है ज्यादा पिक्चर देखते हो
हाँ
फेवरेट हीरो कोण है
हीरो नहीं विल्लिअन पसंद है आपुन को
इसलिए तो विलन वाले काम करते हो
और हँसाने लगी.
आप कुछ भी कहो.. आपुन को विलन hi पसंद है..
कोनसा विलन पसंद है
शक्ति कपूर.. आओ.. ललिता..
तब आरती हस्ते हुई कहते है
इसलिए शक्ति कपूर वाले काम करते हो
ऐसा hi कुछ
तब गद्दा सामने आते hi वो ब्रेक दबा देता है.. वैसे hi आरती उसको चिपक जाती है..
अह्ह्ह..
ोूहो मेरी मेमसाब मज़े ले रही है..
नवाज़ हस्ता हुआ बाइक आगे बढ़ाने लगा..
तब आरती नवाज़ की पीठ पर एक धप्प मारती है.
कैसे मज़े…
जो मज़े एक लड़के एक लड़के के साथ लेते है.
न hi मई वो लड़की हु और न hi तुम वो लड़का हो.. और मई ऐसा कुछ करने देने वाली भी नहीं हों.. समझे तुम..
मुझे तो मिल रहे है ..

तुम तो मिलेंगे hi न.. तुम तो इसमे माहिर हो..
माहिर…
हाँ
माहिर से एक बाद याद आयी मेमसाब
क्या??
बिना सोचे आरती ने झट से कहा
आप को पता है क्या मैंने एक दिन मई दो लड़के से मज़े किये थे.
मुझे कैसे पता होगा
मई बता रहा हु.. मज़े मतलब उसके शरीर के साथ खेला हु..
तब बाइक झटका खा gai…aur बाइक के साथ आरती भी झटका खा गयी.. 2-3 बार उसके मम्मी ने नवाज़ के पिट को धक्का दिया..
गिर न पडूँ मई ..
नवाज़ ने तब बाइक रोड किनारे रोक दी..
पीची मुद के आरती को देखा और बोलै -
क्या हुआ ??
आरती घबराकर कहती है..
ये तुम कैसे बाइक चला रहे हो..
आप चिंता मत karo...aab ठीक से चलाऊंगा..
और ये क्या कह रहे हो तुम
क्यों बुरा लगा क्या
बुरा लगने वाली बात है तो बुरा लगेगा hi न. .
ऐसा कह के वो मैं मई कहते है..
नवाज़ कैसे बेशरमी से मेरे सामने ऐसी बातें कर रहा है . एक तो मई उससे बड़ी हु.. दूसरे मई उसकी मालकिन.. वो मुझे मेमसाब कहता है... कैसे वो मेरे साथ ऐसे बाते कर सकता है और मई कैसे ऐसी बाते सुन रही हु.. .
तब वो झट से कहती है..
नवाज़ तुम बाइक मार्किट मई लेलो.. हम नीता के चीज़े लेके जल्दी से वापिस हॉस्पिटल चलते है..
ठीक है मेमसाब
सर को होश मई आने मई और 2-3 घंटे लगेंगे.. मई अब निकलते हु..
ऐसा कह के नवाज़ को गुस्से से देखते हुई वह से चली जाती है..
नवाज़ सरिता के ऐसे बर्ताव के कारन खुश नहीं था .. अब उसे ाचा नहीं लग रहा tha..idhar आरती भी ये सोच कर खुश थी की सरिता ने उसे भाव नहीं diya.jate टाइम सरिता ने उसे देखा तक नहीं.. अब नवाज़ का मु देखने लायक tha...idhar नवाज़ सरिता के पास आने पर खुश था.. उसे लगने लगा था की सरिता उस के निचे ाअब आ जाएगी ...वो सरिता को पहले भोगने की सोचता है.. और बाद में घर जाने के बाद आरती को पटाने की सोचता hai..par सरिता ने उसके इस ख्याल पर सब पानी फेर दिया था.. वो वही सोच मई था.. तभी आरती उसे कहते है
क्या हुआ नवाज़ तुम इतने उदास कियो हो किसी ने कुछ कहा क्या..
मुझे कोई कुछ कोयन कहेगा.. बस तोड़ा सर दर्द है..
