और ये सब बड़े प्यार से उप्पर रूम मई बैठकर आरती देख रही थी..
अरविन्द के फिर से आवाज़ देने से वो कड़ी हो जाती है.. इतने देर नवाज़ और आरती एक दूसरे को देख रहे थे.. आरती मनो नवाज़ मई मनो खो से गयी थी.. वो लगातार उसे hi देखे जा रही थी..
दोनों मई से कोई अपनी जगह से हिल नहीं रहा था.. पर अरविन्द के फिर से आवाज़ देने से आरती को उतना पड़ा और घूम के नीचे उतरते हुई अरविन्द से कहते है..
आ रही हु बाबा
निचे आती है तब अरविन्द उसे पूछता है
मिली क्या फाइल
तब उसे याद आता है मई तो उप्पर फाइल ढूंढने गयी थी पर इस नवाज़ के चक्कर मई में फाइल ढूंढने hi भूल गयी.. वो यही सोच रही थी.. तब अरविन्द फिर से कहता है
आरती मई कुछ पूछ रहा हु तुमसे.. तुम्हारा ध्यान किधर है..
तब होश संभालते हुई वो कहते है
कहा है ध्यान इधर hi है..
और अरविन्द की तरफ स्माइल करते हुई कहती है
कहा पाई होगा मेरा ध्यान.. यही पाई है आपने प्यारे पति पाई
और फाइल ढूडने लगती है .. तब अरविन्द कहता है
जरा जल्दी ढूढना.. सुबह से टाइमपास कर रही हो
तब आरती कुछ कहती उससे पहले hi पापाजी कहते है
क्यों सुबह सुअभ बहु पाई चिल्ला रहे हो
पापाजी मई कहा चिल्ला रहा हु आप के प्यारे बहु पर .. वो hi कबसे फाइल ढूंढ रही है..
कोनसे फाइल
दिल्ली वाली
तुमने उसको दी थी क्या रखने को
नहीं
फिर उस बेचारी को कैसे पता होगा
ऐसे कह के आपने रूम मई जेक एक फाइल लेके आते है और अरविन्द को देते है
यही फाइल न
हाँ पापा
कल मुझे दिया और तुम बहु के पीछे पड़े हो
सॉरी पापाजी
तब आरती हँसाने लगते है
फिर अरविंद कहता है
चलता हु पापाजी
ठीक है अच्छे से जाना
ok
फिर वो आरती को bye कहता है और बहार चला जाता है.. फिर आरती आपने पति को चोर्ने को बहार कार तक आती है.. कार मई बैग रखते हुई अरविन्द आरती से बाते करता है .. अब वो कार के अंदर बैठा था और आरती बहार खड़े होकर अरविन्द से बाते कर रही थी..
आरती आपने पति से बाते करते हुई नवाज़ के रूम की और देखते है..
तब वो देखते है की नवाज़ उसको hi देख रहा है .. नवाज़ ने अब लुंगी और बनियान पहनी थी.. जैसे hi नवाज़ की नज़र आरती पर पड़ती हैं वो उसे देखकर हौले से मुस्कुरा पड़ता hain......nawaz जिस तरह से उसके पति के होते हुई उसे देख रहा था इस वजह से आरती को शॉक लगता है उसके पति के होते हुई नवाज़ उसे देख रहा है.. वो मैं मई सोचते है..
इस सेल को आपने छोटे मालिक का अब दर भी नहीं लग रहा है.. वो बिना दिक्कत से मुझे देख रहा है.. देख क्या ताड रहा है.. बिना डरे.. कमीना कही का.. अब तक वंदना के साथ इतने मज़े किये और अब मुझे ताड रहा है.. ऐसा सोचते हुई जरा गुस्से से वो नवाज़ को देखने लगाती है..
तब नवाज़ अपनी कमीने स्माइल चहरे पर लता है और उसे देखने लगता है.. अब नवाज़ की नज़र कभी आरती के चूचियों पर तो कभी उसके नंगी पिट पर चली जाती हैं ....... वो एक तुक उसके हसीं बदन को देखे जा रहा था......
अब वो आरती को देखते हुई बीड़ी पीने लगता hai....usko बीड़ी पेट हुई देखकर मैं मई कहते है
कमीना कही का.. मुझे देखकर बीड़ी पि रहा है या मुझे दिखा रहा है मई कैसे बीड़ी पिता हु.. और कह रहा है मुझे बीड़ी पीते हुई देखो.. मई तो सिगरेट पिने वाले को हेट करती हु.. ऐसे लोग मुझे पसंद नहीं फिर मई इस कमीने को क्यों देख रहे हु..
