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- Dec 5, 2013
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नहीं नहीं मई कैसे भूल सकते हु
अब फिर से दोनों शांत खड़े रहते है ..
नवाज़ कुछ नहीं कर रहा था …. या कुछ नहीं कह रहा था .. सिर्फ उससे सत्कार खड़ा होक उसके बूब्स को घर रहा था .. जैसे hi वो देखती है तब अपनी नज़र दूसरी और कर लेती है.. पर नवाज़ को कुछ नहीं कहती है.. पता नहीं क्यों अब नवाज़ के ऐसे आपने बूब्स को घूरने पर भी आरती को अब गुस्सा नहीं आ रहा tha…aarti कुछ नहीं कह रही है ये जानकर नवाज़ की हिम्मत बाद जाती है..
उसके मम्मी देखते हुई उसके बदन के बारे मई सोचते हुई नवाज़ का लुंड झटके मारने लगा था और उसमे उसे एक अलग hi मज़ा आ रहा था ... अपनी इस सेक्सी मेमसाब को छोड़ने का सोचकर hi उसका वो हाल हो जा रहा था की बस .. तब नवाज़ सोचने लगता है.. अगर मई मेमसाब को सच मई छोड़ू तो कितना मज़ा आएगा.. मई तो मानो उस दिन जन्नत मई पहुँच जाऊँगा.. मेरे लिए अब सिर्फ एक hi हुस्न की देवी रह गयी है जिसका हुस्न मई हर हाल मई लूटना चाहता हु .. और वो है मेरी ये सेक्सी मेमसाब ... मई जिस दिन भी इसको छोड़ूगा तो उसे इतना मज़ा दूंगा जितना उसे उसके हस्बैंड ने नहीं दिया हो ... ... लेकिन मेरा ये सपना शायद सपना hi न रह जाये.. इसके लिए मुझे कुछ करना पड़ेगा..
ये सोच कर वो आगे बढ़ाने वाला था की तभी कुछ सामान लेने के लिए किचन में नीता आ जाती है और कहती है
ारे नवाज़ कुछ खाया की नहीं
तब आरती दर जाती है नीता के आवाज़ सुन के और झट से आरती पीछे हैट जाती है और खुद को सम्बल के कहती है
अब तू आये है तो तेरे यार को कुछ बना के खिला दे
मतलब अभी तक आपने कुछ बनाया नहीं मेमसाब
अब बनाने वाली hi थी
अब भी न मेमसाब ..
कह के गैस के पास पहुँच जाती है और कहती है
आप हटिये मई hi बनती हु
हां बना ले .. मई जा रही हु बहार
ऐसा कह के आरती किचन से बहार चली जाती है .. नवाज़ आरती को किचन से बहार जाते हुई देखता है .. आरती के बारे मई सोच कर पहले से hi उसका लुंड कड़क हो गया था ...और उसको शांत करना जरूरी हो गया tha....jiske लिए एक hi ऑप्शन tha....neeta ....... और नीता उसके पास आ गयी thi..aur उसको यही चाहिए था और इस वक़्त वह कोई था भी नहीं ..तब नवाज़ नीता के पास जाता है.. आरती किचन से बहार तो गयी थी पर आपने बैडरूम मई नहीं गयी थी वही किचन के दूर पाई खड़े होक इन् दोनों को देख रही थी
तब नीता कहने लगे..
कैसा है तू
नीता खुश होते हुए बोली..
उसने बहुत धीरे से बोलै था पर आरती का ध्यान इधर hi था इसलिए आरती ने सुना था ..
मई अच्छा हु.. अब और भी ज्यादा अच्छा लग रहा है... मुझे न तुम्हारी बहुत याद आ रही थी...
ये आरती सुन लेती है .. और मान मई कहते है .. ये तो सेल रोमांटिक हो रहे है .. मेरा शक सही है .. इन् दोनों का तो चक्कर है और नीता कह रही थी कुछ भी नहीं है .. ऐसा सोचकर वो उन दोनों को निहारने लगे .. तब उन दोनों का आरती की तरफ ध्यान नहीं था ..
नीता : मई तो तेरे आने से बहुत खुश हु..
हाँ तू तो कुश hi होंगे अब.. मुझे सब पता है..
आरती ने धीरे से kaha..Neeche गर्दन करके .. स्माइल करते हुई....
नवाज़ - मुझे भी तेरी बहुत याद आ रही थी..2 महीने से हम मिले नहीं थे .. ..
आरती - अच्छा तो इन् दोनों को मिल के 2 महीने हो गए है .. फिर तो ये आज कुछ न कुछ करेंगे hi …
फिर कुछ सोच के कहती है
ये तो कल hi मिला था नीता को और आज भी .. फिर 2 महीने कैसे ..अच्छा अच्छा यहाँ आने से पहले इनको मिलके 2 महीने हो गए hai..aisa कह रहा है ये ..