गोली दू क्या..
दे दीजिये.. अब गोली से hi काम चलना पड़ेगा..
तब स्माइल करते हुई आरती नवाज़ को गोली देते है ..
और नवाज़ वो गोली खा लेता है.. तब आरती कहती है..
वो तुम्हारे माशूका के लिए कुछ शॉपिंग करनी है.. पापाजी सो रहे है तब तक जेक आते है..
हाँ चलिए मेमसाब
चलो..
तो बताओ… शहर के कोनसे साइड नीता ने बताया हुआ मटेरियल मिलेगा
मुझे क्या पता
आप को नहीं पता
नहीं
बच्ची नहीं हो आप मेमसाब
तुम भी कोनसे बच्चे हो नवाज़.. और तुमने नीता को पहले चीज़े दिलाये होगी न
उसकी और देखते हुई आरती कहते है ..
हाँ दिलाये है
मुझे पता था
मुझे एक जगह पता है पर
पर क्या
पर वह कार से जाना बहुत मुश्किल है
मतलब
कार से नहीं जा सकते.. छोटे छोटे रोड है.. रोड पाई hi ठेला दाल के लोग बैठे हुई रहते है..
फिर जायेंगे कैसे
बाइक से
अब यहाँ बाइक कहा से लाये..
हाँ…
करो कुछ.. मेरा कुछ नहीं पर तेरे माशूका तेरा दीमक खायेगे.. मई तो कह दंगे तेरा आशिक़ मुझे लेके नहीं गया ..
तब नवाज़ स्माइल करता है..
मई आता हु ऐसा कह के वह से चला जाता है और कुछ 10-15 मं बाद आके नवाज़ आरती को कहता है
चलिए मेमसाब
बाइक मिल गए
हाँ
तब उसकी और देखते हुई कहती है..
मुझे पता था तुम कहा न कहा से जुगाड़ कर के बाइक लाओगे
मेमसाब चलिए चलते है..
चलो .. एक मिनट मई बाथरूम से आती हु..
बाथरूम मई जाने के बाद वो आईने के सामने कड़ी हो जाती है.. फिर वो अपने बालो को खुला चोर देती hai..apni साड़ी का पल्लू वो खुला चोर देती hai..aur पल्लू भी बूब्स के साइड से hi लेती hai..fir वो आपने पर्स से सामान निकल कर हल्का सा मेकअप करती है.. अब वो रेड्डी होकर अपने आप को आईने में देखती है..
तो खुद को देख कर शर्मा जाती है…
फिर बहार आकर कहती है
चलो
उसे देखकर नवाज़ कुश हो जाता hai..aur उसको hi देखते रहता है..
अब आरती नवाज़ के साथ लिफ्ट से ग्राउंड फ्लोर पर आके बाइक के पास पहुँच गयी थी ..निचे आते हुई एक उल्जन थी उसके मन मई.. उल्जन में hi चलते हुए वो निचे आ गयी थी.. जब वो निचे पहुंची तो वो निचे का जायजा लेने लगी..
उसके चहरे पर मायूसी थी पर जब नवाज़ ने उसको देखा तब आरती उसकी और देख कर वो मुस्कुरायी.. अब नवाज़ बाइक पाई बैठ गया था .. पर आरती नहीं बैठे थी अब तक .. आरती बड़े गौर से नवाज़ को देखती है ..तब नवाज़ आरती की तरफ देखता है..
memsaheb....kya हुआ आपको..
तब आरती अपनी नज़ारे नीचे की तरफ झुकाये बस वह कड़ी रहती है .....पर कोई जवाब नहीं देती है ...... आरती के मुन्न में क्या चल रहा था .. उसके बारे मई नवाज़ को कुछ पता नहीं चल रहा था ......तब नवाज़ फिर से कहता है..
नहीं चलना है क्या मेमसाब
तब आरती उसके पीछे एक साइड से बैठ गयी.. उसने सदी पहने थी इस वजह से.. आरती बैठते hi नवाज़ निकल पड़ा..
वैसे आप क्या सोच रही थी मेमसाब
नवाज़ इस शहर मई मेरे ससुर जी के मतलब पापाजी के और अरविन्द जी की बहुत पाचन है.. और मई कॉलेज मई यही पड़ी हु तो मुझे भी बहुत लोग जानते है.. और यहाँ तेरे साथ मई खुले मई बाइक पाई जाउंगी तो मेरे लिए मुश्किल बन जायेगी
आप चिंता मत करो. ..
चिंता न कैसे करू.. किसी ने देख लिया तो..
कोण देखेगा..
कोई भी.. बहुत सरे रिश्तेदार है मेरे यहाँ
नवाज़ हस्ते हुई कहता है
फिर मास्क लेक देता हु आपको
देखो नवाज़ किसी ने देख लिया तो बड़ा खतरनाक हो सकता है.. मेरे रिश्तेदार जितने संस्कारी है उतने hi खतरनाक भी है .. पैसे वाले है.. मुझे डर है. .. मेरे साथ तुम देखकर कहीं तुम कोई नुकसान न पहुंचा दे
नवाज़ को कोई कुछ नहीं कर सकता है.. उसको हानि पहुँचानेवाला अभी पैदा hi नहीं हुआ है .. कहा न आप चिंता मत करो..
लग रहा है ज्यादा पिक्चर देखते हो
हाँ
फेवरेट हीरो कोण है
हीरो नहीं विल्लिअन पसंद है आपुन को
इसलिए तो विलन वाले काम करते हो
और हँसाने लगी.
आप कुछ भी कहो.. आपुन को विलन hi पसंद है..
कोनसा विलन पसंद है
शक्ति कपूर.. आओ.. ललिता..
तब आरती हस्ते हुई कहते है
इसलिए शक्ति कपूर वाले काम करते हो
ऐसा hi कुछ
तब गद्दा सामने आते hi वो ब्रेक दबा देता है.. वैसे hi आरती उसको चिपक जाती है..
अह्ह्ह..
ोूहो मेरी मेमसाब मज़े ले रही है..
नवाज़ हस्ता हुआ बाइक आगे बढ़ाने लगा..
तब आरती नवाज़ की पीठ पर एक धप्प मारती है.
कैसे मज़े…
जो मज़े एक लड़के एक लड़के के साथ लेते है.
न hi मई वो लड़की हु और न hi तुम वो लड़का हो.. और मई ऐसा कुछ करने देने वाली भी नहीं हों.. समझे तुम..
मुझे तो मिल रहे है ..
तुम तो मिलेंगे hi न.. तुम तो इसमे माहिर हो..
माहिर…
हाँ
माहिर से एक बाद याद आयी मेमसाब
क्या??
बिना सोचे आरती ने झट से कहा
आप को पता है क्या मैंने एक दिन मई दो लड़के से मज़े किये थे.
मुझे कैसे पता होगा
मई बता रहा हु.. मज़े मतलब उसके शरीर के साथ खेला हु..
तब बाइक झटका खा gai…aur बाइक के साथ आरती भी झटका खा गयी.. 2-3 बार उसके मम्मी ने नवाज़ के पिट को धक्का दिया..
गिर न पडूँ मई ..
नवाज़ ने तब बाइक रोड किनारे रोक दी..
पीची मुद के आरती को देखा और बोलै -
क्या हुआ ??
आरती घबराकर कहती है..
ये तुम कैसे बाइक चला रहे हो..
आप चिंता मत karo...aab ठीक से चलाऊंगा..
और ये क्या कह रहे हो तुम
क्यों बुरा लगा क्या
बुरा लगने वाली बात है तो बुरा लगेगा hi न. .
ऐसा कह के वो मैं मई कहते है..
नवाज़ कैसे बेशरमी से मेरे सामने ऐसी बातें कर रहा है . एक तो मई उससे बड़ी हु.. दूसरे मई उसकी मालकिन.. वो मुझे मेमसाब कहता है... कैसे वो मेरे साथ ऐसे बाते कर सकता है और मई कैसे ऐसी बाते सुन रही हु.. .
तब वो झट से कहती है..
नवाज़ तुम बाइक मार्किट मई लेलो.. हम नीता के चीज़े लेके जल्दी से वापिस हॉस्पिटल चलते है..
ठीक है मेमसाब