ऐसा कह के गर्दन निचे कर के जरा जुख के आपने पति से बाते करने lagi…kuch देर आपने पति से बात करने के बाद वो सोचती है..
देखु तो जरा कमीना क्या कर रहा.. क्या करेगा मुझे hi ताड रहा होगा..
ऐसा सोच कर वो उप्पर गर्दन करके नवाज़ को देखती है. ..अपनी अड्डा के साथ..
तो वो उसके उम्मीद के अनुसार उसे hi ताड रहा था.. वो देख के मैं मई कहती है..
लगा hi था.. मुझे hi ताड रहा होगा.. इससे बोर नहीं होता होगा क्या ऐसे देख के.. इसकी गर्दन दुखती नहीं होगी kya..tabhi उसकी नज़र नवाज़ के लुंगी पर जाती है.. उसकी लुंगी में अभी भी उभर दिख रहा tha....aarti सामने कड़ी है ये जानने के बाद नवाज़ का बड़ा कला लौड़ा को मुरझाने को तैयार hi नहीं tha….nawaz से ज्यादा उसे नवाज़ का लौड़ा अब परेशान कर रहा था
अब अरविन्द चला जाता है तब नवाज़ बिधे पिटे हुई आरती के पास आता है .. इस वक़्त आरती गेट के बहार कड़ी थी और नवाज़ अंदर.. .. क्यों की अरविन्द ने गेट के बहार गाड़ी कड़ी करके आरती से बाते कर रहा था.. अब आरती घर के छोटे गेट पर कड़ी थी बहार से और नवाज़ उसके सामने खड़ा था अंदर से..
अब वो गेट के वह जो वाल थी उससे सात के खड़े होक नवाज़ को बड़ी अदा के साथ देखते हुई कहते है..
" अब तुमने अगर जी भरकर मुझे देख लिए हो तो क्या मैं अंदर आ सकती हु ........"
आरती नवाज़ के तरफ देखते हुई नखरे से कहते है वही नवाज़ हौले से मुस्कुरा पड़ता हैं..
अभी कहा .. अभी तो और देखना hai..abhi भी आप का बहुत कुछ देखना बाकि है..
तब स्माइल करते हुई कहते है..
और क्या देखना है तुम.. सबकुछ तो देख चुके हो
सबकुछ कहा.. सिर्फ बहार से देखा है.. अंदर से देखना तो बाकि है..
तब उसको पीछे पुश करके कहती है..
चलो हटो जी
ऐसा कह के अंदर आती है.. और पीछे मुद के कहती है..
क्या ये तन्वी थी
नहीं तो ये तो वंदना है.. मुखिया जी की बेटी
मुझे लगा तुम कल रात कह रहे थे न की मई तन्वी के बगैर जी नहीं sakata..to यही तन्वी होगी
तब नवाज़ हस्ते हुई कहता है..
मेमसाब आप भी न
उसका बहाना बनके मुझसे गले लगे न
नहीं न मेमसाब
फिर
मुझे सच मई कल रात तन्वी की बहुत याद आ रही थी
फिर वंदना के आती hi उसकी याद कहा चली गयी
शयद मायके
पागल कही के
कह के वो आपने बालो को हाट घुमाके अपनी अड्डा नवाज़ को दिखा रही थी..
नवाज़ उसे hi देख रहा tha..tab वो नवाज़ को देखने लगी.. आरती एक तुक नवाज़ की आँखों में देखने लगती हैं और फिर
वो कहती है..
मुझे क्या देख रहे है.. वैसे वंदना का तो सबकुछ देख लिया होगा न तुमने कल रात..
उसका तो पहले hi देख चूका हु
अच्छा जी..
हाँ जी मेमसाब
मेमसाब आप इस निघ्त्य में एकदम बम लग रही हो ..
ऐसा कह के नवाज़ थोड़ा आगे आता है.. तब चहरे पर हसी लेट हुई वो कहती है..
बम और मई
हाँ मेमसाब
वो कुछ नहीं कहती सिर्फ उसे देखने लगती है
कोई शक है क्या
अब तुम कह रहे हो तो शक कैसे हो सकता है
सही पकड़े
नवाज़ का टीवी सीरियल मई का डायलाग सुनके हस्ती है
क्या साहब आप को नहीं कहते क्या कभी
क्या
बम
नहीं
लगता है साहब रोमांटिक नहीं है आप के साथ
इसलिए टुम हो रहे हो क्या
ऐसा hi कुछ संजो आप
तब बड़े नशीले आँखों से नवाज़ को देखते हुई कहती है
वंदना नहीं लगती क्या
क्या
बम
नहीं
फिर कैसे लगती है तुम वो
तब और थोड़ा आगे आता है..