नीता - तेरे तो 2 महीने मई hi बॉडी पहले से काफी अच्छी हो गए है .. और तू पहले से ज्यादा हैंडसम भी हो गया है ....
नीता ने उसके गठीले शरीर को देखते हुए कहा..
आरती उन दोनों को देख कर सोचते है … और स्माइल करते हुई आपने आप से कहती है ..
क्या कोई 2 महीने मई आपने बॉडी बना सकता है क्या और हैंडसम भी हो सकता है क्या ??? .. मुझे तो नहीं लगता ..
है नीता काफी बड़ा भी हो गया है...
क्या कहा … तुमने ..
ऐसा कहते हुई नीता प्यार से उसके शोल्डर को मरती है .. और कहती है ..
तू नहीं सुदरेगा ..
इधर आरती धीरे से कहती है ..
कमीना साला .. डबल मीनिंग बात कर रहा है .. मेरे होते हुई इससे ऐसे गन्दी बात करते हुई शर्म भी नहीं आ रही है .. कमीना कही का ..
अब आरती के चहरे पर हल्का सा गुस्सा था ...
नवाज़ को लगा किसी ने कुछ कहा .. इसलिए वो आरती की और मतलब किचन के दूर की और देखने के लिए अपनी गर्दन घूमने लगा तब आरती झट से दूर से दूर हैट गयी .. .. वो इतने फ़ास्ट दूर से हैट गयी थी इस वजह से नवाज़ देख नहीं पाया की दूर पाई कोई है या नहीं .. .. नवाज़ को शक हुआ की आरती उन देख रही है पर वो देख नहीं पाया .. .
इधर आरती का बुरा हाल था ..वो काफी डरे हुई थी .. उसे लग रहा था शयद नवाज़ ने उन्दोनो को उसे देखते हुई देख लिया है .. इस वजह से उसके धड़कन काफी तेजी से धड़कने लगी थी ..
तभी नीता कहते है..
वैसे नवाज़ तुम कुछ कह रहे थे..
तब फिर से नवाज़ ने अपनी गर्दन घुमा ली नीता की तरफ ...नवाज़ ने नीता के आँखों मई देखा.. उसके करीब आपने चेहरा ले जेक ..
अब फिर से दोनों शांत खड़े रहते है ..
नवाज़ कुछ नहीं कर रहा था …. या कुछ नहीं कह रहा था .. सिर्फ उससे सत्कार खड़ा होक उसके बूब्स को घर रहा था .. जैसे hi वो देखती है तब अपनी नज़र दूसरी और कर लेती है.. पर नवाज़ को कुछ नहीं कहती है.. पता नहीं क्यों अब नवाज़ के ऐसे आपने बूब्स को घूरने पर भी आरती को अब गुस्सा नहीं आ रहा tha…aarti कुछ नहीं कह रही है ये जानकर नवाज़ की हिम्मत बाद जाती है..
उसके मम्मी देखते हुई उसके बदन के बारे मई सोचते हुई नवाज़ का लुंड झटके मारने लगा था और उसमे उसे एक अलग hi मज़ा आ रहा था ... अपनी इस सेक्सी मेमसाब को छोड़ने का सोचकर hi उसका वो हाल हो जा रहा था की बस .. तब नवाज़ सोचने लगता है.. अगर मई मेमसाब को सच मई छोड़ू तो कितना मज़ा आएगा.. मई तो मानो उस दिन जन्नत मई पहुँच जाऊँगा.. मेरे लिए अब सिर्फ एक hi हुस्न की देवी रह गयी है जिसका हुस्न मई हर हाल मई लूटना चाहता हु .. और वो है मेरी ये सेक्सी मेमसाब ... मई जिस दिन भी इसको छोड़ूगा तो उसे इतना मज़ा दूंगा जितना उसे उसके हस्बैंड ने नहीं दिया हो ... ... लेकिन मेरा ये सपना शायद सपना hi न रह जाये.. इसके लिए मुझे कुछ करना पड़ेगा..
ये सोच कर वो आगे बढ़ाने वाला था की तभी कुछ सामान लेने के लिए किचन में नीता आ जाती है और कहती है
ारे नवाज़ कुछ खाया की नहीं
तब आरती दर जाती है नीता के आवाज़ सुन के और झट से आरती पीछे हैट जाती है और खुद को सम्बल के कहती है
अब तू आये है तो तेरे यार को कुछ बना के खिला दे
मतलब अभी तक आपने कुछ बनाया नहीं मेमसाब
अब बनाने वाली hi थी
अब भी न मेमसाब ..