उसकी क्या बात लेके बैठे हो आप
तो किसकी बात लू
आप की
और तुम्हारी नहीं क्या
हाँ वही तो कह रहा हु.. आप की और मेरे बात ले लो..
तब स्माइल करते हुई कहते है
अच्छा जी..
हाँ जी..
और आरती नवाज़ के आँखों मई खो गयी.. आरती जिस तरह से नवाज़ को देख रही थी ये देखने के बाद नवाज़ का हलक hi सूख gaya.wo भी उसके आँखों मई खो गया.. थोड़े थोड़े नज़दीक थे पर ज्यादा nahi..thodi देर बाद पापा की आवाज़ सुनकर दोनों की तन्द्रा टूटी.
आरती बीटा
तब बिना कुछ बोले आरती घूम के घर के अंदर चली जाती hai..Phir अंदर जाती hi नवाज़ की वजह से अपनी बेकाबू हुवी संसू को काबू करने लगती hai....aur फिर आपने ससुर को कहती है
जी पापाजी
अरे आरती बीटा तुजे तो थोड़ा भी आराम नहीं है.. आज अरविन्द की वजह से सुबह जल्दी उतना पड़ा.. फिर दिनभर काम करती हो.. जरा जेक आराम कर..
किचन का थोड़ा सा काम है
नहीं वो महारानी कर लेगी.. उस महारानी के आने तक आराम कर..
जी पापाजी
इतना बोलकर वो जल्दी से कमरे में चली जाती है.. फिर वो जाकर बीएड पर लेट जाती hai....lekin उसके दिमाग में बार बार वही सन आ रहा था.. लुंगी वाला सन.. .ये सोचते हुवे वो कब गहरी नींद में चली गयी उसे पता hi नहीं चला....
अब सुबह विंडो से अति हुवी सूरज की किरण से उसकी आंख खुलती hai...wo अपने ऑंखें मलते हुवे बैठ जाती है बीएड में ....फिर बीएड से उतर कर फ्रेश होने चली जाती hai...fresh होने के बाद वो बहार आकर मिरर में देख कर खुद को तैयार करती है थोड़ा तभी उसके मोबाइल पर कॉल अत hai....call उसके नानन्द कंचन का tha..call उसने उठा लिया ..
hello...
hello भाभी उठ गयी क्या ??
जी हाँ दीदी … अभी थोड़ी देर पहले....
क्या कर रही हो आप
क्या करुँगी भला इतने सुबह सुबह
सुबह सुबह कहा अभी तो 11 बज गए है
हम्म
इतने देर तक आप तो सोते नहीं हो भाभी.. आज कैसे.. कही आप के प्यारे फ्रेंड ने तो प्यार से सुलाया नहीं नाह आप को
कोण फ्रेंड??
आरती का दिमाख नहीं चला.. वो किस के बारे मई बात कर रही है उसे पता नहीं चला..
ारे भाभी आपने नौकर जिस के साथ आप शहर गए थे
ओह्हू आप नवाज़ की बात कर रही हो
हाँ नवाज़.. बहुत प्यारा नाम है..
वैसे कैसा है वो
अच्छा है.. पर उसकी याद सुबह सुबह आप को कैसे आये
मुझे क्यों याद आएंगे आप के प्यारे फ्रेंड की.. भाभी वैसे कैसे चल रही है आप की फ्रेंडशिप..
कैसे फ्रेंडशिप दीदी.. हमारे कोई फ्रेंडशिप नहीं है
तो
तो कुछ नहीं है.. वो हमारा नौकर है.. बस इतना hi.. वो नौकर और मई उसकी मेमसाब..
वो नौकर और आप उसकी मेमसाब.. इतना hi न भाभी
सिर्फ उसकी नहीं बाकि नौकरो की भी मेमसाब
नहीं मैं सोच रही हु उसके साथ आप बाकि के नौकरो की भी मेमसाब हो पर आप शहर मई सिर्फ उसके साथ गए थे
वो आप ने कहा था न.. भूल गए क्या
मई भला कैसे भूल सकती हु भाभी..
और पापा जी को लेके आना था न और डॉक्टर को दिखाना था न
हाँ वो भी था भाभी.. पर आप आपने साथ उस नीता को नहीं ले गयी न
वो मेरा दिमाख बहुत कहती इसलिए नहीं ले गए
तब कंचन हस्ते हुई कहते है
हाँ सही है बहुत बोर करती है
दूसरा भी एक रीज़न था
क्या
वो दोनों साथ रहते तो एक दूसरे मई खोये रहते.. आखिर वो लोवेबिरदस है न
ऐसा क्या
हां मेरे नानन्द रानी
ऐसा है तो फिर वो आप की तरफ ध्यान भी नहीं देता होगा
तब एआरटी गुस्सा हो जाती है
क्या कहा आप ने दीदी..
ी मैं आप बोर हो जाती न अकेले.. मतलब आप से बाते नहीं करता मतलब आप पाई ध्यान नहीं देता
कंचन ने बात घुमाई
ये बात है तो ठीक है पर कही आप मेरे बारे मई ऐसा वैसा कुछ सोच तो नहीं रही है न नवाज़ को लेके
नहीं मई भला क्यों सोचेउंगी भाभी
मई क्या ऐसे वैसे हु
नहीं नहीं मुझे पता है आप बहुत अच्छी हो..
हम्म थैंक्स
वैसे आप ने नहीं बताया
क्या
इतने लेट क्यों उठी आज आप
वो आप के बहीय्या ने सुबह जल्दी उठाया
क्या सुबह सुबह
वो द्दोनो हम उम्र थी इस वजह से थोड़े फ्रैंक थी एक दूसरे के साथ
पगली ऐसा कुछ नहीं.. उन जाना था जल्दी दिल्ली को
हाँ भैय्या ने बताया था.. लो जी.. बातो बातो मई मई भूल गए की मैंने किस वजह से कॉल किया है
किस वजह से नानन्द रानी
अब भैय्या नहीं है.. आज
और 3 दिन
तो क्यों न आप यहाँ सिटी को आ जाते
पापाजी है न उनके भी देखभाल करनी होती है
मई क्या 3 दिन नहीं बोल रही हु
तो
आज के दिन सिर्फ.. हम साथ मई शॉपिंग करते और मूवी भी देख लेते..
मूवी
हाँ नया एक हॉरर मूवी आया है
आप और आप का हॉरर मूवी.. हमेशा हॉरर मूवी
आप चाहे तो रोमांटिक मूवी को चलते है
नहीं बाबा
क्यों
पापा जी है और मुझे बहुत सारा काम है घर मई
पापा से मई बात कर लुंगी
फिर भी पॉसिबल नहीं है
क्यों जी मेरे प्यारे भाभी
आरती कुछ नहीं बोलती
क्यों पॉसिबल नहीं है.. आपने तो उस दिन कहा था की शॉपिंग का जाने का प्लान बनाते है और मूवी भी देख लेंगे
हाँ मैंने कहा था पर अब मेरा मूड नहीं है
क्या हुआ आप के मूड को
नहीं ऐसा सिर्फ मूड की बात नहीं है
फिर बात क्या है मेरे प्यारे भाभी
तो आपका मैं आज क्या करने को कह रहा है
कुछ नहीं कह रहा है
कही नवाज़ से बाते करने का तो नहीं कह रहा है आप का मान
नहीं
तो
सोने का कह रहा है
अभी अभी आप नींद से उठी हो और फिर से सोने की बात कर रही हो..
वो रात को ठीक से सोये नहीं
क्यों भैय्या ने सोने नहीं दिया क्या
नहीं बात वो नहीं है
वो रात को देर से सोई थी और सुबह जल्दी उठाना pada..Mushkil से 3 घंटे की नींद हुई
क्या??
तब आरती को लगा ये मैंने क्या कह दिया.. अब ये पूछ लेगी.. सब.. और आपने माथे पाई हाट मरती है .. ये मैंने क्या कह दिया
आप लेत सो गयी .. भैय्या क्या फैक्ट्री से लेत आये क्या
नहीं आज जल्दी आ गए थे ..
( वो मैं मई कहते hai..Lait आ गए ऐसे बोल भी नहीं सकती क्यों की ये फिर अपनी भाई को पूछ लेगी.. क्या जूथ बोलू इससे अब)
फिर लेत क्यों सोये आप
वो पापा जी ने एक काम लगाया है
कोनसा काम
वो नवाज़ के खाने पिने का
अच्छा!!! ये बात है आप के जल्दी न सोने की .. मई तो समाज रही भैय्या ने नहीं सोने दिया और मामला तो दूसरा hi है
कोई मामला बिमला नहीं है दीदी..
तो आपका प्यारा नौकर जल्दी क्यों नहीं आया खाने पिने और अपनी प्यारी मेमसाब को क्यों नहीं सोने दिया जल्दी
आज उसका बर्थडे है तो कल कुछ उसके दोस्तों ने उससे पार्टी मांगी थी इस वजह से वो लेत आया
अच्छा तो आप का प्यारा नौकर लेत आया खाने को आप के पास पीकर
हाँ कुछ ऐसा hi आप संजो
ooohoo..to इस वजह से आप का मैं नहीं कर रहा है मूवी देखने का.. बर्थडे का प्लान है आप लोंगो का
नहीं नहीं दीदी आप ऐसा कुछ मैच सोचो आप.. ऐसा वैसा कोई प्लान नहीं हमारा
हमारा?? भाभी
मतलब मेरा और नवाज़ का
नहीं है तो बना सकती हो आप भाभी
No वे दीदी
क्यों
मई भला क्यों मनाऊंगी उसका बर्थडे
क्यों नहीं मन सकती भाभी आप
भला एक मालकिन आपने नौकरो का बर्थडे क्यों मनाएंगे.. और मनाएंगे तो लोग क्या कहेंगे
कोण लोग भाभी और किस को पता चलेगा
मतलब
अब भैया है नहीं.. पापाजी को वैसे भी कुछ पता नहीं चलता.. एक तो वो घर मई होंगे तो आपने रूम मई होते है.. मुश्किल से बहार आते है.. नहीं तो गाँव मई होते है.. चावड़ी पाई जेक गप्पे मरते रहते है या लोग काम लेके आते है तो उसी मई बिजी होते है या फिर खेत मई.. खेत मई गए तो दिन भर नहीं आते
तब स्माइल करते हुई आरती कहते है
क्या प्लान चल रहा है मेरे प्यारी नानन्द रानी के दिमाख मई
मेरे प्लान का चोर दो भाभी आप.. आप प्लान बनाओ.. और बर्थडे सेलिब्रेट करो
आप पक्की पागल हो
ारे आपका वो बहुत कुश हो जायेगा आप पाई
होने दो मुझे क्या
लड्डू फुट रहे है क्या आप के मान मई
शरमाते हुई कहती है
नहीं तो ऐसा कुछ नहीं है
प्लान बनाओ भाभी आप
नहीं
क्यों
उन्दोनो ने पहले hi प्लान बनाया होगा तो
यू मैं नवाज़ और नीता ने
हाँ
तो पता करो प्लान बनाया है या नहीं
बनाया होगा तो
बनाया होगा तो पता करके मुझे बता दो आप
तो आप क्या करोगे
कुछ नया प्लान सोचूंगी
तब आरती हस्ते है
पर क्यों
भाभी वैसे बहीय्या नहीं है तो आप बोर होंगे
हम्म्म
तो ये प्लान बनाओ तो अच्छा सा तिमेपास हो जायेगा
पापा जी
उनको खेत मई भेज दो
क्या??
अच्छे काम मई ऐसे छोटे मोठे टेड़े काम किये तो भगवान् जी नाराज़ नहीं होंगे तो बल्कि और वो कुश होंगे
वो बहला क्यों कुश हिन्ज मेरे भगवान् जी
अच्छा काम की वजह से
इसमे कोनसा अच्छा काम है
किसी का बर्थडे सेलिब्रेट करना क्या बुरा काम है क्या
नहीं है
और आपने नौकर का बर्थडे सेलिब्रेट करने से भगवान् जी और कुछ होंगे
अच्छा जी
और आपने प्यारे नौकर का बर्थडे सेलिब्रेट करने से और कुछ होंगे भगवान् जी
तब आरती हस्ते हुई कहते है
वो मेरा कोई प्यारा व्यारा नौकर नहीं है
नौकर तो है न
हाँ है
तो उसका बर्थडे सेलिब्रेट का प्लान बनाओ
अब वो नीता और उसपे देपेंद है
वो भी है भाभी.. उसदिन उसने कुछ किया आप के साथ
दीदी आप भी न
मतलब तत्र्य मारा
मुझपे नहीं
फिर किस पाई
वो डॉ. सरिता पाई
क्या??
हाँ
फिर क्या हुआ
उसने उसको ज्यादा भाव नहीं दिया
और ये किसने बताया आप को
उसने hi
ये तो बड़ा बेशर्म है
क्यों ... क्यों लगा आप को की नवाज़ बड़ा बेशरम है
नहीं तो क्या भाभी.. वो आप को कैसे बता सकता है
वो चाहे तो कुछ भी कर सकता है
इसलिए कह रही हु आप बच के रहो
मुझे कुछ नहीं होगा.. अब मई रखती हु..
ठीक है भाभी पर आप याद से कॉल करना
ok ककरति हु..
ऐसा कह के आरती कॉल कट कर देते है