कह के गैस के पास पहुँच जाती है और कहती है
आप हटिये मई hi बनती हु
हां बना ले .. मई जा रही हु बहार
ऐसा कह के आरती किचन से बहार चली जाती है .. नवाज़ आरती को किचन से बहार जाते हुई देखता है .. आरती के बारे मई सोच कर पहले से hi उसका लुंड कड़क हो गया था ...और उसको शांत करना जरूरी हो गया tha....jiske लिए एक hi ऑप्शन tha....neeta ....... और नीता उसके पास आ गयी thi..aur उसको यही चाहिए था और इस वक़्त वह कोई था भी नहीं ..तब नवाज़ नीता के पास जाता है.. आरती किचन से बहार तो गयी थी पर आपने बैडरूम मई नहीं गयी थी वही किचन के दूर पाई खड़े होक इन् दोनों को देख रही थी
तब नीता कहने लगे..
कैसा है तू
नीता खुश होते हुए बोली..
उसने बहुत धीरे से बोलै था पर आरती का ध्यान इधर hi था इसलिए आरती ने सुना था ..
मई अच्छा हु.. अब और भी ज्यादा अच्छा लग रहा है... मुझे न तुम्हारी बहुत याद आ रही थी...
ये आरती सुन लेती है .. और मान मई कहते है .. ये तो सेल रोमांटिक हो रहे है .. मेरा शक सही है .. इन् दोनों का तो चक्कर है और नीता कह रही थी कुछ भी नहीं है .. ऐसा सोचकर वो उन दोनों को निहारने लगे .. तब उन दोनों का आरती की तरफ ध्यान नहीं था ..
नीता : मई तो तेरे आने से बहुत खुश हु..
हाँ तू तो कुश hi होंगे अब.. मुझे सब पता है..
आरती ने धीरे से kaha..Neeche गर्दन करके .. स्माइल करते हुई....
नवाज़ - मुझे भी तेरी बहुत याद आ रही थी..2 महीने से हम मिले नहीं थे .. ..
आरती - अच्छा तो इन् दोनों को मिल के 2 महीने हो गए है .. फिर तो ये आज कुछ न कुछ करेंगे hi …
फिर कुछ सोच के कहती है
ये तो कल hi मिला था नीता को और आज भी .. फिर 2 महीने कैसे ..अच्छा अच्छा यहाँ आने से पहले इनको मिलके 2 महीने हो गए hai..aisa कह रहा है ये ..
नीता - तेरे तो 2 महीने मई hi बॉडी पहले से काफी अच्छी हो गए है .. और तू पहले से ज्यादा हैंडसम भी हो गया है ....
नीता ने उसके गठीले शरीर को देखते हुए कहा..
आरती उन दोनों को देख कर सोचते है … और स्माइल करते हुई आपने आप से कहती है ..
क्या कोई 2 महीने मई आपने बॉडी बना सकता है क्या और हैंडसम भी हो सकता है क्या ??? .. मुझे तो नहीं लगता ..
है नीता काफी बड़ा भी हो गया है...
क्या कहा … तुमने ..
ऐसा कहते हुई नीता प्यार से उसके शोल्डर को मरती है .. और कहती है ..
तू नहीं सुदरेगा ..
इधर आरती धीरे से कहती है ..
कमीना साला .. डबल मीनिंग बात कर रहा है .. मेरे होते हुई इससे ऐसे गन्दी बात करते हुई शर्म भी नहीं आ रही है .. कमीना कही का ..
अब आरती के चहरे पर हल्का सा गुस्सा था ...
नवाज़ को लगा किसी ने कुछ कहा .. इसलिए वो आरती की और मतलब किचन के दूर की और देखने के लिए अपनी गर्दन घूमने लगा तब आरती झट से दूर से दूर हैट गयी .. .. वो इतने फ़ास्ट दूर से हैट गयी थी इस वजह से नवाज़ देख नहीं पाया की दूर पाई कोई है या नहीं .. .. नवाज़ को शक हुआ की आरती उन देख रही है पर वो देख नहीं पाया .. .
इधर आरती का बुरा हाल था ..वो काफी डरे हुई थी .. उसे लग रहा था शयद नवाज़ ने उन्दोनो को उसे देखते हुई देख लिया है .. इस वजह से उसके धड़कन काफी तेजी से धड़कने लगी थी ..
तभी नीता कहते है..
वैसे नवाज़ तुम कुछ कह रहे थे..
तब फिर से नवाज़ ने अपनी गर्दन घुमा ली नीता की तरफ ...नवाज़ ने नीता के आँखों मई देखा.. उसके करीब आपने चेहरा ले जेक